PPHYS 311 Lecture 18: पादप वृद्धि (Growth), विकास (Development) एवं विभेदन (Differentiation): परिभाषाएँ, प्रावस्थाएँ एवं मापन

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 18 / 32 · PPHYS 311

पादप वृद्धि (Growth), विकास (Development) एवं विभेदन (Differentiation): परिभाषाएँ, प्रावस्थाएँ एवं मापन

Plant Growth, Development and Differentiation: Definitions and Measurement

Definitions of Growth, Development, Differentiation, Dedifferentiation & Redifferentiation; Grand Period of Growth (Sigmoid Curve: Lag, Log, Senescent Phases); Arithmetic vs Geometric Growth; Measurement of Growth (Auxanometers)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Plant Growth, Development and Differentiation: Definitions and Measurement (Theory • Lecture 18)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • पादप वृद्धि (Growth — अनुत्क्रमणीय स्थायी आयतन/शुष्क भार वृद्धि) और पादप विकास (Development = Growth + Differentiation) की सटीक वैज्ञानिक परिभाषा और दोनों के अंतर को समझना।
  • कोशिकीय वृद्धि की तीनों अवस्थाओं (Meristematic, Elongation & Maturation), अंकगणितीय बनाम ज्यामितीय वृद्धि, सिग्मॉइड वृद्धि वक्र (S-shaped Curve / Grand Period of Growth — Sachs, 1873: Lag, Log/Exponential & Stationary/Senescent phases) तथा विभेदन (Differentiation), निर्विभेदन (Dedifferentiation) और पुनर्विभेदन (Redifferentiation) का विश्लेषण करना।
  • पादप वृद्धि मापन के यंत्रों (Horizontal Microscope, Arc/Lever Auxanometer, Pfeffer's Automatic Auxanometer एवं Sir J.C. Bose के Crescograph) की कार्यप्रणाली सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

एक छोटे से युग्मनज (Zygote) या बीज से एक विशाल फलदार वृक्ष या लहलहाती फसल बनने की यात्रा में दो प्रक्रियाएँ साथ-साथ चलती हैं—'वृद्धि' (Growth) जो एक मात्रात्मक (Quantitative) प्रक्रिया है जिसमें कोशिकाओं की संख्या व आकार बढ़ने से पौधे का शुष्क भार बढ़ता है; और 'विकास' (Development) जो एक गुणात्मक (Qualitative) प्रक्रिया है जिसमें अंकुरण से लेकर वानस्पतिक अवस्था, पुष्पन, फलन और जीर्णता तक का क्रमिक रूपांतरण शामिल है। पादप कोशिकाओं का सबसे अनूठा गुण उनकी 'पूर्णशक्तता' (Totipotency — Haberlandt, 1902) और विभेदन-निर्विभेदन की लचीली क्षमता है!

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

पादप वृद्धि (Plant Growth – Loomis, 1953)

उपापचयी ऊर्जा के उपयोग द्वारा किसी पादप या उसके अंग के आकार, आयतन या शुष्क भार (Dry weight) में होने वाली एक स्थायी और अनुत्क्रमणीय वृद्धि (Permanent and irreversible increase) को पादप वृद्धि कहते हैं। (सूखे बीज का पानी सोखकर केवल फूलना वास्तविक वृद्धि नहीं है क्योंकि सुखाने पर वह वापस सिकुड़ जाता है!)।

पादप विकास (Plant Development)

किसी पौधे के जीवन चक्र में बीज अंकुरण से लेकर जीर्णता (Senescence) और मृत्यु तक होने वाले समस्त मात्रात्मक और गुणात्मक परिवर्तनों के कुल योग को 'विकास' कहते हैं: Development=Growth (वृद्धि)+Differentiation (विभेदन)!

विभेदन, निर्विभेदन एवं पुनर्विभेदन (Differentiation, Dedifferentiation & Redifferentiation)

1. विभेदन (Differentiation): विभज्योतक (Meristem) से बनी कोशिकाओं का विभाजन क्षमता खोकर किसी विशिष्ट कार्य के लिए स्थायी ऊतक (जैसे जाइलम वाहिका, फ्लोएम या मृदूतक) में बदल जाना।
2. निर्विभेदन (Dedifferentiation): पहले से विभेदित स्थायी जीवित कोशिकाओं (जैसे मृदूतक) का विशेष परिस्थितियों (घाव या ऊतक संवर्धन) में पुनः विभाजन करने की क्षमता प्राप्त कर लेना (जैसे अंतरापूलीय एधा, कॉर्क एधा या कैलस का बनना)!
3. पुनर्विभेदन (Redifferentiation): निर्विभेदित कोशिकाओं (द्वितीयक एधा या कैलस) से विभाजित होकर बनी नई कोशिकाओं का पुनः विभाजन रोककर द्वितीयक स्थायी ऊतकों (Secondary xylem/phloem या कॉर्क) में परिपक्व हो जाना!

वृद्धि का महान काल / सिग्मॉइड वक्र (Grand Period of Growth / Sigmoid Curve – Julius von Sachs, 1873)

जब किसी कोशिका, अंग या पूरे पौधे के आकार/शुष्क भार को समय के विरुद्ध ग्राफ पर खींचा जाता है, तो अंग्रेजी के 'S' अक्षर के आकार का वक्र (S-shaped / Sigmoid curve) प्राप्त होता है जिसमें तीन स्पष्ट प्रावस्थाएँ होती हैं—(1) मंद प्रावस्था (Lag phase), (2) तीव्र / घातांकीय प्रावस्था (Log / Exponential phase — 'Grand Period of Growth') एवं (3) स्थिर / ह्रासमान प्रावस्था (Stationary / Senescent phase)!

वर्गीकरण · Classification

कोशिका विभाजन के प्रतिमान के आधार पर वृद्धि के 2 गणितीय प्रकार

1. अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth — जैसे जड़ या प्ररोह के शीर्ष की लंबाई में वृद्धि): इसमें समसूत्री विभाजन के बाद बनी दो पुत्री कोशिकाओं में से केवल एक कोशिका ही आगे विभाजित होती रहती है और दूसरी कोशिका स्थायी होकर लंबी होती जाती है (क्रम: 1,2,3,4,5,…); समय के साथ इसका ग्राफ एक सीधी रेखा (Linear curve) आता है!
• सूत्र: Lt=L0+r·t (जहाँ Lt = समय t पर लंबाई, L0 = प्रारंभिक लंबाई, और r = वृद्धि दर)।
2. ज्यामितीय वृद्धि (Geometric / Exponential Growth — जैसे प्रारंभिक भ्रूण, शैवाल या संपूर्ण पौधे की वृद्धि): इसमें विभाजन से बनी दोनों पुत्री कोशिकाएँ बार-बार विभाजित होती हैं (क्रम: 2,4,8,16,32,64,…); संसाधन सीमित होने पर इसका ग्राफ S-आकार (Sigmoid curve) बनाता है!
• सूत्र (Blackman's Compound Interest Law, 1919): W1=W0·ert!

कोशिकीय स्तर पर वृद्धि की 3 क्रमिक अवस्थाएँ (Three Phases of Cellular Growth)

1. विभज्योतक अवस्था (Phase of Cell Division / Meristematic Phase): जड़ और प्ररोह के ठीक शीर्ष पर; कोशिकाएँ छोटी, पतली सेल्यूलोज भित्ति वाली, सघन जीवद्रव्य, बड़े केंद्रक और प्रचुर प्लाज्मोडेस्मेटा युक्त होती हैं तथा लगातार समसूत्री विभाजन करती हैं।
2. दीर्घन / विस्तारण अवस्था (Phase of Cell Elongation / Enlargement): विभज्योतक के ठीक पीछे; ऑक्सिन द्वारा कोशिका भित्ति के ढीले होने ('Acid growth hypothesis') और बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (Vacuolation) में जल प्रवेश से आशून दाब के कारण कोशिका का आयतन व लंबाई 10 से 50 गुना बढ़ जाती है! (पौधे की प्रत्यक्ष लंबाई में सर्वाधिक वृद्धि इसी अवस्था में होती है!)
3. परिपक्वन / विभेदन अवस्था (Phase of Cell Maturation / Differentiation): कोशिका अपना अधिकतम आकार पाकर भित्ति को मोटा (Secondary wall thickening — लिग्निन/सुबेरिन जमाव) करती है और विशिष्ट कार्य हेतु विभेदित हो जाती है।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • पादप वृद्धि 'खुली' और 'स्थानीयकृत' क्यों होती है? (Why Plant Growth is Indeterminate / Open and Localized): जंतुओं के विपरीत पौधों में वृद्धि जीवन भर चलती रहती है (Indeterminate / Open form of growth) क्योंकि उनके शरीर के विशेष स्थानों—जड़ व प्ररोह के शीर्ष (Apical meristems), घास की पोरियों के आधार (Intercalary meristems) और द्विबीजपत्री तने के घेरे (Lateral meristems / Cambium)—पर हमेशा सक्रिय विभज्योतक बने रहते हैं!
  • सुघट्यता / प्लास्टिसिटी (Plasticity / Heterophylly in Plants): पर्यावरण या जीवन की अवस्था के अनुसार पौधों द्वारा अलग-अलग रास्ते अपनाकर भिन्न प्रकार की संरचनाएँ (जैसे पत्तियों का भिन्न आकार — Heterophylly) बनाने की क्षमता को 'सुघट्यता' (Plasticity) कहते हैं!
    • उदाहरण 1 (विकासात्मक सुघट्यता / Developmental Heterophylly): कपास (Cotton), धनिया (Coriander) एवं लार्कस्पर (Larkspur) में युवा पौधे की पत्तियों और परिपक्व पौधे की पत्तियों का आकार बिल्कुल अलग होता है!
    • उदाहरण 2 (पर्यावरणीय सुघट्यता / Environmental Heterophylly): जलीय पौधे बटरकप (*Ranunculus*) एवं सिंघाड़ा (*Limnophila*) में पानी के अंदर डूबी पत्तियाँ कटी-फटी फीते जैसी होती हैं जबकि हवा में निकली पत्तियाँ चौड़ी होती हैं!

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. Sigmoid Growth Curve (Grand Period of Growth) & Differentiation Processes (सिग्मॉइड वृद्धि वक्र एवं विभेदन प्रक्रियाएँ)

All Annual & Perennial Crops

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): All Annual & Perennial Crops

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रस्तावक: जूलियस वॉन सैक्स (Julius von Sachs, 1873 — 'Grand Period of Growth') एवं एफ.एफ. ब्लैकमैन (1919 — 'Compound Interest Law of Plant Growth')।

🌱 कार्यिकीय महत्व: सस्य वैज्ञानिक को यह जानना आवश्यक है कि फसल की किस अवस्था (Log phase) में पानी और खाद की माँग सर्वोच्च होती है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
सिग्मॉइड वृद्धि वक्र (S-Shaped Growth Curve) की 3 प्रावस्थाएँ:
1. मंद प्रावस्था / लैग फेज (Lag Phase — प्रारंभिक तैयारी अवस्था):
• यह बीज अंकुरण और प्रारंभिक अंकुर अवस्था है। इसमें आंतरिक उपापचयी तैयारी व कोशिका विभाजन तो होता है, किंतु बाह्य आकार और शुष्क भार में वृद्धि बहुत धीमी होती है (अंकुरण के समय श्वसन में भोजन खर्च होने से शुरू के 4–5 दिन शुष्क भार थोड़ा घटता भी है!)।
2. घातांकीय / लॉग प्रावस्था / महान वृद्धि काल (Log / Exponential Phase / Grand Period of Growth):
• हरी पत्तियाँ निकलने के बाद कोशिका विभाजन और कोशिका दीर्घन दोनों अपनी अधिकतम गति से चलते हैं और पौधे का शुष्क भार व ऊँचाई चक्रवृद्धि ब्याज (Compound interest) की तरह तेजी से बढ़ते हैं!
• सस्य महत्व: खरीफ और रबी फसलों की यह वानस्पतिक व पूर्व-पुष्पन अवस्था (जैसे मक्का में घुटने तक ऊँचाई से टैसलिंग तक, धान में कल्ले निकलने से बूटिंग तक) जल, नत्रजन और धूप की सर्वाधिक माँग वाली अवस्था होती है!
3. ह्रासमान एवं स्थिर प्रावस्था (Diminishing & Stationary / Steady Phase):
• फूल और दाने बनने के बाद वानस्पतिक वृद्धि धीमी पड़ जाती है और अंत में पत्तियों की जीर्णता (Senescence) व पोषक सीमाओं के कारण कुल शुष्क भार की वृद्धि रुककर वक्र क्षैतिज (Flat / Stationary) हो जाता है।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): ऊतक संवर्धन (Plant Tissue Culture — Skoog & Miller, 1957) में विभेदन का नियंत्रण: जब तंबाकू के मज्जा मृदूतक (Pith parenchyma — विभेदित कोशिका) को पोषक माध्यम पर रखते हैं, तो वह 'निर्विभेदन' (Dedifferentiation) द्वारा अविभेदित कोशिकाओं का समूह 'कैलस' (Callus) बनाती है; और फिर ऑक्सिन व साइटोकाइनिन का अनुपात बदलने पर वही कैलस 'पुनर्विभेदन' (Redifferentiation) द्वारा जड़ और प्ररोह बनाकर पूरा पौधा बना लेता है!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): वृद्धि का सर्वोत्तम मापदंड (Best parameter to measure true plant growth): ताजे भार (Fresh weight) में पानी की मात्रा दिन-रात बदलती रहती है, इसलिए वैज्ञानिक अनुसंधान में पादप वृद्धि का सबसे विश्वसनीय और सटीक मापदंड 'शुष्क भार में वृद्धि' (Increase in Oven Dry Weight) माना जाता है!

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): तापमान (इष्टतम 25–30°C), प्रकाश, जल (आशून दाब — बिना आशून दाब के कोशिका दीर्घन असंभव है!), ऑक्सीजन और हार्मोन (Auxin, GA, Cytokinin) वृद्धि की दर तय करते हैं।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Grand Period of Growth (Sachs, 1873) = Sigmoid (S-shaped) curve with 3 phases: 1. Lag (slow), 2. Log / Exponential (fastest!), 3. Stationary/Senescent
  • Best measure of true growth = Dry weight
  • Dedifferentiation examples = Formation of Interfascicular cambium, Cork cambium (Phellogen) & Callus from parenchyma
  • Plasticity (Heterophylly) = Developmental (Cotton, Coriander, Larkspur) & Environmental (Buttercup / Ranunculus)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

फसल की लॉग प्रावस्था (Grand period of growth) में कभी भी नमी या नत्रजन की कमी न होने दें अन्यथा पर्ण क्षेत्रफल (LAI) घटकर उपज स्थायी रूप से कम हो जाती है।

2. Methods and Instruments for Measurement of Plant Growth (पादप वृद्धि मापन की विधियाँ एवं यंत्र)

Shoot & Root Apices in Lab and Field

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Shoot & Root Apices in Lab and Field

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख वृद्धि मापक यंत्र: 1. Direct scale, 2. Horizontal Microscope, 3. Arc / Lever Auxanometer (Koningsberger), 4. Pfeffer's Automatic Auxanometer, 5. Bose's Crescograph।

🌱 कार्यिकीय महत्व: तने या प्ररोह की लंबाई में प्रति घंटे या प्रति मिनट होने वाली सूक्ष्म वृद्धि को मापने के लिए 'ऑक्सेनोमीटर' (Auxanometers) का उपयोग किया जाता है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
पादप वृद्धि (विशेषकर लंबाई में वृद्धि) मापने की 5 प्रमुख विधियाँ:
1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method): साधारण पैमाने (Scale) से पौधे की ऊँचाई मापना या जड़ पर 1-1 मिमी की दूरी पर वाटरप्रूफ भारतीय स्याही (Indian ink) से निशान लगाकर देखा जाता है कि नोक के ठीक पीछे के निशान सबसे ज्यादा फैलते हैं (Zone of elongation)।
2. क्षैतिज सूक्ष्मदर्शी (Horizontal / Travelling Microscope): पौधे के शीर्ष पर एक सूक्ष्म बिंदु चिह्नित कर उसे कुछ घंटों के अंतराल पर क्षैतिज सूक्ष्मदर्शी के पैमाने से पढ़कर वृद्धि मापी जाती है।
3. चाप / लीवर ऑक्सेनोमीटर (Arc / Lever Auxanometer — सर्वाधिक प्रचलित प्रयोगशाला यंत्र!):
• इसमें गमले में लगे पौधे के प्ररोह शीर्ष (Shoot tip) से एक रेशमी धागा बांधकर उसे एक घिरनी (Pulley) के ऊपर से गुजारते हुए दूसरी तरफ एक छोटे वजन से लटका दिया जाता है।
• घिरनी की धुरी से एक लंबी सूई / संकेतक (Long pointer) जुड़ी होती है जो एक चाप पैमाने (Arc scale) पर चलती है।
• जैसे ही पौधा थोड़ा सा लंबा बढ़ता है, वजन नीचे जाता है, घिरनी घूमती है और लंबी सूई चाप पैमाने पर कई गुना आवर्धित पाठ्यांक देती है!
• वास्तविक वृद्धि की गणना का सूत्र: Actual Growth=Distance travelled by pointer on arc scale×Radius of pulley (r)Length of pointer from center of pulley (L)!
4. फेफर का स्वचालित ऑक्सेनोमीटर (Pfeffer's Automatic Recording Auxanometer): इसमें दो घिरनियाँ (छोटी व बड़ी) होती हैं और सूई की नोक घड़ी की तरह घूमते हुए एक धुआँ-लगे बेलनाकार ड्रम (Smoked drum / Kymograph) पर खरोंच बनाकर दिन-रात की वृद्धि का स्वतः ग्राफ खींचती जाती है!
5. सर जे.सी. बोस का क्रेस्कोग्राफ (Crescograph — Sir J.C. Bose): यह दोहरे लीवर या चुंबकीय/प्रकाशीय आवर्धन पर आधारित विश्व का सबसे संवेदनशील वृद्धि मापक यंत्र है जो पौधे की वृद्धि को 10,000 से 1,00,000 गुना तक आवर्धित कर प्रति सेकंड की वृद्धि माप सकता है!

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): निरपेक्ष वृद्धि दर (Absolute Growth Rate – AGR) बनाम सापेक्ष वृद्धि दर (Relative Growth Rate – RGR):
• AGR: प्रति इकाई समय में कुल वृद्धि (dW/dt)।
• RGR: प्रारंभिक आकार/भार के सापेक्ष प्रति इकाई समय में वृद्धि [(1/W)·(dW/dt)]।
• उदाहरण: यदि 5 cm2 की छोटी पत्ती (A) और 50 cm2 की बड़ी पत्ती (B) दोनों 1 दिन में 5 cm2 बढ़ती हैं (अर्थात् दोनों की AGR = 5 cm2/day बराबर है), तो छोटी पत्ती-A की सापेक्ष वृद्धि दर (RGR = 5/5=100%) बड़ी पत्ती-B की RGR (5/50=10%) से 10 गुना अधिक है!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): कोशिका की संख्या में वृद्धि 'हीमोसाइटोमीटर' (Haemocytometer) से और पर्ण क्षेत्रफल 'लीफ एरिया मीटर' (Leaf Area Meter / Planimeter) से मापा जाता है।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): रात के समय या भोर में जब पौधे की कोशिकाओं में आशून दाब (Turgor pressure) उच्चतम होता है, तब तने की लंबाई में वृद्धि दिन की तेज धूप की तुलना में अधिक होती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Growth measurement instruments: Arc/Lever Auxanometer, Pfeffer's Drum Auxanometer & Sir J.C. Bose's Crescograph (10,000x magnification)
  • Auxanometer formula: Actual growth = (Pointer reading × Radius of pulley) / Length of pointer
  • Arithmetic growth = Lt = L0 + rt (Linear) vs Geometric growth = W1 = W0 · e^(rt) (Sigmoid)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

ऑक्सेनोमीटर से वास्तविक वृद्धि की गणना करते समय घिरनी की त्रिज्या (r) और सूई की लंबाई (L) के अनुपात से भाग देना कभी न भूलें।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 18.1: पादप वृद्धि (Growth), विभेदन (Differentiation) एवं विकास (Development) की तुलना

तुलना का आधारपादप वृद्धि (Growth)विभेदन (Differentiation)पादप विकास (Development)
प्रकृति (Nature)मात्रात्मक (Quantitative) परिवर्तनगुणात्मक (Qualitative) संरचनात्मक व कार्यात्मक परिवर्तनमात्रात्मक + गुणात्मक दोनों का समग्र योग
मुख्य प्रक्रियाकोशिका विभाजन एवं कोशिका दीर्घन से आकार/शुष्क भार बढ़नाअविभेदित विभज्योतक कोशिका का विशिष्ट स्थायी ऊतक (जाइलम/फ्लोएम) बननाअंकुरण → वानस्पतिक अवस्था → पुष्पन → फलन → जीर्णता
मापन (Measurement)शुष्क भार, लंबाई, पर्ण क्षेत्रफल या कोशिका संख्या में सीधे मापनीयसूक्ष्मदर्शीय संरचना व जैव-रासायनिक कार्य से पहचाना जाता हैविकासात्मक अवस्थाओं (Phenological stages) के रूप में देखा जाता है

तालिका 18.2: अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth) बनाम ज्यामितीय वृद्धि (Geometric Growth) की तुलना

विशेषताअंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth)ज्यामितीय / घातांकीय वृद्धि (Geometric Growth)
कोशिका विभाजन प्रतिमानविभाजन के बाद केवल 1 पुत्री कोशिका विभाजित होती रहती है और दूसरी स्थायी हो जाती हैविभाजन से बनी दोनों पुत्री कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं
संख्यात्मक श्रेणी1,2,3,4,5,6,… (स्थिर अंतर)2,4,8,16,32,64,… (चक्रवृद्धि गुणन)
समय के साथ ग्राफ का आकारसीधी सरल रेखा (Linear curve)सिग्मॉइड या 'S'-आकार का वक्र (Sigmoid curve)
गणितीय समीकरणLt=L0+r·tW1=W0·ert
प्रमुख पादप उदाहरणनियत दर से बढ़ती जड़ या प्ररोह की लंबाईप्रारंभिक भ्रूण, कोशिका संवर्धन एवं मौसमी फसल की संपूर्ण वृद्धि

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. आर्क ऑक्सेनोमीटर (Arc Auxanometer) द्वारा पौधे की वास्तविक वृद्धि (Actual Growth) की संख्यात्मक गणना

Actual Increase in Length of Plant = [ Arc Scale Reading (d) × Radius of Pulley (r) ] / [ Length of Pointer (L) ]

उदाहरण (परीक्षा का क्लासिक न्यूमेरिकल!):
एक आर्क ऑक्सेनोमीटर प्रयोग में घिरनी (Pulley) की त्रिज्या (r) = 2 सेमी है और घिरनी के केंद्र से सूई (Pointer) की लंबाई (L) = 20 सेमी है (अर्थात् यंत्र का आवर्धन L/r=20/2=10 गुना है)। यदि 24 घंटे में सूई चाप पैमाने पर 5 सेमी (50 mm) नीचे खिसकती है, तो पौधे के तने की वास्तविक वृद्धि कितनी हुई?
• वास्तविक वृद्धि (Actual Growth) = (5 cm×2 cm)/20 cm=10/20= 0.5 सेमी (अर्थात् 5 मिमी प्रति दिन)!

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 18: पादप वृद्धि, विकास एवं विभेदन — परिभाषाएँ एवं मापन]
├── 1. मूलभूत परिभाषाएँ (Core Definitions)
│ ├── वृद्धि (Growth): आकार, आयतन या शुष्क भार (Dry weight — सर्वोत्तम मापदंड) में स्थायी एवं अनुत्क्रमणीय मात्रात्मक वृद्धि
│ ├── विकास (Development) = Growth (वृद्धि) + Differentiation (विभेदन)
│ └── प्लास्टिसिटी (Plasticity / Heterophylly): विकासात्मक (कपास, धनिया, लार्कस्पर) एवं पर्यावरणीय (बटरकप / Ranunculus)
├── 2. विभेदन की 3 प्रक्रियाएँ (Differentiation Triad)
│ ├── (i) Differentiation: शीर्षस्थ विभज्योतक ──► प्राथमिक स्थायी ऊतक (जाइलम वाहिका, मृदूतक)
│ ├── (ii) Dedifferentiation: जीवित स्थायी मृदूतक में पुनः विभाजन क्षमता आना ──► अंतरापूलीय एधा, कॉर्क एधा एवं कैलस
│ └── (iii) Redifferentiation: द्वितीयक एधा/कैलस से बनी कोशिकाओं का पुनः स्थायी होना ──► द्वितीयक जाइलम/फ्लोएम व कॉर्क
├── 3. वृद्धि के प्रकार एवं सिग्मॉइड वक्र (Growth Curves — Sachs, 1873)
│ ├── कोशिकीय चरण: 1. Meristematic (विभाजन), 2. Elongation (आशून दाब व रिक्तिका से सर्वाधिक लंबाई वृद्धि), 3. Maturation
│ ├── Arithmetic Growth: Lt = L0 + rt (सीधी रेखा) बनाम Geometric Growth: W1 = W0·e^(rt) (चक्रवृद्धि ब्याज नियम — Blackman 1919)
│ └── Sigmoid Curve ('S'-shaped Grand Period of Growth): 1. Lag Phase (मंद), 2. Log / Exponential Phase (तीव्रतम!), 3. Stationary Phase
└── 4. वृद्धि मापन यंत्र (Measurement of Growth)
├── Arc / Lever Auxanometer: Actual Growth = (Pointer movement × Pulley radius 'r') / Pointer length 'L'
└── Pfeffer's Automatic Auxanometer (Smoked drum) एवं Sir J.C. Bose का Crescograph (10,000x आवर्धन)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[पादप ऊतकों में 'विभेदन (Differentiation) → निर्विभेदन (Dedifferentiation) → पुनर्विभेदन (Redifferentiation)' का अनुक्रम]
[शीर्षस्थ विभज्योतक कोशिकाएँ (Apical Meristem — सक्रिय रूप से विभाजित होती कोशिकाएँ)]
│
▼ 【1. विभेदन (DIFFERENTIATION — विभाजन क्षमता का लोप एवं विशिष्ट कार्य ग्रहण)】
[प्राथमिक स्थायी जीवित ऊतक (जैसे मज्जा/वल्कुट मृदूतक — Parenchyma cells)]
│
▼ 【2. निर्विभेदन (DEDIFFERENTIATION — घाव, द्वितीयक वृद्धि या ऊतक संवर्धन में पुनः विभाजन क्षमता जागृत होना!)】
[द्वितीयक विभज्योतक (Interfascicular Cambium एवं Cork Cambium / Phellogen) तथा ऊतक संवर्धन में 'कैलस (Callus)']
│
▼ 【3. पुनर्विभेदन (REDIFFERENTIATION — विभाजन के बाद पुनः स्थायी विशिष्ट ऊतकों में परिपक्वन)】
[द्वितीयक स्थायी ऊतक: द्वितीयक जाइलम (काष्ठ/Wood), द्वितीयक फ्लोएम एवं कॉर्क (Phellem) व कागअस्तर (Phelloderm)]

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले 4 प्रश्न:
    1. पादप की लंबाई में वृद्धि मापने वाले यंत्र को क्या कहते हैं? उत्तर: ऑक्सेनोमीटर (Auxanometer) एवं क्रेस्कोग्राफ (Crescograph — सर जे.सी. बोस)।
    2. सिग्मॉइड वृद्धि वक्र (S-shaped curve) की किस प्रावस्था में वृद्धि की दर सर्वोच्च (Maximum) होती है? उत्तर: लॉग या घातांकीय प्रावस्था (Log / Exponential Phase / Grand Period of Growth) में!
    3. अंतरापूलीय एधा (Interfascicular cambium), कॉर्क एधा (Cork cambium) और टिश्यू कल्चर में कैलस (Callus) का बनना किस प्रक्रिया का उदाहरण है? उत्तर: निर्विभेदन (Dedifferentiation) का!
    4. कपास, धनिया और लार्कस्पर में भिन्न आकार की पत्तियाँ (Heterophylly) किसका उदाहरण हैं? उत्तर: विकासात्मक सुघट्यता (Developmental Plasticity) का (जबकि बटरकप/*Ranunculus* पर्यावरणीय सुघट्यता का उदाहरण है)!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • वास्तविक पादप वृद्धि मापने का सबसे सटीक मानदंड 'शुष्क भार में वृद्धि' (Increase in Dry Weight) है।
  • Grand Period of Growth (महान वृद्धि काल) की अवधारणा जूलियस वॉन सैक्स (1873) ने दी थी।
  • अंकगणितीय वृद्धि का सूत्र Lt=L0+rt (रेखीय ग्राफ) और ज्यामितीय वृद्धि का सूत्र W1=W0ert (सिग्मॉइड ग्राफ) है।
  • कोशिकीय पूर्णशक्तता (Cellular Totipotency) की अवधारणा गॉटलीब हैबरलैंड्ट (Haberlandt, 1902) ने दी थी।
  • कोशिका दीर्घन (Cell elongation) के लिए 'आशून दाब' (Turgor pressure) और 'ऑक्सिन' हार्मोन अनिवार्य हैं।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. पौधे के तने या प्ररोह की लंबाई में होने वाली वृद्धि को मापने के लिए प्रयोगशाला में किस यंत्र का उपयोग किया जाता है?

  • (A) पोटोमीटर (जो वाष्पोत्सर्जन मापता है)
  • (B) ऑक्सेनोमीटर (Auxanometer — Arc auxanometer) एवं क्रेस्कोग्राफ (Crescograph)
  • (C) पोरमोमीटर (जो रंध्र खुलना मापता है)
  • (D) मैनोमीटर (जो मूल दाब मापता है)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — पादप वृद्धि का मापन आर्क ऑक्सेनोमीटर, फेफर के स्वचालित ऑक्सेनोमीटर और सर जे.सी. बोस के क्रेस्कोग्राफ से किया जाता है।

2. जब किसी पौधे या उसके अंग की वृद्धि को समय के विरुद्ध ग्राफ पर अंकित किया जाता है, तो 'S'-आकार का सिग्मॉइड वक्र (Sigmoid Curve) प्राप्त होता है—इस वक्र की किस प्रावस्था में वृद्धि की दर 'अधिकतम' होती है?

  • (A) लैग प्रावस्था (Lag phase) में
  • (B) लॉग या घातांकीय प्रावस्था (Log / Exponential Phase — 'Grand Period of Growth') में
  • (C) स्थिर प्रावस्था (Stationary phase) में
  • (D) जीर्णता प्रावस्था में
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — सैक्स (1873) के अनुसार सिग्मॉइड वक्र की मध्यवर्ती 'Log / Exponential phase' में कोशिका विभाजन व दीर्घन तीव्रतम होने से वृद्धि सर्वोच्च होती है।

3. जब पहले से विभेदित जीवित स्थायी कोशिकाएँ (जैसे मज्जा मृदूतक) पुनः विभाजन करने की क्षमता प्राप्त कर 'अंतरापूलीय एधा' (Interfascicular cambium), 'कॉर्क एधा' या 'कैलस' बनाती हैं, तो इस घटना को क्या कहते हैं?

  • (A) प्राथमिक विभेदन (Differentiation)
  • (B) निर्विभेदन (Dedifferentiation)
  • (C) पुनर्विभेदन (Redifferentiation)
  • (D) जीर्णता (Senescence)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — स्थायी कोशिकाओं का पुनः विभज्योतकी (Meristematic) बनना 'Dedifferentiation' कहलाता है, और उनसे बने द्वितीयक जाइलम/कॉर्क को 'Redifferentiation' कहते हैं।

4. एक आर्क ऑक्सेनोमीटर में घिरनी की त्रिज्या (r) = 3 सेमी है और सूई (Pointer) की लंबाई (L) = 30 सेमी है। यदि सूई पैमाने पर 6 सेमी चलती है, तो पौधे की वास्तविक वृद्धि कितनी हुई?

  • (A) 60 सेमी
  • (B) 6 सेमी
  • (C) 0.6 सेमी (अर्थात् 6 मिमी)
  • (D) 0.06 सेमी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — Actual growth = (Pointer reading × r) / L = (6 × 3) / 30 = 18 / 30 = 0.6 सेमी (6 मिमी)।

5. अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic growth) और ज्यामितीय वृद्धि (Geometric growth) के गणितीय समीकरण क्रमशः कौन से हैं?

  • (A) अंकगणितीय: Lt = L0 + rt (रेखीय वक्र) एवं ज्यामितीय: W1 = W0 · e^(rt) (सिग्मॉइड वक्र)
  • (B) दोनों के लिए W1 = W0 + rt
  • (C) अंकगणितीय: W1 = W0 · e^(rt) एवं ज्यामितीय: Lt = L0 + rt
  • (D) दोनों का कोई सूत्र नहीं है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — अंकगणितीय वृद्धि में केवल एक पुत्री कोशिका विभाजित होती है (Lt = L0 + rt, सीधी रेखा); ज्यामितीय में दोनों विभाजित होती हैं (W1 = W0 e^rt)।

6. कपास (Cotton), धनिया (Coriander) और लार्कस्पर (Larkspur) में युवा अवस्था और परिपक्व अवस्था की पत्तियों का आकार भिन्न होना ('Heterophylly') किसका उदाहरण है?

  • (A) रोग संक्रमण का
  • (B) विकासात्मक सुघट्यता (Developmental Plasticity) का
  • (C) उत्परिवर्तन का
  • (D) बसंतीकरण का
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — कपास, धनिया व लार्कस्पर में जीवन की अवस्था के अनुसार विषमपर्णता (Developmental plasticity) और बटरकप में पर्यावरणीय सुघट्यता पाई जाती है।

7. वैज्ञानिक अनुसंधान में किसी फसल की वास्तविक और स्थायी पादप वृद्धि (True irreversible growth) को मापने का सबसे विश्वसनीय मानदंड कौन सा माना जाता है?

  • (A) केवल ताजा भार (Fresh weight)
  • (B) शुष्क भार में वृद्धि (Increase in Dry Weight)
  • (C) केवल पत्ती का रंग
  • (D) पानी की मात्रा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — ताजा भार दिन के समय वाष्पोत्सर्जन से घटता-बढ़ता रहता है, इसलिए ओवन में सुखाकर मापा गया 'शुष्क भार' (Dry weight) ही सच्ची वृद्धि का सर्वश्रेष्ठ मापदंड है।

8. सन् 1919 में पादप वृद्धि के 'चक्रवृद्धि ब्याज नियम' (Compound Interest Law of Plant Growth: W1 = W0 e^rt) का प्रतिपादन किसने किया था?

  • (A) एफ.एफ. ब्लैकमैन (F.F. Blackman, 1919)
  • (B) स्टीफन हेल्स (1727)
  • (C) जे. लेविट (1974)
  • (D) आर. हिल (1937)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — ब्लैकमैन (1919) ने दिखाया कि पौधे द्वारा बनाया गया नया शुष्क पदार्थ मूलधन में जुड़कर चक्रवृद्धि ब्याज की तरह आगे की वृद्धि करता है।

9. कोशिकीय वृद्धि की तीन अवस्थाओं में से किस अवस्था में बड़ी केंद्रीय रिक्तिका बनने (Vacuolation) और आशून दाब के कारण कोशिका के आकार व लंबाई में सर्वाधिक वृद्धि होती है?

  • (A) विभज्योतक अवस्था में
  • (B) कोशिका दीर्घन अवस्था (Phase of Cell Elongation) में
  • (C) परिपक्वन अवस्था में
  • (D) जीर्णता अवस्था में
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — दीर्घन अवस्था (Zone of elongation) में जल अवशोषण व रिक्तिका विस्तार से कोशिका की लंबाई तेजी से बढ़ती है।

10. यदि 10 cm² क्षेत्रफल वाली छोटी पत्ती-A और 100 cm² क्षेत्रफल वाली बड़ी पत्ती-B दोनों एक सप्ताह में 10 cm² बढ़ती हैं, तो उनकी निरपेक्ष वृद्धि दर (AGR) और सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) के बारे में क्या सत्य है?

  • (A) दोनों की AGR बराबर (10 cm²) है, किंतु छोटी पत्ती-A की सापेक्ष वृद्धि दर (RGR = 100%) बड़ी पत्ती-B की RGR (10%) से 10 गुना अधिक है
  • (B) बड़ी पत्ती-B की RGR अधिक है
  • (C) दोनों की RGR बराबर है
  • (D) छोटी पत्ती-A की AGR अधिक है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — AGR दोनों में 10 cm² है, किंतु RGR = (वृद्धि / प्रारंभिक आकार) × 100 होने से पत्ती-A की RGR = (10/10)×100 = 100% और पत्ती-B की (10/100)×100 = 10% है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. पादप विकास (Development) के दो मुख्य घटकों का समीकरण लिखिए।

Development (विकास) = Growth (मात्रात्मक वृद्धि) + Differentiation (गुणात्मक विभेदन)।

2. जलीय पौधे बटरकप (Ranunculus) में जल के अंदर और हवा में भिन्न प्रकार की पत्तियाँ बनना किस प्रकार की सुघट्यता है?

पर्यावरणीय सुघट्यता / विषमपर्णता (Environmental Plasticity / Heterophylly)।

3. बीज अंकुरण के शुरुआती 3–4 दिनों में अंधेरे में उगते अंकुर के शुष्क भार (Dry weight) में थोड़ी कमी क्यों आती है?

क्योंकि अभी हरी पत्तियों में प्रकाश-संश्लेषण शुरू नहीं हुआ होता और संचित भोजन श्वसन में खर्च होता है।

4. द्वितीयक विभज्योतक (कॉर्क एधा और संवहन एधा) से बनने वाले द्वितीयक जाइलम और कॉर्क किस प्रक्रिया के उदाहरण हैं?

पुनर्विभेदन (Redifferentiation) के।

5. घास कुल (गन्ना, बाँस, गेहूँ, धान) में पोरियों के आधार पर पाया जाने वाला कौन सा विभज्योतक तने की लंबाई बढ़ाता है?

अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. पादप वृद्धि (Growth) और पादप विकास (Development) में क्या अंतर है?

पादप वृद्धि एक मात्रात्मक (Quantitative) और अनुत्क्रमणीय प्रक्रिया है जिसमें कोशिका विभाजन व कोशिका विस्तार से पौधे के आकार, आयतन और शुष्क भार में स्थायी वृद्धि होती है। इसके विपरीत, पादप विकास एक व्यापक गुणात्मक व मात्रात्मक प्रक्रिया है जिसमें बीज अंकुरण से लेकर वानस्पतिक अवस्था, पुष्पन, फलन और जीर्णता तक के सभी क्रमिक परिवर्तन (Development = Growth + Differentiation) शामिल हैं।

2. विभेदन (Differentiation), निर्विभेदन (Dedifferentiation) और पुनर्विभेदन (Redifferentiation) को उदाहरण सहित समझाइए।

1. विभेदन: शीर्षस्थ विभज्योतक से बनी कोशिकाओं का विभाजन बंद करके विशिष्ट कार्य हेतु प्राथमिक स्थायी ऊतक (जैसे वाहिका या चालनी नलिका) में बदलना। 2. निर्विभेदन: जीवित स्थायी मृदूतक कोशिकाओं का पुनः विभाजन करने की क्षमता प्राप्त कर द्वितीयक विभज्योतक (जैसे अंतरापूलीय एधा, कॉर्क एधा या टिश्यू कल्चर में कैलस) बनाना। 3. पुनर्विभेदन: इस द्वितीयक एधा से बनी नई कोशिकाओं का पुनः विभाजन रोककर द्वितीयक जाइलम, द्वितीयक फ्लोएम या कॉर्क में बदलना।

3. सिग्मॉइड वृद्धि वक्र (Sigmoid Growth Curve / Grand Period of Growth) की तीनों प्रावस्थाओं का वर्णन कीजिए।

जूलियस वॉन सैक्स (1873) के अनुसार पौधे की वृद्धि समय के साथ 'S' आकार का सिग्मॉइड वक्र बनाती है जिसकी 3 प्रावस्थाएँ हैं: 1. मंद प्रावस्था (Lag phase): प्रारंभिक अवस्था जिसमें उपापचयी तैयारी होती है और वृद्धि बहुत धीमी होती है। 2. घातांकीय प्रावस्था (Log / Exponential phase): इसमें कोशिका विभाजन व दीर्घन तीव्रतम गति से होता है और शुष्क भार सर्वाधिक तेजी से बढ़ता है। 3. स्थिर/जीर्णता प्रावस्था (Stationary phase): भोजन व स्थान की सीमा तथा जीर्णता से वृद्धि रुककर स्थिर हो जाती है।

4. आर्क ऑक्सेनोमीटर (Arc Auxanometer) की संरचना और उससे पादप वृद्धि मापने की विधि लिखिए।

आर्क ऑक्सेनोमीटर में एक ऊर्ध्वाधर स्टैंड पर एक घिरनी (Pulley) लगी होती है जिससे एक लंबा संकेतक (Pointer) जुड़ा होता है जो चाप पैमाने (Arc scale) पर घूमता है। गमले के पौधे की शीर्ष कलिका से धागा बाँधकर घिरनी के ऊपर से लटकाते हुए दूसरे सिरे पर एक छोटा भार बाँध दिया जाता है। जब पौधा बढ़ता है तो घिरनी घूमती है और संकेतक चाप पैमाने पर आवर्धित दूरी तय करता है। सूत्र: वास्तविक वृद्धि = (संकेतक विस्थापन × घिरनी की त्रिज्या) / संकेतक की लंबाई।

5. कोशिकीय वृद्धि की तीनों अवस्थाओं—विभज्योतकी, दीर्घन और परिपक्वन अवस्था—की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।

1. विभज्योतकी अवस्था (Meristematic phase): जड़ व प्ररोह के शीर्ष पर स्थित छोटी, पतली भित्ति, सघन जीवद्रव्य और बड़े केंद्रक वाली कोशिकाएँ जो तेजी से समसूत्री विभाजन करती हैं। 2. दीर्घन अवस्था (Elongation phase): इसमें ऑक्सिन से भित्ति ढीली होती है और बड़ी केंद्रीय रिक्तिका में पानी भरने (आशून दाब) से कोशिका की लंबाई में भारी वृद्धि होती है। 3. परिपक्वन अवस्था (Maturation phase): कोशिका अपना अंतिम आकार पाकर द्वितीयक भित्ति स्थूलन कर विशिष्ट ऊतक में बदल जाती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. पादप वृद्धि (Growth) की परिभाषा, विशेषताओं, कोशिकीय प्रावस्थाओं तथा अंकगणितीय एवं ज्यामितीय वृद्धि (सिग्मॉइड वक्र / Grand Period of Growth) का ग्राफ एवं समीकरणों सहित सविस्तर वर्णन कीजिए।

लूमिस की परिभाषा, खुली व स्थानीयकृत वृद्धि, कोशिकीय वृद्धि के तीनों क्षेत्र, तालिका 18.2 के अनुसार अंकगणितीय (Lt = L0 + rt) बनाम ज्यामितीय (W1 = W0 e^rt) वृद्धि की तुलना और सैक्स के सिग्मॉइड वक्र के तीनों चरणों (Lag, Log, Stationary) व सस्य महत्व का विस्तृत वर्णन करें।

2. पादप विकास में विभेदन (Differentiation), निर्विभेदन (Dedifferentiation), पुनर्विभेदन (Redifferentiation) और सुघट्यता (Plasticity / Heterophylly) की अवधारणाओं की उदाहरणों सहित विवेचना कीजिए।

तीनों विभेदन प्रक्रियाओं का प्रवाह चार्ट व ऊतकीय उदाहरण (द्वितीयक वृद्धि एवं पादप ऊतक संवर्धन में कैलस व अंगजनन), हैबरलैंड्ट की पूर्णशक्तता (Totipotency) और विकासात्मक सुघट्यता (कपास, धनिया) बनाम पर्यावरणीय सुघट्यता (बटरकप) का सविस्तर विवरण दें।

3. पादप वृद्धि मापन की विभिन्न विधियों और उपकरणों (Direct method, Horizontal microscope, Arc auxanometer, Pfeffer's auxanometer एवं Bose's Crescograph) की संरचना व कार्यप्रणाली का वर्णन कीजिए।

शुष्क भार व पर्ण क्षेत्रफल मापन, आर्क ऑक्सेनोमीटर व फेफर के स्वचालित काइमोग्राफ ऑक्सेनोमीटर की कार्यप्रणाली व संख्यात्मक सूत्र तथा सर जे.सी. बोस के क्रेस्कोग्राफ (10,000 गुना आवर्धन) और AGR बनाम RGR का उदाहरण सहित वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • पौधे के कटे हुए अंग या एकल कोशिका से ऊतक संवर्धन द्वारा संपूर्ण नया पौधा बनने की क्षमता 'पूर्णशक्तता' (Totipotency — Haberlandt, 1902) कहलाती है।
  • ऑक्सिन द्वारा प्रोटॉन पंप सक्रिय कर कोशिका भित्ति को अम्लीय और ढीला करके कोशिका दीर्घन कराने का सिद्धांत 'Acid Growth Hypothesis' (Rayle & Cleland, 1970) कहलाता है।
  • मक्का की जड़ के शीर्ष विभज्योतक में एक ही कोशिका से प्रति घंटे लगभग 17,500 नई कोशिकाएँ बन सकती हैं!
  • तरबूज की फल कोशिकाओं के आकार में वृद्धि के दौरान आयतन में 3,50,000 गुना तक विस्तार हो सकता है।
  • फेफर के स्वचालित ऑक्सेनोमीटर में ग्राफ रिकॉर्ड करने वाले घूमते हुए काले ड्रम को 'काइमोग्राफ' (Kymograph) कहते हैं।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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