PPHYS 311 Lecture 19: फसल वृद्धि विश्लेषण: फसल वृद्धि दर (CGR), सापेक्ष वृद्धि दर (RGR), शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) एवं पर्ण सूचकांक (LAI, LAD)

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
फसल वृद्धि विश्लेषण: फसल वृद्धि दर (CGR), सापेक्ष वृद्धि दर (RGR), शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) एवं पर्ण सूचकांक (LAI, LAD)
Crop Growth Analysis: Crop Growth Rate (CGR), Relative Growth Rate (RGR) and Net Assimilation Rate (NAR)
Formulas, Units & Numerical Problems of CGR (Watson 1958), RGR (Blackman 1919), NAR (Gregory 1918), LAI (Watson 1947), LAD, LAR, SLA & SLW
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- फसल वृद्धि विश्लेषण (Crop Growth Analysis) के दो मूल प्राथमिक आँकड़ों—पर्ण क्षेत्रफल ( या ) और शुष्क भार ()—से सभी वृद्धि सूचकांकों की व्युत्पत्ति को समझना।
- CGR (Crop Growth Rate — Watson, 1958), RGR (Relative Growth Rate — Blackman, 1919) और NAR (Net Assimilation Rate / Unit Leaf Rate — Gregory, 1918) के सटीक गणितीय सूत्रों, मानक इकाइयों और उनके आपसी संबंध ( एवं ) को कंठस्थ करना।
- LAI (Leaf Area Index — Watson, 1947), LAD (Leaf Area Duration), LAR (Leaf Area Ratio), SLA (Specific Leaf Area) एवं SLW (Specific Leaf Weight) की परिभाषा और परीक्षा के संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) को हल करना सीखना।
प्रस्तावना · Introduction
सस्य विज्ञान और फसल कार्यिकी में यह जानने के लिए कि कोई एक किस्म या उर्वरक उपचार दूसरे की तुलना में अधिक उपज क्यों दे रहा है, वैज्ञानिक समय के दो बिंदुओं ( एवं ) पर खेत की एक निश्चित भूमि ( या ) से पौधों के नमूने लेकर केवल दो चीजें मापते हैं—(1) पौधों का कुल हरा पर्ण क्षेत्रफल () और (2) ओवन में सुखाया गया कुल शुष्क भार ()! केवल इन्हीं दो मापों से ब्रिटिश वैज्ञानिकों—ग्रेगरी (Gregory, 1918), ब्लैकमैन (Blackman, 1919) और वॉटसन (D.J. Watson, 1947–1958)—ने 'फसल वृद्धि विश्लेषण' (Crop Growth Analysis) के ऐसे शक्तिशाली गणितीय सूत्र विकसित किए जो कृषि परीक्षाओं (B.Sc. Ag, ICAR JRF, SRF, ARS, NET) में सबसे अधिक पूछे जाते हैं!
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
फसल वृद्धि दर (Crop Growth Rate – CGR; D.J. Watson, 1958)
प्रति इकाई भूमि क्षेत्रफल (Per unit ground area '' या ) पर प्रति इकाई समय (Per unit time — प्रति दिन) में फसल के शुष्क भार (Dry weight) में होने वाली वृद्धि को फसल वृद्धि दर (CGR) कहते हैं!
• सूत्र: [तथा ]
• मानक इकाई: (ग्राम प्रति वर्ग मीटर भूमि प्रति दिन)!
सापेक्ष वृद्धि दर (Relative Growth Rate – RGR / Efficiency Index; V.H. Blackman, 1919)
पौधे में पहले से उपस्थित प्रति इकाई प्रारंभिक शुष्क भार (Per unit existing dry weight) पर प्रति इकाई समय में होने वाली शुष्क भार वृद्धि को सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) या ब्लैकमैन का 'दक्षता सूचकांक' (Efficiency Index) कहते हैं!
• सूत्र: [जहाँ ; तथा ]
• मानक इकाई: (ग्राम प्रति ग्राम प्रति दिन)!
शुद्ध स्वांगीकरण दर (Net Assimilation Rate – NAR / Unit Leaf Rate – ULR; F.G. Gregory, 1918)
पौधे के प्रति इकाई हरे पर्ण क्षेत्रफल (Per unit leaf area) द्वारा प्रति इकाई समय में उत्पन्न किया गया शुद्ध शुष्क भार (अर्थात् प्रकाश-संश्लेषण माइनस श्वसन) शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) कहलाता है! यह पत्ती की शुद्ध प्रकाश-संश्लेषी दक्षता मापता है।
• सूत्र:
• मानक इकाई: (या )!
पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (Leaf Area Index – LAI; D.J. Watson, 1947)
पौधे की पत्तियों के कुल एकतरफा हरे क्षेत्रफल (Total one-sided green leaf area '') और उस पौधे द्वारा घेरे गए भूमि के क्षेत्रफल (Ground area '') के अनुपात को पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) कहते हैं!
• सूत्र:
• मानक इकाई: इकाई-रहित (Dimensionless / Unitless — क्योंकि कट जाता है!)।
वर्गीकरण · Classification
अन्य महत्वपूर्ण सहायक वृद्धि विश्लेषण प्राचल, उनके सूत्र एवं इकाइयाँ
1. पर्ण क्षेत्रफल अवधि (Leaf Area Duration – LAD; Power et al., 1967): यह मापता है कि फसल का पर्ण क्षेत्रफल (LAI) कितने समय (दिनों) तक हरा और सक्रिय बना रहा (फसल की कुल उपज का LAD से सीधा संबंध होता है!):
• सूत्र: | इकाई: Days (दिन) या Weeks!
2. पर्ण क्षेत्रफल अनुपात (Leaf Area Ratio – LAR; Radford, 1967): पौधे के कुल पर्ण क्षेत्रफल () और पौधे के कुल शुष्क भार () का अनुपात (यह पौधे के पत्तीपन / 'Leafiness' को दर्शाता है):
• सूत्र: | इकाई: या ।
3. विशिष्ट पर्ण क्षेत्रफल (Specific Leaf Area – SLA): पत्ती के क्षेत्रफल () और केवल पत्ती के शुष्क भार () का अनुपात (यह पत्ती के पतलेपन को मापता है):
• सूत्र: | इकाई: ।
4. विशिष्ट पर्ण भार (Specific Leaf Weight – SLW — SLA का व्युत्क्रम!): प्रति इकाई पर्ण क्षेत्रफल पर पत्ती का शुष्क भार (यह पत्ती की मोटाई / Thickness को मापता है; उच्च SLW = मोटी पत्ती = अधिक क्लोरोफिल व RuBisCO = उच्च प्रकाश-संश्लेषण!):
• सूत्र: | इकाई: या ।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- फसल वृद्धि विश्लेषण के दो स्वर्णिम संयोजक समीकरण (Master Connecting Equations — परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं!):
1.
*(प्रमाण: !)*
2.
*(प्रमाण: !)* - इष्टतम बनाम क्रांतिक पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (Optimum LAI vs Critical LAI — Brougham, 1956): अधिकांश अनाज व दलहनी फसलों के लिए इष्टतम LAI = 4 से 6 होता है (अर्थात् जमीन के ऊपर पत्तियों का क्षेत्रफल हो)।
• Critical LAI (क्रांतिक LAI): वह LAI जिस पर फसल कैनोपी आपतित सूर्य के प्रकाश का 95% भाग रोक (Intercept) लेती है।
• Optimum LAI (इष्टतम LAI): वह LAI जिस पर फसल वृद्धि दर (CGR) अधिकतम होती है! यदि LAI इष्टतम सीमा (>6–8) से अधिक बढ़ जाए, तो ऊपरी पत्तियों की छाया से निचली पत्तियाँ अंधेरे में आ जाती हैं (Mutual shading: उनका प्रकाश-संश्लेषण रुक जाता है किंतु श्वसन चालू रहता है), जिससे NAR और CGR घटने लगते हैं!
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. CGR, RGR, and NAR: Concepts, Behavior Over Crop Life Cycle & Significance (CGR, RGR एवं NAR की अवधारणा एवं फसल जीवन चक्र में व्यवहार)
All Field Crops (Rice, Wheat, Maize, Soybean, Groundnut, Cotton)
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रस्तावक वैज्ञानिक: NAR = F.G. Gregory (1918) | RGR = V.H. Blackman (1919) | LAI (1947) & CGR (1958) = D.J. Watson।
🌱 कार्यिकीय महत्व: वॉटसन (1952) ने सिद्ध किया कि विभिन्न फसलों और उर्वरक उपचारों में दाना उपज में अंतर का मुख्य कारण NAR में अंतर न होकर पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) और पर्ण क्षेत्रफल अवधि (LAD) में अंतर होता है!
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. फसल वृद्धि दर (CGR) का फसल जीवन चक्र में व्यवहार:
• बुवाई के तुरंत बाद पौधे छोटे होने और जमीन खाली रहने (कम LAI) से CGR बहुत कम होती है।
• वानस्पतिक वृद्धि के साथ जैसे-जैसे पत्तियाँ जमीन को ढकती हैं (LAI बढ़कर 4–5 होता है), CGR तेजी से बढ़ती है और फूल आने की अवस्था (Flowering / Anthesis stage) पर CGR अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच जाती है (C₃ फसलों में अधिकतम CGR = 20–25 और C₄ फसलों जैसे मक्का व बाजरा में = 35–50 तक होती है!)।
• पकने के समय पत्तियाँ पीली पड़कर झड़ने से CGR गिरकर शून्य हो जाती है।
2. सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) का फसल जीवन चक्र में व्यवहार:
• RGR पौधे की प्रारंभिक अंकुर अवस्था (Early seedling stage) में सर्वोच्च होती है (क्योंकि उस समय पौधे का लगभग पूरा भाग प्रकाश-संश्लेषी हरी पत्तियाँ ही होता है)!
• जैसे-जैसे पौधे की उम्र बढ़ती है, उसमें अ-प्रकाश-संश्लेषी ऊतक (लकड़ी, तना, पुरानी जड़ें जो भोजन नहीं बनातीं बल्कि केवल श्वसन करती हैं) का भार () बढ़ता जाता है, इसलिए पौधे की उम्र बढ़ने के साथ RGR लगातार घटती जाती है!
3. शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) का व्यवहार:
• NAR भी युवा अवस्था में जब सभी पत्तियों को पूरी धूप मिलती है तब उच्चतम होती है।
• जैसे-जैसे फसल घनी होती है और LAI बढ़ता है, वैसे-वैसे आपसी छाया (Mutual shading) बढ़ने और पत्तियों की उम्र बढ़ने के कारण NAR धीरे-धीरे घटने लगती है! (अर्थात् LAI और NAR में प्रायः विपरीत संबंध होता है, किंतु दोनों का गुणनफल फूल आने पर उच्चतम होता है)।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): CGR बनाम AGR का अंतर: AGR एक एकल पौधे की प्रति दिन शुष्क भार वृद्धि () है, जबकि CGR प्रति वर्ग मीटर भूमि पर खड़े सभी पौधों की सामूहिक वृद्धि () है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): यदि और के बीच पर्ण क्षेत्रफल () और शुष्क भार () के बीच संबंध रेखीय हो, तो NAR के सूत्र में के स्थान पर सरलीकृत औसत पर्ण क्षेत्रफल भी प्रयोग किया जा सकता है।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): सूर्यमुखी और मक्का का NAR मान सोयाबीन व मूँग की तुलना में लगभग दोगुना होता है।
मुख्य बिंदु · Key Points
- NAR = Gregory (1918), Unit: g m^-2 (leaf area) day^-1
- RGR = Blackman (1919 — 'Efficiency Index'), Unit: g g^-1 day^-1 (Highest at early seedling stage, declines with age!)
- LAI = Watson (1947), Unitless
- CGR = Watson (1958), Unit: g m^-2 (ground area) day^-1 (Highest at flowering!)
- CGR = LAI × NAR
- RGR = LAR × NAR।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
सीधी खड़ी पत्तियों (Erect leaves) वाली किस्मों में उच्च LAI (6–8) होने पर भी निचली पत्तियों पर छाया नहीं पड़ती, जिससे उनका NAR गिरता नहीं है और CGR बहुत उच्च मिलता है।
2. Step-by-Step Numerical Problem Solving in Crop Growth Analysis (फसल वृद्धि विश्लेषण के संख्यात्मक प्रश्नों का हल)
Practical Field Calculation in Agronomy & Crop Physiology
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: आवश्यक सूत्र: LAI, LAD, CGR, RGR, NAR, LAR, SLA एवं SLW।
🌱 कार्यिकीय महत्व: B.Sc. Agriculture की मुख्य परीक्षा और JRF में 10 में से कम से कम 2–3 प्रश्न सीधे इन सूत्रों और संख्यात्मक गणनाओं से आते हैं।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
सभी 8 वृद्धि सूचकांकों की त्वरित सूत्र एवं इकाई कुंजी (Quick Formula & Unit Cheat-Sheet):
1. इकाई: इकाई-रहित (Unitless)
2. इकाई: Days (दिन)
3. इकाई:
4. इकाई:
5. इकाई:
6. इकाई: या
7. इकाई: (पत्ती का पतलापन)
8. इकाई: या (पत्ती की मोटाई)।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): ध्यान दें: CGR और NAR दोनों की इकाई देखने में एक जैसी () लगती है, किंतु सूक्ष्म अंतर यह है कि CGR में 'भूमि का क्षेत्रफल' (Ground area) है, जबकि NAR में 'पत्ती का क्षेत्रफल' (Leaf area) है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): इसी प्रकार RGR की इकाई में कट जाने से इसकी विमीय इकाई केवल () भी लिखी जाती है!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): जब किसी किस्म में ध्वज पत्ती देर तक हरी रहती है (Stay-green), तो उसका LAD (Leaf Area Duration) बढ़ जाता है जिससे दाना भराव और उपज बढ़ जाती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
- Unit of CGR = g m^-2 (ground) day^-1
- Unit of NAR = g m^-2 (leaf) day^-1
- Unit of RGR = g g^-1 day^-1 (or day^-1)
- Unit of LAI = Unitless
- Unit of LAD = Days
- SLW = Leaf dry weight / Leaf area (measures leaf thickness)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
इष्टतम पौध संख्या (Optimum plant population) रखकर और समय पर नत्रजन देकर इष्टतम LAI (4–6) को फूल आने से पहले ही प्राप्त कर लेना चाहिए।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 19.1: फसल वृद्धि विश्लेषण के सभी सूचकांकों के प्रस्तावक वैज्ञानिक, सूत्र एवं मानक इकाइयाँ (Master Exam Table)
| वृद्धि सूचकांक (Growth Parameter) | प्रस्तावक वैज्ञानिक एवं वर्ष | गणितीय सूत्र (Mathematical Formula) | मानक इकाई (Standard Unit) |
|---|---|---|---|
| 1. शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR / ULR) | F.G. Gregory (1918) (शब्द: Williams 1946) | ||
| 2. सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) | V.H. Blackman (1919) ('Efficiency Index') | या | (या ) |
| 3. पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) | D.J. Watson (1947) | इकाई-रहित (Unitless) | |
| 4. फसल वृद्धि दर (CGR) | D.J. Watson (1958) | या | |
| 5. पर्ण क्षेत्रफल अवधि (LAD) | Power et al. (1967) / Watson | Days (दिन) या Weeks | |
| 6. पर्ण क्षेत्रफल अनुपात (LAR) | Briggs et al. (1920) / Radford | या | |
| 7. विशिष्ट पर्ण क्षेत्रफल (SLA) | — | (पतलापन) | |
| 8. विशिष्ट पर्ण भार (SLW) | Pearce et al. (1968) | या (मोटाई) |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. LAI, CGR, LAD एवं NAR पर आधारित संपूर्ण हल किया गया संख्यात्मक प्रश्न (Solved University Exam Numerical)
प्रश्न: मक्का की एक फसल में की दूरी पर पौधे लगे हैं। बुवाई के 30वें दिन () प्रति पौधा पर्ण क्षेत्रफल और शुष्क भार था। 40वें दिन () प्रति पौधा पर्ण क्षेत्रफल और शुष्क भार हो गया। गणना कीजिए: (i) व पर LAI, (ii) LAD, (iii) CGR, एवं (iv) औसत NAR।
चरणबद्ध हल:
• 1 पौधे द्वारा घेरा गया भूमि क्षेत्रफल () = ; समयांतराल () = 10 दिन।
• (i) पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI):
– 30वें दिन (): 1.5
– 40वें दिन (): 2.5 (औसत )।
• (ii) पर्ण क्षेत्रफल अवधि (LAD):
– 20 Days (दिन)!
• (iii) फसल वृद्धि दर (CGR):
– !
• (iv) शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR):
– सूत्र से: !
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 19: फसल वृद्धि विश्लेषण — CGR, RGR, NAR, LAI एवं LAD]
├── 1. दो प्राथमिक माप (Two Primary Measurements at t1 & t2)
│ ├── (1) कुल हरा पर्ण क्षेत्रफल (Leaf Area: A1, A2) [Leaf Area Meter द्वारा]
│ └── (2) कुल पादप शुष्क भार (Oven Dry Weight: W1, W2) एवं भूमि क्षेत्रफल (Ground Area: P)
├── 2. तीन मुख्य वृद्धि दरें (Three Core Growth Rates)
│ ├── CGR (Crop Growth Rate — Watson, 1958): (1/P)·(W2 − W1)/(t2 − t1) | इकाई: g m⁻² (ground) day⁻¹ | CGR = LAI × NAR
│ ├── RGR (Relative Growth Rate — Blackman, 1919 'Efficiency Index'): (ln W2 − ln W1)/(t2 − t1) | इकाई: g g⁻¹ day⁻¹ | RGR = LAR × NAR
│ └── NAR (Net Assimilation Rate — Gregory, 1918 'Unit Leaf Rate'): [(W2−W1)/(t2−t1)] × [(ln A2−ln A1)/(A2−A1)] | इकाई: g m⁻² (leaf) day⁻¹
└── 3. पर्ण सूचकांक (Canopy & Leaf Indices)
├── LAI (Leaf Area Index — Watson, 1947): Leaf Area / Ground Area | इकाई-रहित (Unitless) | इष्टतम LAI = 4 से 6
├── LAD (Leaf Area Duration): [(LAI1 + LAI2)/2] × (t2 − t1) | इकाई: Days (दिन)
└── LAR = A / W | SLA = A / W_leaf (पतलापन) | SLW = W_leaf / A = 1/SLA (पत्ती की मोटाई)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[फसल वृद्धि विश्लेषण के सभी प्राचलों के बीच गणितीय अंतर्संबंध (Inter-relationship Network)]
┌─────────────────────────────────┐ ┌─────────────────────────────────┐
│ पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) │ │ शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) │
│ = Leaf Area / Ground Area │ │ = Net Photosynthesis − Resp. │
│ (Watson, 1947 — Unitless) │ │ per unit leaf area (Gregory) │
└────────────────┬────────────────┘ └────────┬───────────────┬────────┘
│ │ │
└───────────────────┬────────────────────┘ │
▼ (गुणा: LAI × NAR) │ (गुणा: LAR × NAR)
【फसल वृद्धि दर (CGR = LAI × NAR)】 ▼
(Watson, 1958 — g m⁻² day⁻¹) 【सापेक्ष वृद्धि दर (RGR = LAR × NAR)】
│ (Blackman, 1919 — g g⁻¹ day⁻¹)
▼ (समय 'LAD' के साथ समाकलन) ▲
【कुल जैविक उपज × Harvest Index = आर्थिक दाना उपज】 │
│
[पर्ण क्षेत्रफल अनुपात (LAR = A / W)]
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में वैज्ञानिकों के नाम का मिलान 100% पूछा जाता है:
• NAR (Net Assimilation Rate) = ग्रेगरी (F.G. Gregory, 1918)
• RGR (Relative Growth Rate / Efficiency Index) = ब्लैकमैन (V.H. Blackman, 1919)
• LAI (Leaf Area Index, 1947) एवं CGR (Crop Growth Rate, 1958) = डी.जे. वॉटसन (D.J. Watson)! - तीनों मुख्य संबंध समीकरण याद रखें:
1.
2.
3. (जहाँ SLW पत्ती की मोटाई मापता है)! - किस सूचकांक की कोई इकाई नहीं होती (Unitless/Dimensionless)? उत्तर: LAI (पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक) और Harvest Index (HI) की!
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- CGR की इकाई = ; RGR की इकाई = ; LAD की इकाई = Days (दिन)।
- पौधे की उम्र बढ़ने के साथ RGR लगातार घटती है, जबकि CGR फूल आने (Flowering) पर सर्वोच्च होती है।
- जब LAI इष्टतम सीमा (>5–6) से अधिक बढ़ जाता है, तो निचली पत्तियों पर छाया पड़ने से NAR घट जाता है।
- क्रांतिक LAI (Critical LAI) वह मान है जिस पर फसल 95% सौर विकिरण को रोक लेती है।
- विशिष्ट पर्ण भार (SLW = पत्ती का शुष्क भार / पत्ती का क्षेत्रफल) पत्ती की मोटाई और प्रकाश-संश्लेषी क्षमता का सीधा सूचक है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. सन् 1947 में 'पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक' (Leaf Area Index – LAI) और सन् 1958 में 'फसल वृद्धि दर' (Crop Growth Rate – CGR) की अवधारणा किस वैज्ञानिक ने प्रतिपादित की थी?
- (A) एफ.जी. ग्रेगरी (1918)
- (B) वी.एच. ब्लैकमैन (1919)
- (C) डी.जे. वॉटसन (D.J. Watson, 1947 & 1958)
- (D) सी.एम. डोनाल्ड (1962)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) — डी.जे. वॉटसन ने रोथमस्टेड में कार्य करते हुए 1947 में LAI और 1958 में CGR की अवधारणा दी; ग्रेगरी ने NAR और ब्लैकमैन ने RGR दिया।
2. फसल वृद्धि दर (CGR), पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) और शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) के बीच सही गणितीय संबंध कौन सा है?
- (A) CGR = LAI / NAR
- (B) CGR = LAI × NAR (फसल वृद्धि दर = पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक × शुद्ध स्वांगीकरण दर)
- (C) CGR = LAI + NAR
- (D) NAR = CGR × LAI
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — CGR (g/m² ground/day) = LAI (m² leaf / m² ground) × NAR (g/m² leaf/day)।
3. सापेक्ष वृद्धि दर (Relative Growth Rate – RGR), जिसे वी.एच. ब्लैकमैन (1919) ने 'Efficiency Index' कहा था, का सही सूत्र और मानक इकाई क्या है?
- (A) (W2 − W1)/(t2 − t1); इकाई: g/day
- (B) (loge W2 − loge W1) / (t2 − t1); इकाई: g g⁻¹ day⁻¹ (या day⁻¹)
- (C) A / P; इकाई-रहित
- (D) A / W; इकाई: cm²/g
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — RGR = (ln W2 − ln W1) / (t2 − t1) है और इसकी मानक इकाई ग्राम प्रति ग्राम प्रति दिन (g g⁻¹ day⁻¹) है।
4. यदि किसी फसल में 1 वर्ग मीटर (1 m²) भूमि क्षेत्रफल पर खड़े पौधों की पत्तियों का कुल एकतरफा हरा क्षेत्रफल 4.5 वर्ग मीटर (4.5 m²) है, तो उस फसल का पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) क्या होगा?
- (A) 0.45 m²
- (B) 4.5 (इकाई-रहित / Unitless)
- (C) 45 cm²
- (D) 9.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — LAI = कुल पर्ण क्षेत्रफल / भूमि क्षेत्रफल = 4.5 m² / 1.0 m² = 4.5 (इकाई-रहित)।
5. पौधे के प्रति इकाई पर्ण क्षेत्रफल द्वारा प्रति इकाई समय में संचित शुद्ध शुष्क पदार्थ को मापने वाले प्राचल 'शुद्ध स्वांगीकरण दर' (Net Assimilation Rate – NAR) की अवधारणा सर्वप्रथम सन् 1918 में किसने दी थी?
- (A) एफ.जी. ग्रेगरी (F.G. Gregory, 1918 — जिन्होंने इसे 'Unit Leaf Rate' कहा था)
- (B) स्टीफन हेल्स
- (C) गार्नर एवं एलार्ड
- (D) वेंट
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — ग्रेगरी (1918) ने NAR का सूत्र दिया और इसे 'Unit Leaf Rate' कहा, जबकि 'NAR' नाम विलियम्स (1946) ने दिया।
6. निम्नलिखित में से कौन सा वृद्धि सूचकांक पत्ती की 'मोटाई' (Leaf thickness) को दर्शाता है और प्रकाश-संश्लेषण की दर के साथ धनात्मक सहसंबंध रखता है?
- (A) विशिष्ट पर्ण भार (Specific Leaf Weight — SLW = पत्ती का शुष्क भार / पत्ती का क्षेत्रफल)
- (B) पर्ण क्षेत्रफल अवधि (LAD)
- (C) विशिष्ट पर्ण क्षेत्रफल (SLA)
- (D) हार्वेस्ट इंडेक्स
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — SLW (Leaf dry weight / Leaf area) पत्ती की मोटाई बताता है; मोटी पत्ती में खंभ ऊतक व RuBisCO अधिक होने से प्रकाश-संश्लेषण अधिक होता है।
7. यदि किसी फसल में 10 दिनों के अंतराल (t2 − t1 = 10 days) में 1 वर्ग मीटर भूमि पर शुष्क भार 120 ग्राम से बढ़कर 300 ग्राम हो जाता है, तो उसकी फसल वृद्धि दर (CGR) क्या होगी?
- (A) 1.8 g m⁻² day⁻¹
- (B) 18.0 g m⁻² day⁻¹
- (C) 30.0 g m⁻² day⁻¹
- (D) 42.0 g m⁻² day⁻¹
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — CGR = (W2 − W1) / [P × (t2 − t1)] = (300 − 120) / (1 m² × 10 days) = 180 / 10 = 18.0 g m⁻² day⁻¹।
8. सापेक्ष वृद्धि दर (RGR), पर्ण क्षेत्रफल अनुपात (LAR) और शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) के बीच सही संबंध कौन सा है?
- (A) RGR = LAR × NAR
- (B) RGR = LAR / NAR
- (C) LAR = RGR × NAR
- (D) NAR = RGR × LAR
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — RGR (g/g/day) = LAR (m²/g) × NAR (g/m²/day)।
9. पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) के समय (दिनों) के साथ समाकलन को क्या कहते हैं, जिसकी मानक इकाई 'Days (दिन)' होती है?
- (A) पर्ण क्षेत्रफल अनुपात (LAR)
- (B) पर्ण क्षेत्रफल अवधि (Leaf Area Duration – LAD)
- (C) विशिष्ट पर्ण क्षेत्रफल (SLA)
- (D) शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — LAD = [(LAI1 + LAI2)/2] × (t2 − t1); यह बताता है कि फसल की पत्तियाँ कितने दिनों तक हरी और प्रकाश-संश्लेषी रहीं।
10. पौधे की आयु (Age of plant) बढ़ने के साथ-साथ उसकी 'सापेक्ष वृद्धि दर' (RGR) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) RGR लगातार बढ़ती जाती है
- (B) प्रारंभिक अंकुर अवस्था में RGR सर्वोच्च होती है और उम्र बढ़ने के साथ अ-प्रकाश-संश्लेषी ऊतकों का भार बढ़ने से RGR लगातार घटती जाती है
- (C) RGR हमेशा स्थिर रहती है
- (D) पकने पर RGR अधिकतम होती है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — उम्र बढ़ने के साथ पौधे में तने व पुरानी जड़ों (जो भोजन नहीं बनाते किंतु कुल भार W में जुड़ते हैं) का अनुपात बढ़ता है जिससे RGR घटती जाती है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. अधिकांश खाद्यान्न फसलों (धान, गेहूँ, मक्का) के लिए इष्टतम पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (Optimum LAI) कितना माना जाता है?
4.0 से 6.0 (सीधी पत्ती वाली किस्मों में 6 से 8 तक)।
2. यदि किसी फसल का LAI = 3.0 है और उसकी शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) = 8 g m⁻² day⁻¹ है, तो उसकी फसल वृद्धि दर (CGR) क्या होगी?
CGR = LAI × NAR = 3.0 × 8 = 24 g m⁻² day⁻¹।
3. 'क्रांतिक पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक' (Critical LAI — Brougham, 1956) किसे कहते हैं?
वह LAI जिस पर फसल की पत्तियाँ आपतित सौर विकिरण (PAR) का 95% भाग रोक लेती हैं।
4. विशिष्ट पर्ण क्षेत्रफल (SLA) और विशिष्ट पर्ण भार (SLW) में क्या संबंध है?
दोनों एक-दूसरे के व्युत्क्रम हैं: SLW = 1 / SLA (अर्थात् SLA = A/WL और SLW = WL/A)।
5. प्राकृतिक लघुगणक (loge X) को साधारण लघुगणक (log10 X) में बदलने के लिए किस संख्या से गुणा किया जाता है?
2.3026 (या 2.303) से गुणा किया जाता है [loge X = 2.303 × log10 X]।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. फसल वृद्धि दर (CGR), सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) और शुद्ध स्वांगीकरण दर (NAR) को सूत्र व इकाई सहित परिभाषित कीजिए।
1. CGR (Watson, 1958): प्रति इकाई भूमि क्षेत्रफल पर प्रति इकाई समय में शुष्क भार वृद्धि; सूत्र: CGR = (1/P)·(W2−W1)/(t2−t1) = LAI × NAR; इकाई: g m⁻² day⁻¹। 2. RGR (Blackman, 1919): प्रति इकाई प्रारंभिक शुष्क भार पर प्रति इकाई समय में शुष्क भार वृद्धि; सूत्र: RGR = (loge W2 − loge W1)/(t2−t1) = LAR × NAR; इकाई: g g⁻¹ day⁻¹। 3. NAR (Gregory, 1918): प्रति इकाई पर्ण क्षेत्रफल पर प्रति इकाई समय में शुद्ध शुष्क भार उत्पादन; सूत्र: NAR = [(W2−W1)/(t2−t1)] × [(loge A2 − loge A1)/(A2−A1)]; इकाई: g m⁻² (leaf) day⁻¹।
2. पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI) और पर्ण क्षेत्रफल अवधि (LAD) क्या हैं और फसल उपज में इनका क्या महत्व है?
LAI (Watson, 1947) भूमि के प्रति इकाई क्षेत्रफल के ऊपर उपस्थित पत्तियों के कुल एकतरफा हरे क्षेत्रफल का अनुपात (LAI = A/P, इकाई-रहित) है जो प्रकाश अंतर्ग्रहण क्षमता बताता है। LAD समय (दिनों) के साथ LAI के बने रहने की अवधि [LAD = {(LAI1+LAI2)/2} × (t2−t1), इकाई: Days] है। वॉटसन ने सिद्ध किया कि किसी फसल की अंतिम आर्थिक उपज मुख्यतः उसके उच्च LAI और लंबे LAD (दाना भरते समय पत्तियों के हरे रहने) पर निर्भर करती है।
3. 'इष्टतम LAI' (Optimum LAI) से अधिक LAI बढ़ जाने पर फसल वृद्धि दर (CGR) क्यों घटने लगती है?
प्रारंभ में जब LAI 1 से बढ़कर 4–5 (इष्टतम LAI) तक जाता है, तो प्रकाश अंतर्ग्रहण बढ़ने से CGR अधिकतम हो जाती है। किंतु यदि अत्यधिक नत्रजन या घनी बुवाई से LAI इष्टतम सीमा (>6–8) से ऊपर चला जाए, तो ऊपरी पत्तियाँ 95% धूप रोक लेती हैं और निचली पत्तियाँ गहरी छाया (Mutual shading) में आ जाती हैं। छायांकित निचली पत्तियों का प्रकाश-संश्लेषण प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु से नीचे गिर जाता है किंतु उनका श्वसन जारी रहता है, जिससे NAR और CGR घट जाते हैं।
4. LAR, SLA और SLW को सूत्र सहित समझाइए।
1. LAR (Leaf Area Ratio = A / W): पौधे के कुल पर्ण क्षेत्रफल और पौधे के कुल शुष्क भार का अनुपात; यह दिखाता है कि पौधे ने अपने कुल वजन का कितना हिस्सा पत्तियाँ बनाने में लगाया है। 2. SLA (Specific Leaf Area = A / W_leaf): पत्ती के क्षेत्रफल और केवल पत्ती के शुष्क भार का अनुपात; यह पत्ती के पतलेपन को दर्शाता है (छाया में उगी पत्तियों का SLA अधिक होता है)। 3. SLW (Specific Leaf Weight = W_leaf / A): प्रति इकाई क्षेत्रफल पर पत्ती का वजन; यह पत्ती की मोटाई और उच्च प्रकाश-संश्लेषी क्षमता दर्शाता है।
5. एक पौधे का शुष्क भार 20वें दिन (t1) 10 ग्राम और 30वें दिन (t2) 100 ग्राम है। उसकी सापेक्ष वृद्धि दर (RGR) की गणना कीजिए। (दिया है: log10 10 = 1, log10 100 = 2)
सूत्र: RGR = [ 2.303 × (log10 W2 − log10 W1) ] / (t2 − t1)
यहाँ W1 = 10 g, W2 = 100 g, एवं (t2 − t1) = 30 − 20 = 10 दिन।
अतः RGR = [ 2.303 × (log10 100 − log10 10) ] / 10 = [ 2.303 × (2 − 1) ] / 10 = 2.303 / 10 = 0.2303 g g⁻¹ day⁻¹!
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. फसल वृद्धि विश्लेषण (Crop Growth Analysis) से आप क्या समझते हैं? CGR, RGR, NAR, LAI, LAD, LAR, SLA और SLW की परिभाषा, प्रस्तावक वैज्ञानिक, गणितीय सूत्र, इकाइयों और उनके परस्पर संबंधों का सविस्तर वर्णन कीजिए।
प्राथमिक आँकड़ों (A एवं W) का संकलन, तालिका 19.1 के सभी 8 प्राचलों की परिभाषाएँ, सूत्र व इकाइयाँ, दोनों संयोजक समीकरणों (CGR = LAI × NAR एवं RGR = LAR × NAR) की व्युत्पत्ति और फसल जीवन चक्र में CGR, RGR व NAR के परिवर्तन वक्रों का विस्तृत वर्णन करें।
2. पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक (LAI), प्रकाश अंतर्ग्रहण (Light Interception) और पर्ण कोण का फसल वृद्धि दर (CGR) के साथ संबंध स्पष्ट करते हुए 'Optimum LAI' और 'Critical LAI' की अवधारणा की विवेचना कीजिए।
मॉन्टीथ व बीयर-लैम्बर्ट का प्रकाश विलुप्ति समीकरण (I = I0 · e^−k·LAI), क्षैतिज पत्ती (Planophile, उच्च k) बनाम सीधी पत्ती (Erectophile, निम्न k) में प्रकाश प्रवेश, Critical LAI (95% प्रकाश अंतर्ग्रहण) व Optimum LAI (अधिकतम CGR) और आपसी छाया (Mutual shading) के प्रभाव का सविस्तर विवरण दें।
3. सोयाबीन की फसल में 40 × 10 सेमी दूरी पर लगे पौधों में 25वें दिन प्रति पौधा पर्ण क्षेत्रफल 800 cm² व शुष्क भार 4 g था, और 35वें दिन प्रति पौधा पर्ण क्षेत्रफल 1600 cm² व शुष्क भार 16 g हो गया। (i) दोनों अवस्थाओं पर LAI, (ii) LAD, (iii) CGR, (iv) RGR और (v) NAR की गणना कीजिए।
भूमि क्षेत्रफल P = 40×10 = 400 cm² = 0.04 m²; (i) LAI1 = 800/400 = 2.0, LAI2 = 1600/400 = 4.0 (औसत LAI = 3.0); (ii) LAD = [(2+4)/2] × 10 = 30 Days; (iii) CGR = (16 − 4)/(0.04 × 10) = 12 / 0.4 = 30 g m⁻² day⁻¹; (iv) RGR = [2.303 × log10(16/4)] / 10 = (2.303 × 0.602) / 10 = 0.1386 g g⁻¹ day⁻¹; एवं (v) NAR = CGR / औसत LAI = 30 / 3.0 = 10 g m⁻² day⁻¹।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- फसल कैनोपी के अंदर प्रकाश के प्रवेश का नियम 'बीयर-लैम्बर्ट नियम' [I = I0 · e^(−k · LAI)] द्वारा दिया जाता है (Monsi & Saeki, 1953)।
- सीधी खड़ी पत्तियों (Erect leaves) वाली किस्मों का प्रकाश विलुप्ति गुणांक ('k' = 0.3–0.4) कम होता है जिससे धूप निचली पत्तियों तक जाती है।
- ग्रेगरी (Gregory, 1918) ने जब NAR की खोज की थी तब उन्होंने इसे 'Unit Leaf Rate (ULR)' नाम दिया था।
- C4 फसलों (मक्का, ज्वार, बाजरा) की अधिकतम फसल वृद्धि दर (CGR = 35–50 g m⁻² day⁻¹) C3 फसलों (20–25 g m⁻² day⁻¹) से बहुत अधिक होती है।
- पत्ती की मोटाई और प्रकाश-संश्लेषण क्षमता का त्वरित चयन करने के लिए प्रजनक 'SLW' (Specific Leaf Weight) का उपयोग करते हैं।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





