PPHYS 311 Lecture 26: ऑक्सिन एवं जिबरेलिन की कार्यिकीय भूमिकाएँ (Physiological Roles of Auxins & Gibberellins)

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 26 / 32 · PPHYS 311

ऑक्सिन एवं जिबरेलिन की कार्यिकीय भूमिकाएँ (Physiological Roles of Auxins & Gibberellins)

Physiological Roles of Auxins and Gibberellins

Auxin (Discovery, IAA, Polar Transport, Acid Growth Hypothesis, Apical Dominance, Root Initiation, Parthenocarpy, Tropisms) & Gibberellins (Bakanae Disease, GA3, Genetic Dwarfism Reversal, Bolting, Barley Aleurone de novo α-Amylase Synthesis)

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Original syllabus: Physiological Roles of Auxins and Gibberellins (Theory • Lecture 26)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • ऑक्सिन (Auxins) की खोज (डार्विन से वेंट तक), प्राकृतिक बनाम कृत्रिम ऑक्सिन, ध्रुवीय परिवहन (Basipetal Polar Transport), कोशिका दीर्करण की 'अम्ल वृद्धि परिकल्पना' (Acid Growth Hypothesis) और प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाओं (शीर्ष प्रमुखता / Apical dominance, कलमों में जड़ निकालना, अनिषेकफलन, जाइलम विभेदन एवं लिंग अभिव्यक्ति) का विश्लेषण करना।
  • जिबरेलिन (Gibberellins – GAs) की खोज (कुरोसावा, 1926 — धान का 'बकाने / Foolish Seedling' रोग व *Gibberella fujikuroi* कवक), रासायनिक संरचना और सर्वाधिक अध्ययन किए गए GA3 को समझना।
  • जिबरेलिन की विशिष्ट कार्यिकीय भूमिकाओं—आनुवंशिक बौनेपन का निवारण (Reversal of genetic dwarfism), रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग (Bolting), जौ के बीज की एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज का *de novo* संश्लेषण और कुकरबिट्स में नर पुष्प (Maleness) प्रेरण—को समझना।

प्रस्तावना · Introduction

पादप कार्यिकी में खोजे गए सबसे पहले दो वृद्धि प्रवर्तक हार्मोन ऑक्सिन (Auxin) और जिबरेलिन (Gibberellin) हैं। ऑक्सिन जहाँ पौधे के प्ररोह शीर्ष में बनकर नीचे की ओर ध्रुवीय रूप से चलता है और कोशिका दीर्करण, शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) तथा कलमों में अपस्थानिक जड़ों के निर्माण का नेतृत्व करता है; वहीं जिबरेलिन तने के पर्वों (Internodes) को लंबा करने, आनुवंशिक रूप से बौने पौधों को लंबा करने, पत्तागोभी जैसे रोज़ेट पौधों में पुष्प डंठल निकालने ('Bolting') और अंकुरित होते अनाज के बीजों में स्टार्च को पचाने वाले एंजाइमों (α-amylase) को जगाने का अद्वितीय कार्य करता है!

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

शीर्ष प्रमुखता (Apical Dominance – Thimann & Skoog, 1934)

पौधे की सक्रिय रूप से बढ़ती हुई शीर्षस्थ कलिका (Apical / Terminal bud) में संश्लेषित होने वाले ऑक्सिन (IAA) द्वारा नीचे स्थित पार्श्व या कक्षस्थ कलिकाओं (Lateral / Axillary buds) की वृद्धि को दबाए रखने की घटना को 'शीर्ष प्रमुखता' कहते हैं। शीर्ष कलिका को काट देने (Decapitation / Nipping / Pruning) पर पार्श्व कलिकाएँ फूट पड़ती हैं और पौधा झाड़ीदार हो जाता है!

ध्रुवीय ऑक्सिन परिवहन (Polar Auxin Transport)

ऑक्सिन एकमात्र ऐसा पादप हार्मोन है जिसका तने में संवहन सदैव एकदिशीय और तलाभिसारी (Unidirectional Basipetal — प्ररोह शीर्ष से आधार की ओर) सक्रिय ऊर्जा खर्च करके विशिष्ट वाहक प्रोटीनों (AUX1 अंतर्वाह एवं PIN बहिर्वाह वाहकों) द्वारा होता है।

बकाने या 'मूर्ख नवोदभिद' रोग (Bakanae or 'Foolish Seedling' Disease of Rice)

जापान में धान की फसल में कवक *Gibberella fujikuroi* (अलैंगिक अवस्था: *Fusarium moniliforme*) के संक्रमण से होने वाला रोग जिसमें धान के पौधे असामान्य रूप से लंबे, पीले, पतले और बिना दाने के होकर गिर जाते थे; ई. कुरोसावा (E. Kurosawa, 1926) ने इसी कवक से जिबरेलिन की खोज की!

बोल्टिंग (Bolting – Internode Elongation before Flowering)

द्विवर्षी या रोज़ेट स्वभाव वाले पौधों (जैसे पत्तागोभी, चुकंदर, गाजर, मूली, पालक) में पुष्पन से ठीक पहले जिबरेलिन (extGA3) या दीर्घ-दिवस/बसंतिकरण के प्रभाव से संघनित पर्वों (Internodes) का अचानक तेजी से लंबा होकर पुष्प-डंठल बनाना 'बोल्टिंग' (Bolting) कहलाता है।

वर्गीकरण · Classification

1. प्राकृतिक बनाम कृत्रिम ऑक्सिन (Natural vs Synthetic Auxins — 100% Exam Question!)

1. प्राकृतिक ऑक्सिन (Natural / Endogenous Auxins — पौधों में स्वतः बनने वाले):
• (i) IAA (Indole-3-Acetic Acid): सभी पौधों में पाया जाने वाला प्रमुख और सार्वभौमिक प्राकृतिक ऑक्सिन!
• (ii) IBA (Indole-3-Butyric Acid): यह प्राकृतिक रूप से (मक्का व सरसों में) भी पाया जाता है और कृत्रिम रूप से भी बनाया जाता है (अर्थात् Natural + Synthetic दोनों है)!
• (iii) 4-क्लोरो-IAA (4-Chloro-indoleacetic acid): मटर के कच्चे बीजों में।
• (iv) PAA (Phenylacetic acid) एवं IAN (Indole-3-acetonitrile — पत्तागोभी में)।
*(ऐतिहासिक नोट: Kögl & Haagen-Smit, 1931 ने मानव मूत्र से 'Auxin-a', मक्का के तेल से 'Auxin-b' और मूत्र से 'Heteroauxin = IAA' खोजा था; जिनमें से केवल Heteroauxin (IAA) ही वास्तविक पादप ऑक्सिन सिद्ध हुआ!)*
2. कृत्रिम ऑक्सिन (Synthetic Auxins — प्रयोगशाला में निर्मित):
• (i) NAA (α-Naphthalene Acetic Acid)
• (ii) 2,4-D (2,4-Dichlorophenoxyacetic Acid) एवं 2,4,5-T (2,4,5-Trichlorophenoxyacetic Acid — 'Agent Orange' का घटक)
• (iii) MCPA (2-Methyl-4-chlorophenoxyacetic acid) एवं Dicamba (डाइकैम्बा) तथा NOA (Naphthoxyacetic acid)।

2. जिबरेलिन के प्रकार एवं नामकरण (Types of Gibberellins)

1. कुल ज्ञात जिबरेलिन: कवकों और उच्च पादपों से अब तक 136 से अधिक जिबरेलिन (extGA1,extGA2,extGA3…extGA136) खोजे जा चुके हैं!
2. सबसे पहला और सर्वाधिक प्रयुक्त व्यावसायिक जिबरेलिन: GA3 (Gibberellic Acid, C19H22O6) जिसे याबुता एवं सुमिकी (Yabuta & Sumiki, 1938) ने कवक से क्रिस्टल रूप में पृथक किया और ब्रायन क्रॉस (Cross, 1954) ने इसकी रासायनिक संरचना बताई।
3. उच्च पादपों में मुख्य सक्रिय जिबरेलिन: पौधों के तने की लंबाई बढ़ाने वाला मुख्य अंतर्जात सक्रिय रूप GA1 (और कुछ में GA4) होता है!

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • ऑक्सिन द्वारा कोशिका दीर्करण की 'अम्ल वृद्धि परिकल्पना' (Acid Growth Hypothesis of Auxin — Rayle & Cleland, 1970; Hager, 1971): ऑक्सिन (IAA) कोशिका का आकार कैसे बढ़ाता है?
    1. ऑक्सिन कोशिका झिल्ली पर स्थित प्रोटॉन पंप (H+-ATPase) को सक्रिय करता है।
    2. यह पंप ATP खर्च करके कोशिकाद्रव्य से हाइड्रोजन आयनों (H+) को बाहर कोशिका भित्ति (Apopolast / Cell wall) में पंप करता है, जिससे कोशिका भित्ति का pH गिरकर अम्लीय (~4.5 से 5.0) हो जाता है।
    3. इस अम्लीय pH पर कोशिका भित्ति में मौजूद 'एक्सपैंसिन' (Expansins) नामक अम्ल-सक्रिय प्रोटीन सक्रिय हो जाते हैं, जो सेलूलोज सूक्ष्मतंतुओं और हेमीसेलूलोज के बीच के हाइड्रोजन बंधों (Hydrogen bonds) को तोड़कर कोशिका भित्ति को ढीला (Wall loosening) कर देते हैं।
    4. भित्ति ढीली होते ही परासरण द्वारा जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है और स्फीति दाब (Turgor pressure) के धक्के से कोशिका स्थायी रूप से लंबी हो जाती है!
  • जौ के बीज के अंकुरण में जिबरेलिन द्वारा α-एमाइलेज का *de novo* संश्लेषण (Role of GA3 in Barley Seed Germination — Paleg, 1960 & Varner, 1964): जब जौ या गेहूँ जैसे अनाज के बीज में पानी सोखने (Imbibition) के बाद अंकुरण शुरू होता है:
    1. बीज का भ्रूण (Embryo / Scutellum) जिबरेलिन (extGA3) संश्लेषित कर बाहर छोड़ता है।
    2. यह GA3 विसरित होकर भ्रूणपोष के चारों ओर स्थित जीवित प्रोटीन-समृद्ध 'एल्यूरोन परत' (Aleurone layer — 3n) में पहुँचता है।
    3. एल्यूरोन कोशिकाओं में GA3 डीएनए से अनुलेखन (Transcription) चालू कर अल्फा-एमाइलेज (α-Amylase) और प्रोटिएज एंजाइमों का नए सिरे से (*de novo*) संश्लेषण कराता है।
    4. α-एमाइलेज मृत स्टार्च-युक्त भ्रूणपोष में जाकर अघुलनशील स्टार्च को घुलनशील माल्टोज और ग्लूकोज शर्करा में तोड़ देता है, जिससे बढ़ते हुए भ्रूण को ऊर्जा मिलती है! *(इसी सिद्धांत का उपयोग शराब/बीयर उद्योग में जौ की 'माल्टिंग' / Malting को तेज करने के लिए GA3 मिलाकर किया जाता है!)*

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. ऑक्सिन (Auxins) की प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाएँ

1. Physiological Roles of Auxins in Crop Plants (ऑक्सिन की प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाएँ)

ऑक्सिन (ग्रीक *Auxein* = बढ़ना / To grow; शब्द प्रतिपादन: Kögl & Haagen-Smit, 1931) प्ररोह शीर्ष, युवा पत्तियों और विकासशील बीजों में बनता है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

1. कोशिका दीर्करण एवं अनुवर्तनी गतियाँ (Cell Elongation, Phototropism & Geotropism):
• ऑक्सिन तने और प्रांकुर-चोल की कोशिकाओं का अम्ल-वृद्धि तंत्र द्वारा दीर्करण करता है।
• प्रकाशानुवर्तन (Phototropism — चार्ल्स डार्विन व फ्रांसिस डार्विन, 1880: कैनरी घास *Phalaris canariensis* पर प्रयोग): जब प्ररोह शीर्ष पर एक तरफ से प्रकाश पड़ता है, तो ऑक्सिन प्रकाश से दूर छाया वाले भाग (Shaded side) में चला जाता है (अधिक सांद्रता: 65% बनाम 35%)। छाया वाली तरफ अधिक ऑक्सिन होने से वहाँ की कोशिकाएँ अधिक लंबी हो जाती हैं और तना प्रकाश की ओर मुड़ जाता है!
• गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism — Cholodny-Went Theory): क्षैतिज रखे गए पौधे में गुरुत्वाकर्षण से ऑक्सिन निचली सतह पर जमा हो जाता है; तने में अधिक ऑक्सिन निचली सतह की वृद्धि बढ़ाकर तने को ऊपर मोड़ता है (Negative geotropism), जबकि जड़ (Root) अत्यंत कम सांद्रता (10−10 M) पर ही बढ़ती है, अतः निचली सतह पर अधिक ऑक्सिन जड़ की वृद्धि को रोक देता है और जड़ नीचे मुड़ जाती है (Positive geotropism)!

2. शीर्ष प्रमुखता (Apical Dominance):
• शीर्ष कलिका का ऑक्सिन पार्श्व कलियों को सुप्त रखता है। चना (Chickpea — 'Nipping'), चाय (Tea — 'Plucking'), कपास (Topping) और गुलदाउदी (Pinching) में किसान शीर्ष कलिका को तोड़ देते हैं ताकि ऑक्सिन का प्रभाव हटे और बगल की शाखाएँ बढ़कर अधिक फूल व फलियाँ दें!
• इसके विपरीत, सूरजमुखी (Sunflower), मक्का और इमारती लकड़ी वाले पेड़ों में मजबूत शीर्ष प्रमुखता लाभदायक होती है।

3. कलमों में अपस्थानिक जड़ों का प्रेरण (Root Initiation in Stem Cuttings):
• ऑक्सिन (विशेष रूप से IBA — Indole Butyric Acid और NAA) परिरंभ (Pericycle) की कोशिकाओं में विभाजन प्रेरित कर गुलाब, अंगूर, नींबू, अमरूद और बोगनविलिया की तना कलमों से तेजी से जड़ें निकालता है!

4. अनिषेकफलन (Parthenocarpy — Seedless Fruit Development):
• बिना परागण और निषेचन के अंडाशय पर ऑक्सिन (IAA, NAA, 2,4-D) लगाने से टमाटर, बैंगन, अमरुद, अंजीर और संतरे में बीजरहित फल (Parthenocarpic fruits) बनते हैं।

5. अन्य महत्वपूर्ण कार्य:
• पत्तियों व फलों के समय-पूर्व विलगन (Pre-harvest drop) को रोकना (NAA @ 10–20 ppm आम, सेब, नींबू व कपास में)।
• जाइलम एवं संवहन एधा का विभेदन (Xylogenesis / Vascular cambium differentiation) (कलम बाँधने / Grafting में जोड़ भरना)।
• कुकरबिट्स (लौकी, खीरा, तोरई) में मादा पुष्पों (Femaleness) की संख्या बढ़ाना।
• अनानास (Pineapple) और लीची में समान रूप से पुष्पन प्रेरित करना (NAA / 2,4-D — क्योंकि यह एथिलीन संश्लेषण को उकसाता है)!
• उच्च सांद्रता (>500–1000 ppm) पर चौड़ी पत्ती वाले द्विबीजपत्री खरपतवारों का नाश (2,4-D Selective Herbicide)!
मुख्य बिंदु · Key Points
  • चार्ल्स डार्विन (1880) ने कैनरी घास (*Phalaris canariensis*) और एफ.डब्ल्यू. वेंट (1928) ने जई (*Avena sativa*) के प्रांकुर-चोल पर प्रयोग कर ऑक्सिन की खोज की।
  • तने की वृद्धि के लिए ऑक्सिन की इष्टतम सांद्रता 10−5 से 10−6 M होती है, जबकि जड़ के लिए अत्यंत कम (10−10 से 10−11 M)—इसीलिए तने को बढ़ाने वाली सांद्रता जड़ की वृद्धि को संदमित कर देती है!
  • ऑक्सिन कद्दू वर्गीय सब्जियों (Cucurbits) में मादा पुष्प (Femaleness) बढ़ाता है और अनानास में पुष्पन प्रेरित करता है।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

चने में 30–40 दिन की अवस्था पर 'निपिंग' (Nipping — शीर्ष कली तोड़ना या TIBA का छिड़काव) सीधे तौर पर ऑक्सिन की शीर्ष प्रमुखता को हटाकर उपज 15–20% बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीक है।

2. जिबरेलिन (Gibberellins – GA3) की प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाएँ

2. Physiological Roles of Gibberellins in Crop Plants (जिबरेलिन की प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाएँ)

जिबरेलिन युवा पत्तियों, बढ़ती हुई जड़ों और विकासशील भ्रूणों में प्लास्टिड और अंतर्द्रव्यी जालिका के भीतर टर्पीनॉइड मार्ग (Mevalonic acid → ent-Kaurene) से संश्लेषित होते हैं। ऑक्सिन के विपरीत, जिबरेलिन का परिवहन पौधे में अ-ध्रुवीय (Non-polar — जाइलम और फ्लोएम दोनों द्वारा ऊपर व नीचे दोनों दिशाओं में) होता है। इसके प्रमुख कार्य हैं:

1. पर्व दीर्करण एवं आनुवंशिक बौनेपन का निवारण (Stem / Internode Elongation & Reversal of Genetic Dwarfism):
• जिबरेलिन का सबसे नाटकीय प्रभाव अखंड पौधे (Intact plant) के पर्वों (Internodes) में कोशिका विभाजन और कोशिका दीर्करण दोनों को बढ़ाकर तने को लंबा करना है!
• यदि आनुवंशिक रूप से बौनी मटर (Dwarf pea, *le* mutant) या बौनी मक्का (*d-1, d-5* mutants) पर बाहर से GA3 छिड़का जाए, तो वे लंबे पौधों के बराबर लंबे हो जाते हैं (Phenocopy)! *(नोट: यह प्रभाव केवल लक्षणप्ररूपी होता है, अगली पीढ़ी के बीज फिर बौने ही होते हैं; तथा गेहूँ के 'Rht' बौने जीन GA-असंवेदनशील होते हैं!)*
• गन्ने (Sugarcane) की फसल पर GA3 छिड़कने से गन्ने की पोरियों (Internodes) की लंबाई बढ़ जाती है जिससे गन्ने की उपज लगभग 20 टन/हेक्टेयर (और चीनी की मात्रा) तक बढ़ जाती है!

2. रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग और पुष्पन (Bolting and Flowering in Rosette & Long-Day Plants):
• पत्तागोभी, चुकंदर, मूली, गाजर और हेनबेन (*Hyoscyamus*) जैसे रोज़ेट व दीर्घ-दिवस (LDP) पौधों पर GA3 का छिड़काव करने पर बिना ठंड (बसंतिकरण) या लंबे दिन के ही तना तेजी से लंबा हो जाता है (Bolting) और फूल आ जाते हैं!

3. बीज एवं कंद प्रसुप्ति को तोड़ना (Breaking of Seed and Tuber Dormancy):
• जिबरेलिन एब्सिसिक अम्ल (ABA) का प्रत्यक्ष विरोधी (Antagonist) है। यह नए खुदे हुए आलू के कंदों, सेब, आड़ू और प्रकाश-संवेदी सलाद (Lettuce) व तंबाकू के बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर तुरंत अंकुरण कराता है।

4. जौ एवं अनाजों के अंकुरण में पाचक एंजाइमों (α-Amylase) का *de novo* संश्लेषण:
• एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज, प्रोटिएज और राइबोन्यूक्लिएज का संश्लेषण कराकर स्टार्च का जल-अपघटन करता है (बीयर/माल्टिंग उद्योग में अत्यंत उपयोगी)।

5. फलों का आकार बढ़ाना एवं अनिषेकफलन (Fruit Size Enlargement & Parthenocarpy in Pome/Stone Fruits):
• बीजरहित अंगूर (Thompson Seedless Grapes) में गुच्छों के डंठल लंबे करने (Cluster loosening) और दानों (Berries) का आकार बड़ा करने के लिए GA3 (25–50 ppm) का विश्वभर में उपयोग होता है!
• जहाँ ऑक्सिन सेब और नाशपाती (Pome fruits) तथा आड़ू/खुबानी (Stone fruits) में अनिषेकफलन करने में असफल रहता है, वहाँ जिबरेलिन (extGA3 एवं GA4+7) सेब व नाशपाती में अनिषेकफलन और फल के आकार (Elongation) को बढ़ाता है!

6. लिंग अभिव्यक्ति — नर पुष्पों को बढ़ावा (Promotion of Maleness):
• ऑक्सिन और एथिलीन के ठीक विपरीत, जिबरेलिन (extGA3) खीरा, लौकी और भांग (Cannabis) में नर पुष्पों (Male / Staminate flowers) के निर्माण को प्रेरित करता है!
मुख्य बिंदु · Key Points
  • आनुवंशिक बौनेपन (Genetic dwarfism) को दूर करना और रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग (Bolting) कराना केवल जिबरेलिन का विशिष्ट गुण है, ऑक्सिन का नहीं!
  • गन्ने पर GA3 छिड़कने से पोरियों (Internodes) की लंबाई बढ़कर गन्ने की पैदावार ~20 टन/हेक्टेयर तक बढ़ जाती है।
  • जिबरेलिन = नर पुष्प (Maleness) बढ़ाता है; जबकि ऑक्सिन व एथिलीन = मादा पुष्प (Femaleness) बढ़ाते हैं!
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

अंगूर उत्पादक किसानों के लिए GA3 में गुच्छों को डुबोना ('Berry dipping') निर्यात-योग्य बड़े, लंबे और कुरकुरे अंगूर पैदा करने का अनिवार्य अभ्यास है।

3. ऑक्सिन बनाम जिबरेलिन की कार्यप्रणाली में मुख्य अंतर

3. Comparative Summary: Auxins vs Gibberellins (ऑक्सिन बनाम जिबरेलिन का तुलनात्मक विश्लेषण)

यद्यपि ऑक्सिन और जिबरेलिन दोनों ही कोशिका दीर्करण करते हैं, किंतु दोनों की कार्यप्रणाली और कृषि उपयोग में स्पष्ट अंतर हैं जिन्हें परीक्षा में सीधे पूछा जाता है:
• ऑक्सिन कटे हुए प्रांकुर-चोल (Excised coleoptile segments) को लंबा करता है किंतु साबुत आनुवंशिक बौने पौधे को लंबा नहीं कर सकता; जबकि जिबरेलिन साबुत बौने पौधे (Intact genetic dwarf plant) के पर्वों को लंबा कर देता है।
• ऑक्सिन शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) और कलमों में जड़ निकलने (Rooting) को बढ़ाता है; जबकि जिबरेलिन कलमों में जड़ निकलने को रोकता है और शीर्ष प्रमुखता नहीं दिखाता।
• ऑक्सिन का परिवहन सख्त रूप से ध्रुवीय (Basipetal polar) होता है; जबकि जिबरेलिन का परिवहन अ-ध्रुवीय (Non-polar) होता है।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • ऑक्सिन कलमों में जड़ें (Roots) निकालता है, जबकि जिबरेलिन तने के पर्वों (Internodes) को लंबा करता है।
  • टमाटर व बैंगन (Solanaceous) में अनिषेकफलन ऑक्सिन से आसानी से होता है, जबकि सेब, नाशपाती व अंगूर में जिबरेलिन अधिक प्रभावी है।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

नर्सरी में कलम लगाते समय कभी भी जिबरेलिन का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि वह जड़ बनने को रोक देता है; वहाँ सदैव ऑक्सिन (IBA) का ही प्रयोग किया जाता है।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 26.1: ऑक्सिन (Auxins) बनाम जिबरेलिन (Gibberellins) की तुलना

विशेषता (Feature)ऑक्सिन (Auxins — जैसे IAA)जिबरेलिन (Gibberellins — जैसे GA3)
1. रासायनिक प्रकृति एवं पूर्ववर्तीइंडोल व्युत्पन्न; पूर्ववर्ती: ट्रिप्टोफैन (Tryptophan + Zn2+)।डाइटरपीनॉइड अम्ल (Gibbane ring); पूर्ववर्ती: मेवालोनिक अम्ल / एंट-कौरीन (ent-Kaurene)।
2. पौधे में परिवहनसदैव एकदिशीय एवं ध्रुवीय (Basipetal Polar Transport)।अ-ध्रुवीय एवं द्विदिशीय (Non-polar — जाइलम व फ्लोएम से दोनों दिशाओं में)।
3. आनुवंशिक बौनेपन पर प्रभावआनुवंशिक रूप से बौने पौधों (Dwarf pea/maize) को लंबा नहीं कर सकता।आनुवंशिक बौनेपन को दूर कर बौने पौधे को सामान्य लंबा (Tall) बना देता है!
4. बोल्टिंग (Bolting)रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग प्रेरित नहीं करता।पत्तागोभी, चुकंदर जैसे रोज़ेट पौधों में तीव्र बोल्टिंग और पुष्पन प्रेरित करता है!
5. शीर्ष प्रमुखता एवं मूल प्रेरणशीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) और तना कलमों में जड़ निर्माण (Rooting) करता है।शीर्ष प्रमुखता नहीं दिखाता और कलमों में जड़ निर्माण को संदमित करता है।
6. अनाज अंकुरण (α-Amylase)एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज संश्लेषण प्रेरित नहीं करता।जौ/गेहूँ की एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज का *de novo* संश्लेषण कराता है!
7. कुकरबिट्स में लिंग अभिव्यक्तिमादा पुष्पों (Femaleness / Pistillate flowers) को बढ़ावा देता है।नर पुष्पों (Maleness / Staminate flowers) को बढ़ावा देता है!

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. अवेना वक्रता परीक्षण (Went's Avena Curvature Formula) एवं गन्ना उपज वृद्धि

Curvature Angle (θ in degrees) ∝ Concentration of Auxin (within physiological limit 0 to ~0.2 mg/L IAA)

उदाहरण: यदि जई के प्रांकुर-चोल पर 0.05 mg/L IAA रखने पर 5∘ का झुकाव आता है और किसी अज्ञात पादप अर्क से 15∘ का झुकाव आता है, तो उस पादप अर्क में समतुल्य ऑक्सिन सांद्रता क्या होगी?
• चूँकि रैखिक सीमा में θ∝[IAA], अतः सांद्रता = 0.05×(15/5)= 0.15 mg/L IAA समतुल्य!

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 26: ऑक्सिन एवं जिबरेलिन की कार्यिकीय भूमिकाएँ]
├── 1. ऑक्सिन (Auxins — IAA)
│ ├── खोज: Darwin (1880, कैनरी घास) ──► Boysen-Jensen ──► Paál ──► F.W. Went (1928, जई Avena प्रांकुर-चोल)
│ ├── प्राकृतिक (IAA, IBA, 4-Cl-IAA, PAA) बनाम कृत्रिम (NAA, 2,4-D, 2,4,5-T, MCPA, Dicamba)
│ ├── परिवहन: Basipetal Polar Transport (AUX1 व PIN वाहक; TIBA द्वारा अवरुद्ध)
│ ├── कार्यविधि: Acid Growth Hypothesis (H+-ATPase पंप ──► pH 4.5 ──► Expansins ──► भित्ति ढीली होना)
│ └── मुख्य कार्य: शीर्ष प्रमुखता (Apical Dominance), कलमों में जड़ निकालना (IBA), अनिषेकफलन, जाइलम विभेदन, मादा पुष्प व खरपतवार नाश (2,4-D)
└── 2. जिबरेलिन (Gibberellins — GA3)
├── खोज: E. Kurosawa (1926) — धान का 'Bakanae / Foolish Seedling' रोग (*Gibberella fujikuroi* कवक); Yabuta & Sumiki (1938)
├── रासायनिक प्रकृति: 19/20-C Diterpenoid acid (Gibbane ring); पूर्ववर्ती: ent-Kaurene; अ-ध्रुवीय परिवहन
└── मुख्य कार्य: आनुवंशिक बौनापन दूर करना, रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग (Bolting), गन्ने में पोरियों की लंबाई व उपज बढ़ाना, जौ की एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज संश्लेषण, अंगूर के दाने बड़े करना व कुकरबिट्स में नर पुष्प (Maleness) प्रेरण

प्रवाह चित्र · Flowchart

[जौ के बीज के अंकुरण में जिबरेलिन (GA3) द्वारा स्टार्च पाचन का आणविक तंत्र (Paleg & Varner Model)]
[1. शुष्क जौ के बीज द्वारा जल का अंतःशोषण (Imbibition of Water)]
│
▼
[2. जाग्रत भ्रूण (Embryo / Scutellum) द्वारा जिबरेलिन (GA3) का संश्लेषण एवं स्राव]
│
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[3. GA3 का जीवित त्रिगुणित 'एल्यूरोन परत' (Aleurone Layer - 3n) की कोशिकाओं में प्रवेश]
│ (DELLA दमनकारी प्रोटीन का विघटन एवं MYB अनुलेखन कारक सक्रिय!)
▼
[4. एल्यूरोन कोशिकाओं में डीएनए से अनुलेखन व α-Amylase mRNA द्वारा 'α-एमाइलेज' का *de novo* संश्लेषण!]
│
▼
[5. α-एमाइलेज एंजाइम भ्रूणपोष (Endosperm) के अघुलनशील स्टार्च को घुलनशील शर्करा (Maltose/Glucose) में बदलता है]
│
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[6. विकासशील भ्रूण को ऊर्जा मिलती है ──► मूलांकुर एवं प्रांकुर का सफल अंकुरण (Seed Germination)!]

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले 4 अंतर:
    1. शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) और कलमों में जड़ें निकालना (Rooting) = ऑक्सिन (IAA / IBA)।
    2. आनुवंशिक बौनेपन का निवारण, रोज़ेट पौधों में बोल्टिंग (Bolting) और जौ के बीज में α-एमाइलेज संश्लेषण = जिबरेलिन (extGA3)!
  • धान के 'बकाने रोग' (Bakanae / Foolish seedling disease) के रोगजनक कवक का नाम क्या है जिससे जिबरेलिन की खोज हुई? उत्तर: *Gibberella fujikuroi* (अलैंगिक नाम: *Fusarium moniliforme*)!
  • कद्दू वर्गीय सब्जियों (Cucurbits) में नर पुष्प (Maleness) कौन बढ़ाता है? उत्तर: जिबरेलिन (extGA3)! और मादा पुष्प (Femaleness) कौन बढ़ाता है? उत्तर: ऑक्सिन और एथिलीन (Ethrel)!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • प्राकृतिक सार्वभौमिक ऑक्सिन IAA (Indole-3-acetic acid) है, जबकि IBA प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों है।
  • ऑक्सिन का परिवहन प्ररोह में एकदिशीय और तलाभिसारी (Basipetal polar) होता है।
  • ऑक्सिन की 'अम्ल वृद्धि परिकल्पना' (Acid Growth Hypothesis) रेले एवं क्लीलैंड (1970) ने दी थी जिसमें H+-ATPase और Expansins कार्य करते हैं।
  • कुरोसावा (1926) ने धान के बकाने रोग के कवक Gibberella fujikuroi से जिबरेलिन की खोज की थी।
  • जिबरेलिन (GA3) जौ की एल्यूरोन परत में α-एमाइलेज एंजाइम का नए सिरे से (de novo) संश्लेषण कराता है।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. धान के 'बकाने' या 'मूर्ख नवोदभिद' रोग (Bakanae / Foolish Seedling Disease) पर अध्ययन करते हुए 1926 में किस वैज्ञानिक ने जिबरेलिन की खोज की थी और किस कवक से?

  • (A) एफ.डब्ल्यू. वेंट — Avena sativa से
  • (B) ई. कुरोसावा (E. Kurosawa, 1926) — कवक Gibberella fujikuroi (Fusarium moniliforme) से
  • (C) स्कूग एवं मिलर — हैरिंग मछली के शुक्राणु से
  • (D) चार्ल्स डार्विन — कैनरी घास से
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जापानी वैज्ञानिक कुरोसावा (1926) ने देखा कि Gibberella fujikuroi कवक का छना हुआ स्राव धान के पौधों को असामान्य रूप से लंबा कर देता है।

2. पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical Dominance — शीर्ष कलिका की उपस्थिति में पार्श्व कलिकाओं का न बढ़ना) किस हार्मोन के कारण होती है?

  • (A) जिबरेलिन
  • (B) ऑक्सिन (Auxin — IAA)
  • (C) साइटोकाइनिन
  • (D) एथिलीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — थिमन और स्कूग (1934) ने सिद्ध किया कि शीर्ष कलिका में बनने वाला ऑक्सिन (IAA) नीचे जाकर पार्श्व कलियों की वृद्धि को रोके रखता है।

3. पत्तागोभी और चुकंदर जैसे रोज़ेट (Rosette) या द्विवर्षी पौधों में पुष्पन से पूर्व पर्वों के अचानक तेजी से लंबा होने की प्रक्रिया ('बोल्टिंग' / Bolting) किस हार्मोन द्वारा प्रेरित होती है?

  • (A) ऑक्सिन
  • (B) जिबरेलिन (Gibberellins — GA3)
  • (C) एब्सिसिक अम्ल
  • (D) साइटोकाइनिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जिबरेलिन (GA3) रोज़ेट पौधों में बिना शीत उपचार या दीर्घ-दिवस के ही तने के पर्वों को तेजी से लंबा कर बोल्टिंग करा देता है।

4. अनाज (जैसे जौ और गेहूँ) के अंकुरण के समय भ्रूण से निकलने वाला जिबरेलिन (GA3) बीज की किस परत में 'अल्फा-एमाइलेज' (α-Amylase) एंजाइम का नए सिरे से (de novo) संश्लेषण प्रेरित करता है?

  • (A) बीजचोल (Testa)
  • (B) एल्यूरोन परत (Aleurone Layer — भ्रूणपोष की बाहरी जीवित प्रोटीन परत)
  • (C) मूलांकुर (Radicle)
  • (D) प्रांकुर-चोल (Coleoptile)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — GA3 त्रिगुणित एल्यूरोन परत की कोशिकाओं में α-एमाइलेज mRNA का अनुलेखन चालू कर स्टार्च का जल-अपघटन कराता है।

5. निम्नलिखित में से कौन सा ऑक्सिन पौधों में 'प्राकृतिक' (Natural / Endogenous) रूप से पाया जाने वाला सार्वभौमिक ऑक्सिन है?

  • (A) 2,4-D
  • (B) NAA (नेफ्थलीन एसिटिक अम्ल)
  • (C) IAA (इंडोल-3-एसिटिक अम्ल / Indole-3-Acetic Acid)
  • (D) MCPA
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — IAA सभी पौधों में प्राकृतिक रूप से बनने वाला मुख्य ऑक्सिन है; जबकि 2,4-D, NAA और MCPA कृत्रिम ऑक्सिन हैं।

6. ऑक्सिन द्वारा कोशिका दीर्करण की 'अम्ल वृद्धि परिकल्पना' (Acid Growth Hypothesis — Rayle & Cleland, 1970) के अनुसार ऑक्सिन कोशिका झिल्ली पर किस पंप को सक्रिय कर कोशिका भित्ति को ढीला करता है?

  • (A) कैल्शियम पंप
  • (B) प्रोटॉन पंप (H+-ATPase — जो भित्ति का pH ~4.5 कर 'एक्सपैंसिन' प्रोटीन को सक्रिय करता है)
  • (C) सोडियम-पोटैशियम पंप
  • (D) नाइट्रेट पंप
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — ऑक्सिन H+-ATPase को सक्रिय कर कोशिका भित्ति को अम्लीय बनाता है जिससे Expansin प्रोटीन सेलूलोज-हेमीसेलूलोज के हाइड्रोजन बंध खोल देते हैं।

7. आनुवंशिक रूप से बौनी मटर (Dwarf Pea) या बौनी मक्का के पौधे पर किस हार्मोन का छिड़काव करने से उसका बौनापन दूर होकर वह सामान्य लंबे पौधे जैसा बढ़ जाता है?

  • (A) ऑक्सिन (IAA)
  • (B) जिबरेलिन (Gibberellic Acid – GA3)
  • (C) काइनेटिन
  • (D) एथिलीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — आनुवंशिक बौने पौधों में अंतर्जात GA संश्लेषण का जीन उत्परिवर्तित होता है; बाहर से GA3 देते ही उनकी पर्व लंबाई सामान्य हो जाती है।

8. खीरा, लौकी और कद्दू वर्गीय (Cucurbits) फसलों में जिबरेलिन (GA3) के छिड़काव से किस प्रकार के पुष्पों की संख्या बढ़ती है?

  • (A) मादा पुष्प (Female flowers)
  • (B) नर पुष्प (Male / Staminate flowers)
  • (C) केवल द्विलिंगी पुष्प
  • (D) पुष्पन पूर्णतः रुक जाता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जिबरेलिन (GA3) और सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3) कुकरबिट्स में नर पुष्प (Maleness) बढ़ाते हैं, जबकि ऑक्सिन और एथिलीन मादा पुष्प (Femaleness) बढ़ाते हैं।

9. गन्ने (Sugarcane) की खड़ी फसल पर किस हार्मोन का छिड़काव करने से गन्ने के तने (पोरियों / Internodes) की लंबाई बढ़ जाती है और उपज में लगभग 20 टन/हेक्टेयर तक की वृद्धि होती है?

  • (A) एब्सिसिक अम्ल
  • (B) जिबरेलिन (GA3)
  • (C) 2,4-D
  • (D) एथिलीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — गन्ने में आर्थिक उपज तना ही है; GA3 पोरियों की लंबाई बढ़ाकर गन्ने की पैदावार में भारी वृद्धि करता है।

10. चने (Chickpea) की फसल में 30–40 दिन की अवस्था पर 'निपिंग' (Nipping — शीर्ष कलिका को तोड़ना) करने का कार्यिकीय आधार क्या है?

  • (A) जिबरेलिन बढ़ाना
  • (B) शीर्षस्थ ऑक्सिन के प्रभाव (शीर्ष प्रमुखता / Apical dominance) को हटाकर पार्श्व शाखाओं और फलियों की संख्या बढ़ाना
  • (C) वाष्पोत्सर्जन बढ़ाना
  • (D) जड़ की लंबाई रोकना
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — शीर्ष कली तोड़ते ही ऑक्सिन का ध्रुवीय प्रवाह रुक जाता है और कक्षस्थ कलियाँ सक्रिय होकर अधिक शाखाएँ व फलियाँ बनाती हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. सभी पौधों में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला प्रमुख ऑक्सिन कौन सा है?

इंडोल-3-एसिटिक अम्ल (IAA – Indole-3-Acetic Acid)।

2. धान के किस रोग से जिबरेलिन की खोज हुई थी और उसके कवक का नाम क्या है?

बकाने या 'मूर्ख नवोदभिद' रोग (Bakanae / Foolish Seedling Disease); कवक: Gibberella fujikuroi (Fusarium moniliforme)।

3. तने की कलमों (Stem cuttings) में जल्दी जड़ें निकालने के लिए सबसे उत्तम हार्मोन कौन सा है?

इंडोल-3-ब्यूटिरिक अम्ल (IBA – Indole-3-Butyric Acid)।

4. ऑक्सिन द्वारा कोशिका भित्ति को ढीला करने वाले अम्ल-सक्रिय प्रोटीन का नाम क्या है?

एक्सपैंसिन (Expansins)।

5. बीजरहित अंगूर (Thompson Seedless) में दानों का आकार बड़ा करने के लिए किस हार्मोन का उपयोग किया जाता है?

जिबरेलिक अम्ल (GA3 @ 25–50 ppm) का।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. शीर्ष प्रमुखता (Apical Dominance) क्या है? कृषि और बागवानी में इसका क्या व्यावहारिक महत्व है?

शीर्षस्थ कलिका में बनने वाले ऑक्सिन (IAA) द्वारा नीचे की पार्श्व (कक्षस्थ) कलिकाओं की वृद्धि को दबाए रखना 'शीर्ष प्रमुखता' कहलाता है। महत्व: चना (निपिंग), चाय (प्लकिंग), कपास (टॉपिंग) और गुलाब/गुलदाउदी (पिंचिंग) में शीर्ष कलिका को तोड़ देने से ऑक्सिन का संदमन हट जाता है और पार्श्व शाखाएँ तेजी से निकलकर पौधे को झाड़ीदार तथा अधिक उपज देने वाला बनाती हैं।

2. ऑक्सिन द्वारा कोशिका दीर्करण की 'अम्ल वृद्धि परिकल्पना' (Acid Growth Hypothesis) को समझाइए।

रेले एवं क्लीलैंड (1970) के अनुसार: 1. ऑक्सिन कोशिका झिल्ली के H+-ATPase प्रोटॉन पंप को सक्रिय करता है। 2. प्रोटॉन (H+) कोशिका भित्ति में पंप होते हैं जिससे भित्ति का pH गिरकर 4.5–5.0 (अम्लीय) हो जाता है। 3. अम्लीय pH पर भित्ति के 'एक्सपैंसिन' (Expansins) प्रोटीन सक्रिय होकर सेलूलोज व हेमीसेलूलोज के बीच के हाइड्रोजन बंधों को तोड़ देते हैं। 4. भित्ति ढीली होने पर जल के परासरणीय प्रवेश और स्फीति दाब से कोशिका लंबी हो जाती है।

3. जौ के बीज के अंकुरण में जिबरेलिन (GA3) की भूमिका का वर्णन कीजिए।

जब जौ का बीज जल सोखता है, तो उसका भ्रूण जिबरेलिन (GA3) बनाकर छोड़ता है। यह GA3 भ्रूणपोष के चारों ओर स्थित जीवित 'एल्यूरोन परत' (Aleurone layer) में पहुँचता है और वहाँ डीएनए अनुलेखन द्वारा अल्फा-एमाइलेज (α-Amylase) व प्रोटिएज एंजाइमों का नए सिरे से (de novo) संश्लेषण कराता है। अल्फा-एमाइलेज भ्रूणपोष के संचित स्टार्च को ग्लूकोज/माल्टोज शर्करा में बदल देता है जिससे अंकुरित होते भ्रूण को पोषण मिलता है।

4. बोल्टिंग (Bolting) क्या है और आनुवंशिक बौनेपन (Genetic Dwarfism) पर जिबरेलिन का क्या प्रभाव पड़ता है?

1. बोल्टिंग: पत्तागोभी, चुकंदर व मूली जैसे रोज़ेट पौधों में पुष्पन से पूर्व जिबरेलिन (GA3) के प्रभाव से संघनित पर्वों का अचानक लंबा होकर पुष्प-डंठल बनाना बोल्टिंग कहलाता है। 2. आनुवंशिक बौनेपन का निवारण: आनुवंशिक रूप से बौनी मटर या मक्का के पौधों में अंतर्जात GA की कमी होती है; उन पर बाहर से GA3 छिड़कने पर उनके पर्व सामान्य लंबे पौधों के बराबर लंबे हो जाते हैं।

5. प्राकृतिक ऑक्सिन और कृत्रिम ऑक्सिन के 3-3 उदाहरण दीजिए तथा कृषि में कृत्रिम ऑक्सिन को प्राथमिकता क्यों दी जाती है?

प्राकृतिक ऑक्सिन: 1. IAA (इंडोल-3-एसिटिक अम्ल), 2. IBA (इंडोल-3-ब्यूटिरिक अम्ल), 3. 4-क्लोरो-IAA एवं PAA। कृत्रिम ऑक्सिन: 1. NAA (नेफ्थलीन एसिटिक अम्ल), 2. 2,4-D, 3. MCPA एवं 2,4,5-T। कृषि में कृत्रिम ऑक्सिन को इसलिए प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि प्राकृतिक IAA पौधे के 'IAA ऑक्सीडेज' एंजाइम और सूर्य के प्रकाश द्वारा तुरंत नष्ट हो जाता है, जबकि कृत्रिम ऑक्सिन सस्ते, स्थिर और लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. ऑक्सिन की खोज, रासायनिक प्रकृति (प्राकृतिक एवं कृत्रिम), ध्रुवीय परिवहन, अम्ल वृद्धि सिद्धांत और पौधों में इसकी प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाओं का सविस्तर वर्णन कीजिए।

डार्विन और वेंट के प्रयोग, प्राकृतिक व कृत्रिम ऑक्सिन का वर्गीकरण, तलाभिसारी ध्रुवीय परिवहन (AUX1/PIN), अम्ल वृद्धि परिकल्पना और ऑक्सिन के 7 प्रमुख कार्यों (कोशिका दीर्करण व अनुवर्तन, शीर्ष प्रमुखता, मूल प्रेरण, अनिषेकफलन, विलगन रोध, जाइलम विभेदन एवं 2,4-D शाकनाशी) का विस्तार से वर्णन करें।

2. जिबरेलिन की खोज (बकाने रोग), रासायनिक संरचना और पादप कार्यिकी में इसके प्रमुख प्रभावों (पर्व दीर्करण, बोल्टिंग, जौ के अंकुरण में α-एमाइलेज संश्लेषण, प्रसुप्ति भंग एवं फल विकास) की विवेचना कीजिए।

कुरोसावा (1926) द्वारा Gibberella fujikuroi से खोज, याबुता एवं सुमिकी द्वारा GA3 का पृथक्करण, डाइटरपीनॉइड संरचना और जिबरेलिन के सभी 6 प्रमुख कार्यिकीय प्रभावों तथा गन्ना व अंगूर की खेती में इसके व्यावसायिक महत्व का सचित्र वर्णन करें।

3. ऑक्सिन और जिबरेलिन की कार्यप्रणाली तथा कृषि अनुप्रयोगों की तुलना कीजिए।

तालिका 26.1 के सभी 7 बिंदुओं (रासायनिक प्रकृति, परिवहन, आनुवंशिक बौनेपन व बोल्टिंग पर प्रभाव, शीर्ष प्रमुखता व मूल प्रेरण, α-एमाइलेज प्रेरण तथा कुकरबिट्स में लिंग अभिव्यक्ति) के आधार पर दोनों हार्मोनों की विस्तृत तुलना करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • ऑक्सिन का ध्रुवीय परिवहन प्ररोह शीर्ष से आधार की ओर (Basipetal) होता है जिसे TIBA द्वारा रोका जा सकता है।
  • जड़ की वृद्धि के लिए ऑक्सिन की इष्टतम सांद्रता (10^-10 M) तने की इष्टतम सांद्रता (10^-5 M) से एक लाख गुना कम होती है!
  • चाय के बागानों में पत्तियों की तुड़ाई (Plucking) और चने में निपिंग (Nipping) शीर्ष प्रमुखता को हटाकर पार्श्व कलियाँ बढ़ाने के उदाहरण हैं।
  • जिबरेलिन (GA3) शीत उपचार (Vernalization) और दीर्घ-दिवस (Long-day) की आवश्यकता को प्रतिस्थापित कर सकता है।
  • शराब/बीयर उद्योग (Brewing industry) में जौ की माल्टिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिबरेलिक अम्ल (GA3) का उपयोग किया जाता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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