PPHYS 311 Lecture 23: पादप जीर्णता (Plant Senescence): प्रकार, कार्यिकीय व जैव-रासायनिक परिवर्तन एवं हार्मोनल नियमन

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 23 / 32 · PPHYS 311

पादप जीर्णता (Plant Senescence): प्रकार, कार्यिकीय व जैव-रासायनिक परिवर्तन एवं हार्मोनल नियमन

Plant Senescence and Associated Physiological and Biochemical Changes

Definition of Senescence vs Aging, 4 Types of Senescence (Leopold 1961: Overall, Top, Deciduous, Progressive), Biochemical Changes (Chlorophyll/Protein Breakdown, Nutrient Remobilization), Richmond-Lang Effect (Cytokinin delays, Ethylene & ABA promote)

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Original syllabus: Plant Senescence and Associated Physiological and Biochemical Changes (Theory • Lecture 23)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • पादप जीर्णता (Plant Senescence — आनुवंशिक रूप से क्रमादेशित क्षय प्रक्रिया / Programmed Cell Death) और कालप्रभावन / उम्र बढ़ना (Aging) के बीच वैज्ञानिक अंतर को समझना।
  • ए.सी. लियोपोल्ड (A.C. Leopold, 1961) द्वारा वर्गीकृत जीर्णता के चारों प्रकारों—(1) संपूर्ण पादप जीर्णता (Overall / Monocarpic), (2) शीर्ष जीर्णता (Top / Shoot), (3) पर्णपाती जीर्णता (Deciduous / Simultaneous) और (4) क्रमिक जीर्णता (Progressive / Sequential)—को कृषि उदाहरणों सहित समझना।
  • जीर्णता के दौरान होने वाले कार्यिकीय व जैव-रासायनिक परिवर्तनों (पर्णहरित, RuBisCO, RNA व झिल्ली का विघटन तथा N, P, K, Mg का दानों की ओर पुनर्गतिशील होना), और हार्मोनल नियमन (रिचमंड-लैंग प्रभाव, 1957: साइटोकाइनिन जीर्णता रोकता है; एथिलीन और ABA जीर्णता बढ़ाते हैं) का अध्ययन करना।

प्रस्तावना · Introduction

प्रत्येक जीवित अंग की एक निश्चित जीवन अवधि होती है। पौधों में जब कोई पत्ती, फूल, फल या पूरा एकवर्षीय पौधा अपनी कार्यात्मक परिपक्वता पूरी कर लेता है, तो उसमें मृत्यु से पूर्व एक अत्यंत सुव्यवस्थित, आनुवंशिक रूप से नियंत्रित और ऊर्जा-निर्भर विघटन प्रक्रिया शुरू होती है जिसे 'जीर्णता' (Senescence) कहते हैं। ध्यान रहे कि पौधे में पत्ती की जीर्णता कोई आकस्मिक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह पौधे की 'पोषक तत्व पुनर्चक्रण रणनीति' (Nutrient Salvage / Recycling Strategy) है—जिसमें मरती हुई पुरानी पत्ती अपने बहुमूल्य नाइट्रोजन (80% तक!), फॉस्फोरस और पोटाश को तोड़कर फ्लोएम द्वारा भरते हुए दानों (Sink) को दान कर जाती है!

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

कालप्रभावन बनाम जीर्णता (Aging vs Senescence – Medawar, 1957)

'कालप्रभावन' (Aging) समय बीतने के साथ होने वाले समस्त परिवर्तनों (बिना मृत्यु के भी) का योग है; जबकि 'जीर्णता' (Senescence) जीवन के अंतिम चरण में होने वाली वह सुव्यवस्थित, आनुवंशिक रूप से क्रमादेशित अवनति प्रक्रिया (Programmed Cell Death – PCD) है जो अनिवार्य रूप से अंग या पूरे पौधे की मृत्यु (Phytoptosis) में समाप्त होती है!

संपूर्ण / एकफलनी जीर्णता (Overall / Monocarpic Senescence – Molisch, 1928)

वे पौधे जो अपने पूरे जीवनकाल में केवल एक बार फूल और बीज देते हैं और बीज पकते ही जड़ से लेकर पत्ती तक पूरा का पूरा पौधा एक साथ पीला पड़कर मर जाता है — जैसे सभी एकवर्षीय कृषि फसलें (धान, गेहूँ, मक्का, ज्वार, बाजरा, चना, सरसों, सोयाबीन) तथा बाँस (Bamboo) व एगेव (Agave)!

रिचमंड-लैंग प्रभाव (Richmond-Lang Effect – A.E. Richmond & A. Lang, 1957)

रिचमंड और लैंग (1957) ने कॉकलेबर (*Xanthium*) की तोड़ी गई पत्तियों पर सिद्ध किया कि साइटोकाइनिन (Cytokinin — Kinetin/Zeatin) हार्मोन का प्रयोग करने पर पत्तियों में क्लोरोफिल और प्रोटीन का विघटन रुक जाता है और पत्तियों की जीर्णता कई दिनों तक टल जाती है (Delay of senescence)—साइटोकाइनिन के इस जीर्णता-रोधी प्रभाव को 'रिचमंड-लैंग प्रभाव' कहते हैं!

जीर्णता-संबंधी जीन (Senescence-Associated Genes – SAGs)

पत्ती में जीर्णता शुरू होते ही प्रकाश-संश्लेषण करने वाले जीन (जैसे *CAB* व *RBCS*) बंद हो जाते हैं और विशिष्ट अपघटनकारी एंजाइम (Proteases, Nucleases, Lipases, Chlorophyllase) बनाने वाले जीनों का समूह चालू हो जाता है जिन्हें 'SAGs' (जैसे *SAG12*) कहते हैं!

वर्गीकरण · Classification

ए.सी. लियोपोल्ड (A.C. Leopold, 1961) के अनुसार पादप जीर्णता के 4 प्रकार (100% Exam Question!)

1. संपूर्ण पादप जीर्णता (Overall / Whole Plant / Monocarpic Senescence):
• इसमें फल और बीज पकते ही जड़, तना और पत्तियों सहित संपूर्ण पौधा मर जाता है।
• *उदाहरण*: सभी एकवर्षीय खाद्यान्न, दलहन व तिलहन फसलें (गेहूँ, धान, मक्का, चना, सोयाबीन, सरसों) तथा बहुवर्षीय एकफलनी पौधे (बाँस, Agave, केला)।
2. शीर्ष / प्ररोह जीर्णता (Top / Shoot Senescence):
• इसमें हर वर्ष जमीन के ऊपर का केवल वायवीय भाग (प्ररोह व पत्तियाँ) सूखकर मर जाता है, किंतु भूमिगत अंग (प्रकंद, कंद, शल्ककंद व जड़ें) जीवित रहते हैं और अगले मौसम में फिर से नए अंकुर निकालते हैं!
• *उदाहरण*: अदरक (Ginger), हल्दी (Turmeric), आलू (Potato), प्याज, लहसुन, गन्ना (पेड़ी/Ratoon), केला एवं डहेलिया/ग्लेडियोलस।
3. पर्णपाती / समकालिक पर्ण जीर्णता (Deciduous / Simultaneous Leaf Senescence):
• इसमें बहुवर्षीय काष्ठीय वृक्षों में शरद या शुष्क ऋतु आने पर पेड़ की सारी पत्तियाँ एक साथ पीली पड़कर झड़ जाती हैं, जबकि तना व जड़ें जीवित रहती हैं।
• *उदाहरण*: सेब, आड़ू, बादाम, अखरोट, सागौन (Teak), शीशम एवं पॉपलर।
4. क्रमिक पर्ण जीर्णता (Progressive / Sequential / Gradual Senescence):
• इसमें जैसे-जैसे तना ऊपर बढ़ता है, केवल सबसे पुरानी निचली पत्तियाँ क्रमशः एक-एक करके पीली पड़कर मरती जाती हैं, जबकि ऊपरी पत्तियाँ व शीर्ष कलिका हरी व सक्रिय रहती हैं!
• *उदाहरण*: अधिकांश सदाबहार वृक्ष (आम, नींबू, यूकेलिप्टस) एवं वानस्पतिक अवस्था में बढ़ती हुई फसलें (तम्बाकू, मक्का, सूरजमुखी, कपास)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • सोयाबीन और गेहूँ में एकफलनी जीर्णता का 'स्व-विनाश सिद्धांत' (Self-Destruction / Nutrient Drain Hypothesis — Molisch, 1928 & Sinclair & de Wit, 1975): सोयाबीन के दानों में 40% प्रोटीन होता है जिसके लिए भारी मात्रा में नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है। जब फलियाँ भरने लगती हैं, तो जड़ें उतनी तेजी से नाइट्रोजन नहीं सोख पातीं; फलस्वरूप विकासशील बीज पत्तियों से ही सारा नाइट्रोजन (RuBisCO प्रोटीन को तोड़कर!) खींच लेते हैं जिससे पत्तियाँ पीली पड़कर मर जाती हैं ('Self-destruction')! यदि सोयाबीन के पौधे से फूल और फलियाँ आते ही तोड़ दी जाएँ (Defloration / Depodding), तो वह एकवर्षीय पौधा मरता नहीं है बल्कि महीनों तक हरा और जीवित बना रहता है!
  • हार्मोनल रस्साकशी (Hormonal Balance Controlling Senescence):
    • जीर्णता को रोकने / विलंबित करने वाले हार्मोन (Senescence Retardants / Juvenility Hormones):
    1. साइटोकाइनिन (Cytokinins — सर्वप्रमुख! Richmond-Lang effect): यह पत्ती को एक शक्तिशाली 'आकर्षक सिंक' बनाए रखता है और क्लोरोफिल व प्रोटीन को टूटने नहीं देता।
    2. जिबरेलिन (GA3) (जैसे डेंडिलियन और सिट्रस फलों में) एवं ऑक्सिन (IAA) (कम सांद्रता पर)।
    • जीर्णता को तीव्र / प्रेरित करने वाले हार्मोन (Senescence Promoters):
    1. एथिलीन (Ethylene – C2H4 — सर्वप्रमुख गैसीय जीर्णता व परिपक्वन हार्मोन!)
    2. एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid – ABA), जैस्मोनिक अम्ल (Jasmonic Acid) एवं सैलिसिलिक अम्ल।

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. Physiological and Biochemical Changes During Plant Senescence (जीर्णता के दौरान होने वाले कार्यिकीय एवं जैव-रासायनिक परिवर्तन)

Leaves, Flowers (Petals) & Whole Annual Crops

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Leaves, Flowers (Petals) & Whole Annual Crops

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: मुख्य जैव-रासायनिक पहचान: Up-regulation of Hydrolytic Enzymes (Proteases, RNases, Lipases, Chlorophyllase) & Loss of Photosynthesis।

🌱 कार्यिकीय महत्व: जीर्णता एक निष्क्रिय सड़न (Necrosis) नहीं है, बल्कि एक सक्रिय प्रक्रिया है जिसमें अंत समय तक कोशिका का केंद्रक (Nucleus) और माइटोकॉन्ड्रिया जीवित और सक्रिय रहते हैं ताकि पोषक तत्वों को सुरक्षित रूप से बाहर भेजा जा सके!

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
जीर्ण होती पत्ती में होने वाले 7 क्रमिक कार्यिकीय एवं जैव-रासायनिक परिवर्तन:
1. हरितलवक का विघटन एवं 'क्रोमोप्लास्ट/गेरोन्टोप्लास्ट' में रूपांतरण (सबसे पहला दृश्य परिवर्तन!):
• कोशिकांगों में सबसे पहले हरितलवक (Chloroplast) टूटता है (वह जीर्ण प्लास्टिड 'Gerontoplast' में बदल जाता है)।
• पर्णहरित (Chlorophyll) का 'Chlorophyllase' व 'Pheophorbide a oxygenase (PAO)' एंजाइमों द्वारा तेजी से विघटन होता है जिससे पत्ती का हरा रंग गायब हो जाता है और पहले से मौजूद स्थायी पीले-नारंगी कैरोटीनॉयड्स (Xanthophylls & Carotenes) व एंथोसायनिन दिखाई देने लगते हैं (जिससे पुरानी पत्ती पीली या लाल दिखती है)!
2. प्रकाश-संश्लेषण में तीव्र गिरावट (Sharp Decline in Photosynthesis):
• थाइलाकोइड झिल्ली टूटने और स्ट्रोमा के RuBisCO प्रोटीन के विघटन से प्रकाश-संश्लेषण तेजी से गिरकर शून्य हो जाता है।
3. प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्लों (RNA/DNA) का जल-अपघटन:
• प्रोटिएज (Proteases / Peptidases) और राइबोन्यूक्लिएज (RNase) एंजाइमों की गतिविधि कई गुना बढ़ जाती है। RuBisCO (जो पत्ती के प्रोटीन का 50% है) को तोड़कर घुलनशील अमीनो अम्लों (Glutamine एवं Asparagine) में बदल दिया जाता है!
4. पोषक तत्वों का फ्लोएम द्वारा पुनर्गतिशील होना (Nutrient Remobilization / Salvage — सबसे मुख्य कार्यिकीय उद्देश्य!):
• पत्ती से लगभग 80% नाइट्रोजन (N), 70% फॉस्फोरस (P), 75% पोटैशियम (K), मैग्नीशियम (Mg) और सल्फर (S) को फ्लोएम द्वारा निकालकर युवा पत्तियों, विकासशील बीजों/दानों या तने में भेज दिया जाता है! (जबकि अगतिशील कैल्शियम Ca और बोरॉन B मरती हुई पत्ती में ही छूट जाते हैं!)।
5. झिल्ली लिपिड पेरोक्सीकरण एवं रिसाव (Membrane Lipid Peroxidation & Ion Leakage):
• मुक्त मूलकों (ROS — Reactive Oxygen Species: O2•−,H2O2,·OH) का उत्पादन बढ़ जाता है और रक्षात्मक एंजाइम (SOD, Catalase, Peroxidase) घट जाते हैं। Lipoxygenase और Phospholipase झिल्ली के वसा अम्लों का ऑक्सीकरण कर 'मैलोनडाइएल्डिहाइड' (Malondialdehyde – MDA — झिल्ली क्षति का जैव-रासायनिक सूचक!) बनाते हैं जिससे झिल्ली रिसने (Leaky) लगती है।
6. श्वसन का व्यवहार (Respiration remains active until the end!):
• जब हरितलवक नष्ट हो रहा होता है, तब भी माइटोकॉन्ड्रिया और केंद्रक अंत समय तक अखंड रहते हैं और प्रोटीन तोड़ने व फ्लोएम लोडिंग के लिए आवश्यक ATP देने हेतु वायवीय श्वसन अंत तक चलता रहता है (अंत में श्वसन क्रियाधार शर्करा से बदलकर लिपिड व प्रोटीन हो जाता है)!
7. अंतिम चरण — रिक्तिका का फटना (Tonoplast Rupture & Autolysis):
• सबसे अंत में रिक्तिका की झिल्ली (Tonoplast) फट जाती है और उसके अम्लीय जल-अपघटनी एंजाइम कोशिकाद्रव्य व केंद्रक को पचाकर कोशिका की मृत्यु कर देते हैं।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): ग्लाइऑक्सीलेट चक्र का जागरण: जीर्ण होती पत्ती के परऑक्सीसोम वापस 'ग्लाइऑक्सीसोम' में बदल जाते हैं ताकि थाइलाकोइड झिल्ली के टूटे हुए लिपिड (वसा) को श्वसन व स्थानांतरण योग्य शर्करा (सुक्रोज) में बदला जा सके!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): अंधकार, सूखा, नाइट्रोजन की कमी, जलभराव, उच्च तापमान और रोगजनक संक्रमण पत्ती की जीर्णता को समय से पहले प्रेरित (Premature senescence) कर देते हैं।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): जीर्णता के लिए ऑक्सीजन (वायवीय श्वसन) और प्रोटीन संश्लेषण अनिवार्य हैं—यदि पत्ती को ऑक्सीजन न दी जाए या 'Cycloheximide' (प्रोटीन संश्लेषण अवरोधक जो नए प्रोटिएज एंजाइम नहीं बनने देता) दिया जाए, तो पत्ती की जीर्णता रुक जाती है!
मुख्य बिंदु · Key Points
  • First organelle to degenerate in leaf senescence = Chloroplast (converts into 'Gerontoplast'), while Mitochondria & Nucleus remain intact till the end!
  • Hydrolytic enzymes (Protease, RNase, Chlorophyllase, Lipoxygenase) INCREASE
  • Mobile nutrients (80% N, P, K, Mg) are remobilized to seeds as Glutamine/Asparagine, while Ca & B remain behind
  • Lipid peroxidation marker = MDA (Malondialdehyde)
  • Richmond-Lang Effect (1957) = Cytokinin delays senescence।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

दाना भरने की अवस्था में 1–2% यूरिया या 0.5% KNO3 का पर्ण छिड़काव करने से ध्वज पत्ती में नाइट्रोजन की कमी नहीं होती और पत्ती की जीर्णता टल जाने से दाने का वजन बढ़ता है।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 23.1: पादप जीर्णता (Senescence) के दौरान घटने वाले बनाम बढ़ने वाले कार्यिकीय व जैव-रासायनिक प्राचल

जीर्णता के दौरान घटने वाले घटक (Decreasing Parameters)जीर्णता के दौरान बढ़ने वाले घटक (Increasing Parameters)
1. पर्णहरित (Chlorophyll a & b) की मात्रा (हरा रंग गायब)1. जल-अपघटनी एंजाइम (Protease, RNase, Chlorophyllase, Lipase) की सक्रियता
2. कुल घुलनशील प्रोटीन (विशेषकर RuBisCO) एवं RNA (rRNA)2. मुक्त अमीनो अम्ल (Glutamine, Asparagine) एवं एमाइड का फ्लोएम निर्यात
3. प्रकाश-संश्लेषण की दर एवं स्ट्रोमा एंजाइम3. सक्रिय ऑक्सीजन मूलक (ROS: H2O2,O2•−) एवं MDA (लिपिड पेरोक्सीकरण)
4. एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम (SOD, Catalase, Ascorbate peroxidase)4. एथिलीन (C2H4) एवं एब्सिसिक अम्ल (ABA) हार्मोन का स्तर
5. साइटोकाइनिन, ऑक्सिन एवं जिबरेलिन हार्मोन का स्तर5. SAGs (Senescence-Associated Genes) की अभिव्यक्ति एवं झिल्ली पारगम्यता (Ion leakage)

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. नाइट्रोजन पुनर्गतिशीलता दक्षता (Nitrogen Remobilization Efficiency – NRE %) की गणना

NRE (%) = [ (फूल आने पर पत्ती में कुल N − पकने पर सूखी पत्ती में बचा N) / फूल आने पर पत्ती में कुल N ] × 100

उदाहरण: यदि गेहूँ की पत्तियों में फूल आने (Anthesis) के समय कुल 120 kg N/ha संचित था, और फसल पकने (Maturity) पर सूखी पीली पत्तियों में केवल 24 kg N/ha बचा रह गया (शेष दानों में चला गया), तो:
• दानों में स्थानांतरित नाइट्रोजन = 120−24=96 kg N/ha।
• नाइट्रोजन पुनर्गतिशीलता दक्षता (NRE %) = (96/120)×100= 80.0% (अर्थात् जीर्णता के दौरान पत्तियों ने अपना 80% नाइट्रोजन दानों को देकर दाने का प्रोटीन बनाया)!

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 23: पादप जीर्णता (Plant Senescence) एवं जैव-रासायनिक परिवर्तन]
├── 1. परिभाषा एवं 4 प्रकार (Leopold, 1961)
│ ├── Senescence = आनुवंशिक रूप से क्रमादेशित कोशिका मृत्यु (Programmed Cell Death - PCD) व पोषक पुनर्चक्रण
│ ├── (i) Overall / Monocarpic: बीज पकते ही पूरा पौधा मरना (गेहूँ, धान, मक्का, चना, सोयाबीन, बाँस)
│ ├── (ii) Top / Shoot Senescence: केवल वायवीय भाग सूखना, भूमिगत कंद/प्रकंद जीवित (अदरक, हल्दी, आलू, प्याज, केला)
│ ├── (iii) Deciduous (पर्णपाती): शरद ऋतु में सारी पत्तियाँ एक साथ गिरना (सेब, आड़ू, सागौन, पॉपलर)
│ └── (iv) Progressive (क्रमिक): नीचे की पुरानी पत्तियों से ऊपर की ओर क्रमशः पीला पड़ना (तम्बाकू, मक्का, आम)
├── 2. जैव-रासायनिक एवं कार्यिकीय परिवर्तन (Biochemical Changes)
│ ├── सबसे पहले टूटने वाला कोशिकांग = हरितलवक (Gerontoplast में बदलता है); जबकि केंद्रक व माइटोकॉन्ड्रिया अंत तक जीवित रहते हैं!
│ ├── घटते हैं: Chlorophyll, RuBisCO प्रोटीन, RNA, प्रकाश-संश्लेषण एवं SOD/Catalase एंटीऑक्सीडेंट
│ ├── बढ़ते हैं: Protease, RNase, Chlorophyllase, Lipoxygenase, ROS एवं झिल्ली पेरोक्सीकरण सूचक MDA
│ └── पोषक बचाव: 80% N (Glutamine/Asparagine रूप में), P, K, Mg दानों में चले जाते हैं; Ca व B पुरानी पत्ती में ही रह जाते हैं
└── 3. हार्मोनल नियमन (Hormonal Control)
├── जीर्णता रोकने वाला मुख्य हार्मोन = साइटोकाइनिन (Cytokinin — 'Richmond-Lang Effect', 1957) एवं GA3
└── जीर्णता बढ़ाने वाले हार्मोन = एथिलीन (Ethylene — मुख्य!) एवं एब्सिसिक अम्ल (ABA)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[पत्ती में जीर्णता (Leaf Senescence) का प्रारंभ, जैव-रासायनिक विघटन एवं दानों में पोषक स्थानांतरण का प्रवाह]
【1. जीर्णता प्रेरक संकेत (Triggers): पत्ती की आयु + फूल/फल बनना (Sink demand) + अंधकार/सूखा + ↑ Ethylene & ABA / ↓ Cytokinin】
↓
【2. केंद्रक में जीन अभिव्यक्ति परिवर्तन (Nuclear Gene Reprogramming — Active Process requiring ATP & O2)】
प्रकाश-संश्लेषी जीन (RBCS, CAB) बंद ──► जीर्णता-संबंधी जीन (SAGs: जैसे SAG12) चालू!
↓
【3. अपघटनकारी एंजाइमों का संश्लेषण (Synthesis of Degradative Hydrolases)】
├──► Chlorophyllase / PAO: पर्णहरित का विघटन ──► पत्ती का पीला पड़ना (Gerontoplast निर्माण)
├──► Proteases: RuBisCO प्रोटीन का विघटन ──► Glutamine व Asparagine अमीनो अम्ल निर्माण
├──► RNase / DNase: न्यूक्लिक अम्लों का विघटन ──► फॉस्फोरस (P) व नाइट्रोजन की मुक्ति
└──► Lipases / Lipoxygenase: झिल्ली लिपिड का विघटन (MDA निर्माण) ──► ग्लाइऑक्सीलेट चक्र से सुक्रोज निर्माण
↓
【4. पोषक तत्वों का फ्लोएम द्वारा विकासशील दानों/बीजों में स्थानांतरण (80% N, P, K, Mg Remobilized to Seeds!)】
↓
【5. रिक्तिका झिल्ली (Tonoplast) का फटना ──► कोशिका स्व-लयन (Autolysis) एवं पत्ती की मृत्यु / विलगन】

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा में हर बार पूछे जाने वाले 4 प्रश्न:
    1. 'रिचमंड-लैंग प्रभाव' (Richmond-Lang Effect, 1957) किस हार्मोन से संबंधित है? उत्तर: साइटोकाइनिन (Cytokinin) से — जो क्लोरोफिल और प्रोटीन के विघटन को रोककर पत्तियों की जीर्णता को विलंबित (Delay of senescence) करता है!
    2. लियोपोल्ड (1961) ने पादप जीर्णता को कितने प्रकारों में बाँटा है? उत्तर: 4 प्रकारों में (Overall, Top, Deciduous एवं Progressive)।
    3. पत्ती की जीर्णता के समय सबसे पहले कौन सा कोशिकांग नष्ट होता है और कौन से अंत तक बचे रहते हैं? उत्तर: सबसे पहले 'हरितलवक' (Chloroplast → Gerontoplast) नष्ट होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया और केंद्रक अंत समय तक सक्रिय रहते हैं!
    4. जीर्ण होती पत्ती से कौन से पोषक तत्व दानों में वापस नहीं जा पाते? उत्तर: कैल्शियम (Ca) और बोरॉन (B) (क्योंकि वे फ्लोएम में पूर्णतः अगतिशील हैं)!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • जीर्णता (Senescence) एक सक्रिय, ऊर्जा-निर्भर और आनुवंशिक रूप से क्रमादेशित कोशिका मृत्यु (PCD) है।
  • संपूर्ण पादप जीर्णता (Monocarpic senescence) सोयाबीन, गेहूँ, धान, चना और बाँस में पाई जाती है।
  • सोयाबीन के पौधे से फूल या फलियाँ तोड़ देने (Depodding) पर पौधे की जीर्णता रुक जाती है (Molisch, 1928)।
  • एथिलीन (C2H4) और एब्सिसिक अम्ल (ABA) जीर्णता को तेज करने वाले मुख्य हार्मोन हैं।
  • जीर्णता के दौरान हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (Protease, RNase, Chlorophyllase) बढ़ते हैं और क्लोरोफिल व प्रोटीन घटते हैं।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. सन् 1957 में कॉकलेबर (Xanthium) की पत्तियों पर यह किसने प्रदर्शित किया कि 'साइटोकाइनिन' (Cytokinin) हार्मोन प्रोटीन और पर्णहरित के विघटन को रोककर पत्ती की जीर्णता को विलंबित करता है ('Richmond-Lang Effect')?

  • (A) रिचमंड एवं लैंग (A.E. Richmond & A. Lang, 1957)
  • (B) गार्नर एवं एलार्ड (1920)
  • (C) बोर्थविक एवं हेंड्रिक्स (1952)
  • (D) मिलर एवं स्कूग (1955)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — साइटोकाइनिन द्वारा पत्तियों की जीर्णता रुकने और हरेपन के बने रहने को 'रिचमंड-लैंग प्रभाव' (1957) कहते हैं।

2. ए.सी. लियोपोल्ड (A.C. Leopold, 1961) के अनुसार गेहूँ, धान, मक्का, चना और सोयाबीन जैसी एकवर्षीय फसलों में बीज पकने के बाद पूरे पौधे का एक साथ मर जाना किस प्रकार की जीर्णता है?

  • (A) शीर्ष जीर्णता (Top senescence)
  • (B) पर्णपाती जीर्णता (Deciduous senescence)
  • (C) संपूर्ण या एकफलनी जीर्णता (Overall / Monocarpic Senescence)
  • (D) क्रमिक जीर्णता
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — एकवर्षीय फसलों और बाँस में जीवन में एक बार फलने के बाद जड़ सहित पूरा पौधा मर जाता है जिसे 'Overall / Monocarpic senescence' कहते हैं।

3. अदरक, हल्दी, आलू, प्याज और केले जैसे बहुवर्षीय शाकीय पौधों में हर साल केवल जमीन के ऊपर का वायवीय प्ररोह सूखता है और भूमिगत प्रकंद/कंद जीवित रहता है—यह किस प्रकार की जीर्णता है?

  • (A) संपूर्ण जीर्णता
  • (B) शीर्ष या प्ररोह जीर्णता (Top / Shoot Senescence)
  • (C) पर्णपाती जीर्णता
  • (D) भ्रूणीय जीर्णता
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — केवल वायवीय प्ररोह के मरने और भूमिगत अंगों के जीवित रहने को 'Top Senescence' कहते हैं।

4. पत्ती की जीर्णता (Leaf senescence) के दौरान कोशिका के अंदर सबसे पहले कौन सा कोशिकांग विघटित होता है, और कौन से दो कोशिकांग अंत समय तक सक्रिय बने रहते हैं?

  • (A) सबसे पहले केंद्रक टूटता है और हरितलवक बचा रहता है
  • (B) सबसे पहले हरितलवक (Chloroplast → Gerontoplast) टूटता है, जबकि केंद्रक (Nucleus) और माइटोकॉन्ड्रिया अंत समय तक सक्रिय रहते हैं!
  • (C) सभी एक साथ फट जाते हैं
  • (D) सबसे पहले माइटोकॉन्ड्रिया टूटता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जीर्णता एक सक्रिय प्रक्रिया है जिसमें SAG जीनों के ट्रांसक्रिप्शन के लिए केंद्रक और ATP आपूर्ति के लिए माइटोकॉन्ड्रिया अंत तक जीवित रहते हैं और हरितलवक सबसे पहले टूटता है।

5. पत्ती की जीर्णता के दौरान निम्नलिखित में से किन एंजाइमों की सक्रियता में 'तीव्र वृद्धि' होती है?

  • (A) रुबिस्को एवं नाइट्रेट रिडक्टेज में
  • (B) जल-अपघटनी एंजाइमों — प्रोटिएज (Protease), राइबोन्यूक्लिएज (RNase), क्लोरोफिलेज एवं लिपोक्सीजिनेज में
  • (C) एसओडी (SOD) एवं कैटालेज में
  • (D) पेपकेस (PEPCase) में
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जीर्णता में वृहद अणुओं को तोड़कर दानों में भेजने के लिए प्रोटिएज, RNase, क्लोरोफिलेज और लाइपेज एंजाइम तेजी से बढ़ते हैं।

6. निम्नलिखित पादप हार्मोनों के युग्मों में से कौन सा युग्म जीर्णता को 'तीव्र / प्रेरित' (Promote senescence) करता है?

  • (A) साइटोकाइनिन एवं जिबरेलिन
  • (B) एथिलीन (Ethylene) एवं एब्सिसिक अम्ल (ABA)
  • (C) ऑक्सिन एवं काइनेटिन
  • (D) ज़ियाटिन एवं GA3
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — एथिलीन और ABA जीर्णता को तीव्र करते हैं, जबकि साइटोकाइनिन और जिबरेलिन जीर्णता को रोकते हैं।

7. जीर्ण होती हुई पुरानी पत्ती से लगभग 80% नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम फ्लोएम द्वारा विकासशील बीजों में स्थानांतरित हो जाते हैं, किंतु कौन सा तत्व पुरानी मरती हुई पत्ती में ही छूट जाता है?

  • (A) नाइट्रोजन (N)
  • (B) पोटैशियम (K)
  • (C) कैल्शियम (Calcium – Ca²⁺) एवं बोरॉन (B)
  • (D) फॉस्फोरस (P)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — कैल्शियम और बोरॉन फ्लोएम में पूर्णतः अगतिशील होने के कारण पुरानी पत्ती से बाहर नहीं निकल पाते और सूखी पत्ती के साथ ही गिर जाते हैं।

8. जीर्णता के दौरान हरितलवक (Chloroplast) जब अपना पर्णहरित व थाइलाकोइड खोकर कैरोटीनॉयड-युक्त पीली लिपिड बूंदों (Plastoglobuli) से भरे प्लास्टिड में बदल जाता है, तो उसे क्या कहते हैं?

  • (A) इटियोप्लास्ट
  • (B) गेरोन्टोप्लास्ट (Gerontoplast — जीर्ण प्लास्टिड)
  • (C) एमाइलोप्लास्ट
  • (D) एल्यूरोप्लास्ट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जीर्ण होती पत्ती के रूपांतरित पीले हरितलवक को 'Gerontoplast' कहा जाता है।

9. सोयाबीन के पौधे से यदि फूल और युवा फलियाँ तोड़कर हटा दी जाएँ (Defloration / Depodding), तो पौधे की जीर्णता रुक जाती है और वह हरा बना रहता है—यह किस सिद्धांत की पुष्टि करता है?

  • (A) मोलिश एवं सिनक्लेयर के 'पोषक निकास / स्व-विनाश सिद्धांत' (Nutrient Drain / Self-Destruction Hypothesis) की
  • (B) रसारोहण सिद्धांत की
  • (C) बिंदुस्राव सिद्धांत की
  • (D) बसंतीकरण सिद्धांत की
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — विकासशील बीज पत्तियों से सारा नाइट्रोजन खींचकर पत्तियों को मार देते हैं; फलियाँ हटाने पर यह निकास रुक जाता है और पौधा नहीं मरता।

10. जीर्णता के दौरान मुक्त मूलकों (ROS) द्वारा कोशिका झिल्ली के असंतृप्त वसा अम्लों के ऑक्सीकरण ('Lipid Peroxidation') से बनने वाला मुख्य सूचक यौगिक कौन सा है?

  • (A) मैलोनडाइएल्डिहाइड (Malondialdehyde – MDA)
  • (B) पाइरुविक अम्ल
  • (C) सुक्रोज
  • (D) ग्लाइसिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — झिल्ली के लिपिड पेरोक्सीकरण की डिग्री को प्रयोगशाला में 'MDA (Malondialdehyde)' की मात्रा मापकर ज्ञात किया जाता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. जीर्ण होती पत्ती से नाइट्रोजन का फ्लोएम द्वारा दानों में स्थानांतरण मुख्यतः किन दो अमीनो अम्लों/एमाइड के रूप में होता है?

ग्लूटामिन (Glutamine) एवं एस्पेराजीन (Asparagine) के रूप में।

2. पत्ती में जीर्णता शुरू होने पर विशिष्ट रूप से सक्रिय होने वाले जीनों को संक्षेप में क्या कहते हैं?

SAGs (Senescence-Associated Genes — जैसे SAG12)।

3. अनाज और फलों के पकने व फूलों की पंखुड़ियों के मुरझाने (Floral senescence) को प्रेरित करने वाला मुख्य गैसीय हार्मोन कौन सा है?

एथिलीन (Ethylene — C2H4)।

4. जीर्णता के समय हरितलवक की झिल्ली के टूटे हुए लिपिड को सुक्रोज में बदलने के लिए परऑक्सीसोम किस अंगक में बदल जाते हैं?

ग्लाइऑक्सीसोम (Glyoxysomes — जिनमें ग्लाइऑक्सीलेट चक्र चलता है) में।

5. प्रोटीन संश्लेषण को रोकने वाला कौन सा प्रतिजैविक (Antibiotic) पत्ती में नए प्रोटिएज एंजाइम बनने से रोककर जीर्णता को रोक देता है?

साइक्लोहेक्सिमाइड (Cycloheximide — जो 80S राइबोसोम पर प्रोटीन संश्लेषण रोकता है)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. कालप्रभावन (Aging) और जीर्णता (Senescence) में क्या अंतर है?

कालप्रभावन (Aging) समय बीतने के साथ किसी जीव या अंग में होने वाले सभी क्रमिक परिवर्तनों (वृद्धि व परिपक्वता सहित) का सामान्य नाम है, जो सीधे मृत्यु का कारण नहीं होता। इसके विपरीत, जीर्णता (Senescence) जीवन चक्र के अंतिम चरण में होने वाली एक सुव्यवस्थित, आनुवंशिक रूप से क्रमादेशित (Programmed Cell Death) और अपरिवर्तनीय विघटन प्रक्रिया है जो पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण के बाद अंग या पौधे की मृत्यु में समाप्त होती है।

2. लियोपोल्ड (1961) द्वारा वर्गीकृत पादप जीर्णता के चारों प्रकारों को उदाहरण सहित समझाइए।

1. संपूर्ण पादप जीर्णता (Overall/Monocarpic): फल पकने के बाद जड़ सहित पूरे पौधे की मृत्यु (गेहूँ, धान, चना, सोयाबीन, बाँस)। 2. शीर्ष जीर्णता (Top senescence): केवल जमीन के ऊपर के प्ररोह का सूखना जबकि भूमिगत कंद/प्रकंद जीवित रहते हैं (अदरक, हल्दी, आलू, प्याज)। 3. पर्णपाती जीर्णता (Deciduous): शरद ऋतु में वृक्ष की सारी पत्तियों का एक साथ गिरना (सेब, आड़ू, सागौन)। 4. क्रमिक जीर्णता (Progressive): तने के नीचे की सबसे पुरानी पत्तियों से ऊपर की ओर क्रमशः पीला पड़ना (तम्बाकू, मक्का)।

3. जीर्णता (Senescence) के दौरान पत्ती में होने वाले पाँच प्रमुख जैव-रासायनिक परिवर्तन लिखिए।

1. हरितलवक का विघटन होकर 'गेरोन्टोप्लास्ट' बनना और पर्णहरित नष्ट होने से पीले कैरोटीनॉयड दिखना। 2. प्रोटिएज, RNase, क्लोरोफिलेज और लाइपेज जैसे जल-अपघटनी एंजाइमों की सक्रियता में तीव्र वृद्धि। 3. RuBisCO प्रोटीन व RNA का विघटन होकर ग्लूटामिन रूप में 80% नाइट्रोजन, P व K का दानों में स्थानांतरण। 4. मुक्त मूलकों (ROS) के बढ़ने और लिपिड पेरोक्सीकरण (MDA) से झिल्ली का रिसना। 5. प्रकाश-संश्लेषण बंद होना जबकि श्वसन अंत तक चालू रहना।

4. 'रिचमंड-लैंग प्रभाव' (Richmond-Lang Effect, 1957) क्या है और कृषि में इसका क्या महत्व है?

रिचमंड और लैंग (1957) ने कॉकलेबर की कटी हुई पत्तियों पर दिखाया कि साइटोकाइनिन (Kinetin) हार्मोन लगाने पर पत्तियों में क्लोरोफिल, प्रोटीन और RNA का विघटन रुक जाता है और पत्ती लंबे समय तक हरी व जीवित बनी रहती है—इसे 'रिचमंड-लैंग प्रभाव' कहते हैं। महत्व: हरी पत्तीदार सब्जियों (पालक, धनिया, पत्तागोभी) और कट-फ्लावर की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने तथा फसलों में दाना भराव का समय बढ़ाने में इसका उपयोग होता है।

5. पत्ती की जीर्णता पौधे के लिए एक 'लाभकारी पोषक बचाव प्रक्रिया' (Nutrient Salvage Process) कैसे है?

यदि पुरानी पत्ती बिना जीर्णता की तैयारी के अचानक हरे रंग में ही टूटकर गिर जाए, तो उसमें मौजूद बहुमूल्य नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम मिट्टी में बर्बाद हो जाएंगे। जीर्णता एक सक्रिय प्रक्रिया है जिसमें पत्ती मरने से पहले अपने सभी प्रोटीन और न्यूक्लिक अम्लों को तोड़कर लगभग 80% नाइट्रोजन, 70% फॉस्फोरस और पोटैशियम को फ्लोएम के माध्यम से भरते हुए बीजों/दानों में भेज देती है, जिससे दाने की उपज व प्रोटीन बढ़ता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. पादप जीर्णता (Plant Senescence) को परिभाषित करते हुए लियोपोल्ड (1961) के चारों प्रकारों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए तथा जीर्णता के दौरान होने वाले कार्यिकीय एवं जैव-रासायनिक परिवर्तनों की विस्तार से विवेचना कीजिए।

Aging बनाम Senescence की परिभाषा, लियोपोल्ड के चारों प्रकार (Overall, Top, Deciduous, Progressive), कोशिकीय क्रम (हरितलवक का गेरोन्टोप्लास्ट बनना बनाम माइटोकॉन्ड्रिया व केंद्रक का बचना), तालिका 23.1 के अनुसार घटने व बढ़ने वाले घटकों की तुलना और पोषक पुनर्गतिशीलता (NRE) का सविस्तर विवरण लिखें।

2. पादप जीर्णता के हार्मोनल एवं आनुवंशिक नियमन (Richmond-Lang Effect, Ethylene, ABA एवं SAGs) तथा एकवर्षीय फसलों में 'एकफलनी जीर्णता' (Monocarpic Senescence) के सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।

रिचमंड-लैंग प्रभाव (साइटोकाइनिन द्वारा पर्णहरित व प्रोटीन संरक्षण तथा सिंक निर्माण), एथिलीन व ABA की प्रेरक भूमिका, SAGs (जैसे SAG12) जीनों का सक्रियण और मोलिश व सिनक्लेयर के सोयाबीन पोषक निकास (Self-destruction) सिद्धांत व निष्पुष्पन (Defloration) प्रयोगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।

3. फसल उत्पादकता में पत्तियों की जीर्णता के महत्व की विवेचना कीजिए: 'असमय जीर्णता' (Premature Senescence) किस प्रकार उपज घटाती है और इसे सस्य व कार्यिकीय उपायों से कैसे रोका जा सकता है?

दाना भराव अवधि (Grain filling duration) और LAD का सीधा संबंध, सूखा, ताप व नत्रजन कमी से होने वाली असमय जीर्णता से दाने का सिकुड़ना, तथा इसे रोकने हेतु संतुलित पोटाश व पर्ण यूरिया/KNO3 छिड़काव, साइटोकाइनिन प्रेरित 'IPT जीन' और स्टे-ग्रीन प्रजनन के उपायों का वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • पराबैंगनी प्रकाश, अंधकार, सूखा और नाइट्रोजन की कमी पत्ती में एथिलीन व ABA बढ़ाकर समय से पूर्व जीर्णता (Premature senescence) लाते हैं।
  • बाँस (Bamboo) और एगेव (Century plant) बहुवर्षीय होने के बावजूद अपने जीवन के अंत में एक ही बार फूलकर मर जाते हैं ('Monocarpic perennials')।
  • गैन और अमासिनो (Gan & Amasino, 1995) ने जीर्णता-विशिष्ट प्रमोटर 'PSAG12' के साथ साइटोकाइनिन संश्लेषण का 'IPT जीन' जोड़कर कभी न पीली पड़ने वाली तंबाकू बनाई थी!
  • कटे हुए फूलों (जैसे कार्नेशन व गुलाब) के मुरझाने को रोकने के लिए एथिलीन अवरोधक 'सिल्वर थायोसल्फेट' (STS) या '1-MCP' का प्रयोग किया जाता है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया पत्ती की जीर्णता के अंतिम चरण तक सक्रिय रहकर पोषक तत्वों के निर्यात हेतु आवश्यक ATP प्रदान करता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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