PPHYS 311 Lecture 20: दीप्तिकालिता (Photoperiodism): गार्नर एवं एलार्ड के प्रयोग तथा पौधों का वर्गीकरण (SDP, LDP, DNP)

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 20 / 32 · PPHYS 311

दीप्तिकालिता (Photoperiodism): गार्नर एवं एलार्ड के प्रयोग तथा पौधों का वर्गीकरण (SDP, LDP, DNP)

Photoperiodism: Garner and Allard Experiments and Classification of Plants

Discovery by Garner & Allard (1920) on Maryland Mammoth Tobacco & Biloxi Soybean, Critical Day Length, Classification (SDP, LDP, DNP, SLDP, LSDP, Intermediate), Role of Dark Period (Hamner & Bonner 1938)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Photoperiodism: Garner and Allard Experiments and Classification of Plants (Theory • Lecture 20)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • दीप्तिकालिता (Photoperiodism) की परिभाषा और सन् 1920 में अमेरिकी वैज्ञानिकों डब्ल्यू.डब्ल्यू. गार्नर और एच.ए. एलार्ड (W.W. Garner & H.A. Allard, 1920) द्वारा तंबाकू की उत्परिवर्तित किस्म 'मैरीलैंड मैमथ' (Maryland Mammoth) और 'बिलोक्सी सोयाबीन' (Biloxi Soybean) पर किए गए ऐतिहासिक प्रयोगों को समझना।
  • क्रांतिक दीप्तिकाल (Critical Day Length) की अवधारणा और पौधों के मुख्य वर्गों—लघु-दिवस पादप (Short-Day Plants – SDP), दीर्घ-दिवस पादप (Long-Day Plants – LDP), दिवस-निष्प्रभावी पादप (Day-Neutral Plants – DNP) तथा विशेष वर्गों (SLDP, LSDP, Intermediate व Amphiphotoperiodic)—तथा उनके कृषि उदाहरणों को कंठस्थ करना।
  • हैमनर एवं बोनर (Hamner & Bonner, 1938) के 'रात्रि-विच्छेदन प्रयोग' (Night-break experiment in Cocklebur / *Xanthium*) द्वारा यह समझना कि पुष्पन के लिए दिन की लंबाई से अधिक 'निरंतर अंधकार काल' (Uninterrupted Dark Period / Nyctoperiod) निर्णायक होता है!

प्रस्तावना · Introduction

प्रकृति में कुछ फसलें (जैसे खरीफ की धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा) हमेशा अक्टूबर-नवंबर के छोटे दिनों में ही फूलती हैं, जबकि कुछ फसलें (जैसे रबी की गेहूँ, जौ, सरसों, चना, पालक) हमेशा मार्च-अप्रैल के बढ़ते हुए लंबे दिनों में ही फूलती हैं—चाहे उनकी बुवाई थोड़ा आगे-पीछे क्यों न कर दी जाए! दिन और रात की सापेक्ष लंबाई (Photoperiod) के प्रति पौधों के पुष्पन (Flowering) की इस अद्भुत कार्यिकीय प्रतिक्रिया की खोज सन् 1920 में वाशिंगटन (USA) के गार्नर और एलार्ड (Garner & Allard, 1920) ने की और इसे 'दीप्तिकालिता' (Photoperiodism) नाम दिया।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

दीप्तिकालिता (Photoperiodism – Garner & Allard, 1920)

24 घंटे के दैनिक चक्र में दिन (प्रकाश काल / Photoperiod) और रात (अंधकार काल / Skotoperiod या Nyctoperiod) की सापेक्ष लंबाई के प्रति पौधों की विकासात्मक प्रतिक्रिया—विशेष रूप से पुष्पन (Flowering) के प्रेरण—को दीप्तिकालिता कहते हैं।

क्रांतिक दीप्तिकाल (Critical Day Length / Critical Photoperiod)

24 घंटे के चक्र में प्रकाश की वह सीमाकारी अवधि (जैसे *Xanthium* के लिए 15.5 घंटे और *Hyoscyamus* के लिए 11 घंटे) जिससे कम प्रकाश मिलने पर लघु-दिवस पौधे (SDP) फूलते हैं और जिससे अधिक प्रकाश मिलने पर दीर्घ-दिवस पौधे (LDP) फूलते हैं!

लघु-दिवस पादप (Short-Day Plants – SDP / वास्तव में 'Long-Night Plants'!)

वे पौधे जिनमें पुष्पन तब होता है जब दिन की लंबाई उनके क्रांतिक दीप्तिकाल से कम होती है (और निरंतर अंधकार काल क्रांतिक रात्रि से अधिक होता है) — जैसे धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू (मैरीलैंड मैमथ), मूँग, उड़द, आलू (कंद निर्माण हेतु), शकरकंद, गुलदाउदी (Chrysanthemum), डहेलिया एवं कॉकलेबर (*Xanthium strumarium*)!

दीर्घ-दिवस पादप (Long-Day Plants – LDP / वास्तव में 'Short-Night Plants'!)

वे पौधे जिनमें पुष्पन तब होता है जब दिन की लंबाई उनके क्रांतिक दीप्तिकाल से अधिक होती है — जैसे गेहूँ, जौ, जई, राई, सरसों, चना, मटर, मसूर, पालक (Spinach), मूली (Radish), चुकंदर (Sugarbeet), गाजर, प्याज, आलू (पुष्पन हेतु), बरसीम एवं हेनबेन (*Hyoscyamus niger*)!

दिवस-निष्प्रभावी पादप (Day-Neutral Plants – DNP / Indeterminate Plants)

वे पौधे जिनके पुष्पन पर दिन या रात की लंबाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ता और वे एक निश्चित वानस्पतिक आयु (पर्वसंधि संख्या) पूरी करते ही हर मौसम में फूल देते हैं — जैसे मक्का (Maize), कपास (Cotton), सूरजमुखी (Sunflower), टमाटर (Tomato), बैंगन, मिर्च, भिंडी, राजमा (Phaseolus), खीरा, लोबिया, मटर (कुछ किस्में), कुट्टू (Buckwheat) एवं सदाबहार (*Mirabilis*)!

वर्गीकरण · Classification

गार्नर एवं एलार्ड (1920) के दो ऐतिहासिक प्रयोग (How Photoperiodism was Discovered)

1. मैरीलैंड मैमथ तंबाकू प्रयोग (Maryland Mammoth Mutant of *Nicotiana tabacum*): वाशिंगटन के खेतों में सामान्य तंबाकू किस्में गर्मियों (लंबे दिनों) में 4–5 फीट की होकर फूल और बीज दे देती थीं; किंतु 'मैरीलैंड मैमथ' नामक उत्परिवर्तित किस्म पूरी गर्मी में 10–15 फीट ऊँची विशालकाय हो जाती थी पर उसमें एक भी फूल नहीं आता था और पाला पड़ने से मर जाती थी! जब गार्नर व एलार्ड ने इसे सर्दियों में ग्लासहाउस में उगाया या गर्मियों में ही काले केबिन में रखकर कृत्रिम रूप से दिन छोटा (7 घंटे प्रकाश) कर दिया, तो यह मात्र 3 फीट के छोटे पौधे में ही फूलने लगी!
2. बिलोक्सी सोयाबीन प्रयोग (Biloxi Variety of *Glycine max*): उन्होंने बिलोक्सी सोयाबीन को मई से अगस्त तक अलग-अलग तारीखों पर बोया, किंतु सभी बैचों के पौधों में फूल सितंबर के एक ही सप्ताह में (जब दिन की लंबाई घटकर 12 घंटे से कम हुई) एक साथ आए! इससे सिद्ध हुआ कि पुष्पन बुवाई की उम्र से नहीं बल्कि दिन की लंबाई (Short day) से नियंत्रित होता है!

दीप्तिकालिक आवश्यकता के आधार पर विशेष पादप वर्ग (Special Photoperiodic Categories)

1. अविकल्पी बनाम विकल्पी (Qualitative/Obligate vs Quantitative/Facultative): 'अविकल्पी SDP/LDP' वे हैं जो अनुकूल दीप्तिकाल के बिना कभी नहीं फूलते (जैसे *Xanthium* एवं *Hyoscyamus*); जबकि 'विकल्पी SDP/LDP' वे हैं जिनमें अनुकूल दीप्तिकाल से पुष्पन जल्दी (Accelerate) होता है किंतु प्रतिकूल दिन में भी देर से फूल आ जाते हैं (जैसे गेहूँ, जौ, मटर व कपास की कुछ किस्में)।
2. लघु-दीर्घ दिवस पादप (Short-Long Day Plants – SLDP): जिन्हें फूलने के लिए पहले छोटे दिन और बाद में लंबे दिन चाहिए — जैसे तिपतिया घास (*Trifolium repens*), राई (*Secale cereale*) एवं *Campanula medium*।
3. दीर्घ-लघु दिवस पादप (Long-Short Day Plants – LSDP): जिन्हें पहले लंबे दिन और बाद में छोटे दिन चाहिए — जैसे *Bryophyllum*, *Cestrum nocturnum* (रात की रानी) एवं *Aloe*।
4. मध्यवर्ती दिवस पादप (Intermediate-Day Plants — Allard, 1938): जो केवल एक निश्चित मध्यम दिन लंबाई (12 से 14 घंटे प्रकाश) के बीच ही फूलते हैं, इससे कम या अधिक होने पर नहीं फूलते — जैसे गन्ना (Sugarcane — *Saccharum spontaneum*) एवं *Mikania*!

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • क्रांतिक दीप्तिकाल की पहेली (Critical Day Length Puzzle — परीक्षा का सबसे सूक्ष्म वैचारिक प्रश्न!):
    ध्यान से समझें: लघू-दिवस पादप (SDP) और दीर्घ-दिवस पादप (LDP) का अंतर उनके क्रांतिक दिन की निरपेक्ष संख्या (जैसे 12 घंटे) से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से तय होता है कि पौधे को अपने क्रांतिक मान से कम प्रकाश चाहिए या अधिक!
    • उदाहरण: कॉकलेबर (*Xanthium*) एक SDP है जिसका क्रांतिक दिन 15.5 घंटे है (यह <15.5 घंटे में फूलता है); और हेनबेन (*Hyoscyamus niger*) एक LDP है जिसका क्रांतिक दिन 11 घंटे है (यह >11 घंटे में फूलता है)।
    • अब यदि दोनों पौधों को 13 घंटे प्रकाश में रखा जाए, तो क्या होगा? दोनों ही पौधे एक साथ फूलेंगे! क्यों? क्योंकि 13 घंटे का दिन *Xanthium* (SDP) के क्रांतिक मान (15.5 घंटे) से कम है, और *Hyoscyamus* (LDP) के क्रांतिक मान (11 घंटे) से अधिक है!
  • हैमनर एवं बोनर (Hamner & Bonner, 1938) का 'रात्रि-विच्छेदन प्रयोग' (Night-Break Experiment — Dark Period is Critical!):
    इन्होंने SDP पौधे *Xanthium* (जिसको फूलने के लिए <15.5 घंटे प्रकाश और >8.5 घंटे निरंतर अंधकार चाहिए) पर देखा कि:
    • यदि लंबे दिन के बीच में कुछ मिनट अंधेरा कर दिया जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता।
    • किंतु यदि लंबे अंधकार काल (रात) के ठीक बीच में मात्र 1 मिनट के लिए लाल प्रकाश की टॉर्च (Flash of Red Light at 660 nm) जलाकर रात को दो छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाए ('Night-break'), तो SDP पौधे में पुष्पन पूर्णतः रुक जाता है, जबकि LDP पौधे में पुष्पन प्रेरित हो जाता है!
    • इससे सिद्ध हुआ कि पुष्पन वास्तव में दिन की लंबाई से नहीं, बल्कि 'अविच्छिन्न अंधकार काल' (Continuous Uninterrupted Dark Period) से नियंत्रित होता है—अर्थात् SDP वास्तव में 'Long-Night Plants (दीर्घ-रात्रि पादप)' हैं और LDP वास्तव में 'Short-Night Plants (लघु-रात्रि पादप)' हैं!

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. Garner & Allard's Discovery, Classification of Crops (SDP, LDP, DNP) & Critical Day Length (गार्नर एवं एलार्ड की खोज तथा फसलों का वर्गीकरण)

Kharif Crops (SDP), Rabi Crops (LDP) & All-Season Crops (DNP)

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Kharif Crops (SDP), Rabi Crops (LDP) & All-Season Crops (DNP)

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रस्तावक: डब्ल्यू.डब्ल्यू. गार्नर एवं एच.ए. एलार्ड (W.W. Garner & H.A. Allard, 1920) | प्रायोगिक पौधे: Maryland Mammoth तंबाकू एवं Biloxi सोयाबीन।

🌱 कार्यिकीय महत्व: कृषि परीक्षाओं में सबसे आसान ट्रिक यह है कि अधिकांश पारंपरिक खरीफ फसलें (जो अक्टूबर-नवंबर में फूलती हैं) 'SDP' होती हैं, और अधिकांश रबी फसलें (जो फरवरी-मार्च में फूलती हैं) 'LDP' होती हैं!

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
भारतीय कृषि फसलों की मास्टर दीप्तिकालिक वर्गीकरण सूची (100% Exam Memory Trick!):
1. लघु-दिवस फसलें (Short-Day Crops – SDP — खरीफ/शरद ऋतु में फूलने वाली):
• खाद्यान्न व मोटे अनाज: धान (Rice — देसी व बासमती किस्में), ज्वार (Sorghum), बाजरा (Pearl millet), रागी।
• दलहन व तिलहन: सोयाबीन (Soybean — सभी किस्में कड़ाई से SDP हैं!), अरहर, मूँग, उड़द, मोठ, तिल (Sesame), मूँगफली (कुछ किस्में)।
• नकदी, कंद व पुष्प: गन्ना (Sugarcane), तंबाकू (Maryland Mammoth), पटसन/जूट, सनई, शकरकंद, आलू (कंद निर्माण / Tuberization के लिए SDP है!), गुलदाउदी (Chrysanthemum), पोइनसेटिया, डहेलिया, स्ट्रॉबेरी (June-bearing) एवं प्रायोगिक खरपतवार कॉकलेबर (*Xanthium strumarium*) व *Pharbitis nil*!
2. दीर्घ-दिवस फसलें (Long-Day Crops – LDP — रबी/बसंत ऋतु में फूलने वाली):
• रबी खाद्यान्न व दलहन: गेहूँ (Wheat), जौ (Barley), जई (Oats), राई (Rye), चना (Chickpea), मटर (Pea), मसूर (Lentil)।
• रबी तिलहन व चारा: सरसों (Mustard), अलसी (Linseed), कुसुम, बरसीम (Berseem), रिजका (Lucerne)।
• रबी सब्जियाँ (जिनमें लंबे दिन आने पर डंठल निकलना / 'Bolting' होती है): पालक (Spinach), मूली (Radish), चुकंदर (Sugarbeet), गाजर (Carrot), प्याज (Onion — कंद निर्माण व पुष्पन दोनों हेतु LDP!), पत्तागोभी, सलाद (Lettuce), आलू (पुष्पन / Flowering के लिए LDP है!) एवं प्रायोगिक पौधा हेनबेन (*Hyoscyamus niger*) व *Arabidopsis thaliana*!
3. दिवस-निष्प्रभावी फसलें (Day-Neutral Crops – DNP — जो खरीफ, रबी व जायद तीनों मौसमों में फूल सकती हैं!):
• मक्का (Maize), कपास (Cotton — आधुनिक किस्में), सूरजमुखी (Sunflower), टमाटर (Tomato), बैंगन (Brinjal), मिर्च (Chilli), भिंडी (Okra), राजमा (French bean), लोबिया, खीरा (Cucumber), कुट्टू (Buckwheat) तथा आधुनिक अर्ध-बौनी संकर/उन्नत धान व गेहूँ किस्में (जैसे IR-8, पूसा बासमती 1509 जो Photo-insensitive बनाई गई हैं)!

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): आलू (Potato) का दोहरा दीप्तिकालिक व्यवहार (Dual Photoperiodic Requirement of Potato — परीक्षा का विशेष प्रश्न!): आलू के पौधे में फूल आने (Flowering) के लिए लंबे दिन (LDP) चाहिए (जैसा शिमला के पहाड़ों में गर्मियों में होता है!), किंतु भूमिगत कंद बनने (Tuberization) के लिए छोटे दिन (SDP) और ठंडी रातें चाहिए (जैसा मैदानी भारत में रबी की सर्दियों में होता है)!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): गन्ने (Sugarcane — SDP/Intermediate) में फूल आने ('Arrowing / Tasseling') से तने की सुक्रोज शर्करा खर्च होने लगती है और उपज घटती है; इसलिए हवाई और भारत में गन्ने के खेत में अक्टूबर की रात में कुछ मिनट कृत्रिम फ्लड-लाइट जलाकर (Night-break) गन्ने में फूल आने को रोक दिया जाता है ताकि चीनी उपज बढ़ जाए!

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): इसी प्रकार गुलदाउदी (Chrysanthemum — SDP) के फूलों को शादी के मौसम में जल्दी खिलाने के लिए नर्सरी में शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक काले कपड़े ('Black cloth shading') से ढककर कृत्रिम लंबी रात दी जाती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Garner & Allard (1920): Maryland Mammoth Tobacco & Biloxi Soybean
  • SDP Crops = Rice, Soybean, Sorghum, Bajra, Sugarcane, Tobacco, Sweet potato, Chrysanthemum, Xanthium
  • LDP Crops = Wheat, Barley, Oat, Mustard, Chickpea, Pea, Spinach, Radish, Sugarbeet, Onion, Hyoscyamus
  • DNP Crops = Maize, Cotton, Sunflower, Tomato, Brinjal, Chilli, Cucumber, Buckwheat
  • Potato = LDP for flowering, SDP for tuberization!
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

सोयाबीन (कठोर SDP) की किसी किस्म को एक अक्षांश (Latitude) से दूसरे अक्षांश पर ले जाने से पहले उसके 'Maturity Group' का मिलान करना अनिवार्य है अन्यथा वह या तो बहुत जल्दी फूल जाएगी या फूलेगी ही नहीं।

2. Role of Dark Period (Skotoperiod), Night-Break Phenomenon & Agricultural Significance (अंधकार काल का महत्व, रात्रि-विच्छेदन एवं कृषि अनुप्रयोग)

Xanthium (SDP), Hyoscyamus (LDP), Sugarcane & Floriculture Crops

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Xanthium (SDP), Hyoscyamus (LDP), Sugarcane & Floriculture Crops

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रस्तावक: हैमनर एवं बोनर (Hamner & Bonner, 1938 — Night-break experiment)।

🌱 कार्यिकीय महत्व: इस खोज ने सिद्ध किया कि पौधे घड़ी की तरह 'अंधेरे की अवधि' को मापते हैं, न कि उजाले की अवधि को!

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. रात्रि-विच्छेदन (Night-Break) का लाल बनाम सुदूर-लाल उत्क्रमणीयता नियम (Red / Far-Red Reversibility — Borthwick & Hendricks, 1952):
• यदि SDP पौधे (*Xanthium*) की लंबी रात के बीच में लाल प्रकाश (Red light – R, 660 nm) की एक चमक दी जाए, तो वह Pr को सक्रिय Pfr में बदल देता है और पुष्पन रुक जाता है!
• किंतु यदि उस लाल चमक के तुरंत बाद सुदूर-लाल प्रकाश (Far-red light – FR, 730 nm) की चमक दे दी जाए, तो Pfr वापस निष्क्रिय Pr में बदल जाता है और रात्रि-विच्छेदन का प्रभाव समाप्त होकर पौधा फिर से फूलने लगता है!
• यदि बारी-बारी से R – FR – R – FR की कई चमकें दी जाएँ, तो अंतिम परिणाम केवल इस बात पर निर्भर करता है कि सबसे अंत में कौन सा प्रकाश (Last flash) दिया गया था!

2. कृषि एवं पादप प्रजनन में दीप्तिकालिता के 5 प्रमुख अनुप्रयोग:
• (i) दीप्तिकाल-असंवेदनशील किस्मों का विकास (Photo-insensitive Varieties — डॉ. बोरलॉग व डॉ. खुश): पारंपरिक देसी गेहूँ व धान दीप्तिकाल-संवेदनशील थे, इसलिए वे केवल एक ही मौसम व क्षेत्र में उग सकते थे। हरित क्रांति में 'Photo-insensitive' जीन (जैसे गेहूँ में *Ppd1/Ppd2* जीन) जोड़ने से आज धान और गेहूँ को वर्ष में 2–3 बार और किसी भी अक्षांश पर उगाया जा सकता है!
• (ii) स्पीड ब्रीडिंग एवं तुल्यकालिक संकरण (Synchronization of Flowering in Breeding): जब दो भिन्न समय पर फूलने वाले जनकों (जैसे अगेती इंडिका और पछेती जंगली धान, या गन्ना प्रजनन केंद्र कोयंबटूर में 'Photoperiodic chambers') का संकरण कराना हो, तो कृत्रिम प्रकाश/अंधकार देकर दोनों में एक ही दिन फूल लाए जाते हैं!
• (iii) गन्ने में पुष्पन (Arrowing) रोककर चीनी बढ़ाना: रात में प्रकाश चमक (Night-break) देकर गन्ने को फूलने से रोकना।
• (iv) आलू में शिमला (कुफरी) में बीज उत्पादन: चूँकि आलू को फूल और सच्चा बीज (TPS) बनाने के लिए लंबे दिन (LDP > 14 घंटे) और ठंडा मौसम चाहिए, इसलिए भारत का केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI) कुफरी, शिमला में स्थापित किया गया जहाँ गर्मियों में लंबे दिन मिलते हैं!
• (v) वाणिज्यिक पुष्प उत्पादन (Year-round Floriculture): गुलदाउदी व पोइनसेटिया में रात में लाइट जलाकर या काला कपड़ा ढककर त्यौहार के ठीक दिन फूल खिलाना।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (भूमध्य रेखा के पास) में वर्ष भर दिन लगभग 12 घंटे का रहता है, किंतु जैसे-जैसे उत्तर भारत (उच्च अक्षांश) की ओर जाते हैं, गर्मियों (जून) में दिन 14 घंटे का और सर्दियों (दिसंबर) में 10 घंटे का हो जाता है।

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): प्याज (Onion) में बल्ब (कंद) बनने के लिए भी लंबे दिन (LDP) की आवश्यकता होती है (खरीफ प्याज की किस्में जैसे N-53 व भीमा सुपर कम दिन लंबाई के लिए चयनित हैं)।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): कुछ पौधों में तापमान बदलने पर उनकी दीप्तिकालिक आवश्यकता बदल जाती है (Photothermal interaction)।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Hamner & Bonner (1938): Night-break experiment on Xanthium proved continuous DARK period is critical (SDP = Long-night plants; LDP = Short-night plants)
  • Red light (660 nm) flash at midnight inhibits flowering in SDP & promotes in LDP; Far-red (730 nm) reverses it!
  • CPRI is located at Shimla (Kufri) because Potato requires Long Days (LDP) for flowering & hybridization।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

गन्ना प्रजनन संस्थान (SBI), कोयंबटूर में विभिन्न गन्ना प्रजातियों में एक साथ फूल लाने के लिए विशाल 'फोटोपीरियड हाउस' (Photoperiod chambers) का उपयोग किया जाता है।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 20.1: लघु-दिवस पादप (SDP), दीर्घ-दिवस पादप (LDP) एवं दिवस-निष्प्रभावी पादप (DNP) की तुलना

तुलना का आधारलघु-दिवस पादप (Short-Day Plants – SDP)दीर्घ-दिवस पादप (Long-Day Plants – LDP)दिवस-निष्प्रभावी पादप (Day-Neutral – DNP)
वैज्ञानिक सत्य नामदीर्घ-रात्रि पादप (Long-Night Plants)लघु-रात्रि पादप (Short-Night Plants)दीप्तिकाल-असंवेदनशील (Photo-insensitive)
दिन की लंबाई की शर्तक्रांतिक दीप्तिकाल से कम प्रकाश चाहिएक्रांतिक दीप्तिकाल से अधिक प्रकाश चाहिएदिन की लंबाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ता
अविच्छिन्न अंधकार कालक्रांतिक रात्रि से लंबी अटूट रात अनिवार्य हैरात छोटी होनी चाहिए (अंधकार की आवश्यकता नहीं, 24 घंटे प्रकाश में भी फूलते हैं!)अंधकार काल का कोई प्रभाव नहीं
रात्रि-विच्छेदन (Night-break by Red light) का प्रभावपुष्पन पूर्णतः रुक जाता है (Inhibited)पुष्पन प्रेरित / तेज हो जाता है (Promoted)कोई प्रभाव नहीं पड़ता
भारत में मुख्य फसल मौसमखरीफ फसलें (शरद/अक्टूबर में पुष्पन)रबी फसलें (बसंत/मार्च में पुष्पन)तीनों मौसमों (खरीफ, रबी, जायद) में
प्रमुख कृषि उदाहरणधान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू (मैरीलैंड मैमथ), गुलदाउदी, *Xanthium*गेहूँ, जौ, जई, सरसों, चना, मटर, पालक, मूली, चुकंदर, प्याज, *Hyoscyamus*मक्का, कपास, सूरजमुखी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, खीरा, राजमा, कुट्टू

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. क्रांतिक दीप्तिकाल एवं क्रांतिक रात्रि अवधि (24-Hour Photoperiodic Cycle) की गणना

Photoperiod (Light hours) + Skotoperiod (Dark hours) = 24 Hours | SDP flowers when: Light < Critical Day AND Uninterrupted Dark > Critical Night

उदाहरण (प्रायोगिक केस स्टडी प्रश्न):
कॉकलेबर (*Xanthium strumarium* — एक SDP) का क्रांतिक दिन 15.5 घंटे है (अर्थात् क्रांतिक रात्रि = 24−15.5=8.5 घंटे)। बताइए निम्नलिखित 3 उपचारों में पुष्पन होगा या नहीं?
• उपचार A (14 घंटे प्रकाश + 10 घंटे निरंतर अंधकार): चूँकि प्रकाश <15.5 घंटे है और निरंतर अंधकार (10 hr) >8.5 घंटे है ⟹ पुष्पन होगा (Flowering occurs)!
• उपचार B (16 घंटे प्रकाश + 8 घंटे अंधकार): चूँकि अंधकार (8 hr) <8.5 घंटे है ⟹ पुष्पन नहीं होगा (Vegetative)!
• उपचार C (14 घंटे प्रकाश + 5 घंटे अंधकार + 1 मिनट लाल प्रकाश चमक + 5 घंटे अंधकार): यद्यपि कुल अंधकार 10 घंटे है, किंतु बीच की लाल चमक ने रात को 5-5 घंटे के दो छोटे टुकड़ों (<8.5 घंटे) में तोड़ दिया ⟹ पुष्पन नहीं होगा (No Flowering)!

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 20: दीप्तिकालिता (Photoperiodism) — गार्नर एवं एलार्ड के प्रयोग एवं पौधों का वर्गीकरण]
├── 1. खोज एवं मूल अवधारणा (Discovery — Garner & Allard, 1920)
│ ├── प्रायोगिक पौधे: Maryland Mammoth तंबाकू एवं Biloxi सोयाबीन (दोनों SDP निकले!)
│ └── क्रांतिक दीप्तिकाल (Critical Day Length): वह सीमा जिससे कम दिन पर SDP और अधिक दिन पर LDP फूलते हैं
├── 2. फसलों का मुख्य वर्गीकरण (Crop Classification)
│ ├── 1. लघु-दिवस पादप (SDP / Long-Night Plants — खरीफ फसलें):
│ │ └── धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू, मूँग, उड़द, आलू (कंद निर्माण हेतु), गुलदाउदी, *Xanthium*
│ ├── 2. दीर्घ-दिवस पादप (LDP / Short-Night Plants — रबी फसलें):
│ │ └── गेहूँ, जौ, जई, सरसों, चना, मटर, मसूर, पालक, मूली, चुकंदर, गाजर, प्याज, आलू (पुष्पन हेतु), *Hyoscyamus*
│ ├── 3. दिवस-निष्प्रभावी पादप (DNP — सर्व-मौसमी फसलें):
│ │ └── मक्का, कपास, सूरजमुखी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, खीरा, राजमा, लोबिया, कुट्टू
│ └── 4. विशेष वर्ग: SLDP (Clover, Rye), LSDP (Bryophyllum, Cestrum), Intermediate (Sugarcane: 12–14 hr)
└── 3. अंधकार काल का निर्णायक महत्व (Role of Dark Period — Hamner & Bonner, 1938)
├── रात्रि-विच्छेदन (Night-break): लंबी रात के बीच में लाल प्रकाश (660 nm) की चमक देने से SDP में पुष्पन रुक जाता है और LDP में प्रेरित होता है!
└── सुदूर-लाल प्रकाश (730 nm) तुरंत बाद देने से लाल प्रकाश का प्रभाव उलट जाता है (Red / Far-Red Reversibility)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[हैमनर एवं बोनर (1938) तथा बोर्थविक (1952) के 'रात्रि-विच्छेदन (Night-Break)' प्रयोग का SDP एवं LDP पर प्रभाव]
【24 घंटे का चक्र: 8 घंटे प्रकाश (छोटा दिन) + 16 घंटे अंधकार (लंबी रात)】
│
├──► स्थिति 1 (बिना किसी रुकावट की 16 घंटे की अटूट लंबी रात):
│ ├── SDP (सोयाबीन / धान / Xanthium): ───► 🌸 पुष्पन होता है (Flowering)
│ └── LDP (गेहूँ / पालक / Hyoscyamus): ───► 🌿 वानस्पतिक रहता है (No Flowering)
│
├──► स्थिति 2 (रात के ठीक बीच में 'लाल प्रकाश - 660 nm' की 1 मिनट की चमक — Night-Break!):
│ ├── SDP: लंबी रात दो छोटे टुकड़ों में टूट गई ───► 🌿 पुष्पन रुक जाता है (Inhibited)
│ └── LDP: छोटी रात बन गई ───► 🌸 पुष्पन प्रेरित हो जाता है (Flowering!)
│
└──► स्थिति 3 (रात के बीच में 'लाल (R) के तुरंत बाद सुदूर-लाल (FR - 730 nm)' की चमक):
├── SDP: FR ने R के प्रभाव को निरस्त कर दिया ───► 🌸 पुनः पुष्पन होता है (Flowering Restored!)
└── LDP: ───► 🌿 पुनः वानस्पतिक (No Flowering)

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा के 5 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न:
    1. 'Photoperiodism' (दीप्तिकालिता) की खोज किसने, कब और किन दो पौधों पर की? उत्तर: गार्नर एवं एलार्ड (Garner & Allard, 1920) ने 'मैरीलैंड मैमथ तंबाकू' और 'बिलोक्सी सोयाबीन' पर!
    2. SDP, LDP और DNP फसलों के उदाहरण पहचानने की ट्रिक:
    • SDP (खरीफ): धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू, गुलदाउदी, कॉकलेबर (*Xanthium*)।
    • LDP (रबी): गेहूँ, जौ, जई, चना, मटर, सरसों, पालक, मूली, चुकंदर, प्याज, हेनबेन (*Hyoscyamus*)।
    • DNP: मक्का, टमाटर, कपास, सूरजमुखी, बैंगन, मिर्च, भिंडी, खीरा, राजमा।
    3. आलू में कंद बनने (Tuberization) और फूल आने (Flowering) के लिए कैसा दिन चाहिए? उत्तर: कंद बनने के लिए छोटा दिन (SDP) और फूल आने के लिए लंबा दिन (LDP)!
    4. SDP पौधों में पुष्पन के लिए दिन की लंबाई अधिक महत्वपूर्ण है या अंधकार काल (रात)? उत्तर: अविच्छिन्न अंधकार काल (Uninterrupted Dark Period — Hamner & Bonner, 1938); इसलिए SDP को वास्तव में 'Long-Night Plants' कहते हैं!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • गार्नर और एलार्ड ने सन् 1920 में दीप्तिकालिता की खोज की थी।
  • कॉकलेबर (*Xanthium strumarium*, क्रांतिक दिन = 15.5 घंटे) दीप्तिकालिता अनुसंधान का सबसे प्रसिद्ध मॉडल SDP पौधा है।
  • हेनबेन (*Hyoscyamus niger*, क्रांतिक दिन = 11 घंटे) सबसे प्रसिद्ध मॉडल LDP पौधा है।
  • रात के बीच में लाल प्रकाश (660 nm) की चमक देने से SDP में पुष्पन रुक जाता है और तुरंत सुदूर-लाल (730 nm) देने से पुनः चालू हो जाता है।
  • गन्ने में फूल आने (Arrowing) को रोकने के लिए रात में प्रकाश देकर रात्रि-विच्छेदन (Night-break) किया जाता है।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. सन् 1920 में संयुक्त राज्य अमेरिका के वैज्ञानिकों 'गार्नर एवं एलार्ड' (Garner & Allard) ने किन दो पौधों पर कार्य करते हुए 'दीप्तिकालिता' (Photoperiodism) की खोज की थी?

  • (A) गेहूँ एवं मटर
  • (B) तंबाकू की 'मैरीलैंड मैमथ' किस्म (Maryland Mammoth tobacco) एवं 'बिलोक्सी' सोयाबीन (Biloxi soybean)
  • (C) मक्का एवं सूरजमुखी
  • (D) पालक एवं मूली
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — गार्नर और एलार्ड (1920) ने मैरीलैंड मैमथ तंबाकू और बिलोक्सी सोयाबीन में देखा कि वे केवल छोटे दिनों (SDP) में ही फूलते हैं।

2. निम्नलिखित में से कौन सा फसल समूह पूर्ण रूप से 'लघु-दिवस पादपों' (Short-Day Plants – SDP) का उदाहरण है?

  • (A) गेहूँ, जौ, सरसों एवं पालक
  • (B) धान (देसी/बासमती), सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना एवं गुलदाउदी
  • (C) मक्का, टमाटर, सूरजमुखी एवं खीरा
  • (D) मूली, चुकंदर, प्याज एवं जई
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — खरीफ में उगने वाले धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू और गुलदाउदी प्रमुख लघु-दिवस पादप (SDP) हैं।

3. निम्नलिखित में से कौन सा फसल समूह 'दीर्घ-दिवस पादपों' (Long-Day Plants – LDP) का उदाहरण है?

  • (A) गेहूँ, जौ, जई, सरसों, चना, मटर, पालक, मूली एवं चुकंदर
  • (B) सोयाबीन, धान एवं ज्वार
  • (C) मक्का, कपास एवं टमाटर
  • (D) शकरकंद एवं गन्ना
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — रबी की फसलें—गेहूँ, जौ, जई, चना, मटर, सरसों, पालक, मूली, गाजर, चुकंदर और प्याज—दीर्घ-दिवस पादप (LDP) हैं।

4. निम्नलिखित में से कौन सी फसलें 'दिवस-निष्प्रभावी पादप' (Day-Neutral Plants – DNP) हैं जिनके पुष्पन पर दिन की लंबाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ता?

  • (A) मक्का, टमाटर, कपास, सूरजमुखी, बैंगन, मिर्च, भिंडी एवं खीरा
  • (B) केवल सोयाबीन एवं तंबाकू
  • (C) केवल पालक एवं हेनबेन
  • (D) केवल गुलदाउदी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — मक्का, कपास, सूरजमुखी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, खीरा और राजमा दिवस-निष्प्रभावी (DNP) फसलें हैं जिन्हें तीनों मौसमों में उगाया जा सकता है।

5. हैमनर एवं बोनर (Hamner & Bonner, 1938) के 'रात्रि-विच्छेदन प्रयोग' (Night-break experiment) ने दीप्तिकालिता के संबंध में क्या सबसे महत्वपूर्ण तथ्य सिद्ध किया?

  • (A) रात की लंबाई का कोई महत्व नहीं है
  • (B) पुष्पन के लिए दिन की लंबाई से कहीं अधिक 'अविच्छिन्न अंधकार काल' (Continuous uninterrupted dark period) निर्णायक होता है (अर्थात् SDP वास्तव में Long-Night Plants हैं)
  • (C) जड़ें प्रकाश ग्रहण करती हैं
  • (D) केवल हरा प्रकाश प्रभावी है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — लंबी रात के बीच में मात्र 1 मिनट लाल प्रकाश दिखाने से SDP में पुष्पन रुक गया, जिससे सिद्ध हुआ कि पौधे निरंतर अंधकार काल को मापते हैं।

6. यदि एक लघु-दिवस पादप (SDP — जैसे सोयाबीन या Xanthium) की लंबी अंधेरी रात के बीच में 'लाल प्रकाश (660 nm)' की चमक दी जाए और उसके तुरंत बाद 'सुदूर-लाल प्रकाश (730 nm)' की चमक दे दी जाए, तो क्या होगा?

  • (A) पौधा मर जाएगा
  • (B) सुदूर-लाल प्रकाश लाल प्रकाश के निषेधात्मक प्रभाव को उलट देगा और पौधे में सामान्य रूप से पुष्पन होगा
  • (C) पुष्पन हमेशा के लिए रुक जाएगा
  • (D) पत्तियाँ झड़ जाएँगी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — लाल प्रकाश (660 nm) रात को तोड़कर SDP पुष्पन रोकता है, किंतु तुरंत दिया गया सुदूर-लाल प्रकाश (730 nm) Pfr को वापस Pr में बदलकर पुष्पन बहाल कर देता है।

7. आलू (Potato – Solanum tuberosum) के पौधे में 'पुष्पन' (Flowering) और 'कंद निर्माण' (Tuberization) के लिए क्रमशः किस प्रकार के दीप्तिकाल की आवश्यकता होती है?

  • (A) दोनों के लिए छोटे दिन
  • (B) पुष्पन (Flowering) के लिए लंबे दिन (LDP) एवं कंद निर्माण (Tuberization) के लिए छोटे दिन (SDP)
  • (C) पुष्पन के लिए छोटे दिन एवं कंद के लिए लंबे दिन
  • (D) दोनों के लिए अंधेरा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — आलू में फूल व बेरी बनने के लिए लंबे दिन (LDP — शिमला की गर्मियाँ) और भूमिगत कंद बनने के लिए छोटे दिन व ठंडी रातें (SDP — मैदानों की सर्दियाँ) आवश्यक हैं।

8. कॉकलेबर (Xanthium — एक SDP) का क्रांतिक दिन 15.5 घंटे है और हेनबेन (Hyoscyamus — एक LDP) का क्रांतिक दिन 11 घंटे है। यदि दोनों पौधों को '13 घंटे प्रकाश और 11 घंटे अंधकार' के चक्र में रखा जाए, तो क्या होगा?

  • (A) केवल Xanthium में फूल आएंगे
  • (B) केवल Hyoscyamus में फूल आएंगे
  • (C) दोनों ही पौधों में एक साथ फूल आएंगे (क्योंकि 13 घंटे < 15.5 घंटे है और 13 घंटे > 11 घंटे है!)
  • (D) किसी में भी फूल नहीं आएंगे
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — 13 घंटे का प्रकाश Xanthium के क्रांतिक दिन (15.5 hr) से कम है और Hyoscyamus के क्रांतिक दिन (11 hr) से अधिक है, अतः दोनों फूलेंगे!

9. गन्ना (Sugarcane — विशेषकर Saccharum spontaneum) जो केवल 12 से 14 घंटे की मध्यम दिन लंबाई के संकरे परास में ही फूलता है (उससे कम या अधिक में नहीं), किस श्रेणी में आता है?

  • (A) मध्यवर्ती दिवस पादप (Intermediate-Day Plant / Stenophotoperiodic)
  • (B) दिवस-निष्प्रभावी
  • (C) दीर्घ-दिवस पादप
  • (D) जलीय पादप
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — एलार्ड (1938) ने गन्ने व मिकानिया को 'Intermediate-day plants' श्रेणी में रखा जो केवल 12–14 घंटे दिन में ही फूलते हैं।

10. व्यावसायिक गन्ने की फसल में अक्टूबर-नवंबर में फूल आने ('Arrowing') से चीनी की मात्रा घट जाती है—इसे रोकने के लिए खेत में क्या कार्यिकीय उपाय किया जा सकता है?

  • (A) रात के बीच में कुछ मिनट कृत्रिम प्रकाश जलाकर रात्रि-विच्छेदन (Night-break) करना
  • (B) फसल को काले कपड़े से ढकना
  • (C) पत्तियाँ काट देना
  • (D) नमक छिड़कना
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — गन्ना एक SDP/Intermediate पौधा है; अक्टूबर की रात में फ्लड-लाइट से रात्रि-विच्छेदन करने पर उसमें फूल नहीं आते और सुक्रोज बच जाता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. लघु-दिवस पादपों (SDP) और दीर्घ-दिवस पादपों (LDP) को अंधकार काल के महत्व के आधार पर क्या कहना अधिक वैज्ञानिक है?

SDP को 'दीर्घ-रात्रि पादप' (Long-Night Plants) और LDP को 'लघु-रात्रि पादप' (Short-Night Plants) कहना अधिक वैज्ञानिक है।

2. उन पौधों को क्या कहते हैं जिन्हें पुष्पन के लिए पहले छोटे दिन और बाद में लंबे दिनों की आवश्यकता होती है?

लघु-दीर्घ दिवस पादप (Short-Long Day Plants – SLDP; जैसे श्वेत क्लोवर एवं राई)।

3. रात की रानी (Cestrum nocturnum) और अजूबा (Bryophyllum) जिन्हें पहले लंबे दिन और बाद में छोटे दिन चाहिए, किस वर्ग में आते हैं?

दीर्घ-लघु दिवस पादप (Long-Short Day Plants – LSDP) में।

4. रात्रि-विच्छेदन (Night-break) के लिए दृश्य प्रकाश का कौन सा रंग और कौन सी तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक प्रभावी है?

लाल प्रकाश (Red light — 660 nm)।

5. प्याज (Onion) में कंद (Bulb) बनने के लिए कैसे दीप्तिकाल की आवश्यकता होती है?

लंबे दिनों (Long-Day Photoperiod) की।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. दीप्तिकालिता (Photoperiodism) क्या है? गार्नर और एलार्ड (1920) ने इसकी खोज कैसे की?

24 घंटे के दैनिक चक्र में दिन (प्रकाश) और रात (अंधकार) की सापेक्ष लंबाई के प्रति पौधों की पुष्पन प्रतिक्रिया को दीप्तिकालिता कहते हैं। सन् 1920 में गार्नर और एलार्ड ने देखा कि तंबाकू की उत्परिवर्तित किस्म 'मैरीलैंड मैमथ' गर्मियों के लंबे दिनों में 10–15 फीट बढ़कर भी नहीं फूलती थी, किंतु सर्दियों में या कृत्रिम छोटे दिनों में तुरंत फूल देती थी; तथा 'बिलोक्सी सोयाबीन' को अलग-अलग तारीखों पर बोने पर भी वह सितंबर के छोटे दिनों में एक साथ फूलती थी।

2. लघु-दिवस पादप (SDP), दीर्घ-दिवस पादप (LDP) और दिवस-निष्प्रभावी पादप (DNP) को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।

1. लघु-दिवस पादप (SDP): वे पौधे जो अपने क्रांतिक दीप्तिकाल से कम प्रकाश (और लंबी अटूट रात) मिलने पर फूलते हैं; जैसे—धान, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, गन्ना, तंबाकू, गुलदाउदी। 2. दीर्घ-दिवस पादप (LDP): वे पौधे जो क्रांतिक दीप्तिकाल से अधिक प्रकाश (और छोटी रात) मिलने पर फूलते हैं; जैसे—गेहूँ, जौ, जई, सरसों, चना, मटर, पालक, मूली, चुकंदर। 3. दिवस-निष्प्रभावी पादप (DNP): जिन पर दिन की लंबाई का प्रभाव नहीं पड़ता; जैसे—मक्का, कपास, सूरजमुखी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी।

3. 'क्रांतिक दीप्तिकाल' (Critical Day Length) से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

क्रांतिक दीप्तिकाल 24 घंटे के चक्र में प्रकाश की वह सीमाकारी अवधि है जिसके नीचे जाने पर SDP फूलते हैं और जिसके ऊपर जाने पर LDP फूलते हैं। ध्यान रहे कि SDP का क्रांतिक दिन LDP से बड़ा भी हो सकता है—जैसे कॉकलेबर (Xanthium, SDP) का क्रांतिक दिन 15.5 घंटे है और हेनबेन (Hyoscyamus, LDP) का क्रांतिक दिन 11 घंटे है; इसलिए 13 घंटे के प्रकाश में रखने पर दोनों पौधे एक साथ फूलते हैं।

4. हैमनर एवं बोनर (1938) के 'रात्रि-विच्छेदन प्रयोग' (Night-break experiment) का वर्णन कीजिए।

हैमनर और बोनर (1938) ने कॉकलेबर (SDP) पर देखा कि यदि दिन के प्रकाश के बीच में अंधेरा किया जाए तो पुष्पन पर कोई असर नहीं पड़ता; किंतु यदि लंबी अंधेरी रात के ठीक बीच में मात्र 1 मिनट के लिए लाल प्रकाश (660 nm) जलाकर रात को दो छोटे भागों में बाँट दिया जाए, तो SDP में पुष्पन रुक जाता है और LDP में पुष्पन प्रेरित हो जाता है। इससे सिद्ध हुआ कि पौधे दिन की लंबाई नहीं बल्कि 'अविच्छिन्न अंधकार काल' को मापते हैं।

5. कृषि और पादप प्रजनन में दीप्तिकालिता के चार व्यावहारिक महत्व लिखिए।

1. फसलों की बुवाई का मौसम (खरीफ बनाम रबी) और अक्षांश अनुकूलन तय करना। 2. पादप प्रजनन में 'Photo-insensitive' (दीप्तिकाल-असंवेदनशील) किस्में विकसित करना जिन्हें तीनों मौसमों व सभी क्षेत्रों में उगाया जा सके। 3. प्रजनन केंद्रों पर अगेती और पछेती जनक किस्मों में कृत्रिम प्रकाश नियंत्रण से एक साथ फूल लाकर संकरण कराना। 4. गन्ने में रात्रि-विच्छेदन से पुष्पन रोककर चीनी की उपज बढ़ाना।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. दीप्तिकालिता (Photoperiodism) की परिभाषा देते हुए गार्नर एवं एलार्ड (1920) के ऐतिहासिक प्रयोगों तथा दीप्तिकालिक आवश्यकता के आधार पर कृषि फसलों के संपूर्ण वर्गीकरण (SDP, LDP, DNP, SLDP, LSDP एवं Intermediate) का सविस्तर वर्णन कीजिए।

परिभाषा, मैरीलैंड मैमथ तंबाकू और बिलोक्सी सोयाबीन के प्रयोग, क्रांतिक दीप्तिकाल की व्याख्या, तालिका 20.1 के अनुसार SDP, LDP व DNP की तुलना एवं खरीफ/रबी फसलों के उदाहरण तथा विशेष वर्गों (अविकल्पी बनाम विकल्पी, SLDP, LSDP, मध्यवर्ती गन्ना) का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।

2. पुष्पन प्रेरण में 'अंधकार काल' (Skotoperiod) के निर्णायक महत्व को सिद्ध करने वाले हैमनर एवं बोनर के रात्रि-विच्छेदन प्रयोग तथा लाल/सुदूर-लाल उत्क्रमणीयता (Red/Far-red reversibility) की आरेख सहित व्याख्या कीजिए।

Long-night बनाम Short-night अवधारणा, Xanthium (15.5 hr प्रकाश / 8.5 hr अंधकार) पर किए गए उपचारों का प्रवाह आरेख, रात के बीच में 660 nm लाल प्रकाश चमक का प्रभाव, 730 nm सुदूर-लाल प्रकाश द्वारा उसका उलटना और अंतिम चमक के नियम का सविस्तर विवरण दें।

3. फसल उत्पादन, उद्यानिकी (पुष्प एवं कंद उत्पादन) और पादप प्रजनन (स्पीड ब्रीडिंग एवं हरित क्रांति) में दीप्तिकालिता के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर एक विस्तृत निबंध लिखिए।

हरित क्रांति में डॉ. बोरलॉग द्वारा Ppd दीप्तिकाल-असंवेदनशील जीनों के उपयोग से व्यापक अनुकूलन, आलू में पुष्पन (LDP – शिमला) बनाम कंद निर्माण (SDP – मैदान), प्याज कंद निर्माण, गन्ने में Arrowing नियंत्रण, गुलदाउदी में ऑफ-सीजन पुष्प उत्पादन और स्पीड ब्रीडिंग में 22-घंटे प्रकाश प्रोटोकॉल का वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • दीप्तिकालिता अनुसंधान में सबसे अधिक उपयोग किया गया मॉडल लघु-दिवस पौधा 'कॉकलेबर' (Xanthium strumarium) है जिसे केवल 1 प्रेरक चक्र (1 छोटा दिन) ही फूलने के लिए पर्याप्त होता है!
  • सोयाबीन (Glycine max) की लगभग सभी किस्में कठोर लघु-दिवस पादप (Obligate/Quantitative SDP) हैं जिन्हें विश्व स्तर पर 13 परिपक्वता समूहों में बाँटा गया है।
  • पालक, मूली, चुकंदर और पत्तागोभी (LDP) को जब गर्मी के लंबे दिन मिलते हैं तो उनका तना अचानक लंबा बढ़कर फूल निकाल देता है जिसे 'बोल्टिंग' (Bolting) कहते हैं।
  • भारत का राष्ट्रीय गन्ना प्रजनन संस्थान (SBI) कोयंबटूर (तमिलनाडु) में इसलिए स्थापित किया गया क्योंकि वहाँ के प्राकृतिक दीप्तिकाल व ताप में गन्ने में आसानी से फूल और बीज बनते हैं!
  • आधुनिक 'पूसा बासमती 1509' और 'IR-8' धान किस्में दीप्तिकाल-असंवेदनशील (Photo-insensitive / Day-neutral) हैं।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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