PPHYS 311 Lecture 15: प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक एवं ब्लैकमैन का सीमाकारी कारकों का नियम

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 15 / 32 · PPHYS 311

प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक एवं ब्लैकमैन का सीमाकारी कारकों का नियम

Factors Affecting Photosynthesis

Blackman's Law of Limiting Factors (1905), Cardinal Points, External Factors (Light, CO2 Compensation & Saturation, Temp, Water, O2, Minerals) & Internal Factors

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Factors Affecting Photosynthesis (Theory • Lecture 15)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • सैक्स (Sachs, 1860) के 'तीन कार्डिनल बिंदुओं' (Minimum, Optimum & Maximum) और एफ.एफ. ब्लैकमैन (F.F. Blackman, 1905) के प्रसिद्ध 'सीमाकारी कारकों के नियम' (Law of Limiting Factors) को उदाहरण व ग्राफ सहित समझना।
  • प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले बाह्य कारकों—प्रकाश (तीव्रता, गुणवत्ता व अवधि; प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु एवं सोलराइजेशन), कार्बन डाइऑक्साइड (CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु एवं CO2 फर्टिलाइजेशन प्रभाव), तापमान, जल, ऑक्सीजन (वारबर्ग प्रभाव) एवं खनिज तत्वों—का विश्लेषण करना।
  • प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले आंतरिक (पादप/आनुवंशिक) कारकों—पर्णहरित अंश, पत्ती की आयु व शारीरिकी, रंध्र घनत्व और पत्ती में शर्करा संचय (Source-Sink feedback inhibition)—का अध्ययन करना।

प्रस्तावना · Introduction

खेत में खड़ी फसल की प्रकाश-संश्लेषण दर एक साथ कई बाह्य पर्यावरणीय कारकों (प्रकाश, CO2, तापमान, जल, पोषक तत्व) और आंतरिक आनुवंशिक कारकों (पर्णहरित, एंजाइम, पत्ती की उम्र व सिंक की माँग) द्वारा नियंत्रित होती है। जब ये सभी कारक एक साथ कार्य कर रहे हों, तो किसी दिए गए क्षण में प्रकाश-संश्लेषण की दर किस एक कारक द्वारा तय होगी? इस प्रश्न का उत्तर सन् 1905 में अंग्रेज पादप कार्यिकीविद् एफ.एफ. ब्लैकमैन (F.F. Blackman) ने लिबिग के 'न्यूनतम के नियम' को संशोधित कर अपने ऐतिहासिक 'सीमाकारी कारकों के नियम' (Law of Limiting Factors) द्वारा दिया।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

ब्लैकमैन का सीमाकारी कारकों का नियम (Blackman's Law of Limiting Factors, 1905)

''जब कोई कार्यिकीय प्रक्रिया (जैसे प्रकाश-संश्लेषण) एक से अधिक स्वतंत्र कारकों की तीव्रता से प्रभावित होती है, तो उस प्रक्रिया की दर उस एक कारक द्वारा सीमित (नियंत्रित) होती है जो अपने न्यूनतम मान के सबसे करीब (Smallest relative to its requirement) होता है।''

कार्डिनल बिंदु (Cardinal Points – Julius von Sachs, 1860)

प्रत्येक पर्यावरणीय कारक (जैसे तापमान या प्रकाश) के तीन मुख्य बिंदु होते हैं: (1) न्यूनतम (Minimum) — जिसके नीचे प्रक्रिया शुरू नहीं होती, (2) इष्टतम (Optimum) — जिस पर प्रक्रिया की दर उच्चतम होती है, और (3) अधिकतम (Maximum) — जिसके ऊपर प्रक्रिया रुक जाती है।

प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु (Light Compensation Point – LCP)

सुबह या शाम के धुँधले प्रकाश की वह विशिष्ट तीव्रता जिस पर पौधे के प्रकाश-संश्लेषण की दर और श्वसन की दर ठीक बराबर हो जाती है (अर्थात् प्रकाश-संश्लेषण में जितनी CO2 ली जाती है, श्वसन में उतनी ही CO2 निकलती है; शुद्ध गैस विनिमय = शून्य / Net Photosynthesis = 0)!

CO₂ क्षतिपूर्ति बिंदु (CO₂ Compensation Point – Γ)

प्रकाश की पर्याप्त उपस्थिति में वायुमंडल या पर्णगुहा की वह न्यूनतम CO2 सांद्रता जिस पर प्रकाश-संश्लेषण द्वारा ग्रहण की गई CO2 और श्वसन (तथा प्रकाश-श्वसन) द्वारा निकाली गई CO2 की मात्रा बराबर हो जाती है (C₃ पौधों में = 40–60 ppm; C₄ पौधों में = 0–5 ppm)!

सोलराइजेशन / प्रकाशीय-संदमन (Solarization / Photoinhibition)

अत्यधिक उच्च प्रकाश तीव्रता (तेज धूप) पर पर्णहरित-a के प्रकाशीय-ऑक्सीकरण (Photo-oxidation) और PS-II के D1 प्रोटीन के क्षतिग्रस्त होने से प्रकाश-संश्लेषण का रुक जाना 'सोलराइजेशन' कहलाता है।

वर्गीकरण · Classification

प्रकाशीय आवश्यकता के आधार पर पौधों के 2 पारिस्थितिक प्रकार

1. आतप पादप / सूर्य-प्रिय पादप (Heliophytes / Sun Plants — अधिकांश कृषि फसलें): इनका प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु उच्च (100–400 foot-candles) और प्रकाशीय संतृप्ति बिंदु उच्च होता है।
2. छाया-प्रिय पादप (Sciophytes / Shade Plants — जैसे कॉफी, इलायची, अदरक, हल्दी, पान): इनका प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु अत्यंत कम (10–50 foot-candles) होता है और ये कम रोशनी में भी कुशलता से भोजन बना लेते हैं।

प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारकों के 2 मुख्य वर्ग

1. बाह्य / पर्यावरणीय कारक (External / Environmental Factors): (i) प्रकाश (तीव्रता, गुणवत्ता व अवधि), (ii) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) सांद्रता, (iii) तापमान, (iv) मृदा जल, (v) ऑक्सीजन (O2) सांद्रता, (vi) खनिज पोषक तत्व एवं (vii) वायु प्रदूषक।
2. आंतरिक / पादप कारक (Internal / Genetic Factors): (i) पर्णहरित की मात्रा, (ii) पत्ती की आयु एवं पर्ण शरीर-रचना (रंध्र, मीसोफिल मोटाई, क्रैंज शारीरिकी), (iii) जीवद्रव्यीय कारक एवं एंजाइम (RuBisCO/PEPCase), तथा (iv) पत्ती में प्रकाश-संश्लेषी उत्पादों (शर्करा/स्टार्च) का संचय।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • ब्लैकमैन के नियम का क्लासिक उदाहरण (प्रकाश तीव्रता ×CO2 सांद्रता की अंतःक्रिया): मान लीजिए एक पत्ती को इतनी रोशनी दी जा रही है कि वह 5 mg CO2 स्थिर कर सके, किंतु हवा में केवल 1 mg CO2 ही उपलब्ध है। यहाँ CO2 सीमाकारी कारक (Limiting factor) है—इस स्थिति में प्रकाश कितना भी बढ़ाया जाए, दर नहीं बढ़ेगी; दर केवल CO2 बढ़ाने पर ही बढ़ेगी। जब CO2 बढ़ाकर 5 mg से अधिक कर दी जाएगी, तब प्रकाश-संश्लेषण की दर समतल (Plateau) हो जाएगी क्योंकि अब 'प्रकाश तीव्रता' नया सीमाकारी कारक बन गया है!
  • सिंक द्वारा स्रोत का नियंत्रण (Sink Control of Source Photosynthesis / End-Product Feedback Inhibition): जब पौधे में फल या दाने तेजी से भर रहे होते हैं (प्रबल Sink demand), तब पत्तियों से शर्करा तेजी से खाली होती रहती है और पत्तियों की प्रकाश-संश्लेषण दर सर्वोच्च होती है। इसके विपरीत, यदि पौधे से फूल/फल तोड़ दिए जाएँ या फ्लोएम परिवहन रुक जाए, तो पत्ती में सुक्रोज व स्टार्च जमा हो जाता है जो 'फीडबैक संदमन' द्वारा प्रकाश-संश्लेषण की दर को घटा देता है!

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. External Factors Affecting Photosynthesis: Light, CO2, Temperature, Water & Oxygen (प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले बाह्य कारक)

All C3, C4 & Horticultural Crops

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): All C3, C4 & Horticultural Crops

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: सबसे प्रमुख सीमाकारी बाह्य कारक: प्राकृतिक खेत परिस्थितियों में वायुमंडलीय CO2 सांद्रता (0.042% या 420 ppm) प्रकाश-संश्लेषण का सबसे बड़ा सीमाकारी कारक है!

🌱 कार्यिकीय महत्व: इन बाह्य कारकों के कार्डिनल बिंदुओं और क्षतिपूर्ति बिंदुओं से सस्य प्रबंधन व ग्रीनहाउस नियंत्रण तय होता है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. प्रकाश (Light — इसके 3 पहलू हैं):
• (a) प्रकाश तीव्रता (Light Intensity): अंधेरे में दर शून्य होती है; तीव्रता बढ़ने पर पहले 'Light Compensation Point' (जहाँ Photosynthesis = Respiration) आता है। C₃ पौधे पूर्ण सूर्य के प्रकाश के 30–50% भाग पर संतृप्त (Light saturated) हो जाते हैं, जबकि C₄ पौधे (मक्का, गन्ना) पूर्ण धूप (100%) में भी संतृप्त नहीं होते! अत्यधिक तीव्र प्रकाश में 'सोलराइजेशन' से दर गिर जाती है।
• (b) प्रकाश की गुणवत्ता / तरंगदैर्ध्य (Light Quality): केवल PAR (400–700 nm) ही प्रभावी है। प्रकाश-संश्लेषण की दर लाल प्रकाश (Red light: 660–680 nm) में सर्वाधिक, नीले प्रकाश में दूसरे स्थान पर और हरे प्रकाश में न्यूनतम (लगभग शून्य) होती है!
• (c) प्रकाश की अवधि (Duration): 10 से 12 घंटे प्रकाश कुल दैनिक उत्पादन के लिए उत्तम है (यदि तापमान व CO2 सीमित न हों तो पौधा 24 घंटे निरंतर प्रकाश में भी प्रकाश-संश्लेषण कर सकता है!)।

2. कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता (CO2 Concentration):
• वायुमंडल में CO2 मात्र 0.04% (~420 ppm) है जो C₃ पौधों की आवश्यकता से बहुत कम है।
• CO2 को 400 ppm से बढ़ाकर 800–1000 ppm करने पर C₃ फसलों (धान, गेहूँ, सोयाबीन, टमाटर, खीरा) में प्रकाश-श्वसन रुकने से प्रकाश-संश्लेषण व उपज 30–40% बढ़ जाती है ('CO2 Fertilization Effect')! जबकि C₄ फसलों में पहले से ही आंतरिक CO2 पंप होने के कारण वे 400 ppm पर ही लगभग संतृप्त रहती हैं।
• बहुत अधिक CO2 (>0.5–1% या >5000 ppm) होने पर रंध्र बंद होने और स्ट्रोमा के अम्लीय होने से दर घट जाती है।

3. तापमान (Temperature):
• अंधकार अभिक्रिया एंजाइमीय होने से इसका Q10=2.0 होता है।
• C₃ पौधों के लिए इष्टतम तापमान = 20°C से 25°C है (>30°C पर प्रकाश-श्वसन बढ़ने से दर गिरती है)।
• C₄ पौधों के लिए इष्टतम तापमान = 30°C से 40°C है (<15°C पर PPDK एंजाइम निष्क्रिय होने से C₄ दर गिरती है)।
• >45°C पर एंजाइमों के विकृतीकरण (Denaturation) और थाइलाकोइड झिल्ली के पिघलने से प्रकाश-संश्लेषण बंद हो जाता है।

4. जल (Water — अप्रत्यक्ष प्रभाव सर्वाधिक!):
• यद्यपि अवशोषित जल का <1% भाग ही प्रकाश-संश्लेषण में अभिकारक के रूप में लगता है, फिर भी मृदा में जल की कमी (Water stress) प्रकाश-संश्लेषण को तेजी से घटाती है! क्यों? तीन अप्रत्यक्ष कारणों से: (i) ABA बनने से रंध्र बंद हो जाते हैं जिससे CO2 अंदर नहीं आ पाती (मुख्य कारण!), (ii) पत्तियाँ मुरझाकर झुक जाती हैं जिससे प्रकाश ग्रहण घटता है, और (iii) जीवद्रव्य के निर्जलीकरण से एंजाइम क्षमता घट जाती है।

5. ऑक्सीजन (O2) एवं खनिज तत्व:
• उच्च O2 C₃ पौधों में प्रकाश-संश्लेषण घटाती है (Warburg effect)।
• खनिज तत्वों में Mg और N (पर्णहरित व RuBisCO के घटक), Fe (साइटोक्रोम व फेरेडॉक्सिन), Cu (प्लास्टोसायनिन), Mn और Cl (जल-अपघटन), P (ATP व NADP) और K (रंध्र खोलने हेतु) अनिवार्य हैं।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): वायु प्रदूषक गैसें—जैसे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2>1 ppm — जो पर्णहरित के Mg को हटाकर उसे अक्रियाशील फियोफाइटिन में बदल देती है!), ओजोन (O3) और PAN—प्रकाश-संश्लेषण को गंभीर क्षति पहुँचाती हैं।

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): धूल या कीटनाशक की मोटी परत पत्ती पर जमने से रंध्र बंद होते हैं और PAR अवरुद्ध होता है।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): दोपहर 1 से 3 बजे के बीच तेज धूप और उच्च VPD के कारण रंध्र कुछ समय के लिए आंशिक रूप से बंद हो जाते हैं जिससे प्रकाश-संश्लेषण में अस्थायी गिरावट आती है जिसे 'मध्याह्न अवनमन' (Midday Depression of Photosynthesis) कहते हैं!
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Blackman's Law of Limiting Factors (1905)
  • Light Compensation Point = Photosynthesis equals Respiration (Net exchange = 0)
  • CO2 Compensation Point: C3 = 40–60 ppm vs C4 = 0–5 ppm
  • Most limiting factor in nature = CO2 concentration (0.04%)
  • Water stress reduces photosynthesis mainly by 'Stomatal closure (ABA)'
  • Midday depression = Temporary drop at noon due to high VPD & stomatal closure।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

ग्रीनहाउस/पॉलीहाउस में सुबह के समय CO2 जनरेटर या सूखी बर्फ से CO2 स्तर को 800–1000 ppm कर 'CO2 फर्टिलाइजेशन' का लाभ लिया जाता है।

2. Internal (Plant) Factors & Source-Sink Regulation of Photosynthesis (आंतरिक पादप कारक एवं स्रोत-सिंक नियमन)

Crop Canopy & Developing Leaves

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Crop Canopy & Developing Leaves

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख आंतरिक कारक: 1. Chlorophyll content (Willstätter & Stoll's Assimilation Number), 2. Leaf Age & Anatomy, 3. Protoplasmic factors, 4. End-product accumulation।

🌱 कार्यिकीय महत्व: समान पर्यावरण में भी दो भिन्न किस्मों की प्रकाश-संश्लेषण दर इन आंतरिक कारकों के कारण भिन्न होती है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. पर्णहरित की मात्रा एवं स्वांगीकरण संख्या (Chlorophyll Content & Assimilation Number — Willstätter & Stoll, 1918):
• स्वांगीकरण संख्या (Assimilation Number): 1 ग्राम पर्णहरित (Chlorophyll) द्वारा 1 घंटे में स्वांगीकृत की गई कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के ग्रामों की संख्या को स्वांगीकरण संख्या कहते हैं!
• सामान्य हरी पत्ती में पर्णहरित आवश्यकता से अधिक होता है, अतः जब तक पत्ती बहुत पीली (Chlorotic) न हो, पर्णहरित सीमाकारी कारक नहीं होता।

2. पत्ती की आयु (Leaf Age & Ontogeny):
• बहुत छोटी मुड़ी हुई कोंपल पत्ती में हरितलवक अपरिपक्व होने से दर कम होती है। जैसे-जैसे पत्ती फैलती है दर बढ़ती है और जब पत्ती पूर्ण आकार प्राप्त कर लेती है (Fully expanded young mature leaf) तब प्रकाश-संश्लेषण की दर सर्वोच्च होती है! इसके बाद पत्ती के बूढ़े होने (Senescence) पर क्लोरोफिल और RuBisCO टूटने से दर गिर जाती है।

3. पर्ण शरीर-रचना (Leaf Anatomy):
• रंध्रों की संख्या, आकार व वितरण, खंभ मृदूतक (Palisade parenchyma) की मोटाई, अंतराकोशिकीय स्थानों का आयतन और क्रैंज शारीरिकी की उपस्थिति सीधे CO2 विसरण व प्रकाश अवशोषण को नियंत्रित करती हैं।

4. अंतिम उत्पादों का संचय एवं सिंक प्रभाव (Accumulation of End-Products / Sink Feedback):
• पत्तियों में शर्करा और स्टार्च का अधिक जमाव प्रकाश-संश्लेषण को धीमा कर देता है (क्योंकि ट्रायोज-फॉस्फेट बाहर न निकलने पर हरितलवक में अकार्बनिक फॉस्फेट Pi की कमी हो जाती है और स्टार्च के बड़े दाने थाइलाकोइड को दबा देते हैं)।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): एकल पत्ती बनाम संपूर्ण फसल कैनोपी (Single Leaf vs Crop Canopy): एक अकेली C₃ पत्ती तो 30–50% धूप पर संतृप्त हो जाती है, किंतु खेत में पूरी फसल कैनोपी (जहाँ LAI = 4–6 है और निचली पत्तियाँ छाया में रहती हैं) पूर्ण धूप (100% sunlight) में भी संतृप्त नहीं होती, विशेषकर यदि ऊपरी पत्तियाँ सीधी खड़ी (Erectophile) हों!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): अनाजों में दाना भरते समय 'ध्वज पत्ती' (Flag leaf) की प्रकाश-संश्लेषण दर निचली पत्तियों की तुलना में सबसे अधिक होती है क्योंकि वह मुख्य सिंक (बाली) के सबसे नजदीक होती है।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): साइटोकाइनिन हार्मोन और नाइट्रोजन पोषण पत्ती में RuBisCO और पर्णहरित के विघटन को रोककर पत्ती की प्रकाश-संश्लेषी आयु ('Functional Stay-Green') को बढ़ाते हैं।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Assimilation Number (Willstätter & Stoll, 1918) = Grams of CO2 assimilated per hour per gram of chlorophyll
  • Maximum photosynthesis in a leaf = Just fully expanded mature leaf
  • Accumulation of carbohydrates in leaf = Decreases photosynthesis (Feedback inhibition)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

आलू, चुकंदर और फलदार फसलों में पोटैशियम (K+) और बोरॉन (B) देने से पत्तियों से शर्करा का कंद/फल (Sink) में स्थानांतरण तेज होता है, जिससे पत्तियों में शर्करा जमा नहीं होती और प्रकाश-संश्लेषण उच्च दर से चलता रहता है!

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 15.1: प्रमुख पर्यावरणीय कारकों के प्रति C₃ एवं C₄ फसलों की प्रकाश-संश्लेषी प्रतिक्रिया की तुलना

पर्यावरणीय कारक (Factor)C₃ फसलें (धान, गेहूँ, सोयाबीन, कपास)C₄ फसलें (मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना)
प्रकाशीय संतृप्ति बिंदु (Light Saturation)पूर्ण सूर्य के प्रकाश के 30% – 50% पर संतृप्त हो जाती हैंपूर्ण धूप (100% Full Sunlight) में भी संतृप्त नहीं होतीं
प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु (LCP)कम से मध्यम (100 – 200 foot-candles)उच्च (300 – 500 foot-candles)
CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु (Γ)उच्च (40 – 60 ppm)अत्यंत कम (0 – 5 या 10 ppm)
CO2 संतृप्ति बिंदु (CO2 Saturation)उच्च (800 – 1000 ppm — CO2 बढ़ाने से उपज बहुत बढ़ती है!)कम (360 – 450 ppm — वर्तमान वायुमंडलीय स्तर पर ही लगभग संतृप्त)
इष्टतम तापमान (Optimum Temp.)20°C – 25°C30°C – 40°C
21% O2 द्वारा संदमन (Warburg Effect)हाँ (30–40% संदमन होता है)नहीं (कोई संदमन नहीं होता)

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण (Net Photosynthesis), सकल प्रकाश-संश्लेषण (Gross Photosynthesis) एवं स्वांगीकरण संख्या की गणना

1. Net Photosynthesis (Pn / Apparent Photosynthesis) = Gross Photosynthesis (Pg) − [ Dark Respiration (Rd) + Photorespiration (Pr) ] | 2. Assimilation Number = (g of CO2 fixed per hour) / (g of Chlorophyll)

उदाहरण 1 (क्षतिपूर्ति बिंदु एवं शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण):
मान लीजिए एक पत्ती प्रकाश में प्रति घंटे कुल 25 mg CO2 स्थिर करती है (Gross Photosynthesis = 25 mg/hr), और उसी समय श्वसन व प्रकाश-श्वसन में 7 mg CO2 प्रति घंटे बाहर निकालती है:
• शुद्ध / आभासी प्रकाश-संश्लेषण (Net / Apparent Photosynthesis) = 25−7= 18 mg CO2 / hr।
• प्रकाशीय या CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु (Compensation Point) पर: Gross Photosynthesis (7 mg) = Total Respiration (7 mg) ⟹ Net Photosynthesis = 7−7=0!
उदाहरण 2 (Assimilation Number): यदि किसी पत्ती में 2.5 ग्राम पर्णहरित है और वह 1 घंटे में 20 ग्राम CO2 स्वांगीकृत करती है, तो उसकी स्वांगीकरण संख्या = 20/2.5= 8.0 g CO2 / g Chl · hr।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 15: प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले कारक]
├── 1. मूलभूत नियम एवं बिंदु (Fundamental Laws & Thresholds)
│ ├── Sachs (1860): 3 Cardinal Points — Minimum, Optimum & Maximum
│ ├── Blackman (1905): Law of Limiting Factors (दर उस कारक से नियंत्रित होती है जो अपनी आवश्यकता की तुलना में सबसे कम हो)
│ ├── Light Compensation Point (LCP): वह प्रकाश तीव्रता जहाँ प्रकाश-संश्लेषण = श्वसन (Net gas exchange = 0)
│ └── CO2 Compensation Point (Γ): वह CO2 सांद्रता जहाँ प्रकाश-संश्लेषण = श्वसन (C3 = 40–60 ppm; C4 = 0–5 ppm)
├── 2. बाह्य पर्यावरणीय कारक (External Environmental Factors)
│ ├── प्रकाश: PAR (400–700 nm); दर: लाल (सर्वाधिक) > नीला > हरा (न्यूनतम); अति-तीव्र प्रकाश में Solarization (Photo-oxidation)
│ ├── CO2: प्रकृति में सबसे बड़ा सीमाकारी कारक (0.042%); 800–1000 ppm करने पर C3 उपज में 30–40% वृद्धि (CO2 Fertilization Effect)
│ ├── तापमान: C3 इष्टतम = 20–25°C; C4 इष्टतम = 30–40°C | O2: उच्च O2 से C3 में संदमन (Warburg Effect)
│ └── जल: <1% प्रत्यक्ष उपयोग, किंतु सूखे में ABA द्वारा रंध्र बंद होने से प्रकाश-संश्लेषण तुरंत गिरता है (दोपहर में Midday Depression)
└── 3. आंतरिक पादप कारक (Internal Plant Factors)
├── पर्णहरित एवं Assimilation Number (Willstätter & Stoll: g CO2 / hr / g Chl)
├── पत्ती की आयु: पूर्ण विकसित युवा परिपक्व पत्ती (Fully expanded young leaf) में दर सर्वोच्च
└── अंतिम उत्पाद संचय: पत्ती में शर्करा/स्टार्च जमा होने से Feedback Inhibition द्वारा दर घटती है (Strong sink increases rate!)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[ब्लैकमैन के सीमाकारी कारकों के नियम (Blackman's Law of Limiting Factors, 1905) का ग्राफीय निरूपण]
प्रकाश-संश्लेषण की दर
(Rate of Photosynthesis)
▲ ╭───────────────────── C (उच्च CO2: 0.10% पर संतृप्ति)
│ /
│ ╭──────────/─────────────────────── B (मध्यम CO2: 0.05% पर संतृप्ति)
│ / /
│ ╭──────────/──────────/───────────────────────── A (निम्न CO2: 0.01% पर संतृप्ति)
│ / / /
│ / /(यहाँ प्रकाश सीमाकारी है;
│ / / रेखा के समतल होते ही CO2
│ / / सीमाकारी कारक बन जाता है!)
└──────────┴──────────┴──────────┴─────────────────────────────►
L1 L2 L3 प्रकाश की तीव्रता (Light Intensity)

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न:
    1. 'सीमाकारी कारकों का नियम' (Law of Limiting Factors, 1905) किसने दिया? उत्तर: एफ.एफ. ब्लैकमैन (F.F. Blackman, 1905) ने (जो लिबिग के 1840 के न्यूनतम के नियम का रूपांतरण है)।
    2. 'क्षतिपूर्ति बिंदु' (Compensation Point) पर शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण (Net Photosynthesis) का मान कितना होता है? उत्तर: शून्य (Zero — क्योंकि वहाँ प्रकाश-संश्लेषण की दर = श्वसन की दर होती है)!
    3. C₃ और C₄ पौधों का CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु कितना होता है? उत्तर: C₃ = 40 से 60 ppm; एवं C₄ = 0 से 5 ppm!
    4. अत्यधिक तीव्र प्रकाश द्वारा पर्णहरित के प्रकाशीय-ऑक्सीकरण से प्रकाश-संश्लेषण के रुकने को क्या कहते हैं? उत्तर: सोलराइजेशन (Solarization / Photoinhibition)!
  • प्रकृति में (खेत में धूप के समय) प्रकाश-संश्लेषण की दर को सीमित करने वाला सबसे प्रमुख बाह्य कारक कौन सा है? उत्तर: वायुमंडलीय CO2 की कम सांद्रता (0.04%)!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • Cardinal Points (Minimum, Optimum, Maximum) की अवधारणा जूलियस वॉन सैक्स (1860) ने दी थी।
  • Willstätter & Stoll (1918): 'Assimilation Number' = प्रति ग्राम पर्णहरित द्वारा प्रति घंटे स्थिर की गई CO2 (ग्राम में)।
  • सूखे (Water stress) के समय प्रकाश-संश्लेषण घटने का सबसे मुख्य कारण ABA द्वारा रंध्रों का बंद होना (Stomatal closure) है।
  • मध्याह्न अवनमन (Midday depression): दोपहर में तेज गर्मी व कम आर्द्रता से रंध्र बंद होने के कारण प्रकाश-संश्लेषण में अस्थायी कमी।
  • पत्ती में शर्करा/स्टार्च का संचय होने पर फीडबैक संदमन से प्रकाश-संश्लेषण की दर घट जाती है।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. सन् 1905 में प्रकाश-संश्लेषण की दर पर एकाधिक कारकों के प्रभाव को समझाने के लिए 'सीमाकारी कारकों का नियम' (Law of Limiting Factors) किसने प्रतिपादित किया था?

  • (A) जस्टस वॉन लिबिग (1840)
  • (B) एफ.एफ. ब्लैकमैन (F.F. Blackman, 1905)
  • (C) जूलियस वॉन सैक्स (1860)
  • (D) रॉबर्ट हिल (1937)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — लिबिग (1840) ने खनिज पोषण में 'Law of Minimum' दिया और ब्लैकमैन (1905) ने प्रकाश-संश्लेषण में 'Law of Limiting Factors' दिया।

2. प्रकाश की वह तीव्रता या CO2 की वह सांद्रता जिस पर पौधे में प्रकाश-संश्लेषण की दर और श्वसन की दर ठीक बराबर हो जाती है (अर्थात् CO2 और O2 का शुद्ध आदान-प्रदान शून्य हो जाता है), क्या कहलाती है?

  • (A) संतृप्ति बिंदु (Saturation point)
  • (B) क्षतिपूर्ति बिंदु (Compensation Point — जहाँ Net Photosynthesis = 0)
  • (C) सोलराइजेशन बिंदु
  • (D) म्लानि बिंदु
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — क्षतिपूर्ति बिंदु (Compensation point) पर प्रकाश-संश्लेषण द्वारा ग्रहण CO2 = श्वसन द्वारा मुक्त CO2, अतः शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण शून्य होता है।

3. C3 पौधों (जैसे गेहूँ व धान) और C4 पौधों (जैसे मक्का व ज्वार) के लिए 'CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु' (CO2 Compensation Point) का मान क्रमशः कितना होता है?

  • (A) दोनों के लिए 400 ppm
  • (B) C3 पौधों के लिए: 40 से 60 ppm (उच्च); एवं C4 पौधों के लिए: 0 से 5 ppm (अत्यंत कम)
  • (C) C3 के लिए: 0 से 5 ppm; एवं C4 के लिए: 50 से 100 ppm
  • (D) दोनों के लिए शून्य
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — C3 पौधों में प्रकाश-श्वसन होने से CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु 40–60 ppm होता है, जबकि C4 में PEPCase पंप के कारण मात्र 0–5 ppm होता है।

4. अत्यधिक तीव्र प्रकाश (Very high light intensity) के कारण पर्णहरित के प्रकाशीय-ऑक्सीकरण (Photo-oxidation) और प्रकाश-संश्लेषण के रुक जाने की घटना को क्या कहते हैं?

  • (A) पांडुरता (Etiolation)
  • (B) सोलराइजेशन या प्रकाशीय-संदमन (Solarization / Photoinhibition)
  • (C) फ्लोरोसेंस
  • (D) बसंतीकरण
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अत्यधिक प्रकाश तीव्रता पर अभिक्रिया केंद्र के नष्ट होने और क्लोरोफिल के ब्लीच होने को 'Solarization' कहते हैं।

5. सामान्य प्राकृतिक खेत परिस्थितियों में (जब धूप, पानी और तापमान अनुकूल हों) C3 फसलों में प्रकाश-संश्लेषण की दर को सीमित करने वाला सबसे प्रमुख बाह्य कारक कौन सा होता है?

  • (A) ऑक्सीजन की अधिकता
  • (B) वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की कम सांद्रता (~0.04% या 420 ppm)
  • (C) हवा की गति
  • (D) पर्णहरित की अधिकता
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — वायुमंडल में CO2 केवल 0.04% है जबकि C3 पौधे 0.08–0.10% (800–1000 ppm) पर संतृप्त होते हैं; अतः प्रकृति में CO2 ही मुख्य सीमाकारी कारक है।

6. विलस्टैटर एवं स्टॉल (1918) के अनुसार '1 ग्राम पर्णहरित द्वारा 1 घंटे में स्वांगीकृत की गई CO2 के ग्रामों की संख्या' को क्या कहा जाता है?

  • (A) श्वसन गुणांक
  • (B) स्वांगीकरण संख्या (Assimilation Number)
  • (C) क्वांटम लब्धि
  • (D) पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Assimilation Number = प्रति ग्राम पर्णहरित द्वारा प्रति घंटे स्थिर की गई CO2 की मात्रा (g)।

7. मृदा में जल की कमी (Drought / Water stress) होने पर पौधों में प्रकाश-संश्लेषण की दर तुरंत क्यों गिर जाती है?

  • (A) क्योंकि हिल अभिक्रिया के लिए पानी खत्म हो जाता है
  • (B) मुख्य रूप से ABA हार्मोन बनने से रंध्र बंद (Stomatal closure) हो जाने के कारण पत्ती के अंदर CO2 का प्रवेश रुक जाता है
  • (C) क्योंकि जड़ें हरी हो जाती हैं
  • (D) क्योंकि पर्णहरित नीला हो जाता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जल की कमी का मुख्य प्रभाव अप्रत्यक्ष होता है—ABA से रंध्र बंद हो जाते हैं जिससे CO2 की आपूर्ति रुक जाती है।

8. C3 पौधों और C4 पौधों के प्रकाश-संश्लेषण के लिए 'इष्टतम तापमान' (Optimum Temperature) क्रमशः कितना होता है?

  • (A) C3: 20°C – 25°C एवं C4: 30°C – 40°C
  • (B) C3: 35°C – 45°C एवं C4: 10°C – 15°C
  • (C) दोनों के लिए 15°C
  • (D) दोनों के लिए 50°C
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — C3 पौधे 20–25°C पर और उष्णकटिबंधीय C4 पौधे 30–40°C पर सर्वाधिक प्रकाश-संश्लेषण करते हैं।

9. पौधे की किसी पत्ती में प्रकाश-संश्लेषण से बने कार्बोहाइड्रेट (शर्करा/स्टार्च) का स्थानांतरण रुक जाने और पत्ती में ही उनका अधिक संचय हो जाने पर प्रकाश-संश्लेषण की दर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  • (A) दर दोगुनी हो जाती है
  • (B) फीडबैक संदमन (End-product feedback inhibition) के कारण प्रकाश-संश्लेषण की दर घट जाती है
  • (C) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
  • (D) पत्ती रात में भी ऑक्सीजन देती है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अंतिम उत्पाद (शर्करा) के संचय से अकार्बनिक फॉस्फेट (Pi) बंध जाता है और एंजाइम संदमित होकर प्रकाश-संश्लेषण की दर घटा देते हैं।

10. पौधे के जीवनकाल में किस आयु की पत्ती में प्रकाश-संश्लेषण की क्षमता (Photosynthetic rate) सर्वोच्च होती है?

  • (A) अभी-अभी निकली छोटी मुड़ी हुई कोंपल में
  • (B) हाल ही में पूर्ण आकार प्राप्त कर चुकी युवा परिपक्व हरी पत्ती (Just fully expanded young mature leaf) में
  • (C) पीली पड़ती पुरानी निचली पत्ती में
  • (D) बीजपत्र में
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — जब पत्ती अपना पूर्ण विस्तार (Full expansion) पूरा करती है, उस समय उसमें क्लोरोफिल और RuBisCO सर्वोच्च स्तर पर होते हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. सैक्स (Sachs, 1860) द्वारा दिए गए किसी कारक के तीन 'कार्डिनल बिंदु' (Cardinal points) कौन से हैं?

1. न्यूनतम बिंदु (Minimum), 2. इष्टतम बिंदु (Optimum) एवं 3. अधिकतम बिंदु (Maximum)।

2. पूर्ण सूर्य के प्रकाश की तीव्रता वाले पौधों (Sun plants) और छाया-प्रिय पौधों (Shade plants) को वैज्ञानिक भाषा में क्या कहते हैं?

सूर्य-प्रिय पौधों को 'हेलियोफाइट्स' (Heliophytes) और छाया-प्रिय पौधों को 'स्कियोफाइट्स' (Sciophytes) कहते हैं।

3. दोपहर के समय तेज गर्मी और कम आर्द्रता के कारण प्रकाश-संश्लेषण की दर में आने वाली अस्थायी गिरावट को क्या कहते हैं?

प्रकाश-संश्लेषण का मध्याह्न अवनमन (Midday Depression of Photosynthesis)।

4. पॉलीहाउस में CO2 की सांद्रता बढ़ाकर (800–1000 ppm) C3 फसलों की उपज बढ़ाने की तकनीक को क्या कहते हैं?

CO2 निषेचन या संवर्धन प्रभाव (CO2 Fertilization / Enrichment Effect)।

5. कौन सी वायु प्रदूषक गैस पर्णहरित के Mg²⁺ को हटाकर उसे अक्रियाशील फियोफाइटिन में बदल देती है?

सल्फर डाइऑक्साइड (SO2)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. ब्लैकमैन के 'सीमाकारी कारकों के नियम' (Law of Limiting Factors, 1905) को उदाहरण सहित समझाइए।

ब्लैकमैन (1905) के अनुसार जब कोई जैव-रासायनिक प्रक्रिया (जैसे प्रकाश-संश्लेषण) एक साथ कई कारकों से नियंत्रित होती है, तो उस प्रक्रिया की गति उस एक कारक द्वारा सीमित होती है जो अपनी आवश्यकता की तुलना में सबसे कम (Minimum) मात्रा में उपलब्ध है। उदाहरण: यदि प्रकाश तीव्रता कम है और CO2 भरपूर है, तो केवल प्रकाश बढ़ाने से ही दर बढ़ेगी; किंतु एक सीमा के बाद जब CO2 कम पड़ जाएगी तब CO2 सीमाकारी कारक बन जाएगी।

2. 'प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु' (Light Compensation Point) और 'CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु' (CO2 Compensation Point) में अंतर स्पष्ट कीजिए।

प्रकाशीय क्षतिपूर्ति बिंदु सुबह या शाम के धुँधले प्रकाश की वह तीव्रता है जिस पर पौधे का प्रकाश-संश्लेषण और श्वसन बराबर हो जाता है (सूर्य-प्रिय पौधों में यह छाया-प्रिय पौधों से अधिक होता है)। इसके विपरीत, CO2 क्षतिपूर्ति बिंदु पर्याप्त प्रकाश में हवा की वह न्यूनतम CO2 सांद्रता है जिस पर प्रकाश-संश्लेषण से CO2 ग्रहण और श्वसन/प्रकाश-श्वसन से CO2 निकास बराबर हो जाता है (यह C3 में 40–60 ppm और C4 में 0–5 ppm होता है)।

3. जल की कमी (Water Stress) प्रकाश-संश्लेषण को प्रत्यक्ष की तुलना में अप्रत्यक्ष रूप से अधिक कैसे प्रभावित करती है?

पौधे द्वारा सोखे गए जल का मात्र 1% से भी कम भाग प्रकाश-संश्लेषण में कच्चे माल (अभिकारक) के रूप में काम आता है, इसलिए जल की कमी का प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य है। किंतु अप्रत्यक्ष रूप से थोड़ा सा सूखा पड़ते ही पत्तियों में ABA हार्मोन बनता है जो रंध्रों को बंद कर देता है जिससे CO2 का प्रवेश रुक जाता है, पत्तियाँ मुरझाने से धूप ग्रहण करने का क्षेत्रफल घट जाता है और जीवद्रव्य निर्जलीकरण से एंजाइम निष्क्रिय हो जाते हैं।

4. वायुमंडलीय CO2 सांद्रता बढ़ने (Elevated CO2) का C3 और C4 फसलों पर अलग-अलग प्रभाव क्यों पड़ता है?

वर्तमान वायुमंडलीय CO2 स्तर (~420 ppm) पर C3 पौधों का RuBisCO एंजाइम संतृप्त नहीं होता और उनमें 25–30% कार्बन प्रकाश-श्वसन में नष्ट होता है। इसलिए जब CO2 बढ़कर 800–1000 ppm होती है तो C3 फसलों (गेहूँ, धान, सोयाबीन) में प्रकाश-श्वसन दब जाता है और उपज 30–40% बढ़ जाती है। इसके विपरीत C4 फसलों (मक्का, ज्वार) में PEPCase पंप के कारण वे 400 ppm पर ही संतृप्त रहती हैं, अतः उनमें केवल रंध्र संकरे होने से पानी की बचत का लाभ मिलता है।

5. प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले चार प्रमुख आंतरिक (पादप) कारकों का वर्णन कीजिए।

1. पर्णहरित अंश एवं स्वांगीकरण संख्या: अत्यधिक हरिमाहीनता में दर घटती है। 2. पत्ती की आयु: पूर्ण विकसित युवा परिपक्व पत्ती में प्रकाश-संश्लेषण सर्वोच्च होता है और जीर्णता (Senescence) आने पर घट जाता है। 3. पत्ती की आंतरिक संरचना: रंध्रों का घनत्व, खंभ ऊतक की मोटाई और क्रैंज शारीरिकी CO2 विसरण तय करती हैं। 4. सिंक की माँग व शर्करा संचय: पत्ती से शर्करा न निकलने पर फीडबैक संदमन से दर घट जाती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. एफ.एफ. ब्लैकमैन (1905) के 'सीमाकारी कारकों के नियम' की ग्राफ सहित व्याख्या कीजिए तथा प्रकाश (तीव्रता, गुणवत्ता व अवधि) और कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता का प्रकाश-संश्लेषण पर प्रभाव स्पष्ट कीजिए।

सैक्स के कार्डिनल बिंदु, ब्लैकमैन का नियम व ग्राफ (तीनों CO2 स्तरों पर प्रकाश तीव्रता वक्र), ब्लैकमैन के नियम की आधुनिक आलोचना (तीखे मोड़ के बजाय वक्रीय मोड़), प्रकाशीय क्षतिपूर्ति व संतृप्ति बिंदु, सोलराइजेशन, PAR स्पेक्ट्रम और C3 बनाम C4 में CO2 क्षतिपूर्ति व CO2 फर्टिलाइजेशन प्रभाव का सविस्तर वर्णन करें।

2. तापमान, जल, ऑक्सीजन और खनिज पोषक तत्वों का प्रकाश-संश्लेषण की दर पर पड़ने वाले प्रभावों की विवेचना कीजिए।

तापमान का Q10 मान, C3 (20–25°C) बनाम C4 (30–40°C) का इष्टतम ताप व उच्च ताप पर एंजाइम विकृतीकरण, जल तनाव के तीनों अप्रत्यक्ष प्रभाव व मध्याह्न अवनमन, ऑक्सीजन का वारबर्ग प्रभाव और प्रमुख खनिज तत्वों (Mg, N, Fe, Cu, Mn, Cl, P, K) की विशिष्ट भूमिकाओं का विस्तार से वर्णन करें।

3. प्रकाश-संश्लेषण को नियंत्रित करने वाले आंतरिक कारकों (पर्णहरित, पत्ती की आयु, पर्ण शरीर-रचना) और 'स्रोत-सिंक फीडबैक नियमन' (Source-Sink Regulation) पर एक विस्तृत निबंध लिखिए।

विलस्टैटर व स्टॉल की स्वांगीकरण संख्या, पत्ती के विकास से जीर्णता तक प्रकाश-संश्लेषी क्षमता का वक्र, एकल पत्ती बनाम संपूर्ण फसल कैनोपी (LAI व पर्ण कोण) और विकासशील दानों/फलों (Sink) की माँग द्वारा पत्ती (Source) के प्रकाश-संश्लेषण के नियंत्रण का सविस्तर विवरण प्रस्तुत करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • ब्लैकमैन के मूल ग्राफ में तीखा कोण (Abrupt break) दिखाया गया था, किंतु वास्तव में संपूर्ण पौधे में वह मोड़ चिकना वक्रीय (Smooth curve — Bose, Harder) होता है।
  • दृश्य प्रकाश के हरे रंग (Green light: 500–560 nm) में प्रकाश-संश्लेषण की दर न्यूनतम होती है क्योंकि पत्तियाँ हरे प्रकाश को परावर्तित कर देती हैं।
  • C3 पौधे पूर्ण सूर्य के प्रकाश के मात्र 30–50% भाग पर ही प्रकाश-संतृप्त हो जाते हैं, जबकि C4 पौधे 100% धूप में भी संतृप्त नहीं होते।
  • पत्ती में ट्रायोज-फॉस्फेट से सुक्रोज न बनने पर अकार्बनिक फॉस्फेट (Pi) की कमी हो जाती है जो ATP Synthase और केल्विन चक्र को रोक देती है।
  • अनाजों में साइटोकाइनिन हार्मोन जीर्णता को रोककर ध्वज पत्ती के हरेपन ('Stay-green') को बनाए रखता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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