PPHYS 311 Lecture 07: खनिज तत्वों का वर्गीकरण: आवश्यक (Essential) एवं लाभदायक (Beneficial) तत्व

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
खनिज तत्वों का वर्गीकरण: आवश्यक (Essential) एवं लाभदायक (Beneficial) तत्व
Classification of Mineral Elements: Essential and Beneficial Elements
17 Essential Elements, Arnon & Stout Criteria of Essentiality (1939), Macro vs Micronutrients, Mobility, Beneficial Elements (Na, Si, Co, Se, V)
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- पौधों की राख विश्लेषण (Ash analysis – De Saussure, 1804 & Liebig, 1840) और आर्नन एवं स्टाउट (Arnon & Stout, 1939; Arnon, 1954) द्वारा प्रतिपादित 'अनिवार्यता की तीन कसौटियों' (Three Criteria of Essentiality) को समझना।
- पौधों के सभी 17 आवश्यक पोषक तत्वों का मात्रात्मक वर्गीकरण—अ-खनिज संरचनात्मक (C, H, O), प्राथमिक वृहद (N, P, K), द्वितीयक वृहद (Ca, Mg, S) एवं 8 सूक्ष्म पोषक तत्व (Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl और 17वाँ तत्व Ni – Brown et al., 1987)—तथा पौधे में उनकी गतिशीलता (Phloem mobility) और अवशोषित आयनिक रूपों को कंठस्थ करना।
- लाभदायक तत्वों (Beneficial Elements: Na, Si, Co, Se, Al, V) और निकोलस (Nicholas, 1961) के 'कार्यात्मक पोषक तत्वों' (Functional Nutrients = 17 + 4 = 21 तत्व) की अवधारणा सीखना।
प्रस्तावना · Introduction
यदि किसी पौधे को 600°C पर भट्ठी में जलाया जाए, तो कार्बनिक पदार्थ उड़ जाते हैं और शेष बची 'पादप राख' (Plant Ash) का विश्लेषण करने पर उसमें आवर्त सारणी के 60 से अधिक खनिज तत्व पाए जाते हैं (यहाँ तक कि सोना व यूरेनियम भी!)। किंतु मिट्टी में उपस्थित हर तत्व पौधे के जीवन के लिए आवश्यक नहीं होता। सन् 1939 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डी.आई. आर्नन और पी.आर. स्टाउट (D.I. Arnon & P.R. Stout, 1939) ने यह तय करने के लिए कि कौन सा तत्व वास्तव में 'आवश्यक' है, अपनी विश्वप्रसिद्ध तीन कसौटियाँ प्रस्तुत कीं, जिनके आधार पर आज कुल 17 आवश्यक तत्व मान्य हैं।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
अनिवार्यता की कसौटियाँ (Criteria of Essentiality – Arnon & Stout, 1939; refined by Arnon, 1954)
कोई तत्व पौधे के लिए आवश्यक तभी माना जाएगा जब: (1) उसकी अनुपस्थिति में पौधा अपनी वानस्पतिक वृद्धि या प्रजनन (बीज निर्माण) का जीवन चक्र पूरा न कर सके, (2) उस तत्व की कमी विशिष्ट हो और किसी अन्य तत्व को देकर उसे पूरा या प्रतिस्थापित न किया जा सके, और (3) वह तत्व पौधे के उपापचय (Metabolism — संरचनात्मक भाग या एंजाइम क्रिया) में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता हो।
वृहद बनाम सूक्ष्म पोषक तत्व (Macronutrients vs Micronutrients – Loomis & Shull, 1937)
वे 9 आवश्यक तत्व जिनकी पौधे के शुष्क भार में मात्रा > 1000 mg/kg (> 0.1% या 1–10 mg/g dry weight) होती है 'वृहद पोषक तत्व' (Macronutrients: C, H, O, N, P, K, Ca, Mg, S) कहलाते हैं; और वे 8 तत्व जिनकी आवश्यकता < 100 mg/kg (< 0.01% या ≤ 0.1 mg/g) होती है 'सूक्ष्म या ट्रेस तत्व' (Micronutrients: Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl, Ni) कहलाते हैं।
17वाँ आवश्यक पोषक तत्व — निकल (Nickel – Ni²⁺; Brown, Welch & Cary, 1987)
सन् 1987 में ब्राउन एवं सहयोगियों ने जौ (Barley) व दलहनों में सिद्ध किया कि निकल (Ni²⁺) पौधों के लिए 17वाँ आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है, क्योंकि यह यूरिया को तोड़ने वाले 'यूरिएज' (Urease) एंजाइम का अनिवार्य धात्विक घटक है!
लाभदायक एवं कार्यात्मक तत्व (Beneficial & Functional Elements – Nicholas, 1961)
वे तत्व जो सभी पौधों के लिए तो अनिवार्य नहीं हैं, किंतु कुछ विशेष फसलों की वृद्धि, उपज व तनाव सहिष्णुता को बढ़ाते हैं 'लाभदायक तत्व' कहलाते हैं—जैसे सोडियम (Na), सिलिकॉन (Si), कोबाल्ट (Co) एवं सेलेनियम (Se)। निकोलस (1961) ने 17 आवश्यक + इन 4 लाभदायक तत्वों को मिलाकर 21 'कार्यात्मक पोषक तत्व' (Functional Nutrients) कहा।
वर्गीकरण · Classification
17 आवश्यक पोषक तत्वों का मानक वर्गीकरण एवं उनके अवशोषित आयनिक रूप (Ionic Forms Absorbed)
【A. अ-खनिज संरचनात्मक तत्व (3 Non-Mineral Framework Elements — वायु एवं जल से प्राप्त, शुष्क भार का 94–96%)】:
1. कार्बन (C — CO2 के रूप में), 2. हाइड्रोजन (H — H2O के रूप में), 3. ऑक्सीजन (O — O2 एवं H2O के रूप में)।
【B. प्राथमिक वृहद पोषक तत्व (3 Primary Macronutrients — 'उर्वरक तत्व')】:
4. नाइट्रोजन (N): NO3⁻ (नाइट्रेट — सर्वाधिक प्रचलित रूप) एवं NH4⁺ (अमोनियम — जलमग्न धान में प्रमुख) [एकमात्र तत्व जो धनायन व ऋणायन दोनों रूपों में अवशोषित होता है!]।
5. फॉस्फोरस (P): H2PO4⁻ (मोनोवैलेंट फॉस्फेट — अम्लीय मृदा pH < 6.5 में सर्वाधिक अवशोषित!) एवं HPO4²⁻ (डाइवैलेंट फॉस्फेट — उदासीन/क्षारीय मृदा में)।
6. पोटैशियम (K): K⁺ आयन।
【C. द्वितीयक वृहद पोषक तत्व (3 Secondary Macronutrients)】:
7. कैल्शियम (Ca): Ca²⁺, 8. मैग्नीशियम (Mg): Mg²⁺, 9. सल्फर / गंधक (S): SO4²⁻ (सल्फेट)।
【D. सूक्ष्म पोषक तत्व (8 Micronutrients / Trace Elements)】:
10. लोहा (Fe): Fe²⁺ (फेरस — मुख्य रूप से इसी रूप में अवशोषित!) एवं Fe³⁺ (फेरिक)।
11. मैंगनीज (Mn): Mn²⁺ (मैंगनस)।
12. जिंक / जस्ता (Zn): Zn²⁺।
13. ताँबा / कॉपर (Cu): Cu²⁺ (क्यूप्रिक)।
14. बोरॉन (B): H3BO3 (अविभाजित बोरिक अम्ल — मुख्य रूप!) एवं H2BO3⁻ (बोरेट)।
15. मॉलिब्डेनम (Mo): MoO4²⁻ (मॉलिब्डेट — सभी पोषक तत्वों में सबसे कम मात्रा में आवश्यक!)।
16. क्लोरीन (Cl): Cl⁻ (क्लोराइड)।
17. निकल (Ni — 17वाँ तत्व, 1987): Ni²⁺।
जैव-रासायनिक कार्य के आधार पर मेंगेल एवं किर्कबी का वर्गीकरण (Mengel & Kirkby, 1987 — 4 Biochemical Groups)
समूह 1 (कार्बनिक यौगिकों के भाग): C, H, O, N, S।
समूह 2 (ऊर्जा संचय एवं संरचनात्मक अखंडता): P, B, Si।
समूह 3 (आयनिक रूप में रहकर परासरण व एंजाइम सह-कारक का कार्य): K, Ca, Mg, Cl, Mn, Na।
समूह 4 (इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण / Redox reactions में भाग लेने वाले संक्रमण धातु): Fe, Cu, Zn, Mo, Ni।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- पौधे के अंदर (फ्लोएम में) पोषक तत्वों की गतिशीलता का मास्टर नियम (Mobility of Nutrients Inside the Plant — Deficiency Location Key!): यह नियम तय करता है कि किसी तत्व की कमी के लक्षण पौधे के किस भाग पर सबसे पहले दिखाई देंगे:
• 1. अत्यधिक गतिशील तत्व (Highly Mobile in Phloem): N, P, K, Mg, Cl एवं Mo — जब मिट्टी में इनकी कमी होती है, तो पौधा इन्हें पुरानी निचली पत्तियों से तोड़कर नई उगती कलियों में भेज देता है; इसलिए N, P, K, Mg व Mo की कमी के लक्षण हमेशा सबसे पहले 'पुरानी निचली पत्तियों' (Older / Lower leaves) पर दिखाई देते हैं!
• 2. मध्यम गतिशील तत्व (Moderately Mobile): Zn (जिंक) — इसकी कमी मध्य व पुरानी दोनों पत्तियों पर दिखती है।
• 3. कम गतिशील / अल्प गतिशील तत्व (Less Mobile): S, Fe, Mn, Cu एवं Ni — इनकी कमी के लक्षण 'नई ऊपरी पत्तियों' (Young / New upper leaves) पर दिखाई देते हैं!
• 4. पूर्णतः अगतिशील तत्व (Completely Immobile in Phloem!): कैल्शियम (Ca) एवं बोरॉन (B) — ये दोनों तत्व एक बार पत्ती में पहुँचने के बाद फ्लोएम द्वारा कभी वापस स्थानांतरित नहीं हो सकते; इसलिए Ca और B की कमी से सबसे पहले 'प्ररोह व जड़ की शीर्ष कलिका' (Terminal / Apical bud) मर जाती है! - चार प्रमुख लाभदायक तत्वों (Beneficial Elements) का विशिष्ट फसल संबंध:
1. सिलिकॉन (Si — H4SiO4 के रूप में): धान (Rice), गन्ना (Sugarcane) व मक्का के लिए अत्यंत लाभदायक (कोशिका भित्ति मजबूत कर तना गिरने, ब्लास्ट रोग व तना छेदक से बचाता है)।
2. सोडियम (Na⁺): C4 और CAM पौधों (गन्ना, मक्का, चौलाई) में PEP के पुनर्जनन हेतु और चुकंदर (Sugarbeet) व लवणोद्भिदों के लिए अनिवार्य।
3. कोबाल्ट (Co²⁺): दलहनी फसलों (Legumes) की जड़ ग्रंथियों में सहजीवी *Rhizobium* जीवाणु द्वारा विटामिन B12 (Cobalamin) बनाने और नत्रजन स्थिरीकरण के लिए अनिवार्य!
4. सेलेनियम (Se): *Astragalus* व क्रूसीफेरी कुल के संचायक पौधों के लिए।
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. Arnon & Stout's Criteria of Essentiality & The 17 Essential Nutrients (अनिवार्यता की कसौटियाँ एवं 17 आवश्यक पोषक तत्व)
All Higher Plants
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रस्तावक: आर्नन एवं स्टाउट (Arnon & Stout, 1939 — टमाटर पर प्रयोग कर Mo की अनिवार्यता सिद्ध करते समय प्रतिपादित)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: यदि किसी एक भी आवश्यक तत्व की पूर्ण अनुपस्थिति हो, तो अन्य 16 तत्वों की भरपूर मात्रा देने पर भी पौधा बीज नहीं बना सकता!
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
सूक्ष्म पोषक तत्वों की अनिवार्यता की खोज करने वाले वैज्ञानिक (Exam Matching Table):
• लोहा (Fe): ई. ग्रिस (E. Gris, 1844 — सर्वप्रथम खोजा गया सूक्ष्म पोषक तत्व!)
• मैंगनीज (Mn): मैकहार्ग (McHargue, 1922)
• बोरॉन (B): वारिंगटन (K. Warington, 1923 — बाकला/Broad bean में)
• जिंक (Zn): सोमर एवं लिपमैन (Sommer & Lipman, 1926)
• कॉपर (Cu): सोमर, लिपमैन एवं मैकिनी (1931)
• मॉलिब्डेनम (Mo): आर्नन एवं स्टाउट (Arnon & Stout, 1939 — टमाटर में)
• क्लोरीन (Cl): ब्रॉयर एवं सहयोगी (Broyer et al., 1954)
• निकल (Ni — 17वाँ एवं नवीनतम आवश्यक तत्व): ब्राउन, वेल्च एवं कैरी (Brown, Welch & Cary, 1987 — जौ में)।
मात्रा के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता का क्रम: सूक्ष्म तत्वों में पौधे को लोहा (Fe) और क्लोरीन (Cl) की आवश्यकता सबसे अधिक (100 ppm) होती है, जबकि मॉलिब्डेनम (Mo: 0.1 ppm) और निकल (Ni: 0.05–0.1 ppm) की आवश्यकता सबसे कम ('Ultra-micronutrients') होती है!
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): नाइट्रोजन (N) और सल्फर (S) दोनों का अवशोषण ऑक्सीकृत ऋणायनों (NO3⁻ एवं SO4²⁻) के रूप में होता है किंतु प्रोटीन में जुड़ने से पूर्व पौधे के अंदर इनका अपचयन (Reduction to −NH2 and −SH) होना अनिवार्य है; जबकि फॉस्फोरस (P) बिना अपचयित हुए सीधे एस्टर बंध बनाता है।
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): पोटैशियम (K⁺) एकमात्र ऐसा वृहद पोषक तत्व है जो पौधे के किसी भी कार्बनिक यौगिक का संरचनात्मक भाग नहीं बनता, बल्कि हमेशा मुक्त आयन (Free K⁺ ion) के रूप में रहकर 60 से अधिक एंजाइमों को सक्रिय करता है और रंध्र चलाता है!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): मृदा pH पोषक तत्वों की उपलब्धता को नियंत्रित करता है: अम्लीय मृदा (pH < 5.5) में Fe, Mn, Zn, Cu व Al की घुलनशीलता बहुत बढ़ जाती है और Mo अघुलनशील हो जाता है; इसके ठीक विपरीत क्षारीय मृदा (pH > 7.5) में Fe, Mn, Zn, Cu व B की कमी हो जाती है और केवल मॉलिब्डेनम (Mo) की उपलब्धता बढ़ती है!
मुख्य बिंदु · Key Points
- Arnon & Stout (1939): 3 Criteria of Essentiality + 17th Element: Nickel (Brown et al., 1987 — component of Urease enzyme) + Fe absorbed as Fe2+ (Ferrous) + B absorbed as undissociated H3BO3 + Mo is needed in smallest quantity & its availability increases at high pH।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
यूरिया का पर्ण छिड़काव (Foliar spray of Urea) करने पर पत्ती के अंदर यूरिया को अमोनिया में बदलने के लिए निकल-युक्त 'Urease' एंजाइम आवश्यक होता है; निकल की कमी होने पर पत्ती के सिरों में यूरिया इकट्ठा होकर उन्हें जला देता है (Leaf tip necrosis)।
2. Mobility of Nutrients (Soil vs Plant) & Beneficial/Functional Elements (पोषक तत्वों की गतिशीलता एवं लाभदायक तत्व)
Rice, Sugarcane, Legumes, Sugarbeet & Forage Crops
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख लाभदायक तत्व: Si (Silicon), Na (Sodium), Co (Cobalt), Se (Selenium), V (Vanadium), Al (Aluminium)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: मृदा में गतिशीलता उर्वरक देने की विधि (Basal vs Split application) तय करती है, और पौधे में गतिशीलता कमी के लक्षणों का स्थान तय करती है।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
मृदा में गतिशीलता बनाम पौधे में गतिशीलता का अंतर (Soil Mobility vs Plant Mobility — भ्रम से बचें!):
• मृदा में अत्यधिक गतिशील (Mobile in Soil — जो पानी के साथ नीचे रिस/Leach जाते हैं): NO3⁻ (नाइट्रेट), SO4²⁻ (सल्फेट), BO3³⁻ (बोरेट) एवं Cl⁻।
• मृदा में अगतिशील (Immobile in Soil — जो मिट्टी के कणों से मजबूती से चिपक जाते हैं इसलिए जड़ के पास 'Band placement' से दिए जाते हैं): फॉस्फोरस (H2PO4⁻) एवं जिंक (Zn²⁺)!
• ध्यान दें: फॉस्फोरस (P) मृदा में तो अगतिशील है, किंतु पौधे के अंदर (फ्लोएम में) अत्यधिक गतिशील है! इसके उलट बोरॉन (B) मृदा में गतिशील है किंतु पौधे के अंदर अगतिशील है!
लाभदायक तत्वों (Beneficial Elements) के कार्यिकीय कार्य:
1. सिलिकॉन (Si): धान और गन्ने में इसे 'अर्ध-आवश्यक' (Quasi-essential) माना जाता है। यह पत्तियों की बाह्यत्वचा के नीचे 'Silica-cuticle double layer' और 'Silica cells' बनाता है जिससे पत्तियाँ सीधी खड़ी रहती हैं, वाष्पोत्सर्जन घटता है, तना गिरता नहीं (Lodging resistance) और धान में ब्लास्ट (Pyricularia) व तना छेदक के जबड़े घिस जाते हैं!
2. कोबाल्ट (Co): दलहनी फसलों की जड़ ग्रंथियों में सहजीवी राइजोबियम द्वारा 'विटामिन B12' और 'लेगहीमोग्लोबिन' के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है (दलहनों के बीज को कोबाल्ट क्लोराइड @ 1 g/kg से उपचारित करने पर ग्रंथियाँ बढ़ती हैं)।
3. सोडियम (Na): C4 पौधों में मीसोफिल क्लोरोप्लास्ट में पाइरूवेट के परिवहन और PEP पुनर्जनन के लिए आवश्यक है तथा चुकंदर में शर्करा संचय बढ़ाता है।
4. वैनेडियम (V) नील-हरित शैवाल में और एल्यूमीनियम (Al) चाय (Tea plant — जो Al संचायक है!) की अच्छी वृद्धि के लिए लाभदायक है।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): निकोलस (D.J.D. Nicholas, 1961) ने 'Functional / Metabolic Nutrient' शब्द दिया जिसमें बिना प्रत्यक्ष विशिष्टता कसौटी के उपापचय में काम आने वाले सभी 21 तत्व (17 आवश्यक + Na, Si, Co, V/Se) शामिल हैं।
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): चाय का पौधा (Camellia sinensis) अपने पुराने पत्तों में 10,000 से 30,000 ppm तक एल्यूमीनियम (Al) बिना किसी विषाक्तता के संचित कर लेता है!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): सोडियम कुछ हद तक कोशिका की रिक्तिका में परासरणीय कार्य (Osmotic role) में पोटैशियम (K⁺) का आंशिक प्रतिस्थापन कर सकता है, किंतु एंजाइम सक्रियण में K⁺ का स्थान नहीं ले सकता।
मुख्य बिंदु · Key Points
- Plant Mobility & Deficiency Location: Older leaves = N, P, K, Mg, Mo
- Middle leaves = Zn
- Young upper leaves = S, Fe, Mn, Cu
- Terminal/Apical bud death = Ca & B (Completely immobile in phloem!)
- Beneficial elements: Si (Rice & Sugarcane), Co (Legume Rhizobium Vit-B12), Na (C4 plants & Sugarbeet), Al (Tea)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
धान और गन्ने में 'कैल्शियम सिलिकेट स्लैग' या 'आर्थो-सिलिसिक अम्ल' का प्रयोग करने से उपज में 10–20% वृद्धि और रोग-कीट प्रकोप में भारी कमी आती है।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 7.1: पौधे के अंदर पोषक तत्वों की गतिशीलता (Phloem Mobility) एवं कमी के लक्षणों के प्रकट होने का स्थान
| गतिशीलता श्रेणी (Mobility Class) | शामिल आवश्यक पोषक तत्व | कमी के लक्षण सबसे पहले कहाँ दिखते हैं? |
|---|---|---|
| 1. अत्यधिक गतिशील (Highly Mobile) | N, P, K, Mg, Cl एवं Mo | पुरानी / निचली पत्तियों पर (Older / Lower senescing leaves) |
| 2. मध्यम गतिशील (Moderately Mobile) | Zn (जिंक / जस्ता) | मध्य की पत्तियों पर (Middle leaves — निचली व ऊपरी के बीच) |
| 3. कम गतिशील (Less / Slowly Mobile) | S, Fe, Mn, Cu एवं Ni | नई / ऊपरी पत्तियों पर (Young emerging upper leaves) |
| 4. पूर्णतः अगतिशील (Completely Immobile) | Ca (कैल्शियम) एवं B (बोरॉन) | शीर्ष कलिका (Terminal / Apical bud) एवं जड़ की नोक पर (कलिका सूखकर मर जाती है!) |
तालिका 7.2: प्रमुख लाभदायक तत्व (Beneficial Elements), अवशोषित रूप, लक्षित फसलें एवं कार्यिकीय भूमिका
| लाभदायक तत्व | अवशोषित रूप | लक्षित फसल / पादप समूह | प्रमुख कार्यिकीय कार्य |
|---|---|---|---|
| सिलिकॉन (Silicon – Si) | H4SiO4 (मोनोसिलिसिक अम्ल) | धान (Rice), गन्ना (Sugarcane), घास कुल | कोशिका भित्ति सुदृढ़ीकरण, तना गिरने (Lodging) व ब्लास्ट/तना छेदक से रक्षा |
| कोबाल्ट (Cobalt – Co) | Co²⁺ | समस्त दलहनी फसलें (Legumes – Rhizobium) | जड़ ग्रंथियों में विटामिन-B12 एवं लेगहीमोग्लोबिन संश्लेषण व N2 स्थिरीकरण |
| सोडियम (Sodium – Na) | Na⁺ | C4 एवं CAM पौधे, चुकंदर (Sugarbeet), लवणोद्भिद् | C4 चक्र में पाइरूवेट से PEP पुनर्जनन एवं परासरणीय संतुलन |
| सेलेनियम (Selenium – Se) | SeO4²⁻ / SeO3²⁻ | Astragalus (मिल्क वेच) एवं क्रूसीफेरी कुल | सल्फर के समरूप अमीनो अम्ल निर्माण व एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा |
| एल्यूमीनियम (Aluminium – Al) | Al³⁺ | चाय (Tea – Camellia sinensis) एवं Hydrangea | अम्लीय मृदा में चाय की जड़ वृद्धि बढ़ाना व फूल का नीला रंग |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. कार्यात्मक पोषक तत्वों (Functional Nutrients — Nicholas, 1961) का कुल योग एवं सांद्रता इकाई रूपांतरण
उदाहरण: यदि किसी स्वस्थ पत्ती के शुष्क भार में नाइट्रोजन (N) की क्रांतिक सांद्रता 1.5% है और जिंक (Zn) की क्रांतिक सांद्रता 20 ppm है, तो दोनों को समान इकाई (mg/kg या ppm) में व्यक्त करने पर:
• नाइट्रोजन (N) = 1.5 × 10,000 = 15,000 mg/kg (ppm)
• जिंक (Zn) = 20 mg/kg (ppm)
• अर्थात् पौधे को जिंक की तुलना में नाइट्रोजन की (15,000 / 20) = 750 गुना अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है!
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 07: खनिज तत्वों का वर्गीकरण — आवश्यक एवं लाभदायक तत्व]
├── 1. अनिवार्यता की कसौटियाँ (Criteria of Essentiality — Arnon & Stout, 1939)
│ ├── (i) कमी में पौधा अपना जीवन चक्र (वानस्पतिक वृद्धि या बीज निर्माण) पूरा न कर सके
│ ├── (ii) कमी विशिष्ट हो और किसी अन्य तत्व द्वारा प्रतिस्थापित न की जा सके
│ └── (iii) तत्व पौधे के उपापचय में प्रत्यक्ष रूप से (संरचना या एंजाइम क्रिया में) भाग लेता हो
├── 2. 17 आवश्यक पोषक तत्व (17 Essential Nutrients)
│ ├── 9 वृहद तत्व (Macronutrients >1000 ppm): संरचनात्मक (C, H, O) + प्राथमिक (N, P, K) + द्वितीयक (Ca, Mg, S)
│ ├── 8 सूक्ष्म तत्व (Micronutrients <100 ppm): Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl एवं 17वाँ तत्व: Ni (Brown et al., 1987 — Urease एंजाइम)
│ └── विशिष्ट आयन रूप: N (NO3⁻ व NH4⁺ दोनों), P (H2PO4⁻ > HPO4²⁻), Fe (Fe²⁺ फेरस), B (H3BO3 बोरिक अम्ल), Mo (MoO4²⁻)
├── 3. पौधे में गतिशीलता एवं कमी का स्थान (Phloem Mobility Key)
│ ├── पुरानी निचली पत्तियाँ (Highly Mobile): N, P, K, Mg, Mo | मध्य पत्तियाँ: Zn
│ └── नई ऊपरी पत्तियाँ (Less Mobile): S, Fe, Mn, Cu | शीर्ष कलिका मृत्यु (Completely Immobile): Ca एवं B
└── 4. लाभदायक एवं कार्यात्मक तत्व (Beneficial & Functional Elements — Nicholas, 1961)
├── 4 मुख्य लाभदायक तत्व: Si (धान व गन्ना), Co (दलहन राइजोबियम Vit-B12), Na (C4 पौधे व चुकंदर), Se/V
└── कुल कार्यात्मक तत्व (Functional Nutrients) = 17 आवश्यक + 4 लाभदायक = 21 तत्व
प्रवाह चित्र · Flowchart
[पौधे पर पोषक तत्व की कमी के लक्षण देखकर तत्व की पहचान करने की 'गतिशीलता कुंजी' (Diagnostic Decision Tree)]
【पौधे पर पोषक तत्व की कमी के लक्षण कहाँ दिखाई दे रहे हैं?】
│
├──► 1. पुरानी / निचली पत्तियों पर (Older Lower Leaves — क्योंकि तत्व फ्लोएम में अत्यधिक गतिशील है):
│ ├── पूर्ण पत्ती पीली (V-आकार): नाइट्रोजन (N) | बैंगनी रंगत: फॉस्फोरस (P)
│ └── किनारों का झुलसना: पोटैशियम (K) | अंतराशिरा हरिमाहीनता: मैग्नीशियम (Mg) एवं मॉलिब्डेनम (Mo)
│
├──► 2. मध्य की पत्तियों पर (Middle Leaves — मध्यम गतिशील):
│ └── जिंक (Zn — धान का खैरा रोग, मक्का की सफेद कलिका)
│
├──► 3. नई निकलती ऊपरी पत्तियों पर, परंतु शीर्ष कलिका जीवित (Young Upper Leaves — कम गतिशील):
│ ├── पूरी नई पत्ती पीली (शिराओं सहित): सल्फर (S)
│ └── नई पत्ती की शिराएँ हरी व बीच का भाग पीला/सफेद: लोहा (Fe), मैंगनीज (Mn) एवं कॉपर (Cu)
│
└──► 4. प्ररोह व जड़ की शीर्ष कलिका का ही सूखकर मर जाना (Terminal/Apical Bud Dies — पूर्णतः अगतिशील!):
└── कैल्शियम (Ca — हुक जैसी मुड़ी नई पत्ती) एवं बोरॉन (B — खोखला तना व कलिका परिगलन)
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा के 5 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न:
1. 17वाँ आवश्यक पोषक तत्व कौन सा है, किसने खोजा और किस एंजाइम का भाग है? उत्तर: निकल (Ni²⁺), ब्राउन एवं सहयोगियों (1987) ने खोजा, और यह Urease (यूरिएज) एंजाइम का भाग है।
2. एकमात्र पोषक तत्व जो धनायन (NH4⁺) और ऋणायन (NO3⁻) दोनों रूपों में अवशोषित होता है? उत्तर: नाइट्रोजन (N)।
3. बोरॉन (B) किस रूप में मुख्यतः अवशोषित होता है? उत्तर: अविभाजित अणु H3BO3 (बोरिक अम्ल) के रूप में।
4. पौधे में पूर्णतः अगतिशील (Completely immobile in phloem) दो तत्व कौन से हैं जिनकी कमी से शीर्ष कलिका (Apical bud) मर जाती है? उत्तर: कैल्शियम (Ca) और बोरॉन (B)!
5. मृदा pH बढ़ने (क्षारीय होने) पर किस एकमात्र सूक्ष्म पोषक तत्व की उपलब्धता बढ़ती है? उत्तर: मॉलिब्डेनम (Mo)! - लाभदायक तत्वों का मिलान: सिलिकॉन (Si) = धान व गन्ना; कोबाल्ट (Co) = दलहनी राइजोबियम (विटामिन B12); सोडियम (Na) = C4 पौधे व चुकंदर।
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- Arnon & Stout (1939): अनिवार्यता की 3 कसौटियाँ (Criteria of Essentiality) दीं।
- Nicholas (1961): 'Functional / Metabolic Nutrients' (21 तत्व = 17 आवश्यक + Si, Na, Co, V) शब्द दिया।
- पौधों में सबसे कम मात्रा में आवश्यक सूक्ष्म तत्व = मॉलिब्डेनम (Mo) एवं निकल (Ni) हैं।
- लोहा (Fe) पौधों द्वारा मुख्य रूप से फेरस (Fe²⁺) रूप में अवशोषित किया जाता है।
- फॉस्फोरस (P) अम्लीय मृदा में सर्वाधिक आसानी से मोनोवैलेंट 'H2PO4⁻' रूप में अवशोषित होता है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. सन् 1939 में पौधों के लिए किसी खनिज तत्व की 'अनिवार्यता की तीन कसौटियाँ' (Criteria of Essentiality) किन वैज्ञानिकों ने प्रतिपादित की थीं?
- (A) जूलियस वॉन सैक्स एवं नॉप (1860)
- (B) डी.आई. आर्नन एवं पी.आर. स्टाउट (D.I. Arnon & P.R. Stout, 1939)
- (C) डी.जे.डी. निकोलस (1961)
- (D) ब्राउन, वेल्च एवं कैरी (1987)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — आर्नन एवं स्टाउट (1939) ने टमाटर पर प्रयोग करते हुए अनिवार्यता की तीन कसौटियाँ निर्धारित कीं।
2. सन् 1987 में ब्राउन, वेल्च एवं कैरी द्वारा खोजा गया पौधों का '17वाँ आवश्यक पोषक तत्व' कौन सा है और यह किस एंजाइम का अनिवार्य घटक है?
- (A) कोबाल्ट — नाइट्रोजिनेज एंजाइम
- (B) निकल (Nickel – Ni²⁺) — यूरिएज (Urease) एंजाइम
- (C) सिलिकॉन — पेरोक्सीडेज एंजाइम
- (D) क्लोरीन — रुबिस्को एंजाइम
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — निकल (Ni) 17वाँ आवश्यक सूक्ष्म तत्व है जो यूरिया का जल-अपघटन करने वाले 'Urease' एंजाइम का सक्रिय केंद्र है।
3. पौधे के फ्लोएम में पूर्णतः 'अगतिशील' (Completely Immobile) दो पोषक तत्व कौन से हैं, जिनकी कमी के लक्षण सबसे पहले प्ररोह व जड़ की शीर्ष कलिका (Apical/Terminal bud) पर दिखाई देते हैं?
- (A) नाइट्रोजन (N) एवं पोटैशियम (K)
- (B) कैल्शियम (Ca) एवं बोरॉन (B)
- (C) फॉस्फोरस (P) एवं मैग्नीशियम (Mg)
- (D) क्लोरीन (Cl) एवं मॉलिब्डेनम (Mo)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कैल्शियम (Ca) और बोरॉन (B) पुरानी पत्तियों से कभी पुनः गतिशील नहीं होते, इसलिए इनकी कमी से शीर्ष कलिका सूखकर मर जाती है।
4. दलहनी फसलों की जड़ ग्रंथियों में सहजीवी 'Rhizobium' जीवाणु द्वारा विटामिन-B12 के संश्लेषण और वायुमंडलीय नत्रजन स्थिरीकरण के लिए कौन सा लाभदायक तत्व अनिवार्य है?
- (A) सोडियम (Na)
- (B) कोबाल्ट (Cobalt – Co²⁺)
- (C) सिलिकॉन (Si)
- (D) सेलेनियम (Se)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कोबाल्ट (Co) सायनोकोबालामिन (Vitamin B12) का मुख्य घटक है जो राइजोबियम ग्रंथियों में लेगहीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यक है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा एकमात्र आवश्यक पोषक तत्व पौधों द्वारा धनायन (NH4⁺) और ऋणायन (NO3⁻) दोनों रूपों में अवशोषित किया जाता है?
- (A) फॉस्फोरस (P)
- (B) नाइट्रोजन (Nitrogen – N)
- (C) सल्फर (S)
- (D) पोटैशियम (K)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — नाइट्रोजन एकमात्र तत्व है जो ऋणायन (नाइट्रेट NO3⁻) और धनायन (अमोनियम NH4⁺) दोनों रूपों में लिया जाता है।
6. धान (Rice) और गन्ने (Sugarcane) की फसल में तना गिरने (Lodging), ब्लास्ट रोग और तना छेदक से सुरक्षा प्रदान करने वाला प्रमुख 'लाभदायक तत्व' कौन सा है?
- (A) सिलिकॉन (Silicon – Si, जो H4SiO4 के रूप में अवशोषित होता है)
- (B) सेलेनियम
- (C) वैनेडियम
- (D) आयोडीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — सिलिकॉन धान और गन्ने की बाह्यत्वचा में सिलिका परत जमाकर यांत्रिक मजबूती और रोग-कीट प्रतिरोध प्रदान करता है।
7. जब मृदा का pH बढ़कर क्षारीय (pH > 7.5–8.0) हो जाता है, तो Fe, Mn, Zn और Cu की उपलब्धता घट जाती है, किंतु किस एकमात्र सूक्ष्म पोषक तत्व की उपलब्धता बढ़ जाती है?
- (A) लोहा (Fe)
- (B) जिंक (Zn)
- (C) मॉलिब्डेनम (Molybdenum – MoO4²⁻)
- (D) बोरॉन (B)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) — मॉलिब्डेनम (Mo) अम्लीय मृदा में अघुलनशील हो जाता है और क्षारीय मृदा (उच्च pH) में इसकी घुलनशीलता व उपलब्धता बढ़ जाती है।
8. पौधों द्वारा लोहा (Iron) मुख्य रूप से किस आयनिक रूप में और बोरॉन (Boron) किस रूप में अवशोषित किया जाता है?
- (A) लोहा: फेरस (Fe²⁺) रूप में एवं बोरॉन: अविभाजित बोरिक अम्ल (H3BO3) रूप में
- (B) लोहा: धात्विक Fe रूप में एवं बोरॉन: B³⁺ रूप में
- (C) दोनों गैस रूप में
- (D) लोहा: FeO4⁻ रूप में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — द्विबीजपत्री पौधे Fe³⁺ को जड़ की सतह पर Fe²⁺ (फेरस) में अपचयित करके सोखते हैं और बोरॉन मुख्यतः उदासीन अणु H3BO3 के रूप में सोखा जाता है।
9. सन् 1961 में 17 आवश्यक तत्वों और 4 लाभदायक तत्वों को संयुक्त रूप से 'कार्यात्मक या उपापचयी पोषक तत्व' (Functional Nutrients = 21) नाम किसने दिया था?
- (A) डी.जे.डी. निकोलस (D.J.D. Nicholas, 1961)
- (B) स्टीफन हेल्स
- (C) एफ.जी. विएट्स
- (D) ई. मुंच
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — निकोलस (1961) ने 'Functional Nutrient' शब्द प्रतिपादित किया।
10. कौन सा वृहद पोषक तत्व पौधे में किसी भी कार्बनिक अणु का संरचनात्मक हिस्सा नहीं बनता, किंतु मुक्त आयन के रूप में रहकर 60 से अधिक एंजाइमों को सक्रिय करता है?
- (A) नाइट्रोजन (N)
- (B) फॉस्फोरस (P)
- (C) पोटैशियम (Potassium – K⁺)
- (D) सल्फर (S)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) — पोटैशियम (K⁺) किसी भी कार्बनिक यौगिक में सहसंयोजक बंध नहीं बनाता, बल्कि कोशिकाद्रव्य में मुख्य धनायन और एंजाइम उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. अम्लीय मृदा (pH < 6.5) में फॉस्फोरस किस आयनिक रूप में सबसे तेजी से अवशोषित होता है?
मोनोवैलेंट डाइहाइड्रोजन फॉस्फेट आयन (H2PO4⁻) के रूप में।
2. सबसे पहले खोजा गया सूक्ष्म पोषक तत्व कौन सा था और इसे किसने खोजा था?
लोहा (Iron – Fe), जिसकी अनिवार्यता सन् 1844 में ई. ग्रिस (E. Gris) ने खोजी थी।
3. पौधों में सबसे कम मात्रा (अति-सूक्ष्म मात्रा ~0.05–0.1 ppm) में आवश्यक दो तत्वों के नाम लिखिए।
मॉलिब्डेनम (Mo) एवं निकल (Ni)।
4. द्वितीयक वृहद पोषक तत्व (Secondary Macronutrients) कौन से तीन तत्व हैं?
कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम (Mg) एवं सल्फर / गंधक (S)।
5. चाय के पौधे (Camellia sinensis) की अच्छी वृद्धि के लिए कौन सा तत्व लाभदायक माना जाता है?
एल्यूमीनियम (Aluminium – Al³⁺)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. आर्नन एवं स्टाउट (1939) द्वारा प्रतिपादित 'अनिवार्यता की तीन कसौटियों' (Criteria of Essentiality) को लिखिए।
1. उस तत्व की कमी या अनुपस्थिति में पौधा अपनी वानस्पतिक वृद्धि अथवा प्रजनन (बीज निर्माण) पूरा करके जीवन चक्र पूर्ण न कर सके। 2. उस तत्व की कमी विशिष्ट हो और किसी अन्य तत्व को देकर उसे दूर या प्रतिस्थापित न किया जा सके। 3. वह तत्व पौधे के पोषण और उपापचय में प्रत्यक्ष रूप से (संरचनात्मक घटक या एंजाइम तंत्र में) शामिल हो।
2. वृहद पोषक तत्व (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) में अंतर स्पष्ट करते हुए सभी 17 तत्वों का नाम लिखिए।
वृहद पोषक तत्व (9 तत्व) वे हैं जिनकी पौधे के शुष्क भार में मात्रा >1000 ppm (>0.1%) होती है: संरचनात्मक (C, H, O), प्राथमिक (N, P, K) एवं द्वितीयक (Ca, Mg, S)। सूक्ष्म पोषक तत्व (8 तत्व) वे हैं जिनकी आवश्यकता <100 ppm (<0.01%) होती है: Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl और Ni (निकल)।
3. पौधे के अंदर पोषक तत्वों की गतिशीलता (Phloem Mobility) कमी के लक्षणों की पहचान में कैसे मदद करती है?
जब मिट्टी में किसी तत्व की कमी होती है, तो यदि वह तत्व फ्लोएम में 'अत्यधिक गतिशील' है (जैसे N, P, K, Mg, Mo), तो पौधा उसे पुरानी निचली पत्तियों से निकालकर नई पत्तियों को भेज देता है, जिससे कमी के लक्षण पहले 'पुरानी पत्तियों' पर दिखते हैं। इसके विपरीत, यदि तत्व 'कम गतिशील' (S, Fe, Mn, Cu) या 'पूर्णतः अगतिशील' (Ca, B) है, तो वह पुरानी पत्तियों से नहीं निकल पाता और कमी के लक्षण 'नई ऊपरी पत्तियों या शीर्ष कलिका' पर प्रकट होते हैं।
4. लाभदायक तत्व (Beneficial Elements) क्या हैं? सिलिकॉन (Si), कोबाल्ट (Co) और सोडियम (Na) की भूमिका लिखिए।
वे तत्व जो सभी पौधों के लिए अनिवार्य नहीं हैं किंतु विशेष फसलों की वृद्धि व उपज बढ़ाते हैं, लाभदायक तत्व कहलाते हैं: 1. सिलिकॉन (Si): धान और गन्ने में पत्तियों को सीधा रखता है और तना गिरने व ब्लास्ट रोग से बचाता है। 2. कोबाल्ट (Co): दलहनों की जड़ ग्रंथियों में राइजोबियम द्वारा विटामिन B12 बनाने व नत्रजन स्थिरीकरण हेतु अनिवार्य है। 3. सोडियम (Na): C4 पौधों में PEP पुनर्जनन व चुकंदर की वृद्धि हेतु आवश्यक है।
5. 'मृदा में गतिशीलता' और 'पौधे में गतिशीलता' के बीच अंतर को फॉस्फोरस (P) और बोरॉन (B) के उदाहरण से समझाइए।
मृदा में गतिशीलता मिट्टी के कणों के आवेश और जल में घुलनशीलता पर निर्भर करती है, जबकि पौधे में गतिशीलता फ्लोएम परिवहन पर। उदाहरणार्थ, फॉस्फोरस (H2PO4⁻) मिट्टी में Fe/Al/Ca के साथ बंधने के कारण 'मृदा में पूर्णतः अगतिशील' है, किंतु पौधे के अंदर फ्लोएम में 'अत्यधिक गतिशील' है। इसके ठीक विपरीत, बोरॉन (B) 'मृदा में गतिशील' (लीचिंग योग्य) है किंतु पौधे के फ्लोएम में 'अगतिशील' है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. पादप खनिज पोषण में 'अनिवार्यता की कसौटियों' (Arnon & Stout, 1939) की व्याख्या कीजिए तथा सभी 17 आवश्यक पोषक तत्वों का उनके मात्रात्मक स्तर, अवशोषित आयनिक रूपों और जैव-रासायनिक कार्यों (Mengel & Kirkby) के आधार पर वर्गीकरण कीजिए।
आर्नन व स्टाउट की तीनों कसौटियाँ, 17 आवश्यक तत्वों की तालिका (अ-खनिज, प्राथमिक, द्वितीयक व 8 सूक्ष्म तत्व), प्रत्येक तत्व का अवशोषित आयनिक रूप (जैसे NO3⁻/NH4⁺, H2PO4⁻, Fe²⁺, H3BO3, MoO4²⁻, Ni²⁺) और मेंगेल व किर्कबी के चारों जैव-रासायनिक समूहों का सविस्तर वर्णन करें।
2. पौधों में पोषक तत्वों की गतिशीलता (Mobility in Soil vs Mobility in Plant) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए यह समझाइए कि पुरानी, मध्य, नई पत्तियों और शीर्ष कलिका पर किन-किन तत्वों की कमी के लक्षण प्रकट होते हैं।
फ्लोएम पुनर्गतिशीलता (Remobilization) का सिद्धांत, तालिका 7.1 के चारों समूह (अत्यधिक गतिशील: N, P, K, Mg, Mo; मध्यम: Zn; कम गतिशील: S, Fe, Mn, Cu; पूर्णतः अगतिशील: Ca व B), निर्णय वृक्ष चार्ट और मृदा में गतिशीलता के सस्य महत्व का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
3. लाभदायक तत्वों (Beneficial Elements) और कार्यात्मक पोषक तत्वों (Functional Nutrients — Nicholas, 1961) से आप क्या समझते हैं? कृषि फसलों में सिलिकॉन, कोबाल्ट, सोडियम, सेलेनियम और निकल के विशिष्ट महत्व की विवेचना कीजिए।
निकोलस की 21 कार्यात्मक तत्वों की अवधारणा, 17वें आवश्यक तत्व निकल (Urease एंजाइम व यूरिया छिड़काव में भूमिका) तथा तालिका 7.2 के अनुसार Si (धान व गन्ना), Co (दलहन सहजीवी नत्रजन स्थिरीकरण), Na (C4 चक्र व चुकंदर), Se और Al (चाय) के कार्यों का सविस्तर विवरण दें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- पौधों के शुष्क भार का लगभग 94% से 96% भाग केवल तीन अ-खनिज तत्वों—कार्बन (~45%), ऑक्सीजन (~45%) और हाइड्रोजन (~6%)—से बना होता है!
- जूलियस वॉन सैक्स और डब्ल्यू. नॉप (1860) ने सबसे पहले केवल 10 तत्वों (C, H, O, N, P, K, Ca, Mg, S, Fe) को पौधों के लिए आवश्यक बताया था।
- बोरॉन (B) एकमात्र ऐसा आवश्यक पोषक तत्व है जो मुख्य रूप से अ-आयनिक उदासीन अणु (H3BO3 — बोरिक अम्ल) के रूप में अवशोषित होता है।
- क्लोरीन (Cl⁻) की अनिवार्यता सन् 1954 में ब्रॉयर एवं सहयोगियों द्वारा सिद्ध की गई थी और यह प्रकाश-संश्लेषण में जल-अपघटन के लिए अनिवार्य है।
- धान के भूसे और छिलके (Rice husk ash) में 15–20% तक सिलिका (SiO2) पाया जाता है।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





