PPHYS 311 Lecture 06: जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency – WUE) और उसे प्रभावित करने वाले कारक

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency – WUE) और उसे प्रभावित करने वाले कारक
Water Use Efficiency (WUE) and Factors Affecting It
Physiological vs Agronomic WUE, C3 vs C4 vs CAM WUE, Carbon Isotope Discrimination (Δ13C), Factors & Management
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency – WUE; Viets, 1962) की परिभाषा और इसके तीनों स्तरों—पत्ती स्तर (Instantaneous WUE = A/E), पादप कार्यिकीय स्तर (Biomass/Transpiration) और खेत/सस्य स्तर (Crop Yield/ET)—के सूत्रों व इकाइयों को समझना।
- प्रकाश-संश्लेषी पथों (C3, C4 एवं CAM) के अनुसार फसलों की जल उपयोग दक्षता की तुलना (CAM > C4 > C3) और पासेका के नियम व कार्बन आइसोटोप विभेदन (Δ13C) का विश्लेषण करना।
- WUE को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक, कार्यिकीय, पर्यावरणीय और सस्य कारकों (सिंचाई विधि, पलवार/Mulching, उर्वरक, पर्ण कोण) का अध्ययन करना।
प्रस्तावना · Introduction
कृषि में ताजे पानी की घटती उपलब्धता के कारण आज प्रजनन और सस्य विज्ञान का नारा 'प्रत्येक बूँद से अधिक फसल' (More Crop Per Drop) है। सन् 1962 में एफ.जी. विएट्स (F.G. Viets) द्वारा परिभाषित 'जल उपयोग दक्षता' (Water Use Efficiency – WUE) यह मापती है कि कोई पौधा या फसल प्रति इकाई जल की खपत के बदले कितना शुष्क पदार्थ या आर्थिक अनाज पैदा करती है। कार्यिकीय रूप से यह वाष्पोत्सर्जन अनुपात (Transpiration Ratio) का ठीक व्युत्क्रम (Reciprocal) होती है!
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
कार्यिकीय जल उपयोग दक्षता (Physiological WUE / Transpiration Efficiency – TE)
पत्ती के स्तर पर शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण दर (Net CO2 Assimilation 'A') और वाष्पोत्सर्जन दर (Transpiration 'E') के अनुपात [WUE_inst = A / E], अथवा पूरे पौधे के स्तर पर निर्मित कुल शुष्क जैविक पदार्थ (g) और कुल वाष्पोत्सर्जित जल (kg या L) के अनुपात [TE = Biomass / Transpiration] को कार्यिकीय WUE कहते हैं।
सस्य / प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Agronomic / Crop / Field WUE – Viets, 1962)
प्रति हेक्टेयर प्राप्त आर्थिक फसल उपज (Y, kg/ha) और फसल अवधि में वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration 'ET' = मृदा वाष्पन E + पादप वाष्पोत्सर्जन T, mm या ha-cm में) में खर्च हुए कुल जल के अनुपात को Crop WUE कहते हैं [WUE_crop = Yield / ET]।
वाष्पोत्सर्जन अनुपात (Transpiration Ratio – TR; Briggs & Shantz, 1914)
1 ग्राम शुष्क पदार्थ पैदा करने के लिए पौधे द्वारा वाष्पोत्सर्जित जल के ग्रामों की संख्या [TR = g of H2O transpired / g of dry matter produced]; अतः TR = 1 / TE (जिन पौधों का WUE सबसे अधिक होता है उनका Transpiration Ratio सबसे कम होता है!)।
कार्बन आइसोटोप विभेदन (Carbon Isotope Discrimination – Δ13C; Farquhar et al., 1982)
वायुमंडल में 98.9% हल्का 12CO2 और 1.1% भारी 13CO2 होता है; C3 पौधों का RuBisCO एंजाइम भारी 13CO2 के विरुद्ध विभेदन (Discrimination) करता है। Δ13C और कार्यिकीय WUE के बीच प्रबल ऋणात्मक सहसंबंध होता है (अर्थात् कम Δ13C = उच्च WUE)!
वर्गीकरण · Classification
जल उपयोग दक्षता (WUE) के 3 मापन स्तर एवं उनके सूत्र
1. तात्क्षणिक / आंतरिक पत्ती WUE (Instantaneous / Intrinsic Leaf WUE): WUE_i = A / E या A / g_s [इकाई: μmol CO2 fixed per mmol H2O transpired]।
2. पादप वाष्पोत्सर्जन दक्षता (Plant Transpiration Efficiency – TE): TE = Total Dry Matter (g) / Total Water Transpired (kg) [इकाई: g dry matter / kg water]।
3. सस्य एवं सिंचाई WUE (Agronomic / Field WUE): WUE_ET = Economic Grain Yield (kg/ha) / Evapotranspiration ET (mm) एवं WUE_irr = Economic Yield (kg/ha) / Total Irrigation Water Applied (mm) [इकाई: kg / ha-mm या kg / m³]।
C3, C4 एवं CAM पौधों में WUE और Transpiration Ratio की तुलना (Exam Goldmine!)
1. CAM पादप (सर्वाधिक WUE!): अनन्नास, नागफनी, Agave — रात में रंध्र खुलने से वाष्पन न्यूनतम होता है; WUE = 10 से 20 g शुष्क पदार्थ / kg जल (Transpiration Ratio = मात्र 50 से 100 g जल / g शुष्क पदार्थ!)।
2. C4 फसलें (मध्यम से उच्च WUE — C3 से दोगुना!): मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना, रागी — PEPCase के CO2 पंप और शून्य प्रकाश-श्वसन के कारण कम रंध्र खुलने पर भी तेज प्रकाश-संश्लेषण करती हैं; WUE = 3 से 4 g शुष्क पदार्थ / kg जल (Transpiration Ratio = 250 से 350 g जल / g शुष्क पदार्थ)।
3. C3 फसलें (सबसे कम WUE!): धान, गेहूँ, जौ, सभी दलहनें, मूँगफली, सोयाबीन, कपास — उच्च प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) के कारण 25–30% CO2 नष्ट होती है; WUE = 1 से 2 g शुष्क पदार्थ / kg जल (Transpiration Ratio = 500 से 800 g जल / g शुष्क पदार्थ; जिसमें लूसर्न/Alfalfa और धान का सबसे खराब होता है!)।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- C4 पौधों की WUE C3 पौधों से दोगुनी क्यों होती है? (Physiological Reason for High WUE in C4 Crops): C4 पौधों (मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना) की मीसोफिल कोशिकाओं में 'PEPCase' एंजाइम होता है जिसकी CO2 के प्रति बंधुता (Affinity) अत्यंत उच्च (Km = मात्र 7 μM) होती है और यह CO2 को सांद्रित करके पूल-आच्छद (Bundle sheath) में RuBisCO को देता है। इसलिए C4 पौधे अपने रंध्र आधे बंद रखकर (Low stomatal conductance) भी पूरा प्रकाश-संश्लेषण कर लेते हैं, जिससे पानी आधा उड़ता है और कार्बन दोगुना जुड़ता है!
- पासेओरा का उपज पहचान समीकरण (Passioura's Yield Identity under Water-Limited Environments, 1977): जॉन पासेओरा ने बारानी/सूखाग्रस्त क्षेत्रों में दाने की उपज के तीन स्वतंत्र कार्यिकीय घटक बताए: Grain Yield (Y) = Water Transpired (T) × Water Use Efficiency (WUE) × Harvest Index (HI)। अर्थात् यदि हम मिट्टी की सतह से होने वाले बेकार वाष्पन (E) को पलवार (Mulching) से रोककर उसे पौधे के वाष्पोत्सर्जन (T) में बदल दें और WUE व HI बढ़ा दें, तो कम बारिश में भी बंपर उपज मिल सकती है!
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. Physiological Basis of WUE & Comparison among Kharif/Rabi Crops (जल उपयोग दक्षता का कार्यिकीय आधार एवं फसलों की तुलना)
Finger Millet, Pearl Millet, Sorghum, Maize, Pulses, Oilseeds & Rice
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख वैज्ञानिक: ब्रिग्स एवं शैंट्ज (1914 – Transpiration ratio), विएट्स (Viets, 1962 – WUE), पासेओरा (1977) एवं फारकुहर (1982 – Δ13C)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: भारत की सभी अनाज फसलों में रागी (Finger Millet: 13.4 kg/ha-mm) और बाजरा/मक्का (8–9 kg/ha-mm) की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता सर्वाधिक है, जबकि धान (Rice: मात्र 3.0 से 3.7 kg/ha-mm) की जल उपयोग दक्षता सबसे कम है (1 किलो चावल पैदा करने में 3000 से 5000 लीटर पानी खर्च होता है)!
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
पत्ती स्तर पर WUE का गैस-विनिमय समीकरण:
• शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण दर: A = g_c × (C_a − C_i) [जहाँ C_a = बाह्य CO2 और C_i = अंतराकोशिकीय CO2]
• वाष्पोत्सर्जन दर: E = g_w × (e_i − e_a) = 1.6 × g_c × VPD [क्योंकि जलवाष्प का अणुभार 18 होने से यह CO2 (अणुभार 44) की तुलना में हवा में 1.6 गुना तेजी से विसरित होती है!]
• अतः Instantaneous WUE (A / E) = (C_a − C_i) / (1.6 × VPD)!
• इस समीकरण से स्पष्ट है कि: (1) यदि बाह्य वायुमंडल में वाष्प दाब न्यूनता (VPD — सूखी गर्म हवा) बढ़ेगी तो WUE घट जाएगी, और (2) यदि वायुमंडल में CO2 (C_a) बढ़ेगी तो WUE बढ़ जाएगी!
कार्बन आइसोटोप विभेदन (Δ13C) द्वारा उच्च-WUE किस्मों का चयन: जब किसी C3 किस्म (जैसे मूँगफली या गेहूँ) में C_i/C_a अनुपात कम होता है, तो उसका WUE उच्च होता है और उसमें Δ13C कम आता है। UAS बेंगलुरु के वैज्ञानिकों (डॉ. उदयकुमार व टीम) और ICRISAT ने इसी तकनीक से उच्च WUE वाली मूँगफली किस्में विकसित की हैं।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): प्रमुख फसलों की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Field WUE in kg grain / ha-mm of water) का क्रम:
रागी (13.4) > गेहूँ (12.6) > ज्वार व मक्का (9.0) > बाजरा (8.0) > मूँगफली व दलहन (5.0–6.0) > धान (3.7 — सबसे कम!)।
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): समान जल की मात्रा में C4 पौधे C3 पौधों से दोगुना और CAM पौधे C3 से 5–10 गुना अधिक शुष्क पदार्थ बनाते हैं।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): दोपहर के समय जब VPD सर्वाधिक होता है तब WUE सबसे कम होता है; जबकि सुबह के समय जब धूप अच्छी हो और हवा में नमी हो (कम VPD) तब प्रकाश-संश्लेषण उच्च और वाष्पोत्सर्जन कम होने से WUE सर्वाधिक होता है!
मुख्य बिंदु · Key Points
- WUE क्रम: CAM > C4 > C3
- Transpiration Ratio क्रम (उल्टा!): C3 (500–800) > C4 (250–350) > CAM (50–100)
- अनाजों में सर्वोच्च Field WUE: Ragi (13.4 kg/ha-mm) & सबसे कम: Rice (3.7 kg/ha-mm, 3000–5000 L/kg)
- कम Δ13C = उच्च WUE।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
धान में पारंपरिक जलभराव (Puddled transplanted rice) के स्थान पर 'श्री विधि' (SRI), 'एकान्तर गीला व सूखा करना' (Alternate Wetting and Drying – AWD) और 'एरोबिक धान' अपनाकर WUE को दोगुना किया जा सकता है।
2. Factors Affecting WUE and Agronomic/Breeding Strategies to Improve It (WUE को प्रभावित करने वाले कारक एवं सुधार के उपाय)
All Irrigated & Rainfed Crops
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख कारक: 1. आनुवंशिक/पादप कारक (C3/C4/CAM, LAI, Root system, HI), 2. पर्यावरणीय कारक (VPD, Temp, CO2, Wind), 3. सस्य एवं प्रबंधन कारक (Irrigation, Fertilizer, Mulching, Weed control)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: चूँकि प्रक्षेत्र WUE = Yield / (E + T) है, इसलिए कोई भी कारक जो या तो हर (E + T) में से मृदा वाष्पन (E) को घटाए या अंश (Yield) को बढ़ाए, वह सीधे WUE को बढ़ा देता है!
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. आनुवंशिक एवं पादप कार्यिकीय कारक (Genetic & Plant Factors):
• प्रकाश-संश्लेषी पथ (CAM > C4 > C3) एवं पर्ण आकारिकी (मोटी क्यूटिकल, पत्ती पर मोम की परत 'Glaucousness / Epicuticular wax', पत्ती पर सूक्ष्म रोम 'Pubescence' और धँसे हुए रंध्र वाष्पोत्सर्जन घटाकर WUE बढ़ाते हैं)।
• कैनोपी वास्तुकला एवं Harvest Index: सीधी खड़ी पत्तियाँ (Erect leaves), शीघ्र प्रारंभिक कैनोपी विकास (Early seedling vigour जो जमीन को जल्दी ढककर मृदा वाष्पन 'E' को रोकता है) और उच्च Harvest Index सीधे आर्थिक WUE बढ़ाते हैं।
2. पर्यावरणीय कारक (Environmental Factors):
• वाष्प दाब न्यूनता (Vapour Pressure Deficit – VPD) एवं आर्द्रता: उच्च आर्द्रता (कम VPD) में WUE बढ़ता है; शुष्क व गर्म हवा (उच्च VPD) में वाष्पोत्सर्जन तेजी से बढ़ने से WUE गिर जाता है।
• वायुमंडलीय CO2 सांद्रता: CO2 बढ़ने पर (Elevated CO2) रंध्र आंशिक रूप से बंद होते हैं (जिससे वाष्पोत्सर्जन घटता है) और प्रकाश-संश्लेषण बढ़ता है—अतः CO2 बढ़ने पर WUE में उल्लेखनीय वृद्धि होती है!
3. सस्य एवं प्रबंधन कारक (Agronomic Management to Maximize WUE):
• संतुलित उर्वरक प्रयोग (Balanced Fertilization — Viets, 1962 का प्रसिद्ध सिद्धांत): बिना खाद की कमजोर फसल और खाद दी गई स्वस्थ फसल दोनों खेत से लगभग बराबर पानी उड़ाती हैं (ET लगभग समान रहता है), किंतु उर्वरक देने से दाने की उपज दोगुनी हो जाती है—अतः उर्वरक (विशेषकर N, P एवं K) देने से WUE में 50–100% की वृद्धि होती है! (पोटैशियम K+ रंध्र नियमन द्वारा सीधे WUE सुधारता है)।
• सूक्ष्म सिंचाई विधियाँ (Micro-irrigation): सतही बाढ़ सिंचाई (जहाँ दक्षता मात्र 35–40% है) के स्थान पर फव्वारा (Sprinkler: 70–75%) और टपक सिंचाई (Drip irrigation: 90–95% दक्षता) व 'आंशिक जड़-क्षेत्र सुखाना' (Partial Root-Zone Drying – PRD, जिसमें जड़ के आधे भाग को सूखा रखकर ABA बनवाया जाता है) से WUE सर्वाधिक मिलता है।
• पलवार (Mulching), खरपतवार नियंत्रण, वाष्पोत्सर्जन-रोधी (Kaolin/PMA) का छिड़काव और संरक्षण जुताई (Conservation tillage) मृदा वाष्पन (E) और खरपतवार वाष्पोत्सर्जन को रोककर WUE बढ़ाते हैं।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): आंशिक जड़-क्षेत्र सुखाने (Partial Root-Zone Drying – PRD) में जड़ तंत्र के एक तरफ पानी दिया जाता है (जिससे पौधा आशून रहता है) और दूसरी तरफ सूखा रखा जाता है (जिससे वह जड़ ABA बनाकर पत्तियों के रंध्रों को थोड़ा संकरा रखती है)—इससे उपज घटे बिना 30–40% पानी बचता है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): पत्ती की सतह पर नीले-भूरे मोम की परत ('Bloom / Glaucousness' — जैसे ज्वार और गेहूँ में) सौर विकिरण को परावर्तित कर पत्ती का तापमान घटाती है और क्यूटिकुलर वाष्पोत्सर्जन रोककर WUE बढ़ाती है।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): हवा की गति बढ़ने पर पत्ती की सीमा परत प्रतिरोध (Boundary layer resistance) घटता है जिससे वाष्पोत्सर्जन बढ़ता है; इसलिए वायुरोधी पट्टियाँ (Shelterbelts / Windbreaks) लगाकर WUE बढ़ाई जाती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
- Elevated CO2 = WUE बढ़ती है (रंध्र आंशिक बंद + प्रकाश-संश्लेषण तेज)
- उच्च VPD = WUE घटती है
- Balanced NPK Fertilization (Viets, 1962) = ET लगभग स्थिर रखते हुए उपज बढ़ाकर WUE को दोगुना करता है
- PRD (Partial Root-Zone Drying) = ABA संकेतन से उच्च WUE।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
क्रांतिक अवस्थाओं पर जीवनरक्षक सिंचाई (Deficit / Critical stage irrigation) देकर प्रति घन मीटर जल से अधिकतम अनाज प्राप्त किया जाता है।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 6.1: C3, C4 एवं CAM पादप समूहों में जल उपयोग दक्षता (WUE) एवं वाष्पोत्सर्जन अनुपात की तुलना
| विशेषता / प्राचल | C3 फसलें (धान, गेहूँ, दलहन, मूँगफली) | C4 फसलें (मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना, रागी) | CAM पादप (अनन्नास, नागफनी, Agave) |
|---|---|---|---|
| प्राथमिक CO2 ग्राही एंजाइम | RuBisCO (CO2 के प्रति कम बंधुता) | PEPCase (CO2 के प्रति अत्यंत उच्च बंधुता) | रात्रि में PEPCase एवं दिन में RuBisCO |
| प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) | उच्च (25–30% स्थिर कार्बन नष्ट होता है) | नगण्य / अनुपस्थित | नगण्य |
| रंध्र खुलने का व्यवहार | दिन में चौड़े खुलते हैं (अधिक जल हानि) | दिन में आंशिक खुलने पर भी पूर्ण CO2 स्थिरीकरण | केवल रात्रि में खुलते हैं (Scotoactive) |
| वाष्पोत्सर्जन अनुपात (g H2O / g DM) | 500 – 800 (सर्वाधिक जल खपत!) | 250 – 350 (मध्यम जल खपत) | 50 – 100 (न्यूनतम जल खपत!) |
| जल उपयोग दक्षता (g DM / kg H2O) | 1.0 – 2.0 (सबसे कम WUE!) | 3.0 – 4.5 (उच्च WUE — C3 से दोगुनी) | 10.0 – 20.0 (सर्वोच्च WUE!) |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Crop WUE), सिंचाई WUE एवं वाष्पोत्सर्जन दक्षता (TE) की संख्यात्मक गणना
उदाहरण 1 (Crop WUE): यदि गेहूँ की एक फसल 4,800 kg/ha (48 क्विंटल/हेक्टेयर) दाना उपज देती है और पूरी फसल अवधि में कुल वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन (ET) 400 mm (अर्थात् 40 सेमी) हुआ है, तो:
• प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Crop WUE) = 4,800 / 400 = 12.0 kg / ha-mm (अर्थात् प्रति हेक्टेयर-मिलीमीटर पानी से 12 किलो गेहूँ पैदा हुआ)।
उदाहरण 2 (TR से TE रूपांतरण): यदि मक्का का वाष्पोत्सर्जन अनुपात (TR) = 250 g जल प्रति ग्राम शुष्क पदार्थ है, तो उसकी वाष्पोत्सर्जन दक्षता (TE) = 1000 / 250 = 4.0 ग्राम शुष्क पदार्थ प्रति किलोग्राम जल।
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 06: जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency - WUE) एवं प्रभावित करने वाले कारक]
├── 1. परिभाषा एवं 3 स्तर (Definitions & Levels — Viets, 1962)
│ ├── पत्ती स्तर (Instantaneous WUE): A / E = (Ca − Ci) / (1.6 × VPD) [μmol CO2 / mmol H2O]
│ ├── पादप स्तर (Transpiration Efficiency - TE): कुल शुष्क पदार्थ (g) / वाष्पोत्सर्जित जल (kg) [= 1 / Transpiration Ratio]
│ └── खेत/सस्य स्तर (Agronomic / Crop WUE): आर्थिक दाना उपज (kg/ha) / कुल वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन ET (mm) [kg / ha-mm]
├── 2. पादप समूहों एवं फसलों की तुलना (Crop Comparison)
│ ├── पथ के अनुसार WUE क्रम: CAM (10–20 g/kg) > C4 (3–4 g/kg) > C3 (1–2 g/kg)
│ ├── वाष्पोत्सर्जन अनुपात (TR) क्रम (उल्टा!): C3 (500–800) > C4 (250–350) > CAM (50–100)
│ └── अनाज फसलों में Field WUE क्रम: रागी (13.4 kg/ha-mm) > गेहूँ (12.6) > ज्वार/मक्का/बाजरा (8–9) > धान (3.7 — सबसे कम!)
├── 3. प्रजनन एवं कार्यिकीय सूचकांक (Breeding Indices)
│ ├── पासेओरा का समीकरण (1977): Yield = Water Transpired (T) × WUE × Harvest Index (HI)
│ └── फारकुहर का कार्बन आइसोटोप विभेदन (Δ13C, 1982): कम Δ13C मान = उच्च कार्यिकीय WUE (मूँगफली व गेहूँ प्रजनन में प्रयुक्त)
└── 4. WUE बढ़ाने के उपाय (Strategies to Improve WUE)
├── पर्यावरणीय प्रभाव: बढ़ी हुई वायुमंडलीय CO2 से WUE बढ़ती है; उच्च VPD व तेज गर्म हवा से WUE घटती है
└── सस्य उपाय: ड्रिप सिंचाई, PRD (Partial Root-Zone Drying), पलवार (Mulching), संतुलित NPK उर्वरक (विशेषकर K+), Kaolin छिड़काव
प्रवाह चित्र · Flowchart
[पासेओरा (Passioura, 1977) के कार्यिकीय मॉडल द्वारा बारानी/सिंचित फसलों में WUE एवं उपज अधिकतम करने की रणनीति]
【खेत को प्राप्त कुल जल (वर्षा + सिंचाई) = मृदा सतह से बेकार वाष्पन (E) + खरपतवार वाष्पोत्सर्जन + फसल वाष्पोत्सर्जन (T)】
│
├──► उपाय 1 (मृदा वाष्पन 'E' घटाकर फसल वाष्पोत्सर्जन 'T' का हिस्सा बढ़ाना):
│ पलवार (Mulching) + ड्रिप सिंचाई + खरपतवार नियंत्रण + अगेती तेजी से बढ़ने वाली कैनोपी (Early vigour)
│
├──► उपाय 2 (वाष्पोत्सर्जन दक्षता 'WUE = Biomass / T' बढ़ाना):
│ C4 फसलें (रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का) + पत्ती पर मोम (Glaucousness) + संतुलित NPK व K+ पोषण + Kaolin/PRD
│
└──► उपाय 3 (कटाई सूचकांक 'Harvest Index = Grain / Biomass' बढ़ाना):
अर्ध-बौनी किस्में + दाना भराव के समय जीवनरक्षक सिंचाई (ताकि फूल व दाने न गिरें)
↓
【अधिकतम सस्य जल उपयोग दक्षता: Crop WUE = Economic Yield / ET (More Crop Per Drop!)】
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में सबसे ज्यादा भ्रम 'WUE' और 'Transpiration Ratio (TR)' के क्रम में होता है—हमेशा याद रखें कि दोनों एक-दूसरे के उल्टे हैं!
• WUE (जल उपयोग दक्षता) का क्रम: CAM (सर्वाधिक) > C4 > C3 (सबसे कम)
• Transpiration Ratio (1g शुष्क पदार्थ हेतु आवश्यक जल) का क्रम: C3 (500–800, सर्वाधिक) > C4 (250–350) > CAM (50–100, सबसे कम)! - अनाज फसलों में किस फसल की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Field WUE) सबसे अधिक (13.4 kg/ha-mm) और किसकी सबसे कम (3.7 kg/ha-mm) होती है? उत्तर: सर्वाधिक = रागी (Finger Millet) और सबसे कम = धान (Rice)!
- प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Field WUE) की मानक इकाई क्या है? उत्तर: kg / ha-mm (या kg / m³)।
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- Crop WUE = Economic Yield (kg/ha) / Evapotranspiration ET (mm); प्रस्तावक: Viets (1962)।
- Transpiration Ratio (Briggs & Shantz, 1914) = 1 ग्राम शुष्क पदार्थ बनाने में उड़ने वाले जल का ग्राम में भार।
- पासेओरा का समीकरण (1977): Grain Yield = T × WUE × HI।
- कार्बन आइसोटोप विभेदन (Δ13C) और WUE के बीच 'ऋणात्मक सहसंबंध' (Negative correlation) होता है।
- वायुमंडलीय CO2 सांद्रता बढ़ने पर रंध्र आंशिक रूप से बंद होते हैं और प्रकाश-संश्लेषण बढ़ता है, जिससे WUE बढ़ जाती है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. विभिन्न प्रकाश-संश्लेषी पादप समूहों (C3, C4 एवं CAM) की 'जल उपयोग दक्षता' (Water Use Efficiency – WUE) का सही अवरोही क्रम (सर्वाधिक से सबसे कम) कौन सा है?
- (A) C3 > C4 > CAM
- (B) CAM > C4 > C3
- (C) C4 > CAM > C3
- (D) तीनों में बराबर होती है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — CAM पौधों की WUE सर्वाधिक (10–20 g/kg), C4 फसलों की मध्यम-उच्च (3–4 g/kg) और C3 फसलों की सबसे कम (1–2 g/kg) होती है।
2. प्रमुख भारतीय खाद्यान्न फसलों में से किस फसल की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Field WUE = 13.4 kg/ha-mm) सर्वाधिक और किसकी सबसे कम (3.7 kg/ha-mm) होती है?
- (A) सर्वाधिक: धान एवं सबसे कम: रागी
- (B) सर्वाधिक: रागी / मंडुआ (Finger Millet – 13.4 kg/ha-mm) एवं सबसे कम: धान (Rice – 3.7 kg/ha-mm)
- (C) सर्वाधिक: गन्ना एवं सबसे कम: मक्का
- (D) सर्वाधिक: कपास एवं सबसे कम: गेहूँ
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — अनाजों में रागी (13.4 kg/ha-mm) और गेहूँ (12.6 kg/ha-mm) की Field WUE सर्वाधिक है जबकि धान (3.7 kg/ha-mm) की सबसे कम है।
3. यदि सोयाबीन की एक फसल 2,400 kg/ha दाना उपज देती है और फसल अवधि में कुल वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन (ET) 400 mm होता है, तो उसकी प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Crop WUE) कितनी होगी?
- (A) 3.0 kg / ha-mm
- (B) 6.0 kg / ha-mm
- (C) 12.0 kg / ha-mm
- (D) 24.0 kg / ha-mm
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — सूत्र WUE = Yield / ET के अनुसार: 2,400 / 400 = 6.0 kg / ha-mm।
4. 1 ग्राम शुष्क पदार्थ पैदा करने के लिए पौधे द्वारा वाष्पोत्सर्जित जल के ग्रामों की संख्या को क्या कहते हैं और C3, C4 व CAM में इसका क्रम क्या होता है?
- (A) हार्वेस्ट इंडेक्स; CAM > C4 > C3
- (B) वाष्पोत्सर्जन अनुपात (Transpiration Ratio); C3 (500–800) > C4 (250–350) > CAM (50–100)
- (C) जल विभव; C4 > C3 > CAM
- (D) पर्ण क्षेत्रफल सूचकांक
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — Transpiration Ratio = g H2O transpired / g dry matter produced। चूँकि यह WUE का व्युत्क्रम है, अतः यह C3 में सर्वाधिक (500–800) और CAM में सबसे कम (50–100) होता है।
5. C4 फसलों (मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना) की जल उपयोग दक्षता C3 फसलों की तुलना में लगभग दोगुनी होने का मुख्य कार्यिकीय कारण क्या है?
- (A) उनमें रंध्र नहीं होते
- (B) PEPCase एंजाइम के CO2 सांद्रण पंप और प्रकाश-श्वसन की अनुपस्थिति के कारण वे कम रंध्र खुलने पर भी उच्च दर से CO2 स्थिर कर लेती हैं
- (C) उनमें जड़ें नहीं होतीं
- (D) वे रात में प्रकाश-संश्लेषण करती हैं
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — PEPCase की उच्च CO2 बंधुता के कारण C4 पौधे आंशिक रूप से खुले रंध्रों (कम वाष्पोत्सर्जन) में भी उच्च प्रकाश-संश्लेषण कर लेते हैं।
6. वायुमंडल में CO2 की सांद्रता बढ़ने (Elevated CO2) पर फसलों की जल उपयोग दक्षता (WUE) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) WUE घट जाती है
- (B) WUE बढ़ जाती है (क्योंकि उच्च CO2 से रंध्र आंशिक रूप से बंद होकर वाष्पोत्सर्जन घटाते हैं और प्रकाश-संश्लेषण बढ़ता है)
- (C) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
- (D) पौधा तुरंत सूख जाता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — उच्च CO2 अंश (Assimilation 'A') को बढ़ाती है और हर (Transpiration 'E') को घटाती है, जिससे WUE (A/E) बढ़ जाती है।
7. जॉन पासेओरा (Passioura, 1977) द्वारा जल-सीमित (सूखाग्रस्त) पर्यावरण में दाना उपज के लिए दिया गया प्रसिद्ध कार्यिकीय पहचान समीकरण कौन सा है?
- (A) Yield = LAI × NAR
- (B) Grain Yield = Water Transpired (T) × Water Use Efficiency (WUE) × Harvest Index (HI)
- (C) Yield = OP − TP
- (D) Yield = GDD × RUE
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — पासेओरा (1977) के अनुसार सूखे में उपज तीन घटकों—वाष्पोत्सर्जित जल (T), WUE और Harvest Index (HI)—का गुणनफल है।
8. C3 फसलों में उच्च जल उपयोग दक्षता (High WUE) वाले जीनोटाइप्स का चयन करने के लिए प्रयुक्त 'कार्बन आइसोटोप विभेदन' (Δ13C) और WUE के बीच कैसा सहसंबंध होता है?
- (A) ऋणात्मक सहसंबंध (Negative correlation — कम Δ13C मान उच्च WUE दर्शाता है)
- (B) धनात्मक सहसंबंध
- (C) शून्य सहसंबंध
- (D) घातांकीय संबंध
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — फारकुहर (1982) ने सिद्ध किया कि C3 पौधों में Δ13C और WUE के बीच प्रबल ऋणात्मक सहसंबंध होता है।
9. विएट्स (Viets, 1962) के अनुसार कम उर्वरता वाली भूमि में संतुलित उर्वरक (N, P, K) देने से फसल की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Field WUE) क्यों बढ़ जाती है?
- (A) क्योंकि उर्वरक पानी सोख लेते हैं
- (B) क्योंकि कुल वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन (ET) लगभग समान रहते हुए भी दाने की उपज (Yield) दोगुनी हो जाती है
- (C) क्योंकि उर्वरक से रंध्र हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं
- (D) क्योंकि उर्वरक से वर्षा बढ़ जाती है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — उर्वरक देने से कैनोपी जल्दी जमीन ढकती है (जिससे मृदा वाष्पन E घटता है) और समान ET में दोगुनी उपज मिलने से Yield/ET अनुपात बढ़ जाता है।
10. सिंचाई की वह आधुनिक कार्यिकीय तकनीक कौन सी है जिसमें जड़ तंत्र के आधे भाग को बारी-बारी से गीला और आधे भाग को सूखा रखा जाता है ताकि सूखी जड़ से बना ABA रंध्रों को थोड़ा संकरा रखे और 30–40% पानी बचे?
- (A) बाढ़ सिंचाई
- (B) आंशिक जड़-क्षेत्र सुखाना (Partial Root-Zone Drying – PRD)
- (C) बौछारी सिंचाई
- (D) सब-सरफेस ड्रेनेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — PRD (Partial Root-Zone Drying) पौधे के अपने मूल-से-प्ररोह ABA हार्मोन संकेतन का उपयोग कर उपज घटाए बिना WUE बढ़ाता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. 1 किलोग्राम चावल (Paddy rice) का उत्पादन करने में औसतन कितने लीटर पानी खर्च होता है?
लगभग 3,000 से 5,000 लीटर पानी।
2. तात्क्षणिक जल उपयोग दक्षता (Instantaneous WUE) का सूत्र क्या है?
WUE_inst = शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण दर (A) / वाष्पोत्सर्जन दर (E) [इकाई: μmol CO2 / mmol H2O]।
3. कौन सा आवश्यक वृहद पोषक तत्व रंध्रों के खुलने-बंद होने का नियमन करके सीधे पौधे की जल उपयोग दक्षता (WUE) बढ़ाता है?
पोटैशियम (Potassium — K+)।
4. ज्वार और गेहूँ की पत्तियों व पर्णच्छद पर पाए जाने वाले नीले-सफेद मोम के आवरण को क्या कहते हैं जो WUE बढ़ाता है?
ग्लॉकसनेस या ब्लूम (Glaucousness / Epicuticular wax bloom)।
5. यदि किसी फसल का वाष्पोत्सर्जन अनुपात (Transpiration Ratio) 500 है, तो 1 किलोग्राम (1000 g) जल से वह कितने ग्राम शुष्क पदार्थ बनाएगी?
2.0 ग्राम शुष्क पदार्थ (क्योंकि 1000 / 500 = 2 g/kg)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. कार्यिकीय जल उपयोग दक्षता (Physiological WUE) और सस्य/प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (Agronomic/Crop WUE) में क्या अंतर है?
कार्यिकीय WUE पत्ती या एकल पौधे के स्तर पर मापी जाती है और यह शुद्ध प्रकाश-संश्लेषण दर तथा वाष्पोत्सर्जन दर का अनुपात (A/E) या कुल शुष्क बायोमास तथा वाष्पोत्सर्जित जल का अनुपात (Biomass/T) होती है। इसके विपरीत, सस्य/प्रक्षेत्र WUE पूरे खेत के स्तर पर प्रति हेक्टेयर प्राप्त आर्थिक दाना उपज और कुल वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन (ET = E + T) का अनुपात [Crop WUE = Yield / ET, इकाई: kg/ha-mm] होती है।
2. C3, C4 और CAM पौधों की जल उपयोग दक्षता (WUE) और वाष्पोत्सर्जन अनुपात (TR) की तुलना कीजिए।
1. CAM पौधों (अनन्नास, नागफनी) में रंध्र रात में खुलने से वाष्पन न्यूनतम होता है, अतः इनकी WUE सर्वोच्च (10–20 g DM/kg H2O) और TR न्यूनतम (50–100) होता है। 2. C4 पौधों (मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी) में PEPCase के CO2 पंप व शून्य प्रकाश-श्वसन के कारण WUE उच्च (3–4 g/kg) और TR कम (250–350) होता है। 3. C3 पौधों (धान, गेहूँ, दलहन) में प्रकाश-श्वसन के कारण WUE सबसे कम (1–2 g/kg) और TR सर्वाधिक (500–800) होता है।
3. कार्बन आइसोटोप विभेदन (Carbon Isotope Discrimination – Δ13C) क्या है और यह WUE चयन में कैसे काम आता है?
वायुमंडल में हल्के 12CO2 (98.9%) के साथ 1.1% स्थिर भारी समस्थानिक 13CO2 होता है। C3 पौधों में RuBisCO एंजाइम भारी 13CO2 को कम ग्रहण करता है (Discrimination)। फारकुहर (1982) ने दिखाया कि जिन पौधों के रंध्र संकरे रहते हैं और आंतिरक CO2 (Ci) कम रहती है, उनमें WUE अधिक होता है और 13CO2 के विरुद्ध विभेदन (Δ13C) कम होता है। अतः पत्ती का Δ13C मापकर उच्च WUE वाली किस्में चुनी जाती हैं।
4. वाष्प दाब न्यूनता (VPD) और वायुमंडलीय CO2 सांद्रता का WUE पर क्या प्रभाव पड़ता है?
समीकरण WUE = (Ca − Ci) / (1.6 × VPD) के अनुसार: 1. जब वायुमंडल शुष्क और गर्म होता है तो VPD बढ़ जाता है, जिससे वाष्पोत्सर्जन की दर तेजी से बढ़ जाती है और फसल की WUE घट जाती है। 2. जब वायुमंडल में CO2 सांद्रता (Ca) बढ़ती है, तो प्रकाश-संश्लेषण की दर बढ़ती है और रंध्र आंशिक रूप से संकरे होकर वाष्पोत्सर्जन घटाते हैं, जिससे WUE बढ़ जाती है।
5. खेत में फसल की जल उपयोग दक्षता (Field WUE) बढ़ाने के पाँच प्रमुख सस्य उपाय लिखिए।
1. बाढ़ सिंचाई के स्थान पर ड्रिप (Drip) व स्प्रिंकलर सिंचाई और क्रांतिक अवस्थाओं पर सिंचाई करना। 2. मृदा से होने वाले बेकार वाष्पन (E) को रोकने के लिए जैविक या प्लास्टिक पलवार (Mulching) का प्रयोग। 3. संतुलित उर्वरक (विशेषकर N, P एवं रंध्र नियामक पोटैशियम K+) का प्रयोग। 4. समय पर खरपतवार नियंत्रण व संरक्षण जुताई। 5. सूखे में 5% काओलिन (Kaolin) जैसे एंटी-ट्रांसपिरेंट का छिड़काव।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency – WUE) की परिभाषा देते हुए इसके विभिन्न स्तरों (Instantaneous, Physiological एवं Agronomic WUE) के सूत्रों और C3, C4 एवं CAM फसलों में इसके अंतर का सविस्तर वर्णन कीजिए।
विएट्स (1962) की परिभाषा, तीनों स्तरों के सूत्र व इकाइयाँ, वाष्पोत्सर्जन अनुपात (TR = 1/TE) से संबंध, तालिका 6.1 के अनुसार C3, C4 व CAM की विस्तृत तुलना और भारतीय अनाजों (रागी से लेकर धान तक) की Field WUE का वर्णन करें।
2. जल उपयोग दक्षता (WUE) को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक, कार्यिकीय, पर्यावरणीय और सस्य कारकों की विस्तारपूर्वक विवेचना कीजिए।
आनुवंशिक/पादप कारक (पत्ती का कोण, मोम की परत Glaucousness, गहरी जड़ें, उच्च Harvest Index), पर्यावरणीय कारक (VPD, आर्द्रता, तापमान, वायु वेग व Elevated CO2) और सस्य कारक (NPK उर्वरक, सिंचाई विधि, बुवाई समय, पादप घनत्व व पलवार) का सविस्तर विश्लेषण प्रस्तुत करें।
3. सूखाग्रस्त (Rainfed / Dryland) क्षेत्रों में पासेओरा के मॉडल (Yield = T × WUE × HI) और कार्बन आइसोटोप विभेदन (Δ13C) का उपयोग कर अधिक उपज देने वाली किस्मों के विकास और प्रबंधन की रणनीति समझाइए।
पासेओरा (1977) के तीनों घटकों का कार्यिकीय विश्लेषण, E को घटाकर T बढ़ाने के उपाय, फारकुहर के Δ13C सिद्धांत द्वारा प्रजनन चयन और Partial Root-Zone Drying (PRD) व SRI/AWD धान जैसी आधुनिक जल-बचत तकनीकों का वर्णन करें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- जलवाष्प (अणुभार 18) का हवा में विसरण गुणांक CO2 (अणुभार 44) की तुलना में 1.6 गुना अधिक होता है, इसलिए रंध्र खुलने पर CO2 के अंदर आने से तेज पानी बाहर उड़ता है!
- विएट्स (F.G. Viets, 1962) ने सबसे पहले सस्य जल उपयोग दक्षता (WUE = Yield / ET) की अवधारणा और इस पर उर्वरकों के धनात्मक प्रभाव को स्पष्ट किया।
- अनाजों में रागी (Eleusine coracana) की प्रक्षेत्र जल उपयोग दक्षता (13.4 kg/ha-mm) सर्वाधिक होती है।
- धान में पारंपरिक जलभराव के स्थान पर 'Alternate Wetting and Drying (AWD)' अपनाने से उपज घटे बिना 30% सिंचाई जल की बचत होती है।
- पत्ती की सतह पर सफेद या नीले-भूरे मोम (Epicuticular wax bloom) की उपस्थिति ज्वार को उच्च WUE प्रदान करती है।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





