PPATH 311 Lecture 03: मटर, उड़द/मूँग, गन्ना, सरसों और कपास के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन

Agro Path Finder official logo
AGRO PATH FINDER
PPATH 311 · Plant Pathology Smart Notes
LECTURE 03 / 08 · PPATH 311

मटर, उड़द/मूँग, गन्ना, सरसों और कपास के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन

Major Diseases of Pea, Black/Green Gram, Sugarcane, Mustard, and Cotton & Their Management

Pea (मटर), Black gram & Green gram (उड़द एवं मूँग), Sugarcane (गन्ना), Mustard (सरसों), Cotton (कपास)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsरोग वर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notesतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Pea (powdery mildew); Black gram and Green gram (web blight, yellow mosaic); Sugarcane (red rot, smut, grassy shoot, ratoon stunting, Pokah Boeng); Mustard (Alternaria blight, white rust, Sclerotinia stem rot); Cotton (vascular wilts, black arm).
अध्ययन संदर्भ: यह उपलब्ध कराए गए पाठ्यक्रम के विस्तृत notes हैं। रासायनिक दवाओं, एंटीबायोटिक, पेस्ट और उनकी दरों के उल्लेख शैक्षणिक स्रोत का हिस्सा हैं; इन्हें वर्तमान पंजीकरण या खेत में प्रयोग की स्वीकृति न मानें। वास्तविक उपयोग से पहले संबंधित फसल के लिए वर्तमान label claim और स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की सलाह जाँचें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • मटर के चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) तथा उड़द व मूँग के पीत मोजैक (MYMV – Begomovirus) और वेब ब्लाइट की पहचान व प्रबंधन करना।
  • गन्ने के 5 प्रमुख रोगों—लाल सड़न (Cancer of Sugarcane), चाबुक कंड (Whip Smut), ग्रासी शूट (GSD – Phytoplasma), रतून स्टंटिंग (RSD – जीवाणु) और पोकह बोएंग (Pokkah Boeng) के लक्षणों, रोगजनकों एवं ताप उपचार (MHAT / HWT) को समझना।
  • सरसों के अल्टरनेरिया अंगमारी, सफेद रोली (White Rust – Staghead phase) और स्क्लेरोटिनिया तना गलन का निदान करना।
  • कपास के संवहनी उकठा (Vascular Wilt) और ब्लैक आर्म / कोणीय पत्ती धब्बा (Bacterial Blight) के प्रबंधन की विधियाँ सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

दलहनी फसलों (मटर, उड़द, मूँग) के साथ-साथ भारत की तीन प्रमुख नकदी एवं तिलहनी/रेशेदार फसलें—गन्ना (Sugarcane), सरसों (Mustard) और कपास (Cotton)—रोगों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। गन्ने का लाल सड़न (Red Rot) अनेक प्रसिद्ध किस्मों (जैसे Co 213, Co 312, CoJ 64, Co 0238) के पतन का कारण बना है, जबकि सरसों का सफेद किट्ट व स्क्लेरोटिनिया गलन और कपास का ब्लैक आर्म किसानों को भारी आर्थिक हानि पहुँचाते हैं। इस व्याख्यान में इन सभी 13 रोगों का संपूर्ण वैज्ञानिक विवरण दिया गया है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

गन्ने का कैंसर (Cancer of Sugarcane)

Colletotrichum falcatum द्वारा जनित गन्ने का लाल सड़न रोग, जिसमें गन्ने को चीरने पर लाल गूदे के बीच आड़ी सफेद पट्टियाँ (Transverse white bands) और शराब जैसी खट्टी गंध आती है।

स्टैगहेड प्रावस्था (Staghead Phase)

सरसों के सफेद किट्ट (Albugo candida) के दैहिक संक्रमण से पुष्पक्रम का अतिवृद्धि (Hypertrophy & Hyperplasia) होकर बारहसिंगा के सींग (Stag's horn) के समान मोटा, मांसल व बंध्य हो जाना।

चाबुक जैसी संरचना (Whip-like Structure)

गन्ने के कंड रोग (Sporisorium scitamineum) में पौधे के शीर्ष भाग से 1 से 1.5 मीटर लंबी, काली चूर्णमय और चाबुक के समान मुड़ी हुई संरचना का निकलना।

नम उष्ण वायु उपचार (Moist Hot Air Therapy – MHAT)

गन्ने के बीज टुकड़ों (Setts) को 54°C तापमान और 95–99% सापेक्षिक आर्द्रता पर 4 घंटे तक उपचारित करने की तकनीक (IISR लखनऊ द्वारा विकसित), जो GSD, RSD और Smut को नष्ट करती है।

रोग वर्गीकरण · Classification

कवक एवं Oomycete जनित रोग

मटर का Powdery Mildew (Erysiphe pisi), उड़द/मूँग का Web Blight (Rhizoctonia solani), गन्ने का Red Rot (Colletotrichum falcatum), Smut (Sporisorium scitamineum) व Pokkah Boeng (Fusarium moniliforme), सरसों का Alternaria Blight (Alternaria brassicae), White Rust (Albugo candida) व Stem Rot (Sclerotinia sclerotiorum), कपास का Wilt (Fusarium oxysporum f.sp. vasinfectum)।

जीवाणु एवं फाइटोप्लाज्मा जनित रोग

गन्ने का Ratoon Stunting Disease (Leifsonia xyli subsp. xyli – coryneform bacterium), गन्ने का Grassy Shoot Disease (Candidatus Phytoplasma sacchari), कपास का Black Arm (Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum)।

विषाणु जनित रोग

उड़द व मूँग का पीत मोजैक (Mungbean Yellow Mosaic Virus – MYMV, Begomovirus)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • बाह्य परजीवी चूर्णिल आसिता एवं 'शुष्क मौसम' का विरोधाभास: अन्य कवकों के विपरीत मटर का चूर्णिल आसिता (Erysiphe pisi) बाह्य परजीवी (Ectoparasite) है जिसके कोनिडिया में उच्च जल की मात्रा (~70%) होती है, इसलिए वे बिना बाहरी जल की बूँद के शुष्क और गर्म मौसम में भी अंकुरित हो जाते हैं; उल्टे भारी वर्षा इसके कवकजाल को धोकर रोग कम करती है।
  • सुक्रोज का ग्लूकोज में प्रतिलोमन (Inversion of Sucrose in Red Rot): गन्ने के लाल सड़न में Colletotrichum falcatum 'Invertase' एंजाइम स्रावित करता है, जो गन्ने के सुक्रोज (Sucrose) को ग्लूकोज व फ्रक्टोज (Reducing sugars) में तोड़ देता है, जिससे चीनी का क्रिस्टलीकरण नहीं हो पाता और रस से अल्कोहल जैसी खट्टी गंध आती है।

फसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notes

1. Powdery Mildew of Pea (मटर का चूर्णिल आसिता / बुकनी रोग)
Pea (मटर – Pisum sativum) · Pathogen: Erysiphe pisi (पूर्व नाम: Erysiphe polygoni)

महत्व: जनवरी-फरवरी में जब फलियाँ बन रही होती हैं, तब यह मटर का सबसे गंभीर रोग बन जाता है और 25–50% तक उपज घटा देता है।

लक्षण · Symptoms
  • सर्वप्रथम निचली पत्तियों की दोनों सतहों पर और बाद में तने, प्रतान (Tendrils) एवं फलियों पर सफेद आटे या टेलकम पाउडर जैसा चूर्ण (White powdery patches) फैल जाता है।
  • फसल पकने पर इस सफेद चूर्ण के बीच काले सुई की नोक जैसे लैंगिक फलकाय (Cleistothecia / Chasmothecia) दिखाई देते हैं और फलियाँ छोटी व सिकुड़ी रह जाती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में (Resistant Varieties): रचना (Rachna), पंत मटर-5 (Pant Pea-5), मालवीय मटर-15 (HUDP-15), HFP-4 (अपर्णा), DMR-7 की बुवाई करें।
  • रासायनिक छिड़काव: घुलनशील गंधक (Wettable Sulphur 80 WP – Sulfex) @ 2.5–3.0 g/L या Dinocap (Karathane) 48 EC @ 1.0 ml/L या Hexaconazole 5 EC @ 1.0 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी बाह्य परजीवी (Obligate Ectoparasitic Ascomycete)। यह बाह्यत्वचा कोशिकाओं में केवल चूषकांग (Haustoria) भेजता है। अलैंगिक अवस्था (Oidium) में ढोलक के आकार के कोनिडिया शृंखला में बनते हैं और लैंगिक अवस्था में कवकतंतु उपांगों (Mycelioid appendages) युक्त Cleistothecia बनते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में पड़े फसल अवशेषों पर Cleistothecia के रूप में और संक्रमित बीज से प्राथमिक संक्रमण होता है; हवा द्वारा कोनिडिया से तीव्र द्वितीयक प्रसार होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

शुष्क और अपेक्षाकृत गर्म दिन (20–24°C), ठंडी रातें और 50–70% सापेक्षिक आर्द्रता (मुक्त जल या वर्षा कोनिडिया अंकुरण के लिए घातक है)।

Exam Key: Erysiphe pisi + शुष्क मौसम का रोग + 'रचना (Rachna)' प्रतिरोधी किस्म + घुलनशील गंधक (0.25%)।
2. Web Blight of Black Gram and Green Gram (उड़द एवं मूँग का वेब ब्लाइट / जाला अंगमारी)
Black Gram (उड़द – Vigna mungo) & Green Gram (मूँग – Vigna radiata) · Pathogen: Rhizoctonia solani (लैंगिक अवस्था: Thanatephorus cucumeris)

महत्व: खरीफ मौसम में उच्च वर्षा और सघन कैनोपी वाले उड़द व मूँग क्षेत्रों में 30–40% तक पत्ती व फली झुलसन करता है।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों पर जल-सिक्त, हल्के भूरे धब्बे बनते हैं जो तेजी से बढ़कर पूरी पत्ती को गला देते हैं।
  • संक्रमित पत्तियाँ, डंठल और फलियाँ मकड़ी के जाले जैसे भूरे कवकतंतुओं (Cobweb-like mycelial strands) से आपस में लिपट जाती हैं और उन पर सरसों के दाने जैसे भूरे-काले स्क्लेरोशिया बन जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • Carbendazim @ 2.0 g/kg + Trichoderma viride @ 4.0 g/kg से बीज उपचार करें।
  • खड़ी फसल में Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L या Hexaconazole 5 EC @ 1.5 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

समकोण (90°) पर शाखित कवकतंतु और बहुकोशिकीय भूरे स्क्लेरोशिया।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में पड़े स्क्लेरोशिया और संक्रमित बीज से प्रारंभिक संक्रमण तथा वर्षा की छींटों से प्रसार।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

26–30°C तापमान और >85% सापेक्षिक आर्द्रता।

Exam Key: मकड़ी के जाले जैसा कवकजाल (Web blight) + Rhizoctonia solani।
3. Yellow Mosaic of Black Gram and Green Gram (उड़द एवं मूँग का पीत मोजैक रोग)
Black Gram (उड़द) & Green Gram (मूँग) · Pathogen: Mungbean Yellow Mosaic Virus (MYMV) एवं Mungbean Yellow Mosaic India Virus (MYMIV) — (वंश: Begomovirus, कुल: Geminiviridae)।

महत्व: भारत में खरीफ एवं जायद मूँग व उड़द का सबसे विनाशकारी रोग, जो प्रारंभिक संक्रमण होने पर 80–100% तक उपज नष्ट कर सकता है।

लक्षण · Symptoms
  • नई निकलने वाली पत्तियों पर पहले छोटे-छोटे चमकीले पीले धब्बे (Yellow specks) बनते हैं।
  • ये पीले धब्बे तेजी से फैलकर हरे और पीले रंग का स्पष्ट मोजैक बनाते हैं और अंततः पूरी पत्ती सुनहरी पीली (Complete golden yellow) और फिर सफेद होकर सूख जाती है।
  • संक्रमित पौधों में फलियाँ बहुत कम, छोटी, मुड़ी हुई और पीली बनती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में: मूँग—पंत मूँग-4, सम्राट (PDM-139), मेहा, IPM 02-3, पूसा विशाल; उड़द—पंत U-19, पंत U-31, IPU 94-1 (उत्तरा) की बुवाई करें।
  • बीज को Imidacloprid 600 FS @ 5.0 ml/kg बीज से उपचारित करें तथा खेत में पीले चिपचिपे प्रपाश (Yellow Sticky Traps @ 12/ha) लगाएँ।
  • सफेद मक्खी नियंत्रण हेतु Thiamethoxam 25 WG @ 0.3 g/L या Acetamiprid 20 SP @ 0.3 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

जुड़वाँ कणों वाला (Geminate/Twinned icosahedral particles) एकल-रज्जुक वृत्ताकार डीएनए (ssDNA) विषाणु।

रोग चक्र · Disease Cycle

यह बीज से संचरित नहीं होता। इसका संचरण सफेद मक्खी (Whitefly – Bemisia tabaci) द्वारा स्थायी परिसंचारी (Persistent circulative) रूप में होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

गर्म और आर्द्र मौसम (30–35°C) तथा शुष्क अंतराल जो सफेद मक्खी की संख्या में तीव्र वृद्धि करते हैं।

Exam Key: MYMV (Geminivirus – ssDNA) + Whitefly (Bemisia tabaci) वाहक + पूरा पौधा सुनहरा पीला + सम्राट/पंत U-31 प्रतिरोधी किस्में।
4. Red Rot of Sugarcane (गन्ने का लाल सड़न / कैंसर रोग)
Sugarcane (गन्ना – Saccharum officinarum) · Pathogen: Colletotrichum falcatum (लैंगिक अवस्था / Teleomorph: Glomerella tucumanensis)

महत्व: गन्ने का सबसे विनाशकारी रोग जिसे 'गन्ने का कैंसर' (Cancer of Sugarcane) कहा जाता है; भारत में 1906 में ई.जे. बटलर ने इसका विस्तृत अध्ययन किया।

लक्षण · Symptoms
  • बाहरी लक्षण: मानसून के बाद ऊपर से तीसरी या चौथी पत्ती (3rd or 4th leaf from top) पीली पड़कर किनारों से सूखने लगती है। पत्तियों की मध्य शिरा (Midrib) पर लाल रंग के लंबे धब्बे और काले Acervuli बनते हैं तथा छिलके पर झुर्रियाँ पड़ जाती हैं।
  • आंतरिक निर्णायक लक्षण: गन्ने को लंबाई में चीरने (Longitudinal splitting) पर अंदर का गूदा गहरा लाल दिखाई देता है और उस लाल रंग के बीच-बीच में आड़ी सफेद पट्टियाँ (Transverse white bands/patches) स्पष्ट दिखाई देती हैं।
  • कटे हुए गन्ने को सूँघने पर शराब या सिरके जैसी खट्टी गंध (Alcoholic / Sour smell) आती है (कवक के Invertase एंजाइम द्वारा सुक्रोज के ग्लूकोज में बदलने व किण्वन के कारण)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • रोगग्रस्त खेत में रतून फसल (Ratoon crop) कदापि न लें और 2–3 वर्ष का फसल चक्र अपनाएँ।
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे CoS 8436, CoSe 92423, Co 0118, CoLk 14201, Co 86032 का चुनाव करें (Co 0238 में हाल के वर्षों में लाल सड़न का प्रकोप बढ़ा है)।
  • बीज टुकड़ों (Setts) को Moist Hot Air Therapy (54°C, 4 घंटे) से उपचारित करें तथा बुवाई से पूर्व Carbendazim 50 WP @ 0.1% (1 g/L) या Thiophanate-methyl घोल में 15–20 मिनट डुबोएँ।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक के कोनिडिया दरांती के आकार (Falcate / Sickle-shaped), एककोशिकीय व पारदर्शी होते हैं और काले शूक (Setae) युक्त Acervuli में बनते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

प्राथमिक संक्रमण रोगग्रस्त बीज टुकड़ों (Infected setts) और मृदा में पड़े ठूँठों से होता है; द्वितीयक प्रसार सिंचाई के पानी, वर्षा और तना छेदक कीटों के छिद्रों से होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

28–32°C तापमान, उच्च आर्द्रता, खेत में जलभराव (Waterlogging), एक ही किस्म की लगातार खेती (Monoculture) और रतून फसल रखना।

Exam Key: गन्ने को चीरने पर लाल गूदे में आड़ी सफेद पट्टियाँ (Transverse white patches) + शराब जैसी गंध (Invertase enzyme) + दरांती जैसे कोनिडिया।
5. Whip Smut of Sugarcane (गन्ने का चाबुक कंड रोग)
Sugarcane (गन्ना) · Pathogen: Sporisorium scitamineum (पूर्व नाम: Ustilago scitaminea)

महत्व: पेड़ी (Ratoon) फसल और शुष्क क्षेत्रों में गन्ने की उपज में 30–50% तक कमी करने वाला प्रमुख दैहिक रोग।

लक्षण · Symptoms
  • संक्रमित गन्ने का शीर्ष वृद्धि बिंदु (Growing apex) एक लंबी (1 से 1.5 मीटर), पतली, लचीली और चाबुक के समान मुड़ी हुई काली संरचना (Black whip-like structure) में बदल जाता है।
  • प्रारंभ में यह चाबुक चाँदी जैसी पतली सफेद झिल्ली से ढकी रहती है, जो शीघ्र ही फट जाती है और करोड़ों काले चूर्णमय बीजाणु हवा में उड़ने लगते हैं।
  • रोगी गन्ने पतले, लंबी पोरियों वाले और अधिक कल्ले (Profuse spindly tillers) निकालने वाले हो जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • काली चाबुक (Whip) निकलते ही झिल्ली फटने से पहले उसे कपड़े या बोरी के थैले से सावधानीपूर्वक ढककर काट लें और उबलते पानी में डालें या जला दें।
  • बीज टुकड़ों को 52°C गर्म पानी में 30 मिनट तक उपचारित करें तथा Triadimefon (Bayleton) @ 0.1% या Propiconazole @ 0.1% घोल में डुबोकर बोएँ।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Basidiomycete कवक; इसके टेलियोस्पोर गोलाकार, भूरे-काले और सूक्ष्म काँटेदार (Echinulate) होते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

प्राथमिक संक्रमण आंतरिक रूप से संक्रमित बीज टुकड़ों (Infected setts) और मृदा में पड़े बीजाणुओं से होता है; द्वितीयक प्रसार हवा से उड़ने वाले बीजाणुओं द्वारा गन्ने की सुषुप्त कलियों (Buds) पर संक्रमण से होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

शुष्क और गर्म मौसम (25–30°C) एवं पेड़ी (Ratoon) फसल लेना।

Exam Key: शीर्ष भाग से काली चाबुक (Black whip) का निकलना + Sporisorium scitamineum + Hot water treatment (52°C)।
6. Grassy Shoot Disease of Sugarcane – GSD (गन्ने का घास-सदृश प्ररोह / ग्रासी शूट रोग)
Sugarcane (गन्ना) · Pathogen: Candidatus Phytoplasma sacchari (पूर्व में Mycoplasma-like Organism – MLO)

महत्व: गन्ने की पेड़ी फसल में कल्लों को घास के गुच्छे में बदलकर गन्ना निर्माण को पूरी तरह रोक देता है।

लक्षण · Symptoms
  • पौधे के आधार से असंख्य पतले, कमजोर और पास-पास सटे हुए कल्ले निकलते हैं, जिससे पौधा गन्ने के बजाय घनी घास के झुरमुट (Bushy grass-like appearance) जैसा दिखता है।
  • पत्तियाँ संकरी, छोटी और क्लोरोफिल के अभाव में पीली या कागज जैसी सफेद (Albino / White papery leaves) हो जाती हैं तथा गन्ना (Millable cane) बिल्कुल नहीं बनता।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • सर्वश्रेष्ठ नियंत्रण: बीज टुकड़ों का 'नम उष्ण वायु उपचार' (Moist Hot Air Therapy – MHAT) 54°C तापमान व 95–99% आर्द्रता पर 4 घंटे तक करें, अथवा उष्ण जल उपचार (HWT) 50°C पर 2 घंटे तक करें।
  • तीन-स्तरीय बीज उत्पादन प्रणाली (Three-tier seed nursery programme) से प्राप्त स्वस्थ बीज बोएँ।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कोशिका भित्ति रहित (Cell-wall less), बहुरूपी (Pleomorphic) परजीवी जो केवल फ्लोएम चालनी नलिकाओं (Phloem sieve tubes) में रहता है और Tetracycline के प्रति संवेदनशील होता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

प्राथमिक प्रसार संक्रमित बीज टुकड़ों (Setts) से और द्वितीयक प्रसार माहू (Aphids – Melanaphis sacchari) व पत्ती फुदकों (Proutista moesta) तथा कटाई के औजारों से होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

रतून फसल और अप्रमाणित बीज टुकड़ों का लगातार उपयोग।

Exam Key: Phytoplasma (Phloem-limited) + सफेद कागज जैसी पत्तियाँ (Albino grass-like tillers) + MHAT (54°C, 4 hrs)।
7. Ratoon Stunting Disease of Sugarcane – RSD (गन्ने का पेड़ी बौनापन रोग)
Sugarcane (गन्ना) · Pathogen: Leifsonia xyli subsp. xyli (पूर्व नाम: Clavibacter xyli subsp. xyli) — जाइलम-सीमित (Xylem-limited) जीवाणु।

महत्व: गन्ने की किस्मों की पैदावार धीरे-धीरे घटने (Varietal decline / Running out of varieties) का प्रमुख कारण।

लक्षण · Symptoms
  • बाहरी रूप से पौधे केवल बौने (Stunted), पतले और कम पोरियों वाले दिखते हैं (विशेषकर रतून फसल और सूखे की स्थिति में)।
  • आंतरिक निर्णायक लक्षण: परिपक्व गन्ने की निचली गाँठों (Basal nodes) को तेज चाकू से लंबाई में चीरने पर गाँठ के मोमी वलय के ठीक नीचे के संवहनी पूलों में नारंगी-लाल या गुलाबी रंग के सुई की नोक जैसे बिंदु या अल्पविराम चिह्न (Orange-red pin-head dots and comma-shaped vascular bundles) दिखाई देते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • बीज टुकड़ों का Moist Hot Air Therapy (MHAT: 54°C पर 4 घंटे) या Hot Water Treatment (50°C पर 2 घंटे) करें।
  • गन्ना काटने के औजारों को 2% Lysol या Dettol या 70% अल्कोहल से विसंक्रमित (Sterilize) करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

छोटा, ग्राम-धनात्मक (Gram-positive), दंडाकार (Coryneform), जाइलम वाहिकाओं में रहने वाला तेजस्वी (Fastidious) जीवाणु।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज टुकड़ों (Setts) और गन्ना काटने वाली दरांती/गंडासे (Harvesting knives) के रस से एक पौधे से दूसरे में फैलता है; इसका कोई कीट वाहक नहीं है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

सूखा तनाव (Moisture stress) और बार-बार पेड़ी फसल लेना।

Exam Key: Leifsonia xyli subsp. xyli (Xylem-limited bacterium) + गाँठ को चीरने पर नारंगी-लाल बिंदु (Orange-red vascular dots) + कटाई औजारों से प्रसार।
8. Pokkah Boeng of Sugarcane (गन्ने का पोकह बोएंग / मुड़ा हुआ शीर्ष रोग)
Sugarcane (गन्ना) · Pathogen: Fusarium moniliforme (समानार्थी: Fusarium Fujikuroi / Fusarium verticillioides; लैंगिक: Gibberella fujikuroi)

महत्व: 'Pokkah Boeng' एक जावानीज (Javanese) शब्द है जिसका अर्थ 'विकृत या मुड़ा हुआ शीर्ष' (Malformed or twisted top) है; वर्तमान में मानसून के दौरान उत्तर भारत में प्रमुख रूप से उभर रहा है।

लक्षण · Symptoms
  • 1. हरिमाहीन अवस्था (Chlorotic Phase): मानसून की शुरुआत में गोभ (Spindle) की नई पत्तियों के आधार भाग पर पीलापन आता है, पत्तियाँ मुड़कर आपस में उलझ जाती हैं और उन पर लाल-भूरी धारियाँ व सीढ़ीनुमा आड़े कटान (Ladder-like lesions) बनते हैं।
  • 2. शीर्ष सड़न अवस्था (Top Rot Phase): संक्रमण वृद्धि बिंदु तक पहुँचने से पूरी गोभ सड़कर सूख जाती है।
  • 3. चाकू-कट अवस्था (Knife-cut Phase): तने की ऊपरी पोरियों पर ऐसे गहरे आड़े घाव बनते हैं मानो किसी ने तेज चाकू से गन्ने को काट दिया हो।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • लक्षण दिखते ही गन्ने की गोभ पर Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L या Copper Oxychloride @ 2.0 g/L या Propiconazole @ 1.0 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक Microconidia की लंबी शृंखलाएँ और दरांती जैसे Macroconidia बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

हवा द्वारा उड़ने वाले कोनिडिया वर्षा के पानी के साथ गन्ने की गोभ (Central spindle) में प्रवेश करते हैं।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

जुलाई-सितंबर में उच्च तापमान (28–32°C) के बाद अचानक भारी मानसून वर्षा और उच्च आर्द्रता (80–90%)।

Exam Key: Javanese term = Malformed top + तीन अवस्थाएँ (Chlorotic, Top rot, Knife-cut phase) + Fusarium moniliforme।
9. Alternaria Blight of Mustard (सरसों का अल्टरनेरिया अंगमारी / झुलसा रोग)
Mustard (सरसों – Brassica juncea) · Pathogen: Alternaria brassicae एवं Alternaria brassicicola

महत्व: सरसों का सबसे व्यापक रोग जो पत्तियों और फलियों (Siliqua) दोनों को संक्रमित कर दाने का आकार और तेल की मात्रा (Oil content) घटा देता है।

लक्षण · Symptoms
  • निचली पत्तियों पर गोल, भूरे से काले रंग के धब्बे बनते हैं जिनके भीतर स्पष्ट संकेंद्रित छल्ले (Concentric rings / Target-board effect) दिखाई देते हैं।
  • बाद में तने और फलियों (Siliqua) पर गहरे काले गोल धब्बे पड़ जाते हैं, जिससे फलियाँ समय से पहले चटक जाती हैं और दाने सिकुड़े व बदरंग हो जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • समय पर बुवाई (अक्टूबर के मध्य में) करें और Mancozeb या Iprodione @ 2.5 g/kg से बीज उपचार करें।
  • खड़ी फसल में बुवाई के 45 व 60 दिन बाद Mancozeb 75 WP @ 2.5 g/L या Iprodione (Rovral) 50 WP @ 2.0 g/L या Tebuconazole + Trifloxystrobin @ 0.6 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक के कोनिडिया गहरे भूरे, मुगदर के आकार (Muriform / Obclavate) के, लंबी चोंच (Beak) युक्त होते हैं जिनमें आड़े और खड़े दोनों प्रकार के पट (Transverse & longitudinal septa) होते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज और फसल अवशेषों में कवकजाल के रूप में जीवित रहता है तथा हवा द्वारा कोनिडिया से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

20–25°C तापमान, >80% सापेक्षिक आर्द्रता और जनवरी में हल्की वर्षा व कोहरा।

Exam Key: संकेंद्रित छल्ले (Target-board concentric rings) + Muriform beaked conidia + Mancozeb / Iprodione छिड़काव।
10. White Rust / White Blister of Mustard (सरसों का सफेद किट्ट / श्वेत फफोला रोग)
Mustard (सरसों) · Pathogen: Albugo candida (पूर्व नाम: Cystopus candidus)

महत्व: यह वास्तविक किट्ट न होकर एक Oomycete जनित रोग है; इसकी 'Staghead' अवस्था से 30–60% तक फली निर्माण रुक जाता है।

लक्षण · Symptoms
  • 1. स्थानीय अवस्था (Local Infection): पत्तियों की निचली सतह पर चमकदार सफेद या मलाई के रंग के उभरे हुए फफोले (Shiny creamy-white pustules/sori) बनते हैं जो बाद में फटकर सफेद चूर्ण बिखेरते हैं।
  • 2. दैहिक अवस्था (Systemic / Staghead Phase): पुष्पक्रम के दैहिक संक्रमण से फूल का डंठल और पुष्प भाग अतिवृद्धि (Hypertrophy एवं Hyperplasia) के कारण अत्यधिक मोटे, मांसल, हरे और मुड़कर बारहसिंगा के सींग (Staghead / Antler-like) जैसे हो जाते हैं जिनमें कोई फली या बीज नहीं बनता (अक्सर इसमें Peronospora parasitica का मिश्रित संक्रमण भी होता है)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे Bio-902 (पूसा जय किसान), क्रांति, JM-1 की बुवाई करें तथा खेत में दिखने वाले Staghead सिरों को काटकर जला दें।
  • बीज को Metalaxyl 35 WS (Apron) @ 6.0 g/kg से उपचारित करें।
  • खड़ी फसल में Metalaxyl 8% + Mancozeb 64% WP (Ridomil MZ) @ 2.5 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी अंतःकोशिकीय परजीवी (Obligate Oomycete) जो गोलाकार चूषकांग बनाता है; मुगदर जैसे Sporangiophores के सिरे पर बेसीपीटल क्रम (Basipetal chain) में Sporangia बनते हैं और Staghead ऊतकों में मोटी भित्ति वाले Oospores बनते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में पड़े या बीज में मिले Staghead टुकड़ों के Oospores प्राथमिक स्रोत हैं; हवा व वर्षा से चलबीजाणुओं (Zoospores) द्वारा द्वितीयक प्रसार होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

ठंडा और आर्द्र मौसम (12–18°C तापमान एवं >85% आर्द्रता)।

Exam Key: Albugo candida (Oomycete, वास्तविक किट्ट नहीं) + निचली सतह पर सफेद फफोले + Staghead phase (Hypertrophy & Hyperplasia) + Ridomil MZ।
11. Sclerotinia Stem Rot of Mustard (सरसों का स्क्लेरोटिनिया तना गलन / पोली रोग)
Mustard (सरसों) · Pathogen: Sclerotinia sclerotiorum

महत्व: राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में सरसों का सबसे गंभीर मृदा-जनित रोग जो पूरे पौधे को असमय सुखा देता है।

लक्षण · Symptoms
  • फूल आने के बाद तने के निचले या मध्य भाग पर जल-सिक्त, लंबे व सफेद-मटमैले धब्बे बनते हैं और आर्द्र मौसम में तने के चारों ओर सफेद रुई जैसी घनी कवक वृद्धि (Cottony white mycelium) लिपटी दिखती है।
  • संक्रमित तने को फाड़कर देखने पर अंदर का मज्जा (Pith) खोखला मिलता है और उसके भीतर चूहे की मेंगनी के समान बड़े, काले व कठोर स्क्लेरोशिया (Rat-dung like large black sclerotia) भरे होते हैं।
  • पौधा तने से टूटकर गिर जाता है (Lodging) और समय से पहले सफेद होकर सूख जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • गर्मी में गहरी जुताई, धान या गेहूँ के साथ फसल चक्र और मुरझाती पंखुड़ियों के समय अत्यधिक सिंचाई से बचाव करें।
  • मृदा में Trichoderma harzianum @ 2.5 kg/ha प्रयोग करें तथा बुवाई के 45–55 दिन पर (फूल आने पर) Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L या Tebuconazole @ 1.0 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Ascomycete कवक। इसके काले स्क्लेरोशिया मृदा की ऊपरी सतह पर अंकुरित होकर प्याले या तश्तरी के आकार के भूरे फलकाय 'Apothecia' बनाते हैं जिनमें Asci व Ascospores बनते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में 5–7 वर्ष तक जीवित रहने वाले और बीज में मिले Sclerotia से प्राथमिक संक्रमण होता है; हवा से उड़ने वाले Ascospores मुरझाती पंखुड़ियों के माध्यम से तने को संक्रमित करते हैं।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

दिसंबर-जनवरी में 15–20°C तापमान, कोहरा, उच्च मृदा नमी और सरसों की लगातार खेती।

Exam Key: तने के अंदर चूहे की मेंगनी जैसे काले Sclerotia + सफेद रुई जैसी कवक वृद्धि + Apothecia से वायु-जनित Ascospores।
12. Vascular Wilt of Cotton (कपास का संवहनी उकठा / मुरझान रोग)
Cotton (कपास – Gossypium spp.) · Pathogen: Fusarium oxysporum f.sp. vasinfectum

महत्व: काली कपासी मृदाओं (Black cotton soils) में देसी द्विगुणित कपास (Gossypium arboreum एवं G. herbaceum) का अत्यंत विनाशकारी रोग।

लक्षण · Symptoms
  • पौधों की निचली पत्तियों के किनारों से पीलापन शुरू होकर शिराओं के बीच फैलता है और पत्तियाँ मुरझाकर गिर जाती हैं।
  • तने व जड़ की छाल छीलकर या आड़ा काटकर देखने पर जाइलम संवहन वलय में भूरी से काली धारियाँ (Brown-black vascular ring discoloration) स्पष्ट दिखाई देती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • चतुर्गुणित अमेरिकन कपास (Tetraploid cotton – Gossypium hirsutum एवं G. barbadense) भारतीय प्रभेद के प्रति प्राकृतिक रूप से प्रतिरोधी होती हैं, अतः उन्हें प्राथमिकता दें।
  • Carboxin + Thiram @ 3 g/kg एवं Trichoderma viride @ 5 g/kg से बीज उपचार करें तथा मृदा में पोटाश व जिंक की पर्याप्त मात्रा दें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक Microconidia, Macroconidia व Chlamydospores बनाता है और 'Fusaric acid' द्वारा मुरझान पैदा करता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा-जनित (Chlamydospores) एवं अंतःबीजोड़ (Internally seed-borne)। सूत्रकृमि (Reniform & Root-knot nematodes) इसके संक्रमण को बढ़ाते हैं।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

25–30°C मृदा तापमान और काली भारी मृदाएँ।

Exam Key: देसी कपास (G. arboreum/herbaceum) संवेदनशील जबकि अमेरिकन कपास (G. hirsutum) प्रतिरोधी + जाइलम में काली वलय।
13. Black Arm / Bacterial Blight / Angular Leaf Spot of Cotton (कपास का ब्लैक आर्म / जीवाणुज अंगमारी रोग)
Cotton (कपास) · Pathogen: Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum (पूर्व नाम: Xanthomonas campestris pv. malvacearum)

महत्व: कपास के सभी वायवीय अंगों को पौध अवस्था से टिंडा बनने तक संक्रमित करने वाला सबसे प्रमुख जीवाणु रोग (इसकी 4 स्पष्ट अवस्थाएँ हैं)।

लक्षण · Symptoms
  • 1. बीजपत्र अंगमारी (Seedling Blight): बीजपत्रों (Cotyledons) पर जल-सिक्त गोल धब्बे बनते हैं और पौध मर जाती है।
  • 2. कोणीय पत्ती धब्बा (Angular Leaf Spot): पत्तियों पर छोटी शिराओं (Veinlets) से घिरे हुए तिकोने या कोणीय (Angular) जल-सिक्त धब्बे बनते हैं जो बाद में गहरे भूरे-काले हो जाते हैं और शिराएँ काली पड़ जाती हैं (Vein blight)।
  • 3. ब्लैक आर्म अवस्था (Black Arm Phase): तने और फलीदार शाखाओं पर लंबे, धँसे हुए काले घाव (Black girdling lesions on stem & branches) बनते हैं जिससे शाखाएँ काली भुजाओं जैसी सूखकर टूट जाती हैं।
  • 4. टिंडा सड़न (Boll Rot): टिंडों (Bolls) पर गोल काले धँसे हुए धब्बे पड़ते हैं, टिंडे पूरे नहीं खिलते और अंदर की रुई (Lint) पीली व कड़ी (Yellow bacterial staining) हो जाती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • अम्ल से बीज रोम हटाना (Acid Delinting of Seed): बुवाई से पूर्व कपास के बीज को सांद्र गंधक अम्ल (Concentrated H2SO4 @ 100 ml/kg बीज) के साथ 2–3 मिनट मिलाकर रेशे (Fuzz) जला दें और पानी से धोकर चूने के पानी से उदासीन करें—इससे बाहरी जीवाणु और गुलाबी सुंडी के अंडे नष्ट हो जाते हैं।
  • इसके बाद Streptocycline @ 0.01% (100 ppm) + Carboxin @ 2 g/kg से बीज उपचार करें।
  • खड़ी फसल में Streptocycline @ 1.0 g + Copper Oxychloride @ 25 g प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

ग्राम-ऋणात्मक, दंडाकार, एकल ध्रुवीय कशाभिका (Monotrichous) युक्त जीवाणु।

रोग चक्र · Disease Cycle

बीज के रोम (Fuzz/Lint) पर बाहरी रूप से और भ्रूण में आंतरिक रूप से जीवित रहता है; हवा व वर्षा की बौछारों से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

28–32°C तापमान, तेज हवा के साथ वर्षा और >85% आर्द्रता।

Exam Key: 4 अवस्थाएँ (Seedling blight, Angular leaf spot, Black arm, Boll rot) + सांद्र H2SO4 (100 ml/kg) से Acid Delinting + Streptocycline + COC।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 3.1: गन्ने के 5 प्रमुख रोगों का त्वरित निदान चार्ट

रोग का नामरोगजनक (Pathogen)रोगजनक की श्रेणीमुख्य निदान लक्षण (Key Diagnostic Symptom)प्रमुख प्रबंधन
लाल सड़न (Red Rot)Colletotrichum falcatumकवक (Fungus)चीरने पर लाल गूदे में आड़ी सफेद पट्टियाँ + शराब जैसी गंधप्रतिरोधी किस्में + Carbendazim sett dip
चाबुक कंड (Whip Smut)Sporisorium scitamineumकवक (Basidiomycete)शीर्ष से 1–1.5 मीटर लंबी काली चाबुक (Black whip) निकलनाWhip को थैले में ढककर जलाना + HWT (52°C)
ग्रासी शूट (GSD)Candidatus Phytoplasma sacchariफाइटोप्लाज्मा (Phloem-limited)असंख्य पतले कल्ले + कागज जैसी सफेद/पीली पत्तियाँ (Albino grass)MHAT (54°C, 4 hrs) + स्वस्थ बीज नर्सरी
रतून स्टंटिंग (RSD)Leifsonia xyli subsp. xyliजीवाणु (Xylem-limited)बौने गन्ने + निचली गाँठ चीरने पर नारंगी-लाल बिंदु/अल्पविरामMHAT (54°C, 4 hrs) + कटाई चाकू विसंक्रमण
पोकह बोएंग (Pokkah Boeng)Fusarium moniliformeकवक (Fungus)मुड़ी हुई गोभ + तने पर चाकू से कटे जैसे घाव (Knife-cut)Carbendazim / COC (0.1–0.2%) गोभ में छिड़काव

तालिका 3.2: सरसों के तीन प्रमुख रोगों (Alternaria Blight, White Rust, Sclerotinia Stem Rot) में अंतर

आधारअल्टरनेरिया अंगमारीसफेद किट्ट (White Rust)स्क्लेरोटिनिया तना गलन
रोगजनकAlternaria brassicaeAlbugo candida (Oomycete)Sclerotinia sclerotiorum
मुख्य लक्षणपत्तियों व फलियों पर काले संकेंद्रित छल्ले (Target rings)निचली सतह पर सफेद फफोले + पुष्पक्रम का 'Staghead' बननातने पर सफेद रुई जैसी वृद्धि + अंदर चूहे की मेंगनी जैसे काले स्क्लेरोशिया
अनुकूल तापमान20°C – 25°C12°C – 18°C15°C – 20°C (कोहरा व उच्च नमी)
विशिष्ट कवकनाशीMancozeb / Iprodione (Rovral)Metalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ)Carbendazim / Tebuconazole (फूल आने पर)

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. कपास के बीज की एसिड डिलिंटिंग (Acid Delinting) एवं जीवाणुनाशक घोल की गणना

आवश्यक सांद्र H2SO4 = बीज की मात्रा (kg) × 100 ml/kg | Streptocycline (100 ppm) = 1 ग्राम / 10 लीटर पानी

उदाहरण: 15 किलोग्राम कपास के रेशेदार (Fuzzy) बीज को डिलिंट करने के लिए:
• आवश्यक सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H2SO4) = 15 × 100 = 1500 ml (1.5 लीटर)।
• खड़ी फसल में 500 लीटर पानी से Streptocycline (100 ppm) + COC (0.25%) छिड़काव हेतु: Streptocycline = 50 ग्राम एवं Copper Oxychloride = 1250 ग्राम (1.25 kg)।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 03: मटर, उड़द-मूँग, गन्ना, सरसों एवं कपास के रोग]
├── 1. मटर एवं मूँग/उड़द (Pulses)
│ ├── Pea Powdery Mildew (Erysiphe pisi - Dry weather, Rachna variety, Wettable Sulphur)
│ ├── Mung/Urd Web Blight (Rhizoctonia solani - Cobweb mycelium)
│ └── Mung/Urd Yellow Mosaic (MYMV - Begomovirus ssDNA, Vector: Bemisia tabaci)
├── 2. गन्ना (Sugarcane - 5 Major Diseases)
│ ├── Red Rot (Colletotrichum falcatum - Transverse white bands, Alcoholic odor)
│ ├── Whip Smut (Sporisorium scitamineum - Black whip-like apex)
│ ├── Grassy Shoot - GSD (Phytoplasma - Albino grass tillers, MHAT 54°C)
│ ├── Ratoon Stunting - RSD (Leifsonia xyli subsp. xyli - Orange-red nodal dots)
│ └── Pokkah Boeng (Fusarium moniliforme - Twisted spindle, Knife-cut phase)
├── 3. सरसों (Mustard - 3 Major Diseases)
│ ├── Alternaria Blight (Alternaria brassicae - Concentric target rings on leaves & pods)
│ ├── White Rust (Albugo candida - Creamy pustules + Staghead hypertrophy, Ridomil MZ)
│ └── Sclerotinia Stem Rot (Sclerotinia sclerotiorum - Rat-dung sclerotia inside pith)
└── 4. कपास (Cotton)
├── Vascular Wilt (Fusarium oxysporum f.sp. vasinfectum - Desi cotton susceptible)
└── Black Arm (Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum - 4 phases, Acid delinting)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[सरसों के सफेद किट्ट (Albugo candida) में स्थानीय एवं दैहिक (Staghead) संक्रमण चक्र]
मृदा में पड़े या बीज में मिले Staghead अवशेषों के मोटी भित्ति वाले Oospores
↓ (अक्टूबर-नवंबर में अंकुरण → द्विकशाभिक Zoospores का निर्माण)
1. स्थानीय संक्रमण (Local Phase): निचली पत्तियों के रंध्रों से प्रवेश → निचली सतह पर चमकदार सफेद फफोले (Sporangia in chains)
↓ (हवा व ओस द्वारा द्वितीयक प्रसार)
2. दैहिक संक्रमण (Systemic Phase): कवक का शीर्ष विभज्योतक (Apical meristem) व पुष्पक्रम में प्रवेश
↓ (ऑक्सिन व साइटोकाइनिन हार्मोन वृद्धि → Hypertrophy + Hyperplasia)
'Staghead Phase': फूल व डंठल विकृत होकर बारहसिंगा के सींग जैसे मोटे, मांसल व बंध्य हो जाते हैं (अंदर लाखों Oospores बनते हैं)

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • गन्ने के GSD और RSD में अंतर: GSD = Phytoplasma (फ्लोएम में, सफेद घास जैसे कल्ले); RSD = Leifsonia xyli जीवाणु (जाइलम में, गाँठ चीरने पर नारंगी-लाल बिंदु)। दोनों का ही उपचार MHAT (54°C पर 4 घंटे) है।
  • मटर के Powdery Mildew की सबसे प्रसिद्ध प्रतिरोधी किस्म 'रचना (Rachna)' है—यह कृषि प्रतियोगी परीक्षाओं (ICAR JRF/SRF, Pre-PG, AFO) का सदाबहार प्रश्न है।
  • कपास के Black Arm में 'Angular Leaf Spot' (पत्तियों पर), 'Black Arm' (तने व शाखाओं पर) और 'Boll Rot' (टिंडों पर) एक ही जीवाणु (X. axonopodis pv. malvacearum) की अवस्थाएँ हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • मटर का चूर्णिल आसिता (Erysiphe pisi): शुष्क मौसम अनुकूल, 'रचना' प्रतिरोधी किस्म, Karathane या Sulfex से नियंत्रण।
  • मूँग/उड़द का पीत मोजैक (MYMV): Geminivirus (ssDNA), वाहक—सफेद मक्खी (Bemisia tabaci)।
  • गन्ने का लाल सड़न (Colletotrichum falcatum): चीरने पर लाल गूदे में आड़ी सफेद पट्टियाँ व शराब जैसी गंध।
  • सरसों का सफेद किट्ट (Albugo candida): Staghead अवस्था, Ridomil MZ से नियंत्रण।
  • कपास का ब्लैक आर्म (X. axonopodis pv. malvacearum): Conc. H2SO4 @ 100 ml/kg से बीज डिलिंटिंग + Streptocycline।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. मटर के चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) रोग के प्रति भारत की सबसे प्रसिद्ध प्रतिरोधी किस्म कौन सी है?

  • (A) अर्केल (Arkel)
  • (B) रचना (Rachna)
  • (C) बोनविले (Bonneville)
  • (D) आजाद पी-1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 'रचना (Rachna)' मटर के चूर्णिल आसिता (Erysiphe pisi) के प्रति सुप्रसिद्ध प्रतिरोधी किस्म है।

2. गन्ने को लंबाई में चीरने पर लाल गूदे के बीच आड़ी सफेद पट्टियाँ (Transverse white bands) किस रोग का अचूक लक्षण है?

  • (A) चाबुक कंड
  • (B) लाल सड़न (Red Rot – Colletotrichum falcatum)
  • (C) रतून स्टंटिंग
  • (D) पोकह बोएंग
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Colletotrichum falcatum जनित लाल सड़न में आंतरिक ऊतक लाल हो जाता है और बीच में आड़ी सफेद पट्टियाँ बनती हैं।

3. गन्ने का रतून स्टंटिंग रोग (RSD) किस जीव के कारण होता है?

  • (A) विषाणु
  • (B) फाइटोप्लाज्मा
  • (C) जाइलम-सीमित जीवाणु (Leifsonia xyli subsp. xyli)
  • (D) कवक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — RSD एक जाइलम-सीमित जीवाणु Leifsonia xyli subsp. xyli (पूर्व नाम Clavibacter xyli) द्वारा होता है।

4. सरसों के सफेद किट्ट (Albugo candida) में पुष्पक्रम के विकृत होकर बारहसिंगा के सींग जैसा बनने की अवस्था क्या कहलाती है?

  • (A) ग्रीन ईयर अवस्था
  • (B) स्टैगहेड अवस्था (Staghead Phase)
  • (C) विचेस ब्रूम
  • (D) क्रेसेक अवस्था
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अतिवृद्धि (Hypertrophy व Hyperplasia) के कारण सरसों का पुष्पक्रम मोटा और सींग जैसा हो जाता है जिसे 'Staghead' कहते हैं।

5. सरसों के किस रोग में तने के खोखले मज्जा (Pith) के भीतर चूहे की मेंगनी जैसे बड़े काले स्क्लेरोशिया बनते हैं?

  • (A) अल्टरनेरिया अंगमारी
  • (B) स्क्लेरोटिनिया तना गलन (Sclerotinia sclerotiorum)
  • (C) सफेद किट्ट
  • (D) मृदुरोमिल आसिता
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Sclerotinia sclerotiorum संक्रमित तने के अंदर बड़े काले स्क्लेरोशिया बनाता है।

6. मूँग और उड़द के पीत मोजैक विषाणु (MYMV) का वाहक कीट कौन सा है?

  • (A) हरा फुदका (Nephotettix virescens)
  • (B) सफेद मक्खी (Bemisia tabaci)
  • (C) माहू (Myzus persicae)
  • (D) थ्रिप्स (Thrips tabaci)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — MYMV एक Begomovirus (ssDNA) है जिसका प्रसार सफेद मक्खी (Bemisia tabaci) द्वारा होता है।

7. गन्ने के पोकह बोएंग (Pokkah Boeng) रोग का कारक कौन सा कवक है?

  • (A) Fusarium moniliforme (Gibberella fujikuroi)
  • (B) Colletotrichum falcatum
  • (C) Sporisorium scitamineum
  • (D) Pythium aphanidermatum
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Pokkah Boeng रोग Fusarium moniliforme (F. fujikuroi) द्वारा होता है जिसमें गोभ मुड़ जाती है और Knife-cut घाव बनते हैं।

8. कपास के ब्लैक आर्म (Black Arm) रोग से बचाव हेतु बीज से रोम हटाने (Acid Delinting) के लिए किस अम्ल का प्रयोग किया जाता है?

  • (A) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
  • (B) सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H2SO4 @ 100 ml/kg बीज)
  • (C) नाइट्रिक अम्ल
  • (D) एसिटिक अम्ल
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 100 ml सांद्र H2SO4 प्रति किलो कपास बीज में मिलाकर 2–3 मिनट हिलाने से रेशे व बाहरी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।

9. गन्ने के ग्रासी शूट (GSD) एवं रतून स्टंटिंग (RSD) के नियंत्रण हेतु IISR लखनऊ द्वारा विकसित 'MHAT' का मानक तापमान व समय क्या है?

  • (A) 54°C पर 4 घंटे (95–99% आर्द्रता)
  • (B) 40°C पर 10 घंटे
  • (C) 65°C पर 30 मिनट
  • (D) 100°C पर 5 मिनट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Moist Hot Air Therapy (MHAT) में गन्ने के टुकड़ों को 54°C तापमान और 95–99% आर्द्रता पर 4 घंटे रखा जाता है।

10. निम्नलिखित में से कौन सी कपास की प्रजाति फ्यूजेरियम उकठा (Fusarium Wilt) के भारतीय प्रभेद के प्रति प्राकृतिक रूप से प्रतिरोधी है?

  • (A) Gossypium arboreum (देसी कपास)
  • (B) Gossypium herbaceum
  • (C) Gossypium hirsutum (अमेरिकन चतुर्गुणित कपास)
  • (D) उपरोक्त सभी संवेदनशील हैं
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — चतुर्गुणित नई दुनिया की कपास (G. hirsutum व G. barbadense) भारतीय उकठा प्रभेद के प्रति प्रतिरोधी होती हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. गन्ने के लाल सड़न रोगजनक Colletotrichum falcatum की लैंगिक अवस्था का नाम लिखिए।

Glomerella tucumanensis।

2. गन्ने के किस रोग को 'कैंसर ऑफ शुगरकेन' (Cancer of Sugarcane) कहा जाता है?

लाल सड़न रोग (Red Rot of Sugarcane) को।

3. सरसों के अल्टरनेरिया अंगमारी के नियंत्रण हेतु एक विशिष्ट कवकनाशी का नाम लिखिए।

Iprodione (Rovral) @ 0.2% या Mancozeb @ 0.25%।

4. मूँग के पीत मोजैक (MYMV) के प्रति दो प्रतिरोधी किस्मों के नाम लिखिए।

सम्राट (PDM-139) एवं पंत मूँग-4 (या IPM 02-3)।

5. गन्ने के पोकह बोएंग (Pokkah Boeng) की तीनों क्रमिक अवस्थाओं के नाम लिखिए।

1. Chlorotic Phase, 2. Top Rot Phase, 3. Knife-cut Phase।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. गन्ने के लाल सड़न (Red Rot) में गन्ने से शराब जैसी गंध क्यों आती है और चीनी की रिकवरी क्यों घट जाती है?

Colletotrichum falcatum गन्ने के ऊतकों में 'Invertase' नामक एंजाइम स्रावित करता है, जो गन्ने में संचित अ-अपचायक शर्करा सुक्रोज (Sucrose) को ग्लूकोज और फ्रक्टोज में तोड़ देता है। ग्लूकोज से चीनी के क्रिस्टल नहीं बनते और इसके किण्वन से शराब जैसी खट्टी गंध आती है।

2. कपास के जीवाणुज अंगमारी (Bacterial Blight) की चारों अवस्थाओं को स्पष्ट कीजिए।

Xanthomonas axonopodis pv. malvacearum कपास में 4 अवस्थाएँ बनाता है: 1. Seedling Blight (बीजपत्रों का झुलसना), 2. Angular Leaf Spot (पत्तियों पर शिराओं से घिरे तिकोने काले धब्बे), 3. Black Arm (तने व शाखाओं पर लंबे काले घाव), और 4. Boll Rot (टिंडों का सड़ना व रुई का पीला पड़ना)।

3. सरसों के सफेद किट्ट (White Rust) में 'Staghead' का निर्माण कैसे होता है?

जब Albugo candida (अक्सर Peronospora parasitica के साथ मिलकर) सरसों के पुष्पक्रम में दैहिक (Systemic) संक्रमण करता है, तो पादप हार्मोन असंतुलन से कोशिकाओं के आकार (Hypertrophy) और संख्या (Hyperplasia) में असामान्य वृद्धि होती है, जिससे पूरा पुष्पक्रम बारहसिंगा के सींग जैसा मोटा, मांसल व बंध्य हो जाता है।

4. गन्ने के बीज टुकड़ों के उपचार की 'Moist Hot Air Therapy (MHAT)' विधि क्या है?

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ द्वारा विकसित इस विधि में गन्ने के बीज टुकड़ों (Setts) को एक विशेष कक्ष में 54°C तापमान और 95–99% सापेक्षिक आर्द्रता वाली गर्म हवा में 4 घंटे (3.5 घंटे उपचार + 0.5 घंटा वार्म-अप) रखा जाता है। इससे GSD, RSD और Whip Smut पूर्णतः नष्ट हो जाते हैं।

5. मटर के चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) के लक्षण एवं रासायनिक प्रबंधन लिखिए।

Erysiphe pisi के कारण पत्तियों, तने और फलियों पर सफेद पाउडर की परत जम जाती है और बाद में काले Cleistothecia बनते हैं। नियंत्रण हेतु 'रचना' किस्म बोएँ तथा घुलनशील गंधक (Wettable Sulphur) @ 2.5 g/L या Karathane (Dinocap) @ 1 ml/L का छिड़काव करें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. गन्ने के प्रमुख रोगों—लाल सड़न (Red Rot), चाबुक कंड (Whip Smut), ग्रासी शूट (GSD) एवं रतून स्टंटिंग (RSD)—के रोगजनकों, विशिष्ट लक्षणों, प्रसार के माध्यम एवं समन्वित प्रबंधन का सविस्तर वर्णन कीजिए।

उत्तर में चारों रोगों के रोगजनक, बाहरी व आंतरिक लक्षण (आड़ी सफेद पट्टियाँ, काली चाबुक, सफेद घास जैसे कल्ले, गाँठ पर नारंगी बिंदु), बीज टुकड़ों व औजारों से प्रसार, MHAT (54°C, 4 घंटे), कवकनाशी Sett dip और प्रतिरोधी किस्मों का तुलनात्मक व विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।

2. सरसों के तीनों प्रमुख रोगों (Alternaria Blight, White Rust एवं Sclerotinia Stem Rot) के लक्षणों, रोग चक्र एवं प्रबंधन की विधियों का वर्णन कीजिए।

Alternaria brassicae के Target-board धब्बे, Albugo candida के सफेद फफोले व Staghead अवस्था तथा Sclerotinia sclerotiorum के तने में चूहे की मेंगनी जैसे स्क्लेरोशिया व Apothecia का वर्णन करते हुए समय पर बुवाई, बीज उपचार और Mancozeb / Ridomil MZ / Carbendazim छिड़काव समझाएँ।

3. कपास के संवहनी उकठा (Vascular Wilt) और ब्लैक आर्म (Black Arm) तथा मूँग/उड़द के पीत मोजैक (MYMV) का विस्तृत वर्णन कीजिए।

कपास के उकठा में देसी बनाम अमेरिकन कपास की संवेदनशीलता, ब्लैक आर्म की चारों अवस्थाएँ व H2SO4 डिलिंटिंग तथा मूँग/उड़द के MYMV में सफेद मक्खी प्रबंधन और प्रतिरोधी किस्मों का सविस्तर विवरण दें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • मटर के चूर्णिल आसिता (Erysiphe pisi) के कोनिडिया अंकुरण के लिए मुक्त जल की आवश्यकता नहीं होती, यह शुष्क मौसम का रोग है।
  • गन्ने के रतून स्टंटिंग रोग (RSD) में निचली गाँठ को चीरने पर नारंगी-लाल संवहनी बिंदु (Comma-shaped dots) दिखते हैं।
  • सरसों के स्क्लेरोटिनिया तना गलन में स्क्लेरोशिया अंकुरित होकर तश्तरीनुमा 'Apothecia' बनाते हैं।
  • मूँग का पीत मोजैक विषाणु (MYMV) Geminiviridae कुल का एकल-रज्जुक वृत्ताकार डीएनए (ssDNA) विषाणु है।
  • कपास के ब्लैक आर्म रोग को 'Angular Leaf Spot of Cotton' या 'Bacterial Blight of Cotton' भी कहा जाता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPATH 311 Smart Notes।

Similar Posts