PPATH 311 Lecture 06: आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च, कद्दू वर्गीय एवं गोभी वर्गीय सब्जियों के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन

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PPATH 311 · Plant Pathology Smart Notes
LECTURE 06 / 08 · PPATH 311

आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च, कद्दू वर्गीय एवं गोभी वर्गीय सब्जियों के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन

Major Diseases of Potato, Tomato, Brinjal, Chilli, Cucurbits, and Cruciferous Vegetables

Potato (आलू), Tomato (टमाटर), Brinjal (बैंगन), Chilli (मिर्च), Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियाँ), Cruciferous vegetables (गोभी वर्गीय सब्जियाँ)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsरोग वर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notesतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Potato (late blight, black scurf, black heart) and Tomato (damping off, early and leaf curl, mosaic); Brinjal (phomopsis blight and fruit rot, Sclerotinia blight) and Chilli (anthracnose and fruit rot, leaf curl); Cucurbits (Crini virus, Gummy stem blight, powdery and downy mildew, root rot) and Cruciferous vegetables (black rot);
अध्ययन संदर्भ: यह उपलब्ध कराए गए पाठ्यक्रम के विस्तृत notes हैं। रासायनिक दवाओं, एंटीबायोटिक, पेस्ट और उनकी दरों के उल्लेख शैक्षणिक स्रोत का हिस्सा हैं; इन्हें वर्तमान पंजीकरण या खेत में प्रयोग की स्वीकृति न मानें। वास्तविक उपयोग से पहले संबंधित फसल के लिए वर्तमान label claim और स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की सलाह जाँचें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • आलू के पछेती अंगमारी (Late Blight – 1845 आयरिश अकाल), काली पपड़ी (Black Scurf – कंद पर मिट्टी जो धोने से न छूटे) और ब्लैक हार्ट (भंडारण में O2 की कमी) को समझना।
  • टमाटर के आर्द्र पतन (Damping-off), अगेती अंगमारी (Early Blight – Bull's eye target rings), पर्ण कुंचन (ToLCV) और मोजैक (TMV) का निदान व प्रबंधन करना।
  • बैंगन के फोमोप्सिस अंगमारी व स्क्लेरोटिनिया ब्लाइट तथा मिर्च के एंथ्रेक्नोज/डाई-बैक और पर्ण कुंचन के नियंत्रण को सीखना।
  • कद्दू वर्गीय सब्जियों के Crinivirus (ToLCNDV/CYSDV), गमी स्टेम ब्लाइट, चूर्णिल व मृदुरोमिल आसिता व जड़ गलन तथा गोभी के काले सड़न (Black Rot – V-आकार के धब्बे) का अध्ययन करना।

प्रस्तावना · Introduction

सब्जी फसलें (सोलेनेसी, कुकरबिटेसी एवं क्रूसीफेरी कुल) सघन खेती और उच्च आर्द्रता के कारण पौधशाला (Nursery) से लेकर भंडारण (Cold Storage) तक अनेक विनाशकारी रोगों से ग्रस्त होती हैं। सन् 1845 का आयरलैंड का महा-अकाल (आलू का पछेती अंगमारी – Phytophthora infestans) ही वह ऐतिहासिक घटना थी जिसने आधुनिक 'पादप रोगविज्ञान' (Plant Pathology) को एक स्वतंत्र विज्ञान के रूप में जन्म दिया (Anton de Bary, 1861)। इस व्याख्यान में 6 सब्जी समूहों के 17 प्रमुख रोगों का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

टारगेट बोर्ड / बुल आई प्रभाव (Target-Board / Bull's Eye Effect)

Alternaria solani (टमाटर व आलू का अगेती अंगमारी) में पत्तियों के भूरे-काले धब्बों के भीतर गहरे और हल्के रंग के स्पष्ट संकेंद्रित छल्लों (Concentric rings) का बनना।

आलू पर न छूटने वाली मिट्टी (Dirt that won't wash off)

आलू के ब्लैक स्कर्फ (Rhizoctonia solani) में कंद की त्वचा पर चिपके हुए गहरे काले-भूरे कठोर स्क्लेरोशिया, जो पानी से रगड़कर धोने पर भी नहीं छूटते।

आर्द्र पतन (Damping-Off)

Pythium, Phytophthora या Rhizoctonia द्वारा नर्सरी में नवजात पौधों के तने के आधार (Collar region) का जल-सिक्त होकर गल जाना और पौधों का जमीन पर गिरकर मर जाना।

V-आकार का पीलापन (V-shaped Chlorotic Lesion)

गोभी वर्गीय फसलों के काले सड़न (Xanthomonas campestris pv. campestris) में पत्ती के किनारे के जलरंध्रों (Hydathodes) से जीवाणु प्रवेश करने पर शिराओं का काला पड़ना और पत्ती के किनारे पर 'V' अक्षर के आकार का पीला धब्बा बनना।

रोग वर्गीकरण · Classification

Oomycete एवं कवक जनित सब्जी रोग

आलू का Late Blight (Phytophthora infestans) व Black Scurf (Rhizoctonia solani), टमाटर का Damping-off (Pythium aphanidermatum) व Early Blight (Alternaria solani), बैंगन का Phomopsis Blight (Phomopsis vexans) व Sclerotinia Blight (Sclerotinia sclerotiorum), मिर्च का Anthracnose (Colletotrichum capsici), कद्दू का Gummy Stem Blight (Didymella bryoniae), Powdery Mildew (Podosphaera xanthii / Erysiphe cichoracearum), Downy Mildew (Pseudoperonospora cubensis) व Root Rot (Fusarium solani / Macrophomina)।

जीवाणु जनित सब्जी रोग

गोभी वर्गीय सब्जियों का काला सड़न (Black Rot of Crucifers – Xanthomonas campestris pv. campestris)।

विषाणु जनित सब्जी रोग

टमाटर व मिर्च का Leaf Curl (Begomovirus – Whitefly transmitted), टमाटर का Mosaic (Tobacco Mosaic Virus – TMV, Tobamovirus), कद्दू का पीलापन/स्टंट रोग (Cucurbit Yellow Stunting Disorder Virus – CYSDV, वंश: Crinivirus)।

अजैविक भंडारण विकार (Abiotic Storage Disorder)

आलू का ब्लैक हार्ट रोग (Black Heart of Potato – भंडारण में ऑक्सीजन/O2 की कमी और उच्च तापमान)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • पादप रोगविज्ञान का जन्म (1845 Irish Potato Famine & Anton de Bary): 1845–46 में आयरलैंड में आलू की फसल Phytophthora infestans से नष्ट हो गई, जिससे 10 लाख लोगों की मृत्यु हुई और 15 लाख लोग पलायन कर गए। एंटन डी बैरी (Anton de Bary, 1861) ने सिद्ध किया कि यह कवक रोग का परिणाम नहीं बल्कि कारण (Cause) है, जिससे रोगाणु सिद्धांत स्थापित हुआ और उन्हें 'Father of Modern Plant Pathology' कहा गया।
  • जल-रंध्रों से संवहनी संक्रमण (Hydathode Entry in Black Rot of Crucifers): गोभी के काले सड़न में जीवाणु रात/सुबह पत्ती के किनारों पर निकलने वाली बिंदुस्राव (Guttation) की बूँदों में तैरकर जल-रंध्रों (Hydathodes) से सीधे जाइलम वाहिकाओं में प्रवेश कर जाता है और वहाँ से नीचे तने तक काली संवहनी वलय बनाता है।

फसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notes

1. Late Blight of Potato (आलू का पछेती अंगमारी / झुलसा रोग)
Potato (आलू – Solanum tuberosum) एवं टमाटर · Pathogen: Phytophthora infestans ('Phytophthora' ग्रीक शब्द का अर्थ है 'Plant Destroyer' – पादप विनाशक; नामकरण: Anton de Bary, 1876)।

महत्व: 1845 के आयरिश अकाल का कारण; भारत के मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में आलू का सबसे विनाशकारी रोग जो अनुकूल मौसम में 3–5 दिनों के भीतर पूरी फसल को जलाकर काला कर देता है।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों की नोक और किनारों पर पहले जल-सिक्त, हल्के हरे से भूरे-काले अनियमित धब्बे (Water-soaked hydrotic brown-black blighted patches) बनते हैं जो तेजी से फैलकर पूरी पत्ती व तने को सड़ाकर काला कर देते हैं और खेत से सड़ी हुई मछली/वनस्पति जैसी गंध आती है।
  • निर्णायक लक्षण: सुबह के समय ठंडे और नम मौसम में पत्ती की निचली सतह पर काले धब्बे और हरे स्वस्थ भाग की संधि (Margin of lesion) पर सफेद रुई जैसी बारीक फफूँद की अंगूठी (White cottony ring of sporangiophores) स्पष्ट दिखाई देती है।
  • कंदों पर (Tuber rot): आलू के कंदों पर बैंगनी-भूरे धँसे हुए धब्बे पड़ते हैं और काटने पर छिलके के नीचे का गूदा जंग जैसा लाल-भूरा (Rusty-brown dry rot) दिखाई देता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे Kufri Jyoti, Kufri Badshah, Kufri Giriraj, Kufri Himalini, Kufri Chipsona-1, Kufri Mohan की बुवाई करें तथा खेत में ऊँची मिट्टी चढ़ाएँ (High earthing up) ताकि बीजाणु कंदों तक न पहुँचें।
  • निवारक छिड़काव (Prophylactic spray): नवंबर के अंत या कैनोपी बंद होने से पहले Mancozeb 75 WP या Chlorothalonil @ 2.0–2.5 g/L का छिड़काव करें।
  • रोग दिखने पर उपचारात्मक छिड़काव (Curative spray): Metalaxyl 8% + Mancozeb 64% WP (Ridomil MZ) @ 2.5 g/L या Cymoxanil 8% + Mancozeb 64% WP (Curzate M8) @ 2.5 g/L या Dimethomorph 50 WP @ 1.0 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Oomycete कवक; इसके Sporangiophores अनिश्चित वृद्धि वाले व सिम्पोडियल शाखित होते हैं और नींबू के आकार के पैपिला युक्त Sporangia बनाते हैं। कम तापमान (<15°C) पर Sporangia अप्रत्यक्ष रूप से द्विकशाभिक चलबीजाणुओं (Zoospores) द्वारा और अधिक तापमान (>20°C) पर सीधे अंकुरण नलिका द्वारा अंकुरित होते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

शीतगृहों (Cold storage) में रखे संक्रमित बीज कंदों (Infected seed tubers) में कवकजाल के रूप में जीवित रहता है; हवा व वर्षा से Sporangia द्वारा तीव्र द्वितीयक प्रसार होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

'डच नियम' (Dutch Rules – van Everdingen, 1926) एवं भारत में CPRI शिमला का 'JHULSACAST' पूर्वानुमान मॉडल: रात का तापमान 10–12°C, दिन का तापमान 16–20°C, सापेक्षिक आर्द्रता >85–90%, बादल छाए रहना और रिमझिम वर्षा।

Exam Key: 1845 Irish Famine + Anton de Bary (1861) + निचली सतह पर धब्बे के किनारे सफेद रिंग + JHULSACAST पूर्वानुमान + Ridomil MZ / Curzate M8।
2. Black Scurf and Stem Canker of Potato (आलू का काली पपड़ी / ब्लैक स्कर्फ रोग)
Potato (आलू) · Pathogen: Rhizoctonia solani (लैंगिक अवस्था: Thanatephorus cucumeris)

महत्व: आलू के कंदों की बाजार गुणवत्ता और बीज मूल्य को गिराने वाला सबसे आम मृदा व कंद जनित रोग।

लक्षण · Symptoms
  • 1. कंदों पर काली पपड़ी (Black Scurf on Tubers): आलू के कंदों की बाहरी सतह पर गहरे भूरे से काले, अनियमित आकार के कठोर, पपड़ीदार उभार (Hard black crust-like Sclerotia) चिपके होते हैं, जिन्हें 'धोने पर भी न छूटने वाली मिट्टी' (The dirt that won't wash off) कहा जाता है।
  • 2. तना कैंकर (Stem Canker): उगते हुए अंकुरों और भूमिगत तने (Stolons) पर लाल-भूरे धँसे हुए घाव (Cankers) बनते हैं, जिससे वायवीय तने की गाँठों पर छोटे हरे वायवीय कंद (Aerial tubers) बन जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • कंद बीज उपचार (Seed Tuber Treatment): बुवाई से पूर्व बीज कंदों को 3% बोरिक अम्ल (Boric Acid 3% = 30 g/L पानी) के घोल में 30 मिनट तक डुबोकर छाया में सुखाएँ, अथवा Pencycuron (Monceren) 250 SC @ 2.0 ml/L या Carboxin + Thiram @ 2.5 g/L से उपचारित करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

समकोण (90°) पर शाखित कवकजाल जो कंदों की सतह पर कठोर काले स्क्लेरोशिया बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

बीज कंदों पर चिपके स्क्लेरोशिया और मृदा में पड़े स्क्लेरोशिया से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

बुवाई के समय ठंडी और गीली मिट्टी (15–18°C) तथा देरी से खुदाई करना।

Exam Key: कंदों पर चिपके काले स्क्लेरोशिया ('Dirt that won't wash off') + 3% Boric Acid (30 min tuber dip) या Pencycuron से बीज उपचार।
3. Black Heart of Potato (आलू का काला हृदय / ब्लैक हार्ट विकार)
Potato (आलू) · Pathogen: अजैविक / दैहिक भंडारण विकार (Abiotic Storage Disorder): भंडारण या परिवहन के दौरान ऑक्सीजन की कमी (Oxygen deficiency / Sub-oxidation / Asphyxiation) एवं उच्च तापमान (>35°C) तथा CO2 का जमाव।

महत्व: बंद बोरियों के ढेर और खराब संवातन (Poor ventilation) वाले गोदामों में आलू के कंदों को भीतर से बर्बाद करने वाला प्रमुख विकार।

लक्षण · Symptoms
  • आलू का कंद बाहर से देखने पर बिल्कुल स्वस्थ और सामान्य दिखाई देता है।
  • किंतु आलू को बीच से काटने पर उसके ठीक केंद्र भाग (Central pith region) में एक गहरा काला या नीला-काला, अनियमित किंतु स्पष्ट किनारों वाला मृत क्षेत्र (Sharply defined coal-black necrotic center) दिखाई देता है।
  • यह काला भाग प्रारंभ में कड़ा और चर्मिल होता है (इसमें कोई दुर्गंध नहीं आती जब तक द्वितीयक जीवाणु न लगें)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • आलू का भंडारण हवादार शीतगृहों (Well-ventilated Cold Storage) में 2°C से 4°C तापमान और 85–90% आर्द्रता पर करें तथा बोरियों के ढेर बहुत ऊँचे न लगाएँ।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

उच्च तापमान पर आलू के कंदों की श्वसन दर (Respiration rate) बहुत बढ़ जाती है; अंदर के केंद्रीय ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन (O2) न पहुँचने से कोशिकाएँ दम घुटने से मर जाती हैं और 'Tyrosinase' एंजाइम टायरोसिन अमीनो अम्ल को काले 'Melanin' वर्णक में बदल देता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

अजैविक होने से संक्रामक नहीं है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

गोदाम में तापमान >32–38°C होना, बोरियों की बहुत ऊँची चट्टियाँ लगाना और हवा के आवागमन का अभाव।

Exam Key: भंडारण में O2 की कमी व उच्च ताप + कंद बाहर से स्वस्थ किंतु काटने पर केंद्र काला (Tyrosine → Melanin) + 2–4°C पर हवादार भंडारण।
4. Damping-Off of Tomato (टमाटर का आर्द्र पतन / पौध गलन रोग)
Tomato (टमाटर – Solanum lycopersicum), मिर्च, बैंगन एवं अन्य नर्सरी फसलें · Pathogen: Pythium aphanidermatum (सर्वप्रमुख), Phytophthora parasitica, Rhizoctonia solani एवं Fusarium spp.।

महत्व: नर्सरी की क्यारियों (Nursery beds) का सबसे भयंकर रोग जो कुछ ही दिनों में 50–90% पौध (Seedlings) को नष्ट कर देता है।

लक्षण · Symptoms
  • 1. अंकुरण-पूर्व आर्द्र पतन (Pre-emergence Damping-off): बोए गए बीज अंकुरित होते ही मिट्टी की सतह से बाहर निकलने से पहले ही सड़कर मर जाते हैं।
  • 2. अंकुरण-पश्चात आर्द्र पतन (Post-emergence Damping-off): उग आए कोमल पौधों के तने के ठीक भूमि की सतह वाले भाग (Collar region / Hypocotyl) पर जल-सिक्त, पतला और भूरा-काला संकीर्णन (Wire-stem / Basal constriction) बनता है; तना आधार से गल जाता है और पत्तियाँ हरी रहते हुए ही पूरा पौधा जमीन पर गिरकर (Toppling over of seedlings) मर जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • नर्सरी हमेशा जमीन से 15 सेमी ऊँची क्यारियों (Raised beds) पर बनाएँ और मई-जून में पारदर्शी पॉलीथीन शीट से 3–4 सप्ताह मृदा सौरीकरण (Soil Solarization) करें।
  • बीज को Trichoderma viride @ 4 g/kg या Metalaxyl 35 WS @ 3 g/kg या Captan/Thiram @ 3 g/kg से उपचारित करके कतारों में विरल बोएँ।
  • नर्सरी की मिट्टी में Copper Oxychloride @ 3.0 g/L या Metalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ) @ 2.0 g/L के घोल से सिंचन (Soil drenching) करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Pythium एक Oomycete है जो जलभराव में चलबीजाणु (Zoospores) और मोटी भित्ति वाले Oospores बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा-जनित Oospores और सिंचाई के पानी से तेजी से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

नर्सरी में बहुत घनी बुवाई (Dense sowing), अत्यधिक सिंचाई/जलभराव, भारी मिट्टी और 25–30°C तापमान।

Exam Key: Pythium aphanidermatum + Pre & Post-emergence phases + तने के आधार का गलकर पौध का जमीन पर गिरना + Raised nursery bed + Soil Solarization + Ridomil MZ drenching।
5. Early Blight of Tomato (टमाटर का अगेती अंगमारी / झुलसा रोग)
Tomato (टमाटर) एवं आलू · Pathogen: Alternaria solani

महत्व: टमाटर और आलू का अत्यंत व्यापक पर्ण व फल रोग (यह Late blight से पहले गर्म मौसम में आता है, इसलिए 'Early Blight' कहलाता है)।

लक्षण · Symptoms
  • सर्वप्रथम पौधे की पुरानी निचली पत्तियों (Oldest lower leaves) पर गहरे भूरे से काले, गोल से कोणीय धब्बे बनते हैं।
  • निर्णायक लक्षण: इन धब्बों के भीतर गहरे और हल्के भूरे रंग के स्पष्ट संकेंद्रित छल्ले (Concentric rings like a Target-board or Bull's eye) दिखाई देते हैं और धब्बों के चारों ओर पीला घेरा होता है।
  • तने पर धँसे हुए घाव (Collar rot) और फलों के डंठल वाले सिरे (Stem end) पर काले चर्मिल संकेंद्रित छल्लेदार धब्बे बनते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • Thiram या Captan @ 2.5 g/kg से बीज उपचार करें तथा नीचे की पुरानी संक्रमित पत्तियों को हटा दें।
  • रासायनिक छिड़काव: Mancozeb 75 WP @ 2.5 g/L या Chlorothalonil 75 WP @ 2.0 g/L या Azoxystrobin 23 SC @ 1.0 ml/L का 10–15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अपूर्ण कवक; इसके कोनिडिया गहरे भूरे, मुगदर के आकार (Muriform) के, आड़े व खड़े पटयुक्त और लंबी चोंच (Long beak) वाले होते हैं। यह 'Alternaric acid' टॉक्सिन बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में फसल अवशेषों और संक्रमित बीज में जीवित रहता है तथा हवा द्वारा कोनिडिया से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

24–29°C तापमान, बारी-बारी से शुष्क और आर्द्र मौसम (Alternating wet and dry periods) तथा पौधों में नत्रजन की कमी या फलों का अधिक भार।

Exam Key: Alternaria solani + पुरानी निचली पत्तियों पर 'Target-board / Bull's eye' संकेंद्रित छल्ले + लंबी चोंच वाले Muriform conidia + Mancozeb / Azoxystrobin।
6. Tomato Leaf Curl Disease – ToLCD (टमाटर का पर्ण कुंचन / मरोड़िया रोग)
Tomato (टमाटर) · Pathogen: Tomato Leaf Curl Virus (ToLCV — वंश: Begomovirus, कुल: Geminiviridae; ssDNA)।

महत्व: भारत में टमाटर उत्पादन की सबसे बड़ी बाधा, जो शुरुआती अवस्था में लगने पर 70–90% तक फल उत्पादन घटा देती है।

लक्षण · Symptoms
  • नई पत्तियाँ आकार में बहुत छोटी हो जाती हैं और उनके किनारे ऊपर या नीचे की ओर मुड़कर प्याले या नाव जैसे (Cupping, curling and crinkling) हो जाते हैं।
  • पत्तियाँ मोटी, खुरदरी व भुरभुरी हो जाती हैं, शिराओं के बीच पीलापन आता है और निचली सतह की शिराओं पर छोटे पत्तीनुमा उभार (Enations) बन सकते हैं।
  • पोरियाँ छोटी रह जाने से पौधा अत्यधिक बौना और झाड़ीदार (Stunted and bushy) हो जाता है और फूल झड़ जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • नर्सरी को 40–50 मेश के सफेद नायलॉन कीट-रोधी नेट (40-mesh Insect-proof nylon net) के नीचे उगाएँ तथा प्रतिरोधी/सहनशील किस्में जैसे Arka Rakshak, Arka Samrat, Pusa Rohini, H-24, H-86 (Kashi Vishesh – Ty जीन युक्त) लगाएँ।
  • रोपाई के समय पौध की जड़ों को Imidacloprid 17.8 SL @ 0.5 ml/L घोल में 15 मिनट डुबोएँ, खेत में Yellow Sticky Traps लगाएँ और Thiamethoxam 25 WG @ 0.3 g/L या Cyantraniliprole का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

जुड़वाँ कणों वाला एकल-रज्जुक डीएनए (ssDNA) Begomovirus।

रोग चक्र · Disease Cycle

सफेद मक्खी (Whitefly – Bemisia tabaci) द्वारा स्थायी परिसंचारी (Persistent circulative) रूप में संचरित होता है; बीज या छूने से नहीं फैलता।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

गर्म और शुष्क मौसम (फरवरी-मई एवं सितंबर-अक्टूबर) जिसमें सफेद मक्खी की संख्या अधिक होती है।

Exam Key: ToLCV (Begomovirus – ssDNA) + वाहक: Bemisia tabaci + 40-mesh nylon net नर्सरी + Ty जीन युक्त प्रतिरोधी किस्में (Kashi Vishesh, Arka Rakshak)।
7. Tomato Mosaic Disease (टमाटर का मोजैक / चित्ती रोग)
Tomato (टमाटर) · Pathogen: Tomato Mosaic Virus (ToMV) एवं Tobacco Mosaic Virus (TMV) — (वंश: Tobamovirus; कठोर छड़ के आकार का +ssRNA विषाणु)।

महत्व: अत्यधिक संक्रामक और सबसे स्थिर विषाणु जो केवल श्रमिकों के हाथों और औजारों के छूने मात्र से पूरे खेत व पॉलीहाउस में फैल जाता है।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों पर हल्के हरे और गहरे हरे रंग के अनियमित चकत्ते (Light and dark green mottling/mosaic) बनते हैं और पत्तियाँ मुड़कर फर्न की पत्ती या जूते के फीते जैसी (Fern-leaf or Shoe-string symptom) हो जाती हैं।
  • फलों पर पीले-हरे धब्बे और आंतरिक ऊतक का भूरा पड़ना (Internal browning / Bronzing of fruits) दिखाई देता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • बीज उपचार: टमाटर के बीज को 10% ट्राई-सोडियम फॉस्फेट (Tri-sodium Phosphate – Na3PO4, TSP) के घोल में 30 मिनट डुबोकर साफ पानी से धोएँ और बोएँ।
  • खेत या पॉलीहाउस में कार्य करते समय धूम्रपान/तंबाकू सेवन वर्जित रखें और हाथों व औजारों को साबुन या 3% TSP घोल या स्किम्ड मिल्क (दूध) से धोएँ।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

300 × 18 nm आकार के कठोर दंडाकार (Rigid rod-shaped) कणों वाला +ssRNA विषाणु, जो सूखी पत्तियों में 50 वर्ष तक और 90°C तापमान (Thermal inactivation point) तक सक्रिय रहता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

इसका कोई कीट वाहक नहीं है! यह संक्रमित बीज के बाहरी आवरण (Externally seed-borne), श्रमिकों के हाथों, कपड़ों, छँटाई के औजारों और धूम्रपान करने वाले श्रमिकों की तंबाकू/बीड़ी/सिगरेट के स्पर्श (Mechanical sap transmission) से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

सघन रोपाई, पॉलीहाउस में कटाई-छँटाई (Pruning & staking) और तंबाकू उत्पादों का प्रयोग।

Exam Key: TMV/ToMV (Rigid rod +ssRNA, कोई कीट वाहक नहीं) + स्पर्श व तंबाकू से प्रसार + Fern-leaf लक्षण + 10% Tri-sodium Phosphate (TSP) से बीज व औजार उपचार।
8. Phomopsis Blight and Fruit Rot of Brinjal (बैंगन का फोमोप्सिस अंगमारी एवं फल सड़न)
Brinjal (बैंगन – Solanum melongena) · Pathogen: Phomopsis vexans (लैंगिक अवस्था / Teleomorph: Diaporthe vexans)

महत्व: बैंगन का सबसे प्रमुख कवक रोग जो पौध अंगमारी, पत्ती धब्बा और बीज उत्पादन वाली फसल में गंभीर फल सड़न (Soft & mummified fruit rot) उत्पन्न करता है।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों पर गोल, भूरे रंग के धब्बे बनते हैं जिनका मध्य भाग हल्का भूरा और किनारे गहरे भूरे होते हैं तथा तने के आधार पर घेरा बनने से पौधे सूख जाते हैं।
  • फलों पर: फलों की सतह पर पहले पीले-भूरे धँसे हुए धब्बे बनते हैं जो तेजी से बढ़कर पूरे फल को सड़ा देते हैं। सड़े हुए फल के धब्बों पर काले सुई की नोक जैसे असंख्य फलकाय (Black pin-head Pycnidia) संकेंद्रित छल्लों में सजे दिखाई देते हैं और फल सूखकर काले व ममीकृत (Mummified) हो जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे Pusa Bhairav, Pusa Anupam, Pant Samrat की बुवाई करें।
  • बीज को 50°C गर्म पानी में 30 मिनट उपचारित करें तथा Carbendazim @ 2 g/kg से बीज उपचार करें।
  • खड़ी फसल में Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L या Mancozeb @ 2.5 g/L या Tebuconazole @ 1.0 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक के Pycnidia में दो प्रकार के कोनिडिया बनते हैं—अंडाकार पारदर्शी 'Alpha (α) conidia' और लंबे धागेनुमा मुड़े हुए 'Beta (β) conidia' (जो अंकुरित नहीं होते)।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज (Internally & externally seed-borne) और फसल अवशेषों में जीवित रहता है तथा वर्षा की छींटों से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

25–30°C तापमान और >80% आर्द्रता।

Exam Key: Phomopsis vexans (Alpha एवं Beta दो प्रकार के कोनिडिया) + फलों पर संकेंद्रित छल्लों में काले Pycnidia + प्रतिरोधी किस्म 'Pusa Bhairav'।
9. Sclerotinia Blight / Stem Rot of Brinjal (बैंगन का स्क्लेरोटिनिया अंगमारी / श्वेत फफूँद रोग)
Brinjal (बैंगन) · Pathogen: Sclerotinia sclerotiorum

महत्व: सर्दियों (दिसंबर-फरवरी) के दौरान बैंगन की शाखाओं और फलों को सुखाने वाला प्रमुख रोग।

लक्षण · Symptoms
  • तने की मुख्य शाखाओं के जोड़ों और टहनियों पर जल-सिक्त, हल्के भूरे-सफेद घाव बनते हैं जिन पर नम मौसम में घनी सफेद रुई जैसी कवक वृद्धि (Dense white cottony mycelium) दिखाई देती है।
  • संक्रमित शाखा को चीरने पर मज्जा (Pith) के भीतर बड़े, काले, कठोर स्क्लेरोशिया (Large black rat-dung like sclerotia) भरे मिलते हैं और शाखा के ऊपर का भाग मुरझाकर सूख जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • रोगग्रस्त शाखाओं को काटकर जला दें, मृदा में Trichoderma viride का प्रयोग करें और Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L या Iprodione @ 2.0 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Ascomycete कवक जो काले Sclerotia और तश्तरीनुमा Apothecia में Ascospores बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा में पड़े स्क्लेरोशिया और हवा से उड़ने वाले Ascospores (मुरझाती फूलों की पंखुड़ियों के माध्यम से) संक्रमण करते हैं।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

15–22°C ठंडा तापमान, कोहरा और उच्च आर्द्रता।

Exam Key: शाखाओं पर सफेद रुई जैसी वृद्धि + तने के अंदर चूहे की मेंगनी जैसे काले स्क्लेरोशिया + मुरझाती पंखुड़ियों से संक्रमण।
10. Anthracnose, Die-Back and Ripe Fruit Rot of Chilli (मिर्च का श्यामवर्ण, शीर्षारंभी क्षय एवं पके फलों का सड़न)
Chilli (मिर्च – Capsicum annuum) · Pathogen: Colletotrichum capsici (एवं C. gloeosporioides व C. acutatum; लैंगिक: Glomerella cingulata)

महत्व: मिर्च के उत्पादन और निर्यात में सबसे बड़ी बाधा जो पके लाल फलों का रंग उड़ाकर उन्हें सड़ा देती है।

लक्षण · Symptoms
  • 1. शीर्षारंभी क्षय (Die-Back): फूल आने के बाद पौधे की कोमल टहनियाँ ऊपर की नोक से नीचे की ओर (Top to bottom necrosis) भूरी-काली पड़कर सूखने लगती हैं और सूखी टहनियों पर काले बिंदु (Acervuli) दिखते हैं।
  • 2. पके फलों का सड़न (Ripe Fruit Rot / Anthracnose): लाल पकती हुई मिर्च की सतह पर गोल या लंबे, धँसे हुए (Sunken) जल-सिक्त धब्बे बनते हैं। इन धब्बों के केंद्र में काले रंग के सूक्ष्म बिंदु (Setae युक्त Acervuli) स्पष्ट संकेंद्रित छल्लों (Concentric rings of black dots) में सजे दिखते हैं और प्रभावित मिर्च बदरंग होकर पुआल जैसी सफेद-पीली हो जाती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • स्वस्थ फलों से ही बीज निकालें और Captan या Thiram या Carbendazim @ 2.5 g/kg से बीज उपचार करें।
  • खड़ी फसल में Mancozeb 75 WP @ 2.5 g/L या Azoxystrobin 23 SC @ 1.0 ml/L या Tebuconazole + Trifloxystrobin (Nativo) @ 0.6 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक तश्तरीनुमा Acervuli बनाता है जिनमें गहरे भूरे काँटों (Setae) के बीच दरांती के आकार (Falcate / Sickle-shaped), एककोशिकीय पारदर्शी कोनिडिया बनते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज के अंदर व बाहर और फसल अवशेषों में जीवित रहता है तथा वर्षा की बौछारों से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

फल पकते समय 28–30°C तापमान, भारी वर्षा और >85% आर्द्रता।

Exam Key: Colletotrichum capsici (दरांती जैसे कोनिडिया + Setae युक्त Acervuli) + टहनियों का ऊपर से नीचे सूखना (Die-back) + लाल मिर्च पर धँसे हुए धब्बे।
11. Chilli Leaf Curl Disease (मिर्च का पर्ण कुंचन / चुरड़ा-मुरड़ा रोग)
Chilli (मिर्च) · Pathogen: Chilli Leaf Curl Virus (ChiLCV — वंश: Begomovirus, कुल: Geminiviridae; ssDNA)।

महत्व: मिर्च का अत्यंत विनाशकारी विषाणु रोग (ध्यातव्य: मिर्च में थ्रिप्स व माइट्स के रस चूसने से भी पत्तियाँ मुड़ती हैं जिसे 'Murda Complex' कहते हैं)।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियाँ छोटी होकर नाव की तरह ऊपर की ओर मुड़ जाती हैं (Upward curling and boat-shaped rolling of leaves) तथा पर्ण फलक में सिकुड़न और शिराओं का मोटा होना दिखाई देता है।
  • पौधे की पोरियाँ अत्यंत छोटी हो जाती हैं जिससे पौधा झाड़ीदार (Bushy stunted appearance) हो जाता है और फूल व फल नहीं बनते।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे Pusa Jwala, Pusa Sadabahar, Pant C-1, Punjab Lal, Kashi Anmol की रोपाई करें।
  • रोपाई पूर्व पौध को Imidacloprid (0.5 ml/L) में डुबोएँ और फसल पर Imidacloprid @ 0.3 ml/L या Diafenthiuron 50 WP @ 1.0 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

जुड़वाँ कणों वाला ssDNA Begomovirus।

रोग चक्र · Disease Cycle

सफेद मक्खी (Whitefly – Bemisia tabaci) द्वारा स्थायी रूप में संचरित। (यदि पत्तियाँ ऊपर मुड़ें तो प्रायः Thrips – Scirtothrips dorsalis या वायरस, और नीचे मुड़ें तो Mite – Polyphagotarsonemus latus का भी हाथ होता है)।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

उच्च तापमान (30–35°C) और शुष्क मौसम।

Exam Key: ChiLCV (Begomovirus) + वाहक: Bemisia tabaci + पत्तियों का नाव जैसा मुड़ना + प्रतिरोधी किस्में: Pusa Jwala, Pusa Sadabahar, Pant C-1।
12. Crinivirus / Yellow Stunting Disorder of Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियों का क्रिनीवायरस पीत बौनापन रोग)
Cucurbits (खीरा, खरबूजा, तरबूज, लौकी, तोरई, कद्दू) · Pathogen: Cucurbit Yellow Stunting Disorder Virus (CYSDV) एवं Beet Pseudo-Yellows Virus (BPYV) — (वंश: Crinivirus, कुल: Closteroviridae; द्विकणकीय +ssRNA विषाणु)।

महत्व: पॉलीहाउस एवं खुले खेत की कद्दू वर्गीय सब्जियों में तेजी से उभरता फ्लोएम-सीमित विषाणु रोग।

लक्षण · Symptoms
  • पुरानी व मध्य पत्तियों में शिराएँ हरी रहती हैं और शिराओं के बीच का भाग चमकीला पीला (Severe interveinal chlorosis and yellowing while major veins remain green) पड़ जाता है।
  • प्रभावित पत्तियाँ मोटी, कठोर और भुरभुरी (Thick and brittle leaves that snap when bent) हो जाती हैं तथा फलों का आकार व मिठास (TSS) घट जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • पॉलीहाउस में 50-mesh कीट-रोधी जाली लगाएँ, Yellow Sticky Traps का प्रयोग करें और सफेद मक्खी नियंत्रण हेतु Spiromesifen या Pyriproxyfen या Thiamethoxam का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

लंबे, लचीले तंतुमय (Long flexuous filamentous) द्विकणकीय +ssRNA विषाणु।

रोग चक्र · Disease Cycle

सफेद मक्खी (Bemisia tabaci एवं Trialeurodes vaporariorum) द्वारा अर्ध-स्थायी (Semi-persistent, foregut-borne) रूप में संचरित होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

उच्च तापमान और सफेद मक्खी का प्रकोप।

Exam Key: Crinivirus (Closteroviridae – bipartite +ssRNA) + सफेद मक्खी द्वारा Semi-persistent संचरण + शिराओं के बीच पीलापन व भुरभुरी पत्तियाँ।
13. Gummy Stem Blight / Black Rot of Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियों का गोंदिल तना अंगमारी रोग)
Cucurbits (तरबूज, खरबूजा, खीरा, लौकी) · Pathogen: Didymella bryoniae (वर्तमान नाम: Stagonosporopsis cucurbitacearum; अलैंगिक अवस्था: Phoma cucurbitacearum / Ascochyta cucumis)

महत्व: कद्दू कुल की बेलों में तने के फटने व गोंद निकलने और फलों में 'Black Rot' उत्पन्न करने वाला प्रमुख कवक रोग।

लक्षण · Symptoms
  • बेल के आधार भाग (Crown) और गाँठों पर जल-सिक्त भूरे घाव और लंबाई में दरारें पड़ती हैं, जिनसे लाल-भूरे या अंबर रंग के गोंद की बूँदें (Reddish-brown gummy exudate) बाहर रिसती हैं।
  • घावों की सतह पर काले सुई की नोक जैसे Pycnidia और Pseudothecia भरे दिखाई देते हैं और फलों पर भूरे-काले सड़न के धब्बे (Black rot) पड़ जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • 2–3 वर्ष का फसल चक्र अपनाएँ, Carbendazim @ 2 g/kg से बीज उपचार करें और खड़ी फसल में Tebuconazole + Trifloxystrobin @ 0.6 g/L या Mancozeb @ 2.5 g/L या Azoxystrobin @ 1 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Ascomycete कवक जो अलैंगिक Pycnidia और लैंगिक Pseudothecia दोनों बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज और फसल अवशेषों में जीवित रहता है तथा वर्षा व सिंचाई से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

20–28°C तापमान और >85% सापेक्षिक आर्द्रता।

Exam Key: Didymella bryoniae + बेल की गाँठों के फटने से लाल-भूरा गोंद (Gummy exudate) निकलना + काले Pycnidia।
14. Powdery Mildew of Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियों का चूर्णिल आसिता रोग)
Cucurbits (कद्दू, लौकी, तोरई, खीरा, खरबूजा) · Pathogen: Podosphaera xanthii (पूर्व नाम: Sphaerotheca fuliginea) एवं Golovinomyces cichoracearum (पूर्व नाम: Erysiphe cichoracearum)

महत्व: भारत में मैदानी क्षेत्रों में Sphaerotheca fuliginea अधिक प्रमुख है; यह बेलों को असमय सुखाकर फलों को धूप से झुलसा देता है।

लक्षण · Symptoms
  • पुरानी पत्तियों की दोनों सतहों, डंठलों और तने पर सफेद आटे या चॉक के पाउडर जैसे गोल चकत्ते (White talcum-like powdery patches) उभरते हैं जो बाद में पूरी पत्ती को ढक लेते हैं।
  • संक्रमित पत्तियाँ पीली-भूरी होकर सूख जाती हैं और फल छोटे व बेस्वाद रह जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • ध्यान दें: कद्दू वर्गीय सब्जियाँ (Cucurbits) गंधक (Sulphur) के प्रति संवेदनशील (Sulphur-shy) होती हैं—गंधक से पत्तियाँ जल जाती हैं! अतः गंधक के बजाय Dinocap (Karathane) 48 EC @ 1.0 ml/L या Carbendazim @ 1.0 g/L या Penconazole 10 EC @ 0.5 ml/L या Myclobutanil @ 0.5 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी बाह्य परजीवी (Obligate Ectoparasite); S. fuliginea के कोनिडिया में 'Fibrosin bodies' पाई जाती हैं और इसके Cleistothecia में केवल 1 Ascus होता है (जबकि E. cichoracearum में कई Asci होते हैं)।

रोग चक्र · Disease Cycle

जंगली कद्दू कुल के पौधों और वर्ष भर उगाई जाने वाली फसलों पर कोनिडिया के रूप में जीवित रहता है और हवा से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

शुष्क मौसम, 25–30°C तापमान और बिना वर्षा के सुबह की नमी।

Exam Key: Podosphaera xanthii (Sphaerotheca fuliginea – Fibrosin bodies व 1 Ascus/Cleistothecium) + कद्दू कुल 'Sulphur-shy' हैं, अतः Dinocap (Karathane) या Penconazole का प्रयोग करें।
15. Downy Mildew of Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियों का मृदुरोमिल आसिता रोग)
Cucurbits (खीरा, खरबूजा, तोरई, करेला, लौकी) · Pathogen: Pseudoperonospora cubensis

महत्व: मानसून और आर्द्र मौसम में खीरा व खरबूजा कुल का सबसे विनाशकारी पर्ण रोग।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों की ऊपरी सतह पर छोटी शिराओं से घिरे हुए चौकोर या कोणीय पीले धब्बे (Angular yellow mosaic-like spots bounded by veins) बनते हैं।
  • नम सुबह में इन्हीं कोणीय धब्बों के ठीक नीचे पत्ती की निचली सतह पर बैंगनी-भूरे या धूसर-काले रंग की मखमली कवक वृद्धि (Purplish-grey to violaceous downy growth) दिखाई देती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • Metalaxyl 8% + Mancozeb 64% WP (Ridomil MZ) @ 2.5 g/L या Cymoxanil + Mancozeb (Curzate M8) @ 2.0 g/L या Dimethomorph @ 1.0 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी Oomycete; इसके Sporangiophores न्यून कोण पर द्विभाजी शाखित (Dichotomously branched at acute angles) होते हैं और नींबू के आकार के धूसर-बैंगनी Sporangia बनाते हैं जो Zoospores छोड़ते हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

वर्ष भर जीवित बेलों से हवा द्वारा उड़ने वाले Sporangia से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

18–25°C तापमान, >90% आर्द्रता और पत्तियों पर ओस या वर्षा।

Exam Key: Pseudoperonospora cubensis + ऊपरी सतह पर शिराओं से घिरे कोणीय पीले धब्बे + निचली सतह पर बैंगनी-धूसर (Purplish-grey) कवक वृद्धि + Ridomil MZ।
16. Root Rot of Cucurbits (कद्दू वर्गीय सब्जियों का जड़ गलन रोग)
Cucurbits (कद्दू वर्गीय फसलें) · Pathogen: Fusarium solani f.sp. cucurbitae, Macrophomina phaseolina एवं Pythium spp.

महत्व: गर्मी और जायद की कद्दू वर्गीय फसलों में फल बनते समय पूरी बेल के अचानक मुरझाकर सूखने का प्रमुख कारण।

लक्षण · Symptoms
  • मुख्य जड़ और तने के आधार (Collar region) की छाल गहरी भूरी व जल-सिक्त होकर गल जाती है और छाल के रेशे अलग हो जाते हैं।
  • दोपहर की धूप में बेल की पत्तियाँ अचानक मुरझा जाती हैं और कुछ ही दिनों में पूरी बेल सूख जाती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • थालों में जलभराव न होने दें, बुवाई से पूर्व गड्ढों में Trichoderma harzianum मिलाएँ तथा जड़ क्षेत्र में Carbendazim 50 WP @ 1.5 g/L या Copper Oxychloride @ 3.0 g/L से सिंचन (Soil drenching) करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

मृदा-जनित कवक संकुल जो Chlamydospores और Microsclerotia बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

मृदा और संक्रमित बीज के माध्यम से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

उच्च मृदा तापमान (30–35°C) और थालों में पानी भरना।

Exam Key: Fusarium solani / Macrophomina + जड़ व कॉलर की छाल का सड़ना + Trichoderma एवं Carbendazim soil drenching।
17. Black Rot of Cruciferous Vegetables (गोभी वर्गीय सब्जियों का काला सड़न रोग)
Crucifers (पत्तागोभी – Cabbage, फूलगोभी – Cauliflower, गाँठगोभी, मूली, ब्रोकली) · Pathogen: Xanthomonas campestris pv. campestris

महत्व: विश्व भर में पत्तागोभी और फूलगोभी का सबसे खतरनाक बीज-जनित संवहनी जीवाणु रोग।

लक्षण · Symptoms
  • निर्णायक लक्षण 1: पत्ती के किनारों पर स्थित जल-रंध्रों (Hydathodes) से जीवाणु प्रवेश करता है, जिससे पत्ती के किनारे से मध्य शिरा की ओर अंदर बढ़ता हुआ स्पष्ट 'V-आकार का पीला धब्बा' (V-shaped chlorotic yellow lesion at leaf margin) बनता है।
  • निर्णायक लक्षण 2: इस पीले 'V' धब्बे के भीतर की सभी शिराएँ और उप-शिराएँ गहरी काली या जालीदार काली पड़ जाती हैं (Blackening of veins and veinlets)।
  • जीवाणु संवहन तंत्र से होते हुए मुख्य डंठल व तने तक पहुँच जाता है; तने या गोभी के डंठल को काटने पर जाइलम की काली संवहनी अंगूठी (Black vascular ring) दिखाई देती है और पत्तागोभी का फूल अंदर से सड़ जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • प्रतिरोधी किस्में जैसे पत्तागोभी में 'Pusa Mukta' (पूसा मुक्ता) और फूलगोभी में 'Pusa Snowball K-1' एवं 'Pusa Shubhra' लगाएँ।
  • उष्ण जल बीज उपचार (Hot Water Seed Treatment): गोभी के बीज को बुवाई से पूर्व 50°C गर्म पानी में ठीक 30 मिनट तक डुबोएँ और फिर Streptocycline (100 ppm = 1 g/10 L) घोल में 30 मिनट उपचारित करें।
  • खड़ी फसल में Streptocycline @ 1.0 g + Copper Oxychloride @ 25 g प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

ग्राम-ऋणात्मक, दंडाकार, एकल ध्रुवीय कशाभिका युक्त जीवाणु जो माध्यम पर पीली म्यूकोइड कॉलोनी ('Xanthomonadin' वर्णक) और 'Xanthan gum' बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित बीज (Internally & externally seed-borne) और गोभी के फसल अवशेष प्राथमिक स्रोत हैं; वर्षा की बौछारों और बिंदुस्राव (Guttation droplets) द्वारा जल-रंध्रों से प्रवेश करता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

25–30°C गर्म तापमान, भारी वर्षा, कोहरा और सुबह पत्तियों के किनारों पर बिंदुस्राव की बूँदें।

Exam Key: Xanthomonas campestris pv. campestris + जल-रंध्रों (Hydathodes) से प्रवेश + पत्ती के किनारे 'V-आकार' का पीला धब्बा + काली शिराएँ + 'Pusa Mukta' प्रतिरोधी किस्म + 50°C (30 मिनट) गर्म जल बीज उपचार।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 6.1: आलू व टमाटर के अगेती अंगमारी (Early Blight) बनाम पछेती अंगमारी (Late Blight) में अंतर

आधार (Basis)अगेती अंगमारी (Early Blight)पछेती अंगमारी (Late Blight)
रोगजनक (Pathogen)Alternaria solani (Deuteromycete)Phytophthora infestans (Oomycete)
प्रथम प्रकटन एवं पत्तीफसल में पहले आता है; पुरानी निचली पत्तियों से शुरू होता हैदेर से आता है; किसी भी पत्ती की नोक व किनारे से शुरू होता है
धब्बे की पहचानसूखे, गोल भूरे-काले धब्बे जिनमें स्पष्ट संकेंद्रित छल्ले (Target-board rings) होते हैंजल-सिक्त काले अनियमित धब्बे जिनके निचली सतह के किनारे पर सफेद फफूँद की रिंग बनती है
अनुकूल तापमानअपेक्षाकृत गर्म (24°C – 29°C)ठंडा और नम मौसम (रात 10–12°C, दिन 16–20°C, >90% RH)
विशिष्ट कवकनाशीMancozeb / Chlorothalonil / AzoxystrobinMetalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ) / Cymoxanil + Mancozeb

तालिका 6.2: कद्दू वर्गीय सब्जियों के चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) बनाम मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew) में अंतर

विशेषताचूर्णिल आसिता (Powdery Mildew)मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew)
रोगजनकPodosphaera xanthii / Erysiphe cichoracearumPseudoperonospora cubensis
लक्षण का स्थानपत्तियों की दोनों सतहों व तने पर सफेद टेलकम पाउडर जैसी परतऊपरी सतह पर शिराओं से घिरे कोणीय पीले धब्बे व निचली सतह पर बैंगनी-धूसर फफूँद
अनुकूल मौसमशुष्क और गर्म मौसम (25–30°C)आर्द्र और वर्षा वाला मौसम (18–25°C, >90% RH)
रासायनिक नियंत्रणDinocap (Karathane) / Penconazole (गंधक का प्रयोग न करें – Sulphur shy)Metalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ) / Dimethomorph

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. आलू के ब्लैक स्कर्फ हेतु 3% बोरिक अम्ल घोल एवं गोभी बीज हेतु 100 ppm स्ट्रेप्टोसाइक्लिन गणना

3% Boric Acid = 30 g / L पानी (या 3 kg / 100 L पानी) | 100 ppm Streptocycline = 100 mg / L पानी (1 g / 10 L पानी)

उदाहरण: 25 क्विंटल बीज आलू को ब्लैक स्कर्फ (Rhizoctonia solani) से बचाने हेतु यदि 200 लीटर घोल बनाना हो, तो आवश्यक बोरिक अम्ल = 200 × 30 g = 6000 ग्राम (6.0 किलोग्राम बोरिक अम्ल)। एक बार बने घोल को 15–20 बार कंद डुबोने (30 मिनट प्रति खेप) के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 06: आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च, कद्दू एवं गोभी वर्गीय सब्जियों के रोग]
├── 1. आलू (Potato)
│ ├── Late Blight (Phytophthora infestans - 1845 Irish famine, White ring on lower leaf, Ridomil MZ)
│ ├── Black Scurf (Rhizoctonia solani - 'Dirt that won't wash off', 3% Boric acid tuber dip)
│ └── Black Heart (Abiotic Storage Disorder - O2 deficiency + High temp >35°C, Coal-black pith)
├── 2. टमाटर (Tomato)
│ ├── Damping-off (Pythium aphanidermatum - Nursery collar rot, Raised bed + Ridomil drench)
│ ├── Early Blight (Alternaria solani - Target-board concentric rings on lower leaves)
│ ├── Leaf Curl (ToLCV Begomovirus - Whitefly vector, 40-mesh net) & Mosaic (TMV Tobamovirus - 10% TSP seed dip)
├── 3. बैंगन एवं मिर्च (Brinjal & Chilli)
│ ├── Brinjal: Phomopsis Blight (Phomopsis vexans - α & β conidia, Pusa Bhairav) & Sclerotinia Blight
│ └── Chilli: Anthracnose/Die-back (Colletotrichum capsici) & Leaf Curl (ChiLCV - Pusa Jwala)
└── 4. कद्दू वर्गीय (Cucurbits) एवं गोभी वर्गीय (Crucifers)
├── Cucurbits: Crinivirus (CYSDV - Whitefly), Gummy Stem Blight (Didymella bryoniae), Powdery Mildew (Sulphur-shy → Karathane), Downy Mildew (Pseudoperonospora cubensis), Root Rot
└── Crucifers Black Rot (Xanthomonas campestris pv. campestris - Hydathode entry, V-shaped yellow lesion, Pusa Mukta)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[गोभी वर्गीय सब्जियों के काले सड़न (Black Rot - Xanthomonas campestris pv. campestris) का संवहनी पथ]
संक्रमित बीज या फसल अवशेष से जीवाणु का पौध की पत्तियों पर पहुँचना
↓ (रात्रि/प्रातःकाल में पत्ती के किनारों पर बिंदुस्राव - Guttation droplets का निकलना)
पत्ती के किनारों के जल-रंध्रों (Hydathodes) में बिंदुस्राव की बूँद के साथ जीवाणु का प्रवेश
↓ (शिराओं के भीतर गुणन व 'Xanthan' पॉलीसैकेराइड द्वारा जाइलम अवरोध)
पत्ती के किनारे पर विशिष्ट 'V-आकार का पीला धब्बा' (V-shaped chlorotic lesion) और शिराओं का काला पड़ना
↓ (नीचे की ओर दैहिक गमन)
मुख्य डंठल और तने के जाइलम वलय का काला पड़ना (Black vascular ring) → गोभी के फूल का सड़ना

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • विशेष सावधानी: कद्दू वर्गीय सब्जियाँ (Cucurbits) गंधक के प्रति संवेदनशील (Sulphur-shy) होती हैं, इसलिए उनके चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) में सल्फर का छिड़काव न करके Karathane (Dinocap) का प्रयोग किया जाता है।
  • टमाटर के मोजैक (TMV) का कोई कीट वाहक नहीं है; यह केवल स्पर्श, औजारों और तंबाकू से फैलता है तथा 10% Tri-sodium Phosphate (TSP) से नियंत्रित होता है।
  • गोभी के Black Rot (Xanthomonas campestris pv. campestris) का अचूक लक्षण—पत्ती के किनारे जल-रंध्र (Hydathode) से बनने वाला 'V-आकार का पीला धब्बा' और काली शिराएँ हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • आलू का पछेती अंगमारी (Phytophthora infestans): 1845 आयरिश अकाल, JHULSACAST पूर्वानुमान, Ridomil MZ से नियंत्रण।
  • आलू का ब्लैक स्कर्फ (Rhizoctonia solani): कंद पर न छूटने वाली काली पपड़ी, 3% बोरिक अम्ल से कंद उपचार।
  • आलू का ब्लैक हार्ट: भंडारण में ऑक्सीजन (O2) की कमी व उच्च ताप से केंद्र काला पड़ना।
  • टमाटर का अगेती अंगमारी (Alternaria solani): संकेंद्रित छल्ले (Target-board effect)।
  • गोभी का काला सड़न (Xanthomonas campestris pv. campestris): V-आकार के धब्बे, 50°C गर्म पानी उपचार, 'पूसा मुक्ता' किस्म।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. 1845 के आयरलैंड के महा-अकाल (Great Irish Famine) का कारण कौन सा रोग था जिसने पादप रोगविज्ञान को जन्म दिया?

  • (A) धान का भूरा पत्ती धब्बा
  • (B) आलू का पछेती अंगमारी (Late Blight of Potato – Phytophthora infestans)
  • (C) आलू का अगेती अंगमारी
  • (D) गेहूँ का काला किट्ट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 1845 का आयरिश अकाल आलू के पछेती अंगमारी (Phytophthora infestans) के कारण हुआ था जिसका अध्ययन एंटन डी बैरी ने किया।

2. आलू का 'ब्लैक हार्ट' (Black Heart) रोग किस कारण से होता है?

  • (A) कवक संक्रमण
  • (B) जीवाणु संक्रमण
  • (C) भंडारण के दौरान ऑक्सीजन (O2) की कमी एवं उच्च तापमान
  • (D) पोटाश की कमी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — भंडारण में खराब संवातन से ऑक्सीजन की कमी होने और उच्च तापमान के कारण आलू का केंद्रीय भाग काला पड़ जाता है।

3. आलू के कंदों पर चिपके काले स्क्लेरोशिया जिन्हें 'धोने पर भी न छूटने वाली मिट्टी' कहा जाता है, किस रोग का लक्षण हैं?

  • (A) ब्लैक हार्ट
  • (B) ब्लैक स्कर्फ (Black Scurf – Rhizoctonia solani)
  • (C) पछेती अंगमारी
  • (D) कॉमन स्कैब
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Rhizoctonia solani आलू के कंद की सतह पर काले स्क्लेरोशिया बनाता है और 3% बोरिक अम्ल से नियंत्रित होता है।

4. टमाटर और आलू की पत्तियों पर 'Target-board' या 'Bull's eye' (संकेंद्रित छल्ले) जैसे धब्बे किस रोग में बनते हैं?

  • (A) पछेती अंगमारी
  • (B) अगेती अंगमारी (Early Blight – Alternaria solani)
  • (C) पर्ण कुंचन
  • (D) आर्द्र पतन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Alternaria solani द्वारा जनित अगेती अंगमारी में पत्तियों के धब्बों में स्पष्ट संकेंद्रित छल्ले (Target rings) बनते हैं।

5. पत्तागोभी और फूलगोभी की पत्तियों के किनारों पर जल-रंध्रों (Hydathodes) से प्रवेश कर 'V-आकार के पीले धब्बे' और काली शिराएँ कौन सा रोगजनक बनाता है?

  • (A) Alternaria brassicae
  • (B) Xanthomonas campestris pv. campestris (Black Rot)
  • (C) Albugo candida
  • (D) Plasmodiophora brassicae
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — गोभी का काला सड़न (Black Rot) जीवाणु जल-रंध्रों से प्रवेश कर पत्ती के किनारे V-आकार के पीले धब्बे और काली शिराएँ बनाता है।

6. कद्दू वर्गीय सब्जियों (Cucurbits) के चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) के नियंत्रण में गंधक (Sulphur) का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता?

  • (A) गंधक बहुत महँगा होता है
  • (B) कद्दू वर्गीय पौधे गंधक के प्रति संवेदनशील (Sulphur-shy) होते हैं और पत्तियाँ जल जाती हैं
  • (C) गंधक कवक को बढ़ावा देता है
  • (D) गंधक पानी में नहीं घुलता
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — कद्दू कुल की फसलों पर गंधक से पादप-विषाक्तता (Phytotoxicity / Leaf scorching) हो जाती है, इसलिए Dinocap (Karathane) का प्रयोग करते हैं।

7. बैंगन के फोमोप्सिस अंगमारी एवं फल सड़न (Phomopsis vexans) के प्रति प्रसिद्ध प्रतिरोधी किस्म कौन सी है?

  • (A) पूसा पर्पल लॉन्ग
  • (B) पूसा भैरव (Pusa Bhairav)
  • (C) अर्का नवनीत
  • (D) पूसा क्रांति
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 'पूसा भैरव (Pusa Bhairav)' और 'पंत सम्राट' बैंगन के फोमोप्सिस ब्लाइट के प्रति प्रतिरोधी किस्में हैं।

8. टमाटर के मोजैक विषाणु (TMV/ToMV) को बीज की बाहरी सतह से नष्ट करने के लिए किस रसायन के 10% घोल का प्रयोग किया जाता है?

  • (A) ट्राई-सोडियम फॉस्फेट (Tri-sodium Phosphate – TSP)
  • (B) जिंक सल्फेट
  • (C) कॉपर सल्फेट
  • (D) यूरिया
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — 10% Tri-sodium Phosphate (Na3PO4) में 30 मिनट बीज डुबोने से बीजचोल पर लगा TMV निष्क्रिय हो जाता है।

9. कद्दू वर्गीय सब्जियों के गोंदिल तना अंगमारी (Gummy Stem Blight) का कारक कवक कौन सा है?

  • (A) Didymella bryoniae
  • (B) Pseudoperonospora cubensis
  • (C) Podosphaera xanthii
  • (D) Fusarium solani
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Didymella bryoniae से बेल की गाँठों में दरारें पड़ती हैं और लाल-भूरा गोंद निकलता है।

10. कद्दू वर्गीय सब्जियों में 'Cucurbit Yellow Stunting Disorder Virus (CYSDV)' किस विषाणु वंश से संबंधित है और इसका वाहक कौन है?

  • (A) Potyvirus – माहू
  • (B) Crinivirus – सफेद मक्खी (Bemisia tabaci)
  • (C) Tobamovirus – स्पर्श
  • (D) Tospovirus – थ्रिप्स
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — CYSDV एक Crinivirus (Closteroviridae) है जो सफेद मक्खी द्वारा अर्ध-स्थायी रूप में फैलता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI), शिमला द्वारा आलू के पछेती अंगमारी के पूर्वानुमान हेतु विकसित कम्प्यूटर मॉडल का नाम क्या है?

झुलसाकास्ट (JHULSACAST)।

2. आलू के ब्लैक स्कर्फ के नियंत्रण हेतु बीज कंदों को किस अम्ल के 3% घोल में 30 मिनट डुबोया जाता है?

3% बोरिक अम्ल (Boric Acid) के घोल में।

3. पत्तागोभी के काले सड़न (Black Rot) के प्रति भारत में विकसित प्रतिरोधी किस्म का नाम लिखिए।

पूसा मुक्ता (Pusa Mukta)।

4. नर्सरी में टमाटर व मिर्च के आर्द्र पतन (Damping-off) का सबसे प्रमुख रोगजनक कौन सा है?

Pythium aphanidermatum।

5. मिर्च के श्यामवर्ण एवं डाई-बैक रोग के रोगजनक का वैज्ञानिक नाम लिखिए।

Colletotrichum capsici।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. आलू के ब्लैक स्कर्फ (Black Scurf) और ब्लैक हार्ट (Black Heart) में क्या अंतर है?

ब्लैक स्कर्फ एक संक्रामक कवक रोग (Rhizoctonia solani) है जिसमें कंद की बाहरी त्वचा पर काले स्क्लेरोशिया चिपके होते हैं और यह 3% बोरिक अम्ल से नियंत्रित होता है। इसके विपरीत, ब्लैक हार्ट एक अजैविक भंडारण विकार है जो ऑक्सीजन की कमी व उच्च ताप से होता है और इसमें कंद को काटने पर अंदर का केंद्र काला मिलता है।

2. नर्सरी में टमाटर के आर्द्र पतन (Damping-off) के समन्वित प्रबंधन के चार उपाय लिखिए।

1. नर्सरी जमीन से 15 सेमी ऊँची क्यारियों (Raised beds) पर बनाएँ। 2. गर्मी में पॉलीथीन शीट से मृदा सौरीकरण (Soil solarization) करें। 3. बीज को Trichoderma viride (4 g/kg) या Metalaxyl (3 g/kg) से उपचारित कर विरल बोएँ। 4. क्यारियों में Ridomil MZ (0.2%) या COC (0.3%) से सिंचन करें।

3. गोभी वर्गीय सब्जियों के काले सड़न (Black Rot) के लक्षण एवं बीज उपचार विधि लिखिए।

Xanthomonas campestris pv. campestris जल-रंध्रों से प्रवेश कर पत्ती के किनारों पर V-आकार के पीले धब्बे बनाता है और शिराओं व तने की जाइलम रिंग को काला कर देता है। नियंत्रण हेतु बीज को 50°C गर्म पानी में 30 मिनट डुबोएँ और फिर Streptocycline (100 ppm) घोल से उपचारित करें।

4. मिर्च के डाई-बैक और एंथ्रेक्नोज (फल सड़न) के लक्षण एवं नियंत्रण लिखिए।

Colletotrichum capsici से टहनियाँ ऊपर से नीचे की ओर सूखती हैं (Die-back) और पके लाल फलों पर धँसे हुए धब्बों के भीतर काले संकेंद्रित छल्ले (Acervuli) बनते हैं। नियंत्रण हेतु Thiram (2.5 g/kg) से बीज उपचार और खड़ी फसल में Mancozeb (0.25%) या Azoxystrobin (0.1%) का छिड़काव करें।

5. टमाटर के पर्ण कुंचन (Leaf Curl) और मोजैक (Mosaic) रोग के संचरण व नियंत्रण में अंतर स्पष्ट कीजिए।

पर्ण कुंचन (ToLCV – ssDNA) सफेद मक्खी (Bemisia tabaci) से फैलता है और 40-mesh नायलॉन नेट व Imidacloprid से नियंत्रित होता है। जबकि मोजैक (TMV – ssRNA) बिना किसी कीट वाहक के केवल स्पर्श, औजारों, बीज और तंबाकू से फैलता है तथा 10% Tri-sodium Phosphate (TSP) बीज उपचार व स्वच्छता से नियंत्रित होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. आलू के पछेती अंगमारी (Late Blight), काली पपड़ी (Black Scurf) और ब्लैक हार्ट (Black Heart) का रोगजनक/कारण, लक्षण, अनुकूल परिस्थितियाँ एवं प्रबंधन सहित विस्तृत वर्णन कीजिए।

Phytophthora infestans (ऐतिहासिक महत्व, लक्षण, तापमान पर आधारित बीजाणु अंकुरण, डच नियम व Ridomil MZ नियंत्रण), Rhizoctonia solani (कंद पर स्क्लेरोशिया व 3% बोरिक अम्ल) और Black Heart (भंडारण में O2 कमी व 2–4°C शीतगृह प्रबंधन) का सविस्तर विवरण दें।

2. टमाटर के प्रमुख रोगों (Damping-off, Early Blight, Leaf Curl एवं Mosaic) तथा बैंगन के फोमोप्सिस ब्लाइट का लक्षण एवं एकीकृत प्रबंधन सहित वर्णन कीजिए।

Pythium aphanidermatum, Alternaria solani (Target rings), ToLCV (सफेद मक्खी प्रबंधन), TMV (TSP उपचार) और बैंगन के Phomopsis vexans (अल्फा व बीटा कोनिडिया, ममीकृत फल व पूसा भैरव किस्म) का क्रमवार वैज्ञानिक वर्णन करें।

3. कद्दू वर्गीय सब्जियों के प्रमुख रोगों (Crinivirus, Gummy Stem Blight, Powdery Mildew एवं Downy Mildew) तथा गोभी के काले सड़न (Black Rot) का विस्तृत वर्णन कीजिए।

CYSDV, Didymella bryoniae, Podosphaera xanthii (Sulphur-shy प्रकृति व Karathane), Pseudoperonospora cubensis (Ridomil MZ) और गोभी के Xanthomonas campestris pv. campestris (जल-रंध्र प्रवेश, V-धब्बे व 50°C गर्म जल उपचार) का सविस्तर वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • एंटन डी बैरी (Anton de Bary) ने आलू के पछेती अंगमारी (Phytophthora infestans) पर कार्य कर आधुनिक पादप रोगविज्ञान की नींव रखी।
  • आलू के पछेती अंगमारी के पूर्वानुमान के लिए वैन एवरडिंगन (1926) ने प्रसिद्ध 'Dutch Rules' प्रतिपादित किए थे।
  • बैंगन के Phomopsis vexans के पिक्नीडिया में दो प्रकार के बीजाणु—Alpha (α) एवं Beta (β) कोनिडिया—बनते हैं।
  • कद्दू वर्गीय सब्जियों के चूर्णिल आसिता कवक Sphaerotheca fuliginea के कोनिडिया में 'Fibrosin bodies' पाई जाती हैं।
  • गोभी के काले सड़न जीवाणु द्वारा औद्योगिक महत्व का पॉलीसैकेराइड 'Xanthan Gum' उत्पन्न किया जाता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPATH 311 Smart Notes।

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