PPATH 311 Lecture 04: नींबू, अमरूद, केला, पपीता, अनार, सेब, आडू एवं अंगूर के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन

PPATH 311 · Plant Pathology Smart Notes
नींबू, अमरूद, केला, पपीता, अनार, सेब, आडू एवं अंगूर के प्रमुख रोग एवं प्रबंधन
Major Diseases of Citrus, Guava, Banana, Papaya, Pomegranate, Apple, Peach, and Grapevine
Citrus (नींबू वर्गीय), Guava (अमरूद), Banana (केला), Papaya (पपीता), Pomegranate (अनार), Apple (सेब), Peach (आडू), Grapevine (अंगूर)
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsरोग वर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notesतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- उपोष्ण एवं उष्णकटिबंधीय फलों—नींबू (Canker, Gummosis), अमरूद (Anthracnose), केला (Sigatoka, Panama Wilt, Bunchy Top), पपीता (Foot Rot, Leaf Curl, Ring Spot) और अनार (Bacterial Blight / Telya)—के लक्षणों व प्रबंधन को समझना।
- शीतोष्ण फलों—सेब (Apple Scab, Fire Blight, Crown Gall) और आडू (Peach Leaf Curl)—के ऐतिहासिक महत्व, संगरोध नियमों एवं नियंत्रण को जानना।
- अंगूर के मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew – प्रो. मिलार्डेट द्वारा बोर्डो मिश्रण की खोज) का वैज्ञानिक अध्ययन करना।
प्रस्तावना · Introduction
उद्यानिकी के अंतर्गत फल फसलें उच्च आर्थिक मूल्य प्रदान करती हैं, किंतु बहुवर्षीय होने के कारण इनमें कवक, जीवाणु और विषाणु रोग स्थायी क्षति पहुँचाते हैं। पादप रोगविज्ञान के इतिहास में सेब का फायर ब्लाइट (प्रथम पादप जीवाणु रोग – T.J. Burrill, 1878), क्राउन गॉल (प्रथम प्राकृतिक आनुवंशिक इंजीनियर – Agrobacterium tumefaciens) और अंगूर का डाउनी मिल्ड्यू (बोर्डो मिश्रण की खोज – Millardet, 1885) मील के पत्थर हैं। इस व्याख्यान में 8 प्रमुख फल फसलों के 16 रोगों का सविस्तर अध्ययन किया गया है।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
गमोसिस (Gummosis / Foot Rot)
नींबू वर्गीय वृक्षों के तने के आधार (Bud union के पास) पर Phytophthora के संक्रमण से छाल का फटना और गहरे भूरे गोंद (Gum exudation) का रिसना।
मोर्स कोड लक्षण (Morse Code Symptom)
केले के बंची टॉप विषाणु (BBTV) में पत्ती के डंठल और निचली शिराओं पर गहरे हरे रंग की छोटी-बड़ी टूटी हुई धारियों (Dark green dots and dashes / J-hooks) का बनना।
तेल्या रोग (Telya / Oily Spot Disease)
अनार के जीवाणुज अंगमारी (Xanthomonas axonopodis pv. punicae) का लोकप्रिय नाम, क्योंकि फलों व पत्तियों पर प्रारंभ में तेल में डूबे जैसे पारभासी धब्बे बनते हैं और बाद में फल L या Y आकार में फट जाते हैं।
आनुवंशिक इंजीनियरिंग जीवाणु (Natural Genetic Engineer)
Agrobacterium tumefaciens (सेब का क्राउन गॉल रोगजनक), जो अपने 'Ti-plasmid' के 'T-DNA' खंड को पादप जीनोम में जोड़कर ट्यूमर उत्पन्न करता है।
रोग वर्गीकरण · Classification
कवक एवं Oomycete जनित फल रोग
नींबू का Gummosis (Phytophthora spp.), अमरूद का Anthracnose (Colletotrichum gloeosporioides), केले का Sigatoka (Mycosphaerella musicola) व Panama Wilt (Fusarium oxysporum f.sp. cubense), पपीते का Foot Rot (Pythium aphanidermatum), सेब का Scab (Venturia inaequalis), आडू का Leaf Curl (Taphrina deformans), अंगूर का Downy Mildew (Plasmopara viticola)।
जीवाणु जनित फल रोग
नींबू का Canker (Xanthomonas citri subsp. citri), अनार का Bacterial Blight (Xanthomonas axonopodis pv. punicae), सेब का Fire Blight (Erwinia amylovora) एवं Crown Gall (Agrobacterium tumefaciens)।
विषाणु जनित फल रोग
केले का Bunchy Top (BBTV – Babuvirus), पपीते का Leaf Curl (PaLCuV – Begomovirus) एवं Ring Spot (PRSV – Potyvirus)।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- ऐतिहासिक खोजें (Historical Milestones in Fruit Pathology): 1. टी.जे. बुरिल (T.J. Burrill, 1878-82) ने सेब व नाशपाती के Fire Blight (Erwinia amylovora) में सर्वप्रथम सिद्ध किया कि जीवाणु भी पौधों में रोग उत्पन्न करते हैं। 2. पी.एम.ए. मिलार्डेट (P.M.A. Millardet, 1882-85) ने फ्रांस में अंगूर के Downy Mildew (Plasmopara viticola) के विरुद्ध विश्व के प्रथम कवकनाशी 'बोर्डो मिश्रण' (Bordeaux Mixture = CuSO4 + चूना + पानी) की खोज की।
- घरेलू संगरोध (Domestic Quarantine in India): सेब का स्कैब (Venturia inaequalis – हिमाचल व कश्मीर से बाहर जाने पर) और केले का बंची टॉप (BBTV – असम, केरल व तमिलनाडु से अन्य राज्यों में सकर्स ले जाने पर) भारत में घरेलू संगरोध के अंतर्गत प्रतिबंधित हैं।
फसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notes
1. Citrus Canker (नींबू का कैंकर / नासूर रोग)
महत्व: कागजी नींबू का सबसे विनाशकारी जीवाणु रोग जो फलों का बाजार मूल्य समाप्त कर देता है।
लक्षण · Symptoms
- पत्तियों की दोनों सतहों, टहनियों, काँटों और फलों पर खुरदरे, उभरे हुए, कॉर्क जैसे भूरे रंग के फफोले या घाव (Rough, raised, corky crater-like lesions) बनते हैं।
- पत्तियों पर इन घावों के चारों ओर स्पष्ट पीला आभामंडल (Yellow halo) होता है, जबकि फलों पर पीला घेरा नहीं बनता और घाव केवल छिलके (Rind) तक सीमित रहते हैं (अंदर का रस सुरक्षित रहता है)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- मानसून से पूर्व रोगग्रस्त टहनियों की छँटाई करके जला दें और कटे भागों पर बोर्डो पेस्ट लगाएँ।
- सदिश/सहायक कीट Citrus Leaf Miner के नियंत्रण हेतु Imidacloprid 17.8 SL @ 0.3 ml/L का छिड़काव करें।
- जीवाणुनाशक छिड़काव: Streptocycline @ 100 ppm (1 g/10 L) + Copper Oxychloride @ 0.3% (3 g/L) या 1% बोर्डो मिश्रण का मानसून में 15–20 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
ग्राम-ऋणात्मक, दंडाकार, वायवीय एवं एकल ध्रुवीय कशाभिका (Monotrichous) युक्त जीवाणु।
रोग चक्र · Disease Cycle
टहनियों के पुराने कैंकर घावों (Holdover cankers) में जीवित रहता है; वर्षा की बौछारों (Rain-splash) और नींबू की पत्ती सुरंगक कीट (Citrus Leaf Miner – Phyllocnistis citrella) द्वारा बनाए गए घावों से तेजी से फैलता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
मानसून के दौरान 20–30°C तापमान, तेज हवा के साथ वर्षा और नई कोमल पत्तियों का निकलना।
2. Citrus Gummosis / Foot Rot / Phytophthora Rot (नींबू का गमोसिस / गोंदार्ति रोग)
महत्व: नींबू वर्गीय बागों के सूखने (Citrus decline) का प्रमुख मृदा-जनित कारण।
लक्षण · Symptoms
- भूमि की सतह के ठीक ऊपर तने के आधार भाग (Collar / Bud union region) की छाल गहरी भूरी व जल-सिक्त होकर लंबाई में फट जाती है।
- फटी हुई छाल से भारी मात्रा में गहरे भूरे रंग का चिपचिपा गोंद (Profuse amber-brown gum exudation) बाहर निकलता है जो सूखने पर कड़ा हो जाता है।
- तने के चारों ओर छाल सड़ने (Girdling) से पत्तियों की शिराएँ पीली पड़ जाती हैं और वृक्ष सूख जाता है तथा जमीन के पास लटके फलों में 'भूरा सड़न' (Brown rot) हो जाती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- प्रतिरोधी मूलवृंत (Resistant Rootstocks) जैसे रंगपुर लाइम (Rangpur lime), ट्राइफोलिएट ऑरेंज (Poncirus trifoliata) या क्लियोपेट्रा मैंडरिन पर कलम (Budding) जमीन से 25–30 सेमी ऊँचाई पर करें तथा दोहरी रिंग विधि (Double ring basin) से सिंचाई करें ताकि पानी तने को न छुए।
- रोगग्रस्त छाल को तेज चाकू से खुरचकर साफ करें और घाव पर Bordeaux Paste (1 kg CuSO4 : 1 kg चूना : 10 L पानी) या Metalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ) का लेप लगाएँ।
- फैलाव रोकने हेतु जड़ क्षेत्र में Fosetyl-Al (Aliette) @ 2.5 g/L या Metalaxyl + Mancozeb @ 2.5 g/L से मृदा सिंचन (Soil drenching) व छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
Oomycete कवक जो नींबू के आकार के पैपिला युक्त Sporangia, द्विकशाभिक Zoospores और Chlamydospores व Oospores बनाता है।
रोग चक्र · Disease Cycle
मृदा में Chlamydospores व Oospores के रूप में जीवित रहता है और सिंचाई के पानी में तैरते Zoospores द्वारा तने के आधार पर संक्रमण करता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
तने के सीधे संपर्क में सिंचाई का पानी आना (Flood irrigation), भारी व खराब जल निकास वाली भूमि और कलम का जोड़ (Bud union) मिट्टी में दबना।
3. Anthracnose / Die-back / Fruit Spot of Guava (अमरूद का श्यामवर्ण / एंथ्रेक्नोज रोग)
महत्व: वर्षा ऋतु (अंबे बहार) की अमरूद फसल में फलों को कड़ा व धब्बेदार बनाकर 30–50% तक नुकसान पहुँचाता है।
लक्षण · Symptoms
- फल सड़न एवं कैंकर (Fruit Rot & Canker): कच्चे हरे फलों पर पिन के सिर जैसे भूरे-काले धँसे हुए धब्बे बनते हैं जो कड़े होकर फल को ममीकृत (Mummified) कर देते हैं; पके फलों पर गोल, धँसे हुए धब्बों के केंद्र में गुलाबी-नारंगी रंग के बीजाणु समूह (Salmon-pink spore masses of acervuli) दिखाई देते हैं।
- शीर्षारंभी क्षय (Die-back): बरसात में नई टहनियाँ ऊपर से नीचे की ओर काली पड़कर सूखने लगती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- सूखी टहनियों और ममीकृत फलों को तोड़कर नष्ट करें तथा मृग बहार (सर्दी की फसल) को प्राथमिकता दें।
- Carbendaizm 50 WP @ 1.0 g/L या Azoxystrobin @ 1.0 ml/L या Copper Oxychloride @ 3.0 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
कवक तश्तरीनुमा Acervuli में बेलनाकार, एककोशिकीय व पारदर्शी कोनिडिया बनाता है।
रोग चक्र · Disease Cycle
पेड़ पर लटके सूखे ममीकृत फलों और सूखी टहनियों में जीवित रहता है तथा वर्षा की बौछारों से फैलता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
मानसून ऋतु में 28–32°C तापमान और >85% आर्द्रता।
4. Sigatoka Leaf Spot of Banana (केले का सिगाटोका पत्ती धब्बा रोग)
महत्व: फिजी की 'सिगाटोका घाटी' से नामित यह रोग केले की प्रकाश-संश्लेषण क्षमता घटाकर घार (Bunch) का वजन और फलों की गुणवत्ता गिरा देता है।
लक्षण · Symptoms
- तीसरी या चौथी पत्ती पर शिराओं के समानांतर पहले हल्के पीले रंग की छोटी धारियाँ (Pale yellow streaks) बनती हैं।
- ये धारियाँ बढ़कर अंडाकार भूरे-काले धब्बों में बदल जाती हैं जिनका मध्य भाग राख जैसा सफेद-भूरा (Ashy grey center) और चारों ओर चमकीला पीला घेरा (Bright yellow halo) होता है।
- अधिक संक्रमण पर पत्तियों के किनारे झुलसकर सूख जाते हैं और घार की फलियाँ समय से पहले व असमान रूप से पकने लगती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- संक्रमित निचली पत्तियों को काटकर बाग से बाहर जला दें और जल निकास सुधारें।
- रासायनिक नियंत्रण: Propiconazole 25 EC @ 1.0 ml/L या Carbendazim @ 1.0 g/L या Mancozeb @ 2.5 g/L को 1% खनिज तेल (Mineral Oil – Spray oil) के साथ मिलाकर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
Ascomycete कवक; अलैंगिक अवस्था में Sporodochia में बहु-पटयुक्त कोनिडिया और लैंगिक अवस्था में Pseudothecia में द्विकोशिकीय Ascospores बनते हैं।
रोग चक्र · Disease Cycle
पुरानी सूखी पत्तियों पर बने Ascospores (वायु-जनित) और Conidia (वर्षा-जनित) से प्रसार होता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
25–28°C तापमान, भारी वर्षा, उच्च आर्द्रता (>90%) और घने बाग।
5. Panama Wilt of Banana (केले का पनामा उकठा / मुरझान रोग)
महत्व: विश्व में केले का सबसे विनाशकारी मृदा-जनित रोग; इसके Race 1 ने 'Gros Michel' किस्म को समाप्त कर दिया और वर्तमान में 'Tropical Race 4 (TR4)' ने Cavendish किस्मों (Grand Naine) पर भी संकट खड़ा कर दिया है।
लक्षण · Symptoms
- पुरानी निचली पत्तियों के किनारों से चमकीला पीलापन शुरू होकर मध्य शिरा की ओर बढ़ता है (जबकि कुछ किस्मों में पत्तियाँ हरी ही सूखती हैं)।
- पत्तियाँ डंठल (Petiole) के आधार से टूटकर आभासी तने (Pseudostem) के चारों ओर स्कर्ट या छतरी की तरह नीचे लटक जाती हैं (Skirt-like hanging of leaves around pseudostem) और केवल सबसे ऊपर की गोभ पत्ती सीधी खड़ी रहती है।
- तने के आधार पर लंबाई में दरारें पड़ती हैं (Longitudinal splitting of pseudostem base) और प्रकंद (Rhizome/Corm) को आड़ा काटने पर संवहनी वलय में लाल-भूरे या बैंगनी रंग की धारियाँ और सड़ी मछली जैसी गंध मिलती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- Race 1 प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिरोधी किस्में जैसे Robusta, Grand Naine, Dwarf Cavendish या Poovan लगाएँ तथा ऊतक संवर्धित (Tissue culture) रोगमुक्त पौधे प्रयोग करें।
- रोपण से पूर्व सकर्स को छीलकर (Paring) Carbendazim 0.2% (2 g/L) घोल में 30 मिनट डुबोएँ।
- प्रकंद इंजेक्शन (Corm Injection): रोपण के 3, 5 व 7वें महीने में प्रकंद में 2% Carbendazim घोल का 3 ml इंजेक्शन लगाएँ या 50 mg कैप्सूल डालें तथा धान के साथ फसल चक्र व मृदा में चूने का प्रयोग करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
कवक के 4 प्रमुख प्रभेद (Races) हैं: Race 1 (Rasthali/Silk, Karpuravalli व Gros Michel को संक्रमित करता है), Race 2 (Bluggoe को), Race 3 (Heliconia को) और Tropical Race 4 – TR4 (Cavendish समूह सहित सभी को)।
रोग चक्र · Disease Cycle
संक्रमित सकर्स (Suckers) और मृदा में 20–30 वर्षों तक जीवित रहने वाले Chlamydospores द्वारा फैलता है; भंवरंग (Rhizome weevil) और सूत्रकृमि इसके प्रवेश में सहायक हैं।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
अम्लीय एवं हल्की मृदाएँ, खराब जल निकास और संक्रमित सकर्स का रोपण।
6. Bunchy Top of Banana – BBTV (केले का बंची टॉप / पर्ण गुच्छ रोग)
महत्व: सन् 1943 में श्रीलंका से भारत (केरल) में आया; इसे 'Cabbage Top' या 'Strangles Disease' भी कहते हैं और यह घरेलू संगरोध (Domestic Quarantine) के अंतर्गत आता है।
लक्षण · Symptoms
- निर्णायक प्रारंभिक लक्षण: पत्ती के डंठल और निचली सतह की द्वितीयक शिराओं पर गहरे हरे रंग की छोटी-बड़ी टूटी हुई धारियाँ और जे-हुक (Dark green dots and dashes / Morse code streaks and J-hooks) स्पष्ट दिखाई देती हैं।
- नई पत्तियाँ आकार में बहुत छोटी, संकरी, भुरभुरी व किनारों से पीली होती हैं और डंठल छोटे रह जाने से सभी पत्तियाँ पौधे के शीर्ष पर फूलों के गुलदस्ते या झाड़ू के गुच्छे (Rosette / Bunchy crown at top) की तरह इकट्ठी हो जाती हैं।
- संक्रमित पौधे अत्यधिक बौने रह जाते हैं और उनमें घार (Bunch) नहीं निकलता।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- संगरोध एवं उन्मूलन: प्रमाणित वायरस-मुक्त Tissue Culture पौधे लगाएँ। खेत में रोगी पौधा दिखते ही पहले उस पर Imidacloprid @ 0.5 ml/L छिड़ककर माहू मारें, फिर पौधे में 2,4-D (Fernoxone) का 4 ml इंजेक्शन लगाकर उसे प्रकंद सहित सुखाकर जला दें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
18–20 nm व्यास का सममितीय (Isometric) बहु-घटकीय एकल-रज्जुक डीएनए (Multipartite circular ssDNA) विषाणु।
रोग चक्र · Disease Cycle
प्राथमिक प्रसार संक्रमित सकर्स (Suckers) से और द्वितीयक प्रसार केवल केले के काले माहू (Banana Black Aphid – Pentalonia nigronervosa) द्वारा स्थायी परिसंचारी (Persistent circulative) रूप में होता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
माहू की सक्रियता और बिना परीक्षण के सकर्स का आदान-प्रदान।
7. Foot Rot / Stem Rot / Collar Rot of Papaya (पपीते का तना या पाद गलन रोग)
महत्व: वर्षा ऋतु में पपीते के बागों को नष्ट करने वाला सबसे घातक मृदा-जनित रोग।
लक्षण · Symptoms
- जमीन की सतह के ठीक ऊपर तने के आधार (Collar region) की छाल पर जल-सिक्त, स्पंजी और काले-भूरे घाव बनते हैं।
- छाल और आंतरिक ऊतक सड़कर बदबूदार व रेशेदार (Honeycomb appearance of vascular fibers) हो जाते हैं।
- पत्तियाँ पीली पड़कर गिर जाती हैं और तेज हवा चलने पर खोखला तना आधार से टूटकर गिर जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- पपीते को हमेशा ऊँची मेड़ों (Raised beds) पर लगाएँ और तने के चारों ओर मिट्टी चढ़ाकर रखें ताकि पानी तने को न छुए।
- गड्ढे में Trichoderma viride @ 20 g/पौधा नीम खली के साथ मिलाएँ तथा तने के चारों ओर Bordeaux Mixture (1%) या Metalaxyl + Mancozeb (Ridomil MZ) @ 2.5 g/L से मृदा सिंचन (Drenching) करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
Oomycete कवक जो लोबयुक्त Sporangia, द्विकशाभिक Zoospores और मोटी भित्ति वाले Oospores बनाता है।
रोग चक्र · Disease Cycle
मृदा में Oospores के रूप में जीवित रहता है और जलभराव होने पर Zoospores द्वारा फैलता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
28–35°C तापमान, भारी मानसून वर्षा, खराब जल निकास और तने के पास पानी भरना।
8. Papaya Leaf Curl Disease (पपीते का पर्ण कुंचन रोग)
महत्व: उत्तर और मध्य भारत में पपीते की फलन क्षमता को समाप्त करने वाला प्रमुख विषाणु रोग।
लक्षण · Symptoms
- पत्तियाँ गंभीर रूप से मुड़कर नीचे की ओर प्याले जैसी (Downward curling and crinkling) और चमड़े जैसी मोटी व भुरभुरी (Leathery & brittle) हो जाती हैं।
- पत्तियों की निचली सतह की शिराएँ मोटी व गहरी हरी होकर टेढ़ी-मेढ़ी (Vein thickening and enations) हो जाती हैं तथा डंठल मुड़ जाते हैं और फल नहीं लगते।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- संक्रमित पौधों को उखाड़कर जला दें (Roguing) और सफेद मक्खी नियंत्रण हेतु Imidacloprid 17.8 SL @ 0.3 ml/L या Thiamethoxam 25 WG @ 0.25 g/L व नीम तेल (0.5%) का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
जुड़वाँ कणों वाला ssDNA Begomovirus।
रोग चक्र · Disease Cycle
सफेद मक्खी (Whitefly – Bemisia tabaci) द्वारा स्थायी रूप में संचरित होता है; बीज या रस से संचरित नहीं होता।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
सफेद मक्खी की उच्च संख्या और आसपास तंबाकू व टमाटर जैसे वैकल्पिक परपोषियों की उपस्थिति।
9. Papaya Ring Spot Disease (पपीते का वलय चित्ती / रिंग स्पॉट रोग)
महत्व: विश्व स्तर पर पपीते का सर्वाधिक विनाशकारी विषाणु रोग (हवाई द्वीप में इसके विरुद्ध प्रथम ट्रांसजेनिक पपीता 'SunUp' और 'Rainbow' विकसित किया गया)।
लक्षण · Symptoms
- 1. डंठल व तने पर: तने और पत्ती के डंठलों पर गहरे हरे, तेल में डूबे जैसे या जल-सिक्त धब्बे व धारियाँ (Water-soaked oily streaks on petioles) बनती हैं।
- 2. पत्तियों पर: पत्तियों में तीव्र मोजैक और पर्ण फलक गायब होकर केवल मध्य शिरा ही जूते के फीते जैसी (Shoe-string / Filiform leaf symptom) बचती है।
- 3. फलों पर निर्णायक लक्षण: हरे फलों की सतह पर गहरे हरे रंग के स्पष्ट संकेंद्रित छल्ले या C-आकार के वलय (Dark green concentric rings / C-shaped markings on fruits) बनते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- पपीते के बाग के आसपास कद्दू वर्गीय सब्जियाँ (लौकी, कद्दू, तरबूज) न उगाएँ तथा चारों ओर मक्का या ज्वार की 2–3 कतारें अवरोधक फसल (Barrier crop) के रूप में लगाएँ।
- सहनशील किस्म 'अर्का प्रभात' या 'रेड लेडी' लगाएँ, रोगी पौधे उखाड़ें और माहू नियंत्रण हेतु Dimethoate @ 1.5 ml/L छिड़कें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
लचीले तंतुमय (Flexuous filamentous) कणों वाला धनात्मक एकल-रज्जुक आरएनए (+ssRNA) Potyvirus (PRSV-P पपीता व कद्दू कुल दोनों को और PRSV-W केवल कद्दू कुल को संक्रमित करता है)।
रोग चक्र · Disease Cycle
माहू (Aphids – Myzus persicae एवं Aphis gossypii) द्वारा अ-स्थायी (Non-persistent / Stylet-borne) रूप में तथा यांत्रिक रस द्वारा संचरित होता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
पपीते के बाग के पास कद्दू कुल की सब्जियाँ (Cucurbits) उगाना और माहू की सक्रियता।
10. Bacterial Blight / Oily Spot of Pomegranate (अनार का जीवाणुज अंगमारी / तेल्या रोग)
महत्व: 1952 में हिंगोराणी एवं मेहता द्वारा दिल्ली से खोजा गया; आज महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान में अनार (विशेषकर भगवा व गणेश किस्मों) का सबसे भयंकर रोग (60–80% हानि)।
लक्षण · Symptoms
- पत्तियों पर: अनियमित से कोणीय, जल-सिक्त धब्बे बनते हैं जो धूप के सामने देखने पर तेल में डूबे जैसे पारभासी (Translucent oily spots) और पीले घेरे युक्त दिखते हैं।
- तने पर: शाखाओं की गाँठों पर भूरे-काले घाव बनकर टहनियाँ टूट जाती हैं (Nodal blight)।
- फलों पर: फलों पर गहरे भूरे-काले तैलीय धब्बे बनते हैं जो बढ़ने पर आपस में मिल जाते हैं और धब्बों के बीच से फल L या Y आकार में फट जाते हैं (L or Y-shaped cracking of fruits)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- प्रभावित क्षेत्रों में मृग बहार के स्थान पर 'हस्त बहार' (सितंबर-अक्टूबर पुष्पन) लें और छँटाई के कैंची/औजारों को सोडियम हाइपोक्लोराइट (2%) से साफ करें।
- छँटाई के तुरंत बाद 1% बोर्डो मिश्रण का छिड़काव करें।
- फसल काल में Streptocycline @ 250–500 ppm (2.5–5 g/10 L) या Bronopol (Bactronol) @ 0.5 g/L + Copper Oxychloride @ 2.5 g/L का बारी-बारी से छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
ग्राम-ऋणात्मक, दंडाकार, एकल ध्रुवीय कशाभिका युक्त जीवाणु।
रोग चक्र · Disease Cycle
संक्रमित कलमों, गिरी हुई पत्तियों और पेड़ की टहनियों के कैंकर घावों में जीवित रहता है; वर्षा की बौछारों, सिंचाई और छँटाई के औजारों (Secateurs) से फैलता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
25–35°C तापमान, बार-बार वर्षा, >80% आर्द्रता (मृग बहार में सर्वाधिक प्रकोप; हस्त बहार में कम)।
11. Apple Scab (सेब का स्कैब / चर्मरोग)
महत्व: कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब का सबसे प्रमुख कवक रोग (1973 में कश्मीर की Red Delicious किस्म में महामारी); भारत में इस पर घरेलू संगरोध लागू है।
लक्षण · Symptoms
- पत्तियों की निचली सतह और बाद में ऊपरी सतह पर जैतूनी-हरे रंग के मखमली धब्बे (Velvety olive-green spots) बनते हैं जिनसे पत्ती मुड़ या फूल जाती है।
- फलों पर गहरे भूरे से काले, खुरदरे और पपड़ीदार कॉर्क जैसे धब्बे (Scabby, corky black spots) बनते हैं; प्रभावित हिस्से की वृद्धि रुकने से फल टेढ़े-मेढ़े (Deformed) हो जाते हैं और उनमें दरारें पड़ जाती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- पतझड़ में पत्तियाँ गिरने से ठीक पहले पेड़ पर और गिरने के बाद जमीन पर पड़ी पत्तियों पर 5% यूरिया (Urea 5% = 50 g/L) का छिड़काव करें, जिससे पत्तियाँ जल्दी सड़ जाती हैं और Pseudothecia नहीं बन पाते।
- अंकुर फूटने से फल पकने तक (Silver tip, Green tip, Pink bud, Petal fall अवस्थाओं पर) सारणीबद्ध रूप से Captan @ 2 g/L, Dodine @ 1 g/L, Mancozeb @ 2.5 g/L और Myclobutanil / Difenoconazole @ 0.5 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
Ascomycete कवक; इसके Ascospores द्विकोशिकीय (एक बड़ी व एक छोटी कोशिका – 'Foot-print' या जूते के तले जैसे) होते हैं।
रोग चक्र · Disease Cycle
सर्दियों में जमीन पर गिरी सूखी पत्तियों में Pseudothecia के रूप में जीवित रहता है; बसंत (मार्च-अप्रैल) में निकलने वाले Ascospores प्राथमिक संक्रमण और Spilocaea के Conidia द्वितीयक संक्रमण करते हैं।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
16–22°C तापमान और पत्तियों का लगातार गीला रहना (Mills Period: तापमान और पत्ती की नमी की अवधि के आधार पर स्कैब पूर्वानुमान की सारणी)।
12. Fire Blight of Apple & Pear (सेब एवं नाशपाती का अग्नि अंगमारी / फायर ब्लाइट)
महत्व: विश्व में खोजा गया पौधों का प्रथम जीवाणु जनित रोग (First bacterial disease of plants discovered by T.J. Burrill in 1878-82)।
लक्षण · Symptoms
- फूल, पत्तियाँ और कोमल टहनियाँ अचानक जल-सिक्त होकर भूरी-काली पड़ जाती हैं मानो उन्हें आग की लपटों से झुलसा दिया गया हो (Scorched by fire), और पत्तियाँ पेड़ से गिरती नहीं बल्कि चिपकी रहती हैं।
- निर्णायक लक्षण: संक्रमित कोमल टहनी का शीर्ष भाग मुड़कर गड़रिये की लाठी या छड़ी के हैंडल जैसा (Shepherd's Crook symptom) हो जाता है और नम मौसम में छाल व फलों से दूधिया-भूरा जीवाणु स्राव (Bacterial ooze) निकलता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- सर्दियों में सुषुप्तावस्था के दौरान संक्रमित शाखाओं को संक्रमण स्थान से 20–30 सेमी नीचे से काटकर जला दें और कैंची को 10% ब्लीच या 70% अल्कोहल से विसंक्रमित करें।
- कली फूटने से पूर्व 1% बोर्डो मिश्रण और पुष्पन (Blossom stage) के समय Streptomycin @ 100 ppm का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
ग्राम-ऋणात्मक, दंडाकार एवं परिरोमी कशाभिका (Peritrichous flagella) युक्त जीवाणु।
रोग चक्र · Disease Cycle
तने व शाखाओं के पुराने कैंकर घावों (Holdover cankers) में सर्दियाँ बिताता है; बसंत में मधुमक्खियों, मक्खियों और वर्षा द्वारा फूलों (Blossom blight) से तेजी से फैलता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
पुष्पन के समय 18–25°C तापमान, वर्षा और उच्च आर्द्रता।
13. Crown Gall of Apple & Stone Fruits (सेब का क्राउन गॉल / किरीट पिटिका रोग)
महत्व: ई.एफ. स्मिथ एवं टाउनसेंड (1907) द्वारा अध्ययन किया गया; इस जीवाणु को 'प्रकृति का आनुवंशिक इंजीनियर' (Nature's Genetic Engineer) कहा जाता है।
लक्षण · Symptoms
- भूमि की सतह के पास तने के आधार (Crown / Collar region) और मुख्य जड़ों पर मटर के दाने से लेकर गोभी के आकार तक की अनियमित, कठोर, काष्ठीय गाँठें या ट्यूमर (Hard woody galls / tumors) बन जाते हैं।
- ये ट्यूमर संवहन तंत्र को दबा देते हैं जिससे पौधे बौने और कमजोर रह जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- सर्वश्रेष्ठ जैविक नियंत्रण (Kerr, 1980): रोपाई से पूर्व नर्सरी के पौधों की जड़ों को अ-रोगजनक प्रतिरोधी प्रभेद Agrobacterium radiobacter strain K84 (या K1026) के घोल में डुबोएँ, जो 'Agrocin 84' नामक बैक्टीरियोसिन उत्पन्न कर रोगजनक जीवाणु को नष्ट कर देता है।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
ग्राम-ऋणात्मक मृदा जीवाणु, जिसमें 'Ti-plasmid' (Tumor-inducing plasmid) होता है। जीवाणु अपने T-DNA (Transfer DNA) खंड को पादप कोशिका के केंद्रकीय डीएनए में जोड़ देता है; T-DNA में ऑक्सिन व साइटोकाइनिन संश्लेषण के जीन (जिससे अनियंत्रित कोशिका विभाजन होकर गॉल बनता है) तथा 'Opines' (Octopine/Nopaline – जीवाणु का भोजन) बनाने के जीन होते हैं।
रोग चक्र · Disease Cycle
मृदा में रहता है और कलम बाँधने, रोपाई या जुताई के समय जड़ों व तने पर लगे घावों (Wounds – जहाँ से Acetosyringone रसायन निकलता है) के माध्यम से प्रवेश करता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
नर्सरी में कलम लगाते समय बने घाव और संक्रमित मृदा।
14. Peach Leaf Curl (आडू का पर्ण कुंचन रोग)
महत्व: शीतोष्ण क्षेत्रों में आडू और नेक्टराइन का सबसे प्रमुख वसंतकालीन कवक रोग।
लक्षण · Symptoms
- बसंत ऋतु में नई निकलने वाली पत्तियाँ अत्यधिक मोटी, मुड़ी हुई, सिकुड़ी और फूली हुई (Puckered, thickened and curled) हो जाती हैं।
- प्रभावित पत्तियाँ पहले पीली-लाल या बैंगनी रंग की (Reddish-purple tint) हो जाती हैं और बाद में उनकी सतह पर चाँदी जैसी सफेद परत (Naked asci की परत) दिखती है और पत्तियाँ समय से पहले गिर जाती हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- पत्तियाँ निकलने के बाद छिड़काव प्रभावी नहीं होता; अतः पतझड़ के बाद या बसंत में कली फूलने से ठीक पहले (Dormant spray before bud swell) एक बार 1% Bordeaux Mixture या Copper Oxychloride @ 3 g/L या Captan / Ziram @ 2 g/L का छिड़काव करने से 95% तक नियंत्रण हो जाता है।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
आदिम Ascomycete कवक जिसमें कोई फलकाय (Ascocarp) नहीं बनता, बल्कि पत्ती की क्यूटिकल के नीचे सीधे नग्न Asci (Naked palisade layer of asci) की परत बनती है; Ascospores के भीतर ही मुकुलन (Budding) से यीस्ट जैसे Blastoconidia बनते हैं।
रोग चक्र · Disease Cycle
टहनियों की छाल और कलियों के शल्कों (Bud scales) पर Blastoconidia के रूप में सर्दियाँ बिताता है और बसंत में कली खुलते समय संक्रमण करता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
कली फूटते समय ठंडा और नम मौसम (10–16°C तापमान एवं वर्षा)।
15. Downy Mildew of Grapevine (अंगूर का मृदुरोमिल आसिता रोग)
महत्व: 1870 के दशक में अमेरिका से फ्रांस की अंगूर की बेलों में पहुँचा और फ्रांस के शराब उद्योग को तबाह कर दिया; इसी रोग के निदान हेतु प्रो. पी.एम.ए. मिलार्डेट (1882-85) ने विश्व के प्रथम कवकनाशी 'बोर्डो मिश्रण' (Bordeaux Mixture) की खोज की।
लक्षण · Symptoms
- पत्तियों की ऊपरी सतह पर गोल, पीले-हरे और पारभासी धब्बे बनते हैं जो तेल की बूँद जैसे दिखते हैं, इसलिए इन्हें 'तेल धब्बा' (Oil spots) कहते हैं।
- नम मौसम में इन्हीं धब्बों के ठीक नीचे पत्ती की निचली सतह पर, साथ ही प्रतान और फूलों व कच्चे दानों के गुच्छों पर चमकदार सफेद रुई जैसी कवक वृद्धि (White downy growth) उभर आती है और कच्चे फल सूखकर चमड़े जैसे भूरे (Leather berry) हो जाते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
- छँटाई के बाद गिरी हुई पत्तियों व टहनियों को इकट्ठा करके जला दें।
- छँटाई के बाद नई कोपलें निकलते समय 1% Bordeaux Mixture या Metalaxyl 8% + Mancozeb 64% WP (Ridomil MZ) @ 2.5 g/L या Cymoxanil 8% + Mancozeb 64% WP (Curzate M8) @ 2.0 g/L या Fosetyl-Al (Aliette) @ 2.5 g/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology
अविकल्पी परजीवी (Obligate Oomycete)। इसके Sporangiophores समकोण (Right angle – 90°) पर शाखित होते हैं और शाखाओं के अंतिम सिरों (Sterigmata) पर नींबू के आकार के Sporangia लगते हैं जो Zoospores बनाते हैं।
रोग चक्र · Disease Cycle
जमीन पर गिरी सूखी पत्तियों में Oospores के रूप में जीवित रहता है; बसंत/मानसून में वर्षा की छींटों से निचली पत्तियों पर प्राथमिक संक्रमण और हवा व बारिश से द्वितीयक प्रसार होता है।
अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology
20–25°C तापमान, >85% आर्द्रता, बार-बार वर्षा (विशेषकर अक्टूबर छँटाई के बाद बेमौसम बारिश)।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 4.1: केले के तीन प्रमुख रोगों (Sigatoka, Panama Wilt, Bunchy Top) की तुलना
| आधार | सिगाटोका पत्ती धब्बा (Sigatoka) | पनामा उकठा (Panama Wilt) | बंची टॉप (Bunchy Top) |
|---|---|---|---|
| रोगजनक | Mycosphaerella musicola (कवक) | Fusarium oxysporum f.sp. cubense (कवक) | Banana Bunchy Top Virus (Babuvirus – ssDNA) |
| मुख्य निदान लक्षण | पत्तियों पर राख जैसे केंद्र व पीले घेरे वाले समानांतर धब्बे | पुरानी पत्तियों का पीला पड़कर स्कर्ट जैसा लटकना + प्रकंद में लाल-भूरी वलय | डंठल व शिराओं पर गहरे हरे Morse code डॉट्स + शीर्ष पर पत्तियों का गुच्छा |
| प्रसार का माध्यम | हवा (Ascospores) एवं वर्षा (Conidia) | संक्रमित सकर्स एवं मृदा (Chlamydospores) | संक्रमित सकर्स एवं काला माहू (Pentalonia nigronervosa) |
| प्रमुख प्रबंधन | Propiconazole (0.1%) + Mineral Oil (1%) | प्रकंद में 2% Carbendazim इंजेक्शन + प्रतिरोधी किस्में | Domestic Quarantine + माहू नियंत्रण + रोगी पौधे का उन्मूलन |
तालिका 4.2: सेब के तीन प्रमुख रोगों (Apple Scab, Fire Blight, Crown Gall) का तुलनात्मक चार्ट
| रोग का नाम | रोगजनक एवं प्रकृति | ऐतिहासिक / वैज्ञानिक विशेषता | विशिष्ट लक्षण एवं प्रबंधन |
|---|---|---|---|
| सेब का स्कैब (Apple Scab) | Venturia inaequalis (Ascomycete कवक) | Mills Period पूर्वानुमान + भारत में घरेलू संगरोध | फलों पर काले कॉर्क जैसे धब्बे; पतझड़ में 5% यूरिया + Dodine/Captan छिड़काव |
| फायर ब्लाइट (Fire Blight) | Erwinia amylovora (जीवाणु) | T.J. Burrill (1878) द्वारा खोजा गया प्रथम पादप जीवाणु रोग | आग से झुलसी टहनियाँ + Shepherd's Crook लक्षण; पुष्पन पर Streptomycin |
| क्राउन गॉल (Crown Gall) | Agrobacterium tumefaciens (जीवाणु) | Ti-plasmid एवं T-DNA के कारण 'प्रकृति का आनुवंशिक इंजीनियर' | तने के आधार व जड़ों पर काष्ठीय ट्यूमर; Strain K84 (Agrocin 84) जैविक नियंत्रण |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. 1% बोर्डो मिश्रण (Bordeaux Mixture – 5:5:50 या 1:1:100) एवं बोर्डो पेस्ट बनाने का सूत्र
विधि एवं परीक्षण: मिट्टी या प्लास्टिक के दो अलग बर्तनों में 50-50 लीटर पानी में 1 kg CuSO4 और 1 kg चूना घोलें, फिर दोनों को तीसरे प्लास्टिक/लकड़ी के बर्तन में साथ मिलाएँ। अम्लीयता जाँचने हेतु साफ लोहे की कील या चाकू की धार को 1 मिनट घोल में डुबोएँ; यदि उस पर ताँबे की लाल परत जम जाए तो घोल अम्लीय है (पत्ती जला देगा), अतः उसमें थोड़ा और चूने का पानी मिलाएँ।
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 04: उद्यानिकी (फल) फसलों के प्रमुख रोग]
├── 1. नींबू एवं अमरूद (Citrus & Guava)
│ ├── Citrus Canker (Xanthomonas citri subsp. citri - Corky lesions, Leaf miner helper, Streptocycline+COC)
│ ├── Citrus Gummosis (Phytophthora spp. - Basal gum oozing, Rangpur lime rootstock, Ridomil MZ)
│ └── Guava Anthracnose (Colletotrichum gloeosporioides - Salmon-pink acervuli on sunken spots)
├── 2. केला (Banana)
│ ├── Sigatoka Leaf Spot (Mycosphaerella musicola - Ashy center + yellow halo, Propiconazole + Mineral oil)
│ ├── Panama Wilt (Fusarium oxysporum f.sp. cubense - Skirt-like hanging leaves, Race 1 vs TR4, Corm injection)
│ └── Bunchy Top (BBTV - Babuvirus ssDNA, Morse code dark green streaks, Vector: Pentalonia nigronervosa)
├── 3. पपीता एवं अनार (Papaya & Pomegranate)
│ ├── Papaya Foot Rot (Pythium aphanidermatum - Spongy collar rot), Leaf Curl (Begomovirus), Ring Spot (PRSV - Potyvirus)
│ └── Pomegranate Bacterial Blight / Telya (X. axonopodis pv. punicae - Oily spots, L/Y fruit cracking)
└── 4. सेब, आडू एवं अंगूर (Temperate Crops & Grapevine)
├── Apple Scab (Venturia inaequalis - 5% Urea autumn spray), Fire Blight (Erwinia amylovora - Shepherd's crook), Crown Gall (Agrobacterium tumefaciens - Strain K84)
├── Peach Leaf Curl (Taphrina deformans - Naked asci, Dormant Bordeaux spray)
└── Grapevine Downy Mildew (Plasmopara viticola - Oil spots, Millardet 1885 Bordeaux Mixture)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[सेब के क्राउन गॉल (Agrobacterium tumefaciens) में प्राकृतिक आनुवंशिक रूपांतरण चक्र]
नर्सरी में कलम या जुताई से जड़/तने के आधार (Crown) पर घाव बनना
↓ (घाव से फेनोलिक यौगिक 'Acetosyringone' का स्राव)
मृदा में उपस्थित Agrobacterium tumefaciens के 'Ti-plasmid' के Virulence (vir) जीन का सक्रिय होना
↓ (T-DNA का कटना और पादप कोशिका के केंद्रकीय DNA में जुड़ना)
रूपांतरित पादप कोशिकाओं द्वारा अनियंत्रित मात्रा में Auxin + Cytokinin का संश्लेषण
↓ (Hyperplasia + Hypertrophy)
तने के आधार पर कठोर काष्ठीय ट्यूमर (Crown Gall) का निर्माण + जीवाणु के भोजन हेतु 'Opines' का उत्पादन
↓ (जैविक रोकथाम)
रोपाई से पूर्व जड़ों को A. radiobacter strain K84 में डुबोना → 'Agrocin 84' द्वारा रोगजनक का पूर्ण दमन
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- याद रखें: केले का Bunchy Top = ssDNA वायरस (Babuvirus, वाहक: Pentalonia nigronervosa माहू); पपीते का Ring Spot = ssRNA वायरस (Potyvirus, वाहक: Myzus persicae माहू); पपीते का Leaf Curl = ssDNA वायरस (Begomovirus, वाहक: Bemisia tabaci सफेद मक्खी)।
- सेब के स्कैब (Venturia inaequalis) में पतझड़ के समय जमीन पर गिरी पत्तियों पर 5% यूरिया का छिड़काव Pseudothecia बनने से रोकने के लिए किया जाता है।
- अंगूर के Downy Mildew (Plasmopara viticola) में Sporangiophores 90° समकोण पर शाखित होते हैं और इसी पर Millardet ने 1885 में Bordeaux Mixture खोजा।
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- नींबू का कैंकर (Xanthomonas citri): कॉर्क जैसे खुरदरे घाव, Citrus Leaf Miner सहायक कीट, Streptocycline + COC छिड़काव।
- केले का बंची टॉप (BBTV): डंठल पर गहरे हरे मोर्स कोड निशान, माहू वाहक Pentalonia nigronervosa, घरेलू संगरोध लागू।
- पपीते का रिंग स्पॉट (PRSV): फलों पर गहरे हरे छल्ले, पत्तियों में Shoe-string लक्षण, ट्रांसजेनिक किस्म 'SunUp/Rainbow'।
- अनार का तेल्या रोग (X. axonopodis pv. punicae): तैलीय धब्बे और फलों में L या Y आकार की दरारें।
- सेब का फायर ब्लाइट (Erwinia amylovora): T.J. Burrill (1878), Shepherd's crook लक्षण; क्राउन गॉल (A. tumefaciens): Strain K84 से जैविक नियंत्रण।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. विश्व का प्रथम पादप जीवाणु रोग 'फायर ब्लाइट ऑफ एप्पल एंड पियर' (Erwinia amylovora) सन् 1878-82 में किसने खोजा था?
- (A) ई.एफ. स्मिथ
- (B) टी.जे. बुरिल (T.J. Burrill)
- (C) पी.एम.ए. मिलार्डेट
- (D) रॉबर्ट कोच
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — टी.जे. बुरिल (T.J. Burrill) ने सेब व नाशपाती के फायर ब्लाइट में सर्वप्रथम सिद्ध किया कि जीवाणु पौधों में रोग उत्पन्न करते हैं।
2. प्रो. पी.एम.ए. मिलार्डेट ने 1885 में फ्रांस में किस रोग के नियंत्रण हेतु 'बोर्डो मिश्रण' (Bordeaux Mixture) की खोज की थी?
- (A) आलू का पछेती अंगमारी
- (B) अंगूर का मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew of Grapevine – Plasmopara viticola)
- (C) सेब का स्कैब
- (D) नींबू का कैंकर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — मिलार्डेट ने अंगूर के Plasmopara viticola के विरुद्ध कॉपर सल्फेट और चूने के मिश्रण (बोर्डो मिश्रण) की खोज की थी।
3. केले के बंची टॉप विषाणु (BBTV) का वाहक कीट कौन सा है?
- (A) सफेद मक्खी (Bemisia tabaci)
- (B) केले का काला माहू (Pentalonia nigronervosa)
- (C) हरा फुदका (Nephotettix virescens)
- (D) थ्रिप्स
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — BBTV का प्रसार केले के काले माहू (Pentalonia nigronervosa) द्वारा स्थायी रूप में होता है।
4. अनार के 'तेल्या रोग' (Bacterial Blight / Oily Spot) का रोगजनक कौन सा है?
- (A) Xanthomonas citri
- (B) Xanthomonas axonopodis pv. punicae
- (C) Erwinia amylovora
- (D) Pseudomonas syringae
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — अनार का तेल्या रोग Xanthomonas axonopodis pv. punicae द्वारा होता है जिसमें फलों पर तैलीय धब्बे और L/Y आकार की दरारें पड़ती हैं।
5. सेब के क्राउन गॉल (Agrobacterium tumefaciens) के व्यावसायिक जैविक नियंत्रण के लिए किस प्रतिरोधी प्रभेद का उपयोग किया जाता है?
- (A) Pseudomonas fluorescens Pf1
- (B) Agrobacterium radiobacter strain K84 (Agrocin 84 उत्पादक)
- (C) Bacillus subtilis
- (D) Trichoderma harzianum
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — Kerr (1980) द्वारा विकसित A. radiobacter strain K84 'Agrocin 84' उत्पन्न कर क्राउन गॉल को रोकता है।
6. पपीते के रिंग स्पॉट विषाणु (PRSV) में पत्तियों का फलक गायब होकर केवल मध्य शिरा बचने का लक्षण क्या कहलाता है?
- (A) मोर्स कोड लक्षण
- (B) शू-स्ट्रिंग लक्षण (Shoe-string / Filiform leaf)
- (C) शेफर्ड क्रुक
- (D) विचेस ब्रूम
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — PRSV में पत्तियों का लैमिना समाप्त हो जाने से पत्तियाँ जूते के फीते (Shoe-string) जैसी दिखती हैं।
7. सेब के स्कैब (Venturia inaequalis) के प्राथमिक निवेशद्रव्य (Pseudothecia) को नष्ट करने हेतु पतझड़ में गिरी पत्तियों पर किसका छिड़काव किया जाता है?
- (A) 5% यूरिया (5% Urea)
- (B) 10% नमक
- (C) जिंक सल्फेट
- (D) केवल पानी
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — पतझड़ में 5% यूरिया के छिड़काव से सूखी पत्तियाँ तेजी से सड़ जाती हैं और उनमें Venturia के Pseudothecia नहीं बन पाते।
8. नींबू के गमोसिस (Phytophthora spp.) के प्रति कौन सा मूलवृंत (Rootstock) प्रतिरोधी माना जाता है?
- (A) जट्टी खट्टी (Rough lemon)
- (B) कर्ण खट्टा
- (C) रंगपुर लाइम एवं ट्राइफोलिएट ऑरेंज (Rangpur lime & Trifoliate orange)
- (D) कागजी नींबू
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) — रंगपुर लाइम और ट्राइफोलिएट ऑरेंज नींबू के गमोसिस व फुट रॉट के प्रति प्रतिरोधी मूलवृंत हैं।
9. केले के सिगाटोका पत्ती धब्बा (Mycosphaerella musicola) के नियंत्रण हेतु कवकनाशी को किसके साथ मिलाकर छिड़का जाता है?
- (A) खनिज तेल (Mineral Oil @ 1%)
- (B) सरसों का तेल
- (C) चूने का पानी
- (D) गंधक अम्ल
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — Propiconazole (0.1%) को 1% खनिज तेल (Mineral oil) के साथ मिलाकर छिड़कने से केले की मोमी पत्तियों पर दवा का फैलाव व प्रभाव बढ़ जाता है।
10. आडू के पर्ण कुंचन रोग (Peach Leaf Curl) का कारक कवक कौन सा है जिसमें कोई फलकाय (Ascocarp) नहीं बनता?
- (A) Venturia inaequalis
- (B) Taphrina deformans
- (C) Plasmopara viticola
- (D) Uncinula necator
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — Taphrina deformans एक आदिम Ascomycete है जो पत्ती की क्यूटिकल के नीचे सीधे नग्न Asci बनाता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. नींबू के कैंकर रोग के फैलाव में सहायक प्रमुख सुरंगक कीट का वैज्ञानिक नाम लिखिए।
Citrus Leaf Miner — Phyllocnistis citrella।
2. केले के पनामा उकठा का कौन सा नया प्रभेद Cavendish समूह (Grand Naine) को भी संक्रमित कर रहा है?
Tropical Race 4 (TR4)।
3. पपीते के रिंग स्पॉट विषाणु (PRSV) के विरुद्ध विकसित विश्व की प्रथम ट्रांसजेनिक पपीता किस्मों के नाम लिखिए।
SunUp एवं Rainbow (हवाई, अमेरिका में कोट प्रोटीन जीन से विकसित)।
4. सेब के फायर ब्लाइट में संक्रमित टहनी के मुड़ने से बनने वाले विशिष्ट लक्षण को क्या कहते हैं?
शेफर्ड क्रुक लक्षण (Shepherd's Crook symptom)।
5. बोर्डो मिश्रण की अम्लीयता/ताँबे की विषाक्तता जाँचने के लिए किस धातु की वस्तु का प्रयोग किया जाता है?
साफ लोहे की कील या लोहे के चाकू के फलक (Iron blade/nail) का।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. नींबू के गमोसिस (Gummosis) के लक्षण एवं प्रबंधन लिखिए।
Phytophthora प्रजातियों के कारण तने के आधार भाग की छाल फट जाती है और भूरा गोंद निकलता है। प्रबंधन हेतु रंगपुर लाइम मूलवृंत पर 25–30 सेमी ऊँचाई पर कलम बाँधें, डबल रिंग विधि से सिंचाई करें तथा घाव खुरचकर बोर्डो पेस्ट लगाएँ और Ridomil MZ या Fosetyl-Al (0.25%) का प्रयोग करें।
2. केले के बंची टॉप (Bunchy Top) की पहचान कैसे करेंगे और रोगी पौधे को कैसे नष्ट किया जाता है?
पत्ती के डंठल और निचली शिराओं पर गहरे हरे रंग के मोर्स कोड (Morse code dots & dashes) दिखते हैं और शीर्ष पर पत्तियाँ गुच्छे में इकट्ठी हो जाती हैं। रोगी पौधे पर पहले कीटनाशक छिड़ककर माहू (Pentalonia nigronervosa) मारते हैं, फिर प्रकंद में 4 ml 2,4-D (Fernoxone) का इंजेक्शन लगाकर उसे सुखाकर जला देते हैं।
3. अनार के तेल्या रोग (Bacterial Blight) के लक्षण एवं नियंत्रण के उपाय लिखिए।
Xanthomonas axonopodis pv. punicae से पत्तियों पर पारभासी तैलीय धब्बे और फलों पर काले धब्बे बनकर फल L या Y आकार में फट जाते हैं। नियंत्रण हेतु हस्त बहार फसल लें, छँटाई के बाद 1% बोर्डो मिश्रण छिड़कें और Streptocycline (250–500 ppm) या Bronopol (0.05%) + COC (0.25%) का छिड़काव करें।
4. सेब के क्राउन गॉल (Crown Gall) को 'प्राकृतिक आनुवंशिक इंजीनियरिंग' का उदाहरण क्यों कहा जाता है?
Agrobacterium tumefaciens अपने Ti-plasmid के T-DNA खंड को पादप कोशिका के जीनोम में स्थानांतरित कर देता है। यह T-DNA पादप कोशिका से ऑक्सिन, साइटोकाइनिन (जिससे ट्यूमर बनता है) और Opines बनवाता है। इसी सिद्धांत का उपयोग आज ट्रांसजेनिक (GM) फसलें बनाने में किया जाता है।
5. अंगूर के मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew) के लक्षण एवं नियंत्रण लिखिए।
Plasmopara viticola से पत्तियों की ऊपरी सतह पर पीले 'Oil spots' और निचली सतह पर सफेद रुई जैसी वृद्धि दिखती है तथा दाने सूखकर भूरे हो जाते हैं। नियंत्रण हेतु अक्टूबर छँटाई के बाद 1% बोर्डो मिश्रण, Ridomil MZ (0.25%) या Fosetyl-Al (0.25%) का छिड़काव करें।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. नींबू के कैंकर (Citrus Canker) एवं गमोसिस (Gummosis) तथा अनार के जीवाणुज अंगमारी (Telya) का रोगजनक, लक्षण, रोग चक्र और समन्वित प्रबंधन सहित वर्णन कीजिए।
Xanthomonas citri subsp. citri (कॉर्क जैसे घाव व लीफ माइनर की भूमिका), Phytophthora spp. (आधार से गोंद निकलना व मूलवृंत चयन) और X. axonopodis pv. punicae (तैलीय धब्बे व L/Y दरारें) का विस्तृत विवरण और बोर्डो मिश्रण, Streptocycline एवं Ridomil MZ के प्रयोग की विधि लिखें।
2. केले के तीनों प्रमुख रोगों—सिगाटोका पत्ती धब्बा, पनामा उकठा और बंची टॉप—के लक्षणों, प्रसार के तरीकों और प्रबंधन की तुलना कीजिए।
Mycosphaerella musicola, Fusarium oxysporum f.sp. cubense (Race 1 व TR4) और Banana Bunchy Top Virus (Pentalonia nigronervosa वाहक) के लक्षणों का अंतर, प्रकंद इंजेक्शन, टिश्यू कल्चर पौधों और संगरोध नियमों का सविस्तर वर्णन करें।
3. सेब के स्कैब (Apple Scab), फायर ब्लाइट (Fire Blight) और क्राउन गॉल (Crown Gall) तथा अंगूर के मृदुरोमिल आसिता (Downy Mildew) का वैज्ञानिक वर्णन कीजिए।
Venturia inaequalis (Mills period व 5% यूरिया छिड़काव), Erwinia amylovora (Shepherd's crook), Agrobacterium tumefaciens (Ti-plasmid व Strain K84) और Plasmopara viticola (Oil spots व बोर्डो मिश्रण निर्माण विधि) का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- नींबू के कैंकर रोग में फलों पर बने घावों के चारों ओर पीला घेरा (Yellow halo) नहीं बनता, जबकि पत्तियों पर बनता है।
- केले के बंची टॉप विषाणु (BBTV) में शिराओं पर गहरे हरे रंग के 'Morse Code' (Dots and Dashes) के निशान बनते हैं।
- सेब के स्कैब (Venturia inaequalis) के नियंत्रण हेतु रोग पूर्वानुमान के लिए 'Mills Table' का उपयोग किया जाता है।
- आडू के पर्ण कुंचन (Taphrina deformans) के नियंत्रण हेतु कली फूलने से पहले (Dormant stage) एक ही कवकनाशी छिड़काव पर्याप्त होता है।
- अंगूर के मृदुरोमिल आसिता (Plasmopara viticola) के Sporangiophores समकोण (90°) पर शाखित होते हैं।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPATH 311 Smart Notes।





