PPHYS 311 Lecture 16: पादप श्वसन: ग्लाइकोलाइसिस (EMP पथ), क्रेब्स चक्र (TCA चक्र) एवं इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC)

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
पादप श्वसन: ग्लाइकोलाइसिस (EMP पथ), क्रेब्स चक्र (TCA चक्र) एवं इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC)
Respiration: Glycolysis, Krebs Cycle and Electron Transport Chain
Aerobic vs Anaerobic Respiration, Glycolysis (EMP Pathway in Cytosol), Link Reaction, Krebs / TCA Cycle (Mitochondrial Matrix), Electron Transport Chain (Complex I–IV, Cyanide-Resistant AOX) & Complete ATP Balance Sheet (36/38 vs 30/32 ATP)
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- पादप श्वसन (Cellular Respiration) की परिभाषा, वायवीय बनाम अवायवीय श्वसन (किण्वन: मात्र 2 ATP) और ग्लाइकोलाइसिस / EMP पथ (Embden, Meyerhof & Parnas — कोशिकाद्रव्य में) के 10 चरणों, पेसमेकर एंजाइम (Phosphofructokinase – PFK) और ऊर्जा लाभ (शुद्ध लाभ = 2 ATP + 2 NADH) को समझना।
- लिंक अभिक्रिया (Pyruvate Acetyl-CoA + + NADH) और माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में चलने वाले क्रेब्स चक्र / सिट्रिक अम्ल चक्र / TCA चक्र (Sir Hans Krebs, 1937) के सभी चरणों, एकमात्र झिल्ली-बद्ध एंजाइम (Succinate dehydrogenase) और ऊर्जा उत्पादन का विश्लेषण करना।
- माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली (Cristae) पर स्थित इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC — Complex I से IV एवं Complex V ATP Synthase), पौधों के विशिष्ट 'सायनाइड-प्रतिरोधी वैकल्पिक ऑक्सीडेज' (Alternative Oxidase – AOX) और 1 ग्लूकोज से कुल 36 या 38 ATP (आधुनिक मान: 30 या 32 ATP) की पूरी बैलेंस शीट सीखना।
प्रस्तावना · Introduction
प्रकाश-संश्लेषण द्वारा पादप हरितलवक में सौर ऊर्जा को ग्लूकोज, सुक्रोज और स्टार्च के रासायनिक बंधों में बांधकर संचित कर लेते हैं। किंतु कोशिका अपनी दैनिक जीवन क्रियाओं (जैसे सक्रिय खनिज अवशोषण, प्रोटीन संश्लेषण, कोशिका विभाजन व फ्लोएम लोडिंग) में सीधे ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर सकती—उसे तुरंत उपयोग योग्य ऊर्जा मुद्रा 'ATP' (Adenosine Triphosphate — 'Energy Currency of the Cell', Lipmann 1941) चाहिए! जीवित कोशिकाओं के भीतर कार्बनिक भोज्य पदार्थों (मुख्यतः ग्लूकोज) के चरणबद्ध एंजाइमीय ऑक्सीकरण द्वारा व बनाने और मुक्त हुई ऊर्जा को ATP में संचित करने की जैव-रासायनिक प्रक्रिया को 'कोशिकीय श्वसन' (Cellular Respiration) कहते हैं।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
ग्लाइकोलाइसिस / ईएमपी पथ (Glycolysis / EMP Pathway — Embden, Meyerhof & Parnas, 1930)
कोशिकाद्रव्य (Cytosol) में ऑक्सीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति से पूर्णतः स्वतंत्र होकर चलने वाला 10-चरणीय सार्वत्रिक पथ, जिसमें 1 अणु 6-कार्बन ग्लूकोज बिना किसी निकास के टूटकर 2 अणु 3-कार्बन पाइरूविक अम्ल (Pyruvate) बनाता है!
उभयचर पथ (Amphibolic Pathway – Krebs Cycle)
क्रेब्स चक्र को 'उभयचर पथ' (Amphibolic = Catabolic + Anabolic दोनों) कहा जाता है क्योंकि यह एक ओर ग्लूकोज/वसा का विखंडन (Catabolism) कर ऊर्जा देता है, और दूसरी ओर इसके मध्यवर्ती यौगिक -कीटोग्लूटारेट व ऑक्जेलोएसीटेट अमीनो अम्लों तथा सक्सिनिल-CoA पर्णहरित व साइटोक्रोम के पोरफाइरिन वलय के संश्लेषण (Anabolism) का कच्चा माल बनते हैं!
क्रियाधार-स्तरीय बनाम ऑक्सीकरणीय फॉस्फोराइलेशन (Substrate-level vs Oxidative Phosphorylation)
जब किसी उपापचयी मध्यवर्ती यौगिक (जैसे 1,3-BPGA, PEP या Succinyl-CoA) से फॉस्फेट समूह सीधे पर स्थानांतरित होकर बिना ETC के ATP बनाता है तो उसे 'Substrate-level phosphorylation' (1 ग्लूकोज में कुल 4 ATP: 2 ग्लाइकोलाइसिस में + 2 क्रेब्स चक्र में) कहते हैं; जबकि ETC में व के ऑक्सीकरण से बनने वाले ATP को 'Oxidative phosphorylation' (32–34 ATP) कहते हैं!
सायनाइड-प्रतिरोधी श्वसन (Cyanide-Resistant Respiration / Alternative Oxidase – AOX)
जंतुओं के विपरीत उच्च पादपों के माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली में एक विशिष्ट एंजाइम 'Alternative Oxidase (AOX)' पाया जाता है जो सायनाइड या कार्बन मोनोऑक्साइड होने पर यूबिक्विनोन (UQ) से इलेक्ट्रॉन लेकर Cytochrome c व Complex IV को बाईपास कर सीधे को दे देता है और ऊर्जा को ऊष्मा (Heat — Thermogenesis in Arum lilies) के रूप में मुक्त करता है!
वर्गीकरण · Classification
ऑक्सीजन की उपलब्धता एवं श्वसनीय क्रियाधार के आधार पर श्वसन के प्रकार
【A. ऑक्सीजन की उपस्थिति के आधार पर】:
1. वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration): की उपस्थिति में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होकर और 36 या 38 ATP (686 kcal) ऊर्जा निकलती है:
$$
2. अवायवीय श्वसन / किण्वन (Anaerobic Respiration / Fermentation — Pasteur & Gay-Lussac): की अनुपस्थिति में (जैसे जलभराव में डूबी जड़ों या भीगे बीजों में) ग्लूकोज का अपूर्ण विखंडन होकर एथिल अल्कोहल () + (पौधों व यीस्ट में) या लैक्टिक अम्ल बनता है और मात्र 2 ATP (50–56 kcal) ऊर्जा मिलती है!
【B. श्वसनीय क्रियाधार (Substrate) के आधार पर — ब्लैकमेन (Blackman, 1954)】:
1. प्लावी श्वसन (Floating Respiration): जब श्वसन में सामान्य कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च/शर्करा) या वसा का उपयोग होता है।
2. जीवद्रव्यी श्वसन (Protoplasmic Respiration): जब लंबे समय तक भुखमरी (Starvation) के कारण कार्बोहाइड्रेट खत्म हो जाता है और कोशिका अपने ही संरचनात्मक प्रोटीन (जीवद्रव्य) को जलाने लगती है (इसमें अमोनिया निकलती है)!
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- वायवीय श्वसन के चारों चरणों के कोशिकांगीय स्थान (Exact Cellular Locations of the 4 Stages of Respiration — Top Exam Question!):
1. ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis / EMP Pathway) कोशिकाद्रव्य (Cytosol / Cytoplasm) में!
2. लिंक अभिक्रिया (Link Reaction / Oxidative Decarboxylation of Pyruvate) माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स (Mitochondrial Matrix) में!
3. क्रेब्स चक्र (Krebs / TCA / Citric Acid Cycle) माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में (अपवाद: इसका केवल एक एंजाइम 'Succinate dehydrogenase' माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली / Inner membrane से जुड़ा होता है!)।
4. इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC) एवं ऑक्सीकरणीय फॉस्फोराइलेशन माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली (Inner Mitochondrial Membrane / Cristae) पर! - पेंटोज फॉस्फेट पथ (Pentose Phosphate Pathway – PPP / HMP Shunt — Warburg, Dickens & Horecker): कोशिकाद्रव्य में ग्लाइकोलाइसिस के समानांतर ग्लूकोज ऑक्सीकरण का एक वैकल्पिक पथ भी चलता है जिसे PPP या HMP शंट कहते हैं। इसके दो अद्वितीय कार्य हैं: (1) वसा अम्ल संश्लेषण व तनाव रक्षा के लिए कोशिकाद्रव्य में प्रदान करना, और (2) न्यूक्लिक अम्लों (DNA/RNA, ATP) के निर्माण हेतु 5-कार्बन शर्करा 'राइबोज-5-फॉस्फेट' तथा लिग्निन व फिनोल निर्माण हेतु 4-कार्बन 'एरिथ्रोज-4-फॉस्फेट' उपलब्ध कराना!
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. Glycolysis (EMP Pathway) & Link Reaction (ग्लाइकोलाइसिस एवं पाइरूवेट की लिंक अभिक्रिया)
All Living Plant Cells (Aerobic & Anaerobic)
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: खोजकर्ता: गुस्ताव एम्बडेन, ऑटो मेयरहॉफ एवं जैकब पार्नस (Embden, Meyerhof & Parnas, 1930) | स्थान: कोशिकाद्रव्य (Cytosol)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: ग्लाइकोलाइसिस वायवीय और अवायवीय दोनों प्रकार के श्वसन का साझा प्रारंभिक पथ (Common pathway) है जिसमें न तो खर्च होती है और न ही निकलती है!
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
ग्लाइकोलाइसिस के 10 चरणों की 2 प्रावस्थाएँ:
• प्रावस्था I — ऊर्जा निवेश प्रावस्था (Preparatory / Energy-Spending Phase: चरण 1 से 5 — इसमें 2 ATP खर्च होते हैं!):
1. (पहला ATP खर्च!)
2.
3. (दूसरा ATP खर्च! नोट: PFK एंजाइम ग्लाइकोलाइसिस का मुख्य नियामक / 'Pacemaker Enzyme' है जिसे उच्च ATP और सिट्रेट संदमित करते हैं और ADP/AMP सक्रिय करते हैं!)
4 & 5. (विदलन चरण)।
• प्रावस्था II — ऊर्जा प्राप्ति प्रावस्था (Pay-off / Energy-Conserving Phase: चरण 6 से 10 — अब हर अणु दोगुना है!):
6.
7. (प्रथम Substrate-level ATP निर्माण!)
8 & 9.
10. (द्वितीय Substrate-level ATP निर्माण!)।
• ग्लाइकोलाइसिस का ऊर्जा सारांश: कुल बने ATP = 4 ATP; खर्च हुए ATP = 2 ATP शुद्ध प्रत्यक्ष लाभ (Net Direct Gain) = 2 ATP + 2 NADH (यदि दोनों NADH भी ETC में जाएँ तो कुल)!
लिंक अभिक्रिया / संयोजी अभिक्रिया (Link / Gateway Reaction — माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में):
• कोशिकाद्रव्य में बना पाइरूवेट (3C) माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में प्रवेश करता है, जहाँ विशाल 'Pyruvate Dehydrogenase Complex (PDC)' एंजाइम और 5 सह-कारकों (TPP / Vitamin B1, Lipoic acid, Coenzyme-A, FAD एवं , तथा ) की उपस्थिति में पाइरूवेट का ऑक्सीकरणीय डी-कार्बोक्सिलीकरण होकर 2-कार्बन 'एसिटिल-CoA' (Acetyl-CoA) बनता है:
$$
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): किण्वन (Fermentation in Flooding): जब जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिलती, तब को पुनः प्राप्त करने के लिए पाइरूवेट (3C) पहले Pyruvate decarboxylase से एसिटैल्डिहाइड + बनाता है और फिर Alcohol dehydrogenase (Zn-युक्त) द्वारा खर्च करके एथेनॉल () में बदल जाता है—इस प्रकार अवायवीय श्वसन में केवल ग्लाइकोलाइसिस के 2 ATP ही मिलते हैं!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): सोडियम फ्लोराइड (NaF) ग्लाइकोलाइसिस के 9वें चरण के Enolase एंजाइम ( को बांधकर) को रोक देता है!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): पाश्चर प्रभाव (Pasteur Effect — Louis Pasteur): जब अवायवीय कोशिका को ऑक्सीजन () दी जाती है, तो किण्वन रुक जाता है और ग्लूकोज की खपत की दर अचानक बहुत घट जाती है (क्योंकि अब 1 ग्लूकोज से 2 के बजाय 36–38 ATP मिलने लगते हैं)—इसे 'पाश्चर प्रभाव' कहते हैं!
मुख्य बिंदु · Key Points
- Glycolysis = Cytosol, No O2 used, No CO2 released
- Pacemaker enzyme of Glycolysis = Phosphofructokinase (PFK)
- Enolase is inhibited by Fluoride
- Direct Net Gain in Glycolysis = 2 ATP (4 formed − 2 used) + 2 NADH
- Link Reaction (Pyruvate → Acetyl-CoA + CO2 + NADH) requires 5 cofactors: TPP (Vit B1), Lipoic acid, CoA, FAD & NAD+।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
बीजों को बोने से पहले खेत में अच्छा वायुसंचार होना चाहिए अन्यथा अवायवीय किण्वन से बने एथेनॉल से अंकुर मर जाते हैं।
2. Krebs Cycle (TCA Cycle), Electron Transport Chain (ETC) & Complete ATP Balance Sheet (क्रेब्स चक्र, ETC एवं 36/38 ATP बजट)
Mitochondria of All Plant Tissues
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: क्रेब्स चक्र खोजकर्ता: सर हंस क्रेब्स (Sir Hans Krebs, 1937; नोबेल पुरस्कार 1953) | स्थान: माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स।
🌱 कार्यिकीय महत्व: श्वसन की अधिकांश ऊर्जा ( एवं ) क्रेब्स चक्र में बनती है और माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली पर स्थित ETC में ATP में बदलती है।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
【A. क्रेब्स चक्र / सिट्रिक अम्ल चक्र / ट्राइकार्बोक्सिलिक अम्ल (TCA) चक्र (1 ग्लूकोज = 2 Acetyl-CoA = क्रेब्स चक्र के 2 चक्कर!)】:
1. संघनन (प्रथम चरण): Acetyl-CoA (2C) + Oxaloacetic acid (OAA, 4C — प्रथम ग्राही!)
2. समावयवीकरण: Citrate (6C) Isocitrate (6C)।
3. प्रथम डी-कार्बोक्सिलीकरण: Isocitrate (6C)
4. द्वितीय डी-कार्बोक्सिलीकरण: -Ketoglutarate (5C)
5. क्रियाधार-स्तरीय ATP/GTP निर्माण: Succinyl-CoA (4C)
6. FAD अपचयन (भीतरी झिल्ली पर): Succinate (4C) (नोट: मेलोनेट / Malonate इस एंजाइम का प्रतिस्पर्धी अवरोधक है!)
7. जलयोजन: Fumarate (4C)
8. OAA का पुनर्जनन: L-Malate (4C)
• क्रेब्स चक्र का प्रति 1 Acetyl-CoA (1 चक्कर) उत्पाद: 3 NADH + 1 FADH2 + 1 ATP (GTP) + 2 CO2
• अतः 1 ग्लूकोज (2 Acetyl-CoA = 2 चक्कर) में कुल क्रेब्स उत्पाद: 6 NADH + 2 FADH2 + 2 ATP + 4 CO2!
【B. इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (Electron Transport Chain – ETC) के 5 संकुल (Inner Mitochondrial Membrane / Cristae पर)】:
• Complex I (NADH Dehydrogenase — FMN + Fe-S): माइटोकॉन्ड्रियल से इलेक्ट्रॉन लेकर Ubiquinone (UQ) को देता है और 4 पंप करता है (अवरोधक: Rotenone एवं Amytal)।
• Complex II (Succinate Dehydrogenase — FAD + Fe-S): Succinate से बनाकर इलेक्ट्रॉन UQ को देता है (यह कोई पंप नहीं करता!)।
• Ubiquinone (UQ / Coenzyme Q): गतिशील लिपिड वाहक जो Complex I व II से इलेक्ट्रॉन लेकर Complex III को देता है।
• Complex III (Cytochrome Complex): UQ से इलेक्ट्रॉन लेकर गतिशील प्रोटीन Cytochrome c को देता है और 4 पंप करता है (अवरोधक: Antimycin A)।
• Complex IV (Cytochrome c Oxidase — इसमें Cytochrome और तथा 2 ताँबा केंद्र होते हैं!): यह अंतिम संकुल है जो इलेक्ट्रॉन को सीधे आणविक ऑक्सीजन ( — अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही!) को सौंपकर उपापचयी जल () बनाता है और 2 पंप करता है! (अवरोधक: Cyanide , Azide एवं Carbon monoxide )।
• Complex V ( ATP Synthase): अंतराझिल्ली स्थान से मैट्रिक्स में लौटने पर से ATP बनाता है (अवरोधक: Oligomycin; अनकपलर: 2,4-DNP)!
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): प्रति एवं से बनने वाले ATP:
• शास्त्रीय / पारंपरिक गणना (Classical Ratio): 1 = 3 ATP एवं 1 = 2 ATP कुल 1 ग्लूकोज से = 38 ATP (प्रोकैरियोट्स या मैलैट-एस्पार्टेट शटल में) अथवा 36 ATP (ग्लिसरॉल-3-फॉस्फेट शटल में जहाँ कोशिकाद्रव्य के 2 NADH केवल 2×2=4 ATP देते हैं)!
• आधुनिक बायोएनर्जेटिक गणना (Modern Ratio): 1 = 2.5 ATP एवं 1 = 1.5 ATP कुल 1 ग्लूकोज से = 32 या 30 ATP!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): पौधों के माइटोकॉन्ड्रिया की विशेष खूबी: पौधों में 'Alternative Oxidase (AOX)' होने के कारण सायनाइड () डालने पर भी जंतुओं की तरह पादप श्वसन पूरी तरह नहीं रुकता ('Cyanide-resistant respiration' — जिसका अवरोधक SHAM: Salicylhydroxamic acid है)!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): क्रेब्स चक्र में कोई ऑक्सीजन सीधे भाग नहीं लेती, किंतु यह केवल वायवीय स्थिति में ही चलता है क्योंकि इसे चलाने के लिए आवश्यक और केवल -निर्भर ETC से ही वापस मिलते हैं!
मुख्य बिंदु · Key Points
- Krebs cycle (Matrix): 1 Glucose (2 turns) = 6 NADH + 2 FADH2 + 2 ATP + 4 CO2
- Only 5-C acid in Krebs cycle = α-Ketoglutarate
- Only membrane-bound enzyme of Krebs cycle = Succinate dehydrogenase (Complex II)
- Final electron acceptor in ETC = Oxygen (via Complex IV Cytochrome a/a3 containing Fe & Cu)
- Total Net ATP per Glucose = 36 or 38 ATP (Modern: 30 or 32 ATP)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
आलू के कंदों को बहुत ठंडे कोल्ड स्टोरेज (<2°C) में रखने पर सायनाइड-प्रतिरोधी श्वसन और सुक्रोज संचय ('Cold-induced sweetening') बढ़ जाता है।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 16.1: 1 अणु ग्लूकोज के वायवीय श्वसन की संपूर्ण ATP बैलेंस शीट (Complete ATP Balance Sheet — Exam Goldmine!)
| श्वसन का चरण एवं स्थान | प्रत्यक्ष बने ATP (Substrate-level) | बने अपचायक अणु (NADH / FADH₂) | ETC से प्राप्त ATP (शास्त्रीय: 3 / 2) | कुल शुद्ध ATP (Classical vs Modern) |
|---|---|---|---|---|
| 1. ग्लाइकोलाइसिस (Cytosol) | 2 ATP (4 बने − 2 खर्च) | 2 NADH | 4 या 6 ATP (शटल के अनुसार) | 6 या 8 ATP (आधुनिक: 5 या 7) |
| 2. लिंक अभिक्रिया (Matrix: 2 Pyruvate → 2 Acetyl-CoA) | 0 ATP | 2 NADH (+ 2 ) | 6 ATP | 6 ATP (आधुनिक: 5) |
| 3. क्रेब्स चक्र (2 चक्कर) (Mitochondrial Matrix) | 2 ATP (या GTP) | 6 NADH + 2 FADH₂ (+ 4 ) | 22 ATP | 24 ATP (आधुनिक: 20) |
| महायोग (Grand Total per 1 Glucose) | 4 ATP (Substrate-level) | 10 NADH + 2 FADH₂ (कुल 6 ) | 32 या 34 ATP (Oxidative) | 36 या 38 ATP (आधुनिक: 30 या 32 ATP) |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. वायवीय श्वसन की ऊर्जा दक्षता (Efficiency of Aerobic Respiration %) की गणना
उदाहरण: 1 मोल ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से कुल 686 kcal (2870 kJ) मुक्त ऊर्जा निकलती है, और 1 मोल ATP के अंतिम फॉस्फेट बंध में 7.3 kcal (या 7.6 kcal) ऊर्जा संचित होती है।
• यदि 1 ग्लूकोज से 38 ATP बनते हैं, तो कुल संचित ऊर्जा = 277.4 kcal (यदि 7.6 kcal मानें तो 288.8 kcal)।
• अतः वायवीय श्वसन की दक्षता = 40.4% (या ~40–42%)! (शेष ~58–60% ऊर्जा ऊष्मा के रूप में निकल जाती है; जबकि अवायवीय किण्वन में केवल 2 ATP बनने से दक्षता मात्र 2.1% ही होती है!)
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 16: पादप श्वसन — ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र एवं इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC)]
├── 1. ग्लाइकोलाइसिस / EMP पथ (Embden, Meyerhof & Parnas — Cytosol में)
│ ├── O2 से स्वतंत्र; कोई CO2 नहीं निकलती | 1 ग्लूकोज (6C) ──► 2 पाइरूवेट (3C)
│ ├── पेसमेकर नियामक एंजाइम: Phosphofructokinase (PFK) | फ्लोराइड से रुकने वाला एंजाइम: Enolase
│ └── ऊर्जा: 2 ATP खर्च (Hexokinase व PFK पर) एवं 4 ATP प्राप्त ──► शुद्ध प्रत्यक्ष लाभ = 2 ATP + 2 NADH
├── 2. लिंक अभिक्रिया एवं क्रेब्स चक्र (Sir Hans Krebs, 1937 — Mitochondrial Matrix में)
│ ├── लिंक अभिक्रिया: 2 Pyruvate (3C) ──(PDC: 5 cofactors)──► 2 Acetyl-CoA (2C) + 2 CO2 + 2 NADH
│ ├── क्रेब्स चक्र (TCA / Citric Acid Cycle — Amphibolic pathway):
│ │ ├── प्रथम उत्पाद: Citric acid (6C) | एकमात्र 5-कार्बन अम्ल: α-Ketoglutarate (5C)
│ │ ├── एकमात्र भीतरी झिल्ली-बद्ध एंजाइम: Succinate dehydrogenase (Complex II)
│ │ └── 1 ग्लूकोज (2 चक्कर) का उत्पाद: 6 NADH + 2 FADH2 + 2 ATP (GTP) + 4 CO2
└── 3. इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC — Inner Mitochondrial Membrane / Cristae पर)
├── 5 संकुल: Complex I (NADH DH) → UQ ← Complex II (SDH) → Complex III (Cyt bc1) → Cyt c → Complex IV (Cyt a/a3 + Cu — अंतिम ग्राही O2 को देकर जल बनाता है) → Complex V (F0-F1 ATP Synthase)
├── पादप विशिष्टता: Alternative Oxidase (AOX — Cyanide-resistant respiration, अवरोधक: SHAM)
└── कुल ऊर्जा बजट (1 ग्लूकोज): 4 Substrate-level ATP + 32/34 Oxidative ATP = कुल 36 या 38 ATP (आधुनिक: 30 या 32 ATP)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[1 अणु ग्लूकोज के संपूर्ण वायवीय श्वसन का कोशिकाद्रव्य से माइटोकॉन्ड्रिया तक ऊर्जा प्रवाह आरेख]
【1. कोशिकाद्रव्य (CYTOSOL)】
ग्लूकोज (6C) ──► (2 ATP खर्च) ──► Fructose-1,6-BP ──► 2 × G3P ──► (4 ATP + 2 NADH निर्मित) ──► 2 × पाइरूवेट (3C)
│ [शुद्ध लाभ: 2 ATP + 2 NADH]
▼ (माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश)
┌─────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ 【2. माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स (MITOCHONDRIAL MATRIX)】 │
│ 2 × पाइरूवेट (3C) ──(Link Reaction: PDC)──► 2 × Acetyl-CoA (2C) + 2 CO2 ↑ + 2 NADH │
│ │ │
│ ▼ (OAA 4C के साथ जुड़ना) │
│ 【3. क्रेब्स / TCA चक्र (2 Turns)】:Citrate (6C) → α-KG (5C) → Succinyl-CoA (4C) → Malate → OAA│
│ └──► उत्पाद: 4 CO2 ↑ + 2 ATP (GTP) + 6 NADH + 2 FADH2 │
├─────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────┤
│ 【4. माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली (INNER MEMBRANE / CRISTAE — ETC & Oxidative Phosphorylation)】│
│ कुल 10 NADH (× 3 = 30 या 28 ATP) + 2 FADH2 (× 2 = 4 ATP) ──► Complex I–IV ──► ½O2 → H2O│
│ प्रोटॉन प्रवणता (PMF) ──► Complex V (F0-F1 ATP Synthase) ──► 32 या 34 ATP + 4 Substrate ATP = 36/38 ATP!│
└─────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────┘
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में श्वसन की ATP गणना के सभी आँकड़े उँगलियों पर रखें:
• अवायवीय श्वसन / किण्वन में शुद्ध लाभ = 2 ATP
• ग्लाइकोलाइसिस में प्रत्यक्ष शुद्ध लाभ = 2 ATP (+ 2 NADH से 4 या 6 ATP = कुल 6 या 8 ATP)
• लिंक अभिक्रिया (2 पाइरूवेट से) = 6 ATP (2 NADH)
• क्रेब्स चक्र के 1 चक्कर (1 Acetyl-CoA) में = 12 ATP (3 NADH = 9 + 1 FADH2 = 2 + 1 GTP = 1)
• क्रेब्स चक्र के 2 चक्कर (1 ग्लूकोज) में = 24 ATP
• 1 ग्लूकोज के पूर्ण वायवीय श्वसन में कुल शुद्ध लाभ = 36 या 38 ATP (आधुनिक अनुपात 2.5 व 1.5 से 30 या 32 ATP)! जिसमें से 4 ATP Substrate-level से और 32/34 ATP Oxidative phosphorylation से बनते हैं! - क्रेब्स चक्र के दो सबसे प्रसिद्ध प्रश्न: 1. क्रेब्स चक्र का एकमात्र 5-कार्बन (5C) मध्यवर्ती यौगिक कौन सा है? उत्तर: -कीटोग्लूटारिक अम्ल (-Ketoglutaric acid)! 2. क्रेब्स चक्र का एकमात्र एंजाइम जो मैट्रिक्स में न होकर माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली से जुड़ा होता है? उत्तर: सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज (Succinate dehydrogenase — Complex II)!
- ETC के अंत में Complex IV (Cytochrome c oxidase — Cyt ) में लोहे () के अलावा कौन सी धातु होती है? उत्तर: ताँबा / कॉपर ( — 2 कॉपर केंद्र)!
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- ग्लूकोज के ग्लाइकोलाइसिस का 'पेसमेकर एंजाइम' Phosphofructokinase (PFK) है।
- पाइरूवेट से Acetyl-CoA बनने की लिंक अभिक्रिया में 5 सह-कारक (TPP, Lipoic acid, CoA, FAD, NAD+) लगते हैं।
- सर हंस क्रेब्स को सिट्रिक अम्ल चक्र (1937) की खोज के लिए सन् 1953 में नोबेल पुरस्कार मिला।
- इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC) में इलेक्ट्रॉनों का अंतिम ग्राही 'आणविक ऑक्सीजन' () है जो जल बनाती है।
- पौधों में सायनाइड-प्रतिरोधी श्वसन (Cyanide-resistant respiration) 'Alternative Oxidase (AOX)' एंजाइम के कारण होता है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. ग्लाइकोलाइसिस (EMP Pathway) पादप कोशिका के किस भाग में संपन्न होता है और इसमें 1 अणु ग्लूकोज से प्रत्यक्ष रूप से (Substrate-level पर) कितने शुद्ध ATP और NADH बनते हैं?
- (A) माइटोकॉन्ड्रिया में; 38 ATP
- (B) कोशिकाद्रव्य (Cytosol) में; शुद्ध प्रत्यक्ष लाभ = 2 ATP (4 बने − 2 खर्च) एवं 2 NADH
- (C) हरितलवक में; 18 ATP
- (D) परऑक्सीसोम में; 0 ATP
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — ग्लाइकोलाइसिस कोशिकाद्रव्य में होता है जिसमें 2 ATP खर्च होते हैं और 4 ATP व 2 NADH बनते हैं, अतः शुद्ध प्रत्यक्ष लाभ 2 ATP + 2 NADH है।
2. ग्लाइकोलाइसिस की दर को नियंत्रित करने वाला सबसे प्रमुख नियामक / 'पेसमेकर एंजाइम' (Pacemaker / Rate-limiting enzyme of Glycolysis) कौन सा है?
- (A) इनोलेज
- (B) फॉस्फोफ्रक्टोकाइनेज (Phosphofructokinase – PFK)
- (C) फ्यूमरेज
- (D) एकोनिटेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — PFK एंजाइम फ्रक्टोज-6-फॉस्फेट को फ्रक्टोज-1,6-बिसफॉस्फेट में बदलता है और यह उच्च ATP व सिट्रेट द्वारा एलोस्टेरिक रूप से संदमित होता है।
3. क्रेब्स चक्र (Citric Acid Cycle / TCA Cycle) का एकमात्र '5-कार्बन (5C) युक्त मध्यवर्ती अम्ल' कौन सा है?
- (A) सिट्रिक अम्ल (6C)
- (B) अल्फा-कीटोग्लूटारिक अम्ल (α-Ketoglutaric acid — 5-Carbon)
- (C) सक्सिनिक अम्ल (4C)
- (D) ऑक्जेलोएसीटिक अम्ल (4C)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — आइसोसिट्रेट (6C) से 1 CO2 निकलने पर 5-कार्बन वाला 'α-Ketoglutaric acid' बनता है जो क्रेब्स चक्र का एकमात्र 5C यौगिक है।
4. क्रेब्स चक्र के सभी एंजाइम माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में घुलनशील रूप में पाए जाते हैं, सिवाय एक एंजाइम के जो माइटोकॉन्ड्रिया की 'भीतरी झिल्ली' (Inner membrane) से जुड़ा होता है—वह एंजाइम कौन सा है?
- (A) सिट्रेट सिंथेज
- (B) सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज (Succinate dehydrogenase — जो ETC का Complex II भी है!)
- (C) मैलैट डिहाइड्रोजिनेज
- (D) आइसोसिट्रेट डिहाइड्रोजिनेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — FAD-युक्त 'Succinate dehydrogenase' एकमात्र क्रेब्स एंजाइम है जो माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली में Complex II के रूप में धँसा रहता है।
5. माइटोकॉन्ड्रिया की इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC) के अंत में 'अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही' (Terminal Electron Acceptor) कौन होता है और उससे इलेक्ट्रॉन पहुँचाने वाले Complex IV (Cytochrome c oxidase) में कौन सी दो धातुएँ होती हैं?
- (A) NADP⁺; मैग्नीशियम एवं जिंक
- (B) आणविक ऑक्सीजन (O2 — जो H2O बनाती है); तथा Complex IV (Cyt a/a3) में लोहा (Fe) एवं ताँबा (Copper – Cu) दोनों होते हैं
- (C) CO2; केवल कैल्शियम
- (D) पाइरूवेट; कोबाल्ट
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — ETC में अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही ऑक्सीजन (O2) है; Complex IV (Cytochrome a एवं a3) में 2 हीम लौह (Fe) और 2 ताँबा (CuA, CuB) केंद्र होते हैं।
6. शास्त्रीय गणना के अनुसार 1 अणु ग्लूकोज के पूर्ण वायवीय श्वसन से कुल कितने शुद्ध ATP अणु प्राप्त होते हैं, और उनमें से कितने 'क्रियाधार-स्तरीय फॉस्फोराइलेशन' (Substrate-level phosphorylation) से बनते हैं?
- (A) कुल 36 या 38 ATP; जिनमें से 4 ATP (2 ग्लाइकोलाइसिस + 2 क्रेब्स चक्र) Substrate-level से बनते हैं
- (B) कुल 2 ATP; सभी ETC से
- (C) कुल 18 ATP; जिनमें से 10 Substrate-level से
- (D) कुल 100 ATP
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — 1 ग्लूकोज से कुल 36 या 38 ATP (आधुनिक मान: 30 या 32 ATP) मिलते हैं, जिनमें से 4 ATP सीधे Substrate-level से और 32/34 ATP ETC से बनते हैं।
7. क्रेब्स चक्र को 'उभयचर पथ' (Amphibolic Pathway) क्यों कहा जाता है?
- (A) क्योंकि यह केवल मेंढक में होता है
- (B) क्योंकि यह ऊर्जा उत्पादन के लिए अपचय (Catabolism) और अमीनो अम्ल व पोरफाइरिन संश्लेषण के लिए उपचय (Anabolism) दोनों में कार्य करता है
- (C) क्योंकि यह जल और थल दोनों में होता है
- (D) क्योंकि इसमें कोई एंजाइम नहीं लगता
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — क्रेब्स चक्र विखंडन (Catabolic) कर ऊर्जा भी देता है और α-KG, OAA व Succinyl-CoA से जैव-अणुओं का निर्माण (Anabolic) भी करता है।
8. उच्च पादपों के माइटोकॉन्ड्रिया में सायनाइड (KCN) की उपस्थिति में भी श्वसन पूरी तरह नहीं रुकता—यह 'सायनाइड-प्रतिरोधी श्वसन' (Cyanide-resistant respiration) किस विशिष्ट एंजाइम के कारण होता है?
- (A) रुबिस्को
- (B) वैकल्पिक ऑक्सीडेज (Alternative Oxidase – AOX — जो यूबिक्विनोन से सीधे O2 को इलेक्ट्रॉन देकर ऊष्मा पैदा करता है)
- (C) हेक्सोकाइनेज
- (D) इनोलेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — पौधों की भीतरी माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली में 'Alternative Oxidase (AOX)' होता है जो सायनाइड से अप्रभावित रहता है (इसे SHAM रोकता है)।
9. जब किसी अवायवीय रूप से किण्वन कर रही कोशिका को ऑक्सीजन (O2) उपलब्ध कराई जाती है, तो एल्कोहल बनना रुक जाता है और ग्लूकोज की खपत अचानक बहुत कम हो जाती है—इस घटना को क्या कहते हैं?
- (A) वारबर्ग प्रभाव
- (B) पाश्चर प्रभाव (Pasteur Effect — Louis Pasteur)
- (C) इमर्सन प्रभाव
- (D) विएट्स प्रभाव
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — ऑक्सीजन की उपस्थिति में किण्वन का संदमन होना और ग्लूकोज खपत घटना 'Pasteur Effect' कहलाता है।
10. पाइरूवेट से एसिटिल-CoA (Acetyl-CoA) बनने की 'लिंक अभिक्रिया' में कार्य करने वाले पाइरूवेट डिहाइड्रोजिनेज संकुल (PDC) को किन 5 सह-कारकों (Cofactors) की आवश्यकता होती है?
- (A) केवल पानी और नमक की
- (B) TPP (विटामिन B1), लिपोइक अम्ल, कोएंजाइम-A (CoA), FAD एवं NAD⁺ (तथा Mg²⁺)
- (C) केवल ATP और ADP की
- (D) विटामिन C और विटामिन D की
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — PDC संकुल को 5 सह-एंजाइमों—Thiamine pyrophosphate (TPP), Lipoic acid, CoA-SH, FAD और NAD⁺—की आवश्यकता होती है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. क्रेब्स चक्र के केवल 1 चक्कर (अर्थात् 1 अणु Acetyl-CoA के ऑक्सीकरण) से कुल कितने ATP प्राप्त होते हैं?
12 ATP (3 NADH × 3 = 9 ATP + 1 FADH2 × 2 = 2 ATP + 1 GTP = 1 ATP; आधुनिक गणना से 10 ATP)।
2. ग्लाइकोलाइसिस के 9वें चरण के 'Enolase' एंजाइम को कौन सा रासायनिक विष अवरुद्ध कर देता है?
फ्लोराइड (Sodium fluoride – NaF, जो Mg²⁺ को बांध लेता है)।
3. कोशिका की 'ऊर्जा मुद्रा' (Energy Currency of the Cell) किसे कहते हैं और इसकी खोज किसने की थी?
ATP (Adenosine Triphosphate) को; इसकी खोज लोहमैन (1929) ने की और ऊर्जा चक्र लिपमैन (Fritz Lipmann, 1941) ने बताया।
4. सायनाइड-प्रतिरोधी वैकल्पिक ऑक्सीडेज (AOX) पथ को कौन सा विशिष्ट अवरोधक रोकता है?
शैम (SHAM — Salicylhydroxamic acid)।
5. जब लंबे समय तक भुखमरी में पौधा कार्बोहाइड्रेट खत्म होने पर अपने प्रोटीन का श्वसन करने लगता है, तो उसे क्या कहते हैं?
जीवद्रव्यी श्वसन (Protoplasmic respiration — Blackman, 1954)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. वायवीय श्वसन (Aerobic Respiration) और अवायवीय श्वसन / किण्वन (Anaerobic Respiration) में चार मुख्य अंतर लिखिए।
1. वायवीय श्वसन O2 की उपस्थिति में होता है, जबकि अवायवीय श्वसन O2 की अनुपस्थिति में होता है। 2. वायवीय श्वसन में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होकर CO2 और H2O बनते हैं, जबकि अवायवीय में अपूर्ण विखंडन होकर एथिल अल्कोहल (या लैक्टिक अम्ल) और CO2 बनते हैं। 3. वायवीय श्वसन में 1 ग्लूकोज से 36 या 38 ATP (686 kcal) बनते हैं, जबकि अवायवीय में मात्र 2 ATP बनते हैं। 4. वायवीय श्वसन कोशिकाद्रव्य व माइटोकॉन्ड्रिया दोनों में होता है, जबकि अवायवीय केवल कोशिकाद्रव्य में होता है।
2. ग्लाइकोलाइसिस (EMP Pathway) के ऊर्जा निवेश और ऊर्जा प्राप्ति चरणों का सारांश लिखिए।
कोशिकाद्रव्य में चलने वाले 10-चरणीय ग्लाइकोलाइसिस में पहले 1 ग्लूकोज को सक्रिय करने में 2 ATP खर्च होते हैं (चरण 1 Hexokinase पर 1 ATP और चरण 3 PFK पर 1 ATP)। इसके बाद फ्रक्टोज-1,6-बिसफॉस्फेट टूटकर 2 अणु G3P बनाता है। ऊर्जा प्राप्ति प्रावस्था में 2 NADH बनते हैं और दो जगह (चरण 7 व चरण 10 पर) 2 + 2 = 4 ATP बनते हैं। अतः शुद्ध प्रत्यक्ष लाभ 4 − 2 = 2 ATP और 2 NADH होता है।
3. क्रेब्स चक्र को 'सिट्रिक अम्ल चक्र' और 'उभयचर पथ' (Amphibolic Pathway) क्यों कहा जाता है?
क्रेब्स चक्र में Acetyl-CoA (2C) और OAA (4C) के जुड़ने से बनने वाला प्रथम स्थिर उत्पाद 3 कार्बोक्सिल समूहों (-COOH) वाला 6-कार्बन 'सिट्रिक अम्ल' है, इसलिए इसे सिट्रिक अम्ल चक्र या TCA चक्र कहते हैं। इसे 'उभयचर पथ' (Amphibolic) इसलिए कहते हैं क्योंकि यह ग्लूकोज का विखंडन (Catabolism) कर ऊर्जा भी बनाता है और इसके मध्यवर्ती—α-कीटोग्लूटारेट व OAA (अमीनो अम्ल हेतु) तथा सक्सिनिल-CoA (क्लोरोफिल/साइटोक्रोम हेतु)—संश्लेषण (Anabolism) भी करते हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया की इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC) के पाँचों संकुलों (Complex I से V) के नाम और कार्य लिखिए।
भीतरी माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली पर स्थित 5 संकुल हैं: 1. Complex I (NADH dehydrogenase): NADH से इलेक्ट्रॉन लेकर UQ को देता है व 4H⁺ पंप करता है। 2. Complex II (Succinate dehydrogenase): FADH2 से इलेक्ट्रॉन UQ को देता है (कोई H⁺ पंप नहीं)। 3. Complex III (Cytochrome bc1): UQ से इलेक्ट्रॉन Cytochrome c को देता है व 4H⁺ पंप करता है। 4. Complex IV (Cytochrome c oxidase – Cyt a/a3 + Cu): इलेक्ट्रॉन O2 को देकर जल बनाता है व 2H⁺ पंप करता है। 5. Complex V (F0-F1 ATP Synthase): प्रोटॉन प्रवणता से ATP बनाता है।
5. पौधों में 'सायनाइड-प्रतिरोधी श्वसन' (Cyanide-Resistant / AOX Respiration) क्या है और इसके क्या कार्य हैं?
उच्च पादपों के माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली में सामान्य साइटोक्रोम पथ के अलावा एक 'Alternative Oxidase (AOX)' एंजाइम होता है जो सायनाइड (CN⁻) से बाधित नहीं होता। यह यूबिक्विनोन (UQ) से इलेक्ट्रॉन लेकर Complex III और IV को बाईपास कर सीधे O2 को दे देता है। इसमें Complex I के अलावा ATP न बनकर ऊर्जा 'ऊष्मा' (Heat) के रूप में निकलती है, जो ठंड के तनाव से रक्षा करती है और अरम लिली (Arum) के फूलों को गर्म कर परागण करने वाले कीटों को बुलाती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. ग्लाइकोलाइसिस (EMP Pathway) के सभी 10 रासायनिक चरणों, संबंधित एंजाइमों, सह-कारकों, नियामक तंत्र और ऊर्जा बजट का सविस्तर वर्णन कीजिए।
एम्बडेन, मेयरहॉफ व पार्नस की खोज, कोशिकाद्रव्यीय स्थान, चरण 1 से 5 (ऊर्जा निवेश: Hexokinase व PFK द्वारा 2 ATP खर्च व Aldolase विदलन) और चरण 6 से 10 (ऊर्जा प्राप्ति: 2 NADH व 4 ATP निर्माण तथा पाइरूवेट निर्माण) की सभी रासायनिक अभिक्रियाएँ, PFK का एलोस्टेरिक नियमन और शुद्ध ऊर्जा गणना का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
2. पाइरूवेट की लिंक अभिक्रिया और क्रेब्स चक्र (TCA / Citric Acid Cycle) के सभी चरणों का चक्र आरेख सहित वर्णन कीजिए तथा 1 अणु ग्लूकोज के वायवीय श्वसन से 36/38 ATP बनने की पूरी बैलेंस शीट प्रस्तुत कीजिए।
PDC संकुल व 5 सह-कारकों द्वारा Acetyl-CoA का निर्माण, सर हंस क्रेब्स के TCA चक्र के आठों चरणों का आरेख व एंजाइम, उभयचर (Amphibolic) प्रकृति और तालिका 16.1 के अनुसार ग्लाइकोलाइसिस, लिंक अभिक्रिया व क्रेब्स चक्र से प्राप्त 36/38 (एवं आधुनिक 30/32) ATP की संपूर्ण बैलेंस शीट लिखें।
3. माइटोकॉन्ड्रिया की इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला (ETC), ऑक्सीकरणीय फॉस्फोराइलेशन, विशिष्ट अवरोधकों और पादपों के सायनाइड-प्रतिरोधी वैकल्पिक ऑक्सीडेज (AOX) पथ तथा पेंटोज फॉस्फेट पथ (PPP) की विवेचना कीजिए।
क्रिस्टी पर स्थित Complex I से V की संरचना व प्रोटॉन पंपिंग, शटल तंत्र (मैलैट-एस्पार्टेट बनाम ग्लिसरॉल-3-फॉस्फेट), ETC अवरोधक (रोटेनोन, एंटीमाइसिन-A, सायनाइड/CO, ओलिगोमाइसिन, 2,4-DNP), पौधों का AOX पथ (SHAM संवेदनशील) और कोशिकाद्रव्यीय PPP पथ के महत्व का सविस्तर विवरण दें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- क्रेब्स चक्र के सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज एंजाइम का क्लासिक प्रतिस्पर्धी संदमक (Competitive inhibitor) 'मेलोनेट' (Malonate) है।
- 2,4-डाइनाइट्रोफिनॉल (2,4-DNP) माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली में प्रोटॉन रिसाव कराकर ETC को ATP संश्लेषण से अलग कर देता है ('Uncoupler')।
- कोशिकाद्रव्य के NADH को माइटोकॉन्ड्रिया में ले जाने में 'मैलैट-एस्पार्टेट शटल' से 3 ATP/NADH (कुल 38 ATP) और 'ग्लिसरॉल-फॉस्फेट शटल' से 2 ATP/NADH (कुल 36 ATP) मिलते हैं।
- पेंटोज फॉस्फेट पथ (PPP / HMP Shunt) के1 ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से 12 NADPH (36 ATP के बराबर) बनते हैं।
- तेल-युक्त बीजों (अरंडी, मूँगफली, सूरजमुखी) के अंकुरण के समय वसा को शर्करा में बदलने वाला 'ग्लाइऑक्सीलेट चक्र' (Kornberg & Krebs, 1957) 'ग्लाइऑक्सीसोम' कोशिकांग में चलता है!
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





