GPB 311 Lecture 11: खरीफ फसलों में संकर एवं किस्म विकास के आधुनिक नवाचारी दृष्टिकोण (उपज, अनुकूलनशीलता, तनाव सहिष्णुता एवं गुणवत्ता)

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GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
LECTURE 11 / 15 · GPB 311

खरीफ फसलों में संकर एवं किस्म विकास के आधुनिक नवाचारी दृष्टिकोण (उपज, अनुकूलनशीलता, तनाव सहिष्णुता एवं गुणवत्ता)

Modern Innovative Approaches for Development of Hybrids & Varieties in Kharif Crops

MAS/MABB, Genomic Selection, Doubled Haploids, Speed Breeding, CRISPR-Cas9, Stability Models (Eberhart & Russell)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Modern innovative approaches for development of hybrids and varieties for yield, adaptability, stability, biotic and abiotic stress tolerance and quality (physical, chemical, nutritional) of Kharif crops.
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • आणविक प्रजनन उपकरणों—MAS (Marker-Assisted Selection), MABB (Foreground, Recombinant & Background Selection), Gene Pyramiding, MARS और Genomic Selection (GS – Meuwissen et al., 2001)—को समझना।
  • प्रजनन चक्र को तेज करने वाली तकनीकों—Doubled Haploid (DH), Speed Breeding (22 घंटे प्रकाश से वर्ष में 4–6 पीढ़ियाँ – Hickey et al.) और CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग (SDN-1, SDN-2, SDN-3)—का विश्लेषण करना।
  • जीनोटाइप × पर्यावरण अंतःक्रिया (G × E Interaction), अनुकूलनशीलता एवं स्थिरता विश्लेषण (Finlay & Wilkinson, 1963; Eberhart & Russell, 1966: bi = 1.0 एवं S²di = 0; AMMI एवं GGE Biplot) की गणना सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

पारंपरिक पादप प्रजनन (Conventional Plant Breeding) में केवल बाह्य लक्षणों (Phenotype) के आधार पर चयन करने से एक नई किस्म बनाने में 10 से 12 वर्ष लग जाते हैं और पर्यावरण से प्रभावित होने वाले जटिल लक्षणों (जैसे सूखा सहिष्णुता, पोषण गुणवत्ता व उपज स्थिरता) में चयन की सटीकता कम रहती है। 21वीं सदी के 'प्रिसिजन ब्रीडिंग' (Precision Breeding / Breeding 4.0) युग में आणविक मार्करों (SNPs, SSRs), जीनोमिक चयन, डबल्ड हैप्लॉइड, स्पीड ब्रीडिंग और जीनोम एडिटिंग ने प्रजनन समय को घटाकर 3–5 वर्ष कर दिया है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

अग्रभूमि बनाम पृष्ठभूमि चयन (Foreground vs Background Selection – Hospital & Charcosset, 1997)

MABB में दाता (Donor) के लक्षित जीन/QTL से जुड़े मार्कर का चयन 'Foreground Selection' कहलाता है, जबकि आवर्ती जनक (Recurrent parent) के शेष 98–99% जीनोम को मात्र 2–3 पीढ़ियों (BC2/BC3) में वापस पाने के लिए पूरे जीनोम के मार्करों का चयन 'Background Selection' कहलाता है।

जीन पिरामिडिंग (Gene Pyramiding)

एक ही अभिजात किस्म में एक या अधिक रोगों/तनावों के विरुद्ध 2 से 4 भिन्न प्रतिरोधी जीनों को एक साथ जोड़ना (जैसे Improved Samba Mahsuri धान में BLB के विरुद्ध xa5 + xa13 + XA21 तीनों जीनों का पिरामिड), ताकि रोगजनक प्रतिरोध को न तोड़ सके।

जीनोमिक चयन (Genomic Selection – GS; Meuwissen et al., 2001)

केवल कुछ बड़े QTLs के बजाय पूरे जीनोम में फैले हजारों SNP मार्करों के आधार पर प्रत्येक पौधे के 'Genomic Estimated Breeding Value (GEBV)' की गणना कर बिना खेत में परखे ही श्रेष्ठ पौधों का चयन करना।

स्पीड ब्रीडिंग (Speed Breeding – Watson & Hickey, 2018)

नियंत्रित ग्लासहाउस कक्ष में प्रतिदिन 22 घंटे कृत्रिम LED प्रकाश और 2 घंटे अंधेरा तथा अपरिपक्व बीज कटाई का उपयोग कर 1 वर्ष में 1–2 की जगह 4 से 6 पीढ़ियाँ (Generations per year) प्राप्त करने की तकनीक।

आदर्श स्थिर किस्म (Ideal Stable Variety – Eberhart & Russell, 1966)

वह किस्म जिसकी औसत उपज उच्च हो (μi > Grand Mean), समाश्रयण गुणांक इकाई के बराबर हो (Regression coefficient bi = 1.0) और समाश्रयण से विचलन शून्य हो (Deviation from regression S²di = 0)।

वर्गीकरण · Classification

आणविक मार्करों की तीन पीढ़ियाँ (Generations of Molecular Markers)

1. प्रथम पीढ़ी (Hybridization/PCR-based Dominant): RFLP (सह-प्रभावी, Botstein 1980), RAPD (Williams 1990), AFLP (Vos 1995)।
2. द्वितीय पीढ़ी (PCR-based Co-dominant): SSR / Microsatellites (सर्वोच्च बहुरूपता, MABB में सर्वाधिक प्रयुक्त)।
3. तृतीय पीढ़ी (Sequence-based High-throughput): SNPs (Single Nucleotide Polymorphisms — जीनोम में सर्वाधिक प्रचुर एवं ऑटोमेशन व Genomic Selection हेतु सर्वोत्तम) एवं KASP markers।

Eberhart & Russell (1966) के अनुसार 'bi' मान के आधार पर किस्मों का अनुकूलन वर्गीकरण

1. bi = 1.0 (औसत संवेदनशीलता): सभी प्रकार के पर्यावरणों (Average stability across all environments) के लिए व्यापक रूप से अनुकूलित (जब S²di = 0 और उच्च उपज हो)।
2. bi > 1.0 (उच्च संवेदनशीलता / Below-average stability): केवल उच्च निवेश वाले उत्तम/अनुकूल पर्यावरणों (Favorable rich environments — अधिक उर्वरक व सिंचाई) के लिए विशेष रूप से अनुकूलित।
3. bi < 1.0 (कम संवेदनशीलता / Above-average stability): खराब, सूखाग्रस्त व कम निवेश वाले प्रतिकूल पर्यावरणों (Poor / Stress / Unfavorable environments) के लिए अनुकूलित।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • लिंकेज ड्रैग (Linkage Drag) का उन्मूलन — Recombinant Selection: जब जंगली प्रजाति (जैसे Oryza nivara या Solanum torvum) से कोई प्रतिरोधी जीन स्थानांतरित किया जाता है, तो उस जीन के दोनों तरफ जुड़े जंगली प्रजाति के अवांछनीय जीन (जो उपज या गुणवत्ता गिराते हैं) भी साथ चले आते हैं जिसे 'Linkage Drag' कहते हैं। लक्षित जीन के ठीक दोनों किनारों के फ्लैंकिंग मार्करों से 'Recombinant Selection' करके इस लिंकेज ड्रैग को काटा जाता है।
  • CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग (Doudna & Charpentier — 2020 Nobel Prize) और भारत का SDN-1/SDN-2 विनियमन (2022): Site-Directed Nuclease (SDN) के तीन प्रकार हैं—SDN-1 (बिना किसी बाहरी टेम्पलेट के लक्षित जीन को नॉकआउट/साइलेंस करना) और SDN-2 (छोटा बिंदु परिवर्तन करना) में कोई विदेशी डीएनए (No foreign transgene) नहीं जुड़ता; इसलिए भारत सरकार ने 2022 में SDN-1 और SDN-2 फसलों को GM (Bollgard जैसा) नियमों से छूट दे दी है, जबकि SDN-3 (पूरा बाहरी जीन जोड़ना) को GM माना जाता है।

फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics

1. Molecular Breeding: MAS, MABB, Gene Pyramiding, MARS & Genomic Selection
All Kharif Crops (Rice, Maize, Pearl Millet, Soybean, Groundnut, Pulse Crops) · विशिष्ट जानकारी: प्रमुख तकनीकें: MABB (Marker-Assisted Backcross Breeding), Gene Pyramiding, MARS (Marker-Assisted Recurrent Selection) एवं GS (Genomic Selection)।

महत्व: पारंपरिक प्रतीप संकरण (Backcrossing) में आवर्ती जनक का 99% जीनोम वापस पाने में 6 से 7 पीढ़ियाँ (BC6) लगती हैं, जबकि MABB (Background selection) द्वारा मात्र 2 से 3 पीढ़ियों (BC2 या BC3) में ही 98–99% जीनोम रिकवर हो जाता है!

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • 1. MABB के तीन स्तंभ: (a) Foreground Selection (लक्षित जीन/QTL के टाइटली लिंक्ड या जीन-आधारित मार्कर से उपस्थिति की जाँच), (b) Recombinant Selection (लक्षित जीन के ठीक दोनों ओर 1–2 cM पर स्थित फ्लैंकिंग मार्करों से Linkage drag हटाना), और (c) Background Selection (पूरे जीनोम में फैले 100–200 SSR/SNP मार्करों से Recurrent parent genome recovery – RPG की जाँच)।
  • 2. खरीफ फसलों में MABB एवं Gene Pyramiding के भारतीय उदाहरण:
    • धान: Improved Pusa Basmati-1 (xa13 + XA21), Improved Samba Mahsuri (xa5 + xa13 + XA21), Pusa Basmati 1718, Pusa Basmati 1847 (BLB + Blast प्रतिरोधी), Swarna-Sub1 (Sub1A), DRR Dhan 50 (Sub1A + सूखा QTLs)।
    • मक्का: Vivek QPM-9 (opaque-2), Pusa Vivek QPM-9 Improved (crtRB1 + o2)।
    • बाजरा: HHB 67 Improved (हरित बाली प्रतिरोधी QTL)।
    • मूँगफली: Girnar-4 एवं Girnar-5 (ahFAD2 उच्च ओलिक जीन)।
    • सोयाबीन: NRC 127 (KTI-free) एवं NRC 142 (KTI + Lox2 free)।
  • 3. बहु-जीनी (Polygenic) लक्षणों के लिए MARS एवं Genomic Selection (GS): उपज और सूखा सहिष्णुता जैसे लक्षण सैकड़ों छोटे प्रभाव वाले जीनों (Minor QTLs) से नियंत्रित होते हैं जहाँ MABB काम नहीं करता। वहाँ 'Training Population' (जिसका जीनोटाइप व फीनोटाइप दोनों ज्ञात हों) से सांख्यिकीय मॉडल बनाकर 'Breeding Population' के प्रत्येक पौधे का 'GEBV (Genomic Estimated Breeding Value)' निकाला जाता है और श्रेष्ठ पौधों का चयन किया जाता है।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • भविष्य के संकरों में माता और पिता के चुनाव हेतु 'Genomic Prediction of Hybrid Performance' का उपयोग कर बिना हजारों संकरण किए ही कंप्यूटर पर सर्वश्रेष्ठ एकल संकरों की भविष्यवाणी कर ली जाती है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

उच्च-थ्रूपुट जीनोटाइपिंग (Genotyping-by-Sequencing – GBS, SNP Chips एवं KASP assays) ने प्रति नमूना लागत को अत्यंत कम कर दिया है।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

अप्रभावी जीन (जैसे धान में xa5, xa13 या मक्का में opaque-2) को पारंपरिक प्रतीप संकरण में हर पीढ़ी के बाद स्व-परागण (Selfing) करके पहचानना पड़ता था, किंतु सह-प्रभावी (Co-dominant) आणविक मार्कर विषमयुग्मजी (Heterozygous – Xa13xa13) अवस्था में ही उसे पहचान लेते हैं जिससे समय आधा रह जाता है!

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

सटीक फीनोटाइपिंग हेतु 'High-Throughput Phenotyping (HTP)' — ड्रोन, थर्मल इमेजिंग, NDVI सेंसर और ऑटोमेटेड लेम्नाटेक प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है।

Exam Key: MABB के 3 चरण: Foreground (Target gene), Recombinant (Linkage drag removal) & Background (RPG recovery in BC2/BC3) + Gene Pyramiding (xa5+xa13+XA21) + Genomic Selection (Meuwissen 2001 – GEBV for polygenic traits)।
2. Doubled Haploids (DH), Speed Breeding, CMS/TGMS/EGMS & CRISPR-Cas9 Genome Editing
Kharif Cereals, Pulses, Oilseeds & Vegetables · विशिष्ट जानकारी: प्रमुख नवाचार: 1. Doubled Haploid (DH), 2. Speed Breeding, 3. Barnase-Barstar Transgenic Male Sterility, 4. CRISPR-Cas9 Editing।

महत्व: पारंपरिक प्रजनन में F2 से F7 तक 99% समयुग्मजीता (Homozygosity) पाने में 6–7 वर्ष लगते हैं, जबकि Doubled Haploid (DH) तकनीक से मात्र 1 ही पीढ़ी में 100% समयुग्मजी शुद्ध वंशक्रम प्राप्त हो जाता है!

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • 1. डबल्ड हैप्लॉइड (Doubled Haploid – DH) की विधियाँ:
    • परागकोष संवर्धन (Anther / Microspore Culture — Guha & Maheshwari, 1964 ने धतूरा में खोजा): धान (विशेषकर Japonica व Indica×Japonica) में परागकोष संवर्धन से अगुणित पौधे बनाकर कोलचीसिन (0.05–0.1%) से गुणसूत्र दोगुने किए जाते हैं (जैसे धान की 'सप्तगिरि' व 'फाल्गुना' व्युत्पन्न किस्में)।
    • मक्का में 'In-vivo Maternal Haploid Induction': मादा संकर का परागण 'Stock-6' व्युत्पन्न Inducer line (जिसमें 'mtl/zmpla1' व 'zmdmp' जीन उत्परिवर्तन और 'R1-nj Navajo' बैंगनी मार्कर होता है) से कराने पर 8–12% अगुणित बीज मिलते हैं जिन्हें कोलचीसिन से दोगुना कर तुरंत शुद्ध इनब्रेड लाइन बना ली जाती है!
  • 2. स्पीड ब्रीडिंग (Speed Breeding): ग्लासहाउस में 22 घंटे प्रकाश (LED 400–700 nm PAR) और 2 घंटे अंधेरा रखने से चना, मटर, कैनोला व गेहूँ में 1 वर्ष में 6 पीढ़ियाँ और लघु-दिवस खरीफ फसलों (धान, सोयाबीन, अरहर, मूँगफली — सुशीला व इक्रिसैट प्रोटोकॉल) में प्रकाश-तापमान नियंत्रण से 1 वर्ष में 4 से 5 पीढ़ियाँ प्राप्त होती हैं।
  • 3. बारनेज-बारस्टार ट्रांसजेनिक नर बंध्यता (Barnase-Barstar System — Mariani et al., 1990): मृदा जीवाणु Bacillus amyloliquefaciens से प्राप्त 'Barnase' जीन (एक RNase एंजाइम जो टेपीटम-विशिष्ट प्रमोटर 'TA29' के साथ जुड़कर केवल परागकोष की टेपीटम कोशिकाओं को नष्ट कर पौधे को नर बंध्य A-line बनाता है) और 'Barstar' जीन (जो Barnase का अवरोधक/Restorer है और R-line में होता है) — इसका उपयोग संकर सरसों (DMH-11) व संकर मक्का/चावल में किया गया है।
  • 4. CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग द्वारा गुणवत्ता एवं तनाव सुधार:
    • धान में 'badh2' जीन को नॉकआउट कर बिना बासमती संकरण के किसी भी उच्च उपज वाली किस्म को सुगंधित बनाना!
    • धान में 'OsSWEET11, OsSWEET13 एवं OsSWEET14' प्रमोटरों को एडिट कर सभी प्रकार के BLB जीवाणु प्रभेदों के प्रति पूर्ण प्रतिरोध उत्पन्न करना।
    • धान में 'Gn1a' व 'DEP1' जीन एडिटिंग से दानों की संख्या बढ़ाना और 'TMS5' एडिटिंग से नई TGMS लाइनें बनाना।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • प्रजनक समीकरण (Breeder's Equation) के चारों घटकों—चयन तीव्रता (i), सटीकता (r – GS द्वारा), आनुवंशिक प्रसरण (σA) और पीढ़ी समय (L – Speed breeding द्वारा)—का एक साथ अनुकूलन ही आधुनिक प्रजनन का सार है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

RNA हस्‍तक्षेप (RNA Interference – RNAi / Host-Induced Gene Silencing): मूँगफली में अफ्लाटॉक्सिन खत्म करने और कपास के बीज में गॉसिपॉल को खत्म करते हुए पत्तियों में गॉसिपॉल बनाए रखने ('Ultra-low gossypol cottonseed' — Rathore et al., TAMU) में सफल प्रयोग।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

असंगजनन (Apomixis — बिना निषेचन के अलैंगिक बीज निर्माण, जैसे Pennisetum squamulatum व Tripsacum में) या 'Synthetic Apomixis (MiMe + BBM1 gene in Rice — Venkatesan Sundaresan, 2019)' द्वारा F1 संकर ओज को स्थायी रूप से स्थिर (Fixation of Heterosis) कर दिया गया है ताकि किसान हर साल संकर बीज खुद बचा सकें!

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

समीकरण: Genetic Gain (ΔG / year) = (i × r × σA) / L — जहाँ स्पीड ब्रीडिंग और DH चक्र की लंबाई (L = Generation time) को घटाकर आनुवंशिक लाभ को 3 गुना बढ़ा देते हैं।

Exam Key: Doubled Haploid = 1 पीढ़ी में 100% Homozygosity (Anther culture by Guha & Maheshwari 1964; Maize Stock-6 inducer with R1-nj marker) + Speed Breeding = 4–6 generations/year + Barnase (Male sterile A-line with TA29 promoter) & Barstar (Restorer R-line) + CRISPR-Cas9 (SDN-1/2 exempted in India) + Breeder's Equation: ΔG = (i·r·σA)/L।
3. Adaptability, Stability Analysis (G × E Interaction) & Physical/Chemical/Nutritional Quality Breeding
Multi-Environment Trials (MET) in Kharif Crops · विशिष्ट जानकारी: प्रमुख स्थिरता मॉडल: 1. Finlay & Wilkinson (1963), 2. Eberhart & Russell (1966 — सर्वाधिक प्रयुक्त), 3. Perkins & Jinks (1968), 4. AMMI Model एवं 5. GGE Biplot (Yan et al., 2000)।

महत्व: भारत में किसी भी नई किस्म या संकर के विमोचन (CVRC / SVRC release) से पूर्व कम से कम 3 वर्षों तक विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में उसका बहु-स्थानीय परीक्षण (Multi-Location Testing under AICRP) कर उसकी स्थिरता और अनुकूलनशीलता सिद्ध करना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • 1. अनुकूलनशीलता बनाम स्थिरता (Adaptability vs Phenotypic Stability): 'Adaptability' किसी जीनोटाइप की विभिन्न पर्यावरणों में अच्छी औसत उपज देने की आनुवंशिक क्षमता है, जबकि 'Stability' पर्यावरण बदलने पर उसके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव न होने (पूर्वानुमानित व्यवहार) का गुण है। Allard & Bradshaw (1964) ने दो प्रकार की बफरिंग बताई: (a) Individual Buffering (विषमयुग्मजी F1 संकर अपनी उच्च होमियोस्टेसिस से स्थिरता दिखाता है) और (b) Populational Buffering (बहु-वंशक्रम / Multiline या कम्पोजिट किस्म अपनी आनुवंशिक विविधता से स्थिरता दिखाती है)।
  • 2. एबरहार्ट एवं रसेल का स्थिरता मॉडल (Eberhart & Russell Model, 1966): इन्होंने स्थिरता मापने के लिए तीन प्राचल (3 Parameters) दिए:
    • (i) माध्य उपज (Mean performance, μi): यह कुल औसत से अधिक होनी चाहिए।
    • (ii) रैखिक समाश्रयण गुणांक (Linear regression coefficient, bi): यह पर्यावरण सूचकांक (Environmental index Ij) के प्रति किस्म की प्रतिक्रिया (Responsiveness) दिखाता है। आदर्श स्थिर किस्म के लिए bi = 1.0 होना चाहिए।
    • (iii) समाश्रयण से विचलन का वर्ग माध्य (Deviation from regression, S²di): यह सच्ची स्थिरता (Predictability) मापता है। आदर्श स्थिर किस्म के लिए S²di = 0 होना चाहिए!
  • 3. AMMI एवं GGE Biplot विश्लेषण: आधुनिक AICRP परीक्षणों में 'AMMI' (Additive Main effects and Multiplicative Interaction) और 'GGE Biplot' (Genotype + Genotype × Environment interaction) ग्राफ का उपयोग कर 'Which-won-where' बहुभुज से मेगा-पर्यावरणों के लिए विजेता किस्म चुनी जाती है।
  • 4. भौतिक, रासायनिक एवं पोषण गुणवत्ता प्रजनन (Quality Breeding):
    • भौतिक गुणवत्ता: धान में हेड राइस रिकवरी (>60–65%), एल/बी अनुपात (L/B > 3.0 बासमती हेतु); कपास में रेशे की लंबाई व माइक्रोनेयर; दालों में 100-दाना भार व दाल रिकवरी (>75–80%)।
    • रासायनिक एवं पाक गुणवत्ता: धान में मध्यवर्ती एमाइलोज (20–25%), जिलेटिनाइजेशन तापमान व जेल कंसिस्टेंसी; ग्वार में गम श्यानता; तंबाकू में श्मक नंबर।
    • पोषण गुणवत्ता: पोषण-रोधी तत्वों (सोयाबीन में KTI, ज्वार में HCN, कपास में गॉसिपॉल, तिल में ऑक्सैलिक अम्ल) का उन्मूलन और प्रोटीन, अमीनो अम्ल व सूक्ष्म पोषक तत्वों (Fe, Zn, Pro-Vit A) का संवर्धन।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • जोन्सन, रॉबिन्सन एवं कॉमस्टॉक (1955) के अनुसार कम वंशागतित्व वाले लक्षणों के लिए बहु-पर्यावरणीय परीक्षण अनिवार्य हैं।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

Eberhart & Russell का गणितीय समीकरण: Yij = μi + βi·Ij + δij (जहाँ Yij = j-वें पर्यावरण में i-वीं किस्म की उपज, μi = i-वीं किस्म की औसत उपज, βi = समाश्रयण गुणांक, Ij = पर्यावरण सूचकांक एवं δij = विचलन)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

Finlay & Wilkinson (1963) के मॉडल में केवल 2 प्राचल (Mean एवं bi) लिए गए थे; Eberhart & Russell (1966) ने इसमें तीसरा प्राचल 'S²di' जोड़कर इसे पूर्ण बनाया।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

G × E अंतःक्रिया तब सबसे महत्वपूर्ण होती है जब वह 'क्रॉसओवर अंतःक्रिया' (Crossover / Rank-changing interaction — जहाँ पर्यावरण A में किस्म-1 प्रथम हो और पर्यावरण B में किस्म-2 प्रथम हो जाए) प्रकार की हो।

Exam Key: Eberhart & Russell (1966) Ideal Stable Variety: High Mean (μi) + bi = 1.0 + S²di = 0 | bi > 1.0 = केवल उच्च निवेश/उत्तम पर्यावरण हेतु | bi < 1.0 = खराब/तनावग्रस्त पर्यावरण हेतु | Allard & Bradshaw (1964): Individual buffering (Hybrids) vs Populational buffering (Multilines/Composites)।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 11.1: पारंपरिक प्रतीप संकरण (Conventional Backcrossing), MABB एवं जीनोमिक चयन (Genomic Selection) की तुलना

विशेषतापारंपरिक प्रतीप संकरणमार्कर-सहायता प्राप्त प्रतीप संकरण (MABB)जीनोमिक चयन (Genomic Selection – GS)
लक्षित लक्षण (Target Traits)सरल एकल-जीनी (Monogenic) लक्षण1 से 3 मुख्य जीन या बड़े प्रभाव वाले QTLs (Oligogenic)जटिल बहु-जीनी (Polygenic) लक्षण जैसे उपज व सूखा सहिष्णुता
चयन का आधारबाह्य लक्षण (Phenotype)लक्षित जीन से जुड़े 2–3 मार्कर + 100–200 बैकग्राउंड मार्करपूरे जीनोम में फैले हजारों SNP मार्करों से गणना किया गया 'GEBV'
99% आवर्ती जीनोम रिकवरी समय6 से 7 पीढ़ियाँ (BC6 – BC7; 6–8 वर्ष)मात्र 2 से 3 पीढ़ियाँ (BC2 – BC3; 2–3 वर्ष!)प्रति चक्र तीव्र आनुवंशिक लाभ (बिना खेत परीक्षण के चयन)
लिंकेज ड्रैग (Linkage Drag)हटाना अत्यंत कठिन (10–20 cM खंड साथ आता है)Recombinant selection से 1–2 पीढ़ी में पूर्णतः हट जाता हैसंपूर्ण जीनोम के अनुकूल एलील्स का एक साथ संचयन

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. प्रजनक समीकरण (Breeder's Equation – Lush, 1937) एवं प्रतीप संकरण में आवर्ती जनक जीनोम रिकवरी सूत्र

1. आनुवंशिक लाभ प्रति वर्ष (ΔG / year) = [ i × r × σA ] / L | 2. m-वीं प्रतीप संकरण पीढ़ी (BCm) में आवर्ती जनक जीनोम प्रतिशत = [ 1 − (1/2)^(m+1) ] × 100

उदाहरण 1 (RPG Recovery without Background Selection):
• BC1 पीढ़ी (m=1) में आवर्ती जनक जीनोम = [1 − (1/2)^2] × 100 = 75.0%
• BC2 पीढ़ी (m=2) में = [1 − (1/2)^3] × 100 = 87.5%
• BC3 पीढ़ी (m=3) में = [1 − (1/2)^4] × 100 = 93.75%
• BC6 पीढ़ी (m=6) में = [1 − (1/2)^7] × 100 = 99.22% (किंतु MABB में Background selection करने पर यही >98.5% जीनोम BC2 में ही मिल जाता है!)।
उदाहरण 2 (Breeder's Equation): यदि सामान्य प्रजनन में पीढ़ी अंतराल (L) = 1.0 वर्ष है और स्पीड ब्रीडिंग से 1 वर्ष में 4 पीढ़ियाँ (L = 0.25 वर्ष) ली जाती हैं, तो समान चयन तीव्रता पर प्रति वर्ष आनुवंशिक लाभ (ΔG/year) 1 / 0.25 = 4 गुना बढ़ जाता है!

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 11: खरीफ फसलों में संकर एवं किस्म विकास के आधुनिक नवाचारी दृष्टिकोण]
├── 1. आणविक प्रजनन (Molecular Breeding)
│ ├── MABB के 3 चरण: Foreground (लक्षित जीन) + Recombinant (Linkage drag हटाना) + Background (BC2/BC3 में 99% RPG रिकवरी)
│ ├── Gene Pyramiding: एक ही किस्म में 2–4 प्रतिरोधी जीन जोड़ना (जैसे Improved Samba Mahsuri: xa5 + xa13 + XA21)
│ └── Genomic Selection (Meuwissen 2001): पूरे जीनोम के हजारों SNPs से 'GEBV' निकालकर बहु-जीनी लक्षणों (उपज/सूखा) का चयन
├── 2. तीव्र प्रजनन एवं जैव-प्रौद्योगिकी (Accelerated Breeding & Biotech)
│ ├── Doubled Haploid (DH): 1 ही पीढ़ी में 100% समयुग्मजीता (धान में Anther culture; मक्का में Stock-6 + R1-nj Inducer)
│ ├── Speed Breeding (Hickey 2018): 22 घंटे प्रकाश + नियंत्रित ताप से वर्ष में 4–6 पीढ़ियाँ (L घटने से 3–4x Genetic gain)
│ ├── Transgenic Male Sterility: Barnase (A-line नर बंध्यता) + Barstar (R-line उर्वरता बहाली)
│ └── CRISPR-Cas9 Genome Editing: SDN-1 एवं SDN-2 (भारत में 2022 से GM नियमों से मुक्त; जैसे badh2 व OsSWEET एडिटिंग)
└── 3. स्थिरता विश्लेषण एवं गुणवत्ता प्रजनन (Stability & Quality Breeding)
├── Eberhart & Russell (1966): आदर्श स्थिर किस्म = उच्च माध्य (μi) + bi = 1.0 + S²di = 0
├── bi > 1.0 (अनुकूल/समृद्ध पर्यावरण हेतु) | bi < 1.0 (प्रतिकूल/सूखाग्रस्त पर्यावरण हेतु) | AMMI & GGE Biplot
└── गुणवत्ता: भौतिक (Milling %, L/B ratio, Fibre length), रासायनिक (Amylose, Shmuck no.) व पोषण (Low KTI/HCN/Gossypol + High Fe/Zn)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[मार्कर-सहायता प्राप्त प्रतीप संकरण (MABB) द्वारा मात्र 2.5 वर्ष (BC2F2) में उन्नत किस्म का विकास]
[आवर्ती जनक: अभिजात मेगा किस्म (जैसे Swarna या Pusa Basmati-1) ♀] × [दाता जनक: प्रतिरोधी स्रोत (जैसे FR13A - Sub1A) ♂]
↓
F1 संकर × आवर्ती जनक (Swarna)
↓
【BC1F1 पीढ़ी — त्रि-स्तरीय आणविक स्क्रीनिंग】
1. Foreground Selection (Sub1A जीन-विशिष्ट मार्कर से धनात्मक पौधों का चयन)
2. Recombinant Selection (Sub1A के दोनों ओर के फ्लैंकिंग मार्करों से Linkage drag मुक्त पौधों का चयन)
3. Background Selection (150 SSR/SNP मार्करों से >85% Swarna जीनोम वाले पौधों का चयन)
↓ (चयनित श्रेष्ठ BC1F1 पौधे का पुनः Swarna से संकरण)
【BC2F1 पीढ़ी】 ───► पुनः Foreground + Recombinant + Background Selection (>97–98% Swarna जीनोम रिकवर!)
↓ (स्व-परागण / Selfing)
【BC2F2 पीढ़ी】 ───► समयुग्मजी (Sub1A/Sub1A) पौधों का चयन ───► BC2F3 बीज गुणन एवं विमोचन ('Swarna-Sub1')

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • Eberhart & Russell (1966) मॉडल के तीनों प्राचल हर प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाते हैं: आदर्श स्थिर किस्म के लिए (1) उच्च औसत उपज (High Mean), (2) bi = 1.0 और (3) S²di = 0 होना चाहिए। यदि bi > 1 है तो किस्म केवल अच्छे (Rich/Favorable) पर्यावरण के लिए उपयुक्त है, और यदि bi < 1 है तो खराब/तनावग्रस्त (Poor/Stress) पर्यावरण के लिए उपयुक्त है।
  • MABB के तीनों चयन याद रखें: लक्षित जीन चुनना = Foreground selection; लिंकेज ड्रैग हटाना = Recombinant selection; आवर्ती जनक का 99% जीनोम वापस पाना = Background selection।
  • Barnase-Barstar प्रणाली में 'Barnase' नर बंध्यता (Male sterility in A-line) पैदा करता है और 'Barstar' उर्वरता बहाल (Fertility restoration in R-line) करता है—ये दोनों जीन Bacillus amyloliquefaciens जीवाणु से लिए गए हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • Genomic Selection (Meuwissen et al., 2001): पूरे जीनोम के SNPs से 'GEBV' की गणना कर बहु-जीनी लक्षणों का चयन।
  • Speed Breeding: प्रतिदिन 22 घंटे प्रकाश रखकर 1 वर्ष में 4 से 6 पीढ़ियाँ प्राप्त करना।
  • Doubled Haploid (DH): परागकोष संवर्धन (Guha & Maheshwari, 1964) या मक्का में Stock-6 Inducer से 1 पीढ़ी में 100% शुद्ध लाइन।
  • Eberhart & Russell (1966): Yij = μi + βiIj + δij; स्थिर किस्म हेतु bi = 1.0 एवं S²di = 0।
  • CRISPR-Cas9 के SDN-1 और SDN-2 प्रकारों में कोई बाहरी विदेशी डीएनए न होने से भारत में इन्हें GM नियमों से छूट दी गई है।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. एबरहार्ट एवं रसेल (Eberhart and Russell, 1966) के स्थिरता मॉडल के अनुसार एक 'आदर्श स्थिर एवं व्यापक रूप से अनुकूलित किस्म' के प्राचल क्या होने चाहिए?

  • (A) कम औसत उपज, bi = 0, S²di = 1
  • (B) उच्च औसत उपज (High Mean), समाश्रयण गुणांक bi = 1.0 एवं विचलन S²di = 0
  • (C) उच्च औसत उपज, bi > 2.0, S²di > 1
  • (D) मध्यम उपज, bi < 0.5, S²di = 10
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Eberhart & Russell (1966) के अनुसार सभी पर्यावरणों में स्थिर किस्म के लिए उच्च माध्य उपज, bi = 1.0 और S²di = 0 होना आवश्यक है।

2. मार्कर-सहायता प्राप्त प्रतीप संकरण (MABB) में आवर्ती जनक (Recurrent parent) के 98–99% जीनोम को मात्र 2–3 पीढ़ियों में वापस पाने के लिए पूरे जीनोम के मार्करों का उपयोग क्या कहलाता है?

  • (A) अग्रभूमि चयन (Foreground Selection)
  • (B) पृष्ठभूमि चयन (Background Selection)
  • (C) पुनर्योजी चयन (Recombinant Selection)
  • (D) मास सिलेक्शन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — लक्षित जीन के चयन को Foreground selection और शेष पूरे आवर्ती जनक जीनोम की रिकवरी को Background selection कहते हैं।

3. यदि किसी किस्म का एबरहार्ट एवं रसेल समाश्रयण गुणांक 'bi > 1.0' (उदाहरण bi = 1.45) और S²di = 0 है, तो वह किस्म किस प्रकार के पर्यावरण के लिए उपयुक्त है?

  • (A) केवल उच्च निवेश वाले उत्तम/अनुकूल पर्यावरणों (Rich / Favorable environments) के लिए
  • (B) सूखाग्रस्त और कम उर्वरता वाले खराब पर्यावरणों के लिए
  • (C) सभी पर्यावरणों के लिए समान रूप से
  • (D) किसी भी पर्यावरण के लिए नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — bi > 1.0 वाली किस्में पर्यावरण सुधार और उच्च उर्वरक/सिंचाई के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती हैं, अतः वे केवल उत्तम पर्यावरणों हेतु उपयुक्त हैं।

4. बहु-जीनी लक्षणों (Polygenic traits) के सुधार हेतु पूरे जीनोम के हजारों SNP मार्करों से 'GEBV' की गणना करने की 'Genomic Selection (GS)' अवधारणा सन् 2001 में किसने दी थी?

  • (A) म्यूविसेन एवं सहयोगी (Meuwissen et al., 2001)
  • (B) बॉटस्टीन एवं सहयोगी (1980)
  • (C) एबरहार्ट एवं रसेल (1966)
  • (D) वॉटसन एवं हिकी (2018)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Meuwissen, Hayes & Goddard (2001) ने सर्वप्रथम Genomic Selection और GEBV की अवधारणा प्रतिपादित की थी।

5. परागकोष संवर्धन (Anther culture) द्वारा अगुणित पादप (Haploids) उत्पन्न करने की विश्वप्रसिद्ध खोज सन् 1964 में दिल्ली विश्वविद्यालय में किन भारतीय वैज्ञानिकों ने की थी?

  • (A) शिप्रा गुहा एवं सतीश चंद्र माहेश्वरी (Guha & Maheshwari, 1964 — Datura innoxia में)
  • (B) एम.एस. स्वामीनाथन एवं आर.डी. अय्यर
  • (C) जी.एस. खुश एवं ई.ए. सिद्दीकी
  • (D) बी.पी. पाल एवं हरभजन सिंह
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — गुहा एवं माहेश्वरी (1964) ने धतूरा (Datura innoxia) के परागकोष संवर्धन से अगुणित भ्रूण बनाकर विश्व में DH क्रांति की नींव रखी।

6. ट्रांसजेनिक संकर बीज उत्पादन की 'Barnase-Barstar' प्रणाली में 'Barnase' और 'Barstar' जीन किस जीव से प्राप्त किए गए हैं?

  • (A) Bacillus thuringiensis
  • (B) Bacillus amyloliquefaciens (मृदा जीवाणु)
  • (C) Agrobacterium tumefaciens
  • (D) Escherichia coli
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Mariani et al. (1990) ने Bacillus amyloliquefaciens जीवाणु से Barnase (नर बंध्यता कारक RNase) और Barstar (उर्वरता बहालकर्ता) प्राप्त किए।

7. दाता जनक (Donor parent) से वांछित जीन स्थानांतरित करते समय उसके पास जुड़े अवांछनीय जीनों के साथ चले आने को क्या कहते हैं और इसे MABB में कैसे हटाया जाता है?

  • (A) हेटेरोसिस — बैकग्राउंड चयन से
  • (B) लिंकेज ड्रैग (Linkage Drag) — फ्लैंकिंग मार्करों द्वारा पुनर्योजी चयन (Recombinant Selection) से
  • (C) एपिस्टेसिस — मास सिलेक्शन से
  • (D) प्लीओट्रॉपी — म्यूटेशन से
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — लक्षित जीन के दोनों ओर सटे अवांछनीय डीएनए खंड को 'Linkage Drag' कहते हैं, जिसे फ्लैंकिंग मार्करों से क्रॉसओवर चुनकर (Recombinant selection) हटाया जाता है।

8. एक ही किस्म में एक या अधिक रोगजनकों के विरुद्ध कई प्रतिरोधी जीनों (जैसे धान में xa5 + xa13 + XA21) को एक साथ एकत्रित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • (A) जीन क्लोनिंग
  • (B) जीन पिरामिडिंग (Gene Pyramiding)
  • (C) जीन साइलेंसिंग
  • (D) ट्रांसग्रेसिव सेग्रीगेशन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — एक ही आनुवंशिक पृष्ठभूमि में एकाधिक प्रतिरोधी जीनों को जोड़ने को 'Gene Pyramiding' कहते हैं।

9. मक्का में मातृ अगुणित प्रेरण (In-vivo Maternal Haploid Induction) के लिए प्रयुक्त सभी आधुनिक Inducer लाइनों की मूल पैतृक लाइन कौन सी है?

  • (A) Stock-6 (Coe, 1959 द्वारा खोजी गई लाइन)
  • (B) Tift 23A
  • (C) Tx303
  • (D) B73
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — ई.एच. कोए (Coe, 1959) द्वारा खोजी गई 'Stock-6' लाइन मक्का की सभी आधुनिक Haploid Inducer लाइनों की जननी है।

10. प्रजनक समीकरण (Breeder's Equation: ΔG = i·r·σA / L) में 'स्पीड ब्रीडिंग' (Speed Breeding) किस घटक को कम करके प्रति वर्ष आनुवंशिक लाभ को कई गुना बढ़ा देती है?

  • (A) आनुवंशिक प्रसरण (σA) को कम करके
  • (B) पीढ़ी अंतराल / चक्र समय (Generation interval 'L') को कम करके
  • (C) चयन तीव्रता (i) को कम करके
  • (D) चयन सटीकता (r) को कम करके
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — स्पीड ब्रीडिंग हर में स्थित पीढ़ी समय (L) को 1 वर्ष से घटाकर 0.20–0.25 वर्ष कर देती है, जिससे प्रति वर्ष आनुवंशिक लाभ 4 गुना बढ़ जाता है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. CRISPR-Cas9 के उन दो प्रकारों के नाम लिखिए जिनमें कोई बाहरी विदेशी डीएनए नहीं जुड़ता और जिन्हें भारत सरकार ने 2022 में GM नियमों से छूट दी है?

SDN-1 (Site-Directed Nuclease-1) एवं SDN-2।

2. मक्का के अगुणित बीज (Haploid seeds) को द्विगुणित बीज से रंग के आधार पर अलग पहचानने के लिए किस एंथोसायनिन मार्कर जीन का प्रयोग होता है?

R1-nj ('Navajo' क्राउन और भ्रूण बैंगनी मार्कर जीन) का।

3. Allard एवं Bradshaw (1964) के अनुसार एकल संकर (F1 Hybrid) और बहु-वंशक्रम (Multiline) में किस प्रकार की बफरिंग पाई जाती है?

विषमयुग्मजी F1 संकर में 'Individual Buffering' और बहु-वंशक्रम/कम्पोजिट में 'Populational Buffering' पाई जाती है।

4. आणविक मार्कर 'SSR' और 'SNP' का पूरा नाम लिखिए।

SSR: Simple Sequence Repeats (Microsatellites) और SNP: Single Nucleotide Polymorphism।

5. यदि पारंपरिक प्रतीप संकरण (Backcrossing) में बिना मार्कर के BC3 पीढ़ी उगाई जाए, तो उसमें आवर्ती जनक का औसतन कितने प्रतिशत जीनोम वापस आ जाता है?

93.75% जीनोम (सूत्र: [1 − (1/2)^4] × 100 = 15/16 × 100 = 93.75%)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. मार्कर-सहायता प्राप्त प्रतीप संकरण (MABB) के तीनों चरणों—Foreground, Recombinant और Background Selection—को समझाइए।

1. Foreground Selection: दाता जनक से स्थानांतरित किए जा रहे लक्षित जीन/QTL की उपस्थिति की जाँच जीन-विशिष्ट या निकटस्थ मार्कर से करना। 2. Recombinant Selection: लक्षित जीन के ठीक दोनों ओर स्थित फ्लैंकिंग मार्करों से अवांछनीय जंगली डीएनए (Linkage drag) को हटाना। 3. Background Selection: शेष सभी गुणसूत्रों पर फैले 100–200 मार्करों से आवर्ती जनक (Recurrent parent) के 98–99% जीनोम को BC2 या BC3 में ही वापस पाना।

2. Eberhart & Russell (1966) के स्थिरता मॉडल के तीनों प्राचलों की व्याख्या कीजिए।

इन्होंने समीकरण Yij = μi + βiIj + δij से तीन प्राचल दिए: 1. औसत उपज (μi): किस्म की सभी स्थानों पर माध्य उपज कुल औसत से अधिक होनी चाहिए। 2. समाश्रयण गुणांक (bi): यह पर्यावरण सूचकांक के प्रति प्रतिक्रिया मापता है (bi=1 औसत संवेदनशीलता, bi>1 उत्तम पर्यावरण हेतु, bi<1 खराब पर्यावरण हेतु)। 3. विचलन (S²di): यह पूर्वानुमानित स्थिरता मापता है और स्थिर किस्म के लिए शून्य (S²di = 0) होना चाहिए।

3. मार्कर-असिस्टेड सिलेक्शन (MAS) और जीनोमिक सिलेक्शन (Genomic Selection – GS) में क्या अंतर है?

MAS केवल 1 से 3 बड़े प्रभाव वाले जीनों या मुख्य QTLs (जैसे रोग प्रतिरोध या Sub1A) के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त है और इसमें केवल कुछ लिंक्ड मार्कर प्रयुक्त होते हैं। इसके विपरीत, Genomic Selection उपज और सूखा सहिष्णुता जैसे जटिल बहु-जीनी (Polygenic) लक्षणों के लिए है; इसमें पूरे जीनोम में फैले हजारों SNP मार्करों के प्रभावों को जोड़कर पौधे का 'GEBV' निकाला जाता है।

4. स्पीड ब्रीडिंग (Speed Breeding) और डबल्ड हैप्लॉइड (Doubled Haploid) तकनीक पादप प्रजनन को कैसे तेज करती हैं?

स्पीड ब्रीडिंग में नियंत्रित कक्ष में प्रतिदिन 22 घंटे प्रकाश और अनुकूल तापमान देकर पौधों में जल्दी फूल व बीज लाए जाते हैं, जिससे 1 वर्ष में 4–6 पीढ़ियाँ मिल जाती हैं। डबल्ड हैप्लॉइड (DH) तकनीक में परागकोष संवर्धन या हैप्लॉइड इंड्यूसर (Stock-6) से अगुणित भ्रूण बनाकर कोलचीसिन से उसके गुणसूत्र दोगुने कर दिए जाते हैं, जिससे 6–7 वर्ष के बजाय 1 ही पीढ़ी में 100% समयुग्मजी शुद्ध वंशक्रम मिल जाता है।

5. Barnase-Barstar ट्रांसजेनिक नर बंध्यता प्रणाली संकर बीज उत्पादन में कैसे कार्य करती है?

मादा पैतृक पंक्ति (A-line) में टेपीटम-विशिष्ट प्रमोटर (TA29) के साथ 'Barnase' जीन डाला जाता है, जो केवल परागकोष की टेपीटम कोशिकाओं में RNase बनाकर उन्हें नष्ट कर देता है जिससे पौधा 100% नर बंध्य हो जाता है। नर पैतृक पंक्ति (R-line) में 'Barstar' जीन होता है जो Barnase का अवरोधक प्रोटीन बनाता है; जब A × R का संकरण होता है तो Barstar प्रोटीन Barnase को निष्क्रिय कर F1 संकर को पूर्णतः उर्वर बना देता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. खरीफ फसलों के सुधार में आणविक प्रजनन (MAS, MABB, Gene Pyramiding, MARS एवं Genomic Selection) की कार्यप्रणाली और भारतीय कृषि में इससे विकसित प्रमुख किस्मों का सविस्तर वर्णन कीजिए।

आणविक मार्करों के प्रकार (SSR, SNP), MABB के तीनों चरण, लिंकेज ड्रैग उन्मूलन, जीन पिरामिडिंग, बहु-जीनी लक्षणों के लिए MARS व Genomic Selection (Training population व GEBV) तथा भारत में विकसित धान (Improved Pusa Basmati-1, Samba Mahsuri, Swarna-Sub1), मक्का (Vivek QPM-9), बाजरा (HHB 67 Improved), मूँगफली (Girnar 4 & 5) और सोयाबीन (NRC 127) किस्मों का वर्णन करें।

2. जीनोटाइप × पर्यावरण अंतःक्रिया (G × E Interaction), अनुकूलनशीलता (Adaptability) और स्थिरता विश्लेषण (Eberhart & Russell मॉडल, AMMI एवं GGE Biplot) की अवधारणा और प्रजनन में इसके महत्व की विवेचना कीजिए।

क्रॉसओवर बनाम नॉन-क्रॉसओवर G×E अंतःक्रिया, Allard & Bradshaw की Individual व Populational बफरिंग, Eberhart & Russell (1966) का गणितीय मॉडल, तीनों प्राचलों (Mean, bi, S²di) की व्याख्या व ग्राफ तथा आधुनिक AMMI और GGE Biplot द्वारा मेगा-पर्यावरण पहचान का सविस्तर विवरण दें।

3. पादप प्रजनन में चक्र समय घटाने और नवीन विविधता सृजन हेतु डबल्ड हैप्लॉइड (DH), स्पीड ब्रीडिंग, ट्रांसजेनिक नर बंध्यता और CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग के सिद्धांतों व अनुप्रयोगों का वर्णन कीजिए।

प्रजनक समीकरण ΔG = (i·r·σA)/L के संदर्भ में इन तकनीकों की भूमिका, परागकोष संवर्धन व Stock-6 हैप्लॉइड इंडक्शन, 22-घंटे प्रकाश प्रोटोकॉल, Barnase-Barstar एवं सिंथेटिक एपोमिक्सिस और CRISPR-Cas9 के SDN-1/SDN-2/SDN-3 प्रकारों व धान/मक्का में उनके अनुप्रयोगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • फिनले एवं विल्किंसन (Finlay & Wilkinson, 1963) के मॉडल में केवल 2 स्थिरता प्राचल (Mean व bi) थे, जिसमें Eberhart & Russell (1966) ने तीसरा प्राचल 'S²di' जोड़ा।
  • GGE Biplot पद्धति का विकास यान एवं सहयोगियों (Yan et al., 2000) द्वारा बहु-पर्यावरणीय परीक्षण के दृश्य विश्लेषण हेतु किया गया था।
  • CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग की खोज के लिए इमैनुएल शारपेंटियर और जेनिफर डाउडना को सन् 2020 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला।
  • धान में पत्तियों के कोण और जड़ों को गहरा कर सूखा सहिष्णुता देने वाला प्रमुख QTL 'DRO1' (Deeper Rooting 1) है।
  • परागकोष की टेपीटम परत में विशिष्ट रूप से अभिव्यक्त होने वाला प्रसिद्ध प्रमोटर 'TA29' तंबाकू से पृथक किया गया था।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।

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