GPB 311 Lecture 06: मूँगफली (Groundnut) और तिल (Sesame) में फसल सुधार: उत्पत्ति, पुष्प जीवविज्ञान एवं प्रजनन

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GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
LECTURE 06 / 15 · GPB 311

मूँगफली (Groundnut) और तिल (Sesame) में फसल सुधार: उत्पत्ति, पुष्प जीवविज्ञान एवं प्रजनन

Crop Improvement in Groundnut and Sesame (Til)

Groundnut / Peanut (मूँगफली – Arachis hypogaea), Sesame / Til (तिल – Sesamum indicum)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Crop improvement aspects in Groundnut and Sesame as mentioned in the syllabus such as centers of origin, distribution of species, wild relatives, floral biology, breeding objectives and procedures etc.
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • मूँगफली (Arachis hypogaea, 2n=4x=40, AABB) की दक्षिण अमेरिकी उत्पत्ति, दोनों द्विगुणित पूर्वजों (A. duranensis एवं A. ipaensis), दोनों उप-प्रजातियों (hypogaea व fastigiata) और 'भूम्यधोफलन' (Geocarpy / Pegging) को समझना।
  • मूँगफली में BARC मुंबई के उत्परिवर्तन प्रजनन (TG किस्में) और उच्च ओलिक अम्ल (>78% Oleic acid – Girnar-4 एवं Girnar-5) के प्रजनन को सीखना।
  • तिल (Sesamum indicum, 2n=26 — 'Queen of Oilseeds') की उत्पत्ति, प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स (Sesamin एवं Sesamolin), फेलोडी व कैप्सूल चटकने के विरुद्ध प्रजनन का अध्ययन करना।

प्रस्तावना · Introduction

खरीफ तिलहनी फसलों में मूँगफली (Groundnut – 'King of Oilseeds' में प्रमुख, 48–50% तेल एवं 25–28% प्रोटीन) और तिल (Sesame – 'Queen of Oilseeds', 48–52% तेल एवं भारत की सबसे प्राचीन स्वदेशी तिलहन; अंग्रेजी शब्द 'Oil' की व्युत्पत्ति भी संस्कृत के 'तिल/तैल' से हुई है) सर्वोच्च स्थान रखती हैं। पादप आकारिकी में मूँगफली का फूल हवा में (Aerial flower) खिलता व निषेचित होता है, किंतु उसका फल मिट्टी के नीचे अंधेरे में (Subterranean pod — Geocarpy) विकसित होता है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

भूम्यधोफलन एवं खूँटी/सूइयाँ बनना (Geocarpy & Pegging in Groundnut)

निषेचन के बाद अंडाशय के आधार पर स्थित अंतर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) सक्रिय होकर एक धनात्मक गुरुत्वानुवर्ती डंठल 'Peg / Gynophore' बनाता है, जो निषेचित अंडाशय को मिट्टी के 5–7 सेमी नीचे ले जाकर फली में बदलता है।

एकांतर बनाम क्रमिक शाखन (Alternate vs Sequential Branching)

मूँगफली की Virginia/Spreading उप-प्रजाति (subsp. hypogaea) में मुख्य तने पर फूल नहीं लगते और शाखाएँ एकांतर (Alternate) होती हैं व बीज में सुषुप्तावस्था होती है; जबकि Spanish/Valencia गुच्छेदार उप-प्रजाति (subsp. fastigiata) में मुख्य तने पर फूल लगते हैं, शाखाएँ क्रमिक (Sequential) होती हैं और सुषुप्तावस्था अनुपस्थित होती है।

सेसामोल एवं सेसामिन (Sesamol, Sesamin & Sesamolin)

तिल के तेल में पाए जाने वाले प्राकृतिक लिग्निन एंटीऑक्सीडेंट यौगिक, जो तेल को वर्षों तक विकृतगंधिता (Rancidity) से बचाते हैं और कीटनाशकों (Pyrethrum) के साथ सहक्रियाकारक (Synergist) का कार्य करते हैं।

उच्च ओलिक मूँगफली (High-Oleic Groundnut – ahFAD2 mutation)

मूँगफली की ऐसी बायोफोर्टिफाइड किस्में (जैसे गिरनार-4 व गिरनार-5) जिनमें सामान्य मूँगफली (45% ओलिक) की तुलना में ~80% मोनो-असंतृप्त ओलिक वसा अम्ल (Oleic acid – जैतून के तेल जैसा) और उच्च O/L अनुपात (>10:1) होता है।

वर्गीकरण · Classification

मूँगफली (Arachis hypogaea, 2n = 4x = 40, AABB) का वर्गीकरण (Krapovickas & Rigoni, 1960)

I. Subspecies hypogaea (मुख्य तने पर फूल नहीं, एकांतर शाखन, देर से पकना 130–145 दिन, बीज सुषुप्तावस्था उपस्थित): 1. var. hypogaea (Virginia Bunch & Virginia Runner) | 2. var. hirsuta (Peruvian runner)।
II. Subspecies fastigiata (मुख्य तने पर फूल उपस्थित, क्रमिक शाखन, गुच्छेदार सीधा पौधा, अगेती 95–110 दिन, सुषुप्तावस्था अनुपस्थित): 1. var. vulgaris (Spanish Bunch — छोटी 2-दाने वाली फली) | 2. var. fastigiata (Valencia — लंबी 3–4 दाने वाली बिना संकीर्णन की फली)।

मूँगफली के द्विगुणित पूर्वज एवं जंगली प्रजातियाँ (2n = 2x = 20)

Arachis hypogaea (AABB, 2n=40) की उत्पत्ति दो द्विगुणित जंगली प्रजातियों के प्राकृतिक संकरण से हुई: A-जीनोम दाता = Arachis duranensis (2n=20) × B-जीनोम दाता = Arachis ipaensis (2n=20)। अन्य जंगली प्रजातियाँ: A. cardenasii (टिक्का व रस्ट प्रतिरोधी), A. monticola (2n=40 — एकमात्र जंगली चतुर्गुणित प्रजाति), A. glabrata (बहुवर्षीय चारा मूँगफली)।

तिल (Genus Sesamum) की प्रजातियाँ

1. कृष्य तिल: Sesamum indicum (पूर्व नाम S. orientale, 2n = 2x = 26)। 2. जंगली प्रजातियाँ: S. malabaricum (2n=26 — भारत का प्रत्यक्ष जंगली पूर्वज), S. alatum (2n=26 — फेलोडी प्रतिरोधी), S. laciniatum एवं S. prostratum (2n=32), S. radiatum (2n=64 — सूखा व अंगमारी प्रतिरोधी)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • गुच्छेदार मूँगफली (Spanish Bunch) में 'कटाई से पूर्व अंकुरण' (In-situ Sprouting) की समस्या: गुच्छेदार अगेती मूँगफली (subsp. fastigiata) में बीज सुषुप्तावस्था (Seed dormancy) नहीं पाई जाती; इसलिए फसल पकते समय यदि अक्टूबर में बारिश हो जाए तो फलियाँ मिट्टी के अंदर ही उग जाती हैं (20–40% नुकसान)। प्रजनन द्वारा Virginia समूह से 15–20 दिन की ताजा बीज सुषुप्तावस्था (Fresh seed dormancy) Spanish किस्मों में स्थानांतरित की जाती है।
  • तिल में 'अस्फुटनशील कैप्सूल' (Indehiscent Capsule – 'id' gene): तिल की फलियाँ (Capsules) पकते ही चटककर खुल जाती हैं (Shattering) जिससे दाने जमीन पर गिर जाते हैं। सन् 1943 में वेनेजुएला में Langham ने अप्रभावी 'id' (indehiscent) जीन खोजा जिससे कैप्सूल नहीं चटकता, किंतु उसके साथ पत्तियों का मुड़ना व कम उपज जुड़ी थी; आधुनिक प्रजनन में अर्ध-अस्फुटनशील (Semi-indehiscent / Delayed shattering) कैप्सूल चुने जाते हैं।

फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics

1. Crop Improvement in Groundnut / Peanut (मूँगफली — Arachis hypogaea L., 2n = 4x = 40)
Groundnut (मूँगफली — पर-चतुर्गुणित / Allotetraploid AABB, 2n=40; ' गरीब का बादाम') · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति केंद्र: दक्षिण अमेरिका (बोलिविया एवं उत्तरी अर्जेंटीना के एंडीज की तलहटी — Krapovickas) | 16वीं शताब्दी में पुर्तगाली इसे भारत लाए।

महत्व: मूँगफली में कवक 'Aspergillus flavus' द्वारा संदूषण होने पर कैंसरकारी 'अफ्लाटॉक्सिन' (Aflatoxin B1) बनता है; अतः निर्यात योग्य 'HPS' (Hand Picked Selection / Confectionery) मूँगफली के लिए अफ्लाटॉक्सिन प्रतिरोध और बड़ा दाना (100-seed weight > 70–80 g) प्रमुख लक्ष्य हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • पुष्प जीवविज्ञान एवं पैगिंग (Floral Biology & Pegging): पत्ती कक्ष में पीले रंग के अवृंत जैसे दिखने वाले फूल लगते हैं (वास्तव में जो लंबा डंठल दिखता है वह फूल का वृंत न होकर लंबी नलिकाकार 'Hypanthium / Calyx tube' होती है जिसके आधार पर अंडाशय बैठा रहता है!)। इसमें 10 एकसंघी पुंकेसर (Monadelphous stamens — जिनमें 2 बंध्य/Staminodes और केवल 8 उर्वर होते हैं: 4 लंबे अंडाकार और 4 छोटे गोल परागकोष) होते हैं।
  • परागण एवं फल विकास: सुबह 5–7 बजे कली खुलने के समय या पहले ही स्व-परागण (>99% Cleistogamous) हो जाता है। निषेचन के 4–6 दिन बाद अंडाशय के आधार से बैंगनी-हरी सूई/खूँटी (Peg / Gynophore) निकलती है जो गुरुत्वाकर्षण की दिशा में बढ़कर मिट्टी में घुस जाती है और अंधेरे व यांत्रिक दबाव तथा कैल्शियम के संपर्क में आने पर क्षैतिज हो कर फली (Lomentum pod) बनाती है।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • फली विकास हेतु खूँटियाँ (Pegs) उतरते समय मृदा में 'जिप्सम' (Gypsum – CaSO4·2H2O @ 250–500 kg/ha) अवश्य दें क्योंकि मूँगफली की बढ़ती फली कैल्शियम को जड़ों से नहीं, बल्कि सीधे अपनी छिलके की सतह से अवशोषित करती है (कैल्शियम की कमी से फलियाँ खाली/'Pops' रह जाती हैं)।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

प्रजनन विधियाँ एवं ऐतिहासिक किस्में:
1. पादप पुरःस्थापन एवं शुद्ध वंशक्रम वरण: TMV-1, TMV-2 (Spanish bunch – पूरे दक्षिण भारत की मानक किस्म), Kopergaon-1, पंजाब-1 (P-1), AK 12-24।
2. संकरण / वंशावली विधि: कौशल (Kaushal – G 201), चंद्रा (Chandra), चित्रा (Chitra), अंबर, कादिरी-3 (Kadiri-3 / Robut 33-1), कादिरी-6 (K-6), कादिरी लेपाक्षी (Kadiri 1812 — रिकॉर्ड उपज क्षमता!), GG-2, GG-20 (गुजरात की सबसे प्रसिद्ध कन्फेक्शनरी किस्म), ICGS-11, ICGS-44, ICGS-76, गिरनार-1 (Girnar-1 — बहु-रोग प्रतिरोधी)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

3. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC, ट्रॉम्बे मुंबई) की 'TG' (Trombay Groundnut) उत्परिवर्तन प्रजनन क्रांति: X-किरणों, गामा किरणों और संकरण के संयुक्त प्रयोग से BARC ने देश की सबसे प्रसिद्ध बड़े दाने व उच्च तेल वाली किस्में बनाईं—TG-1 (विक्रम — भारत की प्रथम उत्परिवर्तित मूँगफली, बड़े दाने वाली), TG-3, TG-17, TGS-1 (सोमनाथ), TAG-24 (बौनी, अत्यंत उच्च हार्वेस्ट इंडेक्स >50%, ग्रीष्म एवं खरीफ दोनों हेतु सर्वश्रेष्ठ!), TG-26, TG-37A, TPG-41 (बड़े दाने वाली HPS किस्म)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

4. भारत की प्रथम बायोफोर्टिफाइड 'हाई-ओलिक' (High-Oleic ~80%) किस्में (2020 में DGR जूनागढ़ एवं ICRISAT द्वारा MABB से विमोचित): 'गिरनार-4' (Girnar-4 / ICGV 15083) एवं 'गिरनार-5' (Girnar-5 / ICGV 15090) — इनमें ahFAD2A और ahFAD2B उत्परिवर्तित जीनों द्वारा ओलिक अम्ल को 45% से बढ़ाकर 78–80% और लिनोलिक अम्ल को घटाकर 3–4% कर दिया गया है, जिससे हृदय स्वास्थ्य व तेल की शेल्फ-लाइफ 5 गुना बढ़ जाती है!

Exam Key: 2n = 4x = 40 (AABB: A. duranensis × A. ipaensis) + उत्पत्ति: बोलिविया/ब्राजील + 10 एकसंघी पुंकेसर (8 उर्वर + 2 बंध्य) + Geocarpy/Pegging + कैल्शियम की कमी से 'Pop pods' + BARC उत्परिवर्तित किस्में: TG-1 (Vikram), TAG-24, TG-37A + प्रथम High-Oleic (80%) किस्में: Girnar-4 एवं Girnar-5।
2. Crop Improvement in Sesame / Til (तिल — Sesamum indicum L., 2n = 2x = 26)
Sesame / Gingelly / Til (तिल — कुल: Pedaliaceae, 2n=26; 'Queen of Oilseeds' / तिलहनों की रानी) · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति केंद्र: अफ्रीका (प्राथमिक केंद्र) एवं भारत (द्वितीयक/सह-प्राथमिक केंद्र, जहाँ जंगली पूर्वज Sesamum malabaricum से इसका स्वदेशी कृष्यकरण हुआ — Bedigian)।

महत्व: तिल के तेल में 85% असंतृप्त वसा अम्ल (लगभग बराबर मात्रा में ~40% ओलिक अम्ल एवं ~42% लिनोलिक अम्ल) तथा 'Sesamin' और 'Sesamolin' एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण इसे 'गरीब का घी' और सबसे टिकाऊ खाद्य तेल माना जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • पुष्प जीवविज्ञान (Floral Biology): पत्ती कक्ष में अकेले या 2–3 के समूह में घंटी या नलिका के आकार के (Tubular campanulate, दो-ओष्ठीय / Bilabiate) सफेद या गुलाबी फूल नीचे की ओर झुके लगते हैं। इसमें 'दीर्घद्वि.पुंकेसरी' (Didynamous stamens: कुल 5 पुंकेसरों में से 1 छोटा बंध्य 'Staminode' होता है और 4 उर्वर होते हैं—जिनमें 2 लंबे और 2 छोटे होते हैं) अवस्था पाई जाती है। अंडाशय द्वि-अंडपी (Bicarpellary, आभासी पट से 4-कोष्ठीय या 8-कोष्ठीय) और फल एक विदारक 'कैप्सूल' (Loculicidal Capsule) होता है।
  • परागण: सुबह 4–6 बजे परागकोष फटने से सामान्यतः स्व-परागण (Self-pollinated) होता है, किंतु मधुमक्खियों द्वारा 5% से 15% (कभी-कभी 50% तक) पर-परागण हो जाता है।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • निर्यात बाजार में छिलका उतारे हुए सफेद तिल (Hulled bold white sesame) की भारी माँग के कारण कम ऑक्सैलिक अम्ल और आसानी से छिलका उतरने वाली सफेद किस्मों (RT-351, GT-2, TKG-22) को प्राथमिकता दी जाती है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

विपुंसन की अत्यंत सरल 'सोडा स्ट्रॉ विधि' (Soda-Straw Method): चूँकि तिल के चारों पुंकेसर दलपुंज नलिका से जुड़े (Epipetalous) होते हैं, इसलिए शाम 4–6 बजे बंद कली की दलपुंज नलिका (Corolla tube) को पकड़कर धीरे से खींचने मात्र से चारों पुंकेसर दलपुंज के साथ ही बाहर निकल आते हैं और नग्न वर्तिकाग्र पर कोल्ड-ड्रिंक स्ट्रॉ का टुकड़ा मोड़कर पहना दिया जाता है!

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

प्रजनन उद्देश्य: (1) कैप्सूल के चटकने का प्रतिरोध (Shattering resistance), (2) फाइटोप्लाज्मा जनित 'फेलोडी' (Phyllody – फूल का हरी पत्तियों में बदलना; प्रतिरोध स्रोत: S. alatum एवं S. malabaricum), फाइटोफ्थोरा ब्लाइट, मैक्रोफोमिना जड़ गलन व गॉल फ्लाई प्रतिरोध, (3) निर्यात हेतु बड़े चमकदार सफेद दाने (Bold white seeds with low oxalic acid in hull) एवं चतुष्कोष्ठीय/अष्टकोष्ठीय (Quadri-/Octa-locular) कैप्सूल।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

प्रमुख प्रजनन विधियाँ एवं किस्में:
1. शुद्ध वंशक्रम वरण: T-4, T-12, T-13, TC-25 (पंजाब व राजस्थान हेतु अगेती किस्म), प्रताप (C-50 — राजस्थान की प्रसिद्ध आठ-धारी/8-locular सफेद तिल किस्म!), विनायक, गुर्जरी।
2. वंशावली/संकरण किस्में: RT-46 (राजस्थान तिल-46), RT-54, RT-125, RT-127 (सूखा सहिष्णु सफेद तिल), RT-346 (चेतक), RT-351 (उच्च उपज वाली सफेद तिल), प्रगति (T-78), तरुण, शेखर, गुजरात तिल-1, 2, 3, 4 (GT-1 to GT-4), अमृता, राजेश्वरी।
3. उत्परिवर्तन किस्में: कलिका (Kalika — विनायक का EMS उत्परिवर्ती), उमा, उषा, Nirmala।
4. संकर तिल: भारत ने हेटेरोसिस का उपयोग कर कुछ संकर भी विकसित किए हैं (हाथ से विपुंसन व परागण या GMS द्वारा)।

Exam Key: 2n = 26 (Pedaliaceae कुल) + 'Queen of Oilseeds' + Sesamin & Sesamolin प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट + Didynamous पुंकेसर (4 उर्वर: 2 लंबे + 2 छोटे एवं 1 बंध्य Staminode) + Epipetalous दलपुंज खींचकर 'Soda-straw' विपुंसन + प्रताप (C-50: 8-locular) + RT-46, RT-127, RT-346 (Chetak), RT-351 + Kalika (उत्परिवर्तित)।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 6.1: मूँगफली की गुच्छेदार (Spanish/Valencia Bunch) बनाम फैलने वाली (Virginia Runner/Spreading) उप-प्रजातियों में अंतर

विशेषतागुच्छेदार प्रकार (Subsp. fastigiata: Spanish / Valencia)फैलने वाला प्रकार (Subsp. hypogaea: Virginia)
शाखन प्रतिमान (Branching)क्रमिक शाखन (Sequential branching)एकांतर शाखन (Alternate branching)
मुख्य तने पर फूलमुख्य तने (Main axis) पर फूल व खूँटियाँ लगती हैंमुख्य तने पर कभी फूल नहीं लगते (केवल पार्श्व शाखाओं पर)
पौधे की वृद्धि व पत्तियाँसीधा खड़ा गुच्छेदार (Erect bunch), हल्की हरी पत्तियाँजमीन पर फैलने वाला (Runner/Semi-spreading), गहरी हरी पत्तियाँ
पकने की अवधि (Duration)अगेती (95 – 110 दिन)पछेती (130 – 145 दिन)
बीज सुषुप्तावस्था (Seed Dormancy)अनुपस्थित (बारिश होने पर खेत में ही उगने का खतरा)उपस्थित (30 – 60 दिन की सुषुप्तावस्था)
प्रमुख उदाहरण किस्मेंTMV-2, JL-24 (फुले प्रगति), TAG-24, AK 12-24, कादिरी-6चंद्रा, चित्रा, कौशल, M-13, GG-20, ICGS-76

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. मूँगफली में 'छिलका उतारने का प्रतिशत' (Shelling Percentage) एवं 'ओलिक/लिनोलिक अनुपात' (O/L Ratio)

Shelling (%) = [ दानों का भार (Kernel weight) / सूखी फलियों का कुल भार (Pod weight) ] × 100 | O/L Ratio = (% Oleic acid) / (% Linoleic acid)

उदाहरण 1 (Shelling %): यदि 100 किलोग्राम सूखी मूँगफली की फलियों को छीलने पर 70 किलोग्राम दाने (Kernels) और 30 किलोग्राम छिलका निकलता है, तो Shelling % = (70 / 100) × 100 = 70% (उन्नत किस्मों में 68–75% होना चाहिए)।
उदाहरण 2 (O/L Ratio): सामान्य मूँगफली में Oleic = 45% व Linoleic = 35% होता है, अतः O/L अनुपात = 45/35 = 1.28। जबकि बायोफोर्टिफाइड 'Girnar-4' में Oleic = 78.5% व Linoleic = 4.0% होता है, अतः O/L अनुपात = 78.5 / 4.0 = 19.6 (जिससे तेल वर्षों तक खराब नहीं होता)।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 06: मूँगफली (Groundnut) एवं तिल (Sesame) में फसल सुधार]
├── 1. मूँगफली (Arachis hypogaea, 2n=4x=40, AABB)
│ ├── उत्पत्ति: बोलिविया/दक्षिण अमेरिका | द्विगुणित पूर्वज: A. duranensis (AA, 2n=20) × A. ipaensis (BB, 2n=20)
│ ├── 2 उप-प्रजातियाँ: subsp. hypogaea (Virginia: Alternate branching, Dormant) & subsp. fastigiata (Spanish/Valencia: Sequential, Non-dormant)
│ ├── पुष्प एवं पैगिंग: 10 Monadelphous पुंकेसर (8 उर्वर + 2 बंध्य) → निषेचन बाद Gynophore/Peg मिट्टी में घुसकर फली बनाता है (Geocarpy)
│ ├── BARC उत्परिवर्तित किस्में: TG-1 (Vikram), TAG-24 (HI >50%), TG-37A, TPG-41 | अन्य: TMV-2, JL-24, Chitra, Kaushal, Kadiri Lepakshi
│ └── High-Oleic (~80%) बायोफोर्टिफाइड किस्में (ahFAD2 mutation): Girnar-4 एवं Girnar-5 (2020)
└── 2. तिल (Sesamum indicum, 2n=26, कुल: Pedaliaceae)
├── 'Queen of Oilseeds' (48–52% तेल) | एंटीऑक्सीडेंट्स: Sesamin & Sesamolin (लंबे समय तक तेल सुरक्षित)
├── पुष्प: Didynamous पुंकेसर (4 उर्वर: 2 लंबे + 2 छोटे, 1 Staminode) | Epipetalous दलपुंज खींचकर 'Soda-straw' विपुंसन
├── प्रजनन लक्ष्य: कैप्सूल न चटकना (Indehiscent/Semi-shattering), Phyllody प्रतिरोध (S. alatum से), सफेद मोटा दाना
└── प्रमुख किस्में: Pratap (C-50: 8-locular), TC-25, RT-46, RT-127, RT-346 (Chetak), RT-351, Kalika (उत्परिवर्तित)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[मूँगफली में 'भूम्यधोफलन (Geocarpy / Pegging)' की अनूठी जैविक प्रक्रिया]
पत्ती कक्ष में सुबह 5–7 बजे पीले तितलीनुमा फूल का खिलना एवं अनुन्मील्य स्व-परागण (Cleistogamy)
↓ (निषेचन के 24 घंटे बाद फूल का मुरझाना)
अंडाशय के ठीक आधार पर स्थित 'अंतर्वेशी विभज्योतक' (Intercalary Meristem) का तेजी से विभाजन
↓ (निषेचन के 4–6 दिन बाद)
निषेचित अंडाशय को अपनी नोक (Tip) पर लिए हुए बैंगनी-हरी सूई ('Peg / Gynophore') का नीचे मिट्टी की ओर बढ़ना (Positive Geotropism)
↓ (मिट्टी में 5–7 सेमी गहराई पर प्रवेश)
अंधेरा + मिट्टी का यांत्रिक दबाव + फल की सतह द्वारा सीधे मृदा से कैल्शियम (Ca2+) का अवशोषण (जिप्सम से)
↓
सूई की लंबाई में वृद्धि रुकना और अंडाशय का क्षैतिज मुड़कर फूलना → भूमिगत जालीदार फली (Subterranean Pod) का निर्माण

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • याद रखें: मूँगफली में जो लंबा हरा डंठल फूल के नीचे दिखता है वह वृंत (Pedicel) नहीं, बल्कि खोखली 'Hypanthium (Calyx tube)' होती है और अंडाशय उसके सबसे नीचे पत्ती कक्ष में बैठा होता है!
  • मूँगफली की गुच्छेदार किस्मों (Spanish/Valencia) में मुख्य तने पर फूल लगते हैं और बीज में सुषुप्तावस्था नहीं होती; जबकि फैलने वाली किस्मों (Virginia) में मुख्य तने पर फूल नहीं लगते और सुषुप्तावस्था पाई जाती है।
  • तिल का कुल 'Pedaliaceae' (2n=26) है और तेल का लंबे समय तक खराब न होना 'Sesamol / Sesamin' एंटीऑक्सीडेंट के कारण होता है।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • मूँगफली (Arachis hypogaea, 2n=4x=40): A. duranensis (AA) × A. ipaensis (BB); फल—Lomentum (Geocarpy)।
  • BARC ट्रॉम्बे की उत्परिवर्तित मूँगफली किस्में: TG-1 (विक्रम), TAG-24, TG-26, TG-37A, TPG-41।
  • गिरनार-4 (Girnar-4) और गिरनार-5 (Girnar-5): भारत की प्रथम 80% हाई-ओलिक अम्ल युक्त मूँगफली किस्में (2020)।
  • तिल (Sesamum indicum, 2n=26): कुल—Pedaliaceae; पुंकेसर—Didynamous (2+2); विपुंसन—Soda-straw विधि।
  • तिल की प्रमुख किस्में: प्रताप (C-50 – अष्टकोष्ठीय), TC-25, RT-46, RT-127, RT-346 (चेतक), RT-351, कलिका (उत्परिवर्ती)।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. चतुर्गुणित कृष्य मूँगफली (Arachis hypogaea, 2n=4x=40, AABB) की उत्पत्ति किन दो द्विगुणित जंगली प्रजातियों (2n=20) के प्राकृतिक संकरण से हुई है?

  • (A) Arachis duranensis (A-genome) × Arachis ipaensis (B-genome)
  • (B) A. villosa × A. glabrata
  • (C) A. cardenasii × A. batizocoi
  • (D) A. pusilla × A. repens
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — जीनोम अनुक्रमण से सिद्ध हो चुका है कि A. duranensis ने A-जीनोम और A. ipaensis ने B-जीनोम प्रदान कर A. hypogaea का निर्माण किया।

2. मूँगफली में निषेचन के बाद अंडाशय के आधार से निकलने वाली वह संरचना कौन सी है जो अंडाशय को मिट्टी के अंदर ले जाकर फली बनाती है?

  • (A) पेडिसल (Pedicel)
  • (B) गाइनोफोर या खूँटी/सूई (Gynophore / Peg — Intercalary meristem)
  • (C) स्टोलोन (Stolon)
  • (D) राइजोम (Rhizome)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — निषेचन के बाद अंडाशय के नीचे का अंतर्वेशी विभज्योतक बढ़कर 'Gynophore (Peg)' बनाता है और इस क्रिया को 'Geocarpy' कहते हैं।

3. तिल के तेल (Sesame oil) में कौन से प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो तेल को वर्षों तक विकृतगंधिता (Rancidity) से सुरक्षित रखते हैं?

  • (A) गॉसिपॉल एवं रिकिनिन
  • (B) सेसामिन, सेसामोलिन एवं सेसामोल (Sesamin, Sesamolin & Sesamol)
  • (C) इरुसिक अम्ल एवं ग्लूकोसिनोलेट
  • (D) कुरकुमिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — तिल के तेल में Sesamin और Sesamolin पाए जाते हैं जिनसे बनने वाला 'Sesamol' एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है।

4. सन् 2020 में विमोचित भारत की प्रथम बायोफोर्टिफाइड 'हाई-ओलिक' (~80% Oleic acid) मूँगफली किस्में कौन सी हैं?

  • (A) गिरनार-4 एवं गिरनार-5 (Girnar-4 & Girnar-5)
  • (B) टीएमवी-2 एवं जेएल-24
  • (C) कौशल एवं चंद्रा
  • (D) टीजी-1 एवं टीजी-3
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — DGR जूनागढ़ और ICRISAT द्वारा विकसित 'गिरनार-4' और 'गिरनार-5' में ओलिक अम्ल ~80% होता है (जैतून के तेल के समकक्ष)।

5. मूँगफली की गुच्छेदार किस्मों (Spanish Bunch – subsp. fastigiata) की प्रमुख विशेषता क्या है?

  • (A) मुख्य तने पर फूल लगते हैं, क्रमिक शाखन होता है और बीज सुषुप्तावस्था अनुपस्थित होती है
  • (B) मुख्य तने पर फूल नहीं लगते और 60 दिन की सुषुप्तावस्था होती है
  • (C) पौधे जमीन पर फैलते हैं और 145 दिन में पकते हैं
  • (D) इनमें खूँटियाँ नहीं बनतीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Spanish/Valencia समूह (subsp. fastigiata) में क्रमिक शाखन, मुख्य तने पर फूल और सुषुप्तावस्था का अभाव पाया जाता है।

6. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC, मुंबई) द्वारा विकसित उच्च हार्वेस्ट इंडेक्स (>50%) वाली प्रसिद्ध बौनी मूँगफली किस्म कौन सी है?

  • (A) TAG-24 (ट्रॉम्बे अकोला ग्राउंडनट-24) एवं TG-37A
  • (B) M-13
  • (C) पंजाब-1
  • (D) कादिरी-3
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — 'TAG-24' और 'TG-1 (विक्रम)' BARC ट्रॉम्बे के उत्परिवर्तन एवं संकरण कार्यक्रम की विश्व प्रसिद्ध किस्में हैं।

7. तिल (Sesamum indicum) किस वानस्पतिक कुल से संबंधित है और इसमें गुणसूत्र संख्या कितनी होती है?

  • (A) Fabaceae, 2n = 22
  • (B) Pedaliaceae, 2n = 26
  • (C) Brassicaceae, 2n = 20
  • (D) Asteraceae, 2n = 34
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — तिल 'Pedaliaceae' कुल का सदस्य है और कृष्य तिल (S. indicum) में 2n = 2x = 26 गुणसूत्र होते हैं।

8. मूँगफली के फूल में कुल 10 एकसंघी पुंकेसर (Monadelphous stamens) होते हैं, जिनमें से कितने उर्वर (Fertile) और कितने बंध्य (Sterile) होते हैं?

  • (A) सभी 10 उर्वर होते हैं
  • (B) 8 उर्वर (4 लंबे + 4 छोटे) और 2 बंध्य (Staminodes)
  • (C) 5 उर्वर और 5 बंध्य
  • (D) 6 उर्वर और 4 बंध्य
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — मूँगफली की पुमंग नलिका में 2 पुंकेसर बंध्य तंतुओं के रूप में रह जाते हैं और केवल 8 परागकोष ही पराग बनाते हैं।

9. तिल के फूल में चारों पुंकेसर दलपुंज नलिका से जुड़े (Epipetalous) होने के कारण विपुंसन के लिए कौन सी त्वरित विधि अपनाई जाती है?

  • (A) उष्ण जल विधि
  • (B) दलपुंज खींचकर सोडा-स्ट्रॉ विधि (Corolla pull & Soda-straw method)
  • (C) निर्वात विधि
  • (D) क्लिपिंग विधि
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — तिल में बंद कली की दलपुंज नलिका को बाहर खींचने से चारों पुंकेसर साथ में निकल आते हैं और वर्तिकाग्र को सोडा-स्ट्रॉ से ढक देते हैं।

10. राजस्थान के लिए विकसित अष्ट-कोष्ठीय (8-locular capsule) सफेद तिल की प्रसिद्ध शुद्ध वंशक्रम किस्म कौन सी है?

  • (A) प्रताप (Pratap / C-50)
  • (B) कौशल
  • (C) गिरनार-1
  • (D) वरुणा
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — 'प्रताप (C-50)' कोटा (राजस्थान) से चयनित प्रसिद्ध एकल-तने और अष्ट-कोष्ठीय (आठ धारी) कैप्सूल वाली तिल किस्म है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. किस तिलहनी फसल को 'तिलहनों की रानी' (Queen of Oilseeds) कहा जाता है?

तिल (Sesame — Sesamum indicum) को।

2. मूँगफली में फली बनते समय किस पोषक तत्व की कमी से फलियाँ खाली ('Pops' / Popping in groundnut) रह जाती हैं?

कैल्शियम (Calcium – Ca) की कमी से (जिसकी पूर्ति जिप्सम से की जाती है)।

3. भारत में उत्परिवर्तन प्रजनन द्वारा विकसित प्रथम बड़े दाने वाली मूँगफली किस्म का नाम लिखिए।

TG-1 (विक्रम — BARC, ट्रॉम्बे द्वारा 1973 में विकसित)।

4. तिल में फाइटोप्लाज्मा द्वारा होने वाले 'फेलोडी' (Phyllody) रोग के प्रतिरोध का स्रोत कौन सी जंगली प्रजाति है?

Sesamum alatum एवं Sesamum malabaricum।

5. मूँगफली की किस जंगली प्रजाति का उपयोग 'टिक्का रोग' (Leaf spot) प्रतिरोधी किस्में (जैसे गिरनार-1) बनाने में किया गया है?

Arachis cardenasii (2n = 20) का।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. मूँगफली में 'भूम्यधोफलन' (Geocarpy / Pegging) की क्रियाविधि समझाइए।

मूँगफली में फूल जमीन के ऊपर पत्ती कक्ष में खिलते हैं। सुबह स्व-परागण व निषेचन के बाद फूल मुरझा जाता है और अंडाशय के आधार पर स्थित अंतर्वेशी विभज्योतक सक्रिय होकर एक नुकीला डंठल 'Peg (Gynophore)' बनाता है। यह Peg अंडाशय को अपनी नोक पर लेकर मिट्टी में 5–7 सेमी नीचे घुस जाता है जहाँ अंधेरे में फली बनती है।

2. मूँगफली की गुच्छेदार (Bunch) और फैलने वाली (Runner/Spreading) किस्मों में चार मुख्य अंतर लिखिए।

1. Bunch (subsp. fastigiata) में क्रमिक शाखन होता है और मुख्य तने पर फूल लगते हैं; जबकि Runner (subsp. hypogaea) में एकांतर शाखन होता है और मुख्य तने पर फूल नहीं लगते। 2. Bunch 95–105 दिन में पकती है जबकि Runner 130–145 दिन लेती है। 3. Bunch में बीज सुषुप्तावस्था नहीं होती जबकि Runner में 30–60 दिन की सुषुप्तावस्था होती है।

3. हाई-ओलिक मूँगफली (High-Oleic Groundnut — गिरनार-4 एवं गिरनार-5) क्या है और इसके क्या लाभ हैं?

सामान्य मूँगफली के तेल में ~45% ओलिक अम्ल और ~35% लिनोलिक अम्ल होता है। उत्परिवर्तित 'ahFAD2' जीन को MABB द्वारा स्थानांतरित कर विकसित 'गिरनार-4' और 'गिरनार-5' में ओलिक अम्ल 78–80% और लिनोलिक अम्ल मात्र 3–4% होता है। इससे हृदय रोग का जोखिम घटता है और तेल की शेल्फ-लाइफ 5–6 गुना बढ़ जाती है।

4. तिल के पुष्प जीवविज्ञान और 'सोडा-स्ट्रॉ विपुंसन विधि' का वर्णन कीजिए।

तिल के द्विलिंगी नलिकाकार फूल में 4 उर्वर 'दीर्घद्वि.पुंकेसरी' (Didynamous: 2 लंबे + 2 छोटे) पुंकेसर और 1 बंध्य Staminode होता है। चारों पुंकेसर दलपुंज नलिका से चिपके (Epipetalous) होते हैं। अतः शाम को बंद कली की दलपुंज नलिका को खींचने मात्र से सारे पुंकेसर बाहर आ जाते हैं और वर्तिकाग्र को सोडा-स्ट्रॉ से ढक दिया जाता है।

5. निर्यात योग्य कन्फेक्शनरी मूँगफली (HPS / Hand Picked Selection Groundnut) के लिए प्रजनन मानदंड क्या हैं?

1. बड़े और एकसमान दाने (100-दाना भार > 70–80 ग्राम)। 2. गुलाबी या हल्का भूरा पतला बीजचोल। 3. कम तेल (<45%), उच्च सुक्रोज (>6%) और उच्च ओलिक/लिनोलिक (O/L > 2.0) अनुपात। 4. Aspergillus flavus और अफ्लाटॉक्सिन संदूषण से पूर्णतः मुक्त होना (उदाहरण: GG-20, TPG-41, मल्लिका)।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. मूँगफली (Arachis hypogaea) की उत्पत्ति, गुणसूत्र उद्विकास, वानस्पतिक वर्गीकरण (Bunch vs Runner), पुष्प जीवविज्ञान (Pegging) और प्रजनन उपलब्धियों (TG एवं High-Oleic किस्मों सहित) का सविस्तर वर्णन कीजिए।

दक्षिण अमेरिकी उत्पत्ति, A. duranensis × A. ipaensis से AABB उद्विकास, subsp. hypogaea व subsp. fastigiata का वर्गीकरण, Hypanthium व Gynophore द्वारा Geocarpy, टिक्का व अफ्लाटॉक्सिन प्रतिरोध, BARC की TG किस्में (TG-1, TAG-24, TG-37A) और गिरनार-4 व गिरनार-5 का विस्तृत विवरण दें।

2. तिल (Sesamum indicum) की उत्पत्ति, जंगली प्रजातियों, पुष्प जीवविज्ञान, तेल की गुणवत्ता (Sesamin/Sesamolin) और प्रमुख प्रजनन उद्देश्यों व उन्नत किस्मों का वर्णन कीजिए।

अफ्रीकी-भारतीय उत्पत्ति व S. malabaricum पूर्वज, S. alatum (फेलोडी प्रतिरोध), Didynamous पुंकेसर व सोडा-स्ट्रॉ विपुंसन, कैप्सूल के चटकने (Shattering) की समस्या व 'id' जीन तथा प्रमुख किस्मों (प्रताप C-50, TC-25, RT-46, RT-127, RT-346 चेतक, RT-351, कलिका) का सविस्तर वर्णन करें।

3. खरीफ तिलहनी फसलों (मूँगफली एवं तिल) में उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding) और दूरस्थ संकरण (Wide Hybridization) की भूमिका का उदाहरणों सहित मूल्यांकन कीजिए।

BARC मुंबई में मूँगफली की TG शृंखला (TG-1 से TPG-41) और तिल में कलिका व उमा के विकास में उत्परिवर्तन की भूमिका तथा A. cardenasii (टिक्का प्रतिरोध) और S. alatum (फेलोडी प्रतिरोध) से अंतर-प्रजातीय जीन स्थानांतरण की प्रक्रिया समझाएँ।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • मूँगफली का फल वानस्पतिक रूप से एक 'लोमेंटम' (Lomentum — संकीर्णन युक्त फली) कहलाता है।
  • मूँगफली की 'JL-24' (फुले प्रगति) भारत की सबसे प्रसिद्ध शीघ्र पकने वाली (90 दिन) गुच्छेदार किस्मों में से एक है।
  • मूँगफली में कवक Aspergillus flavus द्वारा उत्पन्न 'Aflatoxin' यकृत कैंसर (Liver cancer) कारक है और निर्यात में सबसे बड़ी बाधा है।
  • तिल के फूल में पाए जाने वाले पाँचवें अवशेषी बंध्य पुंकेसर को 'Staminode' कहा जाता है।
  • अंग्रेजी शब्द 'Open Sesame' (खुल जा सिमसिम) तिल के पके कैप्सूल के छूते ही झटके से खुलने (Shattering) के गुण से ही बना है!

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।

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