GPB 311 Lecture 15: भविष्य के लिए बायोफोर्टिफाइड (जैव-प्रबलित) एवं जलवायु-सहिष्णु (Climate-Resilient) खरीफ फसल किस्में

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GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
LECTURE 15 / 15 · GPB 311

भविष्य के लिए बायोफोर्टिफाइड (जैव-प्रबलित) एवं जलवायु-सहिष्णु (Climate-Resilient) खरीफ फसल किस्में

Biofortified and Climate-Resilient Kharif Crop Varieties for the Future

Hidden Hunger, HarvestPlus & ICAR Biofortified Varieties, Drought/Submergence/Heat/Salinity Resilient Kharif Varieties

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Biofortified and climate resilient Kharif crop varieties for future.
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • सूक्ष्म-पोषक तत्व कुपोषण ('Hidden Hunger' / अदृश्य भूख) की अवधारणा, बायोफोर्टिफिकेशन (Genetic vs Agronomic Biofortification), डॉ. हॉवर्थ बौइस (HarvestPlus – 2016 World Food Prize) के योगदान और भारत सरकार के न्यूनतम पोषण मानकों को समझना।
  • ICAR द्वारा विकसित प्रमुख बायोफोर्टिफाइड खरीफ किस्मों—धान (CR Dhan 310, DRR Dhan 45/48/49, Zinco Rice), मक्का (Pusa Vivek QPM-9 Improved, HQPM-1), बाजरा (Dhanshakti, HHB 299, AHB 1200 Fe), ज्वार (Parbhani Shakti), रागी (CFMV-1 & 2), मूँगफली (Girnar-4 & 5), सोयाबीन (NRC 127/142) और भिंडी (Kashi Lalima)—को कंठस्थ करना।
  • जलवायु परिवर्तन (बाढ़, सूखा, लवणता एवं उच्च ताप) का सामना करने वाली 'Climate-Resilient / Climate-Smart' खरीफ किस्मों (Swarna-Sub1, Sahbhagi Dhan, DRR Dhan 42/44/50, CSR-30/43) और उनके जीन/QTLs का अध्ययन करना।

प्रस्तावना · Introduction

हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्न उत्पादन (Calorie security) में आत्मनिर्भर बनाया, किंतु मुख्य अनाजों में प्रोटीन, आवश्यक अमीनो अम्लों, आयरन (Fe), जिंक (Zn) और विटामिन-A की कमी के कारण देश की एक बड़ी आबादी 'अदृश्य भूख' (Hidden Hunger / Micronutrient Malnutrition) का शिकार बनी रही। दूसरी ओर, जलवायु परिवर्तन के कारण कभी अतिवृष्टि/बाढ़ तो कभी भीषण सूखा और उच्च तापमान फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इस अंतिम व्याख्यान में भविष्य की कृषि के दो सबसे बड़े स्तंभों—'बायोफोर्टिफाइड किस्मों' (Nutritional Security) और 'जलवायु-सहिष्णु किस्मों' (Climate Resilience)—का संपूर्ण एवं अद्यतन वैज्ञानिक संकलन प्रस्तुत है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

अदृश्य भूख (Hidden Hunger)

भोजन से पेट भरने के लिए पर्याप्त कैलोरी (कार्बोहाइड्रेट) मिलना, किंतु आहार में सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, जिंक, विटामिन-A, आयोडीन) और आवश्यक अमीनो अम्लों की कमी से रक्ताल्पता (Anaemia), बौनापन व रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी होना।

जैव-प्रबलीकरण (Biofortification – Dr. Howarth Bouis, HarvestPlus)

पादप प्रजनन (पारंपरिक संकरण, आणविक चयन या ट्रांसजेनिक विधि — Genetic Biofortification) के माध्यम से खाद्य फसलों के खाने योग्य भाग (दाने/फल) में जन्मजात रूप से ही विटामिन, खनिज (Fe, Zn, Ca) और प्रोटीन/वसा की जैव-उपलब्ध मात्रा बढ़ाने की प्रक्रिया।

भारत का ऐतिहासिक बायोफोर्टिफिकेशन मानक (Minimum Fe & Zn Mandate in Pearl Millet, 2018)

ICAR-AICRP on Pearl Millet ने सन् 2018 में विश्व में पहली बार यह अनिवार्य नियम लागू किया कि भारत में बाजरा की कोई भी नई किस्म या संकर तब तक विमोचित नहीं किया जाएगा जब तक उसके दानों में कम से कम '42 ppm आयरन (Fe)' और '32 ppm जिंक (Zn)' न हो!

जलवायु-सहिष्णु किस्में (Climate-Resilient / Climate-Smart Varieties)

ऐसी उन्नत फसल किस्में जिनमें बाढ़/जलमग्नता (Submergence), सूखा (Drought), उच्च तापमान (Heat stress) और मृदा लवणता (Salinity) सहन करने के विशिष्ट जीन/QTLs समाहित हों तथा जो जलवायु उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर उपज दें।

वर्गीकरण · Classification

जैव-प्रबलीकरण (Biofortification) की 3 प्रमुख विधियाँ

1. आनुवंशिक बायोफोर्टिफिकेशन (Genetic / Conventional & Molecular Breeding Biofortification): जननद्रव्य और जंगली प्रजातियों में उपस्थित प्राकृतिक विविधता व QTLs का संकरण व MABB द्वारा उपयोग (जैसे धनशक्ति बाजरा, CR Dhan 310, गिरनार-4 मूँगफली) — यह सबसे स्थायी, सुरक्षित और एक बार के निवेश वाली विधि है!
2. ट्रांसजेनिक / जीनोम-एडिटेड बायोफोर्टिफिकेशन (Transgenic Biofortification): जब फसल के जीन पूल में वह पोषक तत्व बिल्कुल न हो (जैसे चावल के भ्रूणपोष में β-carotene नहीं होता), तब अन्य जीवों से जीन जोड़ना (जैसे Golden Rice में मक्का का psy व जीवाणु का crtI जीन)।
3. सस्य बायोफोर्टिफिकेशन (Agronomic Biofortification): खड़ी फसल पर जिंक सल्फेट (0.5%) या आयरन सल्फेट का पर्ण छिड़काव करना (यह अस्थायी उपाय है जो हर फसल में दोहराना पड़ता है)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • फाइटिक अम्ल (Phytic Acid / Phytate) और सूक्ष्म-पोषक तत्वों की जैव-उपलब्धता (Bioavailability): अनाज और दलहनों के दानों में फॉस्फोरस मुख्यतः 'Phytic acid (myo-inositol 1,2,3,4,5,6-hexakisphosphate)' के रूप में संचित रहता है। यह ऋणावेशित फाइटिक अम्ल मनुष्य की आँत में धनावेशित आयरन (Fe2+) और जिंक (Zn2+) के साथ अघुलनशील लवण बना लेता है जिससे शरीर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाता! इसलिए आधुनिक बायोफोर्टिफिकेशन में दानों में Fe व Zn बढ़ाने के साथ-साथ 'Low Phytic Acid (lpa1 mutant)' प्रजनन पर विशेष बल दिया जाता है।
  • एक ही किस्म में बहु-तनाव सहिष्णुता (Multi-Stress Tolerant Varieties – 'Green Super Rice' / DRR Dhan 50): किसानों के खेतों में एक ही वर्ष में पहले बाढ़ और बाद में सूखा दोनों आ सकते हैं। इसलिए IRRI और ICAR-IIRR ने 'Sub1A' (बाढ़ सहिष्णुता QTL) और 'qDTY1.1 + qDTY2.1 + qDTY3.1' (सूखा सहिष्णुता QTLs) को एक ही धान किस्म में पिरामिड करके 'DRR Dhan 50' और 'Bahuguni Dhan-1 & 2' जैसी बहु-तनाव सहिष्णु जलवायु-स्मार्ट किस्में विकसित की हैं!

फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics

1. Biofortified Kharif Crop Varieties of India (भारत की प्रमुख जैव-प्रबलित खरीफ फसल किस्में — परीक्षा हेतु मास्टर सूची)
Rice, Maize, Pearl Millet, Sorghum, Finger Millet, Groundnut, Soybean, Cowpea, Okra & Sweet Potato · विशिष्ट जानकारी: नोडल संस्थान: ICAR (CRP on Biofortification) एवं CGIAR 'HarvestPlus' प्रोग्राम (संस्थापक: डॉ. हॉवर्थ बौइस – 2016 World Food Prize; तथा शकरकंद बायोफोर्टिफिकेशन हेतु डॉ. मारिया एंड्रेड व टीम)।

महत्व: ICAR द्वारा अब तक 140 से अधिक बायोफोर्टिफाइड किस्में जारी की जा चुकी हैं, जिनमें से खरीफ फसलों की निम्नलिखित किस्में कृषि परीक्षाओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं:

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • 1. बायोफोर्टिफाइड धान (Biofortified Rice Varieties — सामान्य चावल में प्रोटीन 7–8% और पॉलिश चावल में जिंक मात्र 12–16 ppm होता है):
    • 'CR Dhan 310' (NRRI कटक, 2016): पॉलिश किए हुए चावल में 'उच्च प्रोटीन (10.3%)' वाली देश की पहली बायोफोर्टिफाइड धान किस्म (नवीन किस्म के बैकग्राउंड में विकसित)!
    • 'CR Dhan 311 (मुकुल)': उच्च प्रोटीन (10.1%) + उच्च जिंक (20 ppm) दोनों से भरपूर!
    • 'DRR Dhan 45' (IIRR हैदराबाद, 2016): पॉलिश चावल में 'उच्च जिंक (22.6 ppm)' वाली भारत की पहली जिंक-समृद्ध धान किस्म!
    • अन्य उच्च जिंक धान किस्में: DRR Dhan 48 (24 ppm Zn), DRR Dhan 49 (25.2 ppm Zn), छत्तीसगढ़ जिंक राइस-1, जिंको राइस एमएस (Zinco Rice MS — 27.4 ppm Zn), CR Dhan 315 (24.9 ppm Zn)।
  • 2. बायोफोर्टिफाइड मक्का (Biofortified Maize Hybrids — सामान्य मक्का में लाइसिन 1.5–2%, ट्रिप्टोफैन 0.4% व प्रो-विटामिन A 1–2 ppm होता है):
    • 'Pusa Vivek QPM-9 Improved' (IARI नई दिल्ली, 2017): देश का पहला 'Multi-nutrient' बायोफोर्टिफाइड मक्का संकर जिसमें प्रो-विटामिन A (8.15 ppm) + लाइसिन (2.67%) + ट्रिप्टोफैन (0.74%) तीनों की प्रचुरता है!
    • अन्य बायोफोर्टिफाइड मक्का संकर: पूसा HM-4 इम्प्रूव्ड, पूसा HM-8 इम्प्रूव्ड, पूसा HM-9 इम्प्रूव्ड, HQPM-1, HQPM-5, HQPM-7, विवेक QPM-9 तथा मीठी मक्का में 'पूसा सुपर स्वीट कॉर्न-1'।
  • 3. बायोफोर्टिफाइड बाजरा, ज्वार एवं रागी (Biofortified Millets / श्री अन्न):
    • बाजरा (Pearl Millet — उच्च आयरन एवं जिंक): 'धनशक्ति' (Dhanshakti, 2014 — 71 ppm Fe एवं 40 ppm Zn; भारत की पहली बायोफोर्टिफाइड किस्म!), 'HHB 299' (73 ppm Fe, 41 ppm Zn), 'AHB 1200 Fe' (73 ppm Fe), 'AHB 1269 Fe' (91 ppm Fe — सर्वोच्च!), 'पूसा कम्पोजिट 701', 'RHB 233' एवं 'RHB 234'।
    • ज्वार (Sorghum): 'परभणी शक्ति' (Parbhani Shakti, 2018 — 42 ppm Fe एवं 25 ppm Zn)।
    • रागी (Finger Millet): 'CFMV-1 (इंद्रावती)' एवं 'CFMV-2' (उच्च कैल्शियम 428 mg/100g, आयरन 58 ppm व जिंक 44 ppm) तथा 'VR 929 (वेगवती)'।
  • 4. बायोफोर्टिफाइड तिलहन, दलहन एवं उद्यानिकी खरीफ किस्में:
    • मूँगफली (High-Oleic ~80%): 'गिरनार-4' (Girnar-4: 78.5% ओलिक अम्ल) एवं 'गिरनार-5' (Girnar-5: 78.4% ओलिक अम्ल)।
    • सोयाबीन (Anti-nutritional factor free): 'NRC 127' (Kunitz Trypsin Inhibitor – KTI मुक्त), 'NRC 132' व 'NRC 142' (KTI + Lipoxygenase-2 दोनों से मुक्त) एवं 'NRC 138' (उच्च ओलिक अम्ल)।
    • लोबिया (Cowpea): 'पंत लोबिया-1, 2, 3, 4' (उच्च आयरन व जिंक)।
    • भिंडी (Okra): 'काशी लालिमा' (एंथोसायनिन व एंटीऑक्सीडेंट समृद्ध लाल भिंडी)।
    • शकरकंद (Sweet Potato — CTCRI तिरुवनंतपुरम): 'भू सोना' (Bhu Sona — नारंगी गूदे वाली उच्च β-carotene / Pro-vitamin A: 14 mg/100g किस्म!) एवं 'भू कृष्णा' (Bhu Krishna — बैंगनी गूदे वाली उच्च एंथोसायनिन किस्म!)।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • बीज उत्पादन और विपणन में बायोफोर्टिफाइड अनाज को सामान्य अनाज से अलग पहचान देकर प्रसंस्कृत करना पोषण लाभ के लिए आवश्यक है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

धान में पॉलिशिंग (Milling) करने पर बाहरी एल्यूरोन परत हट जाती है, इसलिए प्रजनन में उन जीनोटाइप्स का चयन किया जाता है जो जिंक और प्रोटीन को दाने के भीतरी भ्रूणपोष (Starchy endosperm) में संचित करते हैं।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

बायोफोर्टिफाइड किस्मों की उपज सामान्य उच्च उपज वाली किस्मों के बराबर या उनसे अधिक होती है (No yield penalty)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

मध्याह्न भोजन योजना (PM-POSHAN) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बायोफोर्टिफाइड किस्मों को शामिल किया गया है।

Exam Key: CR Dhan 310 = High Protein Rice (10.3%) | DRR Dhan 45, 48, 49 & Zinco Rice = High Zinc Rice | Pusa Vivek QPM-9 Improved = Pro-Vit A + Lysine + Tryptophan Maize | Dhanshakti, HHB 299, AHB 1200 Fe = High Iron/Zinc Bajra | Parbhani Shakti = High Fe/Zn Sorghum | Girnar-4 & 5 = High Oleic (80%) Groundnut | Bhu Sona (Pro-Vit A) & Bhu Krishna (Anthocyanin) = Sweet Potato।
2. Climate-Resilient Kharif Crop Varieties for Biotic & Abiotic Stresses (जलवायु-सहिष्णु खरीफ फसल किस्में)
Rice, Maize, Sorghum, Pearl Millet, Pulses, Oilseeds & Cotton · विशिष्ट जानकारी: मुख्य अजैविक जलवायु तनाव: 1. बाढ़ एवं जलमग्नता (Submergence/Flood), 2. सूखा (Drought), 3. लवणता एवं क्षारीयता (Salinity/Sodicity), 4. उच्च तापमान (Heat Stress)।

महत्व: NICRA (National Innovations on Climate Resilient Agriculture — ICAR द्वारा 2011 में प्रारंभ) और STRASA (Stress-Tolerant Rice for Africa and South Asia) परियोजनाओं के अंतर्गत करोड़ों किसानों के लिए जलवायु-सहिष्णु किस्में विकसित की गई हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • 1. बाढ़ एवं पूर्ण जलमग्नता सहिष्णु धान किस्में (Submergence-Tolerant Rice — 'Sub1A' QTL from FR13A):
    • जब सामान्य धान की फसल 4–5 दिन से अधिक बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब जाती है, तो पौधा पानी से बाहर निकलने के लिए तेजी से लंबा बढ़ता है जिससे उसका संचित कार्बोहाइड्रेट समाप्त हो जाता है और पानी उतरते ही पौधा मर जाता है। इसके विपरीत, ओडिशा की देसी किस्म 'FR13A' के गुणसूत्र-9 पर स्थित 'Sub1A' (एक Ethylene-Response-Factor जीन) पानी में डूबते ही पौधे की लंबाई में वृद्धि को रोककर उसे सुषुप्तावस्था ('Quiescence Strategy') में डाल देता है, जिससे पौधा 14 से 17 दिनों तक पानी के नीचे रहने पर भी जीवित बच जाता है!
    • प्रमुख Sub1 किस्में: Swarna-Sub1, Samba Mahsuri-Sub1, IR64-Sub1, CR 1009-Sub1, रंजीत-Sub1, बहादुर-Sub1।
    • गहरे पानी में तेजी से बढ़कर ऊपर तैरने का गुण ('Escape Strategy'): यह 'SNORKEL1 एवं SNORKEL2 (SK1/SK2)' जीनों द्वारा नियंत्रित होता है (गहरे पानी की धान में)।
  • 2. सूखा सहिष्णु खरीफ किस्में (Drought-Tolerant Kharif Varieties):
    • धान (Drought Yield QTLs: qDTY1.1, qDTY2.1, qDTY3.1, qDTY12.1 एवं गहरी जड़ जीन DRO1): 'सहभागी धान' (Sahbhagi Dhan — सूखा सहिष्णु मानक किस्म, 105 दिन), 'DRR Dhan 42 (IR64 Drt1)' (MABB से विकसित प्रथम सूखा सहिष्णु धान!), 'DRR Dhan 44', 'सबौर अर्धजल', 'वंदना', 'अंजलि', 'बिरसा विकास धान 109'।
    • बाढ़ + सूखा दोनों सहन करने वाली द्वि-सहिष्णु किस्में (Submergence + Drought Dual-Tolerant): 'DRR Dhan 50' एवं 'CR Dhan 801 व 802'!
    • अन्य फसलों की सूखा सहिष्णु किस्में: मक्का—पूसा हाइब्रिड मक्का-1, HQPM-1; बाजरा—HHB 67 Improved, राज-171, CZP 9802; ज्वार—M 35-1, CSV 17 (मात्र 95 दिन में पकने वाली सबसे अगेती ज्वार!), फुले वसुधा; मूँगफली—गिरनार-1, कादिरी-6, TAG-24, ICGV 91114; मोठ—RMO-40, CAZRI Moth-2; ग्वार—RGC-936, RGC-1066; अरहर—UPAS-120, ICPL 88039।
  • 3. लवणता एवं क्षारीयता सहिष्णु किस्में (Salinity & Alkalinity Tolerant — CSSRI करनाल एवं दाता 'Pokkali' से प्राप्त गुणसूत्र-1 का 'Saltol' QTL):
    • धान: CSR-10, CSR-13, CSR-27, CSR-30 (प्रथम बासमती लवणता-सहिष्णु धान!), CSR-36, CSR-43, CSR-46, लुनीश्री (Lunishree – तटीय लवणता हेतु) एवं DRR Dhan 58 (Saltol MABB किस्म)।
    • कपास: G.Cot-23, देसी कपास (G. herbaceum) किस्में।
  • 4. उच्च तापमान एवं बहु-जैविक तनाव सहिष्णु किस्में (Heat & Multi-Biotic Resilient Varieties):
    • धान: N-22 (नगीना-22 — विश्व भर में पुष्पन के समय 42°C तक उच्च तापमान सहिष्णुता / Spikelet fertility under heat stress का सर्वप्रमुख दाता!), DRR Dhan 52।
    • बासमती में बहु-रोग प्रतिरोध: Pusa Basmati 1847, Pusa Basmati 1885 एवं Pusa Basmati 1886 (जिनमें BLB के xa13 + XA21 और Blast के Pi54 + Pi2 चारों जीन एक साथ पिरामिड किए गए हैं!)।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • भविष्य की जलवायु-सहिष्णु कृषि में 'Gene Pyramiding of Abiotic + Biotic QTLs' (जैसे बाढ़ + सूखा + लवणता + BLB + Blast सभी एक ही किस्म में) सर्वोच्च प्रजनन लक्ष्य है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

कंपनी-मुक्त और जलवायु-अनुकूल कृषि हेतु 'सीधी बुवाई वाले एरोबिक धान' (Direct-Seeded Aerobic Rice — जैसे पूसा बासमती 1509, DRR Dhan 44, MAS 946-1) पानी की खपत को 40% और मीथेन (CH4) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 70% तक कम करते हैं!

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

सूखे से बचने के तीन कार्यिकीय तंत्र हैं: 1. Drought Escape (अति अगेती पकना — जैसे विराट मूँग 52 दिन, RMO-40 मोठ 60 दिन), 2. Drought Avoidance (गहरी जड़ें DRO1 व कम वाष्पोत्सर्जन) और 3. Drought Tolerance (आसमाटिक समायोजन व प्रोलिन संचयन)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

पुष्पन (Anthesis) के समय >38°C तापमान होने पर परागकण मर जाते हैं; 'Nagina-22 (N-22)' में सुबह बहुत जल्दी (Early morning flowering at 6–7 AM जब तापमान कम होता है – 'qEMF3' जीन from O. officinalis) फूल खिलकर गर्मी से बचाव होता है!

Exam Key: Sub1A (FR13A से: Quiescence strategy in Swarna-Sub1) बनाम SNORKEL1/2 (Deepwater escape strategy) | सूखा सहिष्णु धान: Sahbhagi Dhan, DRR Dhan 42 (IR64 Drt1) | बाढ़ + सूखा दोनों सहिष्णु: DRR Dhan 50, CR Dhan 801 | लवणता QTL: Saltol (Pokkali से; किस्में: CSR-30, CSR-43, Lunishree) | उच्च ताप (Heat) सहिष्णुता दाता: Nagina-22 (N-22)।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 15.1: ICAR द्वारा विकसित भारत की प्रमुख बायोफोर्टिफाइड (जैव-प्रबलित) खरीफ किस्मों की मास्टर परीक्षा तालिका

फसल का नामबायोफोर्टिफाइड किस्म / संकरसंवर्धित पोषक तत्व (Biofortified Trait)पोषक तत्व की मात्रा (तुलना सहित)विकासकर्ता संस्थान
धान (Rice)CR Dhan 310 (2016)उच्च प्रोटीन (High Protein)10.3% प्रोटीन (सामान्य में 7–8%)ICAR-NRRI, कटक
धान (Rice)DRR Dhan 45, 48, 49 व Zinco Riceउच्च जिंक (High Zinc)22.6 – 27.4 ppm Zn (सामान्य में 12–16 ppm)ICAR-IIRR, हैदराबाद व IGKV
मक्का (Maize)Pusa Vivek QPM-9 Improved (2017)Pro-Vitamin A + Lysine + Tryptophan8.15 ppm Vit-A + 2.67% Lysine + 0.74% Tryp.ICAR-IARI, नई दिल्ली
बाजरा (Pearl Millet)धनशक्ति (Dhanshakti – प्रथम, 2014)उच्च आयरन (Fe) एवं जिंक (Zn)71 ppm Fe + 40 ppm ZnICRISAT एवं धुले (MPKV)
बाजरा (Pearl Millet)HHB 299 एवं AHB 1200 Fe / 1269 Feउच्च आयरन (Fe) एवं जिंक (Zn)73 – 91 ppm Fe + 41 ppm ZnCCS HAU हिसार, VNMKV व ICRISAT
ज्वार (Sorghum)परभणी शक्ति (Parbhani Shakti, 2018)उच्च आयरन एवं जिंक42 ppm Fe + 25 ppm ZnVNMKV परभणी एवं ICRISAT
रागी (Finger Millet)CFMV-1 (इंद्रावती) एवं CFMV-2उच्च कैल्शियम, आयरन एवं जिंक428 mg Ca + 58 ppm Fe + 44 ppm ZnARS विजयनगरम व दाहोद
मूँगफली (Groundnut)गिरनार-4 एवं गिरनार-5 (2020)उच्च ओलिक अम्ल (High Oleic Acid)78.5% ओलिक अम्ल (सामान्य में 45%)ICAR-DGR जूनागढ़ एवं ICRISAT
सोयाबीन (Soybean)NRC 127 एवं NRC 142पोषण-रोधी तत्व मुक्त (KTI & Lox-2 free)0% Kunitz Trypsin Inhibitor & Lipoxygenase-2ICAR-IISR इंदौर एवं IARI
शकरकंद (Sweet Potato)भू सोना (Bhu Sona) एवं भू कृष्णाPro-Vitamin A एवं एंथोसायनिन14 mg/100g β-carotene एवं 90 mg एंथोसायनिनICAR-CTCRI, तिरुवनंतपुरम

तालिका 15.2: जलवायु-सहिष्णु (Climate-Resilient) धान किस्मों के प्रमुख जीन/QTLs, दाता एवं उदाहरण

अजैविक/जैविक तनावप्रमुख जीन / QTL का नाममूल दाता जनक (Donor Source)कार्यप्रणाली (Mechanism)विकसित प्रमुख जलवायु-स्मार्ट किस्में
पूर्ण जलमग्नता (Flash Flood / Submergence)Sub1A (गुणसूत्र-9)FR13A (ओडिशा की देसी किस्म)Quiescence strategy (पानी के नीचे वृद्धि रोककर ऊर्जा बचाना)Swarna-Sub1, Samba Mahsuri-Sub1, IR64-Sub1
गहरा जल (Stagnant Deep Water)SNORKEL1 & SNORKEL2 (SK1/SK2)C9285 (गहरे पानी की धान)Escape strategy (जिबरेलिन से तने को तेजी से पानी के ऊपर बढ़ाना)जलमग्न, हांगसेश्वरी, पूर्णेंदु
सूखा तनाव (Reproductive Drought)qDTY1.1, qDTY2.1, qDTY3.1 एवं DRO1N-22, Apo एवं Kinandang Patongगहरी जड़ प्रणाली एवं फूल आते समय उच्च स्पाइकलेट उर्वरताSahbhagi Dhan, DRR Dhan 42 (IR64 Drt1), DRR Dhan 44
बाढ़ + सूखा (Dual Stress)Sub1A + qDTY QTLsFR13A + सूखा दाताएक ही सीजन में बाढ़ और सूखा दोनों सहन करनाDRR Dhan 50, CR Dhan 801, CR Dhan 802
मृदा लवणता (Salinity)Saltol QTL (गुणसूत्र-1)Pokkali (केरल की तटीय किस्म)प्ररोह में Na+/K+ संतुलन बनाए रखना (Sodium exclusion)CSR-30 (बासमती), CSR-43, Lunishree, DRR Dhan 58
उच्च तापमान (Heat Stress at Flowering)qHTSF4.1 एवं qEMF3Nagina-22 (N-22) एवं O. officinalis42°C पर पराग जीवन क्षमता व सुबह जल्दी फूल खिलनाN-22 व्युत्पन्न एवं DRR Dhan 52

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. सूखा संवेदनशीलता सूचकांक (Drought Susceptibility Index – DSI; Fischer & Maurer, 1978) की गणना

DSI = [ 1 − (Ys / Yp) ] / D , जहाँ D (Drought Intensity) = [ 1 − (Xs / Xp) ]

व्याख्या एवं उदाहरण: यहाँ Ys = सूखे में किस्म की उपज, Yp = सिंचित सामान्य अवस्था में किस्म की उपज, Xs = सूखे में सभी किस्मों की औसत उपज, और Xp = सिंचित अवस्था में सभी किस्मों की औसत उपज है।
• यदि Xs = 25 q/ha और Xp = 50 q/ha है, तो सूखा तीव्रता D = 1 − (25/50) = 0.50।
• अब यदि 'सहभागी धान' की सिंचित उपज (Yp) = 50 q/ha और सूखे में उपज (Ys) = 38 q/ha है, तो उसका DSI = [1 − (38/50)] / 0.50 = 0.24 / 0.50 = 0.48 (नियम: जिस किस्म का DSI < 1.0 होता है वह 'सूखा सहिष्णु / Drought Tolerant' होती है, और जिसका DSI > 1.0 होता है वह सूखा संवेदनशील होती है)।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 15: भविष्य की बायोफोर्टिफाइड एवं जलवायु-सहिष्णु खरीफ फसल किस्में]
├── 1. बायोफोर्टिफिकेशन एवं अदृश्य भूख (Biofortification for Hidden Hunger)
│ ├── संस्थापक: Dr. Howarth Bouis (HarvestPlus — 2016 World Food Prize) | ICAR-CRP on Biofortification
│ ├── बाजरा में अनिवार्य मानक (2018): न्यूनतम 42 ppm आयरन (Fe) एवं 32 ppm जिंक (Zn)
│ ├── अनाज बायोफोर्टिफाइड किस्में:
│ │ ├── धान: CR Dhan 310 (10.3% प्रोटीन), DRR Dhan 45, 48, 49 & Zinco Rice (उच्च जिंक 22–27 ppm)
│ │ └── मक्का: Pusa Vivek QPM-9 Improved (Pro-Vit A + Lysine + Tryptophan), HQPM-1, Shaktiman
│ ├── श्री अन्न (Millets): बाजरा (Dhanshakti 71 ppm Fe, HHB 299, AHB 1200 Fe), ज्वार (Parbhani Shakti), रागी (CFMV-1 & 2)
│ └── तिलहन व सब्जी: मूँगफली (Girnar-4 & 5: 80% Oleic acid), सोयाबीन (NRC 127 & 142: KTI/Lox free), शकरकंद (Bhu Sona & Bhu Krishna), भिंडी (Kashi Lalima)
└── 2. जलवायु-सहिष्णु खरीफ किस्में (Climate-Resilient Varieties — NICRA)
├── बाढ़ सहिष्णुता (Submergence): Sub1A जीन (FR13A से — Quiescence strategy) → Swarna-Sub1, Samba Mahsuri-Sub1
├── सूखा सहिष्णुता (Drought): qDTY QTLs + DRO1 (गहरी जड़) → Sahbhagi Dhan, DRR Dhan 42 (IR64 Drt1), DRR Dhan 44
├── द्वि-तनाव (बाढ़ + सूखा दोनों): DRR Dhan 50, CR Dhan 801 & 802
├── लवणता सहिष्णुता (Salinity): Saltol QTL (Pokkali से) → CSR-30 (बासमती), CSR-43, Lunishree
└── उच्च ताप सहिष्णुता (Heat stress >40°C): Nagina-22 (N-22) दाता एवं qEMF3 (सुबह जल्दी पुष्पन)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[बाढ़ के पानी में डूबे धान के पौधे में 'Sub1A (Quiescence)' बनाम 'SNORKEL (Escape)' जीन की कार्यप्रणाली]
मानसून में अचानक बाढ़ आने से धान के पौधे का पानी में पूरी तरह डूब जाना (Complete Submergence)
↓ (पानी के नीचे ऑक्सीजन की कमी से पौधे में 'Ethylene' हार्मोन का संचयन)
├──► 【पथ A: अचानक आने वाली 10–15 दिन की बाढ़ (Flash Flood) — 'Sub1A' जीन (Swarna-Sub1)】
│ Sub1A जीन जिबरेलिन अवरोधक (SLR1) को बढ़ाकर तने की लंबाई में वृद्धि को तुरंत रोक देता है ('Quiescence Strategy')
│ ───► पौधा अपना संचित स्टार्च/भोजन बचाकर रखता है ───► 15 दिन बाद पानी उतरने पर पुनः तेजी से बढ़कर भरपूर उपज देता है!
│
└──► 【पथ B: महीनों तक भरा रहने वाला गहरा पानी (Deepwater Ecosystem) — 'SNORKEL1 & 2' जीन】
SNORKEL जीन जिबरेलिन (GA) संश्लेषण को तेज कर पोरियों की लंबाई प्रतिदिन 20–25 सेमी बढ़ाते हैं ('Escape Strategy')
───► पौधे की पत्तियाँ गहरे पानी की सतह के ऊपर हवा में आ जाती हैं!

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • ICAR की बायोफोर्टिफाइड किस्मों के ये 6 नाम किसी भी परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं: 1. उच्च प्रोटीन धान = 'CR Dhan 310' (10.3% प्रोटीन); 2. प्रथम उच्च जिंक धान = 'DRR Dhan 45' (22.6 ppm Zn); 3. प्रथम प्रो-विटामिन A + QPM मक्का = 'Pusa Vivek QPM-9 Improved'; 4. भारत की प्रथम बायोफोर्टिफाइड किस्म (उच्च Fe बाजरा) = 'धनशक्ति (Dhanshakti)'; 5. प्रथम बायोफोर्टिफाइड ज्वार = 'परभणी शक्ति'; 6. प्रथम हाई-ओलिक (80%) मूँगफली = 'गिरनार-4 एवं गिरनार-5'।
  • जलवायु-सहिष्णु धान के तीनों प्रसिद्ध दाता रट लें: बाढ़ (Sub1A) का दाता = 'FR13A' (ओडिशा); लवणता (Saltol) का दाता = 'Pokkali' (केरल); और उच्च तापमान (Heat tolerance) का दाता = 'Nagina-22 (N-22)' (उत्तर प्रदेश)!
  • बाजरा (Pearl Millet) विश्व की पहली फसल है जिसमें भारत (ICAR, 2018) ने नई किस्मों के विमोचन के लिए 42 ppm Fe और 32 ppm Zn का न्यूनतम पोषण मानक अनिवार्य कर दिया है।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • Dr. Howarth Bouis (HarvestPlus): बायोफोर्टिफिकेशन के जनक (2016 विश्व खाद्य पुरस्कार)।
  • CR Dhan 310 (10.3% प्रोटीन) व DRR Dhan 45 (22.6 ppm जिंक): धान की प्रथम बायोफोर्टिफाइड किस्में।
  • धनशक्ति (बाजरा: 71 ppm Fe) व परभणी शक्ति (ज्वार: 42 ppm Fe): श्री अन्न की प्रमुख बायोफोर्टिफाइड किस्में।
  • Swarna-Sub1 (बाढ़ सहिष्णु), सहभागी धान व DRR Dhan 42 (सूखा सहिष्णु) तथा DRR Dhan 50 (बाढ़ + सूखा दोनों सहिष्णु)।
  • भू सोना (Pro-vitamin A नारंगी शकरकंद) एवं भू कृष्णा (एंथोसायनिन बैंगनी शकरकंद) — CTCRI द्वारा विकसित।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (NRRI, कटक) द्वारा विकसित भारत की प्रथम उच्च प्रोटीन (10.3% प्रोटीन) बायोफोर्टिफाइड धान किस्म कौन सी है?

  • (A) DRR Dhan 45
  • (B) CR Dhan 310
  • (C) Swarna-Sub1
  • (D) पूसा बासमती 1121
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 'CR Dhan 310' पॉलिश चावल में 10.3% प्रोटीन वाली पहली किस्म है, जबकि 'DRR Dhan 45' (22.6 ppm Zn) पहली उच्च जिंक धान किस्म है।

2. प्रो-विटामिन A (8.15 ppm), लाइसिन (2.67%) और ट्रिप्टोफैन (0.74%) तीनों पोषक तत्वों से समृद्ध भारत का प्रथम मल्टी-न्यूट्रिएंट मक्का संकर कौन सा है?

  • (A) पूसा विवेक क्यूपीएम-9 इम्प्रूव्ड (Pusa Vivek QPM-9 Improved, 2017)
  • (B) गंगा-101
  • (C) शक्ति-1
  • (D) पारस
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — IARI द्वारा MABB से विकसित 'Pusa Vivek QPM-9 Improved' में crtRB1 (प्रो-विटामिन A) और opaque-2 (लाइसिन व ट्रिप्टोफैन) दोनों जीन हैं।

3. सन् 2020 में विमोचित भारत की प्रथम हाई-ओलिक (~80% Oleic acid) बायोफोर्टिफाइड मूँगफली किस्में कौन सी हैं?

  • (A) कौशल एवं चंद्रा
  • (B) गिरनार-4 एवं गिरनार-5 (Girnar-4 & Girnar-5)
  • (C) टीएमवी-2 एवं जेएल-24
  • (D) परभणी शक्ति
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — DGR जूनागढ़ और ICRISAT द्वारा विकसित गिरनार-4 और गिरनार-5 में ओलिक अम्ल लगभग 80% होता है।

4. धान में 14–17 दिनों तक पूर्ण जलमग्नता (Submergence) सहन करने वाला 'Sub1A' जीन पौधे को किस कार्यिकीय रणनीति द्वारा जीवित रखता है?

  • (A) तने को प्रतिदिन 30 सेमी लंबा बढ़ाकर (Escape strategy)
  • (B) पानी के नीचे तने की वृद्धि को रोककर कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा बचाने की सुषुप्ति रणनीति द्वारा ('Quiescence Strategy')
  • (C) पत्तियों को गिराकर
  • (D) जड़ों से ऑक्सीजन बनाकर
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Sub1A जीन पानी में डूबने पर जिबरेलिन क्रिया को रोककर पौधे को 'Quiescence' (सुषुप्ति) में रखकर भोजन बचाता है, जबकि SNORKEL जीन गहरे पानी में लंबाई बढ़ाता है।

5. धान में प्रजनन अवस्था के दौरान उच्च तापमान (Heat Stress > 40–42°C) सहनशीलता के लिए विश्व भर में सर्वाधिक प्रयुक्त भारतीय दाता किस्म कौन सी है?

  • (A) नगीना-22 (Nagina-22 / N-22)
  • (B) पोखली (Pokkali)
  • (C) FR13A
  • (D) टीएन-1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — उत्तर प्रदेश के नगीना केंद्र से चयनित 'Nagina-22 (N-22)' उच्च तापमान और सूखा सहिष्णुता की अंतर्राष्ट्रीय मानक दाता किस्म है।

6. 'HarvestPlus' कार्यक्रम के संस्थापक कौन हैं जिन्हें बायोफोर्टिफिकेशन की अवधारणा और विकास के लिए सन् 2016 का 'विश्व खाद्य पुरस्कार' (World Food Prize) प्रदान किया गया?

  • (A) डॉ. हॉवर्थ बौइस (Dr. Howarth Bouis, डॉ. मारिया एंड्रेड व सहयोगियों के साथ)
  • (B) डॉ. एस.के. वसल
  • (C) डॉ. जी.एस. खुश
  • (D) डॉ. रतन लाल
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — डॉ. हॉवर्थ बौइस ने सूक्ष्म-पोषक कुपोषण (Hidden Hunger) से लड़ने के लिए वैश्विक HarvestPlus बायोफोर्टिफिकेशन कार्यक्रम स्थापित किया।

7. केरल की प्रसिद्ध तटीय धान किस्म 'पोखली' (Pokkali) से गुणसूत्र-1 पर स्थित कौन सा प्रमुख QTL लवणता-सहिष्णु किस्मों में स्थानांतरित किया गया है?

  • (A) Sub1A
  • (B) Saltol QTL
  • (C) DRO1
  • (D) qDTY1.1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Pokkali धान से प्राप्त 'Saltol' QTL प्ररोह में सोडियम/पोटैशियम (Na+/K+) संतुलन बनाए रखकर लवणता सहिष्णुता देता है।

8. अनाज और दलहनों के दानों में पाया जाने वाला कौन सा पोषण-रोधी यौगिक मनुष्य की आँत में आयरन (Fe) और जिंक (Zn) के अवशोषण को रोकता है?

  • (A) फाइटिक अम्ल / फाइटेट (Phytic Acid / Phytate)
  • (B) एमाइलोज
  • (C) ग्लूटेन
  • (D) कैरोटीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — फाइटिक अम्ल Fe2+ और Zn2+ आयनों को बांधकर (Chelation) उनकी जैव-उपलब्धता घटा देता है; इसलिए 'Low phytic acid (lpa)' प्रजनन किया जाता है।

9. ICAR ने सन् 2018 में विश्व में पहली बार किस फसल की नई किस्मों के विमोचन के लिए न्यूनतम '42 ppm आयरन एवं 32 ppm जिंक' होना अनिवार्य कर दिया?

  • (A) गेहूँ
  • (B) बाजरा (Pearl Millet)
  • (C) मक्का
  • (D) चना
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — AICRP on Pearl Millet ने 2018 से सभी नए बाजरा संकरों व किस्मों में न्यूनतम 42 ppm Fe और 32 ppm Zn का मानक अनिवार्य किया है।

10. 'IR64' धान में सूखा-सहिष्णुता QTL (qDTY2.2 एवं qDTY4.1) को MABB द्वारा जोड़कर विकसित भारत की प्रथम मार्कर-असिस्टेड सूखा-सहिष्णु धान किस्म कौन सी है?

  • (A) DRR Dhan 42 (IR64 Drt1) एवं सहभागी धान
  • (B) जया
  • (C) स्वर्णा
  • (D) पूसा 44
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — 'DRR Dhan 42 (IR64 Drt1)' IR64 के बैकग्राउंड में विकसित सूखा-सहिष्णु MABB किस्म है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. ज्वार की प्रथम बायोफोर्टिफाइड (उच्च Fe व Zn) किस्म का नाम लिखिए।

परभणी शक्ति (Parbhani Shakti — 42 ppm Fe एवं 25 ppm Zn, 2018)।

2. बाढ़ (Sub1A) और सूखा (qDTY QTLs) दोनों के प्रति द्वि-सहिष्णु (Dual-tolerant) धान की दो किस्मों के नाम लिखिए।

DRR Dhan 50 एवं CR Dhan 801 (तथा CR Dhan 802)।

3. CTCRI तिरुवनंतपुरम द्वारा विकसित प्रो-विटामिन A (नारंगी गूदा) और एंथोसायनिन (बैंगनी गूदा) से भरपूर शकरकंद किस्मों के नाम लिखिए।

प्रो-विटामिन A युक्त: 'भू सोना' (Bhu Sona) और एंथोसायनिन युक्त: 'भू कृष्णा' (Bhu Krishna)।

4. धान में जड़ों के कोण को गहरा करके सूखा सहिष्णुता प्रदान करने वाले प्रसिद्ध जीन का नाम क्या है?

DRO1 (Deeper Rooting 1 — जिसे उगाकी एवं सहयोगियों ने 2013 में खोजा)।

5. लवणता एवं क्षारीय मृदाओं के लिए CSSRI करनाल द्वारा विकसित बासमती धान की किस्म कौन सी है?

CSR-30 (यामिनी)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. 'अदृश्य भूख' (Hidden Hunger) और 'बायोफोर्टिफिकेशन' (Biofortification) क्या हैं?

जब आहार में पेट भरने के लिए पर्याप्त कैलोरी तो हो किंतु सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, जिंक, विटामिन-A) और आवश्यक अमीनो अम्लों की कमी हो, तो उसे 'Hidden Hunger' कहते हैं। पादप प्रजनन और जैव-प्रौद्योगिकी के माध्यम से फसलों के दानों में आनुवंशिक रूप से ही इन सूक्ष्म पोषक तत्वों और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने की प्रक्रिया 'बायोफोर्टिफिकेशन' कहलाती है।

2. आनुवंशिक बायोफोर्टिफिकेशन (Genetic Biofortification) सस्य बायोफोर्टिफिकेशन (Agronomic Biofortification) से श्रेष्ठ क्यों है?

सस्य बायोफोर्टिफिकेशन में किसान को हर सीजन में फसल पर महँगे सूक्ष्म पोषक उर्वरकों (जैसे ZnSO4) का छिड़काव करना पड़ता है। इसके विपरीत, आनुवंशिक बायोफोर्टिफिकेशन (जैसे धनशक्ति बाजरा या DRR Dhan 45) में एक बार किस्म विकसित होने के बाद पौधे की जड़ें स्वयं मृदा से अधिक Fe व Zn अवशोषित कर दानों में भरती हैं और किसान को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता।

3. धान में 'Sub1A' जीन और 'SNORKEL' जीन के बाढ़ सहन करने के तंत्रों में क्या अंतर है?

'Sub1A' जीन (FR13A से प्राप्त, जैसे Swarna-Sub1 में) 10–15 दिन की अचानक बाढ़ (Flash flood) में कार्य करता है; यह पानी के नीचे पौधे की वृद्धि रोककर ('Quiescence strategy') ऊर्जा बचाता है। इसके विपरीत, 'SNORKEL1 व 2' जीन महीनों तक भरे रहने वाले गहरे पानी (Deepwater rice) में जिबरेलिन बढ़ाकर तने को तेजी से पानी के ऊपर बढ़ाते हैं ('Escape strategy')।

4. खरीफ फसलों की किन्हीं पाँच बायोफोर्टिफाइड किस्मों और उनके विशिष्ट पोषक गुणों की सूची बनाइए।

1. CR Dhan 310 (धान): उच्च प्रोटीन (10.3%)। 2. DRR Dhan 45 (धान): उच्च जिंक (22.6 ppm)। 3. Pusa Vivek QPM-9 Improved (मक्का): उच्च प्रो-विटामिन A (8.15 ppm) + लाइसिन + ट्रिप्टोफैन। 4. धनशक्ति एवं HHB 299 (बाजरा): उच्च आयरन (71–73 ppm) व जिंक (40 ppm)। 5. गिरनार-4 एवं गिरनार-5 (मूँगफली): उच्च ओलिक अम्ल (~80%)।

5. धान में उच्च तापमान (Heat Stress) से होने वाली क्षति से बचने के लिए 'Early Morning Flowering (qEMF3)' गुण कैसे सहायता करता है?

सामान्य धान के फूल सुबह 9:30 से 11:30 बजे के बीच खिलते हैं जब गर्मी के मौसम में तापमान 38–42°C तक पहुँच जाता है, जिससे परागकण सूखकर बंध्य हो जाते हैं। जंगली धान 'Oryza officinalis' से प्राप्त 'qEMF3' QTL फूल खिलने के समय को 2–3 घंटे पहले अर्थात् सुबह 6:30–7:30 बजे (जब मौसम ठंडा होता है) कर देता है, जिससे परागण सुरक्षित रूप से संपन्न हो जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. बायोफोर्टिफिकेशन (जैव-प्रबलीकरण) की अवधारणा, विधियों, चुनौतियों (Phytic acid व Milling loss) और भारत में विकसित प्रमुख बायोफोर्टिफाइड खरीफ किस्मों (धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, मूँगफली एवं सोयाबीन) का सविस्तर वर्णन कीजिए।

Hidden Hunger की समस्या, डॉ. हॉवर्थ बौइस (HarvestPlus) का योगदान, Genetic बनाम Agronomic बायोफोर्टिफिकेशन, फाइटिक अम्ल का प्रभाव तथा तालिका 15.1 में दी गई सभी प्रमुख खरीफ किस्मों (CR Dhan 310, DRR Dhan 45/48/49, Pusa Vivek QPM-9 Improved, Dhanshakti, HHB 299, Parbhani Shakti, CFMV-1, Girnar 4 & 5, NRC 127/142, Bhu Sona) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।

2. जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में बाढ़, सूखा, लवणता और उच्च तापमान सहिष्णु 'जलवायु-स्मार्ट खरीफ किस्मों' (Climate-Resilient Varieties) के विकास में प्रयुक्त प्रमुख जीन/QTLs, दाता जनकों और कार्यप्रणालियों की विवेचना कीजिए।

Sub1A (FR13A — Swarna-Sub1), SNORKEL1/2, सूखा QTLs (qDTY1.1, DRO1 — Sahbhagi Dhan, DRR Dhan 42), द्वि-तनाव किस्म (DRR Dhan 50, CR Dhan 801), लवणता QTL Saltol (Pokkali — CSR-30, CSR-43) और ताप सहिष्णुता (Nagina-22 व qEMF3) तथा सीधी बुवाई वाले एरोबिक धान का सविस्तर वर्णन करें।

3. भविष्य की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'बायोफोर्टिफिकेशन', 'जलवायु-सहिष्णुता' और 'आइडियोटाइप प्रजनन' को एक साथ एकीकृत (Integration of Yield + Resilience + Nutrition) करने की रणनीति पर एक निबंध लिखिए।

केवल उपज बढ़ाने के युग से आगे बढ़कर एक ही किस्म में उच्च हार्वेस्ट इंडेक्स (NPT Ideotype), बहु-तनाव सहिष्णुता (Sub1A + qDTY + Saltol + XA21 + Pi54) और उच्च पोषण (Zn/Fe/Protein) को जीन पिरामिडिंग, जीनोमिक सिलेक्शन और CRISPR-Cas9 द्वारा जोड़ने के आधुनिक प्रोटोकॉल को उदाहरणों सहित स्पष्ट करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित बायोफोर्टिफाइड किस्मों में 'CR Dhan 315', 'HD 3298', 'गिरनार-4 व 5' और 'CFMV-1 व 2' प्रमुख हैं।
  • ओडिशा की बाढ़-सहिष्णु देसी धान किस्म 'FR13A' का नाम 'Flood Resistant 13A' से ही पड़ा है।
  • बाजरा संकर 'AHB 1269 Fe' में 91 ppm आयरन और 43 ppm जिंक पाया जाता है जो अब तक की सर्वोच्च मात्राओं में से एक है।
  • सोयाबीन की 'NRC 138' किस्म उच्च ओलिक अम्ल (High Oleic acid) के लिए विकसित की गई है।
  • सूखा सहिष्णुता मापने का 'Drought Susceptibility Index (DSI)' सूत्र फिशर एवं मॉरर (Fischer & Maurer, 1978) ने दिया था।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।

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