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AGRON 311 Lecture 10: एडजुवेंट्स, सरफेक्टेंट्स, शाकनाशी संरूपण एवं उनका उपयोग | Hindi Notes

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AGRON 311 · Weed Management
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
शैक्षणिक संदर्भ: शाकनाशियों की दरें, मिश्रण और उपयोग उपलब्ध कराए गए स्रोत का हिस्सा हैं। खेत में प्रयोग से पहले फसल-विशिष्ट वर्तमान label claim तथा स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की अनुशंसा जाँचें।
Lecture 10 Source Page Reference in Supplied Pack: 130 (AGRON 311 Theory Lecture 10)

Lecture 10: एडजुवेंट्स, सरफेक्टेंट्स, शाकनाशी संरूपण एवं उनका उपयोग

Concept of adjuvants, surfactants, herbicide formulation and their use

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • एडजुवेंट (Adjuvant) की अवधारणा, कार्य और इसके प्रमुख प्रकारों—एक्टिवेटर एडजुवेंट (Surfactants, Crop Oil Concentrates, Ammonium sulfate) एवं स्प्रे मोडिफायर/यूटिलिटी एडजुवेंट (Stickers, Humectants, Drift retardants, Antifoaming agents, Buffering agents)—को समझना।
  • सरफेक्टेंट्स (Surfactants — Surface Active Agents) की क्रियाविधि (पृष्ठ तनाव को 72 डाइन/सेमी से घटाकर 30 डाइन/सेमी करना एवं संपर्क कोण घटाना), HLB मान और उनके चारों आयनिक वर्गों (Non-ionic, Anionic, Cationic, Organosilicone) का अध्ययन करना।
  • शाकनाशी सेफनर्स / एंटीडोट्स / प्रोटेक्टेंट्स (Herbicide Safeners — जैसे 1,8-NA, Cyometrinil, Fenclorim, Benoxacor, Mefenpyr-diethyl) की खोज (Otto Hoffman) और क्रियाविधि को जानना।
  • विभिन्न शाकनाशी संरूपणों (Formulations — EC, WP, SP, SL, WDG/WG, SC, EW, G, ME, CS) के गुण-दोष और उपयोग को समझना।
  • शाकनाशी के व्यावसायिक उत्पाद की मात्रा (Commercial Product Dose), अम्ल तुल्यांक (Acid Equivalent) और स्प्रेयर अंशांकन (Sprayer Calibration) के गणितीय न्यूमेरिकल्स हल करने में दक्ष होना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): जब कारखाने में कोई शुद्ध शाकनाशी रसायन (Technical Grade Active Ingredient – a.i.) संश्लेषित किया जाता है, तो वह प्रायः90–98% शुद्ध ठोस क्रिस्टल, गाढ़े पेस्ट या तैलीय द्रव के रूप में होता है, जो न तो सीधे पानी में घुलता है और न ही उसे प्रति हेक्टेयर कुछ ग्राम या किलोग्राम की सूक्ष्म मात्रा में पूरे खेत में समान रूप से छिड़का जा सकता है। इसलिए तकनीकी रसायन में कुछ निष्क्रिय वाहक (Carriers), विलायक (Solvents) और पृष्ठ-सक्रिय कारक मिलाकर उसे प्रयोग-योग्य रूप में बदला जाता है, जिसे ‘शाकनाशी संरूपण’ (Herbicide Formulation — जैसे EC, WP, SL, WG) कहते हैं।

इसके अतिरिक्त, खरपतवार की पत्तियों पर मोम की जल-प्रतिकर्षी परत (Waxy cuticle) और रोम (Trichomes) होते हैं जिनसे पानी की गोल बूंदें फिसलकर नीचे गिर जाती हैं। छिड़काव घोल की बूंदों को पत्ती पर चिपकाने, फैलाने और क्यूटिकल के आर-पार प्रवेश कराने के लिए जो सहायक पदार्थ मिलाए जाते हैं, उन्हें ‘एडजुवेंट्स’ (Adjuvants) और ‘सरफेक्टेंट्स’ (Surfactants) कहा जाता है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

एडजुवेंट / सहायक पदार्थ (Adjuvant — लैटिन ‘Adjuvare’ = सहायता करना)
शाकनाशी संरूपण में पहले से मिलाया गया या छिड़काव टैंक में अलग से डाला जाने वाला कोई भी ऐसा गैर-शाकनाशी पदार्थ (जिसमें स्वयं खरपतवार मारने की शक्ति नहीं होती), जो मुख्य शाकनाशी की क्रियाशीलता, अवशोषण, फैलाव या छिड़काव के भौतिक गुणों को बढ़ा देता है।
सरफेक्टेंट / पृष्ठ-सक्रिय कारक (Surfactant — Surface Active Agent)
एडजुवेंट का सबसे प्रमुख वर्ग जिसके अणु में एक जल-स्नेही सिर (Hydrophilic head) और एक वसा-स्नेही पूँछ (Lipophilic tail) होती है; यह जल के पृष्ठ तनाव (Surface tension) और पत्ती पर बूंद के संपर्क कोण (Contact angle) को कम करके घोल को पत्ती की मोमी सतह पर एक पतली फिल्म के रूप में फैला देता है।
शाकनाशी संरूपण (Herbicide Formulation)
सक्रिय शाकनाशी तत्व (Active ingredient – a.i.) को वाहक (Carrier), विलायक (Solvent), इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर के साथ एक निश्चित अनुपात में मिलाकर तैयार किया गया व्यावसायिक उत्पाद, जिसे किसान सुरक्षित, सटीक और सुविधाजनक रूप से खेत में प्रयोग कर सके।
शाकनाशी सेफनर / एंटीडोट / प्रोटेक्टेंट (Herbicide Safener / Antidote / Crop Protectant)
वे रासायनिक यौगिक जो खरपतवारों पर शाकनाशी की मारक क्षमता को कम किए बिना, मुख्य फसल के पौधों को उस शाकनाशी की विषाक्तता (Phytotoxicity) से चयनात्मक रूप से सुरक्षित रखते हैं (जैसे 1,8-Naphthalic anhydride – NA, Cyometrinil, Fenclorim)।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. एडजुवेंट्स एवं सरफेक्टेंट्स की वैज्ञानिक क्रियाविधि व प्रकार (Mechanism & Types of Adjuvants and Surfactants)

(A) सरफेक्टेंट कैसे कार्य करता है? (Biophysical Mechanism of Surfactants)
  • शुद्ध जल का पृष्ठ तनाव (Surface tension) 72.8 dynes/cm होता है। इसके कारण जब पानी की बूंद मोमी पत्ती (जैसे बथुआ या मोथा) पर गिरती है, तो उसका संपर्क कोण (Contact angle) 90∘ से अधिक (110∘–140∘) रहता है और बूंद मोती की तरह गोल बनकर पत्ती से लुढ़क जाती है।
  • छिड़काव घोल में मात्र 0.1% से 0.5% सरफेक्टेंट मिलाने पर जल का पृष्ठ तनाव घटकर 28–32 dynes/cm और संपर्क कोण घटकर 30∘ से कम हो जाता है।
  • सरफेक्टेंट अणु में द्वि-ध्रुवीय संरचना (Amphiphilic structure — Hydrophilic + Lipophilic) होती है, जो पत्ती की मोमी क्यूटिकल (Waxy cuticle) को नरम कर देती है और शाकनाशी के अवशोषण को 2 से 5 गुना बढ़ा देती है।
  • HLB मान (Hydrophilic-Lipophilic Balance — 0 से 20 स्केल): कम HLB (3–6) वाले सरफेक्टेंट जल-में-तेल (W/O) इमल्सीफायर होते हैं, जबकि उच्च HLB (8–18) वाले तेल-में-जल (O/W) इमल्सीफायर और उत्तम वेटिंग एजेंट (Spreader) होते हैं।
(B) सरफेक्टेंट्स के 4 प्रमुख रासायनिक वर्ग (4 Classes of Surfactants)
1. अनायनिक सरफेक्टेंट्स (Non-Ionic Surfactants – NIS)

जल में घुलने पर कोई विद्युत आवेश नहीं देते। कठोर जल (Hard water) में भी अवक्षेप नहीं बनाते और लगभग सभी पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशियों (सल्फोसलफ्यूरॉन, इमेजेथापायर, पैराक्वाट, ग्लाइफोसेट) के साथ सर्वाधिक प्रयुक्त होते हैं। उदाहरण: Tween-20, Triton X-100, Agral-90।

2. ऋणायनिक सरफेक्टेंट्स (Anionic Surfactants)

जल में ऋणात्मक आवेश (−) देते हैं। उत्कृष्ट वेटिंग और डिस्पर्सिंग एजेंट (WP व WG संरूपणों में)। उदाहरण: सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS), सोडियम डोडेसिल बेंजीन सल्फोनेट।

3. धनायनिक सरफेक्टेंट्स (Cationic Surfactants)

जल में धनात्मक आवेश (+) देते हैं (चतुष्क अमोनियम यौगिक, जैसे टेलो-अमीन ETHOMEEN T/25 जो Roundup में मिला होता है)। अकेले प्रयोग में फसलों पर फाइटोटॉक्सिक हो सकते हैं।

4. ऑर्गेनोसिलिकॉन सरफेक्टेंट्स (Organosilicones — ‘Super-spreaders’)

आधुनिक ‘सुपर-स्प्रेडर्स’ (जैसे Silwet L-77) जो पृष्ठ तनाव को 20–22 dynes/cm तक गिरा देते हैं जिससे शाकनाशी घोल पत्ती के रंध्रों (Stomata) के अंदर सीधे प्रवेश (Stomatal flooding) कर जाता है और 15–30 मिनट में ‘रेनफास्टनेस’ (Rainfastness) दे देता है।

(C) अन्य प्रमुख एडजुवेंट्स (Other Important Adjuvant Categories)
  • 1. क्रॉप ऑयल कंसंट्रेट एवं मिथाइलेटेड सीड ऑयल (COC & MSO): 80–85% पेट्रोलियम/वनस्पति तेल + 15–20% सरफेक्टेंट; क्लोडिनाफॉप व टेम्बोट्रियोन जैसे लिपोफिलिक शाकनाशियों का अवशोषण बढ़ाते हैं।
  • 2. अमोनियम सल्फेट (AMS @ 1–2%) एवं यूरिया-अमोनियम नाइट्रेट (UAN): कठोर जल के Ca2+ और Mg2+ आयनों को बांधकर दुर्बल अम्ल शाकनाशियों (ग्लाइफोसेट, 2,4-D, इमेजेथापायर) की क्षमता बढ़ाते हैं।
  • 3. स्टिकर्स / चिपकाने वाले (Stickers — Latex, Pinolene): वर्षा या ओस से शाकनाशी को धुलने से बचाते हैं।
  • 4. ह्यूमेक्टेंट्स / नमी-रोधी (Humectants — Glycerol, Propylene glycol): पत्ती पर गिरी बूंद को जल्दी सूखने नहीं देते ताकि अवशोषण अधिक समय तक हो सके।
  • 5. ड्रिफ्ट रिटार्डेंट्स / थिकनर्स (Drift Retardants — Polyacrylamide): घोल की श्यानता (Viscosity) बढ़ाकर बहुत बारीक बूंदों (<100 μm) का बनना रोकते हैं जिससे हवा में बहाव (Spray drift) रुकता है।

2. शाकनाशी सेफनर्स / एंटीडोट्स (Herbicide Safeners / Antidotes — ‘Chemical Immunization of Crops’)

डॉ. ओटो हॉफमैन (Dr. Otto L. Hoffman) को ‘शाकनाशी सेफनर का जनक’ माना जाता है जिन्होंने 1962–1969 में 1,8-Naphthalic Anhydride (NA) की खोज की। सेफनर बीज उपचार के रूप में या शाकनाशी के साथ मिश्रित होकर फसल के अंदर ग्लूटाथियोन-S-ट्रांसफरेज (GST) और साइटोक्रोम P450 एंजाइमों की सक्रियता बढ़ा देते हैं, जिससे फसल के अंदर शाकनाशी तुरंत विषाक्त-मुक्त (Detoxified) हो जाता है:

  • 1. 1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड (1,8-NA): मक्का को थायोकार्बामेट (EPTC) से और धान/ज्वार को क्लोरोएसिटामाइड से बचाता है।
  • 2. सायोमेट्रिनिल (Cyometrinil), ऑक्सावेट्रिनिल (Oxabetrinil) व फ्लक्सोफेनिम (Fluxofenim): ज्वार (Sorghum) के बीज को मेटोलाक्लोर और एलाक्लोर की विषाक्तता से बचाते हैं।
  • 3. फेनक्लोरिम (Fenclorim): सीधी बुवाई वाले गीले धान (Wet-seeded rice) को प्रीटिलाक्लोर (Pretilachlor + Fenclorim = ‘Sofit’) से बचाता है।
  • 4. बेनॉक्साकोर (Benoxacor): मक्का को एस-मेटोलाक्लोर से बचाता है।
  • 5. मेफेनपायर-डाइइथाइल (Mefenpyr-diethyl) एवं क्लोक्विंटोसेट-मेक्सिल (Cloquintocet-mexyl): गेहूँ को फिनोक्साप्रॉप, क्लोडिनाफॉप और मेसोसल्फ्यूरॉन के पर्ण-झुलसन प्रभाव से बचाते हैं।

3. प्रमुख शाकनाशी संरूपण (Major Herbicide Formulations — Wet & Dry)

  1. पायसीकरणीय सांद्र (Emulsifiable Concentrate — EC): जल में अघुलनशील तैलीय शाकनाशी + कार्बनिक विलायक (Xylene) + इमल्सीफायर। पानी में मिलाने पर दूधिया सफेद पायस (Milky Oil-in-Water Emulsion) बनता है। उदाहरण: पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC, प्रीटिलाक्लोर 50% EC, 2,4-D Ethyl Ester 38% EC, ऑक्सीफ्लोरफेन 23.5% EC।
  2. घुलनशील द्रव / सांद्र (Soluble Liquid / Concentrate — SL): जल में पूर्णतः घुलनशील लवण; पानी में मिलाने पर पारदर्शी वास्तविक घोल (True clear solution) बनता है जिसे हिलाने (Agitation) की आवश्यकता नहीं होती। उदाहरण: पैराक्वाट 24% SL, ग्लाइफोसेट 41% SL, 2,4-D अमीन 58% SL, इमेजेथापायर 10% SL।
  3. जल में घुलनशील चूर्ण (Wettable Powder — WP): बारीक पिसी क्ले (Kaolinite/Talc) + सक्रिय तत्व + वेटिंग व डिस्पर्सिंग एजेंट। पानी में मिलाने पर निलंबन (Suspension) बनता है, जिसे स्प्रे टैंक में लगातार हिलाते रहना (Constant agitation) आवश्यक है अन्यथा चूर्ण तली में बैठ जाता है। उदाहरण: एट्राजिन 50% WP, आइसोप्रोट्यूरॉन 75% WP, 2,4-D सोडियम 80% WP, मेटसल्फ्यूरॉन 20% WP, क्लोडिनाफॉप 15% WP।
  4. जल-विक्षेपणीय कणिकाएँ / ड्राई फ्लोएबल (Water Dispersible Granules — WDG / WG / DF): WP के धूल उड़ने (Dust hazard) के दोष को दूर करने हेतु दानेदार रूप जो पानी में डालते ही तुरंत घुलकर निलंबन बना लेता है। उदाहरण: सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG, मेट्रीब्यूजिन 70% WG, पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन 10% WP/WG।
  5. निलंबन सांद्र / फ्लोएबल (Suspension Concentrate — SC) एवं जल में पायस (EW): कार्बनिक विलायक-मुक्त आधुनिक सुरक्षित तरल संरूपण। उदाहरण: बिसपायरीबैक-सोडियम 10% SC, टेम्बोट्रियोन 34.4% SC, ब्यूटाक्लोर 50% EW।
  6. कणिकाएँ (Granules — G; 2–10% a.i.): बिना पानी व स्प्रेयर के सीधे हाथ या ब्रॉडकास्टर से खड़े पानी में बुरकने योग्य। उदाहरण: ब्यूटाक्लोर 5% G, प्रीटिलाक्लोर 6% G।
  7. कैप्सूल सस्पेंशन / माइक्रो-एनकैप्सुलेशन (Capsule Suspension — CS): शाकनाशी की सूक्ष्म बूंदों के चारों ओर बहुलक (Polymer) का खोल चढ़ा होता है जिससे रसायन धीरे-धीरे (Slow/Controlled release) निकलता है। उदाहरण: पेंडिमेथालिन 38.7% CS (‘Stomp Xtra’)।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

एडजुवेंट्स एवं संरूपणों का वर्गीकरण:

  • एडजुवेंट के प्रकार: (1) एक्टिवेटर एडजुवेंट्स (Surfactants, Crop Oils, Ammonium salts — अवशोषण बढ़ाने वाले), (2) स्प्रे मोडिफायर/यूटिलिटी एडजुवेंट्स (Stickers, Humectants, Drift retardants, Buffers, Defoamers)।
  • संरूपण के प्रकार: (1) शुष्क संरूपण (Dry formulations: WP, SP, WDG/WG, G, Pellets), (2) तरल संरूपण (Liquid formulations: EC, SL, SC, EW, ME, CS)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • समान-घोलक एवं HLB संतुलन का सिद्धांत (Principle of Cuticular Penetration & HLB Balance): पत्ती की ऊपरी क्यूटिकल मोमी (Lipophilic) होती है जबकि अंदर की कोशिका भित्ति और प्रोटोप्लाज्म जलीय (Hydrophilic) होते हैं। सरफेक्टेंट अपने उभयधर्मी (Amphiphilic) गुण से दोनों माध्यमों के बीच पुल (Bridge) बनाकर शाकनाशी को पत्ती के अंदर पहुँचाता है।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

हल किए गए विश्वविद्यालयीय संख्यात्मक प्रश्न: व्यावसायिक शाकनाशी मात्रा एवं स्प्रेयर अंशांकन (Herbicide Dose & Sprayer Calibration Numericals)

प्रश्न 1 (Commercial Product Calculation): एक किसान को अपने 2.5 हेक्टेयर मक्का के खेत में बुवाई के तुरंत बाद एट्राजिन (Atrazine) का प्रयोग 0.75 kg a.i./ha की दर से करना है। यदि बाजार में उपलब्ध व्यावसायिक उत्पाद ‘Atrataf 50% WP’ है, तो किसान को कुल कितने किलोग्राम व्यावसायिक उत्पाद खरीदना होगा?

हल (Solution 1):

  • प्रति हेक्टेयर व्यावसायिक उत्पाद की मात्रा:
    $Commercial Product (kg/ha)=Recommended Dose (kg a.i./ha)×100\% a.i. in Formulation=0.75×10050=1.5 kg/ha$
  • अतः 2.5 ha खेत के लिए कुल आवश्यक Atrataf 50% WP =1.5×2.5=3.75 kg।

प्रश्न 2 (Liquid EC Formulation Calculation): गेहूँ के 1 हेक्टेयर खेत में पेंडिमेथालिन (Pendimethalin 30% EC) को 1.0 kg a.i./ha की दर से छिड़कने के लिए कितने लीटर ‘Stomp 30% EC’ की आवश्यकता होगी?

हल (Solution 2):

  • $Product Required (L/ha)=1.0×10030=3.33 Litres/ha$

प्रश्न 3 (Sprayer Calibration): एक नैपसैक स्प्रेयर का नोजल स्वाथ (Swath width) 1.2 मीटर है। ऑपरेटर 50 मीटर की दूरी तय करने में 3.0 लीटर पानी छिड़कता है। प्रति हेक्टेयर आवश्यक कुल छिड़काव घोल का आयतन (Spray Volume in L/ha) ज्ञात कीजिए।

हल (Solution 3):

  • परीक्षण क्षेत्रफल (A) =दूरी (L)×स्वाथ चौड़ाई (W)=50 m×1.2 m=60 m2
  • प्रति हेक्टेयर छिड़काव घोल आयतन:
    $Spray Volume (L/ha)=प्रयुक्त जल (L)×10,000परीक्षण क्षेत्रफल (m2)=3.0×10,00060=500 Litres/ha$

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 10.1: प्रमुख शाकनाशी संरूपणों (EC, SL, WP, WDG, SC, CS) की तुलना
संरूपण कोड एवं नाम भौतिक अवस्था जल में मिलाने पर बनने वाला मिश्रण स्प्रे टैंक में हिलाना (Agitation) प्रमुख उदाहरण
1. EC (Emulsifiable Concentrate) तैलीय द्रव दूधिया सफेद पायस (Milky O/W Emulsion) प्रारंभिक हिलाना पर्याप्त पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC
2. SL (Soluble Liquid) जलीय द्रव पारदर्शी वास्तविक घोल (True Clear Solution) कोई आवश्यकता नहीं ग्लाइफोसेट 41% SL, पैराक्वाट 24% SL
3. WP (Wettable Powder) सूक्ष्म चूर्ण अस्थिर निलंबन (Cloudy Suspension) निरंतर हिलाना अनिवार्य एट्राजिन 50% WP, मेटसल्फ्यूरॉन 20% WP
4. WDG / WG (Water Dispersible Granules) सूक्ष्म कणिकाएँ एकसमान निलंबन (धूल-रहित) मध्यम हिलाना आवश्यक सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG, मेट्रीब्यूजिन 70% WG
5. SC (Suspension Concentrate) गाढ़ा द्रव स्थिर जलीय निलंबन (विलायक-मुक्त) हल्का हिलाना पर्याप्त बिसपायरीबैक-सोडियम 10% SC
6. CS (Capsule Suspension) पॉलीमर कैप्सूल द्रव नियंत्रित-स्राव (Controlled-release) निलंबन हल्का हिलाना पर्याप्त पेंडिमेथालिन 38.7% CS (Stomp Xtra)

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

शाकनाशी मात्रा एवं स्प्रेयर अंशांकन के अनिवार्य सूत्र
  • 1. व्यावसायिक शाकनाशी की मात्रा (Commercial Formulation Dose):
    $Commercial Product (kg or L/ha)=Recommended Dose (kg a.i./ha)×100Active Ingredient (\% a.i.) in Formulation$
  • 2. स्प्रेयर अंशांकन — प्रति हेक्टेयर जल आयतन (Spray Volume Calibration):
    $V (L/ha)=q (L)×10,000L (m)×W (m)=नोजल प्रवाह दर Q (L/min)×600स्वाथ चौड़ाई W (m)×गति S (km/hr)$
  • 3. एक स्प्रेयर टैंक में डाली जाने वाली शाकनाशी मात्रा:
    $Herbicide per Tank=Tank Capacity (L)×Product Dose per haTotal Spray Volume (L/ha)$

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 10: एडजुवेंट्स, सरफेक्टेंट्स एवं शाकनाशी संरूपण
सरफेक्टेंट्स (Surfactants)
  • पृष्ठ तनाव 72.8 से घटाकर 30 dynes/cm व संपर्क कोण <30° करते हैं
  • अनायनिक (Non-ionic: Tween-20, Triton X-100) — सर्वाधिक प्रयुक्त
  • ऋणायनिक (Anionic: SLS) व धनायनिक (Cationic: Tallow amines)
  • ऑर्गेनोसिलिकॉन (Silwet L-77): रंध्रीय प्रवेश व सुपर-स्प्रेडर
अन्य एडजुवेंट्स एवं सेफनर्स
  • क्रॉप ऑयल (COC/MSO) व अमोनियम सल्फेट (AMS – कठोर जल रोधी)
  • स्टिकर्स, ह्यूमेक्टेंट्स व ड्रिफ्ट रिटार्डेंट्स
  • सेफनर जनक: ओटो हॉफमैन (1,8-NA की खोज)
  • प्रमुख सेफनर: फेनक्लोरिम (धान), सायोमेट्रिनिल (ज्वार), मेफेनपायर (गेहूँ)
शाकनाशी संरूपण (Formulations)
  • EC: दूधिया पायस (पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC)
  • SL: पारदर्शी वास्तविक घोल (ग्लाइफोसेट 41% SL, पैराक्वाट 24% SL)
  • WP व WDG/WG: निलंबन (एट्राजिन 50% WP, सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG)
  • SC, EW, G (दानेदार) एवं CS (कैप्सूल सस्पेंशन – नियंत्रित स्राव)
शाकनाशी गणना सूत्र
  • उत्पाद मात्रा = (सिफारिश kg a.i./ha × 100) / % a.i.
  • स्प्रे आयतन (L/ha) = (प्रयुक्त जल × 10,000) / (दूरी × स्वाथ)
  • अम्ल तुल्यांक (Acid Equivalent – a.e.)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

पत्ती की सतह पर सरफेक्टेंट द्वारा शाकनाशी अवशोषण बढ़ाने की प्रक्रिया (Surfactant Action on Leaf Cuticle)
Step 1
चरण 1: बिना सरफेक्टेंट के शुद्ध पानी की बूंद का उच्च पृष्ठ तनाव (72.8 dynes/cm) और उच्च संपर्क कोण (>110°) होने से मोमी पत्ती से बूंद का फिसलकर गिरना
⬇
Step 2
चरण 2: छिड़काव घोल में 0.1–0.25% नॉन-आयनिक या ऑर्गेनोसिलिकॉन सरफेक्टेंट का मिश्रण
⬇
Step 3
चरण 3: पृष्ठ तनाव घटकर ~25–30 dynes/cm और संपर्क कोण घटकर <30° होना → बूंद का पत्ती पर पतली फिल्म के रूप में फैलना
⬇
Step 4
चरण 4: सरफेक्टेंट के लिपोफिलिक सिरे द्वारा पत्ती की मोमी क्यूटिकल (Waxy Cuticle) को नरम करना एवं ह्यूमेक्टेंट द्वारा बूंद को सूखने से बचाना
⬇
Step 5
चरण 5: शाकनाशी अणुओं का क्यूटिकल और रंध्रों (Stomata) को पार कर मीसोफिल कोशिकाओं व फ्लोएम में तीव्र प्रवेश

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • शाकनाशी सेफनर / एंटीडोट (Herbicide Safener) की अवधारणा के जनक ‘डॉ. ओटो एल. हॉफमैन’ (Dr. Otto L. Hoffman) हैं, जिन्होंने प्रथम सेफनर ‘1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड’ (1,8-NA) खोजा।
  • सीधी बुवाई वाले अंकुरित धान में प्रीटिलाक्लोर (Pretilachlor) के साथ मिलाया जाने वाला प्रसिद्ध सेफनर ‘फेनक्लोरिम’ (Fenclorim — व्यावसायिक नाम ‘Sofit’) है, जबकि ज्वार के लिए ‘सायोमेट्रिनिल’ (Cyometrinil) और ‘ऑक्सावेट्रिनिल’ प्रयुक्त होता है।
  • कृषि छिड़काव में सर्वाधिक प्रयुक्त सरफेक्टेंट वर्ग ‘अनायनिक’ (Non-ionic surfactants — जैसे Tween-20, Triton X-100) है क्योंकि यह कठोर जल के आयनों से अभिक्रिया नहीं करता।
  • EC (Emulsifiable Concentrate) को पानी में मिलाने पर ‘दूधिया सफेद पायस’ (Milky emulsion) बनता है, जबकि WP (Wettable Powder) से ‘निलंबन’ (Suspension) और SL (Soluble Liquid) से ‘पारदर्शी वास्तविक घोल’ (True solution) बनता है।
  • यदि Atrazine 50% WP की सिफारिश 1.0 kg a.i./ha है, तो आवश्यक व्यावसायिक उत्पाद = (1.0 × 100)/50 = 2.0 kg/ha होगा।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • सरफेक्टेंट कार्य: पृष्ठ तनाव (72.8→30 dynes/cm) व संपर्क कोण (>100∘→<30∘) घटाकर फैलाव व क्यूटिकल भेदन बढ़ाना।
  • प्रमुख सेफनर्स: 1,8-NA (मक्का), Cyometrinil/Oxabetrinil (ज्वार), Fenclorim (धान में Pretilachlor के साथ), Mefenpyr-diethyl (गेहूँ)।
  • संरूपण: EC (पायस), SL (सच्चा घोल), WP व WDG (निलंबन — निरंतर हिलाना जरूरी), CS (माइक्रो-कैप्सूल)।
  • मात्रा सूत्र: Product=(Dose a.i.×100)/\% a.i.।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. यदि किसी फसल में ब्यूटाक्लोर (Butachlor 50% EC) की अनुशंसित मात्रा 1.25 kg a.i./ha है, तो प्रति हेक्टेयर कितने लीटर व्यावसायिक ब्यूटाक्लोर 50% EC की आवश्यकता होगी?
(A) 2.50 लीटर/हेक्टेयर
(B) 1.25 लीटर/हेक्टेयर
(C) 5.00 लीटर/हेक्टेयर
(D) 0.625 लीटर/हेक्टेयर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 2.50 लीटर/हेक्टेयर
व्याख्या: व्यावसायिक मात्रा = (अनुशंसित मात्रा a.i. × 100) / % a.i. = (1.25 × 100) / 50 = 2.50 लीटर/हेक्टेयर।
2. ‘पायसीकरणीय सांद्र’ (Emulsifiable Concentrate — EC) शाकनाशी संरूपण को पानी में मिलाने पर किस प्रकार का मिश्रण बनता है?
(A) दूधिया सफेद पायस (Milky Oil-in-Water Emulsion)
(B) पारदर्शी वास्तविक घोल
(C) सूखी कणिकाएँ
(D) गैस
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) दूधिया सफेद पायस (Milky Oil-in-Water Emulsion)
व्याख्या: EC संरूपण में तेल-घुलनशील शाकनाशी और इमल्सीफायर होता है जो पानी में दूध जैसा सफेद पायस (Emulsion) बनाता है।
3. किस शाकनाशी संरूपण को पानी में घोलने पर ‘निलंबन’ (Suspension) बनता है जिसके कणों को तली में बैठने से रोकने के लिए स्प्रे टैंक में निरंतर हिलाना (Constant agitation) अनिवार्य होता है?
(A) जल में घुलनशील चूर्ण (Wettable Powder — WP)
(B) घुलनशील द्रव (Soluble Liquid — SL)
(C) दानेदार (Granules — G)
(D) फ्यूमिगेंट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) जल में घुलनशील चूर्ण (Wettable Powder — WP)
व्याख्या: WP (जैसे एट्राजिन 50% WP) पानी में घुलता नहीं बल्कि निलंबित रहता है, इसलिए इसे निरंतर हिलाना पड़ता है।
4. कृषि में पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशियों के साथ सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले सरफेक्टेंट (Surfactant) किस रासायनिक वर्ग के होते हैं?
(A) अनायनिक सरफेक्टेंट (Non-ionic surfactants — जैसे Tween-20, Triton X-100)
(B) धनायनिक सरफेक्टेंट
(C) प्रबल अम्ल
(D) भारी धातु
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) अनायनिक सरफेक्टेंट (Non-ionic surfactants — जैसे Tween-20, Triton X-100)
व्याख्या: अनायनिक (Non-ionic) सरफेक्टेंट उदासीन होने के कारण कठोर जल के आयनों या किसी भी शाकनाशी के साथ अवक्षेप नहीं बनाते।
5. ‘शाकनाशी सेफनर / एंटीडोट’ (Herbicide Safener) की खोज का श्रेय किस वैज्ञानिक को जाता है और प्रथम खोजा गया सेफनर कौन-सा था?
(A) डॉ. ओटो एल. हॉफमैन — 1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड (1,8-NA)
(B) जेथ्रो टल — 2,4-D
(C) हैंस मोलिश — एट्राजिन
(D) रॉबर्ट हुक — पैराक्वाट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) डॉ. ओटो एल. हॉफमैन — 1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड (1,8-NA)
व्याख्या: ओटो हॉफमैन ने 1962 में 1,8-NA (Naphthalic anhydride) को प्रथम कॉमर्शियल क्रॉप सेफनर के रूप में खोजा था।
6. अंकुरित धान की सीधी बुवाई (Wet-seeded rice) में प्रीटिलाक्लोर (Pretilachlor) शाकनाशी की फसल विषाक्तता से धान को बचाने के लिए उसमें कौन-सा सेफनर (Safener) मिलाया जाता है?
(A) फेनक्लोरिम (Fenclorim)
(B) यूरिया
(C) जिंक सल्फेट
(D) बोरेक्स
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) फेनक्लोरिम (Fenclorim)
व्याख्या: प्रीटिलाक्लोर + फेनक्लोरिम (‘Sofit’) धान के अंकुरों को प्रीटिलाक्लोर की क्षति से पूर्णतः सुरक्षित रखता है।
7. छिड़काव घोल में सरफेक्टेंट मिलाने पर जल के पृष्ठ तनाव (Surface tension) और पत्ती पर संपर्क कोण (Contact angle) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(A) पृष्ठ तनाव और संपर्क कोण दोनों घट जाते हैं, जिससे बूंद पत्ती पर फैल जाती है
(B) दोनों बढ़ जाते हैं
(C) पानी बर्फ बन जाता है
(D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) पृष्ठ तनाव और संपर्क कोण दोनों घट जाते हैं, जिससे बूंद पत्ती पर फैल जाती है
व्याख्या: सरफेक्टेंट जल का पृष्ठ तनाव 72.8 से घटाकर ~30 dynes/cm और संपर्क कोण <30° कर देता है।
8. पेंडिमेथालिन 38.7% CS (Stomp Xtra) में ‘CS’ संरूपण का पूर्ण रूप क्या है?
(A) कैप्सूल सस्पेंशन (Capsule Suspension / Micro-encapsulated)
(B) क्लियर सॉल्यूशन
(C) कॉटन स्प्रे
(D) केमिकल साल्ट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कैप्सूल सस्पेंशन (Capsule Suspension / Micro-encapsulated)
व्याख्या: CS (Capsule Suspension) में शाकनाशी पॉलीमर के सूक्ष्म कैप्सूल में बंद होता है जिससे नियंत्रित स्राव (Controlled release) मिलता है।
9. कठोर जल (Hard water) में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों द्वारा ग्लाइफोसेट और 2,4-D के निष्क्रिय होने को रोकने के लिए टैंक में कौन-सा जल-कंडीशनर एडजुवेंट मिलाया जाता है?
(A) अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulfate — AMS @ 1–2%)
(B) चूना पत्थर
(C) साधारण रेत
(D) जिप्सम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulfate — AMS @ 1–2%)
व्याख्या: अमोनियम सल्फेट के सल्फेट आयन कठोर जल के Ca2+ को बांध लेते हैं और NH4+ आयन ग्लाइफोसेट का अवशोषण बढ़ाते हैं।
10. ज्वार (Sorghum) के बीजों को मेटोलाक्लोर और एलाक्लोर शाकनाशी की क्षति से बचाने के लिए किस बीज-उपचार सेफनर का उपयोग किया जाता है?
(A) सायोमेट्रिनिल (Cyometrinil) एवं ऑक्सावेट्रिनिल (Oxabetrinil)
(B) थायरम
(C) क्लोरपायरीफॉस
(D) राइजोबियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) सायोमेट्रिनिल (Cyometrinil) एवं ऑक्सावेट्रिनिल (Oxabetrinil)
व्याख्या: Cyometrinil (Concep) और Oxabetrinil (Concep II) ज्वार के विशिष्ट शाकनाशी सेफनर हैं।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. सरफेक्टेंट जल का पृष्ठ तनाव 72.8 dynes/cm से घटाकर ~30 dynes/cm और संपर्क कोण <30° कर देते हैं।
  2. कृषि छिड़काव में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले सरफेक्टेंट ‘अनायनिक’ (Non-ionic — जैसे Tween-20, Triton X-100) होते हैं।
  3. डॉ. ओटो हॉफमैन ने प्रथम शाकनाशी सेफनर ‘1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड’ (1,8-NA) की खोज की थी।
  4. EC संरूपण पानी में ‘दूधिया पायस’ (Emulsion), WP ‘निलंबन’ (Suspension) और SL ‘पारदर्शी घोल’ (True solution) बनाता है।
  5. व्यावसायिक शाकनाशी मात्रा का सूत्र = (सिफारिश की गई मात्रा kg a.i./ha × 100) / संरूपण में % a.i. है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. एडजुवेंट (Adjuvant) और सरफेक्टेंट (Surfactant) को एक वाक्य में परिभाषित कीजिए।
उत्तर: छिड़काव घोल की क्षमता व भौतिक गुण सुधारने वाला कोई भी सहायक पदार्थ ‘एडजुवेंट’ है, और जल का पृष्ठ तनाव घटाकर पत्ती पर घोल फैलाने वाला एडजुवेंट ‘सरफेक्टेंट’ कहलाता है।
2. EC, WP, SL और WDG का पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर: EC = Emulsifiable Concentrate; WP = Wettable Powder; SL = Soluble Liquid; WDG = Water Dispersible Granules।
3. किन्हीं तीन शाकनाशी सेफनर्स (Herbicide Safeners) के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) 1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड (1,8-NA), (2) फेनक्लोरिम (Fenclorim), और (3) सायोमेट्रिनिल (Cyometrinil)।
4. यदि सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG की सिफारिश 24 g a.i./ha है, तो प्रति हेक्टेयर कितने ग्राम व्यावसायिक उत्पाद लगेगा?
उत्तर: उत्पाद मात्रा = (24 × 100) / 75 = 32 ग्राम प्रति हेक्टेयर।
5. ‘सुपर-स्प्रेडर’ (Super-spreader) सरफेक्टेंट किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: ऑर्गेनोसिलिकॉन (Organosilicone) सरफेक्टेंट (जैसे Silwet L-77) जो पृष्ठ तनाव को 20–22 dynes/cm तक घटाकर रंध्रों से त्वरित प्रवेश कराते हैं, सुपर-स्प्रेडर कहलाते हैं।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. सरफेक्टेंट्स (Surfactants) क्या हैं? ये खरपतवार की पत्ती पर शाकनाशी की मारक क्षमता कैसे बढ़ाते हैं?
उत्तर: सरफेक्टेंट्स (Surface Active Agents) ऐसे उभयधर्मी अणु हैं जिनमें एक जल-स्नेही सिर (Hydrophilic head) और एक वसा-स्नेही पूँछ (Lipophilic tail) होती है। शुद्ध पानी का पृष्ठ तनाव उच्च (72.8 dynes/cm) होने के कारण उसकी बूंदें खरपतवार की मोमी क्यूटिकल से फिसलकर गिर जाती हैं। घोल में 0.1–0.25% सरफेक्टेंट मिलाने पर पृष्ठ तनाव घटकर 30 dynes/cm और संपर्क कोण <30° हो जाता है, जिससे घोल पत्ती पर पतली परत के रूप में फैल जाता है और मोमी क्यूटिकल को भेदकर अंदर प्रवेश कर जाता है।
2. सरफेक्टेंट्स के चारों रासायनिक वर्गों (Non-ionic, Anionic, Cationic, Organosilicone) का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: (1) अनायनिक (Non-ionic): कोई आवेश नहीं देते, कठोर जल व सभी शाकनाशियों के साथ संगत होने से सर्वाधिक प्रयुक्त (जैसे Tween-20, Triton X-100)। (2) ऋणायनिक (Anionic): ऋणात्मक आवेश देते हैं, WP और WG में वेटिंग/डिस्पर्सिंग एजेंट के रूप में प्रयुक्त (जैसे SLS)। (3) धनायनिक (Cationic): धनात्मक आवेश देते हैं (जैसे ग्लाइफोसेट में प्रयुक्त Tallow amine)। (4) ऑर्गेनोसिलिकॉन: सिलिकॉन आधारित ‘सुपर-स्प्रेडर्स’ (Silwet L-77) जो रंध्रों में सीधा प्रवेश और त्वरित रेनफास्टनेस देते हैं।
3. शाकनाशी सेफनर्स / एंटीडोट्स (Herbicide Safeners) क्या हैं? कृषि में प्रयुक्त चार प्रमुख सेफनर्स और उनकी लक्षित फसलों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: सेफनर्स वे रासायनिक यौगिक हैं जो खरपतवारों पर शाकनाशी की मारक शक्ति कम किए बिना मुख्य फसल के अंदर डिटॉक्सिफाइंग एंजाइम (GST एवं P450) को सक्रिय कर फसल को शाकनाशी की क्षति से बचाते हैं। चार प्रमुख उदाहरण: (1) 1,8-NA (मक्का में EPTC के विरुद्ध), (2) फेनक्लोरिम (सीधी बुवाई वाले धान में प्रीटिलाक्लोर के साथ), (3) सायोमेट्रिनिल एवं ऑक्सावेट्रिनिल (ज्वार में मेटोलाक्लोर के विरुद्ध), और (4) मेफेनपायर-डाइइथाइल (गेहूँ में फिनोक्साप्रॉप व मेसोसल्फ्यूरॉन के साथ)।
4. EC, WP, SL और WDG शाकनाशी संरूपणों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: (1) EC (पायसीकरणीय सांद्र): तेल आधारित द्रव जो पानी में दूधिया सफेद पायस (Emulsion) बनाता है (जैसे पेंडिमेथालिन 30% EC)। (2) SL (घुलनशील द्रव): पानी में पूर्णतः घुलकर पारदर्शी वास्तविक घोल (True solution) बनाता है (जैसे ग्लाइफोसेट 41% SL)। (3) WP (घुलनशील चूर्ण): बारीक पाउडर जो पानी में निलंबन (Suspension) बनाता है और जिसे टैंक में लगातार हिलाना पड़ता है (जैसे एट्राजिन 50% WP)। (4) WDG/WG (जल-विक्षेपणीय कणिकाएँ): धूल-रहित दानेदार संरूपण जो पानी में तुरंत बिखरकर निलंबन बनाता है (जैसे सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG)।
5. स्प्रेयर अंशांकन (Sprayer Calibration) क्या है और शाकनाशी छिड़काव से पहले यह क्यों आवश्यक है?
उत्तर: किसी स्प्रेयर द्वारा प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़के जाने वाले वास्तविक जल आयतन (Litres/ha) की गणना और समायोजन करने की प्रक्रिया को ‘स्प्रेयर अंशांकन’ (Calibration) कहते हैं। क्योंकि शाकनाशियों की मात्रा (विशेषकर अल्ट्रा-लो डोज शाकनाशी) अत्यंत सटीक होती है—यदि घोल कम गिरा तो खरपतवार नहीं मरेंगे और यदि अधिक गिरा तो फसल जल (Phytotoxicity) जाएगी। अतः छिड़काव से पूर्व नोजल प्रवाह, स्वाथ चौड़ाई और चलने की गति से प्रति हेक्टेयर पानी की मात्रा ज्ञात करना अनिवार्य है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. एडजुवेंट्स (Adjuvants) और सरफेक्टेंट्स (Surfactants) की अवधारणा, पत्ती की क्यूटिकल पर उनकी जैव-भौतिक क्रियाविधि (पृष्ठ तनाव, संपर्क कोण एवं HLB मान) तथा विभिन्न प्रकार के एडजुवेंट्स (Activators, Stickers, Humectants, Drift retardants, Safeners) का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: एडजुवेंट व सरफेक्टेंट की परिभाषा, प्रवाह चित्र सहित पृष्ठ तनाव व संपर्क कोण की व्याख्या, सरफेक्टेंट्स के चारों वर्ग और सेफनर्स का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करें।
2. शाकनाशी संरूपण (Herbicide Formulation) से आप क्या समझते हैं? प्रमुख शुष्क एवं तरल संरूपणों (EC, SL, WP, SP, WDG/WG, SC, EW, G एवं CS) के गुण-दोषों और उदाहरणों की सारणीबद्ध विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: संरूपण की आवश्यकता बताते हुए सभी 9 प्रमुख संरूपणों की संरचना, पानी में बनने वाले मिश्रण, हिलाने की आवश्यकता (Agitation) और उदाहरणों का तुलनात्मक सारणी 10.1 सहित वर्णन करें।
3. व्यावसायिक शाकनाशी उत्पाद की मात्रा गणना और स्प्रेयर अंशांकन के सूत्र लिखिए तथा निम्नलिखित की गणना कीजिए: (a) 3 हेक्टेयर गेहूँ के लिए पेंडिमेथालिन 30% EC @ 0.9 kg a.i./ha की मात्रा, और (b) 2 हेक्टेयर धान के लिए बिसपायरीबैक-सोडियम 10% SC @ 25 g a.i./ha की मात्रा।
उत्तर रूपरेखा: सूत्र लिखकर गणना करें: (a) पेंडिमेथालिन प्रति हेक्टेयर = (0.9 × 100)/30 = 3.0 L/ha; अतः 3 ha हेतु = 9.0 लीटर। (b) बिसपायरीबैक प्रति हेक्टेयर = (25 × 100)/10 = 250 mL/ha; अतः 2 ha हेतु = 500 mL।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।

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