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AGRON 311 Lecture 14: विभिन्न खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों में खरपतवार प्रबंधन, जलीय खरपतवार प्रबंधन एवं फसल प्रणालियों में खरपतवार प्रबंधन | Hindi Notes

Agro Path Finder official logoAGRO PATH FINDER
AGRON 311 · Weed Management
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
शैक्षणिक संदर्भ: शाकनाशियों की दरें, मिश्रण और उपयोग उपलब्ध कराए गए स्रोत का हिस्सा हैं। खेत में प्रयोग से पहले फसल-विशिष्ट वर्तमान label claim तथा स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की अनुशंसा जाँचें।
Lecture 14 Source Page Reference in Supplied Pack: 130 (AGRON 311 Theory Lecture 14)

Lecture 14: विभिन्न खाद्यान्न एवं बागवानी फसलों में खरपतवार प्रबंधन, जलीय खरपतवार प्रबंधन एवं फसल प्रणालियों में खरपतवार प्रबंधन

Weed management in different field and horticultural crops, aquatic weed management, weed management in cropping systems

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलों (धान — नर्सरी, रोपित व DSR; गेहूँ; मक्का; ज्वार; बाजरा), दलहनी फसलों (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मटर), तिलहनी फसलों (सोयाबीन, मूंगफली, सरसों) और नकदी फसलों (गन्ना, कपास) में प्रमुख खरपतवारों, क्रांतिक अवधि और अनुशंसित शाकनाशी अनुसूची (Herbicide, Dose in a.i./ha & Time of application) को कंठस्थ करना।
  • प्रमुख बागवानी व सब्जी फसलों (आलू, प्याज, लहसुन, टमाटर, मिर्च, गोभी एवं फल वृक्षों के बाग) के विशिष्ट खरपतवार प्रबंधन पैकेज को समझना।
  • जलीय खरपतवारों (Aquatic Weeds) के चारों पारिस्थितिक वर्गों—(1) स्वतंत्र तैरने वाले (जलकुंभी, साल्विनिया, पिस्टिया), (2) जड़युक्त तैरती पत्ती वाले (कमल, कुमुदिनी), (3) जलमग्न (हाइड्रिला, वैलिसनेरिया, पोटामाोजेटोन), और (4) निर्गत/किनारे के (टाइफा/गोंदपूरी, नरकुल)—तथा उनके भौतिक, जैविक व रासायनिक प्रबंधन का अध्ययन करना।
  • फसल प्रणालियों (Cropping Systems — धान-गेहूँ अनुक्रमिक प्रणाली तथा मक्का+दलहन और गन्ना+सरसों/दलहन अंतःफसल प्रणाली) में सुरक्षित शाकनाशी चयन एवं अवशेष प्रबंधन (Carryover management) को जानना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): पिछले 13 व्याख्यानों में हमने खरपतवार विज्ञान के सभी सैद्धांतिक, पारिस्थितिक, यांत्रिक, जैविक और जैव-रासायनिक पहलुओं का अध्ययन किया। यह अंतिम व्याख्यान 14 (Lecture 14) संपूर्ण पाठ्यक्रम का ‘व्यावहारिक क्षेत्र-अनुप्रयोग संकलन’ (Practical Field Application Master Compendium) है।

किसी भी कृषि अधिकारी, वैज्ञानिक या विद्यार्थी से खेत और प्रतियोगी परीक्षाओं (ICAR-JRF/SRF, ARS, AO, AAO, IFFCO, KRIBHCO एवं विश्वविद्यालयीय परीक्षा) में सबसे अधिक प्रश्न इसी विषय से पूछे जाते हैं कि किस फसल या फसल प्रणाली में कौन-सा शाकनाशी, कितनी मात्रा (a.i./ha) में और किस समय (PPI / PE / PoE) प्रयोग किया जाना चाहिए तथा नहरों व तालाबों के जलीय खरपतवारों को मछली व जल की सुरक्षा करते हुए कैसे नियंत्रित किया जाए।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

अंतःफसल वरणात्मक शाकनाशी (Intercrop-Safe Selective Herbicide)
वह शाकनाशी जो एक साथ उगाई जा रही दो भिन्न कुल की फसलों (जैसे एकबीजपत्री मक्का/ज्वार + द्विबीजपत्री लोबिया/मूंग/सोयाबीन) दोनों के लिए पूर्णतः सुरक्षित (Selective) हो; जैसे पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg a.i./ha PE) और एलाक्लोर। (जबकि एट्राजिन और 2,4-D दलहनी अंतःफसल को मार देते हैं)।
जलीय खरपतवार (Aquatic Weeds / Hydrophytic Weeds)
वे अवांछित पादप जो नहरों, तालाबों, झीलों, जलाशयों और जल-निकास नालियों के अंदर या सतह पर उगकर जल प्रवाह को 40–80% तक रोक देते हैं, वाष्पोत्सर्जन से पानी उड़ाते हैं और मछली पालन व नौकायन में बाधा डालते हैं (जैसे जलकुंभी, साल्विनिया, हाइड्रिला, टाइफा)।
शाकनाशी कैरी-ओवर / अवशेष प्रभाव (Herbicide Carryover in Sequential Cropping)
जब पहली ऋतु की फसल (जैसे खरीफ मक्का में उच्च मात्रा में दिया गया एट्राजिन या रबी गेहूँ में दिया गया सल्फोसलफ्यूरॉन) का अवशेष मिट्टी में विघटित न होकर अगली ऋतु की संवेदनशील फसल (जैसे मक्का के बाद चना/सरसों या गेहूँ के बाद ज्वार/मक्का) के अंकुरण को नुकसान पहुँचाता है।
निदेशित / हुल्डेड स्प्रे (Directed / Hooded Post-Emergence Spray)
चौड़ी कतार वाली फसलों (कपास, गन्ना, बागवानी फल वृक्ष) में स्प्रेयर नोजल पर प्लास्टिक का सुरक्षात्मक हुड (Protective hood/shield) लगाकर फसल की पत्तियों को बचाते हुए केवल कतारों के बीच की जमीन पर अवरणात्मक शाकनाशी (पैराक्वाट या ग्लाइफोसेट) छिड़कने की तकनीक।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. विभिन्न खाद्यान्न, दलहनी, तिलहनी, नकदी एवं बागवानी फसलों में खरपतवार प्रबंधन (Crop-Wise Weed Management Schedule)

(A) खाद्यान्न फसलें (Cereal Crops):
  1. धान (Rice — Oryza sativa):
    • प्रमुख खरपतवार: सांवा (Echinochloa colona / E. crus-galli), कोदों, मोथा (Cyperus iria, C. difformis), भृंगराज (Eclipta alba), लुडविगिया, मार्सिलिया (चौंती), जंगली धान।
    • रोपित धान (Transplanted Rice): ब्यूटाक्लोर (1.0–1.5 kg a.i./ha) या प्रीटिलाक्लोर (0.5–0.75 kg a.i./ha) या अनिलोफॉस (0.4 kg/ha) या पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन-इथाइल (20–25 g/ha) रोपाई के 2–4 दिन बाद (2–4 DAT) खड़े पानी में + बिसपायरीबैक-सोडियम (Nominee Gold @ 20–25 g a.i./ha) या एल्मिक्स (Almix @ 4 g a.i./ha) या फेनॉक्साप्रॉप + एथॉक्सीसल्फ्यूरॉन 15–25 DAT पर + 35 DAT पर कोनो-वीडर।
    • सीधी बुवाई वाला धान (Direct Seeded Rice – DSR): पेंडिमेथालिन (1.0 kg a.i./ha PE 1–2 DAS पर) [या अंकुरित बीज में प्रीटिलाक्लोर + फेनक्लोरिम ‘Sofit’ @ 0.5 kg/ha] + 15–20 DAS पर बिसपायरीबैक-सोडियम (25 g/ha) या पेनोक्ससुलम + सायहालोफॉप।
  2. गेहूँ (Wheat — Triticum aestivum):
    • प्रमुख खरपतवार: गेहूँसा (Phalaris minor), जंगली जई (Avena fatua), बथुआ (Chenopodium album), कृष्णनील (Anagallis arvensis), हिरणखुरी (Convolvulus arvensis), जंगली पालक (Rumex dentatus), सेंजी, बटरी।
    • शाकनाशी अनुसूची: पेंडिमेथालिन (1.0 kg/ha PE) या बहु-प्रतिरोधी गेहूँसा क्षेत्रों में पाइरोक्सासल्फोन (Pyroxasulfone @ 127.5 g a.i./ha PE); खड़ी फसल में 30–35 DAS पर:
      • केवल चौड़ी पत्ती हेतु: 2,4-D (0.5 kg a.i./ha) या मेटसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (4 g a.i./ha) या कारफेंट्राजोन-इथाइल (20 g a.i./ha — मालवा व हिरणखुरी हेतु भी)।
      • केवल संकरी पत्ती (गेहूँसा/जई) हेतु: क्लोडिनाफॉप-प्रोपार्जिल (60 g a.i./ha) या फिनोक्साप्रॉप-p-इथाइल (100–120 g/ha) या पिनोक्साडेन (Axial @ 40–50 g/ha)।
      • मिश्रित खरपतवार (संकरी + चौड़ी दोनों) हेतु: सल्फोसलफ्यूरॉन (25 g/ha) या रेडी-मिक्स सल्फोसलफ्यूरॉन + मेटसल्फ्यूरॉन (‘Total’ @ 32 g a.i./ha) या मेसोसल्फ्यूरॉन + आयोडोसल्फ्यूरॉन (‘Atlantis’ @ 14.4 g a.i./ha)।
  3. मक्का, ज्वार एवं बाजरा (Maize, Sorghum & Pearl Millet):
    • प्रमुख खरपतवार: पत्थरचट्टा / साठी (Trianthema portulacastrum), मकरा घास (Dactyloctenium), सांवा, जंगली चौलाई, हजारदाना, स्ट्राइगा (ज्वार-बाजरा में जड़ परजीवी)।
    • शाकनाशी अनुसूची: बुवाई के 0–2 दिन बाद एट्राजिन (Atrazine @ 0.5–1.0 kg a.i./ha PE — बाजरा में कम मात्रा 0.5 kg/ha); खड़ी मक्का में 15–25 DAS पर टेम्बोट्रियोन (Tembotrione — ‘Laudis’ @ 120 g a.i./ha) या टोप्राजोन (Topramezone @ 25.2 g/ha) या हैलोज़ल्फ्यूरॉन-मिथाइल (Halosulfuron @ 67.5 g/ha — मोथा नियंत्रण हेतु विशेष) + 30–35 DAS पर एक गुड़ाई।
(B) दलहनी एवं तिलहनी फसलें (Pulses & Oilseed Crops):
  1. सोयाबीन एवं मूंगफली (Soybean & Groundnut):
    • पेंडिमेथालिन (1.0 kg a.i./ha PE) या डाइक्लोसुलम (Diclosulam @ 22–26 g a.i./ha PE) या सल्फेंट्राजोन (Sulfentrazone @ 360 g/ha PE); खड़ी फसल में 15–20 DAS पर इमेजेथापायर (Imazethapyr @ 75–100 g a.i./ha) या इमेजेथापायर + इमाज़ामॉक्स (‘Odyssey’ @ 70 g/ha) या केवल घासों हेतु क्विज़ालोफॉप-इथाइल (Quizalofop-ethyl @ 50 g a.i./ha) + 35 DAS पर एक बखरनी/गुड़ाई।
  2. चना, मटर, मसूर, अरहर, मूंग एवं उड़द (Pulses):
    • पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg a.i./ha PE) या रेडी-मिक्स पेंडिमेथालिन + इमेजेथापायर (‘Valor-32’ @ 1.0 kg/ha PE); खड़ी खरीफ दलहन (मूंग, उड़द, अरहर) में 15–20 DAS पर इमेजेथापायर (50–75 g a.i./ha) तथा रबी चना/मटर में केवल घासों हेतु क्विज़ालोफॉप-इथाइल (40–50 g/ha) + 30–35 DAS पर एक गुड़ाई।
  3. सरसों एवं राई (Mustard & Rapeseed):
    • पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg a.i./ha PE) या ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15–0.20 kg a.i./ha PE)। परजीवी खरपतवार आज्ञा / ओरोबैंकी (Orobanche aegyptiaca) के नियंत्रण हेतु बुवाई के 25 और 50 दिन बाद ग्लाइफोसेट की अति-सूक्ष्म सब-लीथल मात्रा (25 और 50 g a.i./ha) का सावधानीपूर्वक छिड़काव।
(C) नकदी एवं बागवानी/सब्जी फसलें (Cash & Horticultural Crops):
  1. गन्ना (Sugarcane): अंधी गुड़ाई (15–20 DAS) + सूखी पत्ती मल्चिंग + एट्राजिन (1.0–2.0 kg a.i./ha PE) या मेट्रीब्यूजिन (Metribuzin @ 1.0–1.4 kg a.i./ha PE) + मोथा व चौड़ी पत्ती हेतु 30–45 DAS पर 2,4-D (1.0 kg/ha) + हेलोसल्फ्यूरॉन (67.5 g/ha)।
  2. कपास (Cotton): पेंडिमेथालिन (1.0 kg/ha PE) या ड्यूरॉन (Diuron @ 0.5–0.75 kg/ha PE) + 20–25 DAS पर पाइरिथियोबैक-सोडियम (Pyrithiobac-sodium — ‘Hitweed’ @ 62.5 g a.i./ha) + क्विज़ालोफॉप-इथाइल (50 g/ha) + 45 DAS पर हुड लगाकर कतारों के बीच पैराक्वाट/ग्लाइफोसेट का निदेशित स्प्रे।
  3. आलू एवं टमाटर (Potato & Tomato — Solanaceae): बुवाई/रोपाई के बाद मेट्रीब्यूजिन (Metribuzin — ‘Sencor’ @ 0.35–0.50 kg a.i./ha PE) या आलू के 5% अंकुरण पर उगे खरपतवारों पर पैराक्वाट (0.5 kg a.i./ha Early PoE)।
  4. प्याज एवं लहसुन (Onion & Garlic): उथली जड़ व बिना छाया वाली फसल होने से खरपतवारों के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील; रोपाई के 2–3 दिन बाद ऑक्सीफ्लोरफेन (Oxyfluorfen — ‘Goal’ @ 0.15–0.25 kg a.i./ha PE/Early PoE) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg/ha PE) + 30–35 DAT पर एक गुड़ाई।

2. जलीय खरपतवार प्रबंधन (Aquatic Weed Management)

(A) आवास के अनुसार जलीय खरपतवारों के 4 पारिस्थितिक वर्ग:
1. स्वतंत्र तैरने वाले (Free-Floating Weeds)

पानी की सतह पर बिना मिट्टी में जड़ जमाए तैरते हैं। उदाहरण: जलकुंभी (Eichhornia crassipes — ‘बंगाल का आतंक’), साल्विनिया / जलीय फर्न (Salvinia molesta), जल सलाद / पिस्टिया (Pistia stratiotes), लेम्ना (Duckweed)।

2. जड़युक्त तैरती पत्ती वाले (Rooted Floating-Leaved)

जड़ें तालाब के तल की मिट्टी में धँसी होती हैं किंतु पत्तियाँ और फूल पानी की सतह पर तैरते हैं। उदाहरण: कमल (Nelumbo nucifera), कुमुदिनी / वाटर लिली (Nymphaea stellata), जussiaea।

3. पूर्णतः जलमग्न (Submerged Weeds)

पूरा पौधा पानी की सतह के नीचे डूबा रहता है; नहरों के जल प्रवाह को सर्वाधिक रोकते हैं। उदाहरण: हाइड्रिला (Hydrilla verticillata), वैलिसनेरिया (Vallisneria spiralis — Eel grass), पोटामाोजेटोन (Potamogeton), सिरेटोफिलम (Ceratophyllum), शैवाल (Chara, Nitella)।

4. निर्गत / दलदली किनारे के (Emergent / Marginal Weeds)

जड़ें उथले पानी की कीचड़ में होती हैं और तना व पत्तियाँ पानी से काफी ऊपर हवा में निकली रहती हैं। उदाहरण: टाइफा / एलीफेंट ग्रास / गोंदपूरी (Typha angustata), नरकुल (Phragmites karka), पॉलीगोनम, साइपरस।

(B) जलीय खरपतवारों के एकीकृत प्रबंधन की विधियाँ:
  • 1. भौतिक एवं यांत्रिक विधियाँ: हाथ या जाल से निकालना, ड्रेजिंग (Dredging), चैनिंग (Chaining), अंडरवाटर मोइंग/वीड हार्वेस्टर नाव, नहरों को गर्मी में सुखाना (Drying/Desiccation) और जलकुंभी का बायोगैस, वर्मीकंपोस्ट व हैंडमेड पेपर बनाने में उपयोग (Control through utilization)।
  • 2. जैविक नियंत्रण (Biological Control — सबसे सुरक्षित):
    • जलकुंभी हेतु: एक्सोटिक घुन Neochetina eichhorniae एवं Neochetina bruchi तथा माइट Orthogalumna terebrantis।
    • साल्विनिया फर्न हेतु: घुन Cyrtobagous salviniae।
    • जलमग्न खरपतवारों (हाइड्रिला, वैलिसनेरिया) हेतु: शाकाहारी मछली ‘चीनी ग्रास कार्प / व्हाइट अमूर’ (Ctenopharyngodon idella @ 100–200 मछलियाँ/ha)।
  • 3. रासायनिक नियंत्रण (Chemical Control):
    • जलकुंभी व पिस्टिया हेतु: 2,4-D सोडियम/अमीन लवण (1.5–2.0 kg a.i./ha) या ग्लाइफोसेट (1.5–2.0 kg/ha) या पैराक्वाट (0.6–1.0 kg/ha) का पत्तियों पर स्प्रे।
    • टाइफा (Typha) व नरकुल हेतु: फूल आने की अवस्था पर ग्लाइफोसेट (1.0–1.5% घोल) या दालापॉन (Dalapon) का छिड़काव।
    • शैवाल (Algal bloom — Chara, Nitella, Spirogyra) हेतु: कॉपर सल्फेट (Copper sulphate — CuSO4·5H2O @ 0.5–1.0 ppm)।

3. फसल प्रणालियों में खरपतवार प्रबंधन (Weed Management in Cropping Systems)

भारत में एकल फसल के बजाय अंतःफसल प्रणाली (Intercropping) और अनुक्रमिक फसल प्रणाली (Sequential Cropping) अपनाई जाती है, जिनमें शाकनाशी का चुनाव पूरे सिस्टम को ध्यान में रखकर किया जाता है:

  • 1. अंतःफसल प्रणाली (Intercropping Systems — जैसे मक्का/ज्वार/बाजरा/गन्ना + मूंग/उड़द/लोबिया/सोयाबीन):
    • यहाँ एक फसल एकबीजपत्री (Cereal) और दूसरी द्विबीजपत्री (Legume) होती है। अतः इसमें एट्राजिन या 2,4-D का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है क्योंकि वे दलहन को मार देंगे।
    • अनुशंसित सुरक्षित प्री-इमर्जेंस शाकनाशी: पेंडिमेथालिन (Pendimethalin @ 0.75–1.0 kg a.i./ha PE) या एलाक्लोर (Alachlor @ 1.0–1.5 kg/ha PE) या ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15 kg/ha PE) जो दोनों फसलों के लिए पूर्णतः सुरक्षित हैं।
  • 2. अनुक्रमिक फसल प्रणाली (Sequential Cropping — जैसे धान-गेहूँ, मक्का-चना/सरसों, कपास-गेहूँ):
    • मृदा अवशेष कैरी-ओवर से बचाव: यदि खरीफ मक्का में एट्राजिन की उच्च मात्रा (>1.5 kg/ha) दी गई हो तो रबी में चना, मटर या सरसों के अंकुरण पर विषाक्त प्रभाव पड़ सकता है। इसी प्रकार यदि रबी गेहूँ में सल्फोसलफ्यूरॉन का प्रयोग देर से किया गया हो और मृदा pH क्षारीय (>8.0) हो, तो अगली खरीफ में ज्वार और मक्का (Sorghum & Maize) में गंभीर अवशेष क्षति हो सकती है।
    • रोटेशनल खरपतवार नियंत्रण: धान-गेहूँ प्रणाली में लगातार एक ही चक्र के कारण पनपे गेहूँसा और जंगली धान को तोड़ने के लिए हर तीसरे वर्ष रबी में बरसीम या सरसों और ग्रीष्म में मूंग (Summer Moong) को शामिल करना चाहिए।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

फसल एवं पारिस्थितिकी के अनुसार शाकनाशी चयन का त्वरित वर्गीकरण:

  • सार्वभौमिक प्री-इमर्जेंस (अंतःफसल सहित लगभग सभी फसलों में सुरक्षित): पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg a.i./ha)।
  • विशिष्ट फसल-युग्म शाकनाशी: धान → ब्यूटाक्लोर/प्रीटिलाक्लोर/बिसपायरीबैक; गेहूँ → सल्फोसलफ्यूरॉन/क्लोडिनाफॉप/पाइरोक्सासल्फोन; मक्का/गन्ना → एट्राजिन/टेम्बोट्रियोन; सोयाबीन/दलहन → इमेजेथापायर; आलू/टमाटर/गन्ना → मेट्रीब्यूजिन; प्याज/लहसुन → ऑक्सीफ्लोरफेन; कपास → पाइरिथियोबैक-सोडियम।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • प्रणाली-आधारित खरपतवार प्रबंधन का सिद्धांत (Principle of System-Based Weed Management): किसी एक ऋतु की फसल में खरपतवार प्रबंधन केवल उस फसल की उपज बचाने के लिए नहीं, बल्कि अगली ऋतु की फसल के लिए मृदा बीज बैंक को घटाने और किसी भी हानिकारक शाकनाशी अवशेष (Residue carryover) को छोड़ने से बचने के लिए किया जाना चाहिए।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

हल किया गया संख्यात्मक उदाहरण: तालाब में शैवाल नियंत्रण हेतु कॉपर सल्फेट (ppm) की मात्रा गणना

प्रश्न: एक मछली तालाब की लंबाई 50 m, चौड़ाई 20 m और औसत गहराई 1.5 m है। तालाब में शैवाल (Chara एवं Nitella) के नियंत्रण हेतु 1.0 ppm (mg/L) की दर से कितने किलोग्राम कॉपर सल्फेट (CuSO4) की आवश्यकता होगी?

हल (Solution):

  • तालाब में जल का कुल आयतन (V) =50 m×20 m×1.5 m=1,500 m3
  • चूँकि 1 m3=1,000 Litres (या 1,000 kg जल), अतः कुल जल =1,500×1,000=1.5×106 Litres (1.5 Million kg जल)।
  • 1.0 ppm का अर्थ है प्रति दस लाख (106) भाग जल में 1 भाग रसायन (अर्थात् 1 mg/L):
    $Required CuSO4=1.5×106 L×1.0 mg/L=1.5×106 mg=1.5 kg$

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 14.1: भारत की प्रमुख खाद्यान्न, दलहनी, तिलहनी, नकदी एवं बागवानी फसलों की मास्टर शाकनाशी अनुसूची
फसल का नाम अंकुरण-पूर्व (Pre-Emergence: 0–3 DAS/DAT) एवं मात्रा (a.i./ha) अंकुरण-पश्चात (Post-Emergence: 15–35 DAS/DAT) एवं मात्रा (a.i./ha)
1. धान (Rice) ब्यूटाक्लोर (1.25 kg) या प्रीटिलाक्लोर (0.75 kg) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg – DSR) बिसपायरीबैक-सोडियम (20–25 g) या एल्मिक्स (4 g) या 2,4-D (0.5 kg)
2. गेहूँ (Wheat) पेंडिमेथालिन (1.0 kg) या पाइरोक्सासल्फोन (127.5 g) सल्फोसलफ्यूरॉन (25 g) या क्लोडिनाफॉप (60 g) या 2,4-D (0.5 kg) या मेटसल्फ्यूरॉन (4 g)
3. मक्का एवं ज्वार एट्राजिन (0.5–1.0 kg) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg) टेम्बोट्रियोन (120 g – मक्का) या टोप्राजोन (25.2 g) या 2,4-D (0.5 kg)
4. सोयाबीन एवं मूंगफली पेंडिमेथालिन (1.0 kg) या डाइक्लोसुलम (24 g) इमेजेथापायर (75–100 g at 15–20 DAS) या ओडिसी (70 g) या क्विज़ालोफॉप (50 g)
5. चना, मटर, अरहर, मूंग पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg) या पेंडिमेथालिन+इमेजेथापायर (Valor-32) इमेजेथापायर (50–75 g – खरीफ दलहन में) या क्विज़ालोफॉप-इथाइल (40–50 g)
6. सरसों (Mustard) पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg) या ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15–0.20 kg) क्विज़ालोफॉप-इथाइल (50 g — घासों हेतु); ओरोबैंकी हेतु ग्लाइफोसेट (25–50 g)
7. गन्ना (Sugarcane) एट्राजिन (1.0–2.0 kg) या मेट्रीब्यूजिन (1.0–1.4 kg) 2,4-D (1.0 kg) + हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (67.5 g — मोथा हेतु)
8. कपास (Cotton) पेंडिमेथालिन (1.0 kg) या ड्यूरॉन (0.5–0.75 kg) पाइरिथियोबैक-सोडियम (62.5 g) + क्विज़ालोफॉप (50 g) या हुल्डेड पैराक्वाट
9. आलू एवं टमाटर मेट्रीब्यूजिन (0.35–0.50 kg) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg) पैराक्वाट (0.5 kg — आलू में 5% अंकुरण पर संपर्क स्प्रे)
10. प्याज एवं लहसुन ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15–0.25 kg) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg) ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15 kg at 15–20 DAT) या प्रोपाक्विज़ाफॉप (घासों हेतु)

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

जलीय खरपतवार प्रबंधन में ppm गणना का सूत्र
  • जलाशय में आवश्यक रसायन की मात्रा (Herbicide Quantity for Aquatic Bodies in ppm):
    $Required Active Ingredient (kg)=जल आयतन (m3)×आवश्यक सांद्रता (ppm)1,000$
    (क्योंकि 1 m3 जल=1,000 kg जल; अतः 1,000 m3 जल में 1 ppm सांद्रता के लिए ठीक 1 kg सक्रिय तत्व की आवश्यकता होती है।)

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 14: फसलों, जलीय एवं फसल प्रणालियों में खरपतवार प्रबंधन
खाद्यान्न एवं नकदी फसलें
  • धान: ब्यूटाक्लोर/प्रीटिलाक्लोर (PE) + बिसपायरीबैक/एल्मिक्स (PoE)
  • गेहूँ: पेंडिमेथालिन/पाइरोक्सासल्फोन (PE) + सल्फोसलफ्यूरॉन/क्लोडिनाफॉप/2,4-D
  • मक्का/गन्ना: एट्राजिन (PE) + टेम्बोट्रियोन/हेलोसल्फ्यूरॉन (PoE)
  • कपास: पेंडिमेथालिन/ड्यूरॉन (PE) + पाइरिथियोबैक-सोडियम (PoE)
दलहन, तिलहन एवं बागवानी
  • सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द: पेंडिमेथालिन (PE) + इमेजेथापायर (15-20 DAS)
  • आलू एवं टमाटर: मेट्रीब्यूजिन (Sencor @ 0.35-0.5 kg/ha)
  • प्याज एवं लहसुन: ऑक्सीफ्लोरफेन (Goal @ 0.15-0.25 kg/ha)
  • सरसों: पेंडिमेथालिन/ऑक्सीफ्लोरफेन (PE)
जलीय खरपतवार प्रबंधन
  • स्वतंत्र तैरने वाले: जलकुंभी (Neochetina + 2,4-D), साल्विनिया (Cyrtobagous)
  • जलमग्न: हाइड्रिला, वैलिसनेरिया (ग्रास कार्प मछली Ctenopharyngodon idella)
  • निर्गत/किनारे के: टाइफा, नरकुल (ग्लाइफोसेट / दालापॉन)
  • शैवाल (Chara/Nitella): कॉपर सल्फेट (CuSO4 @ 0.5-1.0 ppm)
फसल प्रणाली (Cropping Systems)
  • अंतःफसल (मक्का/गन्ना + दलहन): पेंडिमेथालिन या एलाक्लोर (PE) सर्वश्रेष्ठ
  • अंतःफसल में एट्राजिन व 2,4-D पूर्णतः वर्जित (दलहन को क्षति)
  • अनुक्रमिक प्रणाली: गेहूँ में सल्फोसलफ्यूरॉन का ज्वार/मक्का पर अवशेष प्रभाव
  • धान-गेहूँ में गेहूँसा तोड़ने हेतु बरसीम/सरसों का रोटेशन

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

फसल एवं फसल-प्रणाली के अनुसार सुरक्षित शाकनाशी चयन की मास्टर कुंजी (Master Decision Key for Crop-System Herbicide Selection)
Step 1
चरण 1: क्या फसल एकल (Sole crop) है या अंतःफसल (Intercropping: Cereal + Legume)? → यदि अंतःफसल है, तो एट्राजिन/2,4-D न लगाएँ; केवल पेंडिमेथालिन या एलाक्लोर (PE) चुनें
⬇
Step 2
चरण 2: यदि एकल अनाज फसल है → धान (ब्यूटाक्लोर PE / बिसपायरीबैक PoE), गेहूँ (पाइरोक्सासल्फोन PE / सल्फोसलफ्यूरॉन या क्लोडिनाफॉप + मेटसल्फ्यूरॉन PoE), मक्का (एट्राजिन PE / टेम्बोट्रियोन PoE)
⬇
Step 3
चरण 3: यदि दलहनी/तिलहनी फसल (सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द) है → पेंडिमेथालिन (PE) + 15–20 DAS पर इमेजेथापायर या क्विज़ालोफॉप (PoE)
⬇
Step 4
चरण 4: यदि सब्जी फसल है → आलू व टमाटर में मेट्रीब्यूजिन (PE); प्याज व लहसुन में ऑक्सीफ्लोरफेन (PE/Early PoE)
⬇
Step 5
चरण 5: अगली ऋतु की फसल (Sequential crop) की संवेदनशीलता देखते हुए अवशेष-मुक्त मात्रा और 30–35 DAS पर एक गुड़ाई सुनिश्चित करें

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • अनाज + दलहन अंतःफसल प्रणाली (जैसे मक्का + लोबिया/मूंग या ज्वार + अरहर) के लिए सर्वाधिक सुरक्षित और सार्वभौमिक प्री-इमर्जेंस शाकनाशी ‘पेंडिमेथालिन’ (Pendimethalin @ 0.75–1.0 kg a.i./ha) और ‘एलाक्लोर’ हैं।
  • आलू, टमाटर और गन्ने के लिए सबसे विशिष्ट प्री-इमर्जेंस/अर्ली पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशी ‘मेट्रीब्यूजिन’ (Metribuzin — Sencor) है, जबकि प्याज और लहसुन के लिए ‘ऑक्सीफ्लोरफेन’ (Oxyfluorfen — Goal) है।
  • कपास की खड़ी फसल (20–25 DAS) में चौड़ी पत्ती के खरपतवारों को नियंत्रित करने वाला विशिष्ट वरणात्मक शाकनाशी ‘पाइरिथियोबैक-सोडियम’ (Pyrithiobac-sodium — Hitweed) है।
  • मक्का और गन्ने में बहुवर्षीय ‘मोथा’ (Cyperus rotundus) को खड़ी फसल में जड़ से मारने वाला विशिष्ट सल्फोनिलयूरिया शाकनाशी ‘हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल’ (Halosulfuron-methyl — Sempra @ 67.5 g a.i./ha) है।
  • जलीय खरपतवारों में जलकुंभी व साल्विनिया ‘स्वतंत्र तैरने वाले’ (Free-floating), हाइड्रिला व वैलिसनेरिया ‘जलमग्न’ (Submerged) और टाइफा व नरकुल ‘निर्गत’ (Emergent) खरपतवार हैं।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • धान: ब्यूटाक्लोर/प्रीटिलाक्लोर (PE) + बिसपायरीबैक-सोडियम/एल्मिक्स (PoE)।
  • गेहूँ: पेंडिमेथालिन/पाइरोक्सासल्फोन (PE) + सल्फोसलफ्यूरॉन/क्लोडिनाफॉप/मेटसल्फ्यूरॉन/2,4-D (PoE)।
  • मक्का/गन्ना: एट्राजिन (PE) + टेम्बोट्रियोन/टोप्राजोन/हेलोसल्फ्यूरॉन (PoE)।
  • दलहन व सोयाबीन/मूंगफली: पेंडिमेथालिन (PE) + इमेजेथापायर/ओडिसी/क्विज़ालोफॉप (PoE)।
  • बागवानी विशेष: आलू व टमाटर → मेट्रीब्यूजिन; प्याज व लहसुन → ऑक्सीफ्लोरफेन; कपास → पाइरिथियोबैक-सोडियम।
  • जलीय खरपतवार: जलकुंभी (2,4-D + Neochetina), साल्विनिया (Cyrtobagous), हाइड्रिला (ग्रास कार्प मछली), शैवाल (CuSO4)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. मक्का + लोबिया (या ज्वार + अरहर) जैसी ‘अनाज + दलहन अंतःफसल प्रणाली’ (Cereal + Legume Intercropping System) में खरपतवार नियंत्रण के लिए सर्वाधिक सुरक्षित प्री-इमर्जेंस शाकनाशी कौन-सा है?
(A) पेंडिमेथालिन (Pendimethalin @ 0.75–1.0 kg a.i./ha) या एलाक्लोर
(B) एट्राजिन
(C) 2,4-D
(D) पैराक्वाट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) पेंडिमेथालिन (Pendimethalin @ 0.75–1.0 kg a.i./ha) या एलाक्लोर
व्याख्या: एट्राजिन और 2,4-D दलहनी अंतःफसल को मार देते हैं, जबकि पेंडिमेथालिन और एलाक्लोर अनाज व दलहन दोनों के लिए सुरक्षित हैं।
2. प्याज और लहसुन (Onion and Garlic) की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए सर्वाधिक अनुशंसित और विशिष्ट शाकनाशी कौन-सा है?
(A) ऑक्सीफ्लोरफेन (Oxyfluorfen — ‘Goal’ @ 0.15–0.25 kg a.i./ha)
(B) 2,4-D
(C) एट्राजिन
(D) आइसोप्रोट्यूरॉन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ऑक्सीफ्लोरफेन (Oxyfluorfen — ‘Goal’ @ 0.15–0.25 kg a.i./ha)
व्याख्या: प्याज व लहसुन की मोमी बेलनाकार पत्तियाँ ऑक्सीफ्लोरफेन के प्रति सहनशील होती हैं जबकि चौड़ी पत्ती खरपतवार जल जाते हैं।
3. आलू और टमाटर (Potato and Tomato) की फसल में चौड़ी पत्ती और संकरी पत्ती के खरपतवारों के नियंत्रण हेतु कौन-सा ट्रायजीनोन शाकनाशी सर्वाधिक प्रयुक्त होता है?
(A) मेट्रीब्यूजिन (Metribuzin — ‘Sencor’ @ 0.35–0.50 kg a.i./ha)
(B) क्लोडिनाफॉप
(C) बिसपायरीबैक-सोडियम
(D) सल्फोसलफ्यूरॉन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) मेट्रीब्यूजिन (Metribuzin — ‘Sencor’ @ 0.35–0.50 kg a.i./ha)
व्याख्या: मेट्रीब्यूजिन आलू, टमाटर, सोयाबीन और गन्ने का अत्यंत प्रभावी प्री/अर्ली-पोस्ट इमर्जेंस शाकनाशी है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ‘पूर्णतः जलमग्न’ (Submerged aquatic weed) जलीय खरपतवार का उदाहरण है?
(A) हाइड्रिला (Hydrilla verticillata) एवं वैलिसनेरिया (Vallisneria spiralis)
(B) जलकुंभी (Eichhornia crassipes)
(C) टाइफा (Typha angustata)
(D) गाजर घास
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) हाइड्रिला (Hydrilla verticillata) एवं वैलिसनेरिया (Vallisneria spiralis)
व्याख्या: हाइड्रिला और वैलिसनेरिया पानी के अंदर डूबे रहने वाले (Submerged) खरपतवार हैं, जबकि जलकुंभी स्वतंत्र तैरने वाला और टाइफा निर्गत (Emergent) खरपतवार है।
5. कपास (Cotton) की खड़ी फसल में बुवाई के 20–25 दिन बाद चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के वरणात्मक नियंत्रण के लिए कौन-सा शाकनाशी प्रयोग किया जाता है?
(A) पाइरिथियोबैक-सोडियम (Pyrithiobac-sodium — ‘Hitweed’ @ 62.5 g a.i./ha)
(B) 2,4-D एस्टर
(C) एट्राजिन
(D) मेटसल्फ्यूरॉन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) पाइरिथियोबैक-सोडियम (Pyrithiobac-sodium — ‘Hitweed’ @ 62.5 g a.i./ha)
व्याख्या: कपास 2,4-D के प्रति अत्यंत संवेदनशील है; कपास में सुरक्षित चौड़ी पत्ती नियंत्रण हेतु पाइरिथियोबैक-सोडियम प्रयुक्त होता है।
6. मक्का और गन्ने की खड़ी फसल में बहुवर्षीय सेज ‘मोथा’ (Cyperus rotundus) को भूमिगत कंदों सहित नष्ट करने के लिए कौन-सा विशिष्ट शाकनाशी अनुशंसित है?
(A) हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (Halosulfuron-methyl — ‘Sempra’ @ 67.5 g a.i./ha)
(B) क्लोडिनाफॉप
(C) पेंडिमेथालिन
(D) फ्लूक्लोरालिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (Halosulfuron-methyl — ‘Sempra’ @ 67.5 g a.i./ha)
व्याख्या: हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल मक्का और गन्ने को बिना नुकसान पहुँचाए मोथा (Cyperus rotundus) का सटीक नियंत्रण करता है।
7. मक्का की खड़ी फसल (15–25 DAS) में संकरी और चौड़ी पत्ती दोनों खरपतवारों को सफेद (Bleach) करके मारने वाला आधुनिक HPPD अवरोधक शाकनाशी कौन-सा है?
(A) टेम्बोट्रियोन (Tembotrione — ‘Laudis’ @ 120 g a.i./ha) एवं टोप्राजोन
(B) ब्यूटाक्लोर
(C) सल्फोसलफ्यूरॉन
(D) इमेजेथापायर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) टेम्बोट्रियोन (Tembotrione — ‘Laudis’ @ 120 g a.i./ha) एवं टोप्राजोन
व्याख्या: टेम्बोट्रियोन और टोप्राजोन मक्का के अत्यंत प्रभावी पोस्ट-इमर्जेंस HPPD अवरोधक शाकनाशी हैं।
8. रबी गेहूँ में ‘सल्फोसलफ्यूरॉन’ (Sulfosulfuron) का प्रयोग करने पर क्षारीय मृदाओं में उसके अवशेष (Carryover residue) से अगली खरीफ ऋतु की किस फसल को भारी नुकसान पहुँच सकता है?
(A) ज्वार और मक्का (Sorghum and Maize)
(B) धान
(C) केवल गेहूँ
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ज्वार और मक्का (Sorghum and Maize)
व्याख्या: सल्फोसलफ्यूरॉन की मृदा में लंबी अर्ध-आयु होने से यह गेहूँ के बाद बोई गई ज्वार और मक्का में फाइटोटॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है।
9. तालाबों और नहरों में जलीय शैवाल (Algal weeds — Chara, Nitella) के रासायनिक नियंत्रण के लिए किस रसायन का 0.5–1.0 ppm की दर से प्रयोग किया जाता है?
(A) कॉपर सल्फेट (Copper sulphate — CuSO4)
(B) यूरिया
(C) डीएपी
(D) क्लोडिनाफॉप
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कॉपर सल्फेट (Copper sulphate — CuSO4)
व्याख्या: कॉपर सल्फेट (नीला थोथा) 0.5–1.0 ppm सांद्रता पर उत्कृष्ट शैवालनाशी (Algicide) का कार्य करता है।
10. जलकुंभी (Eichhornia crassipes) के प्रभावी रासायनिक नियंत्रण के लिए किस शाकनाशी का प्रयोग किया जाता है?
(A) 2,4-D (1.5–2.0 kg a.i./ha) या ग्लाइफोसेट / पैराक्वाट
(B) केवल क्लोडिनाफॉप
(C) केवल फिनोक्साप्रॉप
(D) पेंडिमेथालिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 2,4-D (1.5–2.0 kg a.i./ha) या ग्लाइफोसेट / पैराक्वाट
व्याख्या: जलकुंभी चौड़ी पत्ती वाला जलीय खरपतवार है जो 2,4-D और ग्लाइफोसेट से अत्यंत प्रभावी रूप से नष्ट हो जाता है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. अनाज + दलहन अंतःफसल प्रणाली (जैसे मक्का + मूंग/लोबिया) के लिए सर्वाधिक सुरक्षित शाकनाशी ‘पेंडिमेथालिन’ (PE) है।
  2. प्याज और लहसुन के लिए ‘ऑक्सीफ्लोरफेन’ तथा आलू और टमाटर के लिए ‘मेट्रीब्यूजिन’ सर्वाधिक उपयुक्त शाकनाशी हैं।
  3. कपास की खड़ी फसल में चौड़ी पत्ती नियंत्रण हेतु ‘पाइरिथियोबैक-सोडियम’ तथा मक्का/गन्ने में मोथा नियंत्रण हेतु ‘हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल’ प्रयुक्त होता है।
  4. हाइड्रिला और वैलिसनेरिया ‘पूर्णतः जलमग्न’ जलीय खरपतवार हैं जिनका जैविक नियंत्रण ‘ग्रास कार्प मछली’ (Ctenopharyngodon idella) से किया जाता है।
  5. जलाशयों में शैवाल (Chara, Nitella) नियंत्रण हेतु ‘कॉपर सल्फेट’ (CuSO4 @ 0.5–1.0 ppm) का प्रयोग किया जाता है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. सीधी बुवाई वाले धान (DSR) में अंकुरण-पूर्व (PE) और अंकुरण-पश्चात (PoE) प्रयुक्त एक-एक शाकनाशी का नाम व मात्रा लिखिए।
उत्तर: PE: पेंडिमेथालिन (1.0 kg a.i./ha); PoE: बिसपायरीबैक-सोडियम (20–25 g a.i./ha at 15–20 DAS)।
2. प्याज/लहसुन और आलू/टमाटर के सबसे प्रमुख विशिष्ट शाकनाशी का नाम लिखिए।
उत्तर: प्याज व लहसुन: ऑक्सीफ्लोरफेन (Oxyfluorfen); आलू व टमाटर: मेट्रीब्यूजिन (Metribuzin)।
3. स्वतंत्र तैरने वाले (Free-floating) और जलमग्न (Submerged) जलीय खरपतवारों के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: स्वतंत्र तैरने वाले: जलकुंभी (Eichhornia) और साल्विनिया (Salvinia); जलमग्न: हाइड्रिला (Hydrilla) और वैलिसनेरिया (Vallisneria)।
4. मक्का + उड़द/मूंग अंतःफसल प्रणाली में कौन-सा प्री-इमर्जेंस शाकनाशी सुरक्षित है और कौन-सा वर्जित है?
उत्तर: सुरक्षित: पेंडिमेथालिन (या एलाक्लोर); वर्जित: एट्राजिन (क्योंकि यह दलहन को मार देता है)।
5. गन्ने और मक्का में खड़ी फसल में मोथा (Cyperus rotundus) को नियंत्रित करने वाले शाकनाशी का नाम व मात्रा लिखिए।
उत्तर: हेलोसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (Halosulfuron-methyl — Sempra @ 67.5 g a.i./ha)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. रोपित धान (Transplanted Rice) और सीधी बुवाई वाले धान (Direct Seeded Rice – DSR) में समन्वित खरपतवार प्रबंधन एवं शाकनाशी अनुसूची लिखिए।
उत्तर: रोपित धान: पडलिंग व 2–3 cm जल स्तर + रोपाई के 2–4 दिन बाद ब्यूटाक्लोर (1.25 kg a.i./ha) या प्रीटिलाक्लोर (0.75 kg a.i./ha) + 15–25 DAT पर बिसपायरीबैक-सोडियम (25 g/ha) या एल्मिक्स (4 g/ha) + 35 DAT पर कोनो-वीडर। सीधी बुवाई वाला धान (DSR): स्टेल सीडबेड + बुवाई के 1–2 दिन बाद पेंडिमेथालिन (1.0 kg a.i./ha PE) + 15–20 DAS पर बिसपायरीबैक-सोडियम (25 g/ha) या पेनोक्ससुलम + सायहालोफॉप + 35 DAS पर एक गुड़ाई।
2. गेहूँ की फसल में (a) केवल संकरी पत्ती, (b) केवल चौड़ी पत्ती, और (c) मिश्रित खरपतवारों के रासायनिक नियंत्रण की अनुसूची लिखिए।
उत्तर: (a) केवल संकरी पत्ती (गेहूँसा व जंगली जई): 30–35 DAS पर क्लोडिनाफॉप-प्रोपार्जिल (60 g a.i./ha) या फिनोक्साप्रॉप-p-इथाइल (100 g/ha) या पिनोक्साडेन (45 g/ha) या बुवाई पर पाइरोक्सासल्फोन (127.5 g/ha PE)। (b) केवल चौड़ी पत्ती (बथुआ, हिरणखुरी, मालवा): 30–35 DAS पर 2,4-D (0.5 kg/ha) या मेटसल्फ्यूरॉन-मिथाइल (4 g/ha) या कारफेंट्राजोन-इथाइल (20 g/ha)। (c) मिश्रित खरपतवार: सल्फोसलफ्यूरॉन + मेटसल्फ्यूरॉन (‘Total’ @ 32 g a.i./ha) या मेसोसल्फ्यूरॉन + आयोडोसल्फ्यूरॉन (‘Atlantis’ @ 14.4 g/ha)।
3. जलीय खरपतवारों (Aquatic weeds) को उनके आवास के आधार पर वर्गीकृत कीजिए तथा उनके नियंत्रण के भौतिक, जैविक और रासायनिक उपाय लिखिए।
उत्तर: वर्गीकरण: (1) स्वतंत्र तैरने वाले: जलकुंभी, साल्विनिया, पिस्टिया; (2) जड़युक्त तैरती पत्ती वाले: कमल, कुमुदिनी; (3) पूर्णतः जलमग्न: हाइड्रिला, वैलिसनेरिया; और (4) निर्गत/किनारे के: टाइफा (गोंदपूरी), नरकुल। नियंत्रण: भौतिक—ड्रेजिंग, चैनिंग, अंडरवाटर वीड कटर; जैविक—जलकुंभी हेतु Neochetina घुन, साल्विनिया हेतु Cyrtobagous घुन और जलमग्न खरपतवारों हेतु ग्रास कार्प मछली (Ctenopharyngodon idella); रासायनिक—जलकुंभी हेतु 2,4-D या ग्लाइफोसेट तथा शैवाल हेतु कॉपर सल्फेट (0.5–1.0 ppm)।
4. आलू, प्याज/लहसुन और कपास जैसी नकदी व बागवानी फसलों में खरपतवार प्रबंधन कैसे किया जाता है?
उत्तर: आलू: बुवाई के 3–5 दिन बाद मेट्रीब्यूजिन (0.5 kg a.i./ha PE) या आलू के 5% अंकुरण पर पैराक्वाट (0.5 kg/ha संपर्क स्प्रे) + मिट्टी चढ़ाना (Earthing up)। प्याज व लहसुन: रोपाई के 2–3 दिन बाद ऑक्सीफ्लोरफेन (0.15–0.25 kg a.i./ha) या पेंडिमेथालिन (1.0 kg/ha) + 30–35 DAT पर एक हस्त गुड़ाई। कपास: पेंडिमेथालिन (1.0 kg/ha PE) + 20–25 DAS पर पाइरिथियोबैक-सोडियम (62.5 g/ha) + क्विज़ालोफॉप (50 g/ha) + 45 DAS पर हुड लगाकर निदेशित पैराक्वाट स्प्रे।
5. अंतःफसल प्रणाली (Intercropping) और अनुक्रमिक फसल प्रणाली (Sequential cropping) में शाकनाशी का चुनाव करते समय किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: अंतःफसल प्रणाली (जैसे मक्का + लोबिया/मूंग) में ऐसा शाकनाशी चुनना चाहिए जो दोनों फसलों के लिए सुरक्षित हो, जैसे पेंडिमेथालिन (0.75–1.0 kg/ha PE) या एलाक्लोर; इसमें एट्राजिन या 2,4-D का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि वे दलहन को मार देते हैं। अनुक्रमिक फसल प्रणाली में शाकनाशी की मृदा अवशेष अवधि (Carryover) का ध्यान रखना चाहिए—जैसे गेहूँ में सल्फोसलफ्यूरॉन लगाने पर अगली खरीफ में ज्वार/मक्का को और मक्का में अधिक एट्राजिन लगाने पर रबी दलहन/सरसों को नुकसान हो सकता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलों (धान, गेहूँ, मक्का), दलहनी फसलों (चना, अरहर, मूंग), तिलहनी फसलों (सोयाबीन, मूंगफली, सरसों) और नकदी/सब्जी फसलों (गन्ना, कपास, आलू, प्याज) के लिए प्रमुख खरपतवारों, क्रांतिक अवधि और अनुशंसित शाकनाशियों (नाम, सक्रिय तत्व मात्रा g या kg a.i./ha एवं प्रयोग समय) की एक विस्तृत मास्टर सारणी एवं विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तुलनात्मक सारणी 14.1 के सभी 10 फसल समूहों और उनके PE तथा PoE शाकनाशियों, मात्रा और IWM उपायों का क्रमबद्ध वर्णन करें।
2. ‘जलीय खरपतवार प्रबंधन’ (Aquatic Weed Management) पर एक विस्तृत निबंध लिखिए, जिसमें जलीय खरपतवारों से होने वाली हानियाँ, उनके चारों पारिस्थितिक वर्ग (Free-floating, Rooted floating, Submerged एवं Emergent) तथा उनके यांत्रिक, जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण के उपाय सम्मिलित हों।
उत्तर रूपरेखा: चारों वर्गों के वैज्ञानिक नाम व उदाहरण, ड्रेजिंग व चैनिंग, जैविक एजेंट्स (Neochetina, Cyrtobagous, Grass carp fish), रासायनिक नियंत्रण (2,4-D, Glyphosate, CuSO4) और ppm गणना न्यूमेरिकल को विस्तार से लिखें।
3. फसल प्रणालियों (Cropping Systems — अंतःफसल एवं अनुक्रमिक फसल चक्र) में खरपतवार प्रबंधन की चुनौतियों, सुरक्षित शाकनाशी चयन और शाकनाशी अवशेष (Carryover) प्रबंधन की उदाहरण सहित विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: Cereal + Legume अंतःफसल में पेंडिमेथालिन की वरणात्मकता, स्मदर प्रभाव, धान-गेहूँ व मक्का-दलहन अनुक्रम में सल्फोसलफ्यूरॉन व एट्राजिन कैरी-ओवर से बचाव और रोटेशनल प्रबंधन का सविस्तार वर्णन करें।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।

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