AGRON 311 Lecture 10: एडजुवेंट्स, सरफेक्टेंट्स, शाकनाशी संरूपण एवं उनका उपयोग | Hindi Notes
AGRO PATH FINDERAGRON 311 · Weed Management
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02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 10: एडजुवेंट्स, सरफेक्टेंट्स, शाकनाशी संरूपण एवं उनका उपयोग
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- एडजुवेंट (Adjuvant) की अवधारणा, कार्य और इसके प्रमुख प्रकारों—एक्टिवेटर एडजुवेंट (Surfactants, Crop Oil Concentrates, Ammonium sulfate) एवं स्प्रे मोडिफायर/यूटिलिटी एडजुवेंट (Stickers, Humectants, Drift retardants, Antifoaming agents, Buffering agents)—को समझना।
- सरफेक्टेंट्स (Surfactants — Surface Active Agents) की क्रियाविधि (पृष्ठ तनाव को 72 डाइन/सेमी से घटाकर 30 डाइन/सेमी करना एवं संपर्क कोण घटाना), HLB मान और उनके चारों आयनिक वर्गों (Non-ionic, Anionic, Cationic, Organosilicone) का अध्ययन करना।
- शाकनाशी सेफनर्स / एंटीडोट्स / प्रोटेक्टेंट्स (Herbicide Safeners — जैसे 1,8-NA, Cyometrinil, Fenclorim, Benoxacor, Mefenpyr-diethyl) की खोज (Otto Hoffman) और क्रियाविधि को जानना।
- विभिन्न शाकनाशी संरूपणों (Formulations — EC, WP, SP, SL, WDG/WG, SC, EW, G, ME, CS) के गुण-दोष और उपयोग को समझना।
- शाकनाशी के व्यावसायिक उत्पाद की मात्रा (Commercial Product Dose), अम्ल तुल्यांक (Acid Equivalent) और स्प्रेयर अंशांकन (Sprayer Calibration) के गणितीय न्यूमेरिकल्स हल करने में दक्ष होना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): जब कारखाने में कोई शुद्ध शाकनाशी रसायन (Technical Grade Active Ingredient – a.i.) संश्लेषित किया जाता है, तो वह प्रायः90–98% शुद्ध ठोस क्रिस्टल, गाढ़े पेस्ट या तैलीय द्रव के रूप में होता है, जो न तो सीधे पानी में घुलता है और न ही उसे प्रति हेक्टेयर कुछ ग्राम या किलोग्राम की सूक्ष्म मात्रा में पूरे खेत में समान रूप से छिड़का जा सकता है। इसलिए तकनीकी रसायन में कुछ निष्क्रिय वाहक (Carriers), विलायक (Solvents) और पृष्ठ-सक्रिय कारक मिलाकर उसे प्रयोग-योग्य रूप में बदला जाता है, जिसे ‘शाकनाशी संरूपण’ (Herbicide Formulation — जैसे EC, WP, SL, WG) कहते हैं।
इसके अतिरिक्त, खरपतवार की पत्तियों पर मोम की जल-प्रतिकर्षी परत (Waxy cuticle) और रोम (Trichomes) होते हैं जिनसे पानी की गोल बूंदें फिसलकर नीचे गिर जाती हैं। छिड़काव घोल की बूंदों को पत्ती पर चिपकाने, फैलाने और क्यूटिकल के आर-पार प्रवेश कराने के लिए जो सहायक पदार्थ मिलाए जाते हैं, उन्हें ‘एडजुवेंट्स’ (Adjuvants) और ‘सरफेक्टेंट्स’ (Surfactants) कहा जाता है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. एडजुवेंट्स एवं सरफेक्टेंट्स की वैज्ञानिक क्रियाविधि व प्रकार (Mechanism & Types of Adjuvants and Surfactants)
(A) सरफेक्टेंट कैसे कार्य करता है? (Biophysical Mechanism of Surfactants)
- शुद्ध जल का पृष्ठ तनाव (Surface tension) होता है। इसके कारण जब पानी की बूंद मोमी पत्ती (जैसे बथुआ या मोथा) पर गिरती है, तो उसका संपर्क कोण (Contact angle) से अधिक () रहता है और बूंद मोती की तरह गोल बनकर पत्ती से लुढ़क जाती है।
- छिड़काव घोल में मात्र 0.1% से 0.5% सरफेक्टेंट मिलाने पर जल का पृष्ठ तनाव घटकर और संपर्क कोण घटकर से कम हो जाता है।
- सरफेक्टेंट अणु में द्वि-ध्रुवीय संरचना (Amphiphilic structure — Hydrophilic + Lipophilic) होती है, जो पत्ती की मोमी क्यूटिकल (Waxy cuticle) को नरम कर देती है और शाकनाशी के अवशोषण को 2 से 5 गुना बढ़ा देती है।
- HLB मान (Hydrophilic-Lipophilic Balance — 0 से 20 स्केल): कम HLB (3–6) वाले सरफेक्टेंट जल-में-तेल (W/O) इमल्सीफायर होते हैं, जबकि उच्च HLB (8–18) वाले तेल-में-जल (O/W) इमल्सीफायर और उत्तम वेटिंग एजेंट (Spreader) होते हैं।
(B) सरफेक्टेंट्स के 4 प्रमुख रासायनिक वर्ग (4 Classes of Surfactants)
1. अनायनिक सरफेक्टेंट्स (Non-Ionic Surfactants – NIS)
जल में घुलने पर कोई विद्युत आवेश नहीं देते। कठोर जल (Hard water) में भी अवक्षेप नहीं बनाते और लगभग सभी पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशियों (सल्फोसलफ्यूरॉन, इमेजेथापायर, पैराक्वाट, ग्लाइफोसेट) के साथ सर्वाधिक प्रयुक्त होते हैं। उदाहरण: Tween-20, Triton X-100, Agral-90।
2. ऋणायनिक सरफेक्टेंट्स (Anionic Surfactants)
जल में ऋणात्मक आवेश () देते हैं। उत्कृष्ट वेटिंग और डिस्पर्सिंग एजेंट (WP व WG संरूपणों में)। उदाहरण: सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS), सोडियम डोडेसिल बेंजीन सल्फोनेट।
3. धनायनिक सरफेक्टेंट्स (Cationic Surfactants)
जल में धनात्मक आवेश () देते हैं (चतुष्क अमोनियम यौगिक, जैसे टेलो-अमीन ETHOMEEN T/25 जो Roundup में मिला होता है)। अकेले प्रयोग में फसलों पर फाइटोटॉक्सिक हो सकते हैं।
4. ऑर्गेनोसिलिकॉन सरफेक्टेंट्स (Organosilicones — ‘Super-spreaders’)
आधुनिक ‘सुपर-स्प्रेडर्स’ (जैसे Silwet L-77) जो पृष्ठ तनाव को तक गिरा देते हैं जिससे शाकनाशी घोल पत्ती के रंध्रों (Stomata) के अंदर सीधे प्रवेश (Stomatal flooding) कर जाता है और 15–30 मिनट में ‘रेनफास्टनेस’ (Rainfastness) दे देता है।
(C) अन्य प्रमुख एडजुवेंट्स (Other Important Adjuvant Categories)
- 1. क्रॉप ऑयल कंसंट्रेट एवं मिथाइलेटेड सीड ऑयल (COC & MSO): 80–85% पेट्रोलियम/वनस्पति तेल + 15–20% सरफेक्टेंट; क्लोडिनाफॉप व टेम्बोट्रियोन जैसे लिपोफिलिक शाकनाशियों का अवशोषण बढ़ाते हैं।
- 2. अमोनियम सल्फेट (AMS @ 1–2%) एवं यूरिया-अमोनियम नाइट्रेट (UAN): कठोर जल के और आयनों को बांधकर दुर्बल अम्ल शाकनाशियों (ग्लाइफोसेट, 2,4-D, इमेजेथापायर) की क्षमता बढ़ाते हैं।
- 3. स्टिकर्स / चिपकाने वाले (Stickers — Latex, Pinolene): वर्षा या ओस से शाकनाशी को धुलने से बचाते हैं।
- 4. ह्यूमेक्टेंट्स / नमी-रोधी (Humectants — Glycerol, Propylene glycol): पत्ती पर गिरी बूंद को जल्दी सूखने नहीं देते ताकि अवशोषण अधिक समय तक हो सके।
- 5. ड्रिफ्ट रिटार्डेंट्स / थिकनर्स (Drift Retardants — Polyacrylamide): घोल की श्यानता (Viscosity) बढ़ाकर बहुत बारीक बूंदों () का बनना रोकते हैं जिससे हवा में बहाव (Spray drift) रुकता है।
2. शाकनाशी सेफनर्स / एंटीडोट्स (Herbicide Safeners / Antidotes — ‘Chemical Immunization of Crops’)
डॉ. ओटो हॉफमैन (Dr. Otto L. Hoffman) को ‘शाकनाशी सेफनर का जनक’ माना जाता है जिन्होंने 1962–1969 में 1,8-Naphthalic Anhydride (NA) की खोज की। सेफनर बीज उपचार के रूप में या शाकनाशी के साथ मिश्रित होकर फसल के अंदर ग्लूटाथियोन-S-ट्रांसफरेज (GST) और साइटोक्रोम P450 एंजाइमों की सक्रियता बढ़ा देते हैं, जिससे फसल के अंदर शाकनाशी तुरंत विषाक्त-मुक्त (Detoxified) हो जाता है:
- 1. 1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड (1,8-NA): मक्का को थायोकार्बामेट (EPTC) से और धान/ज्वार को क्लोरोएसिटामाइड से बचाता है।
- 2. सायोमेट्रिनिल (Cyometrinil), ऑक्सावेट्रिनिल (Oxabetrinil) व फ्लक्सोफेनिम (Fluxofenim): ज्वार (Sorghum) के बीज को मेटोलाक्लोर और एलाक्लोर की विषाक्तता से बचाते हैं।
- 3. फेनक्लोरिम (Fenclorim): सीधी बुवाई वाले गीले धान (Wet-seeded rice) को प्रीटिलाक्लोर (Pretilachlor + Fenclorim = ‘Sofit’) से बचाता है।
- 4. बेनॉक्साकोर (Benoxacor): मक्का को एस-मेटोलाक्लोर से बचाता है।
- 5. मेफेनपायर-डाइइथाइल (Mefenpyr-diethyl) एवं क्लोक्विंटोसेट-मेक्सिल (Cloquintocet-mexyl): गेहूँ को फिनोक्साप्रॉप, क्लोडिनाफॉप और मेसोसल्फ्यूरॉन के पर्ण-झुलसन प्रभाव से बचाते हैं।
3. प्रमुख शाकनाशी संरूपण (Major Herbicide Formulations — Wet & Dry)
- पायसीकरणीय सांद्र (Emulsifiable Concentrate — EC): जल में अघुलनशील तैलीय शाकनाशी + कार्बनिक विलायक (Xylene) + इमल्सीफायर। पानी में मिलाने पर दूधिया सफेद पायस (Milky Oil-in-Water Emulsion) बनता है। उदाहरण: पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC, प्रीटिलाक्लोर 50% EC, 2,4-D Ethyl Ester 38% EC, ऑक्सीफ्लोरफेन 23.5% EC।
- घुलनशील द्रव / सांद्र (Soluble Liquid / Concentrate — SL): जल में पूर्णतः घुलनशील लवण; पानी में मिलाने पर पारदर्शी वास्तविक घोल (True clear solution) बनता है जिसे हिलाने (Agitation) की आवश्यकता नहीं होती। उदाहरण: पैराक्वाट 24% SL, ग्लाइफोसेट 41% SL, 2,4-D अमीन 58% SL, इमेजेथापायर 10% SL।
- जल में घुलनशील चूर्ण (Wettable Powder — WP): बारीक पिसी क्ले (Kaolinite/Talc) + सक्रिय तत्व + वेटिंग व डिस्पर्सिंग एजेंट। पानी में मिलाने पर निलंबन (Suspension) बनता है, जिसे स्प्रे टैंक में लगातार हिलाते रहना (Constant agitation) आवश्यक है अन्यथा चूर्ण तली में बैठ जाता है। उदाहरण: एट्राजिन 50% WP, आइसोप्रोट्यूरॉन 75% WP, 2,4-D सोडियम 80% WP, मेटसल्फ्यूरॉन 20% WP, क्लोडिनाफॉप 15% WP।
- जल-विक्षेपणीय कणिकाएँ / ड्राई फ्लोएबल (Water Dispersible Granules — WDG / WG / DF): WP के धूल उड़ने (Dust hazard) के दोष को दूर करने हेतु दानेदार रूप जो पानी में डालते ही तुरंत घुलकर निलंबन बना लेता है। उदाहरण: सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG, मेट्रीब्यूजिन 70% WG, पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन 10% WP/WG।
- निलंबन सांद्र / फ्लोएबल (Suspension Concentrate — SC) एवं जल में पायस (EW): कार्बनिक विलायक-मुक्त आधुनिक सुरक्षित तरल संरूपण। उदाहरण: बिसपायरीबैक-सोडियम 10% SC, टेम्बोट्रियोन 34.4% SC, ब्यूटाक्लोर 50% EW।
- कणिकाएँ (Granules — G; 2–10% a.i.): बिना पानी व स्प्रेयर के सीधे हाथ या ब्रॉडकास्टर से खड़े पानी में बुरकने योग्य। उदाहरण: ब्यूटाक्लोर 5% G, प्रीटिलाक्लोर 6% G।
- कैप्सूल सस्पेंशन / माइक्रो-एनकैप्सुलेशन (Capsule Suspension — CS): शाकनाशी की सूक्ष्म बूंदों के चारों ओर बहुलक (Polymer) का खोल चढ़ा होता है जिससे रसायन धीरे-धीरे (Slow/Controlled release) निकलता है। उदाहरण: पेंडिमेथालिन 38.7% CS (‘Stomp Xtra’)।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
एडजुवेंट्स एवं संरूपणों का वर्गीकरण:
- एडजुवेंट के प्रकार: (1) एक्टिवेटर एडजुवेंट्स (Surfactants, Crop Oils, Ammonium salts — अवशोषण बढ़ाने वाले), (2) स्प्रे मोडिफायर/यूटिलिटी एडजुवेंट्स (Stickers, Humectants, Drift retardants, Buffers, Defoamers)।
- संरूपण के प्रकार: (1) शुष्क संरूपण (Dry formulations: WP, SP, WDG/WG, G, Pellets), (2) तरल संरूपण (Liquid formulations: EC, SL, SC, EW, ME, CS)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- समान-घोलक एवं HLB संतुलन का सिद्धांत (Principle of Cuticular Penetration & HLB Balance): पत्ती की ऊपरी क्यूटिकल मोमी (Lipophilic) होती है जबकि अंदर की कोशिका भित्ति और प्रोटोप्लाज्म जलीय (Hydrophilic) होते हैं। सरफेक्टेंट अपने उभयधर्मी (Amphiphilic) गुण से दोनों माध्यमों के बीच पुल (Bridge) बनाकर शाकनाशी को पत्ती के अंदर पहुँचाता है।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
हल किए गए विश्वविद्यालयीय संख्यात्मक प्रश्न: व्यावसायिक शाकनाशी मात्रा एवं स्प्रेयर अंशांकन (Herbicide Dose & Sprayer Calibration Numericals)
प्रश्न 1 (Commercial Product Calculation): एक किसान को अपने मक्का के खेत में बुवाई के तुरंत बाद एट्राजिन (Atrazine) का प्रयोग की दर से करना है। यदि बाजार में उपलब्ध व्यावसायिक उत्पाद ‘Atrataf 50% WP’ है, तो किसान को कुल कितने किलोग्राम व्यावसायिक उत्पाद खरीदना होगा?
हल (Solution 1):
- प्रति हेक्टेयर व्यावसायिक उत्पाद की मात्रा:
$$ - अतः खेत के लिए कुल आवश्यक Atrataf 50% WP ।
प्रश्न 2 (Liquid EC Formulation Calculation): गेहूँ के खेत में पेंडिमेथालिन (Pendimethalin 30% EC) को की दर से छिड़कने के लिए कितने लीटर ‘Stomp 30% EC’ की आवश्यकता होगी?
हल (Solution 2):
- $$
प्रश्न 3 (Sprayer Calibration): एक नैपसैक स्प्रेयर का नोजल स्वाथ (Swath width) है। ऑपरेटर की दूरी तय करने में पानी छिड़कता है। प्रति हेक्टेयर आवश्यक कुल छिड़काव घोल का आयतन (Spray Volume in L/ha) ज्ञात कीजिए।
हल (Solution 3):
- परीक्षण क्षेत्रफल ()
- प्रति हेक्टेयर छिड़काव घोल आयतन:
$$
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 10.1: प्रमुख शाकनाशी संरूपणों (EC, SL, WP, WDG, SC, CS) की तुलना
| संरूपण कोड एवं नाम | भौतिक अवस्था | जल में मिलाने पर बनने वाला मिश्रण | स्प्रे टैंक में हिलाना (Agitation) | प्रमुख उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| 1. EC (Emulsifiable Concentrate) | तैलीय द्रव | दूधिया सफेद पायस (Milky O/W Emulsion) | प्रारंभिक हिलाना पर्याप्त | पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC |
| 2. SL (Soluble Liquid) | जलीय द्रव | पारदर्शी वास्तविक घोल (True Clear Solution) | कोई आवश्यकता नहीं | ग्लाइफोसेट 41% SL, पैराक्वाट 24% SL |
| 3. WP (Wettable Powder) | सूक्ष्म चूर्ण | अस्थिर निलंबन (Cloudy Suspension) | निरंतर हिलाना अनिवार्य | एट्राजिन 50% WP, मेटसल्फ्यूरॉन 20% WP |
| 4. WDG / WG (Water Dispersible Granules) | सूक्ष्म कणिकाएँ | एकसमान निलंबन (धूल-रहित) | मध्यम हिलाना आवश्यक | सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG, मेट्रीब्यूजिन 70% WG |
| 5. SC (Suspension Concentrate) | गाढ़ा द्रव | स्थिर जलीय निलंबन (विलायक-मुक्त) | हल्का हिलाना पर्याप्त | बिसपायरीबैक-सोडियम 10% SC |
| 6. CS (Capsule Suspension) | पॉलीमर कैप्सूल द्रव | नियंत्रित-स्राव (Controlled-release) निलंबन | हल्का हिलाना पर्याप्त | पेंडिमेथालिन 38.7% CS (Stomp Xtra) |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
शाकनाशी मात्रा एवं स्प्रेयर अंशांकन के अनिवार्य सूत्र
- 1. व्यावसायिक शाकनाशी की मात्रा (Commercial Formulation Dose):
$$ - 2. स्प्रेयर अंशांकन — प्रति हेक्टेयर जल आयतन (Spray Volume Calibration):
$$ - 3. एक स्प्रेयर टैंक में डाली जाने वाली शाकनाशी मात्रा:
$$
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- पृष्ठ तनाव 72.8 से घटाकर 30 dynes/cm व संपर्क कोण <30° करते हैं
- अनायनिक (Non-ionic: Tween-20, Triton X-100) — सर्वाधिक प्रयुक्त
- ऋणायनिक (Anionic: SLS) व धनायनिक (Cationic: Tallow amines)
- ऑर्गेनोसिलिकॉन (Silwet L-77): रंध्रीय प्रवेश व सुपर-स्प्रेडर
- क्रॉप ऑयल (COC/MSO) व अमोनियम सल्फेट (AMS – कठोर जल रोधी)
- स्टिकर्स, ह्यूमेक्टेंट्स व ड्रिफ्ट रिटार्डेंट्स
- सेफनर जनक: ओटो हॉफमैन (1,8-NA की खोज)
- प्रमुख सेफनर: फेनक्लोरिम (धान), सायोमेट्रिनिल (ज्वार), मेफेनपायर (गेहूँ)
- EC: दूधिया पायस (पेंडिमेथालिन 30% EC, ब्यूटाक्लोर 50% EC)
- SL: पारदर्शी वास्तविक घोल (ग्लाइफोसेट 41% SL, पैराक्वाट 24% SL)
- WP व WDG/WG: निलंबन (एट्राजिन 50% WP, सल्फोसलफ्यूरॉन 75% WG)
- SC, EW, G (दानेदार) एवं CS (कैप्सूल सस्पेंशन – नियंत्रित स्राव)
- उत्पाद मात्रा = (सिफारिश kg a.i./ha × 100) / % a.i.
- स्प्रे आयतन (L/ha) = (प्रयुक्त जल × 10,000) / (दूरी × स्वाथ)
- अम्ल तुल्यांक (Acid Equivalent – a.e.)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- शाकनाशी सेफनर / एंटीडोट (Herbicide Safener) की अवधारणा के जनक ‘डॉ. ओटो एल. हॉफमैन’ (Dr. Otto L. Hoffman) हैं, जिन्होंने प्रथम सेफनर ‘1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड’ (1,8-NA) खोजा।
- सीधी बुवाई वाले अंकुरित धान में प्रीटिलाक्लोर (Pretilachlor) के साथ मिलाया जाने वाला प्रसिद्ध सेफनर ‘फेनक्लोरिम’ (Fenclorim — व्यावसायिक नाम ‘Sofit’) है, जबकि ज्वार के लिए ‘सायोमेट्रिनिल’ (Cyometrinil) और ‘ऑक्सावेट्रिनिल’ प्रयुक्त होता है।
- कृषि छिड़काव में सर्वाधिक प्रयुक्त सरफेक्टेंट वर्ग ‘अनायनिक’ (Non-ionic surfactants — जैसे Tween-20, Triton X-100) है क्योंकि यह कठोर जल के आयनों से अभिक्रिया नहीं करता।
- EC (Emulsifiable Concentrate) को पानी में मिलाने पर ‘दूधिया सफेद पायस’ (Milky emulsion) बनता है, जबकि WP (Wettable Powder) से ‘निलंबन’ (Suspension) और SL (Soluble Liquid) से ‘पारदर्शी वास्तविक घोल’ (True solution) बनता है।
- यदि Atrazine 50% WP की सिफारिश 1.0 kg a.i./ha है, तो आवश्यक व्यावसायिक उत्पाद = (1.0 × 100)/50 = 2.0 kg/ha होगा।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- सरफेक्टेंट कार्य: पृष्ठ तनाव () व संपर्क कोण () घटाकर फैलाव व क्यूटिकल भेदन बढ़ाना।
- प्रमुख सेफनर्स: 1,8-NA (मक्का), Cyometrinil/Oxabetrinil (ज्वार), Fenclorim (धान में Pretilachlor के साथ), Mefenpyr-diethyl (गेहूँ)।
- संरूपण: EC (पायस), SL (सच्चा घोल), WP व WDG (निलंबन — निरंतर हिलाना जरूरी), CS (माइक्रो-कैप्सूल)।
- मात्रा सूत्र: ।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- सरफेक्टेंट जल का पृष्ठ तनाव 72.8 dynes/cm से घटाकर ~30 dynes/cm और संपर्क कोण <30° कर देते हैं।
- कृषि छिड़काव में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले सरफेक्टेंट ‘अनायनिक’ (Non-ionic — जैसे Tween-20, Triton X-100) होते हैं।
- डॉ. ओटो हॉफमैन ने प्रथम शाकनाशी सेफनर ‘1,8-नैफ्थैलिक एनहाइड्राइड’ (1,8-NA) की खोज की थी।
- EC संरूपण पानी में ‘दूधिया पायस’ (Emulsion), WP ‘निलंबन’ (Suspension) और SL ‘पारदर्शी घोल’ (True solution) बनाता है।
- व्यावसायिक शाकनाशी मात्रा का सूत्र = (सिफारिश की गई मात्रा kg a.i./ha × 100) / संरूपण में % a.i. है।
(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)
(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)
(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।





