AGRON 311 Lecture 12: शाकनाशियों की क्रियाविधि एवं वरणात्मकता की परिघटना | Hindi Notes
AGRO PATH FINDERAGRON 311 · Weed Management
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02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 12: शाकनाशियों की क्रियाविधि एवं वरणात्मकता की परिघटना
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- शाकनाशी की ‘क्रियाविधि’ (Mode of Action – MoA) और ‘तंतुक लक्ष्य स्थल’ (Mechanism / Site of Action – SoA) में सूक्ष्म वैज्ञानिक अंतर को समझना।
- HRAC/WSSA के अनुसार 10 प्रमुख जैव-रासायनिक क्रियाविधियों—(1) PS-II अवरोधक (हिल अभिक्रिया), (2) PS-I इलेक्ट्रॉन डाइवर्टर, (3) ALS/AHAS अवरोधक, (4) EPSPS अवरोधक, (5) ACCase अवरोधक, (6) सिंथेटिक ऑक्सिन, (7) माइक्रोट्यूब्यूल/ट्यूबलिन अवरोधक, (8) PPO अवरोधक, (9) HPPD/कैरोटीनॉयड अवरोधक (Bleachers), और (10) ग्लूटामाइन सिंथेटेज (GS) अवरोधक—के लक्ष्य एंजाइम और उदाहरणों का गहन अध्ययन करना।
- शाकनाशी ‘वरणात्मकता’ (Selectivity Phenomenon) के शारीरिक, रूपात्मक और जैव-रासायनिक कारणों को समझना।
- चयापचयी विषहरण (Metabolic Detoxification — मक्का में GST/DIMBOA द्वारा एट्राजिन का, धान में Aryl acylamidase द्वारा प्रोपानिल का) और रिवर्स मेटाबॉलिज्म / घातक संश्लेषण (दलहन बनाम चौड़ी पत्ती खरपतवार में 2,4-DB का बीटा-ऑक्सीकरण) की व्याख्या करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): जब किसी खेत में शाकनाशी छिड़का जाता है, तो कृषि विज्ञान के विद्यार्थी के मन में दो मूलभूत वैज्ञानिक प्रश्न उठते हैं: पहला—यह सूक्ष्म रसायन खरपतवार के पौधे के अंदर कौन-सी जीवनदायी जैव-रासायनिक प्रक्रिया या एंजाइम को बंद करके उसे मारता है? (Mode of Action); और दूसरा—उसी खेत में खड़ी मुख्य फसल पर भी वही रसायन गिरता है, फिर मुख्य फसल जीवित और स्वस्थ क्यों बच जाती है जबकि बगल का खरपतवार मर जाता है? (Selectivity Phenomenon)।
इन दोनों प्रश्नों का उत्तर ही आधुनिक खरपतवार विज्ञान (Weed Science) की आत्मा है। शाकनाशी प्रतिरोध (Herbicide Resistance) को रोकने के लिए अलग-अलग क्रियाविधि (Mode of Action — HRAC Groups) वाले शाकनाशियों का चक्रण अनिवार्य है, और फसल सुरक्षा के लिए वरणात्मकता के सिद्धांतों (अवशोषण अंतर, गहराई सुरक्षा, चयापचयी विषहरण एवं बीटा-ऑक्सीकरण) का ज्ञान आवश्यक है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. शाकनाशियों की 10 प्रमुख जैव-रासायनिक क्रियाविधियाँ (10 Major Modes of Action of Herbicides)
- 1. फोटोसिस्टम-II (PS-II) इलेक्ट्रॉन परिवहन अवरोधक (Hill Reaction Inhibitors — HRAC Group 5, 6, 7):
- लक्ष्य स्थल (Target Site): हरितलवक (Chloroplast) की थायलाकोइड झिल्ली में स्थित PS-II के ‘D1 प्रोटीन’ के बाइंडिंग स्थल पर प्लास्टोक्विनोन को हटाकर जुड़ जाते हैं।
- प्रभाव: प्रकाश-संश्लेषण में जल के प्रकाश-अपघटन (Hill reaction) से निकले इलेक्ट्रॉन आगे नहीं बढ़ पाते, जिससे ट्रिपलेट क्लोरोफिल और सिंगलेट ऑक्सीजन () बनकर लिपिड पेरोक्सीडेशन द्वारा पुरानी पत्तियों से हरिमाहीनता (Interveinal chlorosis & necrosis) शुरू होती है।
- प्रमुख शाकनाशी: एट्राजिन, सिमाजिन, मेट्रीब्यूजिन (Triazines), आइसोप्रोट्यूरॉन, ड्यूरॉन (Ureas), प्रोपानिल (Amide), बेंटाजोन, ब्रोमोक्सिनिल।
- 2. फोटोसिस्टम-I (PS-I) इलेक्ट्रॉन डाइवर्टर / कोशिका झिल्ली विध्वंसक (Bipyridyliums — HRAC Group 22):
- लक्ष्य स्थल: हरितलवक में PS-I के लौह-सल्फर केंद्र (Ferredoxin) से इलेक्ट्रॉन छीन लेते हैं।
- प्रभाव: ये तुरंत सुपरऑक्साइड (), हाइड्रोजन पेरोक्साइड () और हाइड्रॉक्सिल मुक्त मूलक () बनाते हैं जो सूर्य की धूप में कुछ ही घंटों में कोशिका झिल्ली को फाड़ देते हैं और पत्ती पानी में उबली जैसी दिखकर सूख जाती है।
- प्रमुख शाकनाशी: पैराक्वाट (Paraquat), डाइक्वाट (Diquat)।
- 3. ALS / AHAS एंजाइम अवरोधक (Branched-Chain Amino Acid Inhibitors — HRAC Group 2):
- लक्ष्य स्थल: एसिटोलैक्टेट सिंथेज (Acetolactate Synthase — ALS) [या Acetohydroxyacid synthase — AHAS] एंजाइम।
- प्रभाव: पौधे में तीन आवश्यक शाखित-श्रृंखला अमीनो अम्लों—वैलीन (Valine), ल्यूसीन (Leucine) और आइसोल्यूसीन (Isoleucine)—का संश्लेषण रुक जाता है। वृद्धि बिंदु (Meristem) पीला या बैंगनी पड़कर 7–14 दिन में मर जाता है।
- प्रमुख शाकनाशी: सभी सल्फोनिलयूरिया (सल्फोसलफ्यूरॉन, मेटसल्फ्यूरॉन, क्लोरिम्यूरॉन, पाइराज़ोसल्फ्यूरॉन, मेसोसल्फ्यूरॉन), सभी इमिडाजोलिनोन (इमेजेथापायर, इमाज़ामॉक्स) और बिसपायरीबैक-सोडियम।
- 4. EPSPS एंजाइम अवरोधक (Aromatic Amino Acid / Shikimate Pathway Inhibitor — HRAC Group 9):
- लक्ष्य स्थल: शिकिमिक अम्ल पथ का 5-एनोलपायरुविलशिकिमेट-3-फॉस्फेट सिंथेज (EPSPS) एंजाइम।
- प्रभाव: तीन एरोमैटिक अमीनो अम्लों—फेनिलएलनिन (Phenylalanine), टायरोसिन (Tyrosine) और ट्रिप्टोफैन (Tryptophan)—का निर्माण बंद हो जाता है।
- प्रमुख शाकनाशी: ग्लाइफोसेट (Glyphosate)।
- 5. ACCase एंजाइम अवरोधक (Lipid / Fatty Acid Synthesis Inhibitors — HRAC Group 1):
- लक्ष्य स्थल: प्लास्टिड में स्थित एसिटाइल-CoA कार्बोक्सिलेज (Acetyl-CoA Carboxylase — ACCase) एंजाइम।
- प्रभाव: वसीय अम्लों (Fatty acids) और कोशिका झिल्ली लिपिड का निर्माण रुक जाता है। यह केवल संकरी पत्ती वाली घासों (Grasses) को मारता है; इसकी पहचान है कि छिड़काव के 7 दिन बाद घास की ऊपरी पत्ती (Whirl) खींचने पर आधार से सड़ी हुई बाहर निकल आती है।
- प्रमुख शाकनाशी: सभी FOPs (क्लोडिनाफॉप-प्रोपार्जिल, फिनोक्साप्रॉप-p-इथाइल, क्विज़ालोफॉप-इथाइल), DIMs (सेथोक्सीडिम, क्लेथोडिम) और DEN (पिनोक्साडेन)।
- 6. सिंथेटिक ऑक्सिन / पादप हार्मोन अनुकारक (Synthetic Auxins / Growth Regulators — HRAC Group 4):
- लक्ष्य स्थल: प्राकृतिक ऑक्सिन (IAA) रिसेप्टर (TIR1/AFB) पर अत्यधिक सांद्रता में जुड़कर अनियंत्रित एथिलीन और ABA उत्पादन तथा असामान्य कोशिका विभाजन कराते हैं।
- प्रभाव: चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के तने व पत्तियाँ असामान्य रूप से मुड़ जाती हैं (Epinasty, Stem twisting & Phloem plugging) और पौधा फटकर मर जाता है।
- प्रमुख शाकनाशी: 2,4-D, MCPA, 2,4-DB, डाइकम्बा (Dicamba), पिक्लोरम (Picloram), ट्राइक्लोपायर, फ्लुरोक्सीपायर।
- 7. माइक्रोट्यूब्यूल असेंबली / कोशिका विभाजन अवरोधक (Mitotic Poison / Tubulin Inhibitors — HRAC Group 3):
- लक्ष्य स्थल: कोशिका विभाजन (Mitosis) के दौरान ट्यूबलिन प्रोटीन (Tubulin protein) से जुड़कर स्पिंडल फाइबर (Microtubules) नहीं बनने देते, जिससे गुणसूत्र मेटाफेज अवस्था में रुक जाते हैं।
- प्रभाव: अंकुरित होते बीज की जड़ के सिरे फूलकर गदा जैसे (Swollen club-shaped root tips) हो जाते हैं और अंकुर बाहर नहीं निकल पाता।
- प्रमुख शाकनाशी: पेंडिमेथालिन, फ्लूक्लोरालिन, ट्राइफ्लूरालिन (Dinitroanilines)।
- 8. बहुत लंबी श्रृंखला वाले वसीय अम्ल अवरोधक (VLCFA / Shoot Growth Inhibitors — HRAC Group 15):
- प्रभाव: अंकुरित होते घास के प्ररोह (Coleoptile) में बहुत लंबी श्रृंखला वाले वसीय अम्लों का संश्लेषण रोकते हैं।
- प्रमुख शाकनाशी: ब्यूटाक्लोर, प्रीटिलाक्लोर, एलाक्लोर, मेटोलाक्लोर, पाइरोक्सासल्फोन।
- 9. प्रोटोपोर्फिरिनोजेन ऑक्सीडेज (PPO) अवरोधक (Cell Membrane Disrupters — HRAC Group 14):
- लक्ष्य स्थल: क्लोरोफिल और हीम संश्लेषण पथ का PPO एंजाइम; इसके रुकने से ‘प्रोटोपोर्फिरिन IX’ जमा होकर प्रकाश में झिल्ली जला देता है।
- प्रमुख शाकनाशी: ऑक्सीफ्लोरफेन (Oxyfluorfen), फोमेसाफेन, एसीफ्लोरफेन, सल्फेंट्राजोन, कारफेंट्राजोन-इथाइल।
- 10. HPPD / कैरोटीनॉयड जैव-संश्लेषण अवरोधक (‘Bleachers’ — HRAC Group 27 & 13) एवं ग्लूटामाइन सिंथेटेज (GS) अवरोधक (Group 10):
- कैरोटीनॉयड/HPPD अवरोधक: कैरोटीनॉयड वर्णक नहीं बनने देते, जिससे सूर्य की धूप में क्लोरोफिल नष्ट हो जाता है और नई पत्तियाँ बिल्कुल कागज जैसी सफेद (Albino / White bleached leaves) निकलती हैं। उदाहरण: टेम्बोट्रियोन (Tembotrione — Laudis), टोप्राजोन, मेसोट्रियोन, क्लोमाजोन (Clomazone)।
- ग्लूटामाइन सिंथेटेज (GS) अवरोधक: ग्लूफोसिनेट-अमोनियम (Glufosinate-ammonium) — GS एंजाइम को रोककर कोशिका में जहरीले अमोनिया () का जमाव कराता है।
2. शाकनाशी वरणात्मकता की परिघटना एवं इसके 6 प्रमुख तंत्र (Mechanisms of Herbicide Selectivity in Crops)
कोई भी शाकनाशी किसी फसल के लिए वरणात्मक (सुरक्षित) क्यों होता है, इसके पीछे निम्नलिखित 6 वैज्ञानिक तंत्र कार्य करते हैं:
1. विभेदक अवरोधन एवं अवशोषण (Morphological & Differential Absorption)
अनाज फसलों (गेहूँ, धान, मक्का) और प्याज की पत्तियाँ संकरी, सीधी (Vertical), चिकनी और मोमी क्यूटिकल वाली होती हैं जिनसे 2,4-D की बूंदें उछलकर गिर जाती हैं; जबकि चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों (बथुआ, हिरणखुरी) की पत्तियाँ चौड़ी, क्षैतिज, रोमयुक्त और खुले वृद्धि-बिंदु वाली होती हैं जो पूरा शाकनाशी सोख लेती हैं।
2. गहराई एवं स्थान सुरक्षा (Depth Protection / Positional Selectivity)
कपास, मूंगफली, सोयाबीन या गेहूँ के बड़े बीज 4–6 cm गहराई पर बोए जाते हैं, जबकि खरपतवार के सूक्ष्म बीज ऊपरी 0.5–1.5 cm मिट्टी से ही उगते हैं। प्री-इमर्जेंस शाकनाशी (पेंडिमेथालिन, ड्यूरॉन) ऊपरी 2 cm मिट्टी में ही बंधा रहता है, अतः गहरी जड़ वाली फसल बच जाती है और खरपतवार मर जाते हैं।
3. विभेदक स्थानांतरण (Differential Translocation)
सहनशील फसल में शाकनाशी जड़ों या निचली पत्तियों में ही अटका रहता है और शीर्ष विभज्योतक तक नहीं पहुँच पाता, जबकि संवेदनशील खरपतवार में वह तेजी से पूरे पौधे में फैल जाता है (जैसे गन्ने व चौलाई में 2,4-D और सिमाजिन की गतिशीलता का अंतर)।
4. चयापचयी विषहरण (Metabolic Detoxification — सबसे महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक तंत्र)
सहनशील फसल के अंदर विशिष्ट एंजाइम शाकनाशी को तुरंत अविषैले यौगिक में तोड़ देते हैं:
• मक्का व ज्वार में एट्राजिन: मक्का में उपस्थित ‘बेंजॉक्साजिनोन / DIMBOA’ (गैर-एंजाइमी जल-अपघटन द्वारा Hydroxy-atrazine बनाना) और ‘ग्लूटाथियोन-S-ट्रांसफरेज’ (GST एंजाइम) एट्राजिन को निष्क्रिय कर देते हैं।
• धान में प्रोपानिल (Propanil): धान में ‘एरिल एसिलएमाइडेज’ (Aryl acylamidase) एंजाइम प्रचुर मात्रा में होता है जो प्रोपानिल को अविषैले DCA में बदल देता है, जबकि सांवा (Echinochloa) में यह एंजाइम नहीं होता और सांवा मर जाता है।
• गेहूँ में आइसोप्रोट्यूरॉन व क्लोडिनाफॉप: साइटोक्रोम P450 मोनोऑक्सीजिनेज (Cyt P450) द्वारा त्वरित ऑक्सीकरण।
5. रिवर्स मेटाबॉलिज्म / घातक संश्लेषण (Reverse Metabolism / Enzymatic Activation — ‘2,4-DB का क्लासिक उदाहरण’):
- 2,4-DB (2,4-Dichlorophenoxybutyric acid) स्वयं में एक पूर्णतः अविषैला (Non-toxic / Inactive) यौगिक है।
- जब इसे रिजका (Lucerne/Alfalfa), बरसीम या मटर जैसी दलहनी फसलों में छिड़का जाता है, तो इन दलहनी फसलों में ‘बीटा-ऑक्सीडेज’ () एंजाइम बहुत कम या अनुपस्थित होता है, इसलिए 2,4-DB अविषैला ही रहता है और दलहनी फसल सुरक्षित बच जाती है।
- किंतु चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों (जैसे बथुआ — Chenopodium, कंटीली चौलाई) में सक्रिय बीटा-ऑक्सीडेज एंजाइम होता है, जो () द्वारा 2,4-DB से 2 कार्बन हटाकर उसे घातक 2,4-D में बदल देता है और खरपतवार स्वयं के एंजाइम से मारा जाता है!
6. संवेदनशील लक्ष्य-स्थल में अंतर (Insensitive Target Site — Plastidic ACCase in Dicots vs Monocots):
- द्विबीजपत्री फसलों (सोयाबीन, चना, सरसों) के हरितलवक में प्रोकैरियोटिक (बहु-उपइकाई) ACCase होता है जिस पर क्लोडिनाफॉप या क्विज़ालोफॉप बिल्कुल जुड़ ही नहीं सकता, जबकि घास कुल के खरपतवारों में यूकैरियोटिक (एकल-पॉलीपेप्टाइड) ACCase होता है जो इन शाकनाशियों से तुरंत अवरुद्ध हो जाता है।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
HRAC / WSSA समूह के अनुसार प्रमुख क्रियाविधियों का संक्षिप्त वर्गीकरण:
- प्रकाश-संश्लेषण व झिल्ली अवरोधक: PS-II (Group 5, 6, 7), PS-I (Group 22), PPO (Group 14), HPPD/Carotenoid Bleachers (Group 27, 13)।
- अमीनो अम्ल संश्लेषण अवरोधक: ALS/AHAS (Group 2), EPSPS (Group 9), Glutamine Synthetase (Group 10)।
- लिपिड एवं कोशिका विभाजन अवरोधक: ACCase (Group 1), Microtubule/Tubulin (Group 3), VLCFA (Group 15), Synthetic Auxins (Group 4)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘वरणात्मकता सापेक्ष होती है, निरपेक्ष नहीं’ का नियम (Selectivity is Relative, Not Absolute): कोई भी वरणात्मक शाकनाशी केवल एक निश्चित मात्रा (Dose) और अवस्था पर ही फसल के लिए सुरक्षित रहता है। यदि गेहूँ में 2,4-D को के बजाय छिड़क दिया जाए या कल्ले निकलने से पहले (15 DAS पर) छिड़क दिया जाए, तो वह गेहूँ की बालियों को भी विकृत (Earhead malformation) कर देगा।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
प्रायोगिक निदान उदाहरण: धान में प्रोपानिल के साथ कार्बामेट/ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशी क्यों नहीं मिलाना चाहिए?
धान का पौधा ‘एरिल एसिलएमाइडेज’ (Aryl acylamidase) एंजाइम की बदौलत प्रोपानिल शाकनाशी से सुरक्षित रहता है। किंतु यदि किसान प्रोपानिल के साथ कार्बारिल (Carbaryl) या क्लोरपायरीफॉस/मैलाथियान कीटनाशी मिलाकर छिड़क दे, तो ये कीटनाशी धान के ‘एरिल एसिलएमाइडेज’ एंजाइम को रोक देते हैं—फलस्वरूप प्रोपानिल धान को ही जला देता है (Synergistic Crop Phytotoxicity)।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 12.1: प्रमुख शाकनाशी समूहों की क्रियाविधि (Mode of Action), लक्ष्य एंजाइम एवं विशिष्ट लक्षण
| क्रियाविधि समूह (MoA Group) | लक्ष्य एंजाइम / स्थल (Target Site) | प्रमुख शाकनाशी उदाहरण | खरपतवार पर विशिष्ट विषाक्तता लक्षण |
|---|---|---|---|
| 1. PS-II अवरोधक (हिल अभिक्रिया) | थायलाकोइड झिल्ली का D1 प्रोटीन ( site) | एट्राजिन, सिमाजिन, मेट्रीब्यूजिन, आइसोप्रोट्यूरॉन, प्रोपानिल | पुरानी पत्तियों के किनारों से पीलापन (Interveinal chlorosis) व झुलसन। |
| 2. PS-I इलेक्ट्रॉन डाइवर्टर | PS-I फेरेडॉक्सिन → मुक्त मूलक () | पैराक्वाट, डाइक्वाट | 24 घंटे में पत्तियों का पानी में उबला जैसा होकर भूरा सूखना। |
| 3. ALS / AHAS अवरोधक | ALS एंजाइम (Valine, Leucine, Isoleucine रोक) | सल्फोसलफ्यूरॉन, मेटसल्फ्यूरॉन, इमेजेथापायर, बिसपायरीबैक | वृद्धि बिंदु (Meristem) का रुकना, पत्तियों में बैंगनीपन व पीलापन। |
| 4. EPSPS अवरोधक | शिकिमिक पथ का EPSPS एंजाइम (F, Y, W रोक) | ग्लाइफोसेट (Glyphosate) | 7–15 दिनों में नई पत्तियों से पूरे पौधे व कंद का पीला होकर मरना। |
| 5. ACCase अवरोधक | प्लास्टिड का ACCase एंजाइम (वसीय अम्ल रोक) | क्लोडिनाफॉप, फिनोक्साप्रॉप, क्विज़ालोफॉप, पिनोक्साडेन | केवल घासों का मरना; ऊपरी पत्ती खींचने पर सड़ी हुई निकलना। |
| 6. सिंथेटिक ऑक्सिन | IAA रिसेप्टर (TIR1) → एथिलीन उछाल | 2,4-D, MCPA, डाइकम्बा, ट्राइक्लोपायर | चौड़ी पत्ती व तने का असामान्य मुड़ना (Epinasty & Stem twisting)। |
| 7. माइक्रोट्यूब्यूल अवरोधक | ट्यूबलिन प्रोटीन (Tubulin) — समसूत्री विभाजन रोक | पेंडिमेथालिन, फ्लूक्लोरालिन, ट्राइफ्लूरालिन | अंकुर का न निकलना; जड़ के सिरों का गदा जैसा फूलना (Club-root)। |
| 8. HPPD / कैरोटीनॉयड अवरोधक | HPPD एंजाइम (प्लास्टोक्विनोन व कैरोटीनॉयड रोक) | टेम्बोट्रियोन, टोप्राजोन, मेसोट्रियोन, क्लोमाजोन | नई पत्तियों का बिल्कुल सफेद निकलना (White bleaching / Albinism)। |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
वरणात्मकता सूचकांक एवं प्रमुख जैव-रासायनिक अभिक्रियाएँ
- 1. वरणात्मकता सूचकांक (Selectivity Index – SI):
$$
(यदि है, तो शाकनाशी फसल के लिए अत्यंत सुरक्षित व वरणात्मक माना जाता है।) - 2. घातक संश्लेषण (Lethal Synthesis in Weeds):
$$ - 3. धान में प्रोपानिल विषहरण (Detoxification in Rice):
$$
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- PS-II (Hill reaction, D1 protein): एट्राजिन, आइसोप्रोट्यूरॉन, प्रोपानिल
- PS-I (Electron diverter): पैराक्वाट, डाइक्वाट
- PPO अवरोधक: ऑक्सीफ्लोरफेन, सल्फेंट्राजोन
- HPPD/Carotenoid Bleachers: टेम्बोट्रियोन, क्लोमाजोन (सफेद पत्ती)
- ALS अवरोधक (Val, Leu, Ile): सल्फोनिलयूरिया व इमिडाजोलिनोन
- EPSPS अवरोधक (Phe, Tyr, Trp): ग्लाइफोसेट
- GS अवरोधक (NH3 जमाव): ग्लूफोसिनेट-अमोनियम
- ACCase अवरोधक (केवल घास): क्लोडिनाफॉप, फिनोक्साप्रॉप
- सिंथेटिक ऑक्सिन (IAA mimic): 2,4-D, डाइकम्बा (Epinasty)
- माइक्रोट्यूब्यूल/Tubulin अवरोधक: पेंडिमेथालिन (Club-shaped roots)
- VLCFA प्ररोह अवरोधक: ब्यूटाक्लोर, प्रीटिलाक्लोर
- 1. पत्ती कोण व क्यूटिकल अंतर | 2. गहराई सुरक्षा (Depth protection)
- 3. मक्का में एट्राजिन विषहरण: GST एंजाइम व DIMBOA
- 4. धान में प्रोपानिल विषहरण: Aryl acylamidase एंजाइम
- 5. रिवर्स मेटाबॉलिज्म: खरपतवार में 2,4-DB → 2,4-D (β-oxidation)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- एट्राजिन, सिमाजिन और आइसोप्रोट्यूरॉन थायलाकोइड झिल्ली के ‘D1 प्रोटीन’ पर जुड़कर प्रकाश-संश्लेषण की ‘हिल अभिक्रिया’ (PS-II electron transport) को रोकते हैं।
- सल्फोनिलयूरिया (सल्फोसलफ्यूरॉन, मेटसल्फ्यूरॉन) और इमिडाजोलिनोन (इमेजेथापायर) ‘ALS एंजाइम’ को रोककर शाखित-श्रृंखला अमीनो अम्लों (Valine, Leucine, Isoleucine) का निर्माण बंद करते हैं।
- ग्लाइफोसेट शिकिमिक अम्ल पथ के ‘EPSPS एंजाइम’ को रोककर एरोमैटिक अमीनो अम्लों (Phenylalanine, Tyrosine, Tryptophan) का निर्माण रोकता है।
- क्लोडिनाफॉप और फिनोक्साप्रॉप ‘ACCase एंजाइम’ (वसीय अम्ल संश्लेषण) को रोकते हैं, जबकि पेंडिमेथालिन ‘ट्यूबलिन प्रोटीन’ (Microtubule assembly) को रोकता है।
- मक्का में एट्राजिन की वरणात्मकता ‘GST एंजाइम व बेंजॉक्साजिनोन (DIMBOA)’ के कारण, धान में प्रोपानिल की वरणात्मकता ‘Aryl acylamidase’ के कारण और दलहन में 2,4-DB की वरणात्मकता ‘बीटा-ऑक्सीकरण के अभाव’ के कारण होती है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- लक्ष्य एंजाइम मिलान: एट्राजिन/आइसोप्रोट्यूरॉन → PS-II (D1 protein); पैराक्वाट → PS-I; सल्फोसलफ्यूरॉन/इमेजेथापायर → ALS; ग्लाइफोसेट → EPSPS; क्लोडिनाफॉप → ACCase; पेंडिमेथालिन → Tubulin; टेम्बोट्रियोन → HPPD; ग्लूफोसिनेट → Glutamine synthetase।
- वरणात्मकता एंजाइम मिलान: मक्का (Atrazine) → GST & DIMBOA; धान (Propanil) → Aryl acylamidase; गेहूँ (Isoproturon) → Cyt P450; बरसीम/रिजका (2,4-DB) → Lack of ।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- ग्लाइफोसेट ‘EPSPS’ एंजाइम को और सल्फोनिलयूरिया व इमिडाजोलिनोन ‘ALS’ एंजाइम को अवरुद्ध करते हैं।
- एट्राजिन और आइसोप्रोट्यूरॉन थायलाकोइड के ‘D1 प्रोटीन’ पर जुड़कर PS-II (हिल अभिक्रिया) को रोकते हैं।
- मक्का में एट्राजिन का विषहरण ‘GST एंजाइम व DIMBOA’ द्वारा तथा धान में प्रोपानिल का विषहरण ‘Aryl acylamidase’ द्वारा होता है।
- चौड़ी पत्ती खरपतवारों में अविषैले 2,4-DB का विषाक्त 2,4-D में बदलना ‘बीटा-ऑक्सीकरण’ (घातक संश्लेषण) कहलाता है।
- क्लोडिनाफॉप और फिनोक्साप्रॉप केवल घासों में ‘ACCase’ (वसीय अम्ल संश्लेषण) एंजाइम को रोकते हैं।
(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)
(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)
(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।





