AGRON 311 Lecture 04: खरपतवार बीज बैंक (Weed Seed Bank) एवं खरपतवार विस्थापन (Weed Shifts) का अध्ययन | Hindi Notes
AGRO PATH FINDERAGRON 311 · Weed Management
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02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 04: खरपतवार बीज बैंक (Weed Seed Bank) एवं खरपतवार विस्थापन (Weed Shifts) का अध्ययन
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- मृदा खरपतवार बीज बैंक (Soil Weed Seed Bank) की परिभाषा, आकार (लाखों से करोड़ों बीज/हेक्टेयर) और ऊर्ध्वाधर वितरण (0–15 cm जुताई परत) को समझना।
- थॉम्पसन एवं ग्राइम (Thompson & Grime, 1979) के अनुसार अस्थायी/क्षणिक (Transient) और स्थायी/चिरस्थायी (Persistent) बीज बैंक के अंतर को जानना।
- बीज बैंक में बीजों के आगमन (Inputs: Seed rain, अशुद्ध बीज, खाद, सिंचाई जल) और निकासी/ह्रास (Outputs: अंकुरण, सूक्ष्मजैविक सड़न, कीट/पक्षी भक्षण, घातक अंकुरण) के संतुलन का विश्लेषण करना।
- मृदा बीज बैंक के आकलन की दोनों मानक विधियों—(1) प्रत्यक्ष भौतिक पृथक्करण (Sieving/Floatation) और (2) ग्रीनहाउस पौध उद्भव विधि (Seedling emergence method)—का अध्ययन करना।
- खरपतवार विस्थापन (Weed Shift / Weed Flora Shift) की अवधारणा, प्रमुख कारणों (लगातार एक ही शाकनाशी जैसे 2,4-D या Butachlor का प्रयोग, जीरो टिलेज, DSR धान), ‘Weed Shift बनाम Herbicide Resistance’ के अंतर और प्रबंधन को समझना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): किसी भी खेत में हर साल बिना बोए करोड़ों खरपतवार कहाँ से उग आते हैं? इसका उत्तर खेत की मिट्टी के भीतर छिपा ‘खरपतवार बीज बैंक’ (Weed Seed Bank) है। जिस प्रकार बैंक खाते में पैसे जमा (Deposit) और आहरित (Withdraw) होते हैं, उसी प्रकार मृदा में हर साल परिपक्व खरपतवारों से लाखों नए बीज जमा होते हैं (‘Seed rain’) और अंकुरण या सड़न से बाहर निकलते हैं। एक प्रसिद्ध कहावत है—“One year’s seeding makes seven years’ weeding” (एक वर्ष खरपतवार के बीज झड़ने देने का अर्थ है सात वर्षों तक निराई करना)।
इसके अतिरिक्त, जब किसान किसी खेत में वर्षों तक लगातार एक ही शाकनाशी (जैसे गेहूँ में केवल 2,4-D) या एक ही जुताई पद्धति (जैसे जीरो टिलेज) अपनाता है, तो संवेदनशील खरपतवार तो समाप्त हो जाते हैं, किंतु उनका खाली स्थान सहनशील या नए खरपतवार ले लेते हैं। खरपतवार समुदाय की संरचना में आने वाले इस क्रमिक बदलाव को ‘खरपतवार विस्थापन’ (Weed Shift / Weed Flora Shift) कहते हैं।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. खरपतवार बीज बैंक की गतिशीलता: आगमन बनाम निकासी (Weed Seed Bank Dynamics: Inputs vs Outputs)
(A) बीज बैंक में जमा / आगमन (Seed Bank Inputs / Credits)
1. स्थानीय बीज वर्षा (Indigenous Seed Rain): खेत में बचे रह गए खरपतवारों से झड़ने वाले बीज (मुख्य स्रोत)।
2. पवन एवं सिंचाई जल (Wind & Irrigation Water): नहर के पानी और हवा से उड़कर आने वाले बीज।
3. अशुद्ध फसल बीज एवं कच्ची गोबर खाद (Contaminated Crop Seed & Raw FYM): बिना सड़ी गोबर की खाद और अप्रमाणित बीज।
4. कृषि यंत्र एवं पशु आवागमन (Machinery & Animals): कंबाइन हार्वेस्टर, ट्रैक्टर टायर व भेड़-बकरियों की खाल/गोबर।
(B) बीज बैंक से निकासी / ह्रास (Seed Bank Outputs / Debits)
1. सफल अंकुरण एवं पौध उद्भव (Seedling Emergence): कुल बीज बैंक का मात्र 2% से 10% भाग ही प्रतिवर्ष उगता है।
2. घातक अंकुरण (Fatal / Suicidal Germination): गहराई में उगकर सतह पर आने से पूर्व मर जाना।
3. बीज भक्षण (Seed Predation / Granivory): चींटियों, भृंगों (Carabid beetles), चूहों, केंचुओं और पक्षियों द्वारा बीजों को खाया जाना।
4. सूक्ष्मजैविक सड़न एवं वृद्धावस्था मृत्यु (Microbial Decay & Senescence): मृदा कवक व जीवाणुओं द्वारा बीज का सड़ना।
2. मृदा बीज बैंक के आकलन की विधियाँ (Methods of Estimating Soil Weed Seed Bank)
खेत से ज़िग-ज़ैग तरीके से 0–15 cm गहराई के मृदा कोर (Soil cores) लेकर दो विधियों से परीक्षण किया जाता है:
- प्रत्यक्ष भौतिक निष्कर्षण विधि (Direct Physical Extraction / Washing & Floatation Method): मृदा नमूने को पानी और रासायनिक विसारक (Sodium hexametaphosphate / Calgon) में घोलकर विभिन्न आकार की छलनियों (Sieves) से छाना जाता है और उच्च विशिष्ट गुरुत्व के घोल ( या ) में तैराकर बीजों को अलग कर गिना जाता है तथा टेट्राजोलियम परीक्षण (TZ test) से उनकी जीवन क्षमता जाँची जाती है। (यह विधि कुल सुप्त व सक्रिय दोनों बीजों की सटीक संख्या देती है, पर श्रमसाध्य है)।
- पौध उद्भव / ग्रीनहाउस अंकुरण विधि (Seedling Emergence / Greenhouse Germination Method): मृदा नमूनों को उथली ट्रे में 2–3 cm मोटी परत में फैलाकर ग्रीनहाउस में अनुकूल नमी व तापमान पर रखा जाता है और समय-समय पर उगने वाले खरपतवार पौधों की पहचान कर उन्हें गिनकर उखाड़ दिया जाता है। (यह विधि केवल ‘सक्रिय/तुरंत उगने योग्य बीज बैंक’ का आकलन करती है)।
3. खरपतवार विस्थापन (Weed Shifts / Weed Flora Shifts): कारण एवं भारतीय उदाहरण
खरपतवार विस्थापन के 4 प्रमुख कारण:
- एक ही शाकनाशी का वर्षों तक लगातार प्रयोग (Continuous use of same herbicide):
- उदाहरण 1 (गेहूँ में 2,4-D का प्रयोग): 1960–70 के दशक में गेहूँ में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों (बथुआ, हिरणखुरी, सैंजी) को मारने के लिए लगातार 2,4-D का छिड़काव किया गया। परिणामस्वरूप चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार तो घट गए, किंतु उनका खाली स्थान घास कुल के संकरी पत्ती वाले खरपतवारों—गेहूँसा (Phalaris minor) और जंगली जई (Avena fatua)—ने ले लिया (क्योंकि 2,4-D घासों को नहीं मारता)।
- उदाहरण 2 (धान में ब्यूटाक्लोर का प्रयोग): रोपित धान में वार्षिक घासों (Echinochloa) के नियंत्रण हेतु वर्षों तक लगातार ब्यूटाक्लोर (Butachlor) या अनिलोफॉस के प्रयोग से खरपतवार वनस्पति का विस्थापन बहुवर्षीय मोथा (Cyperus rotundus, C. iria) और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों (Caesulia axillaris, Ammannia baccifera, Monochoria) की ओर हो गया।
- भूपरिष्करण / जुताई पद्धति में बदलाव (Change in Tillage — Conventional to Zero Tillage):
- पारंपरिक जुताई (Conventional tillage) से शून्य जुताई (Zero tillage / Conservation agriculture) अपनाने पर Phalaris minor का प्रकोप तो घट जाता है, लेकिन सतह पर गिरने वाले छोटे पवन-प्रकीर्णित बीजों (Sonchus, Conyza, Parthenium) और बहुवर्षीय खरपतवारों (Cynodon dactylon, Cyperus rotundus, Sorghum halepense) की ओर विस्थापन हो जाता है।
- फसल स्थापना विधि में बदलाव (रोपित धान TPR से सीधी बुवाई धान DSR):
- रोपित धान (कीचड़ व खड़ा पानी) से सीधी बुवाई वाले धान (Direct-Seeded Rice – DSR) में जाने पर जलीय खरपतवारों के स्थान पर आक्रामक स्थलीय घासों—Leptochloa chinensis (चीनी घास), Dactyloctenium aegyptium (मकड़ा), Eragrostis और जंगली धान (Weedy rice — Oryza sativa f. spontanea)—का भारी विस्थापन हुआ है।
- सिंचाई, बौनी किस्मों व उच्च उर्वरक का प्रयोग: राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर (IGNP) आने से मरुस्थलीय खरपतवारों (भूरट, जवासा) के स्थान पर सिंचित खरपतवार (गेहूँसा, बथुआ, साँवा) आ गए।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
मृदा गहराई एवं जुताई प्रणाली के अनुसार बीज बैंक वितरण:
- 1. शून्य जुताई (Zero-Till System): कुल खरपतवार बीजों का 60% से 80% भाग ऊपरी 0 से 5 cm मृदा परत में केंद्रित रहता है।
- 2. मोल्डबोर्ड हल जुताई (Conventional Ploughing): बीज पूरी 0 से 20 cm जुताई परत में लगभग समान रूप से वितरित हो जाते हैं (गहराई में दबे बीज Enforced dormancy में चले जाते हैं)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- स्टेल सीडबेड द्वारा बीज बैंक रिक्तीकरण सिद्धांत (Principle of Stale Seedbed Depletion): मुख्य फसल बोने से 10–15 दिन पहले खेत में पलेवा (सिंचाई) करके जुताई कर दी जाती है और खेत को खाली छोड़ दिया जाता है। ऊपरी 2–5 cm परत के खरपतवार बीज नमी पाकर एक साथ अंकुरित हो जाते हैं। इसके बाद बिना गहरी जुताई किए उथले बखर/कल्टीवेटर या अन-वरणात्मक शाकनाशी (Paraquat/Glyphosate) से उन अंकुरित खरपतवारों को नष्ट कर मुख्य फसल बो दी जाती है, जिससे सक्रिय बीज बैंक खाली हो जाता है।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
व्यावहारिक उदाहरण: ‘खरपतवार विस्थापन’ (Weed Shift) बनाम ‘शाकनाशी प्रतिरोध’ (Herbicide Resistance) में स्पष्ट अंतर
- खरपतवार विस्थापन (Weed Shift): जब गेहूँ में 2,4-D के लगातार प्रयोग से बथुआ (चौड़ी पत्ती) समाप्त हो गया और उसकी जगह गेहूँसा (Phalaris minor — संकरी पत्ती) बढ़ गया। यहाँ गेहूँसा में कोई आनुवंशिक उत्परिवर्तन नहीं हुआ; गेहूँसा तो पहले से ही 2,4-D के प्रति प्राकृतिक रूप से सहनशील (Naturally tolerant) था।
- शाकनाशी प्रतिरोध (Herbicide Resistance): जब गेहूँसा (Phalaris minor) को मारने के लिए 10–15 वर्षों तक लगातार आइसोप्रोट्यूरॉन (Isoproturon) डाला गया, तो आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण 1992-93 में उसी गेहूँसा पर आइसोप्रोट्यूरॉन ने असर करना बंद कर दिया। यह आनुवंशिक ‘शाकनाशी प्रतिरोध’ है।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 4.1: खरपतवार विस्थापन (Weed Shift) बनाम शाकनाशी प्रतिरोध (Herbicide Resistance)
| तुलना का आधार (Parameter) | खरपतवार विस्थापन (Weed Flora Shift) | शाकनाशी प्रतिरोध (Herbicide Resistance) |
|---|---|---|
| वैज्ञानिक प्रकृति | यह एक पारिस्थितिक परिघटना (Ecological phenomenon) है जिसमें एक प्रजाति की जगह दूसरी प्रजाति ले लेती है। | यह एक आनुवंशिक व विकासवादी परिघटना (Genetic/Evolutionary phenomenon) है जो एक ही प्रजाति के भीतर होती है। |
| प्रजाति में बदलाव | खरपतवार की प्रजाति बदल जाती है (जैसे बथुआ से गेहूँसा में बदलाव)। | खरपतवार की प्रजाति वही रहती है, पर उसका बायो-टाइप शाकनाशी से नहीं मरता (जैसे Isoproturon-प्रतिरोधी गेहूँसा)। |
| मुख्य कारण | एक ही संकीर्ण-स्पेक्ट्रम शाकनाशी (2,4-D), जीरो टिलेज या DSR धान अपनाना। | एक ही क्रियाविधि (Same Mode of Action) वाले शाकनाशी का वर्षों तक बार-बार प्रयोग। |
| प्रबंधन उपाय | चौड़े स्पेक्ट्रम के शाकनाशी मिश्रण (Tank/Ready mix), फसल चक्र और यांत्रिक निराई। | भिन्न क्रियाविधि (Different MoA) वाले शाकनाशियों का चक्रण (Rotation) व IWM। |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
मृदा बीज बैंक संतुलन समीकरण (Weed Seed Bank Balance Equation)
- बीज बैंक गतिकी समीकरण:
$$
(जहाँ = वर्तमान वर्ष का बीज बैंक, और = अगले वर्ष का बीज बैंक। बीज बैंक घटाने के लिए करना और को स्टेल सीडबेड से बढ़ाना आवश्यक है)।
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
Lecture 04 Mind Map: खरपतवार बीज बैंक एवं खरपतवार विस्थापन
- खरपतवार बीज बैंक एवं विस्थापन (Weed Seed Bank & Weed Shifts)
- मृदा खरपतवार बीज बैंक (Soil Weed Seed Bank)
- प्रकार (Thompson & Grime, 1979): Transient (<1 वर्ष जीवित) बनाम Persistent (>1 से 50 वर्ष जीवित: बथुआ, चौलाई, हिरणखुरी)
- गतिकी (Dynamics): Inputs (Seed rain, खाद, नहर जल, अशुद्ध बीज) बनाम Outputs (उद्भव 2-10%, घातक अंकुरण, कीट भक्षण, सड़न)
- आकलन व रिक्तीकरण: भौतिक धुलाई/छलनी विधि एवं ग्रीनहाउस उद्भव विधि | रिक्तीकरण: Stale Seedbed व Soil Solarization
- खरपतवार विस्थापन (Weed Flora Shift)
- शाकनाशी प्रेरित: गेहूँ में 2,4-D से चौड़ी पत्ती ➔ गेहूँसा (Phalaris minor) विस्थापन | धान में Butachlor से घास ➔ मोथा/Caesulia विस्थापन
- टिलेज व बुवाई प्रेरित: Zero tillage में बहुवर्षीय खरपतवारों की वृद्धि | DSR धान में Leptochloa व जंगली धान (Weedy rice) का प्रकोप
- प्रबंधन: शाकनाशी चक्रण (Herbicide rotation), शाकनाशी मिश्रण (Mixtures), फसल चक्र एवं IWM
- मृदा खरपतवार बीज बैंक (Soil Weed Seed Bank)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): ‘स्टेल सीडबेड’ (Stale Seedbed) तकनीक द्वारा मृदा बीज बैंक का रिक्तीकरण
(मुख्य फसल से 12–15 दिन पूर्व) ➔ 2. बीज बैंक का एक साथ अंकुरण
(ऊपरी 0–5 cm के खरपतवार उगना) ➔ 3. उथली बखरनी / पैराक्वाट स्प्रे
(गहरी मिट्टी पलटे बिना नष्ट करना) ➔ 4. मुख्य फसल की सीधी बुवाई
(न्यूनतम मृदा विक्षोभ के साथ) ➔ 5. खरपतवार-मुक्त प्रारंभिक वृद्धि
(सक्रिय बीज बैंक में 60–80% कमी)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- गेहूँ में वर्षों तक लगातार 2,4-D का प्रयोग करने से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के स्थान पर संकरी पत्ती वाले ‘गेहूँसा’ (Phalaris minor) और ‘जंगली जई’ (Avena fatua) का छा जाना ‘खरपतवार विस्थापन’ (Weed shift) का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।
- शून्य जुताई (Zero tillage) अपनाने पर वार्षिक खरपतवारों के स्थान पर ‘बहुवर्षीय खरपतवारों’ (Perennial weeds जैसे दूब घास, मोथा, बरू) की ओर खरपतवार विस्थापन होता है।
- सीधी बुवाई वाले धान (DSR) में रोपित धान की तुलना में ‘जंगली धान’ (Weedy rice — Oryza sativa f. spontanea) और चीनी घास (Leptochloa chinensis) की ओर तीव्र विस्थापन देखा गया है।
- थॉम्पसन एवं ग्राइम (1979) के अनुसार 1 वर्ष से कम जीवित रहने वाले बीज ‘Transient seed bank’ और 1 वर्ष से अधिक जीवित रहने वाले बीज ‘Persistent seed bank’ कहलाते हैं।
- मृदा बीज बैंक में सबसे बड़ा इनपुट उसी खेत के खरपतवारों से झड़ने वाले बीज अर्थात् ‘सीड रेन’ (Seed rain) हैं।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
- Soil Seed Bank: ऊपरी 0–15 cm परत में जीवित खरपतवार बीजों व कंदों का कुल भंडार (Zero-till में 60–80% बीज ऊपरी 0–5 cm में)।
- Transient vs Persistent: < 1 वर्ष जीवित बनाम > 1 वर्ष (दशकों तक) जीवित।
- 2 Estimation Methods: (1) Physical washing/sieving/floatation + TZ test, (2) Greenhouse seedling emergence।
- Weed Shift Examples: गेहूँ में 2,4-D Phalaris minor | धान में Butachlor Cyperus / Caesulia | DSR धान Weedy rice / Leptochloa।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- गेहूँ में 2,4-D के लगातार प्रयोग से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का स्थान गेहूँसा (Phalaris minor) द्वारा ले लेना ‘खरपतवार विस्थापन’ है।
- मिट्टी में 1 वर्ष से कम जीवित रहने वाले बीज ‘Transient seed bank’ और 1 वर्ष से अधिक जीवित रहने वाले बीज ‘Persistent seed bank’ बनाते हैं।
- शून्य जुताई (Zero tillage) में 60–80% खरपतवार बीज ऊपरी 0–5 cm मृदा परत में केंद्रित रहते हैं और बहुवर्षीय खरपतवार बढ़ते हैं।
- मृदा बीज बैंक में सबसे बड़ा आगमन स्रोत (Input) परिपक्व खरपतवारों से झड़ने वाली ‘बीज वर्षा’ (Seed rain) है।
- सीधी बुवाई वाले धान (DSR) में रोपित धान की तुलना में जंगली धान (Weedy rice) और Leptochloa chinensis की ओर विस्थापन होता है।
(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)
(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)
(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।





