PPATH 311 Lecture 05: नारियल, चाय, कॉफी और आम के प्रमुख रोग एवं उनका समन्वित प्रबंधन

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PPATH 311 · Plant Pathology Smart Notes
LECTURE 05 / 08 · PPATH 311

नारियल, चाय, कॉफी और आम के प्रमुख रोग एवं उनका समन्वित प्रबंधन

Major Diseases of Coconut, Tea, Coffee, and Mango & Their Management

Coconut (नारियल), Tea (चाय), Coffee (कॉफी), Mango (आम)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsरोग वर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notesतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Coconut (bud rot, Cadang cadang), Tea (blister blight, red rust) and Coffee (rust); Mango (malformation, Black tip);
अध्ययन संदर्भ: यह उपलब्ध कराए गए पाठ्यक्रम के विस्तृत notes हैं। रासायनिक दवाओं, एंटीबायोटिक, पेस्ट और उनकी दरों के उल्लेख शैक्षणिक स्रोत का हिस्सा हैं; इन्हें वर्तमान पंजीकरण या खेत में प्रयोग की स्वीकृति न मानें। वास्तविक उपयोग से पहले संबंधित फसल के लिए वर्तमान label claim और स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की सलाह जाँचें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • नारियल के कली सड़न (Bud Rot – Phytophthora palmivora) और कडांग-कडांग (Cadang-Cadang – सबसे छोटे ज्ञात पादप रोगजनक वायरोइड) के लक्षणों व प्रबंधन को समझना।
  • चाय के फफोला अंगमारी (Blister Blight – Exobasidium vexans) और लाल किट्ट (Red Rust – Cephaleuros parasiticus, शैवाल जनित रोग) के बीच अंतर करना।
  • कॉफी किट्ट (Coffee Leaf Rust – Hemileia vastatrix) के ऐतिहासिक प्रभाव (श्रीलंका में कॉफी की जगह चाय का प्रचलन) और प्रबंधन को जानना।
  • आम के गुच्छा रोग (Mango Malformation – वानस्पतिक व पुष्पीय) और कोइली/काला सिरा (Black Tip – ईंट भट्ठों के धुएँ व बोरॉन की कमी) के वैज्ञानिक नियंत्रण को सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

रोपण फसलें (Plantation Crops—नारियल, चाय, कॉफी) और भारत का राष्ट्रीय फल आम (Mango – Mangifera indica) भारतीय कृषि निर्यात और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। पादप रोगविज्ञान में यह व्याख्यान अत्यंत अनूठा है क्योंकि इसमें कवक के साथ-साथ वायरोइड (Viroid – Coconut Cadang-Cadang), परजीवी हरे शैवाल (Alga – Tea Red Rust) और प्रदूषण जनित दैहिक विकार (Brick-kiln fumes – Mango Black Tip) जैसे विविध रोगजनकों का समावेश है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

वायरोइड (Viroid)

टी.ओ. डाइनर (T.O. Diener, 1971) द्वारा खोजे गए सबसे छोटे संक्रामक रोगजनक, जो प्रोटीन आवरण रहित (Naked), कम अणुभार वाले, एकल-रज्जुक वृत्ताकार आरएनए (ssRNA, ~246–375 न्यूक्लियोटाइड्स) होते हैं—जैसे Coconut Cadang-Cadang Viroid (CCCVd)।

शैवाल जनित पादप रोग (Algal Plant Disease)

परजीवी हरे शैवाल 'Cephaleuros parasiticus' (या C. virescens) द्वारा चाय, आम और अमरूद की पत्तियों व टहनियों पर उत्पन्न 'लाल किट्ट' (Red Rust) रोग।

आम का गुच्छा रोग (Mango Malformation / Bunchy Top)

Fusarium mangiferae (एवं कली चिंचड़ी Aceria mangiferae व एथिलीन असंतुलन) के कारण आम की मंजरी (Panicle) और वानस्पतिक कलियों का सघन, मोटे व बंध्य गुच्छे में बदल जाना।

कोइली या ब्लैक टिप (Black Tip / Koeli of Mango)

ईंट के भट्ठों (Brick-kilns) से निकलने वाली SO2, CO व Ethylene गैसों और बोरॉन की कमी के कारण आम के फल के निचले सिरे (Distal end) का काला व कड़ा होकर सड़ना।

रोग वर्गीकरण · Classification

कवक एवं Oomycete जनित रोग

नारियल का Bud Rot (Phytophthora palmivora), चाय का Blister Blight (Exobasidium vexans), कॉफी का Rust (Hemileia vastatrix), आम का Malformation (Fusarium mangiferae / F. moniliforme var. subglutinans)।

वायरोइड जनित रोग (Viroid Disease)

नारियल का कडांग-कडांग रोग (Coconut Cadang-Cadang Viroid – CCCVd, सबसे छोटा वायरोइड – 246 nt)।

परजीवी शैवाल जनित रोग (Algal Disease)

चाय (एवं आम) का लाल किट्ट रोग (Red Rust of Tea – Cephaleuros parasiticus / C. virescens)।

अजैविक / वायु प्रदूषण जनित विकार (Abiotic Disorder)

आम का काला सिरा / कोइली रोग (Black Tip of Mango – Brick-kiln smoke: SO2, CO, C2H2 + Boron deficiency)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • श्रीलंका की कॉफी महामारी और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन (1869 Ceylon Coffee Rust Epidemic): सन् 1869 में श्रीलंका (तत्कालीन सीलोन) में Hemileia vastatrix के कारण कॉफी के बागान पूरी तरह नष्ट हो गए। इसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश बागान मालिकों ने कॉफी की जगह चाय (Tea) लगाना शुरू किया और इंग्लैंड के लोग कॉफी की जगह चाय पीने के आदी हो गए।
  • आभासी किट्ट बनाम वास्तविक किट्ट (True Rust vs False Rusts): कॉफी का किट्ट (Hemileia vastatrix – Basidiomycete) वास्तविक किट्ट (True Rust) है; जबकि सरसों का सफेद किट्ट (Albugo candida) एक Oomycete कवक है और चाय का लाल किट्ट (Cephaleuros parasiticus) एक परजीवी हरा शैवाल (Green Alga) है।

फसलवार रोग एवं प्रबंधन · Disease Notes

1. Bud Rot of Coconut (नारियल का कली सड़न / गोभ सड़न रोग)
Coconut (नारियल – Cocos nucifera) · Pathogen: Phytophthora palmivora

महत्व: नारियल का घातक रोग क्योंकि नारियल में केवल एक ही शीर्ष वृद्धि बिंदु (Single terminal growing bud) होता है; इसके सड़ते ही पूरा वृक्ष मर जाता है।

लक्षण · Symptoms
  • सर्वप्रथम मुकुट के मध्य की सबसे नई बंद गोभ पत्ती (Central spindle leaf) पीली पड़कर मुरझा जाती है और बाद में भूरी होकर सूख जाती है।
  • इस केंद्रीय गोभ पत्ती को हाथ से हल्का खींचने पर यह आधार से आसानी से बाहर निकल आती है और इसके सड़े हुए गुलाबी-भूरे आधार से तीव्र सड़ाँध व दुर्गंध (Foul putrid odor) आती है।
  • धीरे-धीरे बाहर की पत्तियाँ भी एक-एक कर गिर जाती हैं और अंत में बिना मुकुट का केवल नग्न तना (Headless bare trunk) खड़ा रह जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • यदि रोग की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो मुकुट के सड़े हुए ऊतकों को काटकर साफ करें और घाव पर Bordeaux Paste (10%) लगाकर ऊपर से पॉलीथीन की छतरी बाँध दें ताकि बारिश का पानी न जाए।
  • मानसून से पूर्व एवं मानसून के दौरान मुकुट (Crown) में 1% Bordeaux Mixture का छिड़काव करें या पत्तियों के कक्ष में Mancozeb (5 g) के छिद्रित पैकेट रखें।
  • पूर्णतः मृत वृक्षों को तुरंत काटकर जला दें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Oomycete कवक; नींबू के आकार के पैपिला युक्त Sporangia, द्विकशाभिक Zoospores, मोटी भित्ति वाले Chlamydospores और Oospores बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

संक्रमित मुकुट ऊतकों और मृदा में Oospores/Chlamydospores के रूप में जीवित रहता है; हवा, वर्षा और गैंडा भृंग (Rhinoceros beetle – Oryctes rhinoceros) द्वारा फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

मानसून के दौरान 20–24°C तापमान और मुकुट के भीतर >95% सापेक्षिक आर्द्रता।

Exam Key: Phytophthora palmivora + केंद्रीय गोभ पत्ती का आसानी से खिंचकर आना व तीव्र दुर्गंध + 1% Bordeaux Mixture / Bordeaux Paste।
2. Cadang-Cadang of Coconut (नारियल का कडांग-कडांग रोग)
Coconut (नारियल) · Pathogen: Coconut Cadang-Cadang Viroid (CCCVd — कुल: Pospiviroidae; 246 न्यूक्लियोटाइड्स का नग्न वृत्ताकार ssRNA — सबसे छोटा ज्ञात पादप रोगजनक)।

महत्व: फिलीपींस में 3 करोड़ से अधिक नारियल वृक्षों को नष्ट करने वाला घातक रोग ('Cadang-Cadang' फिलिपिनो भाषा के 'Gadang-gadang' से बना है जिसका अर्थ है 'धीरे-धीरे मरना' / Slowly dying)। भारत में यह विदेशी संगरोध रोग (Exotic Quarantine Disease) है।

लक्षण · Symptoms
  • प्रारंभ में फलों (Nuts) का आकार छोटा व गोल हो जाता है और उनके छिलके पर भूरे धँसे हुए घाव या भूमध्यरेखीय निशान (Equatorial scarifications) बनते हैं तथा अंततः फल लगना बंद हो जाता है।
  • पत्तियों पर पीले-नारंगी रंग के जल-सिक्त धब्बे बनते हैं जो बाद में कांस्य-पीले (Bronze-yellow) हो जाते हैं।
  • मुकुट का आकार छोटा होते-होते 8–15 वर्षों में सभी पत्तियाँ झड़ जाती हैं और टेलीफोन के खंभे जैसा नग्न तना (Telephone pole appearance) रह जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • सख्त अंतर्राष्ट्रीय पादप संगरोध (Strict International Plant Quarantine): फिलीपींस व गुआम से नारियल व ताड़ के रोपण पदार्थों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध।
  • संक्रमित वृक्षों का तत्काल उन्मूलन और कटाई औजारों का सोडियम हाइपोक्लोराइट से विसंक्रमण।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

प्रोटीन आवरण रहित (Naked) एकल-रज्जुक वृत्ताकार आरएनए (ssRNA) वायरोइड।

रोग चक्र · Disease Cycle

परागकणों, बीज नट और कटाई के औजारों (Machetes) से संचरित होता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

30–40 वर्ष से अधिक आयु के पुराने ताड़ के वृक्ष अधिक संवेदनशील होते हैं।

Exam Key: CCCVd (246 nt ssRNA Viroid – सबसे छोटा पादप रोगजनक) + फिलीपींस का रोग + अर्थ: 'Slowly dying' + Telephone pole stage।
3. Blister Blight of Tea (चाय का फफोला अंगमारी रोग)
Tea (चाय – Camellia sinensis) · Pathogen: Exobasidium vexans

महत्व: चाय का सबसे गंभीर पर्ण रोग क्योंकि यह सीधे आर्थिक भाग अर्थात् तोड़ी जाने वाली कोमल पत्तियों ('Two leaves and a bud') पर आक्रमण करता है।

लक्षण · Symptoms
  • कोमल नई पत्तियों की ऊपरी सतह पर पहले हल्के पीले या गुलाबी रंग के गोल पारभासी धब्बे बनते हैं।
  • शीघ्र ही पत्ती की ऊपरी सतह अंदर की ओर धँसकर अवतल (Concave depression) हो जाती है और ठीक उसी के नीचे निचली सतह बाहर की ओर उभरकर चमकदार सफेद मखमली फफोला (Convex chalky-white velvety blister) बनाती है।
  • कोमल टहनियों पर संक्रमण होने से वे मुड़कर टूट जाती हैं और बनी हुई चाय की गुणवत्ता (Cup quality) खराब हो जाती है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • बागान में छायादार वृक्षों (Shade trees) की उचित छँटाई करें ताकि धूप की किरणें चाय की झाड़ियों तक पहुँचें (सीधी धूप में इसके बीजाणु मर जाते हैं)।
  • तुड़ाई के 7–10 दिन के चक्र के अनुसार Copper Oxychloride @ 350 g + Nickel Chloride @ 350 g/ha या Hexaconazole 5 EC @ 200 ml/ha या Propiconazole @ 125 ml/ha का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी परजीवी (Obligate Basidiomycete); इसमें कोई फलकाय (Basidiocarp) नहीं बनता, बल्कि निचली सतह के सफेद फफोले पर सीधे मुगदर जैसे Basidia और द्विकोशिकीय Basidiospores और Conidia की परत बनती है।

रोग चक्र · Disease Cycle

इस कवक में कोई विश्राम बीजाणु (No resting spore) नहीं होता; यह वर्ष भर चाय की झाड़ियों पर जीवित रहता है और हवा द्वारा Basidiospores से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान घना कोहरा, कम धूप (<3 घंटे/दिन), 15–23°C तापमान और >85% आर्द्रता।

Exam Key: Exobasidium vexans + ऊपरी सतह अवतल (Concave) व निचली सतह पर सफेद उत्तल फफोला (Convex white blister) + कोमल 'Two leaves and a bud' प्रभावित + छाया प्रबंधन।
4. Red Rust of Tea (चाय का लाल किट्ट / शैवाल जनित रोग)
Tea (चाय – साथ ही आम, अमरूद और लीची पर भी) · Pathogen: Cephaleuros parasiticus (एवं Cephaleuros virescens) — एक परजीवी हरा शैवाल (Parasitic Green Alga, प्रभाग: Chlorophyta)।

महत्व: पादप रोगविज्ञान में परजीवी शैवाल (Alga) द्वारा होने वाला सबसे प्रमुख और क्लासिक रोग जो चाय की टहनियों में 'Branch die-back' उत्पन्न करता है।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों की ऊपरी सतह और एक-दो वर्ष पुरानी युवा टहनियों की छाल पर गोल, थोड़े उभरे हुए, मखमली और नारंगी-लाल या ईंट जैसे लाल रंग के धब्बे (Velvety orange-red to brick-red cushion-like discs) बनते हैं।
  • टहनियों की छाल में शैवाल के घुसने से छाल फट जाती है, टहनी के ऊपर की पत्तियाँ पीली-सफेद (Variegated yellow) पड़ जाती हैं और टहनियाँ ऊपर से सूखने लगती हैं (Die-back)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • मृदा में पोटाश उर्वरक (MOP) की पर्याप्त मात्रा दें, जल निकास सुधारें और उचित छाया (Shade trees) स्थापित करें।
  • रासायनिक छिड़काव: 1% Bordeaux Mixture या Copper Oxychloride 50 WP @ 2.5–3.0 g/L का अप्रैल-मई में 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

Cephaleuros एक तंतुमय हरा शैवाल है, किंतु इसकी कोशिकाओं में हरी पर्णहरित के ऊपर नारंगी-लाल वर्णक 'Haematochrome' (β-carotene) की अधिकता होती है, जिससे इसके धब्बे जंग (Rust) जैसे लाल दिखते हैं। यह छतरीनुमा Sporangiophores पर Sporangia और द्विकशाभिक Zoospores बनाता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

अप्रैल-जुलाई में वर्षा की छींटों और हवा द्वारा Zoospores व Sporangia से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

कमजोर व कुपोषित झाड़ियाँ, मृदा में पोटाश (K) की कमी, खराब जल निकास और अपर्याप्त छाया।

Exam Key: Cephaleuros parasiticus (कवक नहीं बल्कि परजीवी हरा शैवाल) + 'Haematochrome' वर्णक के कारण नारंगी-लाल मखमली धब्बे + Copper कवकनाशी/बोर्डो मिश्रण।
5. Coffee Leaf Rust (कॉफी का पत्ती किट्ट रोग)
Coffee (कॉफी – विशेषकर Coffea arabica) · Pathogen: Hemileia vastatrix

महत्व: 1869 में श्रीलंका (सीलोन) में कॉफी उद्योग को पूरी तरह समाप्त करने वाला ऐतिहासिक रोग (वार्ड – H. Marshall Ward ने 1880 में इसका अध्ययन किया)।

लक्षण · Symptoms
  • पत्तियों की निचली सतह पर पहले छोटे, हल्के पीले रंग के तैलीय धब्बे बनते हैं।
  • शीघ्र ही इन धब्बों पर चमकीले नारंगी-पीले रंग का चूर्णमय बीजाणु समूह (Bright orange-yellow powdery mass of uredospores) उभर आता है।
  • पुराने धब्बों का मध्य भाग सूखकर भूरा हो जाता है और गंभीर आक्रमण होने पर पेड़ की सारी पत्तियाँ झड़ जाती हैं (Severe premature defoliation) और टहनियाँ सूख जाती हैं (Die-back)।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • Coffea arabica अत्यधिक संवेदनशील है, जबकि Coffea canephora (Robusta coffee) एवं Coffea liberica प्रतिरोधी हैं; भारत में विकसित प्रतिरोधी संकर किस्में जैसे Selection-9 (Sln. 9), Cauvery, Chandragiri और S.795 लगाएँ।
  • मानसून से पूर्व (मई-जून) एवं मानसून के बाद (सितंबर-अक्टूबर) 0.5% Bordeaux Mixture या Triadimefon (Bayleton) 25 WP @ 0.05% या Hexaconazole @ 2.0 ml/L का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

अविकल्पी परजीवी (Basidiomycete); इसके यूरेडोस्पोर (Uredospores) की आकृति अनूठी होती है—वे गुर्दे या संतरे की फाँक जैसे (Reniform / Orange-segment shaped) होते हैं जिनकी ऊपरी उत्तल सतह काँटेदार (Echinulate) और निचली चपटी सतह बिल्कुल चिकनी (Smooth) होती है (इसीलिए वंश का नाम 'Hemileia' = आधा चिकना पड़ा)। इसका कोई वैकल्पिक परपोषी ज्ञात नहीं है।

रोग चक्र · Disease Cycle

पत्तियों पर बने यूरेडोस्पोर हवा, वर्षा की बौछारों और कॉफी तोड़ने वाले श्रमिकों द्वारा फैलते हैं।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

मानसून के दौरान और मानसून के बाद 21–25°C तापमान, उच्च आर्द्रता और पत्तियों का गीला रहना।

Exam Key: Hemileia vastatrix ('Hemileia' = आधा चिकना, आधा काँटेदार गुर्दे जैसा Uredospore) + 1869 Sri Lanka Coffee Epidemic + Coffea arabica संवेदनशील व Robusta प्रतिरोधी + 0.5% Bordeaux Mixture।
6. Mango Malformation (आम का गुच्छा रोग / मालफॉर्मेशन)
Mango (आम – Mangifera indica) · Pathogen: Fusarium mangiferae (पूर्व नाम: Fusarium moniliforme var. subglutinans) — इसके साथ आम की कली चिंचड़ी (Mango Bud Mite – Aceria mangiferae) वाहक/सहायक का कार्य करती है और पौधे में Ethylene / Malformins का असंतुलन होता है।

महत्व: उत्तर भारत (पंजाब, यूपी, बिहार, दिल्ली) में आम का सबसे गंभीर रोग जो 50–80% तक मंजरियों को बंध्य गुच्छे में बदलकर फल बनने से रोक देता है।

लक्षण · Symptoms
  • 1. वानस्पतिक गुच्छा (Vegetative Malformation – 'Bunchy Top'): नर्सरी के छोटे पौधों की शीर्ष व कक्षीय कलियों से बेहद छोटी पोरियों वाली अनेक मोटी टहनियाँ और छोटी-छोटी सुई जैसी पत्तियों का सघन गुच्छा (Compact rosette / Witches' broom) बन जाता है।
  • 2. पुष्पीय गुच्छा (Floral Malformation): मंजरी (Panicle) की मुख्य धुरी और शाखाएँ छोटी, मोटी, मांसल व अत्यधिक शाखित होकर एक भारी सघन हरे गुच्छे (Compact heavy cauliflower-like bunch) में बदल जाती हैं। ऐसे गुच्छों में नर और द्विलिंगी फूलों का अनुपात बिगड़ जाता है (अधिकांश फूल बड़े व बंध्य नर होते हैं), उनमें फल नहीं लगते और सूखने के बाद भी ये काले गुच्छे पेड़ पर महीनों लटके रहते हैं।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • यांत्रिक काट-छाँट: फूल आते ही रोगग्रस्त मंजरियों और गुच्छों को उनके नीचे की 15–20 सेमी स्वस्थ टहनी सहित काटकर (Pruning) जला दें।
  • हार्मोन छिड़काव (IARI की अनुशंसा): अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में (पुष्प कली विभेदन के समय) प्लानोफिक्स (NAA – Naphthalene Acetic Acid) @ 200 ppm (200 mg/L पानी) का छिड़काव करें।
  • जनवरी में कली फूटने से पूर्व Carbendazim 50 WP @ 1.0 g/L + घुलनशील गंधक या मकड़ीनाशक (Acaricide – कली चिंचड़ी हेतु) का छिड़काव करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कवक Microconidia और Macroconidia बनाता है (Chlamydospores नहीं बनते) तथा यह संक्रमित ऊतकों में 'Malformin' और तनाव-एथिलीन उत्पन्न करता है।

रोग चक्र · Disease Cycle

कलियों और टहनियों में स्थानीय रूप से रहता है और कली चिंचड़ी (Aceria mangiferae) तथा संक्रमित कलमों (Scions) से फैलता है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

पुष्पन से पूर्व कम तापमान (10–20°C); इसीलिए यह उत्तर भारत में अत्यंत गंभीर है और दक्षिण भारत में बहुत कम पाया जाता है। चौसा, दशहरी और लंगड़ा अत्यधिक संवेदनशील हैं, जबकि 'भदुरान' (Bhaduran) और 'इलायची' प्रतिरोधी हैं।

Exam Key: Fusarium mangiferae + कली चिंचड़ी (Aceria mangiferae) + दो अवस्थाएँ (Vegetative & Floral malformation) + अक्टूबर में 200 ppm NAA छिड़काव + 'Bhaduran' प्रतिरोधी किस्म।
7. Black Tip / Mango Necrosis / Koeli of Mango (आम का काला सिरा / कोइली रोग)
Mango (आम) · Pathogen: अजैविक / वायु प्रदूषण एवं पोषक तत्व विकार: ईंट के भट्ठों (Brick-kilns) के धुएँ से निकलने वाली विषैली गैसें (Sulphur dioxide – SO2, Carbon monoxide – CO, Ethylene – C2H4 एवं Acetylene) तथा बोरॉन (Boron) की कमी। (खोज: सेन – P.K. Sen, 1943)।

महत्व: उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में ईंट के भट्ठों के 1.5–2 किमी के दायरे में स्थित आम के बागों (विशेषकर दशहरी किस्म) में 50–90% फल खराब हो जाते हैं।

लक्षण · Symptoms
  • अप्रैल-मई में जब फल संगमरमर के आकार से बड़े (3–4 सेमी) होने लगते हैं, तब फल के सबसे निचले सिरे (Distal / Stylar end) पर पहले एक छोटा पीला धब्बा बनता है।
  • शीघ्र ही यह धब्बा भूरा और फिर कोयले जैसा गहरा काला, चपटा और कड़ा (Hard sunken coal-black necrotic tip) हो जाता है।
  • प्रभावित फल समय से पहले पककर गिर जाते हैं और उनका बाजार मूल्य शून्य हो जाता है।
समन्वित प्रबंधन · IDM
  • कानूनी एवं निवारक उपाय: आम के बागों के कम से कम 1.6 से 2.0 किमी (पूर्व व पश्चिम दिशा में) के दायरे में ईंट भट्ठे लगाने पर प्रतिबंध हो तथा मार्च से जून के दौरान भट्ठों की चिमनी की ऊँचाई कम से कम 15–18 मीटर (50 फीट) रखी जाए या टेलीस्कोपिक चिमनी लगाई जाए।
  • रासायनिक छिड़काव (आंतरिक अम्लता को उदासीन करने व बोरॉन पूर्ति हेतु): फल लगने से पूर्व और मटर व कंचे के आकार के फल बनने पर कुल 3 छिड़काव Borax (सुहागा – 0.6% = 6 g/L पानी) अथवा कपड़े धोने का सोडा (Washing Soda – 0.8%) या कास्टिक सोडा (Caustic Soda – 0.8%) का करें।
रोगजनक विज्ञान · Etiology

कोयले के जलने से निकली अम्लीय गैसें (SO2, Fluoride आदि) फल के निचले सिरे के रंध्रों से प्रवेश कर बोरॉन (Boron) के उपापचय को अवरुद्ध कर देती हैं, जिससे कोशिकाएँ मर जाती हैं।

रोग चक्र · Disease Cycle

अजैविक होने के कारण यह एक फल से दूसरे फल में संक्रामक नहीं है।

अनुकूल परिस्थितियाँ · Epidemiology

आम के बाग से 1.5 किमी के भीतर ईंट भट्ठों का चलना, हवा की दिशा बाग की ओर होना और 'दशहरी' किस्म का होना।

Exam Key: P.K. Sen (1943) + ईंट भट्ठों की गैसें (SO2, CO, Ethylene) + बोरॉन की कमी + फल का निचला सिरा (Distal end) काला पड़ना + 0.6% Borax या 0.8% Washing Soda के 3 छिड़काव।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 5.1: चाय के फफोला अंगमारी (Blister Blight), लाल किट्ट (Red Rust) और कॉफी किट्ट (Coffee Rust) की तुलना

विशेषताचाय का फफोला अंगमारी (Blister Blight)चाय का लाल किट्ट (Red Rust)कॉफी का पत्ती किट्ट (Coffee Rust)
रोगजनक एवं प्रकृतिExobasidium vexans (Basidiomycete कवक)Cephaleuros parasiticus (परजीवी हरा शैवाल)Hemileia vastatrix (Basidiomycete किट्ट कवक)
मुख्य प्रभावित अंगकोमल तुड़ाई वाली पत्तियाँ ('Two leaves & a bud')पुरानी पत्तियाँ एवं 1–2 वर्ष पुरानी युवा टहनियाँपत्तियों की निचली सतह
निदान लक्षणऊपर गड्ढा (Concave) और नीचे सफेद मखमली फफोला (Convex)नारंगी-लाल मखमली चकत्ते (Haematochrome वर्णक) व छाल फटनानिचली सतह पर नारंगी-पीला चूर्ण (आधे चिकने गुर्दे जैसे बीजाणु)
प्रमुख प्रबंधनछाया वृक्षों की छँटाई + COC + Nickel Chloride / Hexaconazoleपोटाश उर्वरक + 1% बोर्डो मिश्रण / COC0.5% बोर्डो मिश्रण + Bayleton + प्रतिरोधी किस्म (Sln. 9, Robusta)

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. आम के गुच्छा रोग के लिए 200 ppm NAA (Planofix) और ब्लैक टिप के लिए 0.6% Borax की गणना

ppm (mg/L) = [सक्रिय तत्व की मात्रा (mg)] / पानी (L) | प्रतिशत घोल (%) = [ग्राम प्रति लीटर] / 10

उदाहरण 1 (NAA 200 ppm): यदि बाजार में उपलब्ध 'Planofix' में 4.5% SL (अर्थात् 45,000 ppm) अल्फा-नेफ्थिल एसिटिक एसिड (NAA) है, तो 200 ppm का 100 लीटर घोल बनाने हेतु आवश्यक Planofix = (200 × 100) / 45,000 = 0.444 लीटर = 44.4 ml (अर्थात् ~4.5 ml प्रति 10 लीटर पानी)।
उदाहरण 2 (0.6% Borax): 500 लीटर पानी में 0.6% बोरेक्स घोल बनाने हेतु आवश्यक बोरेक्स = 500 × 6 g/L = 3000 ग्राम (3.0 kg)।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 05: नारियल, चाय, कॉफी एवं आम के प्रमुख रोग]
├── 1. नारियल (Coconut - Cocos nucifera)
│ ├── Bud Rot (Phytophthora palmivora - Central spindle rots with foul smell, Headless trunk, 1% Bordeaux)
│ └── Cadang-Cadang (CCCVd Viroid - 246 nt naked ssRNA, Philippines, 'Slowly dying', Telephone pole stage)
├── 2. चाय (Tea - Camellia sinensis)
│ ├── Blister Blight (Exobasidium vexans - Concave upper & convex white blister lower, Shade regulation)
│ └── Red Rust (Cephaleuros parasiticus - Parasitic Green Alga, Haematochrome orange-red discs)
├── 3. कॉफी (Coffee - Coffea arabica)
│ └── Coffee Leaf Rust (Hemileia vastatrix - 1869 Sri Lanka epidemic, Half-smooth reniform uredospores)
└── 4. आम (Mango - Mangifera indica)
├── Mango Malformation (Fusarium mangiferae + Bud mite Aceria mangiferae - Oct 200 ppm NAA spray)
└── Black Tip / Koeli (Brick-kiln gases SO2, CO, C2H4 + Boron deficiency - 0.6% Borax spray)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[आम के गुच्छा रोग (Mango Malformation) का बहु-कारकीय रोगजनन एवं प्रबंधन चक्र]
रोगजनक कवक: Fusarium mangiferae + वाहक/सहायक: आम की कली चिंचड़ी (Aceria mangiferae)
↓ (अक्टूबर-नवंबर में पुष्प कली विभेदन के समय कम तापमान 10–20°C)
संक्रमित कलियों में 'Malformins' एवं 'Stress Ethylene' का अत्यधिक निर्माण तथा Auxin का ह्रास
↓ (कोशिकीय व हार्मोनल असंतुलन)
1. वानस्पतिक अवस्था: नर्सरी पौधों में 'Bunchy Top' (छोटी पत्तियों का गुच्छा)
2. पुष्पीय अवस्था: मंजरी का भारी, मोटा व बंध्य गोभी जैसा गुच्छा (अधिकांश नर फूल, फल शून्य)
↓ (एकीकृत समाधान - IARI प्रोटोकॉल)
अक्टूबर में 200 ppm NAA का छिड़काव → फूल आने पर रोगी गुच्छों को 20 सेमी टहनी सहित काटकर जलाना → Carbendazim + Acaricide छिड़काव

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • याद रखें: चाय का Red Rust कोई कवक नहीं, बल्कि 'Cephaleuros parasiticus' नामक परजीवी हरा शैवाल (Green Alga) है।
  • नारियल का Cadang-Cadang रोग विषाणु से नहीं, बल्कि सबसे छोटे ज्ञात वायरोइड 'CCCVd' (246 न्यूक्लियोटाइड्स) से होता है।
  • आम के गुच्छा रोग (Malformation) के नियंत्रण हेतु 200 ppm NAA का छिड़काव फूल आने पर नहीं, बल्कि अक्टूबर माह (पुष्प कली विभेदन के समय) में किया जाता है।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • नारियल का Bud Rot (Phytophthora palmivora): गोभ पत्ती सड़कर दुर्गंध देती है, 1% बोर्डो मिश्रण से नियंत्रण।
  • नारियल का Cadang-Cadang (CCCVd): सबसे छोटा पादप रोगजनक वायरोइड, फिलीपींस में महामारी।
  • चाय का Blister Blight (Exobasidium vexans): कोमल 'Two leaves and a bud' पर सफेद फफोले, छाया कम करने से नियंत्रण।
  • कॉफी किट्ट (Hemileia vastatrix): 1869 श्रीलंका महामारी, गुर्दे जैसे आधे चिकने बीजाणु, 0.5% बोर्डो मिश्रण।
  • आम का ब्लैक टिप: ईंट भट्ठों के धुएँ (SO2, CO, C2H4) से, निवारण—0.6% बोरेक्स (Borax) का छिड़काव।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. चाय का 'लाल किट्ट' (Red Rust of Tea) किस जीव के कारण होता है?

  • (A) Puccinia प्रजाति का कवक
  • (B) Cephaleuros parasiticus नामक परजीवी हरा शैवाल (Parasitic Green Alga)
  • (C) Exobasidium vexans
  • (D) जीवाणु
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — चाय और आम का लाल किट्ट रोग 'Cephaleuros parasiticus' नामक परजीवी हरे शैवाल द्वारा होता है।

2. नारियल का कडांग-कडांग (Cadang-Cadang) रोग किस प्रकार के रोगजनक से होता है?

  • (A) फाइटोप्लाज्मा
  • (B) वायरोइड (CCCVd – Naked circular ssRNA)
  • (C) प्रियोन
  • (D) ओमाइसिटीज कवक
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Coconut Cadang-Cadang Viroid (CCCVd) मात्र 246 न्यूक्लियोटाइड्स का सबसे छोटा ज्ञात वायरोइड रोगजनक है।

3. सन् 1869 में श्रीलंका (सीलोन) में कॉफी के बागानों को पूरी तरह नष्ट करने वाला रोग कौन सा था?

  • (A) कॉफी का पत्ती किट्ट (Coffee Leaf Rust – Hemileia vastatrix)
  • (B) कॉफी बेरी बोरर
  • (C) कॉफी का एंथ्रेक्नोज
  • (D) जड़ गलन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Hemileia vastatrix जनित कॉफी किट्ट ने 1869 में श्रीलंका की कॉफी खेती को तबाह कर दिया था।

4. आम के गुच्छा रोग (Mango Malformation) के नियंत्रण हेतु अक्टूबर माह में किस पादप हार्मोन का छिड़काव अनुशंसित है?

  • (A) जिबरेलिक अम्ल (GA3) 500 ppm
  • (B) नेफ्थलीन एसिटिक अम्ल (NAA / Planofix) @ 200 ppm
  • (C) इथेफोन 1000 ppm
  • (D) साइटोकाइनिन 50 ppm
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में 200 ppm NAA के छिड़काव से गुच्छा रोग का प्रकोप काफी कम हो जाता है।

5. आम का 'कोइली' या 'ब्लैक टिप' (Black Tip) रोग मुख्यतः किस कारण से होता है?

  • (A) कवक संक्रमण से
  • (B) ईंट के भट्ठों से निकलने वाली विषैली गैसों (SO2, CO, Ethylene) एवं बोरॉन की कमी से
  • (C) जीवाणु संक्रमण से
  • (D) फल मक्खी के डंक से
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — ईंट भट्ठों के धुएँ की गैसों और बोरॉन की कमी से आम के फल का निचला सिरा काला पड़कर सूख जाता है।

6. चाय के फफोला अंगमारी (Blister Blight of Tea) का रोगजनक कौन सा है?

  • (A) Exobasidium vexans
  • (B) Hemileia vastatrix
  • (C) Phytophthora palmivora
  • (D) Cephaleuros virescens
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — चाय की कोमल पत्तियों पर सफेद फफोले बनाने वाला रोग Exobasidium vexans कवक द्वारा होता है।

7. आम के गुच्छा रोग (Fusarium mangiferae) के प्रसार में कौन सा सूक्ष्म जीव वाहक/सहायक की भूमिका निभाता है?

  • (A) आम का फुदका (Idioscopus clypealis)
  • (B) आम की कली चिंचड़ी (Mango Bud Mite – Aceria mangiferae)
  • (C) सफेद मक्खी
  • (D) मिलीबग
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — आम की कली चिंचड़ी (Aceria mangiferae) कलियों में घाव बनाकर Fusarium के प्रवेश व प्रसार में सहायता करती है।

8. नारियल के किस रोग में केंद्रीय गोभ पत्ती सड़कर आसानी से खिंच आती है और अंत में केवल नग्न तना खड़ा रह जाता है?

  • (A) जड़ मुरझान (Root wilt)
  • (B) कली सड़न (Bud Rot – Phytophthora palmivora)
  • (C) तना स्राव (Stem bleeding)
  • (D) गैनोडर्मा विल्ट
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — Phytophthora palmivora जनित Bud Rot में नारियल का एकमात्र शीर्ष वृद्धि बिंदु सड़कर नष्ट हो जाता है।

9. Hemileia vastatrix के यूरेडोस्पोर (Uredospores) की सतह की क्या विशेषता होती है?

  • (A) पूरी तरह चिकनी
  • (B) पूरी तरह काँटेदार
  • (C) गुर्दे के आकार के—ऊपरी सतह काँटेदार और निचली सतह चिकनी (Half-smooth)
  • (D) लंबी पूँछ युक्त
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — 'Hemileia' का शाब्दिक अर्थ ही 'आधा चिकना' है; इसके बीजाणुओं की एक सतह काँटेदार व दूसरी चिकनी होती है।

10. आम की कौन सी भारतीय किस्म गुच्छा रोग (Mango Malformation) के प्रति पूर्णतः प्रतिरोधी पाई गई है?

  • (A) चौसा
  • (B) दशहरी
  • (C) भदुरान (Bhaduran) एवं इलायची
  • (D) मल्लिका
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — भदुरान (Bhaduran) और इलायची किस्में गुच्छा रोग के प्रति प्रतिरोधी हैं, जबकि चौसा व दशहरी अत्यधिक संवेदनशील हैं।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. वायरोइड (Viroid) की खोज सन् 1971 में किस वैज्ञानिक ने की थी?

टी.ओ. डाइनर (T.O. Diener) ने आलू के स्पिंडल ट्यूबर रोग में।

2. आम के ब्लैक टिप रोग से बचाव के लिए बोरेक्स (Borax) का कितने प्रतिशत घोल छिड़का जाता है?

0.6% बोरेक्स (6 ग्राम प्रति लीटर पानी) का घोल।

3. चाय के लाल किट्ट शैवाल (Cephaleuros) में लाल-नारंगी रंग किस वर्णक के कारण होता है?

हीमैटोक्रोम (Haematochrome / β-carotene) वर्णक के कारण।

4. कॉफी की कौन सी प्रजाति कॉफी किट्ट (Hemileia vastatrix) के प्रति प्रतिरोधी होती है?

रोबस्टा कॉफी (Coffea canephora) एवं Coffea liberica।

5. आम के ब्लैक टिप रोग के कारणों का सर्वप्रथम वैज्ञानिक अध्ययन (1943) किसने किया था?

पी.के. सेन (P.K. Sen) ने।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. नारियल के बड रॉट (Bud Rot) के लक्षण एवं नियंत्रण लिखिए।

Phytophthora palmivora के कारण मुकुट के केंद्र की सबसे नई गोभ पत्ती पीली पड़कर सूख जाती है और खींचने पर तीव्र दुर्गंध के साथ बाहर निकल आती है। नियंत्रण हेतु प्रारंभिक अवस्था में सड़े भाग को साफ कर 10% बोर्डो पेस्ट लगाएँ और मानसून से पूर्व मुकुट में 1% बोर्डो मिश्रण का छिड़काव करें।

2. चाय के ब्लिस्टर ब्लाइट (Blister Blight) में छाया प्रबंधन (Shade regulation) का क्या महत्व है?

Exobasidium vexans के बीजाणु घने कोहरे, नमी और कम धूप में तेजी से पनपते हैं, जबकि सीधी धूप पड़ने पर इसके पतली भित्ति वाले Basidiospores मर जाते हैं। इसलिए छायादार वृक्षों की छँटाई करके धूप आने देना इस रोग के नियंत्रण का सबसे प्रभावी सस्य उपाय है।

3. आम के गुच्छा रोग (Mango Malformation) की दोनों अवस्थाओं एवं नियंत्रण को स्पष्ट कीजिए।

वानस्पतिक अवस्था में नर्सरी पौधों पर छोटी पत्तियों के गुच्छे ('Bunchy top') बनते हैं और पुष्पीय अवस्था में मंजरी मोटी, हरी व बंध्य गुच्छे में बदल जाती है। नियंत्रण हेतु अक्टूबर में 200 ppm NAA का छिड़काव करें, रोगी गुच्छों को 20 सेमी टहनी सहित काटकर जलाएँ और Carbendazim (0.1%) + मकड़ीनाशक छिड़कें।

4. आम के ब्लैक टिप (कोइली) रोग के कारण और निवारण के उपाय लिखिए।

यह रोग ईंट के भट्ठों से निकलने वाली SO2, CO और Ethylene गैसों तथा बोरॉन की कमी से होता है, जिसमें फल का निचला सिरा काला पड़कर सूख जाता है। निवारण हेतु बाग के 1.6–2 किमी तक भट्ठे न हों, चिमनी 15–18 मीटर ऊँची हो और फलों पर 0.6% बोरेक्स या 0.8% वाशिंग सोडा के 3 छिड़काव करें।

5. चाय के लाल किट्ट (Red Rust) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

यह कवक से नहीं बल्कि 'Cephaleuros parasiticus' नामक परजीवी हरे शैवाल से होता है। इसमें पत्तियों और युवा टहनियों पर नारंगी-लाल मखमली चकत्ते बनते हैं और टहनियाँ सूखने लगती हैं। पोटाश उर्वरक देने और 1% बोर्डो मिश्रण या Copper Oxychloride (0.3%) छिड़कने से यह नियंत्रित होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. नारियल के कली सड़न (Bud Rot) एवं कडांग-कडांग (Cadang-Cadang) तथा कॉफी के पत्ती किट्ट (Coffee Leaf Rust) का रोगजनक, लक्षण, ऐतिहासिक/आर्थिक महत्व एवं प्रबंधन सहित वर्णन कीजिए।

Phytophthora palmivora (गोभ सड़न व बोर्डो उपचार), CCCVd वायरोइड (फिलीपींस महामारी, लक्षण व संगरोध) और Hemileia vastatrix (1869 श्रीलंका महामारी, बीजाणु की संरचना, अरेबिका बनाम रोबस्टा और 0.5% बोर्डो मिश्रण) का विस्तृत विवरण दें।

2. चाय के दोनों प्रमुख रोगों—फफोला अंगमारी (Blister Blight) और लाल किट्ट (Red Rust)—के रोगजनकों की प्रकृति, लक्षणों, अनुकूल परिस्थितियों और समन्वित प्रबंधन की तुलना कीजिए।

Exobasidium vexans (कवक, कोमल पत्तियों पर अवतल-उत्तल सफेद फफोले) और Cephaleuros parasiticus (शैवाल, पुरानी पत्तियों व टहनियों पर नारंगी-लाल चकत्ते) का अंतर स्पष्ट करते हुए छाया प्रबंधन, पोटाश उर्वरक और कॉपर/हेक्साकोनाजोल छिड़काव का वर्णन करें।

3. आम के गुच्छा रोग (Mango Malformation) और काला सिरा (Black Tip) के कारणों, लक्षणों एवं वैज्ञानिक प्रबंधन का सविस्तर वर्णन कीजिए।

गुच्छा रोग में Fusarium mangiferae, कली चिंचड़ी (Aceria mangiferae) व हार्मोन असंतुलन की भूमिका और अक्टूबर में 200 ppm NAA छिड़काव व काट-छाँट समझाएँ; साथ ही ब्लैक टिप में ईंट भट्ठों के धुएँ की गैसों व बोरॉन की भूमिका और 0.6% बोरेक्स छिड़काव का वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • Coconut Cadang-Cadang Viroid (CCCVd) मात्र 246 न्यूक्लियोटाइड्स का सबसे छोटा ज्ञात संक्रामक पादप रोगजनक है।
  • चाय का फफोला अंगमारी (Exobasidium vexans) सीधे तोड़ी जाने वाली कोमल 'Two leaves and a bud' को नष्ट करता है।
  • चाय का लाल किट्ट (Cephaleuros parasiticus) पादप रोगविज्ञान में परजीवी शैवाल जनित रोग का सर्वप्रमुख उदाहरण है।
  • कॉफी किट्ट (Hemileia vastatrix) पर प्रथम वैज्ञानिक अनुसंधान एच. मार्शल वार्ड (H. Marshall Ward, 1880) ने श्रीलंका में किया था।
  • आम की 'दशहरी' किस्म ब्लैक टिप (कोइली) रोग के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPATH 311 Smart Notes।

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