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AGF 311 Lecture 10: नर्सरी बेड (क्यारी) की तैयारी एवं प्रबंधन | Hindi Notes

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AGF 311 · Introductory Agroforestry
विषय सूची · Quick Navigation02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
Lecture 10 Source Page Reference in Supplied Pack: 133 (AGF 311 Theory Lecture 10)

Lecture 10: नर्सरी बेड (क्यारी) की तैयारी एवं प्रबंधन

Nursery bed preparation and management

02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. वानिकी नर्सरी (Forest Nursery) की परिभाषा, महत्व तथा अवधि (Temporary vs Permanent) व सिंचाई (Dry vs Wet nursery) के आधार पर इसके वर्गीकरण को समझना।
  2. नर्सरी स्थल चयन (Site selection) के वैज्ञानिक कारकों (मृदा बलुई दोमट, pH 6.0–7.5, बारहमासी जल स्रोत, परिवहन पहुँच) को जानना।
  3. जलवायु और वर्षा के आधार पर नर्सरी क्यारियों (Nursery Beds) के 3 मुख्य प्रकारों—धँसी हुई क्यारी (Sunken bed: शुष्क क्षेत्र राजस्थान हेतु), उठी हुई क्यारी (Raised bed: अधिक वर्षा क्षेत्र हेतु) और समतल क्यारी (Flat/Level bed)—तथा उनके मानक आकार (चौड़ाई 1.0–1.2 m, लंबाई 10–12.5 m) का अध्ययन करना।
  4. पॉलीबैग और रूट ट्रेनर (Root trainers) के लिए आदर्श पोटिंग मिश्रण (मृदा : रेत : गोबर खाद = 1:1:1 या 2:1:1) बनाने की विधि समझना।
  5. नर्सरी के सबसे प्रमुख रोग ‘आर्द्रगलन’ (Damping-off) और दीमक/सफेद लट के एकीकृत प्रबंधन में दक्षता प्राप्त करना।

03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): किसी भी सफल कृषि वानिकी या वृक्षारोपण कार्यक्रम की नींव गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री (Quality Planting Material — QPM) पर टिकी होती है। नर्सरी (पौधशाला / Nursery) वह विशेष रूप से प्रबंधित एवं संरक्षित स्थान है जहाँ बीजों को अंकुरित कर या कलमों को जड़युक्त कर छोटे, नाजुक पौधों (Seedlings/Saplings) को मुख्य खेत या वन क्षेत्र में रोपण योग्य आकार और शक्ति प्राप्त करने तक वैज्ञानिक देखभाल में पाला जाता है।

04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

वानिकी नर्सरी (Forest Nursery)
वह समर्पित क्षेत्र जहाँ वानिकी और कृषि वानिकी वृक्ष प्रजातियों के बीजों या वानस्पतिक भागों से पौध (Planting stock) तैयार की जाती है और उन्हें मुख्य क्षेत्र में प्रतिरोपण (Out-planting) के लिए उपयुक्त होने तक पाला जाता है।
अस्थायी बनाम स्थायी नर्सरी (Temporary vs Permanent Nursery)
किसी विशेष वृक्षारोपण स्थल के पास केवल 2–4 वर्षों की अस्थायी मांग पूरी करने हेतु बनाई गई छोटी नर्सरी को ‘अस्थायी नर्सरी’ (Flying/Field nursery) कहते हैं; जबकि पक्की सिंचाई, भवन, ग्रीनहाउस व मदर बेड सुविधाओं से युक्त बड़े पैमाने पर वर्षों तक प्रतिवर्ष पौध आपूर्ति करने वाली नर्सरी को ‘स्थायी नर्सरी’ (Central/Permanent nursery) कहते हैं।
धँसी हुई क्यारी (Sunken Nursery Bed)
शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी राजस्थान) में मृदा नमी संरक्षित करने और वाष्पीकरण घटाने के लिए सामान्य भूमि स्तर से 10 से 15 cm गहराई में बनाई गई नर्सरी क्यारी।
उठी हुई क्यारी (Raised Nursery Bed)
अधिक वर्षा और भारी मृदा वाले क्षेत्रों में जलभराव (Waterlogging) तथा कॉलर सड़न (Damping-off) रोकने के लिए सामान्य भूमि स्तर से 15 से 20 cm ऊँची बनाई गई नर्सरी क्यारी।
आर्द्रगलन रोग (Damping-off Disease)
नर्सरी में अत्यधिक नमी, घनी बुवाई और कवक (Pythium, Rhizoctonia solani, Fusarium, Phytophthora) के संक्रमण से अंकुरित हो रहे बीजों या कोमल पौधों के तने के आधार (कॉलर स्तर) का सड़कर अचानक गिर जाना और मर जाना।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. आदर्श नर्सरी स्थल का चयन एवं अभिविन्यास (Site Selection & Layout of Nursery)

  • मृदा एवं pH: अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट मृदा (Sandy loam to loam soil) सर्वोत्तम होती है जिसका pH 6.0 से 7.5 के बीच उदासीन हो (चीड़ व शंकुधारी वृक्षों के लिए हल्का अम्लीय pH 5.0–6.0)। भारी चिकनी मिट्टी और कंकरीली या लवणीय भूमि से बचना चाहिए।
  • जल आपूर्ति एवं स्थान: नर्सरी के पास मीठे पानी का बारहमासी स्रोत (Perennial water source), पक्की सड़क की पहुँच, समतल या हल्की ढलान (1–2%) वाली भूमि होनी चाहिए जो पाले (Frost) और तेज हवाओं से सुरक्षित हो।
  • क्यारी का मानक आकार एवं दिशा (Standard Size & Orientation of Nursery Bed):
    • मानक चौड़ाई (Standard Width): 1.0 मीटर से 1.2 मीटर (यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है ताकि मजदूर क्यारी के अंदर पैर रखे बिना दोनों तरफ के रास्तों पर बैठकर बीच तक आसानी से निराई व सिंचाई कर सके)।
    • मानक लंबाई (Standard Length): सामान्यतः 10 मीटर या 12.5 मीटर (सुविधानुसार 6 से 12.5 m; भारत में मानक फॉरेस्ट बेड 10 m × 1 m या 12 m × 1.2 m का होता है)।
    • दो क्यारियों के बीच का रास्ता (Inspection Path): 45 से 60 cm चौड़ा।
    • क्यारी की दिशा (Bed Orientation): क्यारियों की लंबाई पूर्व से पश्चिम (East–West direction) में रखी जाती है ताकि पौधों को समान धूप मिले और शेड (Shade) लगाना आसान हो।

2. नर्सरी बेड (क्यारियों) के 3 मुख्य प्रकार एवं उनकी तैयारी (3 Types of Nursery Beds)

1. धँसी हुई क्यारी (Sunken Bed — शुष्क क्षेत्रों / राजस्थान हेतु सर्वोत्तम)

• कहाँ बनाते हैं: शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (Arid & Semi-arid zones जैसे राजस्थान, गुजरात, हरियाणा जहाँ वर्षा < 500 mm है)।
• गहराई एवं निर्माण: इन्हें सामान्य भूमि स्तर से 10 से 15 cm (कभी-कभी 20–30 cm) गहरा खोदकर बनाया जाता है।
• लाभ: यह सिंचाई व वर्षा के जल को बाहर बहने से रोकती है, गर्म हवाओं (‘लू’) से छोटे पौधों को बचाती है और मृदा नमी को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है। पॉलीबैग को सीधा खड़ा रखने (Stand-out beds) के लिए इसकी तली में पक्की पॉलीथीन शीट या ईंटें बिछा दी जाती हैं ताकि जड़ें जमीन में न घुसें।

2. उठी हुई क्यारी (Raised Bed — अधिक वर्षा क्षेत्रों हेतु)

• कहाँ बनाते हैं: अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों (>1000 mm) और भारी मटियार (Clayey) मृदाओं में।
• ऊँचाई एवं निर्माण: भूमि को 30–40 cm गहरा खोदकर कंकड़ व जड़ें साफ की जाती हैं और सड़ी हुई गोबर की खाद (FYM) व रेत मिलाकर सामान्य भूमि स्तर से 15 से 20 cm ऊँची क्यारी बनाई जाती है। किनारों को मिट्टी कटने से बचाने के लिए बाँस, ईंट या लकड़ी के तख्तों से सहारा दिया जाता है।
• लाभ: उत्तम जल-निकासी (Good drainage) रहती है जिससे जड़ सड़न व डैम्पिंग-ऑफ नहीं होता और सागवान/शीशम में स्टंप के लिए सीधी मूसला जड़ विकसित होती है।

3. समतल क्यारी (Flat / Level Bed — मध्यम वर्षा व वसंत ऋतु हेतु)

• कहाँ बनाते हैं: मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों और अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट भूमि में (विशेषकर गैर-मानसून / वसंत ऋतु में)।
• निर्माण: यह सामान्य भूमि के बराबर स्तर पर बनाई जाती है और चारों ओर 5–8 cm की छोटी मेड़ बना दी जाती है ताकि सिंचाई का पानी समान रूप से फैले।

4. पॉलीबैग, रूट ट्रेनर एवं पोटिंग मिश्रण (Potting Mixture & Root Trainers)

• पोटिंग मिश्रण अनुपात (Potting Media Ratio): छानी हुई उपजाऊ दोमट मिट्टी : नदी की रेत : अच्छी सड़ी गोबर की खाद (FYM/Vermi-compost) को 1 : 1 : 1 या 2 : 1 : 1 के अनुपात में मिलाया जाता है।
• रूट ट्रेनर (Root Trainers): आधुनिक हाई-टेक नर्सरियों में पॉलीबैग में जड़ कुंडलन (Root coiling / Spiraling) की समस्या को रोकने के लिए 150–300 cc क्षमता के कठोर काले प्लास्टिक के शंक्वाकार कप/ट्रे (Root trainers) उपयोग किए जाते हैं जिनकी भीतरी दीवार पर 4–6 ऊर्ध्वाधर उभार (Vertical ridges) और नीचे बड़ा छेद होता है जो जड़ों की स्वतः हवा से छँटाई (Air root pruning) कर देता है।

3. नर्सरी प्रबंधन एवं पादप सुरक्षा (Nursery Management & Protection)

  • 1. मृदा निर्जीवाणुकरण (Soil Sterilization / Solarization): बुवाई से पहले गर्मियों में क्यारियों को पारदर्शी पॉलीथीन से ढककर सौरीकरण (Soil solarization) करना अथवा फॉर्मेलिन (Formalin 2%) या कैप्टान/बाविस्टिन (0.2% या 2 g/L) से ड्रेंचिंग करना।
  • 2. आर्द्रगलन रोग (Damping-off) नियंत्रण: यह नर्सरी का सबसे घातक कवक रोग है (कारक: Pythium, Rhizoctonia, Phytophthora, Fusarium)।
    • रोकथाम व उपचार: बीजों को बुवाई से पूर्व कार्बेन्डाजिम या थाइरम/कैप्टान (2.5–3.0 g/kg बीज) या जैविक Trichoderma viride (4–5 g/kg बीज) से उपचारित करना; अत्यधिक सिंचाई व घनी बुवाई से बचना; और रोग दिखने पर बोर्डो मिश्रण (1%) या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.25%) का छिड़काव करना।
  • 3. दीमक एवं सफेद लट (Termite & White Grub) नियंत्रण: पोटिंग मिश्रण में नीम की खली मिलाना और क्लोरपायरीफॉस (Chlorpyriphos 20 EC @ 2–3 ml/L) का सिंचाई जल के साथ प्रयोग करना।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

वानिकी नर्सरियों का वर्गीकरण:

  • 1. अवधि के आधार पर: (a) अस्थायी नर्सरी (Temporary / Field nursery) और (b) स्थायी नर्सरी (Permanent / Central nursery)।
  • 2. सिंचाई सुविधा के आधार पर: (a) शुष्क नर्सरी (Dry nursery — बिना स्थायी सिंचाई के, केवल वर्षा पर निर्भर) और (b) आर्द्र नर्सरी (Wet nursery — वर्षभर सिंचाई सुविधा युक्त)।
  • 3. क्यारी स्तर के आधार पर: (a) Sunken bed (-10 से -15 cm), (b) Raised bed (+15 से +20 cm), और (c) Flat/Level bed।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)

  • रूट ट्रेनर में वायु-मूल कृंतन सिद्धांत (Principle of Air Root Pruning in Root Trainers): साधारण चिकने पॉलीबैग में मूसला जड़ तली में पहुँचकर गोल-गोल घूमने लगती है (Root coiling), जिससे खेत में लगाने पर पेड़ तेज हवा से गिर जाता है। इसके विपरीत, स्टैंड पर रखे ‘रूट ट्रेनर’ की भीतरी ऊर्ध्वाधर धारियाँ (Vertical ribs) जड़ों को सीधा नीचे तली के खुले छेद की ओर भेजती हैं। जैसे ही जड़ का सिरा नीचे की शुष्क हवा के संपर्क में आता है, उसका शीर्ष सूखकर रुक जाता है (Air pruning) और ऊपर से सैकड़ों नई रेशेदार द्वितीयक जड़ें निकल आती हैं।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक उदाहरण: राजस्थान की वानिकी नर्सरी में संकन बेड (Sunken Bed) प्रबंधन

जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर की AFRI/वन विभाग नर्सरियों में खेजड़ी, रोहिड़ा और कुमटा के पॉलीबैग रखने के लिए 10 m × 1.2 m × 0.15 m (गहरी) पक्की या पॉलीथीन-बिछी संकन बेड (Sunken beds) बनाई जाती हैं। पॉलीबैग (1:1:1 मिट्टी:रेत:गोबर खाद से भरे) को इन गहरी क्यारियों में सटाकर रखा जाता है, जिससे मई-जून में सिंचाई जल की 40% बचत होती है और गर्म हवा से पॉलीबैग सूखते नहीं हैं।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 10.1: उठी हुई क्यारी (Raised Bed), धँसी हुई क्यारी (Sunken Bed) एवं समतल क्यारी (Flat Bed) की तुलना
तुलना का बिंदु (Feature) धँसी हुई क्यारी (Sunken Bed) उठी हुई क्यारी (Raised Bed) समतल क्यारी (Flat / Level Bed)
भूमि स्तर से स्थिति भूमि स्तर से 10 से 15 cm नीचे (गहरी)। भूमि स्तर से 15 से 20 cm ऊपर (उठी हुई)। सामान्य भूमि स्तर के बराबर।
उपयुक्त जलवायु क्षेत्र शुष्क एवं अर्ध-शुष्क कम वर्षा क्षेत्र (राजस्थान)। अधिक वर्षा वाले आर्द्र क्षेत्र व भारी मृदा। मध्यम वर्षा व अच्छी जल-निकासी वाली दोमट भूमि।
मुख्य उद्देश्य (Objective) नमी संरक्षण करना और वाष्पीकरण घटाना। अतिरिक्त जल की निकासी (Drainage) व जड़ सड़न रोकना। समान सिंचाई जल वितरण।
प्रमुख उपयोग शुष्क क्षेत्र में पॉलीबैग पौध रखने व बीज बुवाई हेतु। सागवान, शीशम, देवदार व स्टंप नर्सरी तैयार करने हेतु। वसंत व शीतकालीन सामान्य पौध उत्पादन हेतु।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)

नर्सरी बेड एवं पोटिंग मिश्रण के मानक तकनीकी विनिर्देश (Standard Nursery Specifications)
  • मानक नर्सरी बेड चौड़ाई (Standard Width): 1.0 m से 1.2 m (अधिकतम 1.2 m ताकि दोनों ओर से हाथ पहुँच सके)
  • मानक नर्सरी बेड लंबाई (Standard Length): 10.0 m से 12.5 m
  • क्यारी की ऊँचाई / गहराई: Raised Bed = +15 से +20 cm  |  Sunken Bed = −10 से −15 cm
  • आदर्श पोटिंग मिश्रण अनुपात: मृदा (Soil):रेत (Sand):गोबर खाद (FYM)=1:1:1 या 2:1:1
  • डैम्पिंग-ऑफ बीज उपचार दर: कार्बेन्डाजिम / कैप्टान / थाइरम @ 2.5–3.0 g/kg बीज  अथवा  Trichoderma viride @ 4–5 g/kg बीज

11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 10 Mind Map: नर्सरी बेड (क्यारी) की तैयारी, प्रकार एवं प्रबंधन
  • वानिकी नर्सरी एवं बेड प्रबंधन (मानक आकार: चौड़ाई 1.0–1.2 m × लंबाई 10–12.5 m | पूर्व-पश्चिम दिशा)
    • नर्सरी के प्रकार व स्थल चयन (Nursery Types & Site)
      • प्रकार: Temporary (अस्थायी) बनाम Permanent (स्थायी) | Dry (वर्षा आधारित) बनाम Wet (सिंचित)
      • स्थल कारक: बलुई दोमट मृदा (Sandy loam), pH 6.0–7.5, बारहमासी मीठा जल, 1–2% ढलान
    • नर्सरी बेड के 3 प्रकार (3 Types of Nursery Beds)
      • Sunken Bed (-10 से -15 cm गहरी): शुष्क क्षेत्र (राजस्थान) में नमी संरक्षण व पॉलीबैग रखने हेतु
      • Raised Bed (+15 से +20 cm ऊँची): अधिक वर्षा क्षेत्र में जल निकासी, डैम्पिंग-ऑफ रोकथाम व स्टंप उत्पादन हेतु
      • Flat / Level Bed: मध्यम वर्षा व बलुई दोमट भूमि में सामान्य बुवाई हेतु
    • पोटिंग मीडिया एवं पादप सुरक्षा (Media & Protection)
      • पोटिंग मिश्रण (1:1:1 या 2:1:1): मिट्टी + रेत + सड़ी गोबर खाद | रूट ट्रेनर: जड़ कुंडलन रोकने व Air pruning हेतु
      • रोग व कीट नियंत्रण: Damping-off (Pythium/Rhizoctonia ➔ Captan/Bavistin 2.5g/kg) एवं दीमक (Chlorpyriphos)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): वैज्ञानिक नर्सरी बेड निर्माण से स्वस्थ पौध तैयार करने के चरण
1. स्थल चयन व सफाई
(बलुई दोमट, pH 6.5–7.5)
➔ 2. गहरी खुदाई व सौरीकरण
(30-40 cm खुदाई, कंकड़ हटाना)
➔ 3. बेड निर्माण (10m × 1.2m)
(शुष्क में Sunken; आर्द्र में Raised)
➔ 4. खाद व कीटनाशक मिलाना
(Soil:Sand:FYM 1:1:1 + फफूंदनाशी)
➔ 5. उपचारित बीज बुवाई व मल्च
(कतार बुवाई, फव्वारा सिंचाई व शेडनेट)

13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • नर्सरी बेड की मानक चौड़ाई (Standard width) कभी भी 1.0 से 1.2 मीटर से अधिक नहीं रखी जाती, ताकि क्यारी के अंदर पैर रखे बिना दोनों तरफ के रास्तों से बीच तक निराई-गुड़ाई आसानी से हो सके।
  • पश्चिमी राजस्थान जैसे शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए ‘धँसी हुई क्यारी’ (Sunken bed: 10–15 cm गहरी) सर्वाधिक उपयुक्त होती है क्योंकि यह नमी संरक्षित रखती है।
  • अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और ‘आर्द्रगलन रोग’ (Damping-off) से बचाव के लिए ‘उठी हुई क्यारी’ (Raised bed: 15–20 cm ऊँची) बनाई जाती है।
  • पॉलीबैग में जड़ कुंडलन (Root coiling) को रोकने और ‘वायु द्वारा जड़ छँटाई’ (Air root pruning) के लिए आधुनिक नर्सरियों में ‘रूट ट्रेनर’ (Root trainers) का उपयोग किया जाता है।
  • नर्सरी का सबसे गंभीर कवक रोग ‘डैम्पिंग-ऑफ’ (Damping-off) है जो Pythium, Rhizoctonia और Fusarium कवक से होता है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)

  • मानक बेड आकार: चौड़ाई = 1.0–1.2 m | लंबाई = 10–12.5 m | दिशा = पूर्व-पश्चिम (East-West)।
  • बेड प्रकार: Sunken Bed (−10 से −15 cm, शुष्क क्षेत्र) | Raised Bed (+15 से +20 cm, आर्द्र क्षेत्र) | Flat Bed।
  • पोटिंग मिश्रण: Soil:Sand:FYM=1:1:1 (या 2:1:1)।
  • डैम्पिंग-ऑफ कवक: Pythium, Rhizoctonia solani, Fusarium, Phytophthora।

15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)

1. शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी राजस्थान) में मृदा नमी संरक्षित करने के लिए किस प्रकार की नर्सरी क्यारी (Nursery bed) बनाई जाती है?
(A) उठी हुई क्यारी (Raised bed)
(B) धँसी हुई क्यारी (Sunken bed — भूमि स्तर से 10–15 cm गहरी)
(C) तैरती हुई क्यारी
(D) 1 मीटर ऊँची क्यारी
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) धँसी हुई क्यारी (Sunken bed — भूमि स्तर से 10–15 cm गहरी)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): शुष्क क्षेत्रों में वाष्पीकरण घटाने और पानी को रोकने के लिए भूमि स्तर से 10–15 cm गहरी ‘संकन बेड’ (Sunken bed) बनाई जाती है।
2. एक मानक वानिकी नर्सरी बेड की चौड़ाई (Width) कितनी रखी जाती है ताकि बिना क्यारी में पैर रखे दोनों तरफ से निराई-गुड़ाई की जा सके?
(A) 1.0 से 1.2 मीटर
(B) 3.5 से 5.0 मीटर
(C) 8.0 से 10.0 मीटर
(D) 0.1 मीटर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) 1.0 से 1.2 मीटर
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): नर्सरी बेड की मानक चौड़ाई 1.0 से 1.2 मीटर और लंबाई 10 से 12.5 मीटर रखी जाती है।
3. अधिक वर्षा और भारी मृदा वाले क्षेत्रों में जल-निकासी सुधारने तथा डैम्पिंग-ऑफ रोग रोकने के लिए कौन-सी नर्सरी क्यारी बनाई जाती है?
(A) धँसी हुई क्यारी (Sunken bed)
(B) उठी हुई क्यारी (Raised bed — भूमि से 15–20 cm ऊँची)
(C) गहरा गड्ढा
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) उठी हुई क्यारी (Raised bed — भूमि से 15–20 cm ऊँची)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): अधिक वर्षा क्षेत्रों में जलभराव से जड़ों को सड़ने से बचाने के लिए 15–20 cm ऊँची उठी हुई क्यारी (Raised bed) बनाई जाती है।
4. नर्सरी में नवजात पौधों के कॉलर (तने के आधार) के सड़कर अचानक गिरने वाला सबसे गंभीर रोग कौन-सा है और यह किससे होता है?
(A) आर्द्रगलन रोग (Damping-off — Pythium, Rhizoctonia, Fusarium कवक द्वारा)
(B) मोजेक वायरस
(C) खैरा रोग (जिंक कमी)
(D) बंची टॉप
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) आर्द्रगलन रोग (Damping-off — Pythium, Rhizoctonia, Fusarium कवक द्वारा)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): डैम्पिंग-ऑफ (आर्द्रगलन) नर्सरी का सबसे विनाशकारी कवक रोग है जो Pythium, Rhizoctonia और Fusarium से होता है।
5. पॉलीबैग में होने वाली जड़ कुंडलन (Root coiling) की समस्या को दूर करने और वायु द्वारा स्वतः जड़ छँटाई (Air root pruning) के लिए आधुनिक नर्सरियों में किसका उपयोग किया जाता है?
(A) जूट के बोरे
(B) रूट ट्रेनर (Root trainers — भीतरी ऊर्ध्वाधर धारियों वाले कप/ट्रे)
(C) बंद काँच की बोतलें
(D) लोहे के बंद डिब्बे
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) रूट ट्रेनर (Root trainers — भीतरी ऊर्ध्वाधर धारियों वाले कप/ट्रे)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): रूट ट्रेनर में भीतरी ऊर्ध्वाधर उभार (Vertical ridges) और तली में छेद होता है जो जड़ कुंडलन रोकता है और Air pruning को बढ़ावा देता है।
6. नर्सरी में पॉलीबैग भरने के लिए तैयार किए जाने वाले आदर्श पोटिंग मिश्रण (Potting mixture) में मिट्टी, रेत और सड़ी गोबर की खाद (Soil : Sand : FYM) का मानक अनुपात क्या होता है?
(A) 10 : 0 : 0
(B) 1 : 1 : 1 (या 2 : 1 : 1)
(C) 0 : 10 : 0
(D) 1 : 20 : 1
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 1 : 1 : 1 (या 2 : 1 : 1)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): सामान्य वानिकी नर्सरी में दोमट मिट्टी, रेत और गोबर की खाद को 1:1:1 या 2:1:1 के अनुपात में मिलाया जाता है।
7. वानिकी नर्सरी स्थापित करने के लिए सबसे उपयुक्त मृदा गठन (Soil texture) और pH मान क्या है?
(A) भारी काली चिकनी मृदा, pH 9.5
(B) बलुई दोमट मृदा (Sandy loam), pH 6.0 से 7.5
(C) पथरीली बजरी, pH 3.0
(D) दलदली मृदा, pH 10.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) बलुई दोमट मृदा (Sandy loam), pH 6.0 से 7.5
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट मृदा जिसका pH 6.0 से 7.5 के बीच हो, नर्सरी के लिए सर्वोत्तम होती है।
8. किसी वृक्षारोपण स्थल के पास केवल 2–3 वर्षों की तात्कालिक पौध आवश्यकता पूरी करने के लिए बिना स्थायी भवन के बनाई गई नर्सरी को क्या कहते हैं?
(A) अस्थायी या फील्ड नर्सरी (Temporary / Flying nursery)
(B) केंद्रीय स्थायी नर्सरी
(C) हाई-टेक टिश्यू कल्चर लैब
(D) बोटैनिकल गार्डन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) अस्थायी या फील्ड नर्सरी (Temporary / Flying nursery)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): कम समय और किसी विशेष प्रोजेक्ट के लिए पास में बनाई गई नर्सरी अस्थायी नर्सरी (Temporary nursery) कहलाती है।
9. नर्सरी क्यारियों की लंबाई (Length) किस दिशा में रखनी चाहिए ताकि पौधों को समान प्रकाश मिले और शेड लगाना सुगम हो?
(A) पूर्व से पश्चिम दिशा (East-West direction)
(B) अनियमित तिरछी दिशा
(C) तिकोनी दिशा
(D) भूमिगत
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) पूर्व से पश्चिम दिशा (East-West direction)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): समान धूप वितरण और शेड प्रबंधन के लिए नर्सरी बेड की लंबाई पूर्व-पश्चिम दिशा में रखी जाती है।
10. पॉलीबैग संकन बेड (Stand-out bed) की तली में पॉलीथीन शीट या ईंटों का फर्श क्यों बिछाया जाता है?
(A) पॉलीबैग के छेद से निकलकर जड़ों को नीचे जमीन में घुसने से रोकने के लिए
(B) पौधों को सुखाने के लिए
(C) खरपतवार बढ़ाने के लिए
(D) तापमान 100°C करने के लिए
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) पॉलीबैग के छेद से निकलकर जड़ों को नीचे जमीन में घुसने से रोकने के लिए
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): तली में पॉलीथीन शीट या ईंट बिछाने से पॉलीबैग से बाहर निकलने वाली मूसला जड़ जमीन में नहीं धँस पाती।

16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)

  1. मानक नर्सरी बेड की चौड़ाई 1.0–1.2 मीटर और लंबाई 10–12.5 मीटर तथा दिशा पूर्व-पश्चिम रखी जाती है।
  2. शुष्क क्षेत्रों (राजस्थान) में नमी संरक्षण हेतु भूमि से 10–15 cm गहरी ‘धँसी हुई क्यारी’ (Sunken bed) बनाई जाती है।
  3. अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल-निकासी हेतु भूमि से 15–20 cm ऊँची ‘उठी हुई क्यारी’ (Raised bed) बनाई जाती है।
  4. नर्सरी पोटिंग मिश्रण में मिट्टी, रेत और गोबर की खाद का आदर्श अनुपात 1:1:1 (या 2:1:1) होता है।
  5. रूट ट्रेनर (Root trainer) जड़ कुंडलन (Root coiling) को रोकते हैं और ‘एयर रूट प्रूनिंग’ द्वारा रेशेदार जड़ों को बढ़ावा देते हैं।

(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)

1. एक मानक वानिकी नर्सरी बेड का आकार (लंबाई × चौड़ाई) लिखिए।
उत्तर: 10 मीटर × 1 मीटर (या 10–12.5 मीटर × 1.0–1.2 मीटर)।
2. धँसी हुई क्यारी (Sunken bed) और उठी हुई क्यारी (Raised bed) की गहराई/ऊँचाई कितनी होती है?
उत्तर: धँसी हुई क्यारी भूमि से 10–15 cm गहरी तथा उठी हुई क्यारी भूमि से 15–20 cm ऊँची होती है।
3. नर्सरी में आर्द्रगलन रोग (Damping-off) फैलाने वाले किन्हीं तीन कवक वंशों के नाम लिखिए।
उत्तर: पाइथियम (Pythium), राइजोक्टोनिया (Rhizoctonia solani) और फ्यूजेरियम (Fusarium)।
4. रूट ट्रेनर (Root trainer) के दो मुख्य लाभ लिखिए।
उत्तर: (1) जड़ कुंडलन (Root coiling) को रोकना, और (2) वायु मूल कृंतन (Air root pruning) द्वारा रेशेदार जड़ों का विकास करना।
5. दो नर्सरी क्यारियों के बीच निरीक्षण व कार्य करने के लिए कितना चौड़ा रास्ता छोड़ा जाता है?
उत्तर: 45 से 60 सेंटीमीटर चौड़ा रास्ता।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)

1. उठी हुई क्यारी (Raised bed), धँसी हुई क्यारी (Sunken bed) और समतल क्यारी (Flat bed) में अंतर और उपयुक्तता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: (1) धँसी हुई क्यारी (Sunken bed): भूमि स्तर से 10–15 cm गहरी बनाई जाती है; यह राजस्थान जैसे शुष्क व कम वर्षा वाले क्षेत्रों में नमी बचाने और पॉलीबैग रखने के लिए सर्वोत्तम है। (2) उठी हुई क्यारी (Raised bed): भूमि स्तर से 15–20 cm ऊँची बनाई जाती है; यह अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी सुधारने, डैम्पिंग-ऑफ रोकने और सागवान/शीशम के स्टंप उगाने के लिए उपयुक्त है। (3) समतल क्यारी (Flat bed): सामान्य भूमि स्तर पर मध्यम वर्षा और दोमट मिट्टी में बनाई जाती है।
2. एक आदर्श वानिकी नर्सरी के लिए स्थल चयन (Site selection) करते समय किन पाँच कारकों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: (1) मृदा: अच्छी जल-निकासी वाली उपजाऊ बलुई दोमट मृदा (pH 6.0–7.5), (2) जल आपूर्ति: वर्षभर मीठे पानी की सिंचाई का विश्वसनीय स्रोत, (3) स्थलाकृति: 1–2% हल्की ढलान वाली समतल भूमि जहाँ पानी न भरे और पाला न पड़े, (4) परिवहन व पहुँच: मुख्य सड़क और वृक्षारोपण क्षेत्र के निकट होना, और (5) श्रमिक उपलब्धता व सुरक्षा बाड़।
3. नर्सरी में ‘आर्द्रगलन रोग’ (Damping-off) के लक्षण, कारण और नियंत्रण के उपाय लिखिए।
उत्तर: लक्षण व कारण: यह Pythium, Rhizoctonia और Fusarium कवक से होता है। अधिक नमी और घनी बुवाई होने पर कोमल पौधों का तना जमीन के पास (कॉलर पर) पानी जैसा गलकर पतला हो जाता है और पौधे गिरकर मर जाते हैं। नियंत्रण: (1) बुवाई पूर्व क्यारी का मृदा सौरीकरण या फॉर्मेलिन (2%) से उपचार, (2) बीजों को कार्बेन्डाजिम/कैप्टान (2.5–3 g/kg) या ट्राइकोडर्मा (4 g/kg) से उपचारित करना, (3) उठी हुई क्यारी बनाना व अधिक पानी न देना, और (4) कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (0.25%) की ड्रेंचिंग करना।
4. पॉलीबैग बनाम रूट ट्रेनर (Root trainer) तकनीक की तुलना कीजिए।
उत्तर: पॉलीबैग सस्ते होते हैं, लेकिन उनमें अधिक मिट्टी लगती है, परिवहन भारी होता है और तली में जड़ गोल-गोल घूमकर ‘जड़ कुंडलन’ (Root coiling) कर लेती है। इसके विपरीत, रूट ट्रेनर (150–300 cc कठोर प्लास्टिक कप/ब्लॉक) बार-बार उपयोग किए जा सकते हैं, इनकी भीतरी ऊर्ध्वाधर धारियाँ जड़ कुंडलन रोकती हैं और निचले छेद से ‘एयर रूट प्रूनिंग’ होकर घनी रेशेदार जड़ें बनती हैं जिनकी खेत में जीवितता बहुत उच्च होती है।
5. अस्थायी (Temporary) और स्थायी (Permanent) वानिकी नर्सरी में अंतर लिखिए।
उत्तर: अस्थायी नर्सरी किसी विशेष वृक्षारोपण साइट के पास केवल 2–4 वर्षों के लिए कम लागत में बनाई जाती है; इससे पहाड़ी या दूरस्थ क्षेत्रों में पौध परिवहन की लागत और क्षति बचती है। स्थायी नर्सरी सड़क के पास बड़े क्षेत्र में पक्की सिंचाई, शेडनेट, मिस्ट चैंबर, रूट ट्रेनर व मदर स्टूल बेड के साथ हर साल लाखों पौधों की निरंतर आपूर्ति के लिए बनाई जाती है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)

1. वानिकी नर्सरी क्यारी (Nursery Bed) की तैयारी के चरणों और क्यारियों के तीनों प्रकारों (Raised, Sunken एवं Flat beds) का मानक आकार, उपयुक्त जलवायु क्षेत्र एवं लाभ-हानि सहित सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: स्थल चयन, खुदाई, खरपतवार/कंकड़ सफाई, मृदा सौरीकरण, मानक आकार (10–12.5 m × 1.0–1.2 m, पूर्व-पश्चिम दिशा) तथा Sunken bed (-10 से -15 cm राजस्थान हेतु), Raised bed (+15 से +20 cm आर्द्र क्षेत्र हेतु) और Flat bed का तुलनात्मक सारणी सहित वर्णन करें।
2. वानिकी नर्सरी के वैज्ञानिक प्रबंधन—पोटिंग मिश्रण की तैयारी, पॉलीबैग भराई, रूट ट्रेनर तकनीक, सिंचाई, छाया प्रबंधन तथा प्रमुख रोगों (विशेषकर Damping-off) व कीटों के नियंत्रण—पर विस्तृत लेख लिखिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: पोटिंग मिश्रण (1:1:1 Soil:Sand:FYM), रूट ट्रेनर में Air root pruning सिद्धांत, फव्वारा सिंचाई, शेडनेट प्रबंधन और डैम्पिंग-ऑफ व दीमक/सफेद लट के एकीकृत प्रबंधन का पूर्ण विवरण लिखें।
3. गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री (Quality Planting Material – QPM) के उत्पादन में आधुनिक हाई-टेक वन नर्सरी (क्लोनल मिस्ट चैंबर, रूट ट्रेनर, वर्मी-कंपोस्ट इकाई) की भूमिका की विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: राष्ट्रीय कृषि वानिकी नीति (2014) के तहत प्रमाणित नर्सरी विकास, क्लोनल प्रवर्धन (पॉपलर, सफेदा, मेलिया दुबिया), मिस्ट चैंबर में आर्द्रता-तापमान नियंत्रण और रूट ट्रेनर के लाभों को विस्तार से समझाएँ।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGF 311 notes।

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