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AGF 311 Lecture 11: नग्न जड़ (Bare root) एवं पौध के लिए कर्षण क्रियाएँ; नर्सरी स्टॉक का क्षेत्र प्रबंधन; वृक्ष प्रजातियों का प्रबंधन | Hindi Notes

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AGF 311 · Introductory Agroforestry
विषय सूची · Quick Navigation02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
Lecture 11 Source Page Reference in Supplied Pack: 133 (AGF 311 Theory Lecture 11)

Lecture 11: नग्न जड़ (Bare root) एवं पौध के लिए कर्षण क्रियाएँ; नर्सरी स्टॉक का क्षेत्र प्रबंधन; वृक्ष प्रजातियों का प्रबंधन

Cultural practices for bare root and seedling; Field handling of nursery stock; Management of tree species

02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. नग्न जड़ पौध (Bare-root seedlings) और पात्र/पॉलीबैग पौध (Containerized seedlings) के बीच अंतर तथा उनके लिए आवश्यक नर्सरी कर्षण क्रियाओं (Cultural practices) को समझना।
  2. प्रिकिंग आउट (Pricking out), मल्चिंग, निराई, रूट अंडरकटिंग (Root undercutting), रेंचिंग (Wrenching) और कठोरीकरण (Hardening-off / Conditioning) के वैज्ञानिक सिद्धांतों को जानना।
  3. नर्सरी स्टॉक के क्षेत्र प्रबंधन (Field handling of nursery stock)—उखाड़ना (Lifting), छँटाई व ग्रेडिंग (Culling & Grading), जड़ पडलिंग (Root puddling), पैकिंग, परिवहन और हीलिंग-इन (Heeling-in)—की चरणबद्ध प्रक्रिया समझना।
  4. पौध गुणवत्ता सूचकांकों—स्टर्डिनेस कोशिएंट (Sturdiness Quotient) और डिक्सन गुणवत्ता सूचकांक (Dickson Quality Index – DQI)—की गणना को समझना।
  5. मुख्य खेत में वृक्षारोपण के बाद वृक्ष प्रजातियों के प्रारंभिक प्रबंधन (गड्ढे का आकार, सिंग्लिंग, मल्चिंग, मरे हुए पौधों का प्रतिस्थापन/Beating up एवं सुरक्षा) का अध्ययन करना।

03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): नर्सरी में केवल बीज का अंकुरित हो जाना पर्याप्त नहीं है। जब पौधों को नर्सरी के अनुकूल वातावरण से निकालकर खेत या वन भूमि की कठोर परिस्थितियों (सूखा, तेज धूप, कम पोषक तत्व) में लगाया जाता है, तो उन्हें तीव्र ‘प्रतिरोपण आघात’ (Transplanting shock) लगता है।

इस आघात को सहन करने और खेत में 95% से अधिक जीवितता (Survival) सुनिश्चित करने के लिए नर्सरी में नग्न-जड़ (Bare-root) व पॉलीबैग पौध के लिए विशिष्ट कर्षण क्रियाएँ (Cultural practices: जैसे प्रिकिंग, रूट अंडरकटिंग, रेंचिंग, हार्डनिंग-ऑफ) की जाती हैं तथा उखाड़ने से लेकर रोपण तक नर्सरी स्टॉक का सावधानीपूर्वक क्षेत्र प्रबंधन (Field handling: पडलिंग, हीलिंग-इन) किया जाता है।

04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

नग्न जड़ पौध (Bare-Root Seedlings)
वे नर्सरी पौधे जिन्हें खुली नर्सरी क्यारियों (Nursery beds) में उगाया जाता है और मुख्य खेत में रोपण के लिए बिना मिट्टी के पिंड (Without ball of earth around roots) के उखाड़ा व परिवहन किया जाता है (जैसे—पॉपलर ETP, विलो, रॉबिनिया, शीशम, अखरोट)।
प्रिकिंग आउट / शिफ्टिंग (Pricking Out)
अंकुरण क्यारी (Mother/Germination bed) से 2 से 4 पत्ती अवस्था वाले अत्यंत कोमल नवजात पौधों को सावधानीपूर्वक उखाड़कर पॉलीबैग, रूट ट्रेनर या ट्रांसप्लांट बेड में स्थानांतरित करने की क्रिया।
रूट अंडरकटिंग एवं रेंचिंग (Root Undercutting & Wrenching)
नग्न-जड़ पौध की क्यारी के नीचे जमीन से 15–20 cm गहराई पर तेज ब्लेड या तार खींचकर मुख्य मूसला जड़ को काटना ‘अंडरकटिंग’ कहलाता है; और इसके बाद तिरछे ब्लेड को चलाकर मिट्टी को हल्का ऊपर उठाना और ढीला करना (जिससे रेशेदार जड़ों का घना जाल बने और पौधा कठोर हो) ‘रेंचिंग’ (Wrenching) कहलाता है।
कठोरीकरण (Hardening-off / Conditioning)
मुख्य खेत में रोपण से 2 से 4 सप्ताह पूर्व नर्सरी में पौधों की सिंचाई की मात्रा व आवृत्ति को धीरे-धीरे कम करना, नाइट्रोजन उर्वरक बंद करना और छाया (Shade net) हटाकर उन्हें सीधी धूप व हवा के संपर्क में लाना ताकि तना काष्ठीय (Lignified) और सूखा-सहनशील बन जाए।
रूट पडलिंग (Root Puddling / Mud Dipping)
नग्न-जड़ पौधों को उखाड़ने के तुरंत बाद उनकी नग्न जड़ों को सूखने (Desiccation) से बचाने के लिए चिकनी मिट्टी, सड़ी गोबर की खाद, पानी और कवकनाशी के गाढ़े घोल (Slurry) में डुबोना।
हीलिंग-इन (Heeling-in)
जब नर्सरी से लाए गए नग्न-जड़ पौधों को मुख्य खेत में तुरंत लगाना संभव न हो, तो छायादार स्थान पर 45° कोण की तिरछी खाई (Trench) खोदकर पौधों के बंडलों की जड़ों को नम मिट्टी व रेत से अस्थायी रूप से दबाकर सुरक्षित रखने की विधि।
बीटिंग अप / कैजुअल्टी रिप्लेसमेंट (Beating Up / Casualty Replacement)
मुख्य खेत में वृक्षारोपण के बाद पहले वर्ष में जो पौधे सूख जाते हैं या मर जाते हैं, उनके स्थान पर तुरंत नए स्वस्थ पौधे लगाने की क्रिया को वानिकी में ‘बीटिंग अप’ कहते हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. नग्न-जड़ (Bare-root) एवं पॉलीबैग पौध के लिए प्रमुख नर्सरी कर्षण क्रियाएँ (Nursery Cultural Practices)

1. प्रिकिंग आउट (Pricking Out)

• छोटे बीजों वाले वृक्षों (जैसे Eucalyptus, Casuarina, Anthocephalus cadamba) को पहले मदर बेड में बोया जाता है।
• जब पौधों में 2 से 4 सच्ची पत्तियाँ (True leaves, 4–6 cm ऊँचाई) आ जाती हैं, तब शाम के समय या बादल वाले दिन उन्हें निकालकर पॉलीबैग या ट्रांसप्लांट बेड में लगाया जाता है और तुरंत हल्की सिंचाई व छाया दी जाती है।

2. मल्चिंग, छाया एवं निराई (Mulching, Shading & Weeding)

• बीज बोने के बाद नमी व तापमान बनाए रखने और पक्षियों से बचाने हेतु सूखी घास या पुआल की मल्च बिछाई जाती है, जिसे अंकुरण होते ही हटा दिया जाता है।
• कोमल पौधों को तेज धूप व पाले से बचाने हेतु 50% ग्रीन शेडनेट (Shade net) लगाया जाता है।
• समय-समय पर खुरपी या हाथ से खरपतवार निकाले जाते हैं।

3. रूट कल्चरिंग: अंडरकटिंग, रेंचिंग व शिफ्टिंग (Root Culturing)

• नग्न-जड़ बेड में: पौधों का प्ररोह:जड़ अनुपात (Shoot:Root ratio) संतुलित रखने और अधिक से अधिक सक्रिय रेशेदार जड़ें (Fibrous lateral roots) बनाने के लिए: (i) Undercutting (15–20 cm गहराई पर क्षैतिज कट), (ii) Wrenching (तिरछे ब्लेड से जड़ क्षेत्र को हिलाकर वायु संचार बढ़ाना), और (iii) Lateral root pruning (कतारों के बीच कुदाल/डिस्क से पार्श्व जड़ें काटना) किया जाता है।
• पॉलीबैग पौध में (Shifting & Root Pruning): हर 30–45 दिन में पॉलीबैग को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान पर रखा जाता है (Shifting) और बैग से बाहर निकली जड़ों को काट दिया जाता है।

4. कठोरीकरण (Hardening-off — सबसे महत्वपूर्ण चरण)

• रोपण से 15 से 30 दिन (2–4 सप्ताह) पूर्व शुरू किया जाता है।
• सिंचाई का अंतराल बढ़ा दिया जाता है, नाइट्रोजन देना बंद कर पोटाश (K) दिया जाता है, और शेडनेट पूरी तरह हटा दिया जाता है।
• इससे पौधे की पत्तियों पर मोमी परत (Cuticle) मोटी हो जाती है, तना कठोर (Woody) बनता है और खेत में लगाने पर पौधा सूखता नहीं है।

2. नर्सरी स्टॉक का क्षेत्र प्रबंधन (Field Handling of Nursery Stock — Lifting to Planting)

नर्सरी से पौधों को उखाड़ने और खेत में गड्ढे में लगाने के बीच की अवधि सबसे संवेदनशील होती है (विशेषकर नग्न-जड़ पौधों में जहाँ खुली धूप/हवा में मात्र 15–30 मिनट में जड़ें सूख सकती हैं)। इसके 6 मुख्य चरण हैं:

  1. उखाड़ना (Lifting): पौधों को उखाड़ने से 1 दिन पहले क्यारी में अच्छी सिंचाई की जाती है ताकि मिट्टी नरम हो जाए और बारीक रेशेदार जड़ें टूटे बिना बाहर निकलें। उखाड़ने का कार्य सुबह जल्दी या शाम के समय किया जाता है।
  2. छँटाई एवं ग्रेडिंग (Culling and Grading): रोगग्रस्त, मुड़ी हुई जड़ (J-root) वाले, दोहरे तने वाले या बहुत कमजोर पौधों को छाँटकर अलग (Cull) कर दिया जाता है। स्वस्थ पौधों को उनके कॉलर व्यास (Collar diameter > 0.5–1.0 cm) और ऊँचाई (30–60 cm) के अनुसार ग्रेड किया जाता है।
  3. रूट पडलिंग (Root Puddling): नग्न-जड़ पौधों की जड़ों को तुरंत चिकनी मिट्टी + गोबर + पानी + कवकनाशी (या सुपर-एब्जॉर्बेंट हाइड्रोजेल) के घोल में डुबोया जाता है ताकि जड़ों पर नमी की सुरक्षात्मक परत चढ़ जाए।
  4. पैकिंग (Packing): नग्न-जड़ पौधों को 25 या 50 के बंडलों में बाँधकर उनकी जड़ों के चारों ओर गीली काई (Sphagnum moss), गीला बुरादा या गीली घास लपेटकर जूट के गीले बोरे (Gunny bag) में पैक किया जाता है।
  5. परिवहन (Transportation): पौधों को रात के समय या सुबह ठंडे घंटों में तिरपाल से ढके वाहन में ले जाया जाता है ताकि तेज हवा से पत्तियाँ न झुलसें।
  6. हीलिंग-इन (Heeling-in at Planting Site): खेत पर पहुँचने के बाद यदि उसी दिन रोपण न हो सके, तो छायादार जगह पर 45° कोण की तिरछी खाई (Trench) खोदकर पौधों की जड़ों को नम मिट्टी में दबा दिया जाता है और पानी का छिड़काव किया जाता है।

3. मुख्य खेत में वृक्ष प्रजातियों का प्रबंधन (Management of Tree Species in Field)

  • 1. गड्ढे की खुदाई एवं भराई (Pit Digging & Filling): गर्मियों (अप्रैल-मई) में सामान्य भूमि में 45×45×45 cm या 60×60×60 cm (तथा कंकर परत या फल वृक्षों हेतु 1 m×1 m×1 m; और पॉपलर ETP हेतु ऑगर से 15–20 cm व्यास व 90–100 cm गहरा छेद) खोदे जाते हैं। मानसून पूर्व ऊपरी मिट्टी में 5–10 kg सड़ी गोबर खाद व दीमकनाशी मिलाकर गड्ढे भरे जाते हैं।
  • 2. रोपण एवं कॉलर स्तर (Planting & Collar Level): पॉलीबैग की थैली को ब्लेड से चीरकर हटा दिया जाता है (मिट्टी का पिंड न टूटे) और पौधे को गड्ढे के केंद्र में इस प्रकार लगाया जाता है कि कॉलर (जड़-तना संधि) भूमि सतह के बराबर रहे, फिर चारों ओर की मिट्टी को पैरों से अच्छी तरह दबाया (Firming) जाता है ताकि एयर पॉकेट न रहें।
  • 3. थावला निर्माण, मल्चिंग एवं सिंचाई (Basin Preparation & Mulching): शुष्क क्षेत्रों में पौधे के चारों ओर अर्धचंद्राकार (Crescent-shaped) या तश्तरीनुमा थावला बनाकर जल संचयन किया जाता है।
  • 4. बीटिंग अप (Beating up / Casualty Replacement) एवं सिंग्लिंग (Singling): मृत पौधों के स्थान पर तुरंत उसी वर्ष नए पौधे लगाए जाते हैं तथा तने के आधार से निकलने वाली अतिरिक्त शाखाओं को हटाकर एक सीधा मुख्य तना (Single leader) रखा जाता है।
  • 5. स्टैकिंग एवं ट्री गार्ड सुरक्षा (Staking & Protection): हवा से झुकने से बचाने हेतु बाँस की खपच्ची का सहारा (Staking) दिया जाता है और पशुओं से सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड या बाड़ लगाई जाती है।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

रोपण स्टॉक (Nursery Planting Stock) का वर्गीकरण:

  • 1. नग्न-जड़ स्टॉक (Bare-root Stock): (a) सीडलिंग (1–0 या 2–0 stock), (b) ट्रांसप्लांट (1–1 stock), (c) स्टंप (Root-shoot cutting), और (d) एंटायर ट्रांसप्लांट (ETP – पॉपलर)।
  • 2. पात्र/कंटेनर स्टॉक (Containerized Stock): (a) पॉलीबैग पौध (Polybag seedlings), (b) रूट ट्रेनर प्लग पौध (Root trainer plugs), और (c) बायोडिग्रेडेबल कप/मिट्टी के गमले।

(नोट: वानिकी कोड ‘1–1 stock’ में पहला अंक ‘1’ मदर बेड में बिताए गए वर्ष और दूसरा अंक ‘1’ ट्रांसप्लांट बेड में बिताए गए वर्ष को दर्शाता है)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)

  • पौध की सुदृढ़ता एवं गुणवत्ता के वैज्ञानिक सूचकांक (Seedling Quality Indices):
    1. स्टर्डिनेस कोशिएंट (Sturdiness Quotient – SQ; Roller, 1977): यह पौधे की ऊँचाई (cm में) और कॉलर व्यास (mm में) का अनुपात है:
      $SQ=Shoot Height (cm)Collar Diameter (mm)$
      एक आदर्श, मजबूत नर्सरी पौधे का SQ<6.0 होना चाहिए (यदि SQ>10 है, तो पौधा लंबा, पतला और कमजोर/Etiolated है जो खेत में हवा से गिर जाएगा)।
    2. डिक्सन गुणवत्ता सूचकांक (Dickson Quality Index – DQI; Dickson et al., 1960):
      $DQI=Total Seedling Dry Weight (g)Height (cm)Collar Diameter (mm)+Shoot Dry Weight (g)Root Dry Weight (g)$
      उच्च DQI मान श्रेष्ठ और संतुलित पौध गुणवत्ता को दर्शाता है।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक उदाहरण: पॉपलर के नग्न-जड़ ETP का क्षेत्र प्रबंधन

जनवरी-फरवरी में जब पॉपलर के पौधे पर्णहीन (Dormant) होते हैं, तब उन्हें नर्सरी से उखाड़ा जाता है। उखाड़ने के तुरंत बाद जड़ों को कवकनाशी (Bavistin 0.2%) और क्लोरपायरीफॉस युक्त पानी के गड्ढे में 24–48 घंटे भिगोया जाता है, गीले बोरों में लपेटकर खेत पर ले जाया जाता है और 90 cm गहरे ऑगर के छेदों में तुरंत रोपित कर सिंचाई कर दी जाती है।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 11.1: नग्न-जड़ पौध (Bare-Root Stock) बनाम पॉलीबैग/कंटेनर पौध (Containerized Stock)
तुलना का बिंदु (Feature) नग्न-जड़ पौध (Bare-Root Seedlings) पॉलीबैग / कंटेनर पौध (Containerized Seedlings)
जड़ के चारों ओर माध्यम रोपण के समय जड़ों पर मिट्टी का पिंड नहीं होता। जड़ें मिट्टी के पिंड (Ball of earth) या रूट ट्रेनर प्लग में सुरक्षित रहती हैं।
उत्पादन व परिवहन लागत अत्यंत सस्ती और हल्की; एक ट्रक में हजारों पौधे आ जाते हैं। मिट्टी के वजन के कारण भारी और परिवहन में महँगी।
प्रतिरोपण आघात (Transplant Shock) उच्च जोखिम; जड़ों को सूखने से बचाने हेतु पडलिंग व हीलिंग-इन अनिवार्य। न्यूनतम आघात; शुष्क व प्रतिकूल भूमियों में भी उच्च जीवितता (High survival)।
जड़ विकृति (Root Coiling) जड़ कुंडलन की समस्या नहीं होती। पॉलीबैग में देर तक रखने पर जड़ कुंडलन हो सकता है (रूट ट्रेनर से समाधान)।
प्रमुख उपयुक्त प्रजातियाँ शीतकालीन पर्णपाती वृक्ष (पॉपलर, विलो, रॉबिनिया, अखरोट) एवं सागवान स्टंप। सदाबहार व शुष्क क्षेत्र के वृक्ष (खेजड़ी, नीम, सफेदा, बबूल, रोहिड़ा, कैजुआरिना)।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)

महत्वपूर्ण पौध गुणवत्ता सूत्र एवं मानक (Seedling Quality & Planting Metrics)
  • स्टर्डिनेस कोशिएंट (Sturdiness Quotient): SQ=Height (cm)Collar Diameter (mm)   (आदर्श मान: SQ<6)
  • आदर्श प्ररोह : जड़ अनुपात (Shoot : Root Dry Weight Ratio): नग्न-जड़ पौध में ≤2:1 (अधिक जड़ द्रव्यमान श्रेष्ठ)
  • कठोरीकरण (Hardening-off) की अवधि: मुख्य रोपण से 2 से 4 सप्ताह (15–30 दिन) पूर्व
  • हीलिंग-इन खाई का कोण (Heeling-in Trench Angle): 45∘ तिरछी खाई (छायादार स्थान पर)
  • सामान्य वानिकी रोपण गड्ढे का आकार: 45×45×45 cm या 60×60×60 cm

11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 11 Mind Map: नर्सरी कर्षण क्रियाएँ, नर्सरी स्टॉक का क्षेत्र प्रबंधन एवं वृक्ष प्रबंधन
  • पौध कर्षण क्रियाएँ एवं क्षेत्र प्रबंधन (Nursery Cultural Practices & Field Handling)
    • नर्सरी कर्षण क्रियाएँ (Cultural Practices)
      • प्रिकिंग आउट (Pricking out): 2–4 पत्ती अवस्था पर मदर बेड से पॉलीबैग/ट्रांसप्लांट बेड में शिफ्टिंग
      • रूट कल्चरिंग (Bare-root): Undercutting (15-20 cm गहरा कट), Wrenching (जड़ क्षेत्र ढीला करना) एवं Lateral pruning
      • कठोरीकरण (Hardening-off): रोपण से 2–4 सप्ताह पूर्व सिंचाई व छाया घटाना (आदर्श SQ < 6.0)
    • नर्सरी स्टॉक का क्षेत्र प्रबंधन (Field Handling of Stock)
      • Lifting & Grading: सिंचाई बाद उखाड़ना, कमजोर पौध छाँटना (Culling) व कॉलर व्यास से ग्रेडिंग
      • Root Puddling & Packing: चिकनी मिट्टी + गोबर + कवकनाशी घोल में जड़ डुबोना व गीली काई/बोरे में पैकिंग
      • Heeling-in: रोपण में देरी होने पर 45° तिरछी खाई में जड़ों को नम मिट्टी से दबाना
    • खेत में वृक्ष प्रजातियों का प्रबंधन (Field Tree Management)
      • गड्ढा तैयारी (45³ या 60³ cm) ➔ कॉलर स्तर पर रोपण ➔ अर्धचंद्राकार थावला व मल्चिंग ➔ बीटिंग अप (Casualty replacement) व सिंग्लिंग

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): नग्न-जड़ पौध (Bare-Root Stock) को नर्सरी से खेत तक सुरक्षित पहुँचाने और लगाने का चक्र
1. अंडरकटिंग, रेंचिंग व हार्डनिंग
(रोपण से 2–4 सप्ताह पूर्व)
➔ 2. सिंचाई व उखाड़ना (Lifting)
(सुबह/शाम जड़ों को बिना तोड़े)
➔ 3. छँटाई व ग्रेडिंग (Grading)
(रोगग्रस्त पौध हटाना, SQ < 6)
➔ 4. रूट पडलिंग व गीली पैकिंग
(मिट्टी-गोबर घोल + गीली काई)
➔ 5. हीलिंग-इन / मुख्य रोपण
(45° खाई में सुरक्षा ➔ गड्ढे में रोपण)

13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • परीक्षा के लिए चार तकनीकी शब्द अत्यंत महत्वपूर्ण हैं: (1) Pricking out (मदर बेड से पॉलीबैग में छोटा पौधा बदलना), (2) Wrenching (नग्न-जड़ पौध के नीचे तिरछा ब्लेड चलाकर रेशेदार जड़ें बढ़ाना), (3) Root Puddling (जड़ों को सूखने से बचाने हेतु मिट्टी-गोबर घोल में डुबोना), और (4) Heeling-in (रोपण से पूर्व पौधों को 45° तिरछी खाई में अस्थायी रूप से दबाकर रखना)।
  • मुख्य खेत में मर गए पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने को वानिकी में ‘बीटिंग अप’ (Beating up / Casualty replacement) कहा जाता है।
  • रोपण से 2–4 सप्ताह पूर्व सिंचाई और छाया कम करके पौधों को खेत की कठोर परिस्थितियों के अनुकूल बनाने को ‘कठोरीकरण’ (Hardening-off) कहते हैं।
  • वानिकी नर्सरी कोड ‘1–1’ या ‘2–1’ में पहला अंक मदर बेड (Seedbed) में बिताए वर्ष और दूसरा अंक ट्रांसप्लांट बेड में बिताए वर्ष को दर्शाता है।
  • पौध की मजबूती मापने का सूचकांक ‘स्टर्डिनेस कोशिएंट’ (SQ = Height in cm / Collar diameter in mm) है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)

  • Pricking out: 2–4 पत्ती अवस्था पर मदर बेड से ट्रांसप्लांट करना।
  • Undercutting & Wrenching: मूसला जड़ को 15–20 cm पर काटकर रेशेदार जड़ों (Fibrous roots) का जाल बनाना।
  • Hardening-off: रोपण से 15–30 दिन पूर्व पानी व छाया घटाना।
  • Root Puddling: नग्न जड़ों को मिट्टी + गोबर + कवकनाशी के घोल में डुबोना।
  • Heeling-in: छायादार स्थान पर 45° तिरछी खाई में जड़ों को अस्थायी रूप से दबाना।
  • Beating up: खेत में मरे हुए पौधों का प्रतिस्थापन (Casualty replacement)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)

1. अंकुरण क्यारी (Mother bed) से 2–4 पत्ती अवस्था वाले कोमल पौधों को उखाड़कर पॉलीबैग या ट्रांसप्लांट बेड में लगाने की क्रिया को क्या कहते हैं?
(A) हीलिंग-इन (Heeling-in)
(B) प्रिकिंग आउट (Pricking out)
(C) कॉपिसिंग (Coppicing)
(D) बीटिंग अप (Beating up)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) प्रिकिंग आउट (Pricking out)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): मदर बेड से छोटे नवजात पौधों को पॉलीबैग या ट्रांसप्लांट बेड में स्थानांतरित करने को ‘प्रिकिंग आउट’ (Pricking out) कहते हैं।
2. मुख्य खेत में रोपण से 2 से 4 सप्ताह पूर्व नर्सरी में पौधों की सिंचाई और छाया को धीरे-धीरे कम करके उन्हें बाहरी कठोर वातावरण के अनुकूल बनाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(A) कठोरीकरण (Hardening-off / Conditioning)
(B) स्केरिफिकेशन (Scarification)
(C) पडलिंग (Puddling)
(D) मल्चिंग (Mulching)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) कठोरीकरण (Hardening-off / Conditioning)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): हार्डनिंग-ऑफ (कठोरीकरण) से पौधों का तना काष्ठीय बनता है और प्रतिरोपण आघात (Transplanting shock) सहन करने की क्षमता बढ़ती है।
3. जब नर्सरी से उखाड़े गए नग्न-जड़ पौधों को मुख्य खेत में तुरंत लगाना संभव न हो, तो छायादार स्थान पर 45° की तिरछी खाई खोदकर उनकी जड़ों को नम मिट्टी में अस्थायी रूप से दबाकर रखने को क्या कहते हैं?
(A) प्रिकिंग आउट
(B) हीलिंग-इन (Heeling-in)
(C) रेंचिंग (Wrenching)
(D) थिनिंग (Thinning)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) हीलिंग-इन (Heeling-in)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): रोपण स्थल पर पौधों को सूखने से बचाने के लिए तिरछी खाई में जड़ों को नम मिट्टी से ढककर अस्थायी भंडारण करना ‘हीलिंग-इन’ (Heeling-in) कहलाता है।
4. नग्न-जड़ पौध (Bare-root seedlings) की क्यारी के नीचे तिरछा ब्लेड चलाकर मिट्टी को हल्का ऊपर उठाने और ढीला करने की क्रिया—जिससे रेशेदार जड़ों का घना जाल विकसित होता है—क्या कहलाती है?
(A) रेंचिंग (Wrenching)
(B) पोलार्डिंग (Pollarding)
(C) लोपिंग (Lopping)
(D) ग्रेडिंग (Grading)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) रेंचिंग (Wrenching)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): अंडरकटिंग के बाद जड़ क्षेत्र को तिरछे ब्लेड से हिलाकर रेशेदार जड़ें (Fibrous roots) बढ़ाने की क्रिया ‘रेंचिंग’ (Wrenching) कहलाती है।
5. उखाड़े गए नग्न-जड़ पौधों की जड़ों को सूखने (Desiccation) से बचाने के लिए चिकनी मिट्टी, गोबर और कवकनाशी के गाढ़े घोल में डुबोने की क्रिया क्या कहलाती है?
(A) रूट पडलिंग (Root puddling)
(B) स्ट्रैटिफिकेशन
(C) गर्डलिंग
(D) सिंग्लिंग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) रूट पडलिंग (Root puddling)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): रूट पडलिंग से नग्न जड़ों पर नमी की सुरक्षात्मक परत चढ़ जाती है और परिवहन के दौरान जड़ें सूखती नहीं हैं।
6. मुख्य खेत में वृक्षारोपण के बाद पहले वर्ष में मर गए या सूख गए पौधों के स्थान पर नए स्वस्थ पौधे लगाने को वानिकी शब्दावली में क्या कहा जाता है?
(A) बीटिंग अप / कैजुअल्टी रिप्लेसमेंट (Beating up)
(B) प्रिकिंग (Pricking)
(C) कलिंग (Culling)
(D) फेलिंग (Felling)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) बीटिंग अप / कैजुअल्टी रिप्लेसमेंट (Beating up)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): वृक्षारोपण में मृत पौधों के प्रतिस्थापन (Casualty replacement) के लिए तकनीकी शब्द ‘बीटिंग अप’ (Beating up) है।
7. नर्सरी पौध की सुदृढ़ता मापने वाला ‘स्टर्डिनेस कोशिएंट’ (Sturdiness Quotient – SQ) किसका अनुपात है?
(A) पौधे की ऊँचाई (cm में) और कॉलर व्यास (mm में) का अनुपात
(B) पत्ती की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात
(C) बीज के भार और आयतन का अनुपात
(D) गड्ढे की गहराई और चौड़ाई का अनुपात
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) पौधे की ऊँचाई (cm में) और कॉलर व्यास (mm में) का अनुपात
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): Sturdiness Quotient (SQ) = Shoot Height (cm) / Collar Diameter (mm); आदर्श पौधे के लिए यह 6 से कम होना चाहिए।
8. नर्सरी से पौध उखाड़ते समय रोगग्रस्त, मुड़ी हुई जड़ (J-root) वाले या विकृत पौधों को छाँटकर बाहर निकालने की क्रिया क्या कहलाती है?
(A) कलिंग (Culling)
(B) हीलिंग (Heeling)
(C) बडिंग (Budding)
(D) लेयरिंग (Layering)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) कलिंग (Culling)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): अवांछित, कमजोर व विकृत पौधों को छाँटकर हटाने की प्रक्रिया को ‘कलिंग’ (Culling) कहते हैं।
9. वानिकी नर्सरी स्टॉक नामकरण में ‘1–1 स्टॉक’ (1–1 Stock) का क्या अर्थ है?
(A) 1 वर्ष मदर/सीड बेड में और 1 वर्ष ट्रांसप्लांट बेड में पाला गया पौधा
(B) 1 दिन पुराना और 1 cm लंबा पौधा
(C) 10 वर्ष पुराना पेड़
(D) 1 पत्ती और 1 जड़ वाला पौधा
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) 1 वर्ष मदर/सीड बेड में और 1 वर्ष ट्रांसप्लांट बेड में पाला गया पौधा
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): पहले अंक का अर्थ सीडबेड में बिताए वर्ष और दूसरे अंक का अर्थ ट्रांसप्लांट बेड में बिताए वर्ष होता है।
10. पॉलीबैग में रखे पौधों की जड़ों को जमीन में धँसने से रोकने के लिए हर 30–45 दिन में पॉलीबैग का स्थान बदलने की क्रिया क्या कहलाती है?
(A) शिफ्टिंग एवं रूट प्रूनिंग (Shifting and Root pruning)
(B) कॉपिसिंग
(C) थिनिंग
(D) हार्वेस्टिंग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) शिफ्टिंग एवं रूट प्रूनिंग (Shifting and Root pruning)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): पॉलीबैग को समय-समय पर खिसकाने (Shifting) और बाहर निकली जड़ों को काटने से मूसला जड़ जमीन में नहीं घुसती और बैग के अंदर रेशेदार जड़ें बनती हैं।

16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)

  1. मदर बेड से 2–4 पत्ती वाले नवजात पौधों को पॉलीबैग में बदलने की क्रिया ‘प्रिकिंग आउट’ (Pricking out) कहलाती है।
  2. नग्न-जड़ पौध के नीचे तिरछा ब्लेड चलाकर मिट्टी ढीली करने और रेशेदार जड़ें बढ़ाने को ‘रेंचिंग’ (Wrenching) कहते हैं।
  3. रोपण से 2–4 सप्ताह पूर्व सिंचाई व छाया घटाकर पौधे को मजबूत बनाने की प्रक्रिया ‘कठोरीकरण’ (Hardening-off) कहलाती है।
  4. रोपण में देरी होने पर पौधों को छाया में 45° तिरछी खाई में अस्थायी रूप से दबाकर रखना ‘हीलिंग-इन’ (Heeling-in) कहलाता है।
  5. मुख्य खेत में मर गए पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने की क्रिया को वानिकी में ‘बीटिंग अप’ (Beating up) कहते हैं।

(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)

1. नग्न-जड़ पौध (Bare-root seedlings) के दो प्रमुख उदाहरण दीजिए।
उत्तर: पॉपलर (Populus deltoides – ETP) और विलो (Salix alba)।
2. ‘हीलिंग-इन’ (Heeling-in) किस उद्देश्य से किया जाता है?
उत्तर: रोपण स्थल पर नग्न-जड़ पौधों को लगाने में कुछ दिनों की देरी होने पर उनकी जड़ों को सूखने से बचाने हेतु 45° तिरछी खाई में नम मिट्टी से दबाकर रखने के लिए।
3. ‘रूट पडलिंग’ (Root puddling) के घोल में क्या-क्या मिलाया जाता है?
उत्तर: चिकनी मिट्टी, सड़ी गोबर की खाद, पानी और कवकनाशी (Bavistin/Captan)।
4. मुख्य खेत में सामान्य वानिकी वृक्षारोपण के लिए गड्ढे (Pit) का मानक आकार क्या रखा जाता है?
उत्तर: 45 cm × 45 cm × 45 cm (या 60 cm × 60 cm × 60 cm)।
5. ‘सिंग्लिंग’ (Singling) क्रिया का क्या अर्थ है?
उत्तर: रोपित पौधे या कॉपिस ठूंठ से निकलने वाले कई प्ररोहों में से सबसे स्वस्थ और सीधे एक प्ररोह को छोड़कर शेष अतिरिक्त प्ररोहों को काटकर हटाना।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)

1. नग्न-जड़ पौध (Bare-root seedlings) के लिए की जाने वाली ‘अंडरकटिंग’ (Undercutting), ‘रेंचिंग’ (Wrenching) और ‘कठोरीकरण’ (Hardening-off) क्रियाओं को समझाइए।
उत्तर: (1) अंडरकटिंग: नर्सरी बेड की सतह से 15–20 cm नीचे तेज क्षैतिज ब्लेड चलाकर पौधों की लंबी मूसला जड़ को काट दिया जाता है ताकि पौधा अधिक गहरा न जाए। (2) रेंचिंग: अंडरकटिंग के बाद तिरछे ब्लेड को चलाकर जड़ क्षेत्र की मिट्टी को हल्का ऊपर उठाकर ढीला किया जाता है, जिससे जड़ों को हवा मिलती है और घनी रेशेदार पार्श्व जड़ें (Fibrous roots) विकसित होती हैं। (3) कठोरीकरण: रोपण से 2–4 सप्ताह पूर्व पानी और छाया कम कर दी जाती है ताकि पौधा खेत की धूप व सूखे को सहन कर सके।
2. नर्सरी स्टॉक के क्षेत्र प्रबंधन (Field handling of nursery stock) के प्रमुख चरणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: नर्सरी से खेत तक पौध को सुरक्षित पहुँचाने के 6 चरण हैं: (1) सिंचाई के बाद सुबह/शाम सावधानी से पौध उखाड़ना (Lifting), (2) कमजोर व विकृत पौधों को हटाना (Culling) और ऊँचाई व कॉलर व्यास के अनुसार ग्रेडिंग करना, (3) नग्न जड़ों को चिकनी मिट्टी व गोबर के घोल में डुबोना (Root puddling), (4) गीली काई व जूट के बोरे में पैकिंग करना, (5) ठंडे समय में तिरपाल से ढककर परिवहन करना, और (6) रोपण स्थल पर 45° खाई में ‘हीलिंग-इन’ (Heeling-in) करना।
3. नग्न-जड़ पौध (Bare-root stock) और पॉलीबैग/कंटेनर पौध (Containerized stock) के गुण-दोषों की तुलना कीजिए।
उत्तर: नग्न-जड़ पौध उत्पादन और परिवहन में बहुत सस्ती व हल्की होती है और इसमें जड़ कुंडलन (Root coiling) नहीं होता; किंतु जड़ों के सूखने का खतरा अधिक रहता है इसलिए यह केवल पर्णपाती या आर्द्र क्षेत्रों तक सीमित है। इसके विपरीत, पॉलीबैग/कंटेनर पौध में जड़ें मिट्टी के पिंड में सुरक्षित रहती हैं जिससे राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में भी इनकी जीवितता (Survival) बहुत उच्च होती है, यद्यपि इनका परिवहन भारी और महँगा होता है।
4. पौध गुणवत्ता मूल्यांकन में ‘स्टर्डिनेस कोशिएंट’ (Sturdiness Quotient) और ‘डिक्सन गुणवत्ता सूचकांक’ (DQI) का क्या महत्व है?
उत्तर: केवल अधिक लंबा पौधा अच्छा नहीं माना जाता; पौधे का तना मोटा और जड़ तंत्र सघन होना चाहिए। स्टर्डिनेस कोशिएंट (SQ = ऊँचाई cm में / कॉलर व्यास mm में) पौधे के लचीलेपन व मजबूती को बताता है—आदर्श पौधे का SQ < 6 होना चाहिए। डिक्सन गुणवत्ता सूचकांक (DQI) पौधे के कुल शुष्क भार, SQ और प्ररोह:जड़ अनुपात को मिलाकर समग्र गुणवत्ता बताता है।
5. मुख्य खेत में वृक्षारोपण के समय और उसके बाद की जाने वाली प्रमुख प्रबंधन क्रियाएँ लिखिए।
उत्तर: (1) गर्मियों में 45×45×45 cm या 60×60×60 cm के गड्ढे खोदकर धूप दिखाना और गोबर खाद व दीमकनाशी मिलाकर भरना, (2) मानसून की पहली अच्छी बारिश पर पॉलीबैग हटाकर कॉलर स्तर पर सीधा रोपण करना व मिट्टी दबाना, (3) नमी संरक्षण हेतु अर्धचंद्राकार थावला व मल्चिंग करना, (4) मृत पौधों के स्थान पर बीटिंग अप (Beating up) करना, और (5) निराई-गुड़ाई, सिंग्लिंग, स्टैकिंग व ट्री-गार्ड से सुरक्षा करना।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)

1. नग्न-जड़ (Bare-root) और पॉलीबैग पौध के लिए नर्सरी में अपनाई जाने वाली सभी कर्षण क्रियाओं (Pricking out, Mulching, Shading, Root Undercutting, Wrenching, Shifting एवं Hardening-off) का वैज्ञानिक कारणों सहित सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: प्रत्येक कर्षण क्रिया की परिभाषा, करने का समय, विधि और पौधे की शरीर-क्रिया (रेशेदार जड़ विकास, संतुलित Shoot:Root अनुपात, क्यूटिकल मोटाई व सूखा सहनशीलता) पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तृत व्याख्या करें।
2. नर्सरी स्टॉक के क्षेत्र प्रबंधन (Field handling of nursery stock) से आप क्या समझते हैं? पौध को उखाड़ने (Lifting) से लेकर मुख्य खेत में लगाने तक के सभी चरणों (Grading, Culling, Root Puddling, Packing, Transport एवं Heeling-in) को प्रवाह चित्र सहित समझाइए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: प्रतिरोपण आघात (Transplanting shock) और जड़ निर्जलीकरण के कारणों को समझाते हुए क्षेत्र प्रबंधन के दसों बिंदुओं और नग्न-जड़ बनाम पॉलीबैग पौध की तुलनात्मक सारणी प्रस्तुत करें।
3. मुख्य खेत में वृक्ष प्रजातियों की स्थापना और प्रारंभिक प्रबंधन (गड्ढा निर्माण, रोपण विधि, जल संचयन थावले, बीटिंग अप, सिंग्लिंग, प्रूनिंग और सुरक्षा) पर एक विस्तृत प्रैक्टिकल गाइड लिखिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: गड्ढे के आकार (सामान्य, कंकर परत व पॉपलर ऑगर गड्ढा), खाद-कीटनाशक मिश्रण, कॉलर स्तर रोपण, अर्धचंद्राकार जल संचयन, बीटिंग अप और पशु/अग्नि/दीमक सुरक्षा उपायों का क्रमवार वर्णन करें।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGF 311 notes।

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