ENT 311 Lecture 04: बायो-रैशनल कीटनाशक: कीट प्रतिकर्षक एवं भक्षण-रोधी

Agro Path Finder official logo
AGRO PATH FINDER
ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
Lecture 04 Theory • Lecture 04 (ENT-311 / ENTO-311) 🖼️ सचित्र विजुअल आरेख सहित (With Visual Identification Diagrams)

Lecture 04: बायो-रैशनल कीटनाशक: कीट प्रतिकर्षक एवं भक्षण-रोधी

Biorational Pesticides: Insect Repellents and Antifeedants

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • बायो-रैशनल कीटनाशक (Biorational Pesticides — पर्यावरण व गैर-लक्षित जीवों के लिए सुरक्षित एवं कीट व्यवहार/शरीर-क्रिया को लक्षित करने वाले पदार्थ) की अवधारणा और प्रमुख श्रेणियों को समझना।
  • कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents — कीट को उपचारित पौधे/सतह से दूर भगाने वाले पदार्थ) के भौतिक और रासायनिक प्रकारों (जैसे DEET, DMP, Indalone, Citronella oil, Neem oil, Bordeaux mixture) का अध्ययन करना।
  • कीट भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट्स (Insect Antifeedants / Feeding Deterrents — कीट को पौधे को खाने से रोकने वाले पदार्थ ताकि कीट भूख से मर जाए) की क्रियाविधि और प्रमुख उदाहरणों (Azadirachtin, Triphenyltin acetate/Brestan, Carbamates, Pyrethrum, Solanine) को जानना।
  • नीम (Azadirachta indica) के सक्रिय तत्व ‘अजाडिराक्टिन’ (Azadirachtin) के बहु-आयामी प्रभावों तथा पूरक बायो-रैशनल घटक—कीट वृद्धि नियामक (IGRs: Juvenile Hormone analogues & Ecdysone agonists) और सेमीओकेमिकल्स (Pheromones & Kairomones)—की भूमिका को समझना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): पारंपरिक तंत्रिका-विष (Neurotoxic) कीटनाशकों के विकल्प के रूप में आधुनिक कीट विज्ञान में ‘बायो-रैशनल कीटनाशकों’ (Biorational Pesticides — Biological + Rational) का विकास हुआ है। ये वे प्राकृतिक या संश्लेषित पदार्थ हैं जो कीट को सीधे जहर देकर मारने के बजाय कीट के व्यवहार (Behaviour — सूंघने, स्वाद लेने, भोजन करने या प्रजनन करने) या उसके विशिष्ट हार्मोनल विकास चक्र को बाधित करते हैं और मनुष्यों, पक्षियों तथा परजीवी/परभक्षी मित्र कीटों के लिए पूर्णतः सुरक्षित होते हैं।

इस व्याख्यान के दो मुख्य केंद्र-बिंदु हैं—(1) कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents), जो अपनी गंध या सतह के गुणों से कीट को फसल के पास ही नहीं आने देते; और (2) भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट्स (Antifeedants), जिनसे उपचारित पत्ती को कीट एक बार चखते ही खाना बंद कर देता है और अंततः भूख (Starvation) से मर जाता है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

बायो-रैशनल कीटनाशक (Biorational Pesticides)
वे पर्यावरण-अनुकूल रासायनिक या जैविक पदार्थ जो केवल लक्षित नाशीकीट की विशिष्ट शारीरिक (जैसे निर्मोचन हार्मोन) या व्यवहारिक (जैसे घ्राण, स्वाद व समागम) प्रक्रियाओं को बाधित करते हैं और गैर-लक्षित जीवों (मनुष्य, पशु, मधुमक्खी, परजीवी) पर न्यूनतम या शून्य विषाक्त प्रभाव डालते हैं।
कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents)
वे वाष्पशील या पृष्ठीय पदार्थ जो कीट में ‘नकारात्मक अनुचलन’ (Negative taxis) उत्पन्न करके उसे उपचारित पौधे, जंतु या सतह से दूर भागने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे कीट उस पर बैठता या अंडे नहीं देता।
भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट (Antifeedants / Feeding Deterrents)
वे रसायन जो कीट को उपचारित पौधे के पास आने से नहीं रोकते, किंतु जैसे ही कीट पत्ती का पहला टुकड़ा चखता है, वे कीट के स्वाद संवेदकों (Gustatory phagoreceptors) को अवरुद्ध या विकृत कर देते हैं जिससे कीट भोजन करना पूर्णतः बंद कर देता है और वहीं बैठे-बैठे भूख (Starvation) से मर जाता है।
कीट वृद्धि नियामक (Insect Growth Regulators – IGRs; ‘Third Generation Pesticides’ — Carroll Williams, 1967)
वे हार्मोनल यौगिक (जैसे जुवेनाइल हार्मोन एनालॉग्स, एकडाइसोन एगोनिस्ट और काइटिन संश्लेषण अवरोधक) जो कीट के कायांतरण (Metamorphosis) और निर्मोचन (Moulting) को बिगाड़ कर उसे वयस्क बनने से पहले ही नष्ट कर देते हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents): प्रकार एवं प्रमुख उदाहरण

प्रतिकर्षक (Repellents) कीट के एंटीना और मैक्सिलरी पैल्प पर स्थित घ्राण संवेदकों (Olfactory receptors) को उत्तेजित कर उसे दूर भगाते हैं। इन्हें दो वर्गों में बाँटा जाता है:

(A) भौतिक प्रतिकर्षक (Physical Repellents)

1. पादप रूपात्मक संरचनाएँ: कपास, सोयाबीन व भिंडी की पत्तियों पर घने रोम (Trichomes / Hairiness — जैसिड को दूर रखते हैं), मोटी मोमी परत (Waxy bloom in cabbage/castor) और सिलिका कण।
2. अक्रिय धूल, राख एवं काओलिन क्ले (Kaolin particle film — ‘Surround’): पत्तियों पर सफेद काओलिन परत से कीट पौधे को पहचान नहीं पाते।
3. चाँदी जैसी परावर्तक मल्च (Silver/UV-reflective plastic mulch): सूर्य की UV किरणें परावर्तित कर माहू (Aphids), थ्रिप्स और सफेद मक्खी को सब्जियों पर उतरने से दूर भगाती है।
4. ध्वनि एवं प्रकाश प्रतिकर्षक: चमगादड़ जैसी अल्ट्रासोनिक तरंगें (20–60 kHz) रात में उड़ने वाले पतंगों को दूर भगाती हैं।

(B) रासायनिक प्रतिकर्षक (Chemical Repellents — Natural & Synthetic)

1. पाइन तारकोल तेल (Pine tar oil) एवं क्रेओसोट (Creosote): दीमक व लकड़ी भक्षी भृंगों के विरुद्ध।
2. बोर्डो मिश्रण (Bordeaux Mixture — CuSO4+Lime): कवकनाशी होने के साथ-साथ आलू व सब्जियों में पिसू भृंग (Flea beetles) और लीफहॉपर्स के विरुद्ध उत्कृष्ट प्रतिकर्षक का कार्य करता है!
3. वानस्पतिक वाष्पशील तेल (Botanical Essential Oils): सिट्रोनेला तेल (Citronella oil — लेमनग्रास से), नीलगिरी तेल (Eucalyptus oil), नीम तेल, करंज तेल और लौंग तेल।
4. सिंथेटिक प्रतिकर्षक: DEET (N,N-diethyl-meta-toluamide — विश्व का सबसे प्रसिद्ध एवं मानक कीट/मच्छर प्रतिकर्षक), DMP (Dimethyl phthalate), Indalone, Benzyl benzoate (पिसू व माइट हेतु) और Ethyl hexanediol (Rutgers 612)।

2. भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट्स (Insect Antifeedants / Feeding Deterrents)

क्रियाविधि (Mechanism): कीट के मुखांगों (Galea, Labrum, Tarsi) पर दो प्रकार के रवेदी संवेदक होते हैं—‘Phagostimulants’ (जो शर्करा व अमीनो अम्ल का स्वाद लेकर खाने के लिए प्रेरित करते हैं) और ‘Deterrent receptors’ (जो कड़वे व विषैले पदार्थों की पहचान कर खाने से रोकते हैं)। एंटीफीडेंट रसायन या तो Phagostimulant संवेदकों को सुन्न कर देते हैं या Deterrent संवेदकों को तीव्रता से सक्रिय कर देते हैं। परिणाम: कीट पत्ती पर बैठा रहता है पर एक निवाला भी नहीं निगल पाता और 3–5 दिन में भूख से मर जाता है, जबकि परभक्षी और परजीवी मित्र कीट (जो पत्ती नहीं खाते) पूर्णतः सुरक्षित रहते हैं!

प्रमुख एंटीफीडेंट (भक्षण-रोधी) समूह एवं उनके उदाहरण:
  1. नीम एवं अजाडिराक्टिन (Azadirachtin — सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक एंटीफीडेंट):
    • नीम (Azadirachta indica) के बीजों से प्राप्त ‘अजाडिराक्टिन’ (एक Tetranortriterpenoid / Limonoid) तथा मेलियांट्रिओल (Meliantriol) और निंबिन (Nimbin) विश्व के सबसे शक्तिशाली भक्षण-रोधी हैं।
    • रेगिस्तानी टिड्डी (Schistocerca gregaria) अजाडिराक्टिन के प्रति इतनी संवेदनशील होती है कि मात्र 0.05–0.1 ppm (50 ppb) सांद्रता पर भी वह नीम से उपचारित फसल को छूती तक नहीं है!
    • अजाडिराक्टिन केवल एंटीफीडेंट ही नहीं है, बल्कि यह कीट के प्रोथोरासिक ग्रंथि से निकलने वाले ‘एकडाइसोन’ (Ecdysone — निर्मोचन हार्मोन) को भी रोक देता है (IGR प्रभाव), अंडजनन क्षमता घटाता है (Sterilant) और प्रतिकर्षक भी है।
  2. ऑर्गेनोटिन यौगिक (Organotin Compounds — सिंथेटिक एंटीफीडेंट):
    • ट्राइफिनाइलटिन एसीटेट (Triphenyltin acetate — व्यावसायिक नाम: ‘Brestan’) और ट्राइफिनाइलटिन हाइड्रॉक्साइड (‘Du-Ter’): मूल रूप से कवकनाशी हैं, किंतु आलू के पर्ण भक्षी भृंगों, कपास की इल्ली (Spodoptera litura) और चुकंदर की इल्लियों के विरुद्ध अत्यंत शक्तिशाली एंटीफीडेंट का कार्य करते हैं।
  3. ट्रायजीन्स (Triazines — सिंथेटिक एंटीफीडेंट):
    • AC-24055 (4′-(dimethyltriazeno) acetanilide): चबाने वाले कीटों (विशेषकर Epilachna भृंग और इल्लियों) के विरुद्ध विशिष्ट भक्षण-रोधी।
  4. कार्बामेट्स (Carbamates): सब-लीथल मात्रा पर बेयोकार्ब (Baygon), कार्बारिल और एल्डिकार्ब आलू के भृंग (Colorado potato beetle) और माहू में भक्षण-रोधी प्रभाव दिखाते हैं।
  5. अन्य वानस्पतिक ग्लाइकोएल्कलॉइड्स एवं यौगिक:
    • सोलानिन, चाकोनिन एवं लेप्टिन (Solanine & Tomatine in Wild Solanum): आलू के भृंग के विरुद्ध प्राकृतिक एंटीफीडेंट।
    • पायरेथ्रम (Pyrethrum): बहुत कम सांद्रता पर ग्लोसीना मक्खी व चबाने वाले कीटों के लिए भक्षण-रोधी।
    • फ्लोनिकामिड एवं पाइमेट्रोजिन (आधुनिक चयनात्मक एंटीफीडेंट): माहू और भूरे फुदके (BPH) के मुखांग (Stylet) को तुरंत लकवाग्रस्त कर उन्हें रस चूसने से रोक देते हैं।

3. अन्य प्रमुख बायो-रैशनल वर्ग: कीट वृद्धि नियामक (IGRs) एवं सेमीओकेमिकल्स

  • 1. जुवेनाइल हार्मोन एनालॉग्स / जुवेनॉइड्स (JH Analogues / Juvenoids — ‘Youth Hormone’): कीट के Corpora allata से निकलने वाले प्राकृतिक JH की नकल करते हैं और इल्ली को प्यूपा या वयस्क बनने से रोककर बांझ राक्षसी इल्ली (Supernumerary larva) बना देते हैं। उदाहरण: मेथोप्रिन (Methoprene), हाइड्रोप्रिन (Hydroprene), फेनोक्सीकार्ब (Fenoxycarb), पायरीप्रॉक्सीफेन (Pyriproxyfen — सफेद मक्खी हेतु विशेष)।
  • 2. एकडाइसोन एगोनिस्ट (Ecdysone Agonists / Moulting Accelerators): अकाल निर्मोचन कराके इल्ली को मार देते हैं। उदाहरण: टेबुफेनोज़ाइड (Tebufenozide), मेथॉक्सीफेनोज़ाइड।
  • 3. फेरोमोन एवं पैरा-फेरोमोन आकर्षक (Pheromones & Attractants):
    • Helicoverpa armigera→ Helilure; Spodoptera litura→ Spodolure; Pectinophora gossypiella (पिंक बॉलवर्म) → Gossyplure; Earias vittella→ Ervitlure; Leucinodes orbonalis→ Lucilure; आम फल मक्खी (Bactrocera dorsalis) → Methyl Eugenol; कद्दू फल मक्खी (B. cucurbitae) → Cue-lure।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

बायो-रैशनल कीटनाशकों का समग्र वर्गीकरण:

  • 1. व्यवहार संशोधक (Behaviour-Modifying Chemicals): प्रतिकर्षक (Repellents), भक्षण-रोधी (Antifeedants), अंडरोपण-रोधी (Oviposition deterrents), तथा सेमीओकेमिकल्स (Pheromones, Allomones, Kairomones)।
  • 2. शारीरिक/अंतःस्रावी संशोधक (Physiological / Endocrine Modifiers — IGRs): जुवेनॉइड्स (Pyriproxyfen, Methoprene), एंटी-JH (Precocenes — Ageratum conyzoides से), एकडाइसोन एगोनिस्ट (Tebufenozide) एवं काइटिन अवरोधक (Novaluron, Buprofezin)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • चयनात्मक भूख-मरण द्वारा परजीवी संरक्षण का सिद्धांत (Principle of Selective Starvation & Natural Enemy Conservation): जब किसी फसल पर एंटीफीडेंट (जैसे NSKE 5% या Brestan) छिड़का जाता है, तो केवल शाकाहारी नाशीकीट (जो पत्ती खाता है) ही भूखा मरता है, जबकि उस नाशीकीट के अंडों व शरीर पर पलने वाले मांसाहारी परजीवी (Trichogramma, Bracon) और परभक्षी (Coccinella, Chrysoperla) पत्ती नहीं खाते, इसलिए वे 100% सुरक्षित रहकर बचे हुए कीटों का सफाया कर देते हैं।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

हल किया गया संख्यात्मक उदाहरण: भक्षण-रोधी सूचकांक (Feeding Deterrent Index — FDI %) की गणना

प्रश्न: नीम अर्क (Azadirachtin) की भक्षण-रोधी क्षमता जाँचने के एक प्रयोगशाला परीक्षण (Choice leaf-disc bioassay) में तंबाकू की इल्ली (Spodoptera litura) ने 24 घंटे में अउपचारित नियंत्रण पत्ती (Control leaf, C) का 450 extmg भाग खाया, जबकि नीम से उपचारित पत्ती (Treated leaf, T) का केवल 50 extmg भाग खाया। भक्षण-रोधी सूचकांक (Feeding Deterrent Index — FDI %) ज्ञात कीजिए।

हल (Solution):

  • इसमैन (Isman et al., 1990) का मानक एंटीफीडेंट सूचकांक सूत्र:
    FDI (\%)=(C−TC+T)×100
  • मान रखने पर:
    FDI (\%)=(450−50450+50)×100=400500×100=80.0%
    (जबकि साधारण प्रतिशत भक्षण कमी =[(C−T)/C]×100=(400/450)×100=88.9% है।)

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 4.1: कीट प्रतिकर्षक (Repellents) बनाम भक्षण-रोधी (Antifeedants)
तुलना का आधार कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents) भक्षण-रोधी (Insect Antifeedants)
1. मुख्य कार्य एवं परिभाषा अपनी वाष्प या गंध से कीट को उपचारित पौधे/सतह के पास आने से ही दूर भगा देते हैं। कीट को पौधे पर बैठने से नहीं रोकते, किंतु पहला टुकड़ा चखते ही उसे आगे खाने से रोक देते हैं।
2. संवेदी लक्ष्य अंग (Target Receptors) कीट के एंटीना पर स्थित घ्राण संवेदक (Olfactory chemoreceptors)। मुखांग व टार्सी पर स्थित स्वाद संवेदक (Gustatory phagoreceptors)।
3. कीट की अंतिम परिणति (Fate of Insect) कीट मरता नहीं है, बल्कि उड़कर पास के अउपचारित पौधे या खेत में चला जाता है। कीट उपचारित पौधे पर ही बैठा रहकर भूख और निर्जलीकरण (Starvation) से मर जाता है।
4. प्रमुख उदाहरण DEET, DMP, सिट्रोनेला तेल, नीलगिरी तेल, बोर्डो मिश्रण, परावर्तक सिल्वर मल्च। अजाडिराक्टिन (नीम), ट्राइफिनाइलटिन एसीटेट (Brestan), AC-24055, सोलानिन, फ्लोनिकामिड।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

भक्षण-रोधी सूचकांक एवं NSKE 5% निर्माण मानक
  • 1. भक्षण-रोधी सूचकांक (Feeding Deterrent Index — FDI %):
    FDI (\%)=(C−TC+T)×100
    (जहाँ C = नियंत्रण पत्ती का खाया गया भार, T = उपचारित पत्ती का खाया गया भार)
  • 2. 5% नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) बनाने का मानक सूत्र:
    5\% NSKE=5 kg पिसी हुई नीम की निंबोली की गिरी+100 Litres पानी+100–200 g साबुन/सरफेक्टेंट
    (1 हेक्टेयर में 500 L छिड़काव घोल के लिए 25 kg नीम निंबोली गिरी को पोटली में बाँधकर रात भर पानी में भिगोकर और छानकर तैयार किया जाता है।)

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 04: बायो-रैशनल कीटनाशक (प्रतिकर्षक, भक्षण-रोधी एवं IGRs)
कीट प्रतिकर्षक (Repellents)
  • घ्राण संवेदकों पर क्रिया कर कीट को दूर भगाते हैं
  • भौतिक: पत्ती रोम (Trichomes), सिल्वर UV मल्च, काओलिन क्ले
  • वानस्पतिक: सिट्रोनेला तेल, नीलगिरी तेल, नीम व करंज तेल
  • रासायनिक: DEET, DMP, Indalone, बोर्डो मिश्रण (Flea beetle हेतु)
भक्षण-रोधी (Antifeedants)
  • स्वाद संवेदकों को रोककर कीट को भूख (Starvation) से मारते हैं
  • नीम: अजाडिराक्टिन (Azadirachtin — टिड्डी पर 0.05 ppm पर भी प्रभावी)
  • ऑर्गेनोटिन: ब्रेस्टान (Triphenyltin acetate) व Du-Ter
  • ट्रायजीन: AC-24055 | ग्लाइकोएल्कलॉइड: सोलानिन | आधुनिक: फ्लोनिकामिड
कीट वृद्धि नियामक (IGRs)
  • तीसरी पीढ़ी के कीटनाशक (Carroll Williams, 1967)
  • जुवेनॉइड्स (JH mimics): पायरीप्रॉक्सीफेन, मेथोप्रिन, फेनोक्सीकार्ब
  • एंटी-JH: प्रीकोसीन्स (Precocenes — Ageratum conyzoides से)
  • एकडाइसोन एगोनिस्ट: टेबुफेनोज़ाइड | काइटिन अवरोधक: नोवालुरॉन
सेमीओकेमिकल्स एवं ल्यूर्स
  • Helicoverpa: Helilure | Spodoptera: Spodolure
  • Pink Bollworm: Gossyplure | Brinjal Borer: Lucilure
  • आम फल मक्खी: Methyl Eugenol | कद्दू फल मक्खी: Cue-lure

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

नीम के सक्रिय तत्व ‘अजाडिराक्टिन’ (Azadirachtin) की कीट पर बहु-आयामी बायो-रैशनल क्रिया (Multi-Modal Action of Azadirachtin)
Step 1
चरण 1: फसल पर 5% नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) या Azadirachtin (1500–3000 ppm) का छिड़काव
⬇
Step 2
चरण 2 (प्रतिकर्षक एवं अंडरोपण-रोधी प्रभाव): वाष्पशील गंध से मादा पतंगे उपचारित पौधे से दूर भागते हैं और अंडे नहीं देते
⬇
Step 3
चरण 3 (प्राथमिक भक्षण-रोधी प्रभाव – Antifeedant): जो इल्लियाँ पत्ती चखती हैं, उनके स्वाद संवेदक (Phagoreceptors) ब्लॉक हो जाते हैं और वे तुरंत खाना बंद कर देती हैं
⬇
Step 4
चरण 4 (अंतःस्रावी IGR प्रभाव): शरीर में प्रवेश कर अजाडिराक्टिन ‘एकडाइसोन’ व ‘JH’ हार्मोन संतुलन बिगाड़ देता है जिससे इल्ली निर्मोचन (Moulting) नहीं कर पाती
⬇
Step 5
चरण 5 (परिणाम): परजीवी व मधुमक्खियों को बिना किसी नुकसान के नाशीकीट की भूख एवं विकृत निर्मोचन से मृत्यु

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • नीम (Azadirachta indica) के बीजों में पाया जाने वाला मुख्य सक्रिय तत्व ‘अजाडिराक्टिन’ (Azadirachtin — एक Tetranortriterpenoid/Limonoid) है, जो विश्व का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक भक्षण-रोधी (Antifeedant) और एकडाइसोन अवरोधक (IGR) है।
  • रेगिस्तानी टिड्डी (Schistocerca gregaria) नीम के अजाडिराक्टिन के भक्षण-रोधी प्रभाव के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील कीट है।
  • विश्व का सबसे प्रसिद्ध और सर्वाधिक प्रयुक्त सिंथेटिक कीट/मच्छर प्रतिकर्षक ‘DEET’ (N,N-diethyl-meta-toluamide) और ‘DMP’ (Dimethyl phthalate) है।
  • ब्रेस्टान (Brestan — Triphenyltin acetate) और Du-Ter (Triphenyltin hydroxide) ऑर्गेनोटिन समूह के कवकनाशी हैं जो पर्ण-भक्षी कीटों के विरुद्ध शक्तिशाली ‘एंटीफीडेंट’ (भक्षण-रोधी) का कार्य करते हैं।
  • प्रीकोसीन-I और प्रीकोसीन-II (Precocenes) जंगली पौधे ‘Ageratum conyzoides’ से प्राप्त ‘एंटी-जुवेनाइल हार्मोन’ (Anti-JH) यौगिक हैं जो कीट के Corpora allata को नष्ट कर अकाल कायांतरण कराते हैं।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • प्रतिकर्षक (Repellents): DEET, DMP, Indalone, Citronella oil, Eucalyptus oil, Neem oil, Bordeaux mixture, Silver reflective mulch।
  • भक्षण-रोधी (Antifeedants): Azadirachtin (NSKE 5%), Triphenyltin acetate (Brestan), AC-24055 (Triazine), Solanine, Pyrethrum, Pymetrozine, Flonicamid।
  • IGRs: Juvenoids (Methoprene, Pyriproxyfen), Anti-JH (Precocenes), Ecdysone agonists (Tebufenozide), CSIs (Novaluron, Buprofezin)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. नीम (Azadirachta indica) की निंबोली में पाया जाने वाला वह प्रमुख सक्रिय तत्व कौन-सा है जो कीटों में एक साथ शक्तिशाली भक्षण-रोधी (Antifeedant), प्रतिकर्षक और निर्मोचन अवरोधक (IGR) का कार्य करता है?
(A) अजाडिराक्टिन (Azadirachtin — Tetranortriterpenoid)
(B) निकोटीन
(C) रोटेनोन
(D) कैफीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) अजाडिराक्टिन (Azadirachtin — Tetranortriterpenoid)
व्याख्या: अजाडिराक्टिन नीम के बीजों से प्राप्त सबसे प्रमुख लिमोनॉइड है जो उत्कृष्ट एंटीफीडेंट और एकडाइसोन अवरोधक है।
2. वे रसायन जो कीट के स्वाद संवेदकों (Gustatory receptors) को अवरुद्ध कर उसे उपचारित पत्ती को खाने से रोक देते हैं जिससे कीट भूख (Starvation) से मर जाता है, क्या कहलाते हैं?
(A) भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट्स (Antifeedants / Feeding deterrents)
(B) धूम्रक (Fumigants)
(C) आकर्षी (Attractants)
(D) उर्वरक
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) भक्षण-रोधी / एंटीफीडेंट्स (Antifeedants / Feeding deterrents)
व्याख्या: एंटीफीडेंट्स कीट को पत्ती खाने से रोकते हैं जिससे नाशीकीट भूखा मर जाता है जबकि मित्र कीट सुरक्षित रहते हैं।
3. विश्व का सबसे व्यापक रूप से प्रयुक्त सिंथेटिक कीट प्रतिकर्षक (Synthetic Insect Repellent) ‘DEET’ का पूर्ण रासायनिक नाम क्या है?
(A) N,N-diethyl-meta-toluamide
(B) Dichloro Diphenyl Trichloroethane
(C) Dimethyl Parathion
(D) Diethyl Ether
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) N,N-diethyl-meta-toluamide
व्याख्या: DEET (N,N-diethyl-m-toluamide) 1946 में विकसित विश्व का सबसे मानक कीट और मच्छर प्रतिकर्षक है।
4. ‘ब्रेस्टान’ (Brestan — Triphenyltin acetate) और ‘ड्यू-टर’ (Du-Ter — Triphenyltin hydroxide) किस रासायनिक समूह के यौगिक हैं जो पर्ण-भक्षी इल्लियों व भृंगों के विरुद्ध शक्तिशाली भक्षण-रोधी (Antifeedant) का कार्य करते हैं?
(A) ऑर्गेनोटिन यौगिक (Organotin compounds)
(B) ऑर्गेनोक्लोरीन
(C) पायरेथ्रॉइड
(D) नियोनिकोटिनॉइड
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ऑर्गेनोटिन यौगिक (Organotin compounds)
व्याख्या: Triphenyltin acetate (Brestan) एक ऑर्गेनोटिन कवकनाशी सह-एंटीफीडेंट है।
5. कवकनाशी के रूप में प्रयुक्त होने वाला कौन-सा अकार्बनिक मिश्रण आलू और सब्जियों में पिसू भृंग (Flea beetles) और लीफहॉपर्स के विरुद्ध उत्कृष्ट कीट प्रतिकर्षक (Repellent) का भी कार्य करता है?
(A) बोर्डो मिश्रण (Bordeaux mixture — कॉपर सल्फेट + चूना + पानी)
(B) यूरिया घोल
(C) जिंक सल्फेट
(D) नमक का घोल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) बोर्डो मिश्रण (Bordeaux mixture — कॉपर सल्फेट + चूना + पानी)
व्याख्या: बोर्डो मिश्रण पत्तियों पर नीली-सफेद परत बनाकर पिसू भृंगों व फुदकों को दूर भगाता है।
6. नीम के अजाडिराक्टिन के भक्षण-रोधी प्रभाव के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील कीट कौन-सा है जो 0.05 ppm सांद्रता पर भी नीम-उपचारित फसल को नहीं खाता?
(A) रेगिस्तानी टिड्डी (Desert Locust — Schistocerca gregaria)
(B) घरेलू मक्खी
(C) खपड़ा भृंग
(D) दीमक
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) रेगिस्तानी टिड्डी (Desert Locust — Schistocerca gregaria)
व्याख्या: रेगिस्तानी टिड्डी नीम के अर्क के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती है; 0.1% NSKE स्प्रे टिड्डी दल से फसल को बचाता है।
7. वर्ष 1967 में कीट हार्मोन एनालॉग्स (IGRs — जैसे जुवेनाइल हार्मोन) को ‘तीसरी पीढ़ी के कीटनाशक’ (Third Generation Pesticides) की संज्ञा किस वैज्ञानिक ने दी थी?
(A) कैरोल एम. विलियम्स (Carroll M. Williams)
(B) पॉल मुलर
(C) जेथ्रो टल
(D) हैंस मोलिश
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कैरोल एम. विलियम्स (Carroll M. Williams)
व्याख्या: हार्वर्ड के जीवविज्ञानी Carroll Williams ने 1967 में जुवेनाइल हार्मोन (IGRs) को ‘Third Generation Pesticides’ नाम दिया था।
8. जंगली खरपतवार ‘Ageratum conyzoides’ (बकरी घास) से प्राप्त ‘प्रीकोसीन-I और II’ (Precocene I & II) कीट में किस प्रकार कार्य करते हैं?
(A) एंटी-जुवेनाइल हार्मोन (Anti-JH) के रूप में कॉर्पोरा अल्लाटा को नष्ट कर अकाल कायांतरण कराते हैं
(B) भोजन की रुचि बढ़ाते हैं
(C) अंडों की संख्या दोगुनी करते हैं
(D) श्वसन बढ़ाते हैं
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) एंटी-जुवेनाइल हार्मोन (Anti-JH) के रूप में कॉर्पोरा अल्लाटा को नष्ट कर अकाल कायांतरण कराते हैं
व्याख्या: William Bowers (1976) द्वारा खोजे गए Precocenes एंटी-JH यौगिक हैं जो कीट को अकाल बांझ वयस्क में बदल देते हैं।
9. 5% नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) का 100 लीटर छिड़काव घोल तैयार करने के लिए कितनी पिसी हुई नीम की निंबोली की गिरी की आवश्यकता होती है?
(A) 5 किलोग्राम
(B) 50 किलोग्राम
(C) 0.5 किलोग्राम
(D) 500 ग्राम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 5 किलोग्राम
व्याख्या: 5% NSKE का अर्थ है 100 लीटर पानी के लिए 5 kg नीम बीज गिरी (अर्थात् 500 L/ha घोल हेतु 25 kg गिरी)।
10. आम की फल मक्खी (Bactrocera dorsalis) और कद्दू की फल मक्खी (Bactrocera cucurbitae) के नर मक्खियों को आकर्षित करने के लिए क्रमशः किन पैरा-फेरोमोन ल्यूर्स का उपयोग किया जाता है?
(A) आम फल मक्खी हेतु ‘मिथाइल यूजेनॉल’ और कद्दू फल मक्खी हेतु ‘क्यू-ल्यूर (Cue-lure)’
(B) दोनों के लिए गोसिपल्यूर
(C) दोनों के लिए हेलील्यूर
(D) केवल चीनी का पानी
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) आम फल मक्खी हेतु ‘मिथाइल यूजेनॉल’ और कद्दू फल मक्खी हेतु ‘क्यू-ल्यूर (Cue-lure)’
व्याख्या: Bactrocera dorsalis/zonata के लिए Methyl eugenol और Bactrocera cucurbitae के लिए Cue-lure विशिष्ट आकर्षक हैं।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. नीम का मुख्य सक्रिय तत्व ‘अजाडिराक्टिन’ (Azadirachtin) विश्व का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक भक्षण-रोधी (Antifeedant) और IGR है।
  2. DEET (N,N-diethyl-meta-toluamide) और DMP प्रमुख सिंथेटिक कीट प्रतिकर्षक (Repellents) हैं।
  3. ब्रेस्टान (Triphenyltin acetate) और ड्यू-टर ऑर्गेनोटिन समूह के कवकनाशी सह-भक्षण-रोधी (Antifeedants) हैं।
  4. 5% नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) बनाने के लिए प्रति 100 लीटर पानी में 5 किलोग्राम नीम निंबोली गिरी लगती है।
  5. कैरोल विलियम्स (1967) ने कीट वृद्धि नियामकों (IGRs / Juvenile hormones) को ‘तीसरी पीढ़ी के कीटनाशक’ कहा था।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. बायो-रैशनल कीटनाशक (Biorational pesticides) किसे कहते हैं?
उत्तर: वे पर्यावरण-सुरक्षित पदार्थ जो गैर-लक्षित जीवों को नुकसान पहुँचाए बिना केवल लक्षित कीट के व्यवहार (प्रतिकर्षक, भक्षण-रोधी, फेरोमोन) या हार्मोनल विकास (IGRs) को बाधित करते हैं।
2. किन्हीं चार कीट प्रतिकर्षकों (Insect repellents) के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) DEET (N,N-diethyl-meta-toluamide), (2) DMP (Dimethyl phthalate), (3) सिट्रोनेला तेल, और (4) बोर्डो मिश्रण (या नीम तेल)।
3. किन्हीं तीन भक्षण-रोधी (Antifeedant) रसायनों के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) अजाडिराक्टिन (नीम से), (2) ब्रेस्टान (Triphenyltin acetate — ऑर्गेनोटिन), और (3) ट्रायजीन AC-24055 (या फ्लोनिकामिड)।
4. दो जुवेनाइल हार्मोन एनालॉग्स (Juvenoids) के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) पायरीप्रॉक्सीफेन (Pyriproxyfen) और (2) मेथोप्रिन (Methoprene) या फेनोक्सीकार्ब।
5. गुलाबी गूलर छेदक (Pink bollworm) और बैंगन के तना व फल छेदक के सेक्स फेरोमोन ल्यूर का नाम लिखिए।
उत्तर: गुलाबी गूलर छेदक: गोसिपल्यूर (Gossyplure); बैंगन फल छेदक: ल्यूसील्यूर (Lucilure)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents) और भक्षण-रोधी (Antifeedants) में उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कीट प्रतिकर्षक (Repellents) वे वाष्पशील या पृष्ठीय पदार्थ हैं जो कीट के एंटीना के घ्राण संवेदकों (Olfactory receptors) पर कार्य कर कीट को उपचारित पौधे के पास आने से ही दूर भगा देते हैं; इसमें कीट मरता नहीं बल्कि दूसरी जगह चला जाता है (जैसे DEET, DMP, सिट्रोनेला तेल, बोर्डो मिश्रण)। इसके विपरीत, भक्षण-रोधी (Antifeedants) कीट को पौधे पर बैठने से नहीं रोकते, किंतु जैसे ही कीट पत्ती का पहला टुकड़ा चखता है, उसके स्वाद संवेदक (Gustatory receptors) ब्लॉक हो जाते हैं जिससे वह खाना बंद कर देता है और वहीं भूख (Starvation) से मर जाता है (जैसे अजाडिराक्टिन, ब्रेस्टान, AC-24055)।
2. नीम (Azadirachta indica) को ‘प्रकृति की बायो-रैशनल प्रयोगशाला’ क्यों कहा जाता है? अजाडिराक्टिन के चार प्रमुख प्रभाव लिखिए।
उत्तर: नीम की निंबोली में ‘अजाडिराक्टिन’ के साथ निंबिन, सैलानिन और मेलियांट्रिओल जैसे दर्जनों लिमोनॉइड्स होते हैं जिनके विरुद्ध कीट आसानी से प्रतिरोध विकसित नहीं कर पाते और यह मित्र कीटों के लिए पूर्णतः सुरक्षित है। इसके 4 मुख्य प्रभाव हैं: (1) शक्तिशाली भक्षण-रोधी (Antifeedant): 0.05–1 ppm पर ही इल्लियों व टिड्डियों का खाना बंद कर देता है; (2) कीट वृद्धि नियामक (IGR): एकडाइसोन हार्मोन को रोककर निर्मोचन भंग करता है; (3) अंडरोपण-रोधी व प्रतिकर्षक (Oviposition deterrent & Repellent); और (4) प्रजनन क्षमता व अंड-स्फुटन अवरोधक।
3. समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) में भक्षण-रोधी (Antifeedants) के उपयोग के क्या लाभ और सीमाएँ हैं?
उत्तर: लाभ: (1) ये अत्यंत चयनात्मक होते हैं—केवल पत्ती खाने वाला शाकाहारी नाशीकीट ही भूखा मरता है, जबकि परभक्षी (लेडीबर्ड, क्राइसोपर्ला), परजीवी (Trichogramma) और परागण करने वाली मधुमक्खियाँ पत्ती नहीं खातीं, इसलिए वे 100% सुरक्षित रहती हैं; (2) स्तनधारियों व पर्यावरण के लिए सुरक्षित। सीमाएँ: (1) पौधे की जो नई पत्तियाँ छिड़काव के बाद निकलती हैं, वे अरक्षित रहती हैं; (2) तना या फल के अंदर घुस चुके छेदकों (Internal borers) पर असर कम होता है; (3) कीट तुरंत न मरकर 3–5 दिन में भूख से मरता है।
4. 5% नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) घर या फार्म पर तैयार करने की चरणबद्ध विधि लिखिए।
उत्तर: (1) 1 हेक्टेयर फसल (500 लीटर घोल) के लिए 25 किलोग्राम (या 100 लीटर घोल हेतु 5 kg) अच्छी तरह सूखी हुई नीम की निंबोलियाँ लें। (2) उनका बाहरी छिलका हटाकर गुठली/गिरी को ओखली में कूटकर बारीक पाउडर बना लें। (3) इस पाउडर को मलमल के कपड़े की पोटली में बाँधकर 50 लीटर पानी में रात भर (12–16 घंटे) भिगोकर रखें। (4) सुबह पोटली को बार-बार निचोड़कर दूधिया सफेद अर्क निकाल लें, इसमें 500 ग्राम खादी साबुन या सरफेक्टेंट घोलें और शेष पानी मिलाकर कुल 500 लीटर घोल बनाकर शाम के समय फसल पर छिड़कें।
5. कीट वृद्धि नियामक (IGRs) क्या हैं? जुवेनॉइड्स और एकडाइसोन एगोनिस्ट में अंतर बताइए।
उत्तर: कीट वृद्धि नियामक (IGRs — तीसरी पीढ़ी के कीटनाशक) वे बायो-रैशनल रसायन हैं जो कीट के अंतःस्रावी हार्मोन तंत्र और निर्मोचन (Moulting) को बाधित करते हैं। जुवेनॉइड्स (जैसे पायरीप्रॉक्सीफेन, मेथोप्रिन, फेनोक्सीकार्ब) कीट के जुवेनाइल हार्मोन (JH) की नकल करते हैं और इल्ली/शिशु को प्यूपा या प्रजननक्षम वयस्क में बदलने से रोकते हैं। इसके विपरीत, एकडाइसोन एगोनिस्ट (जैसे टेबुफेनोज़ाइड, मेथॉक्सीफेनोज़ाइड) निर्मोचन हार्मोन एकडाइसोन के रिसेप्टर से जुड़कर समय से पहले घातक और अधूरा निर्मोचन (Premature lethal moulting) करा देते हैं।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. ‘बायो-रैशनल कीटनाशक’ (Biorational Pesticides) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कीट प्रतिकर्षक (Insect Repellents — भौतिक व रासायनिक) तथा भक्षण-रोधी (Insect Antifeedants — अजाडिराक्टिन, ऑर्गेनोटिन, ट्रायजीन, कार्बामेट) की क्रियाविधि, उदाहरण और अंतर का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: बायो-रैशनल की परिभाषा, तुलनात्मक सारणी 4.1, सभी भौतिक व रासायनिक प्रतिकर्षकों (DEET, DMP, Citronella, Bordeaux mixture) और एंटीफीडेंट्स (Azadirachtin, Brestan, AC-24055, Flonicamid) तथा FDI सूत्र का विस्तार से वर्णन करें।
2. कीट प्रबंधन में नीम (Azadirachta indica) के बहु-आयामी महत्व, सक्रिय तत्वों (Azadirachtin, Nimbin, Salannin, Meliantriol), कीट के हार्मोनल व व्यवहार तंत्र पर इसकी क्रियाविधि तथा 5% NSKE निर्माण विधि पर एक विस्तृत निबंध लिखिए।
उत्तर रूपरेखा: प्रवाह चित्र सहित अजाडिराक्टिन की चारों क्रियाओं (प्रतिकर्षक, एंटीफीडेंट, एकडाइसोन अवरोधक व अंडजनन रोधी) और 5% NSKE निर्माण के मानक प्रोटोकॉल की व्याख्या करें।
3. तीसरी पीढ़ी के कीटनाशकों—कीट वृद्धि नियामकों (IGRs: Juvenoids, Anti-JH Precocenes, Ecdysone agonists एवं Chitin synthesis inhibitors)—तथा सेमीओकेमिकल्स (फेरोमोन व पैरा-फेरोमोन ल्यूर्स) की आधुनिक IPM में भूमिका की विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: Corpora allata (JH) व Prothoracic gland (Ecdysone) की भूमिका, IGR उदाहरणों और सभी प्रमुख फसलों के फेरोमोन ल्यूर्स (Helilure, Spodolure, Gossyplure, Lucilure, Methyl eugenol, Cue-lure) का वर्णन करें।

Similar Posts