ENT 311 Lecture 32: भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन के मूलभूत सिद्धांत

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 32: भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन के मूलभूत सिद्धांत
अभियांत्रिकी एवं धूम्रन आरेख (Fumigation & Godown Stack Diagram — Lecture 32)
एल्युमिनियम फॉस्फाइड (Celphos — 3 टिकिया/टन) वायुरुद्ध कवर धूम्रन व्यवस्था (डनेज + सैंड स्नेक्स) एवं रोगनिरोधी सतह छिड़काव
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन के दो मूलभूत स्तंभों—(A) निवारक / रोगनिरोधी उपाय (Preventive / Prophylactic Measures: ‘संक्रमण होने से पहले सुरक्षा’) और (B) उपचारात्मक उपाय (Curative Measures: ‘संक्रमण होने के बाद कीट उन्मूलन’)—के संपूर्ण वैज्ञानिक प्रोटोकॉल को समझना।
- गोदाम की स्वच्छता, खाली गोदाम और बोरियों के विसंक्रमण तथा छल्लियों के बाहरी पृष्ठ पर किए जाने वाले मानक रोगनिरोधी छिड़काव (Prophylactic Surface Spray)—**मैलाथियान 50% EC (1:100 अनुपात @ )** एवं **डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP ( पानी @ )**—की सटीक मात्रा व अंतराल कंठस्थ करना।
- केवल बीज (Seed grain) व दालों की सुरक्षा के लिए प्रयुक्त अक्रिय धूल (सक्रिय काओलिन चिकनी मिट्टी / Activated Kaolin clay @ 1%), खाद्य तेल लेपन (Edible oil @ 5–10 mL/kg दाल) और डेल्टामेथ्रिन बीज उपचार को समझना तथा यह स्वर्णिम नियम जानना कि **खाने वाले अनाज (Food grain) में कभी भी सीधे सिंथेटिक कीटनाशक नहीं मिलाया जाता**।
- उपचारात्मक नियंत्रण की सर्वश्रेष्ठ विधि **’वायुरुद्ध धूम्रन’ (Airtight Fumigation)** में **एल्युमिनियम फॉस्फाइड (Aluminium Phosphide 56% — Celphos / Quickphos: की 1 टिकिया से फॉस्फीन गैस निकलती है; मानक मात्रा: 3 टिकिया [] प्रति टन अनाज या 7–10 टिकिया प्रति या 140–210 g प्रति , एक्सपोजर अवधि 5–7 दिन)** की रासायनिक अभिक्रिया, गणना और सुरक्षा सावधानियों में महारत हासिल करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि गोदाम में रखा अनाज सीधे मानव और पशुओं के भोजन (Direct human consumption) के काम आता है, इसलिए खड़ी फसल की तरह खाने वाले अनाज (Food grains) में कभी भी किसी रासायनिक कीटनाशक को सीधे मिलाना (Direct mixing of insecticides with food grains) कानूनन और वैज्ञानिक रूप से पूर्णतः प्रतिबंधित है!
इसलिए भंडारित अनाज कीट प्रबंधन दो वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है: (1) निवारक / रोगनिरोधी सिद्धांत (Preventive / Prophylactic Principle)—जिसमें अनाज को नमी तक सुखाकर, गोदाम की दरारें बंद करके और केवल गोदाम की दीवारों व बोरियों की बाहरी सतह पर मैलाथियान या डेल्टामेथ्रिन का छिड़काव कर कीटों को अंदर घुसने से रोका जाता है; और (2) उपचारात्मक सिद्धांत (Curative Principle)—जिसमें यदि अनाज के अंदर कीट लग गए हों, तो सौर ताप, शीत उपचार या गैस-रोधी कवर के नीचे ‘एल्युमिनियम फॉस्फाइड’ (फॉस्फीन गैस — ) से धूम्रन (Fumigation) कर दाने के अंदर छिपे अंडे, लार्वा, प्यूपा और वयस्क चारों अवस्थाओं को बिना किसी स्थायी विषैले अवशेष के 100% नष्ट कर दिया जाता है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. खंड (A): भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन के निवारक / रोगनिरोधी उपाय (Preventive / Prophylactic Measures)
“Prevention is better than cure” — भंडारण में एक बार कीट लगने के बाद क्षति को वापस नहीं लाया जा सकता, इसलिए निम्नलिखित 6 निवारक उपाय सबसे महत्वपूर्ण हैं:
- कटाई पूर्व एवं थ्रेशिंग स्वच्छता (Pre-harvest & Threshing Hygiene):
- दालों (ब्रूकिड) और धान/मक्का (अंगोमोइस शलभ) में खेत से आने वाले संक्रमण को रोकने के लिए फसल पकते ही समय पर कटाई करें।
- खलिहान (Threshing floor) और कंबाइन हार्वेस्टर को पूरी तरह साफ रखें तथा थ्रेशिंग के बाद अनाज से टूटे दाने, भूसा और खरपतवार के बीज साफ कर लें क्योंकि टूटे दाने Tribolium जैसे द्वितीयक कीटों को आकर्षित करते हैं।
- अनाज को सुरक्षित नमी स्तर तक सुखाना (Proper Sun-Drying to Safe Moisture):
- भंडारण से पहले अनाज को कंक्रीट के फर्श या काले प्लास्टिक तिरपाल पर तेज धूप में सुखाकर नमी को खाद्यान्न में (अधिकतम ), दलहन में और तिलहन में तक ले आएँ। से कम नमी पर घुन (Sitophilus) और माइट्स (Acarus siro) प्रजनन नहीं कर सकते। सूखे अनाज को बोरी या बिन में भरने से पहले छाया में ठंडा अवश्य करें।
- खाली गोदाम की सफाई एवं दरारें बंद करना (Godown Sanitation & Crack Sealing):
- नया अनाज आने से 15 दिन पहले गोदाम से सारा पुराना अनाज, कचरा और जाले झाड़ू से साफ कर जला दें।
- दीवारों, फर्श और कोनों की सभी दरारों व चूहा बिलों को सीमेंट-रेत से बंद करके सफेदी (Whitewashing) कर दें ताकि दरारों में सुप्त अवस्था (Diapause) में छिपे खपड़ा भृंग (Trogoderma granarium) के लार्वा बाहर न आ सकें।
- पुरानी जूट की बोरियों का विसंक्रमण (Disinfestation of Old Gunny Bags):
- पुरानी जूट की बोरियों (Gunny bags) की सिलाई में कीटों के अंडे और प्यूपा छिपे रहते हैं। अतः उपयोग से पहले पुरानी बोरियों को उबलते पानी में 15 मिनट डुबोकर सुखाएँ या उन्हें 0.1% मैलाथियान (Malathion 50% EC का 2 mL प्रति लीटर पानी) या 0.025% डेल्टामेथ्रिन के घोल में 10 मिनट डुबोकर छाया में सुखाएँ अथवा एल्युमिनियम फॉस्फाइड से धूम्रित करें।
- खाली गोदाम और बोरियों की छल्ली पर रोगनिरोधी कीटनाशक छिड़काव (Prophylactic Surface Spray — FCI/CWC मानक):
- खाली गोदाम की दीवारों, छत और फर्श पर तथा बोरियों की छल्ली (Stack) लगाने के बाद छल्ली की बाहरी सतह पर निम्नलिखित में से किसी एक संपर्क कीटनाशक का 3 लीटर घोल प्रति 100 वर्ग मीटर () की दर से छिड़काव करें:
- मैलाथियान 50% EC (Malathion 50% EC): 1 : 100 के अनुपात में (अर्थात् मैलाथियान प्रति लीटर पानी = सक्रिय घोल) @ (हर 15–21 दिन के अंतराल पर)।
- डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP (Deltamethrin 2.5% WP — K-Obiol): प्रति लीटर पानी ( दवा को पानी में घोलकर प्रति सतह क्षेत्र) — इसका प्रभाव 60 से 90 दिनों (2–3 माह) तक रहता है!
- खाली गोदाम की दीवारों, छत और फर्श पर तथा बोरियों की छल्ली (Stack) लगाने के बाद छल्ली की बाहरी सतह पर निम्नलिखित में से किसी एक संपर्क कीटनाशक का 3 लीटर घोल प्रति 100 वर्ग मीटर () की दर से छिड़काव करें:
- घरेलू स्तर पर दालों और बुवाई के बीज (Seed Grain) का सुरक्षा उपचार:
- दालों पर खाद्य तेल या नीम का लेपन (Edible Oil / Neem Treatment for Pulses): खाने वाली साबुत दालों (चना, मूँग, अरहर, उड़द) में 5 से 10 mL सरसों, मूँगफली, नारियल या नीम का तेल प्रति kg दाल में अच्छी तरह चुपड़ देने से ब्रूकिड (Callosobruchus) मादा चिकने दानों पर अंडे नहीं चिपका पाती और चिपके हुए अंडों का दम घुट जाता है! इसी प्रकार अनाज में 1–2% सूखी नीम की पत्तियाँ या नीम निंबोली चूर्ण मिलाया जाता है।
- बुवाई के बीज का उपचार (Seed Treatment — केवल बीज हेतु, खाने के लिए नहीं!): अगले मौसम की बुवाई हेतु रखे जाने वाले बीज में 1% सक्रिय काओलिन चिकनी मिट्टी (Activated Kaolin clay @ बीज) या डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP (@ बीज अर्थात् प्रति क्विंटल बीज) या मैलाथियान 5% Dust (@ बीज) मिलाया जाता है।
2. खंड (B): भंडारित अनाज नाशीकीट प्रबंधन के उपचारात्मक उपाय (Curative Measures)
जब भंडारित अनाज के अंदर कीटों का प्रकोप हो चुका हो, तब उन्हें नष्ट करने के लिए निम्नलिखित भौतिक और रासायनिक (धूम्रन) विधियाँ अपनाई जाती हैं:
1. भौतिक एवं यांत्रिक उपचारात्मक विधियाँ (Physical & Mechanical Curative Methods)
- सौर ताप उपचार / सौरीकरण (Solarization of Pulses & Grains): ग्रसित दालों या अनाज को मई-जून की तेज धूप में काली पॉलीथीन शीट पर 2–3 cm पतली परत में फैलाकर ऊपर से पारदर्शी पॉलीथीन शीट से ढककर किनारों को मिट्टी से दबा देने पर अंदर का तापमान तक पहुँच जाता है। तापमान पर मात्र 1 से 2 घंटे में दाने के अंदर छिपे सभी ब्रूकिड और घुन के अंडे, लार्वा व वयस्क तापीय मृत्यु बिंदु (Thermal death point) के कारण मर जाते हैं!
- शीत उपचार (Cold Treatment): अनाज को पर रखने से कीट निष्क्रिय हो जाते हैं और से पर 24–48 घंटे रखने से सभी कीट मर जाते हैं।
- आयनकारी विकिरण (Ionizing Gamma Irradiation): कोबाल्ट-60 () से (किलोग्रे) गामा किरणें प्रवाहित करने पर अनाज के अंदर के सभी कीट तुरंत बंध्य (Sterile) होकर मर जाते हैं।
- TNAU कीट प्रोब ट्रैप एवं यूवी लाइट ट्रैप (TNAU Insect Probe Trap, Pitfall Trap & UV Light Trap): अनाज की बोरियों और बिन के अंदर छिद्रित पीतल/प्लास्टिक का ‘TNAU प्रोब ट्रैप’ धँसाकर रखने से भृंग उसके छेदों में गिरकर फँस जाते हैं।
2. रासायनिक धूम्रन — एल्युमिनियम फॉस्फाइड (Chemical Fumigation with Aluminium Phosphide — सबसे अचूक उपचारात्मक विधि)
- धूम्रक रसायन (Fumigant): वर्तमान में भारत और विश्व में खाद्यान्नों के धूम्रन के लिए सबसे सुरक्षित, सस्ता और अचूक धूम्रक ‘एल्युमिनियम फॉस्फाइड 56% रूपण’ (Aluminium Phosphide 56% F — व्यापारिक नाम: Celphos, Quickphos, Alphos, Phostoxin) है। (नोट: पुराने धूम्रक जैसे EDB — Ethylene dibromide और EDCT मिश्रण अब खाद्यान्नों में अप्रचलित/प्रतिबंधित हैं, जबकि Methyl bromide को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत ओजोन-क्षरणकारी होने के कारण केवल संगरोध/Quarantine QPS उपयोग तक सीमित कर दिया गया है)।
- रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction of Aluminium Phosphide):
- एल्युमिनियम फॉस्फाइड की मानक टिकिया (Tablet) का भार (तथा पैलेट का भार ) होता है जिसमें और अमोनियम कार्बामेट (आग रोकने व चेतावनी हेतु लहसुन/सड़ी मछली जैसी गंध देने के लिए) होता है।
- हवा की नमी () के संपर्क में आते ही की 1 टिकिया से फॉस्फीन गैस () निकलती है:
- अनुशंसित मानक खुराक एवं एक्सपोजर अवधि (Standard Dose & Exposure Period):
- प्रति टन अनाज मात्रा (Per Tonne Grain Dose): 3 टिकिया ( एल्युमिनियम फॉस्फाइड = फॉस्फीन गैस) प्रति टन (10 क्विंटल) अनाज!
- आयतन के अनुसार मात्रा (Space Fumigation Dose): 7 से 10 टिकिया () प्रति () या (45–70 टिकिया) प्रति ()।
- न्यूनतम एक्सपोजर अवधि (Exposure Period): सामान्य कीटों के लिए 5 से 7 दिन (तथा खपड़ा भृंग Trogoderma granarium और कम तापमान के लिए 7 से 10 दिन) पूर्णतः वायुरुद्ध (Airtight) स्थिति में!
- कवर धूम्रन की वैज्ञानिक विधि एवं सावधानियाँ (Cover Fumigation Procedure & Safety):
- अनाज की बोरियों की छल्ली (Stack) के ऊपर और किनारों पर एल्युमिनियम फॉस्फाइड की टिकियाओं को अखबार की पुड़िया या सूती कपड़े की थैली में लपेटकर लकड़ी/गत्ते की ट्रे में रखें ताकि टिकिया की भूरे रंग की राख () सीधे अनाज में न मिले।
- तुरंत छल्ली को 1000-गेज की गैस-रोधी पॉलीथीन या रबराइज्ड धूम्रन कवर (Gas-proof fumigation cover) से पूरी तरह ढक दें और कवर के निचले किनारों को फर्श पर गीली चिकनी मिट्टी के लेप (Mud plaster) या रेत से भरी लंबी थैलियों (‘सैंड स्नेक्स’ / Sand snakes) से दबाकर 100% वायुरुद्ध सील कर दें।
- 5 से 7 दिन बाद गैस मास्क पहनकर कवर हटाएँ, कम से कम 24–48 घंटे तक खिड़कियाँ खोलकर हवा लगने दें (Degassing / Aeration) और पुड़िया में बची राख को जमीन में गाड़ दें।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
1. निवारक / रोगनिरोधी उपाय (Preventive / Prophylactic Measures)
- भौतिक स्वच्छता: खलिहान व खाली गोदाम की सफाई, दरारें सीमेंट से भरना और अनाज को नमी तक सुखाना।
- सतह छिड़काव (): मैलाथियान 50% EC (1:100, हर 15 दिन) या डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP (, हर 90 दिन)।
- दाल व बीज रक्षण: दालों में 5–10 mL/kg खाद्य/नीम तेल; बुवाई के बीज में 1% सक्रिय काओलिन क्ले या डेल्टामेथ्रिन।
2. उपचारात्मक उपाय (Curative / Disinfestation Measures)
- गैर-रासायनिक: सौरीकरण ( पर 1–2 घंटे), शीत उपचार (), गामा विकिरण () व TNAU प्रोब ट्रैप।
- रासायनिक वायुरुद्ध धूम्रन (Fumigation): एल्युमिनियम फॉस्फाइड 56% (Celphos) @ 3 टिकिया () प्रति टन अनाज, 5–7 दिन गैस-रोधी कवर व सैंड स्नेक्स के साथ।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
भंडारित अनाज धूम्रन का ‘सांद्रता × समय’ गुणनफल नियम (Haber’s Rule in Phosphine Fumigation):
फॉस्फीन () धूम्रन की सफलता केवल लगाई गई टिकियाओं की संख्या पर निर्भर नहीं करती, बल्कि ‘गैस की सांद्रता () और एक्सपोजर समय () के गुणनफल ( Product)’ पर निर्भर करती है। कीटों के अंडे (Eggs) और प्यूपा (Pupae) लार्वा और वयस्क की तुलना में बहुत कम सांस लेते हैं और फॉस्फीन के प्रति सबसे अधिक सहनशील होते हैं! यदि गोदाम या पॉलीथीन कवर में छोटा-सा भी छेद हो और गैस 1–2 दिन में लीक हो जाए, तो वयस्क भृंग तो मर जाएँगे किंतु दाने के अंदर मौजूद अंडे और प्यूपा जीवित बच जाएँगे तथा उनमें फॉस्फीन प्रतिरोध (Phosphine resistance — विशेषकर Rhyzopertha dominica व Sitophilus में) विकसित हो जाएगा। इसलिए सैंड स्नेक्स से 100% वायुरुद्ध सीलिंग करके न्यूनतम 5 से 7 दिन का एक्सपोजर देना अनिवार्य सिद्धांत है!
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
प्रायोगिक गणना केस स्टडी: 150 टन के एक FCI गेहूँ स्टैक के रोगनिरोधी छिड़काव और एल्युमिनियम फॉस्फाइड धूम्रन की गणना
प्रश्न: एक FCI गोदाम में गेहूँ की बोरियों का एक छल्ला (Stack) लगा है जिसका बाहरी सतह क्षेत्रफल है। (a) इसके बाहरी पृष्ठ पर मैलाथियान 50% EC (1:100 @ ) से रोगनिरोधी छिड़काव करने के लिए कितनी दवा लगेगी? और (b) इस गेहूँ के धूम्रन हेतु (@ 3 टिकिया/टन) एल्युमिनियम फॉस्फाइड की कितनी टिकियाएँ (3 g प्रत्येक) और कुल कितना भार (g) लगेगा?
- (a) रोगनिरोधी छिड़काव गणना ( सतह हेतु):
- आवश्यक स्प्रे घोल (@ ):
- आवश्यक मैलाथियान 50% EC (1:100 अनुपात अर्थात् ): ।
- (b) एल्युमिनियम फॉस्फाइड धूम्रन गणना ( अनाज हेतु):
- आवश्यक टिकियाओं की संख्या (@ 3 टिकिया/टन):
- एल्युमिनियम फॉस्फाइड का कुल भार (@ ):
- इनसे निकलने वाली शुद्ध फॉस्फीन () गैस (@ ): ।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
सारणी 32.1: भंडारित अनाज कीट प्रबंधन के निवारक (Prophylactic) बनाम उपचारात्मक (Curative) उपायों की मास्टर अनुसूची
| उपचार का प्रकार एवं उद्देश्य | अनुशंसित रसायन / भौतिक विधि | मानक खुराक / सांद्रता (Standard Dose) | अनुप्रयोग विधि एवं सावधानियाँ |
|---|---|---|---|
| 1. खाली गोदाम व बोरियों की छल्ली पर रोगनिरोधी स्प्रे (अल्पकालिक) | मैलाथियान 50% EC (Malathion) | 1 : 100 अनुपात ( पानी) @ | हर 15–21 दिन पर दीवारों, फर्श व बोरियों की बाहरी सतह पर स्प्रे (खुले अनाज पर कभी न छिड़कें)। |
| 2. खाली गोदाम व छल्ली पर दीर्घकालिक रोगनिरोधी स्प्रे | डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP (Deltamethrin) | पानी () @ | एक बार स्प्रे करने पर 60–90 दिनों (2–3 माह) तक बाहरी कीटों से सुरक्षा। |
| 3. घरेलू दालों का ब्रूकिड (धोरा) से निवारक रक्षण | सरसों / मूँगफली / नारियल या नीम तेल | तेल प्रति दाल | दाल के दानों पर तेल की पतली परत चुपड़ने से मादा अंडे नहीं चिपका पाती व अंडों का दम घुट जाता है। |
| 4. केवल बुवाई के बीज (Seed Grain) का सुरक्षा उपचार | सक्रिय काओलिन क्ले (Activated Kaolin) या डेल्टामेथ्रिन 2.5 WP | काओलिन @ (1%) या डेल्टामेथ्रिन @ बीज | केवल बुवाई वाले बीज में मिलाएँ; खाने वाले अनाज में मिलाना पूर्णतः वर्जित! |
| 5. उपचारात्मक भौतिक ताप एवं विकिरण उपचार | सौरीकरण (Solarization) एवं गामा विकिरण () | सौरीकरण: (1–2 घंटे); गामा किरणें: | पॉलीथीन शीट के नीचे धूप में तपाकर आंतरिक अंडे व लार्वा नष्ट करना। |
| 6. उपचारात्मक वायुरुद्ध धूम्रन (Airtight Fumigation) | एल्युमिनियम फॉस्फाइड 56% (Celphos / Quickphos — टिकिया) | 3 टिकिया () प्रति टन अनाज (या 7–10 टिकिया / ) | गैस-रोधी कवर व सैंड स्नेक्स से सील कर 5 से 7 दिन का एक्सपोजर; बाद में 24–48 घंटे वातन। |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
1. एल्युमिनियम फॉस्फाइड धूम्रन की रासायनिक अभिक्रिया एवं मात्रा गणना सूत्र (Fumigation Math)
(A) रासायनिक अभिक्रिया एवं स्टॉइकियोमेट्री:
(B) अनाज के भार (Tonnes) के आधार पर आवश्यक टिकियाओं की संख्या:
(C) गोदाम के आयतन () के आधार पर आवश्यक टिकियाओं की संख्या:
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- नया अनाज रखने से पूर्व गोदाम की सफाई, दरारें बंद करना व सफेदी
- अनाज को सुखाकर नमी <10–12% (दलहन <8–9%) पर लाना
- पुरानी बोरियों को उबलते पानी या 0.1% मैलाथियान में डुबोकर सुखाना
- बोरियों को डनेज (Dunnage) पर दीवार से 60–75 cm दूर छल्ली (अधिकतम 15 बोरी ऊँची) में रखना
- खाने वाले अनाज में सीधे कीटनाशक मिलाना कानूनन पूर्णतः वर्जित!
- दीवारों व बोरियों की बाहरी सतह पर स्प्रे दर: 3 लीटर घोल / 100 वर्ग मीटर
- मैलाथियान 50% EC: 1:100 अनुपात (10 mL/L पानी) हर 15–21 दिन पर
- डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP: 40 g/L पानी (हर 60–90 दिन पर)
- दालों में 5–10 mL/kg खाद्य तेल या नीम तेल चुपड़ना (ब्रूकिड अंड-रोपण रोकना)
- केवल बुवाई के बीज में 1% सक्रिय काओलिन क्ले (कीट क्यूटिकल निर्जलीकरण)
- सौरीकरण (Solarization): पॉलीथीन में 55–60°C धूप में 1–2 घंटे तपाना
- TNAU कीट प्रोब ट्रैप, पिटफॉल ट्रैप व गामा विकिरण (0.2–0.5 kGy)
- Celphos / Quickphos (56% AlP): 3 g की 1 टिकिया से 1 g फॉस्फीन गैस (PH3) बनती है
- मानक मात्रा: 3 टिकिया (9 g) प्रति टन अनाज (या 7–10 टिकिया / 1000 cu.ft.)
- गैस-रोधी पॉलीथीन कवर व सैंड स्नेक्स (Sand snakes) से 100% वायुरुद्ध सीलिंग
- न्यूनतम एक्सपोजर समय: 5 से 7 दिन (अंडे व प्यूपा मारने व प्रतिरोध रोकने हेतु)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- भंडारित अनाज के धूम्रन (Fumigation) के लिए ‘एल्युमिनियम फॉस्फाइड’ (Celphos) की मानक अनुशंसित मात्रा ‘3 टिकिया (3 × 3 g = 9 g) प्रति टन अनाज’ (या 7–10 टिकिया प्रति 1000 घन फीट) और एक्सपोजर अवधि ‘5 से 7 दिन’ है।
- एल्युमिनियम फॉस्फाइड (56% AlP) की 3 ग्राम की एक टिकिया वायुमंडलीय नमी से क्रिया करके ठीक ‘1 ग्राम फॉस्फीन गैस (PH3)’ मुक्त करती है।
- खाली गोदाम की दीवारों और अनाज की बोरियों की छल्ली पर रोगनिरोधी छिड़काव (Prophylactic spray) के लिए ‘मैलाथियान 50% EC’ को ‘1:100 अनुपात’ में ‘3 लीटर घोल प्रति 100 वर्ग मीटर’ की दर से छिड़का जाता है।
- खाने वाले अनाज (Food grains) में कभी भी सीधे सिंथेटिक कीटनाशक नहीं मिलाया जाता; केवल बुवाई के बीज (Seed grain) में 1% सक्रिय काओलिन क्ले या डेल्टामेथ्रिन मिलाया जा सकता है।
- फॉस्फीन गैस (PH3) के प्रति कीटों की चार अवस्थाओं में ‘अंडा (Egg) और प्यूपा (Pupa)’ सबसे अधिक सहनशील होते हैं, इसलिए 5–7 दिन का पूर्ण वायुरुद्ध एक्सपोजर अनिवार्य है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- निवारक उपाय (Preventive): अनाज सुखाना ( नमी), गोदाम की दरारें बंद करना, डनेज पर स्टैकिंग (दीवार से 60–75 cm दूर), दालों में 5–10 mL/kg खाद्य/नीम तेल और बुवाई के बीज में 1% सक्रिय काओलिन क्ले।
- रोगनिरोधी सतह स्प्रे (): मैलाथियान 50% EC (1:100, हर 15 दिन) या डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP (, हर 90 दिन)।
- उपचारात्मक उपाय (Curative): सौरीकरण (), गामा विकिरण () एवं एल्युमिनियम फॉस्फाइड धूम्रन (@ 3 टिकिया []/टन अनाज, 5–7 दिन वायुरुद्ध कवर)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- भंडारित अनाज धूम्रन हेतु एल्युमिनियम फॉस्फाइड (Celphos) की मानक मात्रा ‘3 टिकिया (9 g) प्रति टन अनाज’ और एक्सपोजर अवधि ‘5–7 दिन’ है।
- एल्युमिनियम फॉस्फाइड की 3 ग्राम की एक टिकिया हवा की नमी से क्रिया कर ‘1.0 ग्राम फॉस्फीन गैस (PH3)’ छोड़ती है।
- गोदाम की दीवारों व बोरियों पर रोगनिरोधी स्प्रे हेतु मैलाथियान 50% EC को ‘1:100 अनुपात’ में ‘3 L घोल प्रति 100 m2’ की दर से छिड़का जाता है।
- दीर्घकालिक (2–3 माह) रोगनिरोधी सतह छिड़काव के लिए ‘डेल्टामेथ्रिन 2.5% WP’ (@ 40 g/L पानी, 3 L/100 m2) प्रयुक्त होता है।
- केवल बुवाई के बीज में 1% सक्रिय काओलिन क्ले मिलाई जाती है और घरेलू दालों में ब्रूकिड से बचाव हेतु 5–10 mL/kg खाद्य/नीम तेल लगाया जाता है।





