ENT 311 Lecture 01: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM): अवधारणा, पद्धतियाँ, कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
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Lecture 01: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM): अवधारणा, पद्धतियाँ, कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ

Integrated Pest Management (IPM): Concept, Practices, Scope and Limitations

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • समन्वित कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management – IPM; FAO परिभाषा) की अवधारणा, ऐतिहासिक विकास (Stern et al., 1959; Geier & Clark, 1961) और पारिस्थितिक दर्शन को समझना।
  • रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्प्रभावों—कीट प्रतिरोध (Resistance), कीट पुनरुत्थान (Resurgence), द्वितीयक कीट प्रकोप (Secondary pest outbreak), जैव-आवर्धन (Biomagnification) और प्राकृतिक शत्रुओं के विनाश (3 R’s: Resistance, Resurgence, Residue)—का विश्लेषण करना।
  • आर्थिक क्षति स्तर (Economic Injury Level – EIL), आर्थिक दहलीज स्तर (Economic Threshold Level – ETL) और सामान्य संतुलन स्थिति (General Equilibrium Position – GEP) के गणितीय सूत्र और पारस्परिक संबंध में पारंगत होना।
  • IPM के सभी 6 प्रमुख उपकरणों/पद्धतियों—सस्य (Cultural), यांत्रिक (Mechanical), भौतिक (Physical), विधिक (Legal), आनुवंशिक/परपोषी पादप प्रतिरोध (HPR), जैविक (Biological) और विवेकपूर्ण रासायनिक (Chemical as last resort)—का अध्ययन करना।
  • भारत में IPM के कार्यक्षेत्र (Scope) और इसे अपनाने की व्यावहारिक सीमाओं (Limitations) को जानना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब DDT (1939) और ऑर्गेनोफॉस्फेट जैसे सिंथेटिक रासायनिक कीटनाशकों का कृषि में एकतरफा और अंधाधुंध छिड़काव शुरू हुआ, तो कुछ ही वर्षों में प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया। वर्ष 1962 में रैचेल कार्सन (Rachel Carson) की प्रसिद्ध पुस्तक ‘Silent Spring’ ने विश्व को रसायनों के भयावह पर्यावरणीय संकट से चेताया। अंधाधुंध कीटनाशक प्रयोग से कृषि में ‘3 R’ की समस्या—(1) Resistance (कीट प्रतिरोध), (2) Resurgence (कीट पुनरुत्थान), और (3) Residue (खाद्य श्रृंखला में जहरीला अवशेष) पैदा हो गई।

इसी संकट के समाधान हेतु वर्ष 1959 में वी.एम. स्टर्न एवं सहयोगियों (Stern, Smith, van den Bosch & Hagen, 1959) ने जैविक और रासायनिक नियंत्रण को जोड़ने के लिए ‘समन्वित नियंत्रण’ (Integrated Control) की ऐतिहासिक अवधारणा दी, और 1961 में गीयर एवं क्लार्क (Geier & Clark) ने इसे ‘Protective Population Management (Pest Management)’ नाम दिया। वर्ष 1967 में FAO ने इसे आधिकारिक रूप से ‘समन्वित कीट प्रबंधन’ (Integrated Pest Management — IPM) के रूप में अंगीकार किया। भारत में ICAR-NCIPM (National Research Centre for Integrated Pest Management, नई दिल्ली — स्थापना 1988) इसका शीर्ष राष्ट्रीय संस्थान है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

समन्वित कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management – IPM; FAO, 1967)
“IPM एक ऐसी कीट प्रबंधन प्रणाली है जो संबंधि‍त पर्यावरण और कीट प्रजाति की जनसंख्या गतिकी (Population dynamics) के संदर्भ में, सभी उपयुक्त तकनीकों और विधियों का यथासंभव संगत (Compatible) रूप में उपयोग करती है और नाशीकीटों की आबादी को उस स्तर (EIL) से नीचे बनाए रखती है जिस पर वे आर्थिक क्षति पहुँचाते हैं।”
आर्थिक क्षति स्तर (Economic Injury Level – EIL; Stern et al., 1959)
कीट जनसंख्या का वह न्यूनतम घनत्व (Lowest population density) जो फसल में आर्थिक क्षति (Economic damage) पहुँचाना प्रारंभ करता है—अर्थात् जिस बिंदु पर कीट से होने वाली उपज हानि का मौद्रिक मूल्य, उस कीट के नियंत्रण पर आने वाली लागत के ठीक बराबर हो जाता है।
आर्थिक दहलीज स्तर (Economic Threshold Level – ETL / Action Threshold)
कीट जनसंख्या का वह घनत्व जिस पर तुरंत नियंत्रण उपाय (Control action) शुरू कर देना चाहिए ताकि कीट की बढ़ती हुई आबादी ‘आर्थिक क्षति स्तर’ (EIL) तक न पहुँच सके। (सदैव ETL < EIL होता है)।
सामान्य संतुलन स्थिति (General Equilibrium Position – GEP)
किसी बाहरी मानवीय हस्तक्षेप के बिना, प्राकृतिक जैविक और अजैविक कारकों के प्रभाव में दीर्घकाल (Long period) में किसी कीट आबादी का औसत घनत्व (Average population density) ‘सामान्य संतुलन स्थिति’ (GEP) कहलाता है।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. GEP, ETL और EIL के आधार पर कीटों की 4 पारिस्थितिक श्रेणियाँ

1. अ-नाशीकीट / नॉन-पेस्ट (Non-economic Pests)

इनकी सामान्य संतुलन स्थिति (GEP) सदैव ETL और EIL से बहुत नीचे रहती है (जैसे Acrida टिड्डा); इनमें कभी भी छिड़काव की आवश्यकता नहीं पड़ती।

2. आकस्मिक नाशीकीट (Occasional Pests)

इनका GEP सामान्यतः EIL से नीचे रहता है, किंतु विशेष मौसमी अनुकूलता या परजीवियों के नष्ट होने पर कभी-कभार इनकी संख्या ETL को पार कर जाती है (जैसे कपास की तंबाकू इल्ली)।

3. बारहमासी / स्थायी नाशीकीट (Perennial Pests)

इनका GEP आर्थिक क्षति स्तर (EIL) के बहुत करीब रहता है और लगभग हर फसल ऋतु में इनकी आबादी ETL को पार कर जाती है (जैसे धान का पीला तना छेदक, चने की फली छेदक इल्ली)।

4. गंभीर / मुख्य नाशीकीट (Severe / Key Pests)

इनका प्राकृतिक GEP सदैव EIL के ऊपर बना रहता है! बिना नियमित और सघन प्रबंधन के इनमें फसल उगाना असंभव होता है (जैसे कपास के गूलर छेदक, गोभी का DBM, बैंगन का फल छेदक)।

2. समन्वित कीट प्रबंधन की प्रमुख पद्धतियाँ / घटक (Practices & Tools of IPM Pyramid)

  1. सस्य / कर्षण विधियाँ (Cultural Practices — प्रथम रक्षा पंक्ति):
    • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई (Summer Deep Ploughing): मई-जून में मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करने पर जमीन में छिपे प्यूपा व अंडे (चना फली छेदक, कातरा, सफेद लट, फल मक्खी, टिड्डा) तेज धूप व पक्षियों द्वारा नष्ट हो जाते हैं।
    • फसल चक्र (Crop Rotation) एवं स्वच्छ खेती (Clean Cultivation): मेड़ों की घास साफ करने से कातरा व गंधी बग का आश्रय समाप्त होता है।
    • बुवाई के समय में परिवर्तन (Adjustment of Sowing Time): अगेती बुवाई से ज्वार में शूट फ्लाई और सरसों में माहू (Aphid) से बचाव होता है।
    • प्रलोभन / फंदा फसलें (Trap Cropping): मुख्य फसल को बचाने के लिए कीट की पसंदीदा फसल कतारों में उगाना—जैसे:
      • कपास में भिंडी या गेंदा (बॉलवर्म हेतु) एवं अरंडी (Castor) (Spodoptera litura हेतु);
      • पत्तागोभी में भारतीय सरसों (25:2 अनुपात) (डायमंडबैक मॉथ – DBM हेतु);
      • टमाटर में अफ्रीकी गेंदा (16:1 अनुपात) (फल छेदक Helicoverpa हेतु)।
    • धान में पगडंडी बनाना (Alleyways in Rice): हर 2–3 मीटर पर 30 cm खाली रास्ता छोड़ने से सूर्य का प्रकाश व हवा नीचे तने तक पहुँचती है और भूरे फुदके (BPH) का प्रकोप रुकता है।
  2. यांत्रिक एवं भौतिक विधियाँ (Mechanical & Physical Practices):
    • अंड-समूहों व झंडु में रहने वाली इल्लियों (Spodoptera, बिहार हेयरी कैटरपिलर) को हाथ से तोड़कर नष्ट करना; कातरा इल्लियों के विरुद्ध खेत के चारों ओर खंदक (Trenching) खोदना; आम के तने पर गुजिया (Mealybug) रोकने हेतु अल्काथीन बैंडिंग; अनार में फ्रूट बैगिंग।
    • व्यवहारिक पाश (Traps): रात्रिचर पतंगों हेतु प्रकाश पाश (Light trap @ 1/ha); सफेद मक्खी व माहू हेतु पीला चिपचिपा पाश (Yellow sticky trap); थ्रिप्स हेतु नीला चिपचिपा पाश (Blue sticky trap); तथा नर पतंगों की निगरानी व मास-ट्रैपिंग हेतु फेरोमोन पाश (Pheromone trap @ 5/ha for monitoring & 20–25/ha for mass trapping)।
  3. परपोषी पादप प्रतिरोध (Host Plant Resistance — HPR; R.H. Painter, 1951):
    • कीट-रोधी किस्मों का उपयोग (Non-preference/Antixenosis, Antibiosis एवं Tolerance)—जैसे धान की BPH-रोधी किस्में (IR-36, IR-64), गॉल मिज-रोधी (फाल्गुना, सुरेखा) और Bt कपास।
  4. जैविक नियंत्रण (Biological Control — IPM का हृदय):
    • अंड परजीवी (Egg Parasitoids): Trichogramma chilonis और T. japonicum (@ 50,000 से 1,00,000 परजीवी/ha)।
    • परभक्षी (Predators): लेडीबर्ड भृंग (Coccinella septempunctata), ग्रीन लेसविंग (Chrysoperla zastrowi sillemi), मकड़ियाँ और खेत में पक्षियों के बैठने हेतु T-आकार की खूँटियाँ (Bird perches @ 20–25/ha)।
    • सूक्ष्मजीवी जैव-कीटनाशक (Entomopathogens): जीवाणु Bacillus thuringiensis (Bt @ 1.0 kg/ha); विषाणु HaNPV व SlNPV (@ 250–500 LE/ha); तथा कवक Beauveria bassiana (सफेद मस्कर्डाइन), Metarhizium anisopliae (हरा मस्कर्डाइन) और Lecanicillium lecanii।
  5. वानस्पतिक एवं विधिक उपाय (Botanicals & Legal Quarantine):
    • नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) या अजाडिराक्टिन (1500–3000 ppm) का प्रयोग तथा पादप संगरोध अधिनियम (DIP Act 1914)।
  6. विवेकपूर्ण रासायनिक नियंत्रण (Judicious Chemical Control — अंतिम अस्त्र / Last Resort):
    • केवल तभी जब कीट आबादी ETL को पार कर जाए, तब पर्यावरण-सुरक्षित व परजीवी-अनुकूल (Green/Blue triangle) चयनात्मक कीटनाशकों का सही समय व सही मात्रा में प्रयोग।

3. समन्वित कीट प्रबंधन का कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ (Scope & Limitations of IPM)

  • कार्यक्षेत्र एवं लाभ (Scope & Advantages): (1) रासायनिक कीटनाशकों की खपत में 50–70% की कमी, (2) कीट प्रतिरोध व पुनरुत्थान (Resurgence) पर रोक, (3) मधुमक्खियों, केंचुओं व प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण, (4) कीटनाशक अवशेष-मुक्त (Residue-free) निर्यात गुणवत्ता का उत्पाद, और (5) उच्च लाभ-लागत अनुपात (Higher B:C Ratio)।
  • सीमाएँ एवं बाधाएँ (Limitations / Constraints): (1) किसान को उच्च तकनीकी ज्ञान (ETL की पहचान, मित्र व शत्रु कीट में भेद) की आवश्यकता होती है, (2) जैविक व वानस्पतिक कारकों का असर धीमा होता है (किसान को तुरंत कीट मरता हुआ नहीं दिखता), (3) बायो-एजेंट्स (Trichogramma, NPV) की कम शेल्फ-लाइफ व समय पर उपलब्धता की कमी, और (4) टिड्डी, सफेद लट व कातरा जैसे कीटों में पूरे गाँव के सामूहिक सहयोग (Community participation) के बिना एक किसान का प्रयास विफल हो जाता है।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

IPM में प्रयुक्त रणनीतियों का वर्गीकरण:

  • 1. निवारक एवं पारिस्थितिक रणनीतियाँ (Preventive / Bio-intensive IPM): सस्य क्रियाएँ, प्रतिरोधी किस्में (HPR), ट्रैप क्रॉपिंग, बर्ड पर्च और प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण (ETL से पहले लागू)।
  • 2. उपचारात्मक रणनीतियाँ (Curative / Interventionist IPM): जब कीट ETL पर पहुँच जाए तब फेरोमोन मास-ट्रैपिंग, NPV/Bt/नीम छिड़काव और अंत में चयनात्मक हरित-रसायन कीटनाशक का प्रयोग।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • ‘उन्मूलन नहीं, बल्कि प्रबंधन’ का सिद्धांत (Principle of Management, Not Eradication): IPM का लक्ष्य खेत से कीट प्रजाति के प्रत्येक सदस्य को 100% समाप्त (Eradicate) करना नहीं है—क्योंकि यदि कीट 100% समाप्त हो गए तो उनके परभक्षी और परजीवी मित्र कीट भी भूख से मर जाएंगे! IPM का सिद्धांत कीटों की संख्या को केवल EIL से नीचे रखना है ताकि मित्र कीट भी जीवित रहें।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

हल किया गया संख्यात्मक प्रश्न: आर्थिक क्षति स्तर (EIL) एवं आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) की गणना

प्रश्न (Norton, 1976 / Pedigo, 1986 के सूत्र पर आधारित): चने की फसल में फली छेदक (Helicoverpa armigera) के नियंत्रण पर प्रति हेक्टेयर कुल खर्च (C) =₹1,800/ha है। चने का बाजार मूल्य (V) =₹6,000/क्विंटल है। प्रति वर्ग मीटर 1 इल्ली होने पर प्रति हेक्टेयर 0.12 क्विंटल उपज हानि (I×D) होती है और छिड़काव से 80% कीट नियंत्रण दक्षता (K=0.80) मिलती है। आर्थिक क्षति स्तर (EIL) ज्ञात कीजिए।

हल (Solution):

  • पेडिगो (Pedigo et al., 1986) का EIL सूत्र:
    EIL=CV×I×D×K
    (जहाँ C=1800, V=6000, I×D=0.12 q/ha per larva/m2, K=0.80)
  • मान रखने पर:
    EIL=18006000×0.12×0.80=1800576=3.125 इल्ली प्रति वर्ग मीटर (Larvae/m2)
  • चूँकि आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) सामान्यतः EIL के 70–80% पर निर्धारित किया जाता है, अतः ETL≈2.0–2.5 इल्ली/m2 (या 1–2 इल्ली प्रति मीटर कतार) होगा।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 1.1: आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) बनाम आर्थिक क्षति स्तर (EIL) एवं प्रमुख फसलों के मानक ETL
फसल एवं प्रमुख नाशीकीट वैज्ञानिक नाम मानक आर्थिक दहलीज स्तर (Standard ETL) प्रमुख IPM हस्तक्षेप
1. धान — पीला तना छेदक (YSB) Scirpophaga incertulas 5–10% डेड हार्ट या 1 अंड-समूह/m² या 2 सफेद बाली/m² Trichogramma japonicum @ 50,000/ha, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल
2. धान — भूरा फुदका (BPH) Nilaparvata lugens 5–10 फुदके प्रति पूँज (Hill) (मकड़ी होने पर 10–15/पूँज) 30 cm पगडंडी (Alleyways), पानी निकालना, पाइमेट्रोजिन
3. चना/कपास — फली/गूलर छेदक Helicoverpa armigera 1–2 इल्ली/मीटर कतार या 5–10% क्षतिग्रस्त फलियाँ/गूलर T-खूँटी, फेरोमोन ट्रैप, HaNPV @ 250 LE/ha, इमामेक्टिन
4. कपास — हरा तेला (Jassid) Amrasca biguttula 1–2 शिशु/वयस्क प्रति पत्ती रोमयुक्त किस्म, पीला चिपचिपा पाश, फ्लोनिकामिड
5. कपास — सफेद मक्खी (Whitefly) Bemisia tabaci 6–8 वयस्क मक्खी प्रति पत्ती पीला चिपचिपा पाश, नीम तेल, स्पाइरोमेसिफेन / डायफेंथियूरॉन
6. सरसों — माहू / चेपा (Aphid) Lipaphis erysimi 25–50 माहू प्रति 10 cm शीर्ष केंद्रीय प्ररोह (या 30% पौधे ग्रसित) अक्टूबर अगेती बुवाई, ग्रसित टहनी तोड़ना, इमिडाक्लोप्रिड

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) के मूलभूत गणितीय सूत्र
  • 1. आर्थिक क्षति स्तर (Economic Injury Level — Pedigo et al., 1986):
    EIL=CV×I×D×K
    (जहाँ C = प्रबंधन की लागत ₹/ha, V = फसल का बाजार मूल्य ₹/इकाई उपज, I = प्रति कीट क्षति इकाई, D = प्रति इकाई क्षति से उपज हानि, K = नियंत्रण से कीट आबादी में आनुपातिक कमी)
  • 2. ETL एवं EIL का संबंध:ETL<EIL (नियंत्रण की कार्रवाई हमेशा ETL पर की जाती है ताकि आबादी EIL को न छू सके)।
  • 3. HaNPV में लार्वा तुल्यांक (Larval Equivalent – LE):
    1 LE (Larval Equivalent)=6×109 PIBs (Polyhedral Inclusion Bodies / Viral Occlusion Bodies)
    (यह पूर्णतः विकसित 3 बीमार इल्लियों से प्राप्त विषाणु कणों के बराबर होता है; चने में दर: 250 LE/ha, टमाटर/कपास में: 250–500 LE/ha।)

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 01: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM — अवधारणा, घटक एवं ETL/EIL)
ऐतिहासिक विकास एवं पारिस्थितिक आधार
  • Stern et al. (1959): ‘Integrated Control’ व EIL/ETL की अवधारणा
  • Geier & Clark (1961): ‘Pest Management’ | Carson (1962): Silent Spring
  • ICAR-NCIPM (नई दिल्ली, 1988) एवं DPPQS (फरीदाबाद, 1946)
  • 3 R’s संकट: Resistance, Resurgence एवं Residue
EIL, ETL एवं GEP मानदंड
  • EIL = C / (V × I × D × K) — न्यूनतम आर्थिक क्षति घनत्व
  • ETL (Action Threshold): सदैव EIL से कम (नियंत्रण शुरू करने का स्तर)
  • GEP: दीर्घकालिक औसत प्राकृतिक जनसंख्या घनत्व
  • कीटों की 4 श्रेणियाँ: Non-pest, Occasional, Perennial, Key pest
IPM के 6 प्रमुख घटक (Practices)
  • 1. सस्य: ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, अगेती बुवाई, ट्रैप फसल (गोभी+सरसों 25:2)
  • 2. यांत्रिक/भौतिक: प्रकाश पाश, पीला/नीला स्टिकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप
  • 3. जैविक: Trichogramma, Chrysoperla, Coccinella, Bt, NPV (250 LE/ha)
  • 4. HPR किस्में, वानस्पतिक (NSKE 5%) व अंतिम विकल्प रासायनिक
कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ
  • लाभ: 50-70% रसायन बचत, प्राकृतिक शत्रुओं व परागणकों की रक्षा
  • सीमाएँ: उच्च तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता, धीमी जैविक क्रिया
  • बायो-एजेंट्स की कम शेल्फ-लाइफ व सामुदायिक सहयोग की अनिवार्यता

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

खेत में समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) निर्णय एवं क्रियान्वयन प्रवाह (IPM Decision-Making Flowchart)
Step 1
चरण 1 (बुवाई-पूर्व निवारक आधार): ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई + स्वच्छ मेड़ + कीट-प्रतिरोधी किस्म (HPR) + बीज उपचार + बॉर्डर/ट्रैप फसल (जैसे टमाटर में गेंदा 16:1)
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Step 2
चरण 2 (नियमित निगरानी – Agro-Ecosystem Analysis / AESA): साप्ताहिक रूप से खेत में कीट बनाम मित्र कीट अनुपात (Defender:Pest ratio) और फेरोमोन/स्टिकी ट्रैप की जाँच
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Step 3
चरण 3 (पारिस्थितिक एवं जैविक हस्तक्षेप): खेत में 20–25 T-खूँटियाँ लगाना + अंड परजीवी Trichogramma (50,000/ha) छोड़ना + नीम अर्क (NSKE 5%) या HaNPV (250 LE/ha) का स्प्रे
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Step 4
चरण 4 (ETL निर्णय बिंदु): क्या इसके बाद भी कीट जनसंख्या आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) को पार कर गई है? → यदि ‘नहीं’, तो छिड़काव न करें; यदि ‘हाँ’, तो चरण 5 अपनाएँ
⬇
Step 5
चरण 5 (अंतिम अस्त्र – Judicious Chemical): केवल सुरक्षित, चयनात्मक हरित-त्रिकोण कीटनाशक का सही मात्रा में छिड़काव कर आबादी को EIL तक पहुँचने से पहले रोकना

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • वर्ष 1959 में ‘वी.एम. स्टर्न एवं सहयोगियों’ (Stern et al., 1959) ने ‘Integrated Control’ शब्द तथा ‘EIL’ और ‘ETL’ की अवधारणा प्रतिपादित की थी।
  • राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NCIPM) नई दिल्ली में स्थित है (स्थापना: 1988), जबकि वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय (DPPQS) फरीदाबाद (हरियाणा) में है।
  • आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) का मान सदैव आर्थिक क्षति स्तर (EIL) से कम होता है (ETL < EIL), और कीटनाशक छिड़काव का निर्णय हमेशा ETL पर लिया जाता है।
  • 1 लार्वा तुल्यांक (1 LE of NPV) में 6×109 पॉलीहेड्रल इन्क्लूजन बॉडीज (PIBs) होते हैं जो 3 पूर्ण विकसित संक्रमित इल्लियों से प्राप्त होते हैं।
  • प्रसिद्ध ट्रैप फसल अनुपात: पत्तागोभी में DBM के लिए ’25 कतार गोभी : 2 कतार सरसों’ तथा टमाटर में फल छेदक के लिए ’16 कतार टमाटर : 1 कतार अफ्रीकी गेंदा’।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • इतिहास: Stern et al. (1959) → Integrated Control & EIL/ETL; Geier & Clark (1961) → Pest Management; Rachel Carson (1962) → Silent Spring।
  • EIL सूत्र:EIL=C/(V×I×D×K); सदैव ETL<EIL।
  • जैव-एजेंट्स: अंड परजीवी Trichogramma; परभक्षी Chrysoperla व Coccinella; विषाणु HaNPV/SlNPV (1 LE=6×109 PIBs); जीवाणु Bt; कवक Beauveria व Metarhizium।
  • वानस्पतिक: NSKE 5% (Azadirachtin)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. वर्ष 1959 में ‘समन्वित नियंत्रण’ (Integrated Control) के साथ-साथ ‘आर्थिक क्षति स्तर’ (EIL) और ‘आर्थिक दहलीज स्तर’ (ETL) की ऐतिहासिक अवधारणा किन वैज्ञानिकों ने दी थी?
(A) स्टर्न एवं सहयोगी (Stern, Smith, van den Bosch & Hagen, 1959)
(B) पॉल मुलर (1939)
(C) जेथ्रो टल (1731)
(D) नॉर्मन बोरलॉग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) स्टर्न एवं सहयोगी (Stern, Smith, van den Bosch & Hagen, 1959)
व्याख्या: Stern et al. (1959) ने अपने प्रसिद्ध शोधपत्र में जैविक व रासायनिक नियंत्रण के समन्वय तथा EIL और ETL की अवधारणा दी थी।
2. किसी कीट जनसंख्या का वह घनत्व जिस पर तुरंत नियंत्रण उपाय शुरू कर देना चाहिए ताकि कीट आबादी ‘आर्थिक क्षति स्तर’ (EIL) तक न पहुँच सके, क्या कहलाता है?
(A) आर्थिक दहलीज स्तर (Economic Threshold Level — ETL)
(B) सामान्य संतुलन स्थिति (GEP)
(C) मृत्यु बिंदु
(D) वहन क्षमता (Carrying capacity)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) आर्थिक दहलीज स्तर (Economic Threshold Level — ETL)
व्याख्या: ETL (Action Threshold) वह चेतावनी स्तर है जिस पर नियंत्रण शुरू किया जाता है ताकि आबादी EIL को न छू सके (ETL < EIL)।
3. राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NCIPM) कहाँ स्थित है?
(A) नई दिल्ली (स्थापना 1988)
(B) हैदराबाद
(C) जोधपुर
(D) कोलकाता
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नई दिल्ली (स्थापना 1988)
व्याख्या: ICAR-National Research Centre for Integrated Pest Management (NCIPM) पूसा परिसर, नई दिल्ली में स्थित है।
4. न्यूक्लियर पॉलीहेड्रोसिस वायरस (NPV) के मानक में ‘1 लार्वा तुल्यांक’ (1 Larval Equivalent — 1 LE) में कितने विषाणु कण (PIBs) होते हैं?
(A) 6 × 10⁹ PIBs (3 पूर्ण विकसित संक्रमित इल्लियों से प्राप्त)
(B) 100 PIBs
(C) 10² PIBs
(D) 1 मिलियन जीवाणु
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 6 × 10⁹ PIBs (3 पूर्ण विकसित संक्रमित इल्लियों से प्राप्त)
व्याख्या: 1 LE = 6 × 10⁹ Polyhedral Inclusion Bodies (PIBs); चने में HaNPV @ 250 LE/ha प्रयोग किया जाता है।
5. पत्तागोभी में डायमंडबैक मॉथ (DBM — Plutella xylostella) के प्रबंधन के लिए किस फसल को 25:2 के अनुपात में ट्रैप फसल (Trap crop) के रूप में उगाया जाता है?
(A) भारतीय सरसों (Indian Mustard — Brassica juncea)
(B) गेंदा
(C) गेहूँ
(D) गन्ना
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) भारतीय सरसों (Indian Mustard — Brassica juncea)
व्याख्या: पत्तागोभी की प्रत्येक 25 कतारों के बाद सरसों की 2 कतारें (पहली रोपाई के 15 दिन पहले व दूसरी 25 दिन बाद) बोने से DBM के 80-90% पतंगे सरसों पर आकर्षित हो जाते हैं।
6. टमाटर में फल छेदक (Helicoverpa armigera) के नियंत्रण के लिए ’16 कतार टमाटर : 1 कतार ट्रैप फसल’ के रूप में किस पौधे का उपयोग किया जाता है?
(A) ऊँचा अफ्रीकी गेंदा (Tall African Marigold — Tagetes erecta)
(B) पालक
(C) मूली
(D) धनिया
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ऊँचा अफ्रीकी गेंदा (Tall African Marigold — Tagetes erecta)
व्याख्या: अफ्रीकी गेंदा फल छेदक पतंगों को अंडे देने के लिए आकर्षित करता है और साथ ही सूत्रकृमि (Nematodes) को भी दबाता है।
7. कीटों की वह श्रेणी जिनकी सामान्य संतुलन स्थिति (GEP) सदैव आर्थिक क्षति स्तर (EIL) से ऊपर बनी रहती है, क्या कहलाती है?
(A) गंभीर / मुख्य नाशीकीट (Severe / Key Pests)
(B) अ-नाशीकीट (Non-pests)
(C) आकस्मिक कीट (Occasional pests)
(D) मित्र कीट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गंभीर / मुख्य नाशीकीट (Severe / Key Pests)
व्याख्या: Key/Severe pests (जैसे कपास के गूलर छेदक, चने की फली छेदक) का GEP हमेशा EIL के ऊपर रहता है।
8. वर्ष 1962 में प्रकाशित किस ऐतिहासिक पुस्तक ने सिंथेटिक कीटनाशकों (विशेषकर DDT) के पर्यावरणीय खतरों की ओर विश्व का ध्यान खींचकर IPM की नींव मजबूत की?
(A) साइलेंट स्प्रिंग (Silent Spring — लेखिका: Rachel Carson)
(B) हॉर्स होइंग हसबैंड्री
(C) ओरिजिन ऑफ स्पीशीज
(D) वेल्थ ऑफ नेशंस
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) साइलेंट स्प्रिंग (Silent Spring — लेखिका: Rachel Carson)
व्याख्या: रैचेल कार्सन की ‘Silent Spring’ (1962) ने खाद्य श्रृंखला में DDT के जैव-आवर्धन (Biomagnification) को उजागर किया था।
9. सफेद मक्खी (Whitefly) व माहू (Aphids) तथा थ्रिप्स (Thrips) को आकर्षित करने के लिए क्रमशः किस रंग के चिपचिपे पाश (Sticky traps) लगाए जाते हैं?
(A) सफेद मक्खी/माहू हेतु ‘पीला’ (Yellow) और थ्रिप्स हेतु ‘नीला’ (Blue) चिपचिपा पाश
(B) दोनों के लिए काला पाश
(C) सफेद मक्खी हेतु लाल और थ्रिप्स हेतु भूरा
(D) केवल सफेद कागज
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) सफेद मक्खी/माहू हेतु ‘पीला’ (Yellow) और थ्रिप्स हेतु ‘नीला’ (Blue) चिपचिपा पाश
व्याख्या: रसचूसक सफेद मक्खी, जैसिड व माहू पीले रंग पर तथा थ्रिप्स नीले रंग के चिपचिपे पाश पर सर्वाधिक आकर्षित होते हैं।
10. सब्जियों और कपास में किसी कीट की केवल निगरानी (Monitoring) करने के लिए प्रति हेक्टेयर कितने फेरोमोन पाश (Pheromone traps) लगाए जाते हैं?
(A) 5 पाश प्रति हेक्टेयर (जबकि मास-ट्रैपिंग हेतु 20–25 पाश/हेक्टेयर)
(B) 500 पाश/हेक्टेयर
(C) केवल 1 पाश प्रति 100 हेक्टेयर
(D) 1000 पाश/हेक्टेयर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 5 पाश प्रति हेक्टेयर (जबकि मास-ट्रैपिंग हेतु 20–25 पाश/हेक्टेयर)
व्याख्या: ETL की निगरानी (Monitoring) हेतु 5 फेरोमोन ट्रैप/ha और सामूहिक फँसाव (Mass trapping) हेतु 20–25 ट्रैप/ha मानक दर है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. ‘Integrated Control’ तथा ETL और EIL की अवधारणा वर्ष 1959 में ‘स्टर्न एवं सहयोगियों’ (Stern et al.) ने दी थी।
  2. राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NCIPM) नई दिल्ली में स्थित है (स्थापना: 1988)।
  3. आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) सदैव आर्थिक क्षति स्तर (EIL) से कम होता है (ETL < EIL)।
  4. NPV के 1 लार्वा तुल्यांक (1 LE) में 6 × 10⁹ पॉलीहेड्रल इन्क्लूजन बॉडीज (PIBs) होते हैं।
  5. पत्तागोभी में DBM के लिए ‘सरसों (25:2)’ और टमाटर में फल छेदक के लिए ‘गेंदा (16:1)’ प्रमुख ट्रैप फसलें हैं।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. ETL, EIL और GEP का पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर: ETL = Economic Threshold Level (आर्थिक दहलीज स्तर); EIL = Economic Injury Level (आर्थिक क्षति स्तर); GEP = General Equilibrium Position (सामान्य संतुलन स्थिति)।
2. ‘Integrated Control’ और ‘Pest Management’ शब्द सर्वप्रथम किसने दिए?
उत्तर: Integrated Control: स्टर्न एवं सहयोगी (Stern et al., 1959); Pest Management: गीयर एवं क्लार्क (Geier & Clark, 1961)।
3. अंड परजीवी (Egg parasitoid) और परभक्षी (Predator) का एक-एक प्रमुख उदाहरण दीजिए।
उत्तर: अंड परजीवी: Trichogramma chilonis (या T. japonicum); परभक्षी: Chrysoperla zastrowi sillemi (ग्रीन लेसविंग) या Coccinella septempunctata (लेडीबर्ड भृंग)।
4. अंधाधुंध रासायनिक कीटनाशक प्रयोग से उत्पन्न ‘3 R’ की समस्या क्या है?
उत्तर: (1) Resistance (कीट प्रतिरोध), (2) Resurgence (कीट पुनरुत्थान), और (3) Residue (खाद्य व पर्यावरण में विषाक्त अवशेष)।
5. कपास और पत्तागोभी में प्रयुक्त एक-एक ट्रैप फसल (Trap crop) का नाम लिखिए।
उत्तर: कपास में: भिंडी (बॉलवर्म हेतु) और अरंडी (Spodoptera हेतु); पत्तागोभी में: भारतीय सरसों (25:2 अनुपात में DBM हेतु)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. आर्थिक क्षति स्तर (EIL) और आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) में सूत्र सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: आर्थिक क्षति स्तर (EIL) कीट आबादी का वह न्यूनतम घनत्व है जिस पर कीट द्वारा की गई फसल हानि का आर्थिक मूल्य नियंत्रण के खर्च के बराबर हो जाता है [EIL = C / (V × I × D × K)]। इसके विपरीत, आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) कीट का वह घनत्व है जिस पर तुरंत नियंत्रण कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए ताकि कीट आबादी बढ़ते हुए EIL तक न पहुँच पाए। अतः ETL सदैव EIL से कम होता है (ETL < EIL) और इसे ‘Action Threshold’ भी कहते हैं।
2. समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) में सस्य / कर्षण विधियों (Cultural practices) की भूमिका को पाँच उदाहरणों सहित समझाइए।
उत्तर: सस्य विधियाँ बिना किसी अतिरिक्त लागत और प्रदूषण के कीटों के जीवन चक्र को तोड़ती हैं: (1) ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई: मिट्टी में छिपे कातरा, सफेद लट व फली छेदक के प्यूपा को धूप व पक्षियों के सामने लाकर नष्ट करती है; (2) बुवाई समय में परिवर्तन: ज्वार की अगेती बुवाई शूट फ्लाई से और सरसों की अगेती बुवाई माहू से बचाती है; (3) ट्रैप क्रॉपिंग: टमाटर में गेंदा (16:1) और गोभी में सरसों (25:2); (4) धान में 30 cm पगडंडी (Alleyways) बनाना: भूरे फुदके (BPH) को रोकता है; और (5) मेड़ों की सफाई: घास हटाने से गंधी बग व कातरा का आश्रय नष्ट होता है।
3. IPM में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख जैविक नियंत्रण कारकों (परजीवी, परभक्षी, जीवाणु, विषाणु व कवक) का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: (1) अंड परजीवी (Egg Parasitoids): Trichogramma chilonis (कपास, गन्ना, सब्जियों के बोरर हेतु) एवं T. japonicum (धान के पीले तना छेदक हेतु @ 50,000/ha)। (2) परभक्षी (Predators): लेडीबर्ड भृंग (Coccinella) व क्राइसोपर्ला (माहू व सफेद मक्खी भक्षी)। (3) जीवाणु: Bacillus thuringiensis (Bt @ 1 kg/ha — लेपिडोप्टेरा इल्लियों के आमाशय में डेल्टा-एंडोटॉक्सिन बनाता है)। (4) विषाणु: HaNPV (Helicoverpa हेतु) व SlNPV (Spodoptera हेतु @ 250 LE/ha)। (5) कीट-रोगजनक कवक: Beauveria bassiana, Metarhizium anisopliae (सफेद लट व दीमक हेतु) एवं Lecanicillium lecanii (रसचूसक कीटों हेतु)।
4. रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से ‘कीट पुनरुत्थान’ (Pest Resurgence) और ‘द्वितीयक कीट प्रकोप’ (Secondary Pest Outbreak) कैसे होता है?
उत्तर: कीट पुनरुत्थान (Resurgence): जब ब्रॉड-स्पेक्ट्रम कीटनाशक (जैसे सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स) छिड़के जाते हैं, तो वे लक्षित कीट (जैसे सफेद मक्खी या BPH) के प्राकृतिक शत्रुओं (मकड़ियों व परजीवियों) को मार देते हैं और सब-लीथल मात्रा से कीट की प्रजनन क्षमता (Hormoligosis) बढ़ा देते हैं, जिससे छिड़काव के कुछ दिन बाद कीट की आबादी पहले से भी कई गुना अधिक विस्फोटक रूप में बढ़ जाती है। द्वितीयक कीट प्रकोप: मुख्य कीट को मारने के प्रयास में प्राकृतिक शत्रु नष्ट होने से जो गौण कीट (जैसे कपास में मिलीबग व थ्रिप्स) पहले नुकसान नहीं करते थे, वे मुख्य कीट बन जाते हैं।
5. भारत में किसानों के स्तर पर समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) अपनाने में आने वाली प्रमुख बाधाएँ (Limitations) क्या हैं?
उत्तर: (1) तकनीकी जटिलता: प्रत्येक कीट के ETL की गणना करने और मित्र व शत्रु कीटों की पहचान करने के लिए उच्च प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। (2) धीमी मारक क्रिया: नीम, Bt या NPV का असर 3–5 दिन में दिखता है, जबकि किसान रासायनिक कीटनाशक की तरह तुरंत नॉक-डाउन (Knock-down) चाहता है। (3) गुणवत्तापूर्ण बायो-एजेंट्स की अनुपलब्धता: ग्रामीण क्षेत्रों में जीवित Trichogramma कार्ड व ताजे NPV/कवक समय पर नहीं मिलते और उनकी शेल्फ-लाइफ कम होती है। (4) सामुदायिक सहयोग का अभाव।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. समन्वित कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management – IPM) की परिभाषा, ऐतिहासिक विकास और आवश्यकता स्पष्ट करते हुए आर्थिक क्षति स्तर (EIL), आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) तथा सामान्य संतुलन स्थिति (GEP) के पारस्परिक संबंध और कीट श्रेणियों का सचित्र/सूत्र सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: Stern et al. (1959) व FAO की परिभाषा, 3 R’s संकट, EIL सूत्र व हल किया गया न्यूमेरिकल, चारों कीट श्रेणियों (Non-pest, Occasional, Perennial, Key pest) और सारणी 1.1 के मानक ETL का विस्तार से वर्णन करें।
2. समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) में प्रयुक्त सभी प्रमुख पद्धतियों—सस्य (Cultural), यांत्रिक (Mechanical), भौतिक, परपोषी पादप प्रतिरोध (HPR), जैविक (Biological), वानस्पतिक एवं विवेकपूर्ण रासायनिक—का उदाहरणों सहित सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: IPM पिरामिड के सभी 6 स्तंभों और उनके अंतर्गत आने वाली प्रत्येक तकनीक (जुताई, ट्रैप क्रॉपिंग, स्टिकी व फेरोमोन ट्रैप, बर्ड पर्च, Trichogramma, NPV, Bt, NSKE 5% व सुरक्षित रसायन) की विस्तृत व्याख्या करें।
3. भारतीय कृषि में समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) के कार्यक्षेत्र (Scope/Potential) और इसकी व्यावहारिक सीमाओं (Limitations) की समीक्षा कीजिए तथा इसे सफल बनाने के उपाय सुझाइए।
उत्तर रूपरेखा: पर्यावरण सुरक्षा, निर्यात गुणवत्ता, लागत में कमी, Farmer Field Schools (FFS), AESA (Agro-Ecosystem Analysis), बायो-विलेज मॉडल और सीमाओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा करें।

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