ENT 311 Lecture 15: कपास के गूलर छेदक (Bollworms): धब्बेदार गूलर छेदक एवं गुलाबी गूलर छेदक

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 15: कपास के गूलर छेदक (Bollworms): धब्बेदार गूलर छेदक एवं गुलाबी गूलर छेदक
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 15)
कपास का चितकबरा बॉलवर्म (Earias — ‘फ्लेयर्ड स्क्वायर’) बनाम गुलाबी सुंडी (Pectinophora gossypiella — ‘रोज़ेट फूल’ व ‘जुड़वां बीज’)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- कपास के ‘गूलर छेदक परिसर’ (Cotton Bollworm Complex — धब्बेदार गूलर छेदक, गुलाबी गूलर छेदक एवं अमेरिकी गूलर छेदक) के आक्रमण अनुक्रम को समझना।
- धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm — Earias vittella एवं Spiny Bollworm — Earias insulana; कुल Nolidae/Noctuidae, गण Lepidoptera) की पहचान, द्वि-प्रावस्था क्षति (वानस्पतिक अवस्था में प्ररोह का मुरझाकर झुकना तथा कली अवस्था में ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स / Flared squares’ व विष्ठा से भरे गूलर छिद्र) और प्रबंधन का अध्ययन करना।
- गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae, गण Lepidoptera) की पहचान, ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower — गुलाब की बंद कली जैसा फूल), गूलर में प्रवेश छिद्र का बंद हो जाना (Healed entry hole), ‘दोहरे जुड़े बीज’ (Double seeds), एकभक्षी प्रकृति से बोलगार्ड-II (BG-II Bt कपास) में प्रतिरोध के विकास और ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) मेटिंग डिसरप्शन व समन्वित प्रबंधन को कंठस्थ करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): कपास (‘सफेद सोना’ — Gossypium spp.) में कलियों (Squares), फूलों और गूलरों/टिंडों (Bolls) को अंदर से खाकर 50% से 80% तक उत्पादन नष्ट करने वाली इल्लियों को सामूहिक रूप से ‘गूलर छेदक’ (Bollworms) कहा जाता है। भारत में कपास के तीन प्रमुख गूलर छेदक हैं: (1) धब्बेदार एवं काँटेदार गूलर छेदक (Earias vittella एवं Earias insulana) जो शुरुआती प्ररोह अवस्था से गूलर बनने तक लगता है; (2) अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera) जो कलियों व गूलरों में बड़े गोल छेद बनाता है; और (3) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella) जो फसल के उत्तरार्ध में गूलर के अंदर छिपकर बिनौले व रुई को नष्ट करता है।
आज भारतीय कपास खेती के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) ने बोलगार्ड-I (Cry1Ac) के बाद अब बोलगार्ड-II (Cry1Ac + Cry2Ab) Bt कपास के विरुद्ध भी व्यापक प्रतिरोध (Resistance) विकसित कर लिया है! अतः इसके विशिष्ट लक्षणों (Rosette flower, Double seed) और फेरोमोन (Gossyplure) व ऑफ-सीजन प्रबंधन का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. धब्बेदार एवं काँटेदार गूलर छेदक (Spotted & Spiny Bollworms — Earias vittella & E. insulana)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Earias vittella (धब्बेदार) एवं Earias insulana (काँटेदार) | कुल: Nolidae (पूर्व में Noctuidae) | गण: Lepidoptera। (अन्य मुख्य परपोषी: भिंडी, गुड़हल, कंघी बूटी)।
- दोनों प्रजातियों के वयस्क पतंगों में स्पष्ट अंतर (Exam Favorite!):
- Earias vittella (Spotted Bollworm): अग्र-पंख हल्के पीले या क्रीम रंग के होते हैं और उनके बीच में आधार से सिरे तक एक चौड़ी हरी पच्चर जैसी पट्टी (Wedge-shaped green band in the middle of forewing) होती है।
- Earias insulana (Spiny Bollworm): इसके अग्र-पंख पूरी तरह से एकसमान मटर जैसे हरे रंग (Completely uniform grass-green forewings) के होते हैं।
- जीवविज्ञान: मादा कलियों व कोमल पत्तियों पर नीले-हरे रंग के मुकुट जैसे नक्काशीदार अंडे (Sculptured crown-shaped eggs) देती है। इल्ली मटमैले भूरे-हरे रंग की होती है जिस पर नारंगी धब्बे और छोटे मांसल काँटे (Fleshy tubercles/setae) होते हैं। प्यूपा पौधे या गिरी पत्तियों पर नाव के आकार के सख्त मटमैले कोकून (Boat-shaped tough silken cocoon) में बनता है।
- दो अवस्थाओं में क्षति की प्रकृति (Biphasic Damage):
- वानस्पतिक अवस्था (बुवाई के 3–6 सप्ताह बाद — Shoot Boring): जब पौधे पर अभी फूल-गूलर नहीं बने होते, तब इल्ली कोमल शीर्ष प्ररोह (Terminal shoot) में छेद करके नीचे की ओर सुरंग बनाती है जिससे ऊपरी प्ररोह मुरझाकर नीचे झुक जाता है और सूख जाता है (Drooping & withering of terminal shoot)।
- प्रजनन अवस्था (पुष्पन व गूलर अवस्था — Boll Boring): कलियों में छेद करने से सहपत्र खुल जाते हैं (‘Flared squares’) व कलियाँ झड़ जाती हैं। गूलरों में टेढ़ा-मेढ़ा छेद बनाती है और प्रवेश छिद्र इल्ली की हरी-भूरी विष्ठा (पोटली/Excreta pellets) से बंद रहता है।
2. गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Pectinophora gossypiella | कुल: Gelechiidae | गण: Lepidoptera। (कपास व भिंडी कुल तक सीमित)।
- पहचान एवं जीवविज्ञान:
- वयस्क पतंगा: गहरा भूरा छोटा पतंगा (8–10 mm) जिसके पंखों पर काले धब्बे और पिछले पंखों पर झालर (Fringed margins) होती है।
- इल्ली (Pink Larva): नवजात इल्ली सफेद होती है, किंतु तीसरी-चौथी अवस्था में इसके प्रत्येक खंड पर गहरी गुलाबी रंग की आड़ी पट्टियाँ बन जाती हैं जिससे पूरी इल्ली गुलाबी (Pink caterpillar) दिखती है।
- द्वि-चक्रीय जीवन (Short-cycle vs Long-cycle Diapause): फसल काल में इल्ली 15–20 दिन में प्यूपा बनाकर पीढ़ी पूरी करती है, किंतु नवंबर-दिसंबर में अंतिम तुड़ाई के समय की इल्लियाँ दो खोखले बिनौलों को रेशम से जोड़कर (‘Double seed’) उसके अंदर 6 से 8 महीने तक सुप्तावस्था (Larval diapause) में चली जाती हैं—यही सुप्त इल्लियाँ जिनिंग मिलों और बीज गोदामों से अगली फसल में संक्रमण फैलाती हैं!
- क्षति के विशिष्ट और अचूक लक्षण (ETL: 8 पतंगे/फेरोमोन ट्रैप/रात लगातार 3 रात या 10% रोसेट फूल/ग्रसित हरे गूलर):
- रोसेट फ्लावर (Rosette Flower): फूल की पंखुड़ियाँ रेशम से बंधकर गुलाब की कली या फिरकी जैसी मुड़ जाती हैं और फूल पूरा नहीं खिल पाता।
- बाहर से स्वस्थ दिखने वाले गूलर (Healed Entry Holes — छिपा हुआ शत्रु!): इल्ली हरे गूलर में सुई जैसा छेद करके अंदर घुसती है और छेद तुरंत भर जाता है। इसलिए बाहर से गूलर बिल्कुल स्वस्थ दिखता है और उस पर न तो Helicoverpa जैसा बड़ा गोल छेद होता है और न ही Earias जैसी बाहर निकली विष्ठा!
- अंदरूनी विनाश एवं अंधा गूलर (Locule Damage, Bad Boll Opening & Double Seeds): इल्ली गूलर के अंदर बिनौलों (Seeds) को खा जाती है, एक फांक से दूसरी फांक की दीवार (Septum) में गोल छेद करती है और रेशे काट देती है जिससे गूलर सही से नहीं खिलता (‘कौड़ी / Bad boll opening’), रुई पीली व कमजोर रह जाती है और ओटाई के बाद जुड़े हुए दोहरे बीज (Double seeds) मिलते हैं।
- गुलाबी एवं धब्बेदार गूलर छेदक का समन्वित प्रबंधन (IPM for Cotton Bollworms):
- ऑफ-सीजन एवं सस्य उपाय (सुप्त इल्लियों की कड़ी तोड़ना — सबसे अनिवार्य!):
- दिसंबर तक कपास की अंतिम तुड़ाई पूरी कर तुरंत फसल अवशेष व लकड़ियों (Cotton stalks) को श्रेडर से काटकर नष्ट करना; पेड़ी कपास (Ratoon cotton) या फसल की अवधि बढ़ाने का लालच कदापि न करें!
- गर्मी में गहरी जुताई; जिनिंग मिलों के कचरे को जलाना; तथा बुवाई हेतु केवल सल्फ्यूरिक अम्ल से उपचारित (Acid-delinted) एवं एल्युमिनियम फॉस्फाइड से धूम्रित प्रमाणित बीज का उपयोग।
- Bt कपास में रिफ्यूजिया (Refuge-in-Bag / RIB — 5% से 20% Non-Bt कपास पौधे): Bt प्रतिरोध को रोकने के लिए अनिवार्य।
- यांत्रिक एवं फेरोमोन उपाय:
- खेत में ‘रोसेट फूलों’ (Rosette flowers) और मुरझाए प्ररोहों को तोड़कर नष्ट करना।
- निगरानी हेतु बुवाई के 45 दिन पर 5 गोसिपल्यूर फेरोमोन पाश/ha (Gossyplure traps) लगाना, या मास-ट्रैपिंग हेतु 20 पाश/ha लगाना, तथा समागम अवरोधन (Mating disruption) हेतु PB-Rope L (@ 200 रस्सियाँ/ha) या SPLAT का प्रयोग।
- जैविक नियंत्रण: फूल आने से हर 10 दिन पर अंड परजीवी Trichogramma chilonis या Trichogrammatoidea bactrae (@ 1,50,000/ha) और लार्वा परजीवी Bracon greeni / Bracon lefroyi छोड़ना तथा NSKE 5% का स्प्रे।
- रासायनिक नियंत्रण (ETL पार होने पर — हरे गूलरों को काटकर अंदर जाँच करने के बाद!):
• शुरुआती अवस्था (60–90 DAS): प्रोफेनोफॉस 50% EC (@ 1.25–1.5 L/ha) या थायोडिकार्ब 75% WP (@ 750 g/ha) या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG (@ 220 g/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (@ 150 mL/ha) या स्पाइनोसैड 45% SC (@ 165 mL/ha)।
• केवल फसल के अंतिम चरण (120+ DAS — जब सफेद मक्खी का खतरा न हो) में ही सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (जैसे फेनवेलरेट 20 EC @ 500 mL/ha या साइपरमेथ्रिन या लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन 5 EC @ 500 mL/ha) का एक छिड़काव।
- ऑफ-सीजन एवं सस्य उपाय (सुप्त इल्लियों की कड़ी तोड़ना — सबसे अनिवार्य!):
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
कपास के तीनों गूलर छेदकों (Bollworm Complex) का वर्गिकी वर्गीकरण:
- 1. धब्बेदार व काँटेदार गूलर छेदक (Earias vittella & E. insulana): गण Lepidoptera, कुल Nolidae (Noctuidae); फेरोमोन: Ervitlure।
- 2. अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera): गण Lepidoptera, कुल Noctuidae; फेरोमोन: Helilure।
- 3. गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella): गण Lepidoptera, कुल Gelechiidae; फेरोमोन: Gossyplure।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘रिफ्यूजिया’ द्वारा Bt प्रतिरोध प्रबंधन का सिद्धांत (Principle of Refugia / Refuge-in-Bag in Bt Cotton): गुलाबी गूलर छेदक एकभक्षी (केवल कपास खाने वाला) होने के कारण जब पूरे क्षेत्र में 100% Bt कपास बोई गई, तो Bt से बचने वाले दुर्लभ प्रतिरोधी पतंगों ने आपस में ही संभोग करके पूरी आबादी को Bt-प्रतिरोधी बना दिया। इसके समाधान हेतु 5–20% Non-Bt कपास के पौधे (Refugia) उगाए जाते हैं ताकि उन पर पलने वाले बड़ी संख्या में संवेदनशील पतंगे (SS) प्रतिरोधी पतंगों (RR) के साथ संभोग कर संवेदनशील संतानें (RS) पैदा करें और Bt तकनीक की आयु बनी रहे!
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
क्षेत्रीय निदान कुंजी: कपास के गूलर (Boll) को देखकर तीनों बॉलवर्म्स में तुरंत अंतर कैसे करें?
1. अमेरिकी बॉलवर्म (Helicoverpa armigera): गूलर पर एक बड़ा एकदम गोल और साफ छेद (Clean circular hole) होता है, विष्ठा छेद के बाहर नीचे गिरी होती है और इल्ली का आधा शरीर गूलर के अंदर व आधा बाहर रहता है।
2. धब्बेदार बॉलवर्म (Earias vittella): गूलर पर अनियमित छेद होता है जो इल्ली की हरी-भूरी विष्ठा से पूरी तरह भरा/बंद (Hole plugged with excreta) रहता है तथा इल्ली पूरी अंदर रहती है (और शुरुआती फसल में प्ररोह मुरझाते हैं व Flared squares बनते हैं)।
3. गुलाबी बॉलवर्म (Pectinophora gossypiella): हरे गूलर के बाहर कोई छेद या विष्ठा नहीं दिखती (प्रवेश छिद्र बंद हो जाता है!); गूलर को चाकू से काटकर खोलने पर ही अंदर गुलाबी इल्ली और खाए हुए बिनौले (Double seeds) मिलते हैं तथा फूल ‘रोसेट’ (Rosette flower) बन जाते हैं!
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 15.1: कपास के तीनों गूलर छेदकों (Spotted, Pink एवं American Bollworm) की मास्टर तुलना
| तुलना का आधार | धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm) | गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) | अमेरिकी गूलर छेदक (American Bollworm) |
|---|---|---|---|
| 1. वैज्ञानिक नाम एवं कुल | Earias vittella / E. insulana (Nolidae) | Pectinophora gossypiella (Gelechiidae) | Helicoverpa armigera (Noctuidae) |
| 2. आक्रमण की मुख्य अवस्था | वानस्पतिक प्ररोह अवस्था से गूलर बनने तक (अगेती से मध्य) | पुष्पन से अंतिम तुड़ाई तक (मध्य से पछेती अवस्था में सर्वाधिक) | कली (Square) व हरी गूलर अवस्था (मध्य अवस्था) |
| 3. विशिष्ट पुष्प/कली लक्षण | मुरझाता शीर्ष प्ररोह एवं ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) | गुलाब की बंद कली जैसा ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) | कलियों में गोल छेद कर खाली करना व झड़ना |
| 4. गूलर (Boll) पर छिद्र की पहचान | गूलर का छिद्र विष्ठा (Excreta) से भरा/बंद रहता है | प्रवेश छिद्र अपने आप भरकर बंद (Healed) हो जाता है + डबल सीड | गूलर में साफ गोल छेद; इल्ली का आधा शरीर बाहर रहता है |
| 5. प्यूपा बनने का स्थान | पौधे/पत्तियों पर नाव जैसे सख्त कोकून में | जुड़े हुए दोहरे बीज (Double seed) या मिट्टी/कचरे में | मिट्टी में 5–10 cm नीचे कोठरी में |
| 6. सेक्स फेरोमोन ल्यूर | एरविटल्यूर (Ervitlure) | गोसिपल्यूर (Gossyplure) | हेलील्यूर (Helilure) |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
कपास के गूलर छेदकों के मानक ETL एवं फेरोमोन मापदंड
- 1. गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) का फेरोमोन ट्रैप एवं गूलर ETL:
- 2. धब्बेदार एवं अमेरिकी गूलर छेदक का ETL:
- 3. मेटिंग डिसरप्शन हेतु गोसिपल्यूर रस्सियाँ (PB-Rope L):
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Nolidae, गण: Lepidoptera | फेरोमोन: Ervitlure
- E. vittella (सफेद पंख पर हरी पट्टी) व E. insulana (पूरे हरे पंख)
- लक्षण 1 (वानस्पतिक): शीर्ष कोमल प्ररोह का मुरझाकर लटकना
- लक्षण 2 (प्रजनन): फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स (Flared squares) व विष्ठा से भरा छिद्र
- कुल: Gelechiidae, गण: Lepidoptera | फेरोमोन: Gossyplure
- लक्षण 1: फूल की पंखुड़ियाँ सिलने से ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower)
- लक्षण 2: गूलर का प्रवेश छिद्र बंद होना (बाहर से स्वस्थ दिखना)
- लक्षण 3: जुड़े हुए दोहरे बिनौले (Double seeds — लार्वा सुप्तावस्था)
- बोलगार्ड-I (Cry1Ac) व बोलगार्ड-II (Cry1Ac + Cry2Ab)
- पिंक बॉलवर्म में एकभक्षी स्वभाव व पेड़ी रखने से BG-II प्रतिरोध
- अनिवार्य उपाय: 5-20% Non-Bt Refugia (Refuge-in-Bag – RIB)
- दिसंबर में समय पर फसल समाप्त कर लकड़ियाँ श्रेडर से नष्ट करना
- एसिड-डीलिंटेड व धूम्रित प्रमाणित बीज + रोसेट फूल तोड़कर नष्ट करना
- Gossyplure ट्रैप (5/ha निगरानी, 20/ha मास ट्रैपिंग) व PB-Rope L
- जैविक: Trichogrammatoidea bactrae (@ 1.5 लाख/ha) व Bracon greeni
- रसायन: प्रोफेनोफॉस, थायोडिकार्ब, इमामेक्टिन, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, स्पाइनोसैड
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- कपास में गुलाब की कली जैसा अधखिला मुड़ा हुआ फूल — ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) — और ‘डबल सीड’ (Double seed) गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae) के विशिष्ट लक्षण हैं।
- कपास में कलियों के सहपत्रों का खुलकर फैल जाना — ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) — और शुरुआती अवस्था में प्ररोह का मुरझाना धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella / E. insulana) का लक्षण है।
- Earias vittella के सफेद अग्र-पंखों के बीच में एक चौड़ी हरी पट्टी होती है, जबकि Earias insulana के अग्र-पंख पूरी तरह हरे होते हैं।
- गुलाबी गूलर छेदक के सेक्स फेरोमोन का नाम ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) है और इसका ETL ‘लगातार 3 रातों तक 8 पतंगे प्रति ट्रैप प्रति रात’ या ‘10% क्षतिग्रस्त हरे गूलर’ है।
- गुलाबी गूलर छेदक ऑफ-सीजन (सर्दियों व गर्मियों) में दो खोखले बिनौलों को रेशम से जोड़कर (‘Double seed’) उसके अंदर लार्वा सुप्तावस्था (Larval diapause) में रहता है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella / E. insulana): Nolidae; प्ररोह मुरझाना, Flared squares, विष्ठा से भरा छिद्र, नाव जैसा कोकून; फेरोमोन Ervitlure।
- गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella): Gelechiidae; Rosette flower, बंद प्रवेश छिद्र (बाहर से स्वस्थ गूलर), Double seed में लार्वा सुप्तावस्था; फेरोमोन Gossyplure (PB-Rope L); BG-II में प्रतिरोध (समाधान: RIB Refugia व समय पर फसल समाप्ति)।
- अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera): Noctuidae; साफ गोल छेद व आधा शरीर बाहर; फेरोमोन Helilure।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- कपास में ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) और ‘डबल सीड’ गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) के विशिष्ट लक्षण हैं।
- कपास में ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) और शुरुआती प्ररोह का मुरझाना धब्बेदार गूलर छेदक (Earias spp.) से होता है।
- गुलाबी गूलर छेदक का सेक्स फेरोमोन ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) है और इसका कुल ‘Gelechiidae’ है।
- धब्बेदार गूलर छेदक (Earias) का प्यूपा नाव के आकार के सख्त कोकून (Boat-shaped cocoon) में बनता है।
- Bt कपास (BG-II) में गुलाबी गूलर छेदक के प्रतिरोध को रोकने के लिए 5–20% Non-Bt ‘रिफ्यूजिया’ (Refuge-in-Bag) उगाना अनिवार्य है।





