ENT 311 Lecture 20: कद्दूवर्गीय सब्जियों के प्रमुख नाशीकीट: फल मक्खी, लाल कद्दू भृंग एवं लाल सब्जी मकड़ी

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 20: कद्दूवर्गीय सब्जियों के प्रमुख नाशीकीट: फल मक्खी, लाल कद्दू भृंग एवं लाल सब्जी मकड़ी
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 20)
कद्दू की फल मक्खी (Zeugodacus cucurbitae — क्यू-ल्यूर ट्रैप), लाल कद्दू भृंग (Aulacophora foveicollis) एवं लाल मकड़ी (Tetranychus urticae)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- कद्दूवर्गीय सब्जियों (लौकी, तोरई, करेला, टिंडा, कद्दू, खीरा, तरबूज, खरबूज — कुल Cucurbitaceae) के सबसे विनाशकारी फल कीट ‘कद्दू की फल मक्खी’ (Melon Fruit Fly — Bactrocera [Dacus] cucurbitae; कुल Tephritidae, गण Diptera) के डंक, फलों से गोंद/राल निकलने, उछलने वाले मैगट द्वारा गूदा सड़ाने, मिट्टी में प्यूपा बनने और ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) पाश व गुड़/प्रोटीन विष-चारे से प्रबंधन को समझना।
- लाल कद्दू भृंग (Red Pumpkin Beetle — Aulacophora foveicollis; कुल Chrysomelidae, गण Coleoptera) की दोहरी क्षति—वयस्क भृंग द्वारा अंकुरित दो-पत्ती (Cotyledon) अवस्था में पत्तियों को छलनी करना और सफेद ग्रब द्वारा मिट्टी के अंदर जड़ों व जमीन से सटे फलों में छेद करना—तथा प्रबंधन का अध्ययन करना।
- लाल सब्जी मकड़ी (Red Vegetable / Spider Mite — Tetranychus cinnabarinus / T. urticae; कुल Tetranychidae, गण Acarina) की पहचान, पत्तियों के नीचे जाला बुनने और विशिष्ट मकड़ीनाशियों (Acaricides) के उपयोग को जानना।
- कद्दूवर्गीय फसलों पर किन कीटनाशकों (जैसे DDT, BHC/Lindane, उच्च सांद्रता कॉपर व सल्फर) से फाइटोटॉक्सिसिटी (पत्ती जलन) होती है, इस महत्वपूर्ण सावधानी को कंठस्थ करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): कद्दूवर्गीय सब्जियाँ (Cucurbits — लौकी, तोरई, करेला, खीरा, कद्दू, टिंडा, तरबूज व खरबूज) भारत में नदी के कछार (Riverbed / Diara cultivation) से लेकर बाड़ और खेतों तक साल भर उगाई जाती हैं। इन फसलों पर दो सबसे प्रमुख कीट अलग-अलग अवस्थाओं में प्रहार करते हैं: (1) अंकुरण होते ही ‘लाल कद्दू भृंग’ (Red Pumpkin Beetle — Aulacophora foveicollis) कोमल बीजपत्रों (Cotyledons) को खाकर पौध को सुखा देता है; और (2) फूल व छोटे फल बनते ही ‘कद्दू की फल मक्खी’ (Melon Fruit Fly — Bactrocera cucurbitae) फलों में डंक मारकर अंडे देती है जिससे 50% से 100% तक फल अंदर ही अंदर सड़कर गिर जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, गर्म और शुष्क मौसम में ‘लाल सब्जी मकड़ी’ (Tetranychus cinnabarinus) पत्तियों का रस चूसकर बेलों को सुखा देती है। कद्दूवर्गीय फलों में फल मक्खी का मैगट फल के छिलके के नीचे सुरक्षित रहता है, इसलिए उस पर सीधे संपर्क कीटनाशक काम नहीं करते—इसके लिए ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) पाश और ‘प्रोटीन/गुड़ + मैलाथियान विष-चारा स्प्रे’ (Bait spray) ही एकमात्र वैज्ञानिक समाधान है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. कद्दू की फल मक्खी / मेलन फ्रूट फ्लाई (Melon Fruit Fly — Bactrocera cucurbitae)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Bactrocera cucurbitae (पूर्व नाम: Dacus cucurbitae; आधुनिक पर्याय: Zeugodacus cucurbitae) | कुल: Tephritidae | गण: Diptera। (परपोषी: करेला, लौकी, तोरई, टिंडा, कद्दू, खीरा, तरबूज, खरबूज, परवल, कुंदरू)।
- पहचान एवं जीवविज्ञान (Biology — पूर्ण कायांतरण):
- वयस्क मक्खी: लाल-भूरे रंग की मक्खी जिसके वक्ष पर पीली धारियाँ होती हैं और पारदर्शी पंखों के बाहरी किनारे व पिछली शिरा पर गहरे भूरे-काले धब्बे (Dark costal band & anal streak on wings) होते हैं। मादा का उदर पीछे से नुकीले सुई जैसे अंडरोपक (Sharp ovipositor) में समाप्त होता है।
- अंडरोपण: मादा सुबह या शाम को कोमल छोटे फलों के छिलके में 2–4 mm गहरा डंक मारकर गुच्छे में 5 से 15 सफेद केले जैसे अंडे देती है (जीवनकाल में 200–500 अंडे)।
- मैगट एवं प्यूपा: 2 दिन में अंडों से पैर-रहित गंदे सफेद मैगट निकलते हैं जो 5–8 दिन में फल का सारा गूदा खाकर उसे बदबूदार सड़े हुए गुद्दे में बदल देते हैं। पूर्ण विकसित मैगट फल में छेद कर बाहर कूद जाता है और मिट्टी में 5–10 cm नीचे प्यूपा (Pupation in soil) बनाता है।
- क्षति की प्रकृति (ETL: 5–10% डंक-युक्त फल):
- डंक के छेद से भूरा राल/गोंद जैसा द्रव निकलता है।
- छोटे फल पीले पड़कर सड़ जाते हैं और बेल से झड़ जाते हैं; बड़े फलों को काटने पर अंदर सड़ा हुआ बदबूदार गूदा और उछलते हुए सफेद मैगट (कीड़े) निकलते हैं।
- फल मक्खी का समन्वित प्रबंधन (IPM for Melon Fruit Fly):
- सस्य एवं यांत्रिक उपाय: बेलों के नीचे की मिट्टी की गुड़ाई करना (ताकि प्यूपा धूप व पक्षियों से नष्ट हों); सड़े हुए व डंक लगे फलों को तोड़कर खेत में फेंकने के बजाय 60 cm गहरे गड्ढे में गाड़ना या उबालकर नष्ट करना; तथा महँगी सब्जियों (लौकी, करेला) में छोटे फलों पर कागज या पॉलीप्रोपाइलीन की थैली बाँधना (Fruit bagging)।
- आकर्षक पाश (Cue-Lure Mass Trapping — अचूक उपाय!): फूल आने से लेकर अंतिम तुड़ाई तक खेत में क्यू-ल्यूर (Cue-lure + इथेनॉल + मैलाथियान/डाइक्लोरवॉस 4:6:2 अनुपात में लकड़ी के गुटके में डुबोया हुआ) के 15 से 25 पाश प्रति हेक्टेयर लगाना (यह सारे नर मक्खियों को खत्म कर देता है)।
- विष-चारा छिड़काव (Poison Bait Spray — मादा मक्खियों को अंडे देने से पहले मारने हेतु!):
- मादा फल मक्खी को अंडों के विकास के लिए शर्करा और प्रोटीन की आवश्यकता होती है तथा वह दोपर में आराम करने के लिए खेत के चारों ओर बोई गई मक्का (Maize border rows) की चौड़ी पत्तियों के नीचे बैठती है।
- अतः गुड़ (Jaggery) या प्रोटीन हाइड्रोलाइसेट + मैलाथियान 50% EC (या स्पाइनोसैड 45% SC — ‘GF-120’) को पानी में घोलकर हर 7 दिन पर बेलों के निचले पत्तों और बॉर्डर मक्का पर बड़े बूंदों के रूप में स्पॉट-स्प्रे करें।
2. लाल कद्दू भृंग (Red Pumpkin Beetle — Aulacophora foveicollis)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Aulacophora foveicollis (चमकीला नारंगी-लाल भृंग), A. cincta (पीले-भूरे पंख जिन पर काली किनारी) एवं A. intermedia (नीला-काला भृंग) | कुल: Chrysomelidae (Leaf beetles) | गण: Coleoptera।
- पहचान एवं जीवविज्ञान:
- वयस्क भृंग: 6–8 mm लंबा, ऊपर से चमकीला नारंगी-लाल और नीचे से काला भृंग। वयस्क भृंग ही सूखी पत्तियों व मिट्टी की दरारों में शीतनिद्रा (Hibernation) बिताता है और फरवरी-मार्च में अगेती जायद की बेलों पर सबसे पहले आक्रमण करता है।
- अंडा एवं ग्रब: मादा पौधे के तने के पास गीली मिट्टी में भूरे-पीले अंडे देती है। अंडों से मलाईदार सफेद ग्रब (भूरे सिर वाला) निकलता है जो मिट्टी में रहता है और मिट्टी में ही प्यूपा बनाता है।
- दोहरी क्षति की प्रकृति (Dual Damage by Adult & Grub):
- वयस्क भृंग द्वारा (पत्ती व फूल भक्षण): वयस्क भृंग अंकुरित होते ही दो-बीजपत्री अवस्था (Cotyledonary stage) की कोमल पत्तियों में गोल-गोल बड़े छेद करके उन्हें पूरी तरह खा जाते हैं जिससे पूरी पौध मर जाती है और दोबारा बुवाई (Re-sowing) करनी पड़ती है! बड़े पौधों की पत्तियों और पीले फूलों को भी काटते हैं।
- ग्रब द्वारा (जड़ व फल भक्षण): जमीन के अंदर रहते हुए ग्रब बेलों की जड़ों और भूमिगत तने में सुरंग बनाता है जिससे बेल मुरझा जाती है, तथा जमीन पर टिके हुए कद्दू/खरबूजे के फलों में नीचे से छेद कर उन्हें सड़ा देता है।
- लाल कद्दू भृंग का समन्वित प्रबंधन (IPM):
- सस्य एवं यांत्रिक उपाय: नवंबर में अगली फसल से पहले गहरी जुताई करना; अगेती नवंबर बुवाई करना (ताकि मार्च में भृंग निकलने से पहले पौधे बड़े हो जाएँ); तथा सुबह ओस के समय (जब भृंग सुस्त होते हैं) पौधों पर राख (Wood ash + केरोसिन/नीम पाउडर) बुरकना या भृंगों को हाथ के जाल से पकड़कर केरोसिन पानी में मारना।
- रासायनिक नियंत्रण:
• बुवाई के समय थालों (Pits) की मिट्टी में ग्रब मारने हेतु नीम की खली या फिप्रोनिल 0.3% GR मिलाना।
• अंकुरण अवस्था पर वयस्क भृंगों के विरुद्ध कार्बारिल 50% WP (@ 2 g/L पानी) या मैलाथियान 50% EC (@ 1.5 mL/L) या साइपरमेथ्रिन / डेल्टामेथ्रिन 2.8% EC (@ 1 mL/L) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल का छिड़काव (सावधानी: कद्दूवर्गीय बेलों पर BHC/Lindane या DDT कभी न डालें!)।
3. लाल सब्जी मकड़ी (Red Vegetable / Spider Mite — Tetranychus cinnabarinus / T. urticae)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Tetranychus cinnabarinus (पर्याय: Tetranychus urticae) | कुल: Tetranychidae | गण: Acarina (वर्ग: Arachnida — 4 जोड़ी पैर वाले अष्टपाद)।
- पहचान एवं जीवविज्ञान: सुई की नोक के बराबर (0.4–0.5 mm) लाल या हरे-पीले रंग की मकड़ी जिसकी पीठ के दोनों तरफ दो गहरे धब्बे होते हैं। जीवन चक्र: अंडा 6 पैरों वाला लार्वा 8 पैरों वाला प्रोटोनिम्फ ड्यूटोनिम्फ 8 पैरों वाला वयस्क (गर्मी में मात्र 7–10 दिन में 1 पीढ़ी पूरी हो जाती है!)।
- क्षति की प्रकृति: मकड़ी के समूह पत्तियों की निचली सतह पर महीन रेशमी जाला (Fine silken webbing) बुनकर उसके अंदर रहते हैं और अपने सुई जैसे चीलीसेरी (Cheliceral stylets) से कोशिकाओं का रस व क्लोरोफिल चूसते हैं। पत्तियों की ऊपरी सतह पर पहले असंख्य सूक्ष्म सफेद-पीले बिंदु (Pin-point yellow stippling) बनते हैं और फिर पूरी पत्ती तांबे जैसी भूरी (Bronzed) होकर सूख जाती है।
- प्रबंधन: (1) परभक्षी माइट Phytoseiulus persimilis और Amblyseius (Neoseiulus) longispinosus एवं भृंग Stethorus pauperculus का संरक्षण; तथा (2) विशिष्ट मकड़ीनाशी (Acaricides): फेनाजाक्विन 10% EC (Magister @ 1.0 L/ha) या प्रोपार्गाइट 57% EC (Omite @ 1.0 L/ha) या स्पाइरोमेसिफेन 22.9% SC (Oberon @ 500 mL/ha) या हेक्सीथायाजॉक्स 5.45% EC (Maiden @ 500 mL/ha) या एबामेक्टिन 1.9% EC (@ 500 mL/ha) का छिड़काव।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
कद्दूवर्गीय फसलों के अन्य पूरक नाशीकीट:
- 1. कद्दू की बदबूदार बग (Pumpkin Stink Bug — Aspongopus [Coridius] janus; Dinidoridae, Hemiptera): लाल व काले रंग की चपटी बग जो बेलों का रस चूसती है और तेज दुर्गंध छोड़ती है।
- 2. पर्ण सुरंगक (Serpentine Leaf Miner — Liriomyza trifolii; Agromyzidae, Diptera) एवं हड्डा भृंग (Epilachna spp.)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘कद्दूवर्गीय सल्फर/क्लोरीन फाइटोटॉक्सिसिटी’ का नियम (Rule of Sulphur & Organochlorine Phytotoxicity in Cucurbits): कद्दूवर्गीय पौधों (Cucurbitaceae) की पत्तियाँ ‘सल्फर-संवेदी’ (Sulphur-shy) और ‘क्लोरीन-संवेदी’ होती हैं। इसलिए भले ही लाल मकड़ी के लिए अन्य फसलों में सल्फर (गंधक) की सिफारिश की जाती हो, खीरा, खरबूज और लौकी में उच्च तापमान पर सल्फर या BHC छिड़कने से पत्तियाँ तुरंत जल जाती हैं (‘Sulphur scorching’)—अतः इनमें केवल प्रोपार्गाइट, फेनाजाक्विन या स्पाइरोमेसिफेन जैसे सुरक्षित मकड़ीनाशी ही प्रयुक्त किए जाते हैं!
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
प्रायोगिक तुलना उदाहरण: ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) और ‘मिथाइल यूजेनॉल’ (Methyl Eugenol) में अंतर
परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न है कि किस फल मक्खी में कौन-सा ल्यूर लगता है:
1. कद्दूवर्गीय सब्जियों की फल मक्खी (Bactrocera cucurbitae): इसके नर केवल ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) की ओर आकर्षित होते हैं (मिथाइल यूजेनॉल पर नहीं आते!)।
2. आम, अमरूद और आड़ू की फल मक्खी (Bactrocera dorsalis एवं B. zonata): इसके नर केवल ‘मिथाइल यूजेनॉल’ (Methyl eugenol) की ओर आकर्षित होते हैं।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 20.1: कद्दू की फल मक्खी, लाल कद्दू भृंग एवं लाल सब्जी मकड़ी की मास्टर तुलना
| तुलना का आधार | कद्दू की फल मक्खी (Melon Fruit Fly) | लाल कद्दू भृंग (Red Pumpkin Beetle) | लाल सब्जी मकड़ी (Red Vegetable Mite) |
|---|---|---|---|
| 1. वैज्ञानिक नाम | Bactrocera (Zeugodacus) cucurbitae | Aulacophora foveicollis | Tetranychus cinnabarinus (T. urticae) |
| 2. गण एवं कुल | Diptera : Tephritidae | Coleoptera : Chrysomelidae | Acarina : Tetranychidae (अष्टपाद) |
| 3. हानिकारक अवस्था | केवल उछलने वाले मैगट (Maggots) (एवं मादा का डंक) | वयस्क भृंग (पत्ती) एवं ग्रब (जड़) दोनों | लार्वा, निम्फ एवं वयस्क (सभी रसचूसक) |
| 4. मुख्य आक्रमण अवस्था व लक्षण | कोमल फल अवस्था; डंक से भूरा राल निकलना व मैगट से फल सड़ना | दो-बीजपत्री (Cotyledon) पौध में गोल छेद व ग्रब द्वारा जड़ कटाई | पत्ती के नीचे रेशमी जाला व ऊपर सफेद-तांबे जैसे धब्बे |
| 5. प्यूपा बनने का स्थान | मिट्टी में 5–10 cm नीचे | मिट्टी में | पत्ती के जाले के अंदर ही |
| 6. विशिष्ट प्रबंधन | क्यू-ल्यूर (Cue-lure) पाश (15–25/ha) + गुड़/प्रोटीन + मैलाथियान/स्पाइनोसैड बेट स्प्रे | सुबह राख बुरकना, कार्बारिल 50 WP (2 g/L) या साइपरमेथ्रिन स्प्रे | परभक्षी माइट Phytoseiulus + फेनाजाक्विन / प्रोपार्गाइट / स्पाइरोमेसिफेन |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
कद्दू की फल मक्खी हेतु विष-चारा (Bait Spray) एवं क्यू-ल्यूर मानक सूत्र
- 1. फल मक्खी विष-चारा घोल (Poison Bait Spray per 10 Litres of Water):
- 2. क्यू-ल्यूर पाश (Cue-Lure Trap Density for Mass Trapping):
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Tephritidae, गण: Diptera | उछलने वाले मैगट
- लक्षण: डंक के स्थान से भूरा राल (Resin) निकलना व फल मुड़कर सड़ना
- प्यूपा: सड़े फल से बाहर कूदकर मिट्टी में 5-10 cm नीचे बनता है
- प्रबंधन: सड़े फल गाड़ना, फ्रूट बैगिंग, Cue-lure पाश व गुड़+मैलाथियान विष-चारा
- कुल: Chrysomelidae, गण: Coleoptera (नारंगी-लाल भृंग)
- वयस्क भृंग: अंकुरित दो-बीजपत्री पत्तियों (Cotyledons) को छलनी करता है
- सफेद ग्रब: जमीन के अंदर जड़ों व तने में सुरंग बनाकर बेल सुखाता है
- प्रबंधन: सुबह राख बुरकना, कार्बारिल 50 WP (2 g/L) या मैलाथियान स्प्रे
- कुल: Tetranychidae, गण: Acarina (वर्ग Arachnida — 8 पैर)
- पत्ती की निचली सतह पर महीन रेशमी जाला व ऊपर सफेद-पीले धब्बे
- परभक्षी मित्र माइट: Phytoseiulus persimilis व Amblyseius
- मकड़ीनाशी: फेनाजाक्विन, प्रोपार्गाइट (Omite), स्पाइरोमेसिफेन, एबामेक्टिन
- कद्दू फल मक्खी में ‘Cue-lure’ लगता है (आम फल मक्खी में Methyl eugenol)
- कद्दूवर्गीय फसलों पर BHC/Lindane, DDT व उच्च सल्फर वर्जित (Scorching)
- विष-चारा स्प्रे हेतु बॉर्डर पर मक्का की कतारें (Roosting site) लगाएँ
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- कद्दू की फल मक्खी का वैज्ञानिक नाम ‘Bactrocera (Zeugodacus) cucurbitae’ (कुल Tephritidae, गण Diptera) है और इसके नर मक्खियों को आकर्षित करने के लिए ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) पैरा-फेरोमोन पाश प्रयोग किया जाता है।
- फल मक्खी के पूर्ण विकसित मैगट उछलने (Jumping maggots) की क्षमता रखते हैं और फल से बाहर निकलकर ‘मिट्टी में’ प्यूपा बनाते हैं।
- लाल कद्दू भृंग (Aulacophora foveicollis; कुल Chrysomelidae, गण Coleoptera) की वयस्क और ग्रब दोनों अवस्थाएँ हानिकारक हैं तथा यह फसल की ‘दो-बीजपत्री पौध अवस्था’ (Cotyledonary stage) पर सर्वाधिक नुकसान पहुँचाता है।
- कद्दूवर्गीय फसलों की पत्तियाँ ‘BHC/Lindane, DDT और सल्फर (गंधक)’ के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं और इनके छिड़काव से झुलस (Phytotoxicity / Sulphur scorching) जाती हैं।
- लाल सब्जी मकड़ी (Tetranychus cinnabarinus / T. urticae) एक कीट न होकर ‘अष्टपाद’ (वर्ग Arachnida, गण Acarina — 4 जोड़ी पैर) है जिसका प्रमुख जैविक शत्रु परभक्षी माइट ‘Phytoseiulus persimilis’ है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- कद्दू की फल मक्खी (Bactrocera cucurbitae): Diptera: Tephritidae; डंक से राल निकलना व मैगट द्वारा सड़न; मिट्टी में प्यूपा; नियंत्रण: सड़े फल गाड़ना, Cue-lure पाश (15–25/ha), गुड़ + मैलाथियान/स्पाइनोसैड विष-चारा स्प्रे।
- लाल कद्दू भृंग (Aulacophora foveicollis): Coleoptera: Chrysomelidae; वयस्क द्वारा बीजपत्रों में छेद व ग्रब द्वारा जड़ कटाई; नियंत्रण: राख बुरकना, कार्बारिल 50 WP (2 g/L), मैलाथियान (BHC/DDT वर्जित)।
- लाल सब्जी मकड़ी (Tetranychus cinnabarinus): Acarina: Tetranychidae; पत्ती के नीचे जाला; नियंत्रण: Phytoseiulus persimilis, फेनाजाक्विन, प्रोपार्गाइट (Omite), स्पाइरोमेसिफेन।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- कद्दू की फल मक्खी (Bactrocera cucurbitae; कुल Tephritidae) के नर मक्खियों को फँसाने के लिए ‘क्यू-ल्यूर’ (Cue-lure) पाश लगाया जाता है।
- फल मक्खी के उछलने वाले मैगट सड़े फल से बाहर निकलकर ‘मिट्टी में’ प्यूपा बनाते हैं।
- लाल कद्दू भृंग (Aulacophora foveicollis; कुल Chrysomelidae) अंकुरण की ‘दो-बीजपत्री अवस्था’ (Cotyledonary stage) पर सर्वाधिक नुकसान करता है।
- कद्दूवर्गीय फसलों की पत्तियाँ ‘BHC, DDT और सल्फर’ के प्रति संवेदनशील होती हैं जिनसे पत्तियाँ झुलस (Phytotoxicity) जाती हैं।
- लाल सब्जी मकड़ी (Tetranychus cinnabarinus) एक अष्टपाद (Acarina) है जिसके जैविक नियंत्रण हेतु ‘Phytoseiulus persimilis’ प्रयुक्त होता है।





