ENT 311 Lecture 27: आक्रामक विदेशी नाशीकीट (Invasive Insect Pests): पहचान, वितरण एवं आर्थिक महत्व

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
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Lecture 27: आक्रामक विदेशी नाशीकीट (Invasive Insect Pests): पहचान, वितरण एवं आर्थिक महत्व

Invasive Insect Pests: Identification, Distribution and Economic Importance

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • आक्रामक विदेशी नाशीकीटों (Invasive Alien Insect Pests) की परिभाषा और उनके नए देश में प्रवेश करने के बाद विस्फोटक रूप से फैलने के पारिस्थितिक कारण (‘शत्रु-मुक्ति परिकल्पना / Enemy Release Hypothesis’ एवं वैश्वीकरण) को समझना।
  • भारत में 1889 से 2021 तक प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख विदेशी आक्रामक कीटों का ऐतिहासिक कालक्रम (प्रवेश वर्ष, प्रथम रिपोर्ट स्थान, मूल देश और मुख्य परपोषी फसल) कंठस्थ करना।
  • मक्का के सबसे खतरनाक हालिया आक्रामक कीट ‘फॉल आर्मीवर्म’ (Fall Armyworm – FAW: Spodoptera frugiperda; मई 2018, शिवमोग्गा कर्नाटक) के लार्वा के दो अचूक पहचान चिह्नों—(1) सिर पर सफेद उल्टा ‘Y’ निशान (Inverted Y-shaped suture on head) और (2) 8वें उदरीय खंड पर वर्ग के आकार में 4 काले बिंदु (Four-dot square pinacula)—का गहन अध्ययन करना।
  • नारियल की रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus, 2016), टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta, 2014), पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus, 2008), यूकेलिप्टस गॉल वास्प (Leptocybe invasa, 2006) और कसावा मिलीबग (Phenacoccus manihoti, 2020) की पहचान और आर्थिक महत्व को जानना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): अंतरराष्ट्रीय व्यापार, कृषि उत्पादों के आयात और जलवायु परिवर्तन के कारण जब कोई विदेशी कीट प्रजाति अपने मूल भौगोलिक क्षेत्र से बाहर निकलकर किसी नए देश (जैसे भारत) में अनजाने में प्रवेश कर जाती है, तो वहाँ उसके प्राकृतिक शत्रुओं (परजीवी व परभक्षी कीटों) के अनुपस्थित होने के कारण वह जंगल की आग की तरह फैलकर अरबों रुपये की फसल तबाह कर देती है—ऐसे विदेशी कीटों को ‘आक्रामक विदेशी नाशीकीट’ (Invasive Alien Insect Pests) कहा जाता है।

भारत में अब तक 23 से अधिक विदेशी आक्रामक कीट प्रवेश कर चुके हैं, जिनमें मई 2018 में कर्नाटक (शिवमोग्गा) में मक्का पर देखा गया ‘फॉल आर्मीवर्म’ (Spodoptera frugiperda), 2016 में तमिलनाडु (पोल्लाची) में नारियल पर देखी गई ‘रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई’ (Aleurodicus rugioperculatus), 2014 में पुणे में देखा गया ‘टमाटर पिनवर्म’ (Tuta absoluta) और 2008 में कोयंबटूर में देखा गया ‘पपीता मिलीबग’ (Paracoccus marginatus) प्रतियोगी और विश्वविद्यालयीय परीक्षाओं के सबसे महत्वपूर्ण विषय हैं।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

आक्रामक विदेशी नाशीकीट (Invasive Alien Insect Pests — CBD/IUCN परिभाषा)
वे गैर-स्वदेशी (Non-native / Exotic) कीट प्रजातियाँ जो अपने प्राकृतिक वितरण क्षेत्र से बाहर किसी नए पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश कर स्थापित हो जाती हैं, तेजी से गुणन व प्रसार करती हैं और कृषि फसलों, जैव-विविधता तथा अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचाती हैं।
शत्रु-मुक्ति परिकल्पना (Enemy Release Hypothesis in Invasion Biology)
अपने मूल देश (जैसे अमेरिका) में किसी कीट की आबादी उसके सह-विकसित प्राकृतिक परजीवियों और परभक्षियों द्वारा नियंत्रित रहती है; किंतु जब वह कीट अकेले किसी नए देश (जैसे भारत) में पहुँचता है, तो उसके वे विशिष्ट प्राकृतिक शत्रु साथ नहीं आ पाते, जिससे नए देश में वह बिना किसी रोक-टोक के महामारी (Outbreak) का रूप ले लेता है!
फॉल आर्मीवर्म के दो अचूक पहचान चिह्न (Two Diagnostic Characters of Fall Armyworm — Spodoptera frugiperda)
मक्का के फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) की इल्ली को अन्य इल्लियों से पहचानने के दो अचूक चिह्न हैं: (1) इसके गहरे रंग के सिर के सामने सफेद/पीले रंग का स्पष्ट ‘उल्टा अंग्रेजी अक्षर Y’ (Inverted Y-shaped epicranial suture) बना होता है, और (2) इसके उदर के आठवें खंड (अंतिम से पहले खंड) की पीठ पर ‘वर्ग (Square) के चार कोनों के रूप में 4 बड़े काले उभरे हुए बिंदु (Four black pinacula in a square pattern)’ तथा 9वें खंड पर समलंब (Trapezoid) के रूप में 4 बिंदु होते हैं!
रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई के सर्पिलाकार मोमी अंड-चक्र (Concentric Waxy Spirals of Aleurodicus rugioperculatus)
नारियल और केले की पत्तियों की निचली सतह पर रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus) की मादा ‘जलेबी या मच्छर मारने की कॉइल (Coiled/Concentric waxy spirals)’ के आकार में सफेद मोमी अंड-समूह बनाती है।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. भारत के 5 सबसे महत्वपूर्ण हालिया आक्रामक विदेशी नाशीकीट: पहचान, वितरण एवं आर्थिक महत्व

(1) मक्का का फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm – FAW: Spodoptera frugiperda)
  • कुल एवं गण: Noctuidae : Lepidoptera | मूल स्थान: उष्णकटिबंधीय अमेरिका (Tropical Americas)।
  • भारत में प्रथम रिपोर्ट एवं वितरण: मई 2018 में शिवमोग्गा (कर्नाटक) में मक्का की फसल पर (शरणबासप्पा एवं सहयोगी तथा ICAR-NBAIR द्वारा रिपोर्ट)। मात्र 1 वर्ष के भीतर यह लक्षद्वीप और लद्दाख को छोड़कर भारत के सभी राज्यों (मक्का, ज्वार, बाजरा व गन्ने) में फैल गया क्योंकि इसका वयस्क पतंगा एक रात में 100 km तक उड़ सकता है!
  • अचूक शारीरिक पहचान (Identification):
    1. इल्ली का सिर: गहरे भूरे/काले सिर पर सामने की ओर सफेद-पीले रंग का स्पष्ट ‘उल्टा Y’ (Inverted ‘Y’ mark) का निशान।
    2. उदरीय खंड 8 और 9: 8वें उदरीय खंड के पृष्ठ भाग पर एक वर्ग (Square) के रूप में 4 स्पष्ट काले उभरे बिंदु (Pinacula) और 9वें खंड पर समलंब (Trapezoid) के रूप में 4 बिंदु।
    3. अंड-समूह: पत्ती पर 100–200 अंडों का गुच्छा जो सलेटी-भूरे रोमों से ढका होता है।
  • क्षति एवं आर्थिक महत्व: इल्ली मक्का की पोंगली/गोभ (Whorl) के अंदर घुसकर खाती है जिससे पत्तियों पर बड़े कटे-फटे छेद और लकड़ी के गीले बुरादे जैसी भारी मात्रा में विष्ठा (Sawdust-like wet fecal matter in whorl) भरी दिखती है। यह भुट्टों (Cobs) को भी खाती है और उपचार न करने पर 30% से 60% तक मक्का उपज नष्ट कर देती है।
(2) रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Rugose Spiralling Whitefly – RSW: Aleurodicus rugioperculatus)
  • कुल एवं गण: Aleyrodidae : Hemiptera | मूल स्थान: मध्य अमेरिका (फ्लोरिडा/बेलीज)।
  • भारत में प्रथम रिपोर्ट एवं वितरण: जुलाई-अगस्त 2016 में पोल्लाची (कोयंबटूर, तमिलनाडु) और पलक्कड़ (केरल) में नारियल पर। अब यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा व असम में नारियल, केला, अमरूद, आम, सुपारी और ऑयल पाम में फैल चुकी है।
  • पहचान एवं आर्थिक महत्व: सामान्य सफेद मक्खी से तिगुनी बड़ी (2.5 mm), पंखों पर दो भूरे धब्बे। पत्ती की निचली सतह पर सफेद मोमी जलेबी जैसे सर्पिलाकार छल्ले (Concentric waxy spirals) बनाती है। इसके भारी मधुस्राव से पूरी निचली पत्तियाँ काली फफूंद (Sooty mould) से ढक जाती हैं जिससे नारियल की उपज 20–30% घट जाती है।
(3) दक्षिण अमेरिकी टमाटर पिनवर्म (South American Tomato Pinworm: Tuta absoluta)
  • कुल एवं गण: Gelechiidae : Lepidoptera | मूल स्थान: पेरू (दक्षिण अमेरिका)।
  • भारत में प्रथम रिपोर्ट: अक्टूबर 2014 में पुणे (महाराष्ट्र) और बेंगलुरु (कर्नाटक) में टमाटर पर।
  • पहचान एवं आर्थिक महत्व: 6–7 mm छोटा चाँदी-भूरा पतंगा; इल्ली के सिर के पीछे एक काली कॉलर जैसी पट्टी (Black prothoracic shield) होती है। यह टमाटर की पत्तियों में चौड़े फफोले जैसी सुरंगें (Blotch mines) और फलों में सुई जैसे छिद्र (Pin-holes) बनाकर पॉलीहाउस और खुले खेत में 50% से 100% तक टमाटर नष्ट कर सकता है।
(4) पपीता मिलीबग (Papaya Mealybug: Paracoccus marginatus) एवं कसावा मिलीबग (Phenacoccus manihoti)
  • पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus — Pseudococcidae, Hemiptera): मूल स्थान: मेक्सिको/मध्य अमेरिका। भारत में प्रथम रिपोर्ट: जुलाई 2008 में कोयंबटूर (तमिलनाडु) में पपीते पर। पीले शरीर वाला मिलीबग (दबाने पर पीला द्रव निकलता है) जिसने पपीता, शहतूत (रेशम उद्योग), कसावा और कपास में भारी तबाही मचाई।
  • कसावा मिलीबग (Phenacoccus manihoti): वर्ष 2020 में त्रिशूर (केरल) और तमिलनाडु में टैपिओका/कसावा (Manihot esculenta) पर रिपोर्ट हुआ गुलाबी रंग का नवीनतम आक्रामक मिलीबग।
(5) अन्य ऐतिहासिक विदेशी आक्रामक नाशीकीट:
  • यूकेलिप्टस गॉल वास्प (Blue Gum Chalcid — Leptocybe invasa; Eulophidae, Hymenoptera): ऑस्ट्रेलिया मूल; 2006 में तमिलनाडु/कर्नाटक में प्रवेश; नीलगिरी (Eucalyptus) की नर्सरी व पेड़ों की डंठल और मध्य शिरा पर गाँठें (Galls) बनाकर कागज उद्योग को भारी नुकसान पहुँचाया।
  • इराइथ्रिना गॉल वास्प (Quadrastichus erythrinae): 2005 में केरल में काली मिर्च के सहारे के वृक्ष (Erythrina) को सुखाया।
  • नारियल की एरियोफिड माइट (Aceria guerreronis): 1998 में एर्नाकुलम (केरल) में प्रवेश।
  • सर्पिलाकार सफेद मक्खी (Aleurodicus dispersus): 1993 में केरल में और अमेरिकी सर्पिलाकार लीफ माइनर (Liriomyza trifolii): 1990-91 में हैदराबाद में प्रवेश।
  • कॉफी बेरी बोरर (Hypothenemus hampei): 1990 में गुडलूर (नीलगिरि, तमिलनाडु) में और सबबूल साइलिड (Heteropsylla cubana): 1988 में चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) में प्रवेश।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

आक्रामक विदेशी नाशीकीटों का गण (Order) के अनुसार वर्गीकरण:

  • Hemiptera (सर्वाधिक संख्या!): Aleurodicus rugioperculatus (2016), Paracoccus marginatus (2008), Phenacoccus solenopsis (2005), Phenacoccus manihoti (2020), Aleurodicus dispersus (1993), Heteropsylla cubana (1988), Icerya purchasi (1921), Eriosoma lanigerum (1889), Quadraspidiotus perniciosus (1879)।
  • Lepidoptera: Spodoptera frugiperda (2018), Tuta absoluta (2014), Plutella xylostella (1914), Phthorimaea operculella (1906)।
  • Diptera, Hymenoptera, Coleoptera & Acarina: Liriomyza trifolii (1990), Leptocybe invasa (2006), Hypothenemus hampei (1990), Aceria guerreronis (1998)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • ‘दस का नियम’ (Tens Rule of Biological Invasion — Williamson & Fitter, 1996): किसी नए देश में बाहर से आने वाली कुल विदेशी प्रजातियों में से लगभग 10% ही जीवित बच पाती हैं, उन बची हुई में से 10% ही प्राकृतिक रूप से स्थापित हो पाती हैं, और स्थापित प्रजातियों में से 10% ही ‘आक्रामक नाशीकीट’ (Invasive Pest) बनती हैं—किंतु जो 1 प्रजाति आक्रामक बनती है, वह पूरे देश की कृषि अर्थव्यवस्था को हिला देती है!

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

क्षेत्रीय निदान कुंजी: मक्का के खेत में ‘फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda)’ और ‘चितकबरे तना छेदक (Chilo partellus)’ में अंतर

1. यदि मक्का की पोंगली (Whorl) में बड़े कटे-फटे छेद हैं, पोंगली में गीले बुरादे जैसी भारी विष्ठा भरी है और अंदर मिली इल्ली के सिर पर सफेद ‘उल्टा Y’ तथा 8वें खंड पर वर्ग के रूप में ‘4 काले बिंदु’ हैं ⟹ यह आक्रामक फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda — Noctuidae) है।
2. यदि पत्ती पर केवल छोटे गोल पिन-होल की सीधी कतार है और इल्ली पर 4 बैंगनी धारियाँ हैं (सिर पर उल्टा Y और 8वें खंड पर 4 वर्गाकार बिंदु नहीं हैं) ⟹ यह देशी चितकबरा तना छेदक (Chilo partellus — Crambidae) है।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 27.1: भारत में प्रवेश करने वाले प्रमुख आक्रामक विदेशी नाशीकीटों (Invasive Pests) का मास्टर कालक्रम
प्रवेश वर्ष आक्रामक कीट का नाम वैज्ञानिक नाम एवं कुल भारत में प्रथम रिपोर्ट स्थान मुख्य प्रभावित फसलें
1988 सबबूल साइलिड Heteropsylla cubana (Psyllidae) चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) सबबूल (Leucaena)
1990 कॉफी बेरी बोरर Hypothenemus hampei (Curculionidae) गुडलूर, नीलगिरि (तमिलनाडु) कॉफी
1990–91 सर्पिलाकार लीफ माइनर Liriomyza trifolii (Agromyzidae) हैदराबाद (तेलंगाना/आंध्र) टमाटर, कद्दूवर्गीय, कपास, अरंडी
1998 नारियल एरियोफिड माइट Aceria guerreronis (Eriophyidae) एर्नाकुलम (केरल) नारियल
2006 यूकेलिप्टस गॉल वास्प Leptocybe invasa (Eulophidae) तमिलनाडु एवं कर्नाटक नीलगिरी (Eucalyptus)
2008 पपीता मिलीबग Paracoccus marginatus (Pseudococcidae) कोयंबटूर (तमिलनाडु) पपीता, शहतूत, टैपिओका
2014 टमाटर पिनवर्म Tuta absoluta (Gelechiidae) पुणे (महाराष्ट्र) एवं बेंगलुरु टमाटर, आलू, बैंगन
2016 रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई Aleurodicus rugioperculatus (Aleyrodidae) पोल्लाची (तमिलनाडु) एवं पलक्कड़ नारियल, केला, आम, अमरूद
2018 फॉल आर्मीवर्म (FAW) Spodoptera frugiperda (Noctuidae) शिवमोग्गा (कर्नाटक — मई 2018) मक्का, ज्वार, बाजरा, गन्ना
2020 कसावा मिलीबग Phenacoccus manihoti (Pseudococcidae) त्रिशूर (केरल) कसावा (टैपिओका)

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

फॉल आर्मीवर्म (FAW) की पहचान एवं आर्थिक दहलीज मानक
  • 1. फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) का द्वि-चिह्न पहचान सूत्र:
    FAW Larva=सिर पर सफेद ‘उल्टा Y’ (Inverted Y on Head)+8वें उदरीय खंड पर वर्ग में 4 काले बिंदु (4 Dots in Square on Abd-8)
  • 2. मक्का में फॉल आर्मीवर्म का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL):
    • पौध से अगेती पोंगली अवस्था (Seedling to early whorl stage): 5–10% damaged plants
    • मध्य से पछेती पोंगली अवस्था (Mid to late whorl stage): 10–20% damaged whorls

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 27: आक्रामक विदेशी नाशीकीट (पहचान, वितरण एवं आर्थिक महत्व)
फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda)
  • मई 2018 में शिवमोग्गा (कर्नाटक) में मक्का पर प्रथम रिपोर्ट
  • पहचान 1: सिर के सामने सफेद ‘उल्टा Y’ (Inverted Y suture)
  • पहचान 2: 8वें उदरीय खंड पर वर्ग के रूप में ‘4 काले बिंदु’
  • गोभ (Whorl) में बड़े छेद व बुरादे जैसी गीली विष्ठा; 30-60% हानि
रगोज व्हाइटफ्लाई एवं टमाटर पिनवर्म
  • रगोज व्हाइटफ्लाई: Aleurodicus rugioperculatus (2016, पोल्लाची तमिलनाडु)
  • नारियल व केले की पत्ती के नीचे जलेबी जैसे सफेद मोमी चक्र
  • टमाटर पिनवर्म: Tuta absoluta (2014, पुणे महाराष्ट्र)
  • टमाटर की पत्ती में ब्लॉच माइन व फलों में पिन-होल (50-100% हानि)
विदेशी मिलीबग एवं गॉल वास्प
  • पपीता मिलीबग: Paracoccus marginatus (2008, कोयंबटूर — पीला शरीर)
  • कसावा मिलीबग: Phenacoccus manihoti (2020, त्रिशूर केरल — गुलाबी)
  • कॉटन मिलीबग: Phenacoccus solenopsis (2005)
  • यूकेलिप्टस गॉल वास्प: Leptocybe invasa (2006)
1988–1998 के प्रमुख आक्रामक कीट
  • नारियल एरियोफिड माइट: Aceria guerreronis (1998, केरल)
  • सर्पिलाकार सफेद मक्खी: Aleurodicus dispersus (1993, केरल)
  • सर्पिलाकार लीफ माइनर: Liriomyza trifolii (1990-91, हैदराबाद)
  • कॉफी बेरी बोरर (1990) एवं सबबूल साइलिड (1988)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

किसी विदेशी आक्रामक नाशीकीट (Invasive Pest) के नए देश में प्रवेश से महामारी बनने की प्रक्रिया (Invasion Process Flowchart)
Step 1
चरण 1 (आगमन / Introduction): अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयातित बीज/पौध या तेज हवाओं के साथ विदेशी कीट का अनजाने में नए देश की सीमा में प्रवेश
⬇
Step 2
चरण 2 (स्थापना / Establishment): अनुकूल उष्णकटिबंधीय जलवायु और परपोषी फसल (जैसे मक्का/नारियल/टमाटर) मिलने पर सफल प्रजनन
⬇
Step 3
चरण 3 (शत्रु-मुक्ति विस्फोट / Enemy Release Outbreak): नए देश में उस कीट के मूल प्राकृतिक परजीवी/परभक्षी न होने से कीट की आबादी का अनियंत्रित विस्फोट
⬇
Step 4
चरण 4 (भौगोलिक प्रसार एवं आर्थिक क्षति / Spread & Economic Impact): कुछ ही महीनों में पूरे देश में फैलाव और 30–100% तक फसल विनाश

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • मक्का के आक्रामक कीट ‘फॉल आर्मीवर्म’ (Spodoptera frugiperda; कुल Noctuidae) को भारत में सर्वप्रथम ‘मई 2018 में शिवमोग्गा (कर्नाटक)’ में देखा गया था।
  • फॉल आर्मीवर्म के लार्वा की दो अचूक पहचान हैं—सिर पर सफेद ‘उल्टा Y’ (Inverted Y) का निशान और 8वें उदरीय खंड की पीठ पर ‘वर्ग के रूप में 4 काले बिंदु’ (Four black spots in a square)。
  • रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus) ने वर्ष 2016 में पोल्लाची (तमिलनाडु) में, टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta) ने 2014 में पुणे (महाराष्ट्र) में और पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus) ने 2008 में कोयंबटूर में प्रवेश किया।
  • वर्ष 2020 में केरल (त्रिशूर) में टैपिओका पर देखा गया नवीनतम आक्रामक कीट ‘कसावा मिलीबग’ (Phenacoccus manihoti) है।
  • भारत में अब तक प्रवेश करने वाले विदेशी आक्रामक कीटों में सर्वाधिक प्रजातियाँ ‘हेमिप्टेरा’ (Hemiptera — सफेद मक्खी, मिलीबग, शल्क कीट व माहू) गण की हैं।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda): मई 2018, शिवमोग्गा (कर्नाटक); मक्का/ज्वार; सिर पर उल्टा ‘Y’ + 8वें खंड पर 4 वर्गाकार काले बिंदु।
  • रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus): 2016, पोल्लाची (तमिलनाडु); नारियल व केला; जलेबी जैसे मोमी चक्र।
  • टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta): 2014, पुणे (महाराष्ट्र); टमाटर में ब्लॉच माइन व पिन-होल।
  • पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus): 2008, कोयंबटूर; एवं कसावा मिलीबग (Phenacoccus manihoti): 2020, केरल।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. मई 2018 में कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में मक्का की फसल पर भारत में पहली बार रिपोर्ट किया गया विनाशकारी विदेशी आक्रामक नाशीकीट कौन-सा है?
(A) फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm — Spodoptera frugiperda; कुल Noctuidae)
(B) टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta)
(C) पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus)
(D) कॉफी बेरी बोरर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm — Spodoptera frugiperda; कुल Noctuidae)
व्याख्या: अमेरिकी मूल का फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) मई 2018 में कर्नाटक में मक्का पर भारत में पहली बार देखा गया था।
2. फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) की इल्ली को खेत में अन्य इल्लियों से अलग पहचानने के दो सबसे अचूक शारीरिक चिह्न कौन-से हैं?
(A) सिर के सामने सफेद ‘उल्टा Y’ (Inverted Y) निशान और 8वें उदरीय खंड की पीठ पर ‘वर्ग (Square) के रूप में 4 काले बिंदु’
(B) सिर पर सींग और 8 जोड़ी उदरीय पैर
(C) उदर पर दो कॉर्निकल्स
(D) लाल रंग का ओस्मेटेरियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) सिर के सामने सफेद ‘उल्टा Y’ (Inverted Y) निशान और 8वें उदरीय खंड की पीठ पर ‘वर्ग (Square) के रूप में 4 काले बिंदु’
व्याख्या: सिर पर उल्टा Y और 8वें खंड पर वर्ग में 4 काले पिनैकुला (तथा 9वें खंड पर समलंब में 4 बिंदु) FAW की विश्वव्यापी पहचान हैं।
3. वर्ष 2016 में तमिलनाडु के पोल्लाची और केरल के पलक्कड़ में नारियल के पेड़ों पर पहली बार देखी गई आक्रामक सफेद मक्खी कौन-सी है जो पत्ती के नीचे जलेबी जैसे सफेद मोमी चक्र बनाती है?
(A) रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Rugose Spiralling Whitefly — Aleurodicus rugioperculatus)
(B) बेमिसिया टैबेसाई
(C) एल्यूरोलोबस बरोडेंसिस
(D) सिट्रस साइला
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Rugose Spiralling Whitefly — Aleurodicus rugioperculatus)
व्याख्या: Aleurodicus rugioperculatus ने 2016 में भारत में प्रवेश कर नारियल, केला और आम को भारी नुकसान पहुँचाया।
4. वर्ष 2008 में कोयंबटूर (तमिलनाडु) में प्रवेश करने वाले ‘पपीता मिलीबग’ (Papaya Mealybug — जिसने पपीता और शहतूत रेशम उद्योग को भारी नुकसान पहुँचाया) का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) पैराकोकस मार्जिनेटस (Paracoccus marginatus — कुल Pseudococcidae)
(B) ड्रोसिका मैंजीफेरी
(C) फेनाकोकस सोलेनोप्सिस
(D) मकौनेलिकोकोस हिर्सुटस
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) पैराकोकस मार्जिनेटस (Paracoccus marginatus — कुल Pseudococcidae)
व्याख्या: Paracoccus marginatus मध्य अमेरिकी मूल का पपीता मिलीबग है जो 2008 में कोयंबटूर में रिपोर्ट हुआ था।
5. कोई विदेशी कीट जब किसी नए देश में प्रवेश करता है, तो वह अपने मूल देश की तुलना में नए देश में बहुत तेजी से महामारी का रूप क्यों ले लेता है?
(A) क्योंकि नए देश में उसके सह-विकसित विशिष्ट प्राकृतिक शत्रु (परजीवी व परभक्षी) मौजूद नहीं होते (‘शत्रु-मुक्ति परिकल्पना’)
(B) क्योंकि नए देश में धूप नहीं होती
(C) क्योंकि उसका आकार 10 गुना बड़ा हो जाता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) क्योंकि नए देश में उसके सह-विकसित विशिष्ट प्राकृतिक शत्रु (परजीवी व परभक्षी) मौजूद नहीं होते (‘शत्रु-मुक्ति परिकल्पना’)
व्याख्या: इसे पारिस्थितिकी में ‘Enemy Release Hypothesis’ कहते हैं—प्राकृतिक शत्रुओं के अभाव में आक्रामक कीट अनियंत्रित रूप से बढ़ता है।
6. नीलगिरी (Eucalyptus) के पौधों की डंठल और मध्य शिरा पर गाँठें (Galls) बनाने वाला ऑस्ट्रेलियाई आक्रामक कीट जो 2006 में भारत आया, कौन-सा है?
(A) यूकेलिप्टस गॉल वास्प / ब्लू गम चाल्सिड (Leptocybe invasa — कुल Eulophidae, गण Hymenoptera)
(B) एथालिया लुगेंस
(C) ऑर्सियोलिया ओराइजी
(D) एस्फोंडिलिया सेसामी
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) यूकेलिप्टस गॉल वास्प / ब्लू गम चाल्सिड (Leptocybe invasa — कुल Eulophidae, गण Hymenoptera)
व्याख्या: Leptocybe invasa ने 2006 में प्रवेश कर भारत की यूकेलिप्टस नर्सरियों व वानिकी को भारी नुकसान पहुँचाया।
7. वर्ष 1990 में तमिलनाडु के गुडलूर (नीलगिरि) क्षेत्र में प्रवेश करने वाले कॉफी के सबसे खतरनाक आक्रामक भृंग ‘कॉफी बेरी बोरर’ का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) हाइपोथेनेमस हम्पेई (Hypothenemus hampei — कुल Curculionidae/Scolytidae)
(B) जाइलेबोरस क्वाड्रिस्पिनोसस
(C) स्टर्नोचेटस मैंजीफेरी
(D) सिटोफिलस ओराइजी
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) हाइपोथेनेमस हम्पेई (Hypothenemus hampei — कुल Curculionidae/Scolytidae)
व्याख्या: Hypothenemus hampei श्रीलंका से भारत आए शरणार्थियों के कॉफी बीन्स के साथ 1990 में नीलगिरि में प्रविष्ट हुआ था।
8. वर्ष 2020 में केरल (त्रिशूर) में टैपिओका (कसावा) की फसल पर भारत में पहली बार रिपोर्ट किया गया आक्रामक गुलाबी मिलीबग कौन-सा है?
(A) कसावा मिलीबग (Cassava Mealybug — Phenacoccus manihoti)
(B) पैराकोकस मार्जिनेटस
(C) फेरिसिया विरगाटा
(D) प्लानोकोकस सिट्री
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कसावा मिलीबग (Cassava Mealybug — Phenacoccus manihoti)
व्याख्या: Phenacoccus manihoti वर्ष 2020 में केरल और तमिलनाडु में रिपोर्ट हुआ आक्रामक मिलीबग है।
9. वर्ष 1998 में केरल के एर्नाकुलम जिले में नारियल पर प्रवेश करने वाली आक्रामक माइट जो नारियल के पेरिएंथ के नीचे रहकर फलों पर त्रिकोणीय भूरे फटे निशान बनाती है, कौन-सी है?
(A) नारियल की एरियोफिड माइट (Coconut Eriophyid Mite — Aceria guerreronis)
(B) टेट्रानिकस अर्टिकी
(C) पॉलीफैगोटार्सोनेमस लैटस
(D) एकारस सिरो
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नारियल की एरियोफिड माइट (Coconut Eriophyid Mite — Aceria guerreronis)
व्याख्या: Aceria guerreronis (कुल Eriophyidae) ने 1998 में केरल में प्रवेश कर दक्षिण भारत के नारियल बागानों को भारी क्षति पहुँचाई।
10. भारत में अब तक प्रवेश करने वाले विदेशी आक्रामक कीटों में सर्वाधिक प्रजातियाँ किस कीट गण (Order) से संबंधित हैं?
(A) हेमिप्टेरा (Hemiptera — सफेद मक्खी, मिलीबग, शल्क कीट एवं माहू)
(B) ओडोनेटा
(C) आइसोप्टेरा
(D) थाइसैन्यूरा
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) हेमिप्टेरा (Hemiptera — सफेद मक्खी, मिलीबग, शल्क कीट एवं माहू)
व्याख्या: छोटे आकार और पौध सामग्री पर चिपके रहने के कारण Hemiptera गण के कीट अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सर्वाधिक प्रवेश करते हैं।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda) भारत में सर्वप्रथम ‘मई 2018 में शिवमोग्गा (कर्नाटक)’ में मक्का पर रिपोर्ट हुआ था।
  2. फॉल आर्मीवर्म के लार्वा के सिर पर ‘उल्टा Y’ और 8वें उदरीय खंड पर ‘वर्ग के रूप में 4 काले बिंदु’ होते हैं।
  3. रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus) ने 2016 में पोल्लाची (तमिलनाडु) में नारियल पर प्रवेश किया।
  4. दक्षिण अमेरिकी टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta) ने 2014 में पुणे (महाराष्ट्र) में और पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus) ने 2008 में कोयंबटूर में प्रवेश किया।
  5. वर्ष 2020 में केरल में टैपिओका पर देखा गया नवीनतम आक्रामक कीट ‘कसावा मिलीबग’ (Phenacoccus manihoti) है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. आक्रामक विदेशी नाशीकीट (Invasive alien insect pests) किसे कहते हैं?
उत्तर: वे गैर-स्वदेशी विदेशी कीट जो अपने मूल देश से किसी नए देश में प्रवेश कर स्थापित हो जाते हैं और प्राकृतिक शत्रुओं के अभाव में तेजी से फैलकर फसलों व अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचाते हैं।
2. फॉल आर्मीवर्म (FAW) का वैज्ञानिक नाम तथा भारत में इसके प्रथम प्रवेश का वर्ष और स्थान लिखिए।
उत्तर: वैज्ञानिक नाम: Spodoptera frugiperda (कुल: Noctuidae); प्रवेश: मई 2018, शिवमोग्गा (कर्नाटक) में मक्का की फसल पर।
3. फॉल आर्मीवर्म की इल्ली के दो मुख्य पहचान चिह्न लिखिए।
उत्तर: (1) सिर के सामने सफेद रंग का ‘उल्टा Y’ (Inverted Y) निशान, और (2) 8वें उदरीय खंड की पीठ पर ‘वर्ग के आकार में 4 काले बिंदु’ (Four black spots in a square)।
4. रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई और पपीता मिलीबग का वैज्ञानिक नाम और भारत में प्रवेश वर्ष लिखिए।
उत्तर: रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई: Aleurodicus rugioperculatus (2016, तमिलनाडु); पपीता मिलीबग: Paracoccus marginatus (2008, कोयंबटूर)।
5. कॉफी बेरी बोरर और यूकेलिप्टस गॉल वास्प का वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर: कॉफी बेरी बोरर: Hypothenemus hampei (1990); यूकेलिप्टस गॉल वास्प: Leptocybe invasa (2006)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. मक्का के आक्रामक कीट ‘फॉल आर्मीवर्म’ (Spodoptera frugiperda) की पहचान, भारत में वितरण और क्षति की प्रकृति का वर्णन कीजिए।
उत्तर: भारत में प्रवेश: मई 2018 में शिवमोग्गा (कर्नाटक) में मक्का पर पहली बार देखा गया और 1 वर्ष में पूरे देश में फैल गया। अचूक पहचान: इसकी इल्ली के गहरे सिर पर सामने की ओर सफेद रंग का स्पष्ट ‘उल्टा Y’ (Inverted Y) बना होता है और उदर के आठवें खंड (अंतिम से पहले खंड) की पीठ पर वर्ग (Square) के चार कोनों के रूप में 4 बड़े काले उभरे बिंदु (Pinacula) होते हैं। क्षति: इल्ली मक्का की गोभ (Whorl) के अंदर घुसकर खाती है जिससे पत्तियों पर बड़े कटे-फटे छेद और गोभ में गीले लकड़ी के बुरादे जैसी भारी विष्ठा भरी मिलती है तथा यह भुट्टों को भी नष्ट कर 30–60% उपज घटा देती है।
2. ‘रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई’ (Aleurodicus rugioperculatus) और ‘पपीता मिलीबग’ (Paracoccus marginatus) की पहचान और आर्थिक महत्व लिखिए।
उत्तर: (1) रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus): 2016 में पोल्लाची (तमिलनाडु) में नारियल पर प्रवेश किया। यह सामान्य सफेद मक्खी से तिगुनी बड़ी होती है और नारियल, केला व आम की पत्तियों के नीचे जलेबी जैसे सफेद मोमी सर्पिलाकार अंड-चक्र बनाती है तथा भारी मधुस्राव व काली फफूंद से 20–30% उपज घटाती है। (2) पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus): 2008 में कोयंबटूर में प्रवेश किया। इसका शरीर पीला होता है (दबाने पर पीला द्रव निकलता है)। इसने पपीता, टैपिओका और शहतूत (रेशम उद्योग) में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाया।
3. ‘शत्रु-मुक्ति परिकल्पना’ (Enemy Release Hypothesis) क्या है? यह कैसे समझाती है कि कोई विदेशी कीट भारत में आकर महामारी क्यों बन जाता है?
उत्तर: शत्रु-मुक्ति परिकल्पना (Enemy Release Hypothesis) के अनुसार किसी भी कीट के मूल निवास देश में हजारों वर्षों के सह-विकास (Co-evolution) के कारण उसके विशिष्ट परजीवी, परभक्षी और रोगजनक मौजूद होते हैं जो उसकी आबादी को संतुलन (GEP) में रखते हैं। किंतु जब वह कीट व्यापार या आयातित पौध के साथ अकेले भारत जैसे नए देश में पहुँचता है, तो उसके वे विशिष्ट प्राकृतिक शत्रु वहीं छूट जाते हैं। नए देश में अनुकूल मौसम, प्रचुर फसल और शत्रुओं के पूर्ण अभाव के कारण वह कीट अनियंत्रित रूप से बढ़कर महामारी बन जाता है।
4. दक्षिण अमेरिकी टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta) और अमेरिकी सर्पिलाकार लीफ माइनर (Liriomyza trifolii) के भारत प्रवेश और आर्थिक महत्व की तुलना कीजिए।
उत्तर: (1) टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta — कुल Gelechiidae, गण Lepidoptera): पेरू मूल का यह कीट अक्टूबर 2014 में पुणे (महाराष्ट्र) और बेंगलुरु में टमाटर पर रिपोर्ट हुआ। इसकी इल्ली टमाटर की पत्तियों में चौड़े फफोले (Blotch mines) और फलों में पिन-होल बनाकर 50–100% तक नुकसान करती है। (2) सर्पिलाकार लीफ माइनर (Liriomyza trifolii — कुल Agromyzidae, गण Diptera): अमेरिकी मूल की यह मक्खी 1990–91 में गुलदाउदी की कलमों के साथ हैदराबाद में प्रविष्ट हुई; इसका मैगट टमाटर, कद्दूवर्गीय सब्जियों, कपास व अरंडी की पत्तियों में साँप जैसी सफेद सुरंगें बनाता है।
5. यूकेलिप्टस गॉल वास्प (Leptocybe invasa) और नारियल की एरियोफिड माइट (Aceria guerreronis) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: (1) यूकेलिप्टस गॉल वास्प (Leptocybe invasa — Eulophidae, Hymenoptera): ऑस्ट्रेलियाई मूल की यह सूक्ष्म ततैया 2006 में भारत आई। यह नीलगिरी (Eucalyptus) के कोमल डंठलों, पर्णवृंतों और मध्य शिरा में अंडे देकर माला जैसी गाँठें (Galls) बना देती है जिससे नर्सरी के पौधे सूख जाते हैं और कागज व लुगदी उद्योग को भारी हानि हुई। (2) नारियल एरियोफिड माइट (Aceria guerreronis — Eriophyidae, Acarina): 1998 में केरल में प्रविष्ट हुई; नारियल के टोपी (Perianth) के नीचे रहकर रस चूसती है जिससे नारियल पर भूरे फटे निशान बनते हैं और खोपरा 30% घट जाता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. आक्रामक विदेशी नाशीकीट (Invasive Alien Insect Pests) से आप क्या समझते हैं? भारत में वर्ष 1988 से 2020 के बीच प्रवेश करने वाले 10 प्रमुख विदेशी नाशीकीटों की मास्टर कालक्रम सारणी (प्रवेश वर्ष, वैज्ञानिक नाम, कुल, प्रथम स्थान एवं प्रभावित फसल) बनाते हुए उनके फैलने के कारणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: आक्रामक कीट की परिभाषा, Enemy Release Hypothesis, Tens Rule और तुलनात्मक सारणी 27.1 के सभी 10 आक्रामक कीटों का क्रमबद्ध विवरण प्रस्तुत करें।
2. भारत के तीन सबसे खतरनाक हालिया आक्रामक नाशीकीटों—(i) मक्का का फॉल आर्मीवर्म (Spodoptera frugiperda), (ii) नारियल की रगोज स्पाइरलिंग व्हाइटफ्लाई (Aleurodicus rugioperculatus), और (iii) टमाटर पिनवर्म (Tuta absoluta)—की अचूक शारीरिक पहचान, जीवन चक्र, वितरण और आर्थिक महत्व का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तीनों कीटों के प्रवेश वर्ष/स्थान, FAW के सिर के उल्टे Y व 8वें खंड के 4 वर्गाकार बिंदुओं, रगोज व्हाइटफ्लाई के मोमी चक्रों और टुटा के ब्लॉच माइन व पिन-होल का विस्तार से वर्णन करें।
3. विदेशी मिलीबग प्रजातियों—पपीता मिलीबग (Paracoccus marginatus, 2008), कसावा मिलीबग (Phenacoccus manihoti, 2020) और कॉटन मिलीबग (Phenacoccus solenopsis, 2005)—तथा वानिकी व रोपण फसलों के आक्रामक कीटों (Leptocybe invasa एवं Hypothenemus hampei) के भारतीय कृषि पर पड़े आर्थिक प्रभाव की समीक्षा कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तीनों मिलीबग प्रजातियों और दोनों रोपण/वानिकी कीटों के परपोषी विस्तार, क्षति लक्षणों और आर्थिक हानि का विस्तृत विश्लेषण करें।

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