ENT 311 Lecture 01: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM): अवधारणा, पद्धतियाँ, कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 01: समन्वित कीट प्रबंधन (IPM): अवधारणा, पद्धतियाँ, कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ
विजुअल लर्निंग एवं वैज्ञानिक चित्र (Visual Concept Diagrams — Lecture 01)
आर्थिक दहलीज स्तर (ETL vs EIL) ग्राफ एवं समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) पिरामिड — छोटे स्क्रीन पर चित्र को दाएँ–बाएँ खिसकाकर पूरा देखें
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- समन्वित कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management – IPM; FAO परिभाषा) की अवधारणा, ऐतिहासिक विकास (Stern et al., 1959; Geier & Clark, 1961) और पारिस्थितिक दर्शन को समझना।
- रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्प्रभावों—कीट प्रतिरोध (Resistance), कीट पुनरुत्थान (Resurgence), द्वितीयक कीट प्रकोप (Secondary pest outbreak), जैव-आवर्धन (Biomagnification) और प्राकृतिक शत्रुओं के विनाश (3 R’s: Resistance, Resurgence, Residue)—का विश्लेषण करना।
- आर्थिक क्षति स्तर (Economic Injury Level – EIL), आर्थिक दहलीज स्तर (Economic Threshold Level – ETL) और सामान्य संतुलन स्थिति (General Equilibrium Position – GEP) के गणितीय सूत्र और पारस्परिक संबंध में पारंगत होना।
- IPM के सभी 6 प्रमुख उपकरणों/पद्धतियों—सस्य (Cultural), यांत्रिक (Mechanical), भौतिक (Physical), विधिक (Legal), आनुवंशिक/परपोषी पादप प्रतिरोध (HPR), जैविक (Biological) और विवेकपूर्ण रासायनिक (Chemical as last resort)—का अध्ययन करना।
- भारत में IPM के कार्यक्षेत्र (Scope) और इसे अपनाने की व्यावहारिक सीमाओं (Limitations) को जानना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब DDT (1939) और ऑर्गेनोफॉस्फेट जैसे सिंथेटिक रासायनिक कीटनाशकों का कृषि में एकतरफा और अंधाधुंध छिड़काव शुरू हुआ, तो कुछ ही वर्षों में प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया। वर्ष 1962 में रैचेल कार्सन (Rachel Carson) की प्रसिद्ध पुस्तक ‘Silent Spring’ ने विश्व को रसायनों के भयावह पर्यावरणीय संकट से चेताया। अंधाधुंध कीटनाशक प्रयोग से कृषि में ‘3 R’ की समस्या—(1) Resistance (कीट प्रतिरोध), (2) Resurgence (कीट पुनरुत्थान), और (3) Residue (खाद्य श्रृंखला में जहरीला अवशेष) पैदा हो गई।
इसी संकट के समाधान हेतु वर्ष 1959 में वी.एम. स्टर्न एवं सहयोगियों (Stern, Smith, van den Bosch & Hagen, 1959) ने जैविक और रासायनिक नियंत्रण को जोड़ने के लिए ‘समन्वित नियंत्रण’ (Integrated Control) की ऐतिहासिक अवधारणा दी, और 1961 में गीयर एवं क्लार्क (Geier & Clark) ने इसे ‘Protective Population Management (Pest Management)’ नाम दिया। वर्ष 1967 में FAO ने इसे आधिकारिक रूप से ‘समन्वित कीट प्रबंधन’ (Integrated Pest Management — IPM) के रूप में अंगीकार किया। भारत में ICAR-NCIPM (National Research Centre for Integrated Pest Management, नई दिल्ली — स्थापना 1988) इसका शीर्ष राष्ट्रीय संस्थान है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. GEP, ETL और EIL के आधार पर कीटों की 4 पारिस्थितिक श्रेणियाँ
1. अ-नाशीकीट / नॉन-पेस्ट (Non-economic Pests)
इनकी सामान्य संतुलन स्थिति (GEP) सदैव ETL और EIL से बहुत नीचे रहती है (जैसे Acrida टिड्डा); इनमें कभी भी छिड़काव की आवश्यकता नहीं पड़ती।
2. आकस्मिक नाशीकीट (Occasional Pests)
इनका GEP सामान्यतः EIL से नीचे रहता है, किंतु विशेष मौसमी अनुकूलता या परजीवियों के नष्ट होने पर कभी-कभार इनकी संख्या ETL को पार कर जाती है (जैसे कपास की तंबाकू इल्ली)।
3. बारहमासी / स्थायी नाशीकीट (Perennial Pests)
इनका GEP आर्थिक क्षति स्तर (EIL) के बहुत करीब रहता है और लगभग हर फसल ऋतु में इनकी आबादी ETL को पार कर जाती है (जैसे धान का पीला तना छेदक, चने की फली छेदक इल्ली)।
4. गंभीर / मुख्य नाशीकीट (Severe / Key Pests)
इनका प्राकृतिक GEP सदैव EIL के ऊपर बना रहता है! बिना नियमित और सघन प्रबंधन के इनमें फसल उगाना असंभव होता है (जैसे कपास के गूलर छेदक, गोभी का DBM, बैंगन का फल छेदक)।
2. समन्वित कीट प्रबंधन की प्रमुख पद्धतियाँ / घटक (Practices & Tools of IPM Pyramid)
- सस्य / कर्षण विधियाँ (Cultural Practices — प्रथम रक्षा पंक्ति):
- ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई (Summer Deep Ploughing): मई-जून में मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करने पर जमीन में छिपे प्यूपा व अंडे (चना फली छेदक, कातरा, सफेद लट, फल मक्खी, टिड्डा) तेज धूप व पक्षियों द्वारा नष्ट हो जाते हैं।
- फसल चक्र (Crop Rotation) एवं स्वच्छ खेती (Clean Cultivation): मेड़ों की घास साफ करने से कातरा व गंधी बग का आश्रय समाप्त होता है।
- बुवाई के समय में परिवर्तन (Adjustment of Sowing Time): अगेती बुवाई से ज्वार में शूट फ्लाई और सरसों में माहू (Aphid) से बचाव होता है।
- प्रलोभन / फंदा फसलें (Trap Cropping): मुख्य फसल को बचाने के लिए कीट की पसंदीदा फसल कतारों में उगाना—जैसे:
• कपास में भिंडी या गेंदा (बॉलवर्म हेतु) एवं अरंडी (Castor) (Spodoptera litura हेतु);
• पत्तागोभी में भारतीय सरसों (25:2 अनुपात) (डायमंडबैक मॉथ – DBM हेतु);
• टमाटर में अफ्रीकी गेंदा (16:1 अनुपात) (फल छेदक Helicoverpa हेतु)। - धान में पगडंडी बनाना (Alleyways in Rice): हर 2–3 मीटर पर 30 cm खाली रास्ता छोड़ने से सूर्य का प्रकाश व हवा नीचे तने तक पहुँचती है और भूरे फुदके (BPH) का प्रकोप रुकता है।
- यांत्रिक एवं भौतिक विधियाँ (Mechanical & Physical Practices):
- अंड-समूहों व झंडु में रहने वाली इल्लियों (Spodoptera, बिहार हेयरी कैटरपिलर) को हाथ से तोड़कर नष्ट करना; कातरा इल्लियों के विरुद्ध खेत के चारों ओर खंदक (Trenching) खोदना; आम के तने पर गुजिया (Mealybug) रोकने हेतु अल्काथीन बैंडिंग; अनार में फ्रूट बैगिंग।
- व्यवहारिक पाश (Traps): रात्रिचर पतंगों हेतु प्रकाश पाश (Light trap @ 1/ha); सफेद मक्खी व माहू हेतु पीला चिपचिपा पाश (Yellow sticky trap); थ्रिप्स हेतु नीला चिपचिपा पाश (Blue sticky trap); तथा नर पतंगों की निगरानी व मास-ट्रैपिंग हेतु फेरोमोन पाश (Pheromone trap @ 5/ha for monitoring & 20–25/ha for mass trapping)।
- परपोषी पादप प्रतिरोध (Host Plant Resistance — HPR; R.H. Painter, 1951):
- कीट-रोधी किस्मों का उपयोग (Non-preference/Antixenosis, Antibiosis एवं Tolerance)—जैसे धान की BPH-रोधी किस्में (IR-36, IR-64), गॉल मिज-रोधी (फाल्गुना, सुरेखा) और Bt कपास।
- जैविक नियंत्रण (Biological Control — IPM का हृदय):
- अंड परजीवी (Egg Parasitoids): Trichogramma chilonis और T. japonicum (@ 50,000 से 1,00,000 परजीवी/ha)।
- परभक्षी (Predators): लेडीबर्ड भृंग (Coccinella septempunctata), ग्रीन लेसविंग (Chrysoperla zastrowi sillemi), मकड़ियाँ और खेत में पक्षियों के बैठने हेतु T-आकार की खूँटियाँ (Bird perches @ 20–25/ha)।
- सूक्ष्मजीवी जैव-कीटनाशक (Entomopathogens): जीवाणु Bacillus thuringiensis (Bt @ 1.0 kg/ha); विषाणु HaNPV व SlNPV (@ 250–500 LE/ha); तथा कवक Beauveria bassiana (सफेद मस्कर्डाइन), Metarhizium anisopliae (हरा मस्कर्डाइन) और Lecanicillium lecanii।
- वानस्पतिक एवं विधिक उपाय (Botanicals & Legal Quarantine):
- नीम बीज निंबोली अर्क (NSKE 5%) या अजाडिराक्टिन (1500–3000 ppm) का प्रयोग तथा पादप संगरोध अधिनियम (DIP Act 1914)।
- विवेकपूर्ण रासायनिक नियंत्रण (Judicious Chemical Control — अंतिम अस्त्र / Last Resort):
- केवल तभी जब कीट आबादी ETL को पार कर जाए, तब पर्यावरण-सुरक्षित व परजीवी-अनुकूल (Green/Blue triangle) चयनात्मक कीटनाशकों का सही समय व सही मात्रा में प्रयोग।
3. समन्वित कीट प्रबंधन का कार्यक्षेत्र एवं सीमाएँ (Scope & Limitations of IPM)
- कार्यक्षेत्र एवं लाभ (Scope & Advantages): (1) रासायनिक कीटनाशकों की खपत में 50–70% की कमी, (2) कीट प्रतिरोध व पुनरुत्थान (Resurgence) पर रोक, (3) मधुमक्खियों, केंचुओं व प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण, (4) कीटनाशक अवशेष-मुक्त (Residue-free) निर्यात गुणवत्ता का उत्पाद, और (5) उच्च लाभ-लागत अनुपात (Higher B:C Ratio)।
- सीमाएँ एवं बाधाएँ (Limitations / Constraints): (1) किसान को उच्च तकनीकी ज्ञान (ETL की पहचान, मित्र व शत्रु कीट में भेद) की आवश्यकता होती है, (2) जैविक व वानस्पतिक कारकों का असर धीमा होता है (किसान को तुरंत कीट मरता हुआ नहीं दिखता), (3) बायो-एजेंट्स (Trichogramma, NPV) की कम शेल्फ-लाइफ व समय पर उपलब्धता की कमी, और (4) टिड्डी, सफेद लट व कातरा जैसे कीटों में पूरे गाँव के सामूहिक सहयोग (Community participation) के बिना एक किसान का प्रयास विफल हो जाता है।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
IPM में प्रयुक्त रणनीतियों का वर्गीकरण:
- 1. निवारक एवं पारिस्थितिक रणनीतियाँ (Preventive / Bio-intensive IPM): सस्य क्रियाएँ, प्रतिरोधी किस्में (HPR), ट्रैप क्रॉपिंग, बर्ड पर्च और प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण (ETL से पहले लागू)।
- 2. उपचारात्मक रणनीतियाँ (Curative / Interventionist IPM): जब कीट ETL पर पहुँच जाए तब फेरोमोन मास-ट्रैपिंग, NPV/Bt/नीम छिड़काव और अंत में चयनात्मक हरित-रसायन कीटनाशक का प्रयोग।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘उन्मूलन नहीं, बल्कि प्रबंधन’ का सिद्धांत (Principle of Management, Not Eradication): IPM का लक्ष्य खेत से कीट प्रजाति के प्रत्येक सदस्य को 100% समाप्त (Eradicate) करना नहीं है—क्योंकि यदि कीट 100% समाप्त हो गए तो उनके परभक्षी और परजीवी मित्र कीट भी भूख से मर जाएंगे! IPM का सिद्धांत कीटों की संख्या को केवल EIL से नीचे रखना है ताकि मित्र कीट भी जीवित रहें।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
हल किया गया संख्यात्मक प्रश्न: आर्थिक क्षति स्तर (EIL) एवं आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) की गणना
प्रश्न (Norton, 1976 / Pedigo, 1986 के सूत्र पर आधारित): चने की फसल में फली छेदक (Helicoverpa armigera) के नियंत्रण पर प्रति हेक्टेयर कुल खर्च () है। चने का बाजार मूल्य () है। प्रति वर्ग मीटर 1 इल्ली होने पर प्रति हेक्टेयर उपज हानि () होती है और छिड़काव से कीट नियंत्रण दक्षता () मिलती है। आर्थिक क्षति स्तर (EIL) ज्ञात कीजिए।
हल (Solution):
- पेडिगो (Pedigo et al., 1986) का EIL सूत्र:
(जहाँ , , , ) - मान रखने पर:
- चूँकि आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) सामान्यतः EIL के 70–80% पर निर्धारित किया जाता है, अतः (या 1–2 इल्ली प्रति मीटर कतार) होगा।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 1.1: आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) बनाम आर्थिक क्षति स्तर (EIL) एवं प्रमुख फसलों के मानक ETL
| फसल एवं प्रमुख नाशीकीट | वैज्ञानिक नाम | मानक आर्थिक दहलीज स्तर (Standard ETL) | प्रमुख IPM हस्तक्षेप |
|---|---|---|---|
| 1. धान — पीला तना छेदक (YSB) | Scirpophaga incertulas | 5–10% डेड हार्ट या 1 अंड-समूह/m² या 2 सफेद बाली/m² | Trichogramma japonicum @ 50,000/ha, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल |
| 2. धान — भूरा फुदका (BPH) | Nilaparvata lugens | 5–10 फुदके प्रति पूँज (Hill) (मकड़ी होने पर 10–15/पूँज) | 30 cm पगडंडी (Alleyways), पानी निकालना, पाइमेट्रोजिन |
| 3. चना/कपास — फली/गूलर छेदक | Helicoverpa armigera | 1–2 इल्ली/मीटर कतार या 5–10% क्षतिग्रस्त फलियाँ/गूलर | T-खूँटी, फेरोमोन ट्रैप, HaNPV @ 250 LE/ha, इमामेक्टिन |
| 4. कपास — हरा तेला (Jassid) | Amrasca biguttula | 1–2 शिशु/वयस्क प्रति पत्ती | रोमयुक्त किस्म, पीला चिपचिपा पाश, फ्लोनिकामिड |
| 5. कपास — सफेद मक्खी (Whitefly) | Bemisia tabaci | 6–8 वयस्क मक्खी प्रति पत्ती | पीला चिपचिपा पाश, नीम तेल, स्पाइरोमेसिफेन / डायफेंथियूरॉन |
| 6. सरसों — माहू / चेपा (Aphid) | Lipaphis erysimi | 25–50 माहू प्रति 10 cm शीर्ष केंद्रीय प्ररोह (या 30% पौधे ग्रसित) | अक्टूबर अगेती बुवाई, ग्रसित टहनी तोड़ना, इमिडाक्लोप्रिड |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
समन्वित कीट प्रबंधन (IPM) के मूलभूत गणितीय सूत्र
- 1. आर्थिक क्षति स्तर (Economic Injury Level — Pedigo et al., 1986):
(जहाँ = प्रबंधन की लागत ₹/ha, = फसल का बाजार मूल्य ₹/इकाई उपज, = प्रति कीट क्षति इकाई, = प्रति इकाई क्षति से उपज हानि, = नियंत्रण से कीट आबादी में आनुपातिक कमी) - 2. ETL एवं EIL का संबंध: (नियंत्रण की कार्रवाई हमेशा ETL पर की जाती है ताकि आबादी EIL को न छू सके)।
- 3. HaNPV में लार्वा तुल्यांक (Larval Equivalent – LE):
(यह पूर्णतः विकसित 3 बीमार इल्लियों से प्राप्त विषाणु कणों के बराबर होता है; चने में दर: , टमाटर/कपास में: ।)
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- Stern et al. (1959): ‘Integrated Control’ व EIL/ETL की अवधारणा
- Geier & Clark (1961): ‘Pest Management’ | Carson (1962): Silent Spring
- ICAR-NCIPM (नई दिल्ली, 1988) एवं DPPQS (फरीदाबाद, 1946)
- 3 R’s संकट: Resistance, Resurgence एवं Residue
- EIL = C / (V × I × D × K) — न्यूनतम आर्थिक क्षति घनत्व
- ETL (Action Threshold): सदैव EIL से कम (नियंत्रण शुरू करने का स्तर)
- GEP: दीर्घकालिक औसत प्राकृतिक जनसंख्या घनत्व
- कीटों की 4 श्रेणियाँ: Non-pest, Occasional, Perennial, Key pest
- 1. सस्य: ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, अगेती बुवाई, ट्रैप फसल (गोभी+सरसों 25:2)
- 2. यांत्रिक/भौतिक: प्रकाश पाश, पीला/नीला स्टिकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप
- 3. जैविक: Trichogramma, Chrysoperla, Coccinella, Bt, NPV (250 LE/ha)
- 4. HPR किस्में, वानस्पतिक (NSKE 5%) व अंतिम विकल्प रासायनिक
- लाभ: 50-70% रसायन बचत, प्राकृतिक शत्रुओं व परागणकों की रक्षा
- सीमाएँ: उच्च तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता, धीमी जैविक क्रिया
- बायो-एजेंट्स की कम शेल्फ-लाइफ व सामुदायिक सहयोग की अनिवार्यता
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- वर्ष 1959 में ‘वी.एम. स्टर्न एवं सहयोगियों’ (Stern et al., 1959) ने ‘Integrated Control’ शब्द तथा ‘EIL’ और ‘ETL’ की अवधारणा प्रतिपादित की थी।
- राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NCIPM) नई दिल्ली में स्थित है (स्थापना: 1988), जबकि वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय (DPPQS) फरीदाबाद (हरियाणा) में है।
- आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) का मान सदैव आर्थिक क्षति स्तर (EIL) से कम होता है (ETL < EIL), और कीटनाशक छिड़काव का निर्णय हमेशा ETL पर लिया जाता है।
- 1 लार्वा तुल्यांक (1 LE of NPV) में पॉलीहेड्रल इन्क्लूजन बॉडीज (PIBs) होते हैं जो 3 पूर्ण विकसित संक्रमित इल्लियों से प्राप्त होते हैं।
- प्रसिद्ध ट्रैप फसल अनुपात: पत्तागोभी में DBM के लिए ’25 कतार गोभी : 2 कतार सरसों’ तथा टमाटर में फल छेदक के लिए ’16 कतार टमाटर : 1 कतार अफ्रीकी गेंदा’।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- इतिहास: Stern et al. (1959) Integrated Control & EIL/ETL; Geier & Clark (1961) Pest Management; Rachel Carson (1962) Silent Spring।
- EIL सूत्र:; सदैव ।
- जैव-एजेंट्स: अंड परजीवी Trichogramma; परभक्षी Chrysoperla व Coccinella; विषाणु HaNPV/SlNPV (); जीवाणु Bt; कवक Beauveria व Metarhizium।
- वानस्पतिक: NSKE 5% (Azadirachtin)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- ‘Integrated Control’ तथा ETL और EIL की अवधारणा वर्ष 1959 में ‘स्टर्न एवं सहयोगियों’ (Stern et al.) ने दी थी।
- राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान केंद्र (ICAR-NCIPM) नई दिल्ली में स्थित है (स्थापना: 1988)।
- आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) सदैव आर्थिक क्षति स्तर (EIL) से कम होता है (ETL < EIL)।
- NPV के 1 लार्वा तुल्यांक (1 LE) में 6 × 10⁹ पॉलीहेड्रल इन्क्लूजन बॉडीज (PIBs) होते हैं।
- पत्तागोभी में DBM के लिए ‘सरसों (25:2)’ और टमाटर में फल छेदक के लिए ‘गेंदा (16:1)’ प्रमुख ट्रैप फसलें हैं।





