ENT 311 Lecture 24: नारियल एवं सेब के प्रमुख नाशीकीट: गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब का ऊनी माहू

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 24: नारियल एवं सेब के प्रमुख नाशीकीट: गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब का ऊनी माहू
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 24)
नारियल का गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros — ‘V’ आकार का कटा पत्ता), लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) एवं सेब का ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- नारियल के गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros; कुल Scarabaeidae/Dynastidae, गण Coleoptera) के सिर के सींग, गोबर व कंपोस्ट के गड्ढों में प्रजनन करने, केवल वयस्क भृंग द्वारा नारियल की बंद गोभ (Central spindle) को काटने से खुलने पर पत्तियों के पंखे या ‘V’ (हीरे/Diamond) के आकार में कटी दिखने और ‘Metarhizium anisopliae’ व ‘Oryctes Baculovirus’ से जैविक नियंत्रण को समझना।
- नारियल के सबसे घातक शत्रु ‘लाल ताड़ घुन / रेड पाम वीविल’ (Red Palm Weevil — Rhynchophorus ferrugineus; कुल Curculionidae, गण Coleoptera) द्वारा गैंडा भृंग के घावों में अंडे देने, ग्रब द्वारा तने को अंदर से खोखला करने, तने से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव निकलने, ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) का अध्ययन करना।
- शीतोष्ण फल सेब (Apple) के सबसे प्रमुख नाशीकीट ‘सेब के ऊनी माहू’ (Woolly Apple Aphid — Eriosoma lanigerum; कुल Pemphigidae/Aphididae, गण Hemiptera) के तने व जड़ों दोनों पर गाँठें (Galls) बनाने, प्रसिद्ध अंतःपरजीवी ‘Aphelinus mali’ और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ को कंठस्थ करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): इस व्याख्यान में भारत की सबसे प्रमुख रोपण फसल नारियल (‘कल्पवृक्ष’ — Cocos nucifera) और सबसे प्रमुख शीतोष्ण फल सेब (Apple — Malus domestica) के तीन ऐतिहासिक नाशीकीटों का अध्ययन किया गया है। नारियल में ‘गैंडा भृंग’ (Oryctes rhinoceros) और ‘लाल ताड़ घुन’ (Rhynchophorus ferrugineus) मिलकर ‘घातक जोड़ी’ बनाते हैं—पहले गैंडा भृंग मुकुट में घाव बनाता है और फिर उसी घाव की गंध सूंघकर लाल ताड़ घुन अंडे दे देता है जिससे पूरा ताड़ का पेड़ मर जाता है!
वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब के बागों में ‘सेब का ऊनी माहू’ (Eriosoma lanigerum) गर्मियों में टहनियों पर और सर्दियों में जड़ों के नीचे रहकर गाँठें बनाता है; इसका परजीवी ततैया Aphelinus mali और प्रतिरोधी मूलवृंत MM-सीरीज द्वारा किया गया नियंत्रण विश्व के सबसे सफल जैविक नियंत्रण उदाहरणों में गिना जाता है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. नारियल का गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Oryctes rhinoceros | कुल: Scarabaeidae (उप-कुल: Dynastinae) | गण: Coleoptera। (अन्य परपोषी: ऑयल पाम, खजूर, ताड़, सुपारी, केला)।
- पहचान एवं जीवविज्ञान (प्रजनन स्थल और भक्षण स्थल अलग-अलग हैं!):
- वयस्क भृंग: 4–5 cm बड़ा, मजबूत, चमकदार काले-भूरे रंग का भृंग जिसके सिर के ऊपर पीछे की ओर मुड़ा हुआ गैंडे जैसा एक मजबूत सींग (Cephalic horn — नर में लंबा, मादा में छोटा) होता है।
- प्रजनन स्थल (Manure Pits): मादा भृंग नारियल के पेड़ पर अंडे नहीं देती, बल्कि सड़ती हुई गोबर की खाद के गड्ढों (FYM/Compost pits), सड़े हुए नारियल के तनों और बुरादे के ढेरों में 10–15 cm नीचे 100–140 सफेद अंडे देती है!
- ग्रब (Stout C-shaped Grub): अंडों से मोटा मलाईदार सफेद ‘C’ आकार का ग्रब निकलता है जो गोबर की खाद खाकर ही 3–6 महीने में बड़ा होता है (ग्रब फसल को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता!) और मिट्टी में 30–60 cm नीचे प्यूपा बनाता है।
- क्षति की प्रकृति (केवल वयस्क भृंग हानिकारक है!):
- केवल वयस्क भृंग (Adult beetle) रात में उड़कर नारियल के मुकुट (Crown) में पहुँचता है और बंद केंद्रीय गोभ पत्ती (Unopened central spindle) तथा फूल के स्पैथ (Spathe) में छेद करके अंदर का कोमल ऊतक चबाता है व रस चूसता है तथा चबाए हुए रेशे छेद के बाहर फेंक देता है।
- ‘V’ या हीरे के आकार की कटी पत्तियाँ (Fan / V-shaped / Diamond cuts on fronds): जब क्षतिग्रस्त गोभ पत्ती खुलती है, तो पर्णक कैंची से कटे जैसे ‘V’ या हीरे की आकृति में कटे दिखते हैं! युवा पौधों में वृद्धि बिंदु कटने से पेड़ मर जाता है और बड़े पेड़ों में यह लाल ताड़ घुन (Red Palm Weevil) के अंडे देने का रास्ता खोल देता है।
- गैंडा भृंग का समन्वित प्रबंधन (IPM for Rhinoceros Beetle):
- यांत्रिक निष्कासन (Beetle Hook): पेड़ के मुकुट में बने ताजे छेदों में आधा मीटर लंबी लोहे की मुड़ी हुई सलाई (Rhinoceros beetle iron hook) घुसाकर अंदर बैठे भृंग को खींचकर मारना और छेद में रेत + नीम की खली (250 g) या क्लोरपायरीफॉस धूल या 3 नैफ्थलीन की गोलियाँ (Naphthalene balls) भर देना।
- जैविक नियंत्रण (गोबर गड्ढों व भृंगों में — विश्व-प्रसिद्ध मॉडल!):
- गोबर के गड्ढों में कवक उपचार: बाग के पास सभी खाद के गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक Metarhizium anisopliae (@ ) छिड़कना जिससे अंदर पल रहे सारे ग्रब हरे कवक से मर जाते हैं।
- विषाणु विमोचन (Baculovirus): प्रति हेक्टेयर 10–15 वयस्क भृंगों को Oryctes rhinoceros nudivirus (OrNV / Baculovirus) के घोल में डुबोकर शाम को बाग में छोड़ देना; ये संक्रमित भृंग खाद के गड्ढों और अन्य भृंगों में विषाणु फैलाकर आबादी को खत्म कर देते हैं!
- फेरोमोन पाश: एकत्रीकरण फेरोमोन ‘राइनोल्यूर’ (Rhinolure — Ethyl 4-methyloctanoate @ 1 पाश/2 ha) लगाना।
2. लाल ताड़ घुन / रेड पाम वीविल (Red Palm Weevil — Rhynchophorus ferrugineus)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Rhynchophorus ferrugineus | कुल: Curculionidae | गण: Coleoptera। (नारियल, खजूर और ऑयल पाम का सबसे प्राणघातक आंतरिक शत्रु — ‘Hidden killer of palms’)।
- पहचान एवं जीवविज्ञान (प्रजनन और भक्षण सब कुछ जीवित तने के अंदर!):
- वयस्क घुन: 3.5 cm बड़ा, लाल-भूरे (Ferruginous red) रंग का घुन जिसके वक्ष (Pronotum) पर 4–6 काले धब्बे और आगे लंबी मुड़ी हुई सूँड (Curved snout/rostrum) होती है।
- अंडरोपण एवं ग्रब: मादा घुन तने पर बने गैंडा भृंग के घावों, ताड़ी निकालने या पत्तियाँ काटने के ताजे घावों की किण्वित गंध से आकर्षित होकर उनमें अपनी सूँड से छेद कर 200–300 अंडे देती है।
- पैर-रहित ग्रब (Apodous Grub — मुख्य हानिकारक अवस्था): पीले-सफेद मांसल और बिना पैरों वाले ग्रब तने के अंदर घुसकर कोमल ऊतकों को खाते हुए चारों ओर सुरंग बना देते हैं और तने के अंदर ही रेशों के अंडाकार कोकून में प्यूपा बनाते हैं।
- क्षति के विशिष्ट लक्षण:
- तने पर बने छोटे छेदों से गाढ़ा लाल-भूरा चिपचिपा और बदबूदार द्रव (Reddish-brown viscous fluid oozing from trunk holes) बाहर रिसता है और चबाए हुए रेशे बाहर निकलते हैं।
- तने से कान लगाकर सुनने (या बायो-एकॉस्टिक सेंसर लगाने) पर अंदर ग्रब के चबाने की ‘कुर-कुर’ आवाज (Gnawing sound) सुनाई देती है।
- अंततः भीतरी पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं और पूरा मुकुट (Crown) टूटकर नीचे गिर जाता है।
- लाल ताड़ घुन का समन्वित प्रबंधन (IPM for Red Palm Weevil):
- घावों से बचाव एवं स्वच्छता: तने पर कभी घाव न बनने दें; हरी पत्तियाँ काटते समय तने से लंबा डंठल छोड़कर काटें (ताकि घुन डंठल से तने तक न पहुँच सके); गैंडा भृंग का नियंत्रण करें; और मर चुके पेड़ों को काटकर जला दें।
- फेरोल्यूर पाश (Ferrolure Bucket Trap): बाग में प्रति हेक्टेयर 1–2 बाल्टी पाश लटकाएँ जिनमें ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure — 4-methyl-5-nonanol) + किण्वित ताड़ी/अनानास/गन्ना + कार्बारिल/इमिडाक्लोप्रिड रखा हो।
- तना इंजेक्शन एवं जड़ पिलाई (Trunk Injection / Root Feeding — उपचारात्मक उपाय):
- ग्रसित तने के सबसे ऊपरी छेद से नीचे के सभी छेदों को सीमेंट/मिट्टी से बंद कर दें; फिर सबसे ऊपरी छेद के ऊपर ड्रिल से के तिरछे कोण पर छेद बनाकर कीप (Funnel) की सहायता से इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL () या क्लोरपायरीफॉस 20% EC () या स्पिनोसैड अंदर भरें और छेद को सीमेंट से बंद कर दें।
3. सेब का ऊनी माहू (Woolly Apple Aphid — Eriosoma lanigerum)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Eriosoma lanigerum | कुल: Pemphigidae / Aphididae (Eriosomatinae) | गण: Hemiptera।
- पहचान एवं मौसमी प्रवास (Aerial & Subterranean Dual Life):
- बैंगनी-लाल रंग का माहू जिसका पूरा शरीर सफेद रुई या ऊन जैसे लंबे मोमी धागों के गुच्छों (White cottony/woolly wax filaments) से ढका रहता है—दूर से देखने पर सेब की टहनियों पर रुई के फाहे चिपके जैसे लगते हैं और मसलने पर खून जैसा लाल द्रव निकलता है।
- द्वि-आवास चक्र: भारत में यह अनिषेकजनन (Parthenogenesis) द्वारा प्रजनन करता है। गर्मियों और मानसून (अप्रैल–अक्टूबर) में यह पेड़ के ऊपरी तने व टहनियों पर रहता है और सर्दियां आते ही (नवंबर–फरवरी) नीचे उतरकर जमीन के अंदर जड़ों (Roots) पर चला जाता है तथा बसंत में पुनः ऊपर चढ़ आता है!
- क्षति के विशिष्ट लक्षण:
- शिशु और वयस्क टहनियों की छाल और भूमिगत जड़ों दोनों से रस चूसते हैं और विषाक्त लार छोड़ते हैं।
- लार की प्रतिक्रिया से सेब की टहनियों और भूमिगत जड़ों दोनों पर बड़ी-बड़ी बदसूरत गाँठें / ट्यूमर जैसी संरचनाएँ (Woody knots / Galls on stems and roots) बन जाती हैं!
- जड़ों के गलने और पोषक प्रवाह रुकने से नर्सरी के पौधे मर जाते हैं और बड़े पेड़ों में फल छोटे रह जाते हैं।
- सेब के ऊनी माहू का विश्व-प्रसिद्ध समन्वित प्रबंधन (IPM):
- प्रतिरोधी मूलवृंत (Resistant Rootstocks — स्थायी समाधान!): सेब की कलम (Grafting) देशी क्रैब एप्पल के बजाय ऊनी माहू-प्रतिरोधी क्लोनल मूलवृंतों—मॉलिंग-मर्टन सीरीज (Malling-Merton: MM-104, MM-106, MM-109, MM-111) और मर्टन-793 (M-793)—पर तैयार करना।
- शास्त्रीय जैविक नियंत्रण (Classical Biological Control): विशिष्ट अंतःपरजीवी ततैया Aphelinus mali (कुल Aphelinidae — जिसे 1930 के दशक में इंग्लैंड से भारत मँगाकर कुल्लू व कश्मीर के बागों में स्थापित किया गया) और परभक्षी लेडीबर्ड भृंग (Coccinella septempunctata) व सिरफिड मक्खी का संरक्षण।
- रासायनिक नियंत्रण: (a) सर्दियों में जड़ों के उपचार हेतु पेड़ के थाले में क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 5 mL/L) की ड्रेन्चिंग; तथा (b) गर्मियों में वायवीय कॉलोनियों पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (@ 0.4 mL/L) या थायोमेथोक्साम 25% WG (@ 0.3 g/L) या स्पिरोटेट्रामैट (Movento) का छिड़काव।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
नारियल एवं सेब के अन्य प्रमुख पूरक नाशीकीट (Exam Quick Reference):
- 1. नारियल की काली सिर वाली इल्ली (Coconut Black-Headed Caterpillar — Opisina arenosella [पूर्व नाम: Nephantis serinopa]; Oecophoridae, Lepidoptera): पत्तियों की निचली सतह पर रेशम और विष्ठा की सुरंगों में रहकर हरा भाग खाती है जिससे ताड़ के पत्ते दूर से जले हुए दिखते हैं; नियंत्रण: जड़ से मोनोक्रोटोफॉस पिलाना (Root feeding — केवल ऊँचे नारियल में जब 45 दिन तक फल न तोड़ने हों) और परजीवी Goniozus nephantidis एवं Bracon brevicornis छोड़ना।
- 2. नारियल की एरियोफिड माइट (Coconut Eriophyid Mite — Aceria guerreronis; Eriophyidae, Acarina): 1998 में केरल में आया आक्रामक कीट; नारियल के पेरिएंथ के नीचे रहकर नारियल की सतह पर त्रिकोणीय भूरे फटे हुए निशान बनाता है।
- 3. सेब का सैन जोस स्केल (San Jose Scale — Quadraspidiotus [Diaspidiotus] perniciosus; Diaspididae, Hemiptera): टहनियों और सेब के फलों पर राख के रंग की परत व लाल धब्बे बनाता है; परजीवी: Encarsia perniciosi व शीतकालीन डीजल/ट्री स्प्रे ऑयल (Dormant oil spray)।
- 4. सेब का कॉडलिंग मॉथ (Codling Moth — Cydia pomonella; Tortricidae, Lepidoptera): भारत में केवल लद्दाख (लेह-कारगिल) क्षेत्र में सीमित आंतरिक संगरोध (Domestic quarantine) कीट है ताकि यह कश्मीर व हिमाचल के सेबों में न फैले!
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘प्रजनन-स्थल एवं भक्षण-स्थल पृथक्करण’ का सिद्धांत (Principle of Breeding-vs-Feeding Site Separation in Rhinoceros Beetle): नारियल के गैंडा भृंग में केवल वयस्क भृंग पेड़ के मुकुट को खाता है जबकि उसके अंडे और ग्रब केवल जमीन पर गोबर के खाद गड्ढों में रहते हैं। अतः केवल पेड़ पर दवा डालने से यह कभी खत्म नहीं होता—जब तक कि गोबर के गड्ढों में Metarhizium और Baculovirus डालकर इसके प्रजनन स्रोत को नष्ट न किया जाए!
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
क्षेत्रीय निदान उदाहरण: नारियल में ‘गैंडा भृंग’ और ‘लाल ताड़ घुन’ में अंतर
1. गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros): केवल वयस्क भृंग पेड़ के मुकुट में नुकसान करता है (ग्रब गोबर के गड्ढे में रहता है); खुलने पर पत्तियाँ ‘V’ या हीरे के आकार में कटी दिखती हैं और यह सामान्यतः बड़े पेड़ को जान से नहीं मारता।
2. लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus): मुख्यतः पैर-रहित ग्रब तने के अंदर रहकर नुकसान करते हैं; तने के छेदों से लाल-भूरा गाढ़ा द्रव रिसता है, अंदर से चबाने की आवाज आती है और यह पूरे पेड़ को जान से मार देता है!
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 24.1: नारियल का गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब के ऊनी माहू की मास्टर तुलना
| तुलना का आधार | नारियल का गैंडा भृंग (Rhinoceros Beetle) | लाल ताड़ घुन (Red Palm Weevil) | सेब का ऊनी माहू (Woolly Apple Aphid) |
|---|---|---|---|
| 1. वैज्ञानिक नाम | Oryctes rhinoceros | Rhynchophorus ferrugineus | Eriosoma lanigerum |
| 2. गण एवं कुल | Coleoptera : Scarabaeidae (Dynastinae) | Coleoptera : Curculionidae | Hemiptera : Pemphigidae (Aphididae) |
| 3. मुख्य हानिकारक अवस्था | केवल वयस्क भृंग (ग्रब खाद के गड्ढे में पलता है) | पैर-रहित ग्रब (और वयस्क) — तने के अंदर | शिशु एवं वयस्क (तने और जड़ दोनों पर) |
| 4. विशिष्ट क्षति चिह्न | खुलती पत्तियों पर पंखे या ‘V’ (हीरे) के आकार का ज्यामितीय कटाव | तने के छेद से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव रिसना व चबाने की आवाज | सफेद ऊनी गुच्छे + तने और जड़ों पर बड़ी-बड़ी गाँठें (Galls) |
| 5. प्रमुख बायो-एजेंट / HPR | Metarhizium anisopliae एवं Oryctes Baculovirus | EPN (Heterorhabditis), Beauveria | परजीवी Aphelinus mali एवं MM-106 / MM-111 मूलवृंत |
| 6. विशिष्ट यांत्रिक/रासायनिक उपाय | लोहे के हुक से भृंग निकालना, Rhinolure पाश, मुकुट में रेत+नीम खली | Ferrolure बाल्टी पाश + तना इंजेक्शन (Trunk injection) | जड़ में क्लोरपायरीफॉस ड्रेन्चिंग व वायवीय भाग पर इमिडाक्लोप्रिड स्प्रे |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
नारियल एवं सेब कीट प्रबंधन के मानक मापदंड
- 1. गैंडा भृंग हेतु गोबर गड्ढे में Metarhizium उपचार दर:
- 2. लाल ताड़ घुन से बचाव हेतु पत्ती काटते समय छोड़े जाने वाले डंठल की लंबाई:
- 3. सेब के ऊनी माहू-प्रतिरोधी मूलवृंत (Resistant Clonal Rootstocks):
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Scarabaeidae, गण: Coleoptera | सिर पर गैंडे जैसा सींग
- अंडे व ग्रब गोबर की खाद के गड्ढों (Manure pits) में पलते हैं
- केवल वयस्क भृंग बंद गोभ को काटता है → ‘V’ या हीरे के आकार की पत्तियाँ
- नियंत्रण: लोहे का हुक, Rhinolure, गोबर गड्ढे में Metarhizium व Baculovirus
- कुल: Curculionidae, गण: Coleoptera | तने के अंदर जीवन चक्र
- तने के घावों से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव निकलना व चबाने की आवाज
- आकर्षक पाश: फेरोल्यूर (Ferrolure) + किण्वित ताड़ी/अनानास बाल्टी ट्रैप
- उपचार: 1.2 m डंठल छोड़कर पत्ती काटना व तना इंजेक्शन (Trunk injection)
- कुल: Pemphigidae (Aphididae), गण: Hemiptera | सफेद रुई जैसे गुच्छे
- गर्मियों में तने पर व सर्दियों में जड़ों पर प्रवास; दोनों पर गाँठें (Galls)
- विश्व-प्रसिद्ध परजीवी ततैया: Aphelinus mali (Aphelinidae)
- प्रतिरोधी मूलवृंत: Malling-Merton सीरीज (MM-106, MM-111, M-793)
- नारियल काली सिर इल्ली: Opisina arenosella (परजीवी Goniozus)
- नारियल एरियोफिड माइट: Aceria guerreronis (1998 में केरल प्रवेश)
- सेब सैन जोस स्केल: Quadraspidiotus perniciosus (परजीवी Encarsia)
- सेब कॉडलिंग मॉथ: Cydia pomonella (लद्दाख में घरेलू संगरोध कीट)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros; कुल Scarabaeidae) की केवल ‘वयस्क अवस्था’ ही नारियल को नुकसान पहुँचाती है (जबकि इसके अंडे व ग्रब गोबर की खाद के गड्ढों में रहते हैं) और इससे खुलती पत्तियों पर ‘V’ या हीरे (Diamond) के आकार का कटाव बनता है।
- गैंडा भृंग के जैविक नियंत्रण के लिए गोबर के गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक ‘Metarhizium anisopliae’ और विषाणु ‘Oryctes rhinoceros nudivirus (Baculovirus)’ का प्रयोग किया जाता है।
- लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus; कुल Curculionidae) के नियंत्रण हेतु एकत्रीकरण फेरोमोन ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) प्रयुक्त होता है।
- सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) के जैविक नियंत्रण हेतु परजीवी ततैया ‘Aphelinus mali’ और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ विश्व-प्रसिद्ध हैं।
- सेब का कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella; कुल Tortricidae) भारत में केवल ‘लद्दाख (लेह-कारगिल)’ क्षेत्र में पाया जाता है और उस पर घरेलू संगरोध (Domestic quarantine) लागू है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros): Scarabaeidae; गोबर गड्ढे में प्रजनन; वयस्क द्वारा बंद गोभ काटने से ‘V’/हीरे के आकार की पत्तियाँ; लोहे का हुक, Rhinolure, Metarhizium व Oryctes Baculovirus।
- लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus): Curculionidae; तने के अंदर ग्रब; लाल-भूरा द्रव रिसना; 1.2 m डंठल छोड़ना, Ferrolure पाश, तना इंजेक्शन।
- सेब का ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum): Pemphigidae; तने व जड़ दोनों पर गाँठें; परजीवी Aphelinus mali, मूलवृंत MM-106/MM-111।
- अन्य: नारियल काली सिर इल्ली (Opisina arenosella), सेब सैन जोस स्केल (Quadraspidiotus perniciosus), कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella — लद्दाख)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) से खुलती पत्तियों पर ‘V’ या हीरे (Diamond) के आकार का कटाव बनता है।
- गैंडा भृंग अपने अंडे ‘गोबर की खाद के गड्ढों’ में देता है और इसके जैविक नियंत्रण हेतु ‘Metarhizium anisopliae’ व ‘Oryctes Baculovirus’ प्रयुक्त होते हैं।
- लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) के लिए ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) प्रयुक्त होता है।
- सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) का प्रसिद्ध परजीवी ‘Aphelinus mali’ है और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ हैं।
- सेब का कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella) भारत में केवल ‘लद्दाख’ क्षेत्र में सीमित एक घरेलू संगरोध (Quarantine) कीट है।





