PPHYS 311 Lecture 03: विसरण (Diffusion), परासरण (Osmosis) एवं पौधों में जल की कार्यिकीय भूमिका

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PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
LECTURE 03 / 32 · PPHYS 311

विसरण (Diffusion), परासरण (Osmosis) एवं पौधों में जल की कार्यिकीय भूमिका

Diffusion, Osmosis and Physiological Roles of Water in Plants

Diffusion, Fick's Law, Permeability, Osmosis, Plasmolysis, Imbibition & Physiological Roles of Water

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Diffusion, Osmosis and Physiological Roles of Water in Plants (Theory • Lecture 03)
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • पौधों के जीवन में जल के अद्वितीय भौतिक-रासायनिक गुणों (ध्रुवीयता, हाइड्रोजन बंध, उच्च विशिष्ट ऊष्मा, ससंजन व आसंजन) और उसकी कार्यिकीय भूमिकाओं को समझना।
  • विसरण (Diffusion), फिक का नियम (Fick's Law), ग्राहम का विसरण नियम, स्वतंत्र विसरण और विसरण दाब न्यूनता (DPD = OP − TP; Meyer, 1938) का विश्लेषण करना।
  • झिल्लियों की पारगम्यता के प्रकार, परासरण (Osmosis – Abbe Nollet, 1748), अतिपरासरी/अल्पपरासरी विलयन, जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) और अंतःशोषण (Imbibition) की क्रियाविधि सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

जल को 'पौधों के जीवन का अमृत एवं मातृ द्रव' (Elixir / Mother Liquid of Plant Life) कहा जाता है। एक सक्रिय रूप से बढ़ते शाकीय पौधे के ताजे भार का 80% से 95% भाग जल होता है (यहाँ तक कि शुष्क बीजों में भी 8–12% जल जीवित रहने के लिए अनिवार्य है)। पौधे के अंदर गैसों (CO2, O2) का आदान-प्रदान और मृदा से लेकर पत्ती तक जल व विलेयों का कोशिका-दर-कोशिका संचलन तीन मूलभूत भौतिक-रासायनिक प्रक्रियाओं—विसरण (Diffusion), परासरण (Osmosis) और अंतःशोषण (Imbibition)—पर आधारित है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

विसरण (Diffusion)

गैस, द्रव या ठोस के अणुओं अथवा आयनों का अपनी स्वयं की गतिज ऊर्जा (Kinetic energy) के कारण अपनी 'उच्च सांद्रता (या उच्च मुक्त ऊर्जा) के क्षेत्र से निम्न सांद्रता के क्षेत्र की ओर' तब तक स्वतः गमन करना जब तक कि दोनों ओर साम्यावस्था न स्थापित हो जाए।

परासरण (Osmosis – Abbe Nollet, 1748)

दो भिन्न सांद्रता वाले विलयनों के बीच स्थित एक 'अर्ध-पारगम्य या चयनात्मक पारगम्य झिल्ली' (Semi-permeable / Differentially permeable membrane) के आर-पार विलायक (जल) के अणुओं का अपनी उच्च सांद्रता (तनु विलयन) से निम्न सांद्रता (सांद्र विलयन) की ओर विसरण।

जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis – De Vries, 1877)

जब किसी जीवित पादप कोशिका को अतिपरासरी विलयन (Hypertonic solution — जैसे गाढ़े नमक या चीनी के घोल) में रखा जाता है, तो बहिःपरासरण (Exosmosis) द्वारा कोशिका से जल बाहर निकल जाने के कारण जीवद्रव्य (Protoplast) कोशिका भित्ति से सिकुड़कर अलग हो जाता है, इसे जीवद्रव्यकुंचन कहते हैं।

अंतःशोषण (Imbibition – Sachs, 1874)

सूखे जल-रागी कोलाइडल पदार्थों (Hydrophilic colloids — जैसे सूखे बीज, लकड़ी, अगर-अगर, पेक्टिन, प्रोटीन व स्टार्च) द्वारा बिना विलयन बनाए अपनी सतह पर जल के अणुओं का अधिशोषण (Adsorption) कर फूलने और अत्यधिक दाब ('Imbibition pressure' — 1000 atm तक!) उत्पन्न करने की प्रक्रिया।

वर्गीकरण · Classification

झिल्लियों की पारगम्यता के आधार पर 4 प्रकार (Types of Membranes based on Permeability)

1. पूर्ण पारगम्य झिल्ली (Freely Permeable): जो विलायक (जल) और विलेय दोनों को बेरोकटोक आर-पार जाने दे — जैसे सेल्यूलोज एवं पेक्टिन से बनी 'प्राथमिक पादप कोशिका भित्ति' (Cell Wall) एवं फिल्टर पेपर।
2. अर्ध-पारगम्य झिल्ली (Semi-Permeable): जो केवल विलायक (जल) के अणुओं को जाने दे, किंतु विलेय के कणों को बिल्कुल न जाने दे — जैसे कृत्रिम कॉपर फेरोसायनाइड झिल्ली (Pfeffer, 1877), चर्मपत्र (Parchment paper) एवं अंडे की झिल्ली।
3. चयनात्मक / विभेदी पारगम्य झिल्ली (Selectively / Differentially Permeable): जो जल के अणुओं को तेजी से जाने दे और कुछ चुने हुए आवश्यक विलेय आयनों को नियंत्रित रूप से जाने दे — जैसे सभी जीवित जैविक झिल्लियाँ: 'जीवद्रव्य कला' (Plasma membrane / Plasmalemma) एवं रिक्तिका झिल्ली 'टोनोप्लास्ट' (Tonoplast)!
4. अपारगम्य झिल्ली (Impermeable): जो जल और गैस दोनों को न जाने दे — जैसे सुबेरिन युक्त कॉर्क भित्ति (Suberized cell wall) एवं मोटी क्यूटिकल।

बाह्य विलयन की सांद्रता के 3 प्रकार (Tonicity of Solutions)

1. समपरासरी विलयन (Isotonic Solution): जिसकी सांद्रता (परासरण दाब) कोशिका रस के बराबर हो (कोई शुद्ध जल संचलन नहीं; कोशिका श्लथ/Flaccid होती है)।
2. अल्पपरासरी विलयन (Hypotonic Solution): जिसकी सांद्रता कोशिका रस से कम हो (इसमें रखने पर अंतःपरासरण / Endosmosis से जल कोशिका के अंदर आता है और कोशिका आशून / Turgid हो जाती है)।
3. अतिपरासरी विलयन (Hypertonic Solution): जिसकी सांद्रता कोशिका रस से अधिक हो (इसमें रखने पर बहिःपरासरण / Exosmosis से जल बाहर निकलता है और Plasmolysis हो जाता है)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • अंतःशोषण क्षमता का अवरोही क्रम (Order of Imbibition Capacity — परीक्षा का सदाबहार प्रश्न!): विभिन्न कार्बनिक कोलाइड्स की जल सोखकर फूलने की क्षमता का क्रम है: Agar-agar (अपने भार का 99 गुना जल सोखता है!) > Pectin > Protein (प्रोटीन) > Starch (स्टार्च) > Cellulose (सेल्यूलोज — सबसे कम)। यही कारण है कि प्रोटीन-युक्त मटर व चने के बीज अंकुरण के समय स्टार्च-युक्त गेहूँ व मक्का के बीजों की तुलना में कहीं अधिक पानी सोखते हैं और अधिक फूलते हैं!
  • विसरण दाब न्यूनता का शास्त्रीय सिद्धांत (Diffusion Pressure Deficit – DPD / Suction Pressure; Meyer, 1938 & Renner, 1915): शुद्ध जल का विसरण दाब अधिकतम (1236 atm) होता है। जब उसमें कोई विलेय मिलाया जाता है तो विसरण दाब में जो कमी आती है उसे DPD (या चूषण दाब – Suction Pressure 'SP') कहते हैं। जल हमेशा कम DPD वाली कोशिका से उच्च DPD वाली कोशिका की ओर गमन करता है!

कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics

1. Physiological Properties & Roles of Water in Plants (पौधों में जल के विशिष्ट गुण एवं कार्यिकीय भूमिका)

All Crop Plants

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): All Crop Plants

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: जल की संरचना: कोणीय ध्रुवीय अणु (H-O-H कोण = 104.5°), अंतर-आणविक हाइड्रोजन आबंध (Hydrogen bonding)।

🌱 कार्यिकीय महत्व: पौधे अपने कुल अवशोषित जल का मात्र 1% से 2% भाग ही उपापचय व वृद्धि में उपयोग करते हैं और शेष 98–99% जल वाष्पोत्सर्जन में चला जाता है, फिर भी जल की थोड़ी सी कमी पूरी फसल को सुखा देती है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. जीवद्रव्य का मुख्य घटक (Major Constituent of Protoplasm): जीवित जीवद्रव्य का 85–90% भाग जल है; जल की कमी होते ही जीवद्रव्य कोलाइडल सॉल (Sol) अवस्था से निष्क्रिय जेल (Gel) अवस्था में बदल जाता है और एंजाइम निष्क्रिय हो जाते हैं (जैसे सूखे बीज में)।

2. सार्वत्रिक विलायक एवं परिवहन माध्यम (Universal Solvent & Transport Medium): अपनी उच्च डाइइलेक्ट्रिक स्थिरांक (Dielectric constant = 80) और ध्रुवीयता के कारण जल मृदा से सभी खनिज आयनों और पौधे में शर्करा, अमीनो अम्ल व हार्मोनों को घोलकर जाइलम व फ्लोएम में परिवहन करता है।

3. उपापचयी अभिक्रियाओं में प्रत्यक्ष अभिकारक (Direct Reactant in Metabolism): प्रकाश-संश्लेषण की प्रकाशीय अभिक्रिया (Photolysis of water) में जल ही ऑक्सीजन (O2) निकालने और CO2 अपचयन हेतु इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन (H+) देने का एकमात्र स्रोत है! साथ ही स्टार्च, प्रोटीन व वसा के जल-अपघटन (Hydrolysis) में जल अभिकारक है।

4. कोशिका आशूनता एवं पादप आकार (Turgidity & Cell Enlargement): आशून दाब (Turgor pressure) ही शाकीय पौधों को सीधा खड़ा रखता है, कोशिका दीर्घन (Cell elongation) कराता है, रंध्रों को खोलता व बंद करता है और छुई-मुई व दालों की पत्तियों में निशानुकुंचन (Nyctinastic movement) चलाता है।

5. ताप बफर (Thermal Buffer): उच्च विशिष्ट ऊष्मा (High specific heat) और वाष्पन की उच्च गुप्त ऊष्मा (540 cal/g) के कारण जल कड़ी धूप में भी पत्तियों को झुलसने से बचाता है।

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): उच्च ससंजन बल (Cohesion — जल के अणुओं का आपस में जुड़ना) और आसंजन बल (Adhesion — जाइलम की भित्ति से चिपकना) तथा उच्च पृष्ठ तनाव (72.8 dynes/cm) रसारोहण में जल के अटूट स्तंभ को बनाए रखते हैं।

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): बीज अंकुरण की सबसे पहली सीढ़ी जल का अंतःशोषण (Imbibition) और जीवद्रव्य का जलयोजन (Hydration) है।

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): 0°C से 100°C के व्यापक परास में द्रव अवस्था में रहना जल को जीवन के लिए आदर्श बनाता है।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • जल अणु कोण = 104.5° + Hydrogen bonding से उच्च ससंजन, आसंजन व गुप्त ऊष्मा + प्रकाश-संश्लेषण में O2 और H+ का स्रोत + Turgidity द्वारा कोशिका वृद्धि व रंध्र खुलना।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

पौधे की जल स्थिति मापने के लिए 'सापेक्ष जल अंश' (Relative Water Content – RWC, Weatherley 1950) सबसे विश्वसनीय सूचकांक है।

2. Diffusion, Fick's Law, Osmosis, Plasmolysis & DPD Relationships (विसरण, परासरण, जीवद्रव्यकुंचन एवं DPD संबंध)

Cellular Water & Gas Transport in Plants

🎯 संदर्भित फसलें / तंत्र (Target Crops / System): Cellular Water & Gas Transport in Plants

🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्रमुख वैज्ञानिक: फिक (Fick, 1855 – विसरण नियम), ग्राहम (1833), एबे नोलेट (1748 – Osmosis), फेफर (1877 – Osmometer), मेयर (1938 – DPD) एवं डी व्रीज (1877 – Plasmolysis)।

🌱 कार्यिकीय महत्व: वायुमंडल से पत्ती के अंदर CO2 का प्रवेश, पत्ती से जलवाष्प व O2 का निकास (केवल विसरण द्वारा!) और जड़ के मूलरोम से जाइलम तक जल का प्रवेश परासरण व DPD प्रवणता से होता है।

📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. विसरण एवं इसके नियम (Diffusion Laws):
• फिक का प्रथम नियम (Fick's First Law): विसरण की दर (J) सांद्रता प्रवणता (ΔC/Δx) और झिल्ली के क्षेत्रफल (A) के समानुपाती होती है [J = −D · A · (ΔC/Δx)]।
• ग्राहम का गैसों के विसरण का नियम (Graham's Law): किसी गैस के विसरण की दर (r) उसके घनत्व (d) या अणुभार (M) के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है [r ∝ 1/√d] — इसीलिए हल्की गैसें भारी गैसों से तेज विसरित होती हैं।
• स्वतंत्र विसरण का सिद्धांत (Independent Diffusion): एक ही समय पर पत्ती के रंध्र से CO2 अंदर आती है और जलवाष्प व O2 बाहर जाती है—तीनों गैसों का विसरण एक-दूसरे से प्रभावित हुए बिना अपनी-अपनी सांद्रता प्रवणता के अनुसार स्वतंत्र रूप से होता है!

2. परासरण दाब (Osmotic Pressure – OP) बनाम आशून दाब (Turgor Pressure – TP = Wall Pressure – WP):
• परासरण दाब (OP): वह अधिकतम बाह्य द्रवस्थैतिक दाब जो किसी विलयन को अर्ध-पारगम्य झिल्ली द्वारा शुद्ध जल से अलग करने पर जल के अंदर आने (परासरण) को रोकने के लिए लगाना पड़ता है (OP ∝ विलेय की सांद्रता; वान्ट हॉफ सूत्र: OP = i·C·R·T)।
• आशून दाब (TP): अंतःपरासरण से फूली हुई कोशिका का जीवद्रव्य कोशिका भित्ति पर बाहर की ओर जो दाब लगाता है उसे TP कहते हैं, और कठोर कोशिका भित्ति जीवद्रव्य पर अंदर की ओर बराबर व विपरीत दाब लगाती है जिसे भित्ति दाब (Wall Pressure – WP) कहते हैं [संतुलित कोशिका में TP = WP]।

3. जीवद्रव्यकुंचन के 3 चरण (Stages of Plasmolysis): (i) सीमाकारी जीवद्रव्यकुंचन (Limiting Plasmolysis — जहाँ TP = 0 हो जाता है किंतु जीवद्रव्य अभी सिकुड़ा नहीं है), (ii) प्रारंभिक जीवद्रव्यकुंचन (Incipient Plasmolysis — जहाँ जीवद्रव्य केवल कोशिका के कोनों से हटना शुरू करता है; 50% कोशिकाओं में यह अवस्था आने पर बाहरी घोल कोशिका रस के समपरासरी होता है!), और (iii) स्पष्ट जीवद्रव्यकुंचन (Evident Plasmolysis — जीवद्रव्य पूरी तरह सिकुड़कर गोल गेंद बन जाता है और कोशिका भित्ति व सिकुड़े जीवद्रव्य के बीच के खाली स्थान में 'बाहरी अतिपरासरी घोल' भर जाता है!)।

4. जीवद्रव्यकुंचन के व्यावहारिक कृषि अनुप्रयोग: (a) खेत में एक ही जगह अत्यधिक रासायनिक उर्वरक डाल देने पर जड़ की कोशिकाओं का जीवद्रव्यकुंचन होकर पौधा मर जाना ('Fertilizer burn'), (b) अचार व मुरब्बे में अधिक नमक/चीनी डालने से जीवाणु व कवकों का जीवद्रव्यकुंचन होकर मर जाना जिससे अचार खराब नहीं होता, और (c) खलिहान या फर्श की दरारों में नमक का गाढ़ा घोल डालकर खरपतवार मारना!

⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): अंतःशोषण (Imbibition) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) क्रिया है—जब सूखे बीजों को पानी में भिगोते हैं तो जल के अणुओं की गतिज ऊर्जा घटने से 'अंतःशोषण ऊष्मा' (Heat of wetting) निकलती है और पानी हल्का गर्म हो जाता है!

🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): अंकुरित होते बीजों का अंतःशोषण दाब (Imbibition pressure) इतना शक्तिशाली होता है कि प्राचीन काल में सूखी लकड़ी के खूँटे चट्टानों की दरारों में फँसाकर पानी डालने से बड़ी-बड़ी चट्टानें तोड़ दी जाती थीं!

🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): तापमान बढ़ने पर विसरण, परासरण और अंतःशोषण तीनों की दर बढ़ जाती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
  • Imbibition क्रम: Agar-agar > Pectin > Protein > Starch > Cellulose + Plasmolysis में कोशिका भित्ति व जीवद्रव्य के बीच 'Hypertonic बाहरी घोल' भरा होता है + Fertilizer burn और अचार संरक्षण का कारण = Exosmosis & Plasmolysis।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance

यदि स्पष्ट जीवद्रव्यकुंचित कोशिका को तुरंत वापस शुद्ध जल (Hypotonic solution) में रख दिया जाए, तो अंतःपरासरण से वह पुनः सामान्य आशून अवस्था में आ जाती है जिसे 'जीवद्रव्य-विकुंचन' (Deplasmolysis) कहते हैं।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 3.1: विभिन्न पादप कोशिका अवस्थाओं में DPD, OP एवं TP के मानक समीकरण (Master Exam Table)

कोशिका की अवस्था (Cell State)आशून दाब (TP) का मानDPD का सूत्र (DPD = OP − TP)जल अवशोषण की क्षमता
1. आंशिक आशून / सामान्य कोशिका (Partially Turgid)0 < TP < OPDPD = OP − TPसामान्य रूप से जल अवशोषित करती है
2. पूर्ण आशून कोशिका (Fully Turgid Cell)TP = OP (अधिकतम)DPD = OP − OP = 0 (शून्य!)जल अवशोषण पूर्णतः बंद (कोई और जल अंदर नहीं आ सकता)
3. श्लथ कोशिका (Flaccid Cell / Limiting Plasmolysis)TP = 0 (शून्य)DPD = OP − 0 = OP (अधिकतम!)तीव्र गति से जल अवशोषित करती है
4. जीवद्रव्यकुंचित कोशिका (Plasmolysed Cell)TP = ऋणात्मक (−TP)DPD = OP − (−TP) = OP + TPसर्वोच्च चूषण दाब (DPD > OP)!

तालिका 3.2: विसरण (Diffusion) बनाम परासरण (Osmosis) में अंतर

अंतर का आधारविसरण (Diffusion)परासरण (Osmosis)
माध्यम एवं पदार्थठोस, द्रव और गैस तीनों में होता है; विलेय व विलायक दोनों चलते हैंकेवल द्रव माध्यम में होता है और केवल विलायक (जल) के अणु चलते हैं
अर्ध-पारगम्य झिल्लीकिसी भी प्रकार की झिल्ली की आवश्यकता नहीं होतीअर्ध-पारगम्य / चयनात्मक पारगम्य झिल्ली का होना अनिवार्य है
संचलन की दिशाविसरित होने वाले पदार्थ की उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओरकम सांद्रता वाले विलयन (उच्च जल सांद्रता) से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर
दूरीगैसों में लंबी व छोटी दूरी; द्रव में केवल छोटी दूरीकेवल एक कोशिका से दूसरी सटी हुई कोशिका के बीच छोटी दूरी

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. विसरण दाब न्यूनता (DPD), परासरण दाब (OP = i·C·R·T) एवं सापेक्ष जल अंश (RWC %) की गणना

1. DPD = OP − TP | 2. OP (atm) = i × M × R × T | 3. RWC (%) = [ (FW − DW) / (TW − DW) ] × 100

उदाहरण 1 (कोशिका-से-कोशिका जल की दिशा):
कोशिका-A में OP = 15 atm एवं TP = 10 atm है; और पास सटी कोशिका-B में OP = 20 atm एवं TP = 8 atm है। जल किससे किसमें जाएगा?
• कोशिका-A का DPD = 15 − 10 = 5 atm।
• कोशिका-B का DPD = 20 − 8 = 12 atm।
• नियम: जल हमेशा 'कम DPD से अधिक DPD की ओर' जाता है; अतः जल कोशिका-A (DPD = 5) से कोशिका-B (DPD = 12) में जाएगा (भले ही कोशिका-A में TP अधिक है)!
उदाहरण 2 (Van't Hoff OP): 27°C (T = 300 K) पर 0.5 M सुक्रोज (अ-विद्युत अपघट्य, i = 1) विलयन का परासरण दाब (R = 0.082 L·atm/mol·K):
• OP = 1 × 0.5 × 0.082 × 300 = 12.3 atm।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 03: विसरण, परासरण एवं पौधों में जल की कार्यिकीय भूमिका]
├── 1. जल के गुण एवं कार्यिकीय भूमिका (Properties & Roles of Water)
│ ├── भौतिक-रासायनिक गुण: ध्रुवीय अणु (104.5° कोण), H-bonding, उच्च ससंजन व आसंजन, उच्च विशिष्ट व गुप्त ऊष्मा
│ └── मुख्य कार्य: जीवद्रव्य का 85–90% भाग, सार्वत्रिक विलायक, प्रकाश-संश्लेषण में O2 व H+ का स्रोत, आशूनता (Turgidity) व ताप नियंत्रण
├── 2. विसरण (Diffusion) एवं अंतःशोषण (Imbibition)
│ ├── विसरण: उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गतिज ऊर्जा से गमन (Fick's Law & Graham's Law: r ∝ 1/√d)
│ └── अंतःशोषण (Sachs 1874): जल-रागी कोलाइड्स द्वारा जल अधिशोषण (ऊष्माक्षेपी); क्रम: Agar > Pectin > Protein > Starch > Cellulose
├── 3. परासरण एवं जीवद्रव्यकुंचन (Osmosis & Plasmolysis)
│ ├── झिल्लियाँ: कोशिका भित्ति (पूर्ण पारगम्य), प्लाज्मा झिल्ली व टोनोप्लास्ट (चयनात्मक पारगम्य)
│ ├── अल्पपरासरी (Hypotonic → Endosmosis → Turgid) बनाम अतिपरासरी (Hypertonic → Exosmosis → Plasmolysis)
│ └── जीवद्रव्यकुंचित कोशिका में भित्ति व जीवद्रव्य के बीच 'बाहरी अतिपरासरी घोल' भरता है | अनुप्रयोग: अचार संरक्षण व Fertilizer burn
└── 4. DPD / चूषण दाब समीकरण (Meyer, 1938)
├── सामान्य कोशिका: DPD = OP − TP (जल कम DPD से अधिक DPD की ओर जाता है!)
└── पूर्ण आशून कोशिका: TP = OP → DPD = 0 | श्लथ कोशिका: TP = 0 → DPD = OP | जीवद्रव्यकुंचित: DPD = OP + TP

प्रवाह चित्र · Flowchart

[बाह्य विलयन की सांद्रता के अनुसार पादप कोशिका में परासरण एवं अवस्था परिवर्तन]
┌───► 【1. अल्पपरासरी विलयन (Hypotonic Solution — तनु घोल)】 में रखने पर:
│ अंतःपरासरण (Endosmosis: जल अंदर प्रवेश करता है) ───► आशून दाब बढ़ता है (TP = OP)
│ ───► कोशिका 'पूर्ण आशून (Fully Turgid)' हो जाती है (DPD = 0)
│
[सामान्य पादप कोशिका] ───► 【2. समपरासरी विलयन (Isotonic Solution — समान सांद्रता)】 में रखने पर:
│ कोई शुद्ध जल प्रवाह नहीं (Net water movement = 0) ───► कोशिका 'श्लथ (Flaccid)' रहती है (TP = 0, DPD = OP)
│
└───► 【3. अतिपरासरी विलयन (Hypertonic Solution — गाढ़ा नमक/चीनी घोल)】 में रखने पर:
बहिःपरासरण (Exosmosis: जल बाहर निकलता है) ───► Limiting ──► Incipient ──► Evident Plasmolysis
(यदि तुरंत शुद्ध जल में रखें ───► Deplasmolysis से पुनः सामान्य!)

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा के तीन सबसे लोकप्रिय संख्यात्मक नियम: 1. पूर्ण आशून कोशिका (Fully Turgid Cell) का DPD हमेशा शून्य (DPD = 0) होता है क्योंकि उसमें TP = OP होता है; 2. श्लथ कोशिका (Flaccid Cell) का TP शून्य (TP = 0) होता है इसलिए उसका DPD = OP होता है; 3. जीवद्रव्यकुंचित कोशिका (Plasmolysed Cell) का TP ऋणात्मक होता है इसलिए उसका DPD = OP + TP होता है!
  • अंतःशोषण क्षमता का क्रम कभी न भूलें: Agar-agar (सर्वाधिक) > Pectin > Protein > Starch > Cellulose (सबसे कम)। अतः मटर/चना (प्रोटीन बीज) गेहूँ/मक्का (स्टार्च बीज) से अधिक फूलते हैं।
  • जीवद्रव्यकुंचित कोशिका (Plasmolysed cell) में कोशिका भित्ति और सिकुड़े हुए जीवद्रव्य के बीच खाली जगह में क्या भरा होता है? उत्तर: बाहरी अतिपरासरी विलयन (Hypertonic external solution) — क्योंकि कोशिका भित्ति पूर्ण पारगम्य होती है!

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • DPD (Diffusion Pressure Deficit) शब्द मेयर (Meyer, 1938) ने दिया और Suction Pressure (SP) शब्द रेनर (Renner, 1915) ने दिया।
  • कोशिका भित्ति = पूर्ण पारगम्य; प्लाज्मा झिल्ली एवं टोनोप्लास्ट (रिक्तिका झिल्ली) = चयनात्मक पारगम्य (Selectively permeable)।
  • जल सदैव 'निम्न DPD (अथवा उच्च जल विभव) से उच्च DPD (अथवा निम्न जल विभव)' की ओर गति करता है।
  • परासरण दाब (Osmotic Pressure) मापने का यंत्र 'ओस्मोमीटर' (Osmometer – Pfeffer, 1877) कहलाता है।
  • वांट हॉफ के अनुसार अ-विद्युत अपघट्य का परासरण दाब OP = M × R × T (1 मोलर विलयन का 0°C पर OP = 22.4 atm होता है)।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. एक 'पूर्ण रूप से आशून पादप कोशिका' (Fully Turgid Plant Cell) के लिए विसरण दाब न्यूनता (DPD) का मान क्या होता है?

  • (A) परासरण दाब (OP) के बराबर
  • (B) शून्य (Zero — क्योंकि इसमें TP = OP होता है)
  • (C) OP + TP के बराबर
  • (D) अनंत
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — सूत्र DPD = OP − TP के अनुसार पूर्ण आशून कोशिका में TP बढ़कर OP के बराबर हो जाता है, अतः DPD = OP − OP = 0।

2. विभिन्न कार्बनिक जल-रागी कोलाइड्स की 'अंतःशोषण क्षमता' (Imbibition capacity) का सही अवरोही क्रम (सर्वाधिक से सबसे कम) कौन सा है?

  • (A) सेल्यूलोज > स्टार्च > प्रोटीन > अगर-अगर
  • (B) अगर-अगर (Agar-agar) > पेक्टिन (Pectin) > प्रोटीन (Protein) > स्टार्च (Starch) > सेल्यूलोज (Cellulose)
  • (C) प्रोटीन > अगर-अगर > सेल्यूलोज > स्टार्च
  • (D) स्टार्च > प्रोटीन > पेक्टिन > अगर-अगर
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अगर-अगर अपने वजन का 99 गुना पानी सोखता है, उसके बाद पेक्टिन, फिर प्रोटीन, फिर स्टार्च और सबसे कम सेल्यूलोज सोखता है।

3. एक स्पष्ट रूप से जीवद्रव्यकुंचित कोशिका (Evidently Plasmolysed Cell) में कोशिका भित्ति और सिकुड़े हुए जीवद्रव्य के बीच के स्थान में क्या भरा रहता है?

  • (A) केवल हवा
  • (B) शुद्ध जल
  • (C) बाहरी अतिपरासरी विलयन (Hypertonic external solution)
  • (D) कोशिका रस
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — चूँकि कोशिका भित्ति पूर्ण पारगम्य (Freely permeable) होती है, इसलिए बाहरी अतिपरासरी विलयन भित्ति को पार कर उस रिक्त स्थान में भर जाता है।

4. यदि कोशिका-X का OP = 12 atm व TP = 8 atm है, और उससे सटी कोशिका-Y का OP = 10 atm व TP = 2 atm है, तो जल का प्रवाह किस दिशा में होगा?

  • (A) कोशिका-X से कोशिका-Y की ओर (क्योंकि X का DPD = 4 atm और Y का DPD = 8 atm है)
  • (B) कोशिका-Y से कोशिका-X की ओर
  • (C) कोई जल प्रवाह नहीं होगा
  • (D) दोनों कोशिकाएँ फट जाएँगी
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — X का DPD = 12 − 8 = 4 atm; Y का DPD = 10 − 2 = 8 atm। जल हमेशा कम DPD (4) से अधिक DPD (8) अर्थात् X से Y की ओर जाता है।

5. सन् 1938 में 'विसरण दाब न्यूनता' (Diffusion Pressure Deficit – DPD) शब्द का प्रतिपादन किस वैज्ञानिक ने किया था?

  • (A) बी.एस. मेयर (B.S. Meyer, 1938)
  • (B) ओ. रेनर (1915)
  • (C) डब्ल्यू. फेफर (1877)
  • (D) स्टीफन हेल्स (1727)
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — मेयर (1938) ने DPD शब्द दिया, जिसे पहले रेनर (1915) ने 'Suction Pressure (SP)' नाम दिया था।

6. पादप कोशिका की रिक्तिका (Vacuole) को घेरने वाली एकल और चयनात्मक पारगम्य झिल्ली को क्या कहते हैं?

  • (A) प्लाज्मा झिल्ली
  • (B) टोनोप्लास्ट (Tonoplast)
  • (C) मध्य पटलिका (Middle lamella)
  • (D) थाइलाकोइड
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — रिक्तिका की झिल्ली को 'Tonoplast' कहते हैं जो कोशिका रस के परासरणीय नियमन में मुख्य भूमिका निभाती है।

7. खेत में पौधे की जड़ों के पास एक ही स्थान पर बहुत अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरक (जैसे यूरिया या पोटाश) डाल देने पर पौधा मुरझाकर क्यों मर जाता है ('Fertilizer Burn')?

  • (A) अंतःपरासरण (Endosmosis) के कारण
  • (B) मृदा विलयन के अतिपरासरी (Hypertonic) हो जाने से जड़ कोशिकाओं से बहिःपरासरण (Exosmosis) और जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) होने के कारण
  • (C) बिंदुस्राव के कारण
  • (D) मूल दाब बढ़ने के कारण
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अधिक उर्वरक से मृदा घोल अतिपरासरी हो जाता है और जड़ से ही पानी बाहर खिंच जाता है (Exosmosis & Plasmolysis)।

8. गैसों के विसरण की दर उनके घनत्व या अणुभार के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है (r ∝ 1/√d)—यह किसका नियम है?

  • (A) ग्राहम का विसरण नियम (Graham's Law of Diffusion, 1833)
  • (B) राउल्ट का नियम
  • (C) हेनरी का नियम
  • (D) चार्ल्स का नियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — ग्राहम के नियम के अनुसार हल्की गैसें भारी गैसों की तुलना में अधिक तेजी से विसरित होती हैं।

9. एक श्लथ कोशिका (Flaccid Cell) में आशून दाब (TP) और विसरण दाब न्यूनता (DPD) का मान क्या होता है?

  • (A) TP = OP एवं DPD = 0
  • (B) TP = 0 एवं DPD = OP
  • (C) TP = 10 एवं DPD = 0
  • (D) TP = ऋणात्मक एवं DPD = 0
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — श्लथ कोशिका में जीवद्रव्य भित्ति पर कोई दाब नहीं डालता (TP = 0), अतः DPD = OP − 0 = OP।

10. सूखे बीजों को पानी में भिगोने पर अंतःशोषण (Imbibition) के दौरान जल के अणुओं के अधिशोषित होने से तापमान में क्या परिवर्तन होता है?

  • (A) ऊष्मा मुक्त होती है (Exothermic — 'Heat of wetting' से तापमान थोड़ा बढ़ जाता है)
  • (B) बर्फ जम जाती है
  • (C) तापमान में कोई परिवर्तन नहीं होता
  • (D) प्रकाश निकलता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — अंतःशोषण में जल के अणुओं की गतिज ऊर्जा घटती है जो ऊष्मा (Heat of hydration/wetting) के रूप में मुक्त होती है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. परासरण (Osmosis) की खोज सर्वप्रथम सन् 1748 में किस वैज्ञानिक ने की थी?

एबे नोलेट (Abbe Nollet, 1748) ने (और 'Osmosis' शब्द Dutrochet ने दिया)।

2. मटर के बीज और गेहूँ के बीज को बराबर समय तक पानी में भिगोने पर कौन सा बीज अधिक पानी सोखेगा और क्यों?

मटर का बीज अधिक पानी सोखेगा, क्योंकि मटर में प्रोटीन होता है जिसकी अंतःशोषण क्षमता गेहूँ के स्टार्च से बहुत अधिक होती है।

3. जीवद्रव्यकुंचित कोशिका के लिए DPD का सूत्र लिखिए।

DPD = OP + TP [क्योंकि TP ऋणात्मक होता है: DPD = OP − (−TP)]।

4. आशून दाब (Turgor Pressure – TP) के बराबर और विपरीत दिशा में कोशिका भित्ति द्वारा लगाए जाने वाले दाब को क्या कहते हैं?

भित्ति दाब (Wall Pressure – WP; संतुलित कोशिका में TP = WP)।

5. अचार और जैम/जेली में अधिक नमक या चीनी मिलाने से वे लंबे समय तक खराब क्यों नहीं होते?

क्योंकि अतिपरासरी माध्यम में जीवाणुओं और कवकों के बीजाणुओं का बहिःपरासरण व जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) होकर वे नष्ट हो जाते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. पौधों के जीवन में जल की पाँच प्रमुख कार्यिकीय भूमिकाएँ (Physiological Roles of Water) लिखिए।

1. जीवद्रव्य का मुख्य घटक (85–90%) जो एंजाइमों की सक्रिय संरचना बनाए रखता है। 2. खनिज लवणों, शर्करा और हार्मोनों के अवशोषण व संवहन के लिए सार्वत्रिक विलायक। 3. प्रकाश-संश्लेषण (Photolysis of water) और जल-अपघटन अभिक्रियाओं में प्रत्यक्ष अभिकारक। 4. आशून दाब (Turgor pressure) द्वारा कोशिका दीर्घन, रंध्र खुलने और पौधे को सीधा खड़ा रखने का माध्यम। 5. वाष्पोत्सर्जन द्वारा पत्ती के तापमान का नियमन।

2. विसरण दाब न्यूनता (DPD), परासरण दाब (OP) और आशून दाब (TP) के परस्पर संबंध को स्पष्ट कीजिए।

किसी विलयन के विसरण दाब में शुद्ध जल की तुलना में जितनी कमी होती है उसे DPD (Suction pressure) कहते हैं। इसका मूल समीकरण 'DPD = OP − TP' है। जब श्लथ कोशिका (TP = 0, DPD = OP) पानी सोखती है, तो उसका TP बढ़ने लगता है और DPD घटने लगता है। जब कोशिका पूर्ण आशून हो जाती है तब TP = OP हो जाता है और DPD = 0 हो जाने से जल का प्रवेश रुक जाता है।

3. जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) और जीवद्रव्य-विकुंचन (Deplasmolysis) को अवस्थाओं सहित समझाइए।

जब जीवित पादप कोशिका को अतिपरासरी विलयन (Hypertonic solution) में रखा जाता है, तो बहिःपरासरण से जल बाहर निकलने लगता है। पहले कोशिका भित्ति पर दाब शून्य होता है (Limiting plasmolysis), फिर कोनों से जीवद्रव्य हटता है (Incipient plasmolysis) और अंत में जीवद्रव्य सिकुड़कर गोल हो जाता है (Evident plasmolysis)। ऐसी कोशिका को तुरंत शुद्ध जल में रखने पर अंतःपरासरण से वह पुनः आशून हो जाती है जिसे Deplasmolysis कहते हैं।

4. अंतःशोषण (Imbibition) क्या है और कृषि में इसके क्या महत्व हैं?

सूखे जल-रागी कोलाइड्स (प्रोटीन, स्टार्च, पेक्टिन) द्वारा बिना घुले जल के अणुओं का अधिशोषण कर फूलने की क्रिया अंतःशोषण कहलाती है। महत्व: 1. बीज अंकुरण की सबसे पहली प्रक्रिया अंतःशोषण ही है जिससे बीजचोल फटता है और भ्रूण सक्रिय होता है। 2. मूलरोमों की पेक्टिन व सेल्यूलोज भित्ति द्वारा मृदा से जल का प्रारंभिक अधिशोषण इसी से होता है।

5. स्वतंत्र विसरण का सिद्धांत (Principle of Independent Diffusion) पादप श्वसन और प्रकाश-संश्लेषण में कैसे कार्य करता है?

इस सिद्धांत के अनुसार किसी एक ही स्थान पर उपस्थित विभिन्न गैसों के अणु एक-दूसरे की सांद्रता से प्रभावित हुए बिना अपनी स्वयं की आंशिक दाब/सांद्रता प्रवणता के अनुसार विसरित होते हैं। इसी कारण दिन के समय पत्ती के एक ही रंध्र छिद्र से एक ही साथ CO2 अंदर प्रवेश करती है और O2 तथा जलवाष्प बाहर निकलती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. विसरण (Diffusion), परासरण (Osmosis) और अंतःशोषण (Imbibition) की परिभाषा, क्रियाविधि, तुलना और पौधों के जीवन में उनके कार्यिकीय महत्व का सविस्तर वर्णन कीजिए।

तीनों प्रक्रियाओं की परिभाषा, फिक व ग्राहम के नियम, झिल्लियों के चारों प्रकार, अंतःपरासरण व बहिःपरासरण, अंतःशोषण का क्रम (Agar > Pectin > Protein > Starch > Cellulose) और तुलना तालिका 3.2 सहित कृषि महत्व का विस्तृत विवरण दें।

2. परासरण दाब (OP), आशून दाब (TP), भित्ति दाब (WP) और विसरण दाब न्यूनता (DPD) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए श्लथ, आंशिक आशून, पूर्ण आशून और जीवद्रव्यकुंचित कोशिका में इनके संबंधों की विवेचना कीजिए।

OP, TP, WP और DPD की परिभाषाएँ, तालिका 3.1 के चारों समीकरण, कोशिका के आयतन के साथ OP, TP व DPD के परिवर्तन का ग्राफ (Höfler diagram) और दो सटी कोशिकाओं के बीच जल प्रवाह का संख्यात्मक उदाहरण हल करके समझाएँ।

3. जल के विशिष्ट भौतिक-रासायनिक गुणों (Molecular structure, Hydrogen bonding, Cohesion, Adhesion, Specific heat) का वर्णन करते हुए पौधों में जल की कार्यिकीय भूमिकाओं पर एक विस्तृत लेख लिखिए।

जल के ध्रुवीय अणु की संरचना (104.5° कोण), हाइड्रोजन आबंध के कारण उत्पन्न अद्वितीय गुणों (ससंजन, आसंजन, पृष्ठ तनाव, उच्च विशिष्ट व गुप्त ऊष्मा, विलायक क्षमता) और पौधे के उपापचय, परिवहन, आशूनता व ताप नियमन में उसकी भूमिकाओं का वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • 1 मोलर (1 M) अ-विद्युत अपघट्य (जैसे सुक्रोज या ग्लूकोज) विलयन का 0°C पर आदर्श परासरण दाब 22.4 वायुमंडल (atm) होता है।
  • कृत्रिम अर्ध-पारगम्य झिल्ली का निर्माण सर्वप्रथम ट्रॉबे (Traube) और फेफर (Pfeffer, 1877) ने 'कॉपर फेरोसायनाइड' [Cu2Fe(CN)6] से किया था।
  • जब 50% पादप कोशिकाओं में 'Incipient Plasmolysis' (कोनों से जीवद्रव्य हटना) दिखाई दे, तब बाहरी विलयन का OP कोशिका रस के OP के ठीक बराबर होता है!
  • पौधों में लवणदभिद् (Halophytes — मैंग्रोव पौधे) का परासरण दाब सर्वाधिक (40 से 100 atm तक) और जलोद्भिद् (Hydrophytes) का सबसे कम (2–5 atm) होता है।
  • बर्फ के पिघलने की गुप्त ऊष्मा 80 cal/g और जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा 540 cal/g (20°C पर ~585 cal/g) होती है जो पत्ती को ठंडा रखती है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।

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