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AGF 311 Lecture 13: ICAR-IGFRI द्वारा विकसित बागवानी एवं चारा फसलों पर आधारित कृषि वानिकी मॉडल | Hindi Notes

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AGF 311 · Introductory Agroforestry
विषय सूची · Quick Navigation02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
Lecture 13 Source Page Reference in Supplied Pack: 133 (AGF 311 Theory Lecture 13)

Lecture 13: ICAR-IGFRI द्वारा विकसित बागवानी एवं चारा फसलों पर आधारित कृषि वानिकी मॉडल

Horticulture and forage crops-based agroforestry models developed by ICAR-IGFRI

02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ICAR-IGFRI, झाँसी — स्थापना 1962) के अधिदेश और भारत में हरित व शुष्क चारे की कमी (Fodder deficit) को दूर करने में इसकी भूमिका को समझना।
  2. ICAR-IGFRI द्वारा विकसित प्रमुख बागवानी-चारा आधारित मॉडलों (Horti-pastoral Models: बेर, आँवला, अमरूद, बेल और किन्नू के साथ अंजन घास, दीनानाथ घास और स्टाइलोसैंथस का एकीकरण) का अध्ययन करना।
  3. ICAR-IGFRI के बहु-स्तरीय चारा-वानिकी मॉडलों (3-Tier Silvi-pastoral Models: सिरिस/सुबबूल/अंकोल/अंजन वृक्ष + झड़बेरी/सुबबूल हेज + सेवण/अंजन/गिनी घास + स्टाइलो) को समझना।
  4. सिंचित डेयरी फार्मों के लिए ‘वर्षभर हरा चारा मॉडल’ (Round-the-year Green Fodder Model: संकर नेपियर-बाजरा / गिनी घास + सुबबूल/शहतूत/सहजन की एलै क्रॉपिंग) का विश्लेषण करना।
  5. बंजर व सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए ‘चारा बैंक’ (Fodder Bank), लीफ मील (Leaf meal) और काँटारहित नागफनी (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica) आधारित मॉडल को जानना।

03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): भारत विश्व में सर्वाधिक पशुधन (535.78 मिलियन) वाला देश है, किंतु देश में केवल ~8.4 मिलियन हेक्टेयर (कुल कृषि भूमि का ~4.4%) क्षेत्र में ही चारा फसलें उगाई जाती हैं, जिसके कारण हरे और सूखे चारे की भारी कमी बनी रहती है। इस चुनौती के समाधान हेतु वर्ष 1962 में झाँसी (उत्तर प्रदेश) में स्थापित ‘भाकृअनुप-भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान’ (ICAR-Indian Grassland and Fodder Research Institute — ICAR-IGFRI) ने वर्षा-आधारित, अर्ध-शुष्क और बंजर भूमियों के लिए अत्यंत लाभकारी बागवानी-चारा (Horti-pastoral) और वन-चारा (Silvi-pastoral / Forage-based) कृषि वानिकी मॉडल विकसित किए हैं।

04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

ICAR-IGFRI (झाँसी — स्थापना 1962)
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का चारा फसलों और चारागाहों पर अनुसंधान करने वाला राष्ट्रीय संस्थान जिसका मुख्यालय झाँसी (उ.प्र.) में है तथा इसके 3 क्षेत्रीय केंद्र अविकानगर (राजस्थान), धारवाड़ (कर्नाटक) और श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में स्थित हैं।
हॉर्टी-पाश्चर प्रणाली (Horti-pastoral System)
कृषि वानिकी की वह प्रणाली जिसमें फलदार बागवानी वृक्षों (Fruit trees: जैसे बेर, आँवला, अमरूद, बेल, आम, किन्नू) की कतारों के बीच के खाली स्थान (Inter-row spaces) में बहुवर्षीय चारा घासें (जैसे अंजन/Cenchrus ciliaris) और चारा दलहन (जैसे स्टाइलो/Stylosanthes hamata) उगाए जाते हैं। (Fruit Trees + Pasture Grass/Legume + Livestock)।
त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल (Three-Tier Silvi-pastoral Model — IGFRI)
बंजर व निम्नीकृत भूमि से प्रति इकाई अधिकतम चारा लेने के लिए विकसित मॉडल जिसमें तीन ऊर्ध्वाधर स्तर होते हैं: (1) निचला स्तर: बहुवर्षीय घास + दलहनी चारा (Cenchrus + Stylosanthes), (2) मध्यम स्तर: चारा झाड़ियाँ (Ziziphus nummularia / Dichrostachys / Leucaena hedgerow), और (3) ऊपरी स्तर: चारा वृक्ष (Albizia amara / A. lebbeck / Hardwickia binata)।
चारा बैंक एवं लीफ मील (Fodder Bank & Leaf Meal)
अकाल या सूखे की अवधि (Lean period: अप्रैल-जून एवं नवंबर-दिसंबर) में पशुओं को प्रोटीन-युक्त चारा देने के लिए खेत के एक हिस्से पर सुबबूल, ग्लिरिसिडिया, शहतूत, सहजन, खेजड़ी व काँटारहित कैक्टस का सघन रोपण ‘चारा बैंक’ कहलाता है; और इनकी पत्तियों को सुखाकर बनाए गए पाउडर/ब्लॉक को ‘लीफ मील’ कहते हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. ICAR-IGFRI द्वारा विकसित प्रमुख बागवानी-आधारित (Horti-pastoral) मॉडल

फलदार वृक्षों को फल देने में 3 से 6 वर्ष लगते हैं (लंबी प्रतीक्षा अवधि) और उनके बीच 6×6 m से 8×8 m का बड़ा स्थान खाली रहता है। IGFRI ने निम्नलिखित सफल हॉर्टी-पाश्चर मॉडल विकसित किए हैं:

1. बेर आधारित हॉर्टी-पाश्चर मॉडल (Ber + Anjan/Dhaman + Stylo Model)

• उपयुक्त क्षेत्र: शुष्क एवं अर्ध-शुष्क वर्षा-आधारित क्षेत्र (राजस्थान, बुंदेलखंड, गुजरात — 250 से 650 mm वर्षा)।
• प्रजाति संयोजन एवं अंतराल: उन्नत कलमी बेर (Ziziphus mauritiana — किस्में: गोला, सेव, उमरान) को 6 m × 6 m अंतराल पर लगाया जाता है।
• कतारों के बीच अंजन घास (Cenchrus ciliaris) या धामण घास (Cenchrus setigerus) तथा दलहनी चारा कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata, 1:1 कतार अनुपात में) बोया जाता है।
• उत्पादकता: प्रतिवर्ष 3.5 से 5.0 टन/हेक्टेयर शुष्क चारा + 4–8 टन/हेक्टेयर बेर के फल + प्रूनिंग से 1.5–2.0 टन जलाऊ लकड़ी व पत्ती चारा (B:C अनुपात > 2.4)।

2. आँवला आधारित हॉर्टी-पाश्चर मॉडल (Aonla + Cenchrus / Chrysopogon + Stylo)

• उपयुक्त क्षेत्र: अर्ध-शुष्क, हल्की क्षारीय एवं पथरीली/लाल मृदाएँ (बुंदेलखंड, उ.प्र., म.प्र., राजस्थान)।
• प्रजाति संयोजन एवं अंतराल: आँवला (Emblica officinalis — किस्में: NA-7, कृष्णा, कंचन, चकैया) को 8 m × 8 m या 6 m × 6 m पर लगाया जाता है।
• बीच के स्थान में अंजन घास (Cenchrus ciliaris) या धौलू घास (Chrysopogon fulvus) या दीनानाथ घास (Pennisetum pedicellatum) + Stylosanthes hamata (अथवा खरीफ में लोबिया/ग्वार चारा) उगाया जाता है।
• उत्पादकता: 3–4.5 टन/हेक्टेयर शुष्क चारा + 5वें वर्ष से 8–12 टन/हेक्टेयर विटामिन-C युक्त आँवला फल।

3. अमरूद एवं बेल आधारित मॉडल (Guava / Bael + Pasture System)

• अमरूद मॉडल: अमरूद (Psidium guajava — ललित, श्वेता, इलाहाबादी सफेदा, 6 m × 6 m) + Cenchrus ciliaris + Stylosanthes hamata / बरसीम।
• बेल मॉडल: शुष्क बंजर भूमि हेतु बेल (Aegle marmelos — NB-5, NB-9, 8 m × 8 m) + अंजन घास + स्टाइलो या ग्वार।
• किन्नू आधारित मॉडल (उत्तर-पश्चिम भारत): किन्नू (Citrus reticulata, 6 m × 6 m) + लोबिया / बरसीम / रिजका / जई (उच्च सकल आय)।

4. आम व कटहल छत्र के नीचे छाया-सहनशील चारा मॉडल

• पुराने आम (Mangifera indica, 10 m × 10 m) के बागानों में जहाँ धूप कम आती है, वहाँ छाया-सहनशील गिनी घास (Megathyrsus maximus / Panicum maximum — किस्में: बुंदेल गिनी-1, बुंदेल गिनी-2) और लोबिया/स्टाइलो उगाकर अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन प्राप्त किया जाता है।

2. ICAR-IGFRI द्वारा विकसित चारा फसलों एवं वृक्षों पर आधारित (Forage & Silvi-pastoral) मॉडल

  • 1. त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल (Three-Tier Silvi-pastoral Model for Wastelands):
    • बंजर और बीहड़ भूमियों पर केवल प्राकृतिक घास से मात्र 1.0–1.5 t/ha चारा मिलता है। IGFRI के त्रि-स्तरीय मॉडल में:
      • ऊपरी स्तर (Top tier – Trees at 5×5m or 8×8m): Albizia amara (अंकोल/काला सिरिस), Albizia lebbeck (सिरिस), Hardwickia binata (अंजन वृक्ष), Dalbergia sissoo या Leucaena leucocephala।
      • मध्यम स्तर (Middle tier – Shrubs): Dichrostachys cinerea (वृत्तिका/ब्रोया), Ziziphus nummularia (झड़बेरी) या Leucaena हेजरो।
      • निचला स्तर (Ground tier – Grass + Legume): Cenchrus ciliaris / Chrysopogon fulvus + Stylosanthes hamata / S. scabra।
    • उत्पादकता: यह मॉडल निम्नीकृत भूमि की चारा उत्पादकता को 5 से 7 गुना बढ़ाकर 7.5 से 10.0 टन शुष्क चारा/हेक्टेयर/वर्ष कर देता है।
  • 2. वर्षभर हरा चारा मॉडल (Round-the-Year Green Fodder Model — Irrigated Dairy System):
    • डेयरी किसानों को साल के 365 दिन संतुलित (अनाज + दलहनी) हरा चारा देने के लिए IGFRI द्वारा विकसित इस मॉडल में बहुवर्षीय संकर नेपियर-बाजरा (Pennisetum purpureum × P. glaucum — किस्में: IGFRI-3, IGFRI-6, CO-4, CO-5, Super Napier) या गिनी घास (Megathyrsus maximus) की कतारों के साथ हर 4–5 मीटर पर सुबबूल (Leucaena leucocephala), सहजन (Moringa oleifera), अगस्त्य (Sesbania grandiflora) या शहतूत (Morus alba) की हेजरो लगाई जाती है, और सर्दियों में कतारों के बीच बरसीम (वरदान, बुंदेल बरसीम) + सरसों/जई बोई जाती है।
    • उत्पादकता: 120 से 180 टन/हेक्टेयर/वर्ष हरा चारा (जिससे 1 हेक्टेयर में 8–10 दुधारू गायें/भैंसें वर्षभर पाली जा सकती हैं)।
  • 3. काँटारहित नागफनी आधारित शुष्क चारा मॉडल (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica Model):
    • अत्यल्प वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए IGFRI ने काँटारहित कैक्टस (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica) + सहजन / सुबबूल + सेवण/अंजन घास का मॉडल विकसित किया है। कैक्टस के पैड (Cladodes) में 85% नमी और प्रचुर ऊर्जा व खनिज होते हैं जो गर्मियों में पशुओं की पानी और चारे दोनों की आवश्यकता पूरी करते हैं।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

ICAR-IGFRI कृषि वानिकी मॉडलों का वर्गीकरण:

  • 1. हॉर्टी-पाश्चर मॉडल (Fruit + Forage): बेर + अंजन + स्टाइलो; आँवला + अंजन/दीनानाथ + स्टाइलो; अमरूद + अंजन + स्टाइलो; आम + गिनी घास।
  • 2. सिल्वा-पाश्चर मॉडल (Forest Fodder Tree + Grass + Legume): सिरिस/अंजन वृक्ष/सुबबूल + धौलू/अंजन घास + कैरेबियन स्टाइलो।
  • 3. गहन डेयरी एलै चारा मॉडल (Intensive Forage Alley Model): संकर नेपियर-बाजरा + सुबबूल/सहजन/शहतूत हेजरो + रबी में बरसीम/रिजका।
  • 4. चारा संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन (Fodder Value Addition): साइलेज (Silage), हे (Hay), लीफ मील (Leaf meal blocks) और डेंस फोडर पैलेट्स।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)

  • घास + दलहनी चारा सहक्रिया सिद्धांत (Grass + Legume + Top-Feed Synergy Principle): केवल घास (जैसे अंजन या नेपियर) में कार्बोहाइड्रेट/ऊर्जा तो होती है पर क्रूड प्रोटीन कम (7–10% CP) होता है। जब इसके साथ दलहनी चारा (Stylosanthes hamata या बरसीम: 16–22% CP) और ऊपर दलहनी चारा वृक्ष (सुबबूल, सिरिस, खेजड़ी: ~21.91% CP) लगाए जाते हैं, तो पशु को बिना महँगी खली/दाने के संपूर्ण संतुलित आहार (Energy + Protein + Minerals) प्राप्त होता है और मृदा में नाइट्रोजन भी जुड़ती है।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक उदाहरण: ICAR-IGFRI द्वारा विकसित प्रमुख उन्नत चारा किस्में (IGFRI Varieties)
  • अंजन घास (Cenchrus ciliaris): बुंदेल अंजन-1, बुंदेल अंजन-3 (IGFRI-3108)।
  • दीनानाथ घास (Pennisetum pedicellatum): बुंदेल दीनानाथ-1, बुंदेल दीनानाथ-2।
  • गिनी घास (Megathyrsus maximus): बुंदेल गिनी-1, बुंदेल गिनी-2 (छाया-सहनशील)।
  • संकर नेपियर-बाजरा (BN Hybrid): IGFRI-3, IGFRI-6, IGFRI-7, IGFRI-10।
  • बरसीम (Trifolium alexandrinum): वरदान, बुंदेल बरसीम-2, बुंदेल बरसीम-3।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 13.1: ICAR-IGFRI (झाँसी) द्वारा विकसित प्रमुख बागवानी एवं चारा कृषि वानिकी मॉडल
मॉडल का नाम (IGFRI Model) वृक्ष / फल घटक एवं अंतराल चारा घास एवं दलहनी घटक उपयुक्त क्षेत्र एवं वार्षिक चारा/फल उपज
1. बेर आधारित हॉर्टी-पाश्चर बेर (Ziziphus mauritiana) @ 6 m × 6 m अंजन (Cenchrus ciliaris) + स्टाइलो (Stylosanthes hamata) शुष्क/अर्ध-शुष्क; 3.5–5.0 t/ha शुष्क चारा + 4–8 t/ha बेर फल।
2. आँवला आधारित हॉर्टी-पाश्चर आँवला (Emblica officinalis) @ 8 m × 8 m अंजन / दीनानाथ घास + स्टाइलो / लोबिया वर्षा-आधारित सीमान्त भूमि; 3–4.5 t/ha चारा + 8–12 t/ha आँवला।
3. अमरूद आधारित हॉर्टी-पाश्चर अमरूद (Psidium guajava) @ 6 m × 6 m अंजन घास + कैरेबियन स्टाइलो / बरसीम अर्ध-शुष्क व सिंचित; 4–5 t/ha चारा + 6–10 t/ha अमरूद।
4. त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर सिरिस / अंकोल / अंजन वृक्ष + झड़बेरी झाड़ी अंजन / धौलू घास + Stylosanthes hamata बंजर व बीहड़ भूमि; 7.5–10.0 t/ha शुष्क चारा + ईंधन लकड़ी।
5. वर्षभर हरा चारा डेयरी मॉडल सुबबूल / सहजन / शहतूत हेजरो (4–5 m गली) संकर नेपियर-बाजरा / गिनी घास + रबी में बरसीम सिंचित डेयरी फार्म; 120–180 t/ha हरा चारा (8–10 पशु/ha)।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)

महत्वपूर्ण संस्थानिक एवं तकनीकी तथ्य (Key IGFRI & Forage Metrics)
  • ICAR-IGFRI स्थापना एवं मुख्यालय: वर्ष 1962, झाँसी (उत्तर प्रदेश)  |  पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र: अविकानगर (टोंक, राजस्थान)
  • भारत में कुल कृषि भूमि में चारा फसलों का क्षेत्रफल: ≈8.4 Mha (≈4.4% क्षेत्र, जिसमें ज्वार 2.6 Mha व बरसीम 1.9 Mha प्रमुख हैं)
  • 1 वयस्क पशु इकाई (1 ACU) की वार्षिक चारा आवश्यकता: ≈7 tonnes शुष्क/हरा शाकीय चारा प्रति वर्ष
  • सिल्वा-पाश्चर में सर्वाधिक प्रयुक्त चारा दलहन (Range Legume): कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata) एवं श्नाबली स्टाइलो (Stylosanthes scabra)

11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 13 Mind Map: ICAR-IGFRI (झाँसी) के बागवानी एवं चारा आधारित कृषि वानिकी मॉडल
  • ICAR-IGFRI कृषि वानिकी मॉडल (मुख्यालय: झाँसी, 1962 | क्षेत्रीय केंद्र: अविकानगर, धारवाड़, श्रीनगर)
    • बागवानी-चारा मॉडल (Horti-Pastoral Models)
      • बेर मॉडल (6×6m): बेर (गोला/सेव) + अंजन/धामण घास (Cenchrus) + स्टाइलो (Stylosanthes hamata)
      • आँवला व बेल मॉडल (8×8m): आँवला (NA-7) / बेल + अंजन या दीनानाथ घास + स्टाइलो/लोबिया
      • अमरूद व आम मॉडल: अमरूद (6×6m) + अंजन + स्टाइलो | पुराने आम के बाग में छाया-सहनशील गिनी घास (बुंदेल गिनी)
    • वन-चारा एवं डेयरी मॉडल (Silvi-Pastoral & Forage Models)
      • त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर (बंजर भूमि): सिरिस/अंकोल/अंजन वृक्ष + झड़बेरी/सुबबूल झाड़ी + अंजन घास + स्टाइलो (7.5–10 t DM/ha)
      • वर्षभर हरा चारा मॉडल (सिंचित): संकर नेपियर-बाजरा (IGFRI-3/6) + सुबबूल/सहजन/शहतूत हेज + रबी में बरसीम (120–180 t/ha हरा चारा)
      • शुष्क चारा बैंक: काँटारहित नागफनी (Spineless Cactus – Opuntia ficus-indica) + सुबबूल लीफ मील

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): ICAR-IGFRI के त्रि-स्तरीय (3-Tier) सिल्वा-पाश्चर व हॉर्टी-पाश्चर से वर्षभर चारा एवं आय चक्र
1. मानसून (जुलाई-अक्टूबर)
(अंजन/दीनानाथ/गिनी घास की कटाई)
➔ 2. शरद ऋतु (अक्टूबर-दिसंबर)
(घास + स्टाइलो दलहन चारा व साइलेज निर्माण)
➔ 3. शीतकाल (दिसंबर-मार्च)
(बेर/आँवला फल तुड़ाई + बरसीम व पाला/लूंग)
➔ 4. ग्रीष्मकाल (अप्रैल-जून Lean Period)
(सुबबूल/सिरिस/सहजन लोपिंग + काँटारहित कैक्टस)
➔ 5. 365 दिन डेयरी पोषण
(उच्च दुग्ध उत्पादन व दोगुनी आय)

13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • ICAR-IGFRI (भाकृअनुप-भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान) की स्थापना वर्ष 1962 में ‘झाँसी’ (उत्तर प्रदेश) में हुई थी और इसका पश्चिमी क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र ‘अविकानगर’ (टोंक, राजस्थान) में स्थित है।
  • IGFRI के हॉर्टी-पाश्चर और सिल्वा-पाश्चर मॉडलों में घासों (Cenchrus ciliaris) के साथ मिलाया जाने वाला सबसे प्रमुख बहुवर्षीय चारा दलहन (Range legume) ‘कैरेबियन स्टाइलो’ (Stylosanthes hamata) है।
  • पुराने फलों के बागानों (आम/आँवला) की छाया में उगाने के लिए सबसे उपयुक्त छाया-सहनशील बहुवर्षीय घास ‘गिनी घास’ (Guinea grass — Megathyrsus maximus / Panicum maximum) है।
  • शुष्क क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पशुओं को पानी और ऊर्जा युक्त हरा चारा देने के लिए IGFRI द्वारा ‘काँटारहित नागफनी’ (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica) को प्रचारित किया गया है।
  • बेर आधारित हॉर्टी-पाश्चर मॉडल (बेर + अंजन घास + स्टाइलो) से फल और चारे के अलावा बेर की वार्षिक छँटाई (Pruning in April-May) से जलाऊ लकड़ी और बकरियों के लिए पत्ती चारा भी मिलता है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)

  • ICAR-IGFRI: झाँसी (उ.प्र.), स्थापना 1962।
  • प्रमुख हॉर्टी-पाश्चर मॉडल: बेर (6×6m) / आँवला (8×8m) / अमरूद (6×6m) + अंजन घास (Cenchrus ciliaris) + स्टाइलो (Stylosanthes hamata)।
  • त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर: सिरिस/अंकोल/अंजन वृक्ष + झड़बेरी/सुबबूल झाड़ी + अंजन घास + स्टाइलो।
  • वर्षभर हरा चारा मॉडल: संकर नेपियर-बाजरा (IGFRI-3, IGFRI-6) + सुबबूल/सहजन + रबी में बरसीम।
  • शुष्क कैक्टस चारा: Opuntia ficus-indica (Spineless cactus)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)

1. भाकृअनुप-भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ICAR-IGFRI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है और इसकी स्थापना कब हुई थी?
(A) जोधपुर (राजस्थान), 1959
(B) झाँसी (उत्तर प्रदेश), 1962
(C) करनाल (हरियाणा), 1955
(D) देहरादून (उत्तराखंड), 1906
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) झाँसी (उत्तर प्रदेश), 1962
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): ICAR-IGFRI (Indian Grassland and Fodder Research Institute) की स्थापना 1962 में झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुई थी।
2. ICAR-IGFRI द्वारा विकसित अर्ध-शुष्क हॉर्टी-पाश्चर और सिल्वा-पाश्चर मॉडलों में अंजन घास (Cenchrus ciliaris) के साथ प्रोटीन संवर्धन के लिए कौन-सा बहुवर्षीय चारा दलहन (Range legume) सर्वाधिक उगाया जाता है?
(A) कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata)
(B) मटर (Pisum sativum)
(C) मसूर (Lens culinaris)
(D) मूंगफली
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): Stylosanthes hamata (कैरेबियन स्टाइलो) और S. scabra सूखा-सहनशील चारा दलहन हैं जिन्हें अंजन व धौलू घास के साथ 1:1 कतारों में उगाया जाता है।
3. फलदार वृक्षों (जैसे बेर, आँवला, अमरूद) के साथ चारा घासों और चारा दलहन को एकीकृत करने वाली कृषि वानिकी प्रणाली को क्या कहते हैं?
(A) एक्वा-फॉरेस्ट्री
(B) हॉर्टी-पाश्चर प्रणाली (Horti-pastoral system)
(C) केवल मोनोकल्चर
(D) तौंग्या प्रणाली
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) हॉर्टी-पाश्चर प्रणाली (Horti-pastoral system)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): फलदार बागवानी वृक्ष (Horti) + चारागाह घास व दलहन (Pastoral) के संयोजन को हॉर्टी-पाश्चर प्रणाली कहते हैं।
4. परिपक्व आम या आँवला के बागानों में वृक्षों के छत्र की आंशिक छाया (Shade) के नीचे उगाने के लिए ICAR-IGFRI द्वारा विकसित कौन-सी बहुवर्षीय घास सर्वाधिक उपयुक्त है?
(A) गिनी घास (Guinea grass — Megathyrsus maximus; बुंदेल गिनी-1 व 2)
(B) गेहूँ
(C) सूरजमुखी
(D) कपास
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) गिनी घास (Guinea grass — Megathyrsus maximus; बुंदेल गिनी-1 व 2)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): गिनी घास (Megathyrsus maximus / Panicum maximum) छाया के प्रति अत्यधिक सहनशील होती है और बागानों के नीचे अच्छी उपज देती है।
5. सिंचित डेयरी फार्मों में ‘वर्षभर हरा चारा मॉडल’ (Round-the-year green fodder model) के लिए सुबबूल/सहजन की हेजरो के बीच कौन-सी बहुवर्षीय उच्च उपज वाली घास लगाई जाती है?
(A) संकर नेपियर-बाजरा (Hybrid Napier-Bajra — Pennisetum purpureum × P. glaucum)
(B) केवल दूब घास
(C) काँस (Saccharum spontaneum)
(D) गाजर घास
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) संकर नेपियर-बाजरा (Hybrid Napier-Bajra — Pennisetum purpureum × P. glaucum)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): संकर नेपियर-बाजरा (जैसे IGFRI-3, IGFRI-6, CO-4) और सर्दियों में बरसीम + सुबबूल हेजरो से वर्षभर 120–180 t/ha हरा चारा मिलता है।
6. शुष्क और अकाल-प्रवण क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पशुओं को जल और ऊर्जा युक्त हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए ICAR-IGFRI ने किस गैर-पारंपरिक काँटारहित पौधे पर आधारित मॉडल विकसित किया है?
(A) काँटारहित नागफनी / कैक्टस (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica)
(B) जलकुंभी
(C) कमल
(D) बांस
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) काँटारहित नागफनी / कैक्टस (Spineless Cactus — Opuntia ficus-indica)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): काँटारहित नागफनी (Opuntia ficus-indica) अत्यल्प जल में उगकर पशुओं को रसीला व खनिज-युक्त चारा देती है।
7. ICAR-IGFRI का पश्चिमी क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र (Western Regional Research Station) राजस्थान में कहाँ स्थित है?
(A) अविकानगर (टोंक, राजस्थान)
(B) कोटा
(C) उदयपुर
(D) श्रीगंगानगर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) अविकानगर (टोंक, राजस्थान)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): IGFRI का पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र अविकानगर (टोंक, राजस्थान — CSWRI परिसर के पास) में स्थित है।
8. बंजर व बीहड़ भूमियों के सुधार के लिए IGFRI द्वारा विकसित ‘त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल’ (Three-tier silvi-pastoral model) से प्रतिवर्ष लगभग कितना शुष्क चारा (Dry forage) प्राप्त होता है?
(A) 0.2 टन/हेक्टेयर
(B) 7.5 से 10.0 टन/हेक्टेयर/वर्ष
(C) 500 टन/हेक्टेयर
(D) शून्य
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 7.5 से 10.0 टन/हेक्टेयर/वर्ष
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): प्राकृतिक बंजर भूमि (1–1.5 t/ha) की तुलना में त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल 7.5 से 10.0 t/ha शुष्क चारा देता है।
9. भारत में कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग कितने क्षेत्रफल पर खेती योग्य चारा फसलें (Cultivated fodder crops) उगाई जाती हैं, जिनमें ज्वार और बरसीम का योगदान 54% है?
(A) लगभग 8.4 मिलियन हेक्टेयर (~4.4%)
(B) 50 मिलियन हेक्टेयर
(C) 100 मिलियन हेक्टेयर
(D) 0.5 मिलियन हेक्टेयर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) लगभग 8.4 मिलियन हेक्टेयर (~4.4%)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): भारत में कुल 8.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में चारा फसलें उगाई जाती हैं जिनमें ज्वार (2.6 Mha) और बरसीम (1.9 Mha) दोनों मिलकर 54% क्षेत्र घेरते हैं।
10. मानसून के अतिरिक्त हरे चारे को और सुबबूल/सहजन की पत्तियों को सुखाकर अकाल काल के लिए बनाए जाने वाले उच्च प्रोटीन चारा उत्पाद को क्या कहते हैं?
(A) लीफ मील एवं फोडर ब्लॉक/पैलेट्स (Leaf meal & Fodder blocks)
(B) बायोचार
(C) वर्मीवाश
(D) चारकोल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) लीफ मील एवं फोडर ब्लॉक/पैलेट्स (Leaf meal & Fodder blocks)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): सुबबूल, सहजन व स्टाइलो की पत्तियों को सुखाकर बनाया गया चूर्ण ‘लीफ मील’ (Leaf meal) कहलाता है जो दाने का सस्ता विकल्प है।

16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)

  1. ICAR-IGFRI (भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान) की स्थापना 1962 में झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुई थी।
  2. हॉर्टी-पाश्चर और सिल्वा-पाश्चर मॉडलों में अंजन घास (Cenchrus ciliaris) के साथ सर्वाधिक प्रयुक्त चारा दलहन ‘कैरेबियन स्टाइलो’ (Stylosanthes hamata) है।
  3. फलों के बागानों की छाया में उगाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त छाया-सहनशील घास ‘गिनी घास’ (Megathyrsus maximus) है।
  4. शुष्क क्षेत्रों में चारा बैंक के लिए IGFRI द्वारा प्रचारित काँटारहित कैक्टस का वानस्पतिक नाम Opuntia ficus-indica है।
  5. भारत में कुल खेती योग्य चारा क्षेत्र 8.4 मिलियन हेक्टेयर है जिसमें ज्वार और बरसीम का योगदान लगभग 54% है।

(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)

1. ICAR-IGFRI का पूर्ण रूप, स्थापना वर्ष और मुख्यालय लिखिए।
उत्तर: ICAR – Indian Grassland and Fodder Research Institute (भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान); स्थापना: 1962; मुख्यालय: झाँसी (उत्तर प्रदेश)।
2. बेर आधारित हॉर्टी-पाश्चर मॉडल में शामिल तीन मुख्य घटकों के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) कलमी बेर (Ziziphus mauritiana – 6×6 m), (2) अंजन घास (Cenchrus ciliaris), और (3) कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata)।
3. संकर नेपियर-बाजरा (Hybrid Napier) किन दो प्रजातियों के संकरण से विकसित बहुवर्षीय घास है?
उत्तर: नेपियर घास (Pennisetum purpureum) और बाजरा (Pennisetum glaucum) के अंतर्जातीय संकरण से।
4. काँटारहित नागफनी (Spineless cactus) का वानस्पतिक नाम लिखिए।
उत्तर: Opuntia ficus-indica।
5. भारत की दो सबसे अधिक क्षेत्रफल पर उगाई जाने वाली ऋतुकालीन चारा फसलें कौन-सी हैं?
उत्तर: खरीफ में चारा ज्वार (Sorghum – 2.6 Mha) और रबी में बरसीम (Berseem – 1.9 Mha)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)

1. ICAR-IGFRI द्वारा विकसित बेर और आँवला आधारित हॉर्टी-पाश्चर (Horti-pastoral) मॉडलों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बेर (6×6 m) या आँवला (8×8 m) के बागानों में कतारों के बीच का 70–80% स्थान शुरुआती वर्षों में खाली रहता है। IGFRI के मॉडल में इन कतारों के बीच अंजन घास (Cenchrus ciliaris) या दीनानाथ घास और दलहनी चारा कैरेबियन स्टाइलो (Stylosanthes hamata, 1:1 अनुपात में) उगाया जाता है। इससे किसान को प्रतिवर्ष 3.5–5.0 t/ha पौष्टिक शुष्क चारा और फलों से दोहरी आय मिलती है तथा मृदा क्षरण रुकता है।
2. बंजर भूमियों के सुधार के लिए ICAR-IGFRI के ‘त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल’ (Three-tier silvi-pastoral model) की संरचना और लाभ लिखिए।
उत्तर: इसमें तीन ऊर्ध्वाधर स्तरों पर चारा प्रजातियाँ लगाई जाती हैं: (1) निचले स्तर पर बहुवर्षीय घास (Cenchrus ciliaris / Chrysopogon fulvus) + दलहनी स्टाइलो (Stylosanthes hamata), (2) मध्यम स्तर पर चारा झाड़ियाँ (Ziziphus nummularia / सुबबूल हेज), और (3) ऊपरी स्तर पर बहुउद्देशीय चारा वृक्ष (Albizia lebbeck, Albizia amara, Hardwickia binata)। यह मॉडल बंजर भूमि से चारा उत्पादन को 1 t/ha से बढ़ाकर 7.5–10.0 t/ha/yr कर देता है।
3. डेयरी किसानों के लिए IGFRI के ‘वर्षभर हरा चारा मॉडल’ (Round-the-year green fodder model) को समझाइए।
उत्तर: इस सिंचित मॉडल में खेत में 4–5 मीटर की दूरी पर सुबबूल (Leucaena), सहजन (Moringa) या शहतूत (Morus) की दोहरी हेजरो लगाई जाती है। बीच की पट्टियों में बहुवर्षीय संकर नेपियर-बाजरा (IGFRI-3, IGFRI-6) या गिनी घास लगाई जाती है जो फरवरी से नवंबर तक हरा चारा देती है। शीतकाल (नवंबर–फर्च) में जब नेपियर की वृद्धि धीमी होती है, तब कतारों के बीच बोई गई बरसीम/रिजका व सरसों तथा वृक्षों की पत्तियों से हरा चारा मिलता है।
4. चारागाह में केवल घास उगाने की तुलना में ‘घास + दलहनी चारा (Stylo) + चारा वृक्ष’ का मिश्रण क्यों श्रेष्ठ है?
उत्तर: केवल घास में क्रूड प्रोटीन कम (7–10%) और रेशा अधिक होता है। जब घास के साथ दलहनी स्टाइलो (16–18% CP) और दलहनी चारा वृक्ष (सुबबूल/सिरिस/खेजड़ी: ~21.91% CP) लगाए जाते हैं, तो चारे की कुल प्रोटीन मात्रा और पाचकता बढ़ जाती है, पशुओं के लिए अलग से महँगी खली खरीदने का खर्च घटता है और दलहनी जड़ों द्वारा मृदा में नाइट्रोजन स्थिरीकरण होने से घास की उपज भी बढ़ती है।
5. ‘चारा बैंक’ (Fodder Bank) और काँटारहित कैक्टस (Spineless Cactus) मॉडल का शुष्क क्षेत्रों में क्या महत्व है?
उत्तर: सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अप्रैल से जून और नवंबर-दिसंबर (Lean periods) में हरे चारे का अकाल पड़ जाता है। खेत के 10–20% हिस्से या मेड़ों पर सुबबूल, सहजन, खेजड़ी, अर्डू और काँटारहित नागफनी (Opuntia ficus-indica) का सघन ‘चारा बैंक’ लगाने से इस संकट काल में पशुओं को प्रोटीन युक्त पत्ती चारा (Leaf meal) और कैक्टस से रसीला चारा मिल जाता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)

1. भाकृअनुप-भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ICAR-IGFRI, झाँसी) द्वारा विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए विकसित बागवानी-आधारित (Horti-pastoral) और चारा-आधारित (Silvi-pastoral & Forage) कृषि वानिकी मॉडलों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: ICAR-IGFRI (1962, झाँसी) का परिचय देते हुए सारणी 13.1 के सभी मॉडलों—बेर मॉडल, आँवला मॉडल, अमरूद/बेल मॉडल, आम-गिनी घास मॉडल, त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर मॉडल, संकर नेपियर वर्षभर हरा चारा मॉडल और काँटारहित कैक्टस मॉडल—के प्रजाति संयोजन, अंतराल और उपज का पूर्ण विवरण लिखें।
2. भारत में पशुधन संख्या और चारे की कमी (Fodder deficit scenario) का विश्लेषण करते हुए बताइए कि कृषि वानिकी (हॉर्टी-पाश्चर एवं सिल्वा-पाश्चर) बिना खाद्यान्न क्षेत्र घटाए देश की चारा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकती है?
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: भारत में 535.78 मिलियन पशुधन, मात्र 8.4 Mha चारा क्षेत्रफल, फलों के बागानों के खाली स्थान (4.65 Mha) और 25+ Mha बंजर भूमि पर त्रि-स्तरीय सिल्वा-पाश्चर, लीफ मील, साइलेज और चारा ब्लॉक तकनीक के समाकलन का विस्तृत वर्णन करें।
3. एक 2 हेक्टेयर के डेयरी एवं बागवानी किसान के लिए ICAR-IGFRI के सिद्धांतों पर आधारित एक एकीकृत ‘वर्षभर हरा चारा एवं फल उत्पादन मॉडल’ (Integrated Horti-Silvi-Pastoral Plan) डिजाइन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: खेत का लेआउट (आँवला/अमरूद + अंजन/स्टाइलो; सिंचित खंड में संकर नेपियर + सुबबूल/सहजन हेजरो + रबी में बरसीम; मेड़ों पर अर्डू/खेजड़ी/शहतूत) और महीनेवार चारा उपलब्धता कैलेंडर तैयार करें।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGF 311 notes।

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