AGF 311 Lecture 12: प्रजातियों का चयन: स्थल कारक, जड़, छत्र व तना विशेषताएँ, फिनोलॉजी, पोषण व जल मांग, भूमि संक्रियाएँ, टेंडिंग एवं कटाई उपयोगिता | Hindi Notes
AGRO PATH FINDERAGF 311 · Introductory Agroforestry
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02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)Lecture 12: प्रजातियों का चयन: स्थल कारक, जड़, छत्र व तना विशेषताएँ, फिनोलॉजी, पोषण व जल मांग, भूमि संक्रियाएँ, टेंडिंग एवं कटाई उपयोगिता
Choice of species- Site factors, root, crown and bole characteristics, phenology, nutritional and water requirement, ground operation, tending, harvesting utility etc.
02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:
- वृक्ष प्रजातियों के चयन (Choice of Species) को प्रभावित करने वाले 4 स्थल कारकों—जलवायवीय (Climatic), मृदीय (Edaphic), स्थलाकृतिक (Topographic) और जैविक (Biotic)—तथा समस्याग्रस्त मृदाओं हेतु उपयुक्त वृक्षों को जानना।
- वृक्ष की जड़ (Deep tap root vs superficial), छत्र (Crown: शंक्वाकार, बेलनाकार, छतरीनुमा) और तने (Bole: सीधा, बेलनाकार, गाँठ-मुक्त) की विशेषताओं का कृषि वानिकी में महत्व समझना।
- पादप फिनोलॉजी (Phenology: पर्णपात, पुष्पन, फलन का समय) और ‘विपरीत फिनोलॉजी’ (Reverse Phenology — Faidherbia albida) की अनूठी भूमिका का विश्लेषण करना।
- पोषण एवं जल की मांग (Water Use Efficiency) तथा भूमि संक्रियाओं (Ground operations: भूमि समाशोधन, जुताई, मृदा कार्य) को समझना।
- वन संवर्धन की प्रमुख ‘टेंडिंग संक्रियाओं’ (Tending Operations — Weeding, Cleaning, Thinning, Pruning, Climber cutting, Improvement felling, Girdling) और कटाई उपयोगिता (Harvesting & Utility) में पारंगत होना।
03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): वानिकी और कृषि वानिकी में वृक्ष एक दीर्घकालिक निवेश (5 से 50+ वर्ष) होते हैं। यदि प्रारंभ में ही गलत वृक्ष प्रजाति का चयन कर लिया जाए, तो न केवल वृक्षों की वृद्धि रुक जाती है, बल्कि सह-फसलों की उपज भी नष्ट हो जाती है। इसलिए प्रजाति का चयन (Choice of Species — ‘Right Tree at the Right Place for the Right Purpose’) स्थल कारकों, वृक्ष की आकृति (जड़, छत्र व तना), फिनोलॉजी, जल व पोषण मांग तथा टेंडिंग और अंतिम उपयोगिता के गहन वैज्ञानिक मिलान पर आधारित होता है।
04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. स्थल कारक एवं समस्याग्रस्त मृदाओं हेतु प्रजाति मिलान (Site Factors & Problem Soil Matching)
- लवणीय एवं क्षारीय/ऊसर मृदाएँ (Saline & Alkali/Sodic Soils — pH > 8.5): विलायती बबूल (Prosopis juliflora), देशी बबूल (Acacia nilotica), करंज (Pongamia pinnata), जामुन, अर्जुन (Terminalia arjuna), कैजुआरिना, जंगल जलेबी (Pithecellobium dulce) एवं पीलू (Salvadora persica)।
- जलमग्न एवं दलदली मृदाएँ (Waterlogged / Marshy Soils): सफेदा (Eucalyptus tereticornis), अर्जुन, जामुन (Syzygium cumini), विलो (Salix tetrasperma), करंज, बबूल और कदंब।
- अत्यधिक शुष्क रेतीली मृदाएँ (Arid Sandy Soils < 250 mm): खेजड़ी (Prosopis cineraria), रोहिड़ा (Tecomella undulata), इजरायली बबूल (Acacia tortilis), कुमटा (Acacia senegal), फोग।
- अम्लीय मृदाएँ (Acidic Soils — pH < 5.5): चीड़ (Pinus), एल्डर (Alnus nepalensis), बांज (Quercus), सिल्वर ओक (Grevillea robusta), अकासिया ऑरिकुलिफॉर्मिस।
2. जड़, छत्र और तना विशेषताएँ (Root, Crown and Bole Characteristics)
1. जड़ विशेषताएँ (Root Characteristics)
• गहरी मूसला जड़ (Deep Tap Root): खेजड़ी, बबूल, नीम, अंजन वृक्ष (Hardwickia binata) — कृषि फसलों के साथ अंतर-फसल हेतु सर्वश्रेष्ठ।
• उथली फैली जड़ें (Shallow Spreading Roots): सफेदा, पॉपलर, Acacia tortilis, बाँस — मुख्य खेत के बीच के बजाय मेड़ (Boundary) या बंजर भूमि हेतु उपयुक्त।
2. छत्र विशेषताएँ (Crown Characteristics)
• बेलनाकार / शंक्वाकार संकीर्ण छत्र (Cylindrical / Conical Narrow Crown): पॉपलर, सफेदा, कैजुआरिना, सिल्वर ओक — कम क्षेत्र घेरते हैं और पास-पास लगाए जा सकते हैं।
• हल्का एवं विरल छत्र (Light & Feathery Crown): सुबबूल, खेजड़ी, सिरिस, सेमल — छनकर धूप नीचे फसलों तक पहुँचती है।
• घना एवं चौड़ा छत्र (Dense & Spreading Crown): आम, बरगद, महुआ, इमली — नीचे केवल हल्दी/अदरक जैसी छाया-प्रिय फसलें ही उग सकती हैं।
3. तना / बोल विशेषताएँ (Bole Characteristics)
• प्लाईवुड, आरा मशीन (Sawmill) और बिजली के खंभों (Poles) के लिए लंबा, सीधा, बेलनाकार, टेपर-रहित और गाँठ-मुक्त तना (Straight, cylindrical, knot-free clean bole) तथा स्वतः शाखा-त्याग (Self-pruning ability: जैसे सफेदा, पॉपलर, मेलिया दुबिया, सागवान) होना अनिवार्य है।
4. फिनोलॉजी एवं पोषण/जल मांग (Phenology & Water-Nutrient Needs)
• शीतकालीन पतझड़ (Winter Deciduous): पॉपलर और शहतूत नवंबर से फरवरी तक पत्तियाँ गिरा देते हैं, जिससे रबी की मुख्य फसल गेहूँ को 100% धूप मिलती है।
• विपरीत फिनोलॉजी (Reverse Phenology): Faidherbia albida (सफेद बबूल) मानसून (खरीफ) में पत्तियाँ गिराता है और गर्मियों में हरा रहता है।
• जल उपयोग दक्षता (WUE): शुष्क क्षेत्रों में कम जल मांग (Low transpiration per unit biomass) और नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाली प्रजातियाँ चुनी जाती हैं।
3. भूमि संक्रियाएँ एवं टेंडिंग संक्रियाएँ (Ground Operations & Tending Operations)
- (A) भूमि संक्रियाएँ (Ground Operations): वृक्षारोपण से पूर्व और प्रारंभिक वर्षों में भूमि पर की जाने वाली क्रियाएँ—जैसे झाड़ी सफाई (Site clearance), जुताई व डिस्क हैरोइंग, गड्ढा खुदाई, समोच्च नालियाँ (Contour trenching), थावला बनाना और निराई-गुड़ाई (Soil working & hoeing)।
- (B) प्रमुख टेंडिंग संक्रियाएँ (Tending Operations — Seedling से Maturity तक):
- निराई (Weeding — Seedling stage): नर्सरी या रोपण के प्रथम 2–3 वर्षों में जब पौधे छोटे (Seedling stage) होते हैं, तब अवांछित शाकीय खरपतवारों को हटाना।
- सफाई (Cleaning — Sapling stage): जब पौधे बड़े होकर ‘सैपलिंग अवस्था’ (Sapling stage) में आ जाते हैं, तब मुख्य आर्थिक वृक्ष प्रजाति के पौधों को दबाने वाली कम मूल्य की अवांछित प्रजातियों, झाड़ियों, कॉपिस प्ररोहों और लताओं को काटकर हटाना ‘क्लीनिंग’ कहलाता है।
- विरलन (Thinning — Pole to Tree stage): जब वृक्षों के छत्र आपस में मिल जाते हैं (Canopy closure at Pole stage), तब बचे हुए श्रेष्ठ वृक्षों को प्रकाश और पोषण देने के लिए समान प्रजाति के कमजोर, दबे हुए या रोगग्रस्त वृक्षों को निकालना। (इसके प्रकार हैं: Mechanical thinning, Ordinary/Low thinning, Crown thinning, Free thinning)।
- कृंतन (Pruning): गाँठ-मुक्त इमारती लकड़ी के लिए निचली शाखाओं को तने के पास से काटना।
- लता कटाई (Climber Cutting): सागवान और साल के युवा वृक्षों पर लिपटकर तने को टेढ़ा करने वाली काष्ठीय लताओं (जैसे Bauhinia vahlii – मालझन) को आधार से काटना।
- सुधार पातन एवं गर्डलिंग (Improvement Felling & Girdling): असमान आयु के वनों में मृत, खोखले या अवांछित वृक्षों को हटाना या गर्डलिंग (छाल की रिंग काटना) द्वारा सुखाना।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
प्रकाश आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर वृक्ष प्रजातियों का वर्गीकरण:
- 1. प्रकाश आवश्यकता के अनुसार:
- प्रकाश-प्रिय (Light Demanders / Heliophytes): सागवान (Tectona grandis), शीशम, पॉपलर, सफेदा, चीड़, सेमल।
- छाया-सहनशील (Shade Bearers / Sciophytes): तून (Toona ciliata), जामुन, देवदार (प्रारंभिक अवस्था में), फिर (Abies pindrow), बांज (Quercus)।
- 2. कटाई एवं उपयोगिता (Harvesting & Utility) के अनुसार:
- लघु आवर्तन (Short rotation: 3–8 वर्ष): पॉपलर, सफेदा, मेलिया दुबिया, सुबबूल, कैजुआरिना (लुगदी, कागज, प्लाईवुड, माचिस, खंभे)।
- मध्यम आवर्तन (Medium rotation: 15–30 वर्ष): शीशम, बबूल, सिरिस, गम्हार (फर्नीचर व निर्माण काष्ठ)।
- दीर्घ आवर्तन (Long rotation: 40–80 वर्ष): सागवान, साल, देवदार, चंदन (उच्च मूल्य इमारती व सुगंधित काष्ठ)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)
- वीडिंग, क्लीनिंग और थिनिंग का विकास-अवस्था सिद्धांत (Stage-Specific Tending Principle):
- Seedling Stage (नवजात पौध अवस्था) में अवांछित शाकीय पौधों को हटाना = Weeding (निराई)।
- Sapling Stage (किशोर पौध अवस्था) में अवांछित झाड़ियों व निकृष्ट प्रजातियों को हटाना = Cleaning (सफाई)।
- Pole / Tree Stage (खंभा/वृक्ष अवस्था) में छत्र स्पर्धा घटाने हेतु उसी प्रजाति के अतिरिक्त वृक्षों को हटाना = Thinning (विरलन)।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)
व्यावहारिक उदाहरण: पॉपलर + गेहूँ प्रणाली में फिनोलॉजी का अद्भुत तालमेल
उत्तर भारत में किसान नवंबर में पॉपलर की कतारों के बीच गेहूँ बोते हैं। ठीक नवंबर-दिसंबर में पॉपलर अपनी सारी पत्तियाँ गिरा देता है (शीतकालीन पर्णपात फिनोलॉजी), जिससे दिसंबर से मार्च तक गेहूँ की फसल को 100% सीधी धूप मिलती है। अप्रैल में जब गेहूँ कट जाता है, तब पॉपलर में नई पत्तियाँ आ जाती हैं और वह गर्मियों की तेज धूप का पूरा उपयोग कर तेजी से मोटाई बढ़ाता है।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 12.1: वानिकी की प्रमुख टेंडिंग संक्रियाओं (Weeding, Cleaning, Thinning, Pruning, Girdling) की तुलना
| टेंडिंग क्रिया (Operation) | वृक्ष की विकास अवस्था (Stage) | किसे हटाया जाता है? (Target Removed) | मुख्य उद्देश्य (Primary Purpose) |
|---|---|---|---|
| 1. निराई (Weeding) | Seedling stage (प्रथम 1–3 वर्ष) | अवांछित शाकीय खरपतवार और घास। | छोटे पौधों को नमी व पोषण स्पर्धा और दबने से बचाना। |
| 2. सफाई (Cleaning) | Sapling stage (3–8 वर्ष) | कम मूल्य की प्रजातियाँ, झाड़ियाँ, लताएँ व अतिरिक्त कॉपिस प्ररोह। | मुख्य आर्थिक प्रजाति के किशोर पौधों को ऊपर बढ़ने के लिए मुक्त करना। |
| 3. विरलन (Thinning) | Pole to Tree stage (छत्र मिलने के बाद) | उसी मुख्य प्रजाति के कमजोर, दबे हुए या पास-पास लगे वृक्ष। | श्रेष्ठ वृक्षों के व्यास (DBH) वृद्धि को बढ़ाना और फसलों को धूप देना। |
| 4. कृंतन (Pruning) | Sapling एवं Pole stage | मुख्य तने की निचली जीवित या सूखी पार्श्व शाखाएँ। | गाँठ-मुक्त सीधा मुख्य तना (Knot-free clean bole) प्राप्त करना। |
| 5. वलयन (Girdling) | परिपक्व अवांछित/रोगी वृक्ष | तने के चारों ओर छाल व कैम्बियम की रिंग काटकर हटाना। | आसपास के युवा पौधों को नुकसान पहुँचाए बिना बड़े अवांछित पेड़ को खड़े-खड़े सुखाना। |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)
महत्वपूर्ण कटाई उपयोगिता एवं промышленные मिलान (Key Industrial Utility Matching)
- प्लाईवुड एवं विनियर (Plywood & Veneer): पॉपलर (Populus deltoides), मेलिया दुबिया (Melia dubia), सागवान, गम्हार
- माचिस की तीलियाँ व डिब्बी (Matchwood & Splints): सेमल (Bombax ceiba), अर्डू (Ailanthus excelsa), पॉपलर, कदम
- कागज एवं लुगदी (Paper & Pulp): सफेदा (Eucalyptus), बाँस (Dendrocalamus), सुबबूल (Leucaena), कैजुआरिना
- खेल का सामान (Sports Goods): क्रिकेट बैट = विलो (Salix alba) | हॉकी स्टिक = शहतूत (Morus alba)
- कत्था (Katha) एवं बीड़ी पत्ता: कत्था = खैर (Acacia catechu) | बीड़ी पत्ता = तेंदू (Diospyros melanoxylon)
11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
Lecture 12 Mind Map: वृक्ष प्रजातियों का चयन, फिनोलॉजी, टेंडिंग एवं कटाई उपयोगिता
- प्रजातियों का चयन एवं प्रबंधन (Choice of Species: Right Tree at Right Site for Right Utility)
- स्थल कारक एवं समस्याग्रस्त मृदा मिलान (Site Factors)
- लवणीय/क्षारीय: बबूल, विलायती बबूल, करंज, अर्जुन | जलमग्न: सफेदा, जामुन, विलो | शुष्क: खेजड़ी, रोहिड़ा
- जड़, छत्र, तना एवं फिनोलॉजी (Morphology & Phenology)
- जड़ व छत्र: गहरी मूसला जड़ + हल्का/बेलनाकार छत्र + सीधा गाँठ-मुक्त तना (Clean Bole)
- फिनोलॉजी: शीतकालीन पतझड़ (पॉपलर + गेहूँ) एवं रिवर्स फिनोलॉजी (Faidherbia albida — वर्षा में पतझड़)
- टेंडिंग संक्रियाएँ एवं कटाई उपयोगिता (Tending & Harvesting Utility)
- टेंडिंग क्रम: Weeding (Seedling stage) ➔ Cleaning (Sapling stage) ➔ Thinning (Pole stage) + Pruning, Climber cutting, Girdling
- औद्योगिक उपयोगिता: प्लाईवुड (पॉपलर/मेलिया), माचिस (सेमल/अर्डू), कागज (सफेदा/बाँस), बैट (विलो), हॉकी (शहतूत)
- स्थल कारक एवं समस्याग्रस्त मृदा मिलान (Site Factors)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)
प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): वन वृक्ष के जीवन चक्र में क्रमिक ‘टेंडिंग संक्रियाएँ’ (Sequential Tending Operations)
(Weeding: शाकीय खरपतवार निराई) ➔ 2. Sapling अवस्था (3–8 वर्ष)
(Cleaning: अवांछित झाड़ी व लता कटाई) ➔ 3. Pole अवस्था (छत्र मिलना)
(Thinning & Pruning: विरलन व कृंतन) ➔ 4. Tree अवस्था (व्यास वृद्धि)
(Improvement Felling & Girdling) ➔ 5. परिपक्वता व कटाई (Harvesting)
(इमारती काष्ठ, प्लाईवुड, लुगदी उपयोग)
13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न: ‘रिवर्स फिनोलॉजी’ (Reverse Phenology — वर्षा ऋतु/खरीफ में पत्तियाँ गिराना और गर्मियों में हरा रहना) किस वृक्ष में पाई जाती है? उत्तर: Faidherbia albida (पूर्व नाम Acacia albida / सफेद बबूल)।
- तीनों टेंडिंग क्रियाओं की अवस्था याद रखें: Weeding = Seedling stage में; Cleaning = Sapling stage में; और Thinning = Pole/Tree stage (Canopy closure के बाद) में की जाती है।
- अवांछित खड़े वृक्ष को सुखाने के लिए उसके तने के चारों ओर छाल और कैम्बियम की रिंग काटकर हटाने को ‘गर्डलिंग’ (Girdling) कहते हैं।
- क्रिकेट का बल्ला ‘विलो’ (Salix alba) की लकड़ी से, हॉकी स्टिक ‘शहतूत’ (Morus alba) की लकड़ी से और माचिस की तीलियाँ ‘सेमल’ (Bombax ceiba) व ‘अर्डू’ (Ailanthus excelsa) की लकड़ी से बनती हैं।
- लवणीय-क्षारीय (ऊसर) और जलमग्न दोनों भूमियों में सफल रहने वाले दो प्रमुख वृक्ष ‘अर्जुन’ (Terminalia arjuna) और ‘करंज’ (Pongamia pinnata) हैं।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)
- Site Factors: Climatic + Edaphic + Topographic + Biotic।
- Reverse Phenology: Faidherbia albida (खरीफ में पर्णपात, गर्मियों में हरा)।
- Tending Operations: Weeding (Seedling) Cleaning (Sapling) Thinning (Pole) + Pruning + Climber cutting + Girdling।
- Utility: क्रिकेट बैट = Salix alba | हॉकी = Morus alba | माचिस = Bombax ceiba / Ailanthus excelsa | प्लाईवुड = Populus deltoides / Melia dubia।
15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
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16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)
- फेडरबिया अल्बिडा (Faidherbia albida) में ‘रिवर्स फिनोलॉजी’ पाई जाती है—यह वर्षा ऋतु में पत्तियाँ गिराता है और गर्मियों में हरा रहता है।
- Seedling अवस्था में शाकीय खरपतवार हटाना ‘Weeding’, Sapling अवस्था में अवांछित झाड़ियाँ हटाना ‘Cleaning’ और Pole अवस्था में विरलन ‘Thinning’ कहलाता है।
- अवांछित खड़े वृक्ष को सुखाने के लिए तने के चारों ओर छाल व कैम्बियम की रिंग काटना ‘गर्डलिंग’ (Girdling) कहलाता है।
- क्रिकेट बैट विलो (Salix alba) से, हॉकी स्टिक शहतूत (Morus alba) से और माचिस सेमल व अर्डू की लकड़ी से बनती है।
- शाखा और गाँठ से मुक्त सीधे बेलनाकार मुख्य तने को वानिकी में ‘क्लीन बोल’ (Clean bole) कहा जाता है।
(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)
(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)
(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGF 311 notes।





