ENT 311 Lecture 17: भिंडी के प्रमुख नाशीकीट एवं उनका प्रबंधन (Major Insect Pests of Okra and Their Management)

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 17: भिंडी के प्रमुख नाशीकीट एवं उनका प्रबंधन (Major Insect Pests of Okra and Their Management)
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 17)
भिंडी का प्ररोह व फल छेदक (Earias — मुड़े-तुड़े फल) एवं पीत शिरा मोजैक विषाणु (YVMV — वाहक Bemisia tabaci)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- भिंडी (Okra / Bhindi — Abelmoschus esculentus; कुल Malvaceae) और कपास के एक ही वानस्पतिक कुल (Malvaceae) का होने के कारण दोनों के समान कीट परिसर (Shared pest complex) को समझना।
- भिंडी के सबसे प्रमुख नाशीकीट ‘प्ररोह एवं फल छेदक’ (Okra Shoot and Fruit Borer — Earias vittella एवं E. insulana; कुल Nolidae) द्वारा वानस्पतिक अवस्था में शीर्ष प्ररोह सुखाने और फलन अवस्था में भिंडी के फलों को टेढ़ा-मेढ़ा, मुड़ा हुआ व विष्ठा से भरा बनाने की क्रियाविधि और प्रबंधन को जानना।
- भिंडी के हरे तेले (Jassid — Amrasca biguttula biguttula) द्वारा पत्तियों में कपिंग व हॉपर बर्न और इसके प्रबंधन का अध्ययन करना।
- भिंडी की सफेद मक्खी (Whitefly — Bemisia tabaci) द्वारा भिंडी के सबसे विनाशकारी विषाणु रोग ‘पीत शिरा मोजैक विषाणु’ (Yellow Vein Mosaic Virus — YVMV) एवं ‘एनेशन लीफ कर्ल विषाणु’ (ELCV) के संचरण तथा इसके समन्वित प्रबंधन में पारंगत होना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): भिंडी (Abelmoschus esculentus) मालवेसी (Malvaceae — कपास और गुड़हल का कुल) कुल की प्रमुख ग्रीष्म एवं खरीफ सब्जी फसल है। एक ही कुल का होने के कारण कपास के लगभग सभी प्रमुख कीट भिंडी पर भी आक्रमण करते हैं (इसीलिए कपास के पास भिंडी को या तो ट्रैप फसल के रूप में बोया जाता है या सफेद मक्खी/बॉलवर्म के कैरी-ओवर से बचने के लिए वर्जित किया जाता है!)।
भिंडी के उत्पादन में दो सबसे बड़ी बाधाएँ हैं: पहली—’प्ररोह एवं फल छेदक’ (Earias vittella) जो 30–50% भिंडी के फलों में छेद कर उन्हें टेढ़ा-मेढ़ा और खाने के अयोग्य बना देता है; और दूसरी—’सफेद मक्खी’ (Bemisia tabaci) तथा ‘हरा तेला’ (Amrasca biguttula biguttula), जिनमें सफेद मक्खी प्रसिद्ध ‘पीत शिरा मोजैक रोग’ (Yellow Vein Mosaic Virus — YVMV) फैलाकर पूरी फसल को पीला कर देती है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. भिंडी का प्ररोह एवं फल छेदक (Okra Shoot and Fruit Borer — Earias vittella & E. insulana)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Earias vittella (प्रमुख) एवं Earias insulana | कुल: Nolidae (Noctuidae) | गण: Lepidoptera।
- पहचान एवं जीवविज्ञान:
- E. vittella के हल्के पीले अग्र-पंख के बीच में एक हरी पच्चर जैसी पट्टी होती है। मादा कोमल प्ररोह, फूल की कली या छोटे फलों पर नीले-हरे रंग के मुकुट जैसे नक्काशीदार अंडे देती है।
- इल्ली (Caterpillar) भूरी-हरी व नारंगी धब्बों तथा छोटे मांसल काँटों वाली होती है। प्यूपा नाव के आकार के सख्त मटमैले कोकून में बनता है।
- क्षति की प्रकृति (ETL: 5% मुरझाए प्ररोह या 5% क्षतिग्रस्त फल):
- वानस्पतिक अवस्था (बुवाई के 3–5 सप्ताह पर): इल्ली भिंडी के कोमल शीर्ष प्ररोह (Terminal shoot) में छेद करके नीचे की ओर सुरंग बनाती है जिससे ऊपरी कोपल मुरझाकर लटक जाती है और सूख जाती है तथा पौधे में पार्श्व शाखाएँ निकलती हैं।
- पुष्पन एवं फलन अवस्था: इल्ली फूल की कलियों, फूलों और कोमल भिंडी फलों में छेद करके अंदर के बीज व गूदा खाती है। ग्रसित भिंडी के फल मुड़कर टेढ़े-मेढ़े (Curved/Twisted) हो जाते हैं और प्रवेश छिद्र इल्ली की विष्ठा से बंद रहता है।
- प्ररोह एवं फल छेदक का प्रबंधन:
- सस्य एवं यांत्रिक उपाय: भिंडी के बाद कपास या गुड़हल न लगाएँ; हर 3–4 दिन पर मुरझाए हुए प्ररोहों को काटकर और टेढ़े काने फलों को तोड़कर जमीन में दबा दें।
- फेरोमोन एवं जैविक उपाय: बुवाई के 25 दिन बाद से एरविटल्यूर (Ervitlure) फेरोमोन पाश (@ 12–20/ha) लगाना; अंड परजीवी Trichogramma chilonis (@ 50,000/ha) छोड़ना; तथा NSKE 5% या Bacillus thuringiensis (Bt @ 1.0 kg/ha) का छिड़काव।
- सुरक्षित रासायनिक छिड़काव (तुड़ाई के तुरंत बाद प्रयोग करें — कम PHI):
• इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG (@ 150–200 g/ha; PHI: 3–5 दिन) या
• क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (@ 125–150 mL/ha; PHI: 5 दिन) या
• स्पाइनोसैड 45% SC (@ 150 mL/ha; PHI: 3 दिन) या
• इंडोक्साकार्ब 14.5% SC (@ 400 mL/ha) या पाइरिप्रोक्सीफेन + फेनप्रोपैथ्रिन।
2. भिंडी का हरा तेला / जैसिड (Okra Jassid — Amrasca biguttula biguttula)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Amrasca biguttula biguttula | कुल: Cicadellidae | गण: Hemiptera।
- क्षति के लक्षण (ETL: 2–3 शिशु प्रति पत्ती): हरे रंग के पच्चर जैसे शिशु और वयस्क (जो तिरछे चलते हैं) पत्तियों की निचली सतह से रस चूसते हैं और विषाक्त लार छोड़ते हैं। इससे पत्तियों के किनारे पीले पड़कर ईंट जैसे लाल हो जाते हैं और पत्तियाँ नीचे की ओर प्याले की तरह मुड़ जाती हैं (‘Cupping & Hopper burn’) तथा पौधे बौने रह जाते हैं।
- प्रबंधन: (1) बुवाई से पूर्व इमिडाक्लोप्रिड 48% FS या 70% WS (@ 5 g/kg बीज) से बीज उपचार (30 दिन सुरक्षा); (2) पीले चिपचिपे पाश (@ 15–20/ha); और (3) खड़ी फसल में फ्लोनिकामिड 50% WG (@ 150 g/ha) या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (@ 100 mL/ha) या थायोमेथोक्साम 25% WG (@ 100 g/ha) का स्प्रे।
3. भिंडी की सफेद मक्खी (Okra Whitefly — Bemisia tabaci) एवं लाल मकड़ी (Red Spider Mite)
- 1. सफेद मक्खी (Bemisia tabaci; कुल Aleyrodidae, गण Hemiptera):
- मुख्य क्षति: रस चूसने व मधुस्राव के अतिरिक्त यह भिंडी के सबसे भयानक ‘पीत शिरा मोजैक विषाणु’ (Yellow Vein Mosaic Virus — YVMV) और ‘भिंडी एनेशन लीफ कर्ल विषाणु’ (OELCV) की वाहक है।
- प्रबंधन: (i) YVMV-प्रतिरोधी किस्में (जैसे पंजाब पद्मिनी, परभणी क्रांति, अर्का अनामिका, अर्का अभय, काशी प्रगति, पूसा A-4, हिसार उन्नत) उगाना; (ii) इमिडाक्लोप्रिड (@ 5 g/kg) बीज उपचार; (iii) पीले चिपचिपे पाश और रोगग्रस्त पौधों को दिखते ही उखाड़कर (Roguing) नष्ट करना; तथा (iv) स्पाइरोमेसिफेन 22.9% SC (@ 500 mL/ha) या डाइफेंथियूरॉन 50% WP (@ 600 g/ha) का स्प्रे।
- 2. दो-धब्बेदार लाल मकड़ी (Two-Spotted Red Spider Mite — Tetranychus urticae / T. cinnabarinus; कुल Tetranychidae, गण Acarina):
- अष्टपाद (8 पैरों वाला गैर-कीट); पत्तियों के नीचे जाला बनाकर रस चूसता है जिससे पत्तियाँ सफेद-तांबे जैसी होकर सूख जाती हैं। नियंत्रण: सल्फर 80% WP (@ 2.5 kg/ha) या विशिष्ट मकड़ीनाशी (Acaricides) — प्रोपार्गाइट 57% EC (Omite @ 1.0 L/ha) या फेनाजाक्विन 10% EC (Magister @ 1.0 L/ha) या स्पाइरोमेसिफेन 22.9% SC (@ 500 mL/ha) या हेक्सीथायाजॉक्स 5.45% EC (@ 500 mL/ha)।
- 3. भिंडी के अन्य कीट: फल छेदक Helicoverpa armigera, पत्ती लपेटक (Sylepta derogata), फफोला भृंग (Blister beetle — Mylabris pustulata: फूलों को खाता है) एवं लाल कपास बग (Dysdercus koenigii)।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
भिंडी के नाशीकीटों का वर्गिकी एवं कार्यात्मक वर्गीकरण:
- छेदक एवं पर्ण-भक्षी (Lepidoptera & Coleoptera): प्ररोह व फल छेदक (Earias vittella / E. insulana — Nolidae), फल छेदक (Helicoverpa armigera — Noctuidae), पत्ती लपेटक (Sylepta derogata — Crambidae), फफोला भृंग (Mylabris pustulata — Meloidae, Coleoptera)।
- रसचूसक कीट एवं अष्टपाद (Hemiptera & Acarina): हरा तेला (Amrasca biguttula — Cicadellidae), सफेद मक्खी (Bemisia tabaci — Aleyrodidae; YVMV वाहक), माहू (Aphis gossypii), लाल मकड़ी (Tetranychus urticae — Tetranychidae, Acarina)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘प्रतिरोधी किस्म + बीज उपचार’ से YVMV रोकथाम का सिद्धांत (Principle of HPR + Seed Treatment against Okra YVMV): एक बार पौधे में पीत शिरा मोजैक विषाणु (YVMV) प्रवेश कर जाने के बाद किसी भी रसायन से पौधा ठीक नहीं हो सकता; अतः YVMV-प्रतिरोधी किस्म (अर्का अनामिका/परभणी क्रांति) को इमिडाक्लोप्रिड (5 g/kg) से उपचारित करके बोना ही इसे रोकने का एकमात्र अचूक उपाय है।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
क्षेत्रीय निदान उदाहरण: भिंडी के फल में ‘Earias vittella’ और ‘Helicoverpa armigera’ के छेद में अंतर
1. यदि भिंडी का फल दरांती जैसा मुड़कर टेढ़ा-मेढ़ा (Curved/Distorted) हो गया है और छेद का मुँह विष्ठा से भरा है तथा अंदर छोटी भूरी-हरी काँटेदार इल्ली है यह भिंडी का प्ररोह व फल छेदक (Earias vittella) है।
2. यदि भिंडी का फल सीधा है, उस पर एकदम गोल साफ छेद है और बड़ी इल्ली अपना आधा शरीर अंदर व आधा बाहर रखे हुए है यह Helicoverpa armigera है।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 17.1: भिंडी के प्रमुख नाशीकीटों, उनके क्षति लक्षणों एवं प्रबंधन की मास्टर तालिका
| नाशीकीट का नाम | वैज्ञानिक नाम एवं कुल | विशिष्ट क्षति लक्षण | प्रमुख प्रबंधन / रसायन |
|---|---|---|---|
| 1. प्ररोह एवं फल छेदक | Earias vittella / E. insulana (Nolidae) | वानस्पतिक अवस्था में प्ररोह मुरझाना + फलन में मुड़े हुए टेढ़े-मेढ़े काने फल | Ervitlure ट्रैप, T. chilonis, इमामेक्टिन (200 g/ha), Coragen (150 mL/ha) |
| 2. हरा तेला (Jassid) | Amrasca biguttula biguttula (Cicadellidae) | पत्तियों का किनारों से लाल होकर नीचे मुड़ना (Cupping & Hopper burn) | इमिडाक्लोप्रिड (5 g/kg) बीज उपचार, फ्लोनिकामिड (150 g/ha) |
| 3. सफेद मक्खी (Whitefly) | Bemisia tabaci (Aleyrodidae) | रस चूसना + पीत शिरा मोजैक विषाणु (YVMV — पीली शिराओं का जाल) वाहक | अर्का अनामिका/परभणी क्रांति किस्म, पीला पाश, डाइफेंथियूरॉन/स्पाइरोमेसिफेन |
| 4. लाल मकड़ी (Red Mite) | Tetranychus urticae (Tetranychidae) | पत्ती के नीचे जाला + ऊपरी सतह पर सफेद धब्बे व तांबे जैसा रंग | प्रोपार्गाइट 57 EC (1 L/ha) या फेनाजाक्विन या स्पाइरोमेसिफेन |
| 5. फफोला भृंग (Blister Beetle) | Mylabris pustulata (Meloidae) | लाल-काले पट्टों वाला भृंग जो पीले फूलों को खाकर फल बनने से रोकता है | सुबह हाथ के जाल से पकड़कर नष्ट करना (शरीर से ‘कैंथारिडिन’ निकलता है) |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
भिंडी में नाशीकीट प्रबंधन के मानक मापदंड
- 1. रसचूसक कीटों व YVMV रोकथाम हेतु बीज उपचार:
- 2. भिंडी प्ररोह एवं फल छेदक का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL):
- 3. भिंडी हरा तेला (Jassid) का ETL:
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Nolidae, गण: Lepidoptera | भिंडी का मुख्य छेदक
- अगेती अवस्था: शीर्ष प्ररोह मुरझाकर लटकना (Drooping shoot)
- फलन अवस्था: फलों में विष्ठा से भरा छेद व फलों का टेढ़ा/मुड़ जाना
- प्रबंधन: Ervitlure ट्रैप, T. chilonis, इमामेक्टिन, स्पाइनोसैड, Coragen
- कुल: Cicadellidae, गण: Hemiptera | ETL: 2–3 शिशु/पत्ती
- लक्षण: पत्ती किनारे से ईंट जैसी लाल होकर नीचे मुड़ना (Hopper burn)
- प्रबंधन: इमिडाक्लोप्रिड (5 g/kg) बीज उपचार व फ्लोनिकामिड स्प्रे
- कुल: Aleyrodidae | पीत शिरा मोजैक विषाणु (YVMV) का वाहक
- YVMV प्रतिरोधी किस्में: अर्का अनामिका, परभणी क्रांति, पंजाब पद्मिनी
- प्रबंधन: पीले चिपचिपे पाश, रोगी पौधे उखाड़ना, डाइफेंथियूरॉन/स्पाइरोमेसिफेन
- लाल मकड़ी: Tetranychus urticae (Acarina — पत्ती के नीचे जाला)
- मकड़ीनाशी: प्रोपार्गाइट (Omite), फेनाजाक्विन, स्पाइरोमेसिफेन
- फफोला भृंग: Mylabris pustulata (Meloidae — फूलों को खाता है)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- भिंडी के फलों का छेद होने के बाद मुड़कर दरांती जैसा टेढ़ा-मेढ़ा (Curved/Distorted fruits) हो जाना ‘प्ररोह एवं फल छेदक’ (Earias vittella) का विशिष्ट लक्षण है।
- भिंडी का सबसे विनाशकारी विषाणु रोग ‘पीत शिरा मोजैक’ (Yellow Vein Mosaic Virus — YVMV) सफेद मक्खी (Bemisia tabaci) द्वारा फैलाया जाता है।
- परभणी क्रांति, अर्का अनामिका, अर्का अभय, पंजाब पद्मिनी और पूसा A-4 भिंडी की प्रसिद्ध YVMV-प्रतिरोधी किस्में हैं।
- भिंडी के पीले फूलों को खाकर नष्ट करने वाला लाल-काले पट्टों वाला भृंग ‘फफोला भृंग’ (Blister beetle — Mylabris pustulata; कुल Meloidae) है जिसके शरीर से ‘कैंथारिडिन’ (Cantharidin) नामक छाले पैदा करने वाला रसायन निकलता है।
- गर्मी की भिंडी में पत्तियों के नीचे जाला बनाने वाली लाल मकड़ी (Tetranychus urticae) एक कीट न होकर ‘अष्टपाद’ (Arachnida : Acarina) है जिसके नियंत्रण हेतु प्रोपार्गाइट या स्पाइरोमेसिफेन प्रयुक्त होता है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- प्ररोह एवं फल छेदक (Earias vittella / E. insulana): Nolidae; मुरझाता प्ररोह व टेढ़े-मेढ़े काने फल; Ervitlure; इमामेक्टिन बेंजोएट, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, स्पाइनोसैड।
- हरा तेला (Amrasca biguttula): Cicadellidae; पत्तियों का नीचे मुड़ना व हॉपर बर्न; इमिडाक्लोप्रिड बीज उपचार, फ्लोनिकामिड।
- सफेद मक्खी (Bemisia tabaci): Aleyrodidae; YVMV वाहक; अर्का अनामिका/परभणी क्रांति किस्म, डाइफेंथियूरॉन।
- लाल मकड़ी (Tetranychus urticae): Tetranychidae (Acarina); प्रोपार्गाइट, फेनाजाक्विन, स्पाइरोमेसिफेन।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- भिंडी के फलों का मुड़कर टेढ़ा-मेढ़ा (Curved fruits) हो जाना ‘प्ररोह एवं फल छेदक’ (Earias vittella) का विशिष्ट लक्षण है।
- भिंडी में ‘पीत शिरा मोजैक विषाणु’ (YVMV) का प्रसार ‘सफेद मक्खी’ (Bemisia tabaci) द्वारा होता है।
- परभणी क्रांति, अर्का अनामिका और पंजाब पद्मिनी भिंडी की प्रसिद्ध YVMV-प्रतिरोधी किस्में हैं।
- भिंडी के फूलों को खाने वाला लाल-काले पट्टों वाला भृंग ‘फफोला भृंग’ (Mylabris pustulata; कुल Meloidae) है।
- भिंडी और कपास दोनों ‘मालवेसी’ (Malvaceae) कुल के होने के कारण समान नाशीकीटों से ग्रसित होते हैं।





