ENT 311 Lecture 24: नारियल एवं सेब के प्रमुख नाशीकीट: गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब का ऊनी माहू

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
Lecture 24 Theory • Lecture 24 (ENT-311 / ENTO-311) 🖼️ सचित्र विजुअल आरेख सहित (With Visual Identification Diagrams)

Lecture 24: नारियल एवं सेब के प्रमुख नाशीकीट: गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब का ऊनी माहू

Major Insect Pests of Coconut and Apple: Rhinoceros Beetle, Red Palm Weevil and Woolly Apple Aphid

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • नारियल के गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros; कुल Scarabaeidae/Dynastidae, गण Coleoptera) के सिर के सींग, गोबर व कंपोस्ट के गड्ढों में प्रजनन करने, केवल वयस्क भृंग द्वारा नारियल की बंद गोभ (Central spindle) को काटने से खुलने पर पत्तियों के पंखे या ‘V’ (हीरे/Diamond) के आकार में कटी दिखने और ‘Metarhizium anisopliae’ व ‘Oryctes Baculovirus’ से जैविक नियंत्रण को समझना।
  • नारियल के सबसे घातक शत्रु ‘लाल ताड़ घुन / रेड पाम वीविल’ (Red Palm Weevil — Rhynchophorus ferrugineus; कुल Curculionidae, गण Coleoptera) द्वारा गैंडा भृंग के घावों में अंडे देने, ग्रब द्वारा तने को अंदर से खोखला करने, तने से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव निकलने, ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) का अध्ययन करना।
  • शीतोष्ण फल सेब (Apple) के सबसे प्रमुख नाशीकीट ‘सेब के ऊनी माहू’ (Woolly Apple Aphid — Eriosoma lanigerum; कुल Pemphigidae/Aphididae, गण Hemiptera) के तने व जड़ों दोनों पर गाँठें (Galls) बनाने, प्रसिद्ध अंतःपरजीवी ‘Aphelinus mali’ और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ को कंठस्थ करना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): इस व्याख्यान में भारत की सबसे प्रमुख रोपण फसल नारियल (‘कल्पवृक्ष’ — Cocos nucifera) और सबसे प्रमुख शीतोष्ण फल सेब (Apple — Malus domestica) के तीन ऐतिहासिक नाशीकीटों का अध्ययन किया गया है। नारियल में ‘गैंडा भृंग’ (Oryctes rhinoceros) और ‘लाल ताड़ घुन’ (Rhynchophorus ferrugineus) मिलकर ‘घातक जोड़ी’ बनाते हैं—पहले गैंडा भृंग मुकुट में घाव बनाता है और फिर उसी घाव की गंध सूंघकर लाल ताड़ घुन अंडे दे देता है जिससे पूरा ताड़ का पेड़ मर जाता है!

वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब के बागों में ‘सेब का ऊनी माहू’ (Eriosoma lanigerum) गर्मियों में टहनियों पर और सर्दियों में जड़ों के नीचे रहकर गाँठें बनाता है; इसका परजीवी ततैया Aphelinus mali और प्रतिरोधी मूलवृंत MM-सीरीज द्वारा किया गया नियंत्रण विश्व के सबसे सफल जैविक नियंत्रण उदाहरणों में गिना जाता है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

नारियल पर्ण का ज्यामितीय ‘V’ या हीरा कटाव (Characteristic Fan / V-Shaped / Diamond Geometric Cut by Oryctes rhinoceros)
नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) का वयस्क भृंग पेड़ के मुकुट के बीच बंद तलवार जैसी गोभ पत्ती (Unopened central spindle frond) में छेद करके आर-पार काटता है; जब वह पत्ती बड़ी होकर खुलती है, तो उसके पर्णक कैंची से कटे जैसे ‘अंग्रेजी के V आकार या हीरे (Diamond-shaped) की ज्यामितीय आकृति’ में कटे हुए दिखाई देते हैं!
ओरिक्टेस बैकुलोवायरस एवं मेटाराइजियम पिट उपचार (Oryctes nudivirus / Baculovirus & Metarhizium Breeding-Site Treatment)
गैंडा भृंग के ग्रब नारियल के पेड़ पर नहीं रहते, बल्कि बाग के आसपास के गोबर की खाद के गड्ढों (Manure pits) में पलते हैं! अतः गोबर के गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक ‘Metarhizium anisopliae’ छिड़कने और ग्रब/भृंग में ‘Oryctes rhinoceros nudivirus (OrNV / Baculovirus)’ छोड़ने से गैंडा भृंग का स्थायी जैविक नियंत्रण हो जाता है।
लाल ताड़ घुन का तना इंजेक्शन एवं फेरोल्यूर (Trunk Injection & Ferrolure Bucket Trap for Red Palm Weevil)
लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) के ग्रब नारियल के तने के अंदर रहते हैं जिन्हें मारने हेतु तने में ड्रिल से 45° कोण पर छेद करके कीटनाशक (इमिडाक्लोप्रिड या क्लोरपायरीफॉस 10 mL + 10 mL पानी) भरकर सीमेंट से बंद किया जाता है (‘Trunk injection’) या जड़ से पिलाया जाता है (‘Root feeding’); तथा वयस्क घुन फँसाने हेतु एकत्रीकरण फेरोमोन ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) बाल्टी पाश लगाया जाता है।
एफेलिनस माली एवं एम.एम. मूलवृंत (Aphelinus mali & Malling-Merton Rootstocks for Woolly Apple Aphid)
सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) का विशिष्ट अंतःपरजीवी ततैया ‘Aphelinus mali’ (जिसे 1930 के दशक में इंग्लैंड/अमेरिका से कुल्लू व कश्मीर मँगाया गया) तथा सेब के ऊनी माहू-प्रतिरोधी क्लोनल मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-104, MM-106, MM-109, MM-111)’ और ‘Merton-793’ हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. नारियल का गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Oryctes rhinoceros | कुल: Scarabaeidae (उप-कुल: Dynastinae) | गण: Coleoptera। (अन्य परपोषी: ऑयल पाम, खजूर, ताड़, सुपारी, केला)।
  • पहचान एवं जीवविज्ञान (प्रजनन स्थल और भक्षण स्थल अलग-अलग हैं!):
    • वयस्क भृंग: 4–5 cm बड़ा, मजबूत, चमकदार काले-भूरे रंग का भृंग जिसके सिर के ऊपर पीछे की ओर मुड़ा हुआ गैंडे जैसा एक मजबूत सींग (Cephalic horn — नर में लंबा, मादा में छोटा) होता है।
    • प्रजनन स्थल (Manure Pits): मादा भृंग नारियल के पेड़ पर अंडे नहीं देती, बल्कि सड़ती हुई गोबर की खाद के गड्ढों (FYM/Compost pits), सड़े हुए नारियल के तनों और बुरादे के ढेरों में 10–15 cm नीचे 100–140 सफेद अंडे देती है!
    • ग्रब (Stout C-shaped Grub): अंडों से मोटा मलाईदार सफेद ‘C’ आकार का ग्रब निकलता है जो गोबर की खाद खाकर ही 3–6 महीने में बड़ा होता है (ग्रब फसल को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता!) और मिट्टी में 30–60 cm नीचे प्यूपा बनाता है।
  • क्षति की प्रकृति (केवल वयस्क भृंग हानिकारक है!):
    1. केवल वयस्क भृंग (Adult beetle) रात में उड़कर नारियल के मुकुट (Crown) में पहुँचता है और बंद केंद्रीय गोभ पत्ती (Unopened central spindle) तथा फूल के स्पैथ (Spathe) में छेद करके अंदर का कोमल ऊतक चबाता है व रस चूसता है तथा चबाए हुए रेशे छेद के बाहर फेंक देता है।
    2. ‘V’ या हीरे के आकार की कटी पत्तियाँ (Fan / V-shaped / Diamond cuts on fronds): जब क्षतिग्रस्त गोभ पत्ती खुलती है, तो पर्णक कैंची से कटे जैसे ‘V’ या हीरे की आकृति में कटे दिखते हैं! युवा पौधों में वृद्धि बिंदु कटने से पेड़ मर जाता है और बड़े पेड़ों में यह लाल ताड़ घुन (Red Palm Weevil) के अंडे देने का रास्ता खोल देता है।
  • गैंडा भृंग का समन्वित प्रबंधन (IPM for Rhinoceros Beetle):
    1. यांत्रिक निष्कासन (Beetle Hook): पेड़ के मुकुट में बने ताजे छेदों में आधा मीटर लंबी लोहे की मुड़ी हुई सलाई (Rhinoceros beetle iron hook) घुसाकर अंदर बैठे भृंग को खींचकर मारना और छेद में रेत + नीम की खली (250 g) या क्लोरपायरीफॉस धूल या 3 नैफ्थलीन की गोलियाँ (Naphthalene balls) भर देना।
    2. जैविक नियंत्रण (गोबर गड्ढों व भृंगों में — विश्व-प्रसिद्ध मॉडल!):
      • गोबर के गड्ढों में कवक उपचार: बाग के पास सभी खाद के गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक Metarhizium anisopliae (@ 5×1011 बीजाणु/m3) छिड़कना जिससे अंदर पल रहे सारे ग्रब हरे कवक से मर जाते हैं।
      • विषाणु विमोचन (Baculovirus): प्रति हेक्टेयर 10–15 वयस्क भृंगों को Oryctes rhinoceros nudivirus (OrNV / Baculovirus) के घोल में डुबोकर शाम को बाग में छोड़ देना; ये संक्रमित भृंग खाद के गड्ढों और अन्य भृंगों में विषाणु फैलाकर आबादी को खत्म कर देते हैं!
    3. फेरोमोन पाश: एकत्रीकरण फेरोमोन ‘राइनोल्यूर’ (Rhinolure — Ethyl 4-methyloctanoate @ 1 पाश/2 ha) लगाना।

2. लाल ताड़ घुन / रेड पाम वीविल (Red Palm Weevil — Rhynchophorus ferrugineus)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Rhynchophorus ferrugineus | कुल: Curculionidae | गण: Coleoptera। (नारियल, खजूर और ऑयल पाम का सबसे प्राणघातक आंतरिक शत्रु — ‘Hidden killer of palms’)।
  • पहचान एवं जीवविज्ञान (प्रजनन और भक्षण सब कुछ जीवित तने के अंदर!):
    • वयस्क घुन: 3.5 cm बड़ा, लाल-भूरे (Ferruginous red) रंग का घुन जिसके वक्ष (Pronotum) पर 4–6 काले धब्बे और आगे लंबी मुड़ी हुई सूँड (Curved snout/rostrum) होती है।
    • अंडरोपण एवं ग्रब: मादा घुन तने पर बने गैंडा भृंग के घावों, ताड़ी निकालने या पत्तियाँ काटने के ताजे घावों की किण्वित गंध से आकर्षित होकर उनमें अपनी सूँड से छेद कर 200–300 अंडे देती है।
    • पैर-रहित ग्रब (Apodous Grub — मुख्य हानिकारक अवस्था): पीले-सफेद मांसल और बिना पैरों वाले ग्रब तने के अंदर घुसकर कोमल ऊतकों को खाते हुए चारों ओर सुरंग बना देते हैं और तने के अंदर ही रेशों के अंडाकार कोकून में प्यूपा बनाते हैं।
  • क्षति के विशिष्ट लक्षण:
    1. तने पर बने छोटे छेदों से गाढ़ा लाल-भूरा चिपचिपा और बदबूदार द्रव (Reddish-brown viscous fluid oozing from trunk holes) बाहर रिसता है और चबाए हुए रेशे बाहर निकलते हैं।
    2. तने से कान लगाकर सुनने (या बायो-एकॉस्टिक सेंसर लगाने) पर अंदर ग्रब के चबाने की ‘कुर-कुर’ आवाज (Gnawing sound) सुनाई देती है।
    3. अंततः भीतरी पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं और पूरा मुकुट (Crown) टूटकर नीचे गिर जाता है।
  • लाल ताड़ घुन का समन्वित प्रबंधन (IPM for Red Palm Weevil):
    1. घावों से बचाव एवं स्वच्छता: तने पर कभी घाव न बनने दें; हरी पत्तियाँ काटते समय तने से 1.2 extमीटर लंबा डंठल छोड़कर काटें (ताकि घुन डंठल से तने तक न पहुँच सके); गैंडा भृंग का नियंत्रण करें; और मर चुके पेड़ों को काटकर जला दें।
    2. फेरोल्यूर पाश (Ferrolure Bucket Trap): बाग में प्रति हेक्टेयर 1–2 बाल्टी पाश लटकाएँ जिनमें ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure — 4-methyl-5-nonanol) + किण्वित ताड़ी/अनानास/गन्ना + कार्बारिल/इमिडाक्लोप्रिड रखा हो।
    3. तना इंजेक्शन एवं जड़ पिलाई (Trunk Injection / Root Feeding — उपचारात्मक उपाय):
      • ग्रसित तने के सबसे ऊपरी छेद से नीचे के सभी छेदों को सीमेंट/मिट्टी से बंद कर दें; फिर सबसे ऊपरी छेद के ऊपर ड्रिल से 45∘ के तिरछे कोण पर छेद बनाकर कीप (Funnel) की सहायता से इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (10 extmL+1 extLपानी) या क्लोरपायरीफॉस 20% EC (10 extmL+1 extLपानी) या स्पिनोसैड अंदर भरें और छेद को सीमेंट से बंद कर दें।

3. सेब का ऊनी माहू (Woolly Apple Aphid — Eriosoma lanigerum)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Eriosoma lanigerum | कुल: Pemphigidae / Aphididae (Eriosomatinae) | गण: Hemiptera।
  • पहचान एवं मौसमी प्रवास (Aerial & Subterranean Dual Life):
    • बैंगनी-लाल रंग का माहू जिसका पूरा शरीर सफेद रुई या ऊन जैसे लंबे मोमी धागों के गुच्छों (White cottony/woolly wax filaments) से ढका रहता है—दूर से देखने पर सेब की टहनियों पर रुई के फाहे चिपके जैसे लगते हैं और मसलने पर खून जैसा लाल द्रव निकलता है।
    • द्वि-आवास चक्र: भारत में यह अनिषेकजनन (Parthenogenesis) द्वारा प्रजनन करता है। गर्मियों और मानसून (अप्रैल–अक्टूबर) में यह पेड़ के ऊपरी तने व टहनियों पर रहता है और सर्दियां आते ही (नवंबर–फरवरी) नीचे उतरकर जमीन के अंदर जड़ों (Roots) पर चला जाता है तथा बसंत में पुनः ऊपर चढ़ आता है!
  • क्षति के विशिष्ट लक्षण:
    1. शिशु और वयस्क टहनियों की छाल और भूमिगत जड़ों दोनों से रस चूसते हैं और विषाक्त लार छोड़ते हैं।
    2. लार की प्रतिक्रिया से सेब की टहनियों और भूमिगत जड़ों दोनों पर बड़ी-बड़ी बदसूरत गाँठें / ट्यूमर जैसी संरचनाएँ (Woody knots / Galls on stems and roots) बन जाती हैं!
    3. जड़ों के गलने और पोषक प्रवाह रुकने से नर्सरी के पौधे मर जाते हैं और बड़े पेड़ों में फल छोटे रह जाते हैं।
  • सेब के ऊनी माहू का विश्व-प्रसिद्ध समन्वित प्रबंधन (IPM):
    1. प्रतिरोधी मूलवृंत (Resistant Rootstocks — स्थायी समाधान!): सेब की कलम (Grafting) देशी क्रैब एप्पल के बजाय ऊनी माहू-प्रतिरोधी क्लोनल मूलवृंतों—मॉलिंग-मर्टन सीरीज (Malling-Merton: MM-104, MM-106, MM-109, MM-111) और मर्टन-793 (M-793)—पर तैयार करना।
    2. शास्त्रीय जैविक नियंत्रण (Classical Biological Control): विशिष्ट अंतःपरजीवी ततैया Aphelinus mali (कुल Aphelinidae — जिसे 1930 के दशक में इंग्लैंड से भारत मँगाकर कुल्लू व कश्मीर के बागों में स्थापित किया गया) और परभक्षी लेडीबर्ड भृंग (Coccinella septempunctata) व सिरफिड मक्खी का संरक्षण।
    3. रासायनिक नियंत्रण: (a) सर्दियों में जड़ों के उपचार हेतु पेड़ के थाले में क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 5 mL/L) की ड्रेन्चिंग; तथा (b) गर्मियों में वायवीय कॉलोनियों पर इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (@ 0.4 mL/L) या थायोमेथोक्साम 25% WG (@ 0.3 g/L) या स्पिरोटेट्रामैट (Movento) का छिड़काव।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

नारियल एवं सेब के अन्य प्रमुख पूरक नाशीकीट (Exam Quick Reference):

  • 1. नारियल की काली सिर वाली इल्ली (Coconut Black-Headed Caterpillar — Opisina arenosella [पूर्व नाम: Nephantis serinopa]; Oecophoridae, Lepidoptera): पत्तियों की निचली सतह पर रेशम और विष्ठा की सुरंगों में रहकर हरा भाग खाती है जिससे ताड़ के पत्ते दूर से जले हुए दिखते हैं; नियंत्रण: जड़ से मोनोक्रोटोफॉस पिलाना (Root feeding — केवल ऊँचे नारियल में जब 45 दिन तक फल न तोड़ने हों) और परजीवी Goniozus nephantidis एवं Bracon brevicornis छोड़ना।
  • 2. नारियल की एरियोफिड माइट (Coconut Eriophyid Mite — Aceria guerreronis; Eriophyidae, Acarina): 1998 में केरल में आया आक्रामक कीट; नारियल के पेरिएंथ के नीचे रहकर नारियल की सतह पर त्रिकोणीय भूरे फटे हुए निशान बनाता है।
  • 3. सेब का सैन जोस स्केल (San Jose Scale — Quadraspidiotus [Diaspidiotus] perniciosus; Diaspididae, Hemiptera): टहनियों और सेब के फलों पर राख के रंग की परत व लाल धब्बे बनाता है; परजीवी: Encarsia perniciosi व शीतकालीन डीजल/ट्री स्प्रे ऑयल (Dormant oil spray)।
  • 4. सेब का कॉडलिंग मॉथ (Codling Moth — Cydia pomonella; Tortricidae, Lepidoptera): भारत में केवल लद्दाख (लेह-कारगिल) क्षेत्र में सीमित आंतरिक संगरोध (Domestic quarantine) कीट है ताकि यह कश्मीर व हिमाचल के सेबों में न फैले!

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • ‘प्रजनन-स्थल एवं भक्षण-स्थल पृथक्करण’ का सिद्धांत (Principle of Breeding-vs-Feeding Site Separation in Rhinoceros Beetle): नारियल के गैंडा भृंग में केवल वयस्क भृंग पेड़ के मुकुट को खाता है जबकि उसके अंडे और ग्रब केवल जमीन पर गोबर के खाद गड्ढों में रहते हैं। अतः केवल पेड़ पर दवा डालने से यह कभी खत्म नहीं होता—जब तक कि गोबर के गड्ढों में Metarhizium और Baculovirus डालकर इसके प्रजनन स्रोत को नष्ट न किया जाए!

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

क्षेत्रीय निदान उदाहरण: नारियल में ‘गैंडा भृंग’ और ‘लाल ताड़ घुन’ में अंतर

1. गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros): केवल वयस्क भृंग पेड़ के मुकुट में नुकसान करता है (ग्रब गोबर के गड्ढे में रहता है); खुलने पर पत्तियाँ ‘V’ या हीरे के आकार में कटी दिखती हैं और यह सामान्यतः बड़े पेड़ को जान से नहीं मारता।
2. लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus): मुख्यतः पैर-रहित ग्रब तने के अंदर रहकर नुकसान करते हैं; तने के छेदों से लाल-भूरा गाढ़ा द्रव रिसता है, अंदर से चबाने की आवाज आती है और यह पूरे पेड़ को जान से मार देता है!

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 24.1: नारियल का गैंडा भृंग, लाल ताड़ घुन एवं सेब के ऊनी माहू की मास्टर तुलना
तुलना का आधार नारियल का गैंडा भृंग (Rhinoceros Beetle) लाल ताड़ घुन (Red Palm Weevil) सेब का ऊनी माहू (Woolly Apple Aphid)
1. वैज्ञानिक नाम Oryctes rhinoceros Rhynchophorus ferrugineus Eriosoma lanigerum
2. गण एवं कुल Coleoptera : Scarabaeidae (Dynastinae) Coleoptera : Curculionidae Hemiptera : Pemphigidae (Aphididae)
3. मुख्य हानिकारक अवस्था केवल वयस्क भृंग (ग्रब खाद के गड्ढे में पलता है) पैर-रहित ग्रब (और वयस्क) — तने के अंदर शिशु एवं वयस्क (तने और जड़ दोनों पर)
4. विशिष्ट क्षति चिह्न खुलती पत्तियों पर पंखे या ‘V’ (हीरे) के आकार का ज्यामितीय कटाव तने के छेद से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव रिसना व चबाने की आवाज सफेद ऊनी गुच्छे + तने और जड़ों पर बड़ी-बड़ी गाँठें (Galls)
5. प्रमुख बायो-एजेंट / HPR Metarhizium anisopliae एवं Oryctes Baculovirus EPN (Heterorhabditis), Beauveria परजीवी Aphelinus mali एवं MM-106 / MM-111 मूलवृंत
6. विशिष्ट यांत्रिक/रासायनिक उपाय लोहे के हुक से भृंग निकालना, Rhinolure पाश, मुकुट में रेत+नीम खली Ferrolure बाल्टी पाश + तना इंजेक्शन (Trunk injection) जड़ में क्लोरपायरीफॉस ड्रेन्चिंग व वायवीय भाग पर इमिडाक्लोप्रिड स्प्रे

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

नारियल एवं सेब कीट प्रबंधन के मानक मापदंड
  • 1. गैंडा भृंग हेतु गोबर गड्ढे में Metarhizium उपचार दर:Dose=5×1011 spores per m3 of manure pit
  • 2. लाल ताड़ घुन से बचाव हेतु पत्ती काटते समय छोड़े जाने वाले डंठल की लंबाई:Petiole Stump Length=1.2 meters (120 cm from trunk)
  • 3. सेब के ऊनी माहू-प्रतिरोधी मूलवृंत (Resistant Clonal Rootstocks):Malling-Merton Series: MM-104, MM-106, MM-109, MM-111 & M-793

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 24: नारियल एवं सेब के प्रमुख नाशीकीट
नारियल का गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros)
  • कुल: Scarabaeidae, गण: Coleoptera | सिर पर गैंडे जैसा सींग
  • अंडे व ग्रब गोबर की खाद के गड्ढों (Manure pits) में पलते हैं
  • केवल वयस्क भृंग बंद गोभ को काटता है → ‘V’ या हीरे के आकार की पत्तियाँ
  • नियंत्रण: लोहे का हुक, Rhinolure, गोबर गड्ढे में Metarhizium व Baculovirus
लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus)
  • कुल: Curculionidae, गण: Coleoptera | तने के अंदर जीवन चक्र
  • तने के घावों से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव निकलना व चबाने की आवाज
  • आकर्षक पाश: फेरोल्यूर (Ferrolure) + किण्वित ताड़ी/अनानास बाल्टी ट्रैप
  • उपचार: 1.2 m डंठल छोड़कर पत्ती काटना व तना इंजेक्शन (Trunk injection)
सेब का ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum)
  • कुल: Pemphigidae (Aphididae), गण: Hemiptera | सफेद रुई जैसे गुच्छे
  • गर्मियों में तने पर व सर्दियों में जड़ों पर प्रवास; दोनों पर गाँठें (Galls)
  • विश्व-प्रसिद्ध परजीवी ततैया: Aphelinus mali (Aphelinidae)
  • प्रतिरोधी मूलवृंत: Malling-Merton सीरीज (MM-106, MM-111, M-793)
नारियल व सेब के अन्य प्रमुख कीट
  • नारियल काली सिर इल्ली: Opisina arenosella (परजीवी Goniozus)
  • नारियल एरियोफिड माइट: Aceria guerreronis (1998 में केरल प्रवेश)
  • सेब सैन जोस स्केल: Quadraspidiotus perniciosus (परजीवी Encarsia)
  • सेब कॉडलिंग मॉथ: Cydia pomonella (लद्दाख में घरेलू संगरोध कीट)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

नारियल के बाग में गैंडा भृंग एवं लाल ताड़ घुन का एकीकृत द्वि-स्तरीय प्रबंधन (Coconut Palm Dual-Pest IPM Flow)
Step 1
चरण 1 (प्रजनन स्रोत प्रहार — गोबर गड्ढे): बाग के आसपास सभी गोबर व कंपोस्ट गड्ढों में Metarhizium anisopliae कवक डालना + बाग में 10–15 Oryctes Baculovirus संक्रमित भृंग छोड़ना
⬇
Step 2
चरण 2 (मुकुट सुरक्षा — गैंडा भृंग): लोहे के हुक (Beetle hook) से मुकुट में घुसे भृंग निकालना + पत्तियों के कक्ष में रेत + नीम खली (250 g) या 3 नैफ्थलीन गोलियाँ रखना + Rhinolure पाश लगाना
⬇
Step 3
चरण 3 (घाव निवारण व निगरानी — लाल ताड़ घुन): हरी पत्तियाँ काटते समय तने से 1.2 मीटर लंबा डंठल छोड़ना + बाग में Ferrolure बाल्टी पाश लटकाना
⬇
Step 4
चरण 4 (उपचारात्मक तना इंजेक्शन): लाल-भूरा द्रव रिसने वाले तने में ड्रिल से 45° कोण पर छेद कर इमिडाक्लोप्रिड (10 mL/L) का तना इंजेक्शन देकर सीमेंट से बंद करना

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros; कुल Scarabaeidae) की केवल ‘वयस्क अवस्था’ ही नारियल को नुकसान पहुँचाती है (जबकि इसके अंडे व ग्रब गोबर की खाद के गड्ढों में रहते हैं) और इससे खुलती पत्तियों पर ‘V’ या हीरे (Diamond) के आकार का कटाव बनता है।
  • गैंडा भृंग के जैविक नियंत्रण के लिए गोबर के गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक ‘Metarhizium anisopliae’ और विषाणु ‘Oryctes rhinoceros nudivirus (Baculovirus)’ का प्रयोग किया जाता है।
  • लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus; कुल Curculionidae) के नियंत्रण हेतु एकत्रीकरण फेरोमोन ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) प्रयुक्त होता है।
  • सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) के जैविक नियंत्रण हेतु परजीवी ततैया ‘Aphelinus mali’ और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ विश्व-प्रसिद्ध हैं।
  • सेब का कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella; कुल Tortricidae) भारत में केवल ‘लद्दाख (लेह-कारगिल)’ क्षेत्र में पाया जाता है और उस पर घरेलू संगरोध (Domestic quarantine) लागू है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros): Scarabaeidae; गोबर गड्ढे में प्रजनन; वयस्क द्वारा बंद गोभ काटने से ‘V’/हीरे के आकार की पत्तियाँ; लोहे का हुक, Rhinolure, Metarhizium व Oryctes Baculovirus।
  • लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus): Curculionidae; तने के अंदर ग्रब; लाल-भूरा द्रव रिसना; 1.2 m डंठल छोड़ना, Ferrolure पाश, तना इंजेक्शन।
  • सेब का ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum): Pemphigidae; तने व जड़ दोनों पर गाँठें; परजीवी Aphelinus mali, मूलवृंत MM-106/MM-111।
  • अन्य: नारियल काली सिर इल्ली (Opisina arenosella), सेब सैन जोस स्केल (Quadraspidiotus perniciosus), कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella — लद्दाख)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. नारियल के किस भृंग के वयस्क द्वारा बंद केंद्रीय गोभ (Unopened spindle leaf) को काटने के कारण पत्ती खुलने पर पंखे या अंग्रेजी के ‘V’ (हीरे/Diamond) के आकार में कटी हुई दिखाई देती है?
(A) नारियल का गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros)
(B) लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus)
(C) लाल कद्दू भृंग
(D) हड्डा भृंग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नारियल का गैंडा भृंग (Coconut Rhinoceros Beetle — Oryctes rhinoceros)
व्याख्या: Oryctes rhinoceros का वयस्क भृंग बंद गोभ में छेद करता है जिससे पत्ती खुलने पर ज्यामितीय V-आकार में कटी दिखती है।
2. नारियल का गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) अपने अंडे कहाँ देता है और इसके ग्रब कहाँ पलते हैं?
(A) सड़ती हुई गोबर की खाद के गड्ढों (Manure/Compost pits) और सड़े हुए ताड़ के लट्ठों में
(B) नारियल के पानी के अंदर
(C) हरी पत्तियों की नोक पर
(D) समुद्र के पानी में
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) सड़ती हुई गोबर की खाद के गड्ढों (Manure/Compost pits) और सड़े हुए ताड़ के लट्ठों में
व्याख्या: गैंडा भृंग का प्रजनन स्थल गोबर की खाद के गड्ढे हैं जहाँ इसके ग्रब गोबर खाकर बड़े होते हैं।
3. सेब के ऊनी माहू (Woolly Apple Aphid — Eriosoma lanigerum) के अत्यंत सफल शास्त्रीय जैविक नियंत्रण (Classical biological control) के लिए कौन-सा विशिष्ट अंतःपरजीवी ततैया विश्व-प्रसिद्ध है?
(A) एफेलिनस माली (Aphelinus mali — कुल Aphelinidae, गण Hymenoptera)
(B) एपिरिकैनिया मेलानोल्यूका
(C) जाइगोग्रामा बाइकोलोराटा
(D) क्राइसोपर्ला
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) एफेलिनस माली (Aphelinus mali — कुल Aphelinidae, गण Hymenoptera)
व्याख्या: 1930 के दशक में इंग्लैंड से भारत (कुल्लू व कश्मीर) में आयातित Aphelinus mali सेब के ऊनी माहू का सबसे सफल परजीवी है।
4. सेब के पौधों को भूमिगत जड़ों में लगने वाले ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) से स्थायी रूप से बचाने के लिए किन प्रतिरोधी क्लोनल मूलवृंतों (Resistant rootstocks) पर कलम बाँधी जाती है?
(A) मॉलिंग-मर्टन सीरीज (Malling-Merton: MM-106, MM-111, MM-104, MM-109) एवं M-793
(B) खट्टी नारंगी (Rough lemon)
(C) देशी बेर
(D) जंगली गुलाब
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) मॉलिंग-मर्टन सीरीज (Malling-Merton: MM-106, MM-111, MM-104, MM-109) एवं M-793
व्याख्या: इंग्लैंड में Northern Spy से विकसित Malling-Merton (MM) सीरीज के मूलवृंत सेब के ऊनी माहू के प्रति पूर्णतः प्रतिरोधी हैं।
5. नारियल के तने के अंदर सुरंग बनाकर उसे खोखला करने वाले और तने के छेदों से लाल-भूरा चिपचिपा द्रव रिसने का कारण बनने वाले ‘लाल ताड़ घुन’ (Red Palm Weevil) का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) रिंकोफोरस फेरूजिनियस (Rhynchophorus ferrugineus — कुल Curculionidae)
(B) ओरिक्टेस राइनोसेरस
(C) ओपिसिना एरेनोसेला
(D) सिटोफिलस ओराइजी
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) रिंकोफोरस फेरूजिनियस (Rhynchophorus ferrugineus — कुल Curculionidae)
व्याख्या: Rhynchophorus ferrugineus के पैर-रहित ग्रब तने के अंदर रहकर पेड़ को मार देते हैं।
6. नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) के जैविक नियंत्रण के लिए गोबर के खाद गड्ढों में कौन-सा कवक और भृंगों में कौन-सा विषाणु छोड़ा जाता है?
(A) कवक: Metarhizium anisopliae (हरा मस्कर्डाइन) एवं विषाणु: Oryctes rhinoceros nudivirus (Baculovirus)
(B) केवल पक्सीनिया कवक
(C) केवल HaNPV
(D) केवल राइजोबियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कवक: Metarhizium anisopliae (हरा मस्कर्डाइन) एवं विषाणु: Oryctes rhinoceros nudivirus (Baculovirus)
व्याख्या: गोबर गड्ढों में Metarhizium कवक और वयस्क भृंगों के माध्यम से Oryctes Baculovirus छोड़ना इसका सर्वोत्तम जैविक नियंत्रण है।
7. लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) के वयस्क घुनों को आकर्षित कर फँसाने वाले फेरोमोन बाल्टी पाश में कौन-सा एकत्रीकरण फेरोमोन ल्यूर रखा जाता है?
(A) फेरोल्यूर (Ferrolure / Ferrugineol)
(B) गोसिपल्यूर
(C) हेलील्यूर
(D) ल्यूसील्यूर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) फेरोल्यूर (Ferrolure / Ferrugineol)
व्याख्या: लाल ताड़ घुन के लिए ‘Ferrolure’ और गैंडा भृंग के लिए ‘Rhinolure’ एकत्रीकरण फेरोमोन प्रयुक्त होता है।
8. सेब का कुख्यात कीट ‘कॉडलिंग मॉथ’ (Codling Moth — Cydia pomonella; कुल Tortricidae) भारत के किस एकमात्र क्षेत्र में सीमित है जहाँ से सेब बाहर लाने पर घरेलू संगरोध (Domestic quarantine) प्रतिबंध लगा है?
(A) लद्दाख (लेह एवं कारगिल क्षेत्र)
(B) केरल
(C) तमिलनाडु
(D) गुजरात
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) लद्दाख (लेह एवं कारगिल क्षेत्र)
व्याख्या: Cydia pomonella भारत में केवल लद्दाख क्षेत्र में पाया जाता है; कश्मीर व हिमाचल को बचाने हेतु लद्दाख से सेब बाहर ले जाने पर संगरोध प्रतिबंध है।
9. नारियल की पत्तियों की निचली सतह पर रेशम और विष्ठा की गैलरी बनाकर क्लोरोफिल खाने वाली ‘काली सिर वाली इल्ली’ (Coconut Black-Headed Caterpillar) का वैज्ञानिक नाम और इसका प्रमुख लार्वा परजीवी क्या है?
(A) ओपिसिना एरेनोसेला (Opisina arenosella) — परजीवी: Goniozus nephantidis एवं Bracon brevicornis
(B) पायरिला परपुसिला
(C) काइलो पार्टेलस
(D) एग्रोटिस इप्सिलॉन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ओपिसिना एरेनोसेला (Opisina arenosella) — परजीवी: Goniozus nephantidis एवं Bracon brevicornis
व्याख्या: Opisina arenosella (Nephantis serinopa) के जैविक नियंत्रण हेतु Goniozus nephantidis (Bethylidae) और Bracon brevicornis छोड़े जाते हैं।
10. सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) के आक्रमण से सेब के पेड़ पर क्या विशिष्ट विकृति बनती है?
(A) तने, टहनियों और भूमिगत जड़ों दोनों पर बड़ी-बड़ी लकड़ी जैसी गाँठें (Woody knots / Galls) बन जाती हैं
(B) केवल फूल नीले हो जाते हैं
(C) पत्तियाँ V आकार में कट जाती हैं
(D) तने से भूरा पानी बहता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) तने, टहनियों और भूमिगत जड़ों दोनों पर बड़ी-बड़ी लकड़ी जैसी गाँठें (Woody knots / Galls) बन जाती हैं
व्याख्या: ऊनी माहू की लार की विषाक्तता से तने और जड़ों दोनों पर ट्यूमर जैसी गाँठें (Galls) बन जाती हैं।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) से खुलती पत्तियों पर ‘V’ या हीरे (Diamond) के आकार का कटाव बनता है।
  2. गैंडा भृंग अपने अंडे ‘गोबर की खाद के गड्ढों’ में देता है और इसके जैविक नियंत्रण हेतु ‘Metarhizium anisopliae’ व ‘Oryctes Baculovirus’ प्रयुक्त होते हैं।
  3. लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) के लिए ‘फेरोल्यूर’ (Ferrolure) पाश और ‘तना इंजेक्शन’ (Trunk injection) प्रयुक्त होता है।
  4. सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) का प्रसिद्ध परजीवी ‘Aphelinus mali’ है और प्रतिरोधी मूलवृंत ‘Malling-Merton (MM-106, MM-111)’ हैं।
  5. सेब का कॉडलिंग मॉथ (Cydia pomonella) भारत में केवल ‘लद्दाख’ क्षेत्र में सीमित एक घरेलू संगरोध (Quarantine) कीट है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. नारियल के गैंडा भृंग और लाल ताड़ घुन का वैज्ञानिक नाम व कुल लिखिए।
उत्तर: गैंडा भृंग: Oryctes rhinoceros (कुल: Scarabaeidae, गण: Coleoptera); लाल ताड़ घुन: Rhynchophorus ferrugineus (कुल: Curculionidae, गण: Coleoptera)।
2. सेब के ऊनी माहू और सैन जोस स्केल का वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर: सेब का ऊनी माहू: Eriosoma lanigerum (Pemphigidae/Aphididae); सैन जोस स्केल: Quadraspidiotus (Diaspidiotus) perniciosus (Diaspididae) — दोनों गण: Hemiptera।
3. गैंडा भृंग और लाल ताड़ घुन के एकत्रीकरण फेरोमोन ल्यूर के नाम लिखिए।
उत्तर: गैंडा भृंग: राइनोल्यूर (Rhinolure); लाल ताड़ घुन: फेरोल्यूर (Ferrolure)।
4. सेब के ऊनी माहू के नियंत्रण हेतु प्रयुक्त परजीवी ततैया और प्रतिरोधी मूलवृंत का नाम लिखिए।
उत्तर: परजीवी ततैया: Aphelinus mali; प्रतिरोधी मूलवृंत: Malling-Merton सीरीज (MM-106, MM-111, M-793)।
5. भारत के लद्दाख क्षेत्र में सीमित सेब के संगरोध कीट (Quarantine pest) का नाम लिखिए।
उत्तर: सेब का कॉडलिंग मॉथ (Codling moth — Cydia pomonella; कुल Tortricidae, गण Lepidoptera)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) की पहचान, जीवन चक्र (प्रजनन स्थल) और क्षति के लक्षणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पहचान व जीवन चक्र: यह 4–5 cm बड़ा काले-भूरे रंग का मजबूत भृंग है जिसके सिर पर गैंडे जैसा एक मुड़ा हुआ सींग होता है। मादा भृंग सड़ती हुई गोबर की खाद के गड्ढों (Manure pits) और सड़े हुए ताड़ के तनों में अंडे देती है जहाँ ‘C’ आकार के ग्रब गोबर खाकर बड़े होते हैं (ग्रब पेड़ को नुकसान नहीं करते)। क्षति के लक्षण: केवल वयस्क भृंग रात में उड़कर नारियल के मुकुट में बंद केंद्रीय गोभ (Spindle leaf) को छेदकर काटता है। जब वह गोभ पत्ती बड़ी होकर खुलती है, तो पर्णक कैंची से कटे जैसे पंखे या अंग्रेजी के ‘V’ (हीरे/Diamond) के आकार में कटे दिखाई देते हैं।
2. नारियल के गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) के समन्वित प्रबंधन (विशेषकर जैविक नियंत्रण) के उपाय लिखिए।
उत्तर: (1) यांत्रिक उपाय: पेड़ के मुकुट के छेद में लोहे की सलाई (Beetle hook) डालकर भृंग को बाहर खींचकर मारना तथा पत्तियों के कक्ष में रेत + नीम खली (250 g) या 3 नैफ्थलीन गोलियाँ रखना। (2) गोबर के गड्ढों का कवक उपचार: बाग के आसपास सभी खाद गड्ढों में हरा मस्कर्डाइन कवक Metarhizium anisopliae छिड़कना ताकि ग्रब मर जाएँ। (3) विषाणु विमोचन: प्रति हेक्टेयर 10–15 वयस्क भृंगों को Oryctes rhinoceros nudivirus (Baculovirus) से संक्रमित कर बाग में छोड़ना जो अन्य भृंगों व ग्रबों में रोग फैला देते हैं। (4) फेरोमोन पाश: बाग में ‘राइनोल्यूर’ (Rhinolure) पाश लगाना।
3. नारियल के लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus) की क्षति की प्रकृति और इसके प्रबंधन (तना इंजेक्शन व फेरोल्यूर) को समझाइए।
उत्तर: क्षति की प्रकृति: मादा लाल ताड़ घुन तने पर गैंडा भृंग द्वारा बनाए गए या पत्ती काटने के ताजे घावों में 200–300 अंडे देती है। अंडों से निकले पैर-रहित मांसल ग्रब तने के अंदर घुसकर कोमल ऊतकों को खाकर तना खोखला कर देते हैं। तने के छेदों से गाढ़ा लाल-भूरा चिपचिपा द्रव बाहर रिसता है, तने से कान लगाने पर चबाने की ‘कुर-कुर’ आवाज आती है और अंततः मुकुट टूटकर पेड़ मर जाता है। प्रबंधन: (1) हरी पत्ती काटते समय तने से 1.2 मीटर लंबा डंठल छोड़कर काटना; (2) फेरोल्यूर (Ferrolure) बाल्टी पाश लगाना; और (3) ग्रसित तने के निचले छेद बंद कर ऊपरी छेद में ड्रिल से 45° कोण पर इमिडाक्लोप्रिड (10 mL/L) का तना इंजेक्शन (Trunk injection) देकर सीमेंट से बंद करना।
4. सेब के ऊनी माहू (Eriosoma lanigerum) के द्वि-आवास जीवन चक्र, क्षति लक्षणों और प्रबंधन का वर्णन कीजिए।
उत्तर: द्वि-आवास चक्र व क्षति: सेब का ऊनी माहू सफेद रुई जैसे मोमी धागों से ढका रहता है। यह गर्मियों (अप्रैल–अक्टूबर) में पेड़ के ऊपरी तने व टहनियों पर और सर्दियों (नवंबर–फरवरी) में जमीन के नीचे जड़ों पर चला जाता है। इसके रस चूसने और विषैली लार छोड़ने से सेब की टहनियों और भूमिगत जड़ों दोनों पर बड़ी-बड़ी लकड़ी जैसी गाँठें (Galls/Knots) बन जाती हैं जिससे पौधे सूख जाते हैं। प्रबंधन: (1) ऊनी माहू-प्रतिरोधी Malling-Merton (MM-106, MM-111, M-793) मूलवृंतों का उपयोग; (2) अंतःपरजीवी ततैया Aphelinus mali का संरक्षण व विमोचन; और (3) सर्दियों में जड़ों में क्लोरपायरीफॉस ड्रेन्चिंग व गर्मियों में इमिडाक्लोप्रिड (0.4 mL/L) का स्प्रे।
5. नारियल की काली सिर वाली इल्ली (Opisina arenosella) और सेब के सैन जोस स्केल (Quadraspidiotus perniciosus) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: (1) नारियल की काली सिर वाली इल्ली (Opisina arenosella — Oecophoridae): इसकी इल्लियाँ निचली पत्तियों के नीचे रेशम और विष्ठा की सुरंगों में रहकर हरा भाग खाती हैं जिससे पेड़ झुलसे हुए दिखते हैं। नियंत्रण हेतु जड़ से कीटनाशक पिलाना (Root feeding) और लार्वा परजीवी Goniozus nephantidis व Bracon brevicornis छोड़ना अत्यंत सफल है। (2) सेब का सैन जोस स्केल (Quadraspidiotus perniciosus — Diaspididae): टहनियों व फलों पर राख जैसी पपड़ी व लाल धब्बे बनाता है; नियंत्रण हेतु सर्दियों में सुप्तावस्था तेल (Dormant horticultural mineral oil @ 2%) का स्प्रे और परजीवी Encarsia perniciosi प्रयुक्त होता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. नारियल के दो सबसे विनाशकारी भृंग नाशीकीटों—गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros) और लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus)—के वैज्ञानिक नाम, कुल, गण, जीवन चक्र, पारस्परिक संबंध, क्षति लक्षण और समन्वित प्रबंधन (IPM) का सारणीबद्ध वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तुलनात्मक सारणी 24.1, प्रवाह चित्र और दोनों कीटों के प्रजनन स्थलों, हानिकारक अवस्थाओं (‘V’ कट बनाम तना खोखला होना), जैविक नियंत्रण (Metarhizium व Baculovirus), फेरोमोन पाश (Rhinolure व Ferrolure) और तना इंजेक्शन की विस्तृत व्याख्या करें।
2. शीतोष्ण फल सेब (Apple) के प्रमुख नाशीकीट ‘सेब के ऊनी माहू’ (Eriosoma lanigerum) के साथ-साथ ‘सैन जोस स्केल’ (Quadraspidiotus perniciosus) और ‘कॉडलिंग मॉथ’ (Cydia pomonella) की पहचान, क्षति की प्रकृति और समन्वित प्रबंधन (विशेषकर Aphelinus mali और MM-मूलवृंतों की भूमिका) का वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तीनों सेब कीटों का जीवविज्ञान, ऊनी माहू का वायवीय-भूमिगत प्रवास, तने व जड़ की गाँठें, Aphelinus mali व Encarsia perniciosi परजीवी, MM-106/MM-111 मूलवृंत, सुप्तावस्था तेल स्प्रे और लद्दाख संगरोध का विस्तार से वर्णन करें।
3. रोपण फसल नारियल जैसे 15–20 मीटर ऊँचे पेड़ों में सामान्य स्प्रेयर से छिड़काव करना असंभव होता है; ऐसी स्थिति में ‘प्रजनन-स्थल कवक/विषाणु उपचार’, ‘रूट फीडिंग (Root feeding)’ और ‘ट्रंक इंजेक्शन (Trunk injection)’ किस प्रकार कार्य करते हैं? विधि सहित समझाइए।
उत्तर रूपरेखा: गोबर गड्ढों में Metarhizium उपचार, तना इंजेक्शन (45° कोण पर ड्रिल कर दवा भरना व सीमेंट लगाना) और रूट फीडिंग (पेंसिल जितनी मोटी सक्रिय जड़ को तिरछा काटकर 10 mL दवा + 10 mL पानी की पॉलीथीन थैली में डुबोना तथा 45 दिन तक फल न तोड़ने की सावधानी) का सचित्र/चरणबद्ध वर्णन करें।

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