ENT 311 Lecture 13: सोयाबीन एवं तिल के प्रमुख नाशीकीट: गर्डल बीटल एवं पत्ती व कैप्सूल छेदक

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 13: सोयाबीन एवं तिल के प्रमुख नाशीकीट: गर्डल बीटल एवं पत्ती व कैप्सूल छेदक
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 13)
सोयाबीन का चक्र भृंग (Oberea brevis — ‘दो समानांतर छल्ले / Two Parallel Rings’) एवं तिल का पत्ती व कैप्सूल छेदक (Antigastra catalaunalis)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- सोयाबीन के सबसे विशिष्ट नाशीकीट ‘चक्र भृंग / गर्डल बीटल’ (Soybean Girdle Beetle — Obereopsis [Oberea] brevis; कुल Cerambycidae, गण Coleoptera) की मादा भृंग द्वारा तने या पर्णवृंत पर ‘दो समानांतर छल्ले’ (Two parallel girdles/rings) बनाने के अनूठे अंडरोपण व्यवहार, जीवन चक्र और प्रबंधन को समझना।
- सोयाबीन के अन्य प्रमुख कीटों—तना मक्खी (Melanagromyza sojae), हरी अर्ध-कुंडلك इल्ली (Green semilooper — Chrysodeixis acuta) और तंबाकू इल्ली (Spodoptera litura)—का पूरक अध्ययन करना।
- तिल (Sesamum indicum) के सबसे मुख्य नाशीकीट ‘पत्ती लपेटक एवं फली/कैप्सूल छेदक’ (Sesame Leaf Webber and Capsule Borer — Antigastra catalaunalis; कुल Crambidae/Pyralidae, गण Lepidoptera) की तीनों अवस्थाओं (पत्ती जाला, फूल भक्षण व कैप्सूल छेदन) में क्षति और प्रबंधन को जानना।
- तिल के दो अन्य विशिष्ट कीटों—तिल की गॉल मक्खी (Asphondylia sesami) और तिल के हॉक मॉथ / डेथ्स हेड मॉथ (Acherontia styx)—के मुख्य लक्षणों को कंठस्थ करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): खरीफ ऋतु की दो प्रमुख तिलहनी फसलें—सोयाबीन (Glycine max — मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व राजस्थान में प्रमुख) और तिल (Sesamum indicum — ‘तिलहनों की रानी’, पश्चिमी राजस्थान व गुजरात में प्रमुख)—अपने दो अत्यंत विशिष्ट नाशीकीटों के लिए जानी जाती हैं। सोयाबीन में ‘चक्र भृंग / गर्डल बीटल’ (Obereopsis brevis) तने या पत्ती के डंठल पर चाकू से कटे जैसे दो गोल छल्ले (Two parallel rings) बना देता है जिससे ऊपर की तीनों पत्तियाँ (Trifoliate leaf) सूखकर लटक जाती हैं।
वहीं तिल में अंकुरण के 15 दिन बाद से लेकर फली (Capsule) पकने तक ‘तिल का पत्ती लपेटक एवं कैप्सूल छेदक’ (Antigastra catalaunalis) पौधे की ऊपरी कोमल पत्तियों को रेशमी धागे से लपेटकर गुच्छा बना देता है और फलियों के अंदर के दाने खाकर 40–70% तक उपज नष्ट कर देता है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. सोयाबीन का चक्र भृंग / गर्डल बीटल (Soybean Girdle Beetle — Obereopsis brevis)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Obereopsis brevis (पर्याय: Oberea brevis) | कुल: Cerambycidae (Long-horned beetles) | गण: Coleoptera।
- पहचान:
- वयस्क भृंग: पीले-भूरे से नारंगी-लाल रंग का लंबा संकरा भृंग (8–10 mm) जिसके अग्र-पंखों (Elytra) का पिछला आधा हिस्सा काला होता है और जिसके एंटीना शरीर के बराबर या उससे भी लंबे (Long antennae) होते हैं।
- ग्रब (Larva): पैर-रहित (Apodous), पीला-सफेद बेलनाकार ग्रब जिसका सिर गहरा भूरा होता है।
- जीवविज्ञान एवं ‘दोहरे छल्ले’ (Double Girdle) बनाने का अनूठा व्यवहार:
- जुलाई-अगस्त में मादा भृंग सोयाबीन के मुख्य तने, शाखा या तिपतिया पत्ती के डंठल (Petiole) को चुनती है और अपने मजबूत जबड़ों से 3 से 7 cm की दूरी पर दो समानांतर गोल छल्ले (Two parallel rings/girdles) काट देती है।
- इन दोनों छल्लों के बीच में निचले छल्ले के पास वह आसपास 3 छोटे छिद्र (Three punctures) करती है और बीच वाले छिद्र में 1 पीला लंबा अंडा रख देती है।
- अंडे से 4–5 दिन में निकला ग्रब पहले पर्णवृंत को खोखला करता हुआ मुख्य तने के अंदर घुस जाता है और तने के मज्जा (Pith) को खाता हुआ जड़ तक सुरंग बना देता है।
- कटाई से ठीक पहले ग्रब तने को अंदर से काटकर जमीन से 15–25 cm की ऊँचाई पर एक खोखली नली (Cut-off tunnel) में बंद होकर पूरी सर्दी व गर्मी सुप्तावस्था (Diapause) में बिताता है।
- क्षति के विशिष्ट लक्षण (ETL: 5–10% ग्रसित पौधे):
- खेत में दूर से ही सोयाबीन के पौधों के ऊपरी सिरे या तिपतिया पत्तियाँ अचानक मुरझाकर सूखी और नीचे लटकी हुई (Drooping and withered trifoliate leaves above the girdle) दिखाई देती हैं।
- तने के खोखला होने से फलियाँ खाली रह जाती हैं और कटाई से पहले पौधा निचले छल्ले के पास से टूटकर गिर जाता है (75% तक उपज हानि)।
- गर्डल बीटल का समन्वित प्रबंधन (IPM):
- सस्य एवं यांत्रिक उपाय (सबसे प्रभावी!): ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई; कटाई जमीन के बिल्कुल पास से करना और ठूँठों को जलाना; तथा खेत में घूमकर प्रारंभिक अवस्था में मुरझाए और लटके हुए पर्णवृंतों/शीर्ष भागों को दोनों छल्लों के ठीक नीचे से तोड़कर (जब ग्रब अभी डंठल में ही हो) खेत से बाहर नष्ट करना।
- रासायनिक नियंत्रण:
• बुवाई से पूर्व थायोमेथोक्साम 30% FS (@ 10 mL/kg बीज) से बीज उपचार (जो तना मक्खी Melanagromyza sojae से भी बचाता है)।
• खड़ी फसल में छल्ले दिखते ही थायोक्लोप्रिड 21.7% SC (Thiacloprid — ‘Alanto’ @ 650–750 mL/ha) या प्रोफेनोफॉस 50% EC (@ 1.25 L/ha) या ट्रायजोफॉस 40% EC (@ 800 mL/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (@ 150 mL/ha) या पूर्व-मिश्रित बीटा-साइफ्लुथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड (Solomon 300 OD @ 350 mL/ha) का छिड़काव।
2. तिल का पत्ती लपेटक एवं फली/कैप्सूल छेदक (Sesame Leaf Webber and Capsule Borer — Antigastra catalaunalis)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Antigastra catalaunalis | कुल: Crambidae (Pyralidae) | गण: Lepidoptera।
- पहचान एवं जीवविज्ञान:
- वयस्क पतंगा: हल्का लाल-भूरा या नारंगी-पीला छोटा पतंगा जिसके अग्र-पंखों पर लाल-भूरी टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएँ होती हैं।
- इल्ली (Caterpillar): हल्के हरे रंग की इल्ली जिसके शरीर पर छोटे-छोटे काले बिंदु (Black dots/tubercles with short hairs) और काला सिर होता है। इल्ली लिपटी हुई पत्तियों के अंदर या गिरी हुई पत्तियों में सफेद रेशमी कोकून में प्यूपा बनाती है।
- तीन अवस्थाओं में क्षति की प्रकृति (ETL: 1–2 इल्ली/पौधा या 10% जाला युक्त पौधे):
- वानस्पतिक अवस्था (15–30 DAS — Leaf Webbing): इल्ली पौधे की सबसे ऊपरी 2–4 कोमल पत्तियों को रेशमी धागे से लपेटकर जाला (Web) बना लेती है और अंदर रहकर पत्तियाँ खाती है जिससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है।
- पुष्पन अवस्था (Flowering Stage): इल्ली फूल के अंदर घुसकर उसके प्रजनन अंगों को खा जाती है जिससे फूल बिना फली बने झड़ जाते हैं।
- फली/कैप्सूल अवस्था (Capsule Boring Stage): इल्ली हरी फलियों (Capsules) में गोल छेद कर अंदर घुस जाती है और विकसित हो रहे तिल के सारे दाने खाकर खोखली फली में काली विष्ठा भर देती है।
- समन्वित प्रबंधन (IPM for Sesame Leaf Webber & Capsule Borer):
- सस्य एवं यांत्रिक उपाय: मानसून आते ही जुलाई के प्रथम सप्ताह में अगेती बुवाई; तिल के साथ मूंग, मोठ या अरहर की अंतःफसल उगाना; तथा शुरुआती अवस्था में जाले से बंधी हुई शीर्ष पत्तियों (Webbed leaves) को इल्ली सहित हाथ से तोड़कर नष्ट करना।
- जैविक एवं वानस्पतिक नियंत्रण: अंड परजीवी Trichogramma chilonis और लार्वा परजीवी Bracon hebetor व Trathala flavoorbitalis का संरक्षण तथा बुवाई के 30 व 45 दिन पर 5% नीम निंबोली अर्क (NSKE 5%) का स्प्रे।
- रासायनिक नियंत्रण:
• स्पाइनोसैड 45% SC (@ 150 mL/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (@ 125–150 mL/ha) या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG (@ 200 g/ha) या क्विनालफॉस 25% EC (@ 1.25 L/ha) या लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन 5% EC (@ 300 mL/ha) का दो बार (कली अवस्था व कैप्सूल अवस्था पर) छिड़काव।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
सोयाबीन एवं तिल के अन्य महत्वपूर्ण नाशीकीटों का परीक्षा सारांश:
- सोयाबीन की तना मक्खी (Soybean Stem Fly — Melanagromyza sojae; Agromyzidae, Diptera): मैगट पत्ती से होते हुए तने के मज्जा (Pith) में लाल-भूरी सुरंग बनाता है (ऊपर से छल्ले नहीं बनते); नियंत्रण: थायोमेथोक्साम 30 FS (@ 10 mL/kg) बीज उपचार।
- तिल की गॉल मक्खी (Sesame Gall Fly — Asphondylia sesami; Cecidomyiidae, Diptera): फूल की कलियाँ कैप्सूल बनने के बजाय मटर/बेर जैसी गोल गाँठ (Floral gall) बन जाती हैं।
- तिल का हॉक मॉथ / स्फिंक्स पतंगा (Acherontia styx; Sphingidae, Lepidoptera): उदर के 8वें खंड पर पीछे मुड़े सींग (Anal horn) वाली विशाल हरी इल्ली जो पूरी पत्तियाँ खा जाती है।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘छल्ला-कर्तन यांत्रिक निदान’ का सिद्धांत (Principle of Early Girdle Pinching in Soybean): गर्डल बीटल का ग्रब अंडे से निकलने के बाद पहले 7–10 दिनों तक मुरझाई हुई पत्ती के डंठल (Petiole) के अंदर ही रहता है और उसके बाद ही मुख्य तने में प्रवेश करता है। अतः मुरझाई पत्ती दिखते ही उसे छल्ले के नीचे से तोड़कर हटा देने से मुख्य तना और पूरा पौधा बच जाता है!
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
क्षेत्रीय निदान उदाहरण: सोयाबीन में ‘गर्डल बीटल’ और ‘तना मक्खी’ की क्षति में अंतर
1. यदि सोयाबीन के तने या पत्ती के डंठल पर बाहरी रूप से 3–7 cm दूरी पर दो समानांतर कटे हुए गोल छल्ले (Two parallel rings) और उनके बीच 3 छिद्र दिखें तथा छल्ले के ऊपर का भाग मुरझाकर लटक जाए यह गर्डल बीटल (Obereopsis brevis — Coleoptera) है।
2. यदि तने पर बाहर कोई छल्ला न दिखे, किंतु तने को बीच से चीरने पर अंदर का मज्जा (Pith) ऊपर से नीचे तक लाल-भूरा खोखला मिले और अंदर छोटा मैगट/प्यूपा मिले यह सोयाबीन तना मक्खी (Melanagromyza sojae — Diptera) है।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 13.1: सोयाबीन का गर्डल बीटल बनाम तिल का पत्ती लपेटक एवं कैप्सूल छेदक
| तुलना का आधार | सोयाबीन का गर्डल बीटल (Girdle Beetle) | तिल का पत्ती व कैप्सूल छेदक (Leaf & Capsule Borer) |
|---|---|---|
| 1. वैज्ञानिक नाम | Obereopsis (Oberea) brevis | Antigastra catalaunalis |
| 2. गण एवं कुल | Coleoptera : Cerambycidae | Lepidoptera : Crambidae (Pyralidae) |
| 3. मुख्य परपोषी फसल | सोयाबीन (एवं मूंग, उड़द, लोबिया) | तिल (Sesamum indicum) |
| 4. हानिकारक अवस्था | मादा भृंग (छल्ले बनाती है) एवं पैर-रहित ग्रब (तने में सुरंग) | काले बिंदुओं वाली हरी इल्ली (Caterpillar) |
| 5. विशिष्ट क्षति पहचान | तने/डंठल पर दो समानांतर छल्ले (Two parallel rings) व ऊपर की पत्ती का सूखकर लटकना | ऊपरी कोमल पत्तियों को रेशम से लपेटकर जाला बनाना व कैप्सूल में गोल छेद करना |
| 6. प्रमुख प्रबंधन | ग्रसित भाग तोड़कर नष्ट करना, थायोमेथोक्साम बीज उपचार, थायोक्लोप्रिड/प्रोफेनोफॉस स्प्रे | जाला युक्त पत्तियाँ तोड़ना, NSKE 5%, स्पाइनोसैड / क्लोरेंट्रानिलीप्रोल / क्विनालफॉस स्प्रे |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
सोयाबीन एवं तिल में आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) एवं बीज उपचार मानक
- 1. सोयाबीन में गर्डल बीटल का ETL:
- 2. सोयाबीन में तना मक्खी व गर्डल बीटल हेतु बीज उपचार:
- 3. तिल में पत्ती व कैप्सूल छेदक का ETL:
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Cerambycidae, गण: Coleoptera (लंबे एंटीना वाला भृंग)
- मादा तने/पर्णवृंत पर 3-7 cm दूरी पर ‘दो समानांतर छल्ले’ बनाती है
- छल्लों के बीच 3 छिद्र कर बीच वाले छिद्र में 1 अंडा देती है
- ग्रब तने को खोखला करता है; ऊपरी तिपतिया पत्ती सूखकर लटक जाती है
- थायोमेथोक्साम 30 FS (@ 10 mL/kg बीज) से बीज उपचार
- लटके हुए पर्णवृंतों को छल्ले के नीचे से तोड़कर नष्ट करना
- स्प्रे: थायोक्लोप्रिड 21.7 SC, प्रोफेनोफॉस, Solomon या Coragen
- सोयाबीन तना मक्खी: Melanagromyza sojae (Agromyzidae)
- कुल: Crambidae, गण: Lepidoptera | तिल का सबसे मुख्य कीट
- इल्ली: हरी जिस पर छोटे काले बिंदु होते हैं
- क्षति के 3 रूप: (1) शीर्ष पत्ती जाला, (2) फूल भक्षण, (3) कैप्सूल छेदन
- प्रबंधन: जाला तोड़ना, NSKE 5%, स्पाइनोसैड / Coragen / क्विनालफॉस
- तिल की गॉल मक्खी: Asphondylia sesami (Cecidomyiidae — कली की गाँठ)
- तिल का हॉक मॉथ / डेथ्स हेड मॉथ: Acherontia styx (Sphingidae)
- हॉक मॉथ इल्ली के 8वें उदरीय खंड पर पीछे मुड़ा सींग (Anal horn)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- सोयाबीन के तने या पत्ती के डंठल पर ‘दो समानांतर छल्ले’ (Two parallel rings/girdles) बनाकर उनके बीच अंडा देना गर्डल बीटल ‘Obereopsis (Oberea) brevis’ (कुल Cerambycidae, गण Coleoptera) का अद्वितीय लक्षण है।
- सोयाबीन की तना मक्खी का वैज्ञानिक नाम ‘Melanagromyza sojae’ (कुल Agromyzidae, गण Diptera) है जिसकी रोकथाम हेतु थायोमेथोक्साम 30 FS (@ 10 mL/kg बीज) से बीज उपचार किया जाता है।
- तिल (Sesamum) का सबसे गंभीर नाशीकीट ‘तिल का पत्ती लपेटक एवं कैप्सूल छेदक’ (Antigastra catalaunalis; कुल Crambidae, गण Lepidoptera) है।
- तिल में फूल की कलियों को कैप्सूल बनने के बजाय गोल गाँठों (Floral bud galls) में बदलने वाली मक्खी ‘Asphondylia sesami’ (कुल Cecidomyiidae) है।
- तिल के ‘डेथ्स-हेड हॉक मॉथ’ (Acherontia styx; कुल Sphingidae) की इल्ली के उदर के आठवें खंड के पृष्ठ भाग पर एक मुड़ा हुआ सींग (Anal horn) होता है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- सोयाबीन गर्डल बीटल (Obereopsis brevis): Coleoptera: Cerambycidae; दो समानांतर छल्ले; ग्रब तने में सुरंग बनाता है; नियंत्रण: ग्रसित भाग तोड़ना, थायोमेथोक्साम बीज उपचार, थायोक्लोप्रिड/प्रोफेनोफॉस/Coragen स्प्रे।
- सोयाबीन तना मक्खी: Melanagromyza sojae (Diptera: Agromyzidae)।
- तिल का पत्ती व कैप्सूल छेदक (Antigastra catalaunalis): Lepidoptera: Crambidae; शीर्ष पत्तियों का जाला व कैप्सूल छेदन; नियंत्रण: जाला तोड़ना, NSKE 5%, स्पाइनोसैड, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, क्विनालफॉस।
- तिल के अन्य कीट: गॉल मक्खी (Asphondylia sesami), हॉक मॉथ (Acherontia styx)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- सोयाबीन के तने/डंठल पर ‘दो समानांतर छल्ले’ (Two parallel rings) बनाना गर्डल बीटल (Obereopsis brevis; कुल Cerambycidae) की मुख्य पहचान है।
- सोयाबीन की तना मक्खी का वैज्ञानिक नाम ‘Melanagromyza sojae’ (कुल Agromyzidae) है।
- तिल का सबसे प्रमुख नाशीकीट ‘पत्ती लपेटक एवं कैप्सूल छेदक’ (Antigastra catalaunalis; कुल Crambidae) है।
- तिल में फूल की कली को गाँठ (Bud gall) में बदलने वाली मक्खी ‘Asphondylia sesami’ (Cecidomyiidae) है।
- तिल के डेथ्स-हेड हॉक मॉथ (Acherontia styx; कुल Sphingidae) की इल्ली के पीछे मुड़ा हुआ सींग (Anal horn) होता है।





