ENT 311 Lecture 11: दलहनी फसलों के प्रमुख नाशीकीट: चने की फली छेदक (Gram Pod Borer) एवं कटुआ इल्ली (Cutworm)

ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 11: दलहनी फसलों के प्रमुख नाशीकीट: चने की फली छेदक (Gram Pod Borer) एवं कटुआ इल्ली (Cutworm)
चित्रमय कीट पहचान एवं क्षति आरेख (Visual Identification — Lecture 11)
चने का फली छेदक (Helicoverpa armigera — आधा शरीर फली के अंदर व आधा बाहर) एवं कटुआ इल्ली (Agrotis ipsilon)
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- चने और अरहर की फली छेदक इल्ली (Gram Pod Borer — Helicoverpa [Heliothis] armigera; कुल Noctuidae, गण Lepidoptera) की बहुरंगी पहचान, जीवन चक्र, स्व-भक्षण (Cannibalism) और विशिष्ट भक्षण मुद्रा (आधा शरीर फली के अंदर और आधा बाहर रखकर गोल छेद बनाना) को समझना।
- चने की फली छेदक के आदर्श जैव-सघन IPM पैकेज (गहरी जुताई, चना+धनिया/सरसों अंतःफसल, फेरोमोन ट्रैप Helilure @ 5/ha, 20–25 T-खूँटियाँ/ha, HaNPV @ 250 LE/ha + नील/गुड़ एवं इमामेक्टिन बेंजोएट/क्लोरेंट्रानिलीप्रोल) का अध्ययन करना।
- चने की कटुआ इल्ली (Gram Cutworm — Agrotis ipsilon; कुल Noctuidae, गण Lepidoptera) के रात्रिचर (Nocturnal) व्यवहार, पौधों को जमीन की सतह से काटने, दिन में मिट्टी की दरारों में छुपने (छूने पर ‘C’ जैसा कुंडलित होने) और बाढ़/दियारा भूमि में इसके प्रकोप को समझना।
- अरहर की प्लूम मॉथ (Exelastis atomosa), पॉड फ्लाई (Melanagromyza obtusa) और चित्तीदार फली छेदक (Maruca vitrata) से तुलनात्मक पहचान करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): भारत विश्व का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक और उपभोक्ता देश है, किंतु चना (Chickpea — Cicer arietinum) और अरहर (Pigeonpea — Cajanus cajan) में केवल नाशीकीटों के कारण प्रतिवर्ष 30% से 50% तक उपज नष्ट हो जाती है। दलहनी फसलों का सबसे बड़ा राष्ट्रीय शत्रु ‘चने की फली छेदक इल्ली’ (Gram Pod Borer — Helicoverpa armigera) है। इसकी एक अकेली इल्ली अपने जीवनकाल में नष्ट होने से पहले 30 से 40 चने की फलियों (Pods) को छेदकर उनके दाने खा जाती है!
दूसरी ओर, अंकुरण और वानस्पतिक अवस्था (विशेषकर निचली नमी वाली व बाढ़ के पानी के उतरने के बाद बोई जाने वाली ताल/दियारा भूमि) में ‘कटुआ इल्ली’ (Cutworm — Agrotis ipsilon) रात के अंधेरे में निकलकर कोमल पौधों के तनों को जमीन की सतह से आरी की तरह काटकर गिरा देती है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. चने की फली छेदक इल्ली (Gram Pod Borer / American Bollworm — Helicoverpa armigera)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Helicoverpa armigera (पूर्व नाम: Heliothis armigera) | कुल: Noctuidae | गण: Lepidoptera।
- परपोषी पौधे (अत्यंत बहुभक्षी — >180 पादप प्रजातियाँ): चना, अरहर, मटर, मूंग, उड़द, कपास, टमाटर, ज्वार, मक्का, सूरजमुखी और भिंडी।
- पहचान एवं जीवविज्ञान (Biology — पूर्ण कायांतरण):
- वयस्क पतंगा: पीले-भूरे से जैतूनी भूरे रंग का मजबूत पतंगा जिसके अग्र-पंखों पर एक गहरा गुर्दे जैसा धब्बा और पिछले पंखों के बाहरी किनारे पर चौड़ी काली पट्टी होती है।
- अंडरोपण (Single Sculptured Eggs): मादा पतंगा कोमल पत्तियों, कलियों और फूलों पर एक-एक करके (Singly) खरबूजे जैसी धारियों वाले पीले-सफेद गोल अंडे (कुल 500–1000 अंडे) देती है।
- इल्ली (Caterpillar): रंग में अत्यधिक परिवर्तनशील (हरी, पीली, गुलाबी से भूरी) जिसके शरीर के दोनों पार्श्वों (Sides) पर लहरदार हल्की सफेद-पीली धारी (Broken lateral whitish stripes) होती है। 14–20 दिन में पूर्ण विकसित होकर यह मिट्टी में 5–10 cm नीचे मिट्टी की कोठरी में प्यूपा (Pupation in soil) बनाती है।
- क्षति की प्रकृति एवं विशिष्ट पहचान चिह्न:
- छोटी इल्लियाँ चने की कोमल पत्तियों के हरे भाग को खुरचकर खाती हैं (परंतु चने की पत्तियों पर मैलिक और ऑक्जेलिक अम्ल की खटास के कारण इसके परजीवी कम आते हैं)।
- फूल और फली बनने पर इल्ली फली में एकदम गोल छेद (Circular bore hole) बनाती है और अपना सिर व आगे का आधा शरीर फली के अंदर घुसाकर तथा पीछे का आधा शरीर बाहर रखकर अंदर के सारे दाने खा जाती है।
- एक इल्ली अपने जीवनकाल में 30 से 40 फलियों को नष्ट कर देती है।
- फली छेदक का समन्वित प्रबंधन (Bio-Intensive IPM — ETL: 1–2 इल्ली प्रति मीटर कतार या 5–10% क्षतिग्रस्त फलियाँ):
- सस्य उपाय: ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई (मिट्टी में प्यूपा नष्ट करने हेतु); अक्टूबर के मध्य में अगेती बुवाई; तथा चने के साथ धनिया (Coriander), सरसों या अलसी की अंतःफसल (10:2 अनुपात) उगाना (धनिया के फूल परजीवी ततैया और परभक्षी कीटों को आकर्षित करते हैं)।
- यांत्रिक एवं व्यवहारिक उपाय:
- बुवाई के 25–30 दिन बाद खेत में कीटभक्षी पक्षियों (मैना, बुलबुल, ड्रोंगो — Black Drongo) के बैठने हेतु 20 से 25 ‘T-आकार की बांस की खूँटियाँ’ (Bird perches @ 20–25/ha) लगाना (फूल व फली बनने के बाद खूँटियाँ हटा लें ताकि पक्षी दाने न खाएँ)।
- निगरानी हेतु 5 फेरोमोन पाश प्रति हेक्टेयर (Helilure @ 5 traps/ha) लगाना (जब लगातार 3 रातों तक 4–5 पतंगे प्रति ट्रैप मिलें तो नियंत्रण शुरू करें)।
- चने की अगेती वानस्पतिक अवस्था में ऊपरी कोपलों की तुड़ाई (Nipping at 30–40 DAS) करने से शाखाएँ बढ़ती हैं और उन कोपलों पर दिए गए अंडे भी हट जाते हैं।
- जैविक एवं वानस्पतिक नियंत्रण:
- फूल आने की शुरुआत पर 5% नीम निंबोली अर्क (NSKE 5%) या अजाडिराक्टिन 1500 ppm का स्प्रे।
- छोटी इल्लियों (1st–2nd instar) पर HaNPV @ 250 LE/ha () + 0.5% गुड़ + 0.1% नील (Robin Blue — UV रक्षक) का शाम के समय छिड़काव या Bacillus thuringiensis (Bt @ 1.0–1.5 kg/ha) तथा लार्वा परजीवी Campoletis chlorideae का संरक्षण।
- रासायनिक नियंत्रण (जब आबादी ETL पार कर जाए):
• इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG (Proclaim @ 220 g/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (Coragen @ 125–150 mL/ha) या स्पाइनोसैड 45% SC (@ 150 mL/ha) या इंडोक्साकार्ब 14.5% SC (@ 400–500 mL/ha) या फ्लूबेंडियामाइड 39.35% SC (@ 100 mL/ha)।
2. चने की कटुआ इल्ली (Gram Cutworm / Greasy Cutworm — Agrotis ipsilon)
- वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Agrotis ipsilon (एवं Agrotis flammatra) | कुल: Noctuidae | गण: Lepidoptera।
- परपोषी एवं पारिस्थितिकी: चना, मसूर, मटर, आलू, तंबाकू, गोभी और गेहूँ। यह मुख्यतः नदियों के किनारे की बाढ़-प्रभावित ‘ताल’ या ‘दियारा’ भूमि (Low-lying flooded areas like Mokama Tal in Bihar & eastern UP) में रबी बुवाई के समय भारी तबाही मचाता है।
- पहचान एवं रात्रिचर जीवविज्ञान:
- इल्ली: चिकनी, तैलीय या चिकनाई युक्त गहरे भूरे-काले रंग की इल्ली (40–45 mm लंबी) जो छूने पर तुरंत कुंडली मारकर ‘C’ या छल्ले के आकार में मुड़ जाती है।
- रात्रिचर स्वभाव (Nocturnal Habit): इल्लियाँ दिन के समय पौधे के पास मिट्टी की दरारों या ढेलों के नीचे 3–5 cm गहराई पर छिपी रहती हैं और केवल रात में बाहर निकलकर पौधों को काटती हैं तथा कटे हुए टुकड़ों को अपने बिल में खींच ले जाती हैं। प्यूपा भी मिट्टी में बनता है।
- क्षति के विशिष्ट लक्षण: सुबह खेत में जाने पर चने के नए उगे पौधे या कोमल शाखाएँ जमीन की सतह के ठीक बराबर से (At ground level) आरी से कटी हुई और मुरझाई हुई पड़ी मिलती हैं तथा पास की मिट्टी खोदने पर काली कुंडलित इल्ली मिलती है।
- कटुआ इल्ली का समन्वित प्रबंधन (IPM):
- सस्य एवं भौतिक उपाय: बुवाई से पूर्व जुताई कर मिट्टी के ढेले तोड़ना; प्रभावित खेत में सिंचाई करना (पानी भरने से दरारों में छिपी इल्लियाँ दम घुटने के डर से बाहर निकल आती हैं जिन्हें पक्षी खा जाते हैं); तथा खेत में जगह-जगह हरी घास की छोटी ढेरियाँ (Grass heaps) रखना जिनके नीचे सुबह छिपी इल्लियों को इकट्ठा कर नष्ट करना।
- विष-चारा (Poison Baiting — शाम के समय बिखेरें): गेहूँ का चोकर + गुड़ + मैलाथियान या क्लोरपायरीफॉस या थायोडिकार्ब को थोड़े पानी में मिलाकर गोलियाँ बनाकर शाम को पौधों के पास बिखेरना।
- रासायनिक नियंत्रण: शाम के समय पौधों के आधार और मिट्टी पर क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 2.0 L/ha) का छिड़काव या क्विनालफॉस 1.5% DP (@ 25 kg/ha) का भुरकाव।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
दलहनी फसलों के अन्य प्रमुख फली छेदकों की तुलनात्मक परीक्षा पहचान (Other Pulse Pod Borers):
- 1. अरहर की प्लूम मॉथ (Redgram Plume Moth — Exelastis atomosa; Pterophoridae, Lepidoptera): पतंगे के पंख पक्षी के पंखों जैसे कटे हुए (Plume-like) होते हैं; छोटी हरी काँटेदार इल्ली फली के बाहर रहकर दाने के ठीक ऊपर छेद करती है।
- 2. अरहर की फली मक्खी (Tur Pod Fly — Melanagromyza obtusa; Agromyzidae, Diptera): फली के बाहर कोई छेद नहीं दिखता (केवल वयस्क निकलने पर पिन जैसा छेद बनता है) और अंदर के दाने सिकुड़े व धारियों वाले हो जाते हैं।
- 3. चित्तीदार फली छेदक (Spotted Pod Borer — Maruca vitrata / M. testulalis; Crambidae): फूलों, कलियों और फलियों को रेशमी जाल (Webbing) से जोड़कर अंदर खाता है।
- 4. मटर व मसूर की नीली तितली (Blue Butterfly — Lampides boeticus; Lycaenidae)।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘HaNPV का सायंकालीन एवं UV-संरक्षित छिड़काव’ का सिद्धांत (Principle of Evening Application of HaNPV with UV-Screen): HaNPV विषाणु सूर्य की तेज पराबैंगनी (UV) किरणों से 2–3 घंटे में निष्क्रिय हो जाता है और चने की पत्तियों के अम्लीय स्राव (pH 2–3) से भी प्रभावित होता है; अतः इसे हमेशा शाम 4 बजे के बाद 0.1% नील (Robin Blue/Tinopal — UV protectant) और 0.5% गुड़ (Phagostimulant) मिलाकर ही छिड़का जाता है।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
हल किया गया संख्यात्मक प्रश्न: चने की फसल के लिए HaNPV विषाणु कणों (PIBs) की गणना
प्रश्न: एक किसान को अपने चने के खेत में फली छेदक (Helicoverpa armigera) के विरुद्ध की दर से HaNPV का छिड़काव करना है। यदि है और 1 संक्रमित पूर्ण विकसित इल्ली से प्राप्त होते हैं, तो किसान को के लिए कुल कितने LE, कितने PIBs और कितनी संक्रमित इल्लियों की आवश्यकता होगी?
हल (Solution):
- 1. कुल आवश्यक लार्वा तुल्यांक (Total LE for 2 ha):।
- 2. कुल आवश्यक विषाणु कण (Total PIBs): ( हेतु )।
- 3. आवश्यक संक्रमित इल्लियों की संख्या: चूँकि , अतः ( हेतु इल्लियाँ)।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 11.1: चने की फली छेदक इल्ली (Helicoverpa armigera) बनाम चने की कटुआ इल्ली (Agrotis ipsilon)
| तुलना का आधार | चने की फली छेदक इल्ली (Gram Pod Borer) | चने की कटुआ इल्ली (Gram Cutworm) |
|---|---|---|
| 1. वैज्ञानिक नाम एवं कुल | Helicoverpa armigera (Noctuidae : Lepidoptera) | Agrotis ipsilon (Noctuidae : Lepidoptera) |
| 2. मुख्य आक्रमण अवस्था | पुष्पन एवं फली बनने की अवस्था (Flowering & Podding stage) | अंकुरण एवं प्रारंभिक पौध अवस्था (Seedling stage) |
| 3. भक्षण का समय व स्थान | दिन व रात दोनों समय पौधे के ऊपरी भाग व फलियों पर | केवल रात में (Nocturnal) जमीन की सतह पर; दिन में मिट्टी में छिपी रहती है |
| 4. विशिष्ट क्षति चिह्न | फली में गोल छेद कर आधा शरीर अंदर व आधा शरीर बाहर रखना | पौधे के तने को जमीन की सतह से आरी की तरह काटकर गिराना |
| 5. प्रमुख लार्वा परजीवी | Campoletis chlorideae (Ichneumonidae) | Microgaster spp., Bracon spp. |
| 6. विशिष्ट प्रबंधन | Helilure ट्रैप, T-खूँटियाँ, HaNPV @ 250 LE/ha, इमामेक्टिन, Coragen | खेत में सिंचाई, घास की ढेरी, शाम को विष-चारा व मिट्टी पर क्लोरपायरीफॉस |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
दलहनी कीट प्रबंधन के मानक दर एवं सूत्र
- 1. चने में HaNPV की मानक मात्रा:
- 2. चने में फली छेदक का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL):
- 3. फली क्षति प्रतिशत (Pod Damage %):
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- कुल: Noctuidae, गण: Lepidoptera | >180 परपोषी पौधे
- अकेला अंडा (Singly) | इल्ली में स्व-भक्षण (Cannibalism)
- विशिष्ट मुद्रा: आधा शरीर फली के अंदर व आधा बाहर (गोल छेद)
- एक इल्ली 30 से 40 फलियों को नष्ट करती है | मिट्टी में प्यूपा
- 1. ग्रीष्म जुताई + चना+धनिया/सरसों अंतःफसल + अगेती निपिंग
- 2. Helilure फेरोमोन पाश (5/ha) + T-खूँटियाँ (20-25/ha)
- 3. जैविक: NSKE 5%, HaNPV @ 250 LE/ha (+ नील व गुड़), Campoletis परजीवी
- 4. रसायन: इमामेक्टिन बेंजोएट (220 g/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (150 mL/ha)
- कुल: Noctuidae, गण: Lepidoptera | ताल/दियारा भूमि में गंभीर
- रात्रिचर (Nocturnal) चिकनी काली इल्ली (दिन में मिट्टी में छिपती है)
- लक्षण: रात में नए पौधों के तने को जमीन की सतह से काटना
- प्रबंधन: सिंचाई करना, घास की ढेरी, शाम को विष-चारा व क्लोरपायरीफॉस
- अरहर प्लूम मॉथ: Exelastis atomosa (Pterophoridae)
- अरहर फली मक्खी: Melanagromyza obtusa (Agromyzidae)
- चित्तीदार फली छेदक (Webber): Maruca vitrata (Crambidae)
- मटर की नीली तितली: Lampides boeticus (Lycaenidae)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- फली में गोल छेद करके ‘अपना आधा शरीर फली के अंदर और पिछला आधा शरीर फली के बाहर’ रखकर दाने खाना चने की फली छेदक (Helicoverpa armigera; कुल Noctuidae) का अद्वितीय पहचान लक्षण है।
- चने की फली छेदक की एक अकेली इल्ली अपने जीवनकाल में ’30 से 40 फलियों’ को नष्ट कर देती है और इसमें ‘स्व-भक्षण’ (Cannibalism) पाया जाता है।
- चने में फली छेदक नियंत्रण के लिए ‘HaNPV @ 250 LE/ha’ (1.5 × 10¹² PIBs/ha) का प्रयोग शाम के समय 0.1% नील (UV-screen) और 0.5% गुड़ के साथ किया जाता है।
- चने की फली छेदक इल्ली का प्रमुख लार्वा अंतःपरजीवी (Larval parasitoid) ‘Campoletis chlorideae’ (कुल Ichneumonidae) है।
- चने की कटुआ इल्ली (Agrotis ipsilon; कुल Noctuidae) एक रात्रिचर (Nocturnal) कीट है जो दिन में मिट्टी की दरारों में छिपी रहती है और रात में पौधों के तने को जमीन की सतह से काट देती है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- चने की फली छेदक (Helicoverpa armigera): Noctuidae; आधा शरीर अंदर-बाहर; स्व-भक्षण; परजीवी Campoletis chlorideae; फेरोमोन Helilure; HaNPV @ 250 LE/ha; इमामेक्टिन बेंजोएट, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल।
- कटुआ इल्ली (Agrotis ipsilon): Noctuidae; रात्रिचर; जमीन की सतह से तना काटना; बाढ़/ताल भूमि में गंभीर; सिंचाई, घास ढेरी, विष-चारा व क्लोरपायरीफॉस।
- अरहर के अन्य कीट: प्लूम मॉथ (Exelastis atomosa), फली मक्खी (Melanagromyza obtusa), मरुका (Maruca vitrata)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- फली में गोल छेद कर ‘आधा शरीर अंदर व आधा बाहर’ रखकर खाना चने की फली छेदक (Helicoverpa armigera) की मुख्य पहचान है।
- चने में फली छेदक नियंत्रण हेतु ‘HaNPV @ 250 LE/ha’ (1.5 × 10¹² PIBs/ha) का शाम के समय छिड़काव किया जाता है।
- चने की फली छेदक इल्ली का प्रमुख प्राकृतिक लार्वा परजीवी ‘Campoletis chlorideae’ है।
- चने की कटुआ इल्ली (Agrotis ipsilon) एक रात्रिचर कीट है जो पौधों के तने को जमीन की सतह से काट देती है।
- अरहर की फली मक्खी का वैज्ञानिक नाम ‘Melanagromyza obtusa’ (Agromyzidae) और प्लूम मॉथ का ‘Exelastis atomosa’ है।





