ENT 311 Lecture 07: बहुभक्षी नाशीकीट: दीमक एवं लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Termites and Red Hairy Caterpillars)

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
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Lecture 07: बहुभक्षी नाशीकीट: दीमक एवं लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Termites and Red Hairy Caterpillars)

Polyphagous Pests: Termites and Red Hairy Caterpillars

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • दीमक / सफेद चींटी (Termites / White ants — Odontotermes obesus एवं Microtermes obesi; कुल Termitidae, गण Isoptera/Blattodea) के बहु-जातीय सामाजिक संगठन (Eusocial caste system — प्रजननशील रानी व राजा तथा बांझ श्रमिक व सैनिक) और ‘फिजियोगैस्ट्री’ (Physogastry) को समझना।
  • दीमक की आंत में सेलुलोज पाचन करने वाले सहजीवी प्रोटोजोआ (Trichonympha) व कवक-बाग (Fungus garden — Termitomyces), कच्ची गोबर की खाद व नमी की कमी से दीमक प्रकोप के संबंध तथा गेहूँ, गन्ना, मूंगफली व फल वृक्षों में दीमक प्रबंधन (बीज उपचार, बांबी विनाश, सिंचाई के साथ क्लोरपायरीफॉस/फिप्रोनिल) का अध्ययन करना।
  • लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Red Hairy Caterpillar — Amsacta moorei [उत्तर भारत/राजस्थान] एवं Amsacta albistriga [दक्षिण भारत]; कुल Erebidae/Arctiidae, गण Lepidoptera) की पहचान, मानसून की पहली वर्षा पर पतंगों के निर्गमन, एकवर्षीय जीवन चक्र और क्षति को समझना।
  • कातरा के सामुदायिक प्रबंधन (सामूहिक प्रकाश पाश/अलाव जलाना, अंड-समूह व झुंड इल्लियों का नाश, खेत के चारों ओर खंदक खोदना व क्विनालफॉस/क्लोरपायरीफॉस प्रयोग) में पारंगत होना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): शुष्क और अर्ध-शुष्क बारानी क्षेत्रों (विशेषकर राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड) में किसानों के दो सबसे बड़े शत्रु हैं—रबी और खरीफ दोनों में साल भर नुकसान पहुँचाने वाली ‘दीमक’ (Termites — विशेषकर गेहूँ, गन्ना, मूंगफली, चना और फल बागानों में) तथा खरीफ की पहली बारिश होते ही अंकुरित होती बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और मूंगफली की फसलों को रातों-रात सफाचट कर जाने वाली ‘लाल रोएँदार इल्ली’ (Red Hairy Caterpillar — जिसे उत्तर भारत व राजस्थान में ‘कातरा’ कहा जाता है)।

दीमक एक उच्च-सामाजिक (Eusocial) कीट है जिसकी रानी 10–15 वर्षों तक जीवित रहकर प्रतिदिन 30,000 से 50,000 अंडे देती है! वहीं कातरा की रोएँदार इल्लियाँ करोड़ों की संख्या में एक खेत से दूसरे खेत में सेना की तरह कूच करती हैं और अंकुरित पौधों को जमीन से चाट जाती हैं जिससे किसान को दोबारा बुवाई (Re-sowing) करनी पड़ती है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

फिजियोगैस्ट्री (Physogastry in Queen Termite)
दीमक की निषेचित रानी के उदर (Abdomen) में अंडाशयों के अत्यधिक विकास के कारण उसका उदर फूलकर शरीर के मूल आकार से 10–20 गुना बड़ा (10–12 cm लंबा, चल-फिर न सकने वाला ‘अंडे देने की मशीन’ जैसा) हो जाने की परिघटना को ‘फिजियोगैस्ट्री’ कहते हैं।
टर्मिटोरियम एवं रॉयल चैंबर (Termitarium / Mound & Royal Chamber)
दीमक के श्रमिकों द्वारा मिट्टी, लार और मल को मिलाकर बनाया गया बहु-कक्षीय भूमिगत या टीलेनुमा घोंसला ‘टर्मिटोरियम’ (बांबी) कहलाता है, जिसके सबसे सुरक्षित केंद्रीय कक्ष (‘रॉयल चैंबर’) में रानी और राजा आजीवन साथ रहते हैं।
ट्रोफैलेक्सिस एवं सहजीवी प्रोटोजोआ (Trophallaxis & Symbiotic Protozoa)
दीमक कॉलोनी में श्रमिकों द्वारा मुख-से-मुख या गुदा-से-मुख भोजन व फेरोमोन के आदान-प्रदान को ‘ट्रोफैलेक्सिस’ कहते हैं। निम्न श्रेणी की दीमकों की पश्च-आंत्र में ‘ट्राइकोनिम्फा’ (Trichonympha) नामक सहजीवी कशाभिकीय प्रोटोजोआ और उच्च दीमकों (Odontotermes) की बांबी में ‘टर्मिटोमाइसीज’ (Termitomyces) कवक-बाग पाए जाते हैं जो लकड़ी व जड़ों के सेलुलोज का पाचन करते हैं।
कातरा / लाल रोएँदार इल्ली (Katra / Red Hairy Caterpillar — Amsacta spp.)
लेपिडोप्टेरा गण (कुल Erebidae/Arctiidae) का एक बहुभक्षी एकवर्षीय कीट, जिसके वयस्क पतंगे के पंख बर्फ जैसे सफेद (अग्र पंखों के किनारे लाल/पीली धारी व काले बिंदुओं सहित) होते हैं और जिसकी इल्ली के पूरे शरीर पर लाल-भूरे घने चुभने वाले बाल (Hairs/Setae) होते हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. दीमक / सफेद चींटी (Termites — Odontotermes obesus & Microtermes obesi)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Odontotermes obesus (बांबी बनाने वाली प्रमुख दीमक) एवं Microtermes obesi (भूमिगत दीमक) | कुल: Termitidae | गण: Isoptera (आधुनिक वर्गिकी में Blattodea के अंतर्गत)।
  • सामाजिक जाति व्यवस्था (Social Caste System — 2 मुख्य वर्ग एवं 4 जातियाँ):
    (A) प्रजननशील जातियाँ (Reproductive Castes — Fertile)

    1. पंखयुक्त वयस्क (Alates / Colonizing Kings & Queens): पहली मानसूनी बारिश के बाद शाम को बांबी से लाखों की संख्या में उड़ान (Nuptial / Swarming flight) भरते हैं, जोड़े बनाते हैं, पंख गिराकर नया राजवंश शुरू करते हैं।
    2. रानी (Queen): फिजियोगैस्ट्रिक उदर वाली (7–10 cm लंबी), प्रति सेकंड 1 अंडा (प्रतिदिन 30,000–50,000 अंडे) देती है; आयु 10–15 वर्ष।
    3. राजा (King): रानी से छोटा, रॉयल चैंबर में रानी के साथ रहकर समय-समय पर निषेचन करता है।

    (B) बांझ कार्यशील जातियाँ (Sterile Castes — Wingless & Blind)

    1. श्रमिक (Workers — कॉलोनी की 80–90% आबादी): पीले-सफेद, पंखहीन व अंधे (नर व मादा दोनों)। यही एकमात्र जाति है जो फसलों की जड़ें व लकड़ी खाकर नुकसान पहुँचाती है! ये बांबी बनाने, अंडों की देखभाल करने और रानी व सैनिकों को भोजन खिलाने का सारा काम करते हैं।
    2. सैनिक (Soldiers — 5–10% आबादी): बड़े भूरे सिर और मजबूत कैंची जैसे जबड़ों (Mandibles) या नास्यूट ग्रंथि वाले जो बांबी की चींटियों से रक्षा करते हैं।

  • क्षति की प्रकृति एवं अनुकूल परिस्थितियाँ:
    • कच्ची (बिना सड़ी) गोबर की खाद (Undecomposed FYM) का प्रयोग, रेतीली व दोमट मिट्टी (Sandy loam soil) तथा सिंचाई की कमी / सूखा (Moisture stress) दीमक के प्रकोप को कई गुना बढ़ा देते हैं।
    • गेहूँ व जौ में: अंकुरण के बाद व बाली निकलते समय जड़ें खा जाती है जिससे पौधे पीले पड़कर सूख जाते हैं और खींचने पर आसानी से उखड़ आते हैं।
    • गन्ने में: बोए गए टुकड़ों (Setts) के सिरों से घुसकर अंदर का गूदा खा जाती है और अंदर गीली मिट्टी भर देती है।
    • फल वृक्षों व वानिकी में: तने के ऊपर मिट्टी की चादर/सुरंग (Earthen sheet/gallery) बनाकर छाल खाती है।
  • दीमक का समन्वित प्रबंधन (Integrated Termite Management):
    1. सस्य एवं निवारक उपाय: खेत में कच्ची गोबर की खाद कभी न डालें (केवल पूर्ण सड़ी खाद या नीम की खली @ 2.5 q/ha डालें); पिछली फसल के ठूँठ हटाएँ; दीमक प्रकोप दिखते ही तुरंत हल्की सिंचाई करें; तथा बारिश से पहले खेत के आसपास की बांबियों (Termitaria) को खोदकर रानी दीमक को नष्ट करें और बांबी में क्लोरपायरीफॉस (2 mL/L) का घोल भरें।
    2. बीज उपचार (Seed Treatment — गेहूँ, जौ, चना, मूंगफली में सबसे सस्ता व अचूक):
      • बुवाई से 1 दिन पूर्व प्रति क्विंटल (100 kg) गेहूँ के बीज को क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 400–450 mL / 100 kg बीज; अर्थात् 4.0–4.5 mL/kg बीज) या फिप्रोनिल 5% SC (@ 6 mL/kg बीज) या इमिडाक्लोप्रिड 600 FS (@ 4 mL/kg बीज) या थायोमेथोक्साम 30 FS (@ 3.3 mL/kg बीज) को 5 लीटर पानी में घोलकर उपचारित करें।
    3. गन्ने के टुकड़ों का उपचार (Sett Treatment): बुवाई से पूर्व गन्ने के टुकड़ों को इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (1 mL/L) या क्लोरपायरीफॉस 20% EC (5 mL/L) के घोल में डुबोना।
    4. खड़ी फसल में उपचार: सिंचाई के पानी के साथ क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 3.0–4.0 L/ha) या फिप्रोनिल 0.3% GR (@ 20–25 kg/ha) देना तथा जैविक नियंत्रण हेतु Metarhizium anisopliae का प्रयोग।

2. लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Red Hairy Caterpillar / Katra — Amsacta moorei & A. albistriga)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण:
    • Amsacta moorei (उत्तर भारत व राजस्थान में प्रमुख — अग्र पंखों के बाहरी किनारे पर ‘लाल धारी’)।
    • Amsacta albistriga (दक्षिण भारत — तमिलनाडु, आंध्र व कर्नाटक में प्रमुख — अग्र पंखों के किनारे पर ‘पीली/भूरा-पीली धारी’)।
    • कुल: Erebidae (पूर्व में Arctiidae — Tiger moths) | गण: Lepidoptera।
  • परपोषी पौधे: बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, चौला (लोबिया), तिल, मूंगफली, कपास, मक्का और ज्वार।
  • एकवर्षीय जीवन चक्र (Univoltine Biology — पूर्ण कायांतरण):
    1. पतंगों का सामूहिक निर्गमन: जून-जुलाई में मानसून की पहली अच्छी वर्षा होने के 24–48 घंटे बाद रात के समय मिट्टी में छिपे प्यूपा से बर्फ जैसे सफेद पंखों वाले पतंगे निकलते हैं जो रोशनी (प्रकाश) की ओर अत्यधिक आकर्षित (Strongly Phototactic) होते हैं।
    2. अंडरोपण: मादा पतंगा पत्तियों की निचली सतह या जंगली पौधों पर हल्के पीले रंग के 500 से 1500 अंडे समूहों (Masses) में देती है।
    3. इल्ली (Katra Caterpillar — मुख्य हानिकारक अवस्था): 3–4 दिन में अंडों से छोटी इल्लियाँ निकलती हैं जो शुरू में झुंड में (Gregarious) पत्ती की हरी परत खुरचती हैं और बड़ी होने पर उनके शरीर पर घने लाल-भूरे बाल आ जाते हैं तथा दोनों सिरों पर काले पट्टे होते हैं। ये इल्लियाँ 20–30 दिन तक पूरे खेत की फसलों को खाकर साफ कर देती हैं और फिर एक खेत से दूसरे खेत में झुंड बनाकर कूच करती हैं।
    4. प्यूपा एवं 10 माह की सुप्तावस्था (Pupal Diapause): अगस्त के अंत में पूर्ण विकसित इल्ली खेत की मेड़ों और झाड़ियों के नीचे नम मिट्टी में 10–20 cm गहराई पर अपने ही बालों और रेशम से कोकून (Pupal cocoon) बनाकर प्यूपा में बदल जाती है और सितंबर से अगले जून तक (लगभग 9–10 महीने) मिट्टी में सुप्त पड़ी रहती है!
  • कातरा का समन्वित प्रबंधन (Integrated Katra Management):
    1. ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई एवं मेड़ सफाई: मई में जुताई से मिट्टी में सुप्त प्यूपा बाहर आकर नष्ट हो जाते हैं।
    2. सामुदायिक प्रकाश पाश एवं अलाव (Community Light Traps & Bonfires — सबसे महत्वपूर्ण!): मानसून की पहली बारिश की रात से लगातार 10–15 दिन तक पूरे गाँव के किसानों द्वारा खेतों में प्रकाश पाश (Light traps @ 1/ha) या मशाल/अलाव जलाकर सफेद पतंगों को अंडे देने से पहले ही केरोसिन मिले पानी में गिराकर नष्ट करना।
    3. अंड-समूहों व झुंड इल्लियों का यांत्रिक विनाश: शुरुआती 5–7 दिनों में पत्तियों पर पीले अंड-समूह और झुंड में बैठी छोटी इल्लियों वाली पत्तियों को तोड़कर केरोसिन पानी में डुबोना।
    4. खंदक खोदना (Trenching around Field): बड़ी इल्लियों को एक खेत से दूसरे खेत में घुसने से रोकने के लिए खेत के चारों ओर 30 cm गहरी व 25 cm चौड़ी खड़ी दीवार वाली नाली (Trench) खोदना और उसमें क्विनालफॉस 1.5% DP या फेनवेलरेट 0.4% DP बुरकना।
    5. जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण: छोटी इल्लियों पर Bacillus thuringiensis (Bt @ 1.0–1.5 kg/ha) या कातरा NPV (AmNPV @ 250 LE/ha); तथा बड़ी इल्लियों पर क्विनालफॉस 1.5% DP (@ 25 kg/ha भुरकाव) या क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 1.5 L/ha) / क्विनालफॉस 25% EC (@ 1.5 L/ha) / डाइक्लोरवॉस / इंडोक्साकार्ब 14.5% SC (@ 500 mL/ha) का छिड़काव।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

दीमक एवं कातरा का वर्गिकी एवं पारिस्थितिक अंतर:

  • दीमक (Odontotermes obesus): गण Isoptera/Blattodea, कुल Termitidae; अपूर्ण कायांतरण; बहुवर्षीय सामाजिक कॉलोनी; रबी व खरीफ दोनों में भूमिगत जड़ व तना भक्षी (केवल श्रमिक जाति नुकसान करती है)।
  • कातरा (Amsacta moorei / A. albistriga): गण Lepidoptera, कुल Erebidae (Arctiidae); पूर्ण कायांतरण; वर्ष में 1 पीढ़ी (Univoltine); केवल खरीफ में पर्ण-भक्षी (केवल इल्ली अवस्था नुकसान करती है; 9–10 माह मिट्टी में प्यूपा सुप्तावस्था)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • ‘कच्ची गोबर खाद एवं नमी तनाव’ का दीमक नियम (Rule of Undecomposed FYM & Moisture Stress in Termites): कच्ची गोबर की खाद में प्रचुर अ-अपघटित सेलुलोज होता है जो दीमक के श्रमिकों को खेत में आकर्षित करता है और जब फसल में सिंचाई की कमी (सूखा) होती है तो दीमक पानी और सेलुलोज दोनों के लिए जीवित पौधे की जड़ों को काट देती है।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

हल किया गया संख्यात्मक उदाहरण: गेहूँ की बुवाई हेतु दीमक-रोधी बीज उपचार गणना

प्रश्न: एक किसान को 3 extहेक्टेयर में गेहूँ की बुवाई करनी है। यदि गेहूँ की बीज दर 100 extkg/ha है और दीमक नियंत्रण हेतु क्लोरपायरीफॉस 20% EC @ 4.5 extmLप्रतिकिलोग्रामबीज की दर से बीज उपचार करना है, तो किसान को कुल कितने मिलीलीटर क्लोरपायरीफॉस 20% EC की आवश्यकता होगी?

हल (Solution):

  • 3 extha खेत के लिए कुल आवश्यक गेहूँ बीज =3×100=300 extkg बीज।
  • कुल आवश्यक क्लोरपायरीफॉस 20% EC =300 extkg×4.5 extmL/kg=1,350 mL (या 1.35 Litres)।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 7.1: सफेद लट (White Grub), दीमक (Termite) एवं कातरा (Red Hairy Caterpillar) की तुलना
तुलना का आधार दीमक (Termite) कातरा / लाल रोएँदार इल्ली (RHC) सफेद लट (White Grub)
1. वैज्ञानिक नाम Odontotermes obesus Amsacta moorei / A. albistriga Holotrichia consanguinea
2. गण एवं कुल Isoptera : Termitidae Lepidoptera : Erebidae (Arctiidae) Coleoptera : Melolonthidae
3. हानिकारक अवस्था बांझ श्रमिक (Sterile Workers) रोएँदार इल्ली (Caterpillar) ‘C’ आकार का ग्रब (एवं वृक्षों पर भृंग)
4. क्षति का स्थान जड़ें व तने के अंदर (मिट्टी भरकर) जमीन के ऊपर पत्तियाँ व अंकुरित पौधे जमीन के नीचे मूसला जड़ व फलियाँ
5. सुप्तावस्था (Overwintering) कोई सुप्तावस्था नहीं (वर्ष भर सक्रिय) मिट्टी में प्यूपा (9–10 माह सुप्त) मिट्टी में वयस्क भृंग (नवंबर से मई)
6. सर्वप्रमुख नियंत्रण सड़ी खाद, सिंचाई, क्लोरपायरीफॉस/फिप्रोनिल बीज उपचार व बांबी विनाश पहली बारिश पर प्रकाश पाश, खंदक खोदना व क्विनालफॉस भुरकाव पहली बारिश पर खेजड़ी/बेर स्प्रे व इमिडाक्लोप्रिड बीज उपचार

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

दीमक एवं कातरा प्रबंधन के मानक सूत्र एवं दरें
  • 1. गेहूँ में दीमक हेतु बीज उपचार दर (Seed Treatment for Termite in Wheat):
    • Chlorpyrifos 20\% EC=4.0–4.5 mL/kg seed (400–450 mL per 100 kg seed)
    • Fipronil 5\% SC=6.0 mL/kg seed|Imidacloprid 600 FS=4.0 mL/kg seed
  • 2. खड़ी फसल में सिंचाई जल के साथ दीमक नियंत्रण:Chlorpyrifos 20\% EC=3.0–4.0 Litres/ha
  • 3. कातरा नियंत्रण हेतु खंदक एवं डस्टिंग:Quinalphos 1.5\% DP or Fenvalerate 0.4\% DP=25 kg/ha

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 07: बहुभक्षी कीट — दीमक एवं लाल रोएँदार इल्ली (कातरा)
दीमक (Odontotermes obesus)
  • गण: Isoptera (Blattodea), कुल: Termitidae | सामाजिक कीट
  • प्रजननशील जाति: रानी (Physogastry: 30,000-50,000 अंडे/दिन) व राजा
  • बांझ जाति: श्रमिक (Workers — मुख्य क्षति करने वाले) व सैनिक
  • आंत में सहजीवी प्रोटोजोआ (Trichonympha) व बांबी में कवक-बाग
दीमक का प्रबंधन
  • कच्ची गोबर खाद कभी न डालें (केवल सड़ी खाद व नीम खली डालें)
  • हल्की सिंचाई करें व बांबी खोदकर रानी नष्ट करें
  • गेहूँ बीज उपचार: क्लोरपायरीफॉस 20 EC @ 4.5 mL/kg या फिप्रोनिल
  • खड़ी फसल में सिंचाई के साथ क्लोरपायरीफॉस @ 3-4 L/ha
कातरा / RHC (Amsacta spp.)
  • A. moorei (उत्तर भारत/राजस्थान) एवं A. albistriga (दक्षिण भारत)
  • कुल: Erebidae (Arctiidae), गण: Lepidoptera | वर्ष में 1 पीढ़ी
  • पहली बारिश के 24-48 घंटे बाद रात में सफेद पतंगों का निर्गमन
  • मिट्टी में प्यूपा अवस्था में 9-10 माह (सितंबर-जून) सुप्तावस्था
कातरा का समन्वित प्रबंधन
  • 1. पहली बारिश पर लगातार 10-15 रात सामूहिक प्रकाश पाश (Light trap)
  • 2. पत्तियों से अंड-समूह व झुंड इल्लियों को तोड़कर नष्ट करना
  • 3. खेत के चारों ओर 30 cm गहरी खंदक (Trench) खोदकर डस्ट डालना
  • 4. क्विनालफॉस 1.5% DP भुरकाव या क्लोरपायरीफॉस/इंडोक्साकार्ब स्प्रे

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

मानसून की पहली वर्षा से कातरा (Amsacta moorei) का प्रकोप चक्र एवं सामुदायिक रोकथाम (Katra Outbreak & Community Control Flow)
Step 1
चरण 1 (मई): खेत में 15–20 cm गहरी जुताई कर मिट्टी में 9 महीने से सुप्त पड़े कातरा के प्यूपा को धूप व पक्षियों के सामने लाना
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Step 2
चरण 2 (जून-जुलाई: पहली मानसूनी वर्षा की रात): प्यूपा से सफेद पतंगों का बाहर निकलना → तुरंत खेतों में प्रकाश पाश (Light traps) व अलाव जलाकर पतंगों को अंडे देने से पहले मारना
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Step 3
चरण 3 (वर्षा के 4–7 दिन बाद): पत्तियों के नीचे दिए गए पीले अंड-समूहों और झुंड में बैठी प्रथम अवस्था इल्लियों को हाथ से तोड़कर या Bt/NSKE स्प्रे से नष्ट करना
⬇
Step 4
चरण 4 (वर्षा के 15–25 दिन बाद): बड़ी रोएँदार इल्लियों के खेत में प्रवेश को रोकने हेतु चारों ओर 30 cm गहरी खंदक खोदकर क्विनालफॉस 1.5% DP (25 kg/ha) बुरकना

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • दीमक (Odontotermes obesus) की कॉलोनी में फसलों को नुकसान पहुँचाने वाली एकमात्र जाति ‘श्रमिक’ (Sterile Workers) होती है।
  • दीमक की रानी का उदर अंडों से फूलकर विशाल हो जाने की घटना को ‘फिजियोगैस्ट्री’ (Physogastry) कहते हैं और वह प्रतिदिन 30,000 से 50,000 अंडे देती है।
  • खेत में कच्ची (अधसड़ी) गोबर की खाद डालने और सिंचाई की कमी (सूखा) होने से दीमक का प्रकोप सर्वाधिक बढ़ता है।
  • उत्तर भारत और राजस्थान में कातरा (Red hairy caterpillar) की प्रमुख प्रजाति ‘Amsacta moorei’ है जबकि दक्षिण भारत में ‘Amsacta albistriga’ है।
  • कातरा (Amsacta spp.) वर्ष के 9 से 10 महीने (सितंबर से जून तक) मिट्टी के अंदर ‘प्यूपा’ (Pupa) अवस्था में सुप्तावस्था (Diapause) में बिताता है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • दीमक: Odontotermes obesus (Isoptera: Termitidae); श्रमिक जाति हानिकारक; रानी में फिजियोगैस्ट्री; गेहूँ बीज उपचार: क्लोरपायरीफॉस 20 EC @ 4.5 mL/kg बीज या फिप्रोनिल 5 SC @ 6 mL/kg बीज।
  • कातरा (RHC): Amsacta moorei (उत्तर भारत) व A. albistriga (दक्षिण भारत) (Lepidoptera: Erebidae); वर्ष में 1 पीढ़ी; प्यूपा सुप्तावस्था; प्रबंधन: पहली बारिश पर प्रकाश पाश, खंदक खोदना व क्विनालफॉस 1.5% DP @ 25 kg/ha।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. दीमक (Odontotermes obesus) की सामाजिक कॉलोनी में उपस्थित विभिन्न जातियों में से कौन-सी जाति वास्तव में फसलों की जड़ों और लकड़ी को खाकर नुकसान पहुँचाती है?
(A) केवल श्रमिक (Sterile Workers)
(B) केवल सैनिक (Soldiers)
(C) केवल रानी
(D) केवल राजा
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) केवल श्रमिक (Sterile Workers)
व्याख्या: दीमक कॉलोनी में केवल बांझ श्रमिक ही सेलुलोज पचा सकते हैं और वही फसलों को काटते तथा रानी व सैनिकों को भोजन खिलाते हैं।
2. दीमक की रानी (Queen termite) में अंडाशयों के अत्यधिक विकास के कारण उसके उदर के फूलकर विशाल (10–12 cm) हो जाने की परिघटना को क्या कहते हैं?
(A) फिजियोगैस्ट्री (Physogastry)
(B) अनिषेकजनन (Parthenogenesis)
(C) कायांतरण
(D) हाइबरनेशन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) फिजियोगैस्ट्री (Physogastry)
व्याख्या: फिजियोगैस्ट्रिक रानी दीमक प्रतिदिन 30,000 से 50,000 अंडे देती है और 10–15 वर्ष तक जीवित रहती है।
3. उत्तर भारत और राजस्थान में खरीफ की फसलों (बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल) को भारी नुकसान पहुँचाने वाली ‘लाल रोएँदार इल्ली / कातरा’ का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) एमसैक्टा मूरेई (Amsacta moorei — कुल Erebidae/Arctiidae)
(B) होलोट्राइकिया कोंसैंग्विनिया
(C) हेलिकोवर्पा आर्मिजेरा
(D) प्लूटेला जाइलोस्टेला
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) एमसैक्टा मूरेई (Amsacta moorei — कुल Erebidae/Arctiidae)
व्याख्या: उत्तर भारत में Amsacta moorei (लाल धारी) और दक्षिण भारत में Amsacta albistriga (पीली धारी) प्रमुख प्रजाति है।
4. लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Amsacta moorei) वर्ष के 9–10 महीने (सितंबर से अगले जून की बारिश तक) किस अवस्था में और कहाँ सुप्तावस्था (Diapause) में बिताता है?
(A) खेत व मेड़ों की मिट्टी में 10–20 cm नीचे ‘प्यूपा’ (Pupa) अवस्था में
(B) पत्तियों पर अंडे के रूप में
(C) आकाश में उड़ते हुए पतंगे के रूप में
(D) पानी के अंदर
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) खेत व मेड़ों की मिट्टी में 10–20 cm नीचे ‘प्यूपा’ (Pupa) अवस्था में
व्याख्या: कातरा अगस्त के अंत में मिट्टी में प्यूपा बनाता है और अगली मानसूनी वर्षा होने पर ही उससे पतंगे निकलते हैं।
5. खेत में निम्नलिखित में से किस गलती के कारण दीमक (Termite) का प्रकोप सबसे अधिक बढ़ जाता है?
(A) कच्ची (अधसड़ी) गोबर की खाद का प्रयोग करना और फसल में सिंचाई की कमी (सूखा) रखना
(B) पूर्ण सड़ी वर्मीकंपोस्ट और नीम की खली डालना
(C) समय पर सिंचाई करना
(D) क्लोरपायरीफॉस से बीज उपचार करना
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कच्ची (अधसड़ी) गोबर की खाद का प्रयोग करना और फसल में सिंचाई की कमी (सूखा) रखना
व्याख्या: कच्ची गोबर खाद और नमी की कमी दीमक को तेजी से आकर्षित करती है।
6. गेहूँ की फसल को दीमक से बचाने के लिए बुवाई से पूर्व प्रति 100 किलोग्राम (1 क्विंटल) बीज को उपचारित करने हेतु क्लोरपायरीफॉस 20% EC की कितनी मात्रा अनुशंसित है?
(A) 400 से 450 mL प्रति 100 kg बीज (अर्थात् 4.0–4.5 mL/kg बीज)
(B) 10 लीटर प्रति 100 kg बीज
(C) 5 mL प्रति 100 kg बीज
(D) 50 लीटर प्रति 100 kg बीज
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) 400 से 450 mL प्रति 100 kg बीज (अर्थात् 4.0–4.5 mL/kg बीज)
व्याख्या: गेहूँ में क्लोरपायरीफॉस 20 EC @ 4.0–4.5 mL/kg बीज या फिप्रोनिल 5 SC @ 6 mL/kg बीज मानक दीमक-रोधी बीज उपचार है।
7. कातरा (Amsacta moorei) के नियंत्रण के लिए मानसून की पहली अच्छी वर्षा होने की रात से ही अगले 10–15 दिनों तक सबसे प्रभावी सामुदायिक उपाय कौन-सा है?
(A) रात में सामूहिक प्रकाश पाश (Light traps) और अलाव जलाकर सफेद पतंगों को अंडे देने से पहले ही नष्ट करना
(B) फसल कटने का इंतजार करना
(C) केवल यूरिया छिड़कना
(D) पत्तियों पर पेंट करना
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) रात में सामूहिक प्रकाश पाश (Light traps) और अलाव जलाकर सफेद पतंगों को अंडे देने से पहले ही नष्ट करना
व्याख्या: कातरा के पतंगे पहली बारिश के बाद रात में निकलते हैं और प्रकाश के प्रति अत्यधिक आकर्षित होते हैं।
8. निम्न श्रेणी की दीमकों की आंत में लकड़ी और पौधों के ‘सेलुलोज’ (Cellulose) को पचाने के लिए कौन-सा सहजीवी कशाभिकीय प्रोटोजोआ पाया जाता है?
(A) ट्राइकोनिम्फा (Trichonympha)
(B) प्लाज्मोडियम
(C) अमीबा
(D) पैरामीशियम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) ट्राइकोनिम्फा (Trichonympha)
व्याख्या: Trichonympha प्रोटोजोआ सेलुलेज एंजाइम स्रावित कर दीमक के लिए सेलुलोज को ग्लूकोज में बदलता है।
9. कातरा की बड़ी रोएँदार इल्लियों को एक खेत से दूसरे खेत में पैदल घुसने से रोकने के लिए क्या यांत्रिक उपाय किया जाता है?
(A) खेत के चारों ओर 30 cm गहरी खड़ी नाली (Trench) खोदकर उसमें क्विनालफॉस 1.5% DP या फेनवेलरेट धूल बुरकना
(B) तार की ऊँची बाड़ लगाना
(C) चिड़िया बैठाना
(D) जाल बाँधना
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) खेत के चारों ओर 30 cm गहरी खड़ी नाली (Trench) खोदकर उसमें क्विनालफॉस 1.5% DP या फेनवेलरेट धूल बुरकना
व्याख्या: खंदक (Trenching) में गिरने पर इल्लियाँ सीधी दीवार पर चढ़ नहीं पातीं और कीटनाशक धूल से मर जाती हैं।
10. दीमक (Termite) किस कीट गण (Order) और कुल (Family) से संबंधित है?
(A) गण: Isoptera (Blattodea), कुल: Termitidae
(B) गण: Hymenoptera, कुल: Apidae
(C) गण: Coleoptera, कुल: Curculionidae
(D) गण: Diptera, कुल: Muscidae
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गण: Isoptera (Blattodea), कुल: Termitidae
व्याख्या: दीमक को ‘सफेद चींटी’ कहा जाता है किंतु यह चींटी (Hymenoptera) न होकर Isoptera (Blattodea) गण का कीट है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. दीमक कॉलोनी में फसलों को नुकसान पहुँचाने वाली एकमात्र जाति ‘श्रमिक’ (Sterile Workers) होती है।
  2. दीमक की रानी के उदर का अंडों से फूलकर विशाल (10–12 cm) हो जाना ‘फिजियोगैस्ट्री’ (Physogastry) कहलाता है।
  3. गेहूँ में दीमक नियंत्रण हेतु ‘क्लोरपायरीफॉस 20% EC @ 4.0–4.5 mL/kg बीज’ से बीज उपचार किया जाता है।
  4. उत्तर भारत में कातरा की प्रजाति ‘Amsacta moorei’ है जो 9–10 महीने मिट्टी में ‘प्यूपा’ अवस्था में सुप्त रहती है।
  5. कातरा पतंगों को नष्ट करने का सबसे अचूक उपाय मानसून की पहली बारिश की रात से ही ‘प्रकाश पाश’ (Light traps) लगाना है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. भारत की दो प्रमुख दीमक प्रजातियों के वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर: (1) Odontotermes obesus और (2) Microtermes obesi (कुल: Termitidae, गण: Isoptera)।
2. दीमक कॉलोनी की चार प्रमुख जातियों के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रजननशील: (1) रानी (Queen) और (2) राजा (King); बांझ: (3) श्रमिक (Workers) और (4) सैनिक (Soldiers)।
3. उत्तर भारत और दक्षिण भारत में पाई जाने वाली लाल रोएँदार इल्ली (कातरा) की प्रजातियों के वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर: उत्तर भारत: Amsacta moorei; दक्षिण भारत: Amsacta albistriga (कुल: Erebidae/Arctiidae, गण: Lepidoptera)।
4. गेहूँ में दीमक नियंत्रण के लिए क्लोरपायरीफॉस 20% EC से बीज उपचार की दर क्या है?
उत्तर: 4.0 से 4.5 mL प्रति किलोग्राम बीज (या 400–450 mL प्रति क्विंटल बीज)।
5. दीमक के कवक-बाग (Fungus garden) में कौन-सा सहजीवी कवक उगता है?
उत्तर: टर्मिटोमाइसीज (Termitomyces spp.)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. दीमक (Odontotermes obesus) के सामाजिक संगठन (Social caste system) और कार्य-विभाजन का वर्णन कीजिए।
उत्तर: दीमक एक बहुरूपी सामाजिक कीट है जिसकी कॉलोनी (बांबी) में दो मुख्य वर्ग होते हैं: (A) प्रजननशील वर्ग: इसमें पंखयुक्त नर-मादा (Alates) होते हैं जो पहली बारिश के बाद उड़ान (Nuptial flight) भरकर नई कॉलोनी बनाते हैं। कॉलोनी के रॉयल चैंबर में एक विशाल ‘फिजियोगैस्ट्रिक रानी’ (जो प्रतिदिन 30,000–50,000 अंडे देती है) और एक ‘राजा’ रहता है। (B) बांझ वर्ग: (1) श्रमिक (Workers — 80–90% आबादी): पंखहीन व अंधे होते हैं; यही फसलों की जड़ें काटकर नुकसान पहुँचाते हैं, बांबी बनाते हैं और सबको भोजन खिलाते हैं; तथा (2) सैनिक (Soldiers): मजबूत जबड़ों से कॉलोनी की रक्षा करते हैं।
2. गेहूँ, गन्ना और फल वृक्षों में दीमक के समन्वित प्रबंधन (IPM) के उपाय लिखिए।
उत्तर: (1) सस्य व निवारक उपाय: खेत में कच्ची गोबर खाद कभी न डालें (केवल पूर्ण सड़ी खाद व नीम खली @ 2.5 q/ha डालें); समय पर सिंचाई करें; और बारिश के समय बांबियों को खोदकर रानी दीमक को मारें। (2) बीज व टुकड़ा उपचार: गेहूँ के बीज को क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 4.5 mL/kg बीज) या फिप्रोनिल 5% SC (@ 6 mL/kg बीज) से उपचारित करें तथा गन्ने के टुकड़ों को इमिडाक्लोप्रिड (1 mL/L) में डुबोकर बोएँ। (3) खड़ी फसल व बागों में: सिंचाई के पानी के साथ क्लोरपायरीफॉस 20% EC (@ 3–4 L/ha) या फिप्रोनिल 0.3% GR (@ 25 kg/ha) दें तथा पेड़ों के तनों पर बोर्डो पेस्ट/क्लोरपायरीफॉस लगाएँ।
3. लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Amsacta moorei) का जीवन चक्र और मौसमी इतिहास लिखिए।
उत्तर: कातरा वर्ष में केवल एक पीढ़ी (Univoltine) पूरी करता है। इसके प्यूपा सितंबर से जून तक (9–10 माह) मिट्टी में 10–20 cm नीचे सुप्त पड़े रहते हैं। जून-जुलाई में मानसून की पहली अच्छी वर्षा के 24–48 घंटे बाद रात में सफेद पंखों वाले पतंगे निकलते हैं। मादा पत्तियों के नीचे 500–1500 पीले अंडे समूहों में देती है। 3–4 दिन में इल्लियाँ निकलती हैं जो 20–30 दिन तक बाजरा, मूंग, मोठ, तिल व ग्वार को खाकर नष्ट करती हैं और अगस्त के अंत में पुनः मिट्टी में जाकर प्यूपा बना लेती हैं।
4. खरीफ फसलों में कातरा (Red Hairy Caterpillar) के सामुदायिक प्रबंधन के चार चरणबद्ध उपाय लिखिए।
उत्तर: (1) पतंगा नियंत्रण (पहली बारिश पर): मानसून की पहली बारिश की रात से लगातार 10–15 दिन तक खेतों में प्रकाश पाश (Light traps @ 1/ha) व अलाव जलाकर आकर्षित हुए सफेद पतंगों को अंडे देने से पहले ही मारना। (2) अंड-समूह व छोटी इल्ली नाश: पत्तियों पर दिए गए पीले अंड-समूहों व झुंड में बैठी छोटी इल्लियों को तोड़कर केरोसिन पानी में डालना तथा Bt या NSKE 5% का स्प्रे करना। (3) खंदक खोदना (Trenching): खेत के चारों ओर 30 cm गहरी खड़ी नाली खोदकर उसमें क्विनालफॉस 1.5% DP डालना। (4) रासायनिक नियंत्रण: बड़ी इल्लियों पर क्विनालफॉस 1.5% DP (@ 25 kg/ha) बुरकना या क्लोरपायरीफॉस/इंडोक्साकार्ब का स्प्रे करना।
5. खेत में पौधे के सूखने पर आप यह कैसे पहचानेंगे कि नुकसान ‘दीमक’ से हुआ है या ‘सफेद लट’ से?
उत्तर: दोनों ही जमीन के नीचे जड़ को नुकसान पहुँचाते हैं और सूखा पौधा खींचने पर आसानी से उखड़ आता है, किंतु: (1) सफेद लट के प्रकोप में मूसला जड़ नीचे से सीधे चाकू की तरह कटी होती है और जड़ के पास मिट्टी खोदने पर ‘C’ आकार की सफेद लट मिलती है (इसमें मिट्टी की सुरंगें नहीं होतीं)। (2) दीमक के प्रकोप में जड़ व तने का निचला भाग खोखला हो जाता है, उसके अंदर गीली मिट्टी भरी मिलती है और छोटे सफेद श्रमिक दीमक दिखाई देते हैं।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. दीमक (Odontotermes obesus) के वर्गीकरण, सामाजिक जाति व्यवस्था (Queen, King, Workers, Soldiers), फिजियोगैस्ट्री, क्षति के लक्षणों तथा गेहूँ, गन्ना और मूंगफली में इसके समन्वित प्रबंधन (बीज उपचार, सस्य एवं खड़ी फसल उपचार) का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: दीमक के सामाजिक संगठन, चारों जातियों के कार्यों, कच्ची खाद व नमी के प्रभाव और बीज उपचार (4.5 mL/kg) व सिंचाई उपचार (3–4 L/ha) का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करें।
2. लाल रोएँदार इल्ली / कातरा (Amsacta moorei एवं A. albistriga) की पहचान, जीवन चक्र, क्षति की प्रकृति तथा मानसून-आधारित सामुदायिक समन्वित प्रबंधन (IPM) पर एक विस्तृत लेख लिखिए।
उत्तर रूपरेखा: दोनों प्रजातियों की पहचान, 9–10 माह के प्यूपा डायपॉज, प्रवाह चित्र सहित पहली बारिश से शुरू होने वाले चारों नियंत्रण चरणों (प्रकाश पाश, अंड नाश, खंदक व रसायन) का विस्तार से वर्णन करें।
3. भारत के तीन प्रमुख मृदा-संबद्ध बहुभक्षी कीटों—दीमक (Termite), सफेद लट (White Grub) और कातरा (Red Hairy Caterpillar)—की तुलनात्मक सारणी बनाकर उनके जीवविज्ञान और नियंत्रण रणनीतियों की तुलना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तुलनात्मक सारणी 7.1 के सभी 6 मापदंडों के आधार पर तीनों कीटों की विस्तृत तुलना प्रस्तुत करें।

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