ENT 311 Lecture 02: कीटनाशकों का वर्गीकरण (Classification of Insecticides)

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
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Lecture 02: कीटनाशकों का वर्गीकरण (Classification of Insecticides)

Classification of Insecticides

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • कीटनाशकों (Insecticides) को कीट के शरीर में प्रवेश करने के मार्ग (Mode of Entry — आमाशय विष, स्पर्श विष, धूम्रक विष एवं सर्वांगी/अंतर्प्रवाही विष) के आधार पर वर्गीकृत करना।
  • क्रियाविधि (Mode of Action — भौतिक विष, जीवद्रव्यी विष, श्वसन विष, तंत्रिका विष एवं काइटिन संश्लेषण अवरोधक) के आधार पर प्रत्येक समूह के लक्ष्य एंजाइम/रिसेप्टर को समझना।
  • रासायनिक प्रकृति (Chemical Nature) के अनुसार चारों पीढ़ियों—अकार्बनिक, वानस्पतिक (Botanicals), पारंपरिक संश्लेषित कार्बनिक (OC, OP, Carbamates, Pyrethroids) तथा नवीन हरित-रसायन समूहों (Neonicotinoids, Phenylpyrazoles, Spinosyns, Avermectins, Oxadiazines, Diamides, Ketoenols, Pyridine azomethines)—के उदाहरण और गुणधर्म कंठस्थ करना।
  • DDT (पॉल मुलर, 1939), BHC/Lindane, ऑर्गेनोफॉस्फेट (गेरहार्ड श्रेडर) और आधुनिक राइनोडाइन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (Chlorantraniliprole) के ऐतिहासिक व वैज्ञानिक तथ्यों को जानना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): नाशीकीटों को मारने या उनकी संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त होने वाले किसी भी रासायनिक या जैविक पदार्थ को ‘कीटनाशक’ (Insecticide) कहा जाता है। कीटनाशक विज्ञान के इतिहास को चार मुख्य युगों में बाँटा जाता है: (1) प्रथम पीढ़ी (1939 से पूर्व): अकार्बनिक लवण (आर्सेनिक, फ्लोराइड) व वानस्पतिक अर्क (निकोटीन, पायरेथ्रम, रोटेनोन); (2) द्वितीय पीढ़ी (1939–1975): संश्लेषित कार्बनिक कीटनाशक—ऑर्गेनोक्लोरीन (DDT — पॉल हरमन मुलर द्वारा 1939 में कीटनाशी गुणों की खोज, 1948 में नोबेल पुरस्कार), ऑर्गेनोफॉस्फेट (गेरहार्ड श्रेडर — ‘OP के जनक’), कार्बामेट और सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स; (3) तृतीय पीढ़ी (1967 के बाद): हार्मोनल कीट वृद्धि नियामक (IGRs — जुवेनाइल हार्मोन व काइटिन अवरोधक); तथा (4) चतुर्थ पीढ़ी / नवीन अणु (1990 के बाद): नियोनिकोटिनॉइड्स, स्पिनोसिन्स, एवरमेक्टिन्स और डायमाइड्स जो अत्यंत सूक्ष्म मात्रा (10–30 g a.i./ha) में कार्य करते हैं और स्तनधारियों के लिए सुरक्षित हैं।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

आमाशय विष बनाम स्पर्श विष (Stomach Poison vs Contact Poison)
आमाशय विष वे कीटनाशक हैं जिन्हें काटने व चबाने वाले कीट (इल्लियाँ, भृंग, टिड्डे) पत्तियों के साथ खाकर निगलते हैं और वे मध्य-आंत्र (Midgut) से अवशोषित होकर कीट को मारते हैं (जैसे Bt, लेड आर्सेनेट, इंडोक्साकार्ब); जबकि स्पर्श विष कीट की त्वचा/क्यूटिकल के संपर्क में आते ही श्वासरंध्रों (Spiracles) या झिल्ली से प्रवेश कर उसे मार देते हैं (जैसे मैलाथियान, साइपरमेथ्रिन)।
सर्वांगी / अंतर्प्रवाही कीटनाशक (Systemic Insecticides)
वे कीटनाशक जो पौधे की जड़ों, बीजों या पत्तियों द्वारा अवशोषित होकर जाइलम या फ्लोएम संवहन तंत्र के माध्यम से पूरे पौधे के रस (Cell sap) में फैल जाते हैं और जब रसचूसक कीट (माहू, तेला, सफेद मक्खी, थ्रिप्स) या तना छेदक रस पीते हैं तो मारे जाते हैं (जैसे इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, एसीफेट, डाइमेथोएट)।
धूम्रक कीटनाशक (Fumigants)
वे वाष्पशील रसायन जो सामान्य ताप पर जहरीली गैस या वाष्प में बदल जाते हैं और कीट के श्वसन तंत्र (Tracheal system via spiracles) में प्रवेश कर उसे मारते हैं; मुख्यतः गोदामों व मिट्टी में प्रयुक्त (जैसे एल्युमिनियम फॉस्फाइड से फॉस्फीन गैस, मिथाइल ब्रोमाइड, EDCT)।
एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (AChE) अवरोधक (Acetylcholinesterase Inhibitors)
ऑर्गेनोफॉस्फेट (अपरिवर्तनीय रूप से) और कार्बामेट (परिवर्तनीय रूप से) कीटनाशक तंत्रिका अंतर्ग्रथन (Synapse) पर AChE एंजाइम को रोक देते हैं, जिससे एसिटाइलकोलीन (ACh) जमा होकर निरंतर तंत्रिका आवेग, कंपन, पक्षाघात (Paralysis) और मृत्यु का कारण बनता है।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. प्रवेश मार्ग के आधार पर वर्गीकरण (Classification Based on Mode of Entry)

1. आमाशय विष (Stomach Poisons)

चबाने वाले मुखांग (Mandibulate) वाले कीटों एवं विष-चारे (Poison baits) में प्रयुक्त। उदाहरण: लेड आर्सेनेट, पेरिस ग्रीन, क्रायोलाइट, बोरिक अम्ल, Bacillus thuringiensis (Bt), स्पाइनोसैड, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल।

2. स्पर्श विष (Contact Poisons)

क्यूटिकल के लिपोप्रोटीन से होकर सीधे तंत्रिका तंत्र तक पहुँचते हैं। उदाहरण: पायरेथ्रम, सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन), मैलाथियान, क्लोरपायरीफॉस, क्विनालफॉस।

3. धूम्रक (Fumigants)

गैसीय अवस्था में श्वासरंध्रों (Spiracles) से प्रवेश करते हैं। उदाहरण: एल्युमिनियम फॉस्फाइड (Celphos →PH3), मिथाइल ब्रोमाइड, हाइड्रोजन साइनाइड (HCN), डाइक्लोरवॉस (DDVP — स्पर्श + धूम्रक दोनों!)।

4. सर्वांगी एवं पार-पटल विष (Systemic & Translaminar Poisons)

पौधे के संवहन तंत्र में प्रवाहित होकर रसचूसक कीटों को मारते हैं। उदाहरण: इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, क्लोथियानिडिन, एसीटामिप्रिड, डाइमेथोएट (Rogor), ऑक्सीडेमेटॉन-मिथाइल, मोनोक्रोटोफॉस, फोरेट। (Translaminar जैसे एबामेक्टिन व स्पाइरोमेसिफेन पत्ती की ऊपरी सतह से निचली सतह तक आर-पार जाते हैं)।

2. क्रियाविधि के आधार पर वर्गीकरण (Classification Based on Mode of Action — IRAC)

  1. भौतिक विष (Physical Poisons — Asphyxiants & Abrasive Dusts):
    • खनिज व पेट्रोलियम तेल (Horticultural Mineral Oils): शल्क कीटों (Scales) के श्वासरंध्रों को बंद कर दम घोंट (Asphyxiation) देते हैं।
    • अक्रिय घर्षक धूल (Inert dusts — जैसे Activated Kaolin clay, Silica aerogel, Diatomaceous earth): भंडारित अनाज के कीटों की क्यूटिकल की मोमी परत (Epicuticular wax) को खुरच देती हैं जिससे कीट शरीर का पानी सूखने (Desiccation) से मर जाता है।
  2. जीवद्रव्यी विष (Protoplasmic Poisons): कोशिका प्रोटीन को अवक्षेपित (Precipitate) करते हैं। उदाहरण: भारी धातुएँ (मर्क्यूरिक क्लोराइड), आर्सेनिक यौगिक, फॉर्मेल्डिहाइड।
  3. श्वसन एवं माइटोकॉन्ड्रियल इलेक्ट्रॉन परिवहन अवरोधक (Respiratory / METI Poisons):
    • Complex I (NADH dehydrogenase) अवरोधक: रोटेनोन (Rotenone), फेनाजाक्विन (Fenazaquin — मकड़ीनाशी), पाइरिडाबेन, टोलफेनपायराड।
    • ऑक्सीडेटिव फॉस्फोराइलेशन अनकपलर / ATP सिंथेज अवरोधक: क्लोरफेनापायर (Chlorfenapyr), डाइफेंथियूरॉन (Diafenthiuron — Polo), प्रोपार्गाइट तथा धूम्रक फॉस्फीन (extPH3) व HCN (Cytochrome c oxidase अवरोधक)।
  4. तंत्रिका विष (Nerve Poisons — सर्वाधिक बड़ा समूह):
    • (a) वोल्टेज-गेटेड सोडियम चैनल मॉड्यूलेटर (Axonic Poisons — खुला रखते हैं): DDT, पायरेथ्रम एवं सभी सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन, लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन, फेनवेलरेट) — त्वरित ‘नॉक-डाउन’ प्रभाव।
    • (b) वोल्टेज-निर्भर सोडियम चैनल ब्लॉकर (बंद करते हैं): इंडोक्साकार्ब (Indoxacarb — Oxadiazine), मेटाफ्लुमिजोन।
    • (c) एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (AChE) अवरोधक (Synaptic Poisons): सभी ऑर्गेनोफॉस्फेट (OPs) और सभी कार्बामेट्स (Carbamates)।
    • (d) निकोटिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर (nAChR) एगोनिस्ट/मॉड्यूलेटर: निकोटीन, सभी नियोनिकोटिनॉइड्स (इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, एसीटामिप्रिड, डाइनोटफ्यूरान), कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Nereistoxin analogue — nAChR blocker) एवं स्पिनोसिन्स (स्पाइनोसैड, स्पिनोटोरम — एलोस्टेरिक एक्टिवेटर)।
    • (e) गाबा-गेटेड क्लोराइड चैनल (GABA-gated extCl− channel) एंटागोनिस्ट / एक्टिवेटर:
      • GABA Blocker (अवरोधक): फिप्रोनिल (Fipronil — Phenylpyrazole), साइक्लोडीन (एंडोसल्फान, एल्ड्रिन) व लिंडेन।
      • GABA & Glutamate-gated extCl− Channel Activator: इमामेक्टिन बेंजोएट एवं एबामेक्टिन (Avermectins)।
  5. पेशीय विष / राइनोडाइन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (Muscle Poisons — Ryanodine Receptor Modulators):
    • कोशिका के अंदर राइनोडाइन रिसेप्टर (RyR) को खोलकर सारा कैल्शियम (extCa2+) बाहर निकाल देते हैं, जिससे कीट की मांसपेशियाँ तुरंत सिकुड़कर पक्षाघात (Muscle contraction paralysis) का शिकार हो जाती हैं और कीट खाना तुरंत बंद कर देता है। उदाहरण: डायमाइड समूह — क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (Chlorantraniliprole — Coragen), फ्लूबेंडियामाइड (Flubendiamide — Fame), सायंट्रानिलीप्रोल (Cyantraniliprole)।
  6. काइटिन संश्लेषण अवरोधक एवं कीट वृद्धि नियामक (Chitin Synthesis Inhibitors & IGRs):
    • बेंजोइलफिनाइल यूरिया (CSIs): डाइफ्लुबेंजुरॉन (Diflubenzuron — Dimilin), नोवालुरॉन (Novaluron), ल्यूफेनुरॉन (Lufenuron) एवं होमोप्टेरा हेतु बुप्रोफेजिन (Buprofezin — Applaud)।
    • लिपिड संश्लेषण अवरोधक (ACC inhibitors — Tetronic/Tetramic acids): स्पाइरोमेसिफेन (Spiromesifen — Oberon), स्पाइरोटेट्रामैट।
    • कोर्डोटोनल अंग मॉड्यूलेटर (Chordotonal Organ TRPV Modulators — रसचूसक कीटों की सुई लॉक करने वाले): पाइमेट्रोजिन (Pymetrozine — Chess), फ्लोनिकामिड (Flonicamid — Ulala), पायरीफ्लुक्विनजोन।

3. रासायनिक प्रकृति के आधार पर प्रमुख समूह एवं उदाहरण (Chemical Classification of Insecticides)

  • 1. वानस्पतिक कीटनाशक (Botanicals — Plant-Origin):
    • नीम (Azadirachta indica): बीज की गिरी में ‘अजाडिराक्टिन’ (Azadirachtin — Tetranortriterpenoid)।
    • पायरेथ्रम (Chrysanthemum cinerariaefolium): सूखे फूलों (Capitula) में 6 एस्टर (Pyrethrin I & II, Cinerin I & II, Jasmolin I & II)।
    • निकोटीन (Nicotiana tabacum / N. rustica): पत्तियों में निकोटीन एल्कलॉइड।
    • रोटेनोन (Derris elliptica / Lonchocarpus): जड़ों में फ्लेवोनॉइड (मछली के लिए विषैला, कीट श्वसन अवरोधक)।
    • रायनिया (Ryania speciosa): तने से ‘रायनोडाइन’ (जिससे आधुनिक Coragen प्रेरित है); सैबाडिला (Veratrine)।
  • 2. ऑर्गेनोक्लोरीन (Organochlorines / Chlorinated Hydrocarbons): DDT (पॉल मुलर, 1939; संश्लेषण: Othmar Zeidler, 1874), HCH/BHC (गामा समावयवी = लिंडेन / Lindane), साइक्लोडीन (एल्ड्रिन, डाइएल्ड्रिन, हेप्टाक्लोर, एंडोसल्फान — केरल कासरगोड प्रकरण के बाद 2011 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित)। विशेषता: वसा में घुलनशील (Lipophilic) व पर्यावरण में दीर्घस्थायी (Persistent — जैव-आवर्धन करते हैं)।
  • 3. ऑर्गेनोफॉस्फेट (Organophosphates – OPs; फॉस्फोरिक अम्ल के एस्टर): जनक: गेरहार्ड श्रेडर। पर्यावरण में जल्दी विघटित होते हैं। उदाहरण: मैलाथियान, क्लोरपायरीफॉस, क्विनालफॉस, प्रोफेनोफॉस, ट्रायजोफॉस, डाइमेथोएट, ऑक्सीडेमेटॉन-मिथाइल (Metasystox), एसीफेट, डाइक्लोरवॉस (DDVP), टेमेफॉस। (मोनोक्रोटोफॉस, फोरेट, मिथाइल पैराथियान, फॉस्फामिडॉन अब प्रतिबंधित/सीमित)।
  • 4. कार्बामेट्स (Carbamates — कार्बामिक अम्ल के एस्टर): कार्बारिल (Carbaryl — Sevin, 1984 भोपाल गैस त्रासदी में प्रयुक्त मध्यवर्ती रसायन ‘मिथाइल आइसोसाइनेट – MIC’), कार्बोफ्यूरान (Carbofuran — Furadan), मेथोमिल (Lannate), थायोडिकार्ब (Larvin), प्रोपोक्सुर (Baygon), फेनोबुकार्ब (BPMC)।
  • 5. सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (Synthetic Pyrethroids; Michael Elliott): अलेथ्रिन (प्रथम संश्लेषित, 1949), परमेथ्रिन (प्रथम प्रकाश-स्थिर, 1973), साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन, फेनवेलरेट, लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन, बाइफेंथ्रिन, अल्फा-साइपरमेथ्रिन।
  • 6. नियोनिकोटिनॉइड्स (Neonicotinoids): इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid — Confidor), थायोमेथोक्साम (Actara), एसीटामिप्रिड (Pride), क्लोथियानिडिन, थायोक्लोप्रिड, डाइनोटफ्यूरान (Token/Osheen)।
  • 7. सूक्ष्मजीवी व्युत्पन्न (Microbial Derivatives — Actinomycetes):
    • Saccharopolyspora spinosa से: स्पाइनोसैड (Spinosad — Tracer) एवं स्पिनोटोरम (Delegate)।
    • Streptomyces avermitilis से: एबामेक्टिन एवं इमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin benzoate — Proclaim 5% SG)।
  • 8. नेरीस्टॉक्सिन एनालॉग (Marine Annelid Lumbriconereis heteropoda से): कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Cartap hydrochloride — Padan)।
  • 9. डायमाइड्स (Diamides): फ्लूबेंडियामाइड (Phthalic acid diamide) एवं क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, सायंट्रानिलीप्रोल, टेट्रानिलीप्रोल (Anthranilic diamides)।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

रासायनिक एवं जैविक उत्पत्ति के अनुसार त्वरित सारांश वर्गीकरण:

  • पादप मूल (Botanicals): नीम (Azadirachtin), पायरेथ्रम (Chrysanthemum), निकोटीन (Tobacco), रोटेनोन (Derris), रायनोडाइन (Ryania)।
  • समुद्री केंचुआ मूल (Annelid origin): कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Nereistoxin)।
  • मृदा एक्टिनोमाइसिटीज मूल: स्पाइनोसैड/स्पिनोटोरम एवं एबामेक्टिन/इमामेक्टिन बेंजोएट।
  • नवीन संश्लेषित समूह: Neonicotinoids, Phenylpyrazoles (Fipronil), Oxadiazines (Indoxacarb), Diamides (Chlorantraniliprole), Pyridine azomethines (Pymetrozine), Pyridine carboxamides (Flonicamid)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • IRAC क्रियाविधि चक्रण का सिद्धांत (Principle of IRAC Mode of Action Rotation): कीटों में प्रतिरोध (Resistance) को रोकने के लिए कभी भी एक ही IRAC समूह (जैसे लगातार इमिडाक्लोप्रिड और फिर थायोमेथोक्साम — दोनों Group 4A nAChR agonists) का छिड़काव नहीं करना चाहिए; बल्कि Group 4A के बाद Group 29 (Flonicamid) या Group 9B (Pymetrozine) का चक्रण करना चाहिए।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

विशेष परीक्षा केस स्टडी: डाइक्लोरवॉस (DDVP) एवं लिंडेन की अनूठी विशेषताएँ

1. डाइक्लोरवॉस (Dichlorvos / DDVP — Nuvan): यह ऑर्गेनोफॉस्फेट समूह का एक ऐसा अनूठा कीटनाशक है जिसमें स्पर्श (Contact), आमाशय (Stomach) और तीव्र धूम्रक (Fumigant vapour action) तीनों गुण एक साथ पाए जाते हैं और इसका वेटिंग पीरियड बहुत कम होता है (नोट: भारत में हाल में इसके कृषि उपयोग को चरणबद्ध रूप से प्रतिबंधित किया गया है)।
2. लिंडेन (Lindane — γ-HCH): बेंजीन हेक्साक्लोराइड (BHC/HCH) के 8 समावयवियों (α,β,γ,δ,ϵ आदि) में से केवल ‘गामा समावयवी’ (Gamma isomer — ≥99% शुद्धता) में ही वास्तविक कीटनाशी गुण पाए जाते हैं जिसे ‘लिंडेन’ कहते हैं।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 2.1: प्रमुख आधुनिक एवं पारंपरिक कीटनाशक समूह, उनके उदाहरण एवं सटीक क्रियाविधि (IRAC Mode of Action)
कीटनाशक समूह (Chemical Group) IRAC ग्रुप प्रमुख प्रतिनिधि कीटनाशक लक्ष्य स्थल एवं क्रियाविधि (Target Site & Mode of Action)
1. ऑर्गेनोफॉस्फेट एवं कार्बामेट Group 1A & 1B मैलाथियान, क्लोरपायरीफॉस, प्रोफेनोफॉस, डाइमेथोएट; कार्बारिल, कार्बोफ्यूरान, थायोडिकार्ब सिनेप्स पर एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (AChE) एंजाइम का अवरोधन।
2. फिनाइलपायराजोल (Phenylpyrazoles) Group 2B फिप्रोनिल (Fipronil — Regent), एथिप्रोल GABA-गेटेड क्लोराइड चैनल ब्लॉकर (अवरोधक)।
3. सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स एवं DDT Group 3A साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन, लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन, बाइफेंथ्रिन एक्सॉन के सोडियम चैनल मॉड्यूलेटर (चैनल खुला रखकर नॉक-डाउन)।
4. नियोनिकोटिनॉइड्स (Neonicotinoids) Group 4A इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, एसीटामिप्रिड, डाइनोटफ्यूरान पोस्ट-सिनेप्टिक निकोटीन एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर (nAChR) एगोनिस्ट।
5. स्पिनोसिन्स (Spinosyns) Group 5 स्पाइनोसैड (Spinosad), स्पिनोटोरम (Spinetoram) nAChR एलोस्टेरिक एक्टिवेटर एवं GABA प्रभाव।
6. एवरमेक्टिन्स (Avermectins) Group 6 इमामेक्टिन बेंजोएट (Proclaim), एबामेक्टिन ग्लूटामेट व GABA-गेटेड क्लोराइड चैनल एक्टिवेटर।
7. पिरिडीन एजोमेथाइन व फ्लोनिकामिड Group 9B & 29 पाइमेट्रोजिन (Chess), फ्लोनिकामिड (Ulala) कोर्डोटोनल अंग मॉड्यूलेटर (रसचूसक कीट का भूख से मरना)।
8. काइटिन संश्लेषण अवरोधक (CSIs) Group 15 & 16 नोवालुरॉन, ल्यूफेनुरॉन, डाइफ्लुबेंजुरॉन; बुप्रोफेजिन निर्मोचन (Moulting) के समय काइटिन जैव-संश्लेषण रोकना।
9. ऑक्साडियाजीन्स (Oxadiazines) Group 22A इंडोक्साकार्ब (Indoxacarb — Avaunt) वोल्टेज-निर्भर सोडियम चैनल ब्लॉकर (चैनल बंद करना)।
10. डायमाइड्स (Diamides) Group 28 क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (Coragen), फ्लूबेंडियामाइड (Fame), सायंट्रानिलीप्रोल पेशीय राइनोडाइन रिसेप्टर (RyR) मॉड्यूलेटर (extCa2+ निकासी व पक्षाघात)।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

प्रमुख ऐतिहासिक वर्ष, जनक एवं रासायनिक संबंध
  • DDT (Dichloro Diphenyl Trichloroethane): संश्लेषण — Othmar Zeidler (1874); कीटनाशी गुणों की खोज — डॉ. पॉल हरमन मुलर (Paul Hermann Müller, 1939; 1948 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार)।
  • ऑर्गेनोफॉस्फेट (OP) के जनक: गेरहार्ड श्रेडर (Gerhard Schrader, जर्मनी)।
  • AChE एंजाइम की सामान्य तंत्रिका अभिक्रिया (जिसे OP व Carbamate रोकते हैं):
    Acetylcholine (ACh — सक्रिय न्यूरोट्रांसमीटर)+H2O→AChE EnzymeCholine (निष्क्रिय)+Acetic Acid

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 02: कीटनाशकों का वैज्ञानिक वर्गीकरण
प्रवेश मार्ग अनुसार (Mode of Entry)
  • 1. आमाशय विष (Stomach): Bt, लेड आर्सेनेट, इंडोक्साकार्ब
  • 2. स्पर्श विष (Contact): पायरेथ्रम, साइपरमेथ्रिन, मैलाथियान
  • 3. धूम्रक (Fumigants): एल्युमिनियम फॉस्फाइड (PH3), मिथाइल ब्रोमाइड
  • 4. सर्वांगी (Systemic): इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, डाइमेथोएट
क्रियाविधि अनुसार (Mode of Action)
  • AChE अवरोधक: ऑर्गेनोफॉस्फेट (OP) एवं कार्बामेट्स
  • सोडियम चैनल मॉड्यूलेटर: DDT एवं सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स
  • nAChR एगोनिस्ट: नियोनिकोटिनॉइड्स | GABA ब्लॉकर: फिप्रोनिल
  • राइनोडाइन रिसेप्टर (RyR): क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, फ्लूबेंडियामाइड
प्राकृतिक व सूक्ष्मजीवी मूल
  • वानस्पतिक: नीम (Azadirachtin), पायरेथ्रम, निकोटीन, रोटेनोन
  • समुद्री एनेलिड (Nereistoxin): कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड
  • एक्टिनोमाइसिटीज: स्पाइनोसैड (S. spinosa) व इमामेक्टिन (S. avermitilis)
वृद्धि एवं व्यवहार नियामक
  • काइटिन संश्लेषण अवरोधक: नोवालुरॉन, ल्यूफेनुरॉन, बुप्रोफेजिन
  • लिपिड अवरोधक (Ketoenols): स्पाइरोमेसिफेन, स्पाइरोटेट्रामैट
  • कोर्डोटोनल अंग मॉड्यूलेटर: पाइमेट्रोजिन, फ्लोनिकामिड

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

कीट के मुखांग एवं फीडिंग स्वभाव के अनुसार सही कीटनाशक वर्ग का चयन (Insecticide Selection by Insect Feeding Guild)
Step 1
चरण 1: कीट के मुखांग एवं क्षति करने के तरीके की पहचान करें
⬇
Step 2
चरण 2 (यदि काटने-चबाने वाली इल्ली/भृंग है): आमाशय एवं पेशी/तंत्रिका विष चुनें → क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (RyR), इमामेक्टिन बेंजोएट (Cl- channel), इंडोक्साकार्ब, स्पाइनोसैड या Bt
⬇
Step 3
चरण 3 (यदि रस चूसने वाला माहू, तेला, सफेद मक्खी या BPH है): सर्वांगी (Systemic) या कोर्डोटोनल/लिपिड अवरोधक चुनें → इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, फ्लोनिकामिड, पाइमेट्रोजिन या स्पाइरोमेसिफेन
⬇
Step 4
चरण 4 (यदि तने या मिट्टी के अंदर छिपा कीट है): दानेदार सर्वांगी या धूम्रक चुनें → क्लोरेंट्रानिलीप्रोल GR, कार्टाप GR या गोदाम में एल्युमिनियम फॉस्फाइड धूम्रन

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • DDT का रासायनिक संश्लेषण 1874 में ‘ओथमार ज्यूडलर’ (Othmar Zeidler) ने किया था, किंतु इसके कीटनाशी गुणों की खोज 1939 में स्विस वैज्ञानिक ‘डॉ. पॉल हरमन मुलर’ (Paul Müller) ने की थी।
  • ऑर्गेनोफॉस्फेट (OP) कीटनाशकों के जनक जर्मन रसायनज्ञ ‘गेरहार्ड श्रेडर’ (Gerhard Schrader) हैं।
  • ऑर्गेनोफॉस्फेट और कार्बामेट दोनों तंत्रिका सिनेप्स पर ‘एसिटाइलकोलीनएस्टरेज’ (AChE) एंजाइम को रोकते हैं, और इनकी विषाक्तता का सार्वभौमिक एंटीडोट (Antidote) ‘एट्रोपिन सल्फेट’ (Atropine sulphate; OP में + 2-PAM) है।
  • क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (Coragen) और फ्लूबेंडियामाइड (Fame) ‘डायमाइड’ समूह के कीटनाशक हैं जो मांसपेशियों के ‘राइनोडाइन रिसेप्टर’ (Ryanodine receptor) पर कार्य करते हैं।
  • कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Padan) समुद्री एनेलिड केंचुए ‘Lumbriconereis heteropoda’ से प्राप्त ‘नेरीस्टॉक्सिन’ (Nereistoxin) का सिंथेटिक व्युत्पन्न है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • प्रवेश मार्ग: आमाशय (Bt, Indoxacarb), स्पर्श (Cypermethrin), धूम्रक (AlP →PH3), सर्वांगी (Imidacloprid, Dimethoate)।
  • लक्ष्य स्थल मिलान: OP & Carbamates → AChE; Pyrethroids & DDT → Na+ channel modulator; Indoxacarb → Na+ channel blocker; Neonicotinoids → nAChR agonist; Fipronil → GABA blocker; Emamectin → Cl− channel activator; Chlorantraniliprole → Ryanodine receptor; Novaluron/Buprofezin → Chitin synthesis inhibitor।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. वर्ष 1939 में DDT के कीटनाशी गुणों की खोज करने के लिए किस वैज्ञानिक को 1948 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था?
(A) डॉ. पॉल हरमन मुलर (Paul Hermann Müller)
(B) गेरहार्ड श्रेडर
(C) रैचेल कार्सन
(D) ओटो हॉफमैन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) डॉ. पॉल हरमन मुलर (Paul Hermann Müller)
व्याख्या: DDT का संश्लेषण 1874 में Zeidler ने किया था, किंतु इसके कीटनाशी गुणों की खोज 1939 में Paul Müller ने की थी।
2. ऑर्गेनोफॉस्फेट (जैसे मैलाथियान, क्लोरपायरीफॉस) और कार्बामेट (जैसे कार्बारिल, कार्बोफ्यूरान) कीटनाशक कीट के तंत्रिका तंत्र में किस एंजाइम को अवरुद्ध करते हैं?
(A) एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (Acetylcholinesterase — AChE)
(B) रुबिस्को
(C) एमाइलेज
(D) नाइट्रोजिनेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (Acetylcholinesterase — AChE)
व्याख्या: OP और Carbamate सिनेप्स पर AChE एंजाइम को रोकते हैं जिससे एसिटाइलकोलीन का जमाव होकर पक्षाघात होता है।
3. आधुनिक कीटनाशक ‘क्लोरेंट्रानिलीप्रोल’ (Chlorantraniliprole — Coragen) और ‘फ्लूबेंडियामाइड’ (Fame) किस रासायनिक समूह से हैं और उनकी क्रियाविधि क्या है?
(A) डायमाइड समूह (Diamides) — पेशीय राइनोडाइन रिसेप्टर (Ryanodine receptor) मॉड्यूलेटर
(B) ऑर्गेनोक्लोरीन — GABA ब्लॉकर
(C) पायरेथ्रॉइड — पाचन अवरोधक
(D) अकार्बनिक — श्वसन विष
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) डायमाइड समूह (Diamides) — पेशीय राइनोडाइन रिसेप्टर (Ryanodine receptor) मॉड्यूलेटर
व्याख्या: डायमाइड कीटनाशक मांसपेशियों के राइनोडाइन रिसेप्टर से कैल्शियम बाहर निकालकर तत्काल पेशीय पक्षाघात करते हैं।
4. इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid), थायोमेथोक्साम (Thiamethoxam) और एसीटामिप्रिड किस आधुनिक सर्वांगी कीटनाशक समूह से संबंधित हैं?
(A) नियोनिकोटिनॉइड्स (Neonicotinoids — nAChR agonists)
(B) ऑर्गेनोक्लोरीन
(C) कार्बामेट्स
(D) एवरमेक्टिन्स
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नियोनिकोटिनॉइड्स (Neonicotinoids — nAChR agonists)
व्याख्या: नियोनिकोटिनॉइड्स निकोटिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर (nAChR) पर जुड़ने वाले सर्वांगी रसचूसक कीटनाशक हैं।
5. समुद्री केंचुए (Marine annelid — Lumbriconereis heteropoda) से प्राप्त ‘नेरीस्टॉक्सिन’ (Nereistoxin) से विकसित किया गया प्रसिद्ध कीटनाशक कौन-सा है?
(A) कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Cartap hydrochloride — Padan)
(B) मैलाथियान
(C) 2,4-D
(D) लिंडेन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (Cartap hydrochloride — Padan)
व्याख्या: कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड नेरीस्टॉक्सिन का सिंथेटिक एनालॉग है जो धान के तना छेदक के विरुद्ध अत्यंत प्रभावी है।
6. पायरेथ्रम (Pyrethrum) नामक प्राकृतिक वानस्पतिक कीटनाशक किस पौधे के सूखे फूलों से प्राप्त किया जाता है?
(A) गुलदाउदी (Chrysanthemum cinerariaefolium)
(B) नीम
(C) तंबाकू
(D) डेरिस
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गुलदाउदी (Chrysanthemum cinerariaefolium)
व्याख्या: पायरेथ्रम गुलदाउदी (Chrysanthemum cinerariaefolium) के फूलों से और रोटेनोन Derris elliptica की जड़ों से प्राप्त होता है।
7. मृदा में पाए जाने वाले एक्टिनोमाइसिटीज जीवाणु ‘Saccharopolyspora spinosa’ के किण्वन से कौन-सा प्रसिद्ध जैव-कीटनाशक प्राप्त होता है?
(A) स्पाइनोसैड (Spinosad — Tracer) एवं स्पिनोटोरम
(B) डीडीटी
(C) फोरेट
(D) कार्बोफ्यूरान
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) स्पाइनोसैड (Spinosad — Tracer) एवं स्पिनोटोरम
व्याख्या: Saccharopolyspora spinosa से स्पाइनोसैड और Streptomyces avermitilis से एबामेक्टिन/इमामेक्टिन प्राप्त होते हैं।
8. फिप्रोनिल (Fipronil — Regent) किस रासायनिक समूह का कीटनाशक है और किस चैनल को अवरुद्ध करता है?
(A) फिनाइलपायराजोल (Phenylpyrazole) — GABA-गेटेड क्लोराइड चैनल ब्लॉकर
(B) नियोनिकोटिनॉइड — काइटिन अवरोधक
(C) कार्बामेट — AChE अवरोधक
(D) डायमाइड — कैल्शियम चैनल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) फिनाइलपायराजोल (Phenylpyrazole) — GABA-गेटेड क्लोराइड चैनल ब्लॉकर
व्याख्या: फिप्रोनिल फिनाइलपायराजोल समूह का कीटनाशक है जो GABA-गेटेड क्लोराइड चैनल को ब्लॉक करता है।
9. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ‘काइटिन संश्लेषण अवरोधक’ (Chitin Synthesis Inhibitor) कीटनाशक है जो कीट में निर्मोचन (Moulting) को रोककर उसे मारता है?
(A) नोवालुरॉन (Novaluron), डाइफ्लुबेंजुरॉन एवं बुप्रोफेजिन
(B) मैलाथियान
(C) साइपरमेथ्रिन
(D) फॉस्फीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नोवालुरॉन (Novaluron), डाइफ्लुबेंजुरॉन एवं बुप्रोफेजिन
व्याख्या: बेंजोइलफिनाइल यूरिया (Novaluron, Lufenuron, Diflubenzuron) और Buprofezin काइटिन निर्माण रोकते हैं।
10. ऑर्गेनोफॉस्फेट और कार्बामेट कीटनाशकों की मानव या पशु में आकस्मिक विषाक्तता होने पर कौन-सा विशिष्ट एंटीडोट (Antidote) इंजेक्शन दिया जाता है?
(A) एट्रोपिन सल्फेट (Atropine sulphate; OP में साथ में 2-PAM)
(B) विटामिन-K
(C) केवल ग्लूकोज
(D) पेनिसिलिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) एट्रोपिन सल्फेट (Atropine sulphate; OP में साथ में 2-PAM)
व्याख्या: एट्रोपिन सल्फेट मस्करिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर को ब्लॉक कर AChE विषाक्तता से जीवन बचाता है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. DDT के कीटनाशी गुणों की खोज 1939 में ‘पॉल मुलर’ ने की थी, जबकि ऑर्गेनोफॉस्फेट (OP) के जनक ‘गेरहार्ड श्रेडर’ हैं।
  2. ऑर्गेनोफॉस्फेट और कार्बामेट कीटनाशक सिनेप्स पर ‘एसिटाइलकोलीनएस्टरेज (AChE)’ एंजाइम को रोकते हैं (एंटीडोट: एट्रोपिन)।
  3. क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (Coragen) और फ्लूबेंडियामाइड (Fame) मांसपेशियों के ‘राइनोडाइन रिसेप्टर (RyR)’ पर कार्य करते हैं।
  4. इमिडाक्लोप्रिड और थायोमेथोक्साम ‘नियोनिकोटिनॉइड’ समूह के सर्वांगी कीटनाशक हैं जो ‘nAChR’ पर जुड़ते हैं।
  5. कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड समुद्री केंचुए से प्राप्त ‘नेरीस्टॉक्सिन’ से और स्पाइनोसैड ‘Saccharopolyspora spinosa’ जीवाणु से बना है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. प्रवेश मार्ग (Mode of entry) के आधार पर कीटनाशकों के चार प्रकार लिखिए।
उत्तर: (1) आमाशय विष (Stomach poison), (2) स्पर्श विष (Contact poison), (3) धूम्रक (Fumigant), और (4) सर्वांगी विष (Systemic poison)।
2. किन्हीं चार वानस्पतिक कीटनाशकों (Botanical insecticides) और उनके पादप स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) अजाडिराक्टिन — नीम (Azadirachta indica), (2) पायरेथ्रम — गुलदाउदी (Chrysanthemum), (3) निकोटीन — तंबाकू (Nicotiana), और (4) रोटेनोन — डेरिस (Derris elliptica)।
3. नियोनिकोटिनॉइड (Neonicotinoid) समूह के चार प्रमुख कीटनाशकों के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) इमिडाक्लोप्रिड, (2) थायोमेथोक्साम, (3) एसीटामिप्रिड, और (4) डाइनोटफ्यूरान (या क्लोथियानिडिन)।
4. इमामेक्टिन बेंजोएट और स्पाइनोसैड किन सूक्ष्मजीवों से प्राप्त किए जाते हैं?
उत्तर: इमामेक्टिन बेंजोएट: Streptomyces avermitilis से; स्पाइनोसैड: Saccharopolyspora spinosa से।
5. धान के भूरे फुदके (BPH) की सुई (Stylet) को लकवाग्रस्त कर उसे भूख से मारने वाले कोर्डोटोनल अंग मॉड्यूलेटर कीटनाशक कौन-से हैं?
उत्तर: पाइमेट्रोजिन (Pymetrozine — Chess) और फ्लोनिकामिड (Flonicamid — Ulala)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. कीट के शरीर में प्रवेश मार्ग (Mode of Entry) के आधार पर कीटनाशकों का उदाहरण सहित वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर: (1) आमाशय विष (Stomach poisons): जिन्हें काटने-चबाने वाले कीट पत्तियों के साथ निगलते हैं और वे पाचन तंत्र से अवशोषित होकर मारते हैं; जैसे Bt, इंडोक्साकार्ब, लेड आर्सेनेट। (2) स्पर्श विष (Contact poisons): जो कीट की त्वचा (Cuticle) के संपर्क में आते ही अंदर प्रवेश कर तंत्रिका तंत्र को सुन्न कर देते हैं; जैसे साइपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन, मैलाथियान। (3) धूम्रक (Fumigants): जो गैसीय रूप में श्वासरंध्रों से प्रवेश करते हैं; जैसे एल्युमिनियम फॉस्फाइड (फॉस्फीन गैस), मिथाइल ब्रोमाइड। (4) सर्वांगी विष (Systemic poisons): जो पौधे के रस में घुलकर रसचूसक कीटों को मारते हैं; जैसे इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, डाइमेथोएट।
2. ऑर्गेनोक्लोरीन, ऑर्गेनोफॉस्फेट, कार्बामेट और सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड कीटनाशकों के गुणधर्मों की तुलना कीजिए।
उत्तर: (1) ऑर्गेनोक्लोरीन (DDT, Lindane, Endosulfan): वसा-घुलनशील एवं पर्यावरण व खाद्य श्रृंखला में वर्षों तक बने रहने वाले (Persistent & Biomagnifying); सोडियम या GABA चैनल पर कार्य करते हैं। (2) ऑर्गेनोफॉस्फेट (Malathion, Chlorpyrifos, Profenofos): फॉस्फोरिक अम्ल के एस्टर जो पर्यावरण में जल्दी विघटित हो जाते हैं; AChE एंजाइम को अपरिवर्तनीय रूप से रोकते हैं। (3) कार्बामेट्स (Carbaryl, Carbofuran, Thiodicarb): कार्बामिक अम्ल के एस्टर जो AChE को परिवर्तनीय रूप से रोकते हैं। (4) सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (Cypermethrin, Deltamethrin): गुलदाउदी के पायरेथ्रम के प्रकाश-स्थिर सिंथेटिक रूप जो सोडियम चैनल पर त्वरित नॉक-डाउन प्रभाव देते हैं।
3. नियोनिकोटिनॉइड्स (Neonicotinoids) और डायमाइड्स (Diamides) आधुनिक कृषि में क्यों लोकप्रिय हैं? उनकी क्रियाविधि और उदाहरण लिखिए।
उत्तर: ये दोनों आधुनिक चतुर्थ-पीढ़ी के कीटनाशक अत्यंत कम मात्रा (10–50 g a.i./ha) में कार्य करते हैं और मनुष्यों व स्तनधारियों के लिए बहुत सुरक्षित हैं: (1) नियोनिकोटिनॉइड्स (इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्साम, एसीटामिप्रिड, डाइनोटफ्यूरान): उत्कृष्ट सर्वांगी (Systemic) गुण रखते हैं और कीट के निकोटिनिक एसिटाइलकोलीन रिसेप्टर (nAChR) से जुड़कर सभी रसचूसक कीटों (माहू, तेला, सफेद मक्खी, BPH) को नियंत्रित करते हैं। (2) डायमाइड्स (क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, फ्लूबेंडियामाइड, सायंट्रानिलीप्रोल): कीट की मांसपेशियों के राइनोडाइन रिसेप्टर (RyR) को खोलकर कैल्शियम बाहर निकाल देते हैं जिससे सभी तना व फली छेदक इल्लियाँ तुरंत खाना बंद कर मर जाती हैं।
4. वानस्पतिक कीटनाशक (Botanical insecticides) क्या हैं? नीम, पायरेथ्रम, निकोटीन और रोटेनोन का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर: पौधों के विभिन्न भागों (बीज, फूल, पत्ती, जड़) से निकाले गए प्राकृतिक कीटनाशी यौगिकों को वानस्पतिक कीटनाशक कहते हैं: (1) नीम (Azadirachta indica): निंबोली में ‘अजाडिराक्टिन’ होता है जो भक्षण-रोधी, प्रतिकर्षक और निर्मोचन अवरोधक है। (2) पायरेथ्रम: गुलदाउदी के फूलों से प्राप्त, जिसमें 6 एस्टर (Pyrethrins) होते हैं जो स्पर्श से कीट को तुरंत गिरा देते हैं। (3) निकोटीन: तंबाकू की पत्तियों से प्राप्त nAChR तंत्रिका विष। (4) रोटेनोन: Derris elliptica की जड़ों से प्राप्त माइटोकॉन्ड्रियल श्वसन (Complex I) अवरोधक।
5. काइटिन संश्लेषण अवरोधक (Chitin Synthesis Inhibitors) कीटों को कैसे मारते हैं? तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर: कीट की बाह्य त्वचा (Exoskeleton/Cuticle) ‘काइटिन’ (N-acetylglucosamine का बहुलक) से बनी होती है। जब कीट की इल्ली या शिशु एक अवस्था से दूसरी अवस्था में बढ़ने के लिए केंचुली बदलता है (Moulting/Ecdysis), तब काइटिन संश्लेषण अवरोधक नई क्यूटिकल में काइटिन का बनना रोक देते हैं, जिससे अधूरे निर्मोचन के कारण इल्ली फटकर या सूखकर मर जाती है। स्तनधारियों में काइटिन न होने से ये पूर्णतः सुरक्षित हैं। उदाहरण: नोवालुरॉन (Novaluron), ल्यूफेनुरॉन (Lufenuron) और बुप्रोफेजिन (Buprofezin)।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. कीटनाशकों का (a) प्रवेश मार्ग (Mode of Entry), (b) क्रियाविधि (Mode of Action — भौतिक, श्वसन, तंत्रिका, पेशीय व काइटिन अवरोधक), और (c) रासायनिक प्रकृति (Chemical Groups) के आधार पर संपूर्ण वैज्ञानिक वर्गीकरण उदाहरणों सहित प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तीनों आधारों पर विस्तृत वर्गीकरण करते हुए तुलनात्मक सारणी 2.1 के सभी 10 प्रमुख समूहों, उनके IRAC कोड, लक्ष्य स्थल और उदाहरणों का सविस्तार वर्णन करें।
2. तंत्रिका एवं पेशीय तंत्र पर कार्य करने वाले कीटनाशकों के 6 प्रमुख जैव-रासायनिक तंत्रों—(i) AChE अवरोधक, (ii) सोडियम चैनल मॉड्यूलेटर व ब्लॉकर, (iii) nAChR एगोनिस्ट, (iv) GABA/क्लोराइड चैनल ब्लॉकर व एक्टिवेटर, (v) राइनोडाइन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर, और (vi) कोर्डोटोनल अंग मॉड्यूलेटर—की तुलनात्मक व्याख्या कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: छहों तंत्रों की तंत्रिका/पेशीय क्रियाविधि, सिनेप्स व एक्सॉन पर प्रभाव और प्रत्येक के व्यावसायिक कीटनाशक उदाहरणों को विस्तार से समझाएँ।
3. आधुनिक चतुर्थ-पीढ़ी के हरित-रसायन कीटनाशकों (Neonicotinoids, Spinosyns, Avermectins, Oxadiazines, Diamides एवं Ketoenols) ने किस प्रकार पुराने ऑर्गेनोक्लोरीन और ऑर्गेनोफॉस्फेट रसायनों का स्थान लिया है? सोदाहरण विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: पुराने रसायनों के दोष (उच्च स्तनधारी विषाक्तता, जैव-आवर्धन, 1–2 kg/ha उच्च डोज) बनाम नवीन अणुओं के लाभ (10–50 g/ha अति-सूक्ष्म डोज, विशिष्ट लक्ष्य रिसेप्टर, मित्र कीटों के प्रति सुरक्षा व कम प्रतीक्षा अवधि) की विवेचना करें।

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