PPHYS 311 Lecture 17: श्वसन को प्रभावित करने वाले कारक एवं श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ)

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
श्वसन को प्रभावित करने वाले कारक एवं श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ)
Factors Affecting Respiration
Respiratory Quotient (RQ of Carbohydrates, Fats, Proteins, Organic Acids, CAM & Anaerobic), Q10, Extinction Point, Pasteur Effect, Salt & Wound Respiration, CA Storage
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – ) की परिभाषा और विभिन्न क्रियाधारों (कार्बोहाइड्रेट = 1.0; वसा = 0.7; प्रोटीन = 0.8–0.9; कार्बनिक अम्ल = >1.0 जैसे मैलिक अम्ल 1.33 व ऑक्सैलिक अम्ल 4.0; CAM रात्रि = 0; एवं अवायवीय श्वसन = अनंत) के RQ मानों की गणना सीखना।
- श्वसन को प्रभावित करने वाले बाह्य कारकों—तापमान (), ऑक्सीजन (विलुप्ति बिंदु / Extinction point एवं पाश्चर प्रभाव), सांद्रता (Controlled Atmosphere Storage), जल, प्रकाश एवं यांत्रिक चोट (Wound respiration) तथा लवणों—का विश्लेषण करना।
- आंतरिक कारकों (जीवद्रव्य, ऊतक की आयु, श्वसनीय क्रियाधार की सांद्रता) और कृषि भंडारण में श्वसन नियंत्रण के महत्व का अध्ययन करना।
प्रस्तावना · Introduction
पौधों में श्वसन एक अनवरत चलने वाली एंजाइमीय प्रक्रिया है जिसकी दर कोशिका की ऊर्जा आवश्यकता और बाह्य पर्यावरण के अनुसार बदलती रहती है। कृषि में खड़ी फसल की श्वसन हानि को कम करके 'शुद्ध स्वांगीकरण' (Net Assimilation) बढ़ाना और कटाई के बाद अनाज, आलू, प्याज तथा फलों के गोदाम/कोल्ड स्टोरेज में श्वसन दर को न्यूनतम रखकर उनके वजन व गुणवत्ता की हानि को रोकना इस अध्याय का मुख्य व्यावहारिक उद्देश्य है। साथ ही, गेनांग के रेस्पिरोमीटर से मापा जाने वाला 'श्वसन गुणांक' (RQ) हमें तुरंत बता देता है कि पौधा या अंकुरित होता बीज उस समय कौन सा भोज्य पदार्थ जला रहा है!
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ / Respiratory Ratio)
श्वसन की प्रक्रिया में एक निश्चित समय में निष्कासित कार्बन डाइऑक्साइड () के आयतन (या मोल) और उसी समय में अवशोषित ऑक्सीजन () के आयतन (या मोल) के अनुपात को श्वसन गुणांक (RQ) कहते हैं: !
ताप गुणांक (Temperature Coefficient – Q10; Van't Hoff's Rule)
तापमान में प्रत्येक की वृद्धि करने पर किसी जैव-रासायनिक प्रक्रिया (जैसे श्वसन) की दर कितने गुना बढ़ जाती है, उस अनुपात को कहते हैं []। से के बीच पादप श्वसन का होता है!
विलुप्ति बिंदु (Extinction Point of Oxygen – Blackman)
वायुमंडल में ऑक्सीजन () की वह न्यूनतम सांद्रता (लगभग 1% से 3% ) जिस पर अवायवीय किण्वन पूर्णतः समाप्त हो जाता है और कुल उत्सर्जन अपने न्यूनतम स्तर पर आ जाता है!
घाव / क्षति श्वसन (Wound / Injury Respiration)
जब किसी पादप अंग (जैसे आलू के कंद या फल) को काटा या छीला जाता है, तो घाव भरने वाली कॉर्क एधा ('Wound periderm') बनाने और शर्करा की उपलब्धता बढ़ने से उस स्थान की श्वसन दर अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिसे 'घाव श्वसन' कहते हैं।
वर्गीकरण · Classification
विभिन्न श्वसनीय क्रियाधारों के मानक श्वसन गुणांक (RQ Values — 100% Exam Guaranteed Table!)
1. RQ = 1.0 (इकाई / Unity — कार्बोहाइड्रेट): जब ग्लूकोज, सुक्रोज या स्टार्च का पूर्ण वायवीय ऑक्सीकरण होता है (जैसे अंकुरित होते गेहूँ, धान, मक्का के बीजों में): !
2. RQ < 1.0 (इकाई से कम — वसा एवं प्रोटीन):
• (a) वसा / तेल (Fats / Oils): RQ = 0.70 (0.71) — जैसे अंकुरित होते अरंडी, सरसों, मूँगफली, सूरजमुखी के तैलीय बीजों में! (क्योंकि वसा अम्लों में ऑक्सीजन बहुत कम होती है, अतः उन्हें जलाने व शर्करा में बदलने में अधिक लगती है: Tripalmitin में ; ओलिक अम्ल = 0.71)।
• (b) प्रोटीन (Proteins): RQ = 0.80 से 0.90 — जैसे अंकुरित होते चना, मटर व दालों के बीजों में।
3. RQ = 0 (शून्य — मांसल CAM पौधों में रात्रि के समय): नागफनी (*Opuntia*) और *Bryophyllum* में रात में कार्बोहाइड्रेट का अपूर्ण ऑक्सीकरण होकर मैलिक अम्ल बनता है और एक भी अणु बाहर नहीं निकलता:
!
4. RQ > 1.0 (इकाई से अधिक — कार्बनिक अम्ल / Organic Acids): जब दिन में मांसल पौधों या पकते फलों में ऑक्सीजन-समृद्ध कार्बनिक अम्लों का ऑक्सीकरण होता है, तो कम में अधिक निकलती है:
• (a) मैलिक अम्ल (Malic acid, ): !
• (b) टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid): 1.60।
• (c) ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid, — सर्वाधिक कार्बनिक अम्ल RQ!): !
5. RQ = (अनंत / Infinity — अवायवीय श्वसन / किण्वन): !
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- तैलीय बीजों (Oilseeds) के परिपक्वन बनाम अंकुरण के समय RQ का उल्टा होना (Maturing vs Germinating Fatty Seeds — सूक्ष्म परीक्षा प्रश्न!): जब अरंडी या सरसों के बीज कोष में अंकुरित (Germinate) हो रहे होते हैं, तब वसा का ऑक्सीकरण होता है इसलिए RQ < 1.0 (0.7) होता है। किंतु जब पौधे पर फली के अंदर तैलीय बीज पक रहे होते हैं (Maturing fatty seeds), तब ऑक्सीजन-समृद्ध कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) से ऑक्सीजन-गरीब वसा अम्लों का निर्माण होता है जिससे ऑक्सीजन अंदर ही काम आ जाती है और बाहर निकलने से पकते हुए तैलीय बीजों का RQ > 1.0 (1.2–1.5) हो जाता है!
- नियंत्रित वातावरण भंडारण (Controlled Atmosphere – CA Storage) एवं कोल्ड स्टोरेज का कार्यिकीय सिद्धांत: फलों (सेब, नाशपाती, केला) और सब्जियों को महीनों तक ताजा रखने के लिए गोदाम के अंदर तीन कारकों को एक साथ नियंत्रित करके श्वसन दर को न्यूनतम (विलुप्ति बिंदु के पास) कर दिया जाता है: (1) कम तापमान (), (2) कम ऑक्सीजन (), और (3) बढ़ी हुई कार्बन डाइऑक्साइड ()!
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. External Factors Affecting Respiration: Temperature, Oxygen, CO2, Water, Light, Injury & Salts (श्वसन को प्रभावित करने वाले बाह्य कारक)
Growing Crops, Harvested Grains, Tubers & Fruits
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: मापन यंत्र: गैनोंग का रेस्पिरोमीटर (Ganong's Respirometer — जिसमें KOH द्वारा CO2 सोखकर RQ मापा जाता है!) एवं वारबर्ग मैनोमीटर।
🌱 कार्यिकीय महत्व: रात्रि का उच्च तापमान खरीफ फसलों (विशेषकर धान) में रात्रि श्वसन बढ़ाकर संचित शर्करा को जला देता है जिससे दाने की उपज घट जाती है।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. तापमान (Temperature — सबसे प्रमुख बाह्य कारक!):
• पर श्वसन दर लगभग शून्य होती है। से – (इष्टतम तापमान) तक तापमान बढ़ने पर श्वसन की दर वान्ट हॉफ के नियम के अनुसार प्रत्येक पर दोगुनी से ढाई गुनी () बढ़ती है!
• – से ऊपर तापमान जाने पर पहले तो दर अचानक उछलती है, किंतु कुछ ही समय में एंजाइमों के तापीय विकृतीकरण (Denaturation) और कोशिका में के तेजी से न पहुँच पाने व जमा होने से श्वसन दर तेजी से गिर जाती है!
• *अपवाद*: आलू के कंदों को यदि – पर रखा जाए, तो स्टार्च तेजी से सुक्रोज में बदलता है जिससे श्वसन व मिठास बढ़ जाती है!
2. ऑक्सीजन () की सांद्रता एवं विलुप्ति बिंदु (Extinction Point):
• जब होती है, तब अवायवीय किण्वन बहुत तेज होता है और भारी मात्रा में निकलती है।
• जैसे-जैसे को से बढ़ाकर किया जाता है, किण्वन तेजी से दब जाता है (Pasteur effect) और कुल निकास गिरकर अपने न्यूनतम बिंदु पर आ जाता है जिसे 'विलुप्ति बिंदु' (Extinction Point) कहते हैं!
• इसके बाद बढ़ने पर वायवीय श्वसन बढ़ता है और 10%–15% पर संतृप्त हो जाता है (अर्थात् 21% सामान्य हवा में कभी सीमाकारी नहीं होती, सिवाय जलमग्न मिट्टी या गोदाम में बंद आलू के ढेर के अंदर जहाँ की कमी से 'Black Heart of Potato' हो जाता है!)।
3. कार्बन डाइऑक्साइड () की सांद्रता:
• वायुमंडल या भंडारण कक्ष में की सांद्रता बढ़ने (>3%–10%) पर रंध्र बंद होने और डी-कार्बोक्सिलीकरण एंजाइमों के फीडबैक संदमन के कारण श्वसन की दर घट जाती है! इसी सिद्धांत का उपयोग फलों के 'CA Storage' (Controlled Atmosphere Storage) में किया जाता है।
4. जल / ऊतक जलयोजन (Water / Hydration):
• सूखे बीजों (8–10% नमी) में जीवद्रव्य जेल अवस्था में होने से श्वसन अत्यंत सूक्ष्म (अप्रत्यक्ष) होता है। जैसे ही बीज में नमी 14%–16% से ऊपर बढ़ती है, एंजाइम सक्रिय होने से श्वसन दर घातांकीय रूप (Exponentially) से बढ़ जाती है और गोदाम में अनाज गर्म होकर सड़ जाता है!
5. यांत्रिक चोट / घाव (Mechanical Injury) एवं लवण:
• आलू या फल को काटने पर स्टार्च का शर्करा में रूपांतरण होने और फेनोलिक ऑक्सीकरण व घाव की मरम्मत (Meristematic activity) के कारण श्वसन बढ़ जाता है (Wound respiration)।
• जड़ को लवण घोल में रखने पर सक्रिय आयन अवशोषण हेतु श्वसन बढ़ता है (Salt / Anion respiration — Lundegårdh)।
• श्वसन अवरोधक (Respiratory Inhibitors): सायनाइड (), एजाइड (), कार्बन मोनोऑक्साइड (), रोटेनोन, मेलोनेट, फ्लोराइड एवं आयोडोएसीटेट श्वसन को रोक देते हैं।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): गैनोंग के रेस्पिरोमीटर (Ganong's Respirometer) में नली में पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH का टुकड़ा या घोल) क्यों डाला जाता है? क्योंकि KOH श्वसन से निकली संपूर्ण गैस को सोख लेता है (), जिससे नली में पारे/पानी का चढ़ाव सीधे अवशोषित का आयतन बता देता है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): प्रकाश का श्वसन पर कोई सीधा प्रभाव नहीं होता, किंतु अप्रत्यक्ष रूप से प्रकाश तापमान बढ़ाकर और श्वसनीय क्रियाधार (शर्करा) उपलब्ध कराकर श्वसन बढ़ाता है।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): खरीफ धान में यदि फूल आने और दाना भरने के समय रात का तापमान उच्च (>28°C) रहे, तो रात्रि श्वसन में 20–30% अधिक शर्करा जल जाती है और दाना हल्का रह जाता है।
मुख्य बिंदु · Key Points
- Respiration Q10 = 2.0 to 2.5 (between 5°C and 30°C)
- Extinction point of O2 = 1–3% O2 (where anaerobic fermentation stops & total CO2 evolution is minimum)
- High CO2 inhibits respiration (basis of CA storage: 2–3% O2 + 3–5% CO2 at 1–4°C)
- Potato Black Heart = Due to O2 deficiency / high temp in storage
- In Ganong's Respirometer, KOH is used to absorb CO2।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
अनाज को गोदाम में सुरक्षित भंडारित करने के लिए नमी को हमेशा 10% से 12% के नीचे सुखाकर रखना चाहिए ताकि बीज और कवक दोनों का श्वसन न्यूनतम रहे।
2. Internal Factors, Respiratory Quotient (RQ) & Climacteric Respiration (आंतरिक कारक, श्वसन गुणांक एवं क्लाइमेक्टेरिक श्वसन)
Seeds, Meristems, Climacteric vs Non-climacteric Fruits
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: क्लाइमेक्टेरिक श्वसन खोजकर्ता: किड एवं वेस्ट (Kidd & West, 1925 — सेब में)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: पौधे के किस अंग में कितनी श्वसन दर होगी और फलों को कब तोड़ना व कैसे पकाना है, यह आंतरिक कारकों और क्लाइमेक्टेरिक व्यवहार पर निर्भर करता है।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. श्वसन को प्रभावित करने वाले आंतरिक (पादप) कारक:
• (i) जीवद्रव्य की मात्रा एवं ऊतक की आयु (Protoplasmic Factor & Age of Tissue): पौधे के युवा, सक्रिय रूप से विभाजित होने वाले विभज्योतक ऊतकों (Root tip, shoot apex, floral buds एवं अंकुरित होते भ्रूण) में जीवद्रव्य सघन और माइटोकॉन्ड्रिया अधिक होने से श्वसन दर सर्वोच्च होती है; जबकि परिपक्व व पुराने ऊतकों (जहाँ रिक्तिका बड़ी व निर्जीव काष्ठ अधिक है) में श्वसन दर बहुत कम होती है।
• (ii) श्वसनीय क्रियाधार की सांद्रता (Concentration of Respiratory Substrate): कोशिका में घुलनशील शर्करा (ग्लूकोज/सुक्रोज) बढ़ने पर श्वसन की दर तब तक बढ़ती है जब तक कि एंजाइम संतृप्त न हो जाएँ।
2. क्लाइमेक्टेरिक श्वसन (Climacteric Rise in Respiration — Kidd & West, 1925):
• कुछ फलों के पकने (Ripening) की शुरुआत में स्व-उत्प्रेरक एथिलीन () हार्मोन का अचानक विस्फोट होता है जिसके साथ ही श्वसन की दर में भी 2 से 5 गुना की अचानक तीव्र वृद्धि ('Climacteric peak') होती है और उसके बाद फल पककर जीर्णता में चला जाता है!
• क्लाइमेक्टेरिक फल (Climacteric Fruits — जिन्हें पेड़ से हरे/परिपक्व तोड़ने के बाद भी पकाया जा सकता है!): आम (Mango), केला (Banana), सेब (Apple), पपीता (Papaya), अमरूद (Guava), टमाटर (Tomato), चीकू (Sapota), नाशपाती, आड़ू एवं कटहल।
• नॉन-क्लाइमेक्टेरिक फल (Non-Climacteric Fruits — जिनमें पकते समय श्वसन में कोई उछाल नहीं आता और जिन्हें पेड़ पर पकने के बाद ही तोड़ा जाता है!): नींबू वर्गीय फल (Citrus — संतरा, मौसमी, नींबू), अंगूर (Grapes), अनार (Pomegranate), लीची (Litchi), स्ट्रॉबेरी, तरबूज एवं अनन्नास!
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): एक ही बीज के अंकुरण के दौरान RQ में क्रमिक परिवर्तन: जब अरंडी (Castor) या सरसों का बीज पानी सोखकर फूले बिना बीजचोल के अंदर होता है तब अवायवीय स्थिति से RQ > 1 होता है; जब बीजचोल फटता है और संचित तेल (वसा) का ऑक्सीकरण शुरू होता है तब RQ घटकर 0.7 हो जाता है; और जब पहली हरी पत्ती निकलकर प्रकाश-संश्लेषण से शर्करा बनाने लगती है तब RQ बढ़कर 1.0 हो जाता है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): उच्च-प्रोटीन बीजों (दालों) में RQ = 0.8–0.9 और स्टार्च-युक्त अनाजों (गेहूँ, धान, मक्का) में शुरू से ही RQ = 1.0 रहता है।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): रोगग्रस्त पौधों (Biotrophic fungal infection जैसे Rust या Mildew) में भी संक्रमण स्थल के चारों ओर श्वसन दर और PPP पथ की गतिविधि बढ़ जाती है।
मुख्य बिंदु · Key Points
- RQ values: Carbohydrates = 1.0
- Fats/Oils = 0.70
- Proteins = 0.8–0.9
- Organic acids > 1.0 (Malic acid = 1.33, Tartaric = 1.6, Oxalic acid = 4.0)
- CAM at night (Incomplete oxidation) = Zero (0)
- Anaerobic respiration = Infinity (∞)
- Climacteric fruits (Mango, Banana, Apple, Papaya, Tomato) show sharp ethylene & respiration burst during ripening।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
केले और आम के डिब्बों में 'पोटैशियम परमैंगनेट ( — Ethylene scrubber)' की पुड़िया रखने से एथिलीन ऑक्सीकृत हो जाती है जिससे क्लाइमेक्टेरिक श्वसन रुक जाता है और फल परिवहन के दौरान जल्दी नहीं पकते!
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 17.1: विभिन्न श्वसनीय क्रियाधारों एवं परिस्थितियों के श्वसन गुणांक (RQ = CO₂ / O₂) की मास्टर परीक्षा तालिका
| श्वसनीय क्रियाधार / पादप अवस्था | संतुलित रासायनिक अनुपात () | RQ का सटीक मान | प्रमुख पादप उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1. कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज, सुक्रोज, स्टार्च) | 1.0 (Unity) | अंकुरित होते गेहूँ, धान, मक्का व जौ के बीज एवं हरी पत्तियाँ | |
| 2. वसा एवं तेल (Fats — Tripalmitin / Oleic acid) | 0.70 (0.71) (< 1) | अंकुरित होते अरंडी, सरसों, मूँगफली, सूरजमुखी व अलसी के बीज | |
| 3. प्रोटीन (Proteins / Peptones) | 0.80 – 0.90 (< 1) | अंकुरित होते चना, मटर, अरहर व सोयाबीन के बीज | |
| 4. रात्रि में मांसल CAM पौधे (अपूर्ण ऑक्सीकरण) | 0.0 (शून्य / Zero!) | रात्रि में नागफनी (*Opuntia*) एवं *Bryophyllum* | |
| 5. मैलिक अम्ल (Malic acid, ) | 1.33 (> 1) | दिन के समय प्रकाश में मांसल CAM पौधे | |
| 6. टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid, ) | 1.60 (> 1) | अंगूर एवं इमली के ऊतक | |
| 7. ऑक्सैलिक अम्ल (Oxalic acid, ) | 4.00 (सर्वोच्च कार्बनिक अम्ल!) | *Oxalis* (चांगेरी) एवं पालक परिवार | |
| 8. अवायवीय श्वसन / किण्वन (Anaerobic) | (अनंत / Infinity!) | जलमग्न जड़ें, यीस्ट एवं बिना ऑक्सीजन के भीगे बीज |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. श्वसन गुणांक (RQ) एवं ताप गुणांक (Q10) की संख्यात्मक गणना
उदाहरण 1 (ट्राइपामिटिन वसा के ऑक्सीकरण से RQ गणना):
ट्राइपामिटिन वसा () के 2 अणुओं के पूर्ण ऑक्सीकरण का समीकरण है:
$$
• अतः !
उदाहरण 2 ( गणना): यदि किसी अंकुरित होते बीज की श्वसन दर पर है और है, तो और पर श्वसन दर क्या होगी?
• पर दर = ।
• पर दर = ।
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 17: श्वसन को प्रभावित करने वाले कारक एवं श्वसन गुणांक (RQ)]
├── 1. श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient: RQ = CO2 evolved / O2 consumed)
│ ├── RQ = 1.0: कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज, स्टार्च — अंकुरित गेहूँ/मक्का)
│ ├── RQ < 1.0: वसा/तेल = 0.70 (अरंडी, सरसों, मूँगफली) | प्रोटीन = 0.80–0.90 (दालें) | रात्रि में CAM (*Opuntia*) = 0.0 (शून्य)
│ ├── RQ > 1.0: कार्बनिक अम्ल — मैलिक अम्ल = 1.33, टार्टरिक अम्ल = 1.60, ऑक्सैलिक अम्ल = 4.0 | पकते तैलीय बीज = 1.2–1.5
│ └── RQ = ∞ (अनंत): अवायवीय श्वसन / किण्वन (2 CO2 / 0 O2) | मापन यंत्र: Ganong's Respirometer (KOH सोखता है CO2)
├── 2. बाह्य पर्यावरणीय कारक (External Factors)
│ ├── तापमान: इष्टतम 30–35°C; Q10 = 2.0 से 2.5 (0–30°C के बीच); >40°C पर एंजाइम विकृतीकरण से दर गिरती है
│ ├── ऑक्सीजन: Extinction Point (1–3% O2) जहाँ किण्वन रुकता है व कुल CO2 न्यूनतम होती है; Pasteur Effect; आलू का Black Heart
│ ├── CO2: उच्च CO2 (>3–5%) श्वसन को संदमित करती है ──► Controlled Atmosphere (CA) Storage का आधार!
│ └── जल (>14% नमी पर अनाज श्वसन तीव्र), यांत्रिक चोट (Wound respiration) एवं लवण (Salt respiration — Lundegårdh)
└── 3. आंतरिक कारक एवं क्लाइमेक्टेरिक श्वसन (Internal Factors & Climacteric Rise)
├── ऊतक की आयु: विभज्योतक (Meristems) व अंकुरित बीजों में श्वसन सर्वोच्च
└── Climacteric Fruits (Kidd & West, 1925): पकते समय एथिलीन व श्वसन में तीव्र उछाल (आम, केला, सेब, पपीता, टमाटर) बनाम Non-climacteric (नींबू, अंगूर, अनार, लीची)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[ऑक्सीजन सांद्रता का कुल CO2 उत्सर्जन पर प्रभाव — 'विलुप्ति बिंदु (Extinction Point)' एवं 'पाश्चर प्रभाव' ग्राफ]
CO2 उत्सर्जन की दर
(Rate of CO2 Evolution)
▲
│ \ (अवायवीय किण्वन तेजी से घटता है) ╭─────────────── कुल श्वसन (Total CO2)
│ \ ╭──╯ (वायवीय श्वसन बढ़ता है)
│ \ ╭───╯
│ \ 【विलुप्ति बिंदु / Extinction Point】
│ \ (न्यूनतम CO2 उत्सर्जन!) ╭───╯
│ ╰───────────────────────●───────────────╯
│ \ ▲ (यहाँ किण्वन = 0 हो जाता है!)
│ \ /
└──────────────┴─────────────┴──────────────────────────────►
0% 1% 2–3% 10% 21% ऑक्सीजन सांद्रता (% O2)
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में श्वसन गुणांक (RQ) के ये 6 मान हर साल किसी न किसी रूप में पूछे जाते हैं—इन्हें कंठस्थ कर लें:
1. ग्लूकोज / कार्बोहाइड्रेट = 1.0
2. वसा / अंकुरित होते तैलीय बीज (अरंडी, सरसों) = 0.7
3. प्रोटीन / दालें = 0.8 – 0.9
4. रात्रि में नागफनी (CAM अपूर्ण ऑक्सीकरण) = 0 (शून्य)
5. कार्बनिक अम्ल = > 1.0 (मैलिक अम्ल = 1.33; ऑक्सैलिक अम्ल = 4.0)
6. अवायवीय श्वसन = (अनंत)! - श्वसन मापने वाले यंत्र का नाम क्या है और उसमें कौन सा रसायन को सोखने के लिए रखा जाता है? उत्तर: गैनोंग का रेस्पिरोमीटर (Ganong's Respirometer), और सोखने के लिए पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) रखा जाता है!
- आलू के भंडारण में ऑक्सीजन () की कमी और उच्च तापमान से आलू के अंदर काला पड़ने वाला प्रसिद्ध कार्यिकीय विकार कौन सा है? उत्तर: ब्लैक हार्ट ऑफ पोटैटो (Black Heart of Potato)!
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- श्वसन गुणांक सूत्र: ।
- 0°C से 30°C के बीच पादप श्वसन का ताप गुणांक () = 2.0 से 2.5 होता है।
- विलुप्ति बिंदु (Extinction point, ~1–3% ): वह न्यूनतम स्तर जिस पर अवायवीय किण्वन बंद हो जाता है।
- पकते समय श्वसन दर में अचानक आने वाले उछाल को 'Climacteric Rise' (Kidd & West, 1925) कहते हैं जो एथिलीन हार्मोन से प्रेरित होता है।
- अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए नमी 10–12% से कम होनी चाहिए ताकि बीज का श्वसन नगण्य रहे।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. अंकुरित होते हुए 'अरंडी, सरसों या मूँगफली' (तैलीय / वसा-युक्त बीजों) का श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ) कितना होता है?
- (A) 1.0
- (B) 0.70 (1 से कम, क्योंकि वसा में ऑक्सीजन कम होने से ऑक्सीकरण में O2 अधिक लगती है)
- (C) 1.33
- (D) 4.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — वसा और तेलों के ऑक्सीकरण में जितनी CO2 निकलती है उससे कहीं अधिक O2 खर्च होती है (जैसे ट्राइपामिटिन में 102/145 = 0.70)।
2. कार्बनिक अम्लों—जैसे 'मैलिक अम्ल' (Malic acid) और 'ऑक्सैलिक अम्ल' (Oxalic acid)—के वायवीय श्वसन का श्वसन गुणांक (RQ) क्रमशः कितना होता है?
- (A) दोनों का 0.7 होता है
- (B) मैलिक अम्ल का = 1.33 एवं ऑक्सैलिक अम्ल का = 4.0 (अर्थात् 1 से अधिक!)
- (C) दोनों का 0 होता है
- (D) दोनों का 1.0 होता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कार्बनिक अम्ल ऑक्सीजन से समृद्ध होते हैं, अतः उनके दहन में बहुत कम O2 लगती है: मैलिक अम्ल में 4 CO2 / 3 O2 = 1.33 और ऑक्सैलिक अम्ल में 4 CO2 / 1 O2 = 4.0।
3. मांसल CAM पौधों (जैसे नागफनी / Opuntia एवं Bryophyllum) में 'रात्रि के समय' जब ग्लूकोज के अपूर्ण ऑक्सीकरण से मैलिक अम्ल बनता है और कोई CO2 बाहर नहीं निकलती, तब उनका श्वसन गुणांक (RQ) क्या होता है?
- (A) 1.0
- (B) शून्य (Zero — क्योंकि 0 CO2 / 3 O2 = 0)
- (C) अनंत (∞)
- (D) 4.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — रात में मांसल पौधों में O2 तो ली जाती है किंतु CO2 बाहर न निकलकर मैलिक अम्ल में बंध जाती है, अतः RQ = 0/3 = 0।
4. अवायवीय श्वसन या किण्वन (Anaerobic Respiration / Fermentation) का श्वसन गुणांक (RQ) कितना होता है?
- (A) शून्य (0)
- (B) अनंत (Infinity, ∞ — क्योंकि O2 का उपभोग शून्य होता है: 2 CO2 / 0 O2 = ∞)
- (C) 0.7
- (D) 1.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — अवायवीय श्वसन में O2 बिल्कुल खर्च नहीं होती (O2 = 0) और केवल CO2 निकलती है; किसी संख्या को शून्य से भाग देने पर मान अनंत (∞) आता है।
5. वायुमंडल में ऑक्सीजन (O2) की वह न्यूनतम सांद्रता (~1–3% O2) जिस पर अवायवीय किण्वन पूर्णतः समाप्त हो जाता है और कुल CO2 उत्सर्जन न्यूनतम बिंदु पर होता है, क्या कहलाती है?
- (A) क्षतिपूर्ति बिंदु
- (B) विलुप्ति बिंदु (Extinction Point — Blackman)
- (C) म्लानि बिंदु
- (D) कार्डिनल बिंदु
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — विलुप्ति बिंदु (Extinction point) वह न्यूनतम O2 स्तर है जहाँ किण्वन विलुप्त हो जाता है और शुद्ध वायवीय श्वसन चलता है।
6. गैनोंग के रेस्पिरोमीटर (Ganong's Respirometer) द्वारा श्वसन गुणांक (RQ) का मापन करते समय श्वसन से निकली CO2 गैस को अवशोषित करने के लिए नली में कौन सा रसायन डाला जाता है?
- (A) सोडियम क्लोराइड
- (B) पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH / कास्टिक पोटाश)
- (C) पाइरोगैलोल (जो O2 सोखता है)
- (D) केवल आसुत जल
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — KOH तुरंत CO2 को सोखकर K2CO3 बना लेता है जिससे पानी के स्तर में हुई वृद्धि से प्रयुक्त O2 का आयतन ज्ञात हो जाता है।
7. 5°C से 30°C के तापमान परास में पादप श्वसन का 'ताप गुणांक' (Temperature Coefficient – Q10) कितना होता है?
- (A) Q10 = 1.0
- (B) Q10 = 2.0 से 2.5 (प्रत्येक 10°C ताप बढ़ने पर दर 2 से 2.5 गुना बढ़ती है)
- (C) Q10 = 0.5
- (D) Q10 = 10.0
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — श्वसन पूरी तरह एंजाइम-नियंत्रित अभिक्रिया है जिसका Q10 मान 2.0 से 2.5 होता है।
8. निम्नलिखित फलों में से कौन सा फल 'नॉन-क्लाइमेक्टेरिक' (Non-Climacteric — जिसमें पकते समय श्वसन और एथिलीन में अचानक तीव्र उछाल नहीं आता) है?
- (A) आम (Mango)
- (B) केला (Banana)
- (C) अंगूर, नींबू वर्गीय फल एवं अनार (Grapes, Citrus & Pomegranate)
- (D) पपीता एवं टमाटर
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (C) — आम, केला, सेब, पपीता, अमरूद व टमाटर क्लाइमेक्टेरिक फल हैं; जबकि अंगूर, नींबू, संतरा, अनार, लीची व स्ट्रॉबेरी नॉन-क्लाइमेक्टेरिक हैं।
9. आलू के कंदों को काटने या छीलने के बाद उनके श्वसन की दर में होने वाली अचानक वृद्धि ('Wound Respiration') का मुख्य कारण क्या है?
- (A) प्रकाश-संश्लेषण शुरू होना
- (B) घाव वाले स्थान पर O2 की सीधी उपलब्धता, स्टार्च का शर्करा में टूटना और घाव भरने वाली एधा (Wound periderm) की उच्च विभाजन सक्रियता
- (C) कंद का जम जाना
- (D) पानी का उड़ना
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — चोट लगने पर घायल कोशिकाओं की मरम्मत हेतु कॉर्क कैंबियम बनाने के लिए ऊर्जा की माँग बढ़ जाती है जिससे घाव श्वसन तेज हो जाता है।
10. फलों और सब्जियों के 'नियंत्रित वातावरण भंडारण' (Controlled Atmosphere – CA Storage) में श्वसन दर को न्यूनतम रखने के लिए गैसों का क्या संयोजन रखा जाता है?
- (A) उच्च O2 (50%) एवं शून्य CO2
- (B) कम तापमान (1–4°C) + कम ऑक्सीजन (2–3% O2) + बढ़ी हुई कार्बन डाइऑक्साइड (3–5% CO2)
- (C) केवल नाइट्रोजन और 40°C तापमान
- (D) 100% CO2
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कम तापमान, कम O2 (विलुप्ति बिंदु के ठीक ऊपर) और उच्च CO2 तीनों मिलकर फलों के श्वसन और एथिलीन क्रिया को रोककर रखते हैं।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. अंकुरित होते हुए प्रोटीन-युक्त दलहनी बीजों (चना, मटर) का श्वसन गुणांक (RQ) कितना होता है?
0.80 से 0.90 (इकाई से कम)।
2. पौधे के किस प्रकार के ऊतकों में श्वसन की दर सबसे अधिक होती है?
सक्रिय रूप से विभाजित होने वाले युवा विभज्योतक ऊतकों (Meristematic tissues — जड़ व प्ररोह शीर्ष, कलियाँ व अंकुरित भ्रूण) में।
3. भंडारण में ऑक्सीजन (O2) की कमी और उच्च CO2/तापमान के कारण आलू के कंद का भीतरी भाग काला पड़ने का विकार क्या कहलाता है?
आलू का कृष्ण हृदय रोग (Black Heart of Potato)।
4. परिपक्व होते हुए (पकते हुए) तैलीय बीजों (Maturing fatty seeds) का RQ मान 1 से अधिक क्यों होता है?
क्योंकि उस समय ऑक्सीजन-समृद्ध शर्करा से ऑक्सीजन-रहित वसा अम्लों का संश्लेषण होता है, जिससे O2 कम लगती है और CO2 अधिक निकलती है।
5. पकते समय फलों की श्वसन दर में होने वाली तीव्र वृद्धि ('Climacteric Rise') की खोज किसने की थी?
किड एवं वेस्ट (Kidd & West, 1925) ने सेब के फलों में।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ) क्या है? कार्बोहाइड्रेट, वसा और कार्बनिक अम्लों के RQ मान में अंतर का कारण समझाइए।
श्वसन में मुक्त CO2 के आयतन और प्रयुक्त O2 के आयतन के अनुपात को RQ (CO2/O2) कहते हैं। 1. कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज C6H12O6) में हाइड्रोजन व ऑक्सीजन पहले से ही 2:1 के जल अनुपात में होते हैं, अतः जितने O2 लगते हैं उतने ही CO2 निकलते हैं (RQ = 6/6 = 1.0)। 2. वसा में ऑक्सीजन बहुत कम होती है, अतः उसे जलाने में अधिक O2 लगती है (RQ = 0.7)। 3. कार्बनिक अम्लों में ऑक्सीजन बहुत अधिक होती है, अतः कम O2 में अधिक CO2 निकलती है (RQ > 1.0, जैसे मैलिक अम्ल 1.33 व ऑक्सैलिक अम्ल 4.0)।
2. तापमान का पादप श्वसन की दर पर क्या प्रभाव पड़ता है? Q10 के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
0°C से 30–35°C (इष्टतम तापमान) तक तापमान बढ़ने पर श्वसन की दर वान्ट हॉफ के नियम के अनुसार प्रत्येक 10°C वृद्धि पर 2 से 2.5 गुना बढ़ जाती है (Q10 = 2.0–2.5)। किंतु 35–40°C से ऊपर तापमान जाने पर श्वसन एंजाइमों का विकृतीकरण (Denaturation) होने लगता है और कोशिका में O2 का विसरण माँग को पूरा नहीं कर पाता, जिससे थोड़े समय के उछाल के बाद श्वसन दर तेजी से गिर जाती है।
3. 'विलुप्ति बिंदु' (Extinction Point of Oxygen) और 'पाश्चर प्रभाव' (Pasteur Effect) को समझाइए।
जब वायुमंडल में O2 शून्य होती है तो अवायवीय किण्वन से बहुत अधिक CO2 निकलती है। जैसे ही O2 की सांद्रता बढ़ाई जाती है, किण्वन रुक जाता है और शर्करा की खपत घट जाती है जिसे 'पाश्चर प्रभाव' कहते हैं। O2 की वह न्यूनतम सांद्रता (लगभग 1% से 3% O2) जिस पर अवायवीय किण्वन पूर्णतः समाप्त हो जाता है और कुल CO2 उत्सर्जन अपने न्यूनतम स्तर पर आ जाता है, उसे 'विलुप्ति बिंदु' (Extinction Point) कहते हैं।
4. क्लाइमेक्टेरिक (Climacteric) और नॉन-क्लाइमेक्टेरिक (Non-Climacteric) फलों में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।
क्लाइमेक्टेरिक फलों में पूर्ण परिपक्वता के बाद पकने (Ripening) की शुरुआत में स्व-उत्प्रेरक एथिलीन गैस और श्वसन दर में अचानक 2 से 5 गुना का तीव्र उछाल ('Climacteric peak') आता है; इन्हें पेड़ से हरे तोड़कर भी पकाया जा सकता है (जैसे आम, केला, सेब, पपीता, अमरूद, टमाटर)। इसके विपरीत, नॉन-क्लाइमेक्टेरिक फलों में पकते समय श्वसन में कोई उछाल नहीं आता और इन्हें पेड़ पर पकने के बाद ही तोड़ा जाता है (जैसे संतरा, नींबू, अंगूर, अनार, लीची)।
5. अनाज और फलों के भंडारण (Storage) में श्वसन के कार्यिकीय सिद्धांतों का उपयोग कैसे किया जाता है?
1. अनाज भंडारण: अनाज को गोदाम में रखने से पहले उसकी नमी 10–12% से नीचे सुखा दी जाती है ताकि बीज की श्वसन दर नगण्य रहे और अनाज गर्म होकर खराब न हो। 2. फलों व सब्जियों का CA Storage (नियंत्रित वातावरण भंडारण): कोल्ड स्टोरेज में तापमान कम (1–4°C), ऑक्सीजन कम (2–3% O2) और CO2 अधिक (3–5% CO2) रखकर श्वसन और एथिलीन क्रिया को दबा दिया जाता है जिससे सेब जैसे फल 6–8 महीने तक ताजे रहते हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. श्वसन गुणांक (Respiratory Quotient – RQ) की परिभाषा दीजिए तथा कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, कार्बनिक अम्लों (मैलिक एवं ऑक्सैलिक अम्ल), रात्रि में CAM पौधों और अवायवीय श्वसन के RQ मानों की रासायनिक समीकरणों सहित गणना कीजिए।
RQ का सूत्र, गैनोंग रेस्पिरोमीटर व KOH की कार्यप्रणाली और तालिका 17.1 में दिए गए सभी 8 क्रियाधारों/अवस्थाओं के रासायनिक समीकरण, CO2/O2 अनुपात और सटीक RQ मानों (1.0, 0.7, 0.8, 0, 1.33, 4.0 एवं ∞) का सविस्तर विवरण लिखें।
2. पादप श्वसन को प्रभावित करने वाले बाह्य पर्यावरणीय कारकों (तापमान, ऑक्सीजन व विलुप्ति बिंदु, CO2, जल, यांत्रिक चोट एवं लवण) और आंतरिक कारकों का ग्राफ सहित वर्णन कीजिए।
तापमान व Q10 वक्र, ऑक्सीजन सांद्रता व विलुप्ति बिंदु (Extinction point) का ग्राफ, उच्च CO2 का संदमन प्रभाव, बीज नमी का घातांकीय प्रभाव, घाव श्वसन व लुंडेगार्ड का लवण श्वसन तथा आंतरिक कारकों (विभज्योतक आयु व क्रियाधार सांद्रता) का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
3. कटाई-उपरांत कार्यिकी (Post-Harvest Physiology) में क्लाइमेक्टेरिक श्वसन और नियंत्रित वातावरण भंडारण (CA Storage) की भूमिका की विवेचना कीजिए।
किड एवं वेस्ट (1925) की क्लाइमेक्टेरिक अवधारणा, क्लाइमेक्टेरिक बनाम नॉन-क्लाइमेक्टेरिक फलों की तुलना व प्रबंधन, आलू में कोल्ड-स्वीटनिंग व ब्लैक हार्ट विकार और CA एवं MA (Modified Atmosphere) पैकेजिंग द्वारा फलों व बीजों की जीवन क्षमता बनाए रखने के उपायों का वर्णन करें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- सभी कार्बनिक यौगिकों में से सर्वाधिक श्वसन गुणांक (RQ = 4.0) 'ऑक्सैलिक अम्ल' (Oxalic acid) का होता है!
- गैनोंग के रेस्पिरोमीटर में यदि हरी पत्ती पर प्रयोग करना हो, तो प्रकाश-संश्लेषण रोकने के लिए बल्ब को काले कपड़े से ढक दिया जाता है।
- आलू के कंदों को 2°C से कम तापमान पर भंडारित करने पर स्टार्च टूटकर सुक्रोज बन जाता है जिससे चिप्स तलने पर भूरे/काले पड़ जाते हैं।
- अनाजों के भंडारण में नमी 14% से ऊपर जाते ही श्वसन से उत्पन्न गर्मी के कारण 'Hot spots' बन जाते हैं।
- टमाटर एक क्लाइमेक्टेरिक फल है जिसमें 'RIN' (Ripening Inhibitor) उत्परिवर्तित जीन का उपयोग कर लंबे समय तक न गलने वाले संकर बनाए जाते हैं।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





