PPHYS 311 Lecture 09: आवश्यक पोषक तत्वों के कार्य, कमी एवं विषाक्तता के लक्षण तथा जल संवर्धन (Hydroponics)

PPHYS 311 · Crop Physiology — Final Notes
आवश्यक पोषक तत्वों के कार्य, कमी एवं विषाक्तता के लक्षण तथा जल संवर्धन (Hydroponics)
Functions of Essential Nutrients, Deficiency and Toxicity Symptoms, and Hydroponics
Physiological Functions, Deficiency Disorders & Toxicity of All 14 Mineral Nutrients, Hydroponics (Hoagland Solution), Aeroponics & NFT
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesकार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- सभी वृहद (N, P, K, Ca, Mg, S) एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों (Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl, Ni) के विशिष्ट कार्यिकीय कार्यों और उनके द्वारा सक्रिय किए जाने वाले एंजाइमों (जैसे Mg → RuBisCO/PEPCase; Mo → Nitrate reductase/Nitrogenase; Zn → Carbonic anhydrase/IAA synthesis; Ni → Urease) को कंठस्थ करना।
- फसलों के प्रसिद्ध पोषण कमी विकारों (Khaira, White bud, Whiptail, Marsh spot, Grey speck, Pahala blight, Blossom end rot, Heart rot, Dieback) और सूक्ष्म तत्व विषाक्तता (Mn, Al, B toxicity) का निदान सीखना।
- जल संवर्धन / हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics — Sachs 1860, Gericke 1937), होगलैंड विलयन (Hoagland & Arnon, 1938), NFT और एरोपोनिक्स की तकनीक का अध्ययन करना।
प्रस्तावना · Introduction
प्रत्येक आवश्यक खनिज तत्व पौधे के उपापचय में एक विशिष्ट और अपूरणीय भूमिका निभाता है—कोई पर्णहरित के पोरफाइरिन वलय के केंद्र में बैठता है (Mg), कोई ATP ऊर्जा मुद्रा बनाता है (P), कोई जल-अपघटन कर ऑक्सीजन निकालता है (Mn, Cl), तो कोई नाइट्रेट को अमीनो अम्ल में बदलता है (Mo)। जब किसी तत्व की सांद्रता ऊतक में 'क्रांतिक सांद्रता' (Critical concentration — जिस पर अधिकतम वृद्धि से 10% गिरावट आती है) से नीचे गिर जाती है, तो पौधा विशिष्ट दृश्य कमी लक्षण (Visual deficiency symptoms) प्रकट करता है, जिनका सटीक अध्ययन मिट्टी-रहित घोल संवर्धन अर्थात् 'हाइड्रोपोनिक्स' द्वारा किया जाता है।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
क्रांतिक सांद्रता (Critical Concentration – Ulrich, 1952)
पादप ऊतक में किसी पोषक तत्व की वह न्यूनतम सांद्रता जिसके ठीक नीचे जाने पर पौधे की वृद्धि या उपज में 10% की गिरावट आ जाती है।
विलासिता उपभोग (Luxury Consumption)
जब मृदा में कोई पोषक तत्व (विशेषकर पोटैशियम K⁺) आवश्यकता से अधिक उपलब्ध होता है, तो पौधा बिना किसी अतिरिक्त उपज वृद्धि के उसे अपने ऊतकों में सोखता चला जाता है, इसे विलासिता उपभोग कहते हैं!
हाइड्रोपोनिक्स / जल संवर्धन (Hydroponics – W.F. Gericke, 1937)
मिट्टी के बिना (Soilless culture) केवल आवश्यक खनिज लवणों के संतुलित जलीय घोल (जैसे Hoagland's nutrient solution) में जड़ों को डुबोकर और हवा (Aeration) प्रवाहित करके पौधों को उगाने की वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक तकनीक।
कीलेटिंग कारक (Chelating Agent – जैसे Fe-EDTA / Fe-EDDHA)
कार्बनिक अणु (जैसे EDTA या सिट्रिक अम्ल) जो हाइड्रोपोनिक घोल या क्षारीय मृदा में धात्विक धनायनों (, ) को चारों ओर से घेरकर उन्हें अवक्षेपित (अघुलनशील) होने से बचाते हैं और जड़ को उपलब्ध रखते हैं।
वर्गीकरण · Classification
प्रमुख एंजाइम और उनके विशिष्ट धात्विक सह-कारक (Enzyme Activators — Top Exam Matching!)
1. मैग्नीशियम (): RuBisCO, PEPCase, Hexokinase, ATPase एवं DNA/RNA Polymerase (सभी फॉस्फेट स्थानांतरण एंजाइमों का मुख्य उत्प्रेरक!)।
2. जिंक (): Carbonic anhydrase, Alcohol dehydrogenase, Superoxide dismutase (Cu-Zn SOD), Carboxypeptidase एवं Tryptophan synthetase (ऑक्सिन IAA संश्लेषण हेतु अनिवार्य!)।
3. मॉलिब्डेनम (): Nitrate reductase (नाइट्रेट स्वांगीकरण का प्रथम एंजाइम!) एवं Nitrogenase (Mo-Fe प्रोटीन — सहजीवी स्थिरीकरण हेतु!)।
4. मैंगनीज () एवं क्लोरीन (): प्रकाश-संश्लेषण के PS-II में जल का प्रकाश-अपघटन (Photolysis of water / Oxygen Evolving Complex) एवं Mn-SOD।
5. लोहा (): Catalase, Peroxidase, Cytochromes, Ferredoxin, Nitrogenase एवं Aconitase (तथा पर्णहरित संश्लेषण हेतु अनिवार्य, भले ही क्लोरोफिल का भाग नहीं है!)।
6. ताँबा / कॉपर (): Plastocyanin (PS-I व PS-II के बीच इलेक्ट्रॉन वाहक!), Cytochrome c oxidase, Polyphenol oxidase (Tyrosinase) एवं Ascorbic acid oxidase।
7. निकल (): Urease एवं Hydrogenase।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- पर्णहरित (Chlorophyll) की संरचना बनाम संश्लेषण का नियम: पर्णहरित अणु के पोरफाइरिन हेड के केंद्र में मैग्नीशियम () और चारों पायरोल वलयों में 4 नाइट्रोजन () परमाणु होते हैं; किंतु पर्णहरित का जैव-संश्लेषण करने वाले एंजाइमों को सक्रिय करने के लिए लोहा () और मैंगनीज () अनिवार्य हैं! इसलिए N, Mg, Fe, Mn और S पाँचों की कमी से पत्तियों में पीलापन (Chlorosis) आता है।
- विषाक्तता (Micronutrient Toxicity) का सिद्धांत: सूक्ष्म पोषक तत्वों की पर्याप्तता और विषाक्तता के बीच का अंतर अत्यंत संकरा होता है (विशेषकर बोरॉन B में!)। किसी तत्व की सांद्रता ऊतक में बढ़ने से यदि शुष्क भार में 10% की कमी आ जाए तो उसे 'Toxicity' कहते हैं। अम्लीय मृदा (pH < 5.0) में मैंगनीज () और एल्यूमीनियम () की विषाक्तता सबसे आम समस्या है; रोचक तथ्य यह है कि मैंगनीज की विषाक्तता ( toxicity) पौधे में लोहे (), मैग्नीशियम () और कैल्शियम () की कमी के लक्षण पैदा कर देती है!
कार्यिकीय प्रक्रियाएँ · Detailed Topics
1. Physiological Functions & Deficiency Symptoms of Macronutrients: N, P, K, Ca, Mg & S (वृहद पोषक तत्वों के कार्य एवं कमी के लक्षण)
All Agricultural & Horticultural Crops
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: प्राथमिक वृहद तत्व: N, P, K | द्वितीयक वृहद तत्व: Ca, Mg, S।
🌱 कार्यिकीय महत्व: वृहद पोषक तत्व पौधे के सभी प्रमुख जैव-अणुओं (प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, ATP, पर्णहरित, कोशिका भित्ति) का निर्माण करते हैं।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
1. नाइट्रोजन (N — 1.5–4% dry wt.): अमीनो अम्लों, प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्लों (DNA/RNA), पर्णहरित, साइटोक्रोम, विटामिन व हार्मोनों (IAA, Cytokinin) का मुख्य घटक।
• *कमी के लक्षण*: पुरानी निचली पत्तियों की नोक से शुरू होकर मध्य शिरा के सहारे 'V-आकार का पीलापन' (V-shaped chlorosis on older leaves), बौना व पतला पौधा; फूलगोभी में छोटे फूल बनना ('Buttoning in Cauliflower') एवं भूखमरी रोग। (अधिकता से वानस्पतिक वृद्धि अधिक होती है, फसल गिर जाती है और पकने में देरी होती है)।
2. फॉस्फोरस (P — 0.2–0.5% — 'Key to Life'): ऊर्जा मुद्रा ATP/ADP, न्यूक्लिक अम्लों, सह-एंजाइमों (NAD, NADP), कोशिका झिल्ली के फॉस्फोलिपिड्स और बीज में फाइटिन (Phytin) का घटक; जड़ विकास व दाना पकने को तेज करता है।
• *कमी के लक्षण*: पत्तियों में शर्करा रुकने से एंथोसायनिन वर्णक बनता है जिससे पुरानी पत्तियाँ गहरी हरी या बैंगनी-लाल (Purple/Bronzing coloration in maize & tomato) हो जाती हैं; पत्तियाँ तने से न्यून कोण बनाते हुए खड़ी रहती हैं ('Sickle leaf disease')।
3. पोटैशियम (K — 1.0–4.0% — 'Quality Nutrient'): मुक्त आयन के रूप में रंध्र खुलने-बंद होने का नियमन (Stomatal regulation), 60+ एंजाइमों का सक्रियण, फ्लोएम द्वारा शर्करा का कंद व दानों में स्थानांतरण, तने की मजबूती और रोग व सूखा प्रतिरोध।
• *कमी के लक्षण*: पुरानी निचली पत्तियों के शीर्ष व किनारों का पीला पड़कर भूरा झुलसना ('Marginal scorching / Tip burn of older leaves'), पोरियाँ छोटी होकर पौधा झाड़ीदार ('Rosette') होना और मक्का में तना गिरना व भुट्टे का सिरा खाली रहना।
4. कैल्शियम (Ca): कोशिका भित्ति की मध्य पटलिका (Middle lamella) में 'कैल्शियम पेक्टेट' का निर्माण, कोशिका झिल्ली की अखंडता, तर्कु तंतु (Mitotic spindle) निर्माण और द्वितीयक संदेशवाहक (Calmodulin-Ca²⁺)।
• *कमी के लक्षण (अगतिशील)*: प्ररोह व जड़ की शीर्ष कलिका का मरना (Death of terminal bud), नई पत्तियों के सिरों का मुड़कर हुक जैसा बनना ('Hooked leaf tip'); टमाटर व मिर्च में 'Blossom End Rot (BER)', सेब में 'Bitter Pit', मूँगफली में खाली फलियाँ ('Pops') एवं अजवाइन (Celery) में 'Black Heart'!
5. मैग्नीशियम (Mg): पर्णहरित (Chlorophyll) अणु के केंद्र का एकमात्र धातु परमाणु (कुल Mg का 15–20%), राइबोसोम की दोनों उप-इकाइयों (40S + 60S / 30S + 50S) को जोड़कर रखना और RuBisCO व PEPCase का उत्प्रेरक।
• *कमी के लक्षण*: पुरानी पत्तियों में शिराओं के बीच पीलापन (Interveinal chlorosis of older leaves — शिराएँ हरी रहती हैं और बीच का भाग पीला होकर मोती की माला 'Beaded streaking' जैसा दिखता है); तंबाकू में 'Sand Drown रोग' और कपास में पुरानी पत्तियों का लाल-बैंगनी होना।
6. सल्फर / गंधक (S): सल्फर-युक्त अमीनो अम्लों (Cysteine, Cystine एवं Methionine), विटामिन (Thiamine B1, Biotin), Coenzyme-A, फेरेडॉक्सिन और सरसों/प्याज/लहसुन के तीखे वाष्पशील तेलों (Glucosinolates / Sinigrin & Allyl propyl disulphide) का घटक!
• *कमी के लक्षण*: नई ऊपरी पत्तियों का एकसमान पीला पड़ना (Uniform chlorosis of young upper leaves) और चाय में 'Tea Yellows' रोग!
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): नाइट्रोजन (N) और सल्फर (S) दोनों की कमी में पूरी पत्ती पीली पड़ती है, किंतु अंतर यह है कि N की कमी पुरानी निचली पत्तियों पर दिखती है और S की कमी नई ऊपरी पत्तियों पर दिखती है!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): इसी प्रकार मैग्नीशियम (Mg) और लोहे (Fe) दोनों की कमी में 'अंतराशिरा हरिमाहीनता' (Interveinal chlorosis — शिराएँ हरी व बीच का भाग पीला) होती है, किंतु Mg की कमी पुरानी निचली पत्तियों पर और Fe की कमी सबसे नई ऊपरी पत्तियों पर दिखती है!
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): तिलहनी फसलों में तेल का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सल्फर (S) और दलहनी फसलों में जड़ विकास हेतु फॉस्फोरस (P) सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं।
मुख्य बिंदु · Key Points
- N = V-shaped chlorosis on older leaves & Cauliflower buttoning
- P = Purple leaves & Sickle leaf
- K = Marginal scorching of older leaves & Stomatal regulation
- Ca = Terminal bud dies, Hooked tip, Tomato Blossom End Rot, Apple Bitter Pit & Groundnut Pops
- Mg = Center of Chlorophyll, binds Ribosome subunits, Sand drown of tobacco
- S = Cysteine & Methionine, Mustard oil pungency, Tea yellows (Young leaf chlorosis)।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
टमाटर में 'Blossom End Rot' और सेब में 'Bitter Pit' को रोकने के लिए फलों के विकास के समय 0.5% कैल्शियम क्लोराइड () का पर्ण छिड़काव किया जाता है।
2. Micronutrient Functions, Famous Deficiency Disorders & Hydroponics (सूक्ष्म तत्वों के कार्य, प्रसिद्ध कमी रोग एवं हाइड्रोपोनिक्स)
Rice, Maize, Citrus, Cauliflower, Pea, Oats, Sugarbeet & Soilless Crops
🔬 मुख्य वैज्ञानिक नियम / समीकरण / खोजकर्ता: सूक्ष्म तत्व: Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl, Ni | हाइड्रोपोनिक्स जनक: जूलियस वॉन सैक्स (1860) एवं डब्ल्यू.एफ. गेरिके (1937)।
🌱 कार्यिकीय महत्व: प्रतियोगी परीक्षाओं (ICAR JRF, Pre-PG, AFO) में सूक्ष्म पोषक तत्वों के विशिष्ट विकार नाम (जैसे खैरा, व्हिपटेल, मार्श स्पॉट, ग्रे स्पेक, हार्ट रॉट) सीधे पूछे जाते हैं।
📖 विस्तृत कार्यिकीय सिद्धांत एवं क्रियाविधि (Detailed Mechanism & Theory):
【A. 8 सूक्ष्म पोषक तत्वों के कार्य एवं उनके विश्वप्रसिद्ध कमी विकार (Famous Micronutrient Deficiency Disorders)】:
1. जिंक (Zn²⁺): ऑक्सिन (IAA) हार्मोन के जैव-संश्लेषण (Tryptophan के निर्माण) और Carbonic anhydrase एंजाइम के लिए अनिवार्य।
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: (i) धान का खैरा रोग (Khaira disease of Rice — डॉ. वाई.एल. नेने, 1966 पंतनगर), (ii) मक्का में सफेद कलिका रोग (White bud of Maize), (iii) नींबू/सेब में छोटी पत्ती रोग (Little leaf & Rosette of Citrus/Apple/Cotton), (iv) अमरूद में ब्रोंजिंग (Bronzing in Guava) एवं (v) पेकन नट में रोजेट।
2. बोरॉन (B): शर्करा के फ्लोएम स्थानांतरण (Boron-sugar complex), परागकण अंकुरण एवं पराग नलिका वृद्धि (Pollen germination & pollen tube growth), कोशिका भित्ति क्रॉस-लिंकिंग और कैल्शियम उपयोग के लिए अनिवार्य!
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: (i) फूलगोभी में ब्राउनिंग या खोखला तना (Browning / Hollow stem of Cauliflower), (ii) चुकंदर में हार्ट रॉट (Heart rot of Sugarbeet), (iii) मूँगफली में होलो हार्ट (Hollow heart of Groundnut), (iv) आँवला और आम में आंतरिक परिगलन (Internal necrosis of Aonla & Mango / Black tip), (v) सेब में इंटरनल कॉर्क, (vi) अंगूर में 'Hen and Chicken' विकार, (vii) सूरजमुखी में खाली दाने (Chaffy head) एवं (viii) लोंग (Lucerne) में Yellow top!
3. लोहा (Fe): साइटोक्रोम, फेरेडॉक्सिन, कैटालेज व क्लोरोफिल संश्लेषण हेतु अनिवार्य।
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: सबसे नई ऊपरी पत्तियों का पूरी तरह सफेद या पीला पड़ना (Complete interveinal chlorosis / Bleaching of youngest leaves — मुख्यतः धान की नर्सरी, ज्वार व गन्ने में चूनायुक्त भूमि में 'Lime-induced chlorosis')।
4. मैंगनीज (Mn): प्रकाश-संश्लेषण में जल का प्रकाश-अपघटन (Photolysis of water) एवं नाइट्राइट रिडक्टेज।
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: (i) जई में ग्रे स्पेक रोग (Grey speck of Oats), (ii) मटर में मार्श स्पॉट रोग (Marsh spot of Pea — बीज के बीजपत्र के केंद्र में भूरा धब्बा!), (iii) गन्ने में पहाला अंगमारी (Pahala blight of Sugarcane) एवं (iv) चुकंदर में Speckled yellows।
5. मॉलिब्डेनम (Mo): Nitrate reductase और Nitrogenase का घटक।
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: (i) फूलगोभी में व्हिपटेल रोग (Whiptail of Cauliflower — पत्ती का फलक गायब होकर केवल चाबुक जैसी मध्य-शिरा बचती है!), (ii) नींबू में पीला धब्बा (Yellow spot of Citrus) एवं (iii) रिजका में Scald रोग।
6. ताँबा / कॉपर (Cu): Plastocyanin व Cytochrome oxidase का घटक।
• *प्रसिद्ध कमी रोग*: (i) नींबू में डाइबैक एवं एक्सेंथेमा (Dieback / Exanthema / Ammoniation of Citrus — टहनियाँ ऊपर से नीचे सूखती हैं व गोंद निकलता है!) एवं (ii) अनाजों में रिक्लेमेशन रोग (Reclamation disease / White tip of cereals)।
7. क्लोरीन (Cl): Mn के साथ जल का प्रकाश-अपघटन और परासरण नियमन। (*कमी से पत्तियों का मुरझाना व ब्रोंजिंग*).
8. निकल (Ni): Urease एंजाइम का घटक (*कमी से पत्तियों की नोक में यूरिया विषाक्तता से 'Mouse-ear disease in Pecan'*).
【B. जल संवर्धन / हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics) एवं आधुनिक तकनीकें】:
• इतिहास: जूलियस वॉन सैक्स एवं नॉप (1860) ने प्रयोगशाला घोल संवर्धन शुरू किया; सन् 1937 में कैलिफोर्निया के प्रो. डब्ल्यू.एफ. गेरिके (W.F. Gericke) ने इसे व्यावसायिक बनाकर 'Hydroponics' नाम दिया; और होगलैंड एवं आर्नन (Hoagland & Arnon, 1938) ने विश्व का सबसे मानक पोषक घोल (Hoagland's Solution) तैयार किया।
• आधुनिक व्यावसायिक प्रणालियाँ:
1. NFT (Nutrient Film Technique — Allen Cooper, 1965): हल्की ढलान वाली PVC नालियों में पोषक घोल की मात्र 1–2 मिमी पतली बहती फिल्म में जड़ें रहती हैं (जिससे जड़ों को ऊपरी भाग से भरपूर ऑक्सीजन मिलती रहती है!)।
2. एरोपोनिक्स (Aeroponics — सर्वाधिक जल व ऑक्सीजन दक्ष!): जड़ें हवा में लटकी रहती हैं और उन पर हर कुछ मिनटों में पोषक घोल की सूक्ष्म धुंध (Mist/Fog) का छिड़काव किया जाता है (बीज आलू के वायरस-मुक्त मिनी-ट्यूबर उत्पादन में सर्वाधिक प्रयुक्त!)।
• हाइड्रोपोनिक घोल प्रबंधन: घोल का pH 5.5 से 6.5 और विद्युत चालकता (EC: 1.5 से 2.5 dS/m) बनाए रखना तथा लोहे के अवक्षेपण को रोकने के लिए Fe-EDTA या Fe-DTPA कीलेट मिलाना अनिवार्य है।
⚙️ जैव-रासायनिक एवं आणविक आधार (Biochemical / Molecular Basis): होगलैंड विलयन (Hoagland Solution) में यदि साधारण अकार्बनिक फेरिक क्लोराइड () डाला जाए, तो वह फॉस्फेट से क्रिया करके सफेद अघुलनशील फेरिक फॉस्फेट बनकर तली में बैठ जाता है; इसीलिए जैकबसन (1951) ने हाइड्रोपोनिक्स में Fe-EDTA कीलेट का प्रयोग शुरू किया!
🔄 प्रक्रिया प्रवाह एवं चरण (Process Flow & Dynamics): सैंड कल्चर (Sand culture), बजरी कल्चर (Gravel culture), कोकोपीट/पर्लाइट कल्चर और एक्वापोनिक्स (Aquaponics = मछली पालन + हाइड्रोपोनिक्स) इसके प्रमुख रूप हैं।
🌡️ पर्यावरणीय एवं आंतरिक कारक (Environmental & Internal Factors): एरोपोनिक्स में पारंपरिक खेती की तुलना में 95% कम पानी लगता है और प्रति पौधा 30 से 50 रोग-मुक्त आलू मिनी-कंद (Mini-tubers) प्राप्त होते हैं (जबकि सामान्य विधि में मात्र 5–6 कंद मिलते हैं)।
मुख्य बिंदु · Key Points
- Zn = IAA synthesis, Rice Khaira & Maize White bud
- B = Pollen tube growth & Sugar translocation, Cauliflower Browning, Sugarbeet Heart rot, Mango Black tip/Necrosis, Grape Hen & Chicken
- Mn = Water photolysis, Oat Grey speck, Pea Marsh spot, Sugarcane Pahala blight
- Mo = Nitrate reductase, Cauliflower Whiptail
- Cu = Plastocyanin, Citrus Dieback & Reclamation disease
- Hydroponics term = Gericke (1937), Standard solution = Hoagland (1938), Iron chelate = Fe-EDTA, pH = 5.5–6.5।
कृषीय महत्व · Agricultural Importance
धान में खैरा रोग के नियंत्रण हेतु 5 kg जिंक सल्फेट () + 2.5 kg बुझा चूना प्रति हेक्टेयर 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 9.1: सूक्ष्म पोषक तत्वों के विश्वप्रसिद्ध कमी विकार (Deficiency Disorders — 100% Exam Guaranteed Table!)
| पोषक तत्व | प्रमुख कार्यिकीय कार्य / एंजाइम | प्रसिद्ध कमी विकार एवं संबंधित फसलें (Famous Deficiency Diseases) |
|---|---|---|
| जिंक (Zn) | Tryptophan / IAA संश्लेषण, Carbonic anhydrase | धान का खैरा रोग, मक्का का White bud, नींबू/कपास का Little leaf, अमरूद ब्रोंजिंग |
| बोरॉन (B) | पराग नलिका वृद्धि, शर्करा स्थानांतरण | फूलगोभी Browning/Hollow stem, चुकंदर Heart rot, आँवला/आम Internal necrosis, अंगूर Hen & Chicken, मूँगफली Hollow heart |
| मैंगनीज (Mn) | प्रकाश-संश्लेषण में जल का प्रकाश-अपघटन | जई का Grey speck, मटर का Marsh spot, गन्ने का Pahala blight |
| मॉलिब्डेनम (Mo) | Nitrate reductase एवं Nitrogenase | फूलगोभी का Whiptail रोग, नींबू का Yellow spot, दलहनों में नत्रजन कमी |
| ताँबा / कॉपर (Cu) | Plastocyanin एवं Cytochrome oxidase | नींबू का Dieback / Exanthema, अनाजों का Reclamation disease / White tip |
| लोहा (Fe) | कैटालेज, पेरोक्सीडेज, साइटोक्रोम, क्लोरोफिल निर्माण | नई ऊपरी पत्तियों की पूर्ण सफेदी (Bleaching / White eye of Rice & Sorghum) |
| कैल्शियम (Ca) | मध्य पटलिका (Ca-pectate) व झिल्ली स्थिरता | टमाटर का Blossom End Rot (BER), सेब का Bitter pit, मूँगफली में Pops, अजवाइन में Black heart |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. हाइड्रोपोनिक पोषक घोल (Hoagland Solution) में ppm से ग्राम प्रति लीटर (g/L) एवं मोलरता की गणना
उदाहरण: यदि हाइड्रोपोनिक घोल में जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट (, अणुभार MW = 287.5; जिंक का परमाणु भार AW = 65.4, अर्थात् इसमें ~22.7% Zn होता है) से 5 ppm शुद्ध जिंक (Zn) देना हो, तो 100 लीटर पानी में कितना मिलाना होगा?
• 1 लीटर के लिए आवश्यक लवण = ()।
• 100 लीटर घोल के लिए आवश्यक = 2.2 ग्राम।
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 09: आवश्यक पोषक तत्वों के कार्य, कमी/विषाक्तता के लक्षण एवं हाइड्रोपोनिक्स]
├── 1. वृहद तत्वों के मुख्य कार्य व विकार (Macronutrients)
│ ├── N (प्रोटीन/क्लोरोफिल): V-shaped chlorosis on old leaves, Buttoning in cauliflower
│ ├── P (ATP/DNA/Phospholipids): Purple leaves, Sickle leaf disease | K (Stomatal & 60+ enzymes): Marginal scorching, Luxury consumption
│ ├── Ca (Middle lamella Ca-pectate): Terminal bud death, Tomato Blossom End Rot, Apple Bitter pit, Groundnut Pops
│ └── Mg (Center of Chlorophyll, Ribosome binding): Interveinal chlorosis on old leaves, Sand drown in tobacco | S (Cys, Met, Mustard oil): Tea yellows
├── 2. सूक्ष्म तत्वों के एंजाइम व प्रसिद्ध विकार (Micronutrients)
│ ├── Zn (IAA synthesis, Carbonic anhydrase): Rice Khaira, Maize White bud, Citrus Little leaf
│ ├── B (Pollen tube growth, Sugar transport): Cauliflower Browning/Hollow stem, Sugarbeet Heart rot, Grape Hen & Chicken
│ ├── Mn & Cl (Water photolysis in PS-II): Oat Grey speck, Pea Marsh spot, Sugarcane Pahala blight
│ └── Mo (Nitrate reductase & Nitrogenase): Cauliflower Whiptail | Cu (Plastocyanin): Citrus Dieback & Reclamation disease | Ni: Urease
└── 3. हाइड्रोपोनिक्स एवं बिना मिट्टी की खेती (Hydroponics & Soilless Culture)
├── इतिहास: Sachs & Knop (1860) → W.F. Gericke (1937 — 'Hydroponics' शब्द) → Hoagland & Arnon (1938 — Hoagland Solution)
├── मुख्य आवश्यकताएँ: निरंतर वायुसंचार (Aeration), pH 5.5–6.5, तथा लोहे हेतु Fe-EDTA Chelate
└── आधुनिक विधियाँ: NFT (Nutrient Film Technique - Allen Cooper) एवं Aeroponics (आलू मिनी-ट्यूबर उत्पादन)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[पौधों में पोषक तत्व सांद्रता बनाम वृद्धि वक्र — उल्रिच (Ulrich, 1952) के 4 कार्यिकीय क्षेत्र]
पादप वृद्धि / उपज (%)
100% ─── ╭───────────────────────────────╮ (2. पर्याप्त क्षेत्र / Sufficiency या
90% ─── ............../...............................\ 'Luxury Consumption' क्षेत्र — जैसे K+)
│ /│ │ (1. कमी क्षेत्र │ \ (3. विषाक्तता क्षेत्र / Toxicity Zone —
│ Deficiency │ \ >10% उपज में गिरावट, जैसे B व Mn)
│ Zone) │ 0% ──┴───────────────┴────────────────────────────────────┴──────────────────────►
▲ ▲ ऊतक में पोषक सांद्रता (ppm)
【क्रांतिक सांद्रता (Critical Conc. = 90% अधिकतम वृद्धि)】 【विषाक्तता सीमा】
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में फूलगोभी (Cauliflower) के तीन पोषण विकारों में कभी भ्रमित न हों:
1. Buttoning (छोटे बटन जैसे फूल) = नाइट्रोजन (N) की कमी
2. Browning / Hollow stem (भूरापन व खोखला तना) = बोरॉन (B) की कमी
3. Whiptail (चाबुक जैसी केवल मध्य-शिरा बचना) = मॉलिब्डेनम (Mo) की कमी! - परागकणों के अंकुरण (Pollen germination) और पराग नलिका की वृद्धि (Pollen tube elongation) के लिए कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व अनिवार्य है? उत्तर: बोरॉन (Boron – B) (कैल्शियम के साथ)!
- ऑक्सिन हार्मोन (IAA) के जैव-संश्लेषण (Tryptophan निर्माण) के लिए कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व अनिवार्य है? उत्तर: जिंक (Zinc – Zn²⁺)!
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- Hydroponics शब्द: W.F. Gericke (1937); सर्वप्रथम प्रयोगशाला घोल संवर्धन: Julius von Sachs (1860); मानक पोषक घोल: Hoagland & Arnon (1938)।
- पोटैशियम (K⁺) पौधों में 'विलासिता उपभोग' (Luxury consumption) प्रदर्शित करने वाला सबसे प्रमुख तत्व है।
- मैग्नीशियम (Mg) पर्णहरित के पोरफाइरिन वलय का केंद्रीय परमाणु है और राइबोसोम की उप-इकाइयों को जोड़ता है।
- प्रकाश-संश्लेषण में जल के प्रकाश-अपघटन (Photolysis of water) के लिए Mn²⁺, Cl⁻ और Ca²⁺ आवश्यक हैं।
- एरोपोनिक्स (Aeroponics) विधि का उपयोग केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (CPRI, शिमला) द्वारा वायरस-मुक्त बीज आलू मिनी-कंद बनाने में किया जाता है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. पौधों में 'ऑक्सिन' (IAA) हार्मोन के पूर्ववर्ती अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' के संश्लेषण और 'कार्बोनिक एनहाइड्रेज' एंजाइम की सक्रियता के लिए कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व अनिवार्य है?
- (A) कॉपर (Cu)
- (B) जिंक / जस्ता (Zinc – Zn²⁺)
- (C) मॉलिब्डेनम (Mo)
- (D) क्लोरीन (Cl)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — जिंक (Zn) ट्रिप्टोफैन सिंथेटेज (ऑक्सिन निर्माण) और कार्बोनिक एनहाइड्रेज एंजाइम का अनिवार्य सह-कारक है; इसकी कमी से धान में खैरा व मक्का में White bud होता है।
2. परागकणों के अंकुरण (Pollen germination), पराग नलिका की वृद्धि और फ्लोएम में शर्करा के स्थानांतरण (Sugar translocation) के लिए कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व मुख्य रूप से उत्तरदायी है?
- (A) बोरॉन (Boron – B)
- (B) लोहा (Fe)
- (C) निकल (Ni)
- (D) मैंगनीज (Mn)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — बोरॉन शर्करा के साथ बोरेट-शर्करा संकुल बनाकर उसे स्थानांतरित करता है और पराग नलिका की वृद्धि के लिए अनिवार्य है।
3. फूलगोभी में 'व्हिपटेल' (Whiptail of Cauliflower) रोग किस सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी से होता है और वह तत्व किस एंजाइम का घटक है?
- (A) बोरॉन — यूरिएज
- (B) मॉलिब्डेनम (Molybdenum – Mo) — नाइट्रेट रिडक्टेज (Nitrate reductase) एवं नाइट्रोजिनेज
- (C) जिंक — कैटालेज
- (D) मैंगनीज — पेरोक्सीडेज
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — मॉलिब्डेनम (Mo) नाइट्रेट रिडक्टेज का घटक है; अम्लीय मिट्टी में Mo की कमी से फूलगोभी की पत्तियों का फलक नष्ट होकर केवल मध्य-शिरा ('Whiptail') बचती है।
4. मटर में 'मार्श स्पॉट' (Marsh spot of Pea), जई में 'ग्रे स्पेक' (Grey speck of Oats) और गन्ने में 'पहाला अंगमारी' (Pahala blight) किस पोषक तत्व की कमी से होने वाले प्रसिद्ध विकार हैं?
- (A) मैंगनीज (Manganese – Mn²⁺)
- (B) ताँबा (Cu)
- (C) सल्फर (S)
- (D) पोटैशियम (K)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — ये तीनों विकार मैंगनीज (Mn) की कमी के क्लासिक संकेतक हैं।
5. सन् 1937 में बिना मिट्टी के पोषक घोल में व्यावसायिक रूप से पौधे उगाने की विधि को 'हाइड्रोपोनिक्स' (Hydroponics) नाम किस वैज्ञानिक ने दिया था?
- (A) जूलियस वॉन सैक्स (1860)
- (B) डब्ल्यू.एफ. गेरिके (W.F. Gericke, 1937)
- (C) डी.आई. आर्नन (1939)
- (D) स्टीफन हेल्स (1727)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — प्रयोगशाला घोल संवर्धन सैक्स (1860) ने शुरू किया, किंतु 'Hydroponics' शब्द और व्यावसायिक प्रयोग डब्ल्यू.एफ. गेरिके (1937) ने दिया।
6. हाइड्रोपोनिक पोषक घोल (जैसे Hoagland solution) में लोहे (Iron) को फॉस्फेट के साथ मिलकर अघुलनशील अवक्षेप बनने से रोकने के लिए किस कीलेटिंग कारक (Chelating agent) के रूप में मिलाया जाता है?
- (A) साधारण लोहे का चूर्ण
- (B) Fe-EDTA (या Fe-DTPA / Fe-EDDHA) कीलेट
- (C) फेरस सल्फेट अकेले
- (D) जंग लगा लोहा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — EDTA (Ethylenediaminetetraacetic acid) लोहे के आयन को घेरकर (Chelation) उसे घुलनशील व पौधे के लिए उपलब्ध बनाए रखता है।
7. नींबू वर्गीय फलों में टहनियों का ऊपर से नीचे की ओर सूखना ('Dieback / Exanthema of Citrus') और अनाजों में 'रिक्लेमेशन रोग' (Reclamation disease) किस तत्व की कमी से होता है?
- (A) ताँबा / कॉपर (Copper – Cu²⁺)
- (B) कैल्शियम (Ca)
- (C) मैग्नीशियम (Mg)
- (D) क्लोरीन (Cl)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — कॉपर (Cu) की कमी से नींबू में डाइबैक/एक्सेंथेमा और दलदली/पीट भूमि में उगाए गए अनाजों में रिक्लेमेशन रोग होता है।
8. जब मृदा में कोई पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होता है, तो पौधा बिना किसी अतिरिक्त उपज वृद्धि के उसे आवश्यकता से अधिक सोख लेता है—इस 'विलासिता उपभोग' (Luxury Consumption) के लिए कौन सा तत्व सबसे प्रसिद्ध है?
- (A) पोटैशियम (Potassium – K⁺)
- (B) मॉलिब्डेनम (Mo)
- (C) बोरॉन (B)
- (D) लोहा (Fe)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — पोटैशियम (K⁺) रिक्तिका में बिना किसी विषाक्तता के बड़ी मात्रा में संचित हो जाता है जिसे 'Luxury consumption' कहते हैं।
9. टमाटर और शिमला मिर्च के फलों के निचले सिरे का सड़ना ('Blossom End Rot'), सेब में 'बिटर पिट' (Bitter pit) और मूँगफली में खाली फलियाँ ('Pops') किस तत्व की कमी से होती हैं?
- (A) नाइट्रोजन (N)
- (B) कैल्शियम (Calcium – Ca²⁺)
- (C) मैग्नीशियम (Mg)
- (D) फॉस्फोरस (P)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कैल्शियम (Ca) जाइलम से केवल वाष्पोत्सर्जन करने वाली पत्तियों में जाता है और कम वाष्पोत्सर्जन करने वाले फलों तक न पहुँचने से फलों के सिरे की कोशिका भित्ति गल जाती है।
10. कोशिका में राइबोसोम की दोनों उप-इकाइयों (जैसे 30S व 50S या 40S व 60S) को प्रोटीन संश्लेषण के समय आपस में जोड़कर रखने के लिए कौन सा द्विसंयोजक धनायन अनिवार्य है?
- (A) मैग्नीशियम (Magnesium – Mg²⁺)
- (B) सोडियम (Na⁺)
- (C) क्लोराइड (Cl⁻)
- (D) बोरेट
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — Mg²⁺ आयन की सांद्रता (0.001 M) ही राइबोसोम की दोनों उप-इकाइयों को जोड़कर सक्रिय पॉलीसोम बनाती है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. विश्व का सबसे प्रसिद्ध और मानक हाइड्रोपोनिक पोषक विलयन सन् 1938 में किन वैज्ञानिकों ने तैयार किया था?
डी.आर. होगलैंड एवं डी.आई. आर्नन (Hoagland & Arnon, 1938 — 'Hoagland's Nutrient Solution')।
2. चाय में 'टी येलोज' (Tea Yellows) रोग किस पोषक तत्व की कमी से होता है?
सल्फर / गंधक (Sulphur – S) की कमी से।
3. तंबाकू में 'सैंड ड्राउन' (Sand Drown) रोग किस पोषक तत्व की कमी से रेतीली भूमि में होता है?
मैग्नीशियम (Magnesium – Mg) की कमी से।
4. हाइड्रोपोनिक्स की 'NFT' तकनीक का पूरा नाम क्या है और इसे किसने विकसित किया था?
Nutrient Film Technique (पोषक फिल्म तकनीक — एलन कूपर, 1965 द्वारा विकसित)।
5. सल्फर युक्त तीन प्रमुख अमीनो अम्लों के नाम लिखिए।
सिस्टीन (Cysteine), सिस्टाइन (Cystine) एवं मेथियोनीन (Methionine)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और पोटैशियम (K) के प्रमुख कार्यिकीय कार्य और कमी के मुख्य लक्षण लिखिए।
1. नाइट्रोजन (N): अमीनो अम्ल, प्रोटीन, DNA/RNA व पर्णहरित का घटक; कमी से पुरानी पत्तियों में V-आकार का पीलापन व बौनापन। 2. फॉस्फोरस (P): ATP ऊर्जा मुद्रा, न्यूक्लिक अम्ल व झिल्ली फॉस्फोलिपिड का घटक; कमी से पुरानी पत्तियों में गहरा हरा या बैंगनी रंग (एंथोसायनिन संचय) व कमजोर जड़ें। 3. पोटैशियम (K): रंध्र संचालन, 60+ एंजाइमों का सक्रियण व शर्करा स्थानांतरण; कमी से पुरानी पत्तियों के किनारों का झुलसना (Marginal scorching)।
2. कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम (Mg) और सल्फर (S) की कार्यिकीय भूमिकाओं की तुलना कीजिए।
1. कैल्शियम (Ca): कोशिका भित्ति की मध्य पटलिका में 'कैल्शियम पेक्टेट' बनाता है, झिल्ली स्थिरता देता है और Calmodulin संदेशवाहक के रूप में कार्य करता है। 2. मैग्नीशियम (Mg): पर्णहरित (Chlorophyll) वलय का केंद्रीय परमाणु है, राइबोसोम उप-इकाइयों को जोड़ता है और RuBisCO व ATPase को सक्रिय करता है। 3. सल्फर (S): सिस्टीन व मेथियोनीन अमीनो अम्लों, Coenzyme-A, फेरेडॉक्सिन तथा सरसों के तेल की तीखी गंध (Sinigrin) का निर्माण करता है।
3. जिंक (Zn) और बोरॉन (B) के कार्यिकीय कार्यों और इनकी कमी से होने वाले तीन-तीन प्रसिद्ध रोगों का उल्लेख कीजिए।
जिंक (Zn): ऑक्सिन (IAA) हार्मोन संश्लेषण और Carbonic anhydrase एंजाइम के लिए अनिवार्य है। कमी के रोग: 1. धान का खैरा रोग, 2. मक्का का White bud, 3. नींबू का Little leaf। बोरॉन (B): परागकण अंकुरण, पराग नलिका वृद्धि और शर्करा स्थानांतरण के लिए अनिवार्य है। कमी के रोग: 1. फूलगोभी का Browning/Hollow stem, 2. चुकंदर का Heart rot, 3. आम/आँवला का Internal necrosis व अंगूर का Hen & Chicken।
4. हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics) क्या है? इसके लाभ और सफल संचालन की तीन मुख्य सावधानियाँ लिखिए।
बिना मिट्टी के खनिज पोषक तत्वों के संतुलित जलीय घोल में पौधे उगाने की तकनीक को हाइड्रोपोनिक्स (Gericke, 1937) कहते हैं। लाभ: 85–90% पानी की बचत, मृदा-जनित रोगों व खरपतवारों से मुक्ति और पोषण पर 100% नियंत्रण। तीन मुख्य सावधानियाँ: 1. जड़ों के श्वसन के लिए घोल में निरंतर हवा (Aeration pump) प्रवाहित करना, 2. घोल का pH 5.5–6.5 बनाए रखना, और 3. लोहे को अवक्षेपण से बचाने हेतु Fe-EDTA कीलेट का उपयोग व जड़ों को अंधेरे में रखना (ताकि शैवाल न उगें)।
5. एरोपोनिक्स (Aeroponics) और एनएफटी (NFT) तकनीक में क्या अंतर है?
NFT (Nutrient Film Technique) में पौधों की जड़ें हल्की ढलान वाली बंद चैनलों में पोषक घोल की 1–2 मिमी पतली बहती परत के संपर्क में रहती हैं। इसके विपरीत, एरोपोनिक्स (Aeroponics) में जड़ें किसी द्रव में डूबी न रहकर एक बंद अंधेरे कक्ष में हवा में लटकी रहती हैं और स्वचालित नोजल से हर कुछ मिनटों में जड़ों पर पोषक घोल की बारीक धुंध (Mist) का छिड़काव किया जाता है, जिससे जड़ों को सर्वाधिक ऑक्सीजन मिलती है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. पौधों में सभी वृहद पोषक तत्वों (N, P, K, Ca, Mg, S) के विशिष्ट कार्यिकीय एवं जैव-रासायनिक कार्यों तथा उनकी कमी के लक्षणों का सविस्तर वर्णन कीजिए।
प्रत्येक वृहद तत्व का अवशोषित रूप, पौधे में सांद्रता, संरचनात्मक एवं एंजाइमीय कार्य और पुरानी बनाम नई पत्तियों पर प्रकट होने वाले विशिष्ट कमी लक्षणों व विकारों (Buttoning, Purple leaf, Marginal scorching, Blossom end rot, Sand drown, Tea yellows) का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
2. आठों सूक्ष्म पोषक तत्वों (Fe, Mn, Zn, Cu, B, Mo, Cl, Ni) के एंजाइमीय कार्यों, कमी के प्रसिद्ध विकारों (तालिका 9.1) और सूक्ष्म तत्व विषाक्तता (Toxicity) की विवेचना कीजिए।
आठों सूक्ष्म तत्वों के विशिष्ट एंजाइम (कैटालेज, जल-अपघटन, IAA/Carbonic anhydrase, Plastocyanin, पराग नलिका, Nitrate reductase/Nitrogenase, Urease), प्रसिद्ध रोगों की तालिका और क्रांतिक सांद्रता बनाम विषाक्तता (Mn एवं B विषाक्तता) का सविस्तर विवरण दें।
3. हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics) के ऐतिहासिक विकास, होगलैंड विलयन के संघटन तथा आधुनिक मिट्टी-रहित कृषि तकनीकों (Solution culture, NFT एवं Aeroponics) के सिद्धांत, लाभ और सीमाओं का वर्णन कीजिए।
सैक्स (1860), गेरिके (1937) व होगलैंड (1938) का इतिहास, घोल में वायुसंचार, pH नियंत्रण व Fe-EDTA कीलेट का महत्व, NFT और Aeroponics की कार्यप्रणाली (विशेषकर आलू बीज उत्पादन व शहरी वर्टिकल फार्मिंग में उपयोग) तथा लाभ-सीमाओं का वर्णन करें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- पंतनगर में डॉ. वाई.एल. नेने (Dr. Y.L. Nene, 1966) ने खोजा था कि धान का 'खैरा रोग' किसी रोगाणु से नहीं बल्कि जिंक (Zn) की कमी से होता है।
- अम्लीय मृदा में मैंगनीज (Mn) की विषाक्तता होने पर पत्तियों पर भूरे धब्बे पड़ते हैं और पौधे में लोहे (Fe) तथा मैग्नीशियम (Mg) की प्रेरित कमी हो जाती है।
- सरसों के तेल में तीखी गंध (Pungency) सल्फर-युक्त ग्लूकोसिनोलेट 'सिनिग्रिन' (Sinigrin) और प्याज-लहसुन में 'एलिल प्रोपिल डाइसल्फाइड' के कारण होती है।
- बोरॉन (B) की कमी से अंगूर के गुच्छे में कुछ दाने बड़े और बहुत से दाने छोटे बिना बीज के रह जाते हैं जिसे 'Hen and Chicken disorder' कहते हैं।
- होगलैंड के मानक पोषक घोल (Hoagland solution) में लोहे की आपूर्ति हेतु 'Fe-EDTA' या 'आयरन टार्ट्रेट' का प्रयोग किया जाता है।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PPHYS 311 Smart Notes।





