GPB 311 Lecture 09: तंबाकू (Tobacco) और जूट/पटसन (Jute) में फसल सुधार: उत्पत्ति, उभय-द्विगुणित उद्विकास एवं प्रजनन

GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
तंबाकू (Tobacco) और जूट/पटसन (Jute) में फसल सुधार: उत्पत्ति, उभय-द्विगुणित उद्विकास एवं प्रजनन
Crop Improvement in Tobacco and Jute
Tobacco (तंबाकू – Nicotiana tabacum & N. rustica), Jute (जूट / पटसन – Corchorus capsularis & C. olitorius)
विषय सूची · Quick Navigation
अधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्सअधिगम उद्देश्य · Learning Objectives
- तंबाकू की दोनों पर-चतुर्गुणित कृष्य प्रजातियों—Nicotiana tabacum एवं Nicotiana rustica (2n=4x=48)—के उभय-द्विगुणित उद्विकास (Goodspeed, 1954), पुष्प जीवविज्ञान, निकोटीन संश्लेषण और विभिन्न प्रकारों (FCV, Bidi, Chewing, Hookah) के प्रजनन को समझना।
- जूट/पटसन ('Golden Fibre') की दोनों द्विगुणित प्रजातियों—सफेद जूट (Corchorus capsularis, 2n=14) और तोसा जूट (Corchorus olitorius, 2n=14)—के उत्पत्ति केंद्र, लक्षणों के अंतर, क्रॉसिंग अवरोध और प्रमुख किस्मों (JRO-524 नवीन, JRC-212, महादेव) का अध्ययन करना।
प्रस्तावना · Introduction
नकदी एवं व्यावसायिक फसलों में तंबाकू (Tobacco – कुल: Solanaceae, जहाँ पत्तियाँ आर्थिक भाग हैं) और जूट/पटसन (Jute – कुल: Tiliaceae/Malvaceae, जहाँ तने की छाल का बास्ट रेशा 'Golden Fibre' आर्थिक भाग है) भारत के विदेशी मुद्रा अर्जन और ग्रामीण रोजगार में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। पादप आनुवंशिकी के इतिहास में ईस्ट एवं मैंगल्सडॉर्फ (East & Mangelsdorf, 1925) ने तंबाकू (Nicotiana sanderae) में ही सर्वप्रथम 'युग्मकोद्भिदी स्व-अनिषेच्यता' (Gametophytic Self-Incompatibility – GSI) की खोज की थी, और जिलो (Guha & Maheshwari, 1964 के बाद Bourgin & Nitsch, 1967) ने तंबाकू में प्रथम अगुणित पादप (Haploid plant) तैयार किए थे।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions
निकोटीन का जड़ में संश्लेषण (Root Synthesis of Nicotine – Dawson, 1941)
तंबाकू का मुख्य एल्कलॉइड 'निकोटीन' (Nicotine) पौधे की जड़ों (Roots) में संश्लेषित होता है और जाइलम वाहिकाओं द्वारा ऊपर पत्तियों में जाकर संचित होता है; इसीलिए शीर्ष कर्तन (Topping) करने पर पत्तियों में निकोटीन की मात्रा तेजी से बढ़ जाती है।
एफसीवी तंबाकू (Flue-Cured Virginia – FCV Tobacco)
सिगरेट निर्माण के लिए उगाया जाने वाला तंबाकू (N. tabacum), जिसकी पत्तियों को विशेष भट्ठियों ('Barns') में गर्म लोहे के पाइपों (Flues) के ताप से पकाकर चमकीले नींबू-पीले या नारंगी रंग में बदला जाता है।
सफेद जूट बनाम तोसा जूट (White Jute vs Tossa Jute)
Corchorus capsularis को 'सफेद या तीता (कड़वा) जूट' कहते हैं (जिसमें गोलाकार कैप्सूल लगते हैं और पत्तियों में कड़वा ग्लूकोसाइड 'Corchorin' होता है); जबकि Corchorus olitorius को 'तोसा या मीठा जूट' कहते हैं (जिसमें लंबे बेलनाकार कैप्सूल और मजबूत रेशमी रेशा होता है)।
सड़न या रेटिंग (Retting of Jute)
जूट के कटे हुए तनों को धीमे बहते पानी में 10–15 दिनों तक डुबोकर रखने की सूक्ष्मजैविक प्रक्रिया (Clostridium एवं Bacillus जीवाणुओं द्वारा पेक्टिन का अपघटन), जिससे बास्ट रेशा लकड़ी (काष्ठ) से अलग हो जाता है।
वर्गीकरण · Classification
तंबाकू (Genus Nicotiana, कुल: Solanaceae, कुल ~76 प्रजातियाँ) की 2 कृष्य पर-चतुर्गुणित प्रजातियाँ (2n = 4x = 48)
1. Nicotiana tabacum (सामान्य / देसी तंबाकू; 2n=48, SSTT genome): पौधा लंबा (1.5–2.5 मीटर), पत्तियाँ बड़ी व संकरी और डंठल रहित (Sessile), फूल गुलाबी या लाल व कीप के आकार के, पत्तियों में निकोटीन कम (1.5% – 3.5%); भारत के 85% क्षेत्र पर (सिगरेट, बीड़ी, सिगार, चुरुट, हुक्का व खैनी हेतु) उगाया जाता है।
2. Nicotiana rustica (विलायती / कलकतिया तंबाकू; 2n=48): पौधा छोटा व झाड़ीदार (0.9–1.2 मीटर), पत्तियाँ गोल, मोटी व डंठल युक्त (Petiolate), फूल छोटे व पीले-हरे रंग के, पत्तियों में निकोटीन अत्यंत उच्च (4.0% – 8.5%!); मुख्यतः उत्तर भारत में ठंडे मौसम में हुक्का, खाने (Chewing) और नसवार (Snuff) हेतु उगाया जाता है।
दोनों कृष्य तंबाकू प्रजातियों की उभय-द्विगुणित वंशावली (Goodspeed, 1954)
• Nicotiana tabacum (2n=48, SSTT) = Nicotiana sylvestris (2n=24, SS — मादा पितृ) × Nicotiana tomentosiformis (या N. otophora, 2n=24, TT — नर पितृ)।
• Nicotiana rustica (2n=48) = Nicotiana paniculata (2n=24) × Nicotiana undulata (2n=24)।
• महत्वपूर्ण जंगली प्रजातियाँ: N. glutinosa (2n=24 — TMV विषाणु प्रतिरोधी 'N' जीन का दाता!), N. plumbaginifolia (Black shank प्रतिरोधी), N. debneyi (2n=48 — Blue mold प्रतिरोधी व CMS का दाता), N. benthamiana (विषाणु अनुसंधान का मॉडल पौधा)।
जूट / पटसन (Genus Corchorus, कुल: Tiliaceae / Malvaceae, 2n = 2x = 14) की 2 कृष्य प्रजातियाँ
1. Corchorus capsularis (सफेद जूट / तीता पाट): उत्पत्ति—भारत-बर्मा (Indo-Burma); फल गोलाकार व झुर्रीदार (Globose capsule), बीज तांबे जैसे भूरे (300 बीज/ग्राम), पत्तियाँ कड़वी ('Corchorin' उपस्थिति), बाढ़/जलभराव सहनशील।
2. Corchorus olitorius (तोसा जूट / मीठा पाट): उत्पत्ति—अफ्रीका (भारत द्वितीयक केंद्र); फल लंबा बेलनाकार व धारीदार (Cylindrical pod), बीज नीले-काले व छोटे (500 बीज/ग्राम), पत्तियाँ स्वादहीन (Corchorin अनुपस्थित), रेशा अधिक मजबूत व चमकदार सुनहरा (आज भारत के >80% क्षेत्र पर तोसा जूट ही उगाया जाता है!)।
महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles
- तंबाकू में प्रकार-विशिष्ट गुणवत्ता विरोधाभास (Type-Specific Quality Antagonism in Tobacco): सिगरेट (FCV) तंबाकू में 'कम निकोटीन (1.5–2.0%) और उच्च अपचायक शर्करा (High reducing sugars 15–20%)' वांछित होती है (शर्करा : निकोटीन अनुपात अर्थात् 'Shmuck Number' = 8 से 11 होना चाहिए) और पोटाश (K) पत्ती के जलने की क्षमता (Leaf burn quality) बढ़ाता है जबकि क्लोराइड (Cl) जलने की क्षमता को नष्ट कर देता है! इसके ठीक विपरीत, बीड़ी और खैनी/हुक्का तंबाकू में 'उच्च निकोटीन (4–8%), मोटी पत्ती और तीखापन' प्रजनन का मुख्य उद्देश्य होता है।
- जूट में समय से पूर्व पुष्पन प्रतिरोध (Premature Flowering Resistance in Tossa Jute): पारंपरिक तोसा जूट (C. olitorius) एक कठोर लघु-दिवस पौधा था जिसे अप्रैल के मध्य से पहले (मार्च में) बोने पर पौधा मात्र 3–4 फीट का होते ही फूल देने लगता था जिससे रेशा छोटा व शाखाओं वाला होकर खराब हो जाता था। सूडान की अ-संवेदनशील किस्म 'Sudan Green' और देसी 'JRO-632' के संकरण से ऐतिहासिक किस्म 'JRO-524 (नवीन)' बनाई गई जिसे मार्च में भी बोया जा सकता है और जो समय से पहले फूल नहीं देती!
फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics
1. Crop Improvement in Tobacco (तंबाकू — Nicotiana tabacum & N. rustica, 2n = 4x = 48)
महत्व: तंबाकू में न केवल धूम्रपान उत्पाद बनते हैं, बल्कि आधुनिक 'फाइटोकैमिकल प्रजनन' द्वारा इसके बीजों से 35–38% खाद्य तेल और पत्तियों से 'Solanesol' (Coenzyme Q10 हृदय औषधि हेतु), 'निकोटीन सल्फेट' (जैविक कीटनाशक) और वैक्सीन प्रोटीन (Molecular Pharming) प्राप्त किए जाते हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
- पुष्प जीवविज्ञान: शीर्षस्थ सीमाक्षी मंजरी (Terminal panicle/cymose) में कीप के आकार के द्विलिंगी फूल लगते हैं जिनमें 5 जुड़े दल और 5 दललग्न पुंकेसर (4 लंबे + 1 छोटा) होते हैं। यह मुख्यतः स्व-परागित (Self-pollinated, ~95%) फसल है। एक ही कैप्सूल में 2000 से 8000 बीज बनते हैं और एक पौधे से 1–2 लाख बीज मिल जाते हैं!
- प्रमुख प्रजनन उद्देश्य एवं रोग प्रतिरोध: (1) FCV तंबाकू में चमकीली नींबू-पीली पत्ती, उच्च शर्करा : निकोटीन अनुपात और उत्तम ज्वलनशीलता, (2) बीड़ी तंबाकू (गुजरात व कर्नाटक) में बड़ी मोटी चित्तीदार (Spangle development) पत्ती व उच्च निकोटीन, (3) तंबाकू मोजैक विषाणु (TMV — प्रतिरोध: N. glutinosa से प्राप्त प्रभावी 'N' जीन जो अतिसंवेदनशील परिगलन/Hypersensitive response देता है), ब्लैक शैंक (Phytophthora parasitica var. nicotianae), मेंढक-आँख पत्ती धब्बा (Cercospora nicotianae) एवं परजीवी खरपतवार 'आज्ञा / ओरोबैंकी' (Orobanche cernua) प्रतिरोध।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
- गैर-धूम्रपान उपयोग (Alternative Uses Breeding): CTRI द्वारा उच्च बीज तेल (38% खाद्य तेल जो सूरजमुखी तेल के समान है) हेतु 'A-145' व अन्य विशेष वंशक्रम विकसित किए गए हैं।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ
प्रमुख किस्में एवं संकर (CTRI राजमुंदरी एवं आनंद गुजरात द्वारा विकसित):
1. सिगरेट / FCV तंबाकू किस्में: कनकप्रभा (Kanakaprabha), धनश्री, जयश्री (उत्परिवर्तित), भव्यश्री, गोदावरी स्पेशल, हेमा, सिरी (Siri), VT-1158 (TMV प्रतिरोधी), चंद्रप्रभा, स्वाति।
2. बीड़ी तंबाकू किस्में एवं संकर (आनंद, गुजरात – BTRS): आनंद-2 (A-2), आनंद-119, GT-4, GT-5, GT-7 (सूखा सहिष्णु), अबीर; संकर बीड़ी तंबाकू—GTH-1 (गुजरात टोबैको हाइब्रिड-1 — CMS आधारित भारत का प्रथम तंबाकू संकर!) एवं MRGTH-1।
3. चबाने, हुक्का एवं सिगार तंबाकू: भाग्यलक्ष्मी, मीनाक्षी, सोना, गंडक बहार, पूसा टोबैको-76; N. rustica किस्में—मोतीहारी (हेमंत), कलकतिया, GC-1, DD-437, हरिप्रिया।
जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ
एक कैप्सूल में हजारों बीज बनने के कारण तंबाकू में संकर बीज उत्पादन अत्यंत सस्ता और सरल होता है।
पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ
तंबाकू में गुणवत्ता एवं पत्ती का वजन बढ़ाने हेतु फूल की मंजरी तोड़ना ('Topping') और कक्षीय कलियाँ हटाना ('Desuckering' — हाथों से या Maleic Hydrazide / Pendimethalin रसायन से) अनिवार्य सस्य-प्रजनन क्रियाएँ हैं।
2. Crop Improvement in Jute / Pat (जूट / पटसन — Corchorus capsularis & C. olitorius, 2n = 2x = 14)
महत्व: जूट के रेशे में सेल्यूलोज (60–65%) के साथ 'लिग्निन' (Lignin: 12–14%) की अधिकता होती है (जिसे 'Ligno-cellulosic fibre' कहते हैं); रेशे को कपड़ा बनाने योग्य नरम और महीन बनाने के लिए 'कम लिग्निन' (Low lignin mutant – 'dlpf' gene) प्रजनन का आधुनिक लक्ष्य है।
महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
- पुष्प जीवविज्ञान: पत्ती के सम्मुख 1–3 छोटे पीले रंग के द्विलिंगी फूल लगते हैं जिनमें 5 बाह्यदल, 5 पीले दल और 20 से 60 स्वतंत्र पुंकेसर (Polyandrous stamens) होते हैं। सुबह 6–9 बजे फूल खिलने पर स्व-परागण होता है; C. capsularis में 2–5% और C. olitorius में 5–12% पर-परागण होता है।
- दोनों प्रजातियों के बीच मजबूत प्रजनन अवरोध (Strong Cross-Incompatibility Barrier): C. capsularis (जलभराव व तना सड़न सहिष्णु) और C. olitorius (उच्च उपज व मजबूत रेशा) के बीच संकरण करने पर निषेचन तो हो जाता है, किंतु 7–10 दिन बाद भ्रूण और भ्रूणपोष सूखकर गिर जाते हैं (Post-zygotic abortion; Swaminathan et al., 1961)। इसे दूर करने के लिए कलम बाँधना (Reciprocal grafting), हार्मोन (IAA 300 ppm) लगाना और 'Embryo Rescue' तकनीक अपनाई जाती है।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
- रेशे की कटाई यदि 'छोटी फली अवस्था' (Small pod stage — बुवाई के 110–120 दिन पर) में की जाए तो उपज और रेशे की गुणवत्ता दोनों का सर्वोत्तम संतुलन प्राप्त होता है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ
प्रजनन विधियाँ एवं क्रांतिकारी किस्में (CRIJAF बैरकपुर द्वारा विकसित — 'JRC' = Jute Research Capsularis; 'JRO' = Jute Research Olitorius):
1. तोसा जूट (Corchorus olitorius — 'JRO' शृंखला):
• JRO-632 (बैसाखी तोसा — शुद्ध वंशक्रम वरण)
• JRO-524 ('नवीन' / Navin — Sudan Green × JRO-632 से 1977 में विकसित; समय से पूर्व फूल न देने वाली भारत के 70% जूट क्षेत्र पर छाई मेगा किस्म!)
• JRO-878 ('चैताली तोसा' = Sudan Green × JRO-632)
• JRO-7835 ('बसंत तोसा')
• JRO-66 (गोल्डन जुबली तोसा), JRO-8432 (शक्ति), JRO-128 (सूर्य), JRO-204 (सुडेन), S-19 (सुवर्ण), तारा (JRO-524 से भी अधिक उपज), महादेव (TJ-40 — गामा किरण उत्परिवर्ती!)।
जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ
2. सफेद जूट (Corchorus capsularis — 'JRC' शृंखला):
• JRC-212 ('सबुज सोना' — शुद्ध वंशक्रम वरण)
• JRC-321 ('सोनाली' — अति अगेती व महीन रेशा)
• JRC-7447 ('श्यामली' — X-किरण उत्परिवर्ती!)
• पद्मा (Padma), JRC-698, JRC-517 (सिद्धार्थ), JRC-532 (शशि), बिधान रूपाली (हल्की हरी पत्ती वाली उत्परिवर्तित किस्म)।
पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ
प्रमुख रोग एवं कीट प्रतिरोध लक्ष्य: मैक्रोफोमिना तना एवं जड़ सड़न (Macrophomina phaseolina — जूट का सबसे विनाशकारी रोग), बिहार रोमिल इल्ली (Spilosoma obliqua), सेमीलूपर एवं पीली चिंचड़ी (Yellow mite)।
तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables
तालिका 9.1: तंबाकू की दोनों कृष्य प्रजातियों (Nicotiana tabacum बनाम Nicotiana rustica) में अंतर
| विशेषता | Nicotiana tabacum (देसी/सामान्य तंबाकू) | Nicotiana rustica (विलायती/कलकतिया तंबाकू) |
|---|---|---|
| द्विगुणित पूर्वज (2n=4x=48) | N. sylvestris (2n=24) × N. tomentosiformis (2n=24) | N. paniculata (2n=24) × N. undulata (2n=24) |
| पौधे की ऊँचाई एवं पत्ती | लंबा (1.5–2.5 m); बड़ी संकरी व अवृंत (Sessile) पत्तियाँ | छोटा (0.9–1.2 m); गोल, मोटी व सवृंत (Petiolate) पत्तियाँ |
| फूल का रंग एवं आकार | गुलाबी, लाल या सफेद; लंबी कीप (Funnel) के आकार का | हल्का पीला-हरा; छोटी घंटी के आकार का |
| पत्तियों में निकोटीन प्रतिशत | कम से मध्यम (1.5% से 3.5%) | अत्यधिक उच्च (4.0% से 8.5%) |
| मुख्य उपयोग एवं क्षेत्र | सिगरेट (FCV), बीड़ी, सिगार, चुरुट (आंध्र, कर्नाटक, गुजरात) | केवल हुक्का, खैनी (Chewing) एवं नसवार (यूपी, बिहार, बंगाल) |
तालिका 9.2: सफेद जूट (Corchorus capsularis) बनाम तोसा जूट (Corchorus olitorius) की तुलना
| लक्षण (Trait) | सफेद जूट (Corchorus capsularis) | तोसा जूट (Corchorus olitorius) |
|---|---|---|
| सामान्य नाम एवं स्वाद | सफेद पाट / तीता (कड़वा) पाट ('Corchorin' ग्लूकोसाइड उपस्थित) | तोसा पाट / मीठा पाट ('Corchorin' अनुपस्थित, पत्तियाँ स्वादहीन) |
| उत्पत्ति केंद्र | भारत-बर्मा (Indo-Burma क्षेत्र) | अफ्रीका (प्राथमिक) एवं भारत (द्वितीयक) |
| फल (Capsule) का आकार | छोटा, गोलाकार (Globose) और झुर्रीदार, 5-कोष्ठीय | लंबा, बेलनाकार (Cylindrical) और धारीदार, 5–6 कोष्ठीय |
| बीज का रंग एवं आकार | तांबे जैसा भूरा व बड़ा (1 ग्राम में ~300 बीज) | नीला-काला या धूसर व छोटा (1 ग्राम में ~500 बीज) |
| पारिस्थितिक अनुकूलन व रेशा | निचली बाढ़ग्रस्त भूमि व जलभराव सहनशील; रेशा सफेद व थोड़ा कमजोर | केवल ऊँची भूमि (जलभराव असहनशील); रेशा सुनहरा, रेशमी व अधिक मजबूत |
| प्रमुख उन्नत किस्में | JRC-212 (सबुज सोना), JRC-321 (सोनाली), JRC-7447 (श्यामली) | JRO-524 (नवीन), JRO-632, JRO-878 (चैताली), JRO-7835 (बसंत), महादेव |
सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations
1. सिगरेट तंबाकू (FCV Tobacco) की गुणवत्ता का 'श्मक अंक' (Shmuck Number) एवं 'कोवलेंको गुणांक'
उदाहरण: उच्च कोटि के सिगरेट (FCV) तंबाकू में शर्करा 18% और निकोटीन 1.8% है, तो:
• Shmuck Number = 18 / 1.8 = 10.0 (यदि Shmuck Number 8 से 11 के बीच हो तो तंबाकू का धुआँ मृदु और सुगंधित होता है; यदि यह <4 हो तो धुआँ अत्यंत कड़वा और तीखा होता है)।
माइंड मैप · Mind Map
[Lecture 09: तंबाकू (Tobacco) एवं जूट (Jute) में फसल सुधार]
├── 1. तंबाकू (Nicotiana spp., Solanaceae, 2n=4x=48)
│ ├── N. tabacum (2n=48 = N. sylvestris × N. tomentosiformis): 1.5–3.5% निकोटीन, अवृंत पत्ती, गुलाबी फूल (सिगरेट/बीड़ी)
│ ├── N. rustica (2n=48 = N. paniculata × N. undulata): 4.0–8.5% निकोटीन, सवृंत गोल पत्ती, पीले-हरे फूल (हुक्का/खैनी)
│ ├── जंगली दाता: N. glutinosa (TMV प्रतिरोधी 'N' जीन), N. debneyi (CMS दाता)
│ ├── शरीर क्रिया: निकोटीन जड़ों (Roots) में बनता है व जाइलम से पत्तियों में आता है | FCV गुणवत्ता = उच्च Shmuck Number (Sugar/Nicotine)
│ └── प्रमुख किस्में: FCV (Kanakaprabha, Jayasri, Siri, VT-1158); Bidi (Anand-2, GT-4, प्रथम संकर: GTH-1); Rustica (Motihari, Kalkatiya)
└── 2. जूट / पटसन (Corchorus spp., Tiliaceae/Malvaceae, 2n=14 — Bast Fibre)
├── C. capsularis (White/Tita Jute): उत्पत्ति भारत-बर्मा, गोल कैप्सूल, Corchorin उपस्थित, बाढ़ सहिष्णु
│ └── किस्में (JRC series): JRC-212 (Sabuj Sona), JRC-321 (Sonali), JRC-7447 (Shyamali - X-ray mutant), Padma
└── C. olitorius (Tossa/Mitha Jute): उत्पत्ति अफ्रीका, बेलनाकार कैप्सूल, मजबूत सुनहरा रेशा (>80% क्षेत्रफल)
└── किस्में (JRO series): JRO-524 (Navin = Sudan Green × JRO-632 — अगेती बुवाई में फूल न देने वाली मेगा किस्म), JRO-632, JRO-878 (Chaitali), Mahadev (TJ-40)
प्रवाह चित्र · Flowchart
[तोसा जूट (Corchorus olitorius) में 'Sudan Green' के संकरण से मेगा किस्म 'JRO-524 (नवीन)' का विकास]
समस्या: देसी तोसा जूट 'JRO-632' को अप्रैल से पहले (मार्च में) बोने पर छोटे पौधे में ही फूल आ जाते थे (Premature flowering → रेशा खराब)
↓
[Sudan Green (सूडान से लाया गया दीप्तिकाल-असंवेदनशील जननद्रव्य)] × [JRO-632 (भारतीय उच्च उपज वाली तोसा किस्म)]
↓ (CRIJAF बैरकपुर में वंशावली वरण — मार्च के प्रथम सप्ताह में बुवाई दबाव के अंतर्गत चयन)
1. 'JRO-878' (चैताली तोसा) एवं 'JRO-7835' (बसंत तोसा)
2. पुनः संकरण व वरण से 'JRO-524 (नवीन / Navin, 1977)' का विकास
↓ (परिणाम)
मार्च-अप्रैल में बुवाई संभव → समय से पूर्व पुष्पन से पूर्ण मुक्ति → रेशे की उपज में क्रांति (सफेद जूट की जगह तोसा जूट 80% क्षेत्र पर छाया)
परीक्षा टिप्स · Exam Tips
- परीक्षा में हमेशा याद रखें: 'JRC' से शुरू होने वाली सभी किस्में (JRC-212 सबुज सोना, JRC-321 सोनाली, JRC-7447 श्यामली) सफेद जूट (Corchorus capsularis) की हैं, और 'JRO' से शुरू होने वाली सभी किस्में (JRO-524 नवीन, JRO-632, JRO-878 चैताली) तोसा जूट (Corchorus olitorius) की हैं!
- तंबाकू में 'निकोटीन' का संश्लेषण पत्तियों में नहीं, बल्कि 'जड़ों' (Roots) में होता है और वहाँ से जाइलम द्वारा पत्तियों में पहुँचता है।
- तंबाकू की दोनों कृष्य प्रजातियाँ (N. tabacum एवं N. rustica) चतुर्गुणित (2n = 4x = 48) हैं, जबकि जूट की दोनों प्रजातियाँ द्विगुणित (2n = 2x = 14) हैं।
त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision
- Nicotiana tabacum (2n=48) = N. sylvestris × N. tomentosiformis; N. rustica (2n=48) = N. paniculata × N. undulata।
- N. glutinosa: तंबाकू मोजैक विषाणु (TMV) प्रतिरोधी 'N' जीन का दाता; GTH-1: भारत का प्रथम तंबाकू संकर।
- Corchorus capsularis (2n=14): सफेद/तीता जूट (Corchorin उपस्थित, गोल कैप्सूल); किस्में—JRC-212, JRC-321, JRC-7447।
- Corchorus olitorius (2n=14): तोसा/मीठा जूट (लंबा कैप्सूल, मजबूत रेशा); किस्में—JRO-524 (नवीन), JRO-632, JRO-878, महादेव।
- जूट का रेशा तने के द्वितीयक फ्लोएम (Secondary Phloem / Bast fibre) से प्राप्त होता है जिसमें सेल्यूलोज व लिग्निन होता है।
MCQs — उत्तर एवं व्याख्या
1. सामान्य कृष्य तंबाकू (Nicotiana tabacum, 2n=4x=48) का विकास किन दो द्विगुणित जंगली प्रजातियों (2n=24) के संकरण से हुआ है?
- (A) Nicotiana sylvestris × Nicotiana tomentosiformis
- (B) N. paniculata × N. undulata
- (C) N. glutinosa × N. debneyi
- (D) N. plumbaginifolia × N. alata
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — गुडस्पीड (1954) के अनुसार N. tabacum (SSTT) की उत्पत्ति N. sylvestris (SS) और N. tomentosiformis (TT) से हुई है।
2. तंबाकू के पौधे में मुख्य एल्कलॉइड 'निकोटीन' (Nicotine) का जैव-संश्लेषण किस अंग में होता है?
- (A) पत्तियों में
- (B) जड़ों (Roots) में (जहाँ से यह जाइलम द्वारा पत्तियों में जाकर संचित होता है)
- (C) फूलों में
- (D) बीजों में
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — डॉसन (Dawson, 1941) ने रेसिप्रोकल ग्राफ्टिंग (टमाटर व तंबाकू के बीच) से सिद्ध किया कि निकोटीन जड़ों में बनता है।
3. तंबाकू में 'टोबैको मोजैक वायरस' (TMV) के विरुद्ध अतिसंवेदनशील प्रतिरोध देने वाला प्रभावी 'N' जीन किस जंगली प्रजाति से स्थानांतरित किया गया है?
- (A) Nicotiana glutinosa
- (B) Nicotiana rustica
- (C) Nicotiana sylvestris
- (D) Nicotiana tabacum
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — होम्स (Holmes, 1938) ने N. glutinosa से TMV-प्रतिरोधी 'N' जीन को N. tabacum में स्थानांतरित किया।
4. सफेद जूट (Corchorus capsularis) की पत्तियों में कड़वा स्वाद ('तीता पाट') किस रासायनिक ग्लूकोसाइड के कारण होता है?
- (A) गॉसिपॉल
- (B) कॉर्कोरिन (Corchorin)
- (C) धुरिन
- (D) सोलासोडीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — सफेद जूट में 'Corchorin' नामक कड़वा ग्लूकोसाइड पाया जाता है, जो तोसा जूट (C. olitorius – मीठा पाट) में नहीं होता।
5. तोसा जूट (Corchorus olitorius) की वह ऐतिहासिक किस्म कौन सी है जो 'Sudan Green × JRO-632' से विकसित हुई और मार्च में अगेती बोने पर भी समय से पहले फूल नहीं देती?
- (A) JRO-524 ('नवीन' / Navin) एवं JRO-878 ('चैताली तोसा')
- (B) JRC-212
- (C) JRC-321
- (D) पद्मा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — सूडान ग्रीन के दीप्तिकाल-असंवेदनशील जीन से विकसित 'JRO-524 (नवीन)' भारत में सर्वाधिक उगाई जाने वाली जूट किस्म है।
6. सफेद जूट (C. capsularis) और तोसा जूट (C. olitorius) दोनों में द्विगुणित गुणसूत्र संख्या (2n) कितनी होती है?
- (A) 2n = 14
- (B) 2n = 28
- (C) 2n = 48
- (D) 2n = 20
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — जूट की दोनों कृष्य प्रजातियाँ द्विगुणित हैं और दोनों में 2n = 2x = 14 गुणसूत्र होते हैं।
7. सिगरेट तंबाकू (FCV Tobacco) में पत्ती के जलने की गुणवत्ता (Leaf burn quality) को कौन सा तत्व बढ़ाता है और कौन सा तत्व नष्ट करता है?
- (A) क्लोरीन बढ़ाता है और पोटाश नष्ट करता है
- (B) पोटाश (Potassium – K) बढ़ाता है और क्लोराइड (Chloride – Cl) नष्ट करता है
- (C) सोडियम बढ़ाता है
- (D) नत्रजन बढ़ाता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — पोटाश (K) तंबाकू की ज्वलनशीलता (Fire-holding capacity) बढ़ाता है, जबकि क्लोराइड (>1.5%) पत्ती को जलने नहीं देता; इसलिए तंबाकू में MOP (KCl) के बजाय पोटैशियम सल्फेट दिया जाता है।
8. जूट का व्यावसायिक रेशा पौधे के तने के किस ऊतक से प्राप्त होता है?
- (A) बीज के बाह्यचोल से
- (B) द्वितीयक फ्लोएम / बास्ट रेशा (Secondary Phloem / Bast fibre)
- (C) जाइलम काष्ठ से
- (D) पत्ती की शिराओं से
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (B) — कपास के विपरीत (जो बीज रोम है), जूट का रेशा तने की छाल के द्वितीयक फ्लोएम (Bast fibre) से रेटिंग द्वारा प्राप्त होता है।
9. 'सबुज सोना' (JRC-212), 'सोनाली' (JRC-321) और 'श्यामली' (JRC-7447) किस प्रजाति की प्रसिद्ध जूट किस्में हैं?
- (A) सफेद जूट (Corchorus capsularis)
- (B) तोसा जूट (Corchorus olitorius)
- (C) मेस्ता (Hibiscus cannabinus)
- (D) सनई (Crotalaria juncea)
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — JRC शृंखला की ये तीनों किस्में सफेद जूट (C. capsularis) की हैं जिनमें JRC-7447 (श्यामली) X-किरण उत्परिवर्ती है।
10. बीड़ी तंबाकू अनुसंधान केंद्र (आनंद, गुजरात) द्वारा विकसित भारत का प्रथम CMS-आधारित संकर तंबाकू कौन सा है?
- (A) GTH-1 (गुजरात टोबैको हाइब्रिड-1)
- (B) कनकप्रभा
- (C) मोतीहारी
- (D) हेमा
उत्तर एवं व्याख्या देखें
सही उत्तर: (A) — आनंद (गुजरात) द्वारा विमोचित 'GTH-1' भारत का पहला व्यावसायिक तंबाकू संकर है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
1. केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान (CTRI) और केंद्रीय पटसन एवं समवर्गी रेशा अनुसंधान संस्थान (CRIJAF) कहाँ स्थित हैं?
CTRI: राजमुंदरी (आंध्र प्रदेश, 1947) और CRIJAF: बैरकपुर, कोलकाता (पश्चिम बंगाल)।
2. ईस्ट और मैंगल्सडॉर्फ (1925) ने तंबाकू की किस प्रजाति में युग्मकोद्भिदी स्व-अनिषेच्यता (Gametophytic SI) की खोज की थी?
Nicotiana sanderae (N. alata × N. forgetiana) में।
3. तंबाकू के 1 ग्राम में लगभग कितने बीज होते हैं?
लगभग 10,000 से 12,000 बीज (अत्यंत सूक्ष्म बीज; 1000-बीज भार मात्र 0.08–0.1 ग्राम)।
4. तोसा जूट (C. olitorius) की प्रसिद्ध गामा-किरण उत्परिवर्तित किस्म का नाम लिखिए।
महादेव (Mahadev / TJ-40 — BARC ट्रॉम्बे एवं CRIJAF द्वारा विकसित)।
5. तंबाकू की फसल पर जड़ परजीवी के रूप में आक्रमण करने वाले पूर्ण मूल परजीवी खरपतवार का नाम क्या है?
ओरोबैंकी / आज्ञा (Orobanche cernua — Broomrape)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. Nicotiana tabacum और Nicotiana rustica में पाँच प्रमुख अंतर लिखिए।
1. N. tabacum की उत्पत्ति N. sylvestris × N. tomentosiformis से हुई है, जबकि N. rustica की उत्पत्ति N. paniculata × N. undulata से हुई है। 2. N. tabacum का पौधा लंबा और पत्तियाँ बड़ी व डंठल रहित होती हैं; N. rustica छोटा और पत्तियाँ गोल व डंठल युक्त होती हैं। 3. N. tabacum के फूल गुलाबी और N. rustica के पीले-हरे होते हैं। 4. N. tabacum में निकोटीन कम (1.5–3.5%) और N. rustica में अधिक (4–8.5%) होता है। 5. N. tabacum सिगरेट/बीड़ी में और N. rustica हुक्का/खैनी में प्रयुक्त होता है।
2. सफेद जूट (Corchorus capsularis) और तोसा जूट (Corchorus olitorius) में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
सफेद जूट (C. capsularis) की उत्पत्ति भारत-बर्मा में हुई, इसके कैप्सूल गोल होते हैं, पत्तियों में कड़वा 'Corchorin' होता है और यह जलभराव सहन कर लेता है (जैसे JRC-212, JRC-321)। इसके विपरीत तोसा जूट (C. olitorius) की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई, इसके कैप्सूल लंबे बेलनाकार होते हैं, पत्तियाँ मीठी होती हैं, यह जलभराव सहन नहीं करता किंतु इसका रेशा अधिक मजबूत, चमकदार और उपज अधिक होती है (जैसे JRO-524 नवीन)।
3. तोसा जूट के प्रजनन में सूडान की 'Sudan Green' किस्म का क्या ऐतिहासिक योगदान रहा?
देसी तोसा जूट (जैसे JRO-632) को यदि मध्य अप्रैल से पहले बोया जाता था तो छोटे दिन होने के कारण पौधे में जल्दी फूल आ जाते थे और रेशा शाखाओं वाला व छोटा रह जाता था। अफ्रीका की 'Sudan Green' किस्म के साथ JRO-632 का संकरण करने से समय से पूर्व पुष्पन-प्रतिरोधी किस्में 'JRO-878 (चैताली)', 'JRO-7835 (बसंत)' और मेगा किस्म 'JRO-524 (नवीन)' बनीं, जिन्हें मार्च में बोया जा सकता है।
4. सिगरेट तंबाकू (FCV Tobacco) और बीड़ी तंबाकू के गुणवत्ता प्रजनन उद्देश्यों की तुलना कीजिए।
सिगरेट (FCV) तंबाकू में हल्की, चमकीली नींबू-पीली या नारंगी पत्ती, कम निकोटीन (1.5–2%), उच्च अपचायक शर्करा (15–20%, उच्च Shmuck number 8–11), उच्च पोटाश और अत्यंत कम क्लोराइड (<1%) वांछित है। इसके विपरीत बीड़ी तंबाकू में मोटी पत्ती जिस पर पकने पर लाल-भूरे धब्बे (Spangles) पड़ें, उच्च निकोटीन (3–5%) और कड़क धुआँ प्रजनन का मुख्य लक्ष्य होता है।
5. जूट की दोनों प्रजातियों (C. capsularis × C. olitorius) के बीच अंतर्विशिष्ट संकरण क्यों किया जाता है और इसमें क्या बाधा आती है?
सफेद जूट के बाढ़/जलभराव सहिष्णुता व रोग प्रतिरोध के गुणों को तोसा जूट के मजबूत रेशे व उच्च उपज के साथ जोड़ने के लिए यह संकरण किया जाता है। किंतु दोनों के बीच 'निषेचन-पश्चात भ्रूणपात' (Post-zygotic embryo & endosperm abortion) की प्रबल बाधा है, जिससे 7–10 दिन में बीज सूख जाता है; इसे दूर करने के लिए भ्रूण संवर्धन (Embryo rescue) का उपयोग किया जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. तंबाकू (Nicotiana tabacum एवं N. rustica) की उत्पत्ति, उभय-द्विगुणित उद्विकास (Goodspeed का सिद्धांत), जंगली प्रजातियों, पुष्प जीवविज्ञान और विभिन्न व्यावसायिक प्रकारों (FCV, Bidi, Chewing) के प्रजनन उद्देश्यों व किस्मों का सविस्तर वर्णन कीजिए।
दक्षिण अमेरिकी उत्पत्ति, दोनों प्रजातियों के द्विगुणित पूर्वज, अंतर तालिका, निकोटीन का जड़ों में संश्लेषण, N. glutinosa (TMV) व N. debneyi (CMS) की भूमिका, FCV में Shmuck number और कनकप्रभा, जयश्री, आनंद-2, GT-4, GTH-1 एवं मोतीहारी किस्मों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें।
2. जूट / पटसन (Corchorus capsularis एवं C. olitorius) के उत्पत्ति केंद्र, वानस्पतिक लक्षणों की तुलना, पुष्प जीवविज्ञान, प्रजनन उद्देश्यों (Premature flowering, Low lignin, Fibre quality) और प्रमुख उन्नत किस्मों का वर्णन कीजिए।
दोनों प्रजातियों की उत्पत्ति व आकारिकी का अंतर (गोल बनाम बेलनाकार कैप्सूल, Corchorin), बास्ट रेशे की संरचना (सेल्यूलोज + लिग्निन), सूडान ग्रीन का उपयोग, उत्परिवर्तन प्रजनन और JRO शृंखला (JRO-524 नवीन, JRO-878, महादेव) व JRC शृंखला (JRC-212, JRC-321, JRC-7447) किस्मों का सविस्तर वर्णन करें।
3. पादप आनुवंशिकी एवं जैव-प्रौद्योगिकी के विकास में तंबाकू (Nicotiana) के एक 'मॉडल पादप' (Model Crop in Plant Genetics & Tissue Culture) के रूप में योगदान की विवेचना कीजिए।
1. East & Mangelsdorf (1925) द्वारा GSI स्व-अनिषेच्यता की खोज, 2. Skoog & Miller (1957) द्वारा तंबाकू पिथ कैलस में ऑक्सिन : साइटोकाइनिन अनुपात से अंगजनन का प्रदर्शन, 3. परागकोष संवर्धन से अगुणित (Haploids) का निर्माण, 4. Carlson (1972) द्वारा प्रथम कायिक संकर (Somatic hybrid: N. glauca + N. langsdorffii), और 5. विश्व का प्रथम ट्रांसजेनिक पादप (1983) होने के बिंदुओं को स्पष्ट करें।
परीक्षा वन-लाइनर्स
- सन् 1983 में तंबाकू (Nicotiana tabacum) विश्व का सबसे पहला आनुवंशिक रूप से रूपांतरित (First Transgenic / GM Plant) पादप बना था।
- कार्लसन एवं सहयोगियों (Carlson et al., 1972) ने प्रोटोप्लास्ट संलयन द्वारा विश्व का प्रथम कायिक संकर Nicotiana glauca + N. langsdorffii में बनाया था।
- तोसा जूट की 'JRO-524 (नवीन)' किस्म भारत के कुल जूट क्षेत्रफल के लगभग 70% भाग पर अकेले उगाई जाती है।
- सफेद जूट की 'JRC-321 (सोनाली)' किस्म अपने अत्यंत महीन और उच्च गुणवत्ता वाले रेशे के लिए प्रसिद्ध है।
- तंबाकू की पत्तियों से प्राप्त 'सोलानेसॉल' (Solanesol) का उपयोग जीवनरक्षक हृदय औषधि 'Coenzyme Q10' और विटामिन-K बनाने में होता है।
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।





