GPB 311 Lecture 04: उड़द, मूँग, मोठ, लोबिया एवं ग्वार (Clusterbean) में फसल सुधार: उत्पत्ति, पुष्प जीवविज्ञान एवं प्रजनन

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GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
LECTURE 04 / 15 · GPB 311

उड़द, मूँग, मोठ, लोबिया एवं ग्वार (Clusterbean) में फसल सुधार: उत्पत्ति, पुष्प जीवविज्ञान एवं प्रजनन

Crop Improvement in Kharif Vigna Pulses (Urd, Mung, Mothbean, Cowpea) & Clusterbean (Guar)

Urdbean / Black gram (उड़द), Mungbean / Green gram (मूँग), Mothbean (मोठ), Cowpea (लोबिया/चवला), Clusterbean / Guar (ग्वार)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Crop improvement aspects in Urd, Mung, Mothbean, Cowpea and clusterbean as mentioned in the syllabus such as centers of origin, distribution of species, wild relatives, floral biology, breeding objectives and procedures etc.
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • चारों Vigna दलहनों—मूँग (Vigna radiata), उड़द (V. mungo), मोठ (V. aconitifolia) और लोबिया (V. unguiculata)—की उत्पत्ति, गुणसूत्र संख्या (2n=22) और जंगली पूर्वजों (V. radiata var. sublobata एवं V. mungo var. silvestris) को समझना।
  • ग्वार (Clusterbean – Cyamopsis tetragonoloba, 2n=14) की 'अफ्रीकी-भारतीय ट्रांस-डोमेस्टिकेशन' उत्पत्ति और भ्रूणपोष के गोंद (Guar gum / Galactomannan) हेतु प्रजनन को जानना।
  • Fabaceae (Papilionoideae) कुल की तितलीनुमा पुष्प संरचना (1 Standard + 2 Wings + 2 Keel; 9+1 द्विसंघी पुंकेसर), अनुन्मील्य स्व-परागण (Cleistogamy) और पीत मोजैक (MYMV) व एक-साथ पकने (Synchronous maturity) हेतु प्रजनन सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

खरीफ की छोटी अवधि की दलहनी फसलें—मूँग (Green gram), उड़द (Black gram), मोठ (Mothbean) और लोबिया (Cowpea)—तथा औद्योगिक महत्व की फलीदार फसल ग्वार (Clusterbean/Guar) वायुमंडलीय नत्रजन स्थिरीकरण (Rhizobium द्वारा 40–80 kg N/ha) और शाकाहारी प्रोटीन (22–25%) के मुख्य स्रोत हैं। विशेष रूप से राजस्थान में मोठ और ग्वार मरुस्थलीय कृषि की रीढ़ हैं, जहाँ भारत विश्व के कुल ग्वार गम (Guar Gum) का लगभग 80% उत्पादन व निर्यात करता है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

तितलीनुमा दलपुंज एवं द्विसंघी पुंकेसर (Papilionaceous Corolla & Diadelphous Stamens)

Fabaceae (Papilionoideae) कुल के फूलों में 5 दल होते हैं—1 बड़ा बाहरी 'ध्वज' (Standard/Vexillum), 2 पार्श्व 'पंख' (Wings/Alae) और 2 नीचे जुड़े हुए नाव के आकार के 'नौतल' (Keel/Carina), जिनके भीतर (9)+1 के दो समूहों में 10 द्विसंघी पुंकेसर और वर्तिका बंद रहते हैं।

अनुन्मील्य परागण (Cleistogamy)

मूँग, उड़द, मोठ, लोबिया और ग्वार में फूल की कली खुलने से कई घंटे पहले ही (बंद कली अवस्था में) परागकोष फटकर स्व-परागण संपन्न हो जाना, जिससे ये >99% स्व-परागित फसलें हैं।

गैलेक्टोमैनन / ग्वार गम (Galactomannan / Guar Gum)

ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba) के बीज के भ्रूणपोष (Endosperm, जो बीज का 35–42% होता है) से प्राप्त जल-घुलनशील पॉलीसैकेराइड गोंद, जिसका उपयोग पेट्रोलियम हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग (Shale gas), कपड़ा, कागज व खाद्य उद्योग में होता है।

समकालिक परिपक्वता (Synchronous Maturity)

मूँग और लोबिया में सभी फलियों का अलग-अलग तुड़ाई के बजाय एक ही समय पर (60–65 दिन में) एक साथ पकना, ताकि मशीन (Combine harvester) से एक बार में कटाई हो सके।

वर्गीकरण · Classification

एशियाई Vigna प्रजातियाँ (Subgenus Ceratotropis, 2n = 2x = 22) एवं उनके प्रत्यक्ष जंगली पूर्वज

1. मूँग (Mungbean): Vigna radiata (पूर्व नाम: Phaseolus aureus) ← जंगली पूर्वज: Vigna radiata var. sublobata। 2. उड़द (Urdbean): Vigna mungo (पूर्व नाम: Phaseolus mungo) ← जंगली पूर्वज: Vigna mungo var. silvestris (ल्यूकास, 1983 द्वारा स्पष्ट किया गया कि दोनों के पूर्वज अलग-अलग हैं)। 3. मोठ (Mothbean): Vigna aconitifolia ← जंगली रूप भारत में ही पाया जाता है।

अफ्रीकी Vigna प्रजाति (Subgenus Vigna, 2n = 2x = 22) — लोबिया के 4 कृष्य समूह

लोबिया (Cowpea – Vigna unguiculata): 1. Unguiculata (सामान्य दाना व चारा लोबिया), 2. Biflora (Catjang – छोटी सीधी फलियाँ), 3. Sesquipedalis (Yard-long bean / Asparagus bean – 30 से 90 सेमी लंबी लटकती सब्जी वाली फलियाँ), 4. Textilis (रेशे के लिए)।

ग्वार (Clusterbean – Cyamopsis tetragonoloba, 2n = 2x = 14) एवं जंगली पूर्वज

ग्वार का जंगली पूर्वज अफ्रीका की सूखा-सहिष्णु प्रजाति 'Cyamopsis senegalensis' (2n=14) है, जो अरब व्यापारियों के घोड़ों के चारे के रूप में भारत आया और भारत में इसका कृष्य रूप (C. tetragonoloba) विकसित हुआ (Hymowitz, 1972 का 'Trans-domestication' सिद्धांत)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • मूँग × उड़द अंतर्विशिष्ट संकरण एवं एकतरफा संगतता (Unilateral Cross-Compatibility in Vigna): जब मूँग (Vigna radiata) को मादा (♀) और उड़द (Vigna mungo) को नर (♂) बनाया जाता है तो संकरण सफल होता है और उर्वर संकर मिलते हैं (जिससे मूँग में उड़द से पीत मोजैक प्रतिरोध और न-चटकने वाली फलियाँ डाली गईं—जैसे 'पंत मूँग-4', 'मेहा', 'हम्पी'); किंतु इसका व्युत्क्रम संकरण (उड़द ♀ × मूँग ♂) भ्रूणपात के कारण असफल हो जाता है।
  • दलहनों में पादप वास्तुकला का रूपांतरण (Plant Type Restructuring in Pulses): पारंपरिक दलहनें फैलने वाली (Spreading), अनिश्चित वृद्धि वाली (Indeterminate), दीप्तिकाल-संवेदनशील और 120–150 दिन लेने वाली थीं। आधुनिक प्रजनन में इन्हें सीधा खड़ा (Erect), निश्चित वृद्धि वाला (Determinate), दीप्तिकाल-असंवेदनशील (Photo-thermo insensitive) और 60–65 दिन में पकने वाला बनाया गया ताकि गेहूँ-धान फसल चक्र में जायद/ग्रीष्म मूँग के रूप में फिट हो सकें।

फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics

1. Crop Improvement in Mungbean (मूँग — Vigna radiata) & Urdbean (उड़द — Vigna mungo)
Mungbean (मूँग, 2n=22, अंकुरण: Epigeal/भूम्युपरिक) & Urdbean (उड़द, 2n=22, अंकुरण: Hypogeal/अधोभूमिक) · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति केंद्र: भारत (हिंदुस्तान केंद्र – Vavilov) | मूँग का पूर्वज: V. radiata var. sublobata; उड़द का पूर्वज: V. mungo var. silvestris।

महत्व: मूँग सर्वाधिक सुपाच्य दाल (फूलने व पेट में गैस न बनाने वाली) है और 60 दिन में पकने के कारण ग्रीष्म/जायद की सर्वोत्तम कैच क्रॉप है; उड़द में 'म्यूसिलेज' (Mucilage) पाया जाता है जो इडली-डोसा और पापड़ उद्योग के लिए अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • पुष्प जीवविज्ञान: कक्षीय या शीर्षस्थ असीमाक्षी पुष्पक्रम (Axillary/Terminal raceme); पीले रंग का तितलीनुमा फूल (Papilionaceous), (9)+1 द्विसंघी पुंकेसर, वर्तिका के ऊपरी भाग पर रोम (Bearded style)। कली खुलने से पहले ही रात 12 से सुबह 4 बजे के बीच बंद कली में ही स्व-परागण (Cleistogamy, >99% self-pollination) हो जाता है।
  • प्रजनन उद्देश्य: (1) मूँगbean Yellow Mosaic Virus (MYMV), चूर्णिल आसिता व सर्कोस्पोरा के प्रति प्रतिरोध, (2) 55–65 दिन में एक साथ पकना (Synchronous maturity), (3) फलियों का न चटकना (Non-shattering pods) व कटाई से पूर्व फली में अंकुरण न होना (Pre-harvest sprouting resistance – जो जंगली V. sublobata से आता है), (4) बड़े चमकदार (Shiny) या मटमैले (Dull) दाने।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • विपुंसन एवं संकरण: शाम 4–6 बजे जब कलियाँ पीले रंग की और अगले दिन खिलने वाली हों, तब कील (Keel) को खोलकर 10 परागकोष हटा दिए जाते हैं और अगली सुबह 7–9 बजे परागण किया जाता है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

प्रजनन विधियाँ: 1. शुद्ध वंशक्रम वरण: मूँग—T-1 (भारत की प्रथम मूँग किस्म, 1948), पूसा बैसाखी (Pusa Baisakhi – ग्रीष्म मूँग क्रांति की जनक); उड़द—T-9 (सभी आधुनिक बौनी शीघ्र पकने वाली उड़द किस्मों का आधार पैतृक!)। 2. वंशावली विधि (Pedigree): मूँग—पूसा विशाल, सम्राट (PDM-139), IPM 02-3, विराट (IPM 205-7 – मात्र 52–55 दिन में पकने वाली विश्व की सबसे अगेती मूँग!), SML-668; उड़द—पंत U-19, पंत U-31, उत्तरा (IPU 94-1)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

3. उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding in BARC Mumbai & OUAT): मूँग—पंत मूँग-2, MUM-2, TARM-1 (चूर्णिल आसिता प्रतिरोधी), धौली; उड़द—TAU-1 (महाराष्ट्र में सर्वाधिक लोकप्रिय उत्परिवर्तित उड़द), सह्याद्री, CO-4।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

4. अंतर्विशिष्ट संकरण (Mung × Urd / V. radiata × V. mungo): पंत मूँग-4, मेहा (IPM 99-125), हम्पी।

Exam Key: 2n = 22 + उत्पत्ति: भारत + मूँग (Epigeal) बनाम उड़द (Hypogeal) अंकुरण + प्रथम मूँग: T-1, ग्रीष्म क्रांति: Pusa Baisakhi, सबसे अगेती (52 दिन): Virat (IPM 205-7) + उड़द का आधार पैतृक: T-9, प्रसिद्ध उत्परिवर्ती: TAU-1।
2. Crop Improvement in Mothbean (मोठ — Vigna aconitifolia) & Cowpea (लोबिया — Vigna unguiculata)
Mothbean (मोठ, 2n=22 — सर्वाधिक सूखा व ताप सहिष्णु दलहन) & Cowpea (लोबिया/चवला, 2n=22 — 'Vegetable Meat') · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति केंद्र: मोठ (Vigna aconitifolia) — भारत; लोबिया (Vigna unguiculata) — पश्चिम एवं मध्य अफ्रीका।

महत्व: मोठ राजस्थान के थार मरुस्थल की प्रमुख फसल है जो 'बीकानेरी भुजिया' उद्योग का मुख्य कच्चा माल है; लोबिया को दाना, हरी सब्जी (Yard-long bean), हरा चारा और हरी खाद चारों रूपों में उगाया जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • मोठ (Mothbean) में पादप प्रारूप सुधार: पारंपरिक मोठ की किस्में (जैसे Jadia, Jwala) जमीन पर चटाई की तरह फैलने वाली (Spreading mat-type) और 90–100 दिन लेने वाली थीं। CAZRI जोधपुर और SKRAU बीकानेर में गामा किरणों (Gamma rays) से उत्परिवर्तन प्रजनन द्वारा सीधा खड़ा (Erect), निश्चित वृद्धि वाला और मात्र 60–65 दिन में पकने वाला पादप प्रारूप विकसित किया गया!
  • मोठ की प्रमुख उत्परिवर्तित एवं अगेती किस्में: RMO-40 (ज्वाला का गामा-किरण उत्परिवर्ती — प्रथम सीधी खड़ी व 62 दिन में पकने वाली क्रांतिकारी मोठ किस्म!), RMO-257, RMO-225, RMO-435 (मरू बहार), CAZRI Moth-1, CAZRI Moth-2 (संकरण से), CAZRI Moth-3, जड़िया (Jadia) एवं ज्वाला (Jwala)।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • जंगली लोबिया (Vigna vexillata) में ब्रूकिड भृंग (Bruchid beetle) और फली छेदक के विरुद्ध प्रतिरोध पाया जाता है जिसे कृष्य लोबिया में स्थानांतरित करने के प्रयास जारी हैं।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

लोबिया (Cowpea) में प्रजनन उद्देश्य एवं किस्में: (1) दाना एवं अगेती किस्में: पूसा फाल्गुनी, पूसा बरसाती, पूसा दोफसली, अंबर (V-16), पुसा संपदा (V-585), RC-19, RC-101 (राजस्थान हेतु सूखा सहिष्णु)। (2) सब्जी वाली लंबी फली (Vegetable/Bush & Pole types): पूसा कोमल (जीवाणुज अंगमारी प्रतिरोधी), पूसा सुकोमल, अर्का गरिमा (IHR 30-1), काशी कंचन (बौनी व झाड़ीदार, दीप्तिकाल असंवेदनशील)। (3) चारा किस्में (Forage Cowpea): रशियन जायंट, कोहिनूर (IGFRI-450), बुंदेल लोबिया-1, UPC-5286।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

दोनों फसलों में अनुन्मील्य स्व-परागण (Cleistogamy) पाया जाता है।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

मोठ में पीत मोजैक (YMV) और लोबिया में Cowpea Aphid-Borne Mosaic Virus (CABMV) व Bruchids (भंडारण भृंग – Callosobruchus maculatus) प्रमुख समस्याएँ हैं।

Exam Key: मोठ (Vigna aconitifolia, 2n=22, उत्पत्ति: भारत): सर्वाधिक सूखा सहिष्णु दलहन + उत्परिवर्तित सीधी अगेती किस्म: RMO-40, RMO-257, CAZRI Moth-1, Jadia, Jwala | लोबिया (V. unguiculata, 2n=22, उत्पत्ति: अफ्रीका): Pusa Komal, Arka Garima, Kashi Kanchan, RC-101।
3. Crop Improvement in Clusterbean / Guar (ग्वार — Cyamopsis tetragonoloba L. Taub., 2n = 2x = 14)
Clusterbean / Guar (ग्वार — औद्योगिक गोंद, सब्जी एवं चारा फसल) · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति: ट्रांस-डोमेस्टिकेशन (Trans-domestication — जंगली पूर्वज Cyamopsis senegalensis अफ्रीका का है, किंतु इसका कृष्य रूप भारत में विकसित हुआ)।

महत्व: ग्वार के बीज में तीन भाग होते हैं—बीजचोल (Hull: 14–17%), भ्रूण/दाल (Germ/Cotyledon: 40–46% जिसमें 45% प्रोटीन होता है – 'Guar Churi' पशु आहार) और भ्रूणपोष (Endosperm: 35–42% जिसमें 78–82% 'Galactomannan / Guar Gum' होता है)।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • पुष्प जीवविज्ञान: कक्षीय असीमाक्षी गुच्छों (Axillary clusters — इसीलिए 'Clusterbean' नाम पड़ा) में छोटे गुलाबी-बैंगनी रंग के अनुन्मील्य (Cleistogamous) फूल लगते हैं; यह >98% स्व-परागित फसल है। इसके परागकणों का अंकुरण केवल बोरेक्स/बोरिक अम्ल की उपस्थिति में अच्छा होता है।
  • प्रजनन उद्देश्य: (1) औद्योगिक किस्मों में बीज में उच्च गम प्रतिशत (>30–32% Guar gum content) एवं उच्च श्यानता (High viscosity >4000 cP), (2) एकल तने वाली (Single-stemmed / Unbranched – जैसे RGC-936 के विपरीत एकल तना किस्में जो जल्दी व एक साथ पकती हैं) अथवा शाखित किस्में, (3) जीवाणुज अंगमारी (Xanthomonas axonopodis pv. cyamopsidis) और अल्टरनेरिया झुलसा प्रतिरोध, (4) सब्जी हेतु बिना रोम वाली कोमल व लंबी फलियाँ (Glabrous/smooth pods)।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • छोटे फूलों में संकरण की सफलता मात्र 2–5% रहती है, इसलिए सुबह 6–8 बजे अर्ध-खिली कलियों में सूक्ष्म सुई से विपुंसन कर तुरंत परागण किया जाता है।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

प्रजनन विधियाँ: शुद्ध वंशक्रम वरण (Pureline Selection), वंशावली विधि (Pedigree Method) एवं उत्परिवर्तन प्रजनन (छोटे फूलों में हाथ से विपुंसन अत्यंत कठिन होने से उत्परिवर्तन और आनुवंशिक नर बंध्यता का विशेष महत्व है)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

ग्वार की प्रमुख किस्में: 1. दाना एवं गम किस्में (Grain & Gum types — मुख्यतः RARI दुर्गापुरा, जयपुर एवं HAU हिसार से विकसित): RGC-936 (राजस्थान में सर्वाधिक लोकप्रिय शीघ्र पकने वाली किस्म), RGC-1002, RGC-1003, RGC-1017, RGC-1038 (करण ग्वार), RGC-1066 (एकल तने वाली अगेती किस्म), HG-365 (हरियाणा ग्वार-365), HG-563, HG 2-20, दुर्गाजय, दुर्गापुरा सफेद।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

2. सब्जी वाली ग्वार किस्में (Vegetable types – रोमरहित कोमल फलियाँ): पूसा नवबहार (Pusa Naubahar – पूसा सदाबहार × पूसा मौसमी से विकसित सबसे प्रसिद्ध सब्जी ग्वार!), पूसा सदाबहार, पूसा मौसमी, शरद बहार, गोमा मंजरी। 3. चारा किस्में: FS-277, HFG-119, बुंदेल ग्वार-1।

Exam Key: 2n = 14 + Trans-domestication (अफ्रीकी पूर्वज C. senegalensis → भारत में कृष्यकरण) + Endosperm में Galactomannan (Guar gum 30–32%) + सब्जी किस्म: Pusa Naubahar + दाना/गम किस्में: RGC-936, RGC-1066, HG-365, HG-563।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 4.1: मूँग, उड़द, मोठ, लोबिया एवं ग्वार का तुलनात्मक वनस्पति एवं प्रजनन विवरण

फसल का नामवानस्पतिक नाम एवं 2nउत्पत्ति केंद्र एवं पूर्वजअंकुरण व विशिष्ट पहचानप्रमुख उन्नत किस्में
मूँग (Green Gram)Vigna radiata (2n = 22)भारत (पूर्वज: V. radiata var. sublobata)Epigeal (भूम्युपरिक); लंबी रोमयुक्त फलियाँT-1, पूसा बैसाखी, सम्राट, विराट (52 दिन), पंत मूँग-4, SML-668
उड़द (Black Gram)Vigna mungo (2n = 22)भारत (पूर्वज: V. mungo var. silvestris)Hypogeal (अधोभूमिक); छोटी खड़ी फलियाँ, दाने में म्यूसिलेजT-9 (आधार किस्म), पंत U-19, पंत U-31, TAU-1 (उत्परिवर्ती), उत्तरा
मोठ (Mothbean)Vigna aconitifolia (2n = 22)भारत (थार मरुस्थल)Epigeal; कटी हुई लोबयुक्त पत्तियाँ, सर्वोच्च सूखा सहिष्णुRMO-40 (प्रथम उत्परिवर्तित सीधी किस्म), RMO-257, CAZRI Moth-1, जड़िया, ज्वाला
लोबिया (Cowpea)Vigna unguiculata (2n = 22)पश्चिम/मध्य अफ्रीकाEpigeal; बिना रोम की लंबी लटकती फलियाँ, दाने पर काली आँखपूसा कोमल, पूसा फाल्गुनी, काशी कंचन, अर्का गरिमा, RC-101
ग्वार (Clusterbean)Cyamopsis tetragonoloba (2n = 14)अफ्रीका-भारत (पूर्वज: C. senegalensis)Epigeal; गुच्छों में फलियाँ, भ्रूणपोष में Galactomannan गमपूसा नवबहार (सब्जी), RGC-936, RGC-1066, HG-365, HG-563 (गम)

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. ग्वार बीज से 'ग्वार गम' (Galactomannan) एवं 'ग्वार चूरी' (High-Protein Meal) की औद्योगिक रिकवरी गणना

शुद्ध ग्वार गम उपज (kg/ha) = [ ग्वार दाना उपज (kg/ha) × व्यावसायिक गम निष्कर्षण प्रतिशत (~29–31%) ] / 100

उदाहरण: यदि किसी किसान को 'RGC-1038' या 'HG-563' किस्म से 1 हेक्टेयर में 15 क्विंटल (1500 kg) ग्वार दाना प्राप्त होता है और मिल में: Endosperm Split (Gum) = 30%, Germ/Churi (45% प्रोटीन पशु आहार) = 42% और Korma/Hull = 28% निकलता है, तो:
• प्राप्त शुद्ध ग्वार गम (Guar Gum Splits) = 1500 × 0.30 = 450 किलोग्राम/हेक्टेयर।
• प्राप्त प्रोटीन-युक्त ग्वार चूरी = 1500 × 0.42 = 630 किलोग्राम/हेक्टेयर।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 04: उड़द, मूँग, मोठ, लोबिया एवं ग्वार में फसल सुधार]
├── 1. मूँग (Vigna radiata, 2n=22) एवं उड़द (Vigna mungo, 2n=22)
│ ├── उत्पत्ति: भारत | पूर्वज: V. radiata var. sublobata (मूँग) & V. mungo var. silvestris (उड़द)
│ ├── पुष्प: Papilionaceous corolla + (9)+1 Diadelphous stamens → Cleistogamy (>99% स्व-परागित)
│ ├── अंतर्विशिष्ट संकरण: मूँग (♀) × उड़द (♂) सफल (व्युत्क्रम असफल) → पंत मूँग-4, मेहा (MYMV प्रतिरोधी)
│ └── प्रमुख किस्में: मूँग (T-1, Pusa Baisakhi, Samrat, Virat 52-day); उड़द (T-9, Pant U-19, Pant U-31, TAU-1)
├── 2. मोठ (Vigna aconitifolia, 2n=22)
│ ├── उत्पत्ति: भारत | सर्वाधिक सूखा सहिष्णु दलहन (बीकानेरी भुजिया का आधार)
│ └── उत्परिवर्तन प्रजनन क्रांति: फैलने वाली (Jadia/Jwala) से सीधी अगेती (62 दिन) किस्में → RMO-40, RMO-257, CAZRI Moth-1
├── 3. लोबिया / चवला (Vigna unguiculata, 2n=22)
│ ├── उत्पत्ति: अफ्रीका | 4 उप-प्रजातियाँ (Unguiculata, Biflora, Sesquipedalis - Yard-long bean, Textilis)
│ └── प्रमुख किस्में: Pusa Komal, Pusa Phalguni, Arka Garima, Kashi Kanchan, RC-101
└── 4. ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba, 2n=14)
├── Trans-domestication (अफ्रीकी पूर्वज C. senegalensis → भारत में कृष्यकरण)
├── बीज के भ्रूणपोष (Endosperm 35–42%) में 'Galactomannan' गोंद (Shale gas & Food industry)
└── किस्में: सब्जी—Pusa Naubahar, Pusa Sadabahar; गम/दाना—RGC-936, RGC-1066, HG-365, HG-563

प्रवाह चित्र · Flowchart

[मोठ (Mothbean - Vigna aconitifolia) में उत्परिवर्तन प्रजनन द्वारा पादप प्रारूप रूपांतरण]
पारंपरिक देसी मोठ किस्म 'ज्वाला (Jwala)' (फैलने वाली चटाई जैसी वृद्धि, 90–100 दिन पकने की अवधि, कम हार्वेस्ट इंडेक्स)
↓ (SKRAU बीकानेर में शुष्क बीजों को गामा किरणों - Gamma Rays से विकिरणित करना)
M2 एवं M3 पीढ़ी में सीधे खड़े (Erect), झाड़ीदार, निश्चित वृद्धि (Determinate) व अगेती उत्परिवर्ती पौधों का चयन
↓ (बहु-स्थानीय परीक्षण एवं विमोचन — 1994)
क्रांतिकारी उत्परिवर्तित किस्म 'RMO-40' (मात्र 60–62 दिन में एक साथ पकने वाली, कम वाष्पोत्सर्जन व सूखे से बच निकलने वाली किस्म)
↓ (आगे के उत्परिवर्तन व संकरण)
RMO-257, RMO-225, RMO-435 (मरू बहार) एवं CAZRI Moth-2 का विकास

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अंतर: मूँग (Vigna radiata) में भूम्युपरिक (Epigeal) अंकुरण होता है (बीजपत्र मिट्टी से बाहर आते हैं), जबकि उड़द (Vigna mungo) में अधोभूमिक (Hypogeal) अंकुरण होता है!
  • मूँग और उड़द के अंतर्विशिष्ट संकरण में हमेशा 'मूँग' को मादा (♀) और 'उड़द' को नर (♂) बनाया जाता है; उल्टा करने पर संकरण सफल नहीं होता।
  • ग्वार की गुणसूत्र संख्या 2n = 14 होती है, जबकि मूँग, उड़द, मोठ और लोबिया चारों की गुणसूत्र संख्या 2n = 22 होती है।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • मूँग (Vigna radiata, 2n=22): पूर्वज—V. radiata var. sublobata; प्रथम किस्म—T-1; सबसे अगेती (52 दिन)—विराट (IPM 205-7)।
  • उड़द (Vigna mungo, 2n=22): पूर्वज—V. mungo var. silvestris; आधार किस्म—T-9; प्रसिद्ध उत्परिवर्ती—TAU-1।
  • मोठ (Vigna aconitifolia, 2n=22): प्रसिद्ध गामा-उत्परिवर्तित सीधी अगेती किस्म—RMO-40 एवं RMO-257।
  • लोबिया (Vigna unguiculata, 2n=22): उत्पत्ति—अफ्रीका; सब्जी किस्में—पूसा कोमल, काशी कंचन, अर्का गरिमा।
  • ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba, 2n=14): भ्रूणपोष में Galactomannan गम; सब्जी किस्म—पूसा नवबहार; दाना किस्म—RGC-936, HG-365।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. मूँग (Vigna radiata) और उड़द (Vigna mungo) के प्रत्यक्ष जंगली पूर्वजों का सही युग्म कौन सा है?

  • (A) दोनों का एक ही पूर्वज Vigna aconitifolia है
  • (B) मूँग: V. radiata var. sublobata एवं उड़द: V. mungo var. silvestris
  • (C) मूँग: V. unguiculata एवं उड़द: V. vexillata
  • (D) मूँग: Cajanus cajan एवं उड़द: Glycine soja
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — ल्यूकास (1983) ने सिद्ध किया कि मूँग की उत्पत्ति V. radiata var. sublobata से और उड़द की उत्पत्ति V. mungo var. silvestris से हुई है।

2. मोठ (Mothbean – Vigna aconitifolia) में 'ज्वाला' किस्म पर गामा किरणों के प्रयोग से विकसित भारत की प्रथम सीधी खड़ी व 62 दिन में पकने वाली उत्परिवर्तित किस्म कौन सी है?

  • (A) RMO-40 (राजस्थान मोठ-40)
  • (B) T-9
  • (C) पूसा बैसाखी
  • (D) TAU-1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — SKRAU, बीकानेर द्वारा विकसित 'RMO-40' मोठ में पादप प्रारूप बदलने वाली प्रथम उत्परिवर्तित अगेती किस्म है।

3. ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba) के बीज के किस भाग से औद्योगिक महत्व का 'ग्वार गम' (Galactomannan) प्राप्त होता है?

  • (A) बीजचोल (Seed coat / Hull)
  • (B) भ्रूणपोष (Endosperm — जो बीज का 35–42% भाग होता है)
  • (C) बीजपत्र (Cotyledons / Germ)
  • (D) जड़ की ग्रंथियों से
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — अन्य द्विबीजपत्री दलहनों के विपरीत ग्वार का बीज भ्रूणपोषी (Endospermic) होता है और इसी भ्रूणपोष में Galactomannan गोंद संचित रहता है।

4. मूँग, उड़द, मोठ और लोबिया में गुणसूत्र संख्या 2n = 22 होती है, किंतु ग्वार (Clusterbean) में द्विगुणित गुणसूत्र संख्या (2n) कितनी होती है?

  • (A) 2n = 14
  • (B) 2n = 16
  • (C) 2n = 20
  • (D) 2n = 40
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba) में गुणसूत्र संख्या 2n = 2x = 14 होती है।

5. हाइमोविट्ज़ (Hymowitz, 1972) के 'Trans-domestication' सिद्धांत के अनुसार भारतीय ग्वार (Cyamopsis tetragonoloba) का अफ्रीकी जंगली पूर्वज कौन सा है?

  • (A) Cyamopsis senegalensis
  • (B) Vigna unguiculata
  • (C) Phaseolus lunatus
  • (D) Dolichos lablab
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — अफ्रीकी जंगली प्रजाति Cyamopsis senegalensis अरब व्यापारियों के घोड़ों के चारे के रूप में भारत आई और यहाँ उससे ग्वार का विकास हुआ।

6. भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR), कानपुर द्वारा विकसित 'विराट' (IPM 205-7) किस फसल की मात्र 52–55 दिन में पकने वाली विश्व की सबसे अगेती किस्म है?

  • (A) उड़द
  • (B) मूँग (Mungbean)
  • (C) मोठ
  • (D) लोबिया
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — 'विराट (IPM 205-7)' मूँग की मात्र 52–55 दिन में पकने वाली और MYMV-प्रतिरोधी सुपर-अर्ली किस्म है।

7. मूँग और उड़द के बीच अंतर्विशिष्ट संकरण (Interspecific Hybridization) करते समय कौन सा संयोजन सफल होता है?

  • (A) उड़द (♀) × मूँग (♂)
  • (B) मूँग (Vigna radiata ♀) × उड़द (Vigna mungo ♂)
  • (C) दोनों दिशाओं में समान रूप से सफल
  • (D) दोनों दिशाओं में पूर्णतः असफल
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — एकतरफा संगतता के कारण केवल मूँग को मादा (♀) और उड़द को नर (♂) बनाने पर ही जीवित संकर बीज प्राप्त होते हैं।

8. सब्जी वाले ग्वार (Vegetable Guar) की भारत में सर्वाधिक प्रसिद्ध, रोमरहित कोमल फलियों वाली किस्म कौन सी है?

  • (A) पूसा नवबहार (Pusa Naubahar)
  • (B) RGC-936
  • (C) HG-365
  • (D) FS-277
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — IARI द्वारा पूसा सदाबहार और पूसा मौसमी के संकरण से विकसित 'पूसा नवबहार' सब्जी ग्वार की सर्वप्रमुख किस्म है।

9. लोबिया की 30 से 90 सेमी लंबी लटकती फलियों वाली सब्जी प्रजाति 'यार्ड-लॉन्ग बीन' (Yard-long bean) का वानस्पतिक नाम क्या है?

  • (A) Vigna unguiculata subsp. sesquipedalis
  • (B) Vigna unguiculata subsp. biflora
  • (C) Vigna mungo
  • (D) Vigna aconitifolia
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — Vigna unguiculata subsp. sesquipedalis को ही Asparagus bean या Yard-long bean कहा जाता है।

10. उड़द की कौन सी स्थानीय चयनित किस्म भारत की अधिकांश आधुनिक बौनी व अगेती उड़द किस्मों की पैतृक (Foundational parent) रही है?

  • (A) T-9 (टाइप-9)
  • (B) T-1
  • (C) पूसा बैसाखी
  • (D) जड़िया
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — बरेली से शुद्ध वंशक्रम वरण द्वारा विकसित 'T-9' उड़द प्रजनन में सबसे अधिक उपयोग की गई आधार किस्म है।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. Fabaceae कुल के फूलों में पुंकेसरों की '(9)+1' व्यवस्था को क्या कहते हैं?

द्विसंघी पुंकेसर (Diadelphous stamens — 9 पुंकेसरों के तंतु जुड़े हुए और 1 स्वतंत्र)।

2. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC, मुंबई) द्वारा विकसित उड़द की प्रसिद्ध उत्परिवर्तित किस्म का नाम लिखिए।

TAU-1 (Trombay Akola Urd-1)।

3. मूँग और उड़द के बीज अंकुरण (Seed Germination) में क्या मूलभूत अंतर है?

मूँग में भूम्युपरिक (Epigeal) अंकुरण होता है जबकि उड़द में अधोभूमिक (Hypogeal) अंकुरण होता है।

4. राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा द्वारा विकसित ग्वार की दो प्रसिद्ध दाना/गम किस्मों के नाम लिखिए।

RGC-936 एवं RGC-1066 (या RGC-1038 करण ग्वार)।

5. सन् 1948 में कानपुर से विमोचित भारत की प्रथम मूँग किस्म कौन सी थी?

टाइप-1 (T-1)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. Fabaceae (दलहनी फसलों) के तितलीनुमा फूल (Papilionaceous flower) की संरचना और स्व-परागण तंत्र को समझाइए।

दलहनी फूल में 5 दल होते हैं—सबसे बाहर बड़ा 'Standard (ध्वज)', दोनों तरफ 2 'Wings (पंख)' और सबसे अंदर नीचे की ओर जुड़े हुए 2 दल मिलकर नाव जैसी 'Keel (नौतल)' बनाते हैं। इस बंद Keel के अंदर (9)+1 द्विसंघी पुंकेसर और वर्तिका पूरी तरह ढके रहते हैं और कली खुलने से पहले ही परागण (Cleistogamy) हो जाता है।

2. ग्वार (Clusterbean) की 'Trans-domestication' उत्पत्ति और इसके आर्थिक महत्व पर टिप्पणी लिखिए।

हाइमोविट्ज़ (1972) के अनुसार ग्वार का जंगली पूर्वज 'Cyamopsis senegalensis' अफ्रीका का निवासी है, जो 9वीं–13वीं शताब्दी में अरब व्यापारियों द्वारा घोड़ों के सूखे चारे के रूप में भारत लाया गया और पश्चिमी भारत (राजस्थान) में इसका कृष्यकरण (Domestication) होकर आधुनिक ग्वार बना। इसके भ्रूणपोष से प्राप्त Galactomannan गम पेट्रोलियम व खाद्य उद्योग में प्रयुक्त होता है।

3. मूँग (Mungbean) में ग्रीष्मकालीन/जायद खेती के लिए आवश्यक आदर्श पादप गुणों (Plant Ideotype traits) का वर्णन कीजिए।

1. अल्पावधि (55–65 दिन में पकना) ताकि गेहूँ कटाई और धान रोपाई के बीच पक सके। 2. प्रकाश एवं ताप असंवेदनशीलता (Photo-thermo insensitivity)। 3. सीधा और छोटा कद व पौधे के ऊपरी भाग में फलियों का लगना। 4. सभी फलियों का एक साथ पकना (Synchronous maturity) और MYMV प्रतिरोध (जैसे सम्राट, पूसा विशाल, विराट)।

4. मोठ (Mothbean) के फसल सुधार में उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding) के योगदान को स्पष्ट कीजिए।

मोठ में प्राकृतिक आनुवंशिक विविधता सीमित थी और देसी किस्में (जड़िया, ज्वाला) लता की तरह फैलने वाली व देर से (95–100 दिन) पकने वाली थीं। बीकानेर व जोधपुर में गामा किरणों से उत्परिवर्तन प्रजनन द्वारा 'RMO-40', 'RMO-257' और 'RMO-225' जैसी सीधी खड़ी, 60–65 दिन में पकने वाली और सूखे से बच निकलने वाली किस्में विकसित की गईं।

5. मूँग और उड़द के अंतर्विशिष्ट संकरण (Mung × Urd Cross) से क्या लाभ प्राप्त हुए हैं?

मूँग (♀) × उड़द (♂) के संकरण से मूँग में उड़द के तीन महत्वपूर्ण गुण स्थानांतरित किए गए हैं: 1. पीत मोजैक विषाणु (MYMV) के प्रति उच्च प्रतिरोध, 2. पकने पर फलियों का न चटकना (Non-shattering pods), और 3. बड़े दाने व अधिक शाखाएँ (उदाहरण: पंत मूँग-4 एवं मेहा)।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. मूँग (Vigna radiata) और उड़द (Vigna mungo) के उत्पत्ति केंद्र, जंगली पूर्वजों, पुष्प जीवविज्ञान, प्रजनन उद्देश्यों, प्रजनन विधियों और प्रमुख उन्नत किस्मों का सविस्तर वर्णन कीजिए।

भारतीय उत्पत्ति केंद्र, V. sublobata व V. silvestris पूर्वज, भूम्युपरिक बनाम अधोभूमिक अंकुरण, अनुन्मील्य पुष्प संरचना, MYMV व समकालिक परिपक्वता उद्देश्य तथा शुद्ध वंशक्रम (T-1, Pusa Baisakhi, T-9), वंशावली (Samrat, Virat, Pant U-31), उत्परिवर्तन (TAU-1, MUM-2) और अंतर्विशिष्ट संकरण (Pant Mung-4) का विस्तृत विवरण दें।

2. मोठ (Mothbean) और लोबिया (Cowpea) की उत्पत्ति, वानस्पतिक वर्गीकरण, प्रजनन उद्देश्यों और शुष्क क्षेत्रों के लिए विकसित उन्नत किस्मों की विवेचना कीजिए।

मोठ में मरुस्थलीय अनुकूलन व RMO-40 जैसी उत्परिवर्तित सीधी किस्मों का विकास तथा लोबिया की 4 उप-प्रजातियों (Unguiculata, Biflora, Sesquipedalis, Textilis), दाना, सब्जी व चारा प्रजनन उद्देश्यों और प्रमुख किस्मों (Pusa Komal, Kashi Kanchan, RC-101) का वर्णन करें।

3. ग्वार (Clusterbean – Cyamopsis tetragonoloba) की उत्पत्ति (Trans-domestication), बीज संरचना, पुष्प जीवविज्ञान तथा ग्वार गम, सब्जी एवं चारे के लिए प्रजनन उद्देश्यों व किस्मों का वर्णन कीजिए।

C. senegalensis से ट्रांस-डोमेस्टिकेशन, बीज के तीनों भाग (Hull, Germ, Endosperm), Galactomannan गम की गुणवत्ता व श्यानता, एकल-तना पादप प्रारूप और RGC-936, RGC-1066, HG-365 एवं पूसा नवबहार किस्मों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • लोबिया (Cowpea) को उच्च प्रोटीन (24%) के कारण 'शाकाहारी मांस' (Vegetable Meat) भी कहा जाता है।
  • मूँग की 'पूसा बैसाखी' (Pusa Baisakhi) किस्म ने उत्तर भारत में गेहूँ के बाद ग्रीष्मकालीन मूँग की खेती को लोकप्रिय बनाया।
  • उड़द के दानों में पाया जाने वाला लसदार पदार्थ (Mucilage) एक जटिल कार्बोहाइड्रेट (Arabinogalactan) है जो इडली के किण्वन को फुलाता है।
  • ग्वार गम (Galactomannan) में मैनोज (Mannose) और गैलेक्टोज (Galactose) शर्करा का अनुपात लगभग 2 : 1 होता है।
  • मोठ (Vigna aconitifolia) भारत की समस्त दलहनी फसलों में सर्वाधिक सूखा और उच्च तापमान सहन करने वाली फसल है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।

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