GPB 311 Lecture 01: धान (Rice) में फसल सुधार: उत्पत्ति, प्रजातियाँ, पुष्प जीवविज्ञान, प्रजनन उद्देश्य एवं विधियाँ

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GPB 311 · Kharif Crop Improvement Smart Notes
LECTURE 01 / 15 · GPB 311

धान (Rice) में फसल सुधार: उत्पत्ति, प्रजातियाँ, पुष्प जीवविज्ञान, प्रजनन उद्देश्य एवं विधियाँ

Crop Improvement in Rice (Oryza sativa L.): Origin, Species, Floral Biology, Breeding Objectives & Procedures

Rice (धान – Oryza sativa & O. glaberrima)

विषय सूची · Quick Navigationअधिगम उद्देश्य · Learning Objectivesप्रस्तावना · Introductionमहत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitionsवर्गीकरण · Classificationमहत्वपूर्ण सिद्धांत · Principlesफसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topicsतुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tablesसूत्र एवं गणनाएँ · Calculationsमाइंड मैप · Mind Mapप्रवाह चित्र · Flowchartपरीक्षा टिप्स · Exam Tipsत्वरित पुनरावृत्ति · Quick RevisionMCQs — उत्तर एवं व्याख्याअति लघु उत्तरीय प्रश्नलघु उत्तरीय प्रश्नदीर्घ उत्तरीय प्रश्नपरीक्षा वन-लाइनर्स
Original syllabus: Crop improvement aspects in Rice as mentioned in the syllabus such as centers of origin, distribution of species, wild relatives, floral biology, breeding objectives and procedures etc.
अध्ययन सामग्री: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 notes पर आधारित। किस्मों एवं तकनीकों के उदाहरणों को उनके स्रोत और क्षेत्रीय संदर्भ में पढ़ें।

अधिगम उद्देश्य · Learning Objectives

  • धान (Genus Oryza) के उत्पत्ति केंद्र, 24 प्रजातियों (2 कृष्य + 22 जंगली), जीनोम समूहों (A से K) और तीनों उप-प्रजातियों (Indica, Japonica, Javanica) को समझना।
  • धान के पुष्पक्रम (Panicle), स्पाइकलेट संरचना (6 पुंकेसर, 2 लोडिक्यूल्स), निषेचन एवं विपुंसन (Hot water / Vacuum emasculation) का विश्लेषण करना।
  • हरित क्रांति के बौने जीन (Dee-geo-woo-gen / sd-1), जादुई धान (TN-1, IR-8, जया) और बासमती व संकर धान (WA-CMS एवं TGMS/PGMS) के प्रजनन की विधियाँ सीखना।

प्रस्तावना · Introduction

धान (Rice – Oryza sativa L., कुल: Poaceae, गुणसूत्र संख्या: 2n = 2x = 24) विश्व की आधी से अधिक आबादी और भारत की लगभग 65% जनसंख्या का मुख्य खाद्यान्न है। पादप प्रजनन के इतिहास में ताइवान की बौनी किस्म 'Dee-geo-woo-gen' से प्राप्त अप्रभावी बौने जीन (sd-1) के उपयोग से विकसित IR-8 ('Miracle Rice') और भारत की 'जया' ने एशिया में हरित क्रांति का सूत्रपात किया। चीन के प्रो. युआन लोंगपिंग (Yuan Longping – 'Father of Hybrid Rice') ने 1970 के दशक में जंगली धान (Oryza sativa f. spontanea) से WA-कोशिकाद्रव्य खोजकर स्व-परागित धान में व्यावसायिक संकर प्रजनन को संभव बनाया।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ · Definitions

डी-जियो-वू-जेन (Dee-geo-woo-gen – DGWG)

ताइवान की वह बौनी इंडिका धान किस्म जिसमें गुणसूत्र-1 पर अप्रभावी बौना जीन 'sd-1' (Gibberellin 20-oxidase में उत्परिवर्तन) पाया गया, जो सभी आधुनिक अर्ध-बौनी धान किस्मों का आधार है।

डब्ल्यूए-कोशिकाद्रव्य (Wild Abortive Cytoplasm – WA-CMS)

चीन के हैनान द्वीप पर जंगली धान (Oryza sativa f. spontanea) में खोजा गया कोशिकाद्रव्यी-आनुवंशिक नर बंध्यता (CGMS) का प्रमुख स्रोत, जिसका उपयोग विश्व के 90% से अधिक संकर धान में होता है।

इडियोटाइप / न्यू प्लांट टाइप (New Plant Type – NPT / Super Rice)

IRRI के डॉ. जी.एस. खुश (Dr. G.S. Khush) द्वारा प्रस्तावित धान का आदर्श पौधा प्रारूप, जिसमें कोई अनुत्पादक कल्ला न हो, प्रति बाली 200–250 दाने हों, गहरी हरी सीधी पत्तियाँ हों और मजबूत तना हो।

द्वि-पंक्ति संकर धान (Two-Line Hybrid Rice)

तापमान-संवेदनशील (TGMS) या दीप्तिकाल-संवेदनशील (PGMS) आनुवंशिक नर बंध्यता का उपयोग कर बिना अनुरक्षक पंक्ति (No B-line) के केवल A और R पंक्तियों से संकर बीज बनाना।

वर्गीकरण · Classification

Oryza वंश की कृष्य प्रजातियाँ (2 Cultivated Species, 2n = 24, Genome AA)

1. Oryza sativa (एशियाई धान – विश्व भर में उगाया जाता है; पैतृक जंगली प्रजाति: O. rufipogon/O. nivara) | 2. Oryza glaberrima (अफ्रीकी धान – केवल पश्चिम अफ्रीका में सीमित; पैतृक प्रजाति: O. barthii/O. breviligulata)।

Oryza sativa की तीन पारिस्थितिक उप-प्रजातियाँ (3 Varietal Groups / Sub-species)

1. Indica (भारत व उष्णकटिबंधीय क्षेत्र: लंबा व चपटा दाना, ऊँचा पौधा, प्रसुप्ति उपस्थित, दीप्तिकाल संवेदनशील) | 2. Japonica (जापान, कोरिया व शीतोष्ण क्षेत्र: छोटा व गोल दाना, बौना पौधा, नत्रजन के प्रति उच्च प्रतिक्रिया) | 3. Javanica / Tropical Japonica (इंडोनेशिया: चौड़ी कठोर पत्तियाँ, लंबे शूक/Awned स्पाइकलेट्स)।

प्रमुख जंगली प्रजातियाँ एवं उनके विशिष्ट जीन (Wild Relatives & Donor Traits)

O. nivara (Grassy stunt virus प्रतिरोधी – Gsv जीन, एकमात्र एकवर्षीय भारतीय जंगली प्रजाति), O. longistaminata (जीवाणुज पत्ती झुलसा BLB प्रतिरोधी – XA21 जीन), O. officinalis (भूरा फुदका BPH व WBPH प्रतिरोधी), O. coarctata / Porteresia coarctata (2n=48, लवणता/Salinity सहिष्णु), O. australiensis (सूखा व BPH प्रतिरोधी)।

महत्वपूर्ण सिद्धांत · Principles

  • 6 पुंकेसरों की अनूठी पुष्प संरचना: Poaceae कुल की अन्य मुख्य खाद्यान्न फसलों (गेहूँ, जौ, मक्का, ज्वार, बाजरा—जिनमें 3 पुंकेसर होते हैं) के विपरीत धान के प्रत्येक फूल (Floret) में 6 पुंकेसर (6 Stamens in two whorls of 3 each) पाए जाते हैं।
  • भारत और विश्व में अर्ध-बौने धान की वंशावली (Genealogy of Miracle Rice): 1. TN-1 (Taichung Native-1, 1956 ताइवान; भारत में 1964 में आई) = Tsai-Yuan-Chung × Dee-geo-woo-gen। 2. IR-8 ('Miracle Rice', 1966 IRRI, प्रजनक: H.M. Beachell) = Peta (इंडोनेशिया की लंबी किस्म) × Dee-geo-woo-gen। 3. जया (Jaya, 1968 भारत की 'जादुई धान', प्रजनक: डॉ. शास्त्री) = TN-1 × T-141 (इसने IR-8 और TN-1 दोनों से अधिक उपज दी)।

फसल सुधार के विस्तृत विषय · Detailed Topics

1. Center of Origin, Distribution of Species & Wild Relatives of Rice (धान की उत्पत्ति, प्रजाति वितरण एवं जंगली संबंधी)
Rice (धान – Oryza sativa L., 2n = 2x = 24, मूल गुणसूत्र संख्या x = 12) · विशिष्ट जानकारी: उत्पत्ति केंद्र: दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया (Indo-Burma एवं दक्षिणी चीन क्षेत्र – Vavilov) | अफ्रीकी धान (O. glaberrima): नाइजर नदी डेल्टा (पश्चिम अफ्रीका)।

महत्व: Oryza वंश में कुल 24 प्रजातियाँ हैं जिनमें से 2 कृष्य (O. sativa एवं O. glaberrima) और 22 जंगली प्रजातियाँ हैं (कुछ द्विगुणित 2n=24 और कुछ चतुर्गुणित 2n=48 हैं), जिन्हें 10 जीनोम समूहों (AA, BB, CC, BBCC, CCDD, EE, FF, GG, HHJJ, HHKK) में बाँटा गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • प्राथमिक जीन पूल (Primary Gene Pool – AA Genome, 2n=24): इसमें O. sativa, O. glaberrima तथा जंगली प्रजातियाँ O. rufipogon (बहुवर्षीय पूर्वज), O. nivara (एकवर्षीय पूर्वज – Grassy stunt प्रतिरोधी), O. barthii, O. longistaminata (XA21 जीन का दाता), O. glumaepatula और O. meridionalis शामिल हैं; इनका कृष्य धान से आसानी से संकरण होता है।
  • द्वितीयक एवं तृतीयक जीन पूल (Secondary & Tertiary Gene Pools): O. punctata (BB/BBCC), O. officinalis (CC – BPH प्रतिरोधी), O. minuta (BBCC – Blast व BPH प्रतिरोधी), O. australiensis (EE – सूखा प्रतिरोधी), O. brachyantha (FF – Yellow stem borer प्रतिरोधी) और Porteresia coarctata (HHKK, 2n=48 – तटीय लवणता प्रतिरोधी)।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • जंगली प्रजातियों से जीन स्थानांतरण हेतु 'वाइड हाइब्रिडाइजेशन' (Wide Hybridization) के साथ 'भ्रूण बचाव' (Embryo Rescue) तकनीक का प्रयोग किया जाता है (जैसे O. longistaminata से XA21 जीन को IR-24 में स्थानांतरित करना)।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

C3 पादप, लघु-दिवस पौधा (Short-day plant), छोटा जीनोम आकार (~430 Mb — फसलों में सबसे छोटा मॉडल जीनोम)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

अर्ध-जलीय उष्ण एवं उपोष्णकटिबंधीय अनुकूलन (अक्षांश 35°S से 50°N तक और समुद्र तल से 2500 मीटर ऊँचाई तक)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

परागण: मुख्यतः स्व-परागित (Self-pollinated, अनुन्मील्य/Chasmogamous), किंतु 0.5% से 3% तक प्राकृतिक पर-परागण पाया जाता है।

Exam Key: 24 प्रजातियाँ (2 कृष्य + 22 जंगली) + O. nivara (Grassy stunt प्रतिरोधी) + O. longistaminata (XA21 BLB प्रतिरोधी) + छोटा जीनोम (~430 Mb)।
2. Floral Biology, Anthesis & Emasculation Techniques in Rice (धान का पुष्प जीवविज्ञान एवं विपुंसन तकनीक)
Rice (धान – पुष्पक्रम: Panicle / संयुक्त असीमाक्षी मंजरी) · विशिष्ट जानकारी: स्पाइकलेट संरचना: 1 स्पाइकलेट में 1 ही उर्वर फूल (Single fertile floret) होता है; इसमें 2 छोटे बंध्य तुष (Sterile glumes), 1 बड़ा बाहरी 'Lemma' (5-शिरायुक्त, कभी-कभी शूक/Awn सहित) और 1 भीतरी 'Palea' (3-शिरायुक्त) होता है।

महत्व: संकरण (Hybridization) और संकर बीज उत्पादन की सफलता के लिए धान के पुष्प खुलने के समय और तापमान की समझ अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • पुंकेसर एवं स्त्रीकेसर (Androecium & Gynoecium): धान के फूल में 6 पुंकेसर (Stamens) दो चक्रों में होते हैं। अंडाशय एक-अंडपी (Monocarpellary) होता है जिस पर दो पंखदार वर्तिकाग्र (2 Feathery stigmas) और आधार पर दो मांसल 'लोडिक्यूल्स' (2 Lodicules) होते हैं।
  • पुष्पन (Anthesis / Blooming): बाली निकलने के दिन या अगले दिन ऊपर से नीचे के क्रम (Basipetal order) में फूल खुलते हैं। सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच (28–32°C तापमान पर) लोडिक्यूल्स के पानी सोखकर फूलने से Lemma और Palea 30–60 मिनट के लिए खुलते हैं, परागकोष फटते हैं और फिर हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं।
  • फल का प्रकार: कैरियोप्सिस (Caryopsis); छिलके (Lemma + Palea = Hull) सहित दाने को 'Paddy / Rough rice' और छिलका हटने पर 'Brown rice' कहते हैं।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • संकरण हेतु शाम 3–5 बजे बाली के ऊपरी व निचले 1/3 स्पाइकलेट्स हटाकर मध्य के स्पाइकलेट्स को तिरछा काटकर चिमटी से सभी 6 परागकोष निकालते हैं और बटर पेपर बैग पहनाते हैं; अगली सुबह 9–11 बजे नर बाली को हिलाकर परागण (Dusting) करते हैं।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

परागकणों की जीवन क्षमता (Pollen viability) अत्यंत कम (मात्र 5–10 मिनट) होती है, जबकि वर्तिकाग्र 3–5 दिनों तक ग्रहणशील (Receptive) रहता है।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

विपुंसन की विधियाँ (Emasculation Methods): 1. उष्ण जल विधि (Hot Water Method – Jodon, 1938): बाली को 40–44°C गर्म पानी से भरी थर्मस बोतल में 5–10 मिनट डुबोते हैं। 2. निर्वात विपुंसक (Vacuum Emasculator) एवं 3. तिरछा छिलका कटान विधि (Slanting Clipping of Lemma/Palea in afternoon)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

28–32°C तापमान और 70–80% आर्द्रता पुष्पन के लिए सर्वोत्तम हैं।

Exam Key: 6 पुंकेसर + 2 Lodicules + बसंत/सुबह 9–12 बजे पुष्पन + Lemma (5-nerved) & Palea (3-nerved) + Hot Water Emasculation (40–44°C, 5–10 min)।
3. Breeding Objectives, Procedures & Landmark Varieties/Hybrids in Rice (धान के प्रजनन उद्देश्य, विधियाँ एवं प्रमुख किस्में)
Rice (धान) · विशिष्ट जानकारी: प्रमुख प्रजनन विधियाँ: 1. पादप पुरःस्थापन (Introduction – TN-1, IR-8, Mahsuri), 2. शुद्ध वंशक्रम वरण (Pureline Selection – MTU-1, T-141, Basmati-370), 3. वंशावली विधि (Pedigree Method – सर्वाधिक प्रयुक्त), 4. प्रतीप संकरण (Backcross), 5. उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation – Jagannath), 6. संकर प्रजनन (CMS/TGMS) एवं 7. MAS/जीनोम एडिटिंग।

महत्व: भारत विश्व का पहला देश है जिसने बासमती धान का संकर (Pusa RH-10) विकसित किया और चीन के बाद व्यावसायिक संकर धान उगाने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

महत्वपूर्ण बिंदु · Key Concepts
  • प्रमुख प्रजनन उद्देश्य: (1) उच्च उपज एवं अर्ध-बौना कद (sd-1 जीन, Lodging resistance), (2) शीघ्र पकना (100–115 दिन), (3) जैविक तनाव प्रतिरोध—ब्लास्ट (Pi9, Pi54 जीन), जीवाणुज पत्ती झुलसा BLB (xa5, xa13, XA21 जीन), टुंग्रो, भूरा फुदका BPH (Bph1, bph2) और पित्त मशक (Gall midge), (4) अजैविक तनाव सहिष्णुता—जलमग्नता सहिष्णुता (Sub1A जीन – Swarna-Sub1), सूखा (Sahbhagi Dhan, DRR Dhan 42) व लवणता (CSR-10, CSR-30, Lunishree), (5) अनाज व पाक गुणवत्ता (Milling recovery >70%, मध्यवर्ती एमाइलोज 20–25%, बासमती सुगंध – गुणसूत्र-8 पर अप्रभावी badh2 जीन से 2-acetyl-1-pyrroline का संचय)।
  • उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding): T-141 पर X-किरणों से विकसित 'जगन्नाथ' (Jagannath – प्रथम उत्परिवर्तित बौनी किस्म), 'सत्तारी' (Sattari) और 'प्रभावती'।
सुधार रणनीति · Breeding Approach
  • भविष्य की रणनीति: C3 धान में मक्का के C4 प्रकाश-संश्लेषण जीन जोड़कर 'C4 Rice' का विकास, Golden Rice (प्रो-विटामिन A / β-carotene युक्त – psy एवं crtI जीन, Ingo Potrykus व Peter Beyer) और CRISPR-Cas9 जीनोम एडिटिंग किस्में।
आनुवंशिक एवं जैविक विशेषताएँ

संकर धान प्रजनन (Hybrid Rice): (A) त्रि-पंक्ति प्रणाली (Three-line CGMS: A, B, R lines; WA cytoplasm; भारत का प्रथम संकर धान: APRH-1 एवं CORH-1, 1994; प्रथम बासमती संकर: Pusa RH-10, 2001; KRH-2, Arize 6444)। (B) द्वि-पंक्ति प्रणाली (Two-line TGMS/PGMS: जब तापमान >28°C हो तो पंक्ति बंध्य रहती है और <24°C ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में स्व-उर्वर हो जाती है, इसलिए B-line की आवश्यकता नहीं होती)।

जैविकी एवं उत्पादन संदर्भ

मार्कर-सहायता प्राप्त प्रतीप संकरण (MABB) की उपलब्धियाँ: 1. Improved Pusa Basmati-1 (Pusa 1460 – xa13 + XA21 जीन), 2. Improved Samba Mahsuri (xa5 + xa13 + XA21), 3. Pusa Basmati 1121 एवं Pusa Basmati 1509 (विश्व की सबसे लंबी पकने वाली चावल की किस्में, डॉ. वी.पी. सिंह), 4. Swarna-Sub1 (14–17 दिन बाढ़ के पानी में डूबे रहने पर भी जीवित)।

पुष्पन, परागण एवं उपयोग संदर्भ

कटक (NRRI) से विकसित उच्च प्रोटीन व जिंक युक्त किस्में: CR Dhan 310 (10.3% प्रोटीन), DRR Dhan 45 (उच्च जिंक – 22.6 ppm)।

Exam Key: TN-1, IR-8, Jaya (sd-1 gene) + Basmati aroma (recessive badh2 gene → 2-acetyl-1-pyrroline) + Pusa RH-10 (First superfine Basmati hybrid) + Swarna-Sub1 (Sub1A flood tolerance) + Golden Rice (β-carotene)।

तुलनात्मक सारणियाँ · Comparison Tables

तालिका 1.1: एशियाई धान (Oryza sativa) की तीनों उप-प्रजातियों (Indica, Japonica, Javanica) की तुलना

लक्षण (Characteristic)इंडिका (Indica)जैपोनिका (Japonica)जवानिका (Javanica / Tropical Japonica)
भौगोलिक वितरणभारत, दक्षिण चीन एवं उष्णकटिबंधीय एशियाजापान, कोरिया, उत्तरी चीन (शीतोष्ण क्षेत्र)इंडोनेशिया (बाली एवं जावा द्वीप)
पौधे का कद एवं पत्तीलंबा पौधा, हल्की हरी व झुकी पत्तियाँ, अधिक कल्लेछोटा/बौना कद, गहरी हरी व सीधी संकरी पत्तियाँलंबा व मजबूत तना, चौड़ी व कठोर पत्तियाँ, कम कल्ले
दाने का आकार (Grain Shape)लंबा, पतला और चपटा (Long to medium slender)छोटा, गोल और मोटा (Short & bold/round)चौड़ा और मोटा दाना (Broad & bold), प्रायः शूकयुक्त (Awned)
एमाइलोज प्रतिशत व पकने पर गुणउच्च एमाइलोज (22–30%), पकने पर दाने अलग व खिले रहते हैंकम एमाइलोज (12–18%), पकने पर चावल चिपचिपा (Sticky) होता हैमध्यम एमाइलोज (20–25%), मध्यम चिपचिपा
दीप्तिकाल एवं बिखराव (Shattering)दीप्तिकाल संवेदनशील, दानों का झड़ना (Shattering) अधिकदीप्तिकाल असंवेदनशील, दाने बिल्कुल नहीं झड़तेकम संवेदनशील, दाने कम झड़ते हैं

तालिका 1.2: धान की ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी किस्मों/जीनों की परीक्षा सारणी

किस्म / जीन का नामसंकरण (Pedigree) / स्रोतवैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक विशेषता
TN-1 (Taichung Native-1)Tsai-Yuan-Chung × Dee-geo-woo-genविश्व की प्रथम अर्ध-बौनी इंडिका किस्म (ताइवान, 1956; भारत में 1964)
IR-8 ('Miracle Rice')Peta × Dee-geo-woo-gen (DGWG)IRRI (1966) द्वारा विकसित हरित क्रांति की जादुई धान (प्रजनक: Beachell & Khush)
Jaya (जया – 1968)TN-1 × T-141डॉ. शास्त्री द्वारा विकसित भारत की 'Miracle Rice' जिसने IR-8 से अधिक उपज दी
Jagannath (जगन्नाथ)T-141 का X-ray उत्परिवर्तीभारत में उत्परिवर्तन प्रजनन से विकसित प्रथम बौनी धान किस्म
Phalguna / MahsuriSiam-29 × डेरिवेटिव / Indica × JaponicaMahsuri: Indica × Japonica अंतर-उपप्रजाति संकरण की सर्वाधिक सफल किस्म
Pusa RH-10 (2001)Pusa 6A × PRR 78विश्व का प्रथम सुपरफाइन सुगंधित बासमती संकर धान (IARI, नई दिल्ली)
Swarna-Sub1Swarna × IR49830 (FR13A से Sub1A जीन)14–17 दिनों तक पूर्ण जलमग्नता (Submergence) सहन करने वाली MABB किस्म

सूत्र एवं गणनाएँ · Calculations

1. संकर ओज (Heterosis – Mid-Parent, Better-Parent / Heterobeltiosis & Standard Heterosis) की गणना

1. मध्य-पितृ संकर ओज (Relative Heterosis %) = [(F1 − MP) / MP] × 100 | 2. श्रेष्ठ-पितृ संकर ओज (Heterobeltiosis %) = [(F1 − BP) / BP] × 100 | 3. मानक/आर्थिक संकर ओज (Standard Heterosis %) = [(F1 − Check) / Check] × 100

उदाहरण: यदि धान के संकरण में माता (P1) की उपज 50 q/ha, पिता (P2) की उपज 60 q/ha, मानक चेक किस्म (Jaya) की उपज 65 q/ha और संकर (F1) की उपज 78 q/ha है, तो:
• मध्य-पितृ (MP) = (50 + 60)/2 = 55 q/ha → Relative Heterosis = [(78 − 55)/55] × 100 = +41.8%
• श्रेष्ठ-पितृ (BP = 60) → Heterobeltiosis = [(78 − 60)/60] × 100 = +30.0%
• मानक संकर ओज (Standard Heterosis over Check = 65) = [(78 − 65)/65] × 100 = +20.0% (व्यावसायिक संकर विमोचन हेतु कम से कम 15–20% मानक संकर ओज आवश्यक है)।

माइंड मैप · Mind Map

[Lecture 01: धान (Rice - Oryza sativa, 2n=24) में फसल सुधार]
├── 1. उत्पत्ति एवं प्रजातियाँ (Origin & Taxonomy)
│ ├── उत्पत्ति केंद्र: Indo-Burma / SE Asia | कुल 24 प्रजातियाँ (2 कृष्य: O. sativa & O. glaberrima + 22 जंगली)
│ ├── 3 उप-प्रजातियाँ: Indica (Tropical), Japonica (Temperate), Javanica (Indonesia)
│ └── जंगली दाता: O. nivara (Grassy stunt), O. longistaminata (XA21 BLB), O. officinalis (BPH), O. coarctata (Salinity)
├── 2. पुष्प जीवविज्ञान (Floral Biology)
│ ├── Panicle पुष्पक्रम | 1 उर्वर फ्लोरेट/स्पाइकलेट | Lemma (5-शिरायुक्त) + Palea (3-शिरायुक्त)
│ ├── 6 पुंकेसर (Stamens) + 2 Lodicules + पंखदार वर्तिकाग्र | स्व-परागित (0.5–3% पर-परागण)
│ └── विपुंसन: Hot Water Method (40–44°C, 5–10 min) एवं Clipping method
├── 3. हरित क्रांति एवं जीन (Green Revolution & Major Genes)
│ ├── बौना जीन: sd-1 (Dee-geo-woo-gen से) → TN-1 (1964), IR-8 (Peta × DGWG, 1966), Jaya (TN-1 × T-141, 1968)
│ └── गुणवत्ता व तनाव जीन: badh2 (बासमती सुगंध - 2AP), Sub1A (बाढ़ सहिष्णुता), XA21 (BLB), Pi9/Pi54 (Blast)
└── 4. संकर धान एवं आधुनिक प्रजनन (Hybrid Rice & Modern Breeding)
├── 3-Line CGMS (WA cytoplasm - Yuan Longping): APRH-1, CORH-1, KRH-2, Pusa RH-10 (First Basmati Hybrid)
├── 2-Line Hybrid Rice: TGMS (>28°C बंध्य, <24°C उर्वर) एवं PGMS (B-line की आवश्यकता नहीं)
└── जैव-प्रौद्योगिकी: Golden Rice (Pro-vitamin A), CR Dhan 310 (High Protein), DRR Dhan 45 (High Zn)

प्रवाह चित्र · Flowchart

[धान में 'तीन-पंक्ति (3-Line CGMS)' एवं 'दो-पंक्ति (2-Line TGMS)' संकर बीज उत्पादन प्रवाह]
【A. तीन-पंक्ति प्रणाली (Three-Line System — WA Cytoplasm)】
[A-Line (CMS: S rfrf)] × [B-Line (Maintainer: N rfrf)] ───► A-Line का बीज गुणन (बंध्यता बनी रहती है)
[A-Line (CMS: S rfrf)] × [R-Line (Restorer: N/S RfRf)] ───► व्यावसायिक F1 संकर बीज (S Rfrf — 100% उर्वर)

【B. दो-पंक्ति प्रणाली (Two-Line System — TGMS)】
शीत ऋतु / पहाड़ी क्षेत्र (तापमान < 24°C) ───► TGMS Line स्वयं पराग बनाकर अपना बीज गुणन करती है (No B-line needed!)
ग्रीष्म/खरीफ ऋतु (तापमान > 28°C) ───► [TGMS Line (नर बंध्य)] × [सामान्य नर पंक्ति (Pollen Parent)] ───► F1 संकर बीज

परीक्षा टिप्स · Exam Tips

  • हमेशा याद रखें: गेहूँ, जौ, मक्का, ज्वार और बाजरा में 3 पुंकेसर होते हैं, किंतु धान (Oryza sativa) और बांस में 6 पुंकेसर (6 Stamens) होते हैं।
  • धान के बौनेपन का जीन 'sd-1' (Dee-geo-woo-gen से) है, जबकि गेहूँ के बौनेपन का जीन 'Rht1 / Rht2' (Norin-10 से) है।
  • बासमती चावल की सुगंध गुणसूत्र-8 पर स्थित अप्रभावी जीन 'badh2' के कारण बनने वाले यौगिक '2-acetyl-1-pyrroline (2-AP)' से आती है।

त्वरित पुनरावृत्ति · Quick Revision

  • धान (Oryza sativa): 2n = 24 (AA genome), उत्पत्ति: दक्षिण-पूर्व एशिया; अफ्रीकी धान (O. glaberrima): पश्चिम अफ्रीका।
  • O. nivara = Grassy stunt virus प्रतिरोधी; O. longistaminata = XA21 (BLB) प्रतिरोधी।
  • IR-8 = Peta × Dee-geo-woo-gen; Jaya = TN-1 × T-141; Pusa RH-10 = प्रथम बासमती संकर।
  • संकर धान के जनक: प्रो. युआन लोंगपिंग (चीन); भारत में संकर धान के जनक: डॉ. ई.ए. सिद्दीकी।
  • Swarna-Sub1 में बाढ़ सहिष्णुता का 'Sub1A' जीन उड़ीसा की देसी किस्म 'FR13A' से लिया गया है।

MCQs — उत्तर एवं व्याख्या

1. अन्य अनाज फसलों (जिनमें 3 पुंकेसर होते हैं) के विपरीत धान (Oryza sativa) के प्रत्येक फूल में कितने पुंकेसर (Stamens) पाए जाते हैं?

  • (A) 3 पुंकेसर
  • (B) 5 पुंकेसर
  • (C) 6 पुंकेसर (6 Stamens in two whorls)
  • (D) 10 पुंकेसर
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — धान के प्रत्येक स्पाइकलेट में 3-3 के दो चक्रों में कुल 6 पुंकेसर होते हैं।

2. धान में हरित क्रांति लाने वाला अप्रभावी अर्ध-बौना जीन 'sd-1' ताइवान की किस किस्म से प्राप्त किया गया था?

  • (A) नोरिन-10 (Norin-10)
  • (B) डी-जियो-वू-जेन (Dee-geo-woo-gen – DGWG)
  • (C) पेट्टा (Peta)
  • (D) बासमती-370
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — ताइवान की इंडिका किस्म 'Dee-geo-woo-gen' से प्राप्त sd-1 जीन से ही TN-1 और IR-8 का विकास हुआ।

3. जंगली धान की किस प्रजाति से प्रसिद्ध 'Grassy Stunt Virus' प्रतिरोधी जीन प्राप्त किया गया है?

  • (A) Oryza nivara
  • (B) Oryza longistaminata
  • (C) Oryza coarctata
  • (D) Oryza glaberrima
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — भारतीय एकवर्षीय जंगली धान 'Oryza nivara' विश्व में Grassy stunt virus के प्रतिरोध का एकमात्र स्रोत है।

4. जीवाणुज पत्ती झुलसा (BLB) के विरुद्ध व्यापक प्रतिरोध देने वाला 'XA21' जीन किस जंगली प्रजाति से स्थानांतरित किया गया है?

  • (A) Oryza rufipogon
  • (B) Oryza longistaminata
  • (C) Oryza officinalis
  • (D) Oryza australiensis
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — XA21 जीन अफ्रीकी बहुवर्षीय जंगली प्रजाति Oryza longistaminata से प्राप्त किया गया है।

5. भारत की 'जादुई धान' (Miracle Rice of India) कही जाने वाली किस्म 'जया' (1968) किस संकरण से विकसित की गई थी?

  • (A) Peta × Dee-geo-woo-gen
  • (B) TN-1 × T-141
  • (C) IR-8 × T-90
  • (D) Basmati-370 × TN-1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — डॉ. शास्त्री द्वारा विकसित 'जया' (TN-1 × T-141) ने उपज में IR-8 को भी पीछे छोड़ दिया था।

6. विश्व का प्रथम सुपरफाइन सुगंधित बासमती संकर धान कौन सा है?

  • (A) APRH-1
  • (B) KRH-2
  • (C) पूसा आरएच-10 (Pusa RH-10)
  • (D) CORH-1
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (C) — IARI, नई दिल्ली द्वारा 2001 में विकसित 'Pusa RH-10' विश्व का पहला सुगंधित बासमती संकर है।

7. व्यावसायिक संकर धान उत्पादन में सर्वाधिक प्रयुक्त 'WA-cytoplasm' (Wild Abortive) की खोज किसने की थी?

  • (A) युआन लोंगपिंग एवं सहयोगी (Yuan Longping, 1970)
  • (B) जी.एस. खुश
  • (C) एच.एम. बीचेल
  • (D) नॉर्मन बोरलॉग
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — संकर धान के जनक प्रो. युआन लोंगपिंग ने चीन के हैनान द्वीप में जंगली धान से WA-CMS खोजा था।

8. बासमती चावल में विशिष्ट सुगंध (Aroma) किस रासायनिक यौगिक और किस जीन के कारण होती है?

  • (A) 2-acetyl-1-pyrroline (2-AP), अप्रभावी badh2 जीन (गुणसूत्र-8)
  • (B) Trimethylamine, प्रभावी जीन
  • (C) ओराइजेनिन, sd-1 जीन
  • (D) एमाइलोज, wx जीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — गुणसूत्र-8 पर स्थित अप्रभावी 'badh2' जीन के कारण बासमती में '2-acetyl-1-pyrroline (2-AP)' का संचय होता है।

9. धान में 14–17 दिनों तक जलमग्नता (Submergence) सहन करने की क्षमता देने वाला 'Sub1A' जीन किस देसी किस्म से लिया गया है?

  • (A) FR13A (Flood Resistant 13A, ओडिशा)
  • (B) पोखली (Pokkali)
  • (C) नूना बोकरा
  • (D) नागपुर-22
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A) — ओडिशा की बाढ़-सहिष्णु देसी किस्म 'FR13A' से Sub1A QTL को Swarna में डालकर 'Swarna-Sub1' बनाया गया।

10. गोल्डन राइस (Golden Rice) को किस पोषक तत्व की कमी दूर करने के लिए आनुवंशिक रूप से रूपांतरित (GM) किया गया है?

  • (A) लोहा (Iron)
  • (B) प्रो-विटामिन A (β-carotene)
  • (C) विटामिन C
  • (D) लाइसिन
उत्तर एवं व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B) — इंंगो पोट्रिकस एवं पीटर बेयर ने डैफोडिल/मक्का के psy और जीवाणु के crtI जीन से गोल्डन राइस में बीटा-कैरोटीन विकसित किया।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

1. पश्चिम अफ्रीका में उगाई जाने वाली कृष्य धान की प्रजाति और उसके जंगली पूर्वज का नाम लिखिए।

कृष्य प्रजाति: Oryza glaberrima (2n=24, AA) और उसका प्रत्यक्ष जंगली पूर्वज: Oryza barthii (पूर्व नाम O. breviligulata)।

2. IR-8 ('Miracle Rice') का संकरण (Pedigree) क्या है?

Peta (इंडोनेशिया की लंबी किस्म) × Dee-geo-woo-gen (ताइवान की बौनी किस्म)।

3. धान में उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation Breeding) द्वारा विकसित भारत की प्रथम बौनी किस्म कौन सी है?

जगन्नाथ (Jagannath — T-141 पर X-किरणों के प्रयोग से विकसित)।

4. धान के स्पाइकलेट में फूल को खोलने वाली दो मांसल संरचनाएँ क्या कहलाती हैं?

लोडिक्यूल्स (Lodicules — जो परिदलपुंज/Perianth का रूपांतरण हैं)।

5. लवणता सहिष्णु (Salinity tolerant) चतुर्गुणित जंगली धान प्रजाति का नाम लिखिए।

Oryza coarctata (या Porteresia coarctata, 2n = 4x = 48, HHKK जीनोम)।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. एशियाई धान (Oryza sativa) की तीनों उप-प्रजातियों—Indica, Japonica और Javanica—में मुख्य अंतर लिखिए।

Indica उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (भारत) में उगती है, इसके पौधे लंबे व दाने लंबे-पतले होते हैं और एमाइलोज अधिक होने से चावल पकने पर खिला रहता है। Japonica शीतोष्ण क्षेत्रों (जापान) में उगती है, पौधे छोटे व दाने गोल होते हैं और पकने पर चिपचिपे रहते हैं। Javanica इंडोनेशिया में उगती है और इसकी पत्तियाँ चौड़ी व दाने मोटे तथा शूकयुक्त होते हैं।

2. धान में उष्ण जल विपुंसन (Hot Water Emasculation) की विधि क्या है?

चूँकि धान के परागकण वर्तिकाग्र की तुलना में उच्च तापमान के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए पुष्पन से पूर्व बाली को थर्मस बोतल में रखे 40°C से 44°C गर्म पानी में 5 से 10 मिनट तक डुबोया जाता है। इससे बिना छिलका काटे परागकण मृत हो जाते हैं और मादा अंग (वर्तिकाग्र) सुरक्षित रहता है।

3. धान के प्रजनन में जंगली प्रजातियों (Wild Relatives) के चार प्रमुख योगदान लिखिए।

1. Oryza nivara से Grassy stunt virus प्रतिरोधी जीन। 2. Oryza longistaminata से BLB प्रतिरोधी XA21 जीन। 3. Oryza sativa f. spontanea से संकर धान हेतु WA-CMS कोशिकाद्रव्य। 4. Oryza officinalis से भूरा फुदका (BPH) प्रतिरोधी जीन।

4. द्वि-पंक्ति संकर धान (Two-Line Hybrid Rice – TGMS) प्रणाली क्या है और इसके क्या लाभ हैं?

इस प्रणाली में तापमान-संवेदनशील आनुवंशिक नर बंध्यता (TGMS) का उपयोग किया जाता है। उच्च तापमान (>28°C) पर TGMS पंक्ति नर बंध्य रहती है (जिससे R/सामान्य पंक्ति के साथ संकर बीज बनता है), जबकि कम तापमान (<24°C) पर वही पंक्ति उर्वर हो जाती है। लाभ: इसमें अनुरक्षक (B-line) की आवश्यकता नहीं होती और कोई भी सामान्य किस्म नर पितृ बन सकती है।

5. धान में मार्कर-सहायता प्राप्त प्रजनन (MAS) द्वारा विकसित तीन प्रमुख किस्मों और उनके जीनों का उल्लेख कीजिए।

1. Improved Pusa Basmati-1 (Pusa 1460): इसमें BLB प्रतिरोध हेतु xa13 व XA21 जीन जोड़े गए हैं। 2. Improved Samba Mahsuri: इसमें xa5, xa13 व XA21 तीन जीन पिरामिड किए गए हैं। 3. Swarna-Sub1: इसमें जलमग्नता सहिष्णुता हेतु Sub1A QTL जोड़ा गया है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. धान (Oryza sativa) के उत्पत्ति केंद्र, प्रजातियों के वर्गीकरण, जंगली संबंधियों और पुष्प जीवविज्ञान (Floral Biology) का सविस्तर वर्णन कीजिए।

Indo-Burma उत्पत्ति केंद्र, 24 प्रजातियाँ (2 कृष्य व 22 जंगली), 10 जीनोम समूह (AA से HHKK), Indica-Japonica-Javanica की तुलना तथा Panicle व Spikelet की संरचना (Lemma, Palea, 2 Lodicules, 6 Stamens), पुष्पन समय (सुबह 9–12 बजे) और विपुंसन विधियों का सचित्र/विस्तृत वर्णन करें।

2. धान में प्रजनन के प्रमुख उद्देश्यों (Breeding Objectives) का वर्णन करते हुए अर्ध-बौनी किस्मों, बासमती सुधार और प्रतिरोधक प्रजनन की उपलब्धियों की विवेचना कीजिए।

उपज, sd-1 जीन से बौनापन (TN-1, IR-8, जया), जैविक तनाव (Blast, BLB, BPH), अजैविक तनाव (Sub1A बाढ़, Sahbhagi Dhan सूखा, CSR-30 लवणता) और बासमती गुणवत्ता (badh2 जीन, Pusa Basmati 1121, 1509, 1637) का सविस्तर विवरण दें।

3. धान में संकर प्रजनन (Hybrid Breeding) की तीन-पंक्ति (CGMS – A, B, R lines) एवं दो-पंक्ति (TGMS/PGMS) प्रणालियों की कार्यप्रणाली, लाभ-हानि और भारतीय संकर किस्मों का वर्णन कीजिए।

WA-cytoplasm की खोज, A-line, B-line व R-line की आनुवंशिक संरचना, TGMS में तापमान प्रभाव, दोनों प्रणालियों की तुलना तथा भारत के प्रमुख संकरों (APRH-1, KRH-2, Pusa RH-10, Arize 6444) का वर्णन करें।

परीक्षा वन-लाइनर्स

  • धान का जीनोम आकार (~430 Mb) सभी मुख्य अनाज फसलों में सबसे छोटा है, इसलिए इसे 'अनाजों का ड्रोसोफिला / मॉडल फसल' कहा जाता है।
  • Oryza nivara एकमात्र भारतीय एकवर्षीय जंगली प्रजाति है जिसने धान को 'Grassy Stunt Virus' के विरुद्ध प्रतिरोध दिया।
  • डॉ. जी.एस. खुश (Dr. G.S. Khush) को IR-36, IR-64 और Super Rice के विकास के लिए 1996 में 'विश्व खाद्य पुरस्कार' (World Food Prize) मिला।
  • केरल की देसी धान किस्म 'पोखली' (Pokkali) विश्व भर में लवणता सहिष्णुता (Saltol QTL) के सबसे प्रमुख दाता के रूप में प्रयुक्त होती है।
  • उड़ीसा के कोरापुट क्षेत्र को भारतीय धान की आनुवंशिक विविधता का द्वितीयक केंद्र और GIAHS धरोहर माना जाता है।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध GPB 311 Smart Notes।

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