AGRON 311 Lecture 08: जैविक एवं प्राकृतिक खेती में खरपतवार प्रबंधन | Hindi Notes
AGRO PATH FINDERAGRON 311 · Weed Management
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02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)Lecture 08: जैविक एवं प्राकृतिक खेती में खरपतवार प्रबंधन
02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)
इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:
- जैविक खेती (Organic Farming — NPOP/IFOAM मानक) और प्राकृतिक खेती (Natural Farming — सुभाष पालेकर के 4 स्तंभ) में खरपतवारों के प्रति पारिस्थितिक दृष्टिकोण और कृत्रिम रासायनिक शाकनाशियों के पूर्ण निषेध को समझना।
- प्राकृतिक खेती के चौथे स्तंभ ‘आच्छादन’ (Acchadana / Mulching) के तीनों रूपों—मृदा आच्छादन (Soil mulch), काष्ठ/फसल अवशेष आच्छादन (Straw mulch) और सजीव आच्छादन (Live mulch)—की खरपतवार दमन में भूमिका का विश्लेषण करना।
- एलीलोपैथिक फसलों एवं पादप निष्कर्षों (Allelopathic crops & water extracts — जैसे ज्वार का सोरगोलियोन, सूरजमुखी का हेलिएन्नोल, सरसों का आइसोथायोसाइनेट, नीलगिरी व कांग्रेस घास के शत्रु पौधे) के वैज्ञानिक उपयोग को जानना।
- तापीय खरपतवार नियंत्रण (Thermal / Flame weeding, Infrared & Steam weeding), मृदा सौरीकरण (Soil solarization) और स्टेल सीडबेड (Stale seedbed) की क्रियाविधि समझना।
- जैविक खेती में अनुमत प्राकृतिक जैव-रसायनों (Corn gluten meal, Acetic acid/Vinegar, Clove/Cinnamon essential oils, Pelargonic acid) तथा धान-बत्तख-अजोला (Rice-Duck-Azolla) प्रणाली का अध्ययन करना।
03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)
मूल सामग्री (Core Course Content): जब कोई किसान रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती (Organic Farming) या प्राकृतिक खेती (Subhash Palekar Natural Farming — SPNF / ZBNF) अपनाता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी व्यावहारिक चुनौती ‘बिना सिंथेटिक शाकनाशी के खरपतवार प्रबंधन’ ही होती है। राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP, भारत) और IFOAM के मानकों के अंतर्गत किसी भी कृत्रिम रासायनिक शाकनाशी (जैसे 2,4-D, ग्लाइफोसेट, एट्राजिन, पेंडिमेथालिन) का प्रयोग पूर्णतः वर्जित है।
जैविक और प्राकृतिक खेती का मूल दर्शन खरपतवारों से ‘युद्ध’ करने के बजाय मृदा-फसल पारिस्थितिकी को इस प्रकार प्रबंधित करना है कि खरपतवारों को उगने के लिए खाली स्थान और सूर्य का प्रकाश ही न मिले। इसके लिए भूमि को वर्ष भर ‘आच्छादन’ (Mulching / Cover crops) से ढककर रखना, एलीलोपैथी (Allelopathy) का उपयोग करना, स्टेल सीडबेड, मृदा सौरीकरण, फ्लेम वीडिंग और वानस्पतिक/सूक्ष्मजीवी बायो-हर्बिसाइड्स का एकीकृत उपयोग किया जाता है।
04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)
05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)
1. प्राकृतिक खेती में ‘आच्छादन’ (Acchadana) के तीन रूप एवं खरपतवार दमन
प्राकृतिक खेती (SPNF) में खरपतवार को भूमि का शत्रु नहीं बल्कि पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है और उसे तीन प्रकार के आच्छादन (Mulching) द्वारा प्रबंधित किया जाता है:
1. मृदा आच्छादन (Soil Mulch)
गहरी जुताई न करके केवल ऊपरी 10–15 cm मिट्टी की हल्की जुताई/गुड़ाई करना, जिससे नीचे दबे खरपतवार बीज ऊपर आकर अंकुरित नहीं होते और केशिका नलियाँ टूटने से नमी संरक्षित रहती है।
2. काष्ठ / फसल अवशेष आच्छादन (Straw / Biomass Mulch)
पिछली फसल के सूखे डंठल, पुआल, गन्ने की पत्ती या सूखे खरपतवारों की 7.5–10 cm (5–7 t/ha) मोटी परत कतारों के बीच बिछाना। इससे प्रकाश-संवेदी खरपतवार बीज (Photoblastic weed seeds) अंधेरे के कारण अंकुरित ही नहीं हो पाते (80–90% खरपतवार दमन) और अपघटन से ह्यूमस बनता है।
3. सजीव आच्छादन (Live Mulch / Smother Intercropping)
मुख्य फसल (एकबीजपत्री) की कतारों के बीच तेजी से जमीन ढकने वाली द्विबीजपत्री दलहनी फसलें (लोबिया, मूंग, उड़द, मेथी, धनिया) उगाना जो 20–25 दिन में भूमि को ढककर खरपतवारों का दम घोंट (Smothering) देती हैं और वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिर करती हैं।
2. एलीलोपैथी एवं पादप-निष्कर्ष (Allelopathy & Botanical Extracts in Organic Weed Control)
प्रकृति ने अनेक फसलों और वनस्पतियों को स्वयं के प्राकृतिक शाकनाशी (Allelochemicals) बनाने की क्षमता दी है:
- 1. ज्वार (Sorghum bicolor) — ‘सोरगोलियोन’ (Sorgoleone) एवं ‘धुरिन’ (Dhurrin): ज्वार की जड़ों से स्रावित ‘सोरगोलियोन’ एक अत्यंत शक्तिशाली प्राकृतिक PS-II प्रकाश-संश्लेषण अवरोधक (बिल्कुल एट्राजिन की तरह) है। पाकिस्तान और भारत में किण्वित ज्वार के जलीय अर्क ‘सोर्गैब’ (Sorgaab — Sorghum Water Extract @ 12–15 L/ha) के छिड़काव से गेहूँ में बथुआ और जंगली जई में 40–50% कमी पाई गई है।
- 2. सूरजमुखी (Helianthus annuus) — ‘हेलिएन्नोल’ (Heliannuols) एवं सेस्क्विटरपीन लैक्टोन: सूरजमुखी की पत्तियों व अवशेषों की मल्चिंग गेहूँसा व चौड़ी पत्ती के खरपतवारों का अंकुरण रोकती है।
- 3. सरसों एवं राई (Brassica spp.) — ‘बायो-फ्यूमिगेशन’ (Glucosinolates → Isothiocyanates): सरसों की खली या हरी खाद मिट्टी में मिलाने पर निकलने वाला एलील आइसोथायोसाइनेट (Allyl isothiocyanate) खरपतवार के बीजों को मार देता है।
- 4. नीलगिरी (Eucalyptus globulus) — ‘सिनिओल’ (1,8-Cineole): नीलगिरी के पत्तों के वाष्पशील तेल से व्युत्पन्न प्राकृतिक शाकनाशी अणु ‘सिनमेथिलिन’ (Cinmethylin) है।
- 5. गाजर घास के विरुद्ध प्रतिस्पर्धी एलीलोपैथिक पौधा — पवाँड़ (Cassia sericea / Cassia tora) एवं गेंदा (Tagetes erecta): सड़कों के किनारे Cassia sericea के बीज बिखेरने पर यह अपनी एलीलोपैथी और सघन छत्र से गाजर घास (Parthenium) को पूर्णतः विस्थापित कर देता है (इसे ‘Biocontrol by plant competition / Allelopathic displacement’ कहते हैं)।
3. जैविक खेती में अनुमत प्राकृतिक जैव-शाकनाशी उत्पाद (Approved Natural / Organic Bio-herbicides)
- कॉर्न ग्लूटेन मील (Corn Gluten Meal — CGM): मक्का के गीले पिसाई (Wet-milling) का उप-उत्पाद जिसमें 60% प्रोटीन और डाइपेप्टाइड्स (Alanyl-alanine) होते हैं। इसे बुवाई से पूर्व (Pre-emergence @ 200–300 g/m²) डालने पर यह अंकुरित होते खरपतवार के बीज की प्राथमिक जड़ (Radicle) की वृद्धि को रोक देता है। यह जैविक लॉन और सब्जियों का सर्वप्रमुख प्राकृतिक प्री-इमर्जेंस शाकनाशी है।
- उच्च सांद्रता सिरका / एसिटिक अम्ल (Horticultural Vinegar — 10% से 20% Acetic Acid): नए उगे छोटे खरपतवारों पर छिड़कने से यह पत्ती की क्यूटिकल को गलाकर 24 घंटे में झुलसा देता है (संपर्क अवरणात्मक जैव-शाकनाशी)।
- लौंग, दालचीनी और नींबू घास का वाष्पशील तेल (Clove oil — Eugenol, Cinnamon oil, d-Limonene): कोशिका झिल्ली को नष्ट करने वाले प्राकृतिक संपर्क स्प्रे (जैसे व्यावसायिक उत्पाद ‘Matran’, ‘BurnOut’, ‘GreenMatch’)।
- पेलार्गोनिक अम्ल / नोनैनोइक अम्ल (Pelargonic acid / Nonanoic acid — ‘Scythe’): पेलार्गोनियम पौधे में पाया जाने वाला प्राकृतिक वसीय अम्ल जो पत्तियों को तुरंत सुखा देता है।
4. तापीय एवं भौतिक नवाचार (Thermal, Physical & Integrated Livestock Methods)
- फ्लेम वीडिंग (Flame Weeding): गाजर, प्याज और मक्का जैसी फसलों में फसल के अंकुरण से ठीक 1–2 दिन पहले (Pre-emergence flame weeding) एलपीजी फ्लेम टार्च चलाकर उगे हुए सभी खरपतवारों को उबालकर नष्ट करना। (अंगूठे का नियम: पत्ती को फ्लेम के बाद दबाने पर यदि अंगूठे का गहरा हरा निशान छप जाए — ‘Thumbprint test’ — तो कोशिकाएं फट चुकी हैं)।
- मृदा सौरीकरण (Soil Solarization) एवं स्टेल सीडबेड (Stale Seedbed): ग्रीष्म ऋतु में 4–6 सप्ताह पारदर्शी पॉलीथीन मल्चिंग (25–50 माइक्रोन) और बुवाई पूर्व सिंचाई से खरपतवार बीज बैंक को खाली करना।
- समन्वित धान-बत्तख-अजोला-मछली प्रणाली (Integrated Rice-Duck-Azolla-Fish System): जैविक धान में रोपाई के 10 दिन बाद 200–300 बत्तखें प्रति हेक्टेयर और अजोला (Azolla) छोड़ने पर बत्तखें चौड़ी पत्ती व सेज खरपतवारों को खा जाती हैं, पैरों से कीचड़ मथकर (Puddling effect) उगते खरपतवार दबा देती हैं और अजोला प्रकाश रोककर 90–95% खरपतवार नियंत्रण बिना किसी खर्च के कर देता है।
06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)
जैविक/प्राकृतिक खरपतवार प्रबंधन रणनीतियों का वर्गीकरण:
- 1. प्रकाश एवं स्थान अवरोधक (Light & Space Exclusion): आच्छादन (Straw mulch, Live mulch/Smother crops, Biodegradable paper/starch film mulch, Azolla mat)।
- 2. बीज बैंक ह्रासक (Seed Bank Depletion): स्टेल सीडबेड, मृदा सौरीकरण, बायो-फ्यूमिगेशन (सरसों), फसल चक्र।
- 3. जैव-रासायनिक एवं एलीलोपैथिक (Biochemical & Natural Products): ज्वार सोरगोलियोन, कॉर्न ग्लूटेन मील (PE), 20% एसिटिक एसिड, लौंग तेल (Eugenol), पेलार्गोनिक एसिड (PoE)।
- 4. यांत्रिक, तापीय एवं पशु-एकीकृत (Mechanical, Thermal & Animal-aided): व्हील-हो, कोनो-वीडर, फ्लेम वीडिंग, धान-बत्तख प्रणाली।
07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)
- ‘मृदा को कभी नग्न न छोड़ें’ का सिद्धांत (Principle of Continuous Soil Cover): प्रकृति खाली पड़ी मिट्टी को सहन नहीं करती और उसे ढकने के लिए तुरंत खरपतवार उगा देती है। यदि किसान स्वयं मिट्टी को फसल अवशेष (Straw mulch) या सजीव आच्छादन फसल (Live cover crop) से ढक दे, तो प्रकृति को खरपतवार उगाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)
व्यावहारिक जैविक खेती केस स्टडी: जैविक प्याज एवं लहसुन में खरपतवार प्रबंधन
समस्या: प्याज और लहसुन की पत्तियाँ बेलनाकार और सीधी होती हैं, जिनसे जमीन पर बिल्कुल छाया नहीं पड़ती। रासायनिक खेती में ऑक्सीफ्लोरफेन या पेंडिमेथालिन लगता है, किंतु जैविक प्याज में यह वर्जित है।
सफल जैविक प्रोटोकॉल: (1) अप्रैल-मई में नर्सरी क्यारियों का पारदर्शी पॉलीथीन (25 µm) से मृदा सौरीकरण; (2) मुख्य खेत में रोपाई से 12 दिन पूर्व स्टेल सीडबेड सिंचाई कर उगे खरपतवारों को फ्लेम वीडर या उथली हैरो से नष्ट करना; (3) रोपाई के बाद कतारों के बीच धान के पुआल या सोयाबीन भूसे की 5–7 cm मल्चिंग बिछाना; तथा (4) 30 DAT पर एक हस्त गुड़ाई। परिणाम: 88% खरपतवार नियंत्रण और रसायन-मुक्त निर्यात गुणवत्ता का प्याज।
09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)
तुलनात्मक सारणी 8.1: प्रमुख एलीलोपैथिक फसलें, उनके सक्रिय एलीलोकेमिकल्स एवं लक्षित खरपतवार
| एलीलोपैथिक फसल / पादप | वैज्ञानिक नाम | सक्रिय जैव-रसायन (Allelochemical) | क्रियाविधि एवं लक्षित खरपतवार |
|---|---|---|---|
| 1. ज्वार (Sorghum) | Sorghum bicolor | सोरगोलियोन (Sorgoleone), धुरिन, p-कौमैरिक अम्ल | जड़ों से स्रावित PS-II अवरोधक; गेहूँसा, बथुआ, जंगली चौलाई व धूप घास का दमन। |
| 2. सूरजमुखी (Sunflower) | Helianthus annuus | हेलिएन्नोल (Heliannuols), क्लोरोजेनिक अम्ल | कोशिका विभाजन व अंकुरण अवरोधक; गेहूँ व कपास के खरपतवारों का दमन। |
| 3. सरसों / राई (Mustard) | Brassica juncea / nigra | ग्लूकोसिनोलेट्स → आइसोथायोसाइनेट्स (ITCs) | बायो-फ्यूमिगेशन द्वारा जंगली जई, बथुआ व मृदा-जनित बीजों का नाश। |
| 4. नीलगिरी (Eucalyptus) | Eucalyptus globulus | 1,8-सिनिओल (Cineole) एवं अल्फा-पाइनीन | वाष्पशील टर्पीन; समसूत्री विभाजन व श्वसन अवरोधक। |
| 5. पवाँड़ (Sicklepod) व गेंदा | Cassia sericea & Tagetes | कैसिया-अम्ल एवं अल्फा-टरथिएनिल | गाजर घास (Parthenium hysterophorus) का प्रतिस्पर्धी व एलीलोपैथिक विस्थापन। |
10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)
जैविक खरपतवार प्रबंधन के मूल्यांकन एवं अनुप्रयोग मानक
- आच्छादन (Straw Mulch) की अनुशंसित मात्रा: $$
- कॉर्न ग्लूटेन मील (Corn Gluten Meal – Pre-emergence) की मात्रा: $$
- ज्वार जलीय अर्क (Sorgaab – Sorghum Water Extract 1:10 w/v) की छिड़काव दर: $$
- एलीलोपैथिक अवरोध प्रतिशत (Allelopathic Inhibition %):
$$
11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)
- 1. मृदा आच्छादन (Soil Mulch): उथली गुड़ाई, गहरी जुताई निषेध
- 2. काष्ठ आच्छादन (Straw Mulch): 5-7 t/ha सूखे फसल अवशेष
- 3. सजीव आच्छादन (Live Mulch): लोबिया, मूंग, उड़द की अंतःफसल
- प्रकाश अवरोधन से Photoblastic खरपतवार बीजों का दमन
- ज्वार (Sorghum): सोरगोलियोन (Sorgoleone) व सोर्गैब अर्क
- सूरजमुखी (Sunflower): हेलिएन्नोल (Heliannuols)
- सरसों (Brassica): ग्लूकोसिनोलेट्स → आइसोथायोसाइनेट (Bio-fumigation)
- Cassia sericea व गेंदा: गाजर घास का प्रतिस्पर्धी विस्थापन
- कॉर्न ग्लूटेन मील (CGM): प्राकृतिक Pre-emergence (जड़ अवरोधक)
- बागवानी सिरका (10-20% Acetic acid): संपर्क Post-emergence
- लौंग तेल (Eugenol) एवं दालचीनी तेल (Cinnamaldehyde)
- पेलार्गोनिक अम्ल (Pelargonic acid) व d-Limonene
- फ्लेम वीडिंग (Flame weeding: 800-1000°C, Thumbprint test)
- मृदा सौरीकरण (25-50 µm पारदर्शी पॉलीथीन, 4-6 सप्ताह)
- स्टेल सीडबेड (बुवाई पूर्व सिंचाई + उथली गुड़ाई)
- धान-बत्तख-अजोला प्रणाली (Rice-Duck-Azolla: 90-95% नियंत्रण)
12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)
13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)
- पद्मश्री सुभाष पालेकर की प्राकृतिक खेती (SPNF/ZBNF) के चार स्तंभों—बीजामृत, जीवामृत, वाप्सा और आच्छादन—में से खरपतवार नियंत्रण का मुख्य स्तंभ ‘आच्छादन’ (Acchadana / Mulching) है।
- ‘एलीलोपैथी’ (Allelopathy) शब्द का प्रतिपादन 1937 में ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक ‘हैंस मोलिश’ (Hans Molisch) ने किया था।
- ज्वार (Sorghum bicolor) की जड़ों से निकलने वाला प्रमुख एलीलोकेमिकल ‘सोरगोलियोन’ (Sorgoleone) है जो PS-II प्रकाश-संश्लेषण को रोकता है।
- क्रूसीफेरी कुल (सरसों) के पौधों को मिट्टी में दबाने पर ‘ग्लूकोसिनोलेट्स’ के टूटने से ‘आइसोथायोसाइनेट’ (Isothiocyanate) गैस निकलती है; इस प्रक्रिया को ‘बायो-फ्यूमिगेशन’ (Bio-fumigation) कहते हैं।
- जैविक खेती में एकमात्र प्रमुख प्राकृतिक प्री-इमर्जेंस (Pre-emergence) उत्पाद ‘कॉर्न ग्लूटेन मील’ (Corn Gluten Meal) है जो अंकुरित होते खरपतवार की प्राथमिक जड़ (Radicle) को रोक देता है।
14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)
त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):
- आच्छादन के 3 प्रकार: मृदा आच्छादन (Soil mulch), काष्ठ आच्छादन (Straw mulch @ 5–7 t/ha) और सजीव आच्छादन (Live mulch — लोबिया, मूंग)।
- प्रमुख एलीलोकेमिकल्स: ज्वार → सोरगोलियोन व धुरिन; सूरजमुखी → हेलिएन्नोल; सरसों → ग्लूकोसिनोलेट्स/आइसोथायोसाइनेट्स (बायो-फ्यूमिगेशन); नीलगिरी → 1,8-सिनिओल।
- गाजर घास का प्रतिस्पर्धी पौधा: पवाँड़ (Cassia sericea / C. tora) और गेंदा (Tagetes erecta)।
- अनुमत जैविक उत्पाद: कॉर्न ग्लूटेन मील (PE), 10–20% एसिटिक अम्ल (सिरका), लौंग तेल (Eugenol), पेलार्गोनिक अम्ल।
- फ्लेम वीडिंग: 800–1000°C पर 0.1–0.5 सेकंड ज्वाला संपर्क से कोशिका रस को उबालकर कोशिका भित्ति फोड़ना (Thumbprint test)।
15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)
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16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)
- प्राकृतिक खेती में खरपतवार नियंत्रण का मुख्य स्तंभ ‘आच्छादन’ (मृदा, काष्ठ एवं सजीव मल्चिंग) है।
- ज्वार की जड़ों से निकलने वाला प्रमुख एलीलोकेमिकल ‘सोरगोलियोन’ (Sorgoleone) है तथा इसका जलीय अर्क ‘सोर्गैब’ (Sorgaab) कहलाता है।
- सरसों के हरे बायोमास से ग्लूकोसिनोलेट्स के टूटने पर ‘आइसोथायोसाइनेट’ गैस द्वारा खरपतवार बीज नष्ट होना ‘बायो-फ्यूमिगेशन’ कहलाता है।
- जैविक खेती में प्रयुक्त प्राकृतिक प्री-इमर्जेंस उत्पाद ‘कॉर्न ग्लूटेन मील’ (CGM) है।
- गाजर घास को अपनी एलीलोपैथी व प्रतिस्पर्धा से विस्थापित करने वाला पौधा ‘पवाँड़’ (Cassia sericea) है।
(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)
(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)
(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)
आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।





