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AGRON 311 Lecture 05: खरपतवार प्रबंधन की अवधारणाएँ: भौतिक, कर्षण, रासायनिक एवं जैविक सिद्धांत और विधियाँ | Hindi Notes

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AGRON 311 · Weed Management
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
शैक्षणिक संदर्भ: शाकनाशियों की दरें, मिश्रण और उपयोग उपलब्ध कराए गए स्रोत का हिस्सा हैं। खेत में प्रयोग से पहले फसल-विशिष्ट वर्तमान label claim तथा स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय/KVK की अनुशंसा जाँचें।
Lecture 05 Source Page Reference in Supplied Pack: 129 (AGRON 311 Theory Lecture 05)

Lecture 05: खरपतवार प्रबंधन की अवधारणाएँ: भौतिक, कर्षण, रासायनिक एवं जैविक सिद्धांत और विधियाँ

Concepts of weed management: Physical, cultural, chemical and biological principles and methods

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • खरपतवार प्रबंधन के तीन मूलभूत सिद्धांतों—निवारण/रोकथाम (Prevention), उन्मूलन (Eradication) और नियंत्रण/प्रबंधन (Control/Management)—के बीच अंतर को समझना।
  • भौतिक एवं यांत्रिक विधियों (हाथ से निराई, गुड़ाई, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, कटाई/Mowing, जलमग्न करना/Flooding, फ्लेमिंग, मल्चिंग, मृदा सौरीकरण व ड्रेजिंग/चैनिंग) का अध्ययन करना।
  • कर्षण / सस्य विधियों (Cultural / Ecological methods — फसल चक्र, अंतःफसल, स्मदर फसलें, स्टेल सीडबेड, बुवाई समय व घनत्व, उर्वरक व सिंचाई प्रबंधन) की भूमिका समझना।
  • जैविक नियंत्रण (Biological Control) के दोनों उपागमों—शास्त्रीय जैविक नियंत्रण (कीट बायो-एजेंट्स: गाजर घास, जलकुंभी, लैंटाना, साल्विनिया व नागफनी के विशिष्ट कीट) और बायो-शाकनाशी / माइको-हर्बिसाइड्स (DeVine, Collego, BioMal, Lubao-2, Bipolaris)—को कंठस्थ करना।
  • रासायनिक खरपतवार नियंत्रण (Chemical method) के सिद्धांत, लाभ और सीमाओं का विश्लेषण करना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): खरपतवार विज्ञान में आधुनिक दृष्टिकोण ‘खरपतवार नियंत्रण’ (Weed Control) से आगे बढ़कर ‘खरपतवार प्रबंधन’ (Weed Management) बन चुका है। इसका उद्देश्य खेत से हर एक खरपतवार पौधे को 100% जड़ से मिटाना (जो आर्थिक और पारिस्थितिक रूप से असंभव है) नहीं, बल्कि खरपतवारों की जनसंख्या को ‘आर्थिक दहलीज स्तर’ (Economic Threshold Level – ETL) से नीचे रखना है ताकि फसल की उपज में आर्थिक हानि न हो। इसके लिए तीन मूलभूत सिद्धांतों (रोकथाम, उन्मूलन व नियंत्रण) तथा चार मुख्य विधियों—भौतिक (Physical), कर्षण/सस्य (Cultural), रासायनिक (Chemical) और जैविक (Biological)—का प्रयोग किया जाता है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

रोकथाम / निवारण (Prevention — ‘Prevention is better than cure’)
किसी नए खेत, क्षेत्र या देश में खरपतवार के बीजों या वानस्पतिक प्रवर्धकों के प्रवेश (Introduction), स्थापना और फैलाव को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले सभी उपाय (जैसे—प्रमाणित खरपतवार-मुक्त बीज बोना, पूर्ण सड़ी गोबर खाद डालना, नहरों व कृषि यंत्रों की सफाई तथा पादप संगरोध कानून)।
उन्मूलन (Eradication)
किसी सीमित क्षेत्र या खेत से किसी विशेष खरपतवार प्रजाति के सभी जीवित पौधों, वानस्पतिक प्रवर्धकों और मिट्टी में दबे सभी सुप्त बीजों का 100% पूर्ण विनाश (Complete elimination)। यह अत्यंत महँगा होने के कारण केवल नए प्रवेश किए गए खतरनाक विदेशी या परजीवी खरपतवारों (Striga, Cuscuta) के छोटे पैच पर ही किया जाता है।
नियंत्रण एवं प्रबंधन (Control & Management)
खरपतवारों की वृद्धि और संख्या को इस स्तर तक सीमित कर देना कि वे मुख्य फसल के साथ गंभीर प्रतिस्पर्धा न कर सकें और किसान को अधिकतम शुद्ध आर्थिक लाभ प्राप्त हो।
माइको-हर्बिसाइड / जैव-शाकनाशी (Mycoherbicide / Bioherbicide)
खरपतवारों में रोग पैदा करने वाले विशिष्ट कवक बीजाणुओं (Fungal spores) या जीवाणुओं का वह व्यावसायिक तरल या पाउडर संरूपण जिसे रासायनिक शाकनाशी की तरह हर साल खड़ी फसल में छिड़का (Inundative approach) जाता है (जैसे—DeVine, Collego)।
ड्रेजिंग एवं चैनिंग (Dredging & Chaining)
जलीय खरपतवारों (Aquatic weeds) को नियंत्रित करने की यांत्रिक विधियाँ: नहर/तालाब की तली से कीचड़ व जड़ सहित खरपतवारों को मशीन से खींचकर बाहर निकालना ‘ड्रेजिंग’ कहलाता है; और दो ट्रैक्टरों के बीच भारी लोहे की जंजीर बाँधकर नहर के तल में खींचकर जलमग्न खरपतवारों को उखाड़ना ‘चैनिंग’ कहलाता है।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. भौतिक एवं यांत्रिक विधियाँ (Physical and Mechanical Methods)

  • 1. हाथ से उखाड़ना एवं खुरपी से निराई (Hand pulling & Hand weeding): सबसे प्राचीन, सुरक्षित और प्रभावी विधि (किंतु श्रमसाध्य और महँगी)।
  • 2. गुड़ाई एवं अंतर-कर्षण (Hoeing & Inter-cultivation): हैंड हो, व्हील हो, ब्लेड हैरो (बखर) या कल्टीवेटर द्वारा कतारों के बीच की मिट्टी को ढीला करना और खरपतवार काटना।
  • 3. ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई (Summer Deep Tillage): मई-जून में मोल्डबोर्ड हल से गहरी जुताई करने पर बहुवर्षीय खरपतवारों—जैसे मोथा (Cyperus rotundus), दूब घास (Cynodon dactylon) और काँस (Saccharum spontaneum)—के भूमिगत कंद और प्रकंद उखड़कर 45°C+ की तेज धूप में सूखकर नष्ट (Desiccation) हो जाते हैं।
  • 4. कटाई / मोंइंग एवं सिकलिंग (Mowing & Sickling): चारागाहों, बागानों और सड़कों के किनारे खरपतवारों को फूल व बीज बनने (Seed setting) से पहले ही दरांती या लॉन-मूवर से ऊपर से काट देना।
  • 5. जलमग्न करना (Flooding / Submergence): खेत के चारों ओर मेड़ बनाकर 15–30 cm गहरा पानी 3 से 6 सप्ताह तक भर देने से ऑक्सीजन के अभाव (Asphyxiation) में हिरणखुरी (Convolvulus arvensis), मोथा और दूब जैसे स्थलीय खरपतवार मर जाते हैं। धान में रोपाई के बाद 5 cm पानी भरकर रखना सर्वोत्तम खरपतवार नियंत्रण है।
  • 6. जलाना एवं फ्लेमिंग (Burning & Flame Weeding): बंजर भूमि पर सूखे खरपतवार जलाना अथवा कपास, गन्ना व मक्का की कतारों के बीच एलपीजी फ्लेम थ्रोअर से कोमल खरपतवारों की कोशिकाओं को उच्च ताप (>55∘C) से झुलसाना (Thermal weeding)।
  • 7. मल्चिंग एवं मृदा सौरीकरण (Mulching & Soil Solarization): काली पॉलीथीन शीट या फसल अवशेषों की मल्च प्रकाश रोककर प्रकाश-संश्लेषण बंद कर देती है; जबकि गर्मियों में 4–6 सप्ताह तक पारदर्शी पॉलीथीन से मृदा सौरीकरण करने पर तापमान 10–12°C बढ़कर ऊपरी 10–15 cm के खरपतवार बीज नष्ट कर देता है।

2. कर्षण / सस्य विधियाँ (Cultural / Ecological Methods — ‘Good Crop is the Best Weed Killer’)

  1. फसल चक्र (Crop Rotation): यह फसल-संबद्ध और परजीवी खरपतवारों को तोड़ने का सबसे अचूक उपाय है:
    • गेहूँ के खेत में गेहूँसा (Phalaris minor) नियंत्रण हेतु: गेहूँ के स्थान पर 2–3 वर्ष तक बरसीम (Berseem), सरसों, आलू या गन्ना उगाने से गेहूँसा स्वतः समाप्त हो जाता है (क्योंकि बरसीम की बार-बार कटाई के साथ गेहूँसा बीज बनने से पहले ही कट जाता है)।
    • सरसों में ओरूबैंकी (Orobanche) और ज्वार में स्ट्राइगा (Striga) नियंत्रण हेतु: गैर-परपोषी या ट्रैप फसलों (कपास, लोबिया, सूरजमुखी, मूंगफली) का फसल चक्र अपनाना।
  2. अंतःफसल एवं स्मदर फसलें (Intercropping & Smother Crops): मक्का, ज्वार, कपास या गन्ने की चौड़ी कतारों के बीच तेजी से बढ़कर जमीन ढकने वाली दलहनी फसलें—जैसे लोबिया (Cowpea), मूंग, उड़द, सोयाबीन या सनई (Sunnhemp)—उगाने से खरपतवार दब (Smother) जाते हैं।
  3. स्टेल सीडबेड (Stale Seedbed): बुवाई पूर्व सिंचाई कर उगे खरपतवारों को नष्ट करना।
  4. बुवाई का समय, संकरी कतार दूरी एवं बीज दर: गेहूँ की अगेती बुवाई (अक्टूबर अंत) करने पर कम तापमान न मिलने से गेहूँसा कम उगता है; सामान्य से 20–25% अधिक बीज दर और संकरी कतार दूरी खरपतवारों को दबाती है।
  5. ग्रीष्मकालीन हरी खाद: ढैंचा (Sesbania) या सनई की घनी बुवाई खरपतवारों को उगने नहीं देती।

3. जैविक खरपतवार नियंत्रण (Biological Weed Control — Classical Bio-agents & Mycoherbicides)

जैविक नियंत्रण में खरपतवारों के प्राकृतिक शत्रुओं (कीट, कवक, मछली, घोंघे) का उपयोग किया जाता है। इसके दो मुख्य दृष्टिकोण हैं:

(A) शास्त्रीय जैविक नियंत्रण: प्रमुख कीट बायो-एजेंट्स (Classical Insect Bio-agents)

1. गाजर घास (Parthenium hysterophorus): मैक्सिकन भृंग Zygogramma bicolorata (1983 में मेक्सिको से भारत लाया गया — पत्तियाँ खाता है)।
2. जलकुंभी (Eichhornia crassipes): दक्षिण अमेरिकी घुन/वीविल Neochetina eichhorniae एवं Neochetina bruchi तथा माइट Orthogalumna terebrantis।
3. लैंटाना (Lantana camara): लेस बग Teleonemia scrupulosa, फ्लाई Ophiomyia lantanae एवं Crocidosema lantana।
4. नागफनी (Opuntia spp. – Prickly pear): स्केल कीट Dactylopius tomentosus / D. opuntiae (1926 में भारत में प्रथम सफल जैविक नियंत्रण) एवं शलभ Cactoblastis cactorum (ऑस्ट्रेलिया में)।
5. जलीय फर्न साल्विनिया (Salvinia molesta): केरल में घुन/वीविल Cyrtobagous salviniae एवं घास कार्प मछली (Grass carp — Ctenopharyngodon idella)।

(B) बायो-शाकनाशी / माइको-हर्बिसाइड्स (Commercial Mycoherbicides)

1. DeVine (डिवाइन — 1981, विश्व का प्रथम माइको-हर्बिसाइड): कवक Phytophthora palmivora ➔ नींबू के बागों में Morrenia odorata (Milkweed vine) के नियंत्रण हेतु।
2. Collego (कॉलेगो — 1982): कवक Colletotrichum gloeosporioides f. sp. aeschynomene ➔ धान व सोयाबीन में Aeschynomene virginica (Northern jointvetch) हेतु।
3. BioMal (बायोमैल): कवक Colletotrichum gloeosporioides f. sp. malvae ➔ Malva pusilla (Round-leaved mallow) हेतु।
4. Lubao-2 (लुबाओ-2 — चीन): कवक Colletotrichum gloeosporioides f. sp. cuscutae ➔ अमरबेल (Cuscuta) के नियंत्रण हेतु।
5. Bipolaris (बाइपोलरिस): कवक Bipolaris sorghicola ➔ बरू / जॉनसन घास (Sorghum halepense) हेतु।
6. ABG-5003 / Cercospora rodmanii: जलकुंभी (Eichhornia) हेतु।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

खरपतवार प्रबंधन के सिद्धांतों एवं विधियों का वर्गीकरण:

  • 3 सिद्धांत (Principles): (1) Prevention (रोकथाम), (2) Eradication (उन्मूलन), और (3) Control/Management (नियंत्रण/प्रबंधन)।
  • 4 विधियाँ (Methods): (1) Physical/Mechanical (भौतिक/यांत्रिक), (2) Cultural/Ecological (कर्षण/सस्य), (3) Biological (जैविक), और (4) Chemical (रासायनिक शाकनाशी)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • जैविक नियंत्रण का ‘परपोषी-विशिष्टता’ सिद्धांत (Principle of Host-Specificity in Biocontrol): किसी भी विदेशी कीट बायो-एजेंट को देश में छोड़ने से पहले उसका कड़ा ‘स्टार्वेशन टेस्ट’ (Starvation test) किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो कि वह कीट केवल लक्षित खरपतवार को ही खाएगा और किसी भी आर्थिक फसल को नुकसान नहीं पहुँचाएगा (हालाँकि Zygogramma bicolorata कभी-कभी सूरजमुखी की पत्तियों पर भी देखा गया था, जो बाद में सुरक्षित पाया गया)।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक उदाहरण: धान-बरसीम फसल चक्र द्वारा गेहूँसा (Phalaris minor) का सस्य नियंत्रण

पंजाब और हरियाणा के जिन खेतों में गेहूँसा (Phalaris minor) में शाकनाशी प्रतिरोध आ गया है, वहाँ किसान यदि रबी में गेहूँ के स्थान पर 2–3 वर्षों तक बरसीम (Trifolium alexandrinum) उगाते हैं, तो बरसीम के साथ उगने वाला गेहूँसा हर 25–30 दिन में चारे की कटाई (Mowing/Cutting) के साथ बीज बनने से पहले ही कट जाता है। इस प्रकार बिना किसी महँगे शाकनाशी के 3 वर्षों में खेत का गेहूँसा बीज बैंक 95% से अधिक समाप्त हो जाता है।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 5.1: प्रमुख खरपतवार एवं उनके सफल जैविक नियंत्रक कीट (Bio-agents) व माइको-हर्बिसाइड्स
लक्षित खरपतवार (Target Weed) जैविक अभिकर्ता / बायो-शाकनाशी का नाम जीव का प्रकार (Type of Agent)
1. गाजर घास (Parthenium hysterophorus) Zygogramma bicolorata (मैक्सिकन बीटल) पर्ण-भक्षी भृंग (Leaf-feeding beetle, 1983)
2. जलकुंभी (Eichhornia crassipes) Neochetina eichhorniae एवं N. bruchi मॉटल्ड व शेवरॉन जलकुंभी घुन (Weevils)
3. लैंटाना (Lantana camara) Teleonemia scrupulosa एवं Ophiomyia lantanae लैंटाना लेस बग (Lace bug) व सीड फ्लाई
4. जलीय फर्न (Salvinia molesta) Cyrtobagous salviniae एवं Ctenopharyngodon idella साल्विनिया घुन (Weevil) एवं ग्रास कार्प मछली
5. नागफनी (Opuntia spp.) Dactylopius tomentosus एवं Cactoblastis cactorum कोचीनियल स्केल कीट (भारत, 1926) व शलभ
6. मिल्कवीड वाइन (Morrenia odorata) DeVine (Phytophthora palmivora) विश्व का प्रथम व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड (1981)
7. जॉइंटवेच (Aeschynomene virginica) Collego (Colletotrichum gloeosporioides) धान व सोयाबीन में प्रयुक्त माइको-हर्बिसाइड
8. अमरबेल (Cuscuta spp.) Lubao-2 (C. gloeosporioides f. sp. cuscutae) अमरबेल नियंत्रक कवक शाकनाशी

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

महत्वपूर्ण जैविक नियंत्रण मील के पत्थर (Key Biocontrol Milestones)
  • भारत में प्रथम सफल जैविक खरपतवार नियंत्रण (1926): नागफनी (Opuntia dillenii) का Dactylopius tomentosus (कोचीनियल कीट) द्वारा नियंत्रण।
  • विश्व का प्रथम पंजीकृत माइको-हर्बिसाइड (1981, USA): DeVine (कवक: Phytophthora palmivora का तरल संरूपण)।
  • जलीय खरपतवार भक्षी मछली (Herbivorous Fish): व्हाइट अमूर / ग्रास कार्प (Ctenopharyngodon idella) — अपने शरीर के भार के बराबर जलीय खरपतवार प्रतिदिन खाती है।

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 05 Mind Map: खरपतवार प्रबंधन के सिद्धांत एवं भौतिक, सस्य, जैविक व रासायनिक विधियाँ
  • खरपतवार प्रबंधन की अवधारणाएँ एवं विधियाँ (Concepts & Methods of Weed Management)
    • 3 मूलभूत सिद्धांत (3 Basic Principles)
      • Prevention (रोकथाम): प्रमाणित बीज, सड़ी FYM, संगरोध कानून | Eradication (उन्मूलन): 100% विनाश | Control/Management: ETL से नीचे रखना
    • भौतिक एवं सस्य विधियाँ (Physical & Cultural Methods)
      • भौतिक: Hand weeding, Hoeing, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, Mowing, Flooding, मल्चिंग, मृदा सौरीकरण, Dredging & Chaining
      • सस्य (Cultural): फसल चक्र (गेहूँसा हेतु बरसीम), स्मदर फसलें (लोबिया/सनई), स्टेल सीडबेड, संकरी कतार व बैंड उर्वरक
    • जैविक एवं रासायनिक विधियाँ (Biological & Chemical Methods)
      • कीट बायो-एजेंट्स: गाजर घास (Zygogramma bicolorata), जलकुंभी (Neochetina), लैंटाना (Teleonemia), साल्विनिया (Cyrtobagous), नागफनी (Dactylopius)
      • माइको-हर्बिसाइड्स: DeVine (Phytophthora), Collego, BioMal, Lubao-2 (Cuscuta हेतु), Bipolaris (बरू घास हेतु)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): खरपतवार प्रबंधन की चतुर्भुजीय रणनीति
1. निवारक उपाय (Prevention)
(स्वच्छ बीज, सड़ी खाद, साफ नहरें)
➔ 2. सस्य अनुकूलन (Cultural)
(स्टेल सीडबेड, फसल चक्र, लोबिया अंतःफसल)
➔ 3. भौतिक हस्तक्षेप (Physical)
(गहरी जुताई, मल्चिंग, गुड़ाई)
➔ 4. जैविक एवं रासायनिक नियंत्रण
(बायो-एजेंट्स / माइको-हर्बिसाइड्स / शाकनाशी)

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • परीक्षा के लिए पाँच सबसे महत्वपूर्ण जैविक कीट (Bio-agents) कंठस्थ कर लें: (1) गाजर घास (Parthenium) = Zygogramma bicolorata, (2) जलकुंभी (Eichhornia) = Neochetina eichhorniae / N. bruchi, (3) लैंटाना (Lantana) = Teleonemia scrupulosa, (4) साल्विनिया (Salvinia) = Cyrtobagous salviniae, और (5) नागफनी (Opuntia) = Dactylopius tomentosus एवं Cactoblastis cactorum।
  • विश्व का पहला व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड (Mycoherbicide) ‘DeVine’ (1981, Phytophthora palmivora) है और दूसरा ‘Collego’ (Colletotrichum gloeosporioides) है।
  • अमरबेल (Cuscuta) के जैविक नियंत्रण के लिए प्रयुक्त माइको-हर्बिसाइड ‘Lubao-2’ है और बरू घास (Sorghum halepense) के लिए ‘Bipolaris’ है।
  • जलीय खरपतवारों के जैविक नियंत्रण के लिए प्रयुक्त शाकाहारी मछली ‘ग्रास कार्प / व्हाइट अमूर’ (Ctenopharyngodon idella) है।
  • गेहूँ के खेत में गेहूँसा (Phalaris minor) के सस्य नियंत्रण के लिए सबसे प्रभावी फसल चक्र रबी में ‘बरसीम’ (Berseem) उगाना है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

  • 3 Principles: Prevention (निवारण), Eradication (100% उन्मूलन), Management (प्रबंधन)।
  • Bio-agents: Parthenium = Zygogramma bicolorata | Eichhornia = Neochetina spp. | Lantana = Teleonemia scrupulosa | Salvinia = Cyrtobagous salviniae | Opuntia = Dactylopius / Cactoblastis।
  • Mycoherbicides: DeVine, Collego, BioMal, Lubao-2 (Cuscuta), Bipolaris (Sorghum halepense)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. गाजर घास (Parthenium hysterophorus) के जैविक नियंत्रण के लिए 1983 में मेक्सिको से भारत आयातित पर्ण-भक्षी भृंग (Beetle) कौन-सा है?
(A) Neochetina eichhorniae
(B) Zygogramma bicolorata
(C) Teleonemia scrupulosa
(D) Dactylopius tomentosus
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (B) Zygogramma bicolorata
व्याख्या: Zygogramma bicolorata (मैक्सिकन बीटल) गाजर घास का अत्यंत सफल जैविक नियंत्रक कीट है।
2. जलकुंभी (Water hyacinth — Eichhornia crassipes) के जैविक नियंत्रण के लिए प्रयुक्त विशिष्ट घुन (Weevil) कौन-सा है?
(A) Neochetina eichhorniae और Neochetina bruchi
(B) Cactoblastis cactorum
(C) Helicoverpa armigera
(D) Pyrilla perpusilla
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Neochetina eichhorniae और Neochetina bruchi
व्याख्या: Neochetina eichhorniae (Mottled water hyacinth weevil) और N. bruchi जलकुंभी के सफल बायो-एजेंट हैं।
3. वर्ष 1981 में पंजीकृत विश्व का प्रथम व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड (Mycoherbicide) ‘डिवाइन’ (DeVine) किस कवक के बीजाणुओं से तैयार किया गया है?
(A) Phytophthora palmivora
(B) Puccinia graminis
(C) Aspergillus niger
(D) Penicillium notatum
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Phytophthora palmivora
व्याख्या: DeVine नींबू के बागों में Morrenia odorata बेल को नियंत्रित करने के लिए Phytophthora palmivora कवक का तरल संरूपण है।
4. किसी सीमित क्षेत्र से किसी खरपतवार प्रजाति के सभी जीवित पौधों, वानस्पतिक अंगों और मिट्टी में दबे सभी सुप्त बीजों को 100% पूर्णतः समाप्त कर देने को क्या कहते हैं?
(A) निवारण (Prevention)
(B) उन्मूलन (Eradication)
(C) सामान्य गुड़ाई
(D) मल्चिंग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (B) उन्मूलन (Eradication)
व्याख्या: किसी क्षेत्र से खरपतवार के बीज और पौधे का 100% समूल विनाश ‘उन्मूलन’ (Eradication) कहलाता है।
5. धान और सोयाबीन के खेत में जॉइंटवेच (Aeschynomene virginica) खरपतवार के नियंत्रण हेतु प्रयुक्त माइको-हर्बिसाइड ‘कॉलेगो’ (Collego) में कौन-सा कवक होता है?
(A) Colletotrichum gloeosporioides f. sp. aeschynomene
(B) Rhizobium japonicum
(C) Azotobacter
(D) Yeast
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Colletotrichum gloeosporioides f. sp. aeschynomene
व्याख्या: Collego कवक Colletotrichum gloeosporioides f. sp. aeschynomene का शुष्क पाउडर संरूपण है।
6. लैंटाना (Lantana camara) के जैविक नियंत्रण के लिए कौन-सा कीट बायो-एजेंट प्रयुक्त किया जाता है?
(A) Teleonemia scrupulosa (लेस बग) एवं Ophiomyia lantanae
(B) Zygogramma bicolorata
(C) Cyrtobagous salviniae
(D) रेशम कीट
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Teleonemia scrupulosa (लेस बग) एवं Ophiomyia lantanae
व्याख्या: लैंटाना के नियंत्रण हेतु लेस बग Teleonemia scrupulosa और सीड फ्लाई Ophiomyia lantanae प्रयुक्त होते हैं।
7. केरल के जलीय निकायों में जलीय फर्न ‘साल्विनिया’ (Salvinia molesta) के सफल जैविक नियंत्रण के लिए किस घुन (Weevil) का उपयोग किया गया?
(A) Cyrtobagous salviniae
(B) Sitophilus oryzae
(C) Trogoderma granarium
(D) नामालूम
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Cyrtobagous salviniae
व्याख्या: Cyrtobagous salviniae घुन साल्विनिया फर्न का अत्यंत विशिष्ट एवं सफल बायो-एजेंट है।
8. नहरों और तालाबों में जलमग्न खरपतवारों के जैविक नियंत्रण के लिए कौन-सी शाकाहारी मछली (Herbivorous fish) पाली जाती है?
(A) व्हाइट अमूर / ग्रास कार्प (Ctenopharyngodon idella)
(B) शार्क
(C) डॉल्फिन
(D) झींगा
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) व्हाइट अमूर / ग्रास कार्प (Ctenopharyngodon idella)
व्याख्या: चीनी ग्रास कार्प (Ctenopharyngodon idella) जलीय खरपतवारों को बड़ी मात्रा में खाकर नहरों को साफ रखती है।
9. अमरबेल (Cuscuta) के नियंत्रण के लिए चीन में विकसित माइको-हर्बिसाइड का नाम क्या है?
(A) Lubao-2 (लुबाओ-2)
(B) DeVine
(C) Bipolaris
(D) BioMal
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) Lubao-2 (लुबाओ-2)
व्याख्या: Lubao-2 (Colletotrichum gloeosporioides f. sp. cuscutae) अमरबेल के नियंत्रण हेतु प्रयुक्त माइको-हर्बिसाइड है।
10. गेहूँ के खेत में गेहूँसा (Phalaris minor) के प्रकोप को बिना शाकनाशी के तोड़ने के लिए रबी ऋतु में सबसे प्रभावी फसल चक्र कौन-सा है?
(A) गेहूँ के स्थान पर 2–3 वर्ष तक बरसीम (Berseem) उगाना
(B) हर साल लगातार गेहूँ ही उगाना
(C) खेत में गेहूँसा के बीज छिटकना
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गेहूँ के स्थान पर 2–3 वर्ष तक बरसीम (Berseem) उगाना
व्याख्या: बरसीम की 4–5 बार कटाई होने से गेहूँसा के पौधे बीज बनने से पहले ही कट जाते हैं और बीज बैंक समाप्त हो जाता है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. गाजर घास का जैविक नियंत्रण मैक्सिकन भृंग ‘Zygogramma bicolorata’ द्वारा और जलकुंभी का ‘Neochetina eichhorniae/bruchi’ द्वारा किया जाता है।
  2. लैंटाना का जैविक नियंत्रण ‘Teleonemia scrupulosa’ से और जलीय फर्न साल्विनिया का ‘Cyrtobagous salviniae’ घुन से होता है।
  3. विश्व का प्रथम व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड ‘DeVine’ (Phytophthora palmivora) तथा दूसरा ‘Collego’ है।
  4. अमरबेल (Cuscuta) के लिए ‘Lubao-2’ और बरू घास के लिए ‘Bipolaris’ माइको-हर्बिसाइड प्रयुक्त होता है।
  5. जलीय खरपतवारों के जैविक नियंत्रण के लिए प्रयुक्त शाकाहारी मछली ‘ग्रास कार्प / व्हाइट अमूर’ (Ctenopharyngodon idella) है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. खरपतवार प्रबंधन के तीन मूलभूत सिद्धांत कौन-से हैं?
उत्तर: (1) रोकथाम / निवारण (Prevention), (2) उन्मूलन (Eradication), और (3) नियंत्रण / प्रबंधन (Control / Management)।
2. गाजर घास और जलकुंभी के एक-एक प्रमुख कीट बायो-एजेंट का वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर: गाजर घास: Zygogramma bicolorata; जलकुंभी: Neochetina eichhorniae (या N. bruchi)।
3. भारत में 1926 में सबसे पहले किस खरपतवार का सफल जैविक नियंत्रण किया गया और किस कीट द्वारा?
उत्तर: नागफनी (Opuntia dillenii) का कोचीनियल स्केल कीट ‘Dactylopius tomentosus’ द्वारा।
4. ‘DeVine’ और ‘Collego’ क्या हैं?
उत्तर: ये कवक बीजाणुओं से निर्मित व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड (जैव-शाकनाशी) हैं।
5. नहरों में जलीय खरपतवार साफ करने की दो यांत्रिक विधियों—ड्रेजिंग (Dredging) और चैनिंग (Chaining)—का अर्थ लिखिए।
उत्तर: तली से कीचड़ व जड़ सहित जलीय खरपतवार खींचकर निकालना ‘ड्रेजिंग’ है और दो ट्रैक्टरों के बीच भारी जंजीर बाँधकर नहर के तल में खींचना ‘चैनिंग’ है।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. खरपतवार प्रबंधन में रोकथाम (Prevention), उन्मूलन (Eradication) और नियंत्रण (Control) के सिद्धांतों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: (1) रोकथाम (Prevention): नए क्षेत्र या खेत में खरपतवार के प्रवेश व प्रसार को रोकना (जैसे प्रमाणित बीज, सड़ी गोबर खाद, यंत्र सफाई व संगरोध कानून)। (2) उन्मूलन (Eradication): किसी सीमित क्षेत्र से खरपतवार के सभी जीवित पौधों, कंदों और मिट्टी में दबे सुप्त बीजों का 100% समूल विनाश करना (नए विदेशी/परजीवी खरपतवार पैच पर प्रयुक्त)। (3) नियंत्रण (Control): खरपतवारों की संख्या को आर्थिक दहलीज स्तर से नीचे रखना ताकि फसल उपज में हानि न हो।
2. खरपतवार नियंत्रण की कर्षण / सस्य विधियों (Cultural methods) का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर: सस्य विधियाँ बिना अतिरिक्त खर्च के फसल को खरपतवारों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती हैं: (1) फसल चक्र: जैसे गेहूँसा नियंत्रण हेतु धान-बरसीम चक्र; (2) अंतःफसल व स्मदर फसलें: मक्का/ज्वार के बीच लोबिया या मूंग उगाना; (3) स्टेल सीडबेड: बुवाई पूर्व सिंचाई कर उगे खरपतवार नष्ट करना; (4) बुवाई समय व पौध घनत्व: गेहूँ की अगेती व संकरी कतार बुवाई; और (5) उर्वरकों का बैंड प्लेसमेंट व ड्रिप सिंचाई।
3. जैविक खरपतवार नियंत्रण (Biological weed control) क्या है? इसके लाभ और सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: खरपतवारों की संख्या को कम करने के लिए उनके प्राकृतिक शत्रुओं (परपोषी-विशिष्ट कीट, कवक, शाकाहारी मछली) का जानबूझकर उपयोग करना जैविक नियंत्रण कहलाता है। लाभ: यह पर्यावरण-अनुकूल व प्रदूषण-मुक्त है, इसमें एक बार कीट स्थापित होने पर स्वयं गुणन (Self-perpetuating) होता है और बंजर/जलीय क्षेत्रों में सस्ता पड़ता है। सीमाएँ: इसकी क्रिया धीमी होती है, खड़ी फसल में तुरंत नियंत्रण नहीं देता और कई प्रकार के मिश्रित खरपतवारों को एक साथ नहीं मार सकता।
4. माइको-हर्बिसाइड (Mycoherbicide) क्या हैं? किन्हीं पाँच व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड्स के नाम, उनके कवक और लक्षित खरपतवार लिखिए।
उत्तर: पादप रोगजनक कवकों के बीजाणुओं के व्यावसायिक संरूपण जिन्हें शाकनाशी की तरह छिड़का जाता है, माइको-हर्बिसाइड कहलाते हैं: (1) DeVine (Phytophthora palmivora) — मिल्कवीड वाइन हेतु; (2) Collego (Colletotrichum gloeosporioides f.sp. aeschynomene) — जॉइंटवेच हेतु; (3) BioMal (C. gloeosporioides f.sp. malvae) — मालवा हेतु; (4) Lubao-2 — अमरबेल (Cuscuta) हेतु; और (5) Bipolaris (Bipolaris sorghicola) — बरू घास (Sorghum halepense) हेतु।
5. बहुवर्षीय खरपतवारों के नियंत्रण में ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, फ्लडिंग (Flooding) और मृदा सौरीकरण किस प्रकार कार्य करते हैं?
उत्तर: ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई से मोथा, दूब और काँस के भूमिगत कंद व प्रकंद उखड़कर मई-जून की तेज धूप में सूखकर मर जाते हैं। फ्लडिंग में खेत में 15–30 cm गहरा पानी 3–6 सप्ताह भरने से जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिलती (Asphyxiation) और हिरणखुरी व मोथा मर जाते हैं। मृदा सौरीकरण में गीली मिट्टी को 4–6 सप्ताह पारदर्शी पॉलीथीन से ढकने पर उच्च ताप से खरपतवार बीज नष्ट हो जाते हैं।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. खरपतवार प्रबंधन के तीनों सिद्धांतों (Prevention, Eradication, Control) को स्पष्ट करते हुए खरपतवार नियंत्रण की भौतिक/यांत्रिक और कर्षण/सस्य विधियों (Physical and Cultural methods) का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तीनों सिद्धांतों की व्याख्या करें, तत्पश्चात 7 भौतिक विधियों (Hand weeding, Hoeing, Summer deep tillage, Mowing, Flooding, Mulching, Soil solarization, Dredging/Chaining) और 6 सस्य विधियों (Crop rotation, Intercropping/Smothering, Stale seedbed, Spacing/Density, Band fertilizer, Drip irrigation) का पूर्ण विवरण लिखें।
2. जैविक खरपतवार नियंत्रण (Biological Weed Control) पर एक विस्तृत निबंध लिखिए, जिसमें शास्त्रीय कीट बायो-एजेंट्स (गाजर घास, जलकुंभी, लैंटाना, साल्विनिया व नागफनी के उदाहरण) और व्यावसायिक माइको-हर्बिसाइड्स (DeVine, Collego, BioMal, Lubao-2, Bipolaris) की सारणीबद्ध व्याख्या हो।
उत्तर रूपरेखा: शास्त्रीय (Inoculative) बनाम बायो-हर्बिसाइड (Inundative) उपागम का अंतर बताते हुए सारणी 5.1 के सभी कीट बायो-एजेंट्स और माइको-हर्बिसाइड्स के वैज्ञानिक नाम, लक्षित खरपतवार, गुण-दोष और परपोषी-विशिष्टता परीक्षण का विस्तार से वर्णन करें।
3. निवारक उपाय (Preventive measures) खरपतवार प्रबंधन की सबसे सस्ती और बुनियादी कड़ी क्यों हैं? खेत में खरपतवारों के प्रवेश और प्रसार को रोकने के लिए किसानों और सरकार को कौन-से कदम उठाने चाहिए?
उत्तर रूपरेखा: प्रमाणित बीज उपयोग, पूर्ण सड़ी गोबर खाद/वर्मीकंपोस्ट, सिंचाई नालियों व मेड़ों की सफाई, कंबाइन हार्वेस्टर की सफाई, बीज प्रमाणीकरण मानक और पादप संगरोध अधिनियम (Plant Quarantine Act) की भूमिका की विवेचना करें।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGRON 311 notes।

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