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AGENGG 311 Lecture 06: ब्रिकेटिंग की अवधारणा एवं ब्रिकेटिंग मशीनों से परिचय | Hindi Notes

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AGENGG 311 · Renewable Energy in Agriculture
विषय सूची · Quick Navigation02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
Lecture 06 Source Page Reference in Supplied Pack: 124 (ICAR Theory Lecture 06 – 1 Lecture Weightage)

Lecture 06: ब्रिकेटिंग की अवधारणा एवं ब्रिकेटिंग मशीनों से परिचय

Concept of briquetting and familiarization with briquetting machines

02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. ब्रिकेटिंग (Briquetting / Densification) की अवधारणा, आवश्यकता और प्रमुख लाभों को समझना।
  2. प्रमुख कृषि अवशेषों—मूंगफली के छिलके (4000 kcal/kg), धान की भूसी (3500 kcal/kg) और जूट अपशिष्ट (4500 kcal/kg)—के कैलोरी मान को जानना।
  3. ब्रिकेट निर्माण में हैमर मिल (Hammer mill), दाब वर्गीकरण (<5 MPa, 5–100 MPa, >100 MPa) तथा प्राकृतिक बाइंडर ‘लिग्निन’ (>140°C से 280°C पर प्लास्टिसिटी) के संहनन तंत्र (Compaction mechanism) को समझना।
  4. शक्ति स्रोत के आधार पर हस्त-चालित (5 kg/hr), बैल-चालित (100 kg/day) और शक्ति-चालित (400–4000 kg/day) ब्रिकेटिंग मशीनों को जानना।
  5. यांत्रिक व हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Piston Press), स्क्रू एक्सट्रूजन मशीन (Screw Compaction) और रोलर प्रेस (Roller Type Briquetting Machine) की कार्यप्रणाली व विशेषताओं की तुलना करना।

03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): कृषि अपशिष्टों (जैसे धान की भूसी, लकड़ी का बुरादा, मूंगफली के छिलके, सरसों की तूड़ी आदि) का थोक घनत्व (Bulk density) बहुत कम होता है, जिसके कारण उन्हें सीधे जलाना, परिवहन करना और भंडारण करना कठिन व खर्चीला होता है। ब्रिकेटिंग प्रक्रिया (Briquetting Process) कृषि अपशिष्टों को एकसमान आकार के ठोस ब्लॉकों या ब्रिकेट्स (Briquettes) में परिवर्तित करने की तकनीक है जिनका उपयोग, परिवहन और भंडारण आसान होता है।

ब्रिकेटिंग का मूल विचार उन सामग्रियों का उपयोग करना है जो कम घनत्व (Lack of density) के कारण अनुपयोगी रह जाती हैं, और उन्हें उच्च दाब पर संपीड़ित (Compressing) करके सुविधाजनक आकार के ठोस ईंधन (Solid fuel – जिन्हें ‘White Coal’ भी कहा जाता है) में बदलना है, जिसे लकड़ी या चारकोल की तरह आसानी से जलाया जा सके।

04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

ब्रिकेटिंग (Briquetting)
कम घनत्व वाले ढीले कृषि अपशिष्टों या बायोमास पाउडर को उच्च दाब (बाइंडर के साथ या बिना बाइंडर के) द्वारा संपीड़ित करके एकसमान एवं उच्च घनत्व वाले ठोस ईंधन ब्लॉकों (Briquettes) में बदलने की सघनीकरण (Densification) प्रक्रिया।
किंडलिंग (Kindling)
आग जलाने या प्रारंभ करने (Starting a fire) के लिए उपयोग किए जाने वाले लकड़ी के पतले और छोटे टुकड़े।
हैमर मिल (Hammer Mill)
वह मशीन जिसका उद्देश्य बड़े या असमान आकार के कृषि अपशिष्टों व सामग्री को कुचलकर या टुकड़े-टुकड़े करके (Shred or crush) छोटे एवं एकसमान कणों में बदलना है ताकि ब्रिकेटिंग आसानी से हो सके।
लिग्निन बंधन (Lignin Binding)
बायोमास में उपस्थित लिग्निन (25%) एक प्राकृतिक बाइंडर (Natural binder) का कार्य करता है; उच्च दाब और बढ़े हुए तापमान (>140°C) पर लिग्निन पिघलता है और कणों के बीच ठोस सेतु (Solid bridges) बनाकर मजबूत ब्रिकेट का निर्माण करता है।
पैलेट प्रेस (Pellet Press)
वह सघनीकरण मशीन जो बायोमास को छोटे बेलनाकार पैलेट्स (10 से 30 mm आकार) के रूप में संपीड़ित करती है।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. प्रमुख बायोमास अवशेषों का कैलोरी मान (Calorific Value of Biomass Residues)

  • जूट अपशिष्ट (Jute waste): 4500 kcal/kg
  • मूंगफली के छिलके (Groundnut shells): 4000 kcal/kg
  • धान की भूसी (Rice husk): 3500 kcal/kg

2. ब्रिकेटिंग क्यों आवश्यक है? (Why Briquetting? — Key Advantages)

बायोमास ब्रिकेट्स निम्नलिखित प्रकार से सहायता करते हैं:

  1. भट्टी में ईंधन भरने में आसानी (Ease of charging the furnace)
  2. कैलोरी मान में वृद्धि (Increased calorific value per unit volume)
  3. उन्नत दहन विशेषताएँ (Improved combustion characteristics) — एकसमान व स्थिर ज्वाला।
  4. उड़ने वाले कणिकीय उत्सर्जन में कमी (Reduced entrained particulate emissions / fly ash)
  5. एकसमान आकार और आकृति (Uniform size and shape) — परिवहन व भंडारण में सुगम।
  6. अन्य ठोस ईंधन (जैसे कोयला या लकड़ी) उपयोग करने वाली भट्टियाँ सीधे ब्रिकेट्स का भी उपयोग कर सकती हैं।

3. संहनन एवं लिग्निन बंधन का वैज्ञानिक तंत्र (Compaction Mechanism & Role of Lignin)

  • जब बायोमास फीड सेक्शन से प्रवेश करता है, तो वह थोड़ा संपीड़ित होता है। टेपरिंग बैरल (Tapering barrel) द्वारा निर्मित संपीड़न क्षेत्र (Compression zone) में बैरल की दीवार और बायोमास कणों के बीच घर्षण (Friction) तथा उच्च घूर्णन गति (~ 600 rpm) के कारण तापमान बढ़कर 200°C – 250°C हो जाता है।
  • उच्च तापमान और दाब बायोमास को नरम कर उसे प्लास्टिक (Pseudo-plastic) बना देते हैं और कण आपस में दबकर अंतरा-आणविक बल (Intermolecular forces) बढ़ाते हैं।
  • इस प्रक्रिया में बायोमास में मौजूद लिग्निन (Lignin) एक प्राकृतिक बाइंडर (Natural binder) की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 140°C से अधिक तापमान (>140°C) और उच्च दाब पर लिग्निन पिघल जाता है और ठंडा होने पर कणों के बीच ठोस पुल (Solid bridges) बनाता है।
  • अंत में, टेपर्ड डाई (Tapered die) में तापमान बढ़कर 280°C तक पहुँच जाता है, भाप (Steam) बाहर निकल जाती है और एकसमान उच्च घनत्व वाला ब्रिकेट बाहर निकलता है। (नोट: कोयला या चारकोल जैसे लिग्निन-रहित पदार्थों की ब्रिकेटिंग में बाहरी बाइंडर जैसे शीरा, स्टार्च या मिट्टी की आवश्यकता हमेशा पड़ती है)।

4. विभिन्न प्रकार की ब्रिकेटिंग मशीनों से परिचय (Familiarization with Briquetting Machines)

1. पिस्टन-रैम प्रेस प्रकार (Piston-Ram Press Type)

सिद्धांत: इसमें यांत्रिक फ्लाईव्हील या हाइड्रोलिक सिलेंडर के थ्रस्ट से पिस्टन (या प्लंजर) फॉर्मिंग स्लीव (Forming sleeve/Conic die) में आगे-पीछे (Reciprocate) गति करता है और घर्षण ऊष्मा से लिग्निन को पिघलाकर ब्रिकेट बनाता है। ब्रिकेट्स का घनत्व सामान्यतः 900 से 1300 kg/m³ होता है। इसमें स्क्रू प्रेस की तुलना में कम बिजली लगती है और यह बड़े कणों व अधिक नमी को बिना बाइंडर के संभाल सकता है। इसके दो उप-प्रकार हैं:
• (a) यांत्रिक पिस्टन प्रेस (Mechanical Piston Press): बड़े पैमाने पर उत्पादन (200 से 2,500 kg/hr) हेतु प्रयुक्त। यह एक एक्सेंट्रिक प्रेस (Eccentric press) के रूप में विद्युत मोटर से चलता है। इसकी परिचालन आयु (Operating life) और निवेश पर प्रतिफल (ROI) हाइड्रोलिक प्रेस से काफी अधिक होता है। अधिकतम स्वीकार्य नमी: 15%।
• (b) हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Hydraulic Piston Press): इसमें ऊर्जा उच्च-दाब हाइड्रोलिक सिस्टम के माध्यम से पिस्टन को मिलती है। सिलेंडर की गति धीमी होने से इसका उत्पादन कम होता है और सीमित दाब के कारण ब्रिकेट का बल्क घनत्व 1000 kg/m³ से कम (<1000 kg/m³) होता है। परंतु यह 15% से अधिक नमी (Higher moisture content) को भी सहन कर सकता है और लंबे समय तक दाब बनाए रखकर सामग्री के रिबाउंड (Deformation rebound) को रोकता है।

2. स्क्रू कॉम्पैक्शन या एक्सट्रूजन मशीन (Screw Press Type)

सिद्धांत: स्क्रू प्रकार की ब्रिकेट मशीन कच्चे माल को दबाने के लिए एक घूमने वाले ऑगर या स्क्रू (Rotating screw / Auger, ~600 rpm) का उपयोग करती है। सामग्री फीड पोर्ट से बैरल में आती है और एक टेपर्ड डाई (Tapered die) के विरुद्ध बाहर निकाली (Extrude) जाती है।
हीटिंग सिस्टम: बायोमास को छद्म-प्लास्टिक (Pseudo-plastic) बनाने और लिग्निन (>140°C) को पिघलाने के लिए डाई को बाहर से भी गर्म (200°C–280°C) किया जाता है। इसके ब्रिकेट्स के केंद्र में प्रायः एक समअक्षीय छिद्र (Concentric hole) होता है जो दहन को और बेहतर बनाता है।

3. रोलर प्रकार की ब्रिकेटिंग मशीन (Roller Type Briquetting Machine)

सिद्धांत: रोलर प्रेस दो पास-पास घूमने वाले रोलर्स (Two close rotating rollers) के साथ कार्य करती है जो समान गति से परंतु विपरीत दिशा में (Same speed but opposite direction) घूमते हैं।
कार्यप्रणाली: समान चौड़ाई और व्यास वाले दोनों रोलर्स की सतह पर साँचे या गड्ढे (Holes/Pockets) बने होते हैं। जब दोनों रोलर घूमते हैं, तो मध्य रेखा के प्रतिच्छेदन (Intersection of midline) पर दोनों रोलर्स के गड्ढे एक-दूसरे से मिलते (Coincide) हैं और सामग्री दबकर तकिए के आकार (Pillow-shaped) के ब्रिकेट में ढल जाती है। कम दाब के लिए वेज आयरन (Wedge iron) और उच्च दाब पर स्थिर कार्य के लिए हाइड्रोलिक पंप स्टेशन का उपयोग रोलर को सहारा देने हेतु किया जाता है।

4. हस्त एवं पशु चालित ब्रिकेटिंग मशीनें (Hand & Bullock Operated Presses)

• हस्त-चालित प्रेस (Hand operated press): क्षमता 5 kg/hr अथवा 25–50 kg/day (कम लागत वाली ग्रामीण मशीन)।
• बैल-चालित प्रेस (Bullock operated press): एकल बैल से 100 kg/day।
• शक्ति-चालित प्रेस (Power operated press): 400 से 4000 kg/day (पिस्टन-रैम, स्क्रू प्रेस एवं 10–30 mm आकार की पैलेट प्रेस)।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

ब्रिकेटिंग (सघनीकरण) मशीनों का वर्गीकरण (Classification of Machines for Densification):

  1. प्रयुक्त दाब के आधार पर (On the basis of Pressure — 3 Groups):
    • (i) निम्न दाब मशीनें (Low Pressure): < 5 MPa (इसमें बाइंडर की आवश्यकता होती है)।
    • (ii) मध्यम दाब मशीनें (Intermediate Pressure): 5 – 100 MPa (प्रायः हीटिंग या बाइंडर के साथ)।
    • (iii) उच्च दाब मशीनें (High Pressure): > 100 MPa (बिना किसी बाहरी बाइंडर के, स्वयं के लिग्निन के पिघलने से बंधन)।
  2. शक्ति स्रोत एवं यांत्रिकी के आधार पर:
    • हस्त-चालित प्रेस (5 kg/hr या 25–50 kg/day)
    • बैल-चालित प्रेस (एकल बैल: 100 kg/day)
    • शक्ति-चालित प्रेस (400–4000 kg/day): (a) पिस्टन-रैम प्रेस (यांत्रिक व हाइड्रोलिक), (b) स्क्रू-प्रेस, (c) रोलर-प्रेस, और (d) पैलेट-प्रेस (10–30 mm आकार)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)

  • सघनीकरण एवं थर्मो-प्लास्टिसिटी का सिद्धांत (Principle of Densification & Thermo-plasticity): ढीले बायोमास (घनत्व 80–150 kg/m³) पर उच्च यांत्रिक दाब और घर्षण ताप (200–280°C) लगाने पर कोशिकीय संरचना दबती है और 140°C से ऊपर लिग्निन का काँच संक्रमण (Glass transition / melting) होता है, जो कणों को जोड़कर घनत्व को 900–1300 kg/m³ तक बढ़ा देता है।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक उदाहरण: धान की भूसी एवं लकड़ी के बुरादे से ब्रिकेट निर्माण

चावल मिलों से निकलने वाली धान की भूसी (Rice husk, CV: 3500 kcal/kg) या आरा मशीनों के बुरादे (Sawdust) को पहले हैमर मिल (Hammer mill) में पीसकर एकसमान कणों में बदला जाता है। तत्पश्चात इसे यांत्रिक पिस्टन प्रेस (200–2500 kg/hr) या स्क्रू एक्सट्रूडर (~600 rpm, डाई ताप 280°C) में बिना किसी बाहरी गोंद/बाइंडर के दबाया जाता है, जिससे 900–1300 kg/m³ घनत्व वाले बेलनाकार ब्रिकेट्स तैयार होते हैं जो औद्योगिक बॉयलरों में कोयले का स्थान लेते हैं।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 6.1: यांत्रिक पिस्टन प्रेस बनाम हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस बनाम स्क्रू एक्सट्रूडर
तुलना का बिंदु (Feature) यांत्रिक पिस्टन प्रेस (Mechanical Piston) हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Hydraulic Piston) स्क्रू एक्सट्रूडर (Screw Compaction)
ड्राइव तंत्र (Drive Mechanism) विद्युत मोटर चालित घूर्णी एक्सेंट्रिक और फ्लाईव्हील प्लंजर। विद्युत मोटर व उच्च-दाब हाइड्रोलिक सिलेंडर। घूमने वाला टेपर्ड स्क्रू/ऑगर (~600 rpm) व बाह्य हीटेड डाई।
उत्पादन क्षमता (Output) उच्च (200 से 2,500 kg/hr)। कम (सिलेंडर की गति धीमी होने के कारण)। मध्यम से उच्च तथा निरंतर एक्सट्रूजन।
ब्रिकेट घनत्व (Bulk Density) उच्च (900 – 1300 kg/m³)। अपेक्षाकृत कम (< 1000 kg/m³)। अत्यंत उच्च व एकसमान (1000 – 1400 kg/m³)।
नमी सहनशीलता (Moisture Tolerance) अधिकतम 15% नमी स्वीकार्य। 15% से अधिक नमी भी सहन कर सकता है। कम नमी (8–12%) एवं छोटे कण आकार की आवश्यकता।
परिचालन आयु व ROI लंबी परिचालन आयु और उच्च ROI। तुलनात्मक रूप से कम आयु व कम ROI। स्क्रू में घिसाव (Wear) अधिक, पर ब्रिकेट गुणवत्ता सर्वोत्तम।

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)

महत्वपूर्ण तकनीकी मान एवं विनिर्देश (Technical Specifications & Values)
  • कृषि अपशेषों का कैलोरी मान: जूट अपशिष्ट = 4500 kcal/kg  |  मूंगफली छिलका = 4000 kcal/kg  |  धान की भूसी = 3500 kcal/kg
  • दाब आधारित वर्गीकरण: Low Pressure <5 MPa  |  Intermediate Pressure 5–100 MPa  |  High Pressure >100 MPa
  • मशीन क्षमताएँ: Hand operated = 5 kg/hr (25–50 kg/day)  |  Single Bullock = 100 kg/day  |  Power operated = 400–4000 kg/day
  • तापीय मानक (Screw Press): स्क्रू गति ≈600 rpm  |  लिग्निन पिघलने का ताप >140∘C  |  बैरल ताप 200–250∘C  |  टेपर्ड डाई ताप 280∘C
  • पैलेट आकार (Pellet Size): 10 से 30 mm  |  पिस्टन प्रेस ब्रिकेट घनत्व: 900 से 1300 kg/m3

11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 06 Mind Map: बायोमास ब्रिकेटिंग की अवधारणा एवं मशीनों का वर्गीकरण
  • बायोमास ब्रिकेटिंग (Densification: कम घनत्व अपशिष्ट ➔ उच्च घनत्व ठोस ईंधन ब्लॉक)
    • कच्चा माल एवं कैलोरी मान (Feedstock & CV)
      • जूट अपशिष्ट: 4500 kcal/kg | मूंगफली छिलका: 4000 kcal/kg | धान की भूसी: 3500 kcal/kg
      • प्रारंभिक तैयारी: हैमर मिल (Hammer Mill) द्वारा कणों को कुचलना + लिग्निन (>140°C पर प्राकृतिक बाइंडर)
    • दाब एवं शक्ति आधारित वर्गीकरण (Classification)
      • दाब के अनुसार: निम्न दाब (<5 MPa), मध्यम दाब (5–100 MPa), उच्च दाब (>100 MPa)
      • शक्ति के अनुसार: हस्त-चालित (5 kg/hr या 25-50 kg/day), बैल-चालित (100 kg/day), शक्ति-चालित (400-4000 kg/day)
    • ब्रिकेटिंग मशीनों के प्रकार (Types of Briquetting Machines)
      • पिस्टन प्रेस (900-1300 kg/m³): यांत्रिक एक्सेंट्रिक प्रेस (200-2500 kg/hr, ≤15% नमी) एवं हाइड्रोलिक प्रेस (<1000 kg/m³, >15% नमी सहनशील)
      • स्क्रू एक्सट्रूडर: घूर्णी ऑगर (~600 rpm), बैरल ताप 200-250°C, टेपर्ड डाई ताप 280°C, समरूप सघन ब्रिकेट
      • रोलर प्रेस एवं पैलेट प्रेस: विपरीत घूमने वाले छिद्रित रोलर्स | पैलेट प्रेस (10–30 mm आकार)

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): कृषि अपशिष्ट से बायोमास ब्रिकेट निर्माण की चरणबद्ध प्रक्रिया
1. कृषि अवशेष संग्रहण
(भूसी, छिलके, बुरादा)
➔ 2. हैमर मिल (Hammer Mill)
(कुचलकर छोटा व समरूप कण बनाना)
➔ 3. नमी नियंत्रण / प्री-हीटिंग
(~10-15% नमी; कोयले में बाइंडर मिलाना)
➔ 4. उच्च दाब संपीड़न व ताप
(>140°C से 280°C पर लिग्निन पिघलना)
➔ 5. डाई से निष्कासन व शीतलन
(900–1300 kg/m³ ठोस ब्रिकेट तैयार)

13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • तीनों प्रमुख बायोमास के कैलोरी मान याद रखें: धान की भूसी (Rice husk) = 3500 kcal/kg, मूंगफली के छिलके (Groundnut shells) = 4000 kcal/kg, और जूट अपशिष्ट (Jute waste) = 4500 kcal/kg।
  • बायोमास में मौजूद ‘लिग्निन’ (Lignin) एक प्राकृतिक बाइंडर (Natural binder) का कार्य करता है जो 140°C से अधिक तापमान (>140°C) और उच्च दाब पर पिघलकर कणों को जोड़ता है।
  • दाब के आधार पर सघनीकरण मशीनों के 3 वर्ग: निम्न दाब (<5 MPa), मध्यम दाब (5–100 MPa) और उच्च दाब (>100 MPa)।
  • हस्त-चालित ब्रिकेटिंग मशीन की क्षमता 5 kg/hr (25–50 kg/day) और एकल बैल-चालित मशीन की क्षमता 100 kg/day होती है।
  • यांत्रिक पिस्टन प्रेस अधिकतम 15% नमी सहन करता है (घनत्व 900–1300 kg/m³), जबकि हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस 15% से अधिक नमी भी सहन कर सकता है (घनत्व <1000 kg/m³)।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)

  • ब्रिकेटिंग: कम घनत्व वाले कृषि अपशिष्टों को उच्च दाब पर संपीड़ित कर ठोस ईंधन ब्लॉक बनाना।
  • हैमर मिल (Hammer Mill): बड़े टुकड़ों को कुचलकर (Shred or crush) छोटे कणों में बदलने वाली मशीन।
  • किंडलिंग (Kindling): आग शुरू करने के लिए प्रयुक्त लकड़ी के पतले छोटे टुकड़े।
  • स्क्रू एक्सट्रूडर तापमान: घूर्णन गति ~600 rpm; संपीड़न जोन तापमान 200–250°C; टेपर्ड डाई तापमान 280°C।

15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)

1. मूंगफली के छिलके (Groundnut shells) और धान की भूसी (Rice husk) का कैलोरी मान क्रमशः कितना होता है?
(A) 3500 kcal/kg और 4000 kcal/kg
(B) 4000 kcal/kg और 3500 kcal/kg
(C) 4500 kcal/kg और 2000 kcal/kg
(D) 2093 kcal/kg और 4978 kcal/kg
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 4000 kcal/kg और 3500 kcal/kg
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): मूंगफली के छिलके का कैलोरी मान 4000 kcal/kg, धान की भूसी का 3500 kcal/kg और जूट अपशिष्ट का 4500 kcal/kg होता है।
2. उच्च दाब और तापमान (>140°C) पर बायोमास ब्रिकेटिंग में कौन-सा पादप घटक पिघलकर एक ‘प्राकृतिक बाइंडर’ (Natural binder) का कार्य करता है?
(A) स्टार्च
(B) लिग्निन (Lignin)
(C) क्लोरोफिल
(D) प्रोटीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) लिग्निन (Lignin)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): 140°C से अधिक तापमान और उच्च दाब पर बायोमास में मौजूद लिग्निन पिघलता है और कणों के बीच ठोस पुल बनाकर प्राकृतिक बाइंडर का काम करता है।
3. दाब के आधार पर उच्च-दाब सघनीकरण मशीनों (High pressure densification machines) का दाब परास क्या होता है?
(A) < 5 MPa
(B) 5 – 50 MPa
(C) 5 – 100 MPa
(D) > 100 MPa
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (D) > 100 MPa
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): निम्न दाब: <5 MPa, मध्यम दाब: 5–100 MPa तथा उच्च दाब: >100 MPa।
4. हस्त-चालित (Hand operated) और एकल बैल-चालित (Bullock operated) ब्रिकेटिंग प्रेस की दैनिक क्षमता क्रमशः कितनी होती है?
(A) 25–50 kg/day और 100 kg/day
(B) 100 kg/day और 500 kg/day
(C) 400 kg/day और 4000 kg/day
(D) 1 kg/day और 10 kg/day
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (A) 25–50 kg/day और 100 kg/day
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): हस्त-चालित प्रेस की क्षमता 5 kg/hr (या 25-50 kg/day) और एकल बैल-चालित प्रेस की क्षमता 100 kg/day होती है।
5. बड़े आकार के कृषि अपशिष्टों को कुचलकर या टुकड़े कर (Shred or crush) छोटे कणों में बदलने के लिए किस मशीन का उपयोग किया जाता है?
(A) विनोअर (Winnower)
(B) हैमर मिल (Hammer Mill)
(C) सीड ड्रिल
(D) पेनस्टॉक
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) हैमर मिल (Hammer Mill)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): हैमर मिल का उद्देश्य बड़े एग्रीगेट पदार्थों को कुचलकर छोटे कणों में बदलना है।
6. पिस्टन प्रेस (Piston press) द्वारा निर्मित बायोमास ब्रिकेट्स का सामान्य घनत्व (Density) कितना होता है?
(A) 100 – 200 kg/m³
(B) 400 – 500 kg/m³
(C) 900 – 1300 kg/m³
(D) 2500 – 3000 kg/m³
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (C) 900 – 1300 kg/m³
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): पिस्टन प्रेस से बने ब्रिकेट्स का घनत्व सामान्यतः 900 से 1300 kg/m³ के बीच होता है।
7. स्क्रू एक्सट्रूजन ब्रिकेटिंग मशीन के संपीड़न क्षेत्र और टेपर्ड डाई (Tapered die) में तापमान क्रमशः कहाँ तक पहुँच जाता है?
(A) 40–50°C और 70°C
(B) 200–250°C और 280°C
(C) 600°C और 900°C
(D) 1000°C और 1200°C
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 200–250°C और 280°C
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): ~600 rpm घर्षण से संपीड़न जोन में तापमान 200–250°C और अंत में टेपर्ड डाई में 280°C तक बढ़ जाता है जिससे भाप निकलती है और लिग्निन जुड़ता है।
8. कौन-सी ब्रिकेटिंग मशीन सामान्यतः स्वीकार्य 15% से अधिक नमी (Higher moisture content) वाले बायोमास को भी सहन कर सकती है?
(A) यांत्रिक पिस्टन प्रेस
(B) हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Hydraulic piston press)
(C) स्क्रू एक्सट्रूडर
(D) पैलेट मिल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Hydraulic piston press)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस की गति धीमी और घनत्व <1000 kg/m³ होता है, किंतु यह यांत्रिक प्रेस के 15% मानक से अधिक नमी को सहन कर सकता है।
9. पैलेट-प्रेस (Pellet-press) मशीन द्वारा बनाए जाने वाले पैलेट्स का मानक आकार क्या होता है?
(A) 1 – 2 mm
(B) 10 – 30 mm
(C) 100 – 200 mm
(D) 500 mm
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 10 – 30 mm
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): पैलेट-प्रेस प्रकार की मशीन 10 से 30 mm आकार के पैलेट्स बनाती है।
10. आग शुरू करने के लिए उपयोग किए जाने वाले लकड़ी के पतले छोटे टुकड़ों के लिए किस तकनीकी शब्द का प्रयोग किया जाता है?
(A) स्लैगिंग (Slagging)
(B) किंडलिंग (Kindling)
(C) फाउलिंग (Fouling)
(D) सीडिंग (Seeding)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) किंडलिंग (Kindling)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): आग शुरू करने (Starting a fire) के लिए प्रयुक्त लकड़ी के पतले छोटे टुकड़ों को ‘किंडलिंग’ (Kindling) कहते हैं।

16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)

  1. धान की भूसी का कैलोरी मान 3500 kcal/kg, मूंगफली के छिलके का 4000 kcal/kg और जूट अपशिष्ट का 4500 kcal/kg होता है।
  2. बायोमास में उपस्थित ‘लिग्निन’ 140°C से अधिक तापमान पर पिघलकर ब्रिकेटिंग में प्राकृतिक बाइंडर (Natural binder) का कार्य करता है।
  3. हस्त-चालित ब्रिकेट प्रेस की क्षमता 5 kg/hr (25–50 kg/day) और एकल बैल-चालित प्रेस की क्षमता 100 kg/day होती है।
  4. पिस्टन प्रेस से निर्मित ब्रिकेट्स का घनत्व 900 से 1300 kg/m³ होता है तथा पैलेट प्रेस के पैलेट्स का आकार 10–30 mm होता है।
  5. दाब के आधार पर ब्रिकेटिंग मशीनें निम्न दाब (<5 MPa), मध्यम दाब (5–100 MPa) और उच्च दाब (>100 MPa) में वर्गीकृत हैं।

(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)

1. जूट अपशिष्ट (Jute waste) का कैलोरी मान कितना होता है?
उत्तर: 4500 kcal/kg।
2. शक्ति-चालित (Power operated) ब्रिकेटिंग प्रेस की दैनिक उत्पादन क्षमता कितनी होती है?
उत्तर: 400 से 4000 किलोग्राम प्रतिदिन (यांत्रिक पिस्टन प्रेस की 200 से 2,500 kg/hr)।
3. रोलर प्रकार की ब्रिकेटिंग मशीन में दोनों रोलर किस प्रकार घूमते हैं?
उत्तर: दोनों रोलर समान गति से किंतु एक-दूसरे की विपरीत दिशा (Same speed but opposite direction) में घूमते हैं।
4. कोयला या चारकोल का स्क्रू मशीन से ब्रिकेट बनाते समय बाहरी बाइंडर की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर: क्योंकि कोयला और चारकोल में प्राकृतिक बाइंडर ‘लिग्निन’ (Lignin) नहीं पाया जाता।
5. मध्यम दाब (Intermediate pressure) सघनीकरण मशीनों का दाब परास क्या है?
उत्तर: 5 से 100 MPa (मेगा पास्कल)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)

1. बायोमास ब्रिकेटिंग (Briquetting) क्या है? इसके पाँच प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर: ब्रिकेटिंग कम घनत्व वाले कृषि अपशिष्टों को संपीड़ित करके एकसमान आकार के ठोस ईंधन ब्लॉकों (ब्रिकेट्स) में बदलने की प्रक्रिया है। इसके 5 लाभ हैं: (1) भट्टी में ईंधन चार्ज करने में आसानी, (2) बढ़े हुए कैलोरी मान की प्राप्ति, (3) उन्नत दहन विशेषताएँ, (4) कणिकीय उत्सर्जन (धुआँ व राख) में कमी, और (5) एकसमान आकार होने से परिवहन व भंडारण में सुगमता।
2. यांत्रिक पिस्टन प्रेस (Mechanical Piston Press) और हाइड्रोलिक पिस्टन प्रेस (Hydraulic Piston Press) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यांत्रिक पिस्टन प्रेस इलेक्ट्रिक मोटर और घूमने वाले एक्सेंट्रिक प्लंजर से चलता है; इसकी उत्पादन क्षमता उच्च (200–2500 kg/hr), ब्रिकेट घनत्व 900–1300 kg/m³, आयु लंबी और स्वीकार्य नमी ≤15% होती है। जबकि हाइड्रोलिक प्रेस हाइड्रोलिक सिलेंडर से चलता है; इसकी गति धीमी व घनत्व <1000 kg/m³ होता है, परंतु यह 15% से अधिक नमी सहन कर सकता है और सामग्री के रिबाउंड को रोकता है।
3. स्क्रू एक्सट्रूजन ब्रिकेटिंग मशीन में संहनन तंत्र (Compaction mechanism) और लिग्निन की भूमिका समझाइए।
उत्तर: स्क्रू मशीन में बायोमास टेपरिंग बैरल में ~600 rpm पर घूमने वाले ऑगर द्वारा आगे धकेला जाता है। घर्षण से तापमान 200–250°C तक बढ़ता है जिससे बायोमास प्लास्टिक जैसा नरम हो जाता है। 140°C से ऊपर लिग्निन पिघलकर प्राकृतिक बाइंडर के रूप में कणों के बीच ठोस पुल बनाता है। टेपर्ड डाई में 280°C पर भाप निकलती है और सघन ब्रिकेट बनता है।
4. रोलर प्रकार की ब्रिकेटिंग मशीन (Roller Type Briquetting Machine) की कार्यप्रणाली लिखिए।
उत्तर: इसमें समान चौड़ाई और व्यास वाले दो रोलर पास-पास लगे होते हैं जो समान गति से विपरीत दिशाओं में घूमते हैं। दोनों रोलर्स की सतह पर साँचे (Holes) बने होते हैं। जब रोलर घूमते हैं, तो मध्य रेखा के प्रतिच्छेदन पर दोनों रोलर्स के साँचे आपस में मिलते हैं और उनके बीच बायोमास दबकर ब्रिकेट बन जाता है।
5. दाब और शक्ति स्रोत के आधार पर ब्रिकेटिंग मशीनों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर: दाब के आधार पर: (i) निम्न दाब (<5 MPa), (ii) मध्यम दाब (5–100 MPa), और (iii) उच्च दाब (>100 MPa)। शक्ति स्रोत के आधार पर: (i) हस्त-चालित प्रेस (5 kg/hr या 25–50 kg/day), (ii) बैल-चालित प्रेस (100 kg/day), और (iii) शक्ति-चालित प्रेस (400–4000 kg/day — पिस्टन, स्क्रू, रोलर व पैलेट प्रेस)।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)

1. ब्रिकेटिंग की अवधारणा और महत्व को स्पष्ट करते हुए पिस्टन प्रेस (यांत्रिक व हाइड्रोलिक), स्क्रू कॉम्पैक्शन और रोलर ब्रिकेटिंग मशीनों की संरचना एवं कार्यप्रणाली का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: ब्रिकेटिंग की परिभाषा, कृषि अवशेषों के कैलोरी मान (भूसी 3500, मूंगफली 4000, जूट 4500 kcal/kg), 5 मुख्य लाभ और मशीनों के वर्गीकरण के साथ पिस्टन प्रेस, स्क्रू एक्सट्रूडर और रोलर प्रेस की कार्यप्रणाली व तुलनात्मक सारणी प्रस्तुत करें।
2. बायोमास सघनीकरण (Densification) में ताप, दाब और लिग्निन के संहनन तंत्र (Compaction mechanism) की वैज्ञानिक व्याख्या कीजिए तथा बताइए कि कृषि अवशेष प्रबंधन में ब्रिकेटिंग तकनीक किस प्रकार क्रांतिकारी है।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: हैमर मिल द्वारा कण आकार छोटा करने से लेकर बैरल घर्षण (600 rpm, 200-250°C), लिग्निन के प्राकृतिक बंधन (>140°C) और टेपर्ड डाई (280°C) द्वारा 900-1300 kg/m³ घनत्व के ब्रिकेट बनने की पूरी प्रक्रिया समझाएँ।
3. विभिन्न प्रकार की ब्रिकेटिंग एवं पैलेटाइजिंग मशीनों के तकनीकी विनिर्देशों, क्षमता, नमी सहनशीलता और अनुप्रयोगों की तुलनात्मक विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: हस्त-चालित (5 kg/hr), बैल-चालित (100 kg/day), यांत्रिक पिस्टन (200-2500 kg/hr), हाइड्रोलिक पिस्टन, स्क्रू प्रेस और पैलेट प्रेस (10-30 mm) का विस्तृत तुलनात्मक विवरण लिखें।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGENGG 311 notes। पुराने उपकरणों के model-specific data को वर्तमान सार्वभौमिक specification न मानें।

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