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AGENGG 311 Lecture 01: ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण एवं कृषि क्षेत्र में उनका योगदान | Hindi Notes

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AGENGG 311 · Renewable Energy in Agriculture
विषय सूची · Quick Navigation02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)
Lecture 01 Source Page Reference in Supplied Pack: 124 (ICAR Theory Lecture 01)

Lecture 01: ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण एवं कृषि क्षेत्र में उनका योगदान

Classification of energy sources, contribution of these sources in agricultural sector

02 अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान (Lecture) के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. ऊर्जा (Energy) की वैज्ञानिक परिभाषा, कार्य-ऊर्जा संबंध तथा अंतर्राष्ट्रीय मानक इकाइयों (Joule, kWh, Calorie) को समझना।
  2. ऊर्जा के मूल रूपों—स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) एवं गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)—तथा उनके 10 विभिन्न उप-रूपों की उदाहरण सहित व्याख्या करना।
  3. ऊर्जा स्रोतों को पारंपरिक बनाम गैर-पारंपरिक (Conventional vs Non-Conventional), नवीकरणीय बनाम अनवीकरणीय (Renewable vs Non-Renewable) और वाणिज्यिक बनाम गैर-वाणिज्यिक (Commercial vs Non-Commercial) श्रेणियों में वर्गीकृत करना।
  4. जीवाश्म ईंधन (कोयले के 4 प्रकार, कच्चे पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन उत्पाद व तापमान, प्राकृतिक गैस) तथा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (सौर, पवन, जल, भू-तापीय, महासागरीय, बायोमास) की कार्यप्रणाली को समझना।
  5. कृषि क्षेत्र के 11 प्रमुख कार्यों (भूमि की तैयारी से लेकर शीतगृह भंडारण तक) में विभिन्न ऊर्जा स्रोतों के योगदान का मूल्यांकन करना।

03 प्रस्तावना एवं मूल अवधारणा (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): मानव सभ्यता के विकास और आधुनिक कृषि उत्पादन में ऊर्जा (Energy) सबसे बुनियादी आवश्यकता है। भौतिक विज्ञान एवं कृषि अभियांत्रिकी (Agricultural Engineering) में ऊर्जा को “कार्य करने की क्षमता” (Capacity of doing work) के रूप में परिभाषित किया जाता है। कृषि में जुताई (Tillage) से लेकर बुवाई, सिंचाई, कटाई, मड़ाई (Threshing), प्रसंस्करण (Processing) और भंडारण तक प्रत्येक चरण में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

बढ़ती जनसंख्या और जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) के सीमित भंडार एवं उनसे होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण आज पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के स्थान पर नवीकरणीय एवं हरित ऊर्जा (Renewable and Green Energy) जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस और बायोमास का कृषि में उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। भारत विश्व का पहला ऐसा देश था जिसने 1980 के दशक की शुरुआत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के लिए एक अलग मंत्रालय (वर्तमान में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय – MNRE) की स्थापना की।

04 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

ऊर्जा (Energy)
किसी वस्तु या प्रणाली में कार्य करने की क्षमता (Capacity of doing work) को ऊर्जा कहते हैं। इसकी SI इकाई ‘जूल’ (Joule – J) है, जिसका नाम महान वैज्ञानिक जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) के सम्मान में रखा गया है।
एक जूल (One Joule – 1 J)
जब 1 न्यूटन (1 N) का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर (1 m) विस्थापित करता है, तो किया गया कार्य या प्रयुक्त ऊर्जा 1 जूल कहलाती है (1 J = 1 N·m)।
एक न्यूटन (One Newton – 1 N)
1 किलोग्राम (1 kg) द्रव्यमान वाली वस्तु में आरोपित बल की दिशा में 1 मीटर प्रति सेकंड वर्ग (1 m/s²) का त्वरण (Acceleration) उत्पन्न करने के लिए आवश्यक बल को 1 न्यूटन कहते हैं (F = m·a)।
किलोवाट-घंटा (Kilowatt-hour – kWh)
विद्युत ऊर्जा के मापन की व्यावहारिक एवं व्यावसायिक इकाई kWh है। 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J = 3600 kJ = 3.6 MJ होता है।
कैलोरी (Calorie – cal)
खाद्य उद्योग (Food Industry) एवं ऊष्मीय ऊर्जा में प्रयुक्त इकाई। 1 कैलोरी (1 cal) = 4.184 जूल (J) होता है।
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
किसी वस्तु में उसकी स्थिति (Position), स्थान या विन्यास (Configuration) के कारण संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं (जैसे—बांध में संचित जल या संपीड़ित स्प्रिंग)।
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
किसी वस्तु, तरंग, इलेक्ट्रॉन, परमाणु या अणु में उसकी गति (Motion) के कारण विद्यमान ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं (जैसे—बहती हुई हवा या बहता हुआ जल)।
संवहन धारा (Convectional Current)
गर्म गैसों या द्रवों के ऊपर उठने और उनके स्थान पर ठंडे कणों के आने की प्रक्रिया को संवहन (Convection) कहते हैं तथा इस दौरान गतिशील ऊर्जा को संवहन धारा कहते हैं।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. ऊर्जा के विभिन्न रूप (Various Forms of Energy)

मूल रूप से ऊर्जा को दो मुख्य वर्गों—स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) और गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)—में बाँटा जाता है, जो आगे निम्नलिखित 10 विशिष्ट रूपों में पाई जाती हैं:

(i) रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) [स्थितिज]

परिभाषा व व्याख्या: परमाणुओं और अणुओं के रासायनिक बंधों (Bonds of atoms and molecules) में संचित ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा कहते हैं।
उदाहरण: बायोमास (Biomass), पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस (Natural gas), प्रोपेन और कोयला संचित रासायनिक ऊर्जा के प्रमुख उदाहरण हैं।

(ii) नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) [स्थितिज]

परिभाषा व व्याख्या: परमाणु के नाभिक (Nucleus of an atom) में संचित वह ऊर्जा जो नाभिक को एक साथ बाँधे रखती है। यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत नहीं है, परंतु जीवाश्म ईंधन आधारित न होने के कारण कार्बन उत्सर्जन घटाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में महत्वपूर्ण है।
उदाहरण: यूरेनियम (Uranium) परमाणु का नाभिक।

(iii) संचित यांत्रिक ऊर्जा (Stored Mechanical Energy) [स्थितिज]

परिभाषा व व्याख्या: किसी वस्तु पर बल (Force) लगाने के कारण उसमें संचित होने वाली ऊर्जा।
उदाहरण: दबी हुई स्प्रिंग (Compressed springs) और खींचा हुआ रबर बैंड (Stretched rubber bands)।

(iv) गुरुत्वीय ऊर्जा (Gravitational Energy) [स्थितिज]

परिभाषा व व्याख्या: किसी वस्तु के स्थान या ऊँचाई (Position/Place) के कारण संचित ऊर्जा।
उदाहरण: जलविद्युत बांध (Hydropower dam) के पीछे जलाशय में संचित जल। जब यह जल टरबाइन घुमाने के लिए छोड़ा जाता है, तो यह घूर्णन गतिज ऊर्जा (Rotational energy) में बदल जाता है।

(v) विकिरण ऊर्जा (Radiant Energy) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: वह विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा (Electromagnetic energy) जो अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के रूप में गमन करती है।
उदाहरण: सौर ऊर्जा (Solar energy), दृश्य प्रकाश (Visible light), एक्स-किरणें (X-rays), गामा किरणें (Gamma rays) और रेडियो तरंगें।

(vi) तापीय ऊर्जा (Thermal Energy / Heat) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: किसी पदार्थ के भीतर परमाणुओं और अणुओं के कंपन (Vibration) और गति के कारण उत्पन्न आंतरिक ऊर्जा।
उदाहरण: भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal energy)।

(vii) विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह या गति (Movement of electrons) से उत्पन्न ऊर्जा।
उदाहरण: आकाशीय बिजली (Lightning) और घरों/खेतों में प्रयुक्त विद्युत धारा (Electricity)।

(viii) गतिशील ऊर्जा (Energy in Motion) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: वस्तुओं या पदार्थों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचलन (Movement from one place to another)।
उदाहरण: पवन (Wind) और बहता हुआ जल (Hydropower)।

(ix) ध्वनि ऊर्जा (Sound Energy) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: पदार्थों या माध्यम से होकर अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves — संपीडन/Compression एवं विरलन/Rarefaction) के रूप में ऊर्जा का संचरण।

(x) प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) [गतिज]

परिभाषा व व्याख्या: प्रकाश तरंगों के कारण उत्पन्न तरंग गति का एक रूप, जो वस्तुओं से परावर्तित होकर हमारी आँखों में पहुँचता है और हमें देखने में सक्षम बनाता है।

2. वर्तमान संदर्भ में ऊर्जा प्रवाह पैटर्न (Energy Flow Pattern in Present Context)

प्रकृति से प्राप्त प्राथमिक ऊर्जा सीधे उपभोक्ता द्वारा उपयोग नहीं की जाती, बल्कि वह एक निश्चित श्रृंखला से गुजरती है:

  • प्राथमिक ऊर्जा स्रोत (Primary Energy Sources): प्रकृति का उपहार — जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel), गिरता हुआ जल (Falling water), सौर ऊर्जा (Solar energy) आदि।
  • ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रियाएँ (Energy Conversion Processes): तेल रिफाइनरी (Oil Refineries), विद्युत संयंत्र (Power Plants), सौर संग्राहक (Solar Collectors) आदि।
  • द्वितीयक ऊर्जा (Secondary Energy): परिष्कृत तेल (Refined oil), विद्युत (Electricity)।
  • पारेषण एवं वितरण (Transmission & Distribution): रेलवे, पाइपलाइन, विद्युत पारेषण लाइनें (Transmission Lines)।
  • अंतिम ऊर्जा (Final Energy): उपभोक्ता के घर या खेत पर उपलब्ध ऊर्जा।
  • ऊर्जा उपयोग उपकरण (Energy Utilization Equipment & Devices): स्टोव/चूल्हा, अंतर्दहन इंजन (IC Engine), भट्टी (Furnace), विद्युत मोटर।
  • अंतिम उपयोग गतिविधियाँ (End-Use Activities): घरेलू (Domestic), कृषि (Agriculture), परिवहन (Transport) एवं उद्योग (Industry)।

3. पारंपरिक जीवाश्म ईंधन का विस्तृत विश्लेषण (Detailed Analysis of Conventional Fossil Fuels)

(A) कोयला (Coal): कोयला पृथ्वी की पपड़ी (Crust) के नीचे चट्टानों में फँसा हुआ पाया जाता है। इसका लगभग 71% भाग ताप विद्युत संयंत्रों (Thermal Power Plants) में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। कार्बन की मात्रा (Carbon content) के आधार पर कोयले को 4 श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. पीट (Peat): लगभग 60% कार्बन (कोयला निर्माण की प्रारंभिक अवस्था)।
  2. लिग्नाइट (Lignite – Soft Coal / भूरा कोयला): लगभग 70% कार्बन।
  3. बिटुमिनस (Bituminous – Household Coal / घरेलू कोयला): लगभग 80% कार्बन।
  4. एन्थ्रेसाइट (Anthracite – Hard Coal / सर्वोत्तम कठोर कोयला): लगभग 90% कार्बन (उच्चतम कैलोरी मान व न्यूनतम धुआँ)।

(B) कच्चा पेट्रोलियम एवं प्रभाजी आसवन (Crude Petroleum & Fractional Distillation): कच्चे तेल को विभिन्न तापमानों पर गर्म करके निम्नलिखित उपयोगी उत्पाद प्राप्त किए जाते हैं:

  • पेट्रोलियम गैस (LPG): 40°C से कम (Below 40°C) तापमान पर।
  • पेट्रोल (Petrol / Gasoline): 40°C से 170°C तापमान परास पर।
  • केरोसिन (Kerosene / मिट्टी का तेल): 170°C से 250°C तापमान परास पर।
  • डीजल (Diesel): 250°C से 350°C तापमान परास पर (कृषि ट्रैक्टरों व पंपसेटों का मुख्य ईंधन)।
  • स्नेहक तेल एवं पैराफिन मोम (Lubricating oil, Paraffin wax): 400°C से अधिक (Above 400°C) तापमान पर।

(C) प्राकृतिक गैस (Natural Gas): इसमें लगभग 95% मीथेन (Methane – CH₄) होती है तथा शेष भाग ईथेन (Ethane) और प्रोपेन (Propane) का होता है।

4. प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का वैज्ञानिक परिचय (Overview of Major Renewable Energy Sources)

  • सौर ऊर्जा (Solar Energy): सूर्य से विकिरण के रूप में प्राप्त ऊर्जा। इसका उपयोग दो मोड में होता है—तापीय मोड (Thermal mode) जैसे फसल सुखाना, जल तापन, खाना पकाना; और फोटोवोल्टिक मोड (Photovoltaic mode) जिसमें सोलर पीवी सेल द्वारा सीधे बिजली बनाई जाती है (जैसे सोलर पंप)।
  • पवन ऊर्जा (Wind Energy): सूर्य द्वारा वायुमंडल के असमान तापन, पृथ्वी की सतह की अनियमितताओं और पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवन चलती है। आधुनिक पवन टरबाइन (Wind Turbines) का विकास सर्वप्रथम 1890 में डेनमार्क (Denmark) में हुआ। यह पवन की गतिज ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा और फिर जनरेटर द्वारा विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
  • जलविद्युत ऊर्जा (Hydropower): ऊँचाई पर संचित जल की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा को पेनस्टॉक (Penstock) के माध्यम से प्रवाहित कर गतिज ऊर्जा में बदला जाता है, जो टरबाइन और जनरेटर को चलाती है। इसके दो मुख्य डिजाइन हैं: (1) हाइड्रोइलेक्ट्रिक बांध (Hydroelectric Dam) और (2) पंप्ड-स्टोरेज संयंत्र (Pumped-Storage Plant)। पंप्ड-स्टोरेज में दो जलाशय (एक ऊँचा, एक नीचा) होते हैं; रात या कम मांग के समय टरबाइन को उल्टा चलाकर पानी नीचे से ऊपर पंप किया जाता है और अधिक मांग के समय बिजली बनाई जाती है।
  • भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy): यह एकमात्र ऐसी नवीकरणीय ऊर्जा है जो सूर्य पर निर्भर नहीं (Not dependent on the Sun) है, बल्कि पृथ्वी की सतह के नीचे उत्पन्न आंतरिक ऊष्मा पर निर्भर करती है (जैसे—Binary Geothermal Power Plant)। इसकी मुख्य समस्या जल और ऊष्मा का ह्रास है, जिसे जल के पुनः अंतःक्षेपण (Water re-injection) से हल किया जाता है, किंतु इससे छोटे भूकंप (Small earthquakes) आने का जोखिम रहता है।
  • महासागरीय ऊर्जा (Ocean Energy – Wave & Tidal): पृथ्वी का ~70% भाग महासागरों से ढका है।
    • तरंग फार्म (Wave Farm): बेलनाकार पाइपों के जोड़ों पर लहरों के प्रवाह से उच्च दाब का तेल हाइड्रोलिक मोटर में भेजा जाता है। 1 वर्ग किलोमीटर (1 km²) महासागरीय क्षेत्र में लगे उपकरण लगभग 30 MW बिजली उत्पन्न कर सकते हैं, जो 20,000 घरों को ऊर्जा दे सकती है।
    • ज्वारीय ऊर्जा एवं एब जनरेशन (Tidal Power & Ebb Generation): उच्च ज्वार (High tide) के समय बैराज (Barrage) के गेटों से पानी अंदर आता है और टरबाइन घुमाता है; फिर पानी को रोककर रखा जाता है और निम्न ज्वार (Low tide) के समय जब पानी बाहर निकलता है (Ebb generation), तो पुनः टरबाइन घुमाकर बिजली बनाता है।
  • बायोमास एवं जैव-ईंधन (Biomass, Ethanol & Biogas): ठोस बायोमास दहन, पायरोलिसिस (चारकोल निर्माण – दोगुना ऊर्जा घनत्व), किण्वन द्वारा एथेनॉल (CH₃CH₂OH) [जिसका उपयोग गैसोलीन के साथ E10 (10% एथेनॉल + 90% पेट्रोल) और E85 (85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल) ब्लेंड में ऑक्टेन रेटिंग बढ़ाने व उत्सर्जन घटाने में होता है] तथा अवायवीय पाचन द्वारा बायोगैस (55-65% CH₄, 30-40% CO₂, कैलोरी मान ~4700 kcal/m³ या 20 MJ/m³)।

5. कृषि क्षेत्र में ऊर्जा स्रोतों का योगदान (Contribution of Energy Sources in Agricultural Sector)

कृषि क्षेत्र में निम्नलिखित 11 प्रमुख कृषि संक्रियाएँ (Agricultural Operations) संपादित की जाती हैं:

  1. भूमि की तैयारी (Land preparation – जुताई, हैरोइंग, समतलीकरण)
  2. बुवाई अथवा रोपाई (Sowing or transplanting)
  3. सिंचाई हेतु जल पंपन (Water pumping)
  4. निराई-गुड़ाई (Weeding & intercultural operations)
  5. कीटनाशक छिड़काव एवं भुरकाव (Spraying & dusting)
  6. फसल कटाई एवं मड़ाई (Harvesting & threshing)
  7. फसल सुखाना (Drying of farm produce)
  8. परिवहन (Transportation)
  9. कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण (Processing of products)
  10. पैकेजिंग (Packaging)
  11. शीतगृहों में दीर्घकालिक भंडारण (Long-time storage in cold stores)

इन सभी कार्यों के लिए ऊर्जा की आपूर्ति मानव शक्ति (Human power), पशु शक्ति (Animal power), डीजल (ट्रैक्टर/इंजन), विद्युत (Electricity), बायोमास, पशु गोबर (बायोगैस), सौर ऊर्जा (Solar drying, Solar PV pumping, Soil solarization) और पवन ऊर्जा (Windmills for pumping/grinding & winnowing) के माध्यम से की जाती है।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

ऊर्जा स्रोतों को मुख्य रूप से तीन विशेषताओं (Three Features) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है:

  • (a) उपयोग की परंपरा के आधार पर:
    • पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Conventional Energy Sources): कोयला, तेल (पेट्रोलियम), प्राकृतिक गैस, ताप विद्युत, जलविद्युत (Hydro power) एवं नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear power)। इनका मुख्य लाभ यह है कि ये मौसम की स्थिति से स्वतंत्र होकर (Irrespective of weather conditions) उच्च विश्वसनीयता के साथ ऊर्जा दे सकते हैं।
    • गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Non-Conventional Energy Sources): सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास/बायोगैस, ज्वारीय ऊर्जा (Tidal), भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal) एवं महासागरीय ऊर्जा।
  • (b) प्रकृति में पुनर्भरण (Replenishment) के आधार पर:
    • अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Non-Renewable Energy Sources): प्रकृति में करोड़ों वर्षों में संचित संसाधन जो एक बार समाप्त होने पर पुनः उत्पन्न नहीं किए जा सकते। जैसे—कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और यूरेनियम (नोट: यूरेनियम अनवीकरणीय है, किंतु जीवाश्म ईंधन नहीं है)।
    • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Renewable Energy Sources): वे ऊर्जा स्रोत जो प्रकृति में निरंतर और निःशुल्क रूप से स्वतः पुनर्भरित (Replenished on a human timescale) होते रहते हैं और कभी समाप्त नहीं होते। इसमें मुख्य ध्यान तीन स्रोतों पर दिया जा रहा है: (a) सौर फोटोवोल्टिक (Solar PV), (b) पवन (Wind), और (c) हाइड्रोजन फ्यूल सेल (Hydrogen Fuel Cell)। ये 4 मुख्य क्षेत्रों में ऊर्जा देते हैं: विद्युत उत्पादन, वायु/जल तापन-शीतलन, परिवहन और ग्रामीण ऑफ-ग्रिड ऊर्जा सेवाएँ।
  • (c) लेन-देन की प्रकृति (Nature of Transaction) के आधार पर:
    • वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत (Commercial Energy Sources): वे स्रोत जो बाजार में एक निश्चित मूल्य पर खरीदे-बेचे जाते हैं। जैसे—कोयला, तेल (पेट्रोल/डीजल), विद्युत और नाभिकीय ऊर्जा।
    • गैर-वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत (Non-Commercial Energy Sources): वे स्रोत जो ग्रामीण व कृषि क्षेत्रों में बिना प्रत्यक्ष बाजार लेन-देन के स्थानीय रूप से उपलब्ध होते हैं। जैसे—जलाऊ लकड़ी (Firewood), कृषि अवशेष (Biomass) और पशु गोबर के उपले (Animal dung)।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं समीकरण (Important Principles and Concepts)

  • ऊर्जा संरक्षण एवं रूपांतरण का सिद्धांत (Principle of Energy Conservation & Conversion): ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट; इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। उदाहरणार्थ, जलविद्युत संयंत्र में:
    बहता जल (स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा) ➔ टरबाइन (यांत्रिक ऊर्जा) ➔ जनरेटर (विद्युत ऊर्जा)
  • प्रभाजी आसवन का सिद्धांत (Principle of Fractional Distillation): कच्चे पेट्रोलियम में उपस्थित विभिन्न हाइड्रोकार्बन घटकों के क्वथनांक (Boiling points) अलग-अलग होते हैं (<40°C से >400°C), जिसके कारण उन्हें ताप देकर अलग-अलग प्रभाजों (LPG, पेट्रोल, केरोसिन, डीजल, मोम) में पृथक किया जाता है।
  • भारत में नवीकरणीय ऊर्जा प्रशासनिक ढाँचा (Institutional Principle in India): भारत में नवीकरणीय ऊर्जा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अंतर्गत आती है। सौर ऊर्जा उद्योग के विकास के लिए भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI – Solar Energy Corporation of India) उत्तरदायी है, जबकि बड़ी जलविद्युत परियोजनाएँ (Hydroelectricity) विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) द्वारा प्रशासित होती हैं।

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व गणनाएँ (Scientific & Practical Examples)

व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक उदाहरण 1: सौर पीवी पंपन प्रणाली विनिर्देश (Solar PV Pumping Specifications in Agriculture)

कृषि सिंचाई में प्रयुक्त विभिन्न सोलर पंपों की क्षमता का वास्तविक उदाहरण (मूल पाठ्यक्रम सारणी से):

  • सबमर्सिबल बोरहोल मोटर पंप (Submerged borehole motor pump): 1200 Wp सोलर ऐरे के साथ 20 मीटर हेड (Head) पर 40 m³/दिन जल निकासी; तथा 800 Wp ऐरे के साथ 20 मीटर हेड पर 25 m³/दिन जल निकासी।
  • सतही मोटर / सबमर्सिबल पंप (Surface motor / submerged pump): 840 Wp सोलर ऐरे के साथ 7 मीटर हेड पर 60 m³/दिन आउटपुट।
  • रेसिप्रोकेटिंग पॉजिटिव डिस्प्लेसमेंट पंप (Reciprocating positive displacement pump): 1200 Wp ऐरे के साथ 100 मीटर के उच्च हेड पर 6 m³/दिन आउटपुट।
  • फ्लोटिंग मोटर/पंपसेट (Floating motor/pumpset): 530 Wp ऐरे से 3 m हेड पर 100 m³/दिन और 85 Wp ऐरे से 3 m हेड पर 10 m³/दिन आउटपुट।
  • सरफेस सक्शन पंप (Surface suction pump): 350 Wp ऐरे के साथ 4 m हेड पर 40 m³/दिन आउटपुट।

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 1.1: पारंपरिक (Conventional) बनाम गैर-पारंपरिक/नवीकरणीय (Non-Conventional/Renewable) ऊर्जा स्रोत
तुलना का आधार (Parameter) पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Conventional Sources) गैर-पारंपरिक / नवीकरणीय स्रोत (Non-Conventional Sources)
उपलब्धता एवं भंडार प्रकृति में सीमित भंडार; एक बार समाप्त होने पर पुनः प्राप्त नहीं होते (जलविद्युत को छोड़कर)। प्रकृति में असीमित एवं निरंतर स्वतः पुनर्भरित (Inexhaustible & freely produced)।
मौसम पर निर्भरता मौसम की स्थिति से स्वतंत्र (Irrespective of weather conditions) निरंतर ऊर्जा उत्पादन। धूप, हवा की गति और ज्वार के समय (Weather & time dependent) पर निर्भर।
पर्यावरणीय प्रभाव दहन से CO₂, SO₂, NOx व धुआँ निकलता है; हरितगृह प्रभाव व प्रदूषण का मुख्य कारण। प्रदूषण-मुक्त एवं पर्यावरण के अनुकूल (Green & Clean Energy)।
वाणिज्यिक प्रकृति मुख्यतः वाणिज्यिक (Commercial) — कोयला, पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस। प्रायः स्थानीय व गैर-वाणिज्यिक (Non-commercial) या विकेंद्रीकृत (Off-grid rural)।
प्रमुख उदाहरण कोयला (Peat, Lignite, Bituminous, Anthracite), पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास, बायोगैस, ज्वारीय, तरंग एवं भू-तापीय ऊर्जा।
तुलनात्मक सारणी 1.2: कोयले के प्रकार एवं कच्चे पेट्रोलियम के आसवन उत्पाद
कोयले का प्रकार (Coal Type) कार्बन प्रतिशत (Carbon %) कच्चे तेल का उत्पाद (Petroleum Product) आसवन तापमान परास (Temperature Range)
1. पीट (Peat) ~ 60% कार्बन (i) पेट्रोलियम गैस (LPG) 40°C से कम (Below 40°C)
2. लिग्नाइट (Lignite – Soft Coal) ~ 70% कार्बन (ii) पेट्रोल (Petrol) 40°C से 170°C
3. बिटुमिनस (Bituminous – Household Coal) ~ 80% कार्बन (iii) केरोसिन (Kerosene) 170°C से 250°C
4. एन्थ्रेसाइट (Anthracite – Hard Coal) ~ 90% कार्बन (iv) डीजल (Diesel) / (v) स्नेहक व मोम 250°C – 350°C / 400°C से ऊपर

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं तकनीकी मानक (Formulas & Key Metrics)

महत्वपूर्ण सूत्र एवं इकाई रूपांतरण (Formulas & Unit Conversions)
  • बल (Force): F=m·a   जहाँ 1 Newton (N)=1 kg×1 m/s2
  • कार्य एवं ऊर्जा (Work & Energy): W=F·d   जहाँ 1 Joule (J)=1 N·m
  • विद्युत ऊर्जा इकाई (Electrical Energy Unit): 1 kWh=3.6×106 J=3600 kJ=3.6 MJ
  • खाद्य एवं ऊष्मीय ऊर्जा (Calorie to Joule): 1 Calorie=4.184 Joules (J)
  • बायोगैस का कैलोरी मान (Calorific Value of Biogas): ≈4700 kcal/m3 (या 20 MJ/m3, 55% मीथेन पर)
  • महासागरीय तरंग ऊर्जा क्षमता (Wave Farm Capacity): 1 km2 महासागर क्षेत्र≈30 MW विद्युत≈20,000 घरों को बिजली

11 व्याख्यान-विशिष्ट माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 01 Mind Map: ऊर्जा स्रोतों का वर्गीकरण एवं कृषि में योगदान
  • ऊर्जा (Energy: कार्य करने की क्षमता | 1 J = 1 N·m | 1 kWh = 3.6 MJ)
    • मूल रूप (Basic Forms)
      • स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy): रासायनिक (कोयला, बायोमास), नाभिकीय (यूरेनियम), संचित यांत्रिक (स्प्रिंग), गुरुत्वीय (बांध का जल)
      • गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy): विकिरण (सौर, X-ray), तापीय (भू-तापीय), विद्युत (इलेक्ट्रॉन प्रवाह), गतिशील (पवन, बहता जल), ध्वनि (अनुदैर्ध्य तरंग), प्रकाश
    • त्रि-स्तरीय वर्गीकरण (3-Way Classification)
      • पारंपरिक बनाम गैर-पारंपरिक: कोयला (Peat 60%, Lignite 70%, Bituminous 80%, Anthracite 90%), पेट्रोलियम (<40°C LPG से >400°C मोम), प्राकृतिक गैस (95% CH₄) बनाम सौर, पवन, बायोमास, ज्वारीय
      • नवीकरणीय बनाम अनवीकरणीय: सतत पुनर्भरित (सौर, पवन, बायोमास) बनाम सीमित भंडार (कोयला, तेल, यूरेनियम)
      • वाणिज्यिक बनाम गैर-वाणिज्यिक: कोयला, तेल, बिजली बनाम जलाऊ लकड़ी, कृषि अवशेष, गोबर के उपले
    • कृषि क्षेत्र में 11 अनुप्रयोग (Agricultural Contribution)
      • जुताई, बुवाई, सिंचाई पंपन, निराई, छिड़काव/भुरकाव, कटाई, सुखाना (Solar Drying), परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, शीतगृह भंडारण

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts & Visual Diagrams)

प्रक्रिया प्रवाह चित्र (Process Flowchart): प्राथमिक ऊर्जा से कृषि अंतिम उपयोग तक ऊर्जा प्रवाह
1. प्राथमिक ऊर्जा स्रोत
(जीवाश्म ईंधन, गिरता जल, सौर ऊर्जा)
➔ 2. ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रिया
(तेल रिफाइनरी, पावर प्लांट, सोलर कलेक्टर)
➔ 3. द्वितीयक ऊर्जा
(परिष्कृत तेल, विद्युत)
➔ 4. पारेषण एवं वितरण
(पाइपलाइन, रेलवे, ट्रांसमिशन लाइन)
➔ 5. अंतिम ऊर्जा व उपकरण
(स्टोव, IC इंजन, भट्टी, पंप)
➔ 6. अंतिम उपयोग (End Use)
(कृषि, घरेलू, परिवहन, उद्योग)

13 महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • परीक्षा में कोयले के प्रकारों में कार्बन प्रतिशत का आरोही क्रम (Ascending Order) बार-बार पूछा जाता है। ट्रिक याद रखें: ‘PLBA’ = Peat (60%) < Lignite (70%) < Bituminous (80%) < Anthracite (90%)।
  • ध्यान दें: ‘यूरेनियम’ (Uranium) एक अनवीकरणीय (Non-renewable) ऊर्जा स्रोत है, परंतु यह जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel) नहीं है।
  • एकमात्र नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत जो सूर्य पर निर्भर नहीं करता है, वह ‘भू-तापीय ऊर्जा’ (Geothermal Energy) है।
  • भारत विश्व का पहला देश है जिसने 1980 के दशक के प्रारंभ में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के लिए अलग मंत्रालय (वर्तमान MNRE) बनाया। बड़ी जलविद्युत परियोजनाएँ MNRE के अधीन न होकर ‘विद्युत मंत्रालय’ (Ministry of Power) के अधीन आती हैं।
  • आधुनिक पवन टरबाइन (Wind Turbines) का प्रादुर्भाव सर्वप्रथम 1890 में डेनमार्क (Denmark) में हुआ था।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Panel)

  • SI इकाई: ऊर्जा = जूल (1 J=1 N·m); विद्युत ऊर्जा = 1 kWh=3.6 MJ; खाद्य ऊर्जा = 1 cal=4.184 J।
  • प्राकृतिक गैस संघटन: ~95% मीथेन (CH4) + शेष ईथेन व प्रोपेन।
  • तापीय विद्युत में कोयला उपयोग: कुल कोयले का लगभग 71% भाग थर्मल पावर प्लांट में उपयोग होता है।
  • गैसोलीन-एथेनॉल ब्लेंड: E10 (10% एथेनॉल + 90% गैसोलीन) तथा E85 (85% एथेनॉल + 15% गैसोलीन)।
  • सौर ऊर्जा के कृषि उपयोग: सिंचाई जल पंपन, कृषि उत्पाद सुखाना (Solar drying), ओसाई (Winnowing) एवं मृदा सौरीकरण (Soil solarisation)।

15 बहुविकल्पीय प्रश्न — उत्तर एवं व्याख्या सहित (10 MCQs with Answers)

1. एक किलोवाट-घंटा (1 kWh) विद्युत ऊर्जा कितने जूल (Joules) के बराबर होती है?
(A) 3.6 × 10³ J
(B) 3.6 × 10⁵ J
(C) 3.6 × 10⁶ J
(D) 4.184 × 10⁶ J
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (C) 3.6 × 10⁶ J
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 10⁶ J (अर्थात 3600 kJ या 3.6 MJ)।
2. निम्नलिखित में से किस प्रकार के कोयले में कार्बन की मात्रा सर्वाधिक (लगभग 90%) होती है?
(A) पीट (Peat)
(B) लिग्नाइट (Lignite)
(C) बिटुमिनस (Bituminous)
(D) एन्थ्रेसाइट (Anthracite)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (D) एन्थ्रेसाइट (Anthracite)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): एन्थ्रेसाइट को कठोर कोयला (Hard coal) कहा जाता है जिसमें लगभग 90% कार्बन होता है, जबकि पीट में 60%, लिग्नाइट में 70% और बिटुमिनस में 80% कार्बन होता है।
3. कच्चे पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन में डीजल (Diesel) किस तापमान परास पर प्राप्त होता है?
(A) 40°C से कम
(B) 40°C से 170°C
(C) 170°C से 250°C
(D) 250°C से 350°C
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (D) 250°C से 350°C
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): LPG <40°C पर, पेट्रोल 40-170°C पर, केरोसिन 170-250°C पर और डीजल 250-350°C पर प्राप्त होता है।
4. प्राकृतिक गैस (Natural Gas) में मुख्य घटक मीथेन (Methane) का प्रतिशत लगभग कितना होता है?
(A) 55-65%
(B) 70-75%
(C) 95%
(D) 40%
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (C) 95%
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): प्राकृतिक गैस में लगभग 95% मीथेन होती है और शेष भाग ईथेन व प्रोपेन का होता है (जबकि बायोगैस में 55-65% मीथेन होती है)।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा एक गैर-वाणिज्यिक (Non-commercial) ऊर्जा स्रोत है?
(A) कोयला
(B) परमाणु ऊर्जा
(C) पशु गोबर एवं जलाऊ लकड़ी
(D) डीजल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (C) पशु गोबर एवं जलाऊ लकड़ी
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): जलाऊ लकड़ी (Firewood), कृषि बायोमास और पशु गोबर गैर-वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत हैं, जबकि कोयला, तेल और परमाणु ऊर्जा वाणिज्यिक स्रोत हैं।
6. कौन-सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत सूर्य पर निर्भर नहीं (Not dependent on the Sun) है?
(A) पवन ऊर्जा
(B) बायोमास ऊर्जा
(C) जलविद्युत ऊर्जा
(D) भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (D) भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): भू-तापीय ऊर्जा पृथ्वी की सतह के नीचे उत्पन्न आंतरिक ताप पर निर्भर करती है, न कि सौर विकिरण पर।
7. आधुनिक पवन टरबाइन (Wind Turbines) का विकास सर्वप्रथम 1890 में किस देश में हुआ था?
(A) जर्मनी
(B) डेनमार्क
(C) संयुक्त राज्य अमेरिका
(D) भारत
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) डेनमार्क
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): नए पवनचक्की या आधुनिक पवन टरबाइन सर्वप्रथम 1890 में डेनमार्क (Denmark) में प्रकट हुए।
8. विश्व का पहला देश कौन-सा था जिसने 1980 के दशक की शुरुआत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित किया?
(A) जापान
(B) भारत
(C) फ्रांस
(D) चीन
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) भारत
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): भारत विश्व का पहला देश था जिसने 1980 के दशक के प्रारंभ में गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के लिए मंत्रालय (वर्तमान MNRE) स्थापित किया।
9. विकिरण ऊर्जा (Radiant Energy) किस प्रकार की तरंगों के रूप में गमन करती है?
(A) अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal waves)
(B) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves)
(C) यांत्रिक संपीडन तरंगें
(D) ध्वनि तरंगें
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves)
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): विकिरण ऊर्जा (जैसे सौर ऊर्जा, X-rays, दृश्य प्रकाश) विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा है जो अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) में चलती है, जबकि ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंगों में चलती है।
10. E85 ईंधन मिश्रण (Blend) में एथेनॉल और गैसोलीन (पेट्रोल) का अनुपात क्या होता है?
(A) 10% एथेनॉल और 90% गैसोलीन
(B) 85% एथेनॉल और 15% गैसोलीन
(C) 15% एथेनॉल और 85% गैसोलीन
(D) 85% बायोडीजल और 15% डीजल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer & Explanation)
सही उत्तर (Answer): (B) 85% एथेनॉल और 15% गैसोलीन
वैज्ञानिक व्याख्या (Explanation): E85 में 85% एथेनॉल और 15% गैसोलीन होता है, जबकि E10 में 10% एथेनॉल और 90% गैसोलीन होता है।

16 अति-लघु, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न व वन-लाइनर्स (Exam Question Bank)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर्स (5 Important Exam One-Liners)

  1. कोयले का लगभग 71% भाग ताप विद्युत संयंत्रों (Thermal Power Plants) में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।
  2. 1 वर्ग किलोमीटर महासागरीय वेव फार्म (Wave farm) से लगभग 30 MW विद्युत उत्पन्न हो सकती है जो 20,000 घरों को ऊर्जा दे सकती है।
  3. बायोगैस का कैलोरी मान (Calorific Value) लगभग 4700 kcal/m³ (या 20 MJ/m³, 55% मीथेन पर) होता है।
  4. एथेनॉल का रासायनिक सूत्र CH₃CH₂OH है और इसे पेट्रोल में मिलाने से ईंधन की ऑक्टेन रेटिंग (Octane rating) बढ़ती है।
  5. 1 kWh विद्युत ऊर्जा 3.6 × 10⁶ जूल (या 3600 kJ या 3.6 MJ) के समतुल्य होती है।

(B) 5 अति-लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions)

1. ऊर्जा की SI इकाई क्या है और इसे कैसे परिभाषित किया जाता है?
उत्तर: ऊर्जा की SI इकाई ‘जूल’ (Joule – J) है। 1 जूल = 1 न्यूटन-मीटर (1 N·m)।
2. खाद्य उद्योग (Food Industry) में ऊर्जा की इकाई क्या है और इसका जूल से क्या संबंध है?
उत्तर: खाद्य उद्योग में ऊर्जा की इकाई ‘कैलोरी’ (Calorie) है। 1 कैलोरी = 4.184 जूल (J) होता है।
3. संवहन (Convection) किसे कहते हैं?
उत्तर: गर्म गैसों या द्रवों के ऊपर की ओर उठने और उनके स्थान पर ठंडे कणों के आने के व्यवहार को संवहन (Convection) कहते हैं।
4. एब जनरेशन (Ebb Generation) का संबंध किस ऊर्जा स्रोत से है?
उत्तर: एब जनरेशन का संबंध ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy) से है, जिसमें उच्च ज्वार में बैराज के पीछे रोके गए जल को निम्न ज्वार (Low tide) के समय बाहर निकालते हुए टरबाइन चलाकर विद्युत उत्पन्न की जाती है।
5. भारत में सौर ऊर्जा उद्योग के विकास के लिए कौन-सा निगम उत्तरदायी है?
उत्तर: भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI – Solar Energy Corporation of India)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions)

1. वाणिज्यिक (Commercial) और गैर-वाणिज्यिक (Non-Commercial) ऊर्जा स्रोतों में उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत वे हैं जो बाजार में वाणिज्यिक लेन-देन (खरीद-बिक्री) के माध्यम से उपलब्ध होते हैं, जैसे—कोयला, पेट्रोलियम तेल और परमाणु ऊर्जा। इसके विपरीत, गैर-वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोत ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में बिना प्रत्यक्ष बाजार मूल्य के स्थानीय स्तर पर एकत्र किए जाते हैं, जैसे—जलाऊ लकड़ी (Firewood), कृषि बायोमास अवशेष और पशुओं के गोबर के उपले।
2. पंप्ड-स्टोरेज जलविद्युत संयंत्र (Pumped-Storage Hydropower Plant) साधारण जलविद्युत बांध से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर: साधारण जलविद्युत बांध में एक ही जलाशय से पानी पेनस्टॉक द्वारा टरबाइन पर गिरता है और नदी में चला जाता है। जबकि पंप्ड-स्टोरेज संयंत्र में अलग-अलग ऊँचाई पर दो जलाशय (Upper & Lower reservoirs) होते हैं। रात या सप्ताहांत जैसे कम बिजली मांग के समय टरबाइनों को उल्टा (Reverse) चलाकर निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय में पानी पंप करके ऊर्जा संचित कर ली जाती है और पीक डिमांड के समय पुनः बिजली बनाई जाती है।
3. भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) के उपयोग में आने वाली दो प्रमुख समस्याएँ और उनका समाधान लिखिए।
उत्तर: भू-तापीय क्षेत्रों में दो प्रमुख समस्याएँ भूमिगत जल और ताप (Water and heat) का ह्रास हैं। पहली समस्या के समाधान हेतु उपयोग किए गए जल को पुनः जलाशयों में इंजेक्ट (Re-inject) किया जाता है, किंतु इस जल पुनः अंतःक्षेपण (Water re-injection) से छोटे भूकंप (Small earthquakes) आने का खतरा रहता है।
4. कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के तापीय और फोटोवोल्टिक अनुप्रयोगों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर: कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के प्रमुख अनुप्रयोग हैं: (1) सोलर पीवी पंप द्वारा सिंचाई जल का पंपन, (2) सोलर ड्रायर द्वारा फसलों व कृषि उत्पादों को सुरक्षित भंडारण हेतु सुखाना, (3) ओसाई (Winnowing), (4) मृदा सौरीकरण (Soil solarisation) द्वारा मृदा जनित कीटों व खरपतवारों का नियंत्रण, और (5) सोलर स्टीम जनरेटर।
5. पायरोलिसिस (Pyrolysis) और किण्वन (Fermentation) द्वारा बायोमास से कौन-से ईंधन प्राप्त होते हैं?
उत्तर: पायरोलिसिस द्वारा बायोमास से चारकोल (Charcoal) जैसा ठोस ईंधन बनता है जिसका ऊर्जा घनत्व मूल बायोमास से दोगुना होता है। वहीं शर्करा व स्टार्च युक्त कार्बनिक पदार्थों के किण्वन (Fermentation) से वैकल्पिक तरल ईंधन ‘एथेनॉल’ (CH₃CH₂OH) प्राप्त होता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (3 Long Answer Questions)

1. ऊर्जा स्रोतों का विस्तृत वर्गीकरण प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के गुण-दोषों की विवेचना कीजिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: इस प्रश्न के उत्तर में ऊर्जा के तीन मुख्य आधारों—(a) पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक, (b) नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय, तथा (c) वाणिज्यिक एवं गैर-वाणिज्यिक—का विस्तृत वर्णन करें। कोयले के चारों प्रकार (Peat, Lignite, Bituminous, Anthracite), पेट्रोलियम आसवन उत्पादों तथा नवीकरणीय स्रोतों (सौर, पवन, जल, भू-तापीय, महासागरीय, बायोमास) की कार्यप्रणाली व तुलनात्मक सारणी प्रस्तुत करें।
2. ऊर्जा को परिभाषित कीजिए तथा स्थितिज एवं गतिज ऊर्जा के अंतर्गत आने वाले ऊर्जा के 10 विभिन्न रूपों को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: ऊर्जा की परिभाषा (1 J = 1 N·m, 1 kWh = 3.6 MJ) लिखते हुए स्थितिज ऊर्जा (रासायनिक, नाभिकीय, संचित यांत्रिक, गुरुत्वीय) और गतिज ऊर्जा (विकिरण, तापीय, विद्युत, गतिशील, ध्वनि, प्रकाश) के प्रत्येक रूप की परिभाषा और कृषि/दैनिक जीवन के उदाहरण विस्तार से लिखें।
3. भारतीय कृषि क्षेत्र में संपादित होने वाली विभिन्न कृषि संक्रियाओं (Operations) का वर्णन करते हुए उनमें पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के योगदान पर प्रकाश डालिए।
उत्तर रूपरेखा एवं मुख्य बिंदु: कृषि के 11 प्रमुख कार्यों (भूमि की तैयारी, बुवाई, सिंचाई, निराई, छिड़काव, कटाई, सुखाना, परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग व कोल्ड स्टोरेज) का क्रमवार उल्लेख करें और बताएँ कि किस प्रकार डीजल, बिजली, मानव/पशु शक्ति के साथ-साथ सोलर पंप, सोलर ड्रायर, बायोगैस और पवन चक्की कृषि को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

आधार: उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध AGENGG 311 notes। पुराने उपकरणों के model-specific data को वर्तमान सार्वभौमिक specification न मानें।

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