ENT 311 Lecture 15: कपास के गूलर छेदक (Bollworms): धब्बेदार गूलर छेदक एवं गुलाबी गूलर छेदक

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ENT 311 · Pest Management in Crops and Stored Grains — Final Notes
विषय सूची · Quick Navigation02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)
यह पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री है। कीटनाशक, मात्रा और उपचार के उदाहरणों को वर्तमान खेत-स्तरीय सलाह न मानें; वास्तविक उपयोग में वर्तमान पंजीकृत label, फसल–कीट अनुमोदन तथा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
Lecture 15 Theory • Lecture 15 (ENT-311 / ENTO-311) 🖼️ सचित्र विजुअल आरेख सहित (With Visual Identification Diagrams)

Lecture 15: कपास के गूलर छेदक (Bollworms): धब्बेदार गूलर छेदक एवं गुलाबी गूलर छेदक

Bollworms of Cotton: Spotted Bollworms and Pink Bollworm

02 अध्ययन उद्देश्य (Learning Objectives)

इस व्याख्यान के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी सक्षम होंगे:

  • कपास के ‘गूलर छेदक परिसर’ (Cotton Bollworm Complex — धब्बेदार गूलर छेदक, गुलाबी गूलर छेदक एवं अमेरिकी गूलर छेदक) के आक्रमण अनुक्रम को समझना।
  • धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm — Earias vittella एवं Spiny Bollworm — Earias insulana; कुल Nolidae/Noctuidae, गण Lepidoptera) की पहचान, द्वि-प्रावस्था क्षति (वानस्पतिक अवस्था में प्ररोह का मुरझाकर झुकना तथा कली अवस्था में ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स / Flared squares’ व विष्ठा से भरे गूलर छिद्र) और प्रबंधन का अध्ययन करना।
  • गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae, गण Lepidoptera) की पहचान, ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower — गुलाब की बंद कली जैसा फूल), गूलर में प्रवेश छिद्र का बंद हो जाना (Healed entry hole), ‘दोहरे जुड़े बीज’ (Double seeds), एकभक्षी प्रकृति से बोलगार्ड-II (BG-II Bt कपास) में प्रतिरोध के विकास और ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) मेटिंग डिसरप्शन व समन्वित प्रबंधन को कंठस्थ करना।

03 प्रस्तावना एवं विषय प्रवेश (Introduction)

मूल सामग्री (Core Course Content): कपास (‘सफेद सोना’ — Gossypium spp.) में कलियों (Squares), फूलों और गूलरों/टिंडों (Bolls) को अंदर से खाकर 50% से 80% तक उत्पादन नष्ट करने वाली इल्लियों को सामूहिक रूप से ‘गूलर छेदक’ (Bollworms) कहा जाता है। भारत में कपास के तीन प्रमुख गूलर छेदक हैं: (1) धब्बेदार एवं काँटेदार गूलर छेदक (Earias vittella एवं Earias insulana) जो शुरुआती प्ररोह अवस्था से गूलर बनने तक लगता है; (2) अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera) जो कलियों व गूलरों में बड़े गोल छेद बनाता है; और (3) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella) जो फसल के उत्तरार्ध में गूलर के अंदर छिपकर बिनौले व रुई को नष्ट करता है।

आज भारतीय कपास खेती के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) ने बोलगार्ड-I (Cry1Ac) के बाद अब बोलगार्ड-II (Cry1Ac + Cry2Ab) Bt कपास के विरुद्ध भी व्यापक प्रतिरोध (Resistance) विकसित कर लिया है! अतः इसके विशिष्ट लक्षणों (Rosette flower, Double seed) और फेरोमोन (Gossyplure) व ऑफ-सीजन प्रबंधन का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

04 प्रमुख वैज्ञानिक परिभाषाएँ (Important Definitions)

फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स (Flared Squares by Spotted Bollworm — Earias spp.)
जब धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella) की इल्ली कपास की फूल की कली (Square) में छेद करती है, तो कली के बाहरी हरी पत्तियों जैसे सहपत्र (Bracteoles) पीले पड़कर बाहर की ओर फैल या खुल जाते हैं (‘Flared-up squares’) और कली जमीन पर झड़ जाती है।
रोसेट फ्लावर (Rosette Flower by Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
गुलाबी गूलर छेदक की नवजात इल्ली जब कपास की फूल की कली के अंदर घुसती है, तो वह अपनी लार व रेशमी धागे से फूल की पंखुड़ियों (Petals) के ऊपरी सिरों को आपस में सिल देती है जिससे फूल खिल नहीं पाता और फिरकी या गुलाब की अधखिली मुड़ी हुई कली जैसा दिखता है, जिसे ‘रोसेट फ्लावर’ कहते हैं!
डबल सीड / दोहरा बीज एवं बंद प्रवेश छिद्र (Double Seed & Healed Entry Hole)
गुलाबी गूलर छेदक की इल्ली हरे गूलर में बाल जैसा सूक्ष्म छेद करके अंदर घुसती है और गूलर की वृद्धि से वह प्रवेश छिद्र अपने आप भरकर बंद (Healed entry hole) हो जाता है—इसलिए बाहर से गूलर बिल्कुल स्वस्थ दिखता है! अंदर बैठी गुलाबी इल्ली एक बीज को खाकर दूसरे बीज से रेशम द्वारा जोड़ देती है (जिसमें वह सुप्तावस्था/Diapause बिताती है), जिसे ‘डबल सीड’ कहते हैं।
गोसिपल्यूर एवं समागम अवरोधन (Gossyplure & Mating Disruption — PB-Rope L)
गुलाबी गूलर छेदक की मादा के सेक्स फेरोमोन का कृत्रिम रूप ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure — Z,Z and Z,E-7,11-hexadecadienyl acetate का 1:1 मिश्रण) है। खेत में गोसिपल्यूर की रस्सियाँ (PB-Rope L) या SPLAT लगाने से पूरे खेत की हवा में फेरोमोन फैल जाता है जिससे नर पतंगे भ्रमित होकर मादा को ढूँढ नहीं पाते और अंडे निषेचित नहीं होते (‘Mating Disruption’)।

05 विस्तृत विषय व्याख्या (Detailed Topic Explanation)

1. धब्बेदार एवं काँटेदार गूलर छेदक (Spotted & Spiny Bollworms — Earias vittella & E. insulana)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Earias vittella (धब्बेदार) एवं Earias insulana (काँटेदार) | कुल: Nolidae (पूर्व में Noctuidae) | गण: Lepidoptera। (अन्य मुख्य परपोषी: भिंडी, गुड़हल, कंघी बूटी)।
  • दोनों प्रजातियों के वयस्क पतंगों में स्पष्ट अंतर (Exam Favorite!):
    • Earias vittella (Spotted Bollworm): अग्र-पंख हल्के पीले या क्रीम रंग के होते हैं और उनके बीच में आधार से सिरे तक एक चौड़ी हरी पच्चर जैसी पट्टी (Wedge-shaped green band in the middle of forewing) होती है।
    • Earias insulana (Spiny Bollworm): इसके अग्र-पंख पूरी तरह से एकसमान मटर जैसे हरे रंग (Completely uniform grass-green forewings) के होते हैं।
  • जीवविज्ञान: मादा कलियों व कोमल पत्तियों पर नीले-हरे रंग के मुकुट जैसे नक्काशीदार अंडे (Sculptured crown-shaped eggs) देती है। इल्ली मटमैले भूरे-हरे रंग की होती है जिस पर नारंगी धब्बे और छोटे मांसल काँटे (Fleshy tubercles/setae) होते हैं। प्यूपा पौधे या गिरी पत्तियों पर नाव के आकार के सख्त मटमैले कोकून (Boat-shaped tough silken cocoon) में बनता है।
  • दो अवस्थाओं में क्षति की प्रकृति (Biphasic Damage):
    1. वानस्पतिक अवस्था (बुवाई के 3–6 सप्ताह बाद — Shoot Boring): जब पौधे पर अभी फूल-गूलर नहीं बने होते, तब इल्ली कोमल शीर्ष प्ररोह (Terminal shoot) में छेद करके नीचे की ओर सुरंग बनाती है जिससे ऊपरी प्ररोह मुरझाकर नीचे झुक जाता है और सूख जाता है (Drooping & withering of terminal shoot)।
    2. प्रजनन अवस्था (पुष्पन व गूलर अवस्था — Boll Boring): कलियों में छेद करने से सहपत्र खुल जाते हैं (‘Flared squares’) व कलियाँ झड़ जाती हैं। गूलरों में टेढ़ा-मेढ़ा छेद बनाती है और प्रवेश छिद्र इल्ली की हरी-भूरी विष्ठा (पोटली/Excreta pellets) से बंद रहता है।

2. गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)

  • वैज्ञानिक नाम, कुल एवं गण: Pectinophora gossypiella | कुल: Gelechiidae | गण: Lepidoptera। (कपास व भिंडी कुल तक सीमित)।
  • पहचान एवं जीवविज्ञान:
    • वयस्क पतंगा: गहरा भूरा छोटा पतंगा (8–10 mm) जिसके पंखों पर काले धब्बे और पिछले पंखों पर झालर (Fringed margins) होती है।
    • इल्ली (Pink Larva): नवजात इल्ली सफेद होती है, किंतु तीसरी-चौथी अवस्था में इसके प्रत्येक खंड पर गहरी गुलाबी रंग की आड़ी पट्टियाँ बन जाती हैं जिससे पूरी इल्ली गुलाबी (Pink caterpillar) दिखती है।
    • द्वि-चक्रीय जीवन (Short-cycle vs Long-cycle Diapause): फसल काल में इल्ली 15–20 दिन में प्यूपा बनाकर पीढ़ी पूरी करती है, किंतु नवंबर-दिसंबर में अंतिम तुड़ाई के समय की इल्लियाँ दो खोखले बिनौलों को रेशम से जोड़कर (‘Double seed’) उसके अंदर 6 से 8 महीने तक सुप्तावस्था (Larval diapause) में चली जाती हैं—यही सुप्त इल्लियाँ जिनिंग मिलों और बीज गोदामों से अगली फसल में संक्रमण फैलाती हैं!
  • क्षति के विशिष्ट और अचूक लक्षण (ETL: 8 पतंगे/फेरोमोन ट्रैप/रात लगातार 3 रात या 10% रोसेट फूल/ग्रसित हरे गूलर):
    1. रोसेट फ्लावर (Rosette Flower): फूल की पंखुड़ियाँ रेशम से बंधकर गुलाब की कली या फिरकी जैसी मुड़ जाती हैं और फूल पूरा नहीं खिल पाता।
    2. बाहर से स्वस्थ दिखने वाले गूलर (Healed Entry Holes — छिपा हुआ शत्रु!): इल्ली हरे गूलर में सुई जैसा छेद करके अंदर घुसती है और छेद तुरंत भर जाता है। इसलिए बाहर से गूलर बिल्कुल स्वस्थ दिखता है और उस पर न तो Helicoverpa जैसा बड़ा गोल छेद होता है और न ही Earias जैसी बाहर निकली विष्ठा!
    3. अंदरूनी विनाश एवं अंधा गूलर (Locule Damage, Bad Boll Opening & Double Seeds): इल्ली गूलर के अंदर बिनौलों (Seeds) को खा जाती है, एक फांक से दूसरी फांक की दीवार (Septum) में गोल छेद करती है और रेशे काट देती है जिससे गूलर सही से नहीं खिलता (‘कौड़ी / Bad boll opening’), रुई पीली व कमजोर रह जाती है और ओटाई के बाद जुड़े हुए दोहरे बीज (Double seeds) मिलते हैं।
  • गुलाबी एवं धब्बेदार गूलर छेदक का समन्वित प्रबंधन (IPM for Cotton Bollworms):
    1. ऑफ-सीजन एवं सस्य उपाय (सुप्त इल्लियों की कड़ी तोड़ना — सबसे अनिवार्य!):
      • दिसंबर तक कपास की अंतिम तुड़ाई पूरी कर तुरंत फसल अवशेष व लकड़ियों (Cotton stalks) को श्रेडर से काटकर नष्ट करना; पेड़ी कपास (Ratoon cotton) या फसल की अवधि बढ़ाने का लालच कदापि न करें!
      • गर्मी में गहरी जुताई; जिनिंग मिलों के कचरे को जलाना; तथा बुवाई हेतु केवल सल्फ्यूरिक अम्ल से उपचारित (Acid-delinted) एवं एल्युमिनियम फॉस्फाइड से धूम्रित प्रमाणित बीज का उपयोग।
      • Bt कपास में रिफ्यूजिया (Refuge-in-Bag / RIB — 5% से 20% Non-Bt कपास पौधे): Bt प्रतिरोध को रोकने के लिए अनिवार्य।
    2. यांत्रिक एवं फेरोमोन उपाय:
      • खेत में ‘रोसेट फूलों’ (Rosette flowers) और मुरझाए प्ररोहों को तोड़कर नष्ट करना।
      • निगरानी हेतु बुवाई के 45 दिन पर 5 गोसिपल्यूर फेरोमोन पाश/ha (Gossyplure traps) लगाना, या मास-ट्रैपिंग हेतु 20 पाश/ha लगाना, तथा समागम अवरोधन (Mating disruption) हेतु PB-Rope L (@ 200 रस्सियाँ/ha) या SPLAT का प्रयोग।
    3. जैविक नियंत्रण: फूल आने से हर 10 दिन पर अंड परजीवी Trichogramma chilonis या Trichogrammatoidea bactrae (@ 1,50,000/ha) और लार्वा परजीवी Bracon greeni / Bracon lefroyi छोड़ना तथा NSKE 5% का स्प्रे।
    4. रासायनिक नियंत्रण (ETL पार होने पर — हरे गूलरों को काटकर अंदर जाँच करने के बाद!):
      • शुरुआती अवस्था (60–90 DAS): प्रोफेनोफॉस 50% EC (@ 1.25–1.5 L/ha) या थायोडिकार्ब 75% WP (@ 750 g/ha) या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG (@ 220 g/ha) या क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 18.5% SC (@ 150 mL/ha) या स्पाइनोसैड 45% SC (@ 165 mL/ha)।
      • केवल फसल के अंतिम चरण (120+ DAS — जब सफेद मक्खी का खतरा न हो) में ही सिंथेटिक पायरेथ्रॉइड्स (जैसे फेनवेलरेट 20 EC @ 500 mL/ha या साइपरमेथ्रिन या लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन 5 EC @ 500 mL/ha) का एक छिड़काव।

06 प्रकार एवं वैज्ञानिक वर्गीकरण (Types and Classification)

कपास के तीनों गूलर छेदकों (Bollworm Complex) का वर्गिकी वर्गीकरण:

  • 1. धब्बेदार व काँटेदार गूलर छेदक (Earias vittella & E. insulana): गण Lepidoptera, कुल Nolidae (Noctuidae); फेरोमोन: Ervitlure।
  • 2. अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera): गण Lepidoptera, कुल Noctuidae; फेरोमोन: Helilure।
  • 3. गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella): गण Lepidoptera, कुल Gelechiidae; फेरोमोन: Gossyplure।

07 महत्वपूर्ण सिद्धांत एवं अवधारणाएँ (Important Principles & Concepts)

  • ‘रिफ्यूजिया’ द्वारा Bt प्रतिरोध प्रबंधन का सिद्धांत (Principle of Refugia / Refuge-in-Bag in Bt Cotton): गुलाबी गूलर छेदक एकभक्षी (केवल कपास खाने वाला) होने के कारण जब पूरे क्षेत्र में 100% Bt कपास बोई गई, तो Bt से बचने वाले दुर्लभ प्रतिरोधी पतंगों ने आपस में ही संभोग करके पूरी आबादी को Bt-प्रतिरोधी बना दिया। इसके समाधान हेतु 5–20% Non-Bt कपास के पौधे (Refugia) उगाए जाते हैं ताकि उन पर पलने वाले बड़ी संख्या में संवेदनशील पतंगे (SS) प्रतिरोधी पतंगों (RR) के साथ संभोग कर संवेदनशील संतानें (RS) पैदा करें और Bt तकनीक की आयु बनी रहे!

08 वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उदाहरण व केस स्टडी (Scientific & Practical Examples)

क्षेत्रीय निदान कुंजी: कपास के गूलर (Boll) को देखकर तीनों बॉलवर्म्स में तुरंत अंतर कैसे करें?

1. अमेरिकी बॉलवर्म (Helicoverpa armigera): गूलर पर एक बड़ा एकदम गोल और साफ छेद (Clean circular hole) होता है, विष्ठा छेद के बाहर नीचे गिरी होती है और इल्ली का आधा शरीर गूलर के अंदर व आधा बाहर रहता है।
2. धब्बेदार बॉलवर्म (Earias vittella): गूलर पर अनियमित छेद होता है जो इल्ली की हरी-भूरी विष्ठा से पूरी तरह भरा/बंद (Hole plugged with excreta) रहता है तथा इल्ली पूरी अंदर रहती है (और शुरुआती फसल में प्ररोह मुरझाते हैं व Flared squares बनते हैं)।
3. गुलाबी बॉलवर्म (Pectinophora gossypiella): हरे गूलर के बाहर कोई छेद या विष्ठा नहीं दिखती (प्रवेश छिद्र बंद हो जाता है!); गूलर को चाकू से काटकर खोलने पर ही अंदर गुलाबी इल्ली और खाए हुए बिनौले (Double seeds) मिलते हैं तथा फूल ‘रोसेट’ (Rosette flower) बन जाते हैं!

09 तुलनात्मक सारणियाँ (Comparative Tables)

तुलनात्मक सारणी 15.1: कपास के तीनों गूलर छेदकों (Spotted, Pink एवं American Bollworm) की मास्टर तुलना
तुलना का आधार धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) अमेरिकी गूलर छेदक (American Bollworm)
1. वैज्ञानिक नाम एवं कुल Earias vittella / E. insulana (Nolidae) Pectinophora gossypiella (Gelechiidae) Helicoverpa armigera (Noctuidae)
2. आक्रमण की मुख्य अवस्था वानस्पतिक प्ररोह अवस्था से गूलर बनने तक (अगेती से मध्य) पुष्पन से अंतिम तुड़ाई तक (मध्य से पछेती अवस्था में सर्वाधिक) कली (Square) व हरी गूलर अवस्था (मध्य अवस्था)
3. विशिष्ट पुष्प/कली लक्षण मुरझाता शीर्ष प्ररोह एवं ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) गुलाब की बंद कली जैसा ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) कलियों में गोल छेद कर खाली करना व झड़ना
4. गूलर (Boll) पर छिद्र की पहचान गूलर का छिद्र विष्ठा (Excreta) से भरा/बंद रहता है प्रवेश छिद्र अपने आप भरकर बंद (Healed) हो जाता है + डबल सीड गूलर में साफ गोल छेद; इल्ली का आधा शरीर बाहर रहता है
5. प्यूपा बनने का स्थान पौधे/पत्तियों पर नाव जैसे सख्त कोकून में जुड़े हुए दोहरे बीज (Double seed) या मिट्टी/कचरे में मिट्टी में 5–10 cm नीचे कोठरी में
6. सेक्स फेरोमोन ल्यूर एरविटल्यूर (Ervitlure) गोसिपल्यूर (Gossyplure) हेलील्यूर (Helilure)

10 महत्वपूर्ण सूत्र एवं गणितीय गणनाएँ (Formulas and Calculations)

कपास के गूलर छेदकों के मानक ETL एवं फेरोमोन मापदंड
  • 1. गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) का फेरोमोन ट्रैप एवं गूलर ETL:
    ETL=8 moths/trap/night for 3 consecutive nights OR 10% rosette flowers / green boll damage
  • 2. धब्बेदार एवं अमेरिकी गूलर छेदक का ETL:
    ETL=5–10% damaged shoots / flared squares / bolls OR 1 larva per plant
  • 3. मेटिंग डिसरप्शन हेतु गोसिपल्यूर रस्सियाँ (PB-Rope L):
    Application Rate at Pin-Square Stage (45–50 DAS)=200–250 ropes/ha

11 लेक्चर माइंड मैप (Lecture-Specific Mind Map)

Lecture 15: कपास के गूलर छेदक (Spotted, Pink & American Bollworms)
धब्बेदार गूलर छेदक (Earias spp.)
  • कुल: Nolidae, गण: Lepidoptera | फेरोमोन: Ervitlure
  • E. vittella (सफेद पंख पर हरी पट्टी) व E. insulana (पूरे हरे पंख)
  • लक्षण 1 (वानस्पतिक): शीर्ष कोमल प्ररोह का मुरझाकर लटकना
  • लक्षण 2 (प्रजनन): फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स (Flared squares) व विष्ठा से भरा छिद्र
गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella)
  • कुल: Gelechiidae, गण: Lepidoptera | फेरोमोन: Gossyplure
  • लक्षण 1: फूल की पंखुड़ियाँ सिलने से ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower)
  • लक्षण 2: गूलर का प्रवेश छिद्र बंद होना (बाहर से स्वस्थ दिखना)
  • लक्षण 3: जुड़े हुए दोहरे बिनौले (Double seeds — लार्वा सुप्तावस्था)
Bt कपास एवं प्रतिरोध प्रबंधन
  • बोलगार्ड-I (Cry1Ac) व बोलगार्ड-II (Cry1Ac + Cry2Ab)
  • पिंक बॉलवर्म में एकभक्षी स्वभाव व पेड़ी रखने से BG-II प्रतिरोध
  • अनिवार्य उपाय: 5-20% Non-Bt Refugia (Refuge-in-Bag – RIB)
  • दिसंबर में समय पर फसल समाप्त कर लकड़ियाँ श्रेडर से नष्ट करना
गूलर छेदकों का IPM पैकेज
  • एसिड-डीलिंटेड व धूम्रित प्रमाणित बीज + रोसेट फूल तोड़कर नष्ट करना
  • Gossyplure ट्रैप (5/ha निगरानी, 20/ha मास ट्रैपिंग) व PB-Rope L
  • जैविक: Trichogrammatoidea bactrae (@ 1.5 लाख/ha) व Bracon greeni
  • रसायन: प्रोफेनोफॉस, थायोडिकार्ब, इमामेक्टिन, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल, स्पाइनोसैड

12 प्रक्रिया प्रवाह चित्र एवं आरेख (Flowcharts and Diagrams)

कपास में गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) का जीवन चक्र तोड़ने और प्रबंधन का एकीकृत प्रवाह (Pink Bollworm IPM Cycle)
Step 1
चरण 1 (बुवाई पूर्व एवं बुवाई): जिनिंग मिलों के कचरे की सफाई + एसिड-डीलिंटेड बीज + RIB (Refuge-in-Bag) सहित अगेती व समय पर बुवाई
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Step 2
चरण 2 (कली व फूल अवस्था: 45–65 DAS): 5 Gossyplure फेरोमोन ट्रैप/ha या 200 PB-Rope L/ha (Mating disruption) लगाना + खेत से ‘रोसेट फूलों’ को तोड़कर नष्ट करना + NSKE 5% स्प्रे
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Step 3
चरण 3 (हरी गूलर अवस्था: 70–110 DAS): हर सप्ताह 20 हरे गूलर काटकर अंदर गुलाबी इल्ली की जाँच करना; यदि >10% गूलर ग्रसित हों तो प्रोफेनोफॉस / थायोडिकार्ब / इमामेक्टिन / Coragen का स्प्रे
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Step 4
चरण 4 (कटाई एवं ऑफ-सीजन: दिसंबर): फसल को लंबा न खींचना (No ratoon/extended crop) + डंठलों को श्रेडर से काटकर गहरी जुताई करना ताकि ‘डबल सीड’ में सुप्त इल्लियाँ नष्ट हो जाएँ

13 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य एवं टिप्स (Important Facts & Exam Tips)

  • कपास में गुलाब की कली जैसा अधखिला मुड़ा हुआ फूल — ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) — और ‘डबल सीड’ (Double seed) गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae) के विशिष्ट लक्षण हैं।
  • कपास में कलियों के सहपत्रों का खुलकर फैल जाना — ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) — और शुरुआती अवस्था में प्ररोह का मुरझाना धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella / E. insulana) का लक्षण है।
  • Earias vittella के सफेद अग्र-पंखों के बीच में एक चौड़ी हरी पट्टी होती है, जबकि Earias insulana के अग्र-पंख पूरी तरह हरे होते हैं।
  • गुलाबी गूलर छेदक के सेक्स फेरोमोन का नाम ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) है और इसका ETL ‘लगातार 3 रातों तक 8 पतंगे प्रति ट्रैप प्रति रात’ या ‘10% क्षतिग्रस्त हरे गूलर’ है।
  • गुलाबी गूलर छेदक ऑफ-सीजन (सर्दियों व गर्मियों) में दो खोखले बिनौलों को रेशम से जोड़कर (‘Double seed’) उसके अंदर लार्वा सुप्तावस्था (Larval diapause) में रहता है।

14 त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary)

त्वरित पुनरावृत्ति सारांश (Quick Revision Summary):

  • धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella / E. insulana): Nolidae; प्ररोह मुरझाना, Flared squares, विष्ठा से भरा छिद्र, नाव जैसा कोकून; फेरोमोन Ervitlure।
  • गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella): Gelechiidae; Rosette flower, बंद प्रवेश छिद्र (बाहर से स्वस्थ गूलर), Double seed में लार्वा सुप्तावस्था; फेरोमोन Gossyplure (PB-Rope L); BG-II में प्रतिरोध (समाधान: RIB Refugia व समय पर फसल समाप्ति)।
  • अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera): Noctuidae; साफ गोल छेद व आधा शरीर बाहर; फेरोमोन Helilure।

15 बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी — 10 MCQs (With Answers & Explanations)

1. कपास के फूलों की पंखुड़ियों का रेशमी धागे से सिल जाने के कारण फूल का पूरा न खिलकर गुलाब की कली या फिरकी जैसा मुड़ जाना — ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette Flower) — किस कीट का अचूक पहचान लक्षण है?
(A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
(B) धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella)
(C) अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera)
(D) हरा तेला (Amrasca)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
व्याख्या: Pectinophora gossypiella की इल्ली कली के अंदर पंखुड़ियों को जोड़ देती है जिससे ‘Rosette flower’ बनता है।
2. कपास का कौन-सा गूलर छेदक दो खोखले बिनौलों (बीजों) को रेशम से जोड़कर (‘डबल सीड / Double seed’) उसके अंदर 6–8 महीने तक लार्वा सुप्तावस्था (Diapause) बिताता है?
(A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae)
(B) अमेरिकी गूलर छेदक
(C) सफेद मक्खी
(D) लाल कपास बग
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella; कुल Gelechiidae)
व्याख्या: पिंक बॉलवर्म की इल्ली दो बीजों को जोड़कर ‘Double seed’ बनाती है और उसी के अंदर सुप्त रहती है।
3. कपास की वानस्पतिक अवस्था में कोमल शीर्ष प्ररोह का मुरझाकर झुकना (Drooping shoot) और कली अवस्था में कलियों के सहपत्रों का फैल जाना — ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared Squares) — किस कीट के कारण होता है?
(A) धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm — Earias vittella एवं E. insulana)
(B) गुलाबी गूलर छेदक
(C) थ्रिप्स
(D) माहू
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) धब्बेदार गूलर छेदक (Spotted Bollworm — Earias vittella एवं E. insulana)
व्याख्या: Earias spp. पहले प्ररोह छेदक के रूप में कार्य करता है और बाद में कलियों में छेद कर ‘Flared squares’ बनाता है।
4. धब्बेदार गूलर छेदक ‘Earias vittella’ और काँटेदार गूलर छेदक ‘Earias insulana’ के वयस्क पतंगों के अग्र-पंखों में क्या मुख्य अंतर होता है?
(A) E. vittella के सफेद-पीले पंख के बीच में एक चौड़ी हरी पट्टी होती है, जबकि E. insulana के अग्र-पंख पूरी तरह से एकसमान हरे होते हैं
(B) दोनों के पंख काले होते हैं
(C) दोनों में पंख नहीं होते
(D) E. vittella नीला और E. insulana लाल होता है
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) E. vittella के सफेद-पीले पंख के बीच में एक चौड़ी हरी पट्टी होती है, जबकि E. insulana के अग्र-पंख पूरी तरह से एकसमान हरे होते हैं
व्याख्या: Earias vittella में सफेद पृष्ठभूमि पर हरी पच्चर पट्टी होती है जबकि Earias insulana का पूरा अग्र-पंख हरा होता है।
5. गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) की निगरानी और समागम अवरोधन (Mating disruption) के लिए किस सेक्स फेरोमोन ल्यूर का उपयोग किया जाता है?
(A) गोसिपल्यूर (Gossyplure)
(B) हेलील्यूर (Helilure)
(C) ल्यूसील्यूर (Lucilure)
(D) मिथाइल यूजेनॉल
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गोसिपल्यूर (Gossyplure)
व्याख्या: Gossyplure गुलाबी गूलर छेदक का विशिष्ट सेक्स फेरोमोन है जिसे ट्रैप और PB-Rope L में प्रयोग किया जाता है।
6. किस गूलर छेदक द्वारा हरे गूलर में प्रवेश करने के बाद प्रवेश छिद्र अपने आप भरकर बंद (Healed entry hole) हो जाता है जिससे गूलर बाहर से बिल्कुल स्वस्थ दिखाई देता है?
(A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
(B) अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera)
(C) धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella)
(D) तंबाकू इल्ली (Spodoptera)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
व्याख्या: पिंक बॉलवर्म की नवजात इल्ली सुई जैसा सूक्ष्म छेद करके घुसती है जो भर जाता है, इसलिए गूलर को काटकर खोलने पर ही प्रकोप का पता चलता है।
7. भारत में बोलगार्ड-II (BG-II Bt कपास — जिसमें Cry1Ac + Cry2Ab जीन हैं) के विरुद्ध किस गूलर छेदक ने व्यापक प्रतिरोध (Field resistance) विकसित कर लिया है?
(A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
(B) रेशम कीट
(C) मधुमक्खी
(D) धान का तना छेदक
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm — Pectinophora gossypiella)
व्याख्या: एकभक्षी होने, रिफ्यूजिया न बोने और फसल को लंबा खींचने के कारण पिंक बॉलवर्म ने BG-I और BG-II दोनों के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया है।
8. गुलाबी गूलर छेदक (Pink bollworm) किस कुल (Family) से संबंधित है?
(A) जेलेकिडी (Gelechiidae — गण Lepidoptera)
(B) नोक्टुइडी (Noctuidae)
(C) क्रैम्बिडी (Crambidae)
(D) आर्कटिइडी (Arctiidae)
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) जेलेकिडी (Gelechiidae — गण Lepidoptera)
व्याख्या: Pectinophora gossypiella लेपिडोप्टेरा गण के Gelechiidae कुल का कीट है।
9. कपास में फेरोमोन पाश के आधार पर गुलाबी गूलर छेदक का आर्थिक दहलीज स्तर (ETL) क्या है?
(A) लगातार 3 रातों तक 8 पतंगे प्रति ट्रैप प्रति रात (या 10% रोसेट फूल / क्षतिग्रस्त हरे गूलर)
(B) साल में केवल 1 पतंगा
(C) 1000 पतंगे प्रति ट्रैप
(D) कोई ETL नहीं है
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) लगातार 3 रातों तक 8 पतंगे प्रति ट्रैप प्रति रात (या 10% रोसेट फूल / क्षतिग्रस्त हरे गूलर)
व्याख्या: जब फेरोमोन ट्रैप में लगातार तीन रातों तक 8 पतंगे/ट्रैप/रात पकड़े जाएँ या 20 हरे गूलर काटने पर 2 गूलर (10%) में जीवित इल्ली मिले, तो छिड़काव करना चाहिए।
10. धब्बेदार गूलर छेदक (Earias spp.) का प्यूपा किस विशेष आकृति के कोकून में बनता है?
(A) नाव के आकार के सख्त मटमैले रेशमी कोकून (Boat-shaped tough silken cocoon) में
(B) जमीन से 2 मीटर नीचे
(C) पानी के अंदर
(D) बिना कोकून के हवा में
उत्तर एवं व्याख्या देखें (Show Answer)
सही उत्तर: (A) नाव के आकार के सख्त मटमैले रेशमी कोकून (Boat-shaped tough silken cocoon) में
व्याख्या: Earias की इल्ली पौधे या गिरी पत्तियों पर उल्टी नाव (Boat-shaped) के आकार का सख्त कोकून बनाकर प्यूपा में बदलती है।

16 संपूर्ण परीक्षा प्रश्न बैंक (One-Liners, VSA, SA & Long Answer Questions)

(A) 5 महत्वपूर्ण वन-लाइनर तथ्य (5 Important One-Liners)

  1. कपास में ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) और ‘डबल सीड’ गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) के विशिष्ट लक्षण हैं।
  2. कपास में ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) और शुरुआती प्ररोह का मुरझाना धब्बेदार गूलर छेदक (Earias spp.) से होता है।
  3. गुलाबी गूलर छेदक का सेक्स फेरोमोन ‘गोसिपल्यूर’ (Gossyplure) है और इसका कुल ‘Gelechiidae’ है।
  4. धब्बेदार गूलर छेदक (Earias) का प्यूपा नाव के आकार के सख्त कोकून (Boat-shaped cocoon) में बनता है।
  5. Bt कपास (BG-II) में गुलाबी गूलर छेदक के प्रतिरोध को रोकने के लिए 5–20% Non-Bt ‘रिफ्यूजिया’ (Refuge-in-Bag) उगाना अनिवार्य है।

(B) 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Very Short Answer Questions — VSA)

1. कपास के तीनों प्रमुख गूलर छेदकों (Bollworms) के वैज्ञानिक नाम और कुल लिखिए।
उत्तर: (1) धब्बेदार गूलर छेदक: Earias vittella व E. insulana (कुल: Nolidae); (2) गुलाबी गूलर छेदक: Pectinophora gossypiella (कुल: Gelechiidae); (3) अमेरिकी गूलर छेदक: Helicoverpa armigera (कुल: Noctuidae)।
2. कपास में ‘रोसेट फ्लावर’ (Rosette flower) और ‘फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स’ (Flared squares) किन कीटों द्वारा बनाए जाते हैं?
उत्तर: रोसेट फ्लावर: गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella); फ्लेयर्ड स्क्वेयर्स: धब्बेदार गूलर छेदक (Earias spp.)।
3. कपास के तीनों गूलर छेदकों के सेक्स फेरोमोन ल्यूर के नाम लिखिए।
उत्तर: गुलाबी गूलर छेदक: गोसिपल्यूर (Gossyplure); धब्बेदार गूलर छेदक: एरविटल्यूर (Ervitlure); अमेरिकी गूलर छेदक: हेलील्यूर (Helilure)।
4. ‘डबल सीड’ (Double seed) क्या है और यह किस कीट से संबंधित है?
उत्तर: गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) की इल्ली सर्दियों में दो खोखले बिनौलों को रेशम से जोड़कर उसके अंदर सुप्तावस्था (Diapause) में रहती है, जिसे ‘डबल सीड’ कहते हैं।
5. बोलगार्ड-II (BG-II) Bt कपास में कौन-से दो Cry जीन डाले गए हैं?
उत्तर: Cry1Ac और Cry2Ab जीन (मृदा जीवाणु Bacillus thuringiensis से प्राप्त)।

(C) 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (5 Short Answer Questions — SA)

1. कपास के धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella एवं E. insulana) की पहचान और इसकी द्वि-प्रावस्था क्षति (Biphasic damage) का वर्णन कीजिए।
उत्तर: पहचान: Earias vittella के सफेद-पीले अग्र-पंख के बीच में एक चौड़ी हरी पट्टी होती है जबकि E. insulana के अग्र-पंख पूरी तरह हरे होते हैं। द्वि-प्रावस्था क्षति: (1) वानस्पतिक अवस्था (3–6 सप्ताह की फसल): जब पौधे पर कलियाँ नहीं होतीं, तब इल्ली कोमल शीर्ष प्ररोह (Terminal shoot) में सुरंग बनाती है जिससे ऊपरी सिरा मुरझाकर झुक जाता है; (2) प्रजनन अवस्था: कलियों में छेद करने से सहपत्र खुलकर फैल जाते हैं (‘Flared squares’) व कलियाँ झड़ जाती हैं तथा गूलरों में छेद कर अंदर खाती है जिसका मुँह हरी-भूरी विष्ठा से भरा रहता है।
2. गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) के तीनों विशिष्ट क्षति लक्षणों—’रोसेट फ्लावर’, ‘बंद प्रवेश छिद्र’ और ‘डबल सीड’—को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: (1) रोसेट फ्लावर (Rosette flower): फूल की कली में घुसी गुलाबी इल्ली रेशमी धागे से पंखुड़ियों के सिरों को जोड़ देती है जिससे फूल खिल नहीं पाता और गुलाब की कली या फिरकी जैसा मुड़ा रहता है। (2) बंद प्रवेश छिद्र (Healed entry hole): नवजात इल्ली हरे गूलर में सुई जैसा छेद करके अंदर घुसती है और गूलर की वृद्धि से वह छेद बंद हो जाता है, जिससे गूलर बाहर से बिल्कुल स्वस्थ दिखता है। (3) डबल सीड (Double seed): इल्ली अंदर बिनौलों को खाती है और सर्दियों में सुप्तावस्था बिताने के लिए दो खोखले बिनौलों को जोड़कर एक जोड़ा (‘डबल सीड’) बना लेती है।
3. आप कपास के खेत में गूलर (Boll) को देखकर यह कैसे पहचानेंगे कि नुकसान ‘अमेरिकी बॉलवर्म’, ‘धब्बेदार बॉलवर्म’ या ‘गुलाबी बॉलवर्म’ ने किया है?
उत्तर: (1) अमेरिकी बॉलवर्म (Helicoverpa armigera): गूलर पर बड़ा, साफ और गोल छेद होता है, इल्ली का अगला आधा शरीर गूलर के अंदर और पिछला आधा शरीर बाहर दिखता है तथा विष्ठा बाहर नीचे गिरी होती है। (2) धब्बेदार बॉलवर्म (Earias spp.): गूलर पर अनियमित छेद होता है जो इल्ली की हरी-भूरी विष्ठा (Excreta) से पूरी तरह भरा या बंद रहता है और इल्ली पूरी अंदर रहती है। (3) गुलाबी बॉलवर्म (Pectinophora gossypiella): हरे गूलर पर बाहर से कोई छेद या विष्ठा नहीं दिखती; गूलर को चाकू से काटकर खोलने पर ही अंदर गुलाबी इल्ली, कटे रेशे और डबल सीड मिलते हैं।
4. भारत में Bt कपास (BG-II) में गुलाबी गूलर छेदक के विरुद्ध प्रतिरोध (Resistance) विकसित होने के क्या कारण हैं और ‘रिफ्यूजिया’ (Refugia) इसे कैसे रोकता है?
उत्तर: प्रतिरोध के कारण: (1) गुलाबी गूलर छेदक का केवल कपास पर निर्भर (एकभक्षी) होना; (2) किसानों द्वारा पैकेट में दिए गए Non-Bt रिफ्यूजिया बीज न बोना; और (3) अधिक उपज के लालच में फसल को दिसंबर के बाद मार्च-अप्रैल तक खींचना या पेड़ी (Ratoon) रखना। रिफ्यूजिया की भूमिका: जब 5–20% Non-Bt कपास पौधे (Refuge-in-Bag) उगाए जाते हैं, तो उन पर बिना Bt दबाव के संवेदनशील पतंगे (SS) पनपते हैं जो Bt पौधों से निकले विरल प्रतिरोधी पतंगों (RR) से संभोग कर संवेदनशील संतानें (RS) बनाते हैं जिससे प्रतिरोध रुकता है।
5. गुलाबी गूलर छेदक (Pink bollworm) के नियंत्रण में ‘ऑफ-सीजन प्रबंधन’ और ‘मेटिंग डिसरप्शन’ (PB-Rope L) की भूमिका लिखिए।
उत्तर: ऑफ-सीजन प्रबंधन: चूँकि गुलाबी इल्ली अगली फसल तक केवल कपास के सूखे डंठलों के अनखिले गूलरों और जिनिंग मिलों के ‘डबल सीड’ में सुप्त रहकर ही जीवित बचती है, इसलिए दिसंबर में फसल तुरंत समाप्त कर श्रेडर से डंठल नष्ट करना, गहरी जुताई करना और एसिड-डीलिंटेड व धूम्रित बीज बोना इसकी कड़ी को 80% तोड़ देता है। मेटिंग डिसरप्शन: बुवाई के 45–50 दिन पर खेत में 200 गोसिपल्यूर फेरोमोन रस्सियाँ (PB-Rope L/ha) बाँधने से नर पतंगे मादा को खोज नहीं पाते और प्रजनन रुक जाता है।

(D) 3 दीर्घ उत्तरीय / निबंधात्मक प्रश्न (3 Long Answer Questions — LA)

1. कपास के तीनों प्रमुख गूलर छेदकों—धब्बेदार गूलर छेदक (Earias vittella / E. insulana), गुलाबी गूलर छेदक (Pectinophora gossypiella) और अमेरिकी गूलर छेदक (Helicoverpa armigera)—की तुलनात्मक सारणी बनाते हुए उनकी पहचान, जीवन चक्र और क्षति लक्षणों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: तुलनात्मक सारणी 15.1 के सभी 6 मापदंडों और तीनों बॉलवर्म्स के जीवन चक्र, प्ररोह/कली/फूल/गूलर लक्षणों और फेरोमोन ल्यूर्स का विस्तार से वर्णन करें।
2. ‘गुलाबी गूलर छेदक (Pink Bollworm) वर्तमान में भारतीय Bt कपास के सामने सबसे बड़ी चुनौती है’—इस कथन के आलोक में इसके छिपे हुए जीवन चक्र (Rosette flower, Healed entry hole, Double seed diapause), BG-II प्रतिरोध और बुवाई से ऑफ-सीजन तक के संपूर्ण समन्वित प्रबंधन (IPM) पर विस्तृत निबंध लिखिए।
उत्तर रूपरेखा: प्रवाह चित्र सहित पिंक बॉलवर्म की जीवनचर्या, BG-II प्रतिरोध कारण, RIB रिफ्यूजिया, गोसिपल्यूर ट्रैप व PB-Rope L, Trichogrammatoidea bactrae, हरे गूलर काटकर ETL जाँच और रासायनिक स्प्रे शेड्यूल का वर्णन करें।
3. कपास की फसल के लिए बुवाई से अंतिम तुड़ाई तक रसचूसक कीटों (जैसिड, सफेद मक्खी) और गूलर छेदकों (Spotted, American, Pink bollworms) दोनों को समेटते हुए एक संपूर्ण सीजन-वार IPM पैकेज तैयार कीजिए।
उत्तर रूपरेखा: बुवाई पूर्व (बीज उपचार + रिफ्यूजिया) → 1–45 DAS (रसचूसक कीट प्रबंधन, पीले पाश, NSKE) → 45–90 DAS (फेरोमोन पाश, रोसेट फूल तुड़ाई, परजीवी विमोचन, प्रोफेनोफॉस/Coragen/इमामेक्टिन) → 90–120+ DAS और कटाई बाद डंठल प्रबंधन का समग्र कैलेंडर लिखें।

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